एमपी सदन में बांग्लादेशी और रोहिंग्या मुस्लिमों की अवैध घुसपैठ पर मऊगंज विधायक ने उठाया मुद्दा
Mauganj MLA raised the issue of illegal infiltration of Bangladeshi and Rohingya Muslims in MP House भोपाल। मध्यप्रदेश के मऊगंज विधायक प्रदीप पटेल ने ध्यानाकर्षण सूचना के माध्यम से विधानसभा में बांग्लादेशी रोहिंग्या मुस्लिमों की अवैध घुसपैठ का मामला उठाया है। विधायक ने कहा कि मध्यप्रदेश के मऊगंज जिला समेत सीमावर्ती जिले जो यूपी की सीमाओं से जुड़े हैं अवैध मुस्लिम आब्रजकारियों विशेषकर बांग्लादेशी रोहिंग्या मुस्लिमों को अवैध तरीकों से मूल निवास प्रमाणपत्र और आधारकार्ड जनप्रतिनिधियों जैसे पार्षद और सरपंचों के वेरिफिकेशन पर जारी किये जा रहे हैं। भाजपा विधायक ने चिंता जताते हुए कहा कि एमपी के 10 बड़े जिलों के सीमावर्ती इलाकों में इनकी तादाद बहुत तेजी से बढ़ी है जो भविष्य में प्रदेश के लिए गंभीर संकट पैदा कर सकते हैं ,घुसपैठ को प्रभावी तरीके से रोकने के लिए सिटीजन शिप अमेंडमेंट एक्ट सीएए और एनआरसी के तहत कार्यवाही शुरु न होने से अवैध मुस्लिमों का बढ़ना सुरक्षा में चूक है। प्रदीप पटेल ने इस गंभीर मामले में सदन का ध्यान आकृष्ट कराते हुए कहा कि सरकार हस्तक्षेप कर अवैध घुसपैठ पर रोक लगाए। मऊगंज के विधायक प्रदीप पटेल द्वारा उठाए गए इस मुद्दे के कई महत्वपूर्ण आयाम हैं, जिनका विश्लेषण राजनीतिक, सुरक्षा, कानूनी और सामाजिक दृष्टिकोण से किया जा सकता है। 1. राजनीतिक पहलू यह मुद्दा भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विधायक द्वारा उठाया गया है, जो पहले से ही राष्ट्रीय स्तर पर नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA) और राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (NRC) को लागू करने के पक्ष में रही है। अवैध घुसपैठ का मुद्दा भाजपा की मुख्य चुनावी रणनीति का हिस्सा भी रहा है, विशेष रूप से पूर्वोत्तर और बंगाल में। 2. सुरक्षा संबंधी चिंताएँ 3. कानूनी और प्रशासनिक चुनौतियाँ 4. सामाजिक प्रभाव विधायक द्वारा उठाया गया मुद्दा गंभीर है, लेकिन इसे निष्पक्ष जांच और ठोस प्रमाणों के आधार पर ही आगे बढ़ाना चाहिए। घुसपैठ को रोकना आवश्यक है, लेकिन यह सुनिश्चित करना भी जरूरी है कि किसी भी कानूनी रूप से रह रहे व्यक्ति के अधिकारों का उल्लंघन न हो।