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महाशिवरात्रि पर महाकाल मंदिर में श्रद्धालुओं के जनसैलाब में कमी, कड़ी सुरक्षा और खास इंतजाम, 4.52 लाख भक्त ही पहुंचे

उज्जैन महाशिवरात्रि पर महाकाल मंदिर में शिव भक्तों का सैलाब उमड़ पड़ा। मंदिर प्रबंध समिति द्वारा कम समय में दर्शन हो, इसलिए चाक-चौबंद व्यवस्थाए की गईं। प्रातः चलित भस्मार्ती में लगभग 20 हजार दर्शनार्थियों ने दर्शन किए। बुधवार रात 10 बजे तक भक्तों का आंकड़ा 4 लाख से अधिक हो गया था। देर रात तक दर्शनार्थियों के आने का सिलसिला जारी था। महाकालेश्वर मंदिर के दर्शन हेतु पट गुरुवार 27 फरवरी की शयन आरती तक खुले रहेंगे।महाकालेश्वर मंदिर में महाशिवरात्रि पर इस बार श्रद्धालुओं की संख्या का आंकड़ा 4.52 लाख ही रहा, जो कि पिछले साल की तुलना में 2.83 लाख कम है। दो सालों की बात करें तो हर बार महाशिवरात्रि जैसे बड़े पर्व पर श्रद्धालुओं की संख्या घटती जा रही है। रंगोली से अर्धनारीश्वर स्वरूप बनाया श्री महाकालेश्वर मंदिर में इंदौर के केशव शर्मा और ग्रुप द्वारा मंदिर प्रांगण के शिखर दर्शन पर रंगोली से श्री महाकालेश्वर भगवान अर्धनारीश्वर स्वरूप बनाया गया। इसका मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने अवलोकन किया व उनके कार्य की सराहना की। गर्म मीठे दूध का भोग लगाया बुधवार शाम को बाबा महाकाल को होलकर व सिंधिया स्टेट की ओर से पूजन व सायं पंचामृत पूजन के बाद भगवान श्री महाकालेश्वर को नित्य संध्या आरती के समय गर्म मीठे दूध का भोग लगाया गया। रात्रि में कोटितीर्थ कुंड के तट पर विराजित श्री कोटेश्वर महादेव का पूजन, सप्तधान्य अर्पण, पुष्प मुकुट श्रृंगार (सेहरा) के उपरांत आरती की गई। भीड़ की कमी के लिए ये दो बड़े तर्क माने जा रहे 1. उत्तरप्रदेश में आयोजित कुंभ में महाशिवरात्रि पर्व पर अंतिम स्नान पर्व के चलते भीड़ वहां के लिए भी डायवर्ट हुई, जिसका असर यहां रहा। 2. सीहोर के कुबेरेश्वर धाम में महाशिवरात्रि पर ही रुद्राक्ष महोत्सव का आयोजन रखा, यहां भी लाखों की तादाद में श्रद्धालु जाना बताए, इसके चलते भी उज्जैन कम श्रद्धालु पहुंचे। (जैसा कि मंदिर के आईटी सेल प्रभारी गिरीश तिवारी ने तर्क दिया।) वाहन पार्किंग भी कई जगह खाली ट्रैफिक पुलिस को हर बार 10 से ज्यादा पार्किंग स्थान पर इंतजाम करना होते हैं और वह भी कम पड़ जाते हैं। इस बार अधिकांश पार्किंग खाली रही। सिर्फ हरिफाटक व कर्कराज पार्किंग भरी लेकिन वे भी पूरी तरह से फुल नहीं हो पा रही थी। कर्कराज पार्किंग की क्षमता 800 से 900 वाहनों की है लेकिन यहां 500 से 600 वाहन के लगभग ही भरते रहे। ट्रैफिक डीएसपी दिलीपसिंह परिहार ने बताया कि ये सही है कि कई पार्किंग खाली रही। ये दो कारण भी कम श्रद्धालु आने के 1. दर्शन के लिए नृसिंह घाट मार्ग से लंबे जिगजैग का सफर तय करना पड़ा है। करीब दो से ढाई किलोमीटर श्रद्धालु भीड़ में चलने से परेशान हो जाते हैं, खासकर महिलाएं व बच्चे। भीड़ कम हाेने के बावजूद भी बेवजह होल्डअप में लाेगाें काे लंबा चक्कर लगवाया। 2. वीआईपी से कई बार आपाधापी मची। आम लोगों को ज्यादा दिक्कत हुई। वे जद्दोजहद के बाद भगवान की झलक पाने पहुंचते हैं तो कर्मचारी धकेल देते हैं। वीआईपी के लिए गर्भगृह की देहरी से दर्शन महाशिवरात्रि पर गर्भगृह की देहरी से वीआईपी के दर्शन कराए जा रहे थे। आम जनता धक्के खा रही थी। वीआईपी के साथ 10-12 लोग गर्भगृह की देहरी के सामने खड़े हो रहे थे। इससे बैरिकेड्स से दर्शन करने वालों को दर्शन में परेशानी आ रही थी। इससे श्रद्धालुओं ने गुस्सा जाहिर किया। वीआईपी के अलावा पंडे-पुजारी भी खड़े हो रहे, इससे श्रद्धालुओं को महाकाल की एक झलक पाना मुश्किल रहा । शाम को एक वीआईपी करीब पांच मिनट तक गर्भगृह की देहरी पर भीड़ के साथ खड़े रहे। नंदी हॉल प्रभारी ने उन्हें हटाया। रात भर चलेगा महाभिषेक होगा पूजन अर्चन रात्रि 11 बजे से संपूर्ण रात्रि को श्री महाकालेश्वर का महाभिषेक व पूजन चलेगा। अभिषेक उपरांत भगवान को नवीन वस्त्र धारण कराए जाकर सप्तधान्य का मुखारविंद धारण कराया जाएगा। इसके बाद सप्तधान्य अर्पित किया जाएगा, जिसमें चावल, खडा मूंग, तिल, मसूर, गेहूं, जव, साल, खड़ा उडद सम्मिलित रहेंगे। श्री महाकालेश्वर मंदिर के पुजारियों द्वारा भगवान श्री महाकालेश्वर का श्रृंगार कर पुष्प मुकुट (सेहरा) बांधा जाएगा। भगवान श्री महाकालेश्वर को चंद्र मुकुट, छत्र, त्रिपुंड व अन्य आभूषणों से श्रृंगारित किया जाएगा। भगवान पर न्योछावर नेग स्वरूप चांदी का सिक्का व बिल्वपत्र अर्पित की जाएगी। श्री महाकालेश्वर भगवान की सेहरा आरती की जाएगी व भगवान को विभिन्न मिष्ठान्न, फल, पञ्च मेवा आदि का भोग अर्पित किए जाएंगे। लगभग प्रात 6 बजे सेहरा आरती होगी। शिव धारण करेंगे सवा मन का पुष्प मुकुट श्री महाकालेश्वर मंदिर में वर्ष में एक ही बार भगवान महाकाल को सवा मन का पुष्प मुकुट धारण कराया जाता है और साथ ही महाशिवरात्रि पर्व पर लगातार भगवान शिव के दर्शन दर्शनार्थियों के लिए 44 घंटे गर्भगृह के पट खुले रहते हैं। महाशिवरात्रि पर एक ऐसा अवसर आता है जिस पर श्री महाकालेश्वर भगवान के पट मंगल नहीं होते हैं। इस पर्व पर भगवान महाकाल सवा मन का फूलों से सजा मुकुट (सेहरा) धारण करते हैं। कल 12 बजे भस्मार्ती, 44 घंटे बाद बंद होंगे पट सेहरा दर्शन के उपरांत वर्ष में एक बार दिन में 12 बजे होने वाली भस्मार्ती होगी। भस्मार्ती के बाद भोग आरती होगी व शिवनवरात्रि का पारणा किया जाएगा। 27 फरवरी को सायं पूजन, सायं आरती व शयन आरती के बाद भगवान श्री महाकालेश्वर जी के पट मंगल होंगे।

मध्यप्रदेश में दबे पांव ‘पश्चिमी विक्षोभ’ की एंट्री, 27 जिलों में बारिश-वज्रपात अलर्ट, बढ़ेगा तापमान

भोपाल मध्‍य प्रदेश में मौसम में लगातार उतार-चढ़ाव जारी है। पिछले कुछ दिनों से दिन के तापमान में बढ़ोतरी हुई है। हालांकि रात में हल्‍की ठंड है। अब मार्च के पहले सप्ताह में मध्य प्रदेश के पश्चिम-उत्तरी हिस्से में हल्की बारिश होने के आसार है। मौसम विभाग का कहना है कि वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) के एक्टिव होने से ऐसा हो सकता है। इससे पहले 3 दिन तक दिन-रात का पारा 2 से 3 डिग्री बढ़ा रहेगा। जिससे गर्मी का अहसास होगा। 2 मार्च से असर दिखाएगा नया पश्चिमी विक्षोभ मौसम विभाग के अनुसार, 2 मार्च से नया पश्चिमी विक्षोभ पश्चिमोत्तर भारत में असर दिखा सकता है। फिलहाल एक पश्चिमी विक्षोभ हिमालय क्षेत्र में सक्रिय है। एक चक्रवातीय सिस्टम पश्चिमी राजस्थान व आसपास सक्रिय है। इसके प्रभाव से मप्र के 27 जिलों में बारिश होने की संभावना है। भोपाल, इंदौर, मंदसौर, नीमच, ग्वालियर, दतिया, भिंड, मुरैना और शिवपुरी जिलों में कहीं-कहीं बारिश और वज्रपात की संभावना है। इसके अलावा शेष जिलों का मौसम शुष्क बना रह सकता है। भिंड, मुरैना और श्योपुर जिले में भी बौछारें पड़ सकती हैं। मौसम विभाग के अनुसार, 2 मार्च से नया वेस्टर्न डिस्टरबेंस एक्टिव हो रहा है। जिसका असर प्रदेश में भी देखने को मिल सकता है। अभी साइक्लोनिक सर्कुलेशन का असर है। गुरुवार को दिन के तापमान में बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है। रात में भी पारा बढ़ सकता है। वहीं, 28 फरवरी को राजधानी भोपाल और इंदौर समेत कई शहर में दिन का पारा 2 से 3 डिग्री तक बढ़ सकता है। इधर, बुधवार को भोपाल में सुबह से बादल छाए रहे। वहीं, रीवा, सतना, पन्ना और मैहर जिलों में भी मौसम बदला रहा। बाकी शहरों में आसमान साफ रहा। जिससे दिन के पारे में बढ़ोतरी देखने को मिली। पिछले 5 दिन से प्रदेश में हल्की ठंड पड़ रही है। बुधवार रात पचमढ़ी में तापमान 6.8 डिग्री, शहडोल के कल्याणपुर में 8.7 डिग्री, शाजापुर के गिरवर में 9.6 डिग्री और मंडला में 10.2 डिग्री दर्ज किया गया। बड़े शहरों की बात करें तो भोपाल में 12.6 डिग्री, इंदौर में 17.6 डिग्री, ग्वालियर में 15.5 डिग्री, उज्जैन में 13.8 डिग्री और जबलपुर में पारा 11.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

सीएम योगी ने महाकुंभ के आयोजन का श्रेय पीएम मोदी को दिया, CM योगी ने सफाई कर्मियों संग किया संवाद

 प्रयागराज मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महाकुंभ के आयोजन को सफल बताते हुए। इसका श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को दिया और कहा कि इस महाआयोजन ने सकल विश्व को ‘सभी जन एक हैं’ का अमृत संदेश दिया है। सीएम योगी ने गुरुवार को प्रयागराज के अरैल घाट पर स्वच्छता अभियान कार्यक्रम में भाग लिया। इस दौरान उन्होंने घाट की साफ-सफाई की। उनके साथ उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक भी मौजूद रहे। सफाई अभियान में शामिल हुए CM योगी     मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सफाई कर्मियों संग संवाद किया।     अरैल घाट पर सफाई अभियान में भाग लेकर सफाई का संदेश दिया। प्रधानमंत्री मोदी के प्रति जताया आभार सीएम योगी ने एक्स पोस्ट कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार जताया और कहा:     “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का मार्गदर्शन प्रेरणादायी रहा।”     “महाकुंभ 2025 एकता, समता और समरसता का महायज्ञ साबित हुआ।”     “सुरक्षा, स्वच्छता और सुव्यवस्था के नए मानक स्थापित किए गए।”     “66 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं ने संगम में आस्था की डुबकी लगाई।” महाकुंभ 2025 का यह ऐतिहासिक आयोजन पूरी दुनिया के लिए भारत की आस्था, संस्कृति और व्यवस्थागत दक्षता का एक जीवंत प्रमाण बनकर सामने आया। सीएम योगी ने एक्स पर कहा कि आदरणीय प्रधानमंत्री जी, यह आपके यशस्वी मार्गदर्शन का ही सुफल है कि ‘एकता, समता, समरसता का महायज्ञ’ महाकुम्भ-2025, प्रयागराज भव्यता-दिव्यता के साथ सुरक्षा-स्वच्छता-सुव्यवस्था के नवीन मानक गढ़कर आज संपन्न हो गया है। विगत 45 पुण्य दिवसों में पूज्य साधु-संतों समेत 66 करोड़ से अधिक श्रद्धालु पावन त्रिवेणी में आस्था की डुबकी लगाकर कृतार्थ हुए हैं। सकल विश्व को ‘सभी जन एक हैं’ का अमृत संदेश देने वाला यह मानवता का महोत्सव ‘वसुधैव कुटुंबकम्’ के पुण्य भाव के साथ संपूर्ण विश्व को एकता के सूत्र में पिरो रहा है। आपका मार्गदर्शन एवं शुभेच्छाएं हम सभी को सदैव नई ऊर्जा प्रदान करती हैं, हार्दिक आभार प्रधानमंत्री जी! हर हर-गंगे, भगवान बेनी माधव की जय! 15000 सफाईकर्मियों ने दिया योगदान महाकुंभ अपनी स्वच्छता को लेकर भी चर्चा में रहा जिसमें स्वच्छता कर्मियों की अहम भूमिका रही। महाकुंभ मेले में स्वच्छता प्रभारी डाक्टर आनंद सिंह ने बताया कि पूरे मेले में 15,000 स्वच्छता कर्मी चौबीसों घंटे ड्यूटी पर तैनात रहे। कई पालियों में उन्होंने साफ सफाई की जिम्मेदारी बखूबी निभाई और मेले में शौचालयों और घाटों को पूरी तरह से साफ रखा। सभी ने उनके कार्यों की सराहना की। महाकुंभ मेले में मौनी अमावस्या पर हुई भगदड़ की घटना से इसकी छवि थोड़ी धूमिल हुई, लेकिन श्रद्धालुओं की आस्था पर इस घटना का कोई खास असर नहीं पड़ा और लोगों का आगमन अनवरत जारी रहा। भगदड़ में 30 लोगों की मृत्यु हो गई थी। बड़ी हस्तियों ने लगाई डुबकी महाकुंभ मेले में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से लेकर कई राज्यों के मुख्यमंत्रियों, फिल्मी सितारों और खेल जगत, उद्योग जगत की हस्तियों तक ने संगम में डुबकी लगाई और प्रदेश सरकार द्वारा की गई व्यवस्थाओं की सराहना की। इस महाकुंभ में नदियों के संगम के साथ ही प्राचीनता और आधुनिकता का भी संगम देखने को मिला जिसमें एआई से युक्त कैमरों, एंटी ड्रोन जैसी कई अत्याधुनिक प्रणालियों का उपयोग किया गया और मेला पुलिस को इन प्रणालियों का प्रशिक्षण दिया गया। हालांकि, यह मेला कई विवादों को लेकर भी चर्चा में रहा। जैसे, फिल्म अभिनेत्री ममता कुलकर्णी का महामंडलेश्वर बनना और उनको लेकर विवाद खड़ा होना। इसके अलावा, गंगा जल की शुद्धता को लेकर राष्ट्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (एनपीसीबी) की रिपोर्ट और फिर उस पर सरकार के हवाले से कई वैज्ञानिकों द्वारा गंगा जल की शुद्धता की पुष्टि करना भी चर्चा में रहा। यूपी में बनाया गया 76वां जिला हिंदुओं की मान्यता है कि ग्रह नक्षत्रों के विशेष संयोग से कुंभ और महाकुंभ में गंगा और संगम में स्नान करने से मोक्ष की प्राप्ति होती है। परमार्थ निकेतन आश्रम, ऋषिकेश के प्रमुख चिदानंद सरस्वती के अनुसार गुरुवार को ब्रह्म मुहूर्त शुरू होने के साथ मेला समाप्त हुआ। इस मेले के लिए एक नया जिला-महाकुंभ नगर अधिसूचित किया गया और मेला संचालन के लिए जिला मजिस्ट्रेट और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक समेत पुलिस और प्रशासन की नियुक्ति की गई। यह प्रदेश का 76वां अस्थायी जिला है। महाकुंभ मेले में सभी 13 अखाड़ों ने तीन प्रमुख पर्वों- मकर संक्रांति, मौनी अमावस्या और बसंत पंचमी पर अमृत स्नान किया। हालांकि, मौनी अमावस्या पर भगदड़ की घटना के बाद अखाड़ों का अमृत स्नान अधर में लटक गया था, लेकिन अंततः अखाड़ों के साधु संतों ने अमृत स्नान किया और बसंत पंचमी स्नान के साथ वे मेला से विदा हो गए। विपक्ष के आरोप मौनी अमावस्या को हुए हादसे को लेकर नेताओं ने सरकार पर निशाना साधना शुरू किया जिसमें पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने महाकुंभ को ‘मृत्युकुंभ’ करार दिया। हालांकि, सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने इसका तगड़ा जवाब दिया। वहीं, समाजवादी पार्टी (सपा) और कांग्रेस ने प्रदेश सरकार पर भगदड़ में मृतकों की संख्या छिपाने का आरोप लगाया। सपा समेत विपक्षी दलों ने श्रद्धालुओं की संख्या पर भी सवाल खड़ा किया, लेकिन सरकार ने 1,800 एआई कैमरों समेत 3,000 से अधिक कैमरों, ड्रोन और 60,000 कर्मचारियों के हवाले से श्रद्धालुओं की सही संख्या बताने की बात कही। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, ‘‘श्रद्धालुओं की संख्या का मिलान करने के लिए एआई कैमरों के साथ ही हम रोडवेज, रेलवे और हवाईअड्डे के अधिकारियों के साथ निरंतर संपर्क में रहे।’’ विदेशी हस्तियां भी हुईं शामिल महाकुंभ मेले में अग्निशमन विभाग ने आग की घटनाओं को रोकने में अहम भूमिका निभाई और आग लगने की सूचना मिलते ही तत्काल कार्रवाई किए जाने से जनहानि की एक भी सूचना नहीं आई। इसके अलावा, श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए 37,000 पुलिसकर्मी, 14,000 होमगार्ड के जवान तैनात रहे। इसके अलावा, तीन जल पुलिस थाने, 18 जल पुलिस कंट्रोल रूम और 50 ‘वाच टावर’ स्थापित किए गए थे। महाकुंभ में आने वाले अति विशिष्ट लोगों में भूटान नरेश जिग्मे खेसर नामग्याल वांगचुक, उद्योगपति मुकेश अंबानी और गौतम अडाणी, एप्पल के संस्थापक स्टीव जॉब्स की पत्नी लॉरेन पॉवेल, ब्रिटेन के रॉक बैंड कोल्डप्ले के क्रिस मार्टिन प्रमुख रूप से शामिल थे। 45 दिन में 10 बार महाकुंभ पहुंचे योगी सोशल मीडिया के चर्चित चेहरों में हर्षा रिछारिया, माला बेचने वाली युवती मोनालिसा भोसले और ‘आईआईटी बाबा’ के नाम … Read more

कार्तिकेय ने अपनी मंगेतर अमानत बंसल के साथ वाराणसी में प्री-वेडिंग शूट करवाया

 भोपाल मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के बड़े बेटे कार्तिकेय सिंह चौहान विवाह के बंधन में बधने वाले हैं. इससे पहले कार्तिकेय ने अपनी मंगेतर अमानत बंसल के साथ वाराणसी में प्री-वेडिंग शूट करवाया. प्री-वेडिंग शूट का वीडियो खुद अमानत के पिता अनुपम बंसल ने सोशल मीडिया पर शेयर किया है. कार्तिकेय सिंह चौहान का रिश्ता बिजनेसमैन अनुपम बंसल की बेटी अमानत बंसल से तय हुआ है. राजस्थान के रहने वाले अमानत बंसल के पिता अनुपम बंसल फेमस शूज कंपनी Liberty के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर हैं और मां रुचिता बंसल कन्फेडरेशन ऑफ विमन एंटरप्रेन्योर्स ऑफ इंडिया के हरियाणा चैप्टर की फाउंडर हैं. छोटे भाई, पिता, मंगेतर और मां के साथ कार्तिकेय चौहान. अमानत ने हाल ही में लंदन की ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी से साइकोलॉजी में M.Sc की पढ़ाई पूरी की है. बात करें कार्तिकेय की तो वह पिता की तरह ही राजनीति में सक्रिय हैं. बताया जाता है कि शिवराज सिंह के राजनीतिक उत्तराधिकारी भी हैं. वह अपने पिता के लिए 2013 से चुनाव प्रचार करते आ रहे हैं.   शिवराज के घर में शुरू हुईं विवाह की रस्में. शिवराज सिंह चौहान के परिवार में पत्नी साधना सिंह और 2 बेटे हैं. बड़े बेटे का नाम कार्तिकेय और छोटे बेटे का नाम कुणाल है. कुणाल राजनीति से दूर रहते हैं और विदिशा में मेसर्स सुंदर फूड्स एंड डेयरी का कामकाज देखते हैं. कुछ दिनों ही पहले ही कुणाल सिंह चौहान का विवाह समारोह संपन्न हुआ है. कुणाल का विवाह भोपाल के रहने वाले डॉक्टर इंद्रमल जैन की पोती रिद्धि जैन से हुआ है. रिद्धि के पिता का नाम संदीप जैन है. शिवराज सिंह चौहान 4 बार मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री रह चुके हैं. ‘मामा’ के नाम से मशहूर 65 वर्षीय नेता मोदी सरकार में कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री हैं. शिवराज सिंह 2005 से 2018 तक और फिर 2020 से 2023 तक MP के सबसे लंबे वक्त तक मुख्यमंत्री बने रहने का रिकॉर्ड बनाया था. इसके अलावा, वे 5 बार संसद सदस्य रहने के साथ-साथ भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष, संसदीय बोर्ड और बीजेपी के केंद्रीय चुनाव समिति के सदस्य भी रह चुके हैं. इस बार के विधानसभा चुनावों में पार्टी ने उनके नेतृत्व में जीत दर्ज की. हालांकि, इस बार उनकी जगह मोहन यादव को पार्टी ने MP का मुख्यमंत्री बनाया.     

फखर जमन को लेकर खबरें हैं कि वह वनडे फॉर्मेट से रिटायरमेंट लेने की प्लानिंग कर रहे, इन खबरों को झूठा बताते हुए तोड़ी चुप्पी

नई दिल्ली चोट के चलते चैंपियंस ट्रॉफी 2025 से बाहर हुए फखर जमन को लेकर खबरें हैं कि वह वनडे फॉर्मेट से रिटायरमेंट लेने की प्लानिंग कर रहे हैं। हालांकि इन खबरों को झूठा बताते हुए पाकिस्तान के ओपनर ने अपनी चुप्पी तोड़ी है। फखर जमन का चयन चैंपियंस ट्रॉफी के लिए पाकिस्तान के स्क्वॉड में हुआ था। न्यूजीलैंड के खिलाफ ओपनिंग मुकाबले में ही वह फील्डिंग करते समय चोटिल हो गए थे, हालांकि बाद में वह बैटिंग करने जरूर आए मगर वह आगे के मैचों के लिए फिटन हीं थे जिस वजह से उन्हें टूर्नामेंट से ही बाहर होना पड़ा। फखर जमन को पाकिस्तान के स्क्वॉड में इमाम उल हक ने रिप्लेस किया था। ईएसपीएनक्रिकइन्फो के अनुसार फखर जमन ने पीसीबी डिजिटल से बात करते हुए कहा, “मैंने इस बारे में संन्यास की अफवाहों बहुत सुना है और मेरे दोस्तों ने भी मुझे इसके बारे में मैसेज भेजे हैं, लेकिन इसमें कुछ भी सच नहीं है। वनडे फॉर्मेट मेरा पसंदीदा फॉर्मेट है। हां, मेरे थायरॉयड के कारण, मुझे इसमें वापस आने में अधिक समय लग सकता है। लेकिन मैं टी20, वनडे और यहां तक ​​कि टेस्ट भी फिर से खेलना चाहता हूं। जहां तक ​​मेरी वापसी का सवाल है, मैंने डॉक्टर से बात की है और मैं एक महीने के भीतर फिर से क्रिकेट खेलना शुरू कर सकता हूं।” फखर ने पिछले साल जून में अमेरिका और वेस्टइंडीज में हुए 2024 टी20 वर्ल्ड कप के बाद से कोई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट नहीं खेला था, जहां पाकिस्तान ग्रुप स्टेज में ही बाहर हो गया था। उन्होंने आखिरी बार 2023 वनडे वर्ल्ड कप में वनडे खेला था, वहां भी टीम नॉकआउट से पहले बाहर हो गई थी। चैंपियंस ट्रॉफी में भी टीम का रहा खराब प्रदर्शन मोहम्मद रिजवान की अगुवाई में पाकिस्तान क्रिकेट टीम का चैंपियंस ट्रॉफी में भी प्रदर्शन निराशाजनक रहा। ओपनिंग मुकाबले में मेजबान टीम को न्यूजीलैंड के हाथों हार का सामना करना पड़ा, इसके बाद दूसरे मुकाबले में भारत ने उन्हें धूल चटाई। लगातार दो मैच हारते ही पाकिस्तान चैंपियंस ट्रॉफी से बाहर हो गया है।

सचिन तेंदुलकर ने चैंपियंस ट्रॉफी में इंग्लैंड पर जीत के लिए अफगानिस्तान क्रिकेट टीम की प्रशंसा की

नई दिल्ली क्रिकेट के भगवान कहे जाने वाले पूर्व भारतीय बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर ने चैंपियंस ट्रॉफी में इंग्लैंड पर आठ रन की शानदार जीत के लिए अफगानिस्तान क्रिकेट टीम की प्रशंसा की। सचिन तेंदुलकर ने ये भी कहा कि अफगानिस्तान की इस जीत को अब उलटफेर नहीं कहा जा सकता। अफगानिस्तान ने वर्ल्ड कप 2023 में भी इंग्लैंड की टीम को मात दी थी। अफगानिस्तान ने बुधवार को लाहौर में पहले बल्लेबाजी करते हुए सलामी बल्लेबाज इब्राहिम जादरान की 146 गेंद में 177 रन की शानदार पारी की बदौलत सात विकेट पर 325 रन बनाए और फिर अजमतुल्लाह उमरजई (58 रन रर पांच विकेट) की धारदार गेंदबाजी से इंग्लैंड को 317 रन पर रोककर सेमीफाइनल में पहुंचने की अपनी उम्मीदों को जीवंत रखा। सचिन तेंदुलकर ने ‘एक्स’ पर लिखा, ‘‘अफगानिस्तान का अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में लगातार आगे बढ़ना प्रेरणादायक रहा है! आप अब उनकी जीत को उलटफेर नहीं कह सकते, उन्होंने इसे अब आदत बना लिया है। इब्राहिम जादरान के शानदार शतक और अजमतुल्लाह उमरजई के बेहतरीन पांच विकेट ने अफगानिस्तान के लिए एक और यादगार जीत सुनिश्चित की। बहुत बढ़िया खेली अफगानिस्तान की टीम!’’ अफगानिस्तान की प्रशंसा करते हुए भारत के पूर्व कोच रवि शास्त्री ने उपमहाद्वीप की परिस्थितियों में अच्छा प्रदर्शन करने में असमर्थता के लिए इंग्लैंड की आलोचना की। शास्त्री ने लिखा, ‘‘अफगानिस्तान। आप लोग कमाल करते हैं। कमाल कर दिया। इंग्लैंड के लिए। उपमहाद्वीप में खेलने को बिना किसी बहाने के गंभीरता से लें। केवल तभी आप एक ऐसी टीम के रूप में पहचाने जाएंगे जो दौरा करने में अच्छी है।’’ विश्व कप 2023 के दौरान अफगानिस्तान के साथ मेंटर (मार्गदर्शक) के रूप में काम करने वाले पूर्व भारतीय क्रिकेटर अजय जडेजा ने भी सोशल मीडिया पर टीम को बधाई दी। जडेजा ने लिखा, ‘‘अफगानिस्तान के प्रशंसक इस जीत के हकदार हैं, क्योंकि वे दुनिया भर में सबसे अधिक जुनूनी और विनम्र क्रिकेट प्रशंसक हैं।’’ पाकिस्तान के पूर्व तेज गेंदबाज शोएब अख्तर ने उम्मीद जताई कि अफगानिस्तान की टीम सेमीफाइनल से आगे जाएगी। इंग्लैंड के पूर्व कप्तान माइकल वॉन ने भी अफगानिस्तान के प्रदर्शन की प्रशंसा करते हुए कहा कि इंग्लैंड की टीम अपेक्षित प्रदर्शन नहीं कर पाई। वॉन ने लिखा, ‘‘अफगानिस्तान का शानदार प्रदर्शन.. पूरी तरह से जीत के हकदार.. इंग्लैंड ने पिछले कुछ वर्षों से सफेद गेंद से अच्छा क्रिकेट नहीं खेला है.. इन परिस्थितियों में यह परिणाम आश्चर्यजनक नहीं है।’’ अफगानिस्तान की टीम को सेमीफाइनल में प्रवेश करने के लिए अपने अंतिम मैच में ऑस्ट्रेलिया को मात देनी होगी। अगर टीम किसी भी अंतर से उस मैच को जीत जाती है तो आसानी से टॉप 4 में प्रवेश कर जाएगी। अगर अफगानिस्तान की टीम ऑस्ट्रेलिया को हराने में सक्षम नहीं होती है तो फिर टीम का आगे का सफर तय करना असंभव होगा, क्योंकि सिर्फ दो ही पॉइंट अभी अफगानिस्तान के खाते में हैं। पहले मैच में उनको साउथ अफ्रीका से हार मिली थी।

रायगढ़ : कच्चे माल, उत्पाद और अपशिष्ट परिवहन के दौरान पर्यावरणीय सुरक्षा नियमों का उल्लंघन करने पर प्रशासन ने सख्त कार्रवाई

रायपुर रायगढ़ जिले में कच्चे माल, उत्पाद और अपशिष्ट परिवहन के दौरान पर्यावरणीय सुरक्षा नियमों का उल्लंघन करने पर प्रशासन ने सख्त कार्रवाई की है। कलेक्टर कार्तिकेया गोयल के निर्देश पर गठित संयुक्त जांच दल द्वारा बीते सप्ताह की गई निरीक्षण कार्रवाई में 14 उद्योगों पर कुल 10.51 लाख रुपये का पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति शुल्क अधिरोपित किया गया है। क्षेत्रीय पर्यावरण अधिकारी अंकुर साहू ने बताया कि 15 से 21 फरवरी 2025 के दौरान गठित जिला स्तरीय जांच कमेटी ने चंद्रपुर, कोडातराई, हमीरपुर, ढिमरापुर, तमनार, घरघोड़ा और पलगढ़ा सहित विभिन्न क्षेत्रों में कच्चे माल, उत्पाद और अपशिष्ट परिवहन करने वाले वाहनों की सघन जांच की। इस दौरान कई वाहन बिना तारपोलिन कवर के खुले में कच्चा माल परिवहन करते पाए गए, जिससे पर्यावरणीय प्रदूषण फैलने की आशंका बढ़ गई। इसके अलावा, कुछ वाहनों में 5 सेमी. फ्री बोर्ड स्पेस का अभाव था, जिससे सामग्री गिरने का खतरा था। कई वाहनों पर संबंधित नोडल अधिकारी का नाम अंकित नहीं था, जो नियमों का स्पष्ट उल्लंघन है।

राजिम कुंभ छत्तीसगढ़ की संस्कृति, परंपरा और सामाजिक समरसता का महापर्व : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने छत्तीसगढ़ के प्रयागराज कहे जाने वाले राजिम में आयोजित कुंभ कल्प के समापन समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि राजिम  कुंभ कल्प आध्यात्मिक चेतना, सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक एकता का प्रतीक है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राजिम कुंभ कल्प का आयोजन केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की संस्कृति, परंपरा और सामाजिक समरसता का महापर्व है। यहाँ माघ पूर्णिमा से लेकर महाशिवरात्रि तक हजारों श्रद्धालु संगम में पुण्य स्नान करते हैं और संत महात्माओं का आशीर्वाद प्राप्त करते हैं। उन्होंने कहा कि राजिम कुंभ कल्प को भव्यता प्रदान करने के लिए प्रदेश सरकार ने हर संभव प्रयास किए हैं। इस आयोजन से राज्य की धार्मिक और सांस्कृतिक धरोहर को नई पहचान मिल रही है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि  हमारी सरकार ने राजिम कुंभ कल्प की भव्यता को पुनः स्थापित किया है और इसे और भी भव्य स्वरूप देने के लिए संकल्पबद्ध है। मुख्यमंत्री साय ने अपने संबोधन में कहा कि वर्ष 2005 में राजिम कुंभ कल्प की शुरुआत हुई थी, जिसे छत्तीसगढ़ की जनता का आशीर्वाद और संतों का सान्निध्य निरंतर मिलता रहा है। उन्होंने उल्लेख किया कि पिछले कुछ वर्षों में इस आयोजन में कुछ बाधाएँ आई थीं, लेकिन छत्तीसगढ़ की जनता ने 2023 में पुनः आशीर्वाद देकर सरकार को सशक्त बनाया, जिससे यह महाकुंभ अपने परंपरागत स्वरूप में लौटा। उन्होंने कहा कि अब 54 एकड़ भूमि में इस मेले का आयोजन किया जा रहा है, जिससे इसकी भव्यता और व्यवस्थाओं में विस्तार हुआ है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार इस आयोजन को और अधिक सुसंगठित और भव्य बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है। श्रीरामलला दर्शन योजना – श्रद्धालुओं के लिए ऐतिहासिक पहल मुख्यमंत्री साय ने कहा कि भगवान श्रीराम के ननिहाल में बसे रामभक्तों की श्रद्धा को ध्यान में रखते हुए सरकार ने ‘अयोध्या धाम श्रीरामलला दर्शन योजना’ शुरू की है। इस योजना के अंतर्गत अब तक 20,000 से अधिक श्रद्धालु अयोध्या धाम और काशी विश्वनाथ के दर्शन कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि पाँच सौ वर्षों के संघर्ष के बाद अयोध्या में श्रीरामलला की प्राण प्रतिष्ठा हुई। यह हम सबके लिए गौरव का क्षण है। छत्तीसगढ़ की कृषि समृद्धि – किसानों को सशक्त बना रही सरकार मुख्यमंत्री साय ने कहा  कि छत्तीसगढ़ में कृषि क्षेत्र में निरंतर प्रगति हो रही है। पिछले वर्ष 145 लाख मीट्रिक टन धान खरीदी की गई थी, जबकि इस वर्ष 149 लाख मीट्रिक टन से अधिक धान खरीदा गया है। सरकार ने 3100 रुपये प्रति क्विंटल के भाव से 21 क्विंटल प्रति एकड़ धान खरीदने का वादा किया था, जिसे पूरा किया गया है। किसानों को उनकी फसल का अंतर भुगतान एक सप्ताह के भीतर सीधे खातों में जमा कराया गया है। मुख्यमंत्री साय ने बताया कि हाल ही में प्रयागराज महाकुंभ में 144 वर्षों बाद 70 करोड़ श्रद्धालुओं ने स्नान किया, जो भारत की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक शक्ति को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ भी अपने आध्यात्मिक आयोजन को इसी स्तर पर पहुँचाने के लिए निरंतर प्रयास करेगा। मुख्यमंत्री ने कहा  कि उत्तर प्रदेश सरकार से समन्वय कर छत्तीसगढ़ को प्रयागराज में साढ़े चार एकड़ भूमि प्राप्त हुई, जहाँ छत्तीसगढ़ पवेलियन का निर्माण किया गया। इस पहल के तहत 25,000 से अधिक श्रद्धालुओं को वहाँ भोजन, आवास और आध्यात्मिक सेवाएँ निशुल्क प्रदान की गईं। उन्होंने कहा कि यह प्रयास छत्तीसगढ़ की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान को राष्ट्रीय स्तर पर सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। संस्कृति और लोककला को बढ़ावा देने के लिए प्रयास मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राजिम कुंभ कल्प में राष्ट्रीय और आंचलिक कलाकारों की प्रस्तुतियों ने इस आयोजन को और भी भव्य बनाया। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राजिम कुंभ कल्प मेला-स्थल को और अधिक सुविधाजनक और व्यवस्थित बनाया जा रहा है। सरकार आने वाले वर्षों में मेला क्षेत्र के विस्तार और बुनियादी ढांचे के विकास पर विशेष ध्यान देगी। उन्होंने कहा कि राजिम कुंभ कल्प हमारी आस्था, संस्कृति और सामाजिक समरसता का पर्व है। यह आयोजन हमें अपनी जड़ों से जोड़ता है और हमारी सनातन संस्कृति को जीवंत बनाए रखता है। इस अवसर पर खाद्य मंत्री दयालदास बघेल ने अपने उद्बोधन में कहा कि राजिम कुंभ हमारी सांस्कृतिक धरोहर है, जिसका संरक्षण और विकास आवश्यक है। वन मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि हम सभी को इस पावन अवसर पर संकल्प करना चाहिए कि जलस्रोतों और पावन नदियों के प्रति श्रद्धाभाव रखते हुए जलस्रोतों को प्रदूषण से बचाएं। इस अवसर पर कुरूद विधायक अजय चंद्राकर, राजिम विधायक रोहित साहू, बसना विधायक संपत अग्रवाल, अभनपुर विधायक इंद्र कुमार साहू, पूर्व सांसद चंदूलाल साहू, रामप्रताप सिंह, धर्मस्व विभाग के अपर मुख्य सचिव सुब्रत साहू, रायपुर आयुक्त महादेव कावरे, छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के एमडी विवेक आचार्य, गरियाबंद कलेक्टर दीपक कुमार अग्रवाल सहित बड़ी संख्या में साधु संत गण एवं श्रद्धालुजन उपस्थित थे।

अफगानिस्तान-इंग्लैंड ने की रनों की बरसात, मिलकर ठोके 642 रन, 8 रन से मिली हार और बने ये रिकॉर्ड्स

नई दिल्ली चैंपियंस ट्रॉफी 2025 का सबसे बड़ा उलटफेर फैंस को बुधवार, 26 फरवरी की रात देखने को मिला जब अफगानिस्तान ने इंग्लैंड को पटखनी दी। टूर्नामेंट के 8वें मुकाबले को अफगानिस्तान ने ना सिर्फ 8 रनों सी जीता बल्कि इंग्लिश टीम को बाहर का रास्ता भी दिखाया। इस मुकाबले के दौरान कई रिकॉर्ड बने और दोनों टीमों ने मिलकर बल्ले से ऐसी धूम मचाई। अफगानिस्तान ने पहले बैटिंग करते हुए निर्धारित 50 ओवर में 7 विकेट के नुकसान पर 325 रन बोर्ड पर लगाए थे, जिसके जवाब में इंग्लैंड की टीम 8 रन ही पीछे रह गई थी। इंग्लिश टीम 49.5 ओवर में 317 रन पर ही सिमट गई थी। अफगानिस्तान और इंग्लैंड के बल्लेबाजों ने इस मुकाबले में धूम मचाई। दोनों टीमों ने मिलकर कुल 642 रन बोर्ड पर लगाए और भारत का एक रिकॉर्ड तोड़ा। चैंपियंस ट्रॉफी में भारत और साउथ अफ्रीका ने 2013 चैंपियंस ट्रॉफी में मिलकर 636 रन बनाए थे। बता दें, चैंपियंस ट्रॉफी में एक ही मैच में दोनों टीमों द्वारा बनाया गया हाईएस्ट स्कोर भी इसी संस्करण में बना था जब इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया दोनों ने 350 रन आंकड़ा पार किया था। तब दोनों टीमों ने मिलकर 707 रन बनाए थो जो एक वर्ल्ड रिकॉर्ड है। 707 इंग्लैंड (351/8) वर्सेस ऑस्ट्रेलिया (356/5) लाहौर 2025 643 भारत (321/6) वर्सेस श्रीलंका (322/3) द ओवल 2017 642 अफगानिस्तान (325/7) वर्सेस इंग्लैंड (317) लाहौर 2025 636 भारत (331/7) वर्सेस साउथ अफ्रीका (305) कार्डिफ 2013 चैंपियंस ट्रॉफी की दूसरी सबसे छोटी जीत अफगानिस्तान की 8 रनों की जीत चैंपियंस ट्रॉफी के इतिहास की दूसरी सबसे छोटी जीत है। इस लिस्ट में पहले पायदान पर भारत है। टीम इंडिया 2013 के फाइनल में इंग्लैंड को मात्र 5 रनों से हराया था। 5 रन- भारत बनाम इंग्लैंड एजबेस्टन 2013 8 रन- अफगानिस्तान बनाम इंग्लैंड लाहौर 2025 10 रन- भारत बनाम दक्षिण अफ्रीका कोलंबो आरपीएस 2002 10 रन- वेस्टइंडीज बनाम ऑस्ट्रेलिया मुंबई बीएस 2006 10 रन- इंग्लैंड बनाम न्यूजीलैंड कार्डिफ 2013

UNHRC की बैठक में भारत ने पाकिस्तान की खोल दी पोल

जिनेवा भारत ने स्विट्जरलैंड के जिनेवा में संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद (UNHRC) की बैठक में पाकिस्तान को जमकर फटकार लगाई. पाकिस्तान की ओर से यूएन में एक बार फिर कश्मीर का मुद्दा उठाए जाने पर भारत ने आईना भी दिखाया. संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद के 58वें सत्र की सातवीं बैठक में भारत के प्रतिनिधि क्षितिज त्यागी ने कहा कि भारत, पाकिस्तान की ओर से किए गए निराधार और दुर्भावनापूर्ण संदर्भों का जवाब देने के लिए अपने अधिकार का प्रयोग कर रहा है. यह देखना दुखद है कि पाकिस्तान के तथाकथित नेता और प्रतिनिधि कश्मीर को लेकर झूठ धड़ल्ले से फैला रहे हैं. पाकिस्तान अंतर्राष्ट्रीय नियमों का मखौल उड़ा रहा है. जम्मू एवं कश्मीर और लद्दाख हमेशा भारत का अभिन्न और अविभाज्य अंग बना रहेगा. उन्होंने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में जम्मू कश्मीर में हुई अभूतपूर्व राजनीतिक, सामाजिक और आर्थिक प्रगति अपने आप में बहुत कुछ कहती है. ये सफलताएं सरकार की उस प्रतिबद्धता में लोगों के विश्वास का प्रमाण हैं जो दशकों से पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद से प्रभावित क्षेत्र में हालात सामान्य करने में जुटी है. उन्होंने कहा कि एक ऐसे देश (पाकिस्तान) के रूप में जहां मानवाधिकारों का हनन, अल्पसंख्यकों का उत्पीड़न और लोकतांत्रिक मूल्यों का पतन उसकी नीतियों का हिस्सा है और जो धड़ल्ले से संयुक्त राष्ट्र द्वारा प्रतिबंधित आतंकवादियों को पनाह देता है, ऐसे में वह किसी को भी उपदेश देने की स्थिति में नहीं है. इसकी बयानबाजी से पाखंड और शासन में अक्षमता की बू आती है. इन्हें भारत पर ध्यान देने के बजाए पाकिस्तान को अपने लोगों पर ध्यान देने की जरूरत है. यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि इस परिषद का समय एक असफल राष्ट्र द्वारा बर्बाद किया जा रहा है जो खुद अस्थिरता से जूझ रहा है. जबकि भारत का ध्यान लोकतंत्र, विकास और अपने लोगों का सम्मान सुनिश्चित करने पर है. ये ऐसे मूल्य हैं, जिनसे पाकिस्तान को कुछ सीखना चाहिए. बता दें कि संयुक्त राष्ट्र में पाकिस्तान सरकार के प्रतिनिधि आजम नजीर तरार ने कहा था कि कश्मीर में मानवाधिकारों का उल्लंघन हो रहा है जो संयुक्त राष्ट्र के चार्टर और अंतर्राष्ट्रीय कानून का उल्लंघन है.  

यूनियन कार्बाइड कचरा जलाने के मामले में, हाईकोर्ट के निर्देश पर ट्रायल शुरू

भोपाल  पीथमपुर में ही यूका का कचरा जलाया जाएगा। सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में दखल देने से इनकार कर दिया है। हाईकोर्ट के फैसले के बाद विशेषज्ञों की निगरानी में यूका का कचरा पीथमपुर में जलाने का फैसला लिया गया था। इसे लेकर विरोध हो रहा था। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट में रोक लगाने की मांग को लेकर याचिका लगाई गई थी। सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को स्पष्ट किया कि वह यूनियन कार्बाइड प्लांट में कचरे के निपटान से संबंधित मामले में हस्तक्षेप नहीं करेगा, क्योंकि इस मामले की निगरानी पहले से ही मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय कर रहा है। याचिका खारिज मामले में जस्टिस बी. आर. गवई और ऑगस्टीन जॉर्ज मसीह ने सुनवाई की है। साथ ही याचिका खारिज हो गई है। इस पूरे मामले को अब एमपी हाईकोर्ट ही देखेगी। हाईकोर्ट के निर्देश के बाद पीथमपुर के इंडस्ट्रियल एरिया में गुरुवार से कचरा को जलाए जाना था। सुप्रीम राहत मिलने के बाद कंपनी अब इस दिशा में आगे बढ़ेगी। दरअसल, यूका कचरा को लेकर स्थानीय लोगों का कहना है कि इससे उन पर असर पड़ेगा। इसे लेकर स्थानीय लेवल पर विरोध प्रदर्शन भी हुआ था। हालांकि कंपनी और सरकार का कहना था कि इससे कोई नुकसान है। सभी प्रक्रियाओं का पालन किया जा रहा है। एक्सपर्ट की अनुमति के बाद ही यह फैसला लिया गया है। कंपनी ने भी कहा कि हमारे सारे कर्मचारी वहीं रह रहे हैं। उन्हें कोई नुकसान नहीं है। ये है हाईकोर्ट का आदेश मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने भोपाल गैस त्रासदी के जहरीले कचरे के निपटान के लिए ट्रायल रन को मंजूरी दे दी है। इसमें 30 मीट्रिक टन कचरा जलाया जाएगा। यह काम तीन चरणों में होगा। पहले चरण में 135 किलो कचरा प्रति घंटा जलाया जाएगा। दूसरे में 180 किलो और तीसरे में 270 किलो प्रति घंटा कचरा जलाया जाएगा। मुख्य न्यायाधीश सुरेश कुमार कैत और न्यायमूर्ति विवेक जैन की खंडपीठ ने इस मामले की सुनवाई की थी।

चैंपियंस ट्रॉफी 2025 में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले खिलाड़ी, इब्राहिम जादरान ने लगाई लंबी छलांग

नई दिल्ली चैंपियंस ट्रॉफी 2025 लीग स्टेज के 12 में से 8 मुकाबले खेले जा चुके हैं और हर मुकाबले के बाद लगातार सबसे ज्यादा रन और सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले खिलाड़ियों की लिस्ट में बदलाव हो रहे हैं। अफगानिस्तान और इंग्लैंड के बीच खेले गए टूर्नामेंट के 8वें मुकाबले के बाद भी इस लिस्ट में कई बदलाव देखे गए। अफगानिस्तान की ओर से इब्राहिम जादरान ने तो इंग्लैंड के लिए जो रूट ने शतक ठोका। इन शतकों के दम पर यह दोनों बल्लेबाज टॉप-5 में अपनी जगह बनाने में कामयाब रहे हैं। बता दें, इस लिस्ट में एक भारतीय भी मौजूद हैं। चैंपियंस ट्रॉफी 2025 में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले टॉप-5 बल्लेबाजों की करें तो इस लिस्ट में इंग्लैंड के बैन डेकट 203 रनों के साथ पहले पायदान पर हैं। उनके अलावा अभी तक किसी बल्लेबाज ने 200 रन का आंकड़ा नहीं छूआ है। डकेट का औसत फिलहाल इस टूर्नामेंट में 101.50 का है। वहीं इंग्लैंड के खिलाफ 177 रनों की धुआंधार पारी खेलने वाले इब्राहिम जादरान कुल 194 रनों के साथ लिस्ट में दूसरे पायदान पर पहुंच गए हैं और जो रूट 188 रनों के साथ तीसरे पायदान पर हैं। टॉप-5 में इनके अलावा न्यूजीलैंड के टॉम लैथम और भारत के शुभमन गिल हैं। चैंपियंस ट्रॉफी 2025 में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज- प्लेयर           इनिंग    रन    औसत    स्ट्राइक रेट बेन डकेट             2        203    101.5    107.98 जादरान             2      194    97    110.86 जो रूट            2      188    94    99.47 टॉम लैथम    2      173    173    96.11 शुभमन गिल    2      147    147    81.22 बात चैंपियंस ट्रॉफी 2025 में सबसे ज्यादा विकेट चटकाने वाले गेंदबाजों की करें तो, अफगानिस्तान के अजमतुल्लाह उमरजई ने इंग्लैंड के खिलाफ पंजा खोल बाजी मार ली है। वह अब इस लिस्ट में कुल 6 विकेट के साथ पहले पायदान पर पहुंच गए हैं। टॉप-5 गेंदों में अजमतुल्लाह उमरजई के अलावा दो न्यूजीलैंड के तो दो भारतीय गेंदबाज हैं। चैंपियंस ट्रॉफी 2025 में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज- प्लेयर                        इनिंग    विकेट    औसत अजमतुल्लाह उमरजई    2    6    16.17 माइकल ब्रेसवेल           2    5    12.8 विलियम ओ’रूर्के           2    5    19 मोहम्मद शमी                   2    5    19.2 हर्षित राणा                   2    4    15.25

मुख्यमंत्री डॉ. यादव और केंद्रीय मंत्री शेखावत ने विक्रमोत्सव एवं विक्रम व्यापार मेले का किया शुभारंभ

उज्जैन मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने महाशिवरात्रि के महापर्व पर राजाधिराज भगवान महाकाल को दंडवत प्रणाम करते हुए कहा कि उज्जैन के आदर्श नायक सम्राट विक्रमादित्य के सुशासन की तरह प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत वर्ष अपने अमृत काल में प्रवेश कर रहा है। भारत की धरती के महानायक और स्वतंत्रता संग्राम सेनानी वीर दुर्गादास राठौर को भी उन्होंने प्रणाम किया। उन्होंने कहा कि हमारी धरती वीरों की धरती है। उज्जयिनी का हमेशा देश के नायकों में विशिष्ट स्थान रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यह बात दशहरा मैदान, उज्जैन में विक्रमोत्सव-2025 के शुभारंभ अवसर पर कही।  मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सम्राट विक्रमादित्य आदर्श व्यवस्था के पर्याय हैं। जब-जब सुशासन, धर्म, न्याय और कर्म की बात होती है, सम्राट विक्रमादित्य को स्मरण किया जाता है। अदम्य वीरता के साथ ही साथ महाराजा विक्रमादित्य अपने श्रेष्ठ शासन-प्रशासन के लिए विख्यात रहे हैं। महाराजा विक्रमादित्य ने अपनी संगठन शक्ति और शौर्य से विदेशी बर्बर आक्रान्ताओं जैसे शक, हूण, कुषाण अक्रांताओं को पराजित कर उनका समूल नाश किया। सम्राट विक्रमादित्य ने भारत वर्ष में विक्रम संवत की शुरूआत की और भारतीय काल गणना को विश्व स्तर पर प्रतिष्ठित किया।   मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हम भारतवंशी, विगत 2081 वर्षों से निरंतर विक्रम सम्वत् को अपनाए हुए हैं। सम्राट विक्रमादित्य और उनके नाम से चल रहे विक्रम संवत् की जैसी लोक ख्याति है, वैसी किसी दूसरे राजा या सम्वत्सर की नहीं है। सम्राट विक्रमादित्य की नवरत्न परंपरा आज तक हमारी स्मृतियों में है। कालिदास, वराहमिहिर, शंकु, क्षपणक, अमर सिंह, वररुचि, धनवंतरि, वेताल भट्ट, घटखर्पर जैसे श्रेष्ठ साहित्यकार, वैज्ञानिक और योद्धाओं के सहयोग और परामर्श से उन्होंने भारत की श्रेष्ठतम न्याय प्रणाली की स्थापना की। विक्रमादित्य हमारे लोकसिद्ध, कालसिद्ध जननायक हैं। ऐसे सम्राट जिनका नाम पदनाम बन गया। ऐसे नायक जिनकी गाथा विक्रम चरित्र, कालक-कथा, सिंहासन बत्तीसी, प्रबंध चिंतामणि जैसे ग्रंथों में मिलती है। देश के अनेक स्थानों पर सम्राट विक्रमादित्य ने मंदिरों का निर्माण और पुनर्निर्माण करवाया था।   मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सम्राट विक्रमादित्य ने शासन, प्रशासन, न्याय, अध्यात्म और कर्म प्रधानता के जो ऊंचे मापदंड स्थापित किए हैं, हमारे प्रधानमंत्री मोदी भी उसी मार्ग का अनुसरण कर रहे हैं। महाकाल महालोक, काशी विश्वनाथ का कारिडोर, केदारनाथ के साथ 500 वर्षों की प्रतीक्षा के बाद भगवान रामलला का उनके मंदिर में विराजित होना, प्रधानमंत्री मोदी के काल में ही संभव हो सका। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वर्ष-2028 में कुम्भ का आयोजन उज्जैन में होना है, हम वृहद स्तर पर सिंहस्थ-2028 की तैयारियों में अभी से जुट गए हैं। सिंहस्थ-2028 की तैयारी में जुटी मध्यप्रदेश सरकार भी दुनिया को प्रयागराज की तरह ही भव्यता और दिव्यता का अनुभव दे पाएं, ये सुनिश्चित करने के लिए हमने टास्क फोर्स का गठन किया है। सिंहस्थ-2028 की कार्य योजना के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2024-25 में 500 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। हमने संकल्प लिया है कि सिंहस्थ में श्रद्धालु माँ क्षिप्रा के जल से ही स्नान करें। बाबा महाकाल के आशीर्वाद से सेवरखेड़ी-सिलारखेड़ी और कान्ह क्लोज डक्ट परियोजनाओं से यह संकल्प पूरा होने जा रहा है। यह उज्जैन के इतिहास में अविस्मरणीय होगा। सेवरखेड़ी-सिलारखेड़ी परियोजना के अंतर्गत वर्षा ऋतु में क्षिप्रा नदी के जल को सिलारखेड़ी जलाशय में एकत्र किया जाएगा और फिर आवश्यकतानुसार इसे वापस क्षिप्रा नदी में प्रवाहित किया जाएगा। इससे क्षिप्रा नदी निरंतर प्रवाहित होगी। क्षिप्रा शुद्धिकरण का संकल्प पूरा करने के उद्देश्य से कान्ह क्लोज डक्ट परियोजना का कार्य चल रहा है। ये सभी परियोजनाएं क्षिप्रा नदी के जल प्रबंधन के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। इनसे नदी के जल स्तर को बनाए रखने और उसे प्रदूषण से बचाने में मदद मिलेगी। इन प्रयासों से श्रद्धालु माँ क्षिप्रा में ही आस्था की डुबकी लगाएंगे।   मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सिंहस्थ-2028 के लिए तेजी से नई अधोसंरचनाएं विकसित की जा रही हैं। हाल ही मे उज्जैन में अशोक पुल का लोकार्पण किया गया है। 778 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से क्षिप्रा नदी के तट पर 29 किमी लंबे घाटों का निर्माण करवाया जा रहा है। इंदौर और उज्जैन के मध्य मेट्रो रेल भी चलाई जाएगी। बाबा महाकाल की धरती को नमन : केन्द्रीय मंत्री शेखावत केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा कि पद्मआनंद मणि, महाशिवरात्रि एवं विक्रम महोत्सव के शुभारंभ के अवसर पर बाबा महाकाल के चरणों में नमन। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में भोपाल में ग्लोबल इन्वेस्टर समिट-2025 का सफलतापूर्वक आयोजित किया गया। महाकाल भगवान की उज्जैन की यह धरती ने अनादिकाल से भारत और संस्कृति को नए आयाम दिया है। उन्होंने कहा कि वे इस धरती को नमन करते हुए अभिभूत हैं। जिम्बाब्वे के उप मंत्री को किया सम्मानित मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विक्रमोत्सव-2025 में पधारे जिम्बाब्वे के उद्योग एवं कॉमर्स उप मंत्री एम.के. मोदी का सम्मान किया। जिम्बाब्वे के उप मंत्री मोदी ने कहा कि इस धरती पर आकर में धन्य हो गया। यहां मिले प्यार और सम्मान पाकर अभिभूत हूँ। भारत की धरा के संस्कार महान है। विक्रमोत्सव-2025 की शुरुआत दीप प्रज्ज्वलित कर की गई। इस अवसर पर विक्रम व्यापार मेला का भी शुभारंभ किया गया। शुभारंभ अवसर पर गायक हंसराज रघुवंशी द्वारा भजनों की प्रस्तुति दी गई। हंसराज रघुवंशी एक प्रख्यात भारतीय भजन गायक, लेखक और संगीतकार हैं, जिन्हें विशेष रूप से भगवान शिव के भजनों के लिए जाना जाता है। पद्मसे सम्मानित आनंदन शिवमणि द्वारा भी कार्यक्रम में सांगीतिक प्रस्तुति दी गई। प्रदेश के सभी प्रमुख 51 महाशिवरात्रि मेलों समारोह, सिंहस्थ-2028 की रूपरेखा का लोकार्पण भी किया गया, साथ ही सायंकालीन सांस्कृतिक कार्यक्रम में शिवोsम-अनहद, शिवादल, भोपाल ने भी प्रस्तुति दी। इसी क्रम में विक्रम व्यापार मेला, वस्त्रोद्योग, हाथकरघा उपकरणों की प्रदर्शनी आदि शिल्प अंतर्गत जनजातीय शिल्प, पारम्परिक व्यंजन एवं जनजातीय परंपरागत चिकित्सा शिविर का भी आयोजन हुआ। कार्यक्रम में विधायक अनिल जैन कालूहेड़ा, महापौर मुकेश टटवाल, नगर निगम सभापति श्रीमती कलावती यादव, संजय अग्रवाल, राजेश कुशवाह, राजेश सोलंकी, राजेंद्र भारती,श्रीराम तिवारी आदि उपस्थित रहे।  

सड़क मार्ग से परीक्षा सामग्री की सुरक्षित आपूर्ति सिर्फ एक प्रशासनिक सफलता नहीं, बल्कि यह बस्तर में बढ़ती सुरक्षा और शांति की झलक

रायपुर छत्तीसगढ़ के बस्तर अंचल में नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में शांति स्थापना और सुरक्षा व्यवस्था की मजबूती का एक और सकारात्मक पहलू देखने को मिला है। जहां पहले नक्सली खतरे के कारण जगरगुंडा जैसे अति संवेदनशील परीक्षा केंद्रों में हेलीकॉप्टर के माध्यम से बोर्ड परीक्षा की गोपनीय सामग्री भेजी जाती थी, वहीं इस बार पहली बार सड़क मार्ग से यह सामग्री सुरक्षित रूप से पहुँचाई गई। सड़क मार्ग से परीक्षा सामग्री की सुरक्षित आपूर्ति सिर्फ एक प्रशासनिक सफलता नहीं, बल्कि यह बस्तर में बढ़ती सुरक्षा और शांति की झलक है। यह सिर्फ परीक्षा सामग्री पहुँचने की बात नहीं, बल्कि बस्तर अंचल में सुरक्षा और विश्वास की एक नई सुबह की दस्तक है।     छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा मार्च के पहले सप्ताह से आयोजित होने वाली बोर्ड परीक्षाओं के लिए 18 परीक्षा केंद्रों में गोपनीय सामग्री भेजी गई। इनमें से 15 केंद्र संवेदनशील और 3 अति संवेदनशील घोषित किए गए थे। बावजूद इसके, प्रशासनिक स्तर पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर इतने आत्मविश्वास और नियंत्रण की स्थिति बनी कि पहली बार जगरगुंडा तक सड़क मार्ग से परीक्षा सामग्री भेजी गई। बस्तर के सुदूर इलाकों में वर्षों तक नक्सली गतिविधियाँ बड़ी चुनौती बनी रहीं। लेकिन शासन-प्रशासन और सुरक्षा बलों के सतत प्रयासों से अब हालात तेजी से बदल रहे हैं। पहले जहाँ नक्सली खतरे के चलते जगरगुंडा में हवाई मार्ग से ही आवश्यक सामग्रियाँ भेजनी पड़ती थीं, वहीं अब सड़क मार्ग से सामग्री का सुरक्षित पहुँचाना इस बात का प्रमाण है कि इलाके में कानून व्यवस्था सुदृढ़ हो रही है। पुलिस और प्रशासन के संयुक्त प्रयासों से सड़कों का विस्तार, सुरक्षा बलों की तैनाती और विकास कार्यों के चलते बस्तर अब नई राह पर आगे बढ़ रहा है। सभी 18 परीक्षा केंद्रों के लिए परीक्षा सामग्री निकटतम पुलिस थानों और चौकियों में सुरक्षित रखी गई है, जिससे परीक्षाओं को सुचारू रूप से संपन्न कराया जा सके। इस वर्ष हाई स्कूल पाकेला और हाई स्कूल तालनार को दो नए परीक्षा केंद्र के रूप में शामिल किया गया है। इस पूरे अभियान के दौरान माध्यमिक शिक्षा मंडल रायपुर से आए अधिकारियों मोहम्मद फिरोज, नारायण नेताम, जिला शिक्षा अधिकारी जी आर मंडावी, समन्वयक केंद्र प्राचार्य पी. अनिल कुमार समेत अन्य प्रशासनिक अधिकारी और केंद्राध्यक्ष उपस्थित रहे।

निर्माण कार्य अपूर्ण, राशि का आहरण कर दिया भुगतान , जानकारी मांगने पर गोल, मोल जवाब दे रहा ग्राम पंचायत सचिव ।

Construction work is incomplete, amount has been withdrawn and paid, on asking for information the village panchayat secretary is giving evasive answers. हरिप्रसाद गोहेआमला। ग्रामों में युवा उभरती प्रतिभाओं के खेलों को निखारने एवं उनके खेलों को प्रोत्साहन देने क्षेत्र के जन प्रतिनिधि प्रतिबद्ध है। समय समय पर खिलाड़ियों की मांग अनुसार खेल मैदान विस्तार के लिए निधि से राशि भी स्वीकृत की जा रही है। जनप्रतिनिधियो की मंशा है की अंचल के ग्रामों से खिलाड़ी निकलकर आमला एवं देश प्रदेश का नाम रोशन कर सके लेकिन खिलाड़ियों की मंशा पर खरे नहीं उतर रहे ग्राम पंचायत सचिव वा सरपंच एवं उनकी कार्यप्रणाली जिस कारण ग्राम पंचायत नांदपुर के युवा खिलाड़ियों में गहरा आक्रोश है कारण ग्राम पंचायत नांदपुर में विधायक निधि से स्वीकृत लाखों रुपए की राशि से निर्माण किए जाने वाले वॉलीबाल खेल मैदान में सरपंच सचिव की मिलीभगत से भ्रष्टाचार किया जाना बताया जा रहा है वहीं खिलाड़ियों द्वारा किए गए निर्माण कार्य की जानकारी मांगने पर सचिव द्वारा अभद्र अभद्र व्यवहार किए जाने का मामला जनपद पंचायत आमला अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत नांदपुर में प्रकाश में आया है । खिलाड़ियों ने सौपा ज्ञापन एन वाय के वॉलीबॉल स्पोर्ट्स क्लब नांदपुर के खिलाड़ियों द्वारा ग्राउंड निर्माण कार्य पूर्ण किए बिना निर्माण कार्य हेतु स्वीकृत राशि का भुगतान करने को लेकर खिलाड़ियों द्वारा सचिव से जानकारी हेतु चर्चा के लिए ग्राम पंचायत पहुंचे तो सचिव द्वारा खिलाड़ियों के साथ जानकारी उपलब्ध कराने के संबंध में गोल-मोल जवाब दिया गया एवं खिलाड़ियों द्वारा पूछने पर खिलाड़ियों के साथ सचिव महोदय द्वारा अभद्रता पूर्ण व्यवहार किया गया जिसको लेकर खिलाड़ियों द्वारा बी.पी.ओ. संजय सावारकर को मुख्य कार्यपालिका अधिकारी बैतूल के नाम एवं अनुविभागीय अधिकारी शैलेंद्र बडोनिया को जिला कलेक्टर के नाम लिखित रूप से ज्ञापन सौंप सचिव द्वारा अभद्र व्यवहार एवं वॉलीबॉल ग्राउंड में हुए भ्रष्टाचार की जांच के संबंध में सचिव पर कार्यवाही की मांग को लेकर खिलाड़ियों ने ज्ञापन सौपा गया । वहीं खिलाड़ियों द्वारा वॉलीबॉल ग्राउंड निर्माण कार्य पूर्ण किए बिना राशि के भुगतान संबंधित समस्त दस्तावेज महोदय को ज्ञापन के साथ प्रस्तुत किया गया ।ज्ञापन सौपते समय शिव प्रसाद चौहान, दीपांशु राठौर, प्रिंस चौहान, तुषार डाडारिया, शुभम राठौर, विदित सोनपुरे, रौनक चौहान, हिमांशु राठौर, प्रवीण दुर्गेश राठौर गुलशन रहड़वे, गुलशन पटवारी रितेश चौहान कृष्ण सोनपुरे, गोविन्द चौधरी आदि मौजूद रहे। इन्होंने क्या कहाग्राम पंचायत नांदपुर का शिकायती ज्ञापन मिला है जांच करवाई जाएंगी ।संजीत श्रीवास्तव मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत आमला । वॉलीबाल निर्माण कार्य वर्तमान समय में प्रगतिरत है ।सुमेरसिह बघेल सचिव ग्राम पंचायत नांदपुर

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