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मुख्यमंत्री ने नर्मदा बेसिन प्रोजेक्ट्स कंपनी लिमिटेड के संचालक मंडल की बैठक में की समीक्षा

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि नर्मदा बेसिन से जुड़े प्रोजेक्ट्स के क्रियान्वयन में और तेजी लाई जाए। जिससे कि सभी क्षेत्रों में किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त जल मिले। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंगलवार को समत्व भवन (मुख्यमंत्री निवास) में नर्मदा बेसिन प्रोजेक्ट्स कंपनी लिमिटेड के संचालक मंडल की 32वीं बैठक की अध्यक्षता करते हुए संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सभी किसानों के खेतों में टेल एंड तक पानी पहुंचाने की समुचित व्यवस्थाएं करने के निर्देश दिये। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कम्पनी की कार्य-प्रणाली और भविष्य की योजनाओं पर विमर्श किया, जिससे क्षेत्र में विकास कार्यों को और अधिक प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाया जा सके। बैठक में मुख्यमंत्री कार्यालय में अपर मुख्य सचिव एवं नर्मदा बेसिन प्रोजेक्ट्स कंपनी लिमिटेड के प्रबंध संचालक डॉ. राजेश राजौरा, संचालक हिरदाराम चौहान सहित अन्य सदस्यगण उपस्थित थे। बैठक में कम्पनी के प्रबंध संचालक डॉ. राजौरा ने कम्पनी की प्रगति, वर्तमान में चल रही परियोजनाओं की मौजूदा स्थिति और आगामी योजनाओं पर विस्तार से जानकारी दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव को नर्मदा क्षिप्रा लिंक बहुउद्देशीय परियोजना का कार्य अंतिम चरण में होने की जानकारी देते हुए कंपनी के एम.डी. डॉ. राजेश राजौरा ने बताया कि खण्डवा जिले में उद्वहन सिंचाई परियोजना और धार जिले में भी एक बड़ी परियोजना का भूमि-पूजन प्रस्तावित है। बैठक में विभिन्न मुद्दों एवं विकास योजनाओं पर विचार-विमर्श किया गया। अधिकारियों द्वारा बताया गया कि इस वर्ष नर्मदा बेसिन प्रोजेक्ट्स कंपनी लिमिटेड द्वारा क्षेत्रीय विकास एवं बुनियादी ढांचे के सुदृढ़ीकरण के लिए सभी प्रस्तावित योजनाओं के शीघ्र क्रियान्वयन के लिए और अधिक तेज व प्रभावी प्रयास किए जाएंगे।  

मंत्री श्रीमती उइके ने ‘मुक्ति की उड़ान’ पत्रिका का विमोचन किया

भोपाल लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री श्रीमती संपतिया उइके ने ‘मुक्ति की उड़ान’ पत्रिका का विमोचन किया। उन्होंने पत्रिका का अवलोकन करते हुए संपादकीय टीम के प्रयासों की सराहना की और इसके प्रकाशन के लिए आभार व्यक्त किया। पत्रिका में मंत्री श्रीमती उइके के सार्वजनिक जीवन, कार्यों और विभागीय पहलों से जुड़ी जानकारियाँ शामिल हैं। इसमें लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग की प्रमुख उपलब्धियों और योजनाओं की जानकारी को भी समाहित किया गया है। इस अवसर पर पत्रिका के संपादक राजेंद्र कुमार सोनी, प्रबंध संपादक संतोष कुमार सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।।  

अशोका होटल में 9 मार्च को कांग्रेस विधायक दल की बैठक होगी आयोजित, बजट सत्र को लेकर बनेगी रणनीति

भोपाल मध्य प्रदेश कांग्रेस ने विधायक दल की बैठक बुलाई है। इस मीटिंग में प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी भी शामिल होंगे। यह बैठक 9 मार्च की शाम को होगी। जिसमें बजट सत्र को लेकर रणनीति बनाई जाएगी। मध्य प्रदेश कांग्रेस ने 9 मार्च को विधायक दल की बैठक बुलाई है। यह बैठक भोपाल के अशोका होटल में आयोजित की जाएगी। इस मीटिंग में कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी भी शामिल होंगे। कांग्रेस विधायक दल की बैठक बजट सत्र को लेकर चर्चा होगी। एमपी विधानसभा के बजट सत्र को लेकर रणनीति बनाई जाएगी। 10 मार्च से होगी सत्र की शुरुआत एमपी विधानसभा का बजट सत्र 10 मार्च को राज्यपाल मंगूभाई पटेल के अभिभाषण से शुरू होगा। 11 मार्च को सरकार आर्थिक सर्वेक्षण प्रस्तुत करेगी। इसमें वर्ष 2024-25 में राज्य सकल घरेलू उत्पाद की स्थिति, राज्य की विकास दर, प्रति व्यक्ति आय से लेकर विभिन्न क्षेत्रों में राज्य की स्थिति से अवगत कराया जाएगा। सूत्रों का कहना है कि राज्य सकल घरेलू उत्पाद 15 लाख करोड़ रुपये के आसपास हो सकता है। 12 मार्च को पेश होगा बजट आपको बता दें कि मध्य प्रदेश विधानसभा का बजट सत्र 10 मार्च 2025 से शुरू होगा। जो कि 24 मार्च तक चलेगा। 12 मार्च को वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा लगभग 4 लाख करोड़ से अधिक का बजट पेश करेंगे। इस बजट में प्रधानमंत्री मोदी की चार जातियों पर ज्यादा फोकस रहेगा। जिसमें गरीब, किसान, महिला, युवा को बजट में प्राथमिकता दी जाएगी। मोहन सरकार का पहला पूर्ण बजट मोहन सरकार का यह पहला पूर्ण बजट होगा। क्योंकि दिसंबर 2023 में सरकार बनी थी। 2024 में फरवरी में ही बजट आ गया था। लिहाजा अब सरकार के कार्यकाल को एक साल पूरा हो चुका है, ऐसे में यह मोहन सरकार के कामकाज को लेकर यह पहला पूर्ण बजट होगा। बताया जा रहा है कि केंद्र सरकार के तर्ज पर मोहन सरकार भी बजट में कई बड़े ऐलान कर सकती है।

गोविन्द सिंह राजपूत ने बताया – अभी तक 5 लाख 17 हजार 632 किसानों ने पंजीयन कराया

भोपाल खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री श्री गोविन्द सिंह राजपूत ने बताया है कि अभी तक 5 लाख 17 हजार 632 किसानों ने पंजीयन कराया है। किसान 31 मार्च तक पंजीयन करा सकते हैं। मंत्री श्री राजपूत ने किसानों से आग्रह किया है कि गेहूँ की बिक्री के लिए समय-सीमा में पंजीयन जरूर करायें। उन्होंने बताया है कि गेहूँ की खरीदी उपार्जन केन्द्रों में 15 मार्च से 5 मई तक होगी। गेहूँ की खरीदी 2600 रूपये प्रति क्विंटल की दर से की जायेगी। इसमें न्यूनतम समर्थन मूल्य 2425 रूपये है और 175 रूपये प्रति क्विंटल राज्य सरकार द्वारा बोनस दिया जा रहा है। न्यूनतम समर्थन मूल्य पर गेहूँ की बिक्री के लिए जिला बुरहानपुर में 31, खरगौन में 1616, बड़वानी में 99, अलीराजपुर में 46, खंडवा में 6079, धार में 15,940, झाबुआ में 2850, इंदौर में 27,075, मंदसौर 11,275, नीमच 3768, आगर-मालवा में 14,469, देवास में 26,904, रतलाम में 12,908, शाजापुर में 35,346, उज्जैन में 56,805, अशोकनगर में 1276, शिवपुरी में 1670, ग्वालियर में 1612, दतिया में 2288, गुना में 2199, भिंड में 2266, श्योपुर में 3260, मुरैना में 1025, जबलपुर 1471, बालाघाट 112, कटनी में 2093, पांढुर्णा 19, डिंडौरी में 658, छिंदवाड़ा में 3054, सिवनी में 8530, नरसिंहपुर में 6286, मंडला में 4598, हरदा में 1610, बैतूल में 3413, नर्मदापुरम में 27,222, विदिशा में 30,556, रायसेन में 31,197, राजगढ़ में 31,171, भोपाल में 17,182, सीहोर में 59,141, सतना में 2811, रीवा में 1894, सिंगरौली में 369, मऊगंज 94, मैहर में 924, सीधी में 1382, अनूपपुर में 103, उमरिया में 1447, शहडोल में 2246, पन्ना में 2416, निवाड़ी में 431, दमोह में 7636, टीकमगढ़ में 2705, छतरपुर में 3676 और सागर में 20,378 किसानों ने पंजीयन कराया है।  

चैंपियंस ट्रॉफी का दूसरा सेमीफाइनल आज, न्यूजीलैंड और दक्षिण अफ्रीका में होगा मुकाबला

लाहौर चैंपियंस ट्रॉफी के दूसरे सेमीफाइनल में न्यूजीलैंड और दक्षिण अफ्रीका आमने-सामने होंगी। वैसे तो न्यूजीलैंड और दक्षिण अफ्रीका के पास टैलेंट की कमी नहीं है। लेकिन दोनों ही टीमें आईसीसी टूर्नामेंट्स में लगभग एक जैसे हालात से गुजरती रही हैं। दोनों टीमें बड़े टूर्नामेंट्स में उस स्तर की सफलता नहीं पा सकी हैं, जैसे उनके पास खिलाड़ी हैं। ऐसे में लाहौर में होने वाले इस मुकाबले में दोनों टीमों की उम्मीदें काफी ज्यादा होंगी। दोनों टीमें चाहेंगी कि आईसीसी टूर्नामेंट्स में अपना वर्चस्व कायम करें। कागजों पर ताकत बराबर कागजों पर दोनों टीमें बराबरी की दिख रही है। दक्षिण अफ्रीका और न्यूजीलैंड ने क्रमश: 1998 और 2000 में एक-एक बार चैंपियंस ट्रॉफी जीती है। लेकिन उस समय इस टूर्नामेंट को आईसीसी नॉकआउट ट्रॉफी कहा जाता था। तब इसका वह महत्व नहीं था जो अब है। दक्षिण अफ्रीका जहां बड़े टूर्नामेंट के चोकर्स (मुख्य मुकाबलों में हार का सामना करने वाली टीम) के अपने तमगे को हटाना चाहेगा। वहीं, न्यूजीलैंड की टीम भी खिताब पर अपना कब्जा जमाने के लिए बेताब होगी। न्यूजीलैंड वनडे विश्व कप (2015 और 2019) में दो बार और टी20 विश्व कप (2021) में एक फाइनल में पहुंचने के बाद खिताब जीतने से चूक गया। बॉलिंग में साउथ अफ्रीका आगे मिचेल सैंटनर की अगुआई में न्यूजीलैंड ग्रुप ए में भारत से बाद दूसरे पर रहा, जबकि दक्षिण अफ्रीका ग्रुप बी में ऑस्ट्रेलिया से आगे शीर्ष पर रहा। दोनों टीमों के बीच कोई ज्यादा अंतर नहीं है और ज्यादातर विभागों में बराबरी की स्थिति में हैं। गेंदबाजी में विविधता के कारण दक्षिण अफ्रीका के पास हालांकि मामूली बढ़त दिख रही हैं। दोनों टीमों के बल्लेबाजी क्रम में पर्याप्त ताकत है और उनके पास बेहतरीन क्षेत्ररक्षक भी हैं। मैच का परिणाम में स्पिनरों की भूमिका अहम रहने अनुमान है। गद्दाफी स्टेडियम की पिच थोड़ी धीमी हैं, लेकिन दुबई की तुलना में वे उतनी स्पिन नहीं करती हैं । ऐसे में यह देखना दिलचस्प होगा कि दोनों टीमों के स्पिनर कैसा प्रदर्शन करते हैं। लाथम बोले-लाहौर का अनुभव काम आएगा अपने आखिरी ग्रुप मैच में भारत से 44 रन से हारने के बावजूद, न्यूजीलैंड पिछले महीने यहां त्रिकोणीय श्रृंखला में दक्षिण अफ्रीका पर अपनी जीत से आत्मविश्वास हासिल करेगा। न्यूजीलैंड ने चैंपियंस ट्रॉफी से पहले यहां दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ 305 रनों के लक्ष्य का सफलतापूर्वक पीछा किया और फिर फाइनल में पाकिस्तान को हराकर त्रिकोणीय श्रृंखला को अपने नाम किया था। अनुभवी बल्लेबाज टॉम लाथम को लगता है कि ये अनुभव उनके लिए फायदेमंद साबित होंगे। उन्होंने कहाकि हां, जिस दक्षिण अफ्रीका टीम के खिलाफ हमने खेला था वह थोड़ी अलग थी। उस टीम में बहुत से ऐसे खिलाड़ी थे जो इस टीम में नहीं थे। उनके कुछ मुख्य खिलाड़ी तब एसएटी20 में खेल रहे थे, इसलिए यह थोड़ा अलग होगा। उन्होंने कहाकि मुझे हालांकि लगता है कि हमें दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ खेलने में लाहौर के उस अनुभव का फायदा मिलेगा। फॉर्म में हैं विलियमसन लाथम 187 रन के साथ टूर्नामेंट में अब तक न्यूजीलैंड के सबसे सफल बल्लेबाज रहे है। केन विलियमसन भी भारत के खिलाफ 81 रन की पारी खेल कर लय में वापसी करने में सफल रहे। गेंदबाजी में मैट हेनरी ने भारत के खिलाफ धीमी पिच पर भी कमाल दिखाया और वह आठ विकेट लेकर सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज हैं। उन्हें विल ओ’राउरकी (छह विकेट) का भी अच्छा साथ मिला है। कप्तान मिचेल सैंटनर, माइकल ब्रेसवेल, रचिन रवींद्र, ग्लेन फिलिप्स और मार्क चैपमैन के रूप में न्यूजीलैंड के पास अच्छा स्पिन आक्रमण है। दक्षिण अफ्रीका भी दिखा रही दम दक्षिण अफ्रीका भी शानदार फॉर्म में है। प्रोटियाज ने टूर्नामेंट में अपनी सबसे बेहतरीन टीमों में से एक को मैदान में उतारा है। शतकीय पारी खेलने वाले रयान रिकेल्टन शानदार फॉर्म में हैं, जबकि तेम्बा बावुमा, रासी वैन डेर डुसेन और एडेन मारक्रम जैसे खिलाड़ियों ने भी बल्ले से योगदान दिया है। वियान मुल्डर, कैगिसो रबाडा, लुंगी एनगिडी, मार्को यानसेन, केशव महाराज और तबरेज शम्सी जैसे खिलाड़ियों की मौजूदगी से दक्षिण अफ्रीका की गेंदबाजी भी प्रभावशाली दिखती है। टीमें: न्यूजीलैंड: मिचेल सैंटनर (कप्तान), माइकल ब्रेसवेल, मार्क चैपमैन, डेवोन कॉनवे, लॉकी फर्ग्यूसन, मैट हेनरी, टॉम लाथम, डेरिल मिशेल, विल ओ’रउरकी, ग्लेन फिलिप्स, रचिन रवींद्र, नाथन स्मिथ, केन विलियमसन, विल यंग, जैकब डफी। दक्षिण अफ्रीका: टेम्बा बावुमा (कप्तान), टोनी डी जोरजी, मार्को यानसेन, हेनरिक क्लासेन, केशव महाराज, एडेन मारक्रम, डेविड मिलर, वियान मुल्डर, लुंगी एनगिडी, कैगिसो रबाडा, रेयान रिकेलटन, तबरेज शम्सी, ट्रिस्टन स्टब्स, रासी वैन डेर डुसेन, कॉर्बिन बॉश।

भारत ने ऑस्ट्रेलिया को धोकर पाकिस्तान को दिया एक और जख्म, चैम्पियंस ट्रॉफी का फाइनल मुकाबला दुबई में

दुबई भारत ने ऑस्ट्रेलिया को सेमीफाइनल में हराकर चैंपियंस ट्रॉफी 2025 के फाइनल में जगह पक्की कर ली है। अब भारतीय टीम को दुबई में ही फाइनल मुकाबला खेलना होगा। ऐसे में एक बार फिर से पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड PCB को बड़ा झटका लगा है। पहले 23 फरवरी को टीम को इस टूर्नामेंट से बाहर का रास्ता दिखा दिया था और और इस इवेंट से पाकिस्तान को ही बाहर कर दिया है। दूसरे सेमीफाइनल लाहौर में आखिरी मुकाबला होगा, जिसमें साउथ अफ्रीका और न्यूजीलैंड की टक्कर होने वाली है। इस मैच में जो भी टीम जीतेगी, वो 9 मार्च को टीम इंडिया के साथ फाइनल खेलने दुबई में आएगी। पाकिस्तान टीम के बाद अब बोर्ड भी टूर्नामेंट से हुआ बाहर? दरअसल, ICC चैंपियंस ट्रॉफी 2025 की मेजबानी पाकिस्तान कर रहा है। लेकिन, यह पूरा टूर्नामेंट हाइब्रिड मॉडल पर खेला जा रहा है। भारत के सभी मुकाबले दुबई में रखे गए, जबकि बाकी टीमों के मैच पाकिस्तान के तीन स्टेडियम कराची, लाहौर और रावलपिंडी में करने का फैसला लिया गया। वहीं, पहले सेमीफाइनल और फाइनल (यदि भारत जीता) तो दुबई में फिक्स्ड किया गया था। इस फैसले को अब भारतीय टीम ने सही कर दिया है और फाइनल मैच दुबई इंटरनेशनल स्टेडियम में खेला जाएगा। इसका मतलब यह है, कि पाकिस्तानी आवाम को पटाखे जलाने का मौका नहीं मिलने वाला है। पाकिस्तान के अब इस टूर्नामेंट से बाहर होते ही सोशल मीडिया पर मीम्स की बाढ़ आने लगी है। पहले सेमीफाइनल में भारत ने ऑस्ट्रेलिया को 4 विकेट से हराकर ICC चैंपियंस ट्रॉफी 2025 के फाइनल में जगह बना ली है। 265 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए टीम इंडिया ने इस मुकाबले को 48.1 ओवर में 6 विकेट खोकर हासिल कर लिए। बल्लेबाजी करते हुए एक बात फिर से विराट कोहली ने धमाकेदार 84 रनों की पारी खेली। जिसके चलते भारतीय टीम आसानी से इस लक्ष्य को हासिल करने में कामयाब हुई। वहीं इस मुकाबले को जीतकर भारतीय टीम की ओर से भी कई रिकॉर्ड बने, साथ ही विराट कोहली और रोहित शर्मा ने भी कई कीर्तिमान अपने नाम कर डाले. भारत अब तक नौ में से पांच संस्करणों में चैम्पियंस ट्रॉफी के फाइनल में पहुंच चुका है, उसके बाद वेस्टइंडीज (3 फाइनल) का नंबर आता है. 265 ICC ODI टूर्नामेंट नॉकआउट में ऑस्ट्रेलिया के ख‍िलाफ किसी टीम द्वारा सफलतापूर्वक पीछा किया गया सबसे बड़ा टारगे भी है. पिछली बार अहमदाबाद में CWC 2011 क्वार्टर फाइनल में 261 रन भारत ने चेज किया था. – रोहित शर्मा चारों ICC टूर्नामेंट के फाइनल में पहुंचने वाले पहले कप्तान बन गए हैं ICC वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप (2023) ODI वर्ल्ड कप (2023) T20 वर्ल्ड कप (2024) ICC चैम्प‍ियंस ट्रॉफी (2025) -किसी एक वेन्यू पर बिना हारे सबसे ज्यादा वनडे जीत 10 – न्यूजीलैंड, डुनेडिन 9 – भारत, दुबई (10 मैच, 1 बराबर) 7 – भारत, इंदौर 7 – पाकिस्तान, हैदराबाद (नियाज स्टेडियम, पाकिस्तान) चैम्प‍ियंस ट्रॉफी नॉकआउट में IND vs AUS 44 रन से जीता, ढाका, 1998 क्वार्टर फाइनल 20 रन से जीता, नैरोबी, 2000 क्वार्टर फाइनल 4 विकेट से जीता, दुबई, 2025 सेमीफाइनल चैम्प‍ियंस ट्रॉफी नॉकआउट में सबसे सबड़ा टारगेट चेज 282 – साउथ अफ्रीका vs इंग्लैंड, ढाका, 1998 क्वार्टर फाइनल 265 – न्यूजीलैंड vs भारत, नैरोबी, 2000 फाइनल 265 – भारत vs बांग्लादेश, एजबेस्टन, 2017 सेमीफाइनल 265 – भारत vs ऑस्ट्रेल‍िया, दुबई, 2025 सेमीफाइनल ICC ODI टूर्नामेंट में सबसे ज्यादा प्लेयर ऑफ द मैच अवॉर्ड 10 – सचिन तेंदुलकर 8 – ग्लेन मैकग्राथ 8 – रोहित शर्मा 7 – विराट कोहली इस मैच में उन्होंने कई रिकॉर्ड्स अपने नाम किए हैं। आईए उन 10 बड़े रिकॉर्ड्स पर एक नजर डालते हैं। 1. ICC इवेंट में सबसे ज्यादा 50+ स्कोर विराट कोहली ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सेमीफाइनल में कमाल करते हुए 84 रनों की अर्धशतकीय पारी खेली। इस पारी के बाद वो ICC टूर्नामेंट में सबसे ज्यादा हाफ सेंचुरी जड़ने वाले बल्लेबाज बने। उन्होंने 24 अर्धशतक लगाकर सचिन तेंदुलकर का रिकॉर्ड तोड़ा। सचिन के अब तक 23 अर्धशतक थे। 2. ICC नॉकआउट में 1000 रन बनाने वाले पहले खिलाड़ी ऑस्ट्रेलिया के सामने 84 रन बनाकर विराट कोहली अब आईसीसी टूर्नामेंट में 1000 रन बनाने वाले पहले खिलाड़ी बन चुके हैं। ऐसा आज तक किसी भी बल्लेबाज ने करके नहीं दिखाया है। 3. ICC रन चेज में सबसे ज्यादा 50+ स्कोर विराट कोहली ने एक बार फिर से रनों का पीछा करते हुए धमाल मचा दिया। उन्होंने 84 रनों की लाजवाब पारी खेलकर ICC टूर्नामेंट के रन चेज में सबसे ज्यादा अर्धशतक जड़ने वाले बल्लेबाज बन गए हैं। 4. ICC ODI टूर्नामेंट में सबसे ज्यादा 50+ स्कोर किंग कोहली अब ICC ODI टूर्नामेंट में सबसे ज्यादा 50 से अधिक रन बनाने वाले दूसरे खिलाड़ी बन गए हैं। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ लाजवाब मैच विनिंग पारी खेलकर उन्होंने यह कारनामा कर दिया है। 5. ODI चेज में सबसे ज्यादा 50+ स्कोर बनाने वाले बल्लेबाज वनडे क्रिकेट में चेज करते हुए सबसे ज्यादा अर्धशतक जड़ने वाले बल्लेबाज भी विराट कोहली बन चुके हैं। 159 इनिंग्स में उनके नाम 69 रन चेज में हाफ सेंचुरी आई है। 6. चेज करते हुए ODI में 8000 रन विराट कोहली को रन चेज करते हुए एक अलग ही रंग में देखा जाता है। ऐसा एक बार फिर उन्होंने करके दिखाया है। अब वो ODI क्रिकेट में 8000 रन चेज करके बनाने वाले बल्लेबाज बन चुके हैं। 7. भारत के लिए चैम्पियंस ट्रॉफी में सबसे ज्यादा रन भारत के लिए विराट कोहली ICC चैंपियंस ट्रॉफी के इतिहास में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज भी बन गए हैं। 17 मैचों की 17 पारियों में उनके बल्ले से 746 रन आए हैं। इस दौरान उन्होंने 6 अर्धशतक और 1 शतक लगाया है। 8. इंटरनेशनल क्रिकेट में सबसे ज्यादा कैच विराट के नाम विराट कोहली इंटरनेशनल क्रिकेट में सबसे ज्यादा कैच पकड़ने वाले खिलाड़ी भी बन चुके हैं। अब उनके नाम कुल 336 कैच दर्ज हो चुके हैं। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ भी उन्होंने 1 कैच लपका। 9. भारत के लिए नॉकआउट मैच में सबसे ज्यादा M.O.M ICC नॉकआउट मैच में विराट कोहली भारत के लिए सबसे ज्यादा प्लेयर ऑफ द मैच जीतने वाले बल्लेबाज भी बन गए हैं। उनके नाम अब इस … Read more

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भारतीय क्रिकेट टीम को चैंपियन ट्रॉफी के फायनल में पहुँचने पर दी बधाई

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंगलवार को यूएई के दुबई में हुए आईसीसी चैंपियन ट्रॉफी-2025 के सेमीफाइनल मुकाबले में भारतीय क्रिकेट टीम की शानदार विजय पर सभी को बधाई दी है। इस विजयसे भारत ने चैंपियन ट्राफी-2025 के फाइनल मैच में अपना स्थान बना लिया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज की जीत विजय पथ पर भारत के बढ़ते कदम हैं। भारतीय क्रिकेट टीम के खिलाड़ी हृदय से बधाई के पात्र हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आईसीसी चैंपियनशिप ट्रॉफी-2025 में भारत की शानदार विजय पर समस्त देशवासियों की प्रसन्नता में शामिल होते हुए कहा कि सेमीफाइनल में ऑस्ट्रेलिया के विरुद्ध सभी भारतीय खिलाड़ियों का श्रेष्ठ प्रदर्शन रहा और भारत ऐतिहासिक विजय प्राप्त कर फाइनल मुकाबले में पहुंचा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आशा जताई है कि भारतीय क्रिकेट टीम का ऐसा ही शानदार प्रदर्शन फाइनल में भी भारतीयों के चेहरों पर विजयी मुस्कान बिखेर देगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भारतीय क्रिकेट टीम को फाइनल मुकाबले में जीत के लिए अग्रिम शुभकामनाएं दी हैं।  

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा- समिट से न केवल भारत बल्कि प्रदेश के छोटे निवेशकों का भी बढ़ा है आत्मविश्वास

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह के मार्गदर्शन में हुई ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट भोपाल से न केवल भारत बल्कि प्रदेश के छोटे से छोटे निवेशकों और प्रदेशवासियों का आत्मविश्वास बढ़ा है। उन्होंने यूके, जर्मनी, जापान सहित सभी विदेशी मेहमानों, मंत्री गण, विभागीय अधिकारियों और प्रदेशवासियों का आभार व्यक्त किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सबके सहयोग से हम बेहतर स्थिति में पहुंचे हैं। जीआईएस में उद्योग विभाग में 12.02 लाख करोड़, नवकरणीय ऊर्जा में 5.72 लाख करोड़, खनन एवं खनिज में 3.22 लाख करोड़, शहरी विकास में 1.9 लाख करोड़, ऊर्जा विकास में 1.74 लाख करोड़ रुपए का निवेश प्राप्त हुआ है। औद्योगिकीकरण को बढ़ावा देने के लिए सरकार, निवेश की प्रगति की निरंतर समीक्षा करेगी। मुख्यमंत्री स्तर से प्रत्येक दो माह में और मुख्य सचिव द्वारा प्रतिमाह समीक्षा की जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंत्रि-परिषद की बैठक से पहले मंत्री को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद की बैठक वंदे-मातरम के गान के साथ प्रारंभ हुई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव को मंत्रीगण ने भगवान श्री रामलला की प्रतिमा भेंट कर ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के सफल और उपलब्धि पूर्ण आयोजन के लिए उनका अभिनंदन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव का मंत्रालय में हुई मंत्रि-परिषद की बैठक से पहले मंत्रीगण द्वारा अंगवस्त्रम भेंट कर अभिनंदन किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार अपने सभी वादे पूर्ण करने के लिए संकल्पित है। इस वर्ष गेहूं का समर्थन मूल्य 2600 रुपए प्रति क्विंटल तय किया गया है, इसमें 175 रूपये प्रति क्विंटल बोनस है। इससे राज्य सरकार पर 1400 करोड़ रूपए का भार आएगा और लगभग 80 लाख मैट्रिक टन गेहूं का उपार्जन होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि गेहूं के समर्थन मूल्य को लेकर किसानों की सकारात्मक प्रतिक्रियाएं मिल रही हैं, गेंहू उपार्जन का यह कार्य 15 मार्च से आरंभ होगा। इसी प्रकार प्रदेश में 6.70 लाख किसानों द्वारा 12.20 लाख हेक्टेयर में धान का उत्पादन किया गया है। धान किसानों को खरीफ वर्ष 2024 के लिये 4000 रुपए प्रति हेक्टेयर प्रोत्साहन राशि का भुगतान किया जाएगा। इस पर लगभग 480 करोड़ की राशि व्यय होगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मंगलवार को ही 16वें वित्त आयोग का प्रदेश में आगमन हो रहा है, आयोग 6 मार्च को सभी मंत्रीगण से कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में संवाद करेगा। आयोग के सदस्य, निगम, जिला पंचायत सदस्यों और राजनीतिक दलों से भी मुलाकात करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि 30 मार्च से 30 जून तक जय गंगा जल संवर्धन अभियान आयेाजित होगा। अभियान में संपूर्ण प्रदेश में जल संरचनाओं का संवर्धन वृहद स्वरूप में किया जाएगा। उन्होंने मंत्रीगण को इस विषय में प्रभार के जिलों में बैठकें लेने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि 26 फरवरी से 30 मार्च तक विक्रमोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। गुड़ी पड़वा पर्व 30 मार्च को उत्साह और उमंग से मनाने के लिए प्रभार के जिलों में व्यापक तैयारियां की जाएं।  

बिक्रम सिंह मजीठिया को 17 मार्च को एसआईटी के समक्ष पेश होने का आदेश दिया

नई दिल्ली सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को पूर्व मंत्री और शिरोमणि अकाली दल (शिअद) नेता बिक्रम सिंह मजीठिया को उनके खिलाफ ड्रग्स मामले की जांच कर रही एसआईटी के सामने पेश होने का निर्देश दिया। जस्टिस जेके माहेश्वरी और जस्टिस अरविंद कुमार की पीठ ने मजीठिया को 17 मार्च को सुबह करीब 11 बजे एसआईटी के समक्ष पेश होने का आदेश दिया है। जांच में सहयोग करना जमानत की अनिवार्य शर्त यह आदेश पंजाब सरकार द्वारा यह कहे जाने के बाद आया कि मजीठिया जांच में सहयोग करने से इन्कार कर रहे हैं। मजीठिया ने कहा कि उन्हें राजनीतिक कारणों से परेशान किया जा रहा है और उन्होंने कोर्ट से पूछताछ के लिए तारीखें तय करने को कहा। पंजाब के महाधिवक्ता गुरमिंदर सिंह ने कहा कि जांच में सहयोग करना जमानत के लिए एक अनिवार्य शर्त है और मजीठिया को इसका पालन करना होगा। पंजाब सरकार की याचिका पर हुई सुनवाई सुप्रीम कोर्ट पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट द्वारा मजीठिया को 10 अगस्त, 2022 को जमानत दिए जाने के आदेश के खिलाफ पंजाब सरकार की याचिका पर सुनवाई कर रही थी। हाई कोर्ट ने यह मानने के लिए उचित आधार का उल्लेख किया कि वह दोषी नहीं है, लेकिन अपनी टिप्पणी को केवल जमानत याचिका के निर्णय तक सीमित रखा। 5 महीने से अधिक समय तक जेल में रहे मजीठिया सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि ट्रायल कोर्ट को स्वतंत्र रूप से आगे बढ़ना चाहिए। इस मामले में मजीठिया पांच महीने से अधिक समय तक पटियाला जेल में रहने के बाद बाहर आए। वह शिअद अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल के रिश्तेदार और पूर्व केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर बादल के भाई हैं। मजीठिया पर राज्य में ड्रग रैकेट की जांच कर रहे एंटी ड्रग स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) की 2018 की रिपोर्ट के आधार पर मामला दर्ज किया गया था।

एम्स भोपाल में जल्द ही मिलेगा सटीक इलाज, एआई से होगी कैंसर स्क्रीनिंग

भोपाल एम्स भोपाल में जल्द ही एआइ (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) आधारित कैंसर स्क्रीनिंग मशीन स्थापित की जाएगी। यह मशीन करीब 40 लाख रुपये की लागत से खरीदी जा रही है, जिससे कैंसर की पहचान अधिक सटीक और त्वरित होगी। एम्स प्रबंधन के मुताबिक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तकनीक न केवल कैंसर की शुरुआती पहचान में मदद करेगी, बल्कि यह कीमोथेरेपी के दुष्प्रभावों को कम करने में भी सहायक होगी। पारंपरिक तरीकों की तुलना में एआइ आधारित मशीन तेजी से कैंसर की पहचान कर सकेगी, जिससे मरीजों का इलाज जल्द शुरू किया जा सकेगा। इससे दूर-दराज के इलाकों में रहने वाले मरीजों को भी लाभ मिलेगा क्योंकि इस तकनीक के जरिए कैंसर की स्क्रीनिंग को अधिक सुलभ बनाया जा सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे कैंसर के मामलों को समय रहते रोका जा सकेगा और मरीजों को लंबी एवं स्वस्थ जिंदगी देने में मदद मिलेगी। पहले चरण में स्क्रीनिंग पर होगा फोकस इस तकनीक को प्रारंभिक चरण में कैंसर की स्क्रीनिंग के लिए उपयोग किया जाएगा। एआइ तकनीक मशीन लर्निंग एल्गोरिदम का उपयोग कर आनुवांशिकी और जीवनशैली के आधार पर कैंसर के जोखिम का अनुमान भी लगा सकती है। अब ये मशीनें आएंगी     आप्टास्कैन अल्ट्रा – बड़ी प्रयोगशालाओं के लिए उपयुक्त है, जो एक बार में 80 से 480 स्लाइड स्कैन कर सकती है।     आप्टास्कैन लाइट – इसे छोटी प्रयोगशालाओं के लिए डिजाइन किया है, जिसकी क्षमता 15 स्लाइड स्कैन तक है। महंगे सीटी स्कैन और एमआरआई की जरूरत कम होगी कम     अंकोलाजी के प्रो. जगत आर. कंवर ने बताया कि एआई के उपयोग से कैंसर का इलाज अधिक व्यक्तिगत और प्रभावी होगा।     इस तकनीक से महंगे सीटी स्कैन और एमआरआई की जरूरत कम हो जाएगी, जिससे मरीजों को कम लागत में अधिक सटीक इलाज मिल सकेगा।     यह तकनीक रोगियों के लिए अधिक सुलभ, किफायती और प्रभावी होगी, जिससे मरीजों को बेहतर उपचार और तेज रिकवरी का लाभ मिलेगा।  

प्रदेश सरकार ने रिजर्व बैंक के मुंबई कार्यालय के माध्यम से बाजार से फिर छह हजार करोड़ रुपये का कर्ज लिया

भोपाल प्रदेश सरकार ने 15 दिनों में दूसरी बार छह हजार करोड़ का कर्ज लिया है। ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट (जीआइएस) से पहले राज्य सरकार ने 18 फरवरी को ही छह हजार करोड़ रुपये का कर्ज लिया था। अब मंगलवार को रिजर्व बैंक के मुंबई कार्यालय के माध्यम से बाजार से फिर छह हजार करोड़ रुपये का कर्ज लिया गया है। इस वित्तीय वर्ष में राज्य सरकार कुल 41 हजार करोड़ रुपये का कर्ज बाजार से ले चुकी है। नया छह हजार करोड़ रुपये का कर्ज मिलाकर यह राशि 47 हजार करोड़ रुपये हो जाएगी। राज्य का बजट 3.65 लाख करोड़ रुपये है लेकिन राज्य पर कर्ज का कुल भार इस समय चार लाख 22 हजार करोड़ रुपये पहुंच गया है। नया कर्ज उठाने के लिए राज्य सरकार ने अपनी आर्थिक स्थिति अच्छी बताई है। मुफ्तखोरी की योजनाओं को पूरा करने में जा रहा कर्ज का एक बड़ा हिस्सा वर्तमान वित्त वर्ष में राज्य सरकार अगस्त 2024 से अमूमन हर माह नियमित रूप से बाजार से कर्ज उठा रही है। वित्त विभाग के अधिकारियों ने बताया कि आर्थिक गतिविधियों और विकास परियोजनाओं को गति देने के लिए कर्ज लिया जा रहा है। यह राजकोषीय उत्तरदायित्व एवं बजट प्रबंधन अधिनियम में निर्धारित सीमा के भीतर है। सरकार राज्य सकल घरेलू उत्पाद के अनुपात में तीन प्रतिशत तक कर्ज ले सकती है। आधा प्रतिशत और कर्ज बिजली सहित अन्य क्षेत्रों में अधोसंरचना सुधार के काम करने पर लिया जा सकता है। राज्य सरकार द्वारा लिए जाने वाले कर्ज का एक बड़ा हिस्सा मुफ्त की योजनाओं को पूरा करने में ही चला जाता है। वर्ष 2024-25 में सरकार 65 हजार करोड़ रुपये तक कर्ज ले सकती है। वित्तीय वर्ष 24-25 में लिया कर्ज वर्ष- कर्ज (राशि करोड़ में) 06 अगस्त 2024- 5,000 27 अगस्त 2024- 5,000 24 सितंबर 2024- 5,000 08 अक्टूबर 2024-5,000 26 नवंबर 2024 – 5,000 24 दिसंबर 2024 -5,000 31 दिसंबर 2024 – 5,000 18 फरवरी 2025 -6,0000 4 मार्च 2025- 6,000 कुल – 47 हजार करोड़ रुपये

महिला दिवस से पहले महिलाओं के खाते में सीधे तीन हजार रुपये डाले जाएंगे: महाराष्ट्र सरकार

मुंबई 8 मार्च विश्व महिला दिवस से पहले महिलाओं को सरकार बड़ा तोहफा देने जा रही हैं. महाराष्ट्र सरकार की तरफ से शुरू की गई लाड़की बहिन योजना की दो महीनों की किस्त एक साथ महिलाओं के खाते में डाली जाएगी. इस योजना के तहत महिलाओं को हर महीने 1500 रुपये दिए जाते हैं, यानी महिला दिवस से पहले महिलाओं के खाते में सीधे तीन हजार रुपये डाले जाएंगे.   महाराष्ट्र सरकार की तरफ से बजट सत्र के दौरान एक साथ फरवरी और मार्च की किस्त जारी करने का ऐलान किया गया. महाराष्ट्र सरकार में मंत्री अदिती तटकरे ने बताया है कि लाडकी बहिन योजना की दो महीने की किस्त महिला दिवस के मौके पर जारी की जाएगी, जो उनके लिए एक बड़े तोहफे की तरह होगा. महाराष्ट्र के अलावा झारखंड में मंईयां सम्मान योजना की किस्त भी इसी दिन जारी हो सकती है. वहीं दिल्ली में बीजेपी सरकार ने ऐलान किया है कि 8 मार्च से महिला समृद्धि योजना की शुरुआत होगी, जिसके तहत दिल्ली की महिलाओं को हर महीने 2500 रुपये मिलेंगे. इसके अलावा छत्तीसगढ़ में भी महतारी वंदन योजना की राशि महिला दिवस के अवसर पर जारी की जाएगी. बता दें कि महाराष्ट्र सरकार की महत्वकाक्षी योजना लाड़की बहिन योजना से नौ लाख महिलाएं बाहर हो गई हैं. योजना के तहत कई ऐसे आवेदन भी पाए गए हैं, जो फर्जी हैं. ऐसे में कई महिलाओं के नाम भी काटे गए हैं. अनियमितता की जांच के दौरान यह सामने आया था कि कुछ लोगों के नाम पर कई खाते थे. इसके अलावा कुछ पुरुष भी इस योजना का लाभ ले रहे थे. अब उनके नाम योजना से हटा दिए गए हैं. वहीं जिन महिलाओं ने फर्जी तरीके से पैसे लिए हैं उनसे वसूली की तैयारी भी की जा रही है.

मध्य प्रदेश में 5 नगर पालिकाओं को जल्द ही नगर निगम के रूप में उन्नयन किया जाएगा, इसकी प्रक्रिया तेज

भोपाल मध्य प्रदेश में 5 नगर पालिकाओं को जल्द ही नगर निगम के रूप में उन्नयन किया जाएगा. इसकी प्रक्रिया तेज हो गई है. विदिशा, गुना, शिवपुरी, छतरपुर और सिवनी नगर पालिका को नगर निगम बनाने के लिए स्थानीय कलेक्टरों ने शासन को प्रस्ताव भी भेज दिया है. इनके प्रस्ताव के आधार पर नगरीय विकास एवं आवास विभाग ने पांचों नगर पालिकाओं को नगर निगम बनाने की दिशा में कार्रवाई शुरू कर दी है. मोहन सरकार की कोशिश है कि साल 2027 में होने वाले नगरीय निकाय चुनाव से पहले वे पांचों नगर निगम अस्तित्व में आ जाएं. जिससे आगामी निकाय चुनाव में यहां के मतदाता महापौर को चुन सकें. विधानसभा चुनाव से पहले हो चुकी है घोषणा बता दें कि विदिशा, गुना, शिवपुरी, छतरपुर और सिवनी नगर पालिकाओं को नगर निगम बनाने की मांग लंबे समय से की जा रही है. विधानसभा चुनाव से पहले इन नगर पालिका को नगर निगम बनाने की घोषणा पहले ही हो चुकी है. अब सरकार इन घोषणाओं को पूरा करने के लिए पांचों नगर पालिकाओं को नगर निगम बनाने की तैयारी कर ली है. अधिकारियों ने बताया कि नगरीय विकास एवं आवास विभाग के अपर मुख्य सचिव संजय शुक्ला ने संबंधित नगर पालिकाओं के सीएमओ, नगर पालिकाओं से संबंधित जिलों के जिला पंचायत सीईओ समेत अन्य अधिकारियों के साथ भोपाल में बैठक की थी. बैठक में नगर पालिका को नगर निगम बनाने के संबंध में एक्शन प्लान पर चर्चा हुई है. भिंड का नोटिफिकेशन भी हो चुका जारी बता दें कि भिंड को नगर निगम घोषित करने संबंधी नोटिफिकेशन 2 अक्टूबर, 2023 को जारी हो चुका है, लेकिन इसे अस्तित्व में आने में 2 साल का इंतजार करना पड़ेगा. नगर पालिका अधिनियम के मुताबिक ग्राम पंचायत को शहरी क्षेत्र में तब तक शामिल नहीं किया जा सकता, जब तक उनका कार्यकाल पूरा न हो जाए. प्रदेश में वर्तमान में 16 नगर निगम हैं. भिंड और 5 नए नगर निगम बनने के बाद इनकी संख्या बढ़कर 22 हो जाएगी.     इस तरह नगर पालिका को मिलता है नगर निगम का दर्जा नगर पालिका को नगर निगम बनाने के लिए कलेक्टर प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजते हैं. इसकी मंजूरी मिलने के बाद नगर निगम का दर्जा देने की की प्रक्रिया शुरू होती है. सबसे पहले 3 लाख की आबादी के मापदंड को पूरा करने के लिए नगर निगम के क्षेत्र का विस्तार किया जाता है. इसके बाद संबंधित ग्राम पंचायतों में संकल्प पारित कराया जाता है कि वे नगर निगम में शामिल होने के लिए तैयार हैं. इसके बाद जिला प्रशासन दावे-आपत्तियां बुलाता है. कलेक्टर द्वारा नया प्रस्ताव बनाकर नगरीय विकास एवं आवास विभाग को भेजा जाता है. नगरीय प्रशासन की मंजूरी के बाद यह प्रस्ताव कैबिनेट की मंजूरी के लिए और वहां से इसे राज्यपाल की अनुमति के लिए भेजा जाता है. राज्यपाल की अनुमति के बाद संबंधित नगर पालिका को नगर निगम घोषित करने का नोटिफिकेशन जारी होता है.

प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के तहत अब तक 4.26 करोड़ महिलाएं रजिस्ट्रेशन करा चुकी

नईदिल्ली गर्भवती महिलाओं के लिए केंद्र सरकार की ओर से बहुत ही अहम योजना चलाई जा रही है। प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के तहत महिलाओं के खाते में पैसा भेजकर उनके पोषण व देखभाल में मदद देने की कोशिश की गई है। अब तक 4.26 करोड़ से ज्यादा महिलाएं इस योजना के लिए रजिस्ट्रेशन करा चुकी हैं। प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के अंतर्गत 3.76 करोड़ महिलाओं के खाते में 17 हजार करोड़ रुपये भेजे जा चुके हैं। अगर आप या आपकी जान-पहचान में कोई मां बनने वाली हैं, तो वह इस योजना का लाभ उठा सकती हैं। PMMVY योजना के लिए कैसे आवेदन करें? यह योजना क्या है, कितना पैसा खाते में आएगा? आइए इस लेख में जानते हैं… प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना (PMMVY) क्या है? प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना (PMMVY) केंद्र सरकार द्वारा चलाई जाने वाली एक मातृत्व लाभ योजना है। 1 जनवरी, 2017 को केंद्रीय महिला एवं बाल कल्याण मंत्रालय द्वारा इसे लॉन्च किया गया। यह योजना गर्भवती महिलाओं और स्तनपान कराने वाली महिलाओं को आर्थिक मदद देने के लिए शुरू की गई, ताकि उन्हें उचित पोषण और स्वास्थ्य देखभाल मिल सके। PMMVY योजना का उद्देश्य क्या है? इस योजना का उद्देश्य गर्भवती व स्तनपान कराने वाली महिलाओं को आर्थिक मदद देकर मां और शिशु के स्वास्थ्य में सुधार करना है। इसके अलावा महिलाओं को उचित आहार और स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति जागरूक कर देश में कुपोषण की दर को कम करना है। मेहनत-मजदूरी कर घर चलाने में मदद करने वाली महिलाओं को प्रसव के दौरान उचित आराम मिल सके और उन्हें पैसों की चिंता न करना पड़े, इसकी भी कोशिश इस योजना के जरिए की गई है। प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना (PMMVY) के फायदे क्या हैं? प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के तहत पहली बार गर्भवती होने पर महिलाओं को 5000 रुपये दिए जाते हैं। यह पैसा दो किस्तों में आता है। अगर दूसरी बार गर्भवती होने पर महिला बेटी को जन्म देती है तो एकमुश्त 6000 रुपये दिए जाते हैं। हालांकि यह पैसा सिर्फ बेटी के जन्म पर ही मिलता है। क‍िस्‍त                                  शर्त                                                                                                 राश‍ि (रुपये) पहली क‍िस्‍त    प्रेग्नेंसी के रजिस्ट्रेशन और आखिरी पीरियड की तारीख से 6 महीने के भीतर कम से कम एक प्रसव पूर्व जांच कराने पर                                                                                                                                                     3000 दूसरी क‍िस्‍त     1. श‍िशु के जन्‍म का रज‍िस्‍ट्रेशन 2. श‍िशु को पहले चरण के दौरान सभी टीके लग गए हों        2000 नोट: अगर किसी को महिला जननी सुरक्षा योजना (JSY) का लाभ मिल रहा है तो उसे PMMVY योजना से सिर्फ अतिरिक्त रकम ही मिलेगी। PMMVY योजना के लिए पात्रता क्या है?     गर्भवती महिला की उम्र कम से कम 19 साल या उससे ज्यादा हो     वैसे यह योजना पहले जीवित बच्चे के लिए ही है। हालांकि दूसरी बार इसका लाभ बेटी के जन्म पर ही मिलेगा     अगर दूसरी बार गर्भवती महिला जुड़वा बच्चों को जन्म देती है और उनमें से एक बेटी है तो PMMVY 2.0 का लाभ मिलेगा     गर्भवती महिला के परिवार की सालाना आय 8 लाख रुपये से कम होनी चाहिए     महिला के पास मनरेगा कार्ड हो या किसान सम्मान निधि के तहत महिला किसान को लाभ मिल रहा हो     महिला के पास e-Shram कार्ड या बीपीएल कार्ड हो, महिला दिव्यांगजन हो     जो गर्भवती व स्तनपान कराने वाली महिलाएं सरकारी नौकरी (केंद्र या राज्य सरकार) में नहीं हैं     जिन महिलाओं को किसी अन्य सरकारी योजना का लाभ नहीं मिल रहा हो प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के लिए ऑनलाइन आवेदन कैसे करें? STEP-1     ऑनलाइन आवेदन के लिए आपको ऑफिशियल वेबसाइट पर Sign Up करना होगा     Sign Up के लिए अपना मोबाइल नंबर डालकर वैरिफाई के बटन पर क्लिक करें     OTP और Captcha Code लिखकर Validate पर क्लिक करें STEP-2     मोबाइल नंबर से लॉगिन करने के बाद Dashboard खुल जाएगा     Data Entry विकल्प में Beneficiary Registration पर क्लिक करें, फॉर्म खुल जाएगा     पहले बच्चे के लिए अप्लाई कर रहे हैं या दूसरे के लिए, यह बताना होगा     इसके बाद नाम, पता, आधार नंबर, जन्म तिथि, उम्र वगैरह सब भरना होगा     मनरेगा कार्ड नंबर की जानकारी भी देनी होगी, इसके बाद बच्चे से जुड़ी सारी जानकारी भरनी होगी     घर का पूरा पता और गर्भाधारण के दौरान और शिशु के जन्म के बाद टीकाकरण के बारे में पूछा जाएगा     अपनी पास की आंगनवाड़ी की जानकारी भरें और Submit पर क्लिक कर दें     पूरी जानकारी के साथ फॉर्म आपके सामने होगा, अगर कुछ बदलाव करना चाहते हैं तो करें, नहीं तो SUBMIT कर दें   प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के लिए ऑफलाइन कैसे अप्लाई करें?     महिलाएं पास के आंगनवाड़ी केंद्र जाकर भी PMMVY योजना के लिए आवेदन कर सकती हैं     रजिस्ट्रेशन के लिए Form 1-A को भरकर जरूरी दस्तावेजों के साथ जमा कराना होगा     रजिस्ट्रेशन के दौरान महिला को अपना आधार नंबर और बैंक अकाउंट की जानकारी भी देनी होगी प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के लिए जरूरी डॉक्यूमेंट्स     आधार कार्ड     गर्भावस्था प्रमाण पत्र     बैंक खाता विवरण     मोबाइल नंबर     पति का आधार कार्ड दूसरे बच्चे के लिए प्रधानमंत्री मातृ वंदना का लाभ कैसे मिलेगा?     PMMVY 2.0 के तहत दूसरी बार इस योजना का लाभ बेटी के जन्म पर ही मिलेगा     दूसरे बच्चे के रूप में बेटी के जन्म पर योजना के तहत 6000 रुपये … Read more

दिसंबर 2024 तक, 27 मिलियन महिलाएं अपने क्रेडिट की निगरानी कर रही , पिछले वर्ष की तुलना में 42 प्रतिशत की वृद्धि

नईदिल्ली नीति आयोग के सीईओ बीवीआर सुब्रह्मण्यम द्वारा जारी की गई रिपोर्ट से पता चलता है कि भारत में अधिक महिलाएं ऋण लेना चाहती हैं और सक्रिय रूप से वे अपने क्रेडिट स्कोर की निगरानी कर रही हैं। दिसंबर 2024 तक, 27 मिलियन महिलाएं अपने क्रेडिट की निगरानी कर रही थीं, जो पिछले वर्ष की तुलना में 42 प्रतिशत की वृद्धि को दर्शाता है और ये बढ़ती वित्तीय जागरूकता का संकेत देता है। “उधारकर्ताओं से निर्माणकर्ताओं तक: भारत की वित्तीय विकास की कहानी में महिलाओं की भूमिका” नामक शीर्षक से इस रिपोर्ट को ट्रांसयूनियन सीआईबीआईएल, नीति आयोग के महिला उद्यमिता मंच (डब्ल्यूईपी) और माइक्रोसेव कंसल्टिंग (एमएससी) द्वारा प्रकाशित किया गया है। लॉन्च के दौरान, नीति आयोग के सीईओ बीवीआर सुब्रह्मण्यम ने महिला उद्यमियों को सशक्त बनाने में वित्त तक पहुंच की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा, “सरकार मानती है कि वित्त तक पहुंच महिला उद्यमिता के लिए एक बुनियादी प्रवर्तक है। महिला उद्यमिता मंच (डब्ल्यूईपी) का एक समावेशी इको-सिस्टम बनाने की दिशा में काम करना जारी है, जो वित्तीय साक्षरता, ऋण तक पहुंच, परामर्श और बाजार लिंकेज को बढ़ावा देता है। हालांकि, न्यायसंगत वित्तीय पहुंच सुनिश्चित करने के लिए एक सामूहिक प्रयास की आवश्यकता है। महिलाओं की जरूरतों के अनुरूप समावेशी उत्पादों को डिज़ाइन करने में वित्तीय संस्थानों की भूमिका, साथ ही संरचनात्मक बाधाओं को संबोधित करने वाली नीतिगत पहलें, इस गति को बढ़ाने में सहायक होंगी। सुब्रह्मण्यम ने डब्ल्यूईपी के तत्वावधान में इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए, फाइनेंसिंग वूमेन कोलैबोरेटिव (एफडब्ल्यूसी) का गठन किया गया है। उन्होंने कहा कि हम चाहते हैं कि वित्तीय क्षेत्र के और अधिक हितधारक एफडब्ल्यूसी से जुड़ें और इस मिशन में अपना योगदान दें। नीति आयोग के अनुसार 2019 से, व्यवसाय ऋण उत्पत्ति में महिलाओं की हिस्सेदारी में 14 प्रतिशत की वृद्धि हुई है और गोल्ड लोन में उनकी हिस्सेदारी 6 प्रतिशत बढ़ी है, दिसंबर 2024 तक व्यवसाय उधारकर्ताओं में महिलाओं की हिस्सेदारी 35 प्रतिशत थी। हालांकि, ऋण से बचने, खराब बैंकिंग अनुभव, ऋण तत्परता में बाधाएं और कलैटरल् और गारंटर के साथ समस्याएं जैसी चुनौतियां बनी हुई हैं। बढ़ती ऋण जागरूकता और बेहतर स्कोर के साथ, वित्तीय संस्थानों के पास महिलाओं की अनूठी आवश्यकताओं के अनुरूप जैंडर-स्मार्ट वित्तीय उत्पाद पेश करने का अवसर है। रिपोर्ट उजागर करती है कि कुल स्व-निगरानी आधार में महिलाओं की हिस्सेदारी दिसंबर 2024 में बढ़कर 19.43 प्रतिशत हो गई, जो 2023 में 17.89 प्रतिशत थी। गैर-मेट्रो क्षेत्रों की महिलाएं, मेट्रो क्षेत्रों की तुलना में, अपने ऋण की सक्रिय रूप से स्वयं निगरानी कर रही हैं, गैर-मेट्रो क्षेत्रों में 48 प्रतिशत और मेट्रो क्षेत्रों में 30 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। 2024 में, महाराष्ट्र, तमिलनाडु, कर्नाटक, उत्तर प्रदेश और तेलंगाना में सभी स्व-निगरानी महिलाओं का 49 प्रतिशत हिस्सा होगा, जिसमें दक्षिणी क्षेत्र 10.2 मिलियन के साथ सबसे आगे है। राजस्थान, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश सहित उत्तरी और मध्य राज्यों में पिछले पांच वर्षों में सक्रिय महिला उधारकर्ताओं में सबसे अधिक चक्रवृद्धि वार्षिक वृद्धि दर (सीएजीआर) देखी गई। नीति आयोग की प्रमुख आर्थिक सलाहकार और डब्ल्यूईपी की मिशन निदेशक अन्ना रॉय ने कहा, “महिला उद्यमिता को प्रोत्साहित करना भारत के कार्यबल में प्रवेश करने वाली महिलाओं के लिए रोजगार के अवसर सुनिश्चित करने का एक तरीका है। यह समान आर्थिक विकास को गति देने के लिए एक व्यवहार्य रणनीति के रूप में भी काम करता है। महिला उद्यमिता को बढ़ावा देने से 150 से 170 मिलियन लोगों के लिए रोजगार के अवसर पैदा हो सकते हैं और साथ ही इससे श्रम बल में महिलाओं की अधिक भागीदारी को बढ़ावा मिल सकता है।

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