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नए साल पर पिकनिक मनाकर लौटते समय दो सड़क हादसे, छत्तीसगढ़-कबीरधाम में तीन युवकों की मौत

कबीरधाम। बोड़ला थाना क्षेत्र में बुधवार नए साल के दिन दो अलग-अलग सड़क हादसे में तीन युवकों की मौत हो गई है। जानकारी अनुसार, पहला सड़क हादसा नेशनल हाईवे 30 में शाम सात बजे तहसील कार्यालय के पास हुआ। यहां दो बाइक आपस में टकरा गईं। इस हादसे में दो युवकों की मौके पर मौत हो गई। दूसरा सड़क हादसा बोड़ला के जंगल क्षेत्र में हुई है, जहां एक बाइक सवार की मौत है। तीनों शव को बोड़ला के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के मर्चुरी में रखा गया है। गुरुवार को शव का पोस्टमार्टम होगा। पुलिस ने मृतक के परिजनों को जानकारी दे दी है। वहीं, परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। बताया जा रह है कि जिन दो युवकों की मौत हुई है ये नए साल के अवसर पर पिकनिक मनाकर लौट रहे थे। गौरतलब है कि कबीरधाम जिले में लगातार सड़क हादसे बढ़ रहे हैं। बीते साल 2024 में सबसे ज्यादा सड़क हादसे में लोगों की मौत हुई है। 2024 में 145 से अधिक लोगों की मौत हुई, जो कबीरधाम जिले बनने के 26 साल बाद सबसे ज्यादा है। कबीरधाम जिला का गठन मध्यप्रदेश राज्य के दौर में वर्ष 1998 में की गई। वर्ष 2024 में बढ़े सड़क हादसे से पुलिस-प्रशासन भी चिंतित है।

वैज्ञानिक तरीके से जहरीला कचरा नष्ट करने की प्रक्रिया शुरू: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पीथमपुर में यूनियन कार्बाइड का जहरीला कचरा जलाए जाने को लेकर मीडियो से बात की। उन्होंने कहा कि रासायनिक कचरे का निष्पादन वैज्ञानियों से ही कराया जा रहा है। इसमें सभी मानकों का पालन हो रहा है। जनप्रतिनिधियों के साथ आज तीन बजे प्रभारी मंत्री कैलाश विजयवर्गीय बैठक करेंगे और सभी शंकाओं का समाधान करेंगे। कचरा जलाने से ना तो पर्यावरण कोई कोई नुकसान होगा और ना ही भूजल प्रभावित होगा। समस्त अध्ययन के बाद ही कार्रवाई की जा रही है। भोपाल के लोग 40 साल से कचरे के साथ जी रहे थे कांग्रेस द्वारा उठाई जा रही आपत्तियों पर सीएम डॉ. मोहन यादव ने कहा कि पीथमपुर को लेकर आवाज उठा रहे हैं और भोपाल को लेकर अभी तक कोई बात नहीं की। दोमुही कांग्रेसी करते हैं। यह राजनीति का विषय नहीं है। भोपालवासी 40 वर्ष से इस कचरे के साथ जी रहे थे। हम सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन कर रहे हैं। सीएम डॉ. मोहन यादव ने कहा कि जिस कचरे को हम पीथमपुर में जलाने जा रहे है उसका पहले भी ड्राई रन कर चुके है। इसकी रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट में जमा की थी, उसी रिपोर्ट के आधार पर सुप्रीम कोर्ट ने इस कचरे को नष्ट करने के निर्देश हमें दिए थे। इसमें यह साफ कर दिया गया था कि इस कचरे के जलने से पर्यावरण पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। उन्होंने कहा कि अगस्त 2015 में यूनियन कार्बाइड का कचरा जलाने का ट्रायल रन किया गया था। परीक्षण में जो रिपोर्ट आई है उसके मुताबिक कचरा जलाने से वातावरण में किसी तरह का कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। इस रिपोर्ट के बाद हाईकोर्ट ने हमें कचरा जलाने के लिए निर्देशित किया है।

फोर्स ने डाला डेरा, छत्तीसगढ़-बीजापुर में कैम्प खुला और तर्रेम से पामेड़ के रास्ते पर 25 सालों बाद आवागमन शुरू

बीजापुर। बीजापुर में नये साल के पहले दिन नक्सलियों के मांद कहे जाने वाले कोरागुट्टा में फोर्स का डेरा लगते ही 25 सालों से बंद पड़े बीजापुर से तर्रेम होकर पामेड़ जाने वाले रास्ते को फिर से बहाल करा दिया गया है। फिलहाल इस मार्ग पर सड़क निर्माण का काम चल रहा है। इस मार्ग के खुल जाने से अब लोगों को पामेड़ पहुंचने के लिए तेलंगाना होकर जाने की बाध्यता खत्म हो जाएगी और सौ किलोमीटर का फासला भी बच जाएगा। उसूर ब्लाक के पामेड़ थाना क्षेत्र के कोरागुट्टा में सुरक्षाबलों का नया कैम्प स्थापित कर दिया गया हैं। कोरागुट्टा इलाका नक्सलियों के पीएलजीए का कोर क्षेत्र कहलाता है। बीजापुर से तर्रेम, कोंडापल्ली होकर पामेड़ जाने वाले इस रास्ते पर पिछले 25 सालों से आवागमन बाधित था। इलाके के लोगों को पामेड़ पहुंचने के लिए तेलंगाना राज्य के चेरला होकर पामेड़ जाना पड़ता था। क्षेत्र के लोग 210 किलोमीटर की दूरी तय करके बीजापुर से पामेड़ पहुंचते थे। लेकिन अब कोरागुट्टा में कैम्प खुल जाने से यह रास्ता फिर से खुल गया है। वही अब बीजापुर से पामेड़ पहुंचने के लिए 100 किलोमीटर का फासला भी कम हो गया है। हालांकि अभी इस मार्ग पर सड़क निर्माण का काम चल रहा है। नक्सलियों के कोर इलाके में फोर्स का कैम्प स्थापित करने के पीछे का मकसद है कि नक्सलियों के खिलाफ प्रभावी कार्यवाही कर इलाके में आमजनो  के लिए मूलभूत सुविधाओं का विस्तार कर लोगों को इसका लाभ पहुंचाना है। नियद नेल्लानार योजना के तहत नक्सलियों के पीएलजीए बटालियन नम्बर 1 के कोर क्षेत्र कोरागुट्टा में यह सुरक्षा कैम्प स्थापित किया गया है। इस क्षेत्र में सड़क मार्ग का विस्तार और पुलों का निर्माण किया जाएगा। ताकि आम जनता को आसानी से आवागमन की सुविधा मिल सके। क्षेत्र में बिजली और पानी की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी ताकि लोगों को इन मूलभूत सुविधाओं का लाभ मिल सके। क्षेत्र में स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा ताकि लोगों को अच्छी स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें। क्षेत्र में पीडीएस दुकानें खोली जाएंगी ,ताकि लोगों को राशन और अन्य आवश्यक वस्तुओं की सुविधा उनके गांव में ही  मिल सके। क्षेत्र में अच्छी शिक्षा की व्यवस्था की जाएगी ताकि बच्चों को अच्छी शिक्षा मिल सके। क्षेत्र में मोबाइल कनेक्टिविटी का विस्तार किया जाएगा, ताकि लोगों को मोबाइल सेवाओं का लाभ मिल सके। कैम्प की स्थापना से क्षेत्र के आम-जनों में खुशी का माहौल बना हुआ है।

लाइफ जैकेट पहनने से बची जान, छत्तीसगढ़-रायगढ़ में डेम के बीच नाव पलटने से मची अफरा-तफरी

रायगढ़। रायगढ़ जिले में डेम के बीच में नाव पलटने की घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी की स्थिति निर्मित हो गई। लाईफ जैकेट पहनने की वजह से किसी तरह लोगों की जान बच गई अन्यथा नये साल के पहले दिन यहां बडी घटना घटित हो सकती थी। मामला कोतरा रोड थाना क्षेत्र का है। मिली जानकारी के मुताबिक जिला मुख्यालय से महज 8 किलोमीटर की दूरी पर स्थित टीपाखोल डेम में यूं तो नये साल के अवसर पर सुबह से ही पिकनिक मनाने वालों की भारी भीड़ रही। इस बीच दोपहर करीब 2 बजे के आसपास उस समय अचानक अफरा-तफरी की स्थिति निर्मित हो गई जब वहां बोटिग कर रहे एक नाव डेम के बीच पहुंचते ही वापस मूडते समय गहरे पानी में पलट गई। इसके बाद नाव में सवार लोगों में चीख पुकार मच गई। गनीमत यह रही कि नाव में सवार सभी लोगों ने लाईफ जैकेट पहने हुए थे जिसके कारण सभी की जान बच गई। बताया जा रहा है कि किरोड़ीमल नगर क्षेत्र में रहने वाला एक शख्स अपनी पत्नी और एक बेटी के साथ टीपाखोल डेम पहुंचा था और इस बीच बोटिंग का आनंद लेते हुए यह घटना घटित हो गई। टीपाखोल डेम में मेले सा माहौल टीपाखोल डेम में पिकनिक मनाने पहुंचे लोगों ने बताया कि नये साल के अवसर पर आज यहां मेले सा माहौल रहा, यहां गुमचुप ठेला के अलावा आईक्रीम के भी दुकान लगे थे। साथ ही सैकड़ो की संख्या में यहां मोटर सायकल व 15 से 20 कार में सवार होकर लोग यहां पिकनिक मनाने पहुंचे थे। एक बोलेरो भी पलटी नये साल के अवसर पर टीपाखोल डेम में पिकनिक मनाने जाने के दौरान रास्ते में एक बोलेरो भी पलट गई। बताया जा रहा है कि इस वाहन में करीब 4 लोग सवार थे। जो कि खैरपुर के रहने वाले बताये जा रहे हैं। इस घटना में वाहन में सवार लोगों को मामूली खरोच आई है। घटना के बाद लोगों में भय नये साल के अवसर पर टीपाखोल डेम में नाव पलटने के साथ-साथ बोलेरो पलटने की घटना के बाद वहां मौजूद लोगों में अचानक भय का माहौल निर्मित हो गया और फिर लोग धीरे-धीरे अपने घर की ओर पलायन करने लगे।

अवैध लकड़ी परिवहन करते आठ ट्रैक्टर जब्त, छत्तीसगढ़-बालोद में वन विभाग का ताबड़तोड़ एक्शन

बालोद। साल के जाते-जाते बालोद वन विभाग ने अवैध लकड़ी परिवहन को लेकर बड़ी कार्रवाई करते हुए आठ ट्रैक्टर लकड़ी सहित जब्त की है। वन मंडल अधिकारी बीएस सरोटे के निर्देशन में उप वन मंडल अधिकारी ने यह पूरी कार्रवाई की है। वनमंडलाधिकारी बीएस सरोटे ने बताया कि वन विभाग के अमले द्वारा रात्रिगश्त के दौरान बालोद-लोहारा मुख्य मार्ग पर पाररास से जुंगेरा के बीच चार ट्रैक्टर, बघमरा-बालोद मार्ग रेलवे फाटक के पास एक ट्रैक्टर, वनोपज जांच नाका तालगांव के समीप एक ट्रैक्टर समेत ग्राम चैरेल के पास दो ट्रैक्टर को अवैध काष्ठ परिवहन किये जाने के कारण जब्त किया है। कष्टागार में रखे वाहन जब्त उन्होंने बताया कि जब्त किए गए सभी वाहनमय काष्ठ को शासकीय काष्ठागार में रखा गया है। जब्त ट्रैक्टरों में कसही, साजा, प्रतिबंधित प्रजाति के अर्जुन वृक्ष तथा अन्य मिश्रित प्रजाति लट्ठा 12  घनमीटर तथा अन्य मिश्रित प्रजाति के छह जलाऊ चट्टा लदा पाया गया। उन्होंने बताया कि ट्रैक्टरों में जब्त काष्ठ के खिलाफ वन अपराध प्रकरण दर्ज कर छत्तीसगढ़ वनोपज परिवहन अधिनियम 2001 के नियम तीन के तहत कार्रवाई की जा रही है। मिल में खपाई जाती है लकड़ियां आपको बता दें कि बालोद सहित आसपास के आरा मिल में प्रतिबंधित लकड़ियां खपाई जाती है और यहां पर बालोद में आने के लिए बायपास में बने एक धर्म कांटा में इसका माप किया जाता है। जिसके बाद ये आरा मिल को लेकर काम करते हैं। इन दिनों सबसे ज्यादा घटिया, बरही आदि क्षेत्रों में लकड़ी की कटाई की जा रही है। वहीं लोहारा पलारी ये क्षेत्र में लकड़ी कटाई से अछूते नहीं है। मामले में लगातार कार्रवाई करने की बात वन विभाग द्वारा कही जा रही है।

यूनियन कार्बाइड कचरे पर सुमित्रा महाजन से मिले पटवारी, जताई चिंता

Patwari met Sumitra Mahajan on Union Carbide waste, expressed concern प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने गुरुवार को इंदौर की पूर्व सांसद, पूर्व लोकसभा स्पीकर सुमित्रा महाजन (ताई) से मुलाकात कर पीथमपुर के रामकी कंपनी में डंप लिए गए यूनियन कार्बाइड के कचरे इंदौर, धार, पीथमपुर सहित आसपास के क्षेत्रों में पड़ने वाले दुष्प्रभाव को लेकर गहन चर्चा की। पटवारी ने कहा कि कचरा जलाने को लेकर कोर्ट के आदेश है, सरकार ने पीतमपुर की एक रामकी कंपनी में जो कचरा भेजा है जो रात में डंप हो चुका है, इसका इंदौर शहर पर क्या असर पड़ेगा बहुत ही गंभीर और चिंताजनक है। पटवारी ने कहा कि इस मुद्दों को राजनीतिक रूप देने से वाजिब नहीं है, इससे इंदौर सहित अन्य क्षेत्रों की जनता के स्वास्थ्य पर गहरा प्रभाव पड़ेगा। नहीं बनना चाहिए राजनीतिक मुद्दा उन्होंने कहा कि ताई से इस संबंध में बात हुई इसे राजनीतिक मुद्दा नहीं बनना चाहिए। कुछ साल पहले रामकी में 10 टन कचरा जलाया गया था, जिसका असर लंबे क्षेत्रफल पर पढ़ा था। उन्होंने कहा कि यदि निरीक्षण करेंगे तो पता चलेगा कि जो फसल 5 कुंटल होती थी वह घटकर एक कुंटल ही रह गई है। सवाल यह है कि इतना कचरा जलेगा या डिस्पोजल होगा या वैज्ञानिक विधि से इसका डिस्पोजल होगा तो स्वाभाविक है यशवंत सागर तालाब जो वहां से 27 किलोमीटर दूर है, जब तालाब के पानी का रिसाव होगा तो उसका असर कितना पड़ेगा, यशवंत सागर का पानी दूषित होगा। कचरा जलाने की योजना को अभी थोड़ा रोका जाए पटवारी ने कहा कि कचरा जलाने के लिए जो एक्सपर्ट है, उनसे बात करके जब तक है क्लियर नहीं होगा, तब तक कचरा नहीं जलाना चाहिए, मेरा सभी से आग्रह किया है कि कचरा जलाने की योजना को थोड़ा अभी रोका जाए, विपक्ष के नाते हमारा दायित्व है कि हम जनता के प्रति अपने दायित्व निभाएं। उन्होंने कहा कि मैं मानता हूं कि एक एक्सपर्ट की टीम बनानी चाहिए, कचरा जलाने से इसका क्या असर होगा इस पर चर्चा होना चाहिए। कोर्ट का आदेश है लेकिन यह आदेश नहीं है कि यही जलाया जाए पटवारी ने कहा कि 2020 में कोरोना आया था किसी को पता नहीं चला, लेकिन इसका कितना असर हुआ, हजारों, लाखों लोग हमारे परिवार के बीच से चले गए। फिर हम कचरा जलाने का रिस्क क्यों लें, प्रीतमपुर और धार में इसका विरोध हो रहा है। मीडिया जगत के साथियों से आग्रह है कि आप लोग बढ़ चढ़कर इसमें हिस्सा ले, यह राजनीतिक हिस्सा नहीं है। उन्होंने कहा कि मैं मुख्यमंत्री जी से आग्रह करता हूं कि इस कचरे के निष्पादन का निर्धारण करके लोगों को समझाना आपका दायित्व है। जब तक यह कचरा डिस्पोजल की प्रक्रिया चालू नहीं हो आपने जो कचरा दम किया है, वह प्रक्रिया गलत है। कचरा डिस्पोजल हो गया तो आने वाली जनरेशन उससे प्रभावित होगी, उसके स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ेगा। कैंसर का खतरा बढ़ेगा। प्रदेष के नगरीय प्रषासन मंत्री भी इंदौर के ही है, उन्हें भी इस बात की चिंता व्यक्त करते हुये लोगों के स्वास्थ्य का ध्यान रखना चाहिए। कोर्ट के आदेश हैं लेकिन यह आदेश नहीं है कि कचरा यहीं डंप होना चाहिए।

पीएम आवास निर्माण कार्य में गुणवत्ता पर ध्यान देने के निर्देश, छत्तीसगढ़-कबीरधाम पहुंचे डिप्टी सीएम विजय शर्मा

कबीरधाम। कबीरधाम जिले के कवर्धा विधानसभा से विधायक व डिप्टी सीएम विजय शर्मा आज बुधवार को यहां के दौरे पर है। वे आज कवर्धा विधानसभा के विभिन्न गांव में आयोजित कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे। वे ग्राम तिवारी नवागांव में आयोजित श्रीमद् भागवत कथा में शामिल हुए। इसी गांव में पीएम आवास के हितग्राहियों से भी मुलाकात की व अधिकारियों को निर्माण कार्य में गुणवत्ता, समयबद्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पीएम आवास योजना के तहत घर का निर्माण केवल एक बुनियादी आवश्यकता नहीं, बल्कि यह हर व्यक्ति को सम्मानजनक जीवन जीने का अवसर प्रदान करता है। इसे पूरी तरह से गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरा किया जाना चाहिए। उन्होंने योजना के तहत बनाए जा रहें घर का निरीक्षण किया व लाभार्थियों से बातचीत कर अनुभवों के बारे में जानकारी ली। इस बात पर जोर दिया कि हर लाभार्थी को समय पर, पूरी गुणवत्ता के साथ अपना आवास मिलना चाहिए, ताकि वे जल्द से जल्द अपना नया घर पा सकें। गन्ना किसानों के दल को महाराष्ट्र रवाना किया    दौरे कार्यक्रम के दौरान डिप्टी सीएम ने गन्ना किसानों के एक दल के बस को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। जिले के गन्ना किसानों को आधुनिक खेती की तकनीक से परिचित कराने महाराष्ट्र भेजा जा रहा है। अध्ययन दल में शामिल किसान वसंत दादा पाटिल शुगर इंस्टीट्यूट, पुणे पहुंचेंगे। यहां किसानों को एक दिवसीय प्रशिक्षण दिया जाएगा, जिसमें गन्ने की आधुनिक किस्म, अधिक उत्पादन व उच्च रिकवरी प्राप्त करने के तकनीकी जानकारी दी जाएंगी। इसके बाद किसान पड़ेगांव गन्ना रिसर्च सेंटर, बारामती कृषि विज्ञान केंद्र का दौरा करेंगे। यहां उन्हें गन्ने की खेती में अनुसंधान आधारित नवीनतम तकनीक की जानकारी देंगे। यात्रा के दौरान किसान पंढरपुर स्थित शक्कर कारखाने का भ्रमण करेंगे। शक्कर उत्पादन की पूरी प्रक्रिया को नजदीक से समझेंगे। इसके बाद सतारा में एक विशेष बैठक में शामिल होंगे।

यूनिटी मॉल से स्थानीय उत्पादों और रोजगार को मिलेगा बढ़ावा

यूनिटी मॉल परियोजना के लिए केन्द्र सरकार ने छत्तीसगढ़ को दी 200 करोड़ रूपए की स्वीकृति राष्ट्रीय एकता को मिलेगी मजबूती और विभिन्न राज्यों के बीच बढ़ेगा आर्थिक एवं सांस्कृतिक आदानप्रदान – मुख्यमंत्री यूनिटी मॉल से स्थानीय उत्पादों और रोजगार को मिलेगा बढ़ावा  रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा राज्य में ओडीओपी (वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट) मॉडल को प्रोत्साहित करने एवं स्थानीय उत्पादों के विक्रय को बढ़ावा देने के लिए यूनिटी मॉल की स्थापना की जा रही है।  यूनिटी मॉल की स्थापना से स्थानीय हस्तशिल्पियों, बुनकरों और स्वयं सहायता समूहों को प्रोत्साहन मिलेगा और नए रोजगार के अवसर पैदा होंगे। मॉल में उत्पादों का प्रदर्शन एवं विक्रय होने से हस्तशिल्पियों को प्रोत्साहन मिलेगा तथा राज्य के छोटे उद्यमियों, शिल्पकारों एवं बुनकरों को लाभ मिलेगा। यह स्थानीय उत्पादों के प्रमोशन एवं विक्रय के लिए ‘‘वन स्टॉप मार्केट प्लेस’’ के रूप में कार्य करेगा।     मुख्यमंत्री साय ने कहा कि यूनिटी मॉल राज्य के गरीबों, युवाओं, अन्नदाताओं, और नारी शक्ति के विकास के लिए एक क्रांतिकारी कदम है। यह राज्य की अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के साथ ही स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन को भी बढ़ावा देगा। साथ ही यह मेक इन इंडिया और राष्ट्रीय एकता को भी प्रोत्साहित करेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार प्रदेश वासियों के विकास के साथ राष्ट्रीय एकीकरण एवं मेक इन इण्डिया जैसे महत्वपूर्ण विषयों को अपनी प्राथमिकता मानती है। राज्य में स्थापित किये जाने वाले यूनिटी मॉल में अन्य सभी राज्यों के महत्वपूर्ण स्थानीय उत्पादों का भी प्रदर्शन एवं विक्रय किया जाएगा। इससे राष्ट्रीय एकता को मजबूती मिलेगी और विभिन्न राज्यों के बीच आर्थिक एवं सांस्कृतिक आदान-प्रदान बढ़ेगा।            मुख्यमंत्री साय ने बताया कि हस्तशिल्पियों, बुनकरों, स्वयं सहायता समूहों एवं स्थानीय लोगों को प्रोत्साहित करने तथा स्थानीय स्तर पर नवीन रोजगार सृजन करने स्वस्थ इकोसिस्टम तैयार करने की दिशा में छत्तीसगढ़ सरकार के इस रिफॉर्म के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की पहल पर केन्द्र सरकार द्वारा पूर्ण सहयोग दिया जा रहा है। राज्य में यूनिटी मॉल की स्थापना के लिए केंद्र सरकार ने 200 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी है, जिसमें से 100 करोड़ रुपये राज्य को कैपेक्स (पूंजीगत व्यय) के तहत अग्रिम रूप में प्रदान किए गए हैं।     वित्त मंत्री ओ पी चौधरी ने कहा कि यूनिटी मॉल में स्थानीय हस्तशिल्प उत्पादों के साथ-साथ फूडकोर्ट्स में स्थानीय व्यंजनों को भी विक्रय के लिए उपलब्ध कराया जायेगा। यूनिटी मॉल के माध्यम से प्रत्येक जिले के विशेष उत्पादों को वैश्विक बाजार तक पहुंचाने की योजना है। यूनिटी मॉल की स्थापना का दायित्व रायपुर विकास प्राधिकरण को सौंपा गया है। यूनिटी मॉल से न केवल राज्य के स्थानीय कारीगरों की आय में वृद्धि होगी, बल्कि छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान को भी मजबूती मिलेगी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार का यह प्रयास छत्तीसगढ़ में एक सशक्त और स्थायी इकोसिस्टम का निर्माण करेेगा, जो ग्रामीण क्षेत्रों में विकास और शहरी बाजारों तक उत्पादों की पहुंच में मददगार होगा।

लोक सेवकों के सैलरी की जानकारी आरटीआई में देना अनिवार्य, हाईकोर्ट का अहम आदेश

जबलपुर मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने अपने एक महत्वपूर्ण निर्णय में कहा है कि सूचना का अधिकार अधिनियम (आरटीआई) में लोकसेवकों के वेतन की जानकारी देना अनिवार्य है। गोपनीयता के तर्क पर इसकी सूचना देने से इन्कार नहीं किया जा सकता। न्यायमूर्ति विवेक अग्रवाल की एकलपीठ ने लोकसेवकों के वेतन की सूचना देने से इन्कार करने के खिलाफ दायर एक याचिका पर सुनवाई में यह निर्णय दिया। हाई कोर्ट ने लोकसेवकों के वेतन की जानकारी सार्वजनिक महत्व की है, जिसे गोपनीय नहीं माना जा सकता। पूर्व में जारी आदेश निरस्त कर दिया सूचना आयोग और लोक सूचना अधिकारी ने भी इस सूचना को गोपनीय माना था। ऐसे में, एकल पीठ ने इन दोनों के पूर्व में जारी आदेश को भी निरस्त कर दिया। इसके साथ ही याचिकाकर्ता को एक माह में सूचना उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। पारदर्शिता के सिद्धांतों के विपरीत याचिकाकर्ता छिंदवाड़ा निवासी एमएम शर्मा की ओर से दलील दी गई थी कि लोक सेवकों के वेतन की जानकारी को सार्वजनिक करना सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 की धारा-चार के तहत अनिवार्य है। ऐसे में, लोक सेवकों के वेतन की जानकारी को धारा 8 (1)(जे) का हवाला देकर व्यक्तिगत या तृतीय पक्ष की सूचना बताकर छिपाना अधिनियम के उद्देश्यों और पारदर्शिता के सिद्धांतों के विपरीत है। जानकारी उपलब्ध कराने से इन्कार किया दरअसल, याचिकाकर्ता ने छिंदवाड़ा वन परिक्षेत्र में कार्यरत दो कर्मचारियों के वेतन भुगतान के संबंध में जानकारी मांगी थी। लोक सूचना अधिकारी ने जानकारी को निजी और तृतीय पक्ष की जानकारी बताते हुए इसे उपलब्ध कराने से इन्कार कर दिया था। तर्क दिया गया कि संबंधित कर्मचारियों से उनकी सहमति मांगी गई थी, लेकिन उनका उत्तर न मिलने पर जानकारी गोपनीय होने के कारण उपलब्ध नहीं कराई जा सकती।

एयर मार्शल मिश्रा ने भारतीय वायुसेना की पश्चिमी कमान संभाली

मुंबई एयर मार्शल जीतेंद्र मिश्रा नेभारतीय वायुसेना (IAF) की वेस्टर्न एयर कमांड के कमांडर का पदभार संभाला. यह एक महत्वपूर्ण पद है, जो भारत की पश्चिमी सीमाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करता है. बेंगलुरु, अमेरिका और यूके से ली एडवांस्ड ट्रेनिंग एयर मार्शल जीतेंद्र मिश्रा को दिसंबर 1986 में फाइटर पायलट के रूप में कमीशन किया गया था. उन्होंने 3,000 घंटे से अधिक की उड़ान का अनुभव प्राप्त किया है. पुणे स्थित नेशनल डिफेंस एकेडमी के ग्रेजुएट एयर मार्शल मिश्रा ने बेंगलुरु के एयर फोर्स टेस्ट पायलट स्कूल, अमेरिका के एयर कमांड एंड स्टाफ कॉलेज, और यूनाइटेड किंगडम के रॉयल कॉलेज ऑफ डिफेंस स्टडीज से एडवांस्ड ट्रेनिंग प्राप्त की है. एयर मार्शल मिश्रा ने एयर मार्शल पंकज मोहन सिन्हा का स्थान लिया है, जो 31 दिसंबर 2024 को रिटायर हो गए. भारतीय वायुसेना में निभाई कई महत्वपूर्ण भूमिकाएं एयर मार्शल मिश्रा एक फाइटर कॉम्बैट लीडर और एक्सपेरिमेंटल टेस्ट पायलट हैं. उन्होंने भारतीय वायुसेना में कई महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाई हैं. इनमें एक फाइटर स्क्वाड्रन के कमांडिंग ऑफिसर से लेकर एयरक्राफ्ट और सिस्टम टेस्टिंग एस्टेब्लिशमेंट (ASTE) के चीफ टेस्ट पायलट तक की जिम्मेदारियां शामिल हैं. उन्होंने दो अग्रिम वायुसेना ठिकानों की कमान संभाली और संचालन योजना और मूल्यांकन निदेशक, प्रिंसिपल डायरेक्टर (ASR), और एयर मुख्यालय में सहायक वायु स्टाफ प्रमुख (प्रोजेक्ट्स) जैसे महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया है. इसके अलावा, वे ASTE के कमांडेंट और इंटीग्रेटेड डिफेंस स्टाफ (डॉक्ट्रिन, संगठन, और प्रशिक्षण) के डिप्टी चीफ भी रह चुके हैं. इस पदभार से पहले, एयर मार्शल मिश्रा इंटीग्रेटेड डिफेंस स्टाफ (ऑपरेशंस) के डिप्टी चीफ के रूप में कार्यरत थे.   क्या है वेस्टर्न एयर कमांड की भूमिका? वेस्टर्न एयर कमांड भारतीय वायुसेना का सबसे रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण गठन है, जिसे राष्ट्र की पश्चिमी सीमाओं की रक्षा और संघर्ष के दौरान संचालन सहायता प्रदान करने का दायित्व सौंपा गया है.

आमला प्रीमियम लीग के फाइनल मुकाबले में एच.एम.एकता ने केसी बड़कुइ को किया परस्त,एच एम एकता टीम बनी आमला प्रीमियम लीग विजेता ।

HM Ekta defeated KC Barkui in the final match of Amla Premium League.HM Ekta team becomes Amla Premium League winner. हरिप्रसादगोहेआमला । नगर के रेल्वे स्टेडियम में लगातार 3 वर्षो से आयोजित टेनिस बॉल क्रिकेट प्रतियोगिता का आयोजन किया जा रहा हैं। इस क्रिकेट प्रतियोगिता से नगर के प्रतिभावान खिलाड़ी को अपना हुनर दिखाने का एक मौका मिलता है और वे दिखाते भी है। शहर में आयोजित इस प्रतियोगिता में मध्यप्रदेश के दिग्गज टेनिस बॉल के खिलाड़ी और अन्य प्रदेशों से भी खिलाड़ी यह क्रिकेट प्रतियोगिता में भाग लेकर चौके ,छक्के,लगाकर दर्शकों का मनोरंजन तो करते है साथ हि अपने खेल से सबका दिल भी जीत लेते हैं। इस प्रतियोगिता का प्रथम पुरस्कार 1 लाख 11 हजार 1सौ ग्यारह रुपये, द्वितीय पुरुस्कार 55 हजार 5 सौ 55 रुपये, के साथ विजेता व उपविजेता टीम को एक चमचमाती ट्राफी,बेस्ट बेस्टमेन, मेन आफ द सीरीज ,बेस्ट बॉलर,सहित अन्य ट्राफी क्रिकेट खिलाड़ी को दी गई। बुधवार के दिन दो सेमीफाइनल और फाइनल मुकाबला खेला गया इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में समाजसेवी मुकेश खंडेलवाल, जिला पंचायत अध्यक्ष राजा पवार,नगर पालिका अध्यक्ष नितिन गाडरे एवं विशेष अतिथि के रूप में भाजपा मण्डल अध्यक्ष रामकिशोर देशमुख, जनपद अध्यक्ष गणेश यादव,समाजसेविका आराधना मालवीय, शरद जैसवाल,युवा मोर्चा अध्यक्ष नीलेश राठौर,रोशन साबले,नरेंद्र गिरी, संदीप सिसोदिया,प्रदीप कोकाटे,बिल्लू यादव,शैलेन्द्र राठौर,दीपक दवंडे सहित अतिथि मौजूद थे ।इस प्रतियोगिता के मुख्य संरक्षण चंदन मानू,सतीश मीना,सुनील यादव,सन्नी भूमरकर, शेख आबिद, शरद भलावी,राकेश धामोड़े,गन्नू ठाकुर के संरक्षण में यह प्रतियोगिता आयोजित कि जा रही हैं। सेमीफाइनल और फाइनल मुकाबले में हुआ घमासान | पहला सेमीफाइनल मुकाबले में के.सी.बड़कुइ ओर गाजी क्लब के बीच खेला गया। जो कि बड़ा रोमांचक मुकाबला दोनों टीम के बीच खेला हुआ,इस रोमांचक मुकाबले में के.सी. बड़कोइ ने जीत दर्ज कर फाइनल में अपनी जगह बनाई इस मैच में मेन ऑफ द मैच टोनू रहे,वही दूसरा सेमी फाइनल मुकाबला करन इलेवन बैतूल और एच. एम.एकता के बीच खेला गया इस मुकाबले में एच. एम.एकता ने करन इलेवन को आसानी से हराकर फाइनल में अपनी जगह बनाई। दोनों के बीच फाइनल मैच खेला गया जिसमें केसी क्लब ने टॉस जीतकर 8 ओवरों में मात्र 53 रन ही बनाए इसका पीछा करने उतरी एच एम एकता क्लब ने बड़े ही रोमांचित मैच में अंतिम ओवर की दूसरी बॉल पर यह मुकाबला जीता।इसमें मेन ऑफ द मैच सरोश अहमद मेन ऑफ द सीरीज सरोश अहमद.बेस्ट हीटर अंसार,बेस्ट बैट्समैन अन्नू,बेस्ट बॉलर आनंद,बेस्ट फील्डर सोहेल खान,बेस्ट ऑलराउंडर शब्बीर शाह,सपोर्टिंग टीम ऑफ टूर्नामेंट कृष्णा सोनी,बेस्ट अंपायर दिलीप दोमने,सुनील यादव,प्रदीप पोटफोडे को दिया गया। फाइनल मुकाबले में एच एम एकता ने जीत दर्ज कर खिताब अपने नाम किया।अंत में राजू बोहोत ने सभी अतिथियों खिलाड़ियों और दर्शकों का आभार व्यक्त किया।

मध्यप्रदेश में मोहन सरकार सरकारी विभागों को कर रही ऑनलाइन, जानें क्या है ई-ऑफिस प्रणाली

भोपाल  नए साल का पहला दिन मध्यप्रदेश में सुशासन की पहल का साक्षी बना है। मध्यप्रदेश की डॉ. मोहन यादव सरकार ने ई-गवर्नेंस की नई शुरुआत की है। प्रदेश में ई-ऑफिस सिस्टम लागू हुआ है। इसके बाद से मुख्यमंत्री कार्यालय, मुख्य सचिव कार्यालय सहित सभी विभागों में ई-ऑफिस सिस्टम लागू हो गया। यानी कागजी नोटशीट फाइलें नहीं चलेंगी, उनकी बजाए ऑनलाइन फाइलें इधर से उधर जाएंगी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मुख्यमंत्री निवास स्थित समत्व भवन से ई-ऑफिस प्रणाली की शुरुआत की। डिजिटिलाइजेशन के साथ आगे बढ़ रही मोहन सरकार मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि कई जन हितैषी कार्यक्रमों, गरीब, महिला, किसान और युवा वर्ग के कल्याण को फोकस करते हुए एमपी सरकार डिजिटिलाइजेशन के जरिए आगे बढ़ना चाहती है। मुख्यमंत्री कार्यालय सहित मुख्य सचिव अनुराग जैन ने भी मुख्य सचिव कार्यालय में ई-ऑफिस प्रणाली से काम शुरू कर दिया है। क्या है ई-ऑफिस प्रणाली ई-ऑफिस, ऑनलाइन प्रणाली है। इसमें अधिकारी से लेकर कर्मचारी तक कम्प्यूटर पर बैठकर अपनी फाइलें निपटाएंगे। इससे यह पता चल जाएगा कि कौन सी फाइल किस के पास लंबित है। पुरानी नस्तियों को भी इसमें ढूंढा जा सकेगा। इससे शासकीय कार्य तेजी से संपादित हो सकेंगे। उच्च स्तर पर इसकी मॉनिटरिंग भी आसान होगी। 3 चरणों में प्रदेश में होगा लागू आपको बता दें कि ई-ऑफिस सिस्टम 3 चरणों में पूरे प्रदेश में लागू किया जा रहा है। पहले चरण के तहत 1 जनवरी से मंत्रालय में पूरी तरह लागू किया जा चुका है। अब मंत्रालय में सभी फाइलों का मूवमेंट सिर्फ इलेक्ट्रॉनिक मोड (ई-फाइल) में ही हो सकेगा। पूरी कार्रवाई पेपरलेस हो जाएगी। दूसरे चरण के तहत सभी विभाग प्रमुखों के कार्यालय और तीसरे चरण में सभी जिला स्तर के कार्यालयों को ई-ऑफिस प्रणाली में जोड़ा जाएगा। पर इसके लिए अंतिम समय तय नहीं किया गया है। इससे पहले मंत्रालय में हाईब्रिड मोड में काम किया जा रहा था। कुछ काम ई-फाइल के जरिए तो कुछ पी-फाइल (पेपर फाइल) के जरिए होते थे। अब सबकुछ ई-फाइल में तब्दील किया गया है।

भाजपा ने दिल्ली की 70 सीटों के लिए उम्मीदवारों को लेकर मंथन कर लिया, ऐलान जल्द

नई दिल्ली नए साल की शुरुआत में ही होने वाले दिल्ली विधानसभा चुनाव को लेकर भाजपा में गहमागहमी बढ़ती जा रही है। दिल्ली भाजपा ने सभी 70 सीटों के लिए उम्मीदवारों को लेकर मंथन कर लिया है। अब केंद्रीय नेतृत्व के साथ अनौपचारिक बैठक में इस पर विचार किया जाएगा। इसके बाद केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक में इसे अंतिम रूप दिया जाएगा। दिल्ली विधानसभा चुनाव फरवरी की शुरुआत में होने की संभावना है। पार्टी का प्रचार अभियान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की रैली से शुरू होगा। हरियाणा और महाराष्ट्र की बड़ी जीतों, लेकिन झारखंड के झटके के बाद भाजपा नेतृत्व ने अपनी चुनावी रणनीति को लेकर अंदरूनी तौर पर काफी विचार-विमर्श किया है। सूत्रों के अनुसार, पार्टी का मानना है कि जहां वह सीधे जनता तक अपना जुड़ाव कायम करने में सफल रही है, वहां उसे जीत मिली है और जहां इस मामले में कमजोर पड़ी, उसे हार का सामना करना पड़ा है। बड़े नेताओं को मैदान में उतारेगी पार्टी : सूत्रों का कहना है कि पार्टी मध्य प्रदेश की तरह दिल्ली में भी अपने अधिकांश बड़े नेताओं को चुनाव लड़ा सकती है। इनमें लोकसभा चुनाव में टिकट कटने वाले पूर्व सांसद, पूर्व विधायक भी शामिल हैं। एक बड़ी दावेदारी पूर्व और मौजूदा पार्षदों की है, लेकिन उनकी छवि को देखते हुए ही फैसला किया जाएगा। इसके लिए पार्टी ने कुछ एजेंसियों से भी संभावित उम्मीदवारों को लेकर फीडबैक लिया है। जनता से जुड़ाव को दिया जा रहा महत्व पार्टी के एक प्रमुख नेता ने कहा कि जनता से जुड़ाव का केवल यह अर्थ नहीं है कि हम हर व्यक्ति से प्रत्यक्ष मिलें, बल्कि सबसे महत्वपूर्ण यह है कि उसे यह लगना चाहिए कि भाजपा की सत्ता में ही बेहतरी होगी। अगर अन्य दल आए तो उनकी अपनी दिक्कतें बढ़ेंगी। यह काम मानस परिवर्तन यानी तथ्यों और स्थितियों के आधार पर मानसिकता में बदलाव लाने का है। ऐसे में साफ-सुथरे, सामाजिक और राजनीतिक समीकरणों को साधते हुए उम्मीदवार उतारने से जीतने की संभावना बढ़ जाती है।

एक गंभीर घायल, छत्तीसगढ़-जशपुर में नए साल का जश्न मनाने निकले तीन युवाओं की सड़क हादसे में मौत

जशपुर। नए साल के स्वागत के लिए निकले चार दोस्तों की खुशियां भीषण सड़क हादसे के चलते मातम में बदल गईं। स्टेट हाईवे-27 पर कुनकुरी-लवाकेरा मार्ग के तपकरा थाना क्षेत्र के कोतईबीरा के पास रविवार रात एक दर्दनाक दुर्घटना में तीन युवाओं की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक युवक गंभीर हालत में जिंदगी और मौत से जूझ रहा है। एसडीओपी कुनकुरी विनोद मंडावी ने अमर उजाला को बताया कि बीती रात करीब 10:30 बजे चार युवक एक मोटरसाइकिल पर सवार होकर तपकरा की ओर जा रहे थे। रास्ते में उनकी बाइक सड़क पर  खड़े एक ट्रक से टकरा गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि चारों युवक सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए। तपकरा थाना प्रभारी खोमराज ठाकुर ने सूचना  तुरंत घटनास्थल पहुंचकर सभी घायलों को अपने शासकीय वाहन से कुनकुरी के निजी अस्पताल पहुंचाया। एसपी शशिमोहन सिंह ने मामले की गंभीरता को देखते हुए कुनकुरी थाना।प्रभारी सुनील सिंह को अस्पताल में डॉक्टरों को तैयार रखने के निर्देश दिए। घायलों के अस्पताल पहुंचने पर निजी अस्पताल के चिकित्सकों ने एलेन्स तिर्की (18), दीपसन टोप्पो (18), और रोहित चौहान (18) को मृत घोषित कर दिया। वहीं, गंभीर रूप से घायल आदित्य बड़ा (18) की हालत नाजुक होने के कारण उसे अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया है। मृतकों और घायल की पहचान 1. एलेन्स तिर्की (18): निवासी खरीबहार, थाना तुमला 2. दीपसन टोप्पो (18): निवासी बांसाझाल, थाना तपकरा 3. रोहित चौहान (17): निवासी तपकरा,गंभीर घायल:4. आदित्य बड़ा (18): निवासी बांसाझाल, थाना तपकरा इस हादसे के बाद पुलिस ने नए साल के मौके पर शराब पीकर वाहन चलाने वालों के खिलाफ विशेष अभियान चलाने का निर्णय लिया है। पुलिस अधीक्षक शशिमोहन सिंह ने सभी थाना प्रभारियों को अलर्ट मोड पर रहने और यातायात सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। एसपी शशिमोहन सिंह ने कहा, इस तरह के हादसे से बचने के लिए लोगों को यातायात नियमों का पालन करना और विशेष रूप से नशे की हालत में वाहन चलाने से बचना चाहिए।यह हादसा केवल एक दुखद घटना नहीं, बल्कि एक चेतावनी भी है कि जीवन अनमोल है और इसे असावधानी से खतरे में नहीं डाला जाना चाहिए। इस हादसे ने पूरे क्षेत्र में शोक की लहर पैदा कर दी है। मृतकों के परिवारों में मातम छा गया है।पुलिस ने सड़क पर लापरवाहीपूर्वक ट्रक खड़ा करने पर मुकदमा दर्ज कर आवश्यक कार्रवाई कर रही है।

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