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अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दी बधाई, महिलाओं ने संभाली सुरक्षा व्यवस्था, कार्यालय और मीडिया प्रबंधन की कमान

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर महिलाओं को बधाई देते हुए कहा कि भारत की संस्कृति माँ और बहन प्रधान है, इसी का प्रभाव है कि हमारे देश का नाम भारत “माता” से जोड़कर लिया जाता है। महिलाओं और बहनों की जिंदगी को बेहतर बनाने के उद्देश्य से राज्य सरकार द्वारा विभिन्न कार्यक्रमों और योजनाओं का संचालन किया जा रहा है। हमारा प्रयास है कि नारी सशक्तिकरण में मध्यप्रदेश देश में आदर्श राज्य के रूप में अपनी पहचान बनाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मुख्यमंत्री निवास पर मीडिया के लिए जारी संदेश में यह विचार व्यक्त किये। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर मुख्यमंत्री निवास में सुरक्षा सहित समस्त व्यवस्थाएं संभाल रही महिला अधिकारियों कर्मचारियों को बधाई और शुभकामनाएं दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर सुरक्षा की जिम्मेदारी सुश्री बिट्टू शर्मा के पास थी, वहीं मुख्यमंत्री का वाहन इंस्पेक्टर सुश्री इरशाद अली चला रही थीं, कारकेड के वाहनों की जिम्मेदारी सुश्री सपना सहित अन्य महिला चालकों पर थी। ओएसडी का दायित्व अंडर सेक्रेटरी सुश्री श्रीलेखा क्षोत्रीय निभा रही थीं और प्रेस अधिकारी की जिम्मेदारी श्रीमती बिंदु सुनील और श्रीमती सोनिया परिहार के पास रही। फोटोग्राफी की जिम्मेदारी सुश्री जिया श्रीवास्तव, कृति मानिक पुरी, असमा नकवी और आकांक्षा मीणा ने निभाई। कारकेड की पायलेट निरीक्षक रेणू मुरार थीं।  

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी जल्द ही कैबिनेट विस्तार की घोषणा कर सकते हैं, बड़ा फेरबदल तय

उत्तराखंड उत्तराखंड की राजनीति में जल्द ही बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। राज्य में लंबे समय से कैबिनेट में रिक्त चार पदों को भरने की चर्चा चल रही थी और अब यह तय माना जा रहा है कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी जल्द ही कैबिनेट विस्तार की घोषणा कर सकते हैं। इसके साथ ही कई मंत्रियों के विभागों में भी फेरबदल होने की संभावना है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हालिया उत्तराखंड दौरे के बाद सीएम पुष्कर सिंह धामी का दिल्ली दौरा इस बात की पुष्टि कर रहा है कि जल्द ही मंत्रिमंडल में बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं। इसके अलावा भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट और गढ़वाल सांसद अनिल बलूनी के ताजा बयानों से भी संकेत मिल रहे हैं कि कैबिनेट विस्तार की प्रक्रिया अब अंतिम चरण में है। प्रेमचंद अग्रवाल की कुर्सी पर संकट कैबिनेट मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल को लेकर भी चर्चाएं तेज हो गई हैं। कुछ समय पहले उन्होंने विधानसभा में पहाड़वासियों के खिलाफ कथित तौर पर अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया था, जिससे राज्यभर में नाराजगी देखी गई। इस बयान के बाद लगातार विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं और जनता के गुस्से को देखते हुए उनके मंत्री पद से हटने की संभावना जताई जा रही है। पीएम मोदी के दौरे से पहले ही मिल चुके थे संकेत प्रधानमंत्री मोदी जब हाल ही में उत्तरकाशी दौरे पर आए थे, तब प्रेमचंद अग्रवाल की गैरमौजूदगी ने और भी ज्यादा अटकलों को हवा दे दी थी। वह न तो प्रधानमंत्री के साथ दून में मिले और न ही हर्षिल में हुई सभा में मंच पर दिखे। इससे यह साफ हो गया कि मामला पीएम तक पहले ही पहुंच चुका था और अब उनके खिलाफ कार्रवाई तय मानी जा रही है। क्या कह रहे हैं भाजपा नेता? भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट पहले ही यह स्पष्ट कर चुके हैं कि कैबिनेट विस्तार होना तय है और सीएम धामी जल्द ही इसकी घोषणा कर सकते हैं। वहीं, गढ़वाल सांसद अनिल बलूनी ने भी कहा है कि वह प्रेमचंद अग्रवाल प्रकरण को पार्टी फोरम के समक्ष रख चुके हैं। इससे यह साफ है कि भाजपा इस मामले को गंभीरता से ले रही है और मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल को हटाने पर विचार किया जा रहा है।

कांग्रेस भोपाल में अपना हाईटेक स्टेट हेडक्वार्टर बनाएगा, 5 मंजिला हाईटेक बिल्डिंग, राष्ट्रीय नेताओं के ठहरने की विशेष व्यवस्था

भोपाल बीजेपी के बाद अब कांग्रेस भी अपना हाईटेक स्टेट हेडक्वार्टर बनाने की तैयारी कर रही है। भोपाल के रोशनपुरा चौराहे पर स्थित वर्तमान कॉमर्शियल कॉम्पलेक्स को तोड़कर नया प्रदेश कांग्रेस कमेटी (PCC) कार्यालय बनाने की योजना तैयार कर ली गई है। इस परियोजना के तहत 5 मंजिला आधुनिक भवन बनाया जाएगा, जिसमें पार्टी के विभिन्न संगठनों के लिए अलग-अलग कार्यालय होंगे। रोशनपुरा चौराहे पर है दो एकड़ जमीन कांग्रेस सूत्रों के अनुसार रोशनपुरा चौराहे पर पार्टी की करीब दो एकड़ जमीन है। भोपाल की सबसे प्राइम लोकेशन पर कांग्रेस की जमीन और कॉमर्शियल कॉम्पलेक्स है। हालांकि, कई किराएदार ऐसे हैं जो सालों से किराया ही नहीं दे रहे हैं। ऐसे में पार्टी ने अब अपनी जमीन पर मुख्यालय बनाने की कवायद शुरू कर दी है। नए ऑफिस में किसी भी प्रकार की व्यवसायिक गतिविधि संचालित नहीं होगी। यानि अब कांग्रेस अपने ऑफिस परिसर में किसी दुकान या शोरुम को किराए पर स्पेस नहीं देगी। पूरे एमपी में कांग्रेस की संपत्तियों की कराई मैपिंग पीसीसी चीफ जीतू पटवारी ने भोपाल सहित पूरे मप्र में कांग्रेस की संपत्तियों की मैपिंग कराई है। भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर जैसे बड़े शहरों के साथ ही किस जिले में कांग्रेस की कितनी संपत्ति है। इसकी मैपिंग कराकर जानकारी अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) को दिल्ली भेजी गई है। माना जा रहा है कि पीसीसी के बाद जिलों में भी कांग्रेस कार्यालयों का कायाकल्प कराया जा सकता है। नए भवन में राष्ट्रीय नेताओं के ठहरने की होगी व्यवस्था नए कांग्रेस स्टेट हेडक्वार्टर में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष के साथ ही यूथ कांग्रेस, एनएसयूआई, महिला कांग्रेस, सेवादल, किसान कांग्रेस, आदिवासी कांग्रेस, एससी, एसटी कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्षों और टीम के बैठने के लिए कक्ष बनाए जाएंगे। राष्ट्रीय नेताओं के रुकने के लिए भी रुम बनाए जाएंगे। अभी बाहर से आने वाले नेताओं के लिए होटलों में कमरे किराए पर लेने पड़ते हैं। कई बार बड़े आयोजन होने के चलते नेताओं के लिए होटलों में कमरे बड़ी मशक्कत से मिल पाते हैं। अब ऑफिस में ही ठहरने की व्यवस्था होगी। दिल्ली से ग्रीन सिग्नल मिलते ही शुरू होगा काम एमपी कांग्रेस की ओर से नया ऑफिस बनाने का खाका तैयार कर लिया गया है। प्रॉपर्टी की मैपिंग के साथ ही नए प्रदेश कार्यालय की बिल्डिंग के निर्माण को मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। एआईसीसी से ग्रीन सिग्नल मिलने के बाद इसका काम शुरू हो जाएगा। पटवारी ने अध्यक्ष बनते ही कांग्रेस मुख्यालय का कराया रेनोवेशन जीतू पटवारी ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष की कमान संभालने के बाद भोपाल में प्रदेश कांग्रेस कार्यालय की पूरी बिल्डिंग का रेनोवेशन कराया है। पीसीसी में कांग्रेस के विभाग, प्रकोष्ठों के पदाधिकारियों के चेंबर्स से लेकर स्टाफ के बैठने की व्यवस्था और इंटीरियर डेकोरेशन कराया गया है। सालों पुरानी लिफ्ट बदलकर नई लिफ्ट लगाई गई है। नए स्टेट हेडक्वार्टर की खासियतें         5 मंजिला हाईटेक बिल्डिंग         राजनीतिक संगठनों के लिए अलग-अलग कार्यालय         राष्ट्रीय नेताओं के ठहरने की विशेष व्यवस्था         कोई व्यावसायिक गतिविधि नहीं होगी         पूरे मध्यप्रदेश में कांग्रेस की संपत्तियों की मैपिंग पूरी कहां बनेगा कांग्रेस का नया स्टेट हेडक्वार्टर? रोशनपुरा चौराहे पर स्थित दो एकड़ भूमि पर यह भवन बनेगा। वर्तमान में यहां एक कॉमर्शियल कॉम्पलेक्स है, जिसमें ग्राउंड फ्लोर पर 35 दुकानें और पार्किंग स्पेस है। वर्तमान पीसीसी भवन का क्या होगा? अभी कांग्रेस का प्रदेश कार्यालय भोपाल में एक पुराने भवन में संचालित हो रहा है। नया कार्यालय बनने के बाद मौजूदा भवन का उपयोग प्रकोष्ठ, सामाजिक संगठनों और जिला कांग्रेस कार्यालयों के लिए किया जाएगा। पूरे प्रदेश में कांग्रेस की संपत्तियों की मैपिंग पूरी प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी (Jitu Patwari) ने भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर सहित पूरे मध्यप्रदेश में कांग्रेस की संपत्तियों की मैपिंग कराई है। इस रिपोर्ट को अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) को भेजा गया है। इस प्रक्रिया के तहत यह देखा गया कि प्रदेश के विभिन्न जिलों में कांग्रेस के कितने कार्यालय और संपत्तियां हैं। क्या जिलों में भी बनेंगे नए कांग्रेस कार्यालय? ऐसा माना जा रहा है कि भोपाल के बाद विभिन्न जिलों में भी कांग्रेस कार्यालयों के कायाकल्प की योजना बनाई जा सकती है। इसके तहत कांग्रेस की पुरानी संपत्तियों का पुनरुद्धार किया जाएगा और नए कार्यालयों का निर्माण किया जाएगा। नए भवन में क्या सुविधाएं होंगी?     नए कांग्रेस मुख्यालय में विभिन्न कांग्रेस संगठनों के लिए विशेष कार्यालय बनाए जाएंगे:     प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष का कार्यालय     यूथ कांग्रेस (Youth Congress) का कार्यालय     एनएसयूआई (NSUI), महिला कांग्रेस, किसान कांग्रेस, आदिवासी कांग्रेस, एससी-एसटी कांग्रेस के लिए विशेष कक्ष     राष्ट्रीय नेताओं के लिए ठहरने की सुविधा     कैंटीन और बैठक हॉल राष्ट्रीय नेताओं के लिए ठहरने की सुविधा अभी जब बड़े नेता भोपाल आते हैं, तो उन्हें होटलों में ठहरना पड़ता है। कई बार बड़े आयोजनों के चलते होटलों में कमरे मिलना मुश्किल हो जाता है। नया कांग्रेस मुख्यालय बनने के बाद पार्टी कार्यालय में ही उनके ठहरने की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। निर्माण कार्य कब शुरू होगा?     कांग्रेस हाईकमान (AICC) से मंजूरी मिलने के बाद निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा।     जीतू पटवारी के अध्यक्ष बनने के बाद पार्टी कार्यालय के नवीनीकरण का काम पहले ही पूरा हो चुका है।     नई लिफ्ट और मॉडर्न इंटीरियर डेकोरेशन किया गया है।     क्या कांग्रेस किराए पर कोई दुकान नहीं देगी?     नए भवन में कोई व्यावसायिक गतिविधि नहीं होगी। पार्टी का उद्देश्य केवल राजनीतिक कार्यों के लिए कार्यालय का उपयोग करना है।  

भाजपा में अंतर कलह के चलते करना पड़ा हार का सामना, बागी प्रत्याशी नूतन चुने गए सभापति

कोरबा एक बार फिर भाजपा में अंतर कलह सामने आई है, जिसके चलते नगर निगम कोरबा के सभापति चुनाव में भाजपा को हार का सामना करना पड़ा. यहां भाजपा के बागी प्रत्याशी नूतन सिंह ठाकुर सभापति चुने गए. सभापति चयन के लिए बीजेपी कार्यालय में भाजपा के बड़े नेता मौजूद थे, जहां संगठन के निर्णय के आधार पर सहमति बनाई जा रही थी, लेकिन सभापति के लिए कई नाम सामने आए. काफी समय तक सभापति के नाम को लेकर गहमागहमी की स्थिति बनी रही. इस दौरान बंद कमरे में बीजेपी के सभी पार्षद थे. बीजेपी की ओर से सभापति चुनाव को लेकर पर्यवेक्षक बनकर आए पुरेन्द्रर मिश्रा भी संगठन के कार्यकर्ताओं की बैठक ली. इसके अलावा मतदान से पहले बंद कमरे में पार्षदों को समझने का प्रयास भी किया. इसके बावजूद भी किसी ने उसकी एक नहीं सुनी, वहीं बागी होकर नूतन से ठाकुर मैदान पर उतरे. भाजपा की अनुशासन की खुली पोल बताया जा रहा है कि बीजेपी ने संगठन की ओर से हितानंद अग्रवाल का नाम सामने रखा था, वहीं बागी होकर नूतन सिंह ठाकुर भी सामने आए और दोनों ने नामांकन फॉर्म भरा। वहीं निर्दलीय प्रत्याशी अब्दुल रहमान ने भी सभापति के लिए नामांकन भरा. तीनों के बीच सभापति को लेकर मतदान शुरू किया गया. कोरबा नगर निगम में 67 सीटें हैं, जिसमें बीजेपी 45 और कांग्रेस 11 और निर्दलीय 11 पार्षद हैं. सभापति चुनाव में कुल 68 मत पड़े. किसी एक ने वोट ही नहीं डाला, जहां चौंकाने वाला परिणाम सामने आया. बीजेपी के बागी प्रत्याशी नूतन सिंह ठाकुर को 33 वोट मिले. वहीं बीजेपी के सभापति प्रत्याशी हीतानंद अग्रवाल को 18 वोट और निर्दलीय प्रत्याशी अब्दुल रहमान को 16 वोट मिले. इस चौंकाने वाले परिणाम में बीजेपी की पार्टी अनुशासन की पोल खुल गई. सब मिलजुलकर काम करेंगे : श्रम मंत्री नवनिर्वाचित सभापति नूतन ठाकुर ने कहा कि उसने भाजपा से टिकट मांगा था. उसकी इच्छा थी सभापति चुनाव लड़ने की पर पार्टी ने उन्हें नहीं उतारा. इसके चलते वह निर्दलीय लड़ा और उसने जीत दर्ज की. श्रम मंत्री लखन लाल देवांगन ने बताया कि बीजेपी ने हितेंद्र अग्रवाल को सभापति के लिए मैदान में उतारा था, लेकिन बीजेपी के ही प्रत्याशी नूतन सिंह ठाकुर भी मैदान में थे, जहां सभी पार्षद एकजुट होकर नूतन सिंह ठाकुर को जिताया. हम पार्षदों को चुना है. निश्चित ही भाजपा के हैं और सब मिलजुल कर काम करेंगे.

स्टार प्लस के शो ‘अनुपमा’ में मनीष गोयल की एंट्री

मुंबई, स्टार प्लस के लोकप्रिय शो अनुपमा में अभिनेता मनीष गोयल की एंट्री हो गयी है। शो अनुमपा ,अपनी दमदार कहानी, मजबूत किरदारों और इमोशनल गहराई के साथ लगातार दर्शकों का दिल जीत रहा है और टीआरपी चार्ट्स में टॉप बना हुआ है। रूपाली गांगुली जहां अनुपमा के किरदार में हमेशा की तरह शानदार नजर आ रही हैं, वहीं अद्रिजा रॉय और शिवम खजुरिया भी राही और प्रेम के रोल में बेहतरीन परफॉर्मेंस दे रहे हैं। फिलहाल शो में राही और प्रेम की शादी की तैयारियां जोरों पर हैं, जिससे कहानी में नया उत्साह जुड़ गया है। शादी के माहौल में जहां ढेर सारी खुशियां और इमोशन्स देखने को मिल रहे हैं, वहीं फैंस ये सोचने पर मजबूर हैं कि क्या इस खुशी के मौके पर कोई बड़ा ट्विस्ट आने वाला है? स्टार प्लस के सुपरहिट शो अनुपमा में जल्द ही एक नया चेहरा नजर आने वाला है। मनीष गोयल इस शो में एक अहम किरदार निभाने जा रहे हैं, जो कहानी में जबरदस्त रोमांच जोड़ देगा। हालांकि, उनके किरदार को लेकर मेकर्स ने अभी तक कोई खुलासा नहीं किया है, लेकिन चर्चा है कि उनकी एंट्री शाह और कोठारी परिवार की जिंदगी में बड़ा बदलाव ला सकती है। मनीष गोयल, जो अपनी दमदार अदाकारी के लिए जाने जाते हैं, उनकी एंट्री से शो में नया तड़का लगने वाला है। अब देखने वाली बात यह होगी कि उनका किरदार अनुपमा की जिंदगी में कौन-सी नई चुनौतियाँ या बड़े खुलासे लेकर आता है। फैंस इस नए ट्विस्ट को देखने के लिए काफी एक्साइटेड हैं और इंतजार कर रहे हैं कि आगे कहानी किस मोड़ पर जाएगी! स्टार प्लस का पॉपुलर शो अनुपमा, जिसे राजन शाही ने प्रोड्यूस किया है। यह शो सोमवार से रविवार रात 10 बजे प्रसारित होता है।  

नगर पंचायत नई लेदरी में निर्दलीय प्रत्याशी बना उपाध्यक्ष

“लगातार तीसरी बार इंद्र कुमार पटेल ने 09 मतों से हेट्रिक जीत का बनाया रिकार्ड” मनेन्द्रगढ़/एमसीबी नगर पंचायत नई लेदरी के उपाध्यक्ष पद के लिए हुए चुनाव में निर्दलीय प्रत्याशी इंद्र कुमार पटेल ने भाजपा प्रत्याशी निखिल यादव को 02 मतों के अंतर से हराकर जीत हासिल की। शासन के निर्देशानुसार यह चुनाव नगर पंचायत सभाकक्ष में संपन्न हुआ। चुनाव प्रक्रिया दोपहर 01 बजे से प्रारंभ हुई, जिसमें नामांकन पत्र दाखिल करने के लिए भाजपा से निखिल यादव और निर्दलीय इंद्र कुमार पटेल ने आवेदन प्रस्तुत किया। संवीक्षा के बाद नामांकन वैध पाए गए और मतदान की प्रक्रिया शुरू हुई। दोपहर 01 बजे से 02 बजे तक मतदान संपन्न हुआ, जिसमें कुल 16 में से 16 निर्वाचित सदस्यों ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। मतगणना के पश्चात इंद्र कुमार पटेल को 09 और निखिल यादव को 07 मत प्राप्त हुए। इस तरह 02 मतों से जीतकर इंद्र कुमार पटेल उपाध्यक्ष पद पर लगातार तीसरी बार निर्वाचित हुए। मतगणना के बाद निर्वाचन परिणाम की औपचारिक घोषणा की गई और विजयी प्रत्याशी को पीठासीन अधिकारी के द्वारा प्रमाण पत्र प्रदान किया गया।

रवींद्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय में 7वीं महिला उत्कृष्टता पुरस्कार 2025 समारोह: महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने वाली महिलाओं का सम्मान

भोपाल रवींद्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय में मध्यप्रदेश द्वारा 7वीं महिला उत्कृष्टता पुरस्कार 2025 का आयोजन अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर किया गया। इस अवसर पर ‘ACCELERATE ACTION’ थीम के तहत महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान देने वाली महिलाओं को सम्मानित किया गया। विश्वविद्यालय के शारदा ऑडिटोरियम में आयोजित इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि श्रीमती त्रिप्ती त्रिपाठी, सदस्य सचिव, मध्यप्रदेश राज्य महिला आयोग, रहीं। इसके अतिरिक्त, अन्य गणमान्य अतिथि एवं विशिष्ट अतिथियों में डॉ. संजीव कुमार गुप्ता (प्रो-वाइस चांसलर, रवींद्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय), कुलपति प्रो. रवि प्रकाश दुबे, डॉ. संगीता जौहरी (रजिस्ट्रार, रवींद्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय), डॉ. राका आर्य (प्रोफेसर, नेशनल लॉ इंस्टीट्यूट विश्वविद्यालय, भोपाल), श्रीमती अनुराधा सिंघल (अध्यक्ष, इंडो-यूरोपियन चेम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री), डॉ. प्रार्थना मिश्रा (निर्देशक, संगिनी महिला कल्याण समिति, भोपाल), डॉ. अभा ऋषि (एग्जीक्यूटिव हेड, मध्यप्रदेश स्टार्टअप मिशन), डॉ. आदिति सक्सेना (कंसल्टिंग साइकोलॉजिस्ट और इंटीग्रेटिव साइकोथेरेपिस्ट) आदि उपस्थित रहे। कार्यक्रम में मंच संचालन डॉ. रुचि मिश्र तिवारी द्वारा किया गया। प्रो- चांसलर डॉ. अदिति चतुर्वेदी वत्स ने अपने उद्बोधन में आगे कहा, “महिला सशक्तिकरण के लिए यह दिन हम सभी को यह समझने का अवसर देता है कि महिलाओं को हर क्षेत्र में समान अवसर और सम्मान मिलना चाहिए। रवींद्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय महिला शिक्षा और उनकी समृद्धि के लिए निरंतर कार्यरत है। इस आयोजन के माध्यम से हम महिलाओं के संघर्ष, समर्पण और उनकी उपलब्धियों को सम्मानित करते हुए समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के उनके योगदान को सराहते हैं। हमें और अधिक मिलकर काम करना होगा ताकि महिलाएं हर क्षेत्र में अपनी क्षमता और कौशल के साथ कदम बढ़ा सकें।” रबिन्द्रनाथ टैगोर विश्ववोद्यालय के कुलपति प्रो. रवि प्रकाश दुबे ने इस आयोजन को महिला सशक्तिकरण के महत्व को स्वीकारते हुए कहा कि इस तरह के कार्यक्रम महिलाओं की उपलब्धियों और संघर्ष को सम्मानित करने का एक माध्यम हैं। कार्यक्रम में  मुख्य अतिथि श्रीमती त्रिप्ती त्रिपाठी ने अपने उद्बोधन में बताया कि महिलाओं को सशक्त बनाना समाज और राष्ट्र की प्रगति के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। रवींद्रनाथ टैगोरविश्वविद्यालय द्वारा आयोजित यह कार्यक्रम महिलाओं के समर्पण और उनकी उपलब्धियों को सम्मानित करने का एक अद्भुत प्रयास है। हमें महिला सशक्तिकरण के लिए और भी प्रयास करने होंगे, ताकि महिलाएं हर क्षेत्र में आत्मनिर्भर बन सकें। कार्यक्रम के दौरान  प्रतिकुलपति डॉ. संजीव कुमार गुप्ता  ने कहा कि”महिला सशक्तिकरण का यह दिन हमें यह याद दिलाता है कि समाज में महिलाओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। रवींद्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय हमेशा महिला शिक्षा और समृद्धि के लिए प्रतिबद्ध रहा है, और इस कार्यक्रम के माध्यम से हम महिलाओं के योगदान को मान्यता प्रदान करते हैं।” विश्वविद्यालय की रजिस्ट्रार डॉ. संगीता जौहरी अपने उद्बोधन में कहा कि “आज का कार्यक्रम हमें यह बताता है कि महिलाएं किसी भी क्षेत्र में उत्कृष्टता हासिल कर सकती हैं। रवींद्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय महिला शिक्षा और उनके सशक्तिकरण के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए हमेशा अग्रसर रहेगा। यह पुरस्कार उन महिलाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगा जिन्होंने अपनी मेहनत से समाज में बदलाव लाया है।” डॉ. राका आर्य, श्रीमती अनुराधा सिंघल, डॉ. प्रार्थना मिश्रा, डॉ. अभा ऋषि, डॉ. आदिति सक्सेना ने भी महिला सशक्तिकरण के महत्व को पर अपने उद्गार व्यक्त किए। अंत में रवींद्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय की महिला विकास समिति (WDC) की चेयरपर्सन डॉ. नाईश ज़मीर ने बताया कि मध्यप्रदेश राज्य महिला आयोग के सहयोग से किया गया यह आयोजन महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ। इस कार्यक्रम में विभिन्न श्रेणियों में उत्कृष्ट योगदान देने वाली महिलाएं सम्मानित की गईं। चयनित व्यक्तियों में रवींद्रनाथ ठाकुर विश्वविद्यालय की विभिन्न विभागों में वर्षों से उत्कृष्ट कार्य कर रही महिला कर्मियों को उनके योगदान के लिए सम्मानित किया गया। इस अवसर पर उनके द्वारा शिक्षा, शोध, सांस्कृतिक गतिविधियों, छात्र सशक्तिकरण, समन्वय और सार्वजनिक जीवन में किए गए योगदान को सराहा गया। पुरस्कार प्राप्त करने वाली महिलाएं (बाहरी व्यक्तित्व): श्रीमती लाडो बाई ताहेड़ – पारंपरिक आदिवासी चित्रकार श्रीमती चंदा चौहान – जिला पंचायत सदस्य, ओबेदुल्लागंज, रायसेन (एम.पी.) सुश्री कनिष्का शर्मा – अंतर्राष्ट्रीय बधिर तायक्वांडो खिलाड़ी श्रीमती उर्मिला असवारे – सरकारी मध्य विद्यालय शिक्षिका, पिपलिया लोरका, मंडीदीप, (एम.पी.) रवींद्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय से पुरस्कार प्राप्त करने वाली महिलाएं: डॉ. रचना चतुर्वेदी – निदेशक, शोध विभाग डॉ. शीतल गोलाती – प्रोफेसर, रसायन विज्ञान विभाग डॉ. अंजली तिवारी – सहायक प्रोफेसर, अर्थशास्त्र विभाग सुश्री पूजा नागोत्रा – सहायक प्रोफेसर, एम.एम.एल.टी. हिस्टोपैथोलॉजी डॉ. रुचि मिश्रा तिवारी – डीन, मानविकी और उदार कला संकाय सुश्री श्रेया शर्मा – कंटेंट राइटर, आईक्यूएसी श्रीमती वैषाली सिंह – कार्यालय सहायक, शोध प्रकोष्ठ सुश्री सुमंतरा यादव – माली, सहायक कर्मचारी   कर्मा वेलनेस स्टूडियो” द्वारा अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर विशेष आयोजन अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर एक विशेष आयोजन के तहत “कर्मा वेलनेस स्टूडियो” की निदेशक और कंसल्टेंट मनोवैज्ञानिक डॉ. पूजा मेहता द्वारा ‘फिट विमानीया’ के अंतर्गत महिलाओँ के स्वास्थ्य और मानसिक समृद्धि पर चर्चा की। इसके अलावा, इस अवसर पर एक सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किया गया जिसमें विश्वविद्यालय के स्टाफ द्वारा कविता पाठ, नृत्य और गायन के कार्यक्रमों का आयोजन किया गया।

विधानसभा अध्यक्ष रमन सिंह ने पहला महिला थाना का फीता काटकर किया शुभारंभ

राजनांदगांव जिले में महिला दिवस पर पहला महिला थाना का उद्घाटन किया गया. विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने फीता काटकर नए महिला थाना का शुभारंभ किया. जिला में नया महिला थाना खुलने से महिला प्रार्थी अपनी समस्या को आसानी से और बेझिझक रख सकेंगी. एसपी मोहित गर्ग ने उप निरीक्षक गीतांजली सिन्हा को नए थाने के प्रभारी की जिम्मेदारी दी गई है. महिला संबंधित अपराधों की संजीदगी से जांच कर कार्यवाही को अंजाम तक पहुंचाने और महिलाओं की विशेष सुनवाई के साथ ही उन्हें न्याय दिलाने के लिए महिला थाने की शुरूआत की गई है. महिला थाना में 1 प्रभारी, 2 महिला प्रधान आरक्षक, 3 महिला आरक्षक और 1 नगर सैनिक की तैनाती की गई है. महिलाओं की शिकायतों की बेहतर ढंग से सुनवाई हो और अपराध पंजीबद्ध हो यही इस नए थाने का उद्देश्य है. इस अवसर पर छत्तीसगढ़ विधानसभा अध्यक्ष डॉ रमन सिंह ने उत्कृष्ट कार्य करने वाले महिला अधिकारी/कर्मचारियों को प्रशस्ति पत्र भेंट कर सम्मानित किया गया. जिसके बाद  डॉ. रमन सिंह ने महिला दिवस के अवसर पर महिला सम्मान एवं ससक्तिकरण के लिए महिला थाने से महिला बाईक रैली को हरी झण्डी दिखाकर रवाना किया.

पिपराझांपी के प्राचीन मंदिर को विधायक एवं कलेक्टर की पहल से मिलेगा एक नया रूप

श्रद्धालुओं को देवी दर्शन के लिए मिलेगा सुगम रास्ता सिंगरौली जिला मुख्यालय से लगभग 15 किलोमीटर दूरी पर ग्राम पिपराझांपी स्थित है । इस ग्राम के समीप एक पहाड़ी स्थित है जिसकी ऊंचाई लगभग 1050 मीटर है । पहाड़ी के शीर्ष पर  देवी माता का एक प्राचीन मंदिर स्थित है । किंतु उस मंदिर तक जाने के लिए कोई रास्ता या सीढ़ियां उपलब्ध नहीं है । जबकि प्रतिदिन आसपास एवं दूरस्थ क्षेत्रों से कई व्यक्ति प्रतिदिन  देवी दर्शन करने एवं सामाजिक कार्यों के लिए आते हैं । इसी प्रकार विभिन्न पारंपरिक दिवसों के अवसर पर आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या हजार तक पहुंच जाती है। अतः श्रद्धालुओं के आवेदन पर आवागमन सुगम बनाने के लिए एक सड़क की अत्यंत आवश्यकता थी । जिसे  एनसीएल के सी.आस.आर मद से स्वीकृत कराई गई है जिसका आज दिनांक 08 मार्च 2025 को देवसर विधानसभा के विधायक राजेन्द्र मेश्राम एवं कलेक्टर श्री शुक्ला के द्वारा विधिवत भूमि पूजन किया गया। शीघ्र ही इस पर कार्य प्रारंभ किया जाएगा । भूमि पूजन के दौरान भाजपा जिला अध्यक्ष सुंदरलाल शाह, सरपंच ग्राम पंचायत पिपराझांपी सहित सैकड़ो की संख्या में ग्रामवासी उपस्थित रहे । इस दौरान ग्राम वासियों के द्वारा  मंदिर में पानी की व्यवस्था बिजली व्यवस्था की मांग रखी गई जिससे कलेक्टर द्वारा संज्ञान में लेते हुए स्वीकृति प्रदान किया गया। इस पर कार्य जल्द ही प्रारंभ कर दिया जाएगा। सडक निर्माण की  स्वीकृती से ग्रामीणों में हर्ष व्यप्त है।

मुख्यमंत्री साय ने कॉफी टेबल बुक “सोल ऑफ द सॉयल लाइफ्स रिदम्स इन छत्तीसगढ़” का विमोचन किया

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत की स्मृतियों पर आधारित कॉफी टेबल बुक “सोल ऑफ द सॉयल लाइफ्स रिदम्स इन छत्तीसगढ़” का विमोचन किया। यह पुस्तिका आईएएस, आईपीएस, आईएफएस ऑफिसर्स वाइफ एसोसिएशन की संयुक्त परिकल्पना है। इस अवसर पर आईएएस ऑफिसर्स वाइफ एसोसिएशन की अध्यक्ष रितु जैन, आईपीएस ऑफिसर्स वाइफ एसोसिएशन की अध्यक्ष ज्योति गौतम, आईएफएस ऑफिसर्स वाइफ एसोसिएशन की अध्यक्ष ज्योति साहू सहित तीनों एसोसिएशन के सदस्य उपस्थित थे।

अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर भारतीय जनता पार्टी कार्यालय में कार्यक्रम आयोजित हुआ

सिंगरौली सिंगरौली बैढ़न भारतीय जनता पार्टी कार्यालय में आज अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस कार्यक्रम का आयोजन किया गया जिसमें राज्य मंत्री माननीया श्रीमती राधा सिंह जी, भारतीय जनता पार्टी प्रदेश उपाध्यक्ष माननीय सिर्फ कांत देव सिंह जी, जिला अध्यक्ष श्री सूंदर शाह जी, महिला मोर्चा अध्यक्ष श्रीमती सीमा जैस्वाल जी सहित भाजपा की समर्पित महिला कार्यकर्ता बहनें उपस्थित रहीं। उक्त कार्यक्रम में भारतीय जनता पार्टी प्रदेश उपाध्यक्ष माननीय शीर्षकांत देव सिंह कहा की यह दिन महिला सशक्तिकरण, उनके अधिकारों और समाज में उनके योगदान को सम्मानित करने का अवसर है। महिलाएँ आज हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का परचम लहरा रही हैं और राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा- 75 साल के इतिहास में महिलाओं की उपलब्धियां सराहनीय

नई दिल्ली लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने शनिवार को अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर संसद भवन परिसर में संविधान सभा की महिला सदस्यों पर आधारित प्रदर्शनी का उद्घाटन किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि भारत के 75 साल के इतिहास में महिलाओं ने जो उपलब्धियां हासिल की हैं, वह सराहनीय हैं। भारत एक ऐसा देश है जहां महिलाओं की पूजा होती है और उन्हें सम्मान दिया जाता है। यहां कन्या पूजन से लेकर विभिन्न रूपों में महिलाओं को सम्मानित किया जाता है। ओम बिरला ने आगे कहा कि जब हम संविधान निर्माता महिलाओं को याद करते हैं, तो हमें यह भी याद रखना चाहिए कि एक समय था जब दूसरे देशों में महिलाओं को सम्मान नहीं दिया जाता था। लेकिन भारत में महिलाओं को सदैव सम्मानित किया गया है। अब वह समय आ गया है जब देश की आधी आबादी, यानी महिलाएं, देश की सुरक्षा से लेकर हर क्षेत्र में अपना अहम रोल निभा रही हैं।” लोकसभा अध्यक्ष ने महिला शिक्षा को लेकर तय किए लक्ष्य की बात की। आगे कहा कि वह दिन दूर नहीं जब महिलाएं पुरुषों से भी आगे निकल जाएंगी। महिला शिक्षा को 100% करना हमारा लक्ष्य है ताकि हर महिला शिक्षित हो सके। साथ ही, महिलाओं को चिकित्सा जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्र में भी आगे आना चाहिए, ताकि समाज को और मजबूत किया जा सके। वहीं, राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष विजया रहाटकर ने अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर महिलाओं के योगदान को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि देश की प्रगति में महिलाओं का योगदान अहम रहा है। आज के दिन हमें उन महिलाओं को याद करना जरूरी है, जिन्होंने देश के लिए एक नया समाज बनाने में अहम भूमिका निभाई है। ये महिलाएं संविधान शिल्पी थी। इन महिलाओं की याद में आज संसद भवन में एक प्रदर्शनी लगाई गई है, जिसका विमोचन लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने किया।  

संदीपा धर ने महिला दिवस पर दिया दमदार संदेश

मुंबई, अभिनेत्री संदीपा धर ने महिला दिवस के अवसर पर दमदार संदेश दिया है। इस महिला दिवस पर,संदीपा धर ने सोशल मीडिया पर एक जोरदार और सोचने पर मजबूर करने वाला संदेश साझा किया, जो कई लोगों को गहराई से प्रभावित करेगा। अपने पोस्ट में, उन्होंने उन गहरी जड़ों वाली लैंगिक धारणाओं पर सवाल उठाया, जो अब भी महिलाओं की महत्वाकांक्षा और नेतृत्व को सीमित नजरिए से देखती हैं। संदीपा ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा, आपकी महत्वाकांक्षा ‘बहुत ज्यादा’ नहीं ,बल्कि समाज की कल्पना बहुत छोटी है।पिछले हफ्ते, एक पत्रकार ने मुझसे पूछा कि मैं ‘काम और निजी जिंदगी के बीच संतुलन’ कैसे बनाती हूं। मैंने मुस्कुराते हुए जवाब दिया, ‘क्या आप यह सवाल पुरुष अभिनेताओं से भी पूछते हैं?’ उसकी असहज चुप्पी और ‘नहीं’ में दिया गया जवाब अपने आप में सब कुछ कह गया। मुझे यह बेहद अजीब लगता है कि पुरुषों को ,जिन्हें रिसर्च के अनुसार मल्टीटास्किंग में कमज़ोर माना जाता है।कभी यह साबित नहीं करना पड़ता कि वे अपनी जिंदगी के अलग-अलग पहलुओं को कैसे संभालते हैं। दूसरी ओर, महिलाओं से हमेशा यह उम्मीद की जाती है कि वे अपने सपनों और ज़िंदगी का हिसाब दें। यही कारण है कि जब मैंने ‘मलिका’ का किरदार निभाया, तो उसकी यात्रा मेरे दिल के बहुत करीब रही। संदीपा धर ने कहा,महिला दिवस के इस मौके पर, मैं हर उस औरत का जश्न मना रही हूं जिसे ‘ज़िद्दी’ कहा गया क्योंकि उसने अपने लिए स्टैंड लिया, ‘बॉसी’ कहा गया क्योंकि उसने नेतृत्व किया, और ‘ड्रामेटिक’ कहा गया क्योंकि उसने अपनी ज़रूरतें खुलकर रखीं। मलिका ने मुझे सिखाया कि हमारी जटिलता हमारी कमजोरी नहीं, बल्कि हमारी ताकत है। जब हम सम्मान मांगते हैं, तो हम ‘बहुत ज्यादा भावुक’ नहीं होते, और जब हम अपने सपनों को जीते हैं, तो हम ‘बहुत महत्वाकांक्षी’ नहीं होते। इसलिए, अपनी पहचान को गर्व से अपनाइए। जो दुनिया आज आपके सपनों का मज़ाक उड़ा रही है, वही कल आपको धन्यवाद देगी क्योंकि आपने उसकी सीमाओं को तोड़ा।और उन लोगों के लिए जो पूछते हैं ‘लेकिन पुरुषों का क्या?’ जब महिलाएं अपनी बात रखती हैं। नारीवाद किसी को छोटा करने के लिए नहीं है। यह उन परंपराओं को तोड़ने के लिए है, जो पुरुषों को अपनी भावनाएं छुपाने के लिए मजबूर करती हैं और महिलाओं को ताकत दिखाने पर सज़ा देती हैं। नारीवाद पुरुषों को भी पितृसत्ता से मुक्त करता है, जब महिलाएं आगे बढ़ती हैं, तो समाज भी आगे बढ़ता है।जिस महिला की महत्वाकांक्षा आपको प्रेरित करती है, उसे टैग करें। आइए, एक-दूसरे को आगे बढ़ने में मदद करें!  

इटावा में राशन पाने वाले 3 लाख कार्ड धारकों को झटका, इन लोगों को नहीं मिल सकेगा फ्री में गेहूं-चावल

इटावा यूपी के इटावा में ईकेवाईसी के अभाव में करीब तीन लाख उपभोक्ताओं के मुफ्त के राशन पर संकट के बादल छा गए है। सरकार की ओर से पात्र गृहस्थी राशन कार्ड धारकों को प्रति यूनिट प्रतिमाह 5 किलो की दर से मुफ्त अनाज दिया जा रहा है। अब इस योजना के तहत जो लोग राशन प्राप्त कर रहे हैं उनमें से जिले में 3 लाख 1 हजार 673 उपभोक्ता ऐसे है जिनके राशन पर संकट के बादल छाए हैं, क्योंकि इन्होंने अभी तक ईकेवाईसी नहीं कराई है। इटावा की जिला पूर्ति अधिकारी सीमा त्रिपाठी ने शुक्रवार को बताया कि यह प्रक्रिया अनवरत रूप से जारी है और जैसे ही कोई अपात्र मिलता है उसका राशन कार्ड निरस्त कर दिया जाता है। शासन की ओर से संबंध में 6 महीने पहले ही निर्देश जारी कर दिए गए थे कि राशन कार्ड पर जितने भी उपभोक्ताओं के नाम दर्ज हैं उन सभी को ईकेवाईसी करानी पड़ेगी। यह भी कहा गया था कि राशन उन्हीं को मिलेगा जिनकी ईकेवाईसी हो जाएगी, हालांकि अभी इन निर्देशों का पालन नहीं किया गया है लेकिन जैसे ही बिना ईकेवाईसी वालों को राशन मिलना बंद होगा तो इन तीन लाख उपभोक्ताओं का राशन खतरे में आ जाएगा। इटावा जिले में 11 लाख 76 हजार 714 उपभोक्ता है जो पात्र गृहस्थी राशन कार्डों पर दर्ज हैं इन्हें हर महीने 5 किलो राशन मिलता है। इन उपभोक्ताओं के कुल मिलाकर 2 लाख 90 हजार 558 राशन कार्ड हैं, जिनमें इन उपभोक्ताओं के नाम दर्ज हैं और उन्हें राशन मिलता है लेकिन ईकेवाईसी न कराई जाने पर उनके सामने राशन का संकट उत्पन्न हो सकता है। पूर्ति विभाग की ओर से भी बार बार उपभोक्ताओं से ईकेवाईसी कराने के लिए कहा जा रहा है इसके बाद भी बड़ी संख्या में उपभोक्ताओं ने अभी तक ईकेवाईसी नहीं कराई है। यह लापरवाही उन्ही को भारी पड़ सकती है। ईकेवाईसी के लिए राशन कार्ड पर जितने भी उपभोक्ताओं के नाम दर्ज हैं उन्हें संबंधित राशन वितरण की दुकान पर जाकर अपना अंगूठा लगाकर ईकेवाईसी करनी होगी। आधार कार्ड भी अपने राशन कार्ड के साथ दर्ज कराना होगा। राशन की दुकान पर जाए बिना यह काम नहीं होगा। यह प्रक्रिया लंबे समय से चल रही है लेकिन अभी तक लगभग 26 फीसदी लोगों ने ईकेवाईसी नहीं कराई है। अभी तक 74 फीसदी से कम उपभोक्तों ने ईकेवाईसी कराई है। पूर्ति विभाग की ओर से राशन कार्डों की चेकिंग का सिलसिला भी जारी है। इस बीच जो लोग पात्र गृहस्थी योजना से राशन ले रहे हैं लेकिन वे अपात्र हैं तो उनके राशन कार्डों को निरस्त भी किया जा रहा है। जीएसटी देने वाले या फिर निर्धारित आय से अधिक आय वाले उपभोक्ताओं के राशन कार्ड निरस्त किए जा रहे हैं।

मध्य प्रदेश में 62 प्रजाति के पेड़ काटने पर जबलपुर हाईकोर्ट का बैन

जबलपुर  हाईकोर्ट की लार्जर बेंच ने 62  प्रजातियों के पेड़ों की कटाई और परिवहन के लिए प्रदान की गई छूट को निरस्त कर दिया है. चीफ जस्टिस सुरेश कुमार कैत,जस्टिस एस ए धर्माधिकारी और जस्टिस विवेक जैन की लार्जर बेंच ने अपने आदेश में कहा है कि साल 2015 में जारी विवादित अधिसूचना और साल 2017 में किए गए संशोधन वन अधिनियम के प्रावधानों के विपरीत है. इसके अलावा भारतीय संविधान के अनुच्छेद 14, 21, 48-ए का उल्लंघन करते हैं. लार्जर बेंच ने विवादित अधिसूचना तथा उसमें किये गये संशोधन को निरस्त करते हुए ट्रांजिट पास नियम 2000 में छूट प्राप्त सभी पेड़ों की प्रजातियों पर तत्काल प्रभाव से लागू की जाये. लार्जर बैंच ने पेड़ों की कटाई को लेकर पुष्पा फिल्म समेत कई उदाहरण देते हुए कार्यपालिका को कड़ी फटकार लगाई. आम आदमी से समन्वय स्थापित करने के लिए वन विभाग ने साल 2015 और 2017 में 62 प्रजातियों पर टीपी की अनिवार्यता समाप्त कर दी थी। इसके बाद से मध्य प्रदेश में पेड़ों की अंधाधुंध कटाई चल रही थी। सड़क किनारे खेतों में खड़े आम, बबूल, शू-बबूल, इमली, जामुन, अमरूद सहित अन्य प्रजातियों के पेड़ों को धड़ल्ले काटा जा रहा था। साल 2024 में अवैध रूप से पेड़ काटने के 10 हजार 688 प्रकरण दर्ज हुए हैं। साल 2023 में 50 हजार 180 प्रकरण दर्ज हुए थे। यह स्थिति तब है। जब हाईकोर्ट साल 2019 में 62 प्रजातियों को टीपी मुक्त करने की अधिसूचना पर स्थगन दे चुका है। जिस पर अब फैसला आया है। स्थगन के दौरान नहीं दिया ध्यान 62 प्रजातियों को टीपी मुक्त करने की अधिसूचना पर 5 साल पहले स्थगन आया था, पर वन विभाग के अधिकारियों ने इस पर ध्यान नहीं दिया। तभी तो अभी तक सड़क किनारे या दूरदराज के इलाकों में निजी भूमि पर खड़े पेड़ों को काटा जा रहा था। अकेले भोपाल की बात करें तो आरा-मशीनों पर रोज 50 गाड़ियां लकड़ी आती हैं। प्रदेश के अन्य शहरों में भी ऐसे ही हालात हैं। 10 हजार के जुर्माने पर छोड़ रहे इस मामले में हालत यह है कि, पहले तो मैदानी वन अधिकारी और कर्मचारी लकड़ी परिवहन करने वालों को पकड़ ही नहीं रहे और जिन्हें पकड़ते हैं। उनका 10 हजार रुपए का चालान बनाकर छोड़ देते हैं। जबकि ऐसे मामलों में वाहन में मौजूद लकड़ी के बाजार मूल्य की दो गुनी राशि लेने का प्रावधान है। हाईकोर्ट में 2 लोगों ने की थी याचिका दायर गढ़ा जबलपुर निवासी विवेक कुमार शर्मा और एक अन्य की तरफ से दायर अलग-अलग याचिका में कहा गया था कि प्रदेश सरकार ने सितम्बर 2015 में जारी अधिसूचना के माध्यम से वृक्षों की 53 प्रजातियों को हटाने के अलावा मध्य प्रदेश परिवहन (वनोपज) नियम, 2000 के नियम 4(2) का प्रावधान भी हटा दिया गया है. जिसके परिणामस्वरूप निजी भूमि पर स्थित वृक्षों को काटने या परिवहन करने के लिए कोई अनुमति प्राप्त करने की आवश्यकता नहीं है. लोगों के द्वारा उपयोग के लिए अधिक वृक्षों को काटने से पर्यावरण पर दुष्प्रभाव पड़ेगा. पर्यावरण संतुलन बिगड़ने से मानव स्वास्थ्य पर विपरीत प्रभाव पड़ता है. जो सर्वोच्च न्यायालय द्वारा टी.एन. गोदावर्मन थिरुमुल्कपाद बनाम भारत संघ के मामले में जारी आदेश के विपरीत है. लार्जर बेंच ने फैसले में पुष्पा फिल्म का किया जिक्र लार्जर बेंच ने अपना फैसला सुनाते हुए पुष्पा फिल्म का जिक्र किया. बेंच ने कहा कि “फिल्म पुष्पा में व्यापारियों और सिंडिकेट को उजागर किया है. जो आंध्र प्रदेश के शेषाचलम के घने हरे-भरे जंगलों में लाल चंदन के अवैध परिवहन, व्यापार और बिक्री में लगे हुए हैं. तस्करों और व्यापारियों का सिंडिकेट इतना प्रभाव और दबदबा बनाने लगता है कि पुलिस ,वन विभाग, नीति निर्माताओं और अंततः विधायकों तक शासन का कोई भी हिस्सा अछूता नहीं रह जाता. यह दर्शाता है कि कैसे वन उपज के अवैध व्यापार का परिवहन कर माफिया घने जंगलों में घुस सकता है और राज्य मशीनरी के साथ मिलीभगत करके जंगल की प्राकृतिक संपदा को लूट सकता है. कार्यपालिका वन उपज के ऐसे विक्रेताओं के प्रभाव और दबदबे के आगे झुक जाती है.” ‘एक जलाशय दस कुएं के समान और दस पुत्र एक पेड़ के समान’ लार्जर बेंच ने अपने आदेश में कहा कि “1 जलाशय 10 कुएं के समान होते हैं और 10 जलाशय 1 पुत्र के समान होते हैं और 10 पुत्र 1 पेड़ के समान होता है. लार्जर बेंच ने 2019 से 2023 तक की एफएसआई रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा है कि मध्य प्रदेश में वन क्षेत्र में 420 वर्ग किलोमीटर की शुद्ध कमी आई है.” ‘ऐसे ही पेड़ कटे तो 50 साल में आधा वन क्षेत्र हो जाएगा खत्म’ इस आंकड़े में अति सघन वन क्षेत्र में 363 वर्ग किलोमीटर की वृद्धि और इसी अनुपात में लगभग 630 वर्ग किलोमीटर की भारी और तीव्र कमी और मध्यम सघन वन एवं खुले वन क्षेत्र में लगभग 104 वर्ग किलोमीटर की कमी शामिल है. जिससे शुद्ध आंकड़ा 420 वर्ग किलोमीटर हो जाता है. ये आंकड़े इस बात की ओर स्पष्ट संकेत करते हैं कि हर वर्ष वन क्षेत्र तेजी से कम हो रहे है. मध्य प्रदेश में वन क्षेत्र में कमी इसी गति से होती रही तो अगले 50 वर्षों में अधिसूचित वनों से वर्तमान वन क्षेत्र का लगभग आधा हिस्सा मिट जाएगा. ‘कोर्ट ने कहा इंदौर वन विभाग के पत्रों ने चौंकाया’ वर्तमान मामलों के 1500 से ज्यादा पेजों में दस्तावेज रिकॉर्ड का हवाला देते हुए लार्जर बैंच ने अपने आदेश में कहा है कि “पर्यावरणविद राजवीर सिंह हुरा और एनजीओ पर्यावरण प्रहरी के पदाधिकारी ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी. जिसमें पेश किये गये दस्तावेजों ने हमें चौंका दिया. दस्तावेज में इंदौर के वन प्रभाग के अधिकारियों और वन विभाग के भीतर आंतरिक रूप से आदान-प्रदान किए गए पत्राचार शामिल हैं. वन संरक्षक इंदौर द्वारा अप्रैल 2017 में वन मंडल अधिकारी, इंदौर को संबोधित पत्र में बड़े पैमाने पर हरे-भरे और फलों से लदे पुराने पेड़ों की अवैध कटाई और इंदौर की मंडी में भारी मात्रा में उनके व्यापार का उल्लेख किया गया है. इसके अलावा यह भी कहा गया कि रोजाना लगभग 100-150 वाहन बाजारों में 1000-1500 टन लकड़ी और वन उपज अवैध रूप लेकर पहुंच रहे हैं. … Read more

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