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जीतू पटवारी का शिवराज पर तंज: ‘कृषि मंत्री न जाने किन किसानों से मिल रहे, 17 मंगलवार से इंतजार

jitu patwari accuses shivraj singh chouhan of ignoring meeting requests for 17 tuesdays कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने केंद्रीय कृषि मंत्री का एक वीडियो शेयर किया है जिसमें वो कह रहे हैं कि मैं सिर्फ दफ्तर में अधिकारियों से नहीं मिलता, बल्कि हर मंगलवार को अलग अलग राज्यों के किसानों से भी मुलाकात करता हूं। इसपर पटवारी ने कहा है कि वे पिछले सत्रह मंगलवार से शिवराज जी से मिलने का समय मांग रहे हैं, लेकिन उन्हें अब तक बुलावा नहीं आया है। Jitu Patwari Accuses Shivraj Singh Chouhan : जीतू पटवारी ने बुधवार को शिवराज सिंह चौहान पर उनके साथ मंगलवार को न मिलने का आरोप लगाया है। दरअसल वे पिछले सत्रह मंगलवार से केंद्रीय कृषि मंत्री से मुलाकात का समय मांग रहे हैं और उनका कहना है कि उन्हें समय नहीं दिया जा रहा है। इसे लेकर आज उन्होंने शिवराज सिंह चौहान का एक वीडियो X पर साझा करते हुए कहा है कि ‘न जाने आप कौन से किसानों से मिल रहे हैं’। बता दें कि एक दिन पहले ही कांग्रेस अध्यक्ष ने केंद्रीय कृषि मंत्री और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को निशाने पर लिया था। उन्होंने आरोप लगाया कि वह पिछले सत्रह मंगलवारों से शिवराज सिंह चौहान से मुलाकात का समय मांग रहे हैं, लेकिन उन्हें अब तक समय नहीं दिया गया है। नए साल में भी मध्य प्रदेश के किसानों के लिए कोई राहत नहीं मिली और शिवराज सिंह चौहान की चुप्पी उनके संघर्ष और दर्द का अपमान है। जीतू पटवारी ने शेयर किया शिवराज सिंह चौहान का वीडियोजीतू पटवारी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर शिवराज सिंह चौहान का एक वीडियो साझा किया है जिसमें वे कहते दिखाई दे रहे हैं कि ‘मैं ऐसा मंत्री नहीं हूं कि सिर्फ दफ्तर में बैठकर अधिकारियों से बात करूं। मंगलवार का दिन मैंने किसानों से मिलने के लिए रखा है और हर मंगलवार मैं अलग-अलग प्रांत के किसानों से मिलता हूं।’ कहा ‘सत्रह मंगलवार हो गए, नहीं मिल रहा मुलाकात का समय’इस वीडियो को साझा करते हुए जीतू पटवारी ने शिवराज सिंह चौरान पर निशाना साधते हुए कहा है कि ‘कृषि मंत्री जी, न जाने कौन से किसानों से मिल रहे हैं। मैं भी किसान हूँ और पिछले 17 मंगलवार से अपने किसान भाइयों के साथ आपके समय की फसल का इंतज़ार कर रहा हूँ।’ बता दें कि मध्य प्रदेश में किसानों के मुद्दे को लेकर कांग्रेस लगातार बीजेपी पर हमला बोल रही है। कांग्रेस अध्यक्ष हर मंगलवार को शिवराज सिंह चौहान से मिलने का समय मांगते आ रहे हैं, लेकिन अब तक उन्हें बुलावा नहीं आया है। इससे पहले, 1 जनवरी को जीतू पटवारी ने कहा था कि वे 100 मंगलवार तक शिवराज सिंह चौहान द्वारा समय दिए जाने की प्रतीक्षा करेंगे। इसके बाद वे खुद उनसे मिलने जाएंगे।

सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों को एफआरयू बनाने के लिये आवश्यक व्यवस्थाएं करें: उप मुख्यमंत्री शुक्ल

स्वास्थ्य विभाग के विभिन्न विषयों की गहन समीक्षा की भोपाल उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा है कि स्वास्थ्य संस्थानों के निर्माण कार्यों के साथ ही वहां आवश्यक उपकरणों की उपलब्धता और आवश्यक मैनपॉवर की भर्ती की प्रक्रिया समयबद्ध तरीके से पूरी की जाए। इससे स्वास्थ्य संस्थानों में सेवाओं का सुचारू और समय पर प्रदाय सुनिश्चित होगा। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने मंत्रालय, भोपाल में लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग के विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों की समीक्षा की। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में ब्लड स्टोरेज यूनिट की सुविधा उपलब्ध कराई जाए। साथ ही सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (सीएचसी) को फर्स्ट रेफरल यूनिट (एफआरयू) के रूप में विकसित करने के लिये अन्य आवश्यक व्यवस्थाएँ भी की जायें। इससे ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाएं अधिक सुलभ होंगी और जिला अस्पतालों पर बढ़ते भार को भी कम किया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों के सशक्तीकरण से संस्थागत प्रसव को प्रोत्साहित किया जा सकेगा, जिससे मातृ मृत्यु दर और शिशु मृत्यु दर में महत्वपूर्ण सुधार होगा। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने मेडिकल टीचर्स की लंबित मांगों पर हुई कार्यवाही की जानकारी भी प्राप्त की और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक विषयों पर शीघ्र कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। प्रमुख सचिव स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा श्री संदीप यादव, आयुक्त स्वास्थ्य श्री तरुण राठी, एमडी एमपी-पीएचएससीएल श्री मयंक अग्रवाल उपस्थित रहे।  

एक जिला-एक औषधीय उत्पाद” की शुरुआत चयनित 5 जिलों से करें: आयुष मंत्री परमार

“धरती आबा अभियान” अंतर्गत पोषण वाटिका एवं औषधीय उद्यान (हर्बल गार्डन) विकसित करने की बनाएं कार्य योजना आयुष मंत्री की अध्यक्षता में मप्र राज्य औषधीय पादप बोर्ड की बैठक हुई भोपाल उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री श्री इन्दर सिंह परमार ने देवारण्य योजना 2.0 के अंतर्गत “एक जिला-एक औषधीय उत्पाद” योजना के क्रियान्वयन के लिए प्रथम चरण में प्रदेश के 5 जिलों का चयन कर, समग्र कार्य योजना बनाकर आवश्यक क्रियान्वयन के निर्देश दिए। मंत्री श्री परमार मंत्रालय में म.प्र. राज्य औषधीय पादप बोर्ड के कार्यों की समीक्षा कर रहे थे। मंत्री श्री परमार ने बोर्ड के कार्यों की प्रगति एवं आगामी कार्य योजना की गहन समीक्षा कर, विभिन्न बिंदुओं पर व्यापक चर्चा की। उन्होंने प्रदेश का औषधीय मैप तैयार करने एवं अन्य फसलों की तरह समस्त औषधीय फसलों को फसल गिरदावरी में सम्मिलित कराने के लिए व्यापक कार्य योजना तैयार कर क्रियान्वयन करने को भी कहा। मंत्री श्री परमार ने औषधीय पौधों की एम.एस.पी. के निर्धारण के लिए वन विभाग, मनरेगा, कृषि एवं उद्यानिकी विभाग तैयार कर समन्वय कर व्यापक कार्य योजना बनाने के निर्देश दिए। मंत्री श्री परमार ने “धरती आबा अभियान” में पोषण वाटिका एवं रेसिडेंशियल स्कूलों में भी औषधीय उद्यान के विकास के लिए आवश्यक कार्यवाही करने को कहा। उन्होंने आयुष विभाग अंतर्गत संचालित महाविद्यालयों में औषधीय उद्यान (हर्बल गार्डन) विकसित करने को भी कहा। बैठक में अपर मुख्य सचिव वन श्री अशोक बर्णवाल, प्रमुख सचिव आयुष श्री डी.पी. आहूजा, आयुक्त आयुष श्रीमति उमा आर. माहेश्वरी और अपर सचिव आयुष एवं बोर्ड के सीईओ श्री संजय कुमार मिश्र सहित विभिन्न अधिकारीगण उपस्थित थे।  

आयुष मंत्री ने मंत्रालय में आयुष महाविद्यालय के लिए की विभागीय समीक्षा

भोपाल उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री श्री इन्दर सिंह परमार ने कहा कि वैद्यों के परम्परागत ज्ञान को, शोध के आधार पर युगानुकुल परिप्रेक्ष्य में दस्तावेजीकरण करने की आवश्यकता है। इसके लिए प्रदेश के जनजातीय क्षेत्रों सहित समस्त क्षेत्रों में पीढ़ी दर पीढ़ी कार्य कर रहे पारम्परिक वैद्यों का, प्रदेशव्यापी पंजीयन कर उनके ज्ञान को सहेजने के लिए आवश्यक कार्य योजना बनाएं। मंत्री श्री परमार मंगलवार को मंत्रालय में आयुष विभाग की समीक्षा कर रहे थे। बैठक में प्रमुख सचिव आयुष श्री डी.पी. आहूजा, आयुक्त आयुष श्रीमति उमा आर. माहेश्वरी और अपर सचिव आयुष श्री संजय कुमार मिश्र सहित विभिन्न अधिकारीगण शामिल थे। आयुष मंत्री श्री परमार ने विभाग के अंतर्गत संचालित संस्थाओं में मानव संसाधनों की जानकारी प्राप्त कर, रिक्त पदों की पूर्ति प्रक्रिया नियत समयावधि पर पूर्ण करने को कहा। उन्होंने अनुकम्पा नियुक्ति सम्बंधी लंबित प्रकरणों का शीघ्र निराकरण करने के निर्देश भी दिए। लोक सेवकों की सीआर ऑनलाइन करने, विभागीय जांच एवं न्यायालयीन प्रकरणों को यथाशीघ्र निराकरण करने को कहा। श्री परमार ने कहा कि निजी आयुष महाविद्यालयों के शिक्षण शुल्क का पारदर्शितापूर्व पूर्ननिर्धारण कर ताकि विद्यार्थियों को प्रवेश के समय कठिनाइयों का सामना न करना पड़े। मंत्री श्री परमार ने आयुष महाविद्यालयों में शैक्षणिक एवं अकादमिक कैलेंडर का दृढ़ता से पालन करने के लिए और विद्यार्थियों की उत्तर पुस्तिकाओं के परीक्षण के लिए व्यापक कार्य योजना के साथ क्रियान्वयन करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विभाग अंतर्गत संचालित संस्थाओं की गुणवत्ता वृद्धि के लिए संसाधनों की पूर्ति, निर्माण एवं सुधार कार्यों के लिए वास्तविक आवश्यकता अनुरूप उपलब्ध बजट का उपयोग सुनिश्चित करें। मंत्री ने कहा कि निर्माण एजेंसी के साथ नियमित बैठक कर विभिन्न निर्माण कार्यों की प्रगति की समीक्षा करें। आयुष मंत्री श्री परमार ने राष्ट्रीय आयुष मिशन अंतर्गत किए जा रहे निर्माण कार्यों की सराहना भी की। उन्होंने यूनानी फार्मेसी भोपाल एवं आयुर्वेद फार्मेसी ग्वालियर की क्षमता वृद्धि के लिए मानव संसाधन, भवन उन्नयन, उपकरण एवं मशीनरी आदि की उपलब्धता नियत समयावधि पर सुनिश्चित करने को कहा। मंत्री श्री परमार ने कहा कि प्रदेश के समस्त आयुर्वेद महाविद्यालयों में फार्मेसी एवं औषधीय उद्यान विकसित करने के लिए व्यापक कार्य योजना के साथ क्रियान्वयन करें। उन्होंने जनजातीय क्षेत्रों में पाई जाने वाली दुर्लभ औषधियों के दस्तावेजीकरण करने को कहा। उन्होंने प्रदेश के समस्त आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में पदस्थ मानव संसाधनों के उन्मुखीकरण एवं प्रशिक्षण के साथ, आयुष्मान आरोग्य मंदिरों का एनएबीच प्रमाणीकरण करने के लिए व्यापक प्रयास करने को भी कहा। उन्होंने महाविद्यालयों एवं चिकित्सालयों में ओपीडी एवं आईपीडी को ऑनलाइन करने सहित आवश्यक सुधार को लेकर भी कार्य योजना तैयार करने को कहा। मंत्री श्री परमार ने समस्त आयुष महाविद्यालयों एवं चिकित्सालयों को लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग द्वारा फर्स्ट रेफरल यूनिट के रूप में अधिमान्यता प्राप्त किए जाने के लिए सार्थक प्रयास करने को कहा। उन्होंने यूनानी चिकित्सा शिक्षा को हिन्दी भाषा में अध्ययन की सुविधा प्रदान करने के लिए, यूनानी पाठ्यक्रमों का हिन्दी भाषा में शीघ्र अनुवाद सुनिश्चित कर, हिंदी में पाठ्यक्रम की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।  

अमेरिका में रैबिट फीवर के मामलों में लगातार बढ़ोतरी, जाने रैबिट फीवर के कारण, लक्षण, और बचाव के तरीके

वाशिंगटन अमेरिका में रैबिट फीवर (Rabbit Fever) के मामलों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। सीडीसी के मुताबिक, पिछले एक दशक में इस बीमारी के मामलों में 50% से ज्यादा का उछाल देखा गया है। रैबिट फीवर, जिसे टुलारेमिया भी कहा जाता है, एक जूनोटिक बीमारी है जो खरगोशों और अन्य जानवरों से इंसानों में फैलती है। यह बीमारी गंभीर हो सकती है और बुखार, थकान और त्वचा पर घाव जैसे लक्षण पैदा कर सकती है। ऐसे में, आइए इस आर्टिकल में आपको बताते हैं रैबिट फीवर के कारण, लक्षण, और बचाव के तरीके। रैबिट फीवर क्या होता है? टुलारेमिया, जिसे आम भाषा में रैबिट फीवर कहा जाता है, एक गंभीर बैक्टीरियल इन्फेक्शन है जो फ्रांसीसेल्ला टुलारेन्सिस बैक्टीरिया के कारण होता है। यह बैक्टीरिया मुख्य रूप से खरगोश, चूहे और अन्य छोटे स्तनधारियों में पाया जाता है। मनुष्य में यह संक्रमण संक्रमित जानवरों के सीधे संपर्क में आने, उनके काटने, संक्रमित मांस का सेवन करने या संक्रमित मिट्टी या पानी के संपर्क में आने से हो सकता है। किन लोगों को है ज्यादा खतरा? टुलारेमिया एक गंभीर संक्रमण हो सकता है जो हल्के लक्षणों से लेकर जानलेवा स्थिति तक ले जा सकता है। अगर इसका सही इलाज न किया जाए, तो रैबिट फीवर 60% मामलों में मौत की वजह बन सकता है। यह बीमारी आमतौर पर 5 से 9 साल के बच्चों, बुजुर्गों और आदिवासी समुदायों में देखी जाती है। रैबिट फीवर के लक्षण     बुखार: यह सबसे आम लक्षण है। बुखार अचानक और तीव्र रूप से बढ़ सकता है, जो 104°F (40°C) तक पहुंच सकता है।     ठंड लगना: बुखार के साथ अक्सर ठंड लगना भी होता है।     फ्लू जैसे लक्षण: थकान, सिरदर्द, मांसपेशियों में दर्द, भूख न लगना आदि लक्षण भी दिखाई दे सकते हैं।     सूजन वाले लिम्फ नोड्स: संक्रमण वाली जगह के पास लिम्फ नोड्स सूज जाते हैं और दर्दनाक हो सकते हैं।     त्वचा के घाव: अगर संक्रमण त्वचा के जरिए होता है, तो घाव लाल, सूजा हुआ और दर्दनाक हो सकता है।     गले में खराश: गले में खराश, सूजन और दर्द भी हो सकता है।     आंखों की समस्याएं: आंखों में जलन, सूजन, और लालपन भी हो सकता है।     सांस लेने में तकलीफ: गंभीर मामलों में, सांस लेने में कठिनाई हो सकती है।     दस्त और उल्टी: कुछ मामलों में, दस्त और उल्टी भी हो सकती है। रैबिट फीवर के कारण रैबिट फीवर का कारण Francisella Tularensis नामक एक बैक्टीरिया है। यह बैक्टीरिया विभिन्न प्रकार के जानवरों, जैसे खरगोश, गिलहरी, चूहे, और टिक्स में पाया जाता है। संक्रमण आमतौर पर संक्रमित जानवर को काटने, संक्रमित जानवर के मांस को खाने, या संक्रमित जानवर के मल या मूत्र के संपर्क में आने से होता है। रैबिट फीवर का इलाज रैबिट फीवर का इलाज एंटीबायोटिक दवाओं से किया जाता है। एंटीबायोटिक दवाओं का चुनाव संक्रमण की गंभीरता और रोगी की स्थिति पर निर्भर करता है। रैबिट फीवर से बचाव     संक्रमित जानवरों से संपर्क से बचें।     जंगली जानवरों को न छुएं या न खिलाएं।     खरगोशों या अन्य छोटे जानवरों को पालते समय सावधानी बरतें।     मृत जानवरों को न छुएं।     जंगल में जाते समय लंबे कपड़े और दस्ताने पहनें।     कीटों से बचाव के लिए कीटनाशक का इस्तेमाल करें।     संक्रमित क्षेत्रों में जाने से बचें। रैबिट फीवर एक गंभीर बीमारी है, लेकिन इसका समय पर इलाज किया जाए तो इससे बचा जा सकता है। अगर आपको रैबिट फीवर के लक्षण दिखाई देते हैं, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।

मुख्यमंत्री यादव 28वें राज्य स्तरीय युवा महोत्सव के समापन समारोह मे होंगे शामिल

तात्या टोपे स्टेडियम भोपाल में होगा आयोजन भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव बुधवार को तात्या टोपे स्टेडियम स्थित बेडमिंटन हॉल में आयोजित 28वें राज्य स्तरीय युवा महोत्सव के समापन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे। कार्यक्रम की अध्यक्षता खेल और युवा कल्याण मंत्री श्री विश्वास कैलाश सारंग करेंगे। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री सर्वप्रथम पेंटिंग और विज्ञान मेले के विजेताओं की प्रदर्शनी का अवलोकन करेंगें। तत्पश्चात विजेता युवा कलाकार समूह लोकगीत और समूह लोकनृत्य की प्रस्तुतियों का अवलोकन करेंगें। चयनित युवाओं से मुख्यमंत्री डॉ. यादव करेंगे संवाद मुख्यमंत्री डॉ. यादव विकसित भारत@ 2047 कार्यक्रम के तहत विभिन्न स्तरों पर आयोजित प्रतियोगिताओं में से चयनित 45 युवाओं से संवाद करेंगे। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी से चयनित 45 युवा भारत मंडपम दिल्ली में 11 एवं 12 जनवरी को विकसित भारत के निर्माण में अपने दृष्टिकोण और विचार सांझा करेंगें। राज्य स्तरीय युवा महोत्सव प्रतियोगिता के परिणाम हुये घोषित राज्य स्तरीय युवा महोत्सव प्रतियोगिता में भाषण में ग्वालियर, कहानी लेखन में रीवा पेंटिंग में जबलपुर, कविता लेखन में मुरैना, विज्ञान मेला में जबलपुर, समूह लोकगीत में सागर, समूह लोकनृत्य में ग्वालियर संभाग बना, विजेता युवा कलाकार मुख्यमंत्री के समक्ष देंगें कला प्रस्तुति। इस वर्ष युवा उत्सव का आयोजन में संभागों के 350 प्रतिभागियों ने कुल 07 विधाओं यथा समूह लोक गीत, समूह लोक गायन, पेंटिंग, भाषण, विज्ञान मेला, कहानी लेखन एवं कविता लेखन में प्रतिभागिता की। युवा उत्सव में जिला स्तर पर दिनांक 18 से 26 दिसम्बर 2024 तक 10500 युवा प्रतिभागी संभागीय एवं जिला स्तरीय 3 से 5 जनवरी 2025 तक 1700 युवाओं ने प्रतिभागिता की थी। राज्य स्तर से चयनित प्रदेश का दल रविवार 12 जनवरी को नई दिल्ली में आयोजित जनवरी 2025 को तात्याटोपे स्टेडियम में आयोजित की गई थी जिसके परिणाम घोषित कर दिये गये है। मंत्री श्री सारंग ने कहा कि बुधवार को 1 बजे तात्याटोपे स्टेडियम स्थित बैडमिंटन हॉल में आयोजित राज्य स्तरीय युवा महोत्सव के समापन कार्यक्रम में सभी को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मुख्य आतिथ्य में 28वें राज्य स्तरीय युवा महोत्सव का समापन होगा।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा- बिजली के क्षेत्र में मध्यप्रदेश को आदर्श राज्य बनायें

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि बिजली के क्षेत्र में मध्यप्रदेश को आदर्श राज्य बनायें। ऐसी कार्य-योजना बनायें कि उपभोक्ताओं पर बोझ बढ़ाये बगैर बिजली सब्सिडी का भार कम किया जा सके। उन्होंने यह निर्देश मंत्रालय में ऊर्जा विभाग की समीक्षा के दौरान दिये। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि तीनों विद्युत वितरण कम्पनियों के क्षेत्र में स्मार्ट मीटर लगाने के कार्य को गति दें। इससे होने वाले लाभों के बारे में उपभोक्ताओं को जागरूक करें। उन्होंने कहा कि जले एवं खराब वितरण ट्रांसफार्मरों को समय-सीमा में बदला जाये। जल्द स्वीकृत होगी संगठनात्मक संरचना मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अधिकारियों एवं कर्मचारियों की कमी को पूरा करने के लिये सभी बिजली कम्पनियों की संगठनात्मक संरचना (ओ.एस.) का प्रस्ताव प्रस्तुत करें। जल्द ही इसे स्वीकृत किया जायेगा। 30 लाख किसानों को सौर ऊर्जा से जोड़ा जायेगा मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में 30 लाख किसानों को सौर ऊर्जा से जोड़ने के लक्ष्य को पूरा करने के लिये सुनियोजित कार्य-योजना बनायें। इसकी समय-सीमा तय होना चाहिये। इससे बिजली सब्सिडी में भी कमी आयेगी। उन्होंने कहा कि किसानों को सिंचाई के लिये दिन में बिजली उपलब्ध करायें। ऊर्जा मंत्री श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने संगठनात्मक संरचना स्वीकृत करने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने ट्रांसफार्मर एवं बिजली लाइनों के मेंटीनेंस की कार्य-योजना बनाने और अवैध बस्तियों में रहने वाले लोगों को बिजली कनेक्शन देने की बात कही। 12 लाख 57 हजार स्मार्ट मीटर लगाये गये बैठक में बताया गया कि आरडीएसएस योजना में 12 लाख 57 हजार से अधिक स्मार्ट मीटर लगाये जा चुके हैं। पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कम्पनी द्वारा 6 लाख 70 हजार 644, मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कम्पनी द्वारा 77 हजार 100 और पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कम्पनी द्वारा 5 लाख 9 हजार 338 स्मार्ट मीटर लगाये जा चुके हैं। बैठक में अटल गृह ज्योति, अटल किसान ज्योति योजना सहित अन्य योजनाओं की विस्तृत समीक्षा कर जरूरी निर्देश दिये गये। अपर मुख्य सचिव ऊर्जा श्री नीरज मण्डलोई ने विभागीय योजनाओं की अद्यतन स्थिति से अवगत कराया। इस दौरान मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव मुख्यमंत्री डॉ. राजेश राजौरा, प्रमुख सचिव वित्त श्री मनीष रस्तोगी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।  

कमलनाथ को एमपी कांग्रेस में नहीं मिल रहा ‘भाव’? पूर्व सीएम ने खबरों पर तोड़ी चुप्पी

kamal nath not getting respect in mp congress former cm broke silence on news भोपाल: मध्य प्रदेश में कांग्रेस की अंदरूनी कलह की खबरों के बीच, पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने बुधवार को पार्टी में किसी भी मतभेद से इनकार किया। कमलनाथ ने कहा कि सभी नेता एकजुट होकर पार्टी को मजबूत करने और मोहन यादव सरकार को चुनौती देने के लिए काम कर रहे हैं। यह बयान उन खबरों के बीच आया है जिनमें कहा गया था कि कमलनाथ और दिग्विजय सिंह सहित कुछ अन्य वरिष्ठ नेताओं ने पार्टी में उपेक्षित होने पर नाराजगी जताई थी। महू में होने वाला है कांग्रेस का बड़ा कार्यक्रम यह नाराजगी बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर की जन्मस्थली महू में आयोजित होने वाले कांग्रेस के एक बड़े कार्यक्रम की तैयारी को लेकर हुई वर्चुअल मीटिंग के दौरान सामने आई थी। इस कार्यक्रम में राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे के शामिल होने की उम्मीद है। सूत्रों के मुताबिक, कमलनाथ ने कहा था कि प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी उनसे किसी भी कार्यक्रम के बारे में सलाह नहीं ले रहे हैं। दिग्विजय सिंह समेत कुछ अन्य नेताओं ने भी कमलनाथ की बात का समर्थन किया था। सभी लोग हैं एकजुट कमलनाथ ने इन खबरों का खंडन करते हुए कहा कि सभी कांग्रेसी पार्टी को मजबूत करने और प्रदेश की व्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए एकजुट हैं। विवाद का कोई सवाल ही नहीं है। पार्टी की राज्य राजनीतिक मामलों की समिति की हालिया बैठक को लेकर मीडिया में नाराजगी की अटकलें निराधार हैं। कमलनाथ का यह स्पष्टीकरण प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी के बयान के एक दिन बाद आया है। पटवारी ने भी इन खबरों का खंडन करते हुए कहा था कि सभी फैसले पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ विचार-विमर्श करके लिए जा रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा था कि वह खुद कमलनाथ से मुलाकात करेंगे। मीडिया पैनलिस्टों की सूची हो गई थी वापस हाल ही में, MPCC ने पार्टी के मीडिया पैनलिस्टों और प्रवक्ताओं की एक सूची जारी की थी। लेकिन, मीडिया को जारी करने के कुछ ही घंटों बाद यह सूची वापस ले ली गई। सूत्रों का कहना है कि कांग्रेस कार्यकर्ताओं में नाराजगी के बाद सूची वापस ली गई। नवंबर 2023 में मध्य प्रदेश विधानसभा चुनावों में करारी हार के बाद, कांग्रेस के केंद्रीय नेतृत्व ने कमलनाथ की जगह जीतू पटवारी को प्रदेश अध्यक्ष बनाया था। इस बदलाव के बाद से ही पार्टी में अंदरूनी कलह की खबरें आती रही हैं।

अविभावक अपने बच्चों को सैनिक स्कूल में कक्षा 6 और कक्षा 9 में प्रवेश दिलवाना चाहते हैं वे 13 जनवरी तक आवेदन करे

नई दिल्ली ऑल इंडिया सैनिक स्कूल एंट्रेस एग्जाम (AISSEE 2025) के लिए आवेदन पत्र भरने की अंतिम तिथि 13 जनवरी 2025 निर्धारित है। ऐसे में जो छात्र या अविभावक अपने बच्चों को सैनिक स्कूल में कक्षा 6 और कक्षा 9 में प्रवेश दिलवाना चाहते हैं वे अंतिम दिनों में वेबसाइट पर होने वाली परेशानियों से बचने के लिए तुरंत ही आवेदन कर लें। एप्लीकेशन फॉर्म ऑनलाइन माध्यम से एनटीए की ऑफिशियल वेबसाइट exams.nta.ac.in/aissee पर जाकर भरा जा सकता है। आपकी सहूलियत के लिए इस पेज पर भी आवेदन का डायरेक्ट लिंक उपलब्ध करवा दिया गया है। आवेदन के लिए योग्यता यहां से करें चेक सैनिक स्कूल कक्षा 6 में प्रवेश के लिए छात्र का 5वीं कक्षा उत्तीर्ण होने के साथ ही आयु 10 से 12 वर्ष के बीच होनी चाहिए। इसके अलावा कक्षा 9 में प्रवेश के लिए छात्र का 8वीं कक्षा उत्तीर्ण होना आवश्यक है और साथ ही उम्र 13 से 15 वर्ष के बीच होनी चाहिए। आयु की गणना 31 मार्च 2025 को ध्यान में रखकर की जाएगी। एप्लीकेशन प्रॉसेस ऑल इंडिया सैनिक स्कूल एंट्रेस एग्जाम 2025 आवेदन पत्र भरने के लिए सबसे पहले आधिकारिक वेबसाइट aissee2025.ntaonline.in पर विजिट करें। वेबसाइट के होम पेज पर न्यू कैंडिडेट रजिस्टर हियर लिंक पर क्लिक करके मांगी गई जानकारी भरें और पंजीकरण कर लें। इसके बाद फॉर्म में मांगी गई अन्य डिटेल भरकर आवेदन प्रक्रिया पूर्ण कर लें। इसके बाद निर्धारित शुल्क जमा करें और पूर्ण रूप से भरे हुए फॉर्म को सबमिट कर दें। अंत में फॉर्म का प्रिंटआउट निकालकर भविष्य के संदर्भ के लिए सुरक्षित रख लें। आवेदन शुल्क आवेदन पत्र भरने के साथ अविभावक निर्धारित शुल्क अवश्य जमा करें। एप्लीकेशन फीस कैटेगरी के अनुसार अलग अलग तय की गई है। जनरल, ओबीसी एवं ईडब्ल्यूएस वर्ग से आने वाले उम्मीदवारों को शुल्क के रूप में 800 रुपये का भुगतान करना होगा वहीं एससी/ एसटी के लिए एप्लीकेशन फीस 650 तय की गई है। आवेदन शुल्क डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड एवं नेट बैंकिंग के माध्यम से जमा किया जा सकता है। ऑल इंडिया सैनिक स्कूल एंट्रेस एग्जाम (AISSEE 2025) से जुड़ी अधिक जानकारी के लिए स्टूडेंट्स या माता पिता ऑफिशियल वेबसाइट पर विजिट कर सकते हैं।

नई दिल्ली सहित दिल्ली के अन्य बड़े स्टेशनों पर पार्किंग शुल्क में हुई कटौती, अब काम देना होंगे पैसे: रेलमंत्री अश्विनी वैष्णव

नई दिल्ली नई दिल्ली सहित दिल्ली के अन्य बड़े स्टेशनों पर कैब और आटो पार्किंग के शुल्क में कमी कर दी गई है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने नई दिल्ली रेलवे स्टेशनों पर आटो व कैब चालकों और कुलियों से मुलाकात करने के बाद इसकी घोषणा की। कैब चालक को अब 12 सौ रुपये प्रति माह की जगह चार सौ और ऑटो चालकों को सात सौ की जगह मात्र दो सौ रुपये पार्किंग देना होगा। कुलियों की समस्या भी हल करने का आश्वासन दिया। मंत्री ने मौके पर ही पार्किंग शुल्क में कमी की घोषणा की प्रदेश भाजपा अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा के साथ नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर पहुंचे। कैब व आटो चालकों और कुलियों के प्रतिनिधियों ने उनसे मुलाकात कर मांग पत्र सौंपा। मंत्री ने मौके पर ही पार्किंग शुल्क में कमी की घोषणा कर दी। कुलियों ने प्रत्येक स्टेशन पर आराम घर बनाने, परिवार को 20 लाख रुपये तक की बीमा व उपचार की सुविधा देने, बच्चों की पढ़ाई की सुविधा देने और वर्दी की समस्या हल करने की मांग की। रेल मंत्री ने कहा, 50 से अधिक कुली जिस स्टेशन पर होंगे उन्हें आराम घर मिलेगा।   कुलियों की समस्याओं का समाधान करने का भी दिया आश्वासन आयुष्मान योजना के अंतर्गत उनका व उनके स्वजनों का उपचार, रेलवे स्कूल में बच्चों को पढ़ाई की सुविधा मिलेगी। वर्दी की समस्या हल होगी। उन्होंने कुलियों को यात्रियों से अच्छे व्यवहार की सलाह दी। कहा, ऐसा कोई काम नहीं होने चाहिए जिससे कि उन्हें व रेलवे को लेकर यात्रियों के मन में गलत धारना बने। इस मौके पर ऑटो रिक्शा संघ के महामंत्री राजेंद्र सोनी सहित अन्य लोग उपस्थित थे।

पीएमओ ने कहा- इन आउटलेट्स के जरिए दवाइयों की खरीद करने से नागरिकों को 5,020 करोड़ की बचत हुई, नवंबर तक बिकी 1,255 करोड़

नई दिल्ली जन औषधि केंद्रों से नवंबर 2024 के अंत तक 1,255 करोड़ रुपये से अधिक की सस्ती दवाइयों की बिक्री हुई है। यह जानकारी प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) द्वारा दी गई। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पीएमओ ने कहा कि इन आउटलेट्स के जरिए दवाइयों की खरीद करने से नागरिकों को 5,020 करोड़ रुपये की बचत हुई है। जन औषधि केंद्र विशेष केंद्र हैं जो आम जनता को किफायती दामों पर गुणवत्तापूर्ण दवाइयां उपलब्ध कराते हैं। इसकी स्थापना प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि परियोजना (पीएमबीजेपी) के तहत की गई थी, जो नवंबर 2008 में शुरू की गई एक जन कल्याणकारी योजना है। इस योजना को फार्मास्यूटिकल्स एंड मेडिकल डिवाइस ब्यूरो ऑफ इंडिया (पीएमबीआई) के माध्यम से क्रियान्वित किया जा रहा है। इससे पहले रसायन और उर्वरक मंत्रालय ने बताया कि नवंबर 2024 तक देशभर में 14,320 जन औषधि केंद्र खोले जा चुके हैं। 2023-24 में फार्मास्यूटिकल्स विभाग के तहत पीएमबीआई ने 1,470 करोड़ रुपये की बिक्री दर्ज की थी, जिससे नागरिकों को लगभग 7,350 करोड़ रुपये की बचत हुई थी।पिछले 10 वर्षों में इस परियोजना के तहत लगभग 30,000 करोड़ रुपये की बचत हुई है। 2024 में पीएमबीजेपी ने केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों, राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड और असम राइफल्स (सीएपीएफ, एनएसजी और एआर) के साथ कई एमओयू पर हस्ताक्षर किए थे, जिससे सीएपीएफ, एनएसजी और एआर (एमएचए) अस्पतालों में जन औषधि दवाएं उपलब्ध करा कर स्वास्थ्य सेवा पहुंच को बढ़ाया जा सके। इसके अलावा मॉरीशस में पहला विदेशी जन औषधि केंद्र खोला जा चुका है। मंत्रालय ने कहा कि फार्मास्यूटिकल्स विभाग ने भी चालू वित्त वर्ष के दौरान 500 करोड़ रुपये के कुल वित्तीय परिव्यय के साथ फार्मास्युटिकल उद्योग को मजबूत करने के लिए एक योजना लागू की है। इस योजना का उद्देश्य देश भर में मौजूदा फार्मा क्लस्टरों और एमएसएमई को उनकी उत्पादकता, गुणवत्ता और एमएसएमई क्लस्टरों में सुधार करने के लिए सहायता प्रदान करना है।

खो खो फेडरेशन ने विश्वकप मैचों के नियम किये अधिसूचित, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मैचों में तत्काल प्रभाव से लागू होंगे

नई दिल्ली अंतरराष्ट्रीय खो खो फेडरेशन ने 13 से 19 जनवरी तक नई दिल्ली में होने वाले वाले खो खो विश्वकप मैचों के लिए नए नियम अधिसूचित कर दिये गये है। यह नियम राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खो खो मैचों में तत्काल प्रभाव से लागू होंगे। अंतरराष्ट्रीय खो खो फेडरेशन के अध्यक्ष सुधांशु मित्तल ने बताया कि खो खो मैच की अवधि 50 मिनट की होगी और मैच से पहले टॉस के जरिए दोनों टीमों को अटैकिंग और डिफेंस का विकल्प चुनने का मौका मिलेगा। प्रत्येक टीम में 15 खिलाड़ी होंगे जिनमें से 12 खिलाड़ी मैदान में खेलेंगे जबकि तीन बचे खिलाड़ी स्थानापन्न(सब्स्टिटूट) होंगे। जारी नियमों के मुताबिक सेंट्रल लेन को पार करना, जल्दी उठ जाना, पीछे हटना और दिशा बदलना फाउल माना जायेगा। खो खो विश्वकप के लिए खेल का मैदान का आकार 26 बाई 20 मीटर आयताकार होगा। प्रत्येक मैच दो पारी का होगा। प्रत्येक पारी सात मिनट की अटैकिंग और डिफेंसिव टर्न में विभाजित होगी। प्रत्येक पारी के बाद चार मिनट का विश्राम होगा और टर्न के बीच तीन मिनट का ब्रेक होगा। टर्न के शुरुआत में तीन डिफेंडर्स बैच खेल के मैदान में होगा। जब तीनों डिफेंडर्स को आउट घोषित कर दिया जायेगा तो 30 सेकेंड का ब्रेक मिलेगा और डिफेंडर्स के अगले बैच को 30 सेकेंड के अन्दर मैदान में प्रवेश करना पड़ेगा और अगर वह निर्धारित समय अवधि के अन्दर खेल के मैदान में प्रवेश नहीं करते हैं तो उन्हें लेट एंट्री के लिए आउट करार दिया जायेगा। अगर डिफेंडिंग टीम का कोई बैच तीन मिनट तक मैदान में डटा रहता है तो उसे एक अतिरिक्त अंक प्रदान किया जायेगा और इसके बाद प्रत्येक 30 सेकंड के लिए एक अतिरिक्त अंक मिलता रहेगा। ‘खो’ को कार्यान्वित करने के लिए उकडूर बैठे हुए अटैकर की पीठ को अपनी हथेली-हाथ से छूएगा और तत्काल जोर से ‘खो’ शब्द का उच्चारण करेगा जोकि अंपायर और रेफरी को सुनाई देना चाहिए। अटैकिंग टीम को प्रत्येक सफल आउट के लिए दो अंक मिलेंगे। प्रत्येक टीम को दो रिव्यू की अनुमति होगी। दो पारी के अंत में ज्यादा नम्बर पाने वाली टीम विजयी होगी।  

मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई सिंहस्थ-2028 की मंत्रि-मंडलीय समिति की द्वितीय बैठक, कार्यों की प्रगति की प्रत्येक 15 दिन में हो समीक्षा

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि सिंहस्थ-2028 में उज्जैन और इंदौर संभाग गतिविधियों के मुख्य केंद्र रहेंगे। इन संभागों में 2 ज्योतिर्लिंग होने से श्रद्धालुओं का आवागमन तथा धार्मिक गतिविधियां तुलनात्मक रूप से अधिक होंगी। इंदौर-उज्जैन संभाग में जारी विभिन्न विभागों के कार्य समय-सीमा में पूर्ण हों, यह मॉनिटरिंग प्रत्येक 15 दिन में सुनिश्चित करें। सक्षम स्तर के अधिकारी बैठक कर, कार्यों की प्रगति की समीक्षा करें। ऐसे विषय जिन में उच्च स्तर से समन्वय या मार्गदर्शन आवश्यक है, वे विषय राज्य शासन के संज्ञान में लाए जाएं। निर्माण एजेंसियों को सौंपे गए कार्यों की साप्ताहिक मॉनिटरिंग सुनिश्चित कर विलंब के कारणों का तत्काल निराकरण सुनिश्चित किया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंत्रालय में हुई सिंहस्थ-2028 की मंत्रि-मंडलीय समिति की द्वितीय बैठक को संबोधित कर रहे थे। उज्जैन तथा इंदौर जिलों में नवीन बस अड्डों के विकास के लिए दिए गए निर्देश मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अधोसंरचना से संबंधित जिन कार्यों के निर्माण में अधिक समय लगना है, उन सब की मंत्रि-मंडलीय समिति से स्वीकृति प्राप्त करने और निविदा प्रक्रिया पूर्ण करने का कार्य मार्च-2025 तक कर लिया जाए। जल प्रदाय, सीवरेज के कार्य तत्काल आरंभ किए जाएं। इसके साथ ही उज्जैन तथा इंदौर जिलों में बस अड्डों की क्षमता वृद्धि या नवीन बस अड्डों के विकास की कार्य योजना भी मार्च-2025 तक तैयार की जाए। सिंहस्थ-2028 के लिए समस्त विभागों के अधोसंरचनात्मक कार्यों की कार्य-योजना को सितंबर-2025 तक अंतिम रूप दिया जाए। प्रयागराज कुंभ के साथ ही हरिद्वार कुंभ मॉडल का भी होगा अध्ययन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सिंहस्थ-2028 की व्यवस्थाओं को श्रेष्ठतम स्वरूप देने के लिए प्रयागराज कुंभ के साथ ही हरिद्वार कुंभ मॉडल का अध्ययन भी किया जाएगा। प्रयागराज कुंभ पूर्ण होने के बाद वहां क्रॉउड मैनेजमेंट, ड्रोन सर्वे, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के उपयोग तथा अन्य गतिविधियों में लगी कंपनियों व स्टार्ट-अप का उज्जैन में सम्मेलन आयोजित कर वहां की बेस्ट प्रैक्टिसेस का क्रियान्वयन सिंहस्थ-2028 में करने की कार्य योजना बनाई जाएगी। रेलवे से समन्वय के लिए विशेष सेल गठित किया जाए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने श्रद्धालुओं के आवागमन में सुगमता के लिए रेलवे से समन्वय के उद्देश्य से विशेष सेल गठित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि घाटों तक श्रद्धालुओं के आसानी से आवागमन के लिए उपयुक्त पहुंच मार्ग विकसित किए जाएं। उज्जैन, इंदौर और देवास में होने वाले निर्माण कार्यों में सीवरेज, स्वच्छता और हरियाली का विशेष रूप से ध्यान रखा जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पर्यटकों की सुविधा की दृष्टि से धर्मशालाओं के उन्नयन के लिए भी कार्य योजना बनाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सिंहस्थ-2028 को देखते हुए, आवश्यकतानुसार विभागों में प्रशासकीय संरचनाओं का विस्तार तत्काल किया जाए। सिंहस्थ, सदियों पुरानी सनातन परम्परा को जीवंत करने का उत्सव – मंत्री श्री कैलाश विजयवर्गीय नगरीय विकास एवं आवास मंत्री श्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि सिंहस्थ, सदियों पुरानी सनातन परम्परा को जीवंत करने का उत्सव है। सिंहस्थ-2028 में पधार रहे श्रद्धालुओं के आवागमन और उनकी सुविधाजनक आवास व्यवस्था के लिए इंदौर, उज्जैन और देवास क्षेत्र में समन्वित रूप से व्यवस्थाएं विकसित की जाएं। क्षिप्रा नदी में निरंतर जल प्रवाह के लिए जारी है कार्य बैठक में जानकारी दी गई कि मंत्रि-मंडलीय समिति द्वारा प्रथम बैठक में जल संसाधन, ऊर्जा, लोक निर्माण, संस्कृति, पुरातत्व और नगरीय विकास एवं आवास विभाग के लगभग 5 हजार 955 करोड़ रूपए लागत के 19 कार्यों की स्वीकृति प्रदान की गई थी। बैठक में क्षिप्रा नदी में निरंतर जल प्रवाह के लिए संचालित योजना सहित क्षिप्रा व कान्ह नदी पर प्रस्तावित बैराजों के निर्माण, कान्ह नदी डायवर्शन और घाट निर्माण की अद्यतन स्थिति की जानकारी प्रस्तुत की गई। इसके साथ ही महाकाल लोक कॉरीडोर में पाषाण प्रतिमाओं के निर्माण, इंदौर-उज्जैन मार्ग के सिक्स लेन में चौड़ीकरण कार्य सहित उज्जैन के महत्वपूर्ण मार्गों, उज्जैन शहर की सीवरेज परियोजना आदि का प्रगति प्रतिवेदन प्रस्तुत किया गया। गृह, पर्यटन, संस्कृति तथा नगरीय विकास एवं आवास विभाग के कार्यों को मिली स्वीकृति मंत्रि-मंडलीय समिति ने गृह, पर्यटन, संस्कृति तथा नगरीय विकास एवं आवास विभाग के एक हजार 451 करोड़ रूपए लागत के 56 कार्य को स्वीकृति प्रदान की। इनमें गृह विभाग के अंतर्गत निर्मित होने वाले कंपोजिट कंट्रोल रूम उज्जैन, नवीन थाना भवन, इंटीग्रेटेड कमाण्ड एवं कंट्रोल सेंटर खण्डवा सहित उज्जैन, खण्डवा, देवास, इंदौर, आगर-मालवा, खरगोन में बनने वाले पुलिस आवास, थाना, ट्रांजिट हॉस्टल व कैम्प, बैरक आदि शामिल हैं। नगरीय विकास एवं आवास विभाग के अंतर्गत सिंहस्थ के दौरान आवागमन की दृष्टि से महत्वपूर्ण 5 सड़कों के चौड़ीकरण कार्य को भी स्वीकृति प्रदान की गई है।  

दिल्ली में चुनावी इतिहास पर एक नजर, कांग्रेस पार्टी ने 39 सीटों पर जीत हासिल की थी, 2013 में आया था नया मोड़

नई दिल्ली दिल्ली में पहली बार विधानसभा चुनाव 1951 को हुए थे। उस समय कुल 48 सीटों पर चुनाव हुए थे। इस चुनाव में कांग्रेस पार्टी ने 39 सीटों पर जीत हासिल की और बहुमत प्राप्त किया। इसके बाद चौधरी ब्रह्मप्रकाश को दिल्ली का पहला मुख्यमंत्री बनाया गया, लेकिन उनका कार्यकाल विवादों में घिर गया। इसके बाद सरदार गुरमुख निहाल सिंह को दूसरा मुख्यमंत्री बनाया गया। 1956 में विधानसभा और मंत्रिपरिषद भंग: 1956 में राज्य पुनर्गठन आयोग की सिफारिशों के बाद दिल्ली की विधानसभा और मंत्रिपरिषद को भंग कर दिया गया। इसके बाद दिल्ली में केंद्र का सीधा शासन लागू किया गया। यह दिल्ली की राजनीति के लिए एक बड़ा बदलाव था और इसने दिल्ली के प्रशासनिक ढांचे को नया रूप दिया। मेट्रोपॉलिटन काउंसिल का गठन (1966): दिल्ली में लोकतांत्रिक व्यवस्था को बनाए रखने के लिए 1966 में दिल्ली प्रशासन अधिनियम लागू किया गया, जिसके तहत मेट्रोपॉलिटन काउंसिल का गठन हुआ। इस काउंसिल में 56 सदस्य चुने जाते थे, जबकि 5 सदस्य राष्ट्रपति द्वारा मनोनीत होते थे। काउंसिल का काम दिल्ली के प्रशासन को संभालना था, लेकिन यह केवल सलाहकार भूमिका निभाती थी, क्योंकि इसके पास विधायी शक्तियां नहीं थीं। मेट्रोपॉलिटन काउंसिल का कार्यकाल (1966-1990): 1966 से लेकर 1990 तक मेट्रोपॉलिटन काउंसिल दिल्ली के प्रशासन का संचालन करती रही। इस दौरान कई महत्वपूर्ण कार्यकारी पार्षद बने, जिनमें मीर मुश्ताक अहमद, विजय कुमार मल्होत्रा, केदार नाथ साहनी और जग प्रवेश चंद्र जैसे नेता शामिल थे। हालांकि, काउंसिल को विधायी शक्तियां नहीं थीं, जिससे इसका कार्यक्षेत्र सीमित था। दिल्ली को फिर से विधानसभा कैसे मिली? 1987 में केंद्र सरकार ने सरकारिया समिति का गठन किया, जिसका उद्देश्य दिल्ली के प्रशासन से जुड़ी समस्याओं का समाधान ढूंढना था। समिति ने अपनी रिपोर्ट में यह सिफारिश की कि दिल्ली को पूर्ण राज्य का दर्जा नहीं दिया जा सकता, लेकिन दिल्ली की जनता के मामलों को संभालने के लिए एक विधानसभा दी जा सकती है। इस सिफारिश को ध्यान में रखते हुए 1991 में संविधान के 69वें संशोधन को पारित किया गया, जिसके तहत दिल्ली को राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) का विशेष दर्जा मिला और फिर से दिल्ली विधानसभा का गठन हुआ। 1993 में हुआ पहला विधानसभा चुनाव: 37 साल बाद 1993 में दिल्ली में विधानसभा चुनाव हुए। इस चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने 49 सीटों पर जीत हासिल की और मदन लाल खुराना को दिल्ली का मुख्यमंत्री बनाया। हालांकि, यहां पर बीजेपी सरकार चलाने में विफल रही। उन्हें कम समय में 3 बार मुख्यमंत्री बदलने पड़े। 26 फरवरी 1996 को साहिब सिंह वर्मा को मुख्यमंत्री बना दिया गया, लेकिन 12 अक्तूबर 1998 को उनको हटा दिया गया और बीजेपी ने सुष्मा स्वराज को नया मुख्यमंत्री घोषित कर दिया। पार्टी के अंदर कार्यकाल के दौरान जारी रही और फिर 1998 में ही कांग्रेस ने वापसी कर बीजेपी को झटका दे दिया। शीला दीक्षित लगातार 3 बार रहीं मुख्यमंत्री शीला दीक्षित (कांग्रेस) ने तीन बार दिल्ली के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। उन्होंने 1998 से 2013 तक लगातार मुख्यमंत्री के रूप में कार्य किया और उनके कार्यकाल में दिल्ली में कई महत्वपूर्ण विकास कार्य हुए। 2013 में आया था नया मोड़ दिल्ली में चुनावी इतिहास में एक बड़ा मोड़ 2013 में आया, जब आम आदमी पार्टी (AAP) ने अपनी शुरुआत की। यह पार्टी अरविंद केजरीवाल द्वारा 2012 में बनाई गई थी। 2013 के विधानसभा चुनाव में AAP ने धमाकेदार शुरुआत की और दिल्ली विधानसभा में 70 सीटों में से 28 सीटें जीतकर दूसरी सबसे बड़ी पार्टी बनी।  4. 2015 में AAP की ऐतिहासिक जीत 2015 में हुए विधानसभा चुनावों में आम आदमी पार्टी ने ऐतिहासिक जीत दर्ज की। AAP ने 70 में से 67 सीटों पर विजय प्राप्त की, जबकि भाजपा और कांग्रेस को बहुत कम सीटें मिलीं। यह एक निर्णायक जनादेश था, जिसने यह स्पष्ट कर दिया कि दिल्ली की जनता अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व में विश्वास रखती थी। इस जीत के बाद, AAP ने दिल्ली में अपने शासन को मजबूत किया और कई जनहित योजनाओं की शुरुआत की। 5. 2019 में फिर AAP भारी दिल्ली में 2019 के लोकसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने शानदार प्रदर्शन किया। दिल्ली की 7 लोकसभा सीटों में से BJP ने 6 सीटों पर जीत हासिल की। यह दिल्ली में BJP की बढ़ती हुई प्रभावी स्थिति का संकेत था। हालांकि, दिल्ली विधानसभा चुनाव में AAP ने फिर से 2020 में जीत हासिल की, जिससे दोनों प्रमुख पार्टियों के बीच एक दिलचस्प राजनीतिक संतुलन बना। आप ने 70 में से 62 सीटों पर जीत दर्ज की, जो एक जबरदस्त सफलता थी। बीजेपी को 8 सीटें मिलीं, जो 2015 में जीती गई 3 सीटों से बहुत अधिक थी, लेकिन फिर भी यह AAP के मुकाबले बहुत कम थी। कांग्रेस पार्टी ने इस चुनाव में कोई भी सीट नहीं जीती और उनका खाता भी नहीं खुला। अब फिर भाजपा और AAP के बीच प्रतिस्पर्धा दिल्ली में चुनावी राजनीति अब मुख्य रूप से भारतीय जनता पार्टी (BJP) और आम आदमी पार्टी (AAP) के बीच होती है। भाजपा, जो राष्ट्रीय स्तर पर मजबूत पार्टी है, दिल्ली में भी प्रभावी रही है, जबकि AAP ने दिल्ली के स्थानीय मुद्दों पर अपनी पकड़ मजबूत की है और भ्रष्टाचार के खिलाफ अपनी छवि को आगे बढ़ाया है। दिल्ली के चुनाव अब पूरी तरह से इन दोनों दलों के बीच प्रतिस्पर्धा का रूप ले चुके हैं।  आप ने स्थानीय मुद्दों और विकास कार्यों पर जोर दिया, वहीं बीजेपी ने राष्ट्रीय सुरक्षा, शीश महल और हिंदुत्व जैसे मुद्दों को प्रमुख बनाया।

डीएम ने सर्दी के चलते स्कूलों में छुट्टियों का आदेश जारी किये, 8वीं तक के सभी स्कूल 11 जनवरी तक रहेंगे बंद

कानपुर हवा में नमी का स्तर 92 से बढ़कर 95 होने के साथ बादल पूरे दिन छाए रहे। इससे सूरज पूरे दिन भर मुंह छुपाता रहा और दिन का तापमान लगातार दूसरे दिन भी 14.2 डिग्री पर बना रहा। न्यूनतम तापमान भी सामान्य से 3.8 डिग्री नीचे रहा जिससे शीत दिवस में शामिल हो गया। मौसम विभाग के अनुसार सर्दी का मौसम अभी पूरे सप्ताह बना रहेगा। कानपुर व आसपास के जिलों में इस दौरान घना कोहरा भी रह सकता है। वहीं, सर्दी बढ़ने पर डीएम राकेश कुमार सिंह ने नर्सरी से आठवीं तक के स्कूल 11 जनवरी तक बंद रखने और नौ से 12वीं तक की कक्षाएं ऑनलाइन संचालित करने के आदेश जारी किए। जिन स्कूलों में ऑनलाइन कक्षाएं चलाने की व्यवस्था नहीं हैं, वहां सुबह 10 से दोपहर तीन बजे तक स्कूल संचालन किया जाएगा। दिन भर ठिठुरते रहे लोग कड़ाके की सर्दी अपना पूरा असर दिखा रही है। सुबह से दोपहर तक कोहरा छाया रहा। दोपहर बाद में सूरज की हल्की झलक दिखी लेकिन बादलों ने उसे तुरंत छुपा दिया। शाम को चार बजे से ही कोहरे ने अपना असर दिखाना शुरू कर दिया। सूरज की गर्मी नहीं मिलने से दिन भर लोग सर्दी से ठिठुरते दिखे। हवा की औसत गति रविवार के 3.4 किमी प्रति घंटा के मुकाबले घटकर 2.4 किमी प्रति घंटा पर पहुंच गई। इससे बर्फीली हवाओं की चुभन कम रही। मौसम विशेषज्ञ डा. एसएन सुनील पांडेय ने बताया कि सात जनवरी को भी सुबह से मध्यम कोहरा छाए रहने की उम्मीद है। दिन में थोड़ी देर के लिए सूर्य दिख सकता है लेकिन सर्दी कम होने के आसार कम हैं। सुबह-शाम को घना कोहरा, धुंध भी रहेगी। उत्तर-पश्चिमी सर्द बर्फीली हवाओं का प्रकोप भी बढ़ने के आसार हें। इससे रात के तापमान में भी गिरावट आने की संभावना है। अगले सप्ताह होगी बरसात उन्होंने बताया कि सर्दी के इस मौसम में पश्चिमी विक्षोभ से भी बदलाव आने के आसार हैं। अगले सप्ताह में सर्दी के साथ ही बारिश भी होगी जो फसलों के लिए लाभकारी होगी। एक और पश्चिमी विक्षोभ पश्चिमी हिमालय की ओर बढ़ रहा है। इससे लगातार सर्दी का मौसम बना रहेगा। स्कूल में यूनिफार्म पहनकर आने की बाध्यता नहीं डीएम ने सर्दी के चलते स्कूलों में छुट्टियों का आदेश जारी करते हुए स्पष्ट कहा है कि कक्षाओं में विद्यार्थियों को सर्दी से बचाने के लिए पर्याप्त प्रबंध हों। बच्चों को खुले में न बिठाया जाए। विद्यार्थियों के लिए यूनिफार्म पहनकर आने की बाध्यता खत्म करते हुए गरम कपड़े पहनकर स्कूल पहुंचने की रियायत दी गई है। डीआइओएस अरुण कुमार ने बताया, आदेश का पालन न करने की शिकायत मिलने पर संबंधित स्कूल प्रबंधन को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा जाएगा।

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