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महामहिम राष्ट्रपति के नामे सौपा ज्ञापन “पी.सी.डब्ल्यू.जे.” आमला ने, ।

Memorandum submitted to His Excellency the President “P.C.W.J.” Amla, हरिप्रसाद गोहेआमला। “तू गलती से भी पत्रकार सुरक्षा कानून लागू मत कर देना, मेरे कलम के लिए ऐ दोस्त, कही देश भर में क्रांति की मशाल न जल जाए, क्योंकि तेरी फितरत शांति की नही, आग लगाने की है” चुकी चौथी पालिका के साथ खेल खेलना तेरी फितरत बंन गई, जिसका नतीजा किसी भ्रष्टचार सड़क ठेकेदार की ठेकेदारी को उजागर करता चौथी पालिका का शिपासलर या पत्रकार को आजीवन काल के गाल में समा दिया गया। फिर भी छत्तीसगढ़ सरकार मौन दिखाईं देने लगी। चुकी छत्तीसगढ़ के युवा पत्रकार मुकेश चंद्रकार की निर्मम हत्या के मामले में अखिल भारतीय संघटन प्रेस क्लब ऑफ वर्किंग जर्नलिस्ट्स के आमला अध्यक्ष एवम साथी पदधिकारियों ने‌ महामहिम राष्ट्रपति के नामे अनुविभागीय अधिकारी महोदय को ज्ञापन सौपा है। प्रेस क्लब ऑफ वर्किंग जर्नलिस्ट ने ज्ञापन के माध्यम से मांग की है, कि छत्तीसगढ़ के युवा पत्रकार मुकेश चंद्रकार के हत्यारों को फांसी की सजा दी जाए, और पत्रकार के पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता प्रदान कर पीड़ित परिवार के साथ उचित न्याय किया जाए। चुके प्रेस क्लब ऑफ वर्किंग जर्नलिस्ट ने ज्ञापन के माध्यम से महामहिम राष्ट्रपति को अवगत कराया है, कि पत्रकार मुकेश चंद्रकार ने सड़क निर्माण कार्य में भ्रष्टाचार को उजागर किया था। ठेकेदार द्वारा किए गए इस भ्रष्टाचार का पर्दाफाश करने के बाद मुकेश चंद्रकार की निर्मम हत्या कर शव को सेफ्टी टैंक में फेंक दिया गया। प्रेस क्लब ऑफ वर्किंग जर्नलिस्ट ने मांग की है, कि इस जघन्य हत्याकांड में शामिल सभी आरोपियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार कर फांसी की सजा सुनिश्चित की जाए, साथ ही देशभर में आए दिन पत्रकारों पर बढ़ती हिंसक घटनाओं को देखते हुए पत्रकार सुरक्षा कानून शीघ्र लागू करे, ताकि भविष्य में इस तरह की अप्रिय घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। चुकी एक पत्रकार देशहित में समाज के लिए अपनी जान की परवाह किए बिना सत्य को उजागर करता है, जिसकी सुध लेने वाला शायद भारत वर्ष में कोई दिखाईं नहीं दे रहा, जिसका पुरा लाभ असामाजिक तत्व उठते हुए दिखाईं दे रहें हैं। भारत सरकार को ज्ञात होना चाहिए की प्रभावी रूप से पत्रकार दुनिया की छवि को वास्तविकता पर सुचारू रूप से पेश करते हैं। पत्रकारों को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के अपने मौलिक अधिकार का प्रयोग करने के लिए हिंसा और धमकी का सामना आए दिन करना पड़ता है या पड रहा है। पत्रकारों को जिन खतरों का सामना करना पड़ता है, उनमें हत्या, अपहरण , बंधक बनाना, उत्पीड़न, धमकी, जबरन गायब कर दिया जाना, तक शामिल हैं, फिर भी पत्रकार वास्तविक समझ के साथ अपना दायत्व पूरी ईमानदारी के साथ निर्वहन करते हैं। जिस तरह से पत्रकारों के पास शक्ति होती है, और पत्रकार जिम्मेदारी से उपयोग करने की सामाजिक जिम्मेदारी के साथ कदम उठाते है। पत्रकारों के पास जनता की धारणाओं को प्रभावित करने की शक्ति है, और साथ ही पत्रकार सच बताने और लोगों की आवाज़ सुनने और सरकार तक पहुंचाने का कार्य भी ज़िम्मेदारी के साथ करते हैं। प्रेस के प्रसार के अधिकार में प्रसार की मात्रा तय करने की स्वतंत्रता भी शामिल है।चुके भारतीय संविधान के अनुच्छेद 19(1) (ए) के तहत, पत्रकारों को भाषण और अभिव्यक्ति की आज़ादी मिली हुई है, जैसे प्रकाशित करने का अधिकार, सूचना प्रसारित करने का अधिकार, सूचना प्राप्त करने का अधिकार, इसी तरह भ्रष्टचार उजागर करने का अधिकार जिसका भयावह परिणाम छत्तीसगढ़ के युवा पत्रकार मुकेश चंद्रकार की निर्मम हत्या कर दी गई, और छत्तीसगढ़ सरकार की शायद मुंह से जुबान गायब हो गई। जिसे भारी आक्रोश के साथ प्रेस क्लब ऑफ वर्किंग जर्नलिस्ट के पदधिकारियों ने ज्ञापन सौंपकर महामहिम राष्ट्रपति से पत्रकार सुरक्षा कानून लागु करने की मांग करते हुएछत्तीसगढ़ के यूवा पत्रकार मुकेश चंद्रकार के हत्यारों को फांसी देते हुए पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता देने की मांग की है। प्रेस क्लब ऑफ वर्किंग जर्नलिस्ट के आमला अध्यक्ष मोहम्मद आसीफ लंघा, आमला नगर उपाध्यक्ष नरेंद्र असोले, भूपेन्द्र पांडेय, रूपेश सोनी, संतोष राठौर, गोलू सोनी, दिलीप चौकीकर, नितिन खातरकर, मंगेश, पंकज अग्रवाल, राजू खातरकर, आकाश सोनी, अनिल साहू, दुर्गा प्रसाद जुंजारे, मदन साहू, ओर सभी पत्रकार साथी उपास्थित रहे। सरकार के प्रति भारी आक्रोश के साथ पत्रकारों ने कहा कि एक पत्रकार समाज के लिए अपनी जान की परवाह किए बिना सत्य उजागर करता है। ऐसे में सरकार का दायित्व है, कि वह पत्रकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करे, पत्रकार सुरक्षा कानून लागू करते हुए दोषियों पर कठोर से कठोर दंडात्मक कार्यवाही करे

जुआ फड़ पर छापा, 5 आरोपी गिरफ्तार आमला पुलिस ने की कार्यवाही ।

Gambling raid raided, 5 accused arrested, Amla police took action. हरिप्रसाद गोहेआमला । पुलिस अधीक्षक बैतूल श्री निश्चल एन. झारिया के निर्देशानुसार जिले में जुआरियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी है। इसी क्रम में आमला पुलिस ने एसडीओपी बैतूल श्री मयंक तिवारी और अति. पुलिस अधीक्षक श्रीमति कमला जोशी के मार्गदर्शन में बड़ी कार्रवाई करते हुए ग्राम हसलपुर में जुआ खेलते हुए 5 आरोपियों को पुलिस ने रंगे हाथों गिरफ्तार किया। थाना आमला से प्राप्त जानकारी अनुसार दिनांक 09.01.2025 को करीबन 11:30 बजे मुखबिर की सूचना पर आमला पुलिस ने हसलपुर डेम के पास छापा मारा। छापे के दौरान जुआ फड़ से कुल 5 आरोपी ताश के पत्तों से हार-जीत का जुआ खेलते हुए रंगे हाथों पकड़ा गया । जिनसे नकदी: ₹9,600/-,ताश की गड्डियाँ: 1 जप्त किया गया पकड़े गए आरोपियों पर पुलिस ने जुआ अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर विवेचना प्रारंभ कर दी है। उक्त कार्यवाही में निरीक्षक सत्यप्रकाश सक्सेना, उनि नितिन पटेल, प्रआर 210 विकास वर्मा, आरक्षक 452 विवेक , 641 पलक सोलकी,576 कन्हैया रघुवंशी की विशेष भूमिका रही। सामाजिक बुराई के इस खेल पर पुलिस अधीक्षक का संदेशपुलिस अधीक्षक श्री निश्चल एन. झारिया ने नागरिकों से अपील की है:“जुआ एक सामाजिक बुराई है, जो अपराध और पारिवारिक विवादों को बढ़ावा देती है। बैतूल पुलिस जिले को अपराधमुक्त बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। नागरिकों से अनुरोध है कि वे किसी भी अवैध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें। सूचना देने वाले की पहचान गोपनीय रखी जाएगी।”

सतना एयरपोर्ट बनकर तैयार, जल्द पर्यटकों को मिलेगा हवाई यात्रा का लुत्फ

पीएम पर्यटन वायु सेवा के तहत शुरू होंगी उड़ानें भोपाल सतना एयरपोर्ट अब पूरी तरह से बनकर तैयार हो गया है। यह एयरपोर्ट क्षेत्रीय कनेक्टिविटी और पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से विकसित किया गया है। इस नई पहल से पर्यटकों को सतना और इसके आसपास के प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों तक पहुंचने में आसानी होगी, यहां से जल्द ही पीएम श्री पर्यटन वायु सेवा के तहत उड़ानों का भी संचालन शुरू किया जाएगा। हालाँकि, यहाँ से सप्ताह में दो दिन के लिए वायु सेवा का शेडूअल जारी कर दिया गया था, परन्तु सतना एयरपोर्ट के निकट भविष्य में उद्घाटन की वजह से वायु सेवा बुधवार एवं रविवार को सतना की जगह रीवा सिंगरौली से संचालित की जा रही है। पीएम श्री पर्यटन वायु सेवा राज्य सरकार की एक प्रमुख योजना है, जिसका उद्देश्य देश के पर्यटन स्थलों को बेहतर हवाई कनेक्टिविटी प्रदान करना है। सतना एयरपोर्ट से जुड़ने वाले रूट्स को विशेष रूप से डिजाइन किया गया है। जिससे घरेलू और अंतर्राष्ट्रीय पर्यटकों को अधिक सुविधाएं मिल सकेगी। सतना एयरपोर्ट के चालू होने से आसपास के पर्यटन स्थलों, जैसे खजुराहो, चित्रकूट, और मैहर मंदिर तक पहुंचना सुगम होगा। यह क्षेत्र धार्मिक और ऐतिहासिक पर्यटन के लिए प्रसिद्ध है, और अब देश-विदेश के पर्यटक आसानी से इन स्थलों की यात्रा कर सकेंगे। सतना एयरपोर्ट के शुरू होने से न केवल पर्यटन क्षेत्र में वृद्धि होगी, बल्कि स्थानीय व्यापार और रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। होटल, गाइड सेवा, ट्रांसपोर्ट और अन्य सहायक सेवाओं को इससे लाभ मिलेगा। सतना एयरपोर्ट का संचालन क्षेत्रीय और राष्ट्रीय स्तर पर पर्यटन और व्यापार को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। अब जल्द ही पर्यटक हवाई यात्रा का लुत्फ उठाकर इस क्षेत्र की सुंदरता और ऐतिहासिक धरोहरों का आनंद ले सकेंगे। पर्यटक वायु सेवा में बुकिंग के लिए www.flyola.in वेबसाइट पर जाकर बुक कर सकते है, एवं 18004199006 पर कॉल करके भी बुक कर सकते है । विस्तृत साप्ताहिक शैड्यूल निम्नुसार रहेगा –     सोमवार को भोपाल- जबलपुर – रीवा – सिंगरोली – रीवा- जबलपुर – भोपाल     मंगलवार को भोपाल – खजुराहों – रीवा – सिंगरोली – रीवा – खजुराहों – भोपाल     बुधवार को भोपाल- जबलपुर – रीवा – सिंगरोली –रीवा – जबलपुर – भोपाल     शुक्रवार को भोपाल- जबलपुर – रीवा – सिंगरोली – रीवा – जबलपुर – भोपाल     शनिवार को भोपाल – खजुराहों – रीवा – सिंगरोली – रीवा – खजुराहों – भोपाल     रविवार को भोपाल – खजुराहों – रीवा – सिंगरोली – रीवा – खजुराहों – भोपाल  

Pushpa 2 Day 35: हिंदी में बुलेट ट्रेन बनी पुष्पा 2, रिकॉर्ड तोड़ कर रहा कमाई

नई दिल्ली पुष्पा 2 को बॉक्स ऑफिस पर रोकना अब असंभव सा हो गया है। अल्लू अर्जुन की पैन इंडिया रिलीज को सिनेमाघरों में आए 35 दिन पूरे हो चुके हैं, लेकिन फिल्म के लिए लोगों में दीवानगी कम होने की जगह बढ़ती जा रही है। दुनियाभर में सफलता का परचम लहराने वाली इस फिल्म का ओरिजिनल भाषा तेलुगु में कलेक्शन लाखों में आ चुका है, लेकिन डोमेस्टिक बॉक्स ऑफिस ये मूवी हिंदी में रुकने का नाम ही नहीं ले रही है। वरुण धवन की बेबी जॉन (Baby John) और नाना पाटेकर की वनवास भी इस फिल्म को हिंदी में टस से मस नहीं कर सके, उल्टा पुष्पा 2 ही इन दो फिल्मों का खाता क्लोज करने के बेहद करीब पहुंच चुकी है। 2024 की फिल्मों के लिए ही नहीं, अब अल्लू अर्जुन की पुष्पा 2, 2025 की फिल्मों पर भी ग्रहण लगाने की तैयारी में जुट चुकी है, क्योंकि रिलीज के 35वें दिन बुधवार को फिल्म ने हिंदी भाषा में एक बेहतरीन कमाई कर ली है। अल्लू अर्जुन और रश्मिका मंदाना की पुष्पा 2 की ओपनिंग हिंदी बॉक्स ऑफिस पर 70 करोड़ से हुई थी। 11 दिनों तक फिल्म की कमाई सिंगल डे पर 50 करोड़ से ऊपर रही। धीरे-धीरे बीतते वक्त के साथ मूवी की कमाई कम जरूर हुई, लेकिन अन्य फिल्मों के मुकाबले पुष्पा 2 ने हर दिन 32 दिनों तक 3 करोड़ से ज्यादा का हर रोज कलेक्शन किया।

स्थानीय उत्पादों को जीआई टैग के जरिए वैश्विक पहचान दिलाने संबंधी कार्यशाला सम्पन्न

भोपाल स्थानीय उत्पादों को जीआई टैगिंग के जरिए वैश्विक पहचान दिलाने के लिए बुधवार को विंध्याचल भवन स्थित एमएसएमई कार्यालय में कार्यशाला संपन्न हुई। कार्यशाला में प्रमुख रूप से पद्मश्री डॉ. रजनीकांत भी शामिल हुए। इस अवसर पर उद्योग आयुक्त श्री दिलीप कुमार ने कार्यशाला में शामिल सभी विभागों के अधिकारियों से कहा कि वे जीआई टैगिंग के लिए संभावित और चिन्हित उत्पादों की सूची सांझा करें। पद्मश्री डॉ. रजनीकांत ने जीआई टैगिंग के फायदे, कानूनी प्रकरण, ब्रांडिंग, बाजार विस्तार और जीआई टैगिंग पर अपने अनुभव साझा किए। कार्यशाला में कृषि, मत्स्य पालन, पशुपालन, रेशम उत्पादन जैसी गतिविधियों से जुड़े विभागों के अधिकारियों ने सहभागिता की। इस दौरान जीआई टैगिंग के लिए उत्पादों का चयन और परियोजना कार्यान्वयन के लिए रोड मैप तैयार किया गया। प्रारंभ में लघु उद्योग निगम के श्री अनिल धागले और एमएसएमई के संयुक्त संचालक श्री पंकज दुबे ने अपने विचार व्यक्त किए। कार्यशाला के प्रथम दिन एमएसएमई के विकास और क्षेत्रीय उत्पादों की पहचान को संरक्षित करने की कार्य योजना पर अमल पर सहमति से हुई।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव स्कूल शिक्षा विभाग के सांस्‍कृतिक कार्यक्रम अनुगूंज 2024-25 का 10 जनवरी को शुभारंभ करेंगे

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव स्कूल शिक्षा विभाग के सांस्‍कृतिक कार्यक्रम “अनुगूंज 2024-25” का 10 जनवरी को शुभारंभ करेंगे। स्कूल शिक्षा एवं परिवहन मंत्री श्री उदय प्रताप सिंह भी उपस्थित रहेंगे। कार्यक्रम 10 जनवरी को सांय 05:30 बजे से शासकीय सुभाष उत्कृष्ट विद्यालय, भोपाल में होगा। अनुगूँज के प्रथम भाग ‘धनक’ के अंतर्गत गायन-वादन के साथ ही भारत के विविध शास्‍त्रीय नृत्‍य मोहनीअट्टम, भरतनाट्यम, ओडिसी और कथक नृत्‍य आदि की मनमोहक प्रस्‍तुतियॉं होगी। वहीं कार्यक्रम के द्वितीय भाग ‘रंगकार’ में प्रसिद्ध नाटक “चरन दास चोर” का मंचन विद्यार्थियों द्वारा किया जायेगा। इन सभी प्रस्तुतियों में सहभागी विद्यार्थियों ने मात्र 1 माह की अल्पावधि में इन प्रस्तुतियों के लिए खुद को तैयार किया है। आत्‍मानुशासन, लगन, उत्साह और जोश के साथ विभिन्‍न शासकीय विद्यालयों के लगभग 600 विद्याथियों ने अपनी अभिव्यक्ति को नए सोपान देने का प्रयास अनुगूँज में किया जायेगा। विभाग द्वारा अनुगूँज के आकल्पन को आकार देने के लिए प्रदेश के राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय ख्‍याति प्राप्‍त रंगकर्मी और कलाकारों को मेंटोर्स के रूप में संयोजित किया गया है। इन मेंटोर्स ने एक कुशल मार्गदर्शक के रूप में इस विशेष कार्यक्रम और भविष्य के लिए भी इन विद्यार्थियों को विभिन्न कलाओं में पारंगत कराया है। अनुगूंज समारोह, स्कूल शिक्षा विभाग का एक रचनात्मक प्रयास है, जो विद्यार्थियों की शिक्षा के साथ उनके रचनात्मक और सर्वांगीण विकास पर केंद्रित है। राज्‍य स्‍तरीय आयोजन में राजधानी भोपाल की शासकीय शालाओं के लगभग 600 विद्यार्थी सहभागिता करेंगे। प्रदेश के राष्‍ट्रीय और अंतर्राष्‍ट्रीय ख्‍याति प्राप्‍त कलाकार विद्यार्थियों का मार्गदर्शन कर रहें है, जिनमें पद्मविभूषण पंडित जसराज जी की शिष्‍या और वरिष्‍ठ ख्‍याल गायिका डॉ. नीलांजना वशिष्‍ठ, मोहनीअट्टम नृत्‍य की शीर्षस्‍थ कलाकार और गुरू सुश्री कविता शाजी, भरतनाट्यम शैली की शीर्षस्‍थ नृत्‍य गुरू सुश्री भारती होम्‍बल, ओडिसी नृत्‍य की अंतर्राष्‍ट्रीय ख्‍यातिप्राप्‍त नृत्‍य गुरू सुश्री बिंदु जुनेजा और शिखर सम्‍मान से विभूषित रायगढ घराने की नृत्‍य गुरू डॉ. विजया शर्मा के साथ ही प्रयोगधर्मी नाट्य निदेशक श्री सौरभ अनंत जैसे शीर्षस्‍थ कला मनीषी शामिल हैं। “एक भारत-श्रेष्‍ठ भारत” की अवधारणा पर सजी अनुगूँज की इन प्रस्‍तुतियों को साकार करने के लिए विशाल मंच का निर्माण भी दक्षिण भारत के 900 वर्ष प्राचीन चंकेश्‍वर महादेव मंदिर के प्रादर्श पर तैयार किया गया है।  

प्रदेश सरकार ने सात दिनों में मांगी रिपोर्ट, उत्तर प्रदेश के संभल में 1978 को हुए दंगे की दोबारा खुलेगी फाइल

संभल। उत्तर प्रदेश के संभल में 1978 में हुए दंगे की फाइल फिर से खुलेगी। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, प्रदेश सरकार ने सात दिनों में रिपोर्ट मांगी है। संभल प्रशासन और पुलिस मामले की जांच करेंगे। बता दें कि दिसंबर 2024 में विधानसभा सत्र के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संभल दंगे पर वक्तव्य दिया। इसके बाद से इस दिशा में काम तेज हो गया था। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बीते दिसंबर को विधानसभा में कहा था कि 1947 से लेकर अभी तक संभल में 209 हिंदुओं की जान दंगों के चलते गई है। संभल में 29 मार्च 1978 को दंगे के दौरान आगजनी की घटनाएं हुई थीं। इस घटना में कई हिंदू मारे गए थे। भय के चलते 40 रस्तोगी परिवारों को घर छोड़कर भागना पड़ा। पलायन के गवाह अभी मौजूद हैं। मंदिर में कोई पूजा करने वाला बचा नहीं था। घटना के 46 साल बाद अभी तक किसी को सजा तक नहीं मिली। प्रशासन और स्थानीय लोगों की सक्रियता से 46 साल से बंद मंदिर के पट खुले। इसके बाद से अधिकारी संभल दंगों से जुड़ी फाइलों को खंगालने लगे थे।

‘जीतू और जय’ की जोड़ी के पीछे है दिग्विजय सिंह का माइंडगेम! कमलनाथ होते जा रहे हैं साइड

digvijay singh mind game behind new pairing of jeetu patwari and jai vardhan singh in mp congress भोपाल ! किसी बड़े टास्क या मिशन को पूरा करने के लिए पार्टनरशिप या कहे तो जोड़ी जरूरी होती है। खासकर कांग्रेस के अंदर की जोड़ी हमेशा चर्चा में रहती है। विधानसभा चुनाव के दौरान इस बार कमलनाथ और दिग्विजय सिंह की जोड़ी थी। सियासी गलियारों में इसे जय-वीरू की जोड़ी कहा जाता था लेकिन यह खास कमाल नहीं कर पाई है। इन दिनों एमपी कांग्रेस में नई जोड़ी की चर्चा है, यह जोड़ी जीतू और जय की है। यानी जीतू पटवारी और जयवर्धन सिंह की। साथ आने के बाद इस जोड़ी ने कमाल भी शुरू कर दिया है। एमपी उपचुनाव में जीतू और जय की जोड़ी ने मिलकर श्योपुर में कमाल किया। कहा जा रहा है कि इस जोड़ी को आगे बढ़ाने में पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह का माइंडगेम है। इसकी वजह से कमलनाथ जैसे दिग्गज नेता असहज होने लगे हैं। पार्टी के दिग्गज नेता भी इशारों इशारों में कह चुके हैं कि इन सबके पीछे दिग्विजय सिंह ही हैं। दिग्गी राजा तैयार कर रहे मैदान दिग्गी राजा राजनीति से रिटायर्ड होने से पहले अपने बेटे के लिए मैदान तैयार करने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं। इसके लिए समय समय पर जयवर्धन सिंह को जिम्मेदारियां भी सौंपी गई हैं। जिसे लेकर दूसरे नेता और कार्यकर्ताओं में असंतोष भी दिखा है। वहीं जयवर्धन सिंह और जीतू पटवारी ने खुद को साबित करने में कोई कसर नहीं छोड़ी है। इसके सबसे अच्छा एग्जांपल श्योपुर विधानसभा उपचुनाव हैं। इस चुनाव में जयवर्धन सिंह को प्रभारी बनाया गया था। इस दौरान जीतू और जयवर्धन ने जनमत साधने में कोई कसर नहीं छोड़ी थी। और उसका परिणाम जीत को तौर पर कांग्रेस पार्टी को मिला भी है। सीनियर नेता ने खड़े किए सवाल कांग्रेस में चल रहे इस माइंडगेम पर उनकी पार्टी के वरिष्ठ नेता सवाल खड़े कर चुके हैं। पूर्व नेता प्रतिपक्ष रह चुके कांग्रेस के दिग्गज नेता अजय सिंह जीतू पटवारी की अध्यक्षता वाली एमपी कांग्रेस की नई कार्यकारिणी पर भी निशाना साधा था। इसे दौरान उन्होंने बयान देते हुए यह भी कहा था कि कांग्रेस का भगवान ही मालिक है। पर्दें के पीछे वालों पर तंज कसते हुए कहा कि कांग्रेस को बर्बाद करने वाले लोग आज भी पार्टी को पीछे से चला रहे हैं। सोशल मीडिया पर वायरल हुआ पोस्ट दोनों की एक मुलाकात से जुड़ा हुई वीडियो भी सामने आया है। जिसमें जीतू पटवारी और जयवर्धन सिंह हंसी खुशी एक दूसरे से बात करते नजर आ रहे हैं। इसे दौरान मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी चलते चलते उनका हाथ थामते भी नजर आ रहे हैं। ये वीडियो इंटरनेट पर खूब वायरल हो रहा है। जिस पर लोग अपनी अपनी प्रतिक्रिया भी देते नजर आ रहे हैं। ऐसे ही एक लाला यादव नामक यूजर से लिखा कि आने वाले विधानसभा चुनाव में ये जोड़ी बहुमत के साथ सरकार बनाएगी। अब देखना होगी कि आने वाले समय में क्या होता हैं।

मुख्यमंत्री निःशक्त शिक्षा प्रोत्साहन योजना के ऑनलाइन आवेदन अब 24 जनवरी तक होंगे स्वीकार

भोपाल सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग के माध्यम से दिव्यांग विद्यार्थियों के लिए संचालित मुख्यमंत्री नि:शक्त शिक्षा प्रोत्साहन योजना के विद्यार्थियों के ऑनलाइन आवेदन अब 24 जनवरी 2025 तक स्वीकार किए जाएंगे। सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग द्वारा संचालित 2024-25 में अध्ययनरत दृष्टिबाधित, श्रवणबाधित, मंदबुद्धि, अस्थिबाधित दिव्यांग विद्यार्थियों के लिए एन.आई.सी. मध्यप्रदेश के सहयोग से स्पर्श पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन स्वीकार किये जाने के लिए अंतिम तिथि 12 नवंबर 2024 निर्धारित की गई थी। विभाग द्वारा जारी नये निर्देशों के अनुसार विद्यार्थी अब योजना का लाभ लेने के लिये 24 जनवरी 2025 तक पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। योजना के लिए पात्र दिव्यांग विद्यार्थी प्रवेशित संस्था प्रमुख के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन के साथ दिव्यांग प्रमाण-पत्र (यू.डी.आई.डी. कार्ड), आधार कार्ड, समग्र आईडी, पूर्व में पास की गई कक्षा की अंक-सूची और राशन कार्ड या आय-प्रमाण पत्र की छायाप्रति ऑनलाइन अपलोड कर योजना का लाभ ले सकेंगे।  

अब प्रदेश भर से ऐतिहासिक और सांस्कृतिक आधार पर करीब 55 जगहों का नाम बदलने की मांग हो रही

भोपाल मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव द्वारा उज्जैन जिले की तीन पंचायत के नाम बदलने के बाद अब प्रदेश भर से 55 जगहों के नाम बदलने की मांग हो रही है. पिछले दिनों मोहन यादव ने उज्जैन जिले की तीन पंचायत के नाम बदले थे, जिसमें मौलाना गांव का नाम बदलकर विक्रम नगर , जहांगीरपुर का नाम बदलकर जगदीशपुर और गजनी खेड़ी का नाम बदलकर चामुंडा माता गांव करने का ऐलान किया था. इसके बाद अब प्रदेश भर से ऐतिहासिक और सांस्कृतिक आधार पर करीब 55 जगहों का नाम बदलने की मांग हो रही है. जिन शहरों से नाम बदलने की मांग हो रही है, उनमें प्रदेश की राजधानी भोपाल से 12, रायसेन से 12, उज्जैन से 5, विदिशा से 3, सीहोर और मंदसौर से 4-4 जगहों के नाम बदलने की मांग है. मांग करने वाले लोगों का दावा है कि मुगल और नवाबों के समय कई गांवों और शहरों के नाम बदले गए और अब इन जगहों को उनके पुराने नामों को वापस देने की मांग हो रही है. इन जगहों का नाम बदलने की मांग औबेदुल्लागंज रायसेन जिले में है, जो पहले हिरानिया था, जिसे बाद में भोपाल रियासत की नवाब सुल्तान जहां के बेटे औबेदुल्ला खां के नाम पर बदल दिया गया. गौहरगंज कभी कलियाखेड़ी था, इसे राजा भोज के मंत्री के नाम पर बदल दिया गया जो बाद में नवाब हमीदुल्लाह खां की बेटी आबिदा सुल्तान के नाम पर इसको गौहरगंज बना दिया गया. वहीं शमशाबाद जो पहले सूर्य नगर था, क्योंकि यहां सूर्यमंदिर था, लेकिन मुगलो ने इसे तोड़ दिया. नूरगंज जो पहले रुरूप नगर था, लेकिन नवाबों ने इसे बदलकर नूरगंज कर दिया गया. वहीं भोपाल में जहांगीराबाद, शाहजहांनाबाद, हबीबगंज, मुबारकपुर, बरखेड़ा याकुब और आदमपुर छावनी जैसे इलाकों को क्षेत्रों के नाम बदलने की मांग चल रही है.  विदिशा जिले के शमशाबाद को बदलकर सूर्य नगर और गंजबासौदा के मियाखेड़ी का नाम बदलने की भी मांग चल रही है. कौन लेगा अंतिम फैसला? उज्जैन जिले के आजमपुरा को बदलकर भवानीपुरा और इशाकपुर का नाम बदलकर ईश्वरपुर करने की मांग है. मंदसौर जिले के मोहम्मदपुरा को बदलकर मेनपुरिया और अफजलपुर का नाम बदलकर सूर्यनगरी करने की मांग है. सीहोर जिले के शाहगंज को बदलकर चीचली और हमीदगंज का नाम बदलकर तूमड़ी रखने की मांग है. बता दें शहरों के नाम बदलने की मांग जरूर चल रही है, लेकिन इसपर अंतिम फैसला लेने का अधिकार केंद्र सरकार के पास होता है. राज्य सरकार केवल प्रस्ताव भेज सकती है.

MP में ठंड ने बरपाया कहर, भोपाल, राजगढ़ और पचमढ़ी समेत कई जिलों के तापमान में गिरावट दर्ज की गई

भोपाल मध्य प्रदेश में ठंड से जन जीवन अस्त व्यस्त हो गया है. पारा लगातार गोते लगा रहा है. भोपाल, राजगढ़ और पचमढ़ी समेत कई जिलों के तापमान में गिरावट दर्ज की गई है. कोहरे की वजह से दिन में भी वाहन चालकों को लाइट का सहारा लेना पड़ रहा है. प्रदेश में सबसे ठंडा पंचमढ़ी रहा. पंचमढ़ी में तापमान जमाव बिंदु के करीब पहुंच गया. मौसम विभाग की तरफ से जारी अपडेट के मुताबिक पंचमढ़ी में न्यूनतम तापमान 0.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. भोपाल में न्यूनतम तापमान 3.6 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया. राजगढ़ का न्यूनतम तापमान 1.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. बैतूल में 6.7 डिग्री सेल्सियस, धार में 5.8 डिग्री सेल्सियस, गुना में 5.4 डिग्री सेल्सियस, ग्वालियर में 6.6 डिग्री सेल्सियस, नर्मदापुरम में 9.4 डिग्री सेल्सियस, इंदौर में 6.6 डिग्री सेल्सियस, खंडवा में 10 डिग्री सेल्सियस न्यूनतम तपामान रिकॉर्ड किया गया है. मौसम विभाग के मुताबिक रायसेन में 5.1 डिग्री सेल्सियस, रतलाम में 5.8 डिग्री सेल्सियस, उज्जैन में 6 डिग्री सेल्सियस, छिंदवाड़ा में 5.6 डिग्री सेल्सियस, उमरिया में 5.5 डिग्री सेल्सियस, टीकमगढ़ में 6.5 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज हुआ है. इन जिलों के मौसम का जानें हाल मौसम वैज्ञानिक डॉक्टर वेद प्रकाश सिंह ने बताया कि अभी लोगों को भीषण ठंड से निजात नहीं मिलने वाली है. तापमान में गिरावट का दौर जारी रहने वाला है. राजगढ़ में भी रिकॉर्ड तोड़ ठंड पड़ रही है. हालांकि कुछ जिलों का पारा दो डिजिट में रहा. सीधी में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से ज्यादा देखने को मिला है. रीवा और खजुराहो में मौसम साफ है. अधिकतम तापमान खंडवा में रिकॉर्ड किया गया. 28.5 डिग्री सेल्सियस तापमान से खंडवा में गर्मी का असर देखा जा रहा है. बैतूल में 23, भोपाल में 21, गुना में 21, इंदौर में 22, खरगोन में 26 डिग्री सेल्सियस अधिकतम तापमान रहा. रायसेन में 23, रतलाम में 22.5, उज्जैन में 22, दमोह में 22, जबलपुर में 21, खजुराहो में 20, उमरिया में 21, टीकमगढ़ में 20, सीधी में 21, सतना में 19, रीवा में 18 और मंडला, नरसिंहपुर, सिवनी, सागर में 23 डिग्री सेल्सियस अधिकतम तापमान रिकॉर्ड हुआ है.

इटारसी-प्रयागराज छिवकी-इटारसी एक्सप्रेस ट्रेन को चुनार स्टेशन तक चलाने का निर्णय लिया गया

भोपाल रेल प्रशासन द्वारा आगामी महाकुम्भ मेला के अवसर पर अतिरिक्त यात्री यातायात को देखते हुए यात्रियों की सुविधा के लिए कई ट्रेनों को विस्तारित करने का निर्णय लिया गया है। इसी कड़ी में इटारसी-प्रयागराज छिवकी-इटारसी एक्सप्रेस ट्रेन को चुनार स्टेशन तक चलाने का निर्णय लिया गया है। इस एक्सप्रेस ट्रेन का प्रयागराज छिवकी से चुनार के मध्य चलने वाली तिथियों एवं समय सारिणी का विवरण इस प्रकार है। गाड़ी संख्या 11273 इटारसी-प्रयागराज छिवकी एक्सप्रेस ट्रेन दिनांक 10 जनवरी 2025 से 15 जनवरी 2025 तक (06 ट्रिप), 17 एवं 18 जनवरी 2025 (02 ट्रिप), 24 एवं 25 जनवरी 2025 (02 ट्रिप), 27 जनवरी 2025 से 04 फरवरी 2025 तक (09 ट्रिप), 07 एवं 08 फरवरी 2025 (02 ट्रिप), 10 फरवरी 2025 से 15 फरवरी 2025 तक (06 ट्रिप), 21 एवं 22 फरवरी 2025 (02 ट्रिप) एवं 24 फरवरी 2025 से 27 फरवरी 2025 तक (04 ट्रिप) इटारसी स्टेशन से 17:15 बजे प्रस्थान कर दूसरे दिन सुबह प्रयागराज छिवकी 09:55 बजे पहुँचकर, 10:15 बजे प्रस्थान कर, मेजा रोड 11:10 बजे, माण्डा रोड 11:30 बजे, विन्ध्याचल 11:58 बजे, मिर्ज़ापुर 12:13 बजे पहुँचकर, दोपहर 13:30 बजे चुनार स्टेशन पहुंचेगी। (कुल 33 ट्रिप) इसी प्रकार गाड़ी संख्या 11274 प्रयागराज छिवकी-इटारसी एक्सप्रेस ट्रेन दिनांक 11 जनवरी 2025 से 16 जनवरी 2025 तक (06 ट्रिप), 18 एवं 19 जनवरी 2025 (02 ट्रिप), 25 एवं 26 जनवरी 2025 (02 ट्रिप), 28 जनवरी 2025 से 05 फरवरी 2025 तक (09 ट्रिप), 08 एवं 09 फरवरी 2025 (02 ट्रिप), 11 फरवरी 2025 से 16 फरवरी 2025 तक (06 ट्रिप), 22 एवं 23 फरवरी 2025 (02 ट्रिप) एवं 25 फरवरी 2025 से 28 फरवरी 2025 तक (04 ट्रिप) चुनार  स्टेशन से सायं 16:30 बजे प्रस्थान कर मिर्ज़ापुर 16:55 बजे, विंध्याचल 17:13 बजे, माण्डा रोड रोड 17:45 बजे, मेजा रोड 18:08 बजे, प्रयागराज छिवकी  19:45 बजे पहुँचकर तथा रात्रि 20:15 बजे प्रस्थान कर दूसरे दिन सुबह 11:30 बजे इटारसी स्टेशन पहुंचेगी। (कुल 33 ट्रिप) स्पेशल ट्रेनों के ठहराव के विस्तृत समय-सारिणी के लिए कृपया www.enquiry.indianrail.gov.in पर जाएं या एनटीईएस ऐप डाउनलोड कर प्राप्त कर सकते है।  

हॉट डॉग के नॉर्थ कोरिया के लोग दिवाने हो रहे हैं, इस बीच वहां के तानाशाह किम जोंग-उन ने हॉट डॉग को देश में बैन किया

नई दिल्ली इनदिनों अमेरिका के फेमस स्ट्रीट फूड हॉट डॉग के नॉर्थ कोरिया के लोग दिवाने हो रहे हैं. पिछले कुछ सालों से ये स्ट्रीट फूड वहां काफी लोकप्रिय हुआ है. इसी बीच वहां के तानाशाह ने किम जोंग-उन ने हॉट डॉग को देश में बैन कर दिया. इसके पीछे की जो वजह बताई, वो भी काफी मजेदार है. उत्तर कोरिया के तानाशाह किम जोंग-उन ने देश में हॉट डॉग खाने और बेचने पर प्रतिबंध लगा दिया है. इसे पश्चिमी संस्कृति के प्रभाव को खत्म करने के कदम के रूप में देखा जा रहा है. अब, अगर कोई व्यक्ति हॉट डॉग पकाते या बेचते हुए पकड़ा जाता है, तो उसे देश के कुख्यात श्रम शिविरों में सजा भुगतनी पड़ सकती है. हॉट डॉग पर प्रतिबंध क्यों? कहा जा रहा है कि यह प्रतिबंध दक्षिण कोरिया से प्रेरित अमेरिकी व्यंजन ‘बुदाए-जिगे’ के बढ़ते चलन के कारण लगाया गया है. बुदाए जिगे को यहां ‘आर्मी बेस स्टू’ भी कहा जाता है. इसमें हॉट डॉग और स्पैम जैसे मांस शामिल होते हैं. ये एक तरह से हॉट डॉग ही है. 1950 में कोरियाई युद्ध के दौरान अमेरिकी सैनिकों द्वारा छोड़े गए मांस का उपयोग इसे बनाया जाता था. स्ट्रीट वेंडरों को चेतावनी उत्तर कोरिया में यह व्यंजन 2017 के आसपास लोकप्रिय होना शुरू हुआ. लेकिन अब इसे ‘पूंजीवादी संस्कृति’ का प्रतीक मानते हुए इसे पूरी तरह से बैन कर दिया गया है.उत्तर कोरिया के उत्तरी प्रांत रयांगगांग के एक विक्रेता ने बताया कि बाजार में बुदाए-जिगे बेचना बंद हो चुका है. अधिकारियों ने घोषणा की है कि अगर कोई इस फूड आयटक को बेचते हुए पकड़ा गया, तो उसकी दुकान को बंद कर दी जाएगी. यहां तलाक पर भी सख्ती इसके अलावा, उत्तर कोरिया में तलाक लेने वालों पर भी सख्त कार्रवाई हो रही है. रिपोर्ट्स के अनुसार, तलाक को सरकार ‘विरोधी समाजवादी कृत्य’ मानती है और किसी भी कानूनी तलाक को सरकार की स्वीकृति की आवश्यकता होती है.तलाक लेने वालों को एक से छह महीने तक श्रम शिविर में भेजा जा रहा है. महिला तलाकशुदाओं को पुरुषों की तुलना में अधिक कठोर सजा दी जा रही है. दक्षिण प्योंगन प्रांत की एक तलाकशुदा महिला ने बताया कि श्रम शिविर में लगभग 80 महिलाएं और 40 पुरुष कैद हैं. इनमें से करीब 30 पुरुष और महिलाएं तलाक के कारण सजा भुगत रहे हैं. महिलाओं को पुरुषों से अधिक लंबी सजा दी जा रही है. देश में लागू हैं कई कठोर नीतियां और प्रतिबंध उत्तर कोरिया में पश्चिमी और दक्षिण कोरियाई संस्कृति के प्रभाव को रोकने के लिए कई कठोर कदम उठाए गए हैं. इन कदमों में पारंपरिक व्यंजनों और रीति-रिवाजों को बढ़ावा देने और बाहरी प्रभावों पर पूर्ण प्रतिबंध शामिल है. विशेषज्ञ मानते हैं कि इन प्रतिबंधों का मकसद जनता पर नियंत्रण बनाए रखना और विदेशी संस्कृति के प्रवेश को रोकना है. यह उत्तर कोरियाई सरकार की कठोर नीतियों का एक और उदाहरण है.

मध्य प्रदेश सरकार के कुछ लोग प्रतिनिधि के रूप में महाकुंभ के मेले में जाकर व्यवस्थाओं की जानकारी लेंगे: मुख्यमंत्री

भोपाल मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव महाकुंभ के मेले में व्यवस्थाओं का जायजा लेने के लिए जाएंगे. उनके साथ मध्य प्रदेश सरकार के कुछ मंत्री और वरिष्ठ प्रशासनिक व पुलिस अधिकारी भी महाकुंभ में जा सकते हैं. अभी जाने की तारीख तय नहीं हुई है. महाकुंभ को लेकर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने बातचीत में कहा, ”प्रयागराज में आयोजित किए जाने वाले महाकुंभ के मेले में जाकर व्यवस्थाओं को जायजा लेंगे. इसके अलावा साधु संतोष से आशीर्वाद भी लेंगे.” उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश सरकार के कुछ लोग प्रतिनिधि के रूप में महाकुंभ के मेले में जाकर व्यवस्थाओं की जानकारी लेंगे. सरकार सिंहस्थ 2028 की तैयारी को लेकर व्यापक पैमाने पर विकास कार्य कर रही है. ऐसी स्थिति में महाकुंभ का मेला सिंहस्थ 2028 के पहले हिंदुओं का सबसे बड़ा आयोजन होने जा रहा है. उज्जैन में स्थाई निर्माण के लिए साधु संतों को आमंत्रण मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने कहा कि धार्मिक नगरी उज्जैन में भी साधु संतों के स्थाई आश्रम बनाने के लिए सरकार ने कई सुविधाएं देने का ऐलान किया है. साधु संतों को महाकुंभ के मेले में यह भी संदेश पहुंचाया जाएगा कि वे उज्जैन में अपना स्थाई निर्माण करें ताकि हर बार सिंहस्थ में उन्हें किसी प्रकार की दिक्कत का सामना न करना पड़े. सिंहस्थ 2028 के लिए सीएम मोहन यादव का दावा मुख्यमंत्री के मुताबिक इस बार सिंहस्थ 2028 महाकुंभ मेला में साल 2016 की तुलना में दोगुना श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है.  महाकुंभ 13 जनवरी से 25 फरवरी तक चलेगा. इसके लिए यूपी सरकार ने बड़े स्तर पर तैयारी की है. साथ ही मुख्य जगहों से स्पेशल ट्रेनें चलाई जा रही है, ताकि श्रद्धालुओं को आने-जाने में परेशानी नहीं हो.

केंद्रीय बजट 2025 में 15 लाख रुपये तक सालाना इनकम वालों को टैक्‍स छूटका लाभ मिल सकता है, क्या बजट में होगा ऐलान?

नई दिल्‍ली वित्त मंत्री न‍िर्मला सीतारमण 1 फरवरी को देश का आगामी बजट पेश कर सकती हैं. इस बीच, चर्चा है कि केंद्र सरकार इस बजट (Union Budget 2025) में आम लोगों के लिए बड़ी छूट का ऐलान कर सकता है. केंद्रीय बजट 2025 में 15 लाख रुपये तक सालाना इनकम वालों को टैक्‍स छूट (Tax Deduction) का लाभ मिल सकता है. टैक्‍स में छूट के ऐलान से डिस्‍पोजेबल इनकम में बढ़ोतरी होने की उम्‍मीद है, जिससे खपत बढ़ेगी.  कुछ मीडिया रिपोर्ट्स का दावा है कि सरकार वित्त वर्ष 2020-21 में शुरू की गई नई आयकर व्यवस्था (New Tax Regime) में बदलाव पर विचार कर रही है, जिसने सरल स्‍ट्रक्‍चर के कारण 70 फीसदी से ज्‍यादा टैक्‍सपेयर्स को अपनी तरफ आकर्षित किया है. अभी क्‍या है टैक्‍स स्‍लैब? मौजूदा समय में नई व्यवस्था के तहत 3 लाख रुपये तक की आय टैक्‍स फ्री है, जबकि 3 लाख से 6 लाख रुपये के बीच की आय पर 5%, 6-9 लाख रुपये पर 10%, 9-12 लाख रुपये पर 15%, 12-15 लाख रुपये पर 20% और 15 लाख रुपये से अधिक पर 30% टैक्‍स लगता है. 75,000 रुपये की स्‍टैंडर्ड डिडक्‍शन यह तय करती है कि 7.75 लाख रुपये तक की इनकम टैक्‍स फ्री है. वहीं 7 लाख तक सालाना इनकम होने पर कोई टैक्‍स देने की जरूरत नहीं होगी. टैक्‍स स्‍लैब में क्‍या हो सकता है बदलाव? रिपोर्ट्स बताती हैं कि मूल छूट सीमा 3 लाख रुपये से बढ़कर 4 लाख रुपये हो सकती है. साथ ही अन्य स्लैब में भी समायोजन किया जा सकता है. उदाहरण के लिए, 5% स्लैब में 4 लाख रुपये से 7 लाख रुपये तक की इनकम शामिल हो सकती है, जिससे 14 लाख रुपये तक की इनकम वालों के लिए यह टैक्‍स व्यवस्था अधिक फायदेमंद हो जाएगी. क्‍यों मिल सकती है छूट? सूत्रों के अनुसार, सरकार का फोकस 13-14 लाख रुपये सालाना कमाने वाले व्यक्तियों पर बोझ को कम करने पर है. खासकर शहरी क्षेत्रों में जहां महंगाई ने खरीदारी की को कम किया है. इस बदलाव का मुख्‍य उद्देश्‍य शहरी टैक्‍सपेयर्स को राहत देना है. ये टैक्‍सपेयर्स बढ़ती महंगाई का सामना करते हैं और देश की इकोनॉमी में बड़ा योगदान देते हैं. विशेषज्ञों का मानना ​​है कि टैक्‍स स्लैब में 1 लाख रुपये की सीमा बढ़ाकर संशोधन करने से टैक्‍स का बोझ काफी हद तक कम हो सकता है, जिससे अधिक खर्च को बढ़ावा मिलेगा. टैक्‍स रेवेन्‍यू में लगातार हो रहा इजाफा अप्रैल-नवंबर वित्त वर्ष 2025 के दौरान व्‍यक्तिगत टैक्‍स कलेक्‍शन 25% बढ़कर 7.41 लाख करोड़ रुपये हो गया है, जिससे सरकार इन सुधारों को लागू करने के लिए मज़बूत स्थिति में है. कॉर्पोरेट टैक्‍स के विपरीत, व्यक्तिगत टैक्‍स लगातार लक्ष्य से ज्‍यादा रही हैं, जिससे सरकार का खजाना भरा है. इसलिए टैक्‍स कलेक्‍शन भी टैक्‍स छूट के लिए संकेत दे रहा है.

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