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बरकतउल्ला विश्वविद्यालय की परीक्षाएं एक अप्रैल से, स्मार्ट वाॅच-ब्लूटूथ मिला तो रद्द होगी परीक्षा

भोपाल  बरकतउल्ला विश्वविद्यालय (बीयू) की यूजी की प्रथम से तीसरे वर्ष की परीक्षाओं के लिए आवेदन प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। प्रायोगिक परीक्षाएं 13 मार्च से शुरू कर दी गई हैं। बीयू के बीए, बीएससी, बीकाम, बीएससी (होम साइंस), बीए मैनेजमेंट, बीबीए, बीसीए, बीपीईएस के प्रथम वर्ष और तीसरे वर्ष की सैद्धांतिक परीक्षाएं एक अप्रैल से शुरू होंगी। वहीं पीजी की सेमेस्टर परीक्षाएं मई में आयोजित होंगी।     इन परीक्षाओं में करीब 1.80 लाख विद्यार्थी शामिल होंगे। प्रदेश के आठ जिलों में संबद्ध कालेजों के लिए इस बार परीक्षाओं के दौरान नकल पर रोक के लिए बीयू ने कड़े आदेश जारी किए हैं।     अगर कोई विद्यार्थी नकल करते पकड़ाया या किसी के पास स्मार्ट फोन, स्मार्ट वाॅच, ब्लूटूथ जैसे इलेक्ट्रानिक उपकरण पाए गए तो उत्तरपुस्तिका जब्त कर विवि को भेजी जाएगी और परीक्षा निरस्त होगी।     इसके अलावा अगर परीक्षा शुरू होने के बाद कोई विद्यार्थी आधे घंटे बाद परीक्षा कक्ष से बाहर जाता है तो उसे दूसरी उत्तरपुस्तिका दी जाएगी। विवि ने परीक्षा के संबंध में आदेश जारी कर दिए हैं। परीक्षार्थी की तलाशी ली जाएगी     बीयू ने सभी कॉलेजों के प्राचार्य व केंद्राध्यक्षों को निर्देशित किया गया है कि परीक्षा केंद्र पर हर परीक्षार्थी की तलाशी ली जाए।     प्रतिबंधित सामग्री जैसे पुस्तकें, गाइड,मोबाइल, हस्तलिखी सामग्री,स्मार्ट वाॅच, इलेक्ट्रानिक उपकरण आदि को बाहर ही जमा करा ली जाए। इसे आलमारी में बंद किया जाएगा।     यदि परीक्षा कक्ष में विद्यार्थी के पास नकल सामग्री प्राप्त होती है तो अनुचित साधन प्रतिवेदन फार्म पर जानकारी भरकर विद्यार्थी से हस्ताक्षर कराना है।     अनुचित साधन फार्म पर वीक्षक या केंद्रध्यक्ष द्वारा हस्ताक्षर कराकर उत्तरपुस्तिका को पैकेट में बंद कर भेजे जाएं। केंद्र कम बनाए जाएंगे ताकि निगरानी सख्ती से हो     बीयू इस बार नकल प्रकरण पर रोक के लिए उड़नदस्तों की टीम को तैनात किया है और विवि में कंट्रोल रूम बनाया जाएगा।इसके माध्यम से परीक्षार्थियों की निगरानी की जाएगी।     साथ ही अधिक निगरानी के लिए इस बार केंद्रों की संख्या कम की जाएगी। इससे सख्ती से निगरानी की जा सके। वहीं जिन केंद्रों पर सिर्फ 50 या 60 विद्यार्थी शामिल होते थे।     उन केंद्रों को बंद किया जाएगा।विवि प्रबंधन इस बार परीक्षा केंद्रों को दिए जाने वाले खर्च को कम करेगा।  

इजराइल के ताजा हवाई हमलों में कम से कम 200 लोगों की हुई मौत, फिलिस्तीनी अधिकारियों ने दी जानकारी

 गाजा जराइल ने मंगलवार सुबह गाजा पट्टी क्षेत्र में हमास के ठिकानों को निशाना बनाते हुए सिलसिलेवार हवाई हमले किए। फिलिस्तीनी अधिकारियों ने हमले में कम से कम 200 से अधिक लोगों की मौत की जानकारी दी है। कहा जा रहा है जनवरी में युद्धविराम के प्रभावी होने के बाद से यह गाजा में अब तक का सबसे भीषणतम हमला है। प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि युद्धविराम को बढ़ाने के लिए वार्ता में कोई खास प्रगति नहीं होने के कारण उन्होंने हमले का आदेश दिया। नेतन्याहू के कार्यालय ने कहा, ‘‘इजराइल अब सैन्य ताकत बढ़ाकर हमास के खिलाफ कार्रवाई करेगा।’’ फिर से संघर्ष जारी होने की आशंका रातभर हुए हमलों ने शांति का दौर खत्म कर दिया है और 17 माह से जारी संघर्ष के फिर से शुरू होने की आशंका को बढ़ा दिया है जिसमें 48,000 से ज्यादा फलस्तीनी मारे गए थे और गाजा तबाह हो गया। हमास द्वारा बंधक बनाकर रखे गए लगभग 24 इजराइली नागरिकों के भविष्य के बारे में इजराइल के हमलों के कारण संशय की स्थिति पैदा हो गई है जिनके बारे में माना जाता है कि वे अब भी जीवित हैं। हमास ने एक बयान में इजराइल की ओर से किए गए हमलों की निंदा की और कहा कि इन हमलों ने बंधकों के भविष्य को खतरे में डाल दिया है। ‘बेगुनाह लोगों के खिलाफ…’ हमास के एक अधिकारी ताहिर नुनू ने इजरायली हमलों की आलोचना की है. उन्होंने कहा, “अंतर्राष्ट्रीय समुदाय का मोरल टेस्ट हो रहा है, या तो वह कब्जे वाली सेना द्वारा किए गए अपराधों की वापसी की अनुमति दे या फिर गाजा में बेगुनाह लोगों के खिलाफ आक्रामकता और जंग को खथ्म करने की प्रतिबद्धता को लागू करे.” गाजा में तमाम जगहों पर विस्फोटों की आवाजें सुनी जा सकती थीं और मिडिल गाजा के अल-अक्सा हॉस्पिटल में एम्बुलेंस पहुंच रही थीं.” युद्ध विराम को लेकर क्या हुआ था? जंग को रोकने के लिए युद्ध विराम पर सहमति बनने के दो महीने बाद ताजे हमले  हुए हैं. छह हफ्ते में हमास ने करीब 2,000 फिलिस्तीनी कैदियों के बदले में करीब तीन दर्जन बंधकों को रिहा किया. लेकिन दो हफ्ते पहले युद्ध विराम का पहला चरण खत्म होने के बाद से, दोनों पक्ष करीब 60 बचे बंधकों को रिहा करने और युद्ध को पूरी तरह से खत्म करने के मकसद से दूसरे चरण के साथ आगे बढ़ने के तरीके पर सहमत नहीं हो पाए हैं. नेतन्याहू ने बार-बार जंग को फिर से शुरू करने की धमकी दी है और इस महीने की शुरुआत में हमास पर दबाव बनाने के लिए घेरे हुए क्षेत्र में सभी खाद्य और सहायता डिलीवरी को रोक दिया.   हमास ने कही ये बात वहीं, एक इजराइली अधिकारी ने नाम उजागर न करने की शर्त पर बताया कि इजराइल हमास के उग्रवादियों, इसके नेताओं और बुनियादी ढांचों पर हमला कर रहा है तथा हवाई हमलों से परे अभियान को और बढ़ाने की योजना बना रहा है। इस बीच हमास ने चेतावनी दी है कि मंगलवार की सुबह इजरायल के नए हवाई हमलों ने उनके बीच हुए सीजफायर को तोड़ दिया है। उसने साथ ही धमकी भरे अंदाज में यह भी कहा कि इजरायल की इस हरकत ने बंधकों के भाग्य को खतरे में डाल दिया है। वहीं, इजरायल ने कहा कि उसने सीजफायर को बढ़ाने के लिए चल रही बातचीत में कोई प्रगति न देखते हुए गाजा पट्टी में हवाई हमले किए हैं।

29 मार्च : शनि गोचर और इसी दिन सूर्यग्रहण भी, इन 3 राशियों पर पड़ेगा अशुभ प्रभाव

करीब 30 साल बाद 29 मार्च 2025 को शनि गुरु की मीन राशि में गोचर करने जा रहे हैं। इस राशि में शनि ढाई वर्ष तक विराजमान रहेंगे। शनि के मीन गोचर का प्रभाव देश-दुनिया के साथ सभी 12 राशियों पर पड़ेगा। शनि गोचर के दिन ही साल का पहला सूर्य ग्रहण भी लग रहा है। शनि मीन गोचर व सूर्य ग्रहण एक ही दिन होने का प्रभाव कुछ राशियों के लिए उथल-पुथल भरा रहेगा। इन राशि वालों को आर्थिक, पारिवारिक व शारीरिक रूप से दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। जानें शनि गोचर व सूर्य ग्रहण का संयोग किन राशियों पर डालेगा अशुभ प्रभाव- 1. मेष राशि- 29 मार्च 2025 को सूर्य ग्रहण वाले दिन शनि के मीन राशि में प्रवेश करने से मेष राशि वालों पर शनि की साढ़ेसाती प्रारंभ होगी। इस अवधि में मेष राशि वालों को आर्थिक, मानसिक व शारीरिक परेशानियों का सामना करना पड़ेगा। करियर में विघ्न-बाधाएं आ सकती हैं। ग्रहण का प्रभाव आपकी राशि के 12वें भाव में होगा, जिससे खर्च की अधिकता रह सकती है। मानसिक तनाव भी हो सकता है। 2. कुंभ राशि– सूर्य ग्रहण के दिन शनि के मीन गोचर से कुंभ राशि वालों को अशुभ परिणाम मिल सकते हैं। कार्यों में आकस्मिक बाधा व आर्थिक हानि के संकेत हैं। बनते हुए कार्यों के बिगड़ने की संभावना है। ग्रहण का प्रभाव आपकी राशि के द्वितीय भाव में होगा, जिसके कारण आर्थिक मामलों में उतार-चढ़ाव व परिवार में अनबन हो सकती है। वाणी पर कंट्रोल रखें। 3. मीन राशि– सूर्य ग्रहण और शनि गोचर का संयोग मीन राशि पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकता है। इस दौरान आपको सेहत से जुड़ी परेशानियां व आर्थिक समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। ग्रहण का प्रभाव मीन राशि के प्रथम भाव में होगा, जिसके कारण आपके आत्मविश्वास में कमी रहेगी।

डाक्टरों की कमी से जूझ रहा सिविल, अस्पताल : जनसुनवाई में कलेक्टर के नाम संबोधित ज्ञापन एस डी एम को सौपा

Civil hospital is facing shortage of doctors हरिप्रसाद गोहेआमला । विधानसभा क्षेत्र आमला के रहवासियों के लिए स्वास्थ्य सुविधा को दृष्टिगत रख सरकार द्वारा सर्व सुविधा युक्त सिविल अस्पताल की सौगात आमला को दी जहा ब्लाक की 68 ग्राम पंचायतों एवं शहर के अठारह वार्डों से मरीज अपना स्वास्थ्य उपचार कराने पहुंचते है। खास बात यह है की सिविल अस्पताल का लोकार्पण भी बड़े धूमधाम से स्थानीय जन प्रतिनिधि की गरिमय उपस्थिति में हुआ था जिसे देख लोगों में आमला सिविल अस्पताल में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं एवं व्यवस्था मिलने आशा की किरण जागी थी। लेकिन यहां बेहतर स्वास्थ्य सुविधा व व्यव्स्था नहीं मिलने से लोगो में अब गहरा आक्रोश है। वहीं अस्पताल में नियुक्त डाक्टरों की कमी भी देखी जा रही है। बावजूद इस और किसी का ध्यान नहीं है। ऐसे में नगर के विभिन्न संगठनों ने मंगलवार सामूहिक आवाज बुलंद कर आमला सिविल अस्पताल में त्वरित व्यवस्था बनाए जाने मांग की मांग पूरी नहीं होने पर उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होने की बात कहीं है । विभिन्न संगठनों ने सोपा ज्ञापन सिविल हॉस्पिटल में स्वास्थ्य सुविधाओं की मांग एवं व्यवस्थाओ को लेकर मंगलवार को जनसुनवाई में शहर की विभिन्न संस्थाओं व समितियों द्वारा ज्ञापन सौंपा गया। लंबे समय से शहर के सिविल हॉस्पिटल में चिकित्सकों की कमी एवं व्यवस्थाओ की कमी शहरवसियो के लिए चिंता का विषय बनी हुई है, इन्ही मुद्दों को लेकर शहर के अग्रणी सामाजिक संस्थाओं, व्यापारिक संगठन एवं सेवाभावी समितियों द्वारा एक साथ जनपद पंचायत कार्यालय में एसडीएम आमला को ज्ञापन सौंपा। जिसमें जनसेवा कल्याण समिति, प्रगतिशील व्यापारी संघ, श्री महावीर हनुमान गौशाला समिति, सूर्यवंशी ढोलेवार कुंबी समाज युवा संगठन, मप्र अनुसूचित जाति-जनजाति अधिकारी एवं कर्मचारी संघ एवं संघर्ष समिति, सहयोग फाउंडेशन अधिवक्ता संघ,रेलवे रिटायर्ड पेंशनर एसोसिएशन ,बोहरा समाज करणी सेना परिवार के साथ विभिन्न संस्थाओ के सदस्यों द्वारा सिविल हॉस्पिटल में व्यवस्था सुधारने एवं स्वास्थ्य सुविधाओ में वृद्धि करने की मांग को लेकर अपनी बात रखी ।ज्ञात हो कि कुछ वर्ष पूर्व सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का उन्नयन कर भव्य सिविल हॉस्पिटल आमला में बनाया गया था, जिससे लोगो मे उम्मीद जगी थी कि नए व भव्य हॉस्पिटल के बनने से सुविधाओ में वृद्धि होगी,परन्तु लोगो को हताशा ही हाथ लगी, हमेशा की तरह हॉस्पिटल आज भी डॉक्टर्स की कमी से जूझ रहा है,एवं मात्र आधा दर्जन डॉक्टर्स ही यहां सेवा दे रहे है,जबकि डॉक्टर के 14 पद आज भी रिक्त पड़े है, ऑपरेटरों व अन्य स्टाफ की भी यही हालत है, वहीं व्यवस्थाओ की बात करें तो छोटी-छोटी बीमारियों व घायल होने पर रोगियों को बैतूल रेफर कर दिया जाता है,यही स्थिति सामान्य जांचों की भी है। कुल मिलाकर कहा जाए तो यहां बोर्ड तो सिविल हॉस्पिटल का लगा है परन्तु सिविल हॉस्पिटल के निर्धारित मापदंडों के आधार पर 20 प्रतिशत सुविधाएं भी उपलब्ध नही है। ज्ञापन में समितियों व प्रबुद्धजनों द्वारा मांग की गई कि हॉस्पिटल में कई मशीनें जैसी आई थी वैसी ही बंद रखी है,उन्हें चलाने ऑपरेटर व डॉक्टर्स की व्यवस्था शीघ्र की जाए। महिला रोग विशेषज्ञ की मांग वर्षों से क्षेत्रवासी कर रहे है,इस मांग को जल्द पूरा किया जाए। एकमात्र एमडी मेडिसिन डॉक्टर मुकेश वागद्रे को बार-बार अटैचमेंट के नाम पर अन्यत्र भेज दिया जाता है,इसकी वजह जानकर शीघ्र कार्यवाही की जाए। आमला हॉस्पिटल में सायकल/वाहन स्टैंड का ठेका शीघ्र निरस्त किया जाए, चूंकि यहां अधिकांश गरीब वर्ग व अपनो की बीमारी से परेशान परिजन आते है,पैसों के अभाव में उन्हें लज्जित किया जाता है, मुलताई हॉस्पिटल में मानवता दिखाते हुए हॉस्पिटल में सायकल स्टैंड का ठेका निरस्त किया जा चुका है, आमला में भी ठेका तुरंत निरस्त किया जाए। सामान्य जांच जैसे सिटी स्कैन, एक्स-रे, एमआरआई आदि की समुचित व्यवस्था की जाए, साथ ही दवाइयों की उपलब्धता भी सुनिश्चित की जाए। सिविल हॉस्पिटल आमला की शहरी जनता के साथ 68 पंचायतों के लोगो के लिए भी एक मात्र हॉस्पिटल है।उपस्थित सभी समितियों व संस्थाओ के सदस्यों द्वारा एक सुर में इन मांगो को पूर्ण करने हेतू निवेदन किया, साथ ही सभी ने ये भी कहा कि अगर एक माह के भीतर व्यवस्थाओ व सुविधाओ को पूर्ण नही किया गया तो उग्र आंदोलन करने के लिए विवश होना पड़ेगा।

आज सेंसेक्स ने लगाई 500 अंकों की छलांग, निफ्टी भी भागा… इन 10 शेयरों में तूफानी तेजी

मुंबई शेयर बाजार में तेजी (Stock Market Rise) का सिलसिला जारी है और सप्ताह के दूसरे कारोबारी दिन मंगलवार को भी सेंसेक्स-निफ्टी ने ग्रीन जोन में कारोबार की शुरुआत की. बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स (Sensex) 500 अंक की तेजी के साथ ओपन हुआ, तो वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के निफ्टी इंडेक्स (Nifty-50) ने भी 100 अंक की उछाल के साथ कारोबार शुरू किया. लगातार दूसरे दिन बाजार में हरियाली के बीच सबसे ज्यादा उछलने वाले शेयरों की लिस्ट में ICICI Bank और Axis Bank समेत जोमैटो और टाटा मोटर्स आगे रहे. खुलते ही उछल पड़े सेंसेक्स-निफ्टी शेयर मार्केट में कारोबार की शुरुआत होने पर बीएसई के सेंसेक्स अपने पिछले बंद 74,169.95 के लेवल से चढ़कर 74,608.66 पर ओपन हुआ और ये कुछ ही देर में 573 अंक की जोरदार उछाल के साथ 74,743 के लेवल पर जा पहुंचा. दूसरी ओर एनएसई का निफ्टी भी अपने पिछले बंद 22,508.75 की तुलना में जोरदार तेजी लेते हुए 22,662.25 पर ओपन हुआ और मिनटों में सेंसेक्स के कदम से कदम मिलाकर चलते हुए 178 अंक उछल गया और 22,687 के लेवल पर कारोबार करता नजर आया. 1637 शेयर बढ़त के साथ ग्रीन जोन में ओपन शुरुआती कारोबार में ही शेयर बाजार में करीब 1637 कंपनियों के शेयरों ने जोरदार रफ्तार के साथ ग्रीन जोन में ट्रेडिंग शुरू की. इसके अलावा 571 कंपनियों के स्टॉक्स ऐसे थे, जो बाजार चढ़ने के बावजूद गिरावट के साथ लाल निशान पर ओपन हुए. वहीं 131 शेयरों की स्थिति जस की तस रही, यानी इनमें कोई चेंज देखने को नहीं मिला. शुरुआती कारोबार में सबसे तेज भागने वाले शेयरों में आईसीआईसीआई बैंक, एक्सिस बैंक, बजाज फिनसर्व शामिल रहे, तो वहीं TCS, ONGC, Tech Mahindra और Tata Consumer के शेयर रेड जोन में ओपन हुए. आज के टॉप गेनर बने ये शेयर बात करें, शेयर मार्केट में लगातार दूसरे कारोबारी दिन आई तेजी के बीच शुरुआती कारोबार में सबसे ज्यादा रफ्तार के साथ भागने वाले शेयरों के बारे में, तो ICICI Bank Share (2.30%), Zomato Share (2.11%), Axis Bank Share (2.10%), M&M Share (1.90%) और Tata Motors Share (1.50%) की तेजी के साथ कारोबार कर रहे थे. मिडकैप कैटेगरी में शामिल कंपनियों में से Manyavar Share (3.62%), IREDA Share (3.55%), Paytm Share (2.60%) की बढ़त के साथ ट्रेड कर रहा था, तो वहीं Tata Tech Share (2.43%) और RVNL Share (2.16%) की तेजी के साथ कारोबार कर रहा था. सोमवार को दिनभर रही थी तेजी बीते कारोबारी दिन सोमवार को भी Sensex-Nifty ने दिनभर तेजी के साथ कारोबार किया था और अंत में बढ़त के साथ बंद हुए थे. बीएसई Sensex मार्केट ओपन होने के साथ 73,830.03 के लेवल पर ओपन हुआ था और कारोबार के दौरान 74,376.35 के लेवल तक उछला था. हालांकि, बाजार बंद होते-होते इसकी रफ्तार कुछ धीमी पड़ी थी, फिर भी ये 341.05 अंक की तेजी लेकर 74,169.95 पर क्लोज हुआ था. इसी तरह एनएसई का Nifty भी 22,353.15 के लेवल पर खुलने के बाद 22,577 तक उछला था और अंत में 112.45 अंकों की बढ़त लेकर 22,509.65 के लेवल पर क्लोज हुआ था.

अब बॉक्सिंग भी 2028 लास एंजिलिस ओलंपिक में हुई शामिल, आईओसी बोर्ड ने मंजूरी दी

नई दिल्ली अंतर्राष्ट्रीय ओलंपिक समिति (आईओसी) ने 2028 लॉस एंजिल्स ओलंपिक खेलों में मुक्केबाजी को फिर से शामिल करने की मंजूरी दे दी है। इस निर्णय का स्वागत करते हुए, विश्व मुक्केबाजी के अध्यक्ष बोरिस वैन डेर वोर्स्ट ने कहा कि यह ओलंपिक मुक्केबाजी के लिए एक बहुत ही महत्वपूर्ण निर्णय है और इससे ओलंपिक खेलों में मुक्केबाजी की बहाली को बल मिला है। बताना चाहेंगे तत्कालीन अंतर्राष्ट्रीय महासंघ को लेकर चल रही चिंताओं के कारण फरवरी 2022 में अंतर्राष्ट्रीय ओलंपिक समिति सत्र द्वारा अनुमोदित 2028 लॉस एंजिल्‍स खेलों के प्रारंभिक खेल कार्यक्रम में मुक्केबाजी को शामिल नहीं किया गया था। पिछले साल राष्ट्रीय मुक्केबाजी महासंघों को एक नए अंतरराष्ट्रीय महासंघ के बारे में आम सहमति बनाने को कहा गया था पिछले साल, अंतर्राष्ट्रीय ओलंपिक समिति ने यह स्पष्ट कर दिया था कि 2028 ओलंपिक खेलों के खेल कार्यक्रम में मुक्केबाजी को शामिल करने के लिए राष्ट्रीय मुक्केबाजी महासंघों को एक नए अंतरराष्ट्रीय महासंघ के बारे में आम सहमति बनानी होगी। 26 फरवरी को बोर्ड ने 84 राष्ट्रीय महासंघों वाली विश्व मुक्केबाजी को अस्थायी रूप से मान्यता देने का फैसला किया शासन और खेल अखंडता के संबंध में विभिन्न मानदंडों के मूल्यांकन के बाद, 26 फरवरी को अंतर्राष्ट्रीय ओलंपिक समिति कार्यकारी बोर्ड ने 84 राष्ट्रीय महासंघों वाली विश्व मुक्केबाजी को अस्थायी रूप से मान्यता देने का फैसला किया।  

दिल्ली में एक बार फिर बड़ी लूट की घटना, चांदनी चौक में एक बदमाश 80 लाख रुपए कैश से भरे बैग को लूटकर भाग गया

नई दिल्ली दिल्ली में एक बार फिर लूट की बड़ी घटना को अंजाम दिया गया है। चांदनी चौक में एक ‘टोपीवाला’ वाला बदमाश 80 लाख रुपए कैश से भरे बैग को लूटकर भाग गया। घटना सीसीटीवी में कैद हो गई है। पुलिस घटना की जांच में जुटी हुई है। पुलिस पीड़ित शख्स से भी पूछताछ कर रही है। घटना सोमवार 17 मार्च की है। शाम करीब 6.15 बजे हवेली हैदर कुली चांदनी चौक में आर के गुजराती आंगड़िया के कर्मचारी से नकदी से भरा बैग लूट लिया गया। काले रंग के बैग में 80 लाख रुपए थे। लूट के वक्त बदमाश ने चार राउंड फायरिंग भी की। पूरी घटना एक सीसीटीवी में कैद हो गई है। 48 सेकेंड के वीडियो में दिख रहा है कि पीड़ित कर्मचारी एक काले रंग के बैग को पीठ पर लादे हुए पैदल चला जा रहा है। कुछ दुकानें बंद हैं तो कुछ खुली है। बाजार में दुकानों पर कुछ लोग भी मौजूद हैं। इस बीच कर्मचारी के पीछे एक शख्स टोपी पहने और मास्क लगाए हुए आ रहा है। उसके हाथ में पिस्टल है और गली में पीछे-पीछे आ रहा है। वह अचानक बैग वाले शख्स को दबोच लेता है और बंदूक दिखाकर बैग छीन लेता है। वह चार राउंड फायरिंग भी करता है। इसके बाद वह भाग निकलता है। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज के आधार पर लुटेरे की तलाश शुरू कर दी है।

मऊगंज में पुलिस की ताबड़तोड़कार्रवाई, हत्याकांड में शामिल 20 आरोपी गिरफ्तार, अभी-भी जारी है धरपकड़

 रीवा  मऊगंज जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम गड़रा में पुलिस की टीम पर पर हमला और एएसआइ की हत्या के मामले में पुलिस ने अब तक दो एफआइआर दर्ज की हैं। पुलिस ने लगभग डेढ़ सौ लोगों पर मारपीट, हत्या, हत्या के प्रयास, बलवा, सरकारी काम में बाधा व अन्य धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। दोनों मामलों में अब तक 20 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। पकड़े गए आरोपितों में एक यूट्यूबर पत्रकार सहित सरपंच व पूर्व सरपंच शामिल हैं। तीनों पर घटना के पहले षड्यंत्र में शामिल होने का आरोप है। इसके बाद इलाके में तनाव बढ़ गया, जिसके चलते भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया. पुलिस ने ताबड़तोड़ कार्रवाई करते हुए अब तक 20 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है. जिसमे 06 आरोपियों  निशा कोल, प्रेमवती कोल, बृजलाल कोल, विनोद कोल, अंशु कोल और रमेश साहू के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया. सख्त कानूनी कार्रवाई, न्यायालय में पेशी पुलिस ने गिरफ्तार किए गए 20 आरोपियों को हिरासत में लिया गया. इस मामले में  06 आरोपियों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता की धारा 103 (1), 127 (2), 132, 296, 115 (2), 351 (3), 109, 191 (2), 191 (3), 190, 121(2) समेत अन्य धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया. गांव में बढ़ी पुलिस चौकसी गड़रा गांव में हुई इस हिंसा के बाद पुलिस ने पूरे इलाके को सुरक्षा घेरे में ले लिया. पुलिस लगातार तलाशी अभियान चला रही है और अन्य फरार आरोपियों की तलाश में दबिश दे रही. प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में इलाके में शांति व्यवस्था बनाए रखने के प्रयास किए जा रहे हैं. पुलिस का सख्त संदेश इस घटना के बाद पुलिस ने स्पष्ट कर दिया है कि किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अपराधियों की जल्द से जल्द गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाएगी ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो. ग्रामीणों से अपील की गई है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में प्रशासन का सहयोग करें. डीजीपी पहुंचे बलिदानी के घर, सहायता राशि समेत नौकरी का दिया भरोसा प्रदेश के पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाना सोमवार को बलिदानी एएसआई रामचरण गौतम के गृह ग्राम जिले के पवैया गांव पहुंचे। जहां उन्होने शहीद के छायाचित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर शोक संवेदना व्यक्त करते हुए मृतक के स्वजनों को सांत्वना दी। इस दौरान डीजीपी ने शहीद के परिवार के सदस्यों को बताया कि सरकार ने कर्तव्य निवर्हन में शहीद हुए एएसआई रामचरण गौतम के परिवार को एक करोड़ रुपए की सहायता राशि देने की घोषणा की है। इसके अलावा परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की भी बात कहीं है। यह है मामला मऊगंज जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत पुरानी रंजिश को लेकर एक युवक को बंधक बनाकर उसके साथ मारपीट की घटना सामने आई थी। शनिवार की शाम सूचना पर पहुंची पुलिस पर भी ग्रामीणों ने हमला कर दिया था। हमले में एएसआइ की मौत से क्षेत्र में तनाव फैल गया था। सोमवार को अलग-अलग दो एफआईआर में तकरीबन डेढ़ सौ लोगों के विरुद्ध मामला पंजीकृत कर 20 लोगों को हिरासत में लिया गया है। अंकिता ने बताई मऊगंज में हुए खौफनाक मंजर की पूरी कहानी मध्य प्रदेश के मऊगंज जिले में शनिवार को एएसआई समेत एक युवक की हत्या कर दी गई। एसडीओपी ने मऊगंज में हुए खौफनाक मंजर की पूरी कहानी बताई है। वहीं इसे लेकर ब्राह्मण समाज ने एक दिवस बंद का ऐलान किया है। सोमवार को रीवा और मऊगंज बंद रहेगा। एसडीओपी ने बताई पूरी कहानी SDOP अंकिता शूल्या ने बताया कि कैसे यह पूरी घटना हुई थी। उन्होंने बताया कि जिस कमरे में वह बंद थी, आरोपी उसी कमरे में आग लगाने की बात कर रहे थे। आरोपियों की मांग थी कि जिन आरोपियों को पुलिस ने पकड़ा है, उन्हें छोड़ दे और एसडीओपी को ले जाए। अंकिता ने बताया कि वह करीब एक घंटे तक कमरे में बंद थी। पुलिस टीम ने हवाई फायरिंग कर एसडीओपी को मुक्त कराया और शव को कब्जे में लेकर वहां से निकाला गया। डीआईजी और एसपी के बोलने पर भी आरोपियों ने पुलिसकर्मियों को छोड़ने से इनकार कर दिया था। SDOP अंकिता ने बताया कि गांव के लोगों ने युवक की हत्या की थी। हमारा कर्तव्य था कि उन्हें सजा मिले। अपनी जान को जोखिम में डालकर अंकिता शूल्या अपने कर्तव्य पर डटी रही। कई घंटो तक पथराव चलता रहा, हमारे कई पुलिसकर्मी घायल हुए, लेकिन शव को छोड़ना सही नहीं था। ब्राह्मण समाज ने बंद का किया ऐलान रीवा और मऊगंज के ब्राह्मण समाज ने बंद का आव्हान किया है। व्यापारी से कहा कि वो इसमें सहयोग करें। अखिल भारतीय ब्राह्मण समाज के राष्ट्रीय अध्यक्ष पंडित संजय त्रिपाठी ने कहा कि हम लोग ब्राह्मण पर हो रहे अत्याचार खिलाफ लड़ेंगे और उन्हें इंसाफ दिलाएंगे। ऐसे उपजा विवाद बताया गया कि मऊगंज के गडरा गांव के निवासी द्विवेदी परिवार ने अशोक कोल को अपनी जमीन बेंची थीं। जिसके कुछ पैसे भी बकाया थे। दो माह पहले मऊगंज में अशोक आदिवासी की बाइक से एक्सिडेंट हुआ था और बाईक एक भैंस से टकरा गई थीं। जिसमें अशोक आदिवासी की मौत हो गई थीं। पुलिस ने मर्ग कायम कर शव का पीएम करवाया था। पीएम रिपोर्ट में एक्सीडेंट से मौत होना पाया गया था, लेकिन मृतक अशोक आदिवासी के परिजनों द्विवेदी परिवार के बेटे सनी द्विवेदी पर सुनियोजित तरीके से हत्या करने का आरोप लगाया था। जिसके बाद मामले पर पुलिस के अधिकारियों ने एडिशनल एसपी रैंक के आधिकारी से जांच करवाई थी। जांच के बाद पाया गया की एक्सीडेंट के कारण ही अशोक कोल की मौत हुई थी। होली के दूसरे दिन हुई घटना इसके बाद शनिवार को होली के ठीक दूसरे दिन दोपहर के वक्त सनी द्विवेदी उसी अशोक आदिवासी परिवार की दुकान पर समान लेने गया था, जिसकी मौत का आरोप परिजनों ने सनी द्विवेदी पर लगाया था। इसी बीच आदिवासी परिवार के लोगों ने सनी को किराने की दुकान पर ही बंधक बना लिया। इसकी सूचना सनी के परिजनों को हुई तो वह आदिवासी परिवार से बातचीत करने पहुंचे। तभी आदिवासी परिवार के … Read 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गर्मी में कलेक्टर, नगरीय निकायों तथा पंचायतों को सार्वजनिक स्थानों पर प्याऊ लगाने के दिए निर्देश: मुख्यमंत्री

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गर्मी के मौसम को देखते हुए जिलों के कलेक्टर, नगरीय निकायों तथा पंचायतों को सार्वजनिक स्थानों पर प्याऊ लगाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि उपयुक्त स्थलों पर छाया की व्यवस्था भी की जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस संबंध में जन प्रतिनिधियों से भी अपील की है। उन्होंने कहा कि जन सामान्य के लिए ग्रीष्म ऋतु में प्याऊ लगवाने की परंपरा प्राचीन काल से रही है। जल संरक्षण के साथ-साथ जल की सहज उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए यह व्यवस्था आवश्यक है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मीडिया को दिए संदेश के माध्यम से प्रदेशवासियों से जल गंगा अभियान के अंतर्गत बूंद- बूंद जल बचाने के लिए संचालित होने वाली गतिविधियों में सहभागिता करने का भी आव्हान किया।  

44 खनिज ब्लॉकों की सफलतापूर्वक ई-नीलामी: देश में पहली बार खनिज लिथियम ब्लॉक की सफलतापूर्वक नीलामी

रायपुर : खनिज क्षेत्र में पारदर्शिता और नवाचार का नया अध्याय: खनिज प्रबंधन में डिजिटल युग की नई शुरुआत 2024-25 में अप्रैल से फरवरी तक 11,581 करोड़ रुपये का खनिज राजस्व अर्जित 44 खनिज ब्लॉकों की  सफलतापूर्वक ई-नीलामी: देश में पहली बार खनिज लिथियम ब्लॉक की सफलतापूर्वक नीलामी बैलाडीला क्षेत्र में तीन नए लौह अयस्क ब्लॉकों की ई-नीलामी प्रक्रिया जारी जिला खनिज संस्थान न्यास के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2024-25 में अब तक 1,673 करोड़ रुपये की निधि प्राप्त: 9,362 विकास कार्यों को दी गई मंजूरी राज्य खनिज अन्वेषण ट्रस्ट की स्थापना की योजना  रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार ने पारदर्शी खनन नीति, ई-नीलामी, डिजिटल निगरानी और पर्यावरण-संवेदनशील खनन रणनीतियों को अपनाकर प्रदेश के आर्थिक और औद्योगिक विकास को नए आयाम दिए हैं।खनिज संसाधनों के सुव्यवस्थित उत्खनन के चलते बीते वर्षों में छत्तीसगढ़ के खनिज राजस्व में ऐतिहासिक वृद्धि दर्ज की गई है। राज्य के गठन के समय की तुलना में खनिज राजस्व में 30 गुना वृद्धि हुई है, जो 2023-24 में 13,000 करोड़ रुपये तक पहुंच गया और 2024-25 में अप्रैल से फरवरी तक ही 11,581 करोड़ रुपये का राजस्व अर्जित किया जा चुका है। यह पारदर्शी खनन नीति और प्रभावी प्रशासन का परिणाम है। अब तक 44 खनिज ब्लॉकों की ई-नीलामी सफलतापूर्वक की जा चुकी है, जिसमें अब तक चूना पत्थर के 14, लौह अयस्क के 9, बॉक्साइट के 11, स्वर्ण के 3, निकल, क्रोमियम के 2, ग्रेफाइट के 2, ग्लूकोनाइट के 2 और लिथियम के 1 खनिज ब्लाक की निलामी की गई है। प्रदेश में अब तक 10 क्रिटिकल एवं डीप सीटेड मिनरल्स ब्लॉक्स की सफलतापूर्वक नीलामी भारत सरकार द्वारा देश के आर्थिक एवं सामरिक विकास को ध्यान में रखते हुए क्रिटिकल एवं सामरिक महत्व के खनिजों के लिए राष्ट्रीय क्रिटिकल मिनरल मिशन की घोषणा जनवरी, 2025 में की गई है। इस के अनुरूप प्रदेश में विभाग द्वारा वर्ष 2024-25 से ही क्रिटिकल एवं सामरिक महत्व के खनिजों के अन्वेषण / खोज पर विशेष ध्यान दिया गया है, जिसके तहत 56 अन्वेषण परियोजनाओं में से 31 परियोजनाओं अंतर्गत क्रिटिकल एवं डीप सीटेड मिनरल्स पर कार्य किये जा रहे है। प्रदेश में अब तक 10 क्रिटिकल एवं डीप सीटेड मिनरल्स ब्लॉक्स जिसमें लिथियम का 1, स्वर्ण का 3, निकल, क्रोमियम का 2, ग्रेफाइट का 2 ग्लूकोनाइट के 2 मिनरल ब्लॉक की नीलामी की गई है। देश में पहली बार खनिज लिथियम ब्लॉक की सफलतापूर्वक नीलामी की कार्यवाही भारत सरकार द्वारा की गई है जिसके तहत् जिला कोरबा के कटघोरा लिथियम ब्लॉक को मेसर्स साउथ मायकी मायनिंग कंपनी को 76 प्रतिशत प्रीमियम राशि पर आबंटित किया गया है। राज्य के सुकमा एवं कोरबा जिले में भी लिथियम अन्वेषण कार्य किया जा रहा है जिसमें लिथियम के भण्डार पाये जाने की पूर्ण संभावना है। बैलाडीला लौह अयस्क: भारत के खनन क्षेत्र का मजबूत स्तंभ  बैलाडीला क्षेत्र भारत के सबसे बड़े लौह अयस्क भंडारों में से एक है। यहां तीन नए लौह अयस्क ब्लॉकों की ई-नीलामी प्रक्रिया जारी है, जिसे मार्च 2025 तक पूरा किया जाएगा। इसके अलावा कांकेर जिले के हाहालद्दी लौह अयस्क खनिज ब्लॉक की नीलामी प्रक्रिया भी अंतिम चरण में है। पर्यावरण संतुलन और पारदर्शी निगरानी प्रणाली पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखते हुए खनन क्षेत्र को अधिक पारदर्शी और वैज्ञानिक रूप से संचालित करने के लिए सरकार ने कई नई पहल की हैं। सेटेलाइट इमेजरी और माइनिंग सर्विलियेंस सिस्टम के माध्यम से अवैध खनन की निगरानी की जा रही है। गौण खनिज खानों में सुव्यवस्थित और वैज्ञानिक पद्धति से खनन को बढ़ावा देने के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण को प्राथमिकता दी गई है। राज्य सरकार बेहतर कार्य करने वाले पट्टेधारियों को ‘स्टार रेटिंग’ प्रणाली के तहत प्रोत्साहित कर रही है। खनिज राजस्व से सामाजिक विकास और बुनियादी सुविधाओं में निवेश खनिज राजस्व का एक बड़ा हिस्सा प्रदेश के सामाजिक विकास में निवेश किया जा रहा है। जिला खनिज संस्थान न्यास के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2024-25 में अब तक 1,673 करोड़ रुपये की निधि प्राप्त हुई है, जिससे शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, पेयजल और कौशल विकास सहित 9,362 विकास कार्यों को मंजूरी दी गई। इससे खनन प्रभावित क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के जीवन स्तर में महत्वपूर्ण सुधार हो रहा है। खनिज अन्वेषण कार्यों का विस्तार और नई परियोजनाएँ राज्य सरकार ने चूना पत्थर, बॉक्साइट, लौह अयस्क और ग्रेफाइट सहित कुल 13 खनिज परियोजनाओं में अन्वेषण कार्य शुरू किया है। प्रारंभिक सर्वेक्षणों में चूना पत्थर के 283 मिलियन टन, लौह अयस्क के 67 मिलियन टन और बॉक्साइट के 3 लाख टन भंडार का अनुमान लगाया गया है। स्वर्ण, ग्रेफाइट और ग्लूकोनाइट जैसे खनिजों की खोज भी की जा रही है, जिससे राज्य के खनन क्षेत्र को और मजबूती मिलेगी। इसके अलावा, सूरजपुर जिले के जाजावल क्षेत्र में यूरेनियम ब्लॉक के लिए परमाणु ऊर्जा विभाग को प्रस्ताव भेजा गया है। कोल बेड मीथेन पूर्ववर्ती कोरिया जिले में वेदांता लिमि. एवं ऑईलमैक्स को पेट्रोलियम अन्वेषण लायसेंस स्वीकृत किया गया है। मैंगनीज ओर इंडिया लि. (मोईल) द्वारा सीएमडीसी के साथ प्रदेश में प्रथम बार बलरामपुर क्षेत्र में खनिज मैगनीज का भंडार चिन्हित किया गया है। मुख्य खनिजों के लिए अन्वेषण हेतु केंद्र सरकार द्वारा राष्ट्रीय खनिज अन्वेषण ट्रस्ट की स्थापना की गई है। इसी तर्ज पर खनिज विभाग द्वारा राज्य के गौण खनिजों के व्यवस्थित विकास एवं अन्वेषण के लिए राज्य खनिज अन्वेषण ट्रस्ट की स्थापना की योजना पर कार्य किया जा रहा है। उल्लेखनीय है कि प्राकृतिक संसाधनों की दृष्टि से छत्तीसगढ़ देश के समृद्ध राज्यों में से एक है। कोयला, लौह अयस्क, चूना पत्थर, बॉक्साइट, स्वर्ण, निकल, क्रोमियम और प्लेटिनम समूह के तत्व सहित कुल 28 प्रकार के खनिजों की प्रचुरता ने इस राज्य को देश के खनन क्षेत्र में एक अग्रणी भूमिका में ला खड़ा किया है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार की पारदर्शी नीतियों, सतत विकास की रणनीतियों और कुशल प्रशासनिक प्रयासों के चलते छत्तीसगढ़ भारत के अग्रणी औद्योगिक और आर्थिक केंद्र के रूप में उभर रहा है। खनिज संपदा के माध्यम से प्रदेश न केवल आर्थिक मजबूती प्राप्त कर रहा है, बल्कि हरित और सतत विकास की दिशा में भी अग्रसर हो रहा है। आने वाले वर्षों में छत्तीसगढ़ अपनी समृद्ध खनिज संपदा और रणनीतिक पहल के साथ भारत के माइनिंग हब के … Read more

एक अफवाह और धधक उठा नागपुर,DCP समेत 30 पुलिसकर्मी घायल, 65 हुए गिरफ्तार

नागपुर महाराष्ट्र के नागपुर में सोमवार की रात भीषण हिंसा देखने को मिली है। नागपुर के महल इलाके में पथराव, कई गाड़ियों में तोड़फड़ और आसपास के इलाके में आगजनी की गई है। इस घटना के बाद से ही शहर में तनाव की स्थिति है। ऐसे में नागपुर शहर के कोतवाली, गणेशपेठ, लकड़गंज, पचपावली, शांतिनगर, सक्करदरा, नंदनवन, इमामवाड़ा, यशोधरा नगर और कपिल नगर पुलिस थाना क्षेत्रों में कर्फ्यू लगाया गया है।नागपुर के पुलिस आयुक्त डॉ. रविंदर कुमार सिंघल ने बताया है कि यह कर्फ्यू अगले आदेश तक लागू रहेगा। अब तक मिली जानकारी के मुताबिक, इस हिंसा में 35  पुलिसकर्मी घायल हैं। वहीं, 65 उपद्रवियों को हिरासत में लिया गया है।हिंसा और आगजनी के बाद नागपुर के कई स्कूलों में छुट्टी का ऐलान. पुलिस ने क्या बताया? नागपुर पुलिस आयुक्त डॉ रविंदर सिंघल ने कहा, “स्थिति नियंत्रण में है। एक तस्वीर जलाई गई थी जिसके बाद लोग जमा हुए और उनके निवेदन पर हमने कार्रवाई की। लोगों का प्रतिनिधिमंडल मुझसे मिलने मेरे ऑफिस भी आया था। हमने FIR दर्ज की है… घटना करीब 8:30 बजे की है। 2 वाहन जलाए गए हैं।” CM फडणवीस क्या बोले? नागपुर में हुई हिंसा पर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा, “नागपुर के महल इलाके में जिस तरह से स्थिति तनावपूर्ण हुई, वह बेहद निंदनीय है। कुछ लोगों ने पुलिस पर भी पत्थरबाजी की। यह गलत है। मैं स्थिति पर नजर रख रहा हूं। मैंने पुलिस कमिश्नर से कहा है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए जो भी सख्त कदम उठाने की जरूरत है, उठाएं। अगर कोई दंगा करता है या पुलिस पर पत्थरबाजी करता है या समाज में तनाव पैदा करता है, तो ऐसे सभी लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। मैं सभी से अपील करता हूं कि वे नागपुर की शांति को भंग न होने दें। अगर कोई तनाव पैदा करने की कोशिश करता है, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।” हमने नागपुर में कभी ऐसी घटना नहीं देखी- बावनकुले महाराष्ट्र के मंत्री और राज्य भाजपा प्रमुख चंद्रशेखर बावनकुले ने कहा, “नागपुर में जो स्थिति निर्माण हुई है, जिन लोगों ने भी वो स्थिति निर्माण की है, उन पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। पुलिस प्रशासन वहां मौजूद है…नागपुर की जनता बहुत संवेदनशील है…हमने नागपुर में कभी ऐसी घटना नहीं देखी। जिस प्रकार से घटना घटी है, किसी समाज कंटकों ने नागपुर को अशांत करने की कोशिश की है…हम सभी से अनुरोध करते हैं कि किसी भी अफवाह पर ध्यान ना दें…प्रशासन का सपोर्ट करें…महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और हम सब घटना पर नजर रखे हुए हैं…अभी वहां स्थिति नियंत्रण में है।”

इस साल 1,400 लोकोमोटिव का उत्पादन हुआ, जो अमेरिका और यूरोप के संयुक्त उत्पादन से अधिक : रेल मंत्री

● 31 मार्च तक भारतीय रेल 1.6 बिलियन टन कार्गो कैरिज के साथ दुनिया के टॉप 3 देशों में शामिल होगा। ● प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के तीसरे कार्यकाल में सभी ICF कोच को LHB में बदला जाएगा। ● भविष्य में नई दिल्ली रेलवे स्टेशन जैसे हादसे को रोकने के लिए 10 महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। ● हमारा कमिटमेंट गरीब से गरीब व्यक्ति के लिए है: रेल मंत्री   भोपाल केंद्रीय रेल, सूचना एवं प्रसारण, इलेक्ट्रॉनिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी अश्विनी वैष्णव ने सोमवार को राज्यसभा में रेल मंत्रालय के कामकाज पर हुई चर्चा के दौरान भारतीय रेल की उपलब्धियों और भविष्य की योजनाओं को रेखांकित किया। उन्होंने बताया कि भारतीय रेल यात्रियों को किफायती किराए पर सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण सेवाएं प्रदान करने के साथ-साथ वैश्विक स्तर पर अग्रणी स्थान हासिल कर रही है। जहां हमारे देश में रेलवे का किराया आस-पास के देशों पाकिस्तान, बांग्लादेश और श्रीलंका के रेल किराए से भी कम है तो वहीं पश्चिमी देशों में रेल किराया तो भारत की अपेक्षा 10-20 गुना अधिक है। रेल यात्रियों दी जा रही सब्सिडी पर रेल मंत्री ने कहा कि अभी ट्रेन से प्रति किलोमीटर यात्रा की लागत ₹1.38 है, लेकिन यात्रियों से केवल 73 पैसे लिए जाते हैं, यानी 47% सब्सिडी दी जाती है। वित्त वर्ष 2022-23 में यात्रियों को ₹57,000 करोड़ की सब्सिडी दी गई, जो 2023-24 (प्रोविजनल फिगर) में बढ़कर करीब ₹60,000 करोड़ हो गई। हमारा लक्ष्य न्यूनतम किराए पर सुरक्षित और बेहतर सेवाएं देना है। रेल विद्युतीकरण के फायदों पर प्रकाश डालते हुए मंत्री ने कहा कि यात्रियों और कार्गो की बढ़ती संख्या के बावजूद ऊर्जा खर्च स्थिर है। भारतीय रेल 2025 में ‘Scope 1 नेट जीरो’ और 2030 तक ‘Scope 2 नेट जीरो’ हासिल करेगी। रेल मंत्री ने बताया कि बिहार के मढौरा कारखाने में बने लोकोमोटिव का निर्यात जल्द शुरू होगा। भारतीय रेल के पैसेंजर कोच मोज़ाम्बिक, बांग्लादेश और श्रीलंका को निर्यात किए जा रहे हैं, साथ ही लोकोमोटिव भी मोज़ाम्बिक, सेनेगल, श्रीलंका, म्यांमार और बांग्लादेश को निर्यात हो रहे हैं। बोगी के अंडर-फ्रेम यूनाइटेड किंगडम, सऊदी अरब, फ्रांस और ऑस्ट्रेलिया को और प्रपल्शन पार्ट्स फ्रांस, मैक्सिको, जर्मनी, स्पेन, रोमानिया और इटली को निर्यात किए जा रहे हैं।   इस साल भारत में 1,400 लोकोमोटिव का उत्पादन हुआ, जो अमेरिका और यूरोप के संयुक्त उत्पादन से अधिक है। साथ ही, 2 लाख नए वैगन बेड़े में जोड़े गए हैं। रेल मंत्री ने बताया कि 31 मार्च को समाप्त हो रहे वित्त वर्ष में भारतीय रेल 1.6 बिलियन टन कार्गो ढोकर दुनिया के टॉप 3 देशों में शामिल होगा, जिसमें चीन, अमेरिका और भारत होंगे। यह रेलवे की बढ़ती क्षमता और लॉजिस्टिक्स सेक्टर में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका को दर्शाता है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने राज्यसभा में ऐलान किया कि रेल सुरक्षा पर विशेष ध्यान देते हुए, 41,000 LHB कोच तैयार किए गए हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के तीसरे कार्यकाल में सभी ICF कोच को LHB में बदला जाएगा। लंबी रेल, इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग, फॉग सेफ्टी डिवाइस और ‘कवच’ सिस्टम तेजी से लागू किए जा रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को धन्यवाद देते हुए वैष्णव ने कहा कि पहले रेलवे को ₹25,000 करोड़ का समर्थन मिलता था, जो अब बढ़कर ₹2.5 लाख करोड़ से अधिक हो गया है। इससे बुनियादी ढांचे में सुधार हुआ है। वहीं 50 नमो भारत ट्रेनों का निर्माण किया जा रहा है, जो कम दूरी की यात्रा के लिए AC और नॉन-AC विकल्पों के साथ है। हाल ही में नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर हुए हादसे लेकर रेल मंत्री ने सदन को बताया कि इस दुखद हादसे की जांच हाई-लेवल कमेटी कर रही है। CCTV फुटेज समेत सभी डेटा सुरक्षित रखा गया है, करीब 300 लोगों से बातचीत कर फैक्ट्स की जांच हो रही है। भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए 10 महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। रेल मंत्री ने कहा कि हमारा कमिटमेंट गरीब से गरीब व्यक्ति के लिए है। यही वजह है कि जनरल कोचों की संख्या एसी कोचों की तुलना में ढ़ाई गुना अधिक बढ़ाई जा रही है। वर्तमान प्रोडक्शन प्लान के अनुसार 17 हजार नॉन-एसी कोचों के मैन्युफैक्चरिंग का प्रोग्राम है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि भारतीय रेल की वित्तीय स्थिति अच्छी है और इसमें लगातार सुधार के प्रयास जारी हैं। रेलवे ने कोविड महामारी से जुड़ी चुनौतियों पर सफलतापूर्वक काबू पा लिया है। यात्रियों की संख्या बढ़ रही है और माल ढुलाई में वृद्धि देखी जा रही है। अब रेलवे का राजस्व करीब 2 लाख 78 हजार करोड़ रुपये है और 2 लाख 75 हजार करोड़ के खर्चे हैं। भारतीय रेल सभी बड़े खर्चे खुद के इनकम से कर रही है, जो कि रेलवे के बेहतर प्रदर्शन से संभव हुआ है राज्यसभा में दिए गए अपने बयान में रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने भरोसा दिलाया कि रेलवे भविष्य में और अधिक आधुनिक, सुरक्षित और पर्यावरण-अनुकूल परिवहन प्रणाली के रूप में उभरेगा।

फिल्म “छावा” का विशेष शो हुआ ओपन थियेटर में

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आज 17वीं सदी में शासक रहे छत्रपति संभाजीराव महाराज के जीवन और संघर्ष पर बनी फिल्म “छावा” देखी। लक्ष्मण उतेकर द्वारा निर्देशित इस फिल्म को मध्यप्रदेश सरकार ने टैक्स फ्री भी किया है। अशोका लेक व्यू परिसर में ओपन थियेटर में हुए फिल्म के विशेष प्रदर्शन को मुख्यमंत्री डॉ. यादव के अलावा विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर, उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा, मंत्री परिषद के सदस्यों और अनेक जन प्रतिनिधियों ने देखा और फिल्म की सराहना की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह राष्ट्र प्रेम का संदेश देने वाली प्रेरक फिल्म है। मध्यप्रदेश सरकार ऐसी ऐतिहासिक पृष्ठभूमि पर बनी भारत के गौरवशाली इतिहास से अवगत करवाने वाली फिल्मों को प्रोत्साहित करेगी। राज्य सरकार भारत के वीर शासकों और देशभक्तों के संघर्ष की गाथा को प्रस्तुत करने वाले सिनेमा को आगे बढ़ाने में पूर्ण सहयोग करेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि छत्रपति शिवाजी महाराज जितने साहसी और वीर थे वैसे ही उनके सुपुत्र छत्रपति संभाजीराव महाराज भी थे। वे ऐसे शासक थे जिन्होंने देश के लिए राष्ट्र प्रेम का अदभुत उदाहरण प्रस्तुत करते हुए अपने प्राणों का बलिदान दिया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा 300 वर्ष से अधिक पुराने दौर को सिनेमा के परदे पर जीवंत किया गया है। फिल्म के निर्माता निर्देशक और कलाकार बधाई के पात्र हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज विश्व में भी काफी उथल-पुथल है और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कुशल नेतृत्व में भारत अपनी विरासत और संस्कृति के संरक्षण के साथ विकास की ओर बढ़ रहा है। निश्चित ही ऐसी फिल्म जनप्रतिनिधियों के साथ देखना मेरे लिए एक सुखद संयोग है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने छत्रपति संभाजी महाराज की वीरता पर आधारित एक काव्य रचना भी पढ़कर सुनाई।  

छत्तीसगढ़ जून से प्रीपेड मीटर की सुविधा, मोबाइल की तरह हर माह होगा रिचार्ज

रायपुर छत्तीसगढ़ के 11 लाख उपभाेक्ताओं काे बिजली के लिए जून माह से रिचार्ज कराना होगा. घर में लगे प्रीपेड स्मार्ट मीटर काे रिचार्ज कराने पर ही बिजली मिलेगी. जिनके घरों में स्मार्ट मीटर नहीं लगा है उनके यहां भी इस साल के अंत तक लग जाएगा. केंद्र सरकार के रिवेम्पड डिस्ट्रीब्यूशन सेक्टर स्कीम के तहत ये मीटर लगाए जा रहे हैं. स्मार्ट मीटर लगाने के मामले में छत्तीसगढ़ देश में तीसरे नंबर पर पहुंच गया है. केंद्र की इस योजना के तहत कृषि उपभोक्ताओं को छोड़कर सभी उपभोक्ताओं के यहां प्रीपेड स्मार्ट मीटर लगाए जाएंगे. जानकारी के मुताबिक, इस मीटर की मैनुअल रीडिंग की आवश्यकता नहीं हाेगी. कर्मचारी स्टेशन से ही प्रत्येक घर की बिजली की खपत की गणना कर सकते हैं. राजधानी रायपुर स्मार्ट मीटर लगाने के मामले में रायपुर दो लाख 59 हजार मीटर के साथ पहले नंबर पर है. वहीं बिलासपुर में एक लाख नौ हजार स्मार्ट मीटर लग चुके हैं. इसी तरह धमतरी में 98 हजार, बलौदाबाजार में 78 हजार, महासमुंद में 82 हजार, राजनांदगांव में 67 हजार, जांजगीर चांपा में 29 हजार और कोरबा में 42 हजार स्मार्ट मीटर समेत पूरे 11 लाख प्रीपेड मीटर लगाए जा चुके हैं. रिचार्ज खत्म होते ही कट जाएगी बिजली छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत वितरण कंपनी के मुताबिक प्रदेश में वर्तमान में 59 लाख बिजली उपभोक्ता हैं. इनमें से लगभग 5 लाख 50 हजार उपभोक्ता कृषि कनेक्शन वाले हैं. इन कृषि उपभोक्ताओं को केंद्र सरकार की योजना से बाहर रखा गया है. उपभोक्ता को एडवांस में रिचार्ज कराना होगा. इस मीटर के सक्रिय हो जाने के बाद उपभोक्ता रिचार्ज खत्म होते ही बिजली अपने आप कट जाएगी. रिचार्ज खत्म होने से पहले ही उपभोक्ताओं के फोन पर बैलेंस रिचार्ज का मैसेज आ जाएगा.

चौकी विक्रमपुर थाना शाहपुर पुलिस ने चंद घंटे के अंदर किया हत्या के आरोपी को गिरफ्तार

डिंडौरी डिंडौरी दिनांक 15.03.2025 को पुलिस अस्पताल चौकी डिडौंरी में डाँक्टर द्वारा लिखित अस्पतालीय तहरीर प्राप्त हुई कि रामसिंह मार्को पिता लखनसिंह मार्को उम्र 35 साल निवासी ग्राम आनाखेङा  को मारपीट से आई चोट के कारण ईलाज हेतु अस्पताल लाया गया है जो खत्म हो चुका है कि सूचना पर मृतक के शव का पंचायतनामा कार्यवाही पश्चात् मृतक के शव का जिला अस्पताल डिडौंरी में पोस्टमार्टम कराया गया बाद मर्ग डायरी जाँच हेतु पुलिस चौकी विक्रमपुर थाना शाहपुर को प्राप्त होने पर मर्ग जाँच दौरान कथन मृतक के परिजन, कथन चक्षुदर्शी साक्षीगण, शार्ट पी.एम.रिपोर्ट व परिस्थितिजन्य साक्ष्य के आधार पर पाया गया कि दिनांक 14/03/2025 को होली त्यौहार होने से  दोपहर में अशोकसिंह कुलस्ते मृतक रामसिंह मार्को के घर गया था और तिलक बंदन करने के बाद बैठकर बातचीत दौरान दोपहर करीब 15.00 बजे अशोकसिंह कुलस्ते शराब के नशे में मृतक रामसिंह मार्को को माँ-बहन की बुरी-बुरी गाली गलौंच करते जान से मारने की धमकी देने लगा मृतक के द्वारा मना करने पर उसे उठाकर जमीन में पटककर छाती में बैठकर गला दबाने लगा और जोर-जोर से मृतक के छाती में मुक्का मारने लगा तभी मृतक की पत्नी व माँ के द्वारा बीच बचाव करने से पुनः रोड में दोनों के मध्य विवाद होने से अशोकसिंह कुलस्ते ने मृतक रामसिंह मार्को को जान से मारने की धमकी देते हुये धक्का मारकर रोड में गिरा दिया और धमकी देते हुये वहाँ से चला गया था,फिर मृतक को उसकी पत्नी ने उठाकर घर लाई तो मृतक बिस्तर में सो गया फिर दूसरे दिन दिनांक 15.03.2025 को मृतक के छाती में अत्यधिक दर्द होने से ईलाज कराने के लिये अस्पताल डिडौंरी लेकर गये तब डाँक्टर ने दोपहर करीब 03.20 बजे चेक कर बताया कि खत्म हो गया है मृतक रामसिंह मार्को को जान से मारने की नियत से मारपीट करने व रोड में धक्का देकर गिरा देने से छाती में अंदरूनी चोट आने के कारण मृतक की मौत हो जाना व आरोपी अशोकसिंह कुलस्ते पिता फूलचन्द कुलस्ते जाति गोङ निवासी ग्राम आनाखेङा नये टोला चौकी विक्रमपुर थाना शाहपुर का मारपीट कर हत्या कर देना पाये जाने से आरोपी के विरूद्द अपराध क्रमांक 91/2025 धारा 296, 351(3), 103(1) BNS का दिनांक 16.03.2025 को पंजीबद्द किया गया एवं  पुलिस अधीक्षक जिला डिडौंरी के निर्देशानुसार व अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जिला डिडौंरी, एसडीओ(पी)अनुभाग शहपुरा के मार्गदर्शन में आरोपी की धरपकङ हेतु टीम गठित कर आरोपी की तलाश की गई जो आरोपी अशोकसिंह कुलस्ते पिता फूलचन्द कुलस्ते जाति गोङ उम्र 55 साल निवासी ग्राम आनाखेङा नये टोला चौकी विक्रमपुर थाना शाहपुर का अपने साला के घर ग्राम सिंगारपुर में मिलने पर आज दिनांक 17.03.2025 को गिरफ्तार कर मान.न्यायालय पेश किया गया है मान.न्यायालय से उक्त आरोपी का जेल वारंट बनने से जिलाजेल डिडौंरी में दाखिल किया गया है। उक्त सराहनीय कार्य करने वाले टीम के अधिकारी/कर्मचारी थाना प्रभारी शाहपुर कुंवरसिंह मरावी, चौकी प्रभारी विक्रमपुर संतोष यादव, सउनि. मोह.एजाज कुरैशी, प्रआर. 221 हरेसिंह सैयाम, आर. 06 संतलाल सैयाम, आर. 364 मितेन्द्र बघाङे को पुलिस अधीक्षक महोदय जिला डिडौंरी के द्दारा उचित ईनाम प्रदाय करने की घोषणा की गई है ।

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