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आधिकारिक आंकड़े हुए जारी, खुदरा मुद्रास्फीति जनवरी में धीमी होकर 4.31 प्रतिशत आई

नई दिल्ली बुधवार को जारी आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, खाद्य वस्तुओं की कीमतों में कमी के कारण खुदरा मुद्रास्फीति जनवरी में धीमी होकर 4.31 प्रतिशत पर आ गई। खाद्य वस्तुओं की कीमतों में कमी के कारण खुदरा मुद्रास्फीति जनवरी में धीमी होकर 4.31 प्रतिशत पर आ गई। उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) आधारित खुदरा मुद्रास्फीति दिसंबर में 5.22 प्रतिशत और जनवरी 2024 में 5.1 प्रतिशत थी। बुधवार को जारी आधिकारिक आंकड़ों में इसकी पुष्टि की गई। खाद्य वस्तुओं की मुद्रास्फीति 6.02 प्रतिशत रही, जो दिसंबर में 8.39 प्रतिशत तथा एक वर्ष पूर्व माह में 8.3 प्रतिशत थी। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) से यह सुनिश्चित करने को कहा गया है कि खुदरा मुद्रास्फीति 2 प्रतिशत के मार्जिन के साथ 4 प्रतिशत पर बनी रहे। इससे पहले, समाचार एजेंसी रॉयटर्स ने अपनी एक रिपोर्ट में उपभोक्ता मुद्रास्फीति जनवरी 2025 में पांच महीने के निचले स्तर 4.60% पर आने की उम्मीद जतायी थी। दिसंबर 2024 खुदरा महंगाई दर 5.22% दर्ज की गई थी। दिसंबर में औद्योगिक उत्पादन की रफ्तार धीमी होकर 3.2 प्रतिशत पर आई खनन और विनिर्माण क्षेत्रों के खराब प्रदर्शन के कारण दिसंबर 2024 में देश के औद्योगिक उत्पादन की वृद्धि दर धीमी होकर 3.2 प्रतिशत रह गई। बुधवार को जारी आधिकारिक आंकड़ों में यह जानकारी दी गई। दिसंबर, 2023 में औद्योगिक उत्पादन 4.4 प्रतिशत बढ़ा था। इसके साथ ही सरकार ने नवंबर, 2024 के औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (आईआईपी) आंकड़े को भी संशोधित कर पांच प्रतिशत कर दिया है। पिछले महीने जारी अस्थायी अनुमान में इसे 5.2 प्रतिशत बताया गया था। राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (एनएसओ) की तरफ से जारी आंकड़ों के अनुसार दिसंबर, 2024 में विनिर्माण क्षेत्र का उत्पादन तीन प्रतिशत बढ़ा जो एक साल पहले की समान अवधि में 4.6 प्रतिशत बढ़ा था। समीक्षाधीन अवधि में खनन उत्पादन की वृद्धि दर घटकर 2.6 प्रतिशत रह गई जबकि साल भर पहले की समान अवधि में यह 5.2 प्रतिशत थी। हालांकि समीक्षाधीन माह में बिजली उत्पादन बढ़कर 6.2 प्रतिशत हो गया जो दिसंबर, 2023 में सिर्फ 1.2 प्रतिशत था। अप्रैल-दिसंबर की अवधि में औद्योगिक उत्पादन में चार प्रतिशत की वृद्धि इसके साथ ही चालू वित्त वर्ष के पहले नौ महीनों यानी अप्रैल-दिसंबर की अवधि में औद्योगिक उत्पादन में चार प्रतिशत की वृद्धि हुई है जो एक साल पहले की समान अवधि में दर्ज 6.2 प्रतिशत वृद्धि से कम है। आज आने वाले महंगाई के आंकड़ों में यह गिरावट उन भारतीय परिवारों को बहुत जरूरी राहत देगी जो जीवनयापन की लगातार बढ़ती लागत से परेशान हैं और भोजन पर काफी अधिक राशि खर्च कर रहे हैं। रिपोर्ट में अर्थशास्त्रियों के हवाले से कहा गया है कि मुद्रास्फीति में इस गिरावट का श्रेय स्थानीय बाजारों में सर्दियों की ताजा उपज है। रिपोर्ट के अनुसार सब्जियों की कीमतों में गिरावट ने मुद्रास्फीति में गिरावट में प्रमुख भूमिका निभाई।  भारतीय रिजर्व बैंक ने हालिया मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) की बैठक में आर्थिक विकास को प्रोत्साहित करने और महंगाई को नियंत्रित करने की दिशा में कदम उठाते हुए रेपो दर में 25 आधार अंकों की कटौती करते हुए इसे 6.5% से घटाकर 6.25% कर दिया।

जो लोग कुंभ की व्यवस्थाओं पर उठा रहे थे सवाल, अब खुद ही चुपचाप डुबकी लगाकर आ रहे: सीएम योगी

बागपत सीएम योगी ने बुधवार को बागपत में पूर्व केंद्रीय मंत्री स्वर्गीय अजित सिंह की भव्य प्रतिमा का अनावरण किया। इस दौरान उन्होंने विपक्षी दलों पर निशाना साधा।  छपरौली के श्री विद्या मंदिर इंटर कॉलेज में रालोद के संस्थापक व पूर्व केंद्रीय मंत्री स्व. चौधरी अजित सिंह की प्रतिमा का बुधवार को सीएम योगी आदित्यनाथ ने अनावरण किया। इसके साथ ही सीएम ने 351 करोड़ की 281 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास भी किया। केंद्रीय राज्यमंत्री चौधरी जयंत सिंह उनके साथ रहे।   सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि वेस्ट यूपी के किसानों ने खेती की उन्नत तकनीक अपनाकर अपना विकास किया है। चौधरी अजित सिंह भी कहते थे कि देश के विकास का रास्ता खेत और किसान से होकर गुजरता है। उसी से प्रेरणा लेकर हम किसानों के हित की दिशा में काम कर रहे हैं।   सीएम ने कहा कि जो लोग कुंभ की व्यवस्थाओं पर अंगुली उठा रहे थे, वे अब चुपचाप डुबकी लगाकर आ रहे हैं। 26 फरवरी तक कुंभ भव्यता से चलता रहेगा और श्रद्धालु लाभ उठाते रहेंगे। महाकुंभ में कल तक 50 करोड़ लोग डुबकी लगा लगेंगे।   सीएम ने कहा कि पहले पुलिस की भर्ती निकलती थी, लेकिन नौजवान को नौकरी नहीं मिलती थी। हमारी सरकार में अब पुलिस भर्ती चल रही है और बिना भेदभाव के सभी जिलों के युवाओं को उनकी प्रतिभा के आधार पर चयनित किया जा रहा है। उत्तर प्रदेश का नौजवान तो अपनी ताकत दिखाएगा ही, हमने इसमें 20 फीसदी नौकरी बेटियों के लिए आरक्षित कर दी हैं। अगले दो महीने में इनकी ट्रेनिंग शुरू हो जाएगी। इसी साल में यूपी पुलिस को 60 हजार नए पुलिसकर्मी मिलेंगे।  

महाकुंभ में गंगा सेवा दूत के लिए महाप्रसाद सेवा बनी वरदान, कर रहे घाटों की सफाई, दे रहे स्वच्छता का संदेश

प्रयागराज महाकुंभ में अदाणी ग्रुप और इस्कॉन के जरिए आम लोगों में महाप्रसाद बांटा जा रहा है। इससे लाखों श्रद्धालु प्रतिदिन लाभ उठा रहे हैं। गंगा सेवा दूत के लिए ये सेवा किसी वरदान से कम नहीं है। महाकुंभ 2025 में गंगा सेवा दूत न केवल माँ गंगा की निर्मलता बनाए रखने में जुटे हैं, बल्कि स्वच्छता के प्रति जनजागरूकता का संदेश भी फैला रहे हैं। उनकी अथक सेवा और समर्पण इस महापर्व को न सिर्फ भव्य बल्कि स्वच्छ और दिव्य भी बना रहा है। घाटों पर बड़ी संख्या में उपस्थित श्रद्धालुओं द्वारा पूजा-अर्चना के दौरान के जैसे ही फूल अर्पित किए जाते हैं, ये गंगा सेवा दूत तुरंत उसे निकालकर नदी को साफ कर देते हैं। गंगा और यमुना की स्वच्छता को बनाए रखने के लिए करीब 1500 गंगा सेवा दूतों को सभी सेक्टर्स में बने घाटों पर नियुक्त किया गया है। इन सभी गंगा सेवा दूतों को मेला प्रशासन की ओर से भी ट्रेन्ड भी किया गया है। महाकुम्भ के पहले दिन सभी गंगा सेवा दूत अपनी नियत ड्यूटी पर तैनात रहें हैं, साथ ही श्रद्धालुओं के लिए नदियों को स्वच्छ और निर्मल बनाए रखने के लिए अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करते रहे।   महाकुंभ में अदाणी ग्रुप और इस्कॉन के माध्यम से आम लोगों में महाप्रसाद वितरित किया जा रहा है। इससे लाखों श्रद्धालु प्रतिदिन लाभ उठा रहे हैं। गंगा सेवा दूत के लिए ये सेवा किसी वरदान से कम नहीं है, अपनी डयूटी करते हुए ये अदाणी-इस्कॉन सेक्टर-19 के किचन में प्रसाद ग्रहण करते है फिर अपनी डयूटी पर चले जाते है। उनका मानना है इस नि:शुल्क सेवा से उन्हे काफी राहत मिली है और वो अपनी जिम्मेदारी आसानी से संभाल लेते है। महाप्रसाद पूरी तरह से सात्विक और स्वच्छता के उच्च मानकों के अनुसार तैयार किया जाता है। महाप्रसाद में प्रतिदिन अलग-अलग प्रकार के व्यंजन तैयार किए जाते हैं और हजारों कर्मचारियों की मदद से इसे सुचारू रूप से वितरित किया जाता है। यहां पर श्रद्धालु प्रसाद ग्रहण करने के बाद अपनी इच्छा से सेवा भी दे सकते हैं।   स्काउट एंड गाइड के वॉलंटियर्स भी महाकुंभ में दिखे तत्पर इनकी मदद के लिए स्काउट एंड गाइड के भी युवक एवं युवतियां तत्परता से तैयार नजर आए। ये युवक एवं युवतियां स्वयं सेवा के तहत घाटों पर मुस्तैदी से कार्य करते दिखे।  9 जनवरी से ही स्काउट एंड गाइड टीम यहां पर आ गए हैं, टीम में मिर्जापुर, वाराणसी से भी स्काउट एंड गाइड हैं। कुल मिलाकर 91 लोग स्वयं सेवा में लगे हुए हैं। इसके लिए उन्हें बाकायदा ट्रेनिंग भी दी गई है। 45 दिनों में कुल 10 हजार 200 स्काउट एंड गाइड पूरे महाकुम्भ में अपनी सेवाएं देंगे। हर हफ्ते 250-250 लोग यहां पर पहुंचेंगे। उनके रहने और खाने-पीने के लिए प्रशासन की ओर से सेक्टर 6 में व्यवस्था की गई है। श्रद्धालुओं के खास टॉयलेट इस बार महाकुंभ में 1.5 लाख टॉयलेट्स और यूरिनल्स को पूरे मेला क्षेत्र और पार्किंग स्थलों पर स्थापित किया जाना है, लेकिन सबसे बड़ी चुनौती इन टॉयलेट्स की साफ सफाई को लेकर है. प्रशासन ने इसके लिए व्यापक स्तर पर तैयारी की है। मेले में क्यूआर बेस्ड मॉनीटरिंग सिस्टम के माध्यम से टॉयलेट्स में स्वच्छता का सर्वे किया जाएगा। विशेष ऐप के माध्यम से जिस टॉयलेट में गंदगी की जानकारी मिलेगी, उसे चंद मिनटों में क्लीन कर दिया जाएगा। यही नहीं सफाई के लिए जेट स्प्रे क्लीनिंग सिस्टम अपनाया जाएगा, ताकि मैनुअल सफाई की आवश्यकता न पड़े। इसी तरह सेप्टिक टैंक को खाली करने के लिए भी सेसपूल ऑपरेशन प्लान रेडी तैयार किया गया है।

आज हम ब्रह्मोस और आकाश मिसाइल प्रणाली सब कुछ निर्यात कर रहे है: राजनाथ सिंह

बेंगलूरू राजनाथ सिंह ने कहा कि, आज हम छोटे तोपखानों से लेकर ब्रह्मोस और आकाश मिसाइल प्रणाली जैसे बड़े प्लेटफॉर्म तक सब कुछ निर्यात कर रहे हैं। आज हमारा देश परिवर्तन के क्रांतिकारी दौर से गुजर रहा है।  एयरो इंडिया 2025 में बोलते हुए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बुधवार को कहा कि भारत परिवर्तन के क्रांतिकारी दौर से गुजर रहा है और देश के लड़ाकू विमान, मिसाइल प्रणाली, नौसैनिक जहाज न केवल हमारी सीमाओं की रक्षा कर रहे हैं बल्कि पूरी दुनिया के लिए आकर्षण का केंद्र भी बन रहे हैं। एयरो इंडिया 2025 के समापन समारोह पर बोलते हुए रक्षा मंत्री ने कहा, एयरो इंडिया ने ऐसी ऊंचाइयों को छुआ है जो न केवल अद्वितीय हैं बल्कि ऐतिहासिक भी हैं।  उन्होंने कहा, मैं पिछले तीन दिनों से इस कार्यक्रम में व्यक्तिगत रूप से मौजूद था और अगर मुझे अपने अनुभव को तीन शब्दों में व्यक्त करना है तो वह है ऊर्जा, ऊर्जा और ऊर्जा। उन्होंने कहा कि, यहां हम जो कुछ भी देख पाए, वह ऊर्जा का प्रकटीकरण है और यह ऊर्जा और उत्साह न केवल भारत के प्रतिभागियों में बल्कि दुनिया भर से आए लोगों में देखी जा सकती है। हमारे उद्यमियों, हमारे स्टार्टअप और इनोवेटर्स में जो उत्साह देखा गया, वह सराहनीय है। देश बदलाव के क्रांतिकारी दौर से गुजर रहा है- रक्षा मंत्री रक्षा मंत्री ने कहा कि देश बदलाव के क्रांतिकारी दौर से गुजर रहा है। उन्होंने कहा, हम सभी जानते हैं कि भारत ऐतिहासिक रूप से अपनी रक्षा जरूरतों के लिए आयात पर निर्भर रहा है। अगर मैं एक दशक पहले की बात करूं तो हमारे देश में 65 से 70 प्रतिशत रक्षा उपकरण आयात किए जाते थे। उन्होंने कहा, यदि हम आज की स्थिति को देखें तो आप इसे समाधान या चमत्कार कह सकते हैं, लेकिन आज देश में लगभग उतने ही प्रतिशत रक्षा उपकरणों का निर्माण हो रहा है। रक्षा मंत्री ने कहा, आज हम ऐसे मोड़ पर खड़े हैं जहां लड़ाकू विमान, मिसाइल प्रणाली, नौसैन्य पोत या ऐसे अनेक उपकरण और प्लेटफॉर्म न सिर्फ हमारी सीमाओं की रक्षा कर रहे हैं बल्कि पूरी दुनिया के लिए आकर्षण का केंद्र भी बन रहे हैं। उन्होंने कहा, आज हम छोटे तोपखानों से लेकर ब्रह्मोस और आकाश मिसाइल प्रणाली जैसे बड़े प्लेटफॉर्म तक, सब कुछ कई देशों को निर्यात कर रहे हैं। इससे न केवल हमारा रक्षा निर्यात बढ़ रहा है बल्कि वैश्विक स्तर पर विभिन्न देशों के साथ हमारी नई साझेदारियां भी विकसित और मजबूत हो रही हैं।

सीएम योगी और यामानासी प्रांत के उप राज्यपाल ओसादा के बीच यूपी में निवेश पर हुई चर्चा

लखनऊ जापान के यामानासी प्रांत के उप राज्यपाल को-ओसादा ने बुधवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से उनके सरकारी आवास पर शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान सीएम योगी और यामानासी प्रांत के उप राज्यपाल ओसादा के बीच उत्तर प्रदेश में निवेश की संभावनाओं समेत चार बिंदुओं को लेकर चर्चा हुई। को-ओसादा ने बताया कि उत्तर प्रदेश में निवेश की संभावना तलाशने जापान से करीब 250 सीईओ आएंगे। सुदृढ़ कानून व्यवस्था और सुशासन के बलबूते आर्थिक प्रगति पर तेजी से बढ़ रहे उत्तर प्रदेश में जापान का प्रतिनिधिमंडल निवेश की संभावनाओं को देखेगा। इससे उत्तर प्रदेश के युवाओं को रोजगार में भी काफी मदद मिलेगी। वे उत्तर प्रदेश के साथ मैत्रीपूर्ण संबंधों को मजबूत करने के लिए हरसंभव प्रयास करेंगे। सीएम और उपराज्यपाल के मध्य हुई वार्ता में ग्रीन हाइड्रोजन पर विशेष रूप से चर्चा हुई। इसमें बताया गया कि ग्रीन हाइड्रोजन को लेकर उत्तर प्रदेश और यामानासी प्रीफेक्चर के मध्य समझौता होगा और यहां सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित किया जाएगा। इसमें जापानी तकनीक का उपयोग होगा। अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन कराने पर भी चर्चा हुई, जिसमें दुनियाभर के हाइड्रोजन प्रौद्योगिकी और इसके उपयोग में रुचि रखने वाले प्रतिनिधि भी उपस्थिति रहेंगे। हरित हाइड्रोजन प्रौद्योगिकी में यामानासी विश्वविद्यालय उत्तर प्रदेश के छात्रों को औद्योगिक प्रौद्योगिकी का अध्ययन करने का अवसर प्रदान करेगा। को-ओसादा ने बताया कि उत्तर प्रदेश पर्यटन की दृष्टि से असीमित संभावनाओं वाला राज्य है। यहां बौद्ध धर्म से जुड़े पर्यटन स्थलों पर जापानी पर्यटन गतिविधियों को बढ़ाने के लिए बुद्धिस्ट सर्किट की भूमिका काफी अहम है। जापान से अधिकांश श्रद्धालु और आमजन बुद्धिस्ट सर्किट के अंतर्गत गौतम बुद्ध से जुड़ी जगहों (सारनाथ, कुशीनगर, श्रावस्ती आदि) पर आना चाहते हैं। यामानासी प्रांत के लोगों को बुद्धिस्ट सर्किट आने के लिए प्रोत्साहित भी किया जाएगा। सीएम योगी आदित्यनाथ और को-ओसादा के मध्य यूपी के युवाओं के लिए जापान और यामानासी प्रांत में रोजगार की संभावनाओं पर भी चर्चा हुई। साथ ही जापानी भाषा का ज्ञान और अन्य ट्रेड के विषय में भी बात हुई। यह तय हुआ कि युवाओं को विभिन्न ट्रेड्स में कौशल प्रशिक्षण कराकर वहां भेजा जाएगा। उन्होंने कहा कि अध्ययन करने के लिए आने वाले छात्रों को यामानासी प्रीफेक्चर छात्रवृत्ति भी प्रदान करेगा।

मोदी की ऐतिहासिक फ्रांस यात्रा, दोनों देशों के बीच किए 10 समझौतों पर हस्ताक्षर

पेरिस प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ऐतिहासिक फ्रांस यात्रा नई दिल्ली और पेरिस के रिश्तों को मजबूत करने वाली साबित हुई है। इस दौरान दोनों देशों ने 10 एमओयू/समझौतों पर हस्ताक्षर किए हैं। भारत-फ्रांस ने जिन एमओयू/समझौतों पर हस्ताक्षर किए हैं उनमें – कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) पर भारत-फ्रांस घोषणापत्र, भारत-फ्रांस इनोवेशन ईयर के लिए 2026 के लिए लोगो की लॉन्चिंग, फ्रांसीसी स्टार्ट-अप इनक्यूबेटर स्टेशन एफ में 10 भारतीय स्टार्ट-अप की मेजबानी के लिए समझौता, उन्नत मॉड्यूलर रिएक्टरों और लघु मॉड्यूलर रिएक्टरों पर साझेदारी स्थापित करने के उद्देश्य की घोषणा, त्रिकोणीय विकास संबंधी सहयोग की घोषणा, मार्सिले में भारत के वाणिज्य दूतावास का संयुक्त उद्घाटन शामिल हैं। इसके अलावा भारत सरकार के विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग (डीएसटी) और फ्रांस के इंस्टिट्यूट नेशनल डी रिसर्च एन इंफॉर्मेटिक एट एन ऑटोमेटिक (आईएनआरआईए) के बीच इंडो-फ्रेंच सेंटर फॉर डिजिटल साइंसेज की स्थापना के लिए आशय पत्र पर भी हस्ताक्षर किए गए। पीएम मोदी की फ्रांस यात्रा की अहम उपलब्धि मार्सिले में मंगलवार को भारत के नए महावाणिज्य दूतावास का खुलना रही। प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति मैक्रों ने संयुक्त रूप से इसका उद्घाटन किया। जुलाई 2023 में प्रधानमंत्री की फ्रांस यात्रा के दौरान मार्सिले में महावाणिज्य दूतावास खोलने के निर्णय की घोषणा की गई थी। फ्रांस के दूसरे सबसे अधिक जनसंख्या वाले शहर में खुला यह नया महावाणिज्य दूतावास भारत-फ्रांस की बहुआयामी रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करेगा। प्रधानमंत्री मोदी ने एक्स पर लिखा, “मार्सिले में एक ऐतिहासिक क्षण! राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों और मैंने इस जीवंत शहर में भारतीय वाणिज्य दूतावास का उद्घाटन किया, जो भारत-फ्रांस संबंधों में एक नया अध्याय है। यह वाणिज्य दूतावास एक महत्वपूर्ण सेतु के रूप में काम करेगा, जो हमारे सांस्कृतिक, आर्थिक और लोगों के बीच संबंधों को मजबूत करेगा।” प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “भारत के साथ मार्सिले के संबंध सर्वविदित हैं। प्रथम विश्व युद्ध के दौरान यह भारतीय सैनिकों के लिए एक महत्वपूर्ण बेस था। इस शहर का वीर सावरकर से भी गहरा संबंध है। इस विशेष उद्घाटन पर मैं फ्रांस सरकार को धन्यवाद देता हूं और भारतीय प्रवासियों को बधाई देता हूं।”

प्रवीण खंडेलवाल ने कहा- अमानतुल्लाह खान की तलाश में लगातार छापेमारी, यदि निर्दोष हैं, तो वह भाग क्यों रहे हैं

नई दिल्ली दिल्ली पुलिस और क्राइम ब्रांच की संयुक्त टीम आम आदमी पार्टी के ओखला से विधायक अमानतुल्लाह खान की तलाश में लगातार छापेमारी कर रही है। इस बीच, भाजपा सांसद प्रवीण खंडेलवाल ने सवाल किया है कि यदि आप विधायक निर्दोष हैं, तो वह पुलिस से भाग क्यों रहे हैं। प्रवीण खंडेलवाल ने बुधवार को आईएएनएस से कहा, “यदि आम आदमी पार्टी के विधायक अमानतुल्लाह खान ने कुछ नहीं किया है तो फिर वह पुलिस से छिपकर क्यों भाग रहे हैं। अगर पुलिस लगातार उन्हें ढूंढ रही है तो यह स्पष्ट है कि उन्होंने कुछ तो किया होगा, तभी वह पुलिस से बचने की कोशिश कर रहे हैं। यह घटना बताती है कि आम आदमी पार्टी के नेताओं का अतीत काला है, इसलिए वे जांच एजेंसियों से बचते हैं। अगर अमानतुल्लाह खान ने कुछ नहीं किया है तो पुलिस के सामने आकर अपनी बात रखें।” आम आदमी पार्टी की बैठक पर प्रवीण खंडेलवाल ने कहा, “दिल्ली की जनता ने 10 साल तक अरविंद केजरीवाल के शासन का दंश झेला है। पंजाब में भी वैसा ही माहौल है। मैं लगातार कह रहा हूं कि अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली में अपने निजी कारणों से अपनी पार्टी का सूपड़ासाफ किया है, अब पंजाब की बारी है।” उन्होंने दिल्ली में मुख्यमंत्री पद के दावेदार के बारे में पूछे जाने पर कहा, “दिल्ली में जो भी व्यक्ति मुख्यमंत्री बनेगा, वह पार्टी का समर्पित कार्यकर्ता होगा। हमारा राष्ट्रीय नेतृत्व इस पर जल्द ही फैसला लेगा, क्योंकि भाजपा में एक प्रक्रिया है, सभी उसे फॉलो करते हैं। दिल्ली में मुख्यमंत्री के नाम का फैसला पार्टी का शीर्ष नेतृत्व करेगा और जब सही वक्त आएगा तो वह फैसला ले लेगा। मुख्यमंत्री का जो चेहरा होगा, वह सबके सामने आ जाएगा।”

महाकुंभ मेला क्षेत्र में अधिकारी व्यवस्थाओं और सुविधाओं को सुनिश्चित करते नजर आए, दिखे चप्पे-चप्पे पर मुस्तैद

प्रयागराज महाकुम्भ-2025 के अंतर्गत बुधवार को माघ पूर्णिमा के अवसर पर स्नानार्थियों की उमड़ी भारी भीड़ के सुप्रबंधन को लेकर सीएम योगी की मॉनीटरिंग का असर साफ देखने को मिला। माघ पूर्णिमा के स्नान पर्व को स्नानार्थियों के लिए यादगार बनाने के सीएम योगी के निर्देश को धरातल पर उतारने के लिए सभी अधिकारी देर रात से ही ग्राउंड जीरो पर मुस्तैद रहे और सभी व्यवस्थाओं को सुनिश्चित करते रहे।   अधिकारी रहे मुस्तैद व्यवस्थाओं और सुविधाओं को सुनिश्चित करते नजर आए डिजिटल डेस्क, महाकुंभ नगर। महाकुम्भ-2025 के अंतर्गत बुधवार को माघ पूर्णिमा के अवसर पर स्नानार्थियों की उमड़ी भारी भीड़ के सुप्रबंधन को लेकर सीएम योगी की मॉनीटरिंग का असर साफ देखने को मिला। माघ पूर्णिमा के स्नान पर्व को स्नानार्थियों के लिए यादगार बनाने के सीएम योगी के निर्देश को धरातल पर उतारने के लिए सभी अधिकारी देर रात से ही ग्राउंड जीरो पर मुस्तैद रहे और सभी व्यवस्थाओं को सुनिश्चित करते रहे। एक तरफ पुलिस प्रशासन जहां श्रद्धालुओं की सुरक्षा में पूरी तरह सक्रिय नजर आया तो वहीं, मेला प्रशासन की ओर से घाटों के सुदृढ़ीकरण तथा स्नान के लिए नदियों में जलस्तर प्रबंधन की प्रक्रिया पूरी की गई। उल्लेखनीय है कि अपने सरकारी आवास पर सीएम योगी ने बुधवार को प्रातः 4 बजे से ही तमाम बड़े अधिकारियों के साथ मेला की लाइव मॉनीटरिंग शुरू कर दी थी। प्रमुख स्नान पर्व माघ पूर्णिमा को लेकर सीएम योगी की सख्त हिदायत थी कि किसी प्रकार की असुविधा का सामना स्नानार्थियों समेत प्रयागराज की जनता को न करना पड़े। ऐसे में, यातायात की सुगम व्यवस्था, उचित भीड़ प्रबंधन व सुरक्षा समेत विभिन्न पहलुओं को पूरी मुस्तैदी के साथ धरातल पर उतारने के लिए पुलिस व प्रशासन के अधिकारियों की टीम जुटी रही। अच्छी तैयारियों के कारण सुरक्षित वातावरण में हुआ स्नान प्रयागराज के डीआईजी वैभव कृष्ण ने माघ पूर्णिमा के अवसर पर स्नान को लेकर पुलिस प्रशासन की तैयारियों को लेकर जानकारी दी। उन्होंने कहा कि माघ पूर्णिमा के अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु स्नान के लिए यहां पहुंच रहे हैं। इसको लेकर हम पहले से तैयार थे और हमने रणनीति के तहत तैयारियों को अच्छे से धरातल पर उतारा है। उनके अनुसार, सब कुछ नियंत्रण में है। पार्किंग, ट्रैफिक डायवर्जन और कुशल जनप्रबंधन के सभी साधन सक्रिय हैं जिससे प्रक्रिया को पूरा कराने में किसी प्रकार की दिक्कत का सामना नहीं करना पड़ रहा है। उनके अनुसार, श्रद्धालु नियमों व कानून का पालन कर रहे हैं जिससे क्राउड मैनेजमेंट को और असरदार बनाने में मदद मिली। इस बार पिछली बार की अपेक्षा कुछ नए प्वॉइंट्स पर भी डिप्लॉयमेंट की गई है जिससे श्रद्धालुओं को लाभ होगा। अप्रत्याशित भीड़ को देखते हुए पहले से की गई थी तैयारी अपर मेला अधिकारी विवेक चतुर्वेदी माघ पूर्णिमा को लेकर प्रशासन द्वारा की गई तैयारियों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि माघ पूर्णिमा के स्नान पर्व पर इस बार मेले में अप्रत्याशित भीड़ आई है। लोगों का अनवरत स्नान का क्रम जारी है। ऐसे में, श्रद्धालुओं की संख्या को देखते हुए घाटों के सुदृढ़ीकरण तथा स्नान के लिए नदियों में जलस्तर प्रबंधन की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। जल पुलिस द्वारा बैरिकेडिंग भी की गई है और वॉच टावर्स व चेंजिंग रूम की व्यवस्था को भी सुदृढ़ किया गया है। उनके अनुसार, ट्रैफिक की डायवर्जन स्कीम भी लागू है और सभी चिह्नित स्थलों पर पुलिसबल की तैनाती की गई है। इसके साथ ही, उन्होंने श्रद्धालुओं से निर्धारित स्थानों पर स्नान कर पुलिस व प्रशासन का सहयोग करने की अपील भी की। उनके अनुसार, कल्पवासियों को भी स्नान और वापसी में किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े इसके लिए प्रशासन द्वारा प्रयास किए जा रहे हैं।

दिल्ली नई सरकार स्वास्थ्य व्यवस्था में करेगी बदलाव, प्राथमिक स्वास्थ्य का बुनियादी ढांचा होगा मजबूत

नई दिल्ली राष्ट्रीय राजधानी में सत्ता परिवर्तन होने के बाद केंद्र सरकार की आयुष्मान भारत योजना के तहत दिल्ली में स्वास्थ्य की दो बड़ी योजनाएं प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (पीएमजेएवाई) और प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत स्वास्थ्य अवसंरचना मिशन योजना (पीएम-एबीएचआइएम) को दिल्ली में लागू होने का रास्ता साफ हो गया है। प्राथमिक स्वास्थ्य का बुनियादी ढांचा मजबूत उम्मीद है कि दिल्ली की सत्ता संभालने के बाद नई सरकार इन दोनों योजनाओं को यहां लागू करेगी। इससे गरीबों व 70 वर्ष से अधिक उम्र के बुजुर्गों को स्वास्थ्य बीमा का लाभ तो मिलेगा ही, साथ ही दिल्ली में अब आयुष्मान आरोग्य मंदिर भी बनाए जाएंगे। इससे प्राथमिक स्वास्थ्य का बुनियादी ढांचा मजबूत होगा। असल में मार्च 2020 में कोरोना की वैश्विक महामारी फैलने के बाद स्वास्थ्य के बुनियादी ढांचे की कमी सामने आई थी। 2,406 करोड़ रुपये की लागत इसके मद्देनजर केंद्र सरकार ने वर्ष 2021 में पीएम-एबीएचआइएम योजना शुरू की थी। इसका मकसद स्वास्थ्य के बुनियादी ढांचे को मजबूत करना था। इसके तहत केंद्र सरकार ने दिल्ली में भी 2,406 करोड़ रुपये की लागत से 1,139 शहरी स्वास्थ्य व वेलनेस सेंटर, 11 जिला एकीकृत सार्वजनिक स्वास्थ्य लैब व दस क्रिटिकल केयर ब्लाक बनाने की योजना को स्वीकृति दी थी। बाद में केंद्र सरकार ने वेलनेस सेंटरों का नाम बदलकर आयुष्मान आरोग्य मंदिर कर दिया। योजना को लागू नहीं होने दिया था AAP सरकार पीएम-एबीएचआइएम योजना बड़ा हिस्सा प्राथमिक स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने पर खर्च करना था। यही वजह है कि 1,139 शहरी स्वास्थ्य व वेलनेस सेंटरों के विकास पर 2,058.75 करोड़ रुपये खर्च करना था। जिसमें से 1,232.25 करोड़ केंद्र सरकार को और 823.5 करोड़ रुपये दिल्ली सरकार को खर्च करना था, लेकिन तब आम आदमी पार्टी (आप) सरकार की ओर से इस योजना को स्वीकृति नहीं दिए जाने से यह दिल्ली में लागू नहीं हो सकी। केजरीवाल का मोहल्ला क्लीनिक पर जोर आप सरकार का जोर मोहल्ला क्लीनिक शुरू करने पर था। आप सरकार ने एक हजार मोहल्ला क्लीनिक शुरू करने की घोषणा की थी, लेकिन दस वर्ष में करीब 545 मोहल्ला क्लीनिक ही बने। इसमें कई मोहल्ला क्लीनिक अभी कई बंद पड़े हैं। साथ ही मोहल्ला क्लीनिकों में भ्रष्टाचार का मामला भी सामने आया था। इस वजह से स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने सरकार से पीएम-एबीएचआइएम योजना को लागू करने की सिफारिश भी की थी। अब यदि यह योजना लागू होती है तो इसके तहत दिल्ली में 1,139 आयुष्मान आरोग्य मंदिर बनाए जा सकते हैं।

कृत्रिम गर्भाधान के क्षेत्र में राजस्थान को देश में पहले स्थान पर लाना हमारी प्राथमिकता: पशुपालन मंत्री

जयपुर पशुपालन, गोपालन और डेयरी मंत्री श्री जोराराम कुमावत ने बुधवार को राजस्थान पशुधन विकास बोर्ड के सभागार में राष्ट्रीय गोकुल मिशन के अंतर्गत 13 जिलों में तरल नत्रजन भंडारण हेतु 3000 लीटर के साइलो का वर्चुअल लोकार्पण किया। उन्होंने बताया कि तरल नत्रजन पशु नस्ल सुधार के लिए किए जाने वाले कृत्रिम गर्भाधान में काम आता है। तरल नत्रजन की भण्डारण व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखने के लिए राज्य के 16 जिलों में 3- 3 हजार लीटर क्षमता के वर्टिकल साइलो पूर्व में  स्थापित हो चुके हैं। इस तरह अब राज्य के 29 जिलों में वर्टिकल साइलो की स्थापना हो जाने से तरल नत्रजन भंडारण की कुल क्षमता 93 हजार लीटर हो गई है। जयपुर और उदयपुर के साइलो की क्षमता 6-6 हजार लीटर की है।  वर्चुअल लोकार्पण के बाद श्री कुमावत ने वीसी से जुड़े जिलों के पशु चिकित्सा अधिकारियों से बात की और साइलो की कार्यप्रणाली को समझा। उन्होंने जिलों के अधिकारियों का मनोबल बढ़ाते हुए कहा कि सरकार पशुपालकों और पशुओं के हित के लिए उनकी सभी मांगों पर गंभीरता से विचार करेगी। उन्होंने कहा कि कृत्रिम गर्भाधान के लिए आवश्यक सभी सुविधाएं जिलों में पहुंचा दी गईं हैं। अब राजस्थान को इस क्षेत्र में पहले नंबर पर लाना विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों के ऊपर निर्भर करता है। इस अवसर पर पशुपालन मंत्री ने जयपुर जिले के मैत्री कार्यकर्ताओं को ए आई किट का वितरण भी किया। उन्होंने मैत्री कार्यकर्ताओं को निर्देश दिया कि वे पूरी निष्ठा और मेहनत से काम करें और कृत्रिम गर्भाधान में राजस्थान को देश में पहला स्थान दिलाने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएं। बाद में पत्रकारों से बातचीत करते हुए मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के संवेदनशील मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा के कुशल नेतृत्व में प्रदेश सरकार पशुओं के कल्याण के प्रति समर्पित होकर काम कर रही है। श्री कुमावत ने कहा कि आज अधिकतर जिलों में तरल नत्रजन की भंडारण व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए वर्टिकल साइलो की स्थापना हो चुकी है। बाकी बचे जिलों में भी हम जल्द ही यह व्यवस्था सुनिश्चित कर देंगे। उन्होंने कहा कि इन जिलों में साइलो की स्थापना होने से समय, ऊर्जा, मानव श्रम और पैसे इन सबकी बचत तो होगी ही साथ ही अवश्यकतानुसार तरल नाइट्रोजन की सही समय पर गुणवत्तापूर्ण उपलब्धता सुनिश्चित हो सकेगी जिससे कृत्रिम गर्भाधान के काम में गति आएगी। उन्होंने कहा कि पहले एक जिले से दूसरे जिले तक नाइट्रोजन की आपूर्ति में जार भी खराब होते थे अब उस समस्या से भी विभाग को निजात मिलेगी। श्री कुमावत ने बताया कि आज ही के दिन जैसलमेर में कृत्रिम गर्भाधान कवरेज को बढ़ाने के उद्देश्य से मिशन उत्कर्ष जैसलमेर की शुरुआत भी की गई है। विस्तृत भौगोलिक परिस्थितियों और मानव श्रम की कमी के कारण जिले में योजनाओं की क्रियान्विति में समस्या आती है इसीलिए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने जैसलमेर जिले का चयन किया है और जिले में कृत्रिम गर्भाधान के लिए 484. 85 लाख रुपये के विशेष बजट के साथ मिशन उत्कर्ष जैसलमेर परियोजना लागू की गई है। इस अवसर पर शासन सचिव पशुपालन, गोपालन और मत्स्य डॉ. समित शर्मा ने कहा कि आज दौसा, टोंक, बाड़मेर, सवाईमाधोपुर, बारां, जैसलमेर, जालोर, प्रतापगढ़, राजसमंद, डूंगरपुर, चित्तौड़गढ़, श्रीगंगानगर और चुरू जिलों में 218 लाख रुपये के नवीन वर्टिकल साइलो का लोकार्पण किया गया। 5 अन्य जिलों धौलपुर, सिरोही, झालावाड़, बून्दी और कुचामनसिटी में 3 हजार लीटर की क्षमता वाले साइलो की स्थापना आने वाले दिनों में भारत सरकार से बजट प्राप्त होने पर कर दी जाएगी। उन्होंने बताया कि आर एल डी बी ने राष्ट्रीय गोकुल मिशन के तहत 73.25 लाख की लागत से 629 मैत्री कार्यकर्ताओं तथा 1687 विभागीय संस्थाओं को ए आई किट उपलब्ध कराया है। डॉ शर्मा ने कहा कि कृत्रिम गर्भाधान कार्य की गुणवत्ता में ए आई किट की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। इस किट में ए आई गन, सीजर, एप्रेन, फॉरसेप, डीप- स्टिक, थर्मामीटर सहित कृत्रिम गर्भाधन में काम आने वाली सामग्री होती है। राज्य में पहली बार इस किट में इलेक्ट्रिक कैटल तथा क्रायोजार बैग को भी शामिल किया गया है। भविष्य में चरणबद्ध रूप से प्रदेश में 5000 अतिरिक्त ए आई किट उपलब्ध कराए जाएंगे जिस पर 150 लाख रुपये की लागत आएगी। डॉ शर्मा ने कहा कि मिशन उत्कर्ष जैसलमेर परियोजना के अंतर्गत 50 मैत्री कार्यकर्ता को भी कार्य आधारित मानदेय पर चयनित किया गया है। इस अवसर पर राजस्थान पशुधन विकास बोर्ड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी तथा पशुपालन निदेशक डॉ. आनंद सेजरा, पशुपालन विभाग के अतिरिक्त निदेशक डॉ सुरेशचंद मीना सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी और कर्मचारीगण मौजूद थे।

संत रविदास जी के विचारों को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प लें: श्री विष्णुदत्त शर्मा

भोपाल भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष व सांसद श्री विष्णुदत्त शर्मा बुधवार को संत रविदास जयंती के अवसर पर राजनगर में संत रविदास मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा में शामिल हुए। इस अवसर पर उपस्थित जनसमुदाय को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि जिस तरह से भारतीय जनता पार्टी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में सामाजिक समरसता का अभियान चला रही है, संत रविदास जी ने यह काम शताब्दियों पहले किया था। उन्होंने अपनी कविताओं के माध्यम से देश और समाज को एक सूत्र में बांधने का काम किया। आज उनकी जयंती पर हम सभी उनके विचारों को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प लें। समाज को जगाने वाले बिरले संत थे रविदास जी भाजपा प्रदेश अध्यक्ष श्री विष्णुदत्त शर्मा ने कहा कि आज संत रविदास जयंती के अवसर पर मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा हो रही है, इसलिए आज का दिन हम सभी के लिए बहुत महत्वपूर्ण है और इस शुभ अवसर पर सभी को बधाई और शुभकामनाएं देता हूं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने जिस तरह सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास का नारा दिया है, संत रविदास जी ने अपने व्यक्तित्व और कृतित्व से यह करके दिखाया था कि किस तरह हर समाज को साथ लेकर चला जा सकता है। उन्होंने कहा कि संत रविदास जी ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज को जगाने और दिशा देने का काम किया। हमारे देश पर जब आततायियों ने हमले किए, जब हमारे धर्म और संस्कृति को नष्ट करने का प्रयास किया गया, तब संत रविदास जी ने संपूर्ण हिंदू समाज को एकजुट रख उस आक्रमण को विफल कर दिया। आज हम लोगों के लिए यह कल्पना करना मुश्किल है कि अगर उस समय संत रविदास जी नहीं हुए होते, तो क्या होता? उन्होंने सामाजिक समरसता के लिए अपना पूरा जीवन खपा दिया, वे समरसता के अखंड पुरोधा थे। प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में संतों को सम्मान दे रही भाजपा सरकार भाजपा प्रदेश अध्यक्ष श्री विष्णुदत्त शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में भाजपा की सरकार संत रविदास जी जैसे उन संतों को सम्मान देने का काम कर रही है, जिन्होंने अपना जीवन देश और समाज की भलाई के लिये लगा दिया। सरकार उन संतों के संदेश को समाज तक पहुंचाने के प्रयास कर रही है। इसी कड़ी में सागर में 100 करोड़ की लागत से संत रविदास जी का भव्य स्मारक बनाया जा रहा है। आज नगर परिषद अध्यक्ष जी ने यहां संत रविदास जी के नाम पर पॉर्क के निर्माण की घोषणा की है। आपका सांसद होने के नाते मैं भी 24 घंटे आपके साथ हूं। प्रधानमंत्री का ऐतिहासिक स्वागत करें भाजपा प्रदेश अध्यक्ष व सांसद श्री विष्णुदत्त शर्मा ने छतरपुर जिले के गढ़ा ग्राम स्थित बागेश्वर धाम पहुंचकर पीठाधीश्वर श्री धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री से मुलाकात की। प्रदेश अध्यक्ष श्री शर्मा ने बागेश्वर धाम के दर्शन करने के साथ पीठाधीश्वर के साथ प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी और राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु के बागेश्वर धाम आगमन को लेकर तैयारी को लेकर चर्चा की। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष श्री शर्मा ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के आगमन को लेकर कार्यक्रम स्थल का निरीक्षण किया एवं अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि हमारा सौभाग्य है कि प्रधानमंत्री जी एक बार फिर खजुराहो आ रहे हैं और उनके साथ राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू जी भी आ रही हैं। हम सब उनका स्वागत करेंगे तथा खजुराहो और पूरे बुंदेलखंड क्षेत्र के विकास के लिए मिलकर प्रयास करेंगे। हम सभी को प्रधानमंत्री जी एवं राष्ट्रपति जी का ऐतिहासिक स्वागत करना है। बुंदेलखंड से सूखे का कलंक मिटाने वाले प्रधानमंत्री जी का ऐतिहासिक अगुवानी करें भाजपा प्रदेश अध्यक्ष व सांसद श्री विष्णुदत्त शर्मा ने बागेश्वर धाम, ग्राम गढ़ा में संत रविदास जयंती पर आयोजित कार्यक्रम में ग्राम पंचायत भवन का भूमि-पूजन कर दिव्यांगजनों को ट्रायसाइकिल वितरित किया। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष श्री शर्मा ने कहा कि आजादी के बाद से अब तक सूखे का कलंक झेलने वाले बुंदेलखंड को हरा-भरा बनाने के लिए केन-बेतवा लिंक परियोजना की सौगात देने वाले प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी  फिर खजुराहो और बागेश्वर धाम आ रहे हैं। बुंदेलखंड से सूखे का कलंक मिटाने वाले प्रधानमंत्री जी का क्षेत्र की जनता ऐतिहासिक स्वागत करें। प्रधानमंत्री जी ने समूचे बुंदेलखंड का दिशा और दशा बदलने वाली सौगात दी है। केन-बेतवा लिंक परियोजना की सौगात देने के लिए प्रधानमंत्री जा आभार जताने के लिए अभूतपूर्व स्वागत किया जाए। इस अवसर पर प्रदेश शासन के मंत्री श्री दिलीप अहिरवार, पूर्व मंत्री व विधायक श्री बृजेन्द्र प्रताप सिंह, जिला अध्यक्ष श्री चंद्रभान सिंह गौतम, विधायक श्री अरविंद पटैरिया, छतरपुर नगरपालिका अध्यक्ष श्रीमती ज्योति सुरेन्द्र चौरसिया, नगर पंचायत अध्यक्ष श्री जीतू वर्मा सहित पार्टी पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि व कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

यात्रियों की सुविधा के लिए डिजिटल पहल: यूटीएस ऑन मोबाइल ऐप बना लोकप्रिय विकल्प

भोपाल भोपाल मंडल में अनारक्षित टिकट बुकिंग को और अधिक सुविधाजनक बनाने के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म यूटीएस ऑन मोबाइल ऐप तेजी से यात्रियों के बीच लोकप्रिय हो रहा है। यह ऐप यात्रियों को समय बचाने और टिकट खरीदने के लिए लाइन में लगने की परेशानी से राहत प्रदान करता है। जनवरी 2025 में, भोपाल मंडल के 2,03,551 यात्रियों ने इस ऐप के माध्यम से अपने अनारक्षित टिकट बुक किए, जिससे रेलवे को ₹43,43,155/- का राजस्व प्राप्त हुआ। यह सफलता भोपाल मंडल द्वारा चलाए गए जागरूकता अभियानों और डिजिटल तकनीक के उपयोग को प्रोत्साहन देने का परिणाम है। यूटीएस ऑन मोबाइल ऐप के लाभ समय की बचत: लंबी कतारों से बचने का आसान समाधान। पेपरलेस और कैशलेस यात्रा: पर्यावरण संरक्षण में योगदान। ऑफलाइन टिकट दिखाने की सुविधा: नेटवर्क न होने पर भी टिकट मान्य। तेजी से टिकट बुकिंग: कुछ ही मिनटों में बुकिंग। 3% बोनस: रेलवे आर-वॉलेट रिचार्ज पर अतिरिक्त लाभ। भोपाल मंडल में ऐप की उपलब्धता और उद्देश्य भोपाल मंडल के सभी स्टेशनों पर यूटीएस ऑन मोबाइल ऐप का उपयोग संभव है। इस ऐप का मुख्य उद्देश्य डिजिटल टिकटिंग को बढ़ावा देना, कतारों से मुक्ति प्रदान करना, और यात्रियों को तनावमुक्त यात्रा अनुभव देना है। ऐप का उपयोग कैसे करें गूगल प्ले स्टोर, एप्पल स्टोर या विंडोज स्टोर से “UTS” ऐप डाउनलोड करें। साइन अप करके मोबाइल नंबर पंजीकृत करें। आर-वॉलेट का उपयोग करके टिकट बुक करें। आर-वॉलेट को डेबिट कार्ड, नेट बैंकिंग, यूपीआई या यूटीएस काउंटर के माध्यम से रिचार्ज करें। ऐप पर उपलब्ध सुविधाएं अनारक्षित टिकट बुकिंग। सीजन टिकट जारी और नवीनीकरण। पेपर और पेपरलेस टिकट दोनों विकल्प। बुक किए गए टिकट का विवरण। आर-वॉलेट बैलेंस और रिफंड की सुविधा। वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक श्री सौरभ कटारिया ने यात्रियों से आग्रह किया है कि वे यूटीएस ऑन मोबाइल ऐप का अधिकाधिक उपयोग करें और इसके माध्यम से डिजिटल सुविधाओं का लाभ उठाएं। यह ऐप न केवल टिकट खरीदने को आसान बनाता है, बल्कि यात्रियों के समय और ऊर्जा की भी बचत करता है।

मध्यप्रदेश के शहरी क्षेत्रों में गरीब परिवारों के लिए बनेंगे 10 लाख आवास: डॉ. मोहन यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने संत शिरोमणि गुरू रविदास जी की जयंती पर बुधवार को भोपाल के हिंदी भवन में आयोजित समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि मध्यप्रदेश की भाजपा सरकार वंचित वर्ग के प्रत्येक व्यक्ति के जीवन में बदलाव लाने के लिए प्रतिबद्ध है। सबको आगे बढ़ने का मौका मिले, सबकी आर्थिक स्थिति बेहतर हो, गरीबों की गरीबी दूर हो, युवाओं को रोजगार के अवसर, महिलाओं को सम्मान मिले, किसानों का मान बढ़ें और सभी लोग बराबरी से रहें, राज्य सरकार इस उद्देश्य से हर वर्ग के लिए योजनाएं और कार्यक्रम संचालित कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर द्वारा बनाए गए संविधान में दी गई लोकतांत्रिक व्यवस्था के आधार पर प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी जीवन की कठिन परिस्थितियों से संघर्ष करते हुए प्रधानमंत्री बनें। उनसे यह प्रेरणा मिलती है कि गरीब से गरीब परिवार के बच्चे भी प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री बन सकते हैं। बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर ने समाज को शिक्षा, चिकित्सा, रोजगार और समानता का अधिकार दिया। जन-जन को इन सब अधिकारों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए राज्य सरकार निरंतर सक्रिय है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्मारिका और रविदास चालीसा का विमोचन भी किया। समारोह को भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश महामंत्री व विधायक श्री भगवानदास सबनानी ने भी संबोधित किया। प्रधानमंत्री जी “सबका साथ-सबका विकास“ की अवधारणा के साथ हर वर्ग का जीवन बेहतर बना रहे – डॉ. मोहन यादव मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी जी “सबका साथ-सबका विकास-सबका विश्वास एवं सबका प्रयास“ की अवधारणा के साथ समाज के हर वर्ग के जीवन को बेहतर बनाने के लिए कृत संकल्पित हैं। राज्य सरकार उनके मार्गदर्शन में इस दिशा में प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। प्रदेश ही नहीं देश में सभी को यह अनुभूति है कि मध्यप्रदेश प्रगति पथ पर तेजी से आगे बढ़ रहा है, इसमें प्रदेश के सामान्यजन की मेहनत का महत्वपूर्ण योगदान है। सागर में संत शिरोमणि रविदास जी का भव्य स्मारक आकार ले रहा है। उज्जैन स्थित संत रविदास जी का गुरूद्वारा संत शिरोमणि गुरू रविदास जी के उज्जैन आगमन की स्मृति को अब भी जीवंत करता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सभी पात्र परिवारों को प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी की मंशा के अनुसार पक्के मकान उपलब्ध कराए जाएंगे। राज्य सरकार जल्द ही प्रदेश के शहरी क्षेत्रों में गरीब परिवारों के लिए 10 लाख आवासों का निर्माण आरंभ करने जा रही है। गाँवों में भी पुनः सर्वे कराकर गरीब के अपने पक्के घर का सपना साकार किया जाएगा। “मन चंगा तो कठौती में गंगा“ का संदेश हर व्यक्ति के भीतर भगवान विद्यमान होने का प्रतीक मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि “मन चंगा तो कठौती में गंगा“ का संदेश देने वाले संत रविदास का जीवन इस बात का प्रतीक था कि व्यक्ति के भीतर ही भगवान विद्यमान हैं और भक्ति-साधना से व्यक्ति का उद्धार हो सकता है। उनका मानना था कि भगवान के दरबार में कोई ऊंच-नीच नहीं है। संत रविदास ने देश-धर्म पर स्वाभिमान और प्रभु भक्ति के साथ कर्म को सर्वाधिक महत्व दिया। उन्होंने परिश्रम के आधार पर जीवन संचालित करने और समाज की बेहतरी के लिए योगदान देने का संदेश दिया। संत रविदास ने बताया कि व्यक्ति के सत्कर्म, सद्भावना, परस्पर विश्वास और प्रेम का भाव ही जीवन में सर्वोपरि है। उनके इन उदात्त विचारों के परिणामस्वरूप ही उन्हें समाज में संत शिरोमणि की उपाधि से विभूषित किया गया। संत रविदास जी ने समाज में समानता व आत्मनिर्भरता संदेश दिया- श्री भगवानदास सबनानी भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश महामंत्री व विधायक श्री भगवानदास सबनानी ने संबोधित करते हुए कहा कि संत रविदास जी ‘मन चंगा तो कठौती में गंगा’ का मूल मंत्र हमें दिया। संत रविदास जी शिष्य मीराबाई से लेकर मेवाड़ के महाराणा तक रहे। उन्होंने समाज को पल-पल मार्गदर्शन दिया और हमारी संस्कृति और राष्ट्र भक्ति को हमेशा ऊपर रखकर हम सबको प्रेरित कर मिसाल पेश की। श्री सबनानी ने कहा कि संत रविदास जी के विचार केवल भक्ति तक ही सीमित नहीं थे, बल्कि समाज में समानता और श्रम की प्रतिष्ठा के साथ-साथ आत्मनिर्भरता का भी संदेश देते थे। आज संत रविदास जी की जयंती हैं और हम संकल्प लेकर उनके बताए गए मार्गों पर चलने का प्रयास कर रहे हैं। इस अवसर पर महापौर श्रीमती मालती राय, जिला अध्यक्ष श्री रविन्द्र यति एवं नगर निगम अध्यक्ष श्री किशन सूर्यवंशी सहित संत रविदास समाज के समाज के पदाधिकारी व बड़ी संख्या में समाज बंधु उपस्थित थे।

उज्जैन सहित राज्य के जिन स्थानों पर संत रविदास जी के चरण पड़ें, उन्हें तीर्थ के रूप में किया जाएगा विकसित

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि संत शिरोमणि गुरू रविदास जी ने “जात-पात पूछे न कोई-हरि को भजे सो हरि को होई” जैसे उदात्त विचारों से समाज को छुआछूत, सामाजिक असमानता, आडम्बर और अंधविश्वास के विरूद्ध जागरूक किया। उन्होंने परतंत्रता और विदेशी आक्रांताओं के आतंक से प्रभावित वातावरण में भक्ति, समानता और सद्भाव के साथ अपनी यात्रा आरंभ की। काशी में माँ गंगा के घाट से आरंभ यात्रा में राजवंश के व्यक्ति भी उनके शिष्य बनें। मीरा बाई द्वारा भगवान श्रीकृष्ण की भक्ति में जीवन व्यतीत करना संत रविदास जी की प्रेरणा से ही संभव हुआ। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि संत रविदास जी की भावनाओं और विचारों को जन-जन तक ले जाने के उद्देश्य से उनके विचारों को शालेय पाठ्यक्रम में शामिल किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने संत रविदास जी की जयंती पर प्रदेशवासियों को मीडिया के माध्यम से शुभकामनाएं देते हुए उक्त विचार व्यक्त किए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भगवान श्री राम और भगवान श्रीकृष्ण, संत रविदास जी की भक्ति के आधार थे। उन्होंने राम नाम के जाप का संदेश देते हुए बताया कि भगवान व्यक्ति के भीतर है और भक्ति के लिए किसी आडम्बर की आवश्यकता नहीं है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी, संत रविदास जी के दर्शन के आधार पर भारत को विश्व में आदर्श देश के रूप में स्थापित कर रहे हैं। राज्य सरकार भी इस दिशा में कार्यरत है। सागर में संत रविदास जी को समर्पित‍धाम का निर्माण जारी है। उज्जैन सहित राज्य के जिन स्थानों पर संत रविदास जी के चरण पड़ें हैं, उन्हें तीर्थ के रूप में विकसित किया जाएगा।  

यूसीसी पर सवालिया निशान खड़े, हाईकोर्ट ने शादी, तलाक और लिव-इन रिलेशनशिप पर सरकार से मांगा जबाब

नैनीताल आजाद भारत में पहली बार किसी राज्य में (उत्तराखंड) समान नागरिक संहिता लागू हुई, लेकिन इस पर कई सवालिया निशान खड़े हो गए। इसके चलते वकीलों ने यूसीसी के कुछ प्रावधानों को लेकर हाईकोर्ट में चुनौती दी। अब नैनीताल हाईकोर्ट की खंडपीठ ने यूसीसी में शादी, तलाक और लिव इन रिलेशनशिप के प्रावधानों को चुनौती देने वाली याचिका पर उत्तराखंड सरकार से 6 हफ्ते के भीतर जवाब मांगा है। याचिका में यह भी आरोप लगाया गया है कि राज्य में लागू समान नागरिक संहिता मुसलमानों, पारसियों आदि की विवाह प्रणाली की अनदेखी करती है। लिव-इन, शादी और तलाक के प्रावधानों पर उठे सवाल समान नागरिक संहिता, उत्तराखंड 2024 को जनहित याचिका (पीआईएल) के जरिए चुनौती दी गई है। इसमें दावा किया गया है कि लिव इन रिलेशनशिप, शादी और तलाक से संबंधित प्रावधान नागरिकों के मूल अधिकारों का उल्लंघन करते हैं। आपको बता दें कि प्रैक्टिस कर रहे एक वकील ने यूसीसी के कुछ हिस्सों को चुनौती दी है। लाइव लॉ की बेवसाइट के अनुसार इनमें पार्ट-1 में दिए गए शादी और तलाक के प्रावधान और पार्ट-3 में दिए गए लिव इन रिलेशनशिप से जुड़े खंडों के साथ-साथ समान नागरिक संहिता नियम उत्तराखंड 2025 शामिल है। शादी के लिए साथी चुनने की स्वतंत्रता छिनने की दलील याचिका में कहा गया है कि यूसीसी उत्तारखंड 2024 ने महिलाओं से जुड़े असमानता वाले व्यक्तिगत नागरिक मामलों से जुड़ी चिंताओं पर अंकुश लगाया है। जबकि इसमें कई ऐसे प्रावधान और नियम हैं, जो राज्य में नागरिकों के मौलिक अधिकारों का हनन करते हैं। इसमें निजता का अधिकार, जीवन जीने का अधिकार और बड़े अर्थों में विवाह में अपने साथी को चुनने में निर्णय लेने की व्यक्तिगत स्वतंत्रता के छिनने की बात है। शादी और तलाक से जुड़े रीति-रिवाजों को नजरअंदाज किया याचिका में कहा गया है कि ये प्रावधान मुस्लिम समुदाय के लिए भेदभावपूर्ण हैं। याचिका में दावा किया गया है कि ये प्रावधान मुस्लिमों की शादी और तलाक से जुड़े रीति-रिवाजों को नजरअंदाज करते हैं। दलीलों में इन लोगों पर हिन्दू मैरिज एक्ट के प्रावधानों को थोपते का भी आरोप लगाया गया है। लाइव लॉ बेवसाइट के अनुसार इसके लिए हिन्दू मैरिज एक्ट के सेक्शन 3(1) (जी) में लिखी बात का हवाला दिया गया है। शादी के प्रतिबंधित रिश्तों का दिया हवाला हिन्दू मैरिज एक्ट के सेक्शन 3(1) (जी) में शादी करने के लिए कुछ प्रतिबंधित रिश्तों के बारे में बताया गया है। इन्हीं प्रावधानों को मुस्लिम और पारसी समुदाय के लिए भी लागू किया गया है। याचिका में इसका उदाहरण रखते हुए दलील दी गई है कि इस बात को नजरअंदाज कर दिया गया है कि पारसी और मुस्लिम समुदाय में इन रिश्तों में शादी करना प्रतिबंधित नहीं है। इन रिश्तों में एक आदमी और उसके पिता की बहन की बेटी, एक आदमी और उसके पिता के भाई की बेटी, एक आदमी और उसके मामा की बेटी तथा एक आदमी और उसकी मामा की बेटी के जैसे रिश्ते शामिल हैं। LGBTQ समुदाय और रिलेशनशिप से जुड़े अधिकार लिव-इन रिलेशनशिप पर सेक्शन 4(बी) में कहा गया है कि केवल एक पुरुष और महिला जो “विवाह की प्रकृति” में रिश्ते के माध्यम से एक ही घर में रिलेशनशिप में रहते हैं। उनका रिश्ता निषिद्ध(बैन) संबंधों की डिग्री के तहत न आए। ऐसे रिश्तों को लिव-इन रिलेशनशिप में होना बताया गया है। याचिका में दावा किया गया है कि यदि प्रावधान के शब्दों के मायने निकाले जाएं तो यह केवल “जैविक पुरुष या महिला” से संबंधित होगा। ऐसा होने पर LGBTQ समुदाय से जुड़े व्यक्ति अगर अपने लिव-इन रिलेशनशिप के पंजीकरण के लिए जाएंगे तो वो इस अधिकार से बाहर हो जाएंगे। ऐसा LGBTQ समुदाय के साथ अनुचित व्यवहार होगा।

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