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मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से महात्मा गांधी उद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय के कुलपति ने की सौजन्य मुलाकात

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से  शाम यहां उनके निवास कार्यालय में महात्मा गांधी उद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय सांकरा, पाटन दुर्ग के कुलपति प्रोफेसर रवि आर.सक्सेना ने सौजन्य मुलाकात की। मुख्यमंत्री ने कुलपति प्रोफेसर सक्सेना से चर्चा के दौरान प्रदेश में,  विकासखंडवार उपजाए जाने वाले विशिष्ट फलों और सब्जियों की खेती को प्रोत्साहित करने, खेती की अत्याधुनिक तकनीकी और अनुसंधान कार्यों को किसानों तक पहुंचाने की जरूरत पर बल दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस क्षेत्र में उत्पादकता और किसानों की आय बढ़ाने तथा क्षमता विकास के लिए स्किल डेवलपमेंट के कोर्स प्रारंभ करने की पहल विश्वविद्यालय द्वारा की जानी चाहिए, जिससे अधिक से अधिक संख्या में किसान और विश्वविद्यालय के विद्यार्थी लाभान्वित हो सकें।

विजय मनोहर तिवारी माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय भोपाल के कुलगुरु नियुक्त

भोपाल माखनलाल चतुर्वेदी राष्‍ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय भोपाल महापरिषद के अध्यक्ष मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा विजय मनोहर तिवारी को माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय भोपाल का कुलगुरु नियुक्त किया गया है। तिवारी का कार्यकाल 4 वर्ष की अवधि के लिये रहेगा।  

विधायक विक्रांत भूरिया बने ऑल इंडिया आदिवासी कांग्रेस का चेयरमैन

झाबुआ मध्य प्रदेश के झाबुआ से कांग्रेस विधायक डॉ. विक्रांत भूरिया का कांग्रेस में कद बढ़ गया है. पार्टी ने उन्हें बड़ी जिम्मेदारी से नवाजा है. विक्रांत भूरिया को पार्टी ने ऑल इंडिया आदिवासी कांग्रेस का चेयरमैन बनाया है. कांग्रेस पार्टी के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल की ओर से जारी किए गए लेटर के मुताबिक कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने ऑल इंडिया आदिवासी कांग्रेस के अध्यक्ष पद पर विक्रांत भूरिया की तत्काल प्रभाव से नियुक्ति की है. उन्हें शिवाजी राव मोघे की जगय ये जिम्मेदारी सौंपी गई है.  दरअसल, विक्रांत भूरिया ने साल 2024 में अप्रैल में मध्य प्रदेश यूथ कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया था. इसके बाद कयास लगने शुरू हो गए थे कि उन्हें ऑल इंडिया यूथ कांग्रेस का अध्यक्ष बनाया जा सकता है. हालांकि उनकी जगह जम्मू कश्मीर के उदय भानु चिब को ये जिम्मेदारी सौंप दी गई. वहीं अब विक्रांत भूरिया को बड़ी जिम्मेदारी दी गई है. बता दें कि विक्रांत भूरिया पूर्व केंद्रीय मंत्री कांतिलाल भूरिया के बेटे हैं. भूरिया पेशे से डॉक्टर हैं. पिछले विधानसभा चुनाव में वह झाबुआ से विधायक चुनकर आए थे.

पंचायती राज राज्य मंत्री प्रो. एसपी सिंह बघेल कल पंचायत विकेंद्रीकरण सूचकांक रिपोर्ट जारी करेंगे

नई दिल्ली भारत में ग्रामीण स्थानीय स्वशासन को सुदृढ़ करने के महत्वपूर्ण कदम के तहत, पंचायती राज तथा मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय राज्य मंत्री प्रो. एसपी सिंह बघेल 13 फरवरी, 2025 को भारतीय लोक प्रशासन संस्थान नई दिल्ली में व्यापक पंचायत विकेंद्रीकरण सूचकांक रिपोर्ट जारी करेंगे। राज्यों में पंचायतों के विकेंद्रीकरण की स्थिति – एक सांकेतिक साक्ष्य आधारित रैंकिंग 2024 शीर्षक संबंधी यह रिपोर्ट देश में पंचायती राज संस्थाओं (पीआरआई) को सशक्त बनाने और 73वें संविधान संशोधन के स्थानीय स्वशासन के दृष्टिकोण को साकार करने की दिशा में उल्लेखनीय प्रगति है। कार्यक्रम में पंचायती राज मंत्रालय सचिव श्री विवेक भारद्वाज और मंत्रालय के अन्य वरिष्ठ अधिकारी और भारतीय लोक प्रशासन संस्थान, नई दिल्ली के संकाय सदस्य भाग लेंगे। पंचायत विकेंद्रीकरण सूचकांक, गहन शोध और विश्लेषण द्वारा राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में विकेंद्रीकरण तथा पंचायतों के विकास, प्रदर्शन और प्रगति का आकलन करता है। पारंपरिक मापदंडों से परे यह सूचकांक छह महत्वपूर्ण आयामों: ढांचा, कार्य, वित्त, कार्यकर्ता, क्षमता निर्माण और पंचायतों के उत्तरदायित्व का मूल्यांकन करता है। संविधान के अनुच्छेद 243जी की भावना के अनुरूप यह विशेष रूप से पड़ताल करता है कि पंचायतें निर्णय लेने और उन्हें लागू करने में कितनी स्वतंत्र हैं। यह अनुच्छेद राज्य विधानसभाओं को ग्यारहवीं अनुसूची में सूचीबद्ध 29 विषयों में पंचायतों को शक्तियां और उत्तरदायित्व सौंपने का अधिकार देता है। विकेंद्रीकरण सूचकांक सहकारी संघवाद और स्थानीय स्वशासन को सुदृढ़ करने के उपकरण के रूप में कार्य करता है, जिससे राज्यों को सुधार वाले क्षेत्रों की पहचान करने और बेहतर प्रदर्शन के लिए सर्वोत्तम प्रथाओं और नवाचारों को अपनाने में मदद मिलती है। इस सूचकांक की विभिन्न हितधारकों के लिए व्यावहारिक उपयोगिता है। यह लोगों को पंचायतों के कामकाज और संसाधन आवंटन पर नज़र रखने में पारदर्शिता प्रदान करता है। निर्वाचित प्रतिनिधियों को यह पक्षसमर्थन और सुधार के लिए डेटा आधारित सूचना देता है। अधिकारियों के लिए, यह प्रभावी विकेंद्रीकरण नीतियां लागू करने में रोडमैप का कार्य करता है। नीति निर्माता स्थानीय शासन के समग्र विकास पहलुओं के आकलन और सुधारों के सबसे अधिक आवश्यकता वाले क्षेत्रों के तौर पर चिन्हित करने में विकेंद्रीकरण सूचकांक का उपयोग कर सकते हैं। जमीनी स्तर पर समावेशी विकास और सतत विकास को बढ़ावा देने की यह पहल विकसित भारत के दृष्टिकोण के अनुरूप है, जहां विकसित और सशक्त पंचायतें ग्रामीण परिवर्तन की बुनियाद के तौर पर काम करती हैं।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किया साइकिलिस्ट आशा मालवीय का सम्मान

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किया साइकिलिस्ट आशा मालवीय का सम्मान एक लाख रुपये पुरस्कार देने की घोषणा की भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मंगलवार को मंत्रालय में साहस और संकल्प की मिसाल पेश कर रही मध्यप्रदेश की प्रसिद्ध सोलो साइकिलिस्ट सुआशा मालवीय ने सौजन्य भेंट की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आशा के साहसिक सफर की सराहना करते हुए उन्हें एक लाख रुपये पुरस्कार देने की घोषणा की। इस मौके पर कौशल विकास एवं रोजगार राज्यमंत्री गौतम टेटवाल भी उपस्थित रहे। 17,200 किलोमीटर की रोमांचक यात्रा साइकिलिस्ट कु. आशा मालवीय ने बताया कि वह अब तक लेह-लद्दाख सहित 17,200 किलोमीटर की यात्रा अपनी सामान्य साइकिल से पूरी कर चुकी हैं। उनके इस प्रयास ने न सिर्फ मध्यप्रदेश बल्कि पूरे देश को गौरवान्वित किया है। मुख्यमंत्री ने दी शुभकामनाएं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आशा मालवीय के इस साहसिक अभियान की प्रशंसा करते हुए कहा कि उनकी यह यात्रा युवाओं और खासतौर पर महिलाओं के लिए प्रेरणादायक है। उन्होंने आशा को भविष्य में भी ऐसे ही कार्यों के लिए शुभकामनाएं देते हुए कहा कि आशा का यह सफर महिला सशक्तिकरण और दृढ़ इच्छाशक्ति की अनूठी मिसाल है। उनकी सफलता से प्रेरित होकर अन्य युवाओं को भी अपने सपनों को साकार करने की प्रेरणा मिलेगी।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राष्ट्रीय खेल: 2025 में प्रदेश के खिलाड़ियों के पदक जीतने पर दी बधाई

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उत्तराखंड में आयोजित 38 वें राष्ट्रीय खेल: 2025 में रेसलिंग (50 किग्रा वर्ग) में मध्यप्रदेश की खिलाड़ी शिवानी नंदनलाल पवार को स्वर्ण पदक, जूडो (90 किग्रा वर्ग) ब्रहृम वत्स को स्वर्ण पदक कयाकिंग और कैनोइंग खेल के सी वन 1000 मीटर इवेंट में अरविंद वर्मा को रजत पदक और जूडो-63 किग्रा वर्ग में हिमांशी टोकर को रजत पदक जीतने पर बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मॉडर्न पेंटाथलॉन की बैथले प्रतिस्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतने पर मध्यप्रदेश महिला टीम की खिलाड़ियों रमा सोनकर, कनकधारीवाल और मानवी श्रीवास्तव को बधाई देते हुए कहा कि प्रदेश की बेटियों की इस अद्वितीय सफलता पर प्रदेशवासियों को गर्व है। बेटियों की यह उपलब्धि राज्य की भावी खेल प्रतिभाओं के लिए मिसाल बनेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश के खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट और अद्भुत खेल कौशल का प्रदर्शन करते हुए पदक अर्जित कर प्रदेश को गौरवान्वित किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि खिलाड़ियों की ऐतिहासिक उपलब्धि अभिनंदनीय है। उन्होंने सफलता के पथ पर खिलाड़ियों के निरंतर गतिमान रहने की कामना की है।  

10वीं व 12वीं की बोर्ड परीक्षा की उत्तरपुस्तिका मुख्य परीक्षक भी जाचेंगे, पांच मार्च से मूल्यांकन कार्य होगा शुरू

भोपाल माध्यमिक शिक्षा मंडल (माशिमं) की 10वीं व 12वीं की बोर्ड परीक्षा 25 फरवरी से आयोजित की जा रही है। पांच मार्च से मूल्यांकन कार्य शुरू कर दिया जाएगा । मूल्यांकन करने वाले शिक्षकों को मंडल ने अच्छे और बिल्कुल फिसड्डी विद्यार्थियों पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए हैं। ऐसे विद्यार्थी जिन्हें एक नंबर भी न मिला हो या जिनके नंबर 90 प्रतिशत से अधिक हो, उनकी उत्तरपुस्तिका दोबारा जांच की जाएगी। साथ ही उनकी उत्तरपुस्तिकाओं को मुख्य परीक्षक भी जाचेंगे। इनके अलावा एक या दो अंक से किसी विषय में विशेष योग्यता या प्रथम श्रेणी की पात्रता से वंचित होने वाले परीक्षार्थियों पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा। इसमें हर पेज पर मिले अंकों को जोड़ने में भी विशेष सावधानी रखी जाएगी। ऐसे सभी विद्यार्थियों की कापी दोबारा चेक कर अंकों को ध्यान से जोड़ने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा उत्तरपुस्तिका की जांच आदर्श उत्तर के अनुसार होगी। बता दें, कि इस बार बोर्ड परीक्षा में 17 लाख विद्यार्थी शामिल होंगे। विद्यार्थियों को हर स्टेप के नंबर मिलेंगे मप्र बोर्ड परीक्षा में अगर विद्यार्थी ने किसी भी सवाल को आधे से अधिक हल किया तो उसे आधा अंक मिल जाएगा। हर स्टेप पर अंक दिए जाएंगे। अगर विद्यार्थी ने प्रश्न से संबंधित जो लिखा है उसे उसके अंक भी दिए जाएंगे। मूल्यांकन केंद्र के अंदर एक बार प्रवेश करने के बाद शिक्षक को बाहर नहीं जाने दिया जाएगा। इसके अलावा कापियों की चैकिंग आदर्श उत्तर के अनुसार होगी। 30 हजार शिक्षकों की ड्यूटी लगाई गई है 10वीं व 12वीं की बोर्ड परीक्षा में करीब 30 हजार शिक्षकों को मूल्यांकन कार्य में लगेंगे। सबसे पहले 12वीं की कापी जांचने का काम प्राथमिकता से किया जाएगा। मूल्यांकन के दौरान केंद्रों पर धारा 144 लागू रहेगी। एक शिक्षक को प्रतिदिन न्यूनतम 30 व अधिकतम 45 उत्तरपुस्तिकाएं जांचने के लिए दी जाएगी। आठ घंटे की प्रतिदिन की ड्यूटी करनी होगी ।  

आत्मनिर्भरता और सामाजिक समरसता के प्रेरणापुंज थे संत रविदास: गौतम टेटवाल

भोपाल विशेष लेख भारतीय संस्कृति में संतों का स्थान केवल आध्यात्मिक मार्गदर्शकों के रूप में नहीं, बल्कि समाज सुधारकों के रूप में भी रहा है। उन्होंने समय-समय पर समाज को नई दिशा दी, उसके उत्थान के लिए कार्य किया और एक न्यायसंगत व्यवस्था का संदेश दिया। संत रविदास जी भी उन्हीं में से एक थे, जिन्होंने समानता, श्रम की प्रतिष्ठा और आत्मनिर्भरता की शिक्षा दी। उनके विचारों की प्रासंगिकता आज भी उतनी ही गहरी है जितनी उनके समय में थी। संत रविदास जी 15वीं-16वीं शताब्दी के एक महान संत, समाज सुधारक और कवि थे। उनका जन्म वाराणसी में हुआ था। उन्होंने समाज में जातिगत भेदभाव का विरोध किया और कर्म को व्यक्ति की पहचान का आधार माना। उनकी शिक्षाएँ भक्ति आंदोलन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बनीं और उन्होंने निर्गुण भक्ति को अपनाते हुए समानता और ईश्वर-भक्ति का संदेश दिया। उनके विचारों को गुरुग्रंथ साहिब में भी शामिल किया गया, जो यह दर्शाता है कि उनकी शिक्षाएँ किसी एक संप्रदाय तक सीमित न होकर समस्त मानवता के लिए थीं। उन्होंने एक ऐसे समाज की कल्पना की थी, जहां न कोई गरीबी हो, न शोषण हो, और न ही किसी प्रकार का अन्याय। यह उनके सामाजिक सुधार के विचारों का दर्पण है, जो आज के आत्मनिर्भर भारत और विकसित मध्यप्रदेश के संकल्प से मेल खाता है। उनके विचार केवल भक्ति तक सीमित नहीं थे, बल्कि उन्होंने श्रम और कर्म की प्रतिष्ठा को समाज में स्थापित किया। उन्होंने कहा था कि “ऐसा चाहूं राज मैं, जहाँ मिले सबन को अन्न” छोट-बड़ो सब सम बसै, रविदास रहै प्रसन्न। यह केवल एक आदर्श कल्पना नहीं, बल्कि एक ऐसे समाज की परिकल्पना थी जहां समानता हो, कोई भेदभाव न हो और हर व्यक्ति आत्मनिर्भर बने। संत रविदास के इन्हीं विचारों को साकार करने की दिशा में मध्यप्रदेश सरकार युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए सतत प्रयास कर रही है। संत शिरोमणि रविदास ग्लोबल स्किल्स पार्क इस दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है, जहां युवाओं को वैश्विक स्तर का प्रशिक्षण दिया जा रहा है, जिससे वे न केवल आत्मनिर्भर बनें, बल्कि अपनी प्रतिभा के बल पर प्रदेश और देश की अर्थव्यवस्था में योगदान दें। आज प्रदेश में 970 आईटीआई (290 सरकारी और 680 निजी) कार्यरत हैं, 83 हजार 109 युवाओं को प्रशिक्षित कर तकनीकी और व्यावसायिक विशेषज्ञता प्रदान कर रहे हैं। ग्लोबल स्किल पार्क जैसे संस्थान सालाना 10 हजार युवाओं को उन्नत नौकरी के लिए प्रशिक्षण देते हैं। आईटीआई का आधुनिकीकरण कर 10 संस्थानों को अपग्रेड किया गया है, जिससे हर साल 12 हजार युवा 32 उभरते ट्रेडों में एनसीवीटी-स्तरीय प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। मुख्यमंत्री सीखो-कमाओ योजना में 4.27 लाख से अधिक युवाओं ने आवेदन किया है, जिससे उन्हें छात्रवृत्ति और व्यावहारिक प्रशिक्षण के साथ सशक्त बनाया जा रहा है। सरकार ने 1515 करोड़ रु. का बजट कौशल विकास पहल के लिए आवंटित किया है, जिससे युवाओं को वैश्विक स्तर की ट्रेनिंग दी जा सके। संत रविदास के विचारों को आत्मसात कर हम समाज में समानता, श्रम की प्रतिष्ठा और आत्मनिर्भरता की दिशा में लगातार आगे बढ़ रहे हैं। उनकी जयंती केवल स्मरण का अवसर नहीं, बल्कि उनके आदर्शों को अपनाने और उन्हें समाज में स्थापित करने का संकल्प है।  

दुनिया के सबसे भ्रष्ट देशों की लिस्ट में कहां हैं भारत-पाकिस्तान कहाँ पर है जाने, डेनमार्क सबसे ईमानदार देशों में टॉप पर

बर्लिन  ट्रांसपेरेंसी इंटरनेशनल ने करप्शन परसेप्शन इंडेक्स (CPI) 2024 की रैंकिंग जारी कर दी है। भ्रष्टाचार धारणा सूचकांक के तहत दुनिया भर के सबसे भ्रष्ट और सबसे ईमानदार देशों की रैंकिंग की जाती है। लिस्ट जारी करने के लिए सीपीआई 180 देशों और क्षेत्रों को सार्वजनिक क्षेत्र में भ्रष्टाचार के कथित स्तरों के आधार पर रैकिंग को जारी करता है। देशों को 0 से 100 के बीच अंक दिए जाते हैं, जिसके सबसे अधिक अंक पाने वाले सबसे साफ सुथरा और कम अंक पाने वाले को सबसे भ्रष्ट देश घोषित किया जाता है। रिपोर्ट के ट्रांसपेरेंसी इंटरनेशनल बर्लिन ने जारी किया है। सीपीआई रिपोर्ट के अनुसार, वैश्विक भ्रष्टाचार का स्तर चिंताजनक रूप से उच्च बना हुआ है। रिपोर्ट में दुनिया भर में गंभीर भ्रष्टाचार सामने आया है। दो तिहाई से अधिक देशों का स्कोर 100 में से 50 से नीचे है। लगभग 6.8 अरब लोग ऐसे देशों में रहते हैं, जिनका सीपीआई स्कोर 50 से कम है, जो दुनिया की कुल आबादी के 85 प्रतिशत के बराबर है। ये हैं सबसे ईमानदार देश सबसे कम भ्रष्टाचार वाले देशों में डेनमार्क लगातार 7वें साल टॉप पर रहा, जिसने 90 अंक प्राप्त किया। उसके बाद फिनलैंड (88) और सिंगापुर (84) का स्थान रहा। इसके बाद न्यूजीलैंड (83) और लग्जमबर्ग (81) शामिल हैं। टॉप रैकिंग वाले देशों में नॉर्वे और स्विटजरलैंड को भी 81 अंक मिले हैं। वहीं, स्वीडन को 80 अंक मिले हैं। ये हैं सबसे भ्रष्ट देश दुनिया के सबसे भ्रष्ट देशों की लिस्ट में दक्षिणी सूडान टॉप पर है। इंडेक्स के अनुसार इसे 8 अंक हासिल हुए हैं और इसे सबसे नीचे की 180वीं रैंक दी गई है, जो इसके सबसे भ्रष्ट देश होने का प्रमाण है। इसके बाद सोमालिया 179वें और वेनेजुएला 178वें स्थान पर है। लिस्ट में सीरिया 177वें और यमन, लीबिया, इरीट्रिया, इक्वाटोरियल गिनी 13 अंकों के साथ 173वें स्थान पर हैं। निकारागुआ 14 अंकों के साथ 172वीं रैंक पर है। भारत और पाकिस्तान की रैंकिंग कंगाल पाकिस्तान रैकिंग में 135वें स्थान पर है, जो साल 2023 के मुकाबले दो अंकों की गिरावट है। 27 अंक पाने वाला पाकिस्तान रैकिंग में माली, लाइबेरिया और गबोन जैसे देशों के साथ खड़ा है। करप्शन इंडेक्स में भारत की रैकिंग पाकिस्तान से बहुत ऊपर है। हालांकि, 2023 के मुकाबले इसमें 1 अंक की गिरावट आई है, जिसके रैंकिंग पर 3 का अंतर आया है। साल 2024 की रैकिंग में भारत 38 अंकों के साथ 96वें स्थान पर है। भारत का एक और पड़ोसी चीन 42 अंकों के साथ रैकिंग में 76वें स्थान पर है। बांग्लादेश 23 अंक के साथ 151वें स्थान पर है, जबकि श्रीलंका को 32 अंक मिले हैं और वह 121वें स्थान पर है। तालिबान राज में अफगानिस्तान को 17 अंक मिले हैं और वह 165वें स्थान पर है।

इंग्लैंड का अहमदाबाद में वनडे रिकॉर्ड कुछ खास नहीं, भारत का ऐसा रहा रिकॉर्ड

अहमदाबाद भारत बनाम इंग्लैंड तीन मैचों की वनडे सीरीज का तीसरा मुकाबला बुधवार 12 फरवरी को अहमदाबाद में खेला जाना है। इस मैच में रोहित शर्मा की कप्तानी वाली भारतीय टीम 3-0 से क्लीन स्वीप करने के इरादे से उतरेगी, जबकि इंग्लैंड के सामने अपना सम्मान बचाने की चुनौती होगी। हालांकि, नरेंद्र मोदी स्टेडियम में भारत के आंकड़े इंग्लैंड की तुलना में कई गुना बेहतर है। नरेंद्र मोदी स्टेडियम जोकि, पहले मोटेरा क्रिकेट स्टेडियम के नाम से जाना जाता था, इस पर अब तक कुल 31 वनडे मैच खेले जा चुके हैं। इनमें से 15 मैच पहली बल्लेबाजी करने वाली टीम ने जीते हैं, जबकि लक्ष्य का पीछा करने वाली टीमों ने 16 बार जीत दर्ज की है, जो यह दर्शाता है कि इस मैदान पर दूसरी पारी में बल्लेबाजी करना अधिक फायदेमंद साबित हो सकता है। ओस गिरने की स्थिति में गेंदबाजों को मुश्किल हो सकती है, जिससे लक्ष्य का पीछा करना आसान हो जाता है। भारत का अहमदाबाद में वनडे रिकॉर्ड अहमदाबाद में भारत के रिकॉर्ड्स की बात करें तो यहां पर टीम ने अब तक 20 वनडे मैच खेले गए हैं। जिनमें से 11 मैच में जीत हासिल हुई है, जबकि 9 मैच में हार का सामना करना पड़ा हैं। जिसमें एक हार वनडे वर्ल्ड कप 2023 के फाइनल में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मिली थी। मोटेरा में भारत ने 11 में से 6 मैच लक्ष्य का पीछा करते हुए जीता है। बुधवार को खेले जाने वाले मैच अगर टीम दूसरी पारी में बल्लेबाजी करती है तो उसके जीतने संभावना ज्यादा है, सीरीज के दो मैचों में टीम ने ऐसा करके दिखाया है। इंग्लैंड का अहमदाबाद में वनडे रिकॉर्ड इंग्लैंड की टीम ने अहमदाबाद में अब तक चार वनडे मैच खेले हैं, जिनमें से एक मैच में ही जीत मिल पायी है। टीम ने यह जीत 2006 में वेस्ट इंडीज के खिलाफ हासिल की थी। इंग्लैंड को लक्ष्य का पीछा करते हुए 3 विकेट से जीत मिली थी। हालांकि, भारत और इंग्लैंड पहली बार इस मैदान पर आमने-सामने होंगे।  

बागेश्वर धाम आएंगे पीएम मोदी, धीरेंद्र शास्त्री ने कैंसर अस्पताल की आधारशिला रखेंगे

छतरपुर  मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में आयोजित ग्लोबल इंवेस्टर समिट का उद्धाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करेंगे। इसके लिए 24 फरवरी को भोपाल आएंगे, लेकिन इससे पहले वह बागेश्वर धाम जाएंगे। जहां पीएम नरेंद्र मोदी कैंसर हॉस्पिटल का भूमिपूजन करेंगे। इसको लेकर तैयारियां भी तेज हो गई हैं। 23 फरवरी को बागेश्वर धाम आएंगे पीएम नरेंद्र मोदी मोहन सरकार द्वारा आयोजित कैबिनेट बैठक आयोजित की गई थी। जिसके बाद सीएम डॉ मोहन यादव ने मीडिया से चर्चा करते हुए बताया कि वह कल दिल्ली जा रहा हैं। जहां राजदूतों के साथ बैठक में शामिल होंगे। इसके साथ ही उन्होंने बताया कि पीएम नरेंद्र मोदी 23 फरवरी को बागेश्वर धाम आएंगे। कैंसर हॉस्पिटल का होगा भूमिपूजन 23 फरवरी को बागेश्वर धाम में कैंसर हॉस्पिटल का भूमिपूजन होगा। बीते दिनों पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने बताया था कि कार्यक्रम में कई बड़ी हस्तियां शामिल होंगी। पहले चरण में 3 साल में 100 बेड का सुविधायुक्त अस्पताल बनकर तैयार किया जाएगा। उद्धाटन के लिए पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने पीएम नरेंद्र मोदी कैंसर हॉस्पिटल के भूमि पूजन का निमंत्रण दिया था। दरअसल, धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री बागेश्वर धाम में कैंसर अस्पताल का निर्माण करा रहे हैं। पहले चरण में 100 बिस्तर का सभी सुविधाओं वाला अस्पताल बनकर तैयार होगा। इसके बाद इसका विस्तार किया जाएगा। अस्पताल के शिलान्यास का कार्यक्रम 23 फरवरी को होने जा रहा है। इसमें कई बड़ी हस्तियां शामिल होगी। ऐसा माना जा रहा है कि यदि प्रधानमंत्री बागेश्वर धाम जाते हैं तो वह अस्पताल के शिलान्यास कार्यक्रम के बाद भोपाल आएंगे। जहां, राजभवन में रात्रि विश्राम करेंगे। इसके अगले दिन 24 फरवरी को सुबह 10 बजे जीआईएस का शुभारंभ करेंगे।  30 देशों के राजदूत और काउंसलर आएंगे राष्ट्रीय मानव संग्रहालय में आयोजित हो रही जीआईएस में 30 देशों के राजदूत और काउंसलर ने आने की सहमति दी है। इसमें कई देशों के निवेश और उद्योगपति भी शामिल होंगे। साथ ही केंद्र सरकार में मंत्री अविश्वनी वैष्णव, पीयूष गोयल, नितिन गडकरी, जीकिशन रेड्डों को भी निमंत्रण भेजा गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से कई मंत्री और उद्योगपति मुलाकात कर सकते है। इसके बाद प्रधानमंत्री 12 बजे भोपाल से रवाना हो जाएंगे।

पाक एयरफोर्स को चीन से मिलने जा रहा खतरनाक J-35 जेट, भारत की बढ़ी चिंता

इस्लामाबाद  पाकिस्तान की वायु सेना चीन से 40 अत्याधुनिक J-35A लड़ाकू विमान खरीद सकती है। पाकिस्तानी एयरफोर्स को इन विमानों के आने से काफी ज्यादा ताकत मिलेगी और ये क्षेत्रीय शक्ति संतुलन पर फर्क डाल सकता है। पाकिस्तान के रिटायर्ड एयर कमोडोर जिया उल हक शमशी का कहना है कि पांचवीं पीढ़ी J-35 विमान पाक एयरफोर्स की ताकत भारत से कई गुना बढ़ा देगा। उनका कहना है कि अगले कम से कम 14-15 सालों तक भारतीय वायु सेना के पास ऐसा कोई विमान नहीं होगा। ऐसे में पाकिस्तान की एयरफोर्स भारत पर अच्छी खासी बढ़त बना लेगी। डिफेंस सिक्योरिटी एशिया की रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान को चीन से ये खतरनाक एयरक्राफ्ट मिलने से क्षेत्रीय वायुशक्ति का परिदृश्य बदल सकता है। पाक एयरफोर्स ने पिछले साल J-35A स्टेल्थ फाइटर खरीदने का संकेत दिया था। चीन के शेनयांग एयरक्राफ्ट कॉर्पोरेशन ने इस अत्याधुनिक जेट को बनाया है। पाकिस्तान ने जल्दी ही J-35A के पाकिस्तान वायु सेना का हिस्सा बनने की उम्मीद जताई है। चीन में ट्रेनिंग ले रहे पाक पायलट पाकिस्तानी मीडिया ने दावा किया है कि उनकी एयरफोर्स के पायलट J-35A लड़ाकू विमान की ट्रेनिंग के लिए चीन में हैं। J-35A माइटी ड्रैगन J-20 के बाद चीन का दूसरा स्टेल्थ फाइटर है। J-20 केवल चीनी वायु सेना के लिए है, जबकि J-35A को दूसरे देशों को भी बेचा जा रहा है। पाकिस्तान की वायु सेना में पहले से ही चीन का J-10C और संयुक्त रूप से विकसित JF-17 शामिल है। पाक एयरफोर्स J-35A का अधिग्रहण अमेरिकी F-16 और फ्रांस के मिराज 5 विमानों के पुराने बेड़े को बदलने के लिए कर रही है। J-35A सिंगल सीट, जुड़वां-इंजन वाला, मीडियन आकार का स्टेल्थ फाइटर है। इस दुनिया के सबसे उन्नत लड़ाकू विमानों में गिना जा रहा है। चीन J-35A को अमेरिकी F-35B और F-35C वेरिएंट के सीधे प्रतिद्वंद्वी के रूप में स्थापित कर रहा है। भारत की बढ़ेगी चिंता पाकिस्तान को अत्याधुनिक J-35 मिलता है तो ये भारत की चिंता बढ़ा सकता है। भारत की एयरफोर्स काफी समय से लड़ाकू विमानों की कमी से जूझ रही है। इंडियन एयरफोर्स फिलहाल सुखोई Su-30MKI और राफेल जैसे 4.5 पीढ़ी के लड़ाकू विमानों पर निर्भर है। भारत को चीन और पाकिस्तान से चुनौती मिलती रही है। चीनी वायु सेना पहले से ही J-20 संचालित करती है। पाकिस्तान को अभी अगर J-35A मिलता है तो भारत को पांचवीं पीढ़ी के लड़ाकू विमान खरीदने के अपने प्रयासों में तेजी लाने के लिए मजबूर होना पड़ेगा।

काम में लापरवाही करना अधिकारी को पड़ा महंगा, कलेक्टर ने थमाया नोटिस

मैहर उत्तर प्रदेश के प्रयागराज महाकुंभ में स्नान के लिए जा रहे यात्रियों को जाम जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। इसके लिए अब मध्यप्रदेश सरकार भी चिंता में है। व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने के लिए जिले भर के आलाधिकारी भी सड़क पर उतर गए हैं। लेकिन मैहर के कुछ अधिकारी ऐसे काम में भी लापरवाही करते नजर आए हैं। जानकारी के मुताबिक, मैहर कलेक्टर रानी बाटड ने मैहर जिला महिला बाल विकास अधिकारी राजेंद्र बागरे को नोटिस जारी किया है। इनसे तीन दिन में जवाब-तलब करने के लिए कहा गया है अन्यथा कार्रवाई करने की बात कलेक्टर ने कही है। आपको बता दें कि तीर्थ स्थल की ओर जा रहे श्रद्धालुओं की देखरेख और उनकी उचित व्यवस्था के लिए इनकी ड्यूटी हाइवे पर लगाई गई थी। लेकिन लापरवाही कुछ ऐसी दिखी के महिला बाल विकास अधिकारी अनुपस्थित रहे। बताते चलें कि मैहर कलेक्टर ने प्रयागराज महाकुंभ मेले के दौरान ड्यूटी से नदारद रहने वाले राजेंद्र बागरे को नोटिस जारी किया है। साथ ही तीन दिन में जवाब प्रस्तुत करने के सख्त निर्देश भी दिए गए हैं। यह कार्रवाई रीवा-प्रयागराज मार्ग पर लगे भीषण जाम के बाद की गई है। जिले के सभी कर्मचारियों की है तैनाती प्रयागराज को जोड़ने वाली नेशनल हाइवे-30 में अलग-अलग विभागों के कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है और सभी को मौजूद रहने के सख्त चेतावनी दी गई है। ऐसे में लापरवाही का मामला अब कई सवाल खड़े कर रहा है। सीएम मोहन यादव के आदेश के बाद अलग-अलग बैरिकेडिंग में जिला प्रशासन के द्वरा खाने-पीने जैसे तमान बुनियादी इंतजाम करने के लिए कहा गया है, जिसके लिए नागरिक और जिला प्रशासन कर्मचारियों को तैनात किया गया है।  महाकुंभ :  ड्यूटी से गायब चार अधिकारियों को नोटिस, रोकी गई वेतनवृद्धि प्रयागराज महाकुंभ में ड्यूटी से गायब रहने वाले चार अधिकारियों को नोटिस भेजा गया है। इसके साथ ही वेतनवृद्धि भी रोक दी गई है। यह सभी अधिकारी रीवा-प्रयागराज मार्ग पर लगे भीषण जाम में ड्यूटी से गायब मिले। जिसके बाद कार्रवाई की गई। दरअसल, 8 और 9 फरवरी को रीवा के रायपुर कर्चुलियान, मनगवां से लेकर झिरिया टोल प्लाजा, जोगनिहाई टोल प्लाजा और सोहागी पहाड़ वाले यूपी बॉर्डर तक भीषण जाम की स्थिति बनी हुई थी। हजारों गाड़ियां लंबी लाइन में खड़ी थी। जाम की स्थिति बनने के कारण यात्रियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा था। कलेक्टर और एसपी लिया व्यवस्थाओं का जायजा कलेक्टर प्रतिभा पाल और एसपी विवेक सिंह ने देर रात पहुंचकर यूपी और एमपी बॉर्डर पर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। जिसके बाद अधिकारियों को नोटिस थमा दिया गया। इन अधिकारियों में जिला पंजीयक संध्या सिंह, जिला खनिज अधिकारी दीपमाला तिवारी, सहायक पशु चिकित्सा अधिकारी विनय वर्मा और सहायक पशु चिकित्सा अधिकारी राजीव शुक्ला शामिल हैं। ड्यूटी स्थल में गायब होने पर हुई कार्रवाई जांच में सामने आया कि चारों अधिकारी ड्यूटी स्थल में अनुपस्थित थे, साथ ही उनके मोबाइल फोन भी बंद मिले। इन अधिकारियों की वेतनवृद्धि भी रोक दी गई थी। अब इन अधिकारियों को कलेक्टर के सामने जवाब प्रस्तुत करना होगा।

उज्जैन शहर की सड़कें चौड़ी करने में 50 से ज्यादा धर्मस्थल प्रभावित होंगे

उज्जैन एमपी में सड़कें चौड़ी करने का काम किया जा रहा है। उज्जैन में तो इसके लिए बाकायदा अभियान चलाया जा रहा है। सड़क चौड़ी करने के लिए यहां पहली बड़ी कार्रवाई जब रास्ते में आ रहे एक स्कूल को मार्ग से हटाया गया। अब धर्मस्थल को शिफ्ट करने की तैयारी की जा रही है। शहर भर की सड़कें चौड़ी की जानी है जिसमें 50 से ज्यादा धर्मस्थल प्रभावित होंगे। सड़कें चौड़ी करने के लिए ऐसे धर्मस्थलों को भी पीछे हटाया जाएगा। उज्जैन में 2028 में आयोजित सिंहस्थ यानि कुंभ मेले के लिए ये कवायद की जा रही है। अधिकारियों के अनुसार धर्मस्थलों के बढ़े हिस्से को हटाया जाएगा या फिर कहीं ओर शिफ्ट भी किया जा सकता है।  उज्जैन में हो रहे रोड निर्माण और चौड़ीकरण के काम में पहली बड़ी कार्रवाई हुई है। कोठी रोड रोड से उद्योगपुरी की ओर मार्ग में आ रहे एक सरकारी स्कूल को शिफ्ट किया गया है। इसी के साथ स्कूल को तोड़ने की कवायद शुरू कर दी है। वहीं रास्ते में आने वाले एक धर्मस्थल को भी पीछे किए जाने की कार्रवाई होगी। नगर निगम द्वारा प्रशासनिक संकुल भवन के पास से सड़क को 18 मीटर चौड़ा किया जा रहा है। निगम ने यह काम भी शुरू कर दिया है। रास्ते में शासकीय प्राथमिक विद्यालय कोठी रोड का भवन और इसी के आगे एक धर्मस्थल भी आ रहा है। दोनों को हटाए बिना रोड चौड़ी करना संभव नहीं है। लिहाजा पहली कार्रवाई करते हुए शासकीय स्कूल को हटाने की कार्रवाई शुरू की गई है। कलेक्टर नीरजकुमार सिंह ने सरकारी स्कूल को हटाते हुए शासकीय प्राथमिक विद्यालय गांधीनगर में शिफ्ट करने के आदेश जारी किए हैं। कलेक्टर के आदेश के बाद निगम की ओर से स्कूल भवन तोडऩे की कार्रवाई भी शुरू कर दी गई है। अगले दिनों में मार्ग में आ रहे धर्मस्थल को भी पीछे करने की कार्रवाई भी होगी। एक-दो दिन में होगा फैसला बताते हैं कि मार्ग में आने वाले धर्मस्थल को लेकर एक-दो दिन में निर्णय लिया जाएगा। निगम व प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा धर्मस्थल से जुड़े स्टेक होल्डर से चर्चा भी कर ली गई है। अधिकारी बता रहे हैं कि जितना धर्मस्थल है, उससे ज्यादा निर्माण कर लिया गया है। ऐसे में धर्मस्थल के बढ़े हिस्से को हटाया जाएगा या फिर कहीं ओर शिफ्ट भी किया जा सकता है। 52 धर्मस्थल होंगे प्रभावित शहर की सड़क चौड़ी करने के काम में मार्ग में बने करीब 52 धर्मस्थल प्रभावित होंगे। इसमें गाड़ी अड्डा से निकास चौराहा व केडी गेट होते हुए बड़ी पुलिया तक 19 धर्मस्थल, खजूरवाली मस्जिद से जीवाजीगंज थाना होते हुए गणेश चौक तक 10, वीडी क्लॉथ मार्केट से दानीगेट होते हुए छोटी पुलिया तक 11, कोयलाफाटक से सतीगेट होते हुए गोपाल मंदिर तक 11, निकास चौराहे से कंठाल चौराहे तक 02 तथा गदा पुलिया से रविशंकर नगर होते हुए लालपुल तक 5 धर्मस्थल शामिल हैं। अगले दिनों में प्रशासनिक अधिकारी स्टेक होल्डर से चर्चा कर उचित निर्णय लेंगे। नगर निगम के कार्यपालन यंत्री पीयूष भार्गव बताते हैं कि कोठी रोड पर चौड़े किए जा रहे मार्ग में आ रहे सरकारी स्कूल को तोड़ा जा रहा है। इसे शिफ्ट करने के आदेश कलेक्टर ने जारी कर दिए है। धर्मस्थल को लेकर भी चर्चा की जा रही है।

प्रयागराज में महाकुंभ मेला 2025 के चलते भारी संख्या में श्रद्धालु उमड़े, पेट्रोल पंपों पर लंबी कतारें, कई जगह ईंधन खत्म

 प्रयागराज  प्रयागराज में महाकुंभ मेला 2025 के चलते करोड़ों श्रद्धालु गंगा स्नान और धार्मिक अनुष्ठान करने के लिए उमड़ रहे हैं। मेरठ से प्रयागराज जाने वाले मार्गों पर जनसैलाब और श्रद्धालुओं की भीड़ से हाईवे गुलजार हो गए हैं। इस धार्मिक आयोजन के कारण लाखों लोगों को रोजगार मिला है। होटल, ढाबे, पेट्रोल पंप से लेकर सड़क किनारे रेहड़ी पटरी वालों तक सभी को इसका आर्थिक लाभ मिल रहा है। महाकुंभ के चलते प्रयागराज और आसपास के सभी होटलों में श्रद्धालुओं की भीड़ देखने को मिल रही है। मेरठ से प्रयागराज जाने वाले रास्ते पर स्थित ढाबों और रेस्टोरेंट में भी लोगों की भारी संख्या देखी गई। ढाबों में सामान्य दिनों की तुलना में तीन से चार गुना ज्यादा ग्राहक पहुंच रहे हैं, जिससे इन व्यवसायियों की आमदनी में जबरदस्त इजाफा हुआ है। हाईवे और उससे जुड़े मार्गों पर हजारों की संख्या में अस्थायी दुकानें भी लग गई हैं। सड़क किनारे पानी की बोतल, चाय-नाश्ता, खाने-पीने की चीजें बेचने वाले छोटे व्यापारियों की संख्या में भारी वृद्धि हुई है। कई छोटे व्यापारी इसे अपने लिए रोजगार का बेहतरीन अवसर मान रहे हैं। पेट्रोल पंपों पर लगी लंबी कतारें, कई जगह ईंधन खत्म प्रयागराज जाने वाले मार्गों पर स्थित पेट्रोल पंपों पर वाहनों की लंबी कतारें देखी गईं। बड़ी संख्या में श्रद्धालु अपने निजी वाहनों से महाकुंभ में भाग लेने के लिए रवाना हुए हैं, जिसके चलते पेट्रोल और डीजल की खपत कई गुना बढ़ गई है। कई पेट्रोल पंपों पर तो ईंधन खत्म होने की नौबत आ गई, जिससे वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। मेरठ निवासी उमेश शर्मा, जो परिवार सहित प्रयागराज जा रहे थे, उन्होंने बताया कि हाईवे पर एक पेट्रोल पंप पर 45 मिनट तक लाइन में लगने के बाद भी उन्हें पेट्रोल नहीं मिल सका। ऑटो, ई-रिक्शा और बोट वालों ने यात्रियों की मजबूरी का उठाया फायदा महाकुंभ में भीड़ बढ़ने के कारण प्रयागराज में स्थानीय परिवहन सेवा महंगी हो गई है। ऑटो और ई-रिक्शा चालकों ने मनमाने किराए वसूले। जहां सामान्य दिनों में 10 से 20 रुपये किराया लिया जाता था, वहीं अब श्रद्धालुओं से 100 से 200 रुपये तक वसूले जा रहे हैं। सबसे ज्यादा लूट बाइक सवारों ने मचाई। संगम से करीब 2 किलोमीटर पहले ही यातायात बंद कर दिया गया, जिससे श्रद्धालुओं को पैदल चलना पड़ा। इस मौके का फायदा उठाकर कुछ स्थानीय लोगों ने श्रद्धालुओं को बाइक से संगम तक छोड़ने के लिए 1000 रुपये प्रति सवारी वसूले। एक बाइक पर दो सवारियों को ले जाकर 2000 रुपये तक की कमाई की जा रही है। संगम तट पर नाविकों ने भी श्रद्धालुओं की मजबूरी का लाभ उठाया। सामान्य दिनों में जो नाव किराया 50-100 रुपये था, वह अब 500 रुपये तक पहुंच गया है। श्रद्धालु इस मनमानी से काफी परेशान नजर आए। पुलिस की तत्परता की सराहना भारी भीड़ के बावजूद प्रयागराज पुलिस और प्रशासन की मुस्तैदी की लोग सराहना कर रहे हैं। श्रद्धालुओं का कहना है कि स्थानीय पुलिस ने इस बार काफी बेहतर व्यवस्था की है। मेरठ के शहर क्षेत्र से सौरभ खाटू और उनके साथ आए लोगों ने बताया कि पुलिस हर जगह गाइड कर रही है और श्रद्धालुओं की मदद कर रही है। जिन लोगों को रास्ते की जानकारी नहीं थी, उन्हें पुलिसकर्मी सही दिशा दिखा रहे हैं। महिलाओं और बच्चों के लिए भी विशेष सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं। शहर में कई स्थानों से प्रवेश मार्गी पर बड़ी बड़ी निशुल्क पार्किंग की व्यवस्था सुरक्षा कर्मियों की ड्यूटी के साथ की गई है। हालांकि, कुछ जगहों पर भीड़ को नियंत्रित करने में कठिनाई हुई, लेकिन कुल मिलाकर पुलिस व्यवस्था संतोषजनक रही। विपक्ष को बताया सनातन विरोधी महाकुंभ में स्नान करने आए कई श्रद्धालुओं ने विपक्षी दलों पर निशाना साधा। उनका कहना था कि कुछ नेता लगातार सनातन धर्म को लेकर अनर्गल बयानबाजी कर रहे हैं। श्रद्धालुओं ने कहा कि महाकुंभ केवल हिंदुओं के लिए ही नहीं, बल्कि सभी धर्मों के लोगों के लिए रोजगार और आस्था का बड़ा केंद्र है। कई मुस्लिम दुकानदारों, होटल मालिकों, नाविकों और रेहड़ी-पटरी वालों को भी इसका सीधा लाभ मिला है। मेरठ निवासी रामकिशन ने कहा कि विपक्षी नेता सिर्फ एक विशेष समुदाय को खुश करने के लिए ऐसे बयान देते हैं, लेकिन हकीकत यह है कि महाकुंभ सभी के लिए लाभकारी साबित हो रहा है।

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