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मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विभागीय कार्ययोजना की समीक्षा बैठक में दिये निर्देश

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंगलवार को मंत्रालय में विभिन्न विभागों की विभागीय कार्ययोजना एवं उससे जुड़े वित्तीय प्रावधानों के संदर्भ में समीक्षा बैठक ली। बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विभागीय कार्य योजनाओं की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की। उन्होंने कहा कि वर्तमान वित्त वर्ष में विभागों को जारी किए गए बजट में वित्तीय अनुशासन का पालन करते हुए शत-प्रतिशत बजट का उपयोग सुनिश्चित करें। नये वित्तीय वर्ष के बजट में योजनाओं के लक्ष्य के अनुरूप वित्तीय प्रावधान सुनिश्चित किए जाएं। सभी विभाग अपने निर्धारित लक्ष्य समय-सीमा में पूरा करें, जिससे विकास कार्यों को सुचारू रूप से सम्पन्न कराया जा सके। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रमुख सचिव लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा को निर्देश दिए कि वे आयुष्मान निरामयम योजना की नियमित रूप से मानीटरिंग करें। सभी जरूरतमंद व्यक्तियों के आयुष्मान कार्ड बनाने के प्रकरणों में तत्परता और सजगता से कार्रवाई की जाये। सभी पात्र व्यक्तियों के तेजी से आयुष्मान कार्ड बनाये जायें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विभिन्न योजनाओं की अद्यतन स्थिति की जानकारी ली और अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के लिए नियमित रूप से मॉनिटरिंग भी की जाए। जनहित से जुड़ी योजनाओं में किसी भी प्रकार की देरी नहीं होनी चाहिए और सरकार की योजनाओं का लाभ समय पर जनता तक पहुंचे, इसके लिए विभागों को बेहतर तालमेल और उच्च कोटि का समन्वय बनाकर कार्य करना चाहिए। उन्होंने कहा कि पूंजीगत परियोजनाओं की स्वीकृति समय पर हो तथा इनका क्रियान्वयन भी समय सीमा में ही पूरा करें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश के आर्थिक संसाधनों के न्यायसंगत वितरण पर जोर दिया और कहा कि वित्तीय नियमावली का पालन करते हुए योजनाओं का क्रियान्वयन किया जाए। उन्होंने सभी अधिकारियों से रिजल्ट ओरिएंटेड कार्यशैली अपनाने और योजनाओं के समयबद्ध निष्पादन के लिए प्रतिबद्ध होकर कार्य करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने सभी अधिकारियों को राज्य के समग्र और तीव्र विकास के लिए नीतिगत निर्णय लेने की प्रक्रिया में और तेजी लाने तथा वित्तीय संसाधनों के प्रभावी व अधिकतम उपयोग पर बल दिया। बैठक में विभागीय अधिकारियों ने अपनी विभागीय कार्य योजनाओं की जानकारी दी और आगामी वित्त वर्ष के लिए तय किये गये लक्ष्यों की रूपरेखा पर चर्चा की। बैठक में स्कूल शिक्षा एवं परिवहन मंत्री श्री उदय प्रताप सिंह, कौशल विकास एवं रोजगार राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री गौतम टेटवाल, मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव मुख्यमंत्री कार्यालय डा. राजेश राजौरा, अपर मुख्य सचिव उच्च शिक्षा श्री अनुपम राजन सहित लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा व नगरीय विकास एवं आवास विभाग के प्रमुख सचिव तथा स्कूल शिक्षा व तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोजगार विभाग के सचिव उपस्थित थे।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने लाल घाटी स्थित पंडित दीनदयाल उपाध्याय की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय ने देश को स्वतंत्रता मिलने के बाद राजनैतिक दलों की दिशा और विचार प्रक्रिया निर्धारित की। साम्यवाद और पूंजीवाद के संघर्ष के उस दौर में उन्होंने एकात्म मानववाद का दर्शन दिया और अंत्योदय की अवधारणा के माध्यम से यह स्थापित किया कि गरीब की भलाई ही सत्ता की सर्वोच्च प्राथमिकता हो। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने इस विचार का अनुसरण करते हुए गरीबों को नि:शुल्क अन्न, पक्के मकान, बच्चों की बेहतर शिक्षा और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग को अस्पतालों में 5 लाख रूपए तक नि:शुल्क इलाज की व्यवस्था की। राज्य सरकार पं.दीनदयाल उपाध्याय के अंत्योदय के सिद्धांत को क्रियान्वित करने के लिए प्रतिबद्ध है। गरीब से गरीब व्यक्ति के जीवन में बदलाव लाना हमारा उद्देश्य है। प्रदेश में आरंभ की गई पीएमश्री एयर एंबुलेंस सुविधा का लक्ष्य हर गरीब और जरूरतमंद को आवश्यक इलाज उपलब्ध कराना है। यही पं.दीनदयाल उपाध्याय को सच्ची श्रद्धांजलि है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव पंडित दीनदयाल उपाध्याय की पुण्य-तिथि पर भोपाल में लाल घाटी स्थित उनकी प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित करने के बाद उपस्थित जन समुदाय को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रतिमा स्थल पर नगर निगम भोपाल द्वारा लगभग 7 करोड़ रुपए की लागत से विकसित हो रही नमो वन वाटिका का भूमि-पूजन किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 417 करोड़ रुपए लागत के विभिन्न कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन किया, जिसमें अमृत 2.0 परियोजना के अंतर्गत 400 करोड़ रूपए लागत की सीवरेज परियोजना, तीन करोड़ रूपए की लागत से क्रय चार सीवर कम जैटिंग मशीनों और बस स्टाप के रूप में परिवर्तित की गईं पुरानी बसों का लोकार्पण किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पं. दीनदयाल उपाध्याय की पुण्य-तिथि पर समर्पण दिवस के अंतर्गत समर्पण निधि में योगदान भी दिया। मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने कहा कि ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2025 के माध्यम से प्रदेश औद्योगिकरण की दिशा में नई उड़ान के लिए पूरी तरह से तैयार है। औद्योगिक गतिविधियों के विस्तार से प्रदेश की आय बढ़ेगी, जिसका लाभ गरीब, किसान, महिलाओं और युवाओं को होगा। भोपाल के लिए पहला अवसर है जब यहां ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट का आयोजन होने जा रहा है। यह सौभाग्य का विषय है कि इस महत्वपूर्ण आयोजन का शुभारंभ प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राष्ट्रीय खेलों में मध्यप्रदेश के खिलाड़ियों के शानदार प्रदर्शन के लिए खेल विभाग की प्रशंसा करते हुए कहा कि खेलों में उपलब्धि से प्रदेश का गौरव बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने कहा कि राज्य सरकार कृषकों की आय बढ़ाने के लिए गौपालन और दुग्ध उत्पादन की विभिन्न योजनाओं पर कार्य कर रही है। पशुपालन और कृषि क्षेत्र में युवाओं के लिए विशेष प्रशिक्षण आरंभ किया जा रहा है। मंत्री श्री विश्वास सारंग ने कहा कि अंतिम पंक्ति के अंतिम व्यक्ति के कल्याण को समर्पित पं. दीनदयाल उपाध्याय के विचारों को धरातल पर क्रियान्वित करने के उद्देश्य से राज्य सरकार, मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में विभिन्न गतिविधियां संचालित कर रही है। महापौर श्रीमती मालती राय ने नमो वन वाटिका के संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि यहां सौर ऊर्जा के माध्यम से विभिन्न गतिविधियां संचालित की जाएंगी। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री डॉ.यादव की मंशा के अनुरूप भोपाल नगर में प्रवेश करने वाले सभी मार्गों पर द्वार विकसित किए जाएंगे, इसकी शुरूआत शीघ्र ही इंदौर रोड से होगी। कार्यक्रम में सांसद श्री आलोक शर्मा, विधायक श्री रामेश्वर शर्मा, विधायक श्री भगवान दास सबनानी, सर्वश्री राहुल कोठारी, रवीन्द्र यती, सुमित पचौरी सहित अन्य जन-प्रतिनिधि उपस्थित थे। समग्र मनोरंजन, सामुदायिक सहभागिता और सामाजिक सम्पर्कों का केंद्र बनेगी नमो वन वाटिका मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा नमो वन वाटिका के रूप में भोपाल को दी जा रही सौगात को एक जीवंत, बहुउद्देश्यीय मनोरंजन स्थल के रूप में परिकल्पित किया गया है, जो सभी आयु वर्ग और रुचियों के लोगों के लिए उपयोगी है। विस्तृत क्षेत्र में फैला यह पार्क प्रकृति, फिटनेस और मनोरंजन का आदर्श मिश्रण प्रदान करेगा। सुव्यवस्थित रूप से डिजाइन किए गए इस पार्क में एम्फीथिएटर, बुजुर्गों के लिए विश्राम क्षेत्र, योग व्यायाम स्थल, जॉगिंग ट्रैक, महिलाओं के लिए आत्मरक्षा प्रशिक्षण मैदान, फूड कोर्ट, कार पार्किंग क्षेत्र, बच्चों के लिए खेल क्षेत्र, जल निकाय, बत्तखों के लिए विशेष तालाब, बैडमिंटन कोर्ट, टेनिस कोर्ट और एक क्रिकेट पिच शामिल होगी।वाटिका में व्हीलचेयर की सुविधा सहित दिव्यांग आगंतुकों की आसान आवाजाही के लिए रैंप और पक्के मार्ग बनाए जाएंगे। कैमरे और सुरक्षा कर्मी आगंतुकों की सुरक्षा सुनिक्षित करेंगे। यह शहर स्तरीय पार्क सभी आयु समूहों के लिए एक समग्र मनोरंजन और कल्याण स्थल के रूप में डिजाइन किया गया है। यह प्रकृति, फिटनेस, संस्कृति और सुरक्षा के तत्वों को एकीकृत करके शहरी निवासियों के जीवन की गुणवता को बढ़ाने की दिशा में एक प्रभावी कदम है। यह सामुदायिक सहभागिता सामाजिक संपर्क और कल्याण के लिए प्रमुख गंतव्य के रूप में भी कार्य करेगा।  

वीवीआईपी ट्रीटमेंट लेने वाले लोग आज महाकुंभ को लेकर दुष्प्रचार में जुटे, सीएम योगी ने विपक्ष पर कसा तंज

लखनऊ पंडित दीनदयाल उपाध्याय की पुण्यतिथि के अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके विचारों की प्रासंगिकता को रेखांकित किया। इस मौके पर सीएम योगी ने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी की अंत्योदय की सोच आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में साकार हो रही है। उन्होंने गरीबी उन्मूलन के खोखले नारों पर विपक्ष को घेरा, साथ ही सीएम योगी ने महाकुंभ को लेकर दुष्प्रचार करने वालों पर भी करारा प्रहार किया। सीएम योगी ने कहा कि जीवन भर वीवीआईपी ट्रीटमेंट लेने वाले लोग आज महाकुंभ को लेकर दुष्प्रचार में जुटे हैं। भारतीय जनसंघ के संस्थापक सदस्य, अंत्योदय एवं एकात्म मानववाद दर्शन के प्रणेता पंडित दीनदयाल उपाध्याय की पुण्यतिथि पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण कर भावभीनी श्रद्धांजलि दी। पंडित उपाध्याय के आदर्शों को याद करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि समाज के अंतिम पायदान पर बैठे व्यक्ति का कल्याण और विकास पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी का सपना था। आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली भाजपा की डबल इंजन सरकार पंडित उपाध्याय के सपनों को पूरा कर रही है। पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी का यह मत था कि किसी भी देश की प्रगति का मापदंड ऊंचे पायदान पर खड़े व्यक्ति की समृद्धि से नहीं बल्कि सबसे अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति के जीवन स्तर से किया जाना चाहिए। उनकी इसी सोच को केंद्र में रखकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘सबका साथ, सबका विकास’ का नारा दिया। सीएम योगी ने कहा कि पिछली सरकारों ने गरीबी हटाने के बड़े-बड़े नारे दिए, लेकिन गरीबों की संख्या लगातार बढ़ती रही। वहीं, मोदी सरकार ने बीते 11 वर्षों में गरीबों को सशक्त बनाने का कार्य किया। इस दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना, उज्ज्वला योजना, शौचालय निर्माण, जल जीवन मिशन और आयुष्मान भारत जैसी योजनाओं की चर्चा की। उन्होंने बताया कि अब तक 4 करोड़ गरीबों को मकान मिल चुके हैं, 12 करोड़ शौचालय बने हैं, 10 करोड़ लोगों को मुफ्त गैस कनेक्शन मिला है और 80 करोड़ लोगों को मुफ्त राशन दिया जा रहा है। ये सभी योजनाएं अंत्योदय के मंत्र को साकार कर रही हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विपक्ष द्वारा महाकुंभ को लेकर किए जा रहे दुष्प्रचार पर भी जवाब दिया। उन्होंने कहा कि प्रयागराज में 29 दिन में 45 करोड़ श्रद्धालुओं ने संगम में आस्था की डुबकी लगाई है, जो एक ऐतिहासिक घटना है। भारत और चीन के बाद दुनिया के किसी देश की आबादी 45 करोड़ नहीं है, एक अस्थाई शहर में 45 करोड़ से अधिक श्रद्धालु आकर डुबकी लगाए इससे बड़ी बात और क्या हो सकती है। उन्होंने कहा कि कुछ लोग इसे वीआईपी स्नान से जोड़कर भ्रम फैलाने का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन सच यह है कि महाकुंभ समरसता और आस्था का संगम है, जहां जाति, धर्म, भाषा, क्षेत्र के भेदभाव को खत्म करके सभी श्रद्धालु एक साथ जुड़ते हैं। लेकिन ये नकारात्मकता फैलाने वाले कौन लोग हैं, ये वही लोग हैं जिन्होंने जीवन भर सरकार से वीवीआईपी ट्रीटमेंट लिया है और अपनी आने वाली पीढ़ी के लिए एक रास्ता खोलने का प्रयास किया था। ये वही लोग हैं जो नकारात्मकता पैदा करके भारत और सनातन के विरोध में सदैव खड़े रहते हैं और दुष्प्रचार करने में मशगूल रहते हैं। सीएम योगी ने विकास कार्यों में बाधा पहुंचाने वाले लोगों पर भी तंज कसते हुए कहा कि जब भी कोई नई योजना शुरू होती है, तो कुछ लोगों को केवल कमियां निकालने की आदत होती है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि ‘जब पाइपलाइन बिछाई जाती है, तो सड़क खुदाई के कारण खराब हो जाती हैं, लेकिन जब वह कार्य पूरा होता है, तो लोगों को सुविधा मिलती है।’ उन्होंने विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए कहा कि जब हम 4 करोड़ लोगों को आवास देते हैं तो वे कहते हैं कि अभी बहुत लोग बाकी हैं। उनको बताना चाहता हूं कि 3 करोड़ आवास और स्वीकृत किए जा चुके हैं। जो लोग पहले केवल वीआईपी सुविधाएं भोगते थे, वही आज आम जनता को मिल रही सुविधाओं पर सवाल खड़ा कर रहे हैं। मुख्यमंत्री योगी ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि पहले की सरकारें सिर्फ गरीबी हटाने के नारे देती रहीं, लेकिन हकीकत में गरीबों की संख्या लगातार बढ़ती गई। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से गरीबी उन्मूलन का वास्तविक कार्य किया। सीएम योगी ने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय अंत्योदय की बात करने वाले ज्योतिपुंज थे। उन्होंने समाज के अंतिम पायदान पर बैठे व्यक्ति के कल्याण को राजनीतिक चिंतन का एजेंडा बनाया था। उनके इस चिंतन का आज असर दिखता है। आज एकात्म मानववाद की ताकत दुनिया देख रही है। पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी ने समाज को साथ लेकर चलने का विचार दिया। उन्होंने कहा कि जब व्यक्ति सिर्फ पास-पास होता है लेकिन साथ नहीं होता, तो अकेलापन और डिप्रेशन जन्म लेता है। यही स्थिति समाज के साथ भी होती है। प्रधानमंत्री मोदी ने ‘सबका साथ, सबका विकास’ के मंत्र को अपनाकर इसी सोच को धरातल पर उतारा है। उनके विचार आज भी उतने ही प्रासंगिक हैं जितने उनके समय में थे और सरकार उनके सपनों को साकार करने के लिए संकल्पित है।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव निवेशकों के साथ होंगी वन-टू-वन मीटिंग और इंटरैक्टिव राउंडटेबल

इंवेस्ट एमपी जीआईएस-2025 मुख्यमंत्री डॉ. यादव दिल्ली में देश-विदेश के निवेशकों को म.प्र में निवेश के लिये करेंगे आमंत्रित मुख्यमंत्री यादव निवेशकों के साथ इंटरैक्टिव राउंडटेबल कर आगामी ग्लोबल समिट के नवाचारों से अवगत करायेंगे होटल ताजमहल में आयोजित होगा जीआईएस कर्टेन रेज़र कार्यक्रम मुख्यमंत्री डॉ. यादव निवेशकों के साथ होंगी वन-टू-वन मीटिंग और इंटरैक्टिव राउंडटेबल भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 12 फरवरी को नई दिल्ली के ताजमहल होटल में इंवेस्ट एमपी जीआईएस-2025 के कर्टेन रेज़र कार्यक्रम में देश-विदेश के निवेशकों को मध्यप्रदेश में निवेश के लिये आमंत्रित करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव निवेशकों के साथ वन-टू-वन मीटिंग और इंटरैक्टिव राउंडटेबल कर आगामी ग्लोबल समिट के नवाचारों से अवगत करायेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव निवेशकों के साथ रू-ब-रू होकर प्रदेश में निवेश की संभावनाओं और सरकार की औद्योगिक नीतियों एवं प्रतिबद्धता से अवगत करायेंगे। कार्यक्रम की शुरुआत माधवकृष्ण सिंघानिया चेयरमैन सीआईआई नॉर्दर्न रीजन एवं डिप्टी मैनेजिंग डायरेक्टर एवं सीईओ जेके सीमेंट के स्वागत संबोधन से होगी। इसके बाद इंवेस्ट एमपी जीआईएस-2025 पर विशेष कर्टेन रेज़र वीडियो की प्रस्तुति दी जाएगी, जो ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट की प्रमुख झलकियों को दर्शाएगा। कार्यक्रम में दो महत्वपूर्ण इंटरैक्टिव राउंडटेबल भी आयोजित की जाएंगी। पहली राउंडटेबल मीटिंग में टेलीकॉम कंपनियों के प्रतिनिधि और दूसरी राउंडटेबल मीटिंग में विभिन्न देशों के राजदूत शामिल होंगे। इसमें निवेश और साझेदारी की नई संभावनाओं पर चर्चा होगी। मुख्य सचिव अनुराग जैन और प्रमुख सचिव औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन राघवेंद्र कुमार सिंह द्वारा राज्य सरकार की औद्योगिक नीतियों और निवेश के अवसरों की जानकारी दी जाएगी। कार्यक्रम में शामिल होने वाले उद्योग जगत के प्रतिष्ठित प्रतिनिधि अपने अनुभव साझा करेंगे। प्रबंध निदेशक एमपी इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन चंद्रमौली शुक्ला निवेशकों का स्वागत एवं आभार प्रकट करेंगे। प्रधानमंत्री मोदी 24 फरवरी को भोपाल में करेंगे जीआईएस का शुभारंभ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 24 फरवरी को भोपाल में दो दिवसीय ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट 2025 का शुभारंभ करेंगे। समिट के दूसरे दिन समापन कार्यक्रम में केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह शामिल होंगे। राज्य शासन द्वारा आयोजन की तैयारियों के साथ देश-विदेश के निवेशकों से निरंतर सम्पर्क एवं संवाद किया जा रहा है। इसी कड़ी में 12 फरवरी को नई दिल्ली में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मुख्य आत्थिय में इंवेस्ट एमपी जीआईएस-2025 के कर्टेन रेज़र कार्यक्रम आयोजित होने जा रहा है।  

लखनऊ-बहराइच मार्ग पर हुआ दर्दनाक हादसा, एक ही परिवार के पांच लोगों की मौत

बहराइच उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले में आज सुबह एक भीषण सड़क हादसे में एक ही परिवार के 5 लोगों की मौत हो गयी। यह घटना लखनऊ-बहराइच मार्ग पर करीम बेहड़ गांव के पास हुई, जहां एक कार और डंपर की टक्कर में 3 महिलाओं, सेना के एक जवान और एक बच्चे सहित पांच लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस के अनुसार, मटेरा थाना क्षेत्र के मटेरा चौराहा निवासी गुलाम हजरत (65) अपनी पत्नी, बहू, एक साल की बच्ची और सेना के एक जवान के साथ लखनऊ दवा लेने जा रहे थे। उनकी कार जब करीम बेहड़ गांव के पास पहुंची तो कैसरगंज की ओर से आ रहे एक अनियंत्रित डंपर ने उनकी कार को टक्कर मार दी। हादसा इतना भयानक था कि 3 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 2 अन्य ने अस्पताल ले जाते समय दम तोड़ दिया। पुलिस ने सभी शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। इस दर्दनाक हादसे के बाद पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई है। पुलिस ने जेसीबी की मदद से कार को डंपर के नीचे से निकाला और राजमार्ग पर लगे जाम को खुलवाया। पुलिस मामले की जांच कर रही है।  

देश में मछली उत्पादन मोदी सरकार बनने के बाद 126 प्रतिशत बढ़ा: राजीव रंजन

नई दिल्ली केंद्रीय मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्री राजीव रंजन सिंह ने मंगलवार को लोकसभा में कहा कि केंद्र में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सरकार बनने के बाद देश में मछली उत्पादन 126 प्रतिशत बढ़ा है। राजीव रंजन ने प्रश्नकाल के दौरान एक पूरक प्रश्न के उत्तर में कहा कि मोदी सरकार बनने के बाद देश में मछली उत्पादन 126 प्रतिशत बढ़ा है। भारत मछली के उत्पादन में विश्व में दूसरे स्थान पर है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2013-14 में 95.7 लाख टन मछली का उत्पादन था, जो 2023-24 में 184.02 लाख टन उत्पादन हो गया है। अंतरदेशीय मछली उत्पादन में भी वृद्धि हुई है। अंतरदेशीय मछली उत्पादन 2013-14 में 61.36 लाख टन था जो 2023-24 में 139.07 लाख टन हो गया है। उन्होंने एक अन्य पूरक प्रश्न के उत्तर में कहा कि तीन महीने तक मछलियों के प्रजनन का समय होता है। इस दौरान उत्पादन नहीं होने के कारण इस व्यवसाय से जुड़े लोगों को प्रति माह 4500 रुपये देने का प्रावधान है। इसके वितरण में कुछ कठिनाई इसलिए आती है, क्योंकि इसमें 1500 रुपया राज्य की हिस्सेदारी होती है और 1500 लाभार्थी स्वयं देता है। इनके शेयर राशि समय पर नहीं आने के कारण इनके वितरण में कुछ दिक्कतें आई है, जिसे दूर किया जाएगा। उन्होंने कहा कि बिहार में 2005 के बाद मछली उत्पादन में बड़ी वृद्धि हुई है। उऩ्होंने कहा कि पहले कुल उत्पादन की दस फीसदी मछली बाजार में आती थी, लेकिन अब उत्पादन की 90 प्रतिशत मछली बाजार में आती है। राजीव रंजन ने कहा कि प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के लिए सरकार का एक दिशानिर्देश है। इस योजना के तहत राज्य सरकार से जो प्रस्ताव आता है और वह अगर दिशा निर्देश के अनुसार होता है, तब उस पर कार्रवाई जाती है। मोदी सरकार किसी भी राज्य को छोड़कर चलने वाली सरकार नहीं है। यह सभी को साथ लेकर चलने वाली सरकार है। सभी राज्य विकसित होंगे, तभी विकसित भारत बनेगा।  

दिल्ली उपराज्यपाल ने नोटिस किया जारी, गुरु रविदास जयंती पर सार्वजनिक अवकाश रहेगा

नई दिल्ली दिल्ली सरकार ने 11 फरवरी 2025 को एक महत्वपूर्ण फैसला लिया। बुधवार 12 फरवरी 2025 को गुरु रविदास जयंती के मौके पर दिल्ली में सार्वजनिक अवकाश रहेगा। दिल्ली के उपराज्यपाल वीके सक्सेना की ओर से जारी एक आधिकारिक नोटिस जारी किया गया है। इस दिन दिल्ली सरकार के सभी ऑफिस, सार्वजनिक उपक्रम और स्वायत्त निकाय बंद रहेंगे। यह अवकाश दिल्ली के सरकारी स्कूलों पर भी लागू होगा। इसके साथ ही दिल्ली सरकार ने यह भी बताया कि पहले नवंबर 2024 में गुरु रविदास जयंती के लिए घोषित प्रतिबंधित अवकाश अब रद्द कर दिया गया है और उसकी जगह अब सार्वजनिक अवकाश होगा। दिल्ली के सरकारी स्कूलों में 12 फरवरी को छुट्टी रहेगी। हालांकि, अभी तक निजी स्कूलों और शैक्षणिक संस्थानों के बंद होने के बारे में कोई आधिकारिक जानकारी नहीं मिली है। इसके बारे में और जानकारी के लिए कुछ समय और इंतजार करना पड़ सकता है। क्यों मनाई जाती है रविदास जयंती? गुरु रविदास जयंती हर साल पारंपरिक रूप से कई राज्यों में मनाई जाती है, जैसे कि हरियाणा, मध्य प्रदेश, चंडीगढ़, हिमाचल प्रदेश और पंजाब। इस दिन दिल्ली के लोग गुरु रविदास की शिक्षाओं और उनकी विरासत का सम्मान करने के लिए उत्सवों में भाग लेने के लिए प्रेरित किए जाते हैं। गुरु रविदास 15वीं सदी के संत और कवि थे, और भक्ति आंदोलन में उनके योगदान के लिए उन्हें याद किया जाता है। उनकी शिक्षाएं समानता और सामाजिक न्याय पर आधारित थीं।  

RPF सब-इंस्पेक्टर ने रेलवे के वाणिज्य निरीक्षक पर किया हमला, फटा सर, मचा हंगामा

प्रयागराज प्रयागराज के महाकुंभ मेला क्षेत्र में स्थित झूंसी रेलवे स्टेशन पर मंगलवार को एक बड़ी घटना घटी। यहां RPF सब-इंस्पेक्टर जसवीर सिंह ने रेलवे के वाणिज्य निरीक्षक विनय कुमार यादव पर हमला कर दिया। उन्होंने सरकारी वॉकी-टॉकी से यादव के सिर पर वार किया, जिससे उनका सिर फट गया और वे गंभीर रूप से घायल हो गए। आरोपी इंस्पेक्टर द्वारा किए गए इस हमले के बाद, घायल विनय कुमार यादव को तत्काल रेलवे के सेंट्रल हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया। उनकी स्थिति गंभीर बताई जा रही है और डॉक्टरों की टीम उनका इलाज कर रही है। महाकुंभ मेला क्षेत्र में स्थित झूंसी रेलवे स्टेशन पर मंगलवार को एक गंभीर घटना सामने आई, जहां RPF सब-इंस्पेक्टर जसवीर सिंह ने रेलवे के वाणिज्य निरीक्षक विनय कुमार यादव पर हमला कर दिया। यह घटना उस समय हुई जब दोनों अधिकारी स्टेशन पर ड्यूटी पर थे। किसी बात को लेकर पहले दोनों के बीच कहासुनी हुई, जिसके बाद सब-इंस्पेक्टर जसवीर सिंह ने आपा खो दिया और वाणिज्य निरीक्षक विनय कुमार यादव पर हमला कर दिया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, सब-इंस्पेक्टर जसवीर सिंह ने पहले विनय कुमार यादव को पीटा, फिर सरकारी वॉकी-टॉकी से उनके सिर पर हमला कर दिया। इस हमले में विनय कुमार यादव गंभीर रूप से घायल हो गए और उन्हें इलाज के लिए रेलवे के सेंट्रल हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है। इस घटना से नाराज रेलवे कर्मचारियों ने झूंसी रेलवे स्टेशन पर कामकाज बंद कर दिया और पूरी तरह से कार्य बहिष्कार कर विरोध जताया। कर्मचारियों का कहना है कि RPF सब-इंस्पेक्टर जशवीर सिंह मनबढ़ स्वभाव के हैं और आए दिन इस तरह की हरकतें करते रहते हैं। उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की जा रही है। घटना की सूचना तुरंत मेला कंट्रोल रूम को दे दी गई है और पुलिस मामले की जांच कर रही है

महाकुंभ में अब तक 45 करोड़ लोगों ने किया स्नान, माघ पूर्णिमा और शिवरात्रि पर टूट सकते हैं पिछले रिकॉर्ड

प्रयागराज जया एकादशी पर रवि योग में अमृतमयी त्रिवेणी में पुण्य की डुबकी के लिए शनिवार को आस्था का जन ज्वार उमड़ पड़ा। आधी रात के बाद ही संगम जाने वाले रास्तों पर भीड़ तिल-तिल कर आगे बढ़ती रहीं। भक्तों के साथ संतों ने भी शोभायात्रा निकाल कर संगम में डुबकी लगाई। मेला प्रशासन ने रात आठ बजे तक 1.32 करोड़ श्रद्धालुओं के डुबकी लगाने का दावा किया है।   महाकुंभ में शनिवार को तकरीबन सवा करोड़ ( 1.22 करोड़) श्रद्धालुओं ने गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती के संगम में पुण्य की डुबकी लगाई। इसमें एक करोड़ 12 लाख श्रद्धालु और करीब दस लाख कल्पवासी शामिल हैं। विश्व के इस सबसे बड़े सांस्कृतिक समागम में आयोजन में 27 दिनों में 40 करोड़ से ज्यादा श्रद्धालु स्नान कर चुके हैं। श्रद्धा का रेला कम होने का नाम नहीं ले रहा है। माना जा रहा था की वसंत पंचमी के बाद कुछ राहत मिलेगी, लेकिन स्नानार्थियों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। 14 जनवरी को मकर संक्रांति से 7 फरवरी तक महज 25 दिन में 40.68 करोड़ श्रद्धालुओं ने स्नान किया है। अभी 18 दिन शेष हैं। प्रयागराज महाकुंभ पर प्रदेश सरकार ने 40 करोड़ श्रद्धालुओं के आने का अनुमान जताया था, लेकिन ये संख्या शुक्रवार को ही पार कर गई। स्नान के महत्व और तैयारियों के बीच देश-दुनिया से रोजाना लाखों की संख्या में श्रद्धालु प्रयागराज पहुंच रहे हैं। महाकुंभ में मकर संक्रांति के पहले शाही स्नान पर 3.5 करोड़ श्रद्धालुओं ने संगम में डुबकी लगाई थी। 29 जनवरी को मौनी अमावस्या पर दूसरे शाही स्नान के अवसर पर रिकार्ड 7.64 करोड़ ने अमृत स्नान किया। तीन फरवरी को तीसरा शाही स्नान था, जब 2.57 करोड़ ने स्नान किया। 26 फरवरी तक महाकुंभ है। उम्मीद है कि श्रद्धालुओं का आंकड़ा 50 करोड़ पार कर जाएगा। शनिवार को एक करोड़ 22 लाख श्रद्धालुओं ने पवित्र स्नान किया। 18 दिन का मेला बाकी, 50 करोड़ पार कर सकती है स्नानार्थियों की संख्या  मां गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती के पवित्र संगम में स्नान करने वालों का आंकड़ा दिन प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है। महाकुंभ के अभी 18 दिन शेष हैं। उम्मीद जताई जा रही है कि स्नान करने वालों की संख्या 50 करोड़ पार कर जाएगी। शुक्रवार को स्नानार्थियों का आंकड़ा 40 करोड़ पार कर गया। महाकुंभ के तीनों अमृत स्नान यानी मकर संक्रांति, मौनी अमावस्या और वसंत पंचमी बीत चुके हैं। श्रद्धालुओं का उत्साह बना हुआ है। पूरे देश और दुनिया के अलग-अलग हिस्सों से पवित्र त्रिवेणी में श्रद्धा और आस्था की डुबकी लगाने के लिए प्रतिदिन लाखों श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। हालात यह हैं कि रेल और रोडवेज को अतिरिक्त ट्रेनों और बसों का संचालन करना पड़ा रहा है। वसंत पंचमी के बाद भी यातायात डायवर्जन लागू करना पड़ा। बृहस्पतिवार को शहर में इस कदर श्रद्धालु उमड़े कि एक से आठ तक के स्कूलों को 12 फरवरी तक ऑनलाइन चलाने का आदेश जारी करना पड़ा। क्या प्रतिबंध रहेंगे लागू? > प्रयागराज शहर के साथ-साथ मेला क्षेत्र में आज शाम 5 बजे के बाद नो व्हीकल जोन लागू हो जाएगा. हालांकि, आवश्यक एवं आकस्मिक सेवाओं के वाहनों को छूट रहेगी. > नो व्हीकल जोन के साथ-साथ बाकी प्रतिबंध श्रद्धालुओं के निकासी तक जारी रहेंगे. > प्रयागराज शहर एवं मेला क्षेत्र में वाहनों के प्रवेश तथा निकासी पर लगे प्रतिबंध कल्पवासियों के वाहनों पर भी लागू रहेंगे. माघ पूर्णिमा पर होने वाले स्नान को देखते हुए एक दिन पहले ही यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों के साथ बैठक की थी. मीटिंग में उन्होंने कहा था कि महाकुंभ मार्ग पर यातायात थमने नहीं दिया जाए. पार्किंग स्थलों का भी बराबर इस्तेमाल होना चाहिए. सड़कों पर गाड़ियों की कतार न लगे और ट्रैफिक जाम की स्थिति भी न बने. सीएम योगी आदित्यनाथ ने दिए ये निर्देश मीटिंग में सीएम योगी ने कहा,’बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं का सहयोग करें. पार्किंग स्थल से मेला परिसर के लिए शटल बसें बढ़ाएं. मेला परिसर में एक भी अनाधिकृत वाहन का प्रवेश न हो. एक-एक श्रद्धालु को सुरक्षित उनके गंतव्य तक पहुंचाना ही प्राथमिकता हो. नदी हो या मेला परिसर, लगातार सफाई कराई जाए. प्रयागराज के किसी स्टेशन पर अत्यधिक भीड़ इकट्ठा न हो. ज्यादा से ज्यादा मेला स्पेशल ट्रेन और परिवहन निगम की अतिरिक्त बसें लचाई जाएं.’ इन जिलों के अधिकारियों के साथ मीटिंग बता दें कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में प्रयागराज, कौशाम्बी, कानपुर, सुल्तानपुर, अमेठी, वाराणसी, अयोध्या, मीरजापुर, जौनपुर, चित्रकूट, बांदा, प्रतापगढ़, भदोही, रायबरेली, गोरखपुर, महोबा और लखनऊ आदि जनपदों/जोन/रेंज में तैनात वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों और मंडलायुक्तों तथा जिला प्रशासन के अधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए विशेष बैठक की. मौनी अमावस्या पर सर्वाधिक आठ करोड़ लोगों ने लगाई डुबकी महाकुंभ में अब तक मौनी अमावस्या पर सर्वाधिक आठ करोड़ श्रद्धालुओं ने स्नान किया, जबकि 3.5 करोड़ श्रद्धालुओं ने मकर संक्रांति पर अमृत स्नान किया। एक फरवरी और 30 जनवरी को 2-2 करोड़ से ज्यादा और पौष पूर्णिमा पर 1.7 करोड़ श्रद्धालुओं ने पुण्य डुबकी लगाई, इसके अलावा वसंत पंचमी पर 2.57 करोड़ श्रद्धालुओं ने त्रिवेणी में आस्था की डुबकी लगाई। जया एकादशी पर उमड़ा जन ज्वार, संगम पर भक्ति की हिलोर संगम में पुण्य की डुबकी लगाने के लिए आस्था के जन समुद्र में शनिवार को अमृत स्नान सरीखा माहौल नजर आया। भक्ति की लहरें उफना गईं। चाहे लाल मार्ग हो या काली मार्ग या फिर त्रिवेणी मार्ग। हर तरफ से भक्ति का सागर संगम में मिलने के लिए उमड़ता रहा। वहीं, भोर में ही रेलवे स्टेशनों, बस अड्डों पर श्रद्धालुओं का रेला उमड़ने लगा। साथ ही निजी वाहनों से लगभग सभी पार्किंग भर गईं। भीड़ को देखते हुए संगम जाने वाले मार्गों पर कड़ी बैरिकेडिंग की गई। इसके बाद भी श्रद्धालु गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती के त्रिवेणी तट पर डुबकी लगाने को बढ़ते रहे। वहीं, मेले में वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित कर दिया गया। भीड़ के मद्देनजर एहतियातन मेला प्रशासन ने चुस्त-दुरुस्त इंतजाम किए हैं। 12 किमी की परिधि में फैले संगम के घाटों पर स्नानार्थी ही नजर आ रहे थे। कोई दंड-कमंडल लेकर तो कोई सिर पर गठरी और कंधे पर झोला-बोरा लिए संगम की ओर बढ़ता नजर आ रहा था। रास्ते भर जय गंगा मैया, हर-हर महादेव और … Read more

MP के एक ही जिले में 54 गांवों के बदलेंगे नाम, CM मोहन यादव का ऐलान, मुरादपुर होगा ‘मुरलीपुर’

 देवास मध्य प्रदेश के देवास जिले के 54 गांवों के नाम बदलने की तैयारी है। यह मांग बीजेपी नेताओं ने की है। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने इस पर सहमति जताई है। नाम बदलने की वजह इन गांवों के उर्दू नाम हैं। सरकार का कहना है कि यह भारतीय संस्कृति की पुनर्स्थापना के लिए ज़रूरी है। यह खुलासा सोनकच्छ में लाडली बहना योजना के कार्यक्रम में हुआ। 54 गांवों के बदलेंगे नाम देवास जिले में 54 गांवों के नाम बदलने की चर्चा जोरों पर है। ये नाम ज़्यादातर उर्दू मूल के हैं। बीजेपी नेताओं ने मुख्यमंत्री मोहन यादव से इन नामों को बदलने का अनुरोध किया है। मुख्यमंत्री ने इस प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया है। उन्होंने कहा कि लंबे समय से यह योजना सरकार के विचाराधीन है और जल्द ही इन गांवों के नए नाम लागू कर दिए जायेंगे। यह मामला मध्य प्रदेश में उर्दू नाम वाले गांवों के नाम बदलने के चल रहे विवाद का हिस्सा है। बीजेपी जिलाध्यक्ष ने रखी थी मांग देवास बीजेपी जिला अध्यक्ष रायसिंह सेंधव ने 54 गांवों के नाम बदलने की मांग रखी। उन्होंने कहा कि ऐसा करना भारतीय संस्कृति की पुनर्स्थापना की दिशा में एक अहम कदम होगा। मुख्यमंत्री ने इस मांग पर तुरंत सहमति जताई। उन्होंने कहा कि लंबे समय से उर्दू शब्द वाले गांव के नाम बदलने की योजना सरकार के सामने प्रस्तावित है। इन गांवों के नाम जल्द बदल दिए जाएंगे। इन गांवों के बदलेंगे नाम प्रस्तावित नाम परिवर्तनों में मुरादपुर को मुरलीपुरा, हैदरपुर को हीरापुर, शमशाबाद को श्यामपुर, आमला ताज को आमला सिरमौर, हाजीपुर को हर्षपुर, रांडीपुरा को रानीपुर, इस्माइल खेड़ी को ईश्वर खेड़ी, जलालखेड़ी को शिवगढ़, मोची खेड़ी को मोहनपुर, इस्लामनगर को ईश्वर नगर, घटिया गयासुर को देवधाम घटिया, पीर पाडल्या को पवन पाडल्या, चांदगढ़ को चंद्रगढ़, खोन पूर पिपलिया को फॉर्म पिपलिया, मोहम्मदपुर को मोहनपुर, अजीज खेड़ा को अजीत खेड़ा, आजमपुर को अवधपुरी, अलीपुर को रामपुर और बापचा नायता को वापचा पुरा करने जैसे बदलाव शामिल हैं। मिर्जापुर कहलाएगा मीरपुर इसके अलावा, नबीपुर को नयापुरा, मिर्जापुर को मीरपुर, अकबरपुर को अंबिकापुर, सालम खेड़ी को सावन खेड़ी, निजामडी को नीमखेड़ी, फतेहपुर खेड़ा को विजयपुर खेड़ा, फतेहपुर को विजयपुर, कल्लू खेड़ी को कालू खेड़ी, मोहम्मद खेड़ा को मोहन खेड़ा, निपानिया हूर को निपानिया हर, मोहम्मदपुर को गंगानगर, मिर्जापुर को मीरा नगर, नसीराबाद को द्वारकापुरी, रसूलपुर को रामपुर करने का प्रस्ताव भी है। हालांकि, एक नज़र में देखा जाए ज़्यादातर ऐसे गांवों के नाम बदले गए हैं, जिनके नाम उर्दू-अरबी में हैं या कोई इस्लामिक नाम हैं. देवास में ही जिन 54 गांवों के नाम बदलने  का अनुरोध जिलाध्यक्ष ने किया था, उनका नाम मुरादपुर, हैदरपुर, शमशाबाद और इस्लाम नगर है.  मुख्यमंत्री को जिलाध्यक्ष ने वर्तमान नाम के साथ प्रस्तावित नाम भी लिख कर दिए. जैसे कि मुरादपुर का मुरलीपुर, हैदरपुर का हीरापुर, शमशाबाद का श्यामपुर, इस्माइल खेड़ी का ईश्वरपुर, अलीपुर का रामपुर, नबीपुर का नयापुरा और मिर्ज़ापुर का मीरापुर.   BJP जिलाध्यक्ष ने CM के निर्णय को गुलामी के प्रतीकों को समाप्त करने और गौरवमय भारतीय संस्कृति को पुनः स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम करार दिया.  कुछ और प्रस्तावित नाम परिवर्तन इस प्रकार हैं: इस्लाम खेड़ी को ईश्वरपुर, पिपलिया जान को खेड़ा पिपलिया, मौला को मोहनपुर, मिर्जापुर को मीरापुर, संदलपुर को चंदनपुर, सलामतपुर को श्रीरामपुर, सिकंदर खेड़ी को शिव खेड़ी, दावत को देवनगर, और कांटा फोड़ को कांता फोड़। यह बदलाव भारतीय संस्कृति को बढ़ावा देने के उद्देश्य से किए जा रहे हैं। पीपलरावां में कार्यक्रम में भाजपा जिलाध्यक्ष रायसिंह सेंधव ने देवास जिले के 54 गांवों की लिस्ट प्रस्तुत करते हुए उनके नाम बदलने का आग्रह किया। उनके प्रस्ताव को सीएम ने स्वीकार कर लिया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस संबंध में राजस्व मंत्री और कलेक्टर को जरूरी प्रक्रियाएं पूरी करने के निर्देश भी दे दिए। भाजपा जिलाध्यक्ष रायसिंह सेंधव ने बताया कि देवास जिले के इन गांवोें की पहचान बदलने के लिए सालों से मांग की जा रही थी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव जनभावना का सम्मान किया है। उन्होंने कहा कि बीजेपी सरकार एमपी के सांस्कृतिक गौरव की पुनर्प्रतिष्ठा के लिए संकल्पबद्ध है। बीजेपी जिलाध्यक्ष ने सीएम के निर्णय को गुलामी के प्रतीकों को समाप्त करने और गौरवमयी भारतीय संस्कृति को पुनर्स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम करार दिया।

ग्लोबल इन्वेस्टर समिट में पहली बार मेहमानों के लिये अत्याधुनिक लग्जरी टेंट्स की विशेष पहल की जा रही

भोपाल भोपाल में आयोजित होने वाली ग्लोबल इन्वेस्टर समिट-2025 राज्य की मेहमाननवाजी, सांस्कृतिक विरासत और औद्योगिक क्षमता को वैश्विक मंच पर प्रदर्शित करने का सुनहरा अवसर बनने जा रही है। देश-विदेश से आने वाले मेहमानों के लिये भव्य स्वागत, उच्च स्तरीय ठहरने की व्यवस्था, पारंपरिक और अंतर्राष्ट्रीय व्यंजनों का खास अनुभव, औद्योगिक भ्रमण और पर्यटन स्थलों का आकर्षण इस समिट को खास बनायेगा। पहली बार मेहमानों के लिये अत्याधुनिक लग्जरी टेंट्स की विशेष पहल की जा रही है, जिससे वे प्राकृतिक सौंदर्य के बीच मध्यप्रदेश की समृद्ध आतिथ्य परंपरा का अनुभव कर सकें। इस समिट से राज्य में निवेश और औद्योगिक विकास को नई गति मिलेगी। मेहमानों के ठहरने की विशेष व्यवस्था ग्लोबल इन्वेस्टर समिट-2025 के लिये देश-विदेश से आने वाले मेहमानों के स्वागत और ठहरने की विशेष व्यवस्था की जा रही है। राजधानी में ताज लेक फ्रंट, कोर्टयार्ड बाय मेरियट और रेडिसन सहित अन्य प्रतिष्ठित होटलों में मेहमानों के लिये उच्च स्तरीय सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। पहली बार जीआईएस में एक अनूठी पहल की जा रही है। भोपाल की प्राकृतिक सुन्दरता के बीच मेहमानों को 5 सितारा सुविधाओं का अनुभव कराने के लिये 100 से अधिक अत्याधुनिक लग्जरी टेंट्स तैयार किये जा रहे हैं। यह अभिनव पहल देश के और विदेशी मेहमानों को मध्यप्रदेश की समृद्ध आतिथ्य परंपरा से परिचित कराएगी। पर्यटन और औद्योगिक भ्रमण की विशेष योजना जीआईएस में आने वाले मेहमानों को भोपाल और आस-पास के प्रमुख पर्यटन स्थलों का भ्रमण कराने की विशेष योजना बनाई गई है।मेहमानों को भोपाल की रमणीय झीलों, प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर वन विहार और राज्य की जीवंत जनजातीय संस्कृति को प्रदर्शित करने वाले ट्राइबल म्यूजियम का भ्रमण कराया जायेगा। इसके अलावा इन्हें भोपाल के आस-पास के प्रमुख पर्यटन स्थलों का भी भ्रमण कराया जायेगा। मध्यप्रदेश के औद्योगिक विकास से रू-ब-रू कराने के लिये मंडीदीप और पीथमपुर जैसे प्रमुख औद्योगिक क्षेत्रों का दौरा भी कराया जायेगा, जहां वे राज्य की औद्योगिक क्षमताओं और निवेश के अवसरों से अवगत होंगे। पारंपरिक और अंतर्राष्ट्रीय व्यंजनों का मिलेगा स्वाद समिट में शामिल मेहमानों के लिये मध्यप्रदेश की समृद्ध खान-पान परंपरा को विशेष महत्व दिया गया है। प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से चुने गये पारंपरिक व्यंजन मेन्यू में शामिल किये गये हैं। साथ ही अंतर्राष्ट्रीय मेहमानों की पसंद को ध्यान में रखते हुए कॉन्टीनेन्टल, चाइनीज और मेडिटरेनियन व्यंजनों की भी विशेष व्यवस्था की गई है। विश्व प्रसिद्ध शेफस् की टीम इन व्यंजनों की तैयारियों में जुटी है। नाश्ता, भोजन और रात्रिभोज की विशेष व्यवस्था ग्लोबल इन्वेस्टर समिट में आये मेहमानों के लिये कार्य स्थल पर चाय-कॉफी और लंच की सुविधा उपलब्ध होगी। नाश्ता और रात्रि भोजन उनके निर्धारित होटलों में प्रदान किया जायेगा। इस पूरी व्यवस्था का उद्देश्य मेहमानों को आरामदायक, यादगार और समृद्ध आतिथ्य का अनुभव देना है, जिससे वे मध्यप्रदेश की संस्कृति, पर्यटन और निवेश अवसरों से परिचित हों। ग्लोबल इन्वेस्टर समिट को सफल बनाने के लिये सभी व्यवस्थाएं अंतिम चरण में हैं। यह आयोजन राज्य की आर्थिक प्रगति और वैश्विक निवेश को बढ़ावा देने में मील का पत्थर साबित होगा।  

बंधुआ मजदूर: बुरहानपुर के 17 मजदूरों को महाराष्ट्र में बनाया बंधक, पुलिस ने मुक्त कराया

 बुरहानपुर रहानपुर के बंभाड़ा गांव से मजदूरी के लिए महाराष्ट्र गए 17 लोगों को बंधक बना लिया गया था। एसपी देवेंद्र पाटीदार के निर्देश पर शाहपुर थाना पुलिस ने एक शिकायत के आधार पर कार्रवाई करते हुए इन सभी को सकुशल मुक्त करा लिया गया है। शाहपुर थाना प्रभारी अखिलेश मिश्रा के नेतृत्व में गई पुलिस टीम ने उस्मानाबाद के कलेक्टर और स्थानीय प्रशासन की मदद से सभी को मुक्त कराया। बचाव अभियान में एएसआई महेंद्र पाटीदार, प्रधान आरक्षक शहाबुद्दीन के अलावा जन साहब संस्था के लीगल को-ऑर्डिनेटर सीएस परमार, राज्य समन्वयक यास्मीन खान और एफओ देव भोरे की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही। टीआई ने बताया कि हर साल बुरहानपुर जिले से बड़ी संख्या में मजदूर काम की तलाश में अन्य राज्यों में जाते हैं, जहां कई बार उन्हें बंधक बना लिया जाता है। पुलिस प्रशासन ऐसे मामलों में तत्काल कार्रवाई कर मजदूरों की मदद करता है। इस मामले में भी सभी मुक्त कराए गए लोगों को सुरक्षित उनके गांव बंभाड़ा पहुंचा दिया गया है।

जेईई के नतीजे घोषित, राजस्थान के सक्षम समेत 14 ने हासिल किए 100 पर्सेंटाइल

नई दिल्ली नेशनल टेस्टिंग एजेंसी ने जॉइंट एट्रेंस परीक्षा सेशन परीक्षा के नतीजे जारी कर दिए हैं. इस बार परीक्षा में 14 उम्मीदवार ऐसे हैं, जिन्होंने 100 पर्सेंटाइल हासिल किए हैं. परीक्षा में राजस्थान के रहने आयुष सिंघल, कर्नाटक के कुशाग्र गुप्ता, दिल्ली के दक्ष का नाम शामिल है. इनके अलावा दिल्ली के हर्ष झा, राजस्थान के रजीत गुप्ता, उत्तर प्रदेश के श्रेयस लोहिया, राजस्थान के सक्षम जिंदल ने भी 100 पर्सेंटाइल हासिल किए हैं.  आप परीक्षा में 100 पर्सेंटाइल हासिल करने वाले उम्मीदवारों की पूरी लिस्ट नीचे देख सकते हैं. जेईई के नतीजे घोषित इसके अलावा 24 उम्मीदवार ऐसे हैं, उन्होंने 99 से लेकर 100 पर्सेंटाइल तक स्कोर किया है. वहीं इसके बाद 3 उम्मीदवार ऐसे हैं, जिन्होंने 98 से 99 पर्सेंटाइल के बीच स्कोर किया है और करीब 96, 95, 90 पर्सेंटाइल हासिल करने वाले एक-एक उम्मीदवार हैं.  एनटीए की ओर से जारी की गई टॉपर्स लिस्ट में एक उम्मीदवार आउटसाइड इंडिया से भी है, जिनका नाम सब्यसाची चौधरी है. सब्यसाची चौधरी ने 99 पर्सेंटाइल स्कोर किया है. बता दें कि परीक्षा में 13,11,544 उम्मीदवारों ने रजिस्टर किया था और उसमें से 12,58, 136 उम्मीदवारों ने हिस्सा लिया था. एनटीए की ओर से परीक्षा का आयोजन 22, 23, 24, 28 और 29 को दो शिफ्ट में करवाया गया था. एक पारी में सुबह 9 से 12 बजे और एक शिफ्ट 3 बजे से शाम 6 बजे तक परीक्षा का आयोजन किया गया था. जेईई मेन परीक्षा को 13 भाषाओं (असमिया, बंगाली, अंग्रेजी, गुजराती, हिंदी, कन्नड़, मलयालम, मराठी, ओडिया, पंजाबी, तमिल, तेलुगु और उर्दू) में आयोजित किया गया था. इनके अलावा परीक्षा भारत से बाहर 15 शहरों मनामा, दोहा सिटी, दुबई, मस्कट, रियाद, शारजाह, सिंगापुर, कुवैत, कुआलालंपुर, काठमांडू, अबू धाबी, पश्चिम जावा, वाशिंगटन, लागोस और म्यूनिख में भी आयोजित की गई थी.

25 फरवरी से 10वीं व 12वीं की बोर्ड परीक्षा, मोबाइल पर पूरी तरह से प्रतिबंध, परीक्षा केंद्रों पर लगाया जाएगा जैमर

भोपाल माध्यमिक शिक्षा मंडल(माशिमं) की 10वीं व 12वीं की बोर्ड परीक्षा 25 फरवरी से आयोजित होने वाली है।इस बार नकल प्रकरण और प्रश्नपत्र बहुप्रसारित होने से बचाने के लिए मंडल कई एहतियात बरत रहा है। परीक्षा के दौरान मोबाइल पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगाया है, ताकि प्रश्नपत्र वायरल ना हो पाए। इसके लिए इस बार केंद्राध्यक्ष से लेकर कोई भी कर्मचारी भी मोबाइल परीक्षा केंद्र के अंदर ले जाता है तो पाए जाने पर जुर्माना लगाया जाएगा। इस बार पहली बार प्रदेश के 11 जिलों के 300 संवेदनशील और अति संवेदनशील केंद्रों पर जैमर लगाया जाएगा, ताकि पूरी तरह से डिजिटल डिवाइस पर प्रतिबंध लगाया जा सके। इसमें ग्वालियर,भोपाल, इंदौर, जबलपुर, उज्जैन और मुरैना के संवेदनशील व अतिसंवेदनशील केंद्र शामिल है। परीक्षा में नकल प्रकरण पर रोक लगाई जा सके। इसके लिए इस बार मंडल सख्ती बरत रहा है। इस बार परीक्षा के दौरान की पूरी निगरानी आनलाइन की जा सके। इसके लिए मंडल में कंट्रोल रूम बनाया जाएगा। साथ ही हर जिले का प्रभारी बनाया गया है, ताकि सभी अपने-अपने जिले के परीक्षा केंद्रों की निगरानी कर सकें। इस साल प्रदेश में 3887 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। इसमें 562 केंद्रों को संवेदनशील व अति संवेदनशील केंद्र होंगे। बता दें, कि 10वीं व 12वीं की परीक्षा में करीब 17 लाख विद्यार्थी शामिल हो रहे हैं। 562 परीक्षा केंद्रों पर विशेष नजर भोपाल में 10 केंद्र अति संवेदनशील हैं, जबकि 6 केंद्र संवेदनशील हैं। इस तरह से कुल 16 केंद्र इस श्रेणी में आते हैं। इसी तरह इंदौर में 19, ग्वालियर में 48, जबलपुर में पांच केंद्र हैं। सबसे अधिक 54 संवेदनशील और अतिसंवेदनशील केंद्र मुरैना में हैं। यहां नकल के प्रकरण भी ज्यादा सामने आते हैं। जहां सीसीटीवी होंगे,वहीं बनेंगे केंद्र हर साल संवेदनशील व अतिसंवेदनशील केंद्रों पर नकल की संख्या सबसे ज्यादा शिकायतें मिलती हैं।इन्ही केंद्रों से प्रश्नपत्रों के बहुप्रसारित होने की आशंका बनी रहती है। इसे देखते हुए मंडल डिजिटल डिवाइस पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाया है। इस बार उन्हीं केंद्रों पर अधिकत्तर परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं, जहां पर सीसीटीवी लगे हैं। सरकारी स्कूलों में बने परीक्षा केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जा रहे हैं। दो साल पहले मोबाइल के कारण ही प्रश्नपत्रों के वायरल होने का कारण सामने आया था। इस कारण इस बार मोबाइल के साथ-साथ सभी इलेक्ट्रानिक डिवाइस प्रतिबंधित होगा। पूरी व्यवस्था की निगरानी ऑनलाइन होगी।  

राज्यपाल बागडे ने महाकुंभ त्रिवेणी संगम में डुबकी लगाई, पवित्र स्नान किया

जयपुर राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने मंगलवार को परिजनों सहित महाकुंभ मेले में त्रिवेणी संगम में डुबकी लगाई। राज्यपाल ने संगम स्नान के साथ ही कुंभ से जुड़ी भारतीय सनातन परंपरा को स्मरण करते हुए कहा कि महाकुंभ स्नान संस्कृति की जड़ों से जुड़ना है। गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती के संगम में स्नान से शरीर ही नहीं आत्मा की भी शुद्धि होती है। उन्होंने कहा कि यह भारतीय सनातन संस्कृति में आस्था रखने वाले विशाल जन का आत्मीय समागम स्थल है।

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