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Tikamgarh News: इलेक्ट्रॉनिक दुकान में लगी आग से सामान जलकर हुआ राख, तीन फायर ब्रिगेड ने पाया काबू

Goods burnt to ashes in a fire that broke out in an electronic shop; three fire brigades brought it under control टीकमगढ़ ! नगर पलेरा में स्थित एक इलेक्ट्रॉनिक दुकान में मंगलवार सुबह अचानक आग लगने का मामला सामने आया है। इससे लगभग 30 से 40 लाख रुपये का सामान जलकर राख हो गया। करीब दो घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद तीन फायर ब्रिगेड की मदद से आग पर काबू पाया गया। घटना नगर पलेरा के गोल मार्केट में सुबह करीब 6:00 बजे हुई। एक दुकानदार जब अपनी दुकान खोलने पहुंचा तो उसने वहां से धुआं उठते देखा और तुरंत इसकी सूचना दुकान संचालक को दी। जब तक दुकान संचालक मौके पर पहुंचता, तब तक आग पूरे दुकान में फैल चुकी थी। संचालक ने तुरंत नगर परिषद और स्थानीय प्रशासन को इसकी जानकारी दी। नगर पंचायत पलेरा की दो फायर ब्रिगेड घटनास्थल पर पहुंची, लेकिन आग की लपटें तेजी से बढ़ती जा रही थीं। स्थिति बिगड़ती देख नजदीकी नगर परिषद जतारा से एक और फायर ब्रिगेड बुलाया गया। इसके बाद करीब दो घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया गया, लेकिन तब तक दुकान में रखा सारा इलेक्ट्रॉनिक सामान जलकर खाक हो गया। इसमें फ्रिज, टीवी, वाशिंग मशीन, एलईडी और मोबाइल शामिल थे। दुकान संचालक के अनुसार, कुल मिलाकर लगभग 40 लाख रुपये का नुकसान हुआ है। आग लगने के कारणों का अभी तक पता नहीं चल पाया है, लेकिन प्रारंभिक अनुमान के अनुसार यह आग शॉर्ट सर्किट के कारण लगी हो सकती है। घटना की सूचना पलेरा पुलिस थाने को दी गई, जिसके बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। कैसे लगी आग? सुबह 6:00 बजे गोल मार्केट के सामने स्थित एक दुकानदार ने धुआं उठते देखा और तुरंत नगर परिषद को इसकी सूचना दी। इसके बाद दुकान मालिक को भी जानकारी दी गई। जब तक नगर परिषद और दुकान मालिक मौके पर पहुंचे, तब तक आग विकराल रूप ले चुकी थी और पूरी दुकान जलने लगी थी। फिलहाल, आग पर पूरी तरह काबू पा लिया गया है और प्रशासन इस घटना के कारणों की जांच कर रहा है।

मंगलवार, 04 मार्च 2025: बदल जाएगी इन राशियों की किस्मत, मिलेगी बड़ी सफलता

मेष राशि- आज अपनी फाइनेंशियल बॉउन्डरी को मेन्टेन करने पर ध्यान दें। सही दृष्टिकोण और थोड़े से साहस के साथ आप अपने रोमांटिक सपनों को एक खूबसूरत हकीकत में बदल सकते हैं। हाइड्रेटेड रहें। वृषभ राशि- आज आप अपने धन संबंधी मामलों में सफलता देख सकते हैं। नए लोगों के साथ बात-चीत शुरू करने से न डरें। चाहे आप नई नौकरी पाना चाहते हों या प्रोमोशन पाना चाहते हों, आज का दिन लकी है। मिथुन राशि- आज खुद के प्रति सच्चे रहें। हमेशा अपने स्वास्थ्य को पहले स्थान पर रखना याद रखें, बाकी सब अपने आप ठीक हो जाएगा। यूनिवर्स आज आपके पक्ष में है। धन के मामले में सावधानी जरूरी है। कर्क राशि- आज खुद पर विश्वास करें। आप बेहतर महसूस करेंगे, बेहतर दिखेंगे और आज के दिन जैसी भी सिचूऐशन आएगी, उससे निपटने के लिए आपके पास अधिक एनर्जी होगी। हेल्थ पर ध्यान देने की जरूरत है। सिंह राशि- आज अपने कार्यों और डीसीजन को गाइड करने के लिए खुद पर भरोसा करें। मौजूदा रिश्तों को आपकी इमोशनल समझ से आज लाभ हो सकता है। पैसों के लेन-देन से आज बचना बेहतर रहेगा। कन्या राशि- आज धन संबंधी मामलों में सफलता मिलेगी। शांति और सुकून पाने के लिए मेडिटेशन करें। आज का दिन अपने सपनों की ओर बढ़ने और अपने जुनून को आगे बढ़ाने का है। परिवार में कलह से बचने की कोशिश करें। तुला राशि- आज सेल्फ-केयर और मेडिटेशन के लिए समय अवश्य निकालें। धन से जुड़े निर्णय सोच समझकर ही लें। परिवार में मतभेद होने की संभावना है। संयम से काम लें और खुद को बीजी रखें। वृश्चिक राशि- आज हेल्दी रहने के लिए जंक फूड से दूरी बनाएं। धन से जुड़े निर्णय लेने के लिए फाइनेंशियल एडवाइजर की मदद ले सकते हैं। आज आपका परिश्रम रंग लाएगा और आप समृद्धि देखेंगे। धनु राशि- आज बेतहाशा सपनों का पीछा करने और उस चीज से मुक्त होने का दिन है, जो आपको रोक रही है। सेल्फ-लव पर फोकस करें। सावधान रहें और उत्साह में अपने खर्च को कंट्रोल से बाहर न जाने दें। मकर राशि- आज जंक फूड्स को नो कहें। लव के मामले में कुछ बातों को इग्नोर करने से रिश्ते में दरार पड़ने से रोका जा सकता है। आज आप खुद को पॉजिटिव फीलिंग्स से भरा हुआ पाएंगे। प्रेशर कम लें। कुंभ राशि- आज नए चैलेंज का सामना करने से न डरें। प्राकृतिक आकर्षण और कम्यूनिकेशन स्किल्स आज काम आएगी। आज रिस्क लेने से न डरें क्योंकि लंबे समय में इसका फायदा हो सकता है। मीन राशि- आज रिलेशन में दोबारा स्पार्क लाने के लिए एक-दूसरे के करीब आने की कोशिश करनी चाहिए। आज सोच-समझकर रिस्क उठाने की जरूरत है। आर्थिक स्थिति बेहतर होने पर एक्स्ट्रा खर्च करने से बचें।

राज्यपाल पटेल बोले – रेडक्रॉस के सेवा संकल्प को पीड़ित मानवता की सेवा में करे साकार

भोपाल राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने कहा कि रेडक्रॉस मानव सेवा का सशक्त प्रकल्प है। सदस्य, रेडक्रॉस के सेवा संकल्पों को पीड़ित मानवता की सेवा कार्यों में साकार करे। राज्यपाल श्री पटेल रेडक्रॉस की मध्यप्रदेश शाखा की वार्षिक साधारण सभा की बैठक को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने रेडक्रॉस की विभिन्न इकाइयों को पुरस्कृत किया। राज्यपाल श्री पटेल ने कहा कि जिला इकाइयॉ रेडक्रॉस शाखा की पुरस्कृत इकाइयों से पीड़ितों की सेवा के बेहतर कार्यों को आगे बढ़ाने की प्रेरणा ले। इकाइयों से सकारात्मकता के साथ परस्पर स्वस्थ प्रतिस्पर्धा करे। सेवा कार्यों का आदर्श प्रस्तुत करे। राज्य शाखा द्वारा प्राप्त निर्देशों और लक्ष्यों का एकनिष्ठता के साथ समय सीमा में पालन करे। राज्यपाल श्री पटेल ने कहा कि सिकल सेल उन्मूलन प्रयासों को आगे बढ़ाने में रेडक्रॉस की भूमिका महत्वपूर्ण है। सिकल सेल की जागरूकता, जांच और उपचार के कार्यक्रमों को ग्रामीण और दूरस्थ अंचलों तक आयोजित करे। चिन्हित मरीजों का इलाज संवेदनशीलता के साथ करे। उन्होंने उपस्थित जनों से अपील की है कि सिकल सेल से प्रभावित बच्चों और परिवारों की मदद के व्यक्तिगत प्रयास जरूर करें। राज्यपाल श्री पटेल का पुष्प-गुच्छ से स्वागत और स्मृति चिन्ह भेंट कर अभिनंदन किया गया। रेडक्रॉस राज्य शाखा के चेयरमेन डॉ. गगन कोल्हे ने स्वागत उद्बोधन और मध्यप्रदेश रेडक्रॉस शाखा की 2023-24 का प्रगति विवरण प्रस्तुत किया। राज्य शाखा के महासचिव श्री रामेन्द्र सिंह ने आगामी कार्य योजना प्रस्तुत की। कोषाध्यक्ष श्री शशांक श्रीवास्तव ने बैठक की कार्यवाही का संचालन किया। आभार उपाध्यक्ष श्री भरत झंवर ने माना। बैठक में राज्यपाल के अपर मुख्य सचिव श्री के. सी. गुप्ता, रेडक्रॉस सोसायटी की राज्य और जिला शाखा के पदाधिकारी और सदस्य उपस्थित रहे।      

सीएम साय बजट को लेकर बोले- छत्तीसगढ़ के विकास को मिलेगी तीव्र गति

रायपुर  यह बजट वर्तमान की जरूरतों को पूरा करते हुए भविष्य में विकसित छत्तीसगढ़ की अधोसंरचना जरूरतों के अनुरूप तैयार किया गया है। इस बजट से छत्तीसगढ़ के विकास को तीव्र गति मिलेगी. इसमें धान के कटोरे की चमक ‘‘कृषि अर्थव्यवस्था‘‘ को संवारने के उपायों के साथ ही इंडस्ट्रियल हब और आईटी हब के रूप में छत्तीसगढ़ को तैयार करने की ठोस नींव रखी गई है। ये बातें मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज विधानसभा में अपनी सरकार के दूसरे साल के प्रस्तुत बजट पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कही। सीएम साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में हमने छत्तीसगढ़ को विकसित राज्य बनाने का लक्ष्य रखा है। इसके लिए बहुत जरूरी है कि हम आधुनिक समय के मुताबिक अपनी अर्थव्यवस्था को तैयार करेें, बजट में पूरा फोकस इसी पर है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमें प्रदेश में बदहाल राजकोष और कुशासन की विरासत मिली थी। हमने राजकोषीय सुधारों के साथ प्रशासनिक प्रणालियों में सुधार करते हुए बजट के संतुलित उपयोग से प्रदेश में जनकल्याण के कार्य पुनः आरंभ कराए। अब छत्तीसगढ़ में विकास ट्रैक पर आ गया है और ट्रिपल इंजन की सरकार इसे तेजी से गति दे रही है। बजट प्रावधानों से यह गति और बढ़ेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले बजट में विकसित भारत की संकल्पना के अनुरूप समावेशी विकास की राह तैयार हुई और हमारा फोकस ज्ञान अर्थात गरीब, युवा, अन्नदाता और नारीशक्ति पर था। इनके लिए हमने जिस तरह से नवाचारी योजनाएं लागू कीं, उसके प्रभावी नतीजे मिले। इस बार बजट का थीम है ‘‘ज्ञान के लिए गति‘‘ यह हमारी ट्रिपल इंजन सरकार के लक्ष्यों के अनुरूप है। उन्होंने बताया कि गति से हमारा तात्पर्य सुशासन, बुनियादी ढांचे में तेजी लाना, तकनीक का अधिकाधिक प्रयोग और औद्योगिक विकास में तीव्र वृद्धि करना है। हम इन सभी मानदंडों को पूरा करेंगे। अटलजी के सपनों को पूरा करने की ठोस नींव हमने रखी : साय मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ के समग्र विकास के लिए हमने बड़े सपने देखे हैं और उन्हें पूरा करने की रणनीति भी तैयार कर ली है। इन्हें पूरा करने के लिए हमारी ट्रिपल इंजन की सरकार पूरी रफ्तार से काम करेगी। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ राज्य के निर्माता पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी जी का स्मरण भी किया। उन्होंने कहा कि उनके जन्म शताब्दी वर्ष को हम अटल निर्माण वर्ष के रूप में मना रहे हैं। उन्होंने कहा कि अटल जी छत्तीसगढ़ को विकसित राज्यों की श्रेणी में देखना चाहते थे, उनके सपनों को पूरा करने की ठोस नींव हमने रख दी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ में ऐसी अधोसंरचना की जरूरत होगी जो एक विकसित औद्योगिक राज्य की जरूरतों को पूरी करती हो। इसके लिए हमने बजट में विशेष प्रावधान किये हैं। रायपुर-दुर्ग मेट्रो सेवा का सर्वे होगा। नये औद्योगिक पार्क स्थापित कर रहे हैं। इसके लिए 700 करोड़ रुपए का बजट रखा गया है। महानदी- इंद्रावती तथा कोडार-सिकासर जैसी नदियों को जोड़ेंगे, खेती में निवेश करेंगे। नई सिंचाई परियोजनाओं के लिए 1500 करोड़ का बजट प्रावधान किया गया है। 12 नए इंजीनियरिंग कालेज और 12 पालिटेक्निक कालेज खुलेंगे मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने बजट में मानव संसाधन को सहेजने के लिए नये अस्पतालों, आधुनिक स्कूलों और इनमें पर्याप्त स्टाफ के संबंध में व्यवस्था की है। राज्य की नई औद्योगिक नीति की जरूरतों को पूरा करने 12 नए इंजीनियरिंग कालेज और 12 पालिटेक्निक कालेज आरंभ करेंगे। नये बिजनेस और स्टार्टअप के लिए 700 करोड़ रुपए का इंडस्ट्रियल सब्सिडी सपोर्ट रखा गया है। इस बार पूंजीगत व्यय 26 हजार करोड़ रुपए से अधिक रखा गया है जो पिछले वर्ष की तुलना में 18 प्रतिशत है। पूंजीगत व्यय में किये गये निवेश का कई गुना रिटर्न मिलता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि बजट समावेशी है और सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास, सबका प्रयास के हमारे ध्येय के मुताबिक तैयार किया गया है। अपने सपनों को पूरा करने एक नई उड़ान भरेगा छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री ने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय के आदर्शो के अनुरूप हमने अंत्योदय के कल्याण के लिए तथा इनके समग्र विकास के लिए विशेष बजट प्रावधान रखा है। पिछले बजट में गरीब युवा, अन्नदाता तथा नारी शक्ति एवं जनजातीय विकास के लिए जो योजनाएं आरंभ की गई थी, उनके लिए बजट प्रावधान के साथ ही इनके विकास के लिए नई योजनाएं भी इस बजट में आरंभ की गई है। उन्होंने कहा कि इस बजट के साथ हमारा प्रदेश नये संकल्पों के साथ अपने सपनों को पूरा करने एक नई उड़ान भरेगा।  

मुख्यमंत्री यादव ने अधिकारियों से बैठक लेकर निवेश को धरातल पर उतारने की पूरी कार्य योजना तैयार करने के निर्देश जारी किए

भोपाल मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में आयोजित हुई ग्लोबल इन्वेस्टर समिट में मिले निवेश प्रस्ताव को लेकर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने अधिकारियों की बैठक लेकर उन्हें आवश्यक निर्देश दिए हैं. उन्होंने कहा है कि इन्वेस्टर समिट का असर धरातल पर दिखना चाहिए. इसके लिए सभी प्रस्तावों को लेकर अलग-अलग रिपोर्ट तैयार की जाएगी. राजधानी भोपाल में दो दिवसीय ग्लोबल इन्वेस्टर समिट का आयोजन किया गया, जिसमें देश-विदेश के बड़े उद्योगपतियों ने हिस्सा लिया. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह सहित राजनीति के दिग्गजों ने भी इस इन्वेस्टर समिट में हिस्सा लेकर विदेश से आने वाले निवेश को लेकर वर्तमान समय को सबसे बेहतर बताया. अब मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने अधिकारियों से बैठक लेकर निवेश को धरातल पर उतारने की पूरी कार्य योजना तैयार करने के निर्देश जारी किए हैं. विदित है कि ग्लोबल इन्वेस्टर समिट में जापान, यूएस, यूएई सहित विश्व के कई देशों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया था. बैठक में सीएस अनुराग जैन, एसीएस राजेश राजौरा सहित कई विभागों के पीएस मौजूद थे. 26 लाख करोड़ से ज्यादा के निवेश प्रस्ताव मिले भोपाल में आयोजित की गई ग्लोबल इन्वेस्टर समिट में मध्य प्रदेश को 26.61 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव मिले. दो दिनों तक चली समिट में भोपाल में सबसे ज्यादा 5.8 लाख करोड़ का निवेश मिला है, जबकि इंदौर और उज्जैन में 4.7 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव मिले हैं. इन्हीं निवेश प्रस्ताव को धरातल पर उतरने के लिए मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश जारी किए हैं. मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने बैठक में कही यह बात बैठक में शामिल प्रशासनिक अधिकारियों के सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने निवेश प्रस्ताव का फॉलोअप लेते हुए प्रगति रिपोर्ट प्रति सप्ताह प्रस्तुत करने के निर्देश जारी किए हैं. इसके अलावा यह भी कहा गया है कि निवेशकों से लगातार सीधा संपर्क बनाया जाए. मुख्यमंत्री ने अभी कहा है कि 2 साल के भीतर सभी उद्योग शुरू हो जाने चाहिए. इसके लिए इंफ्रास्ट्रक्चर को और भी बेहतर बनाया जाए.  

स्वच्छ सुजल गांव-स्वच्छता और जल प्रबंधन की दिशा में सशक्त कदम

भोपाल जल शक्ति मंत्रालय, भारत सरकार के जल जीवन मिशन और स्वच्छ भारत मिशन-ग्रामीण के तहत देशभर में गांवों को ‘स्वच्छ सुजल गांव’ बनाने की दिशा में एक सशक्त जन-आंदोलन चल रहा है। यह पहल न केवल ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने और ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन को मजबूत करने पर केंद्रित है, बल्कि इसे एक स्थायी व्यवहार परिवर्तन के रूप में स्थापित करने का लक्ष्य भी है। मध्यप्रदेश में ‘स्वच्छ सुजल गांव’ अभियान को नई गति मध्यप्रदेश सरकार इस अभियान को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए सतत प्रयासरत है। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री श्रीमती संपतिया उइके ने कहा कि राज्य में जल जीवन मिशन और स्वच्छ भारत मिशन-ग्रामीण को सफल बनाने के लिए पंचायतों और ग्रामीण समुदायों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जा रही है। उन्होंने कहा कि हर गांव तक स्वच्छ जल पहुंचाने और ओडीएफ प्लस स्थिति को बनाए रखने के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध है। ‘स्वच्छ सुजल गांव’ अभियान केवल बुनियादी सुविधाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि यह ग्रामीण क्षेत्रों में स्वस्थ जीवनशैली और पर्यावरणीय संतुलन का आधार बन रहा है। प्रमुख सचिव श्री पी. नरहरि ने कहा कि मध्यप्रदेश में इस पहल को तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है। हर घर जल प्रमाणन प्राप्त गांवों और ओडीएफ प्लस मॉडल गांवों की संख्या निरंतर बढ़ रही है। जल संरक्षण, अपशिष्ट प्रबंधन और स्वच्छता को लेकर जागरूकता बढ़ाने के लिए प्रभावी रणनीतियां अपनाई जा रही हैं, जिससे राज्य के हर गांव को ‘स्वच्छ सुजल गांव’ का दर्जा मिल सके। ‘स्वच्छ सुजल गांव’-एक आदर्श मॉडल ‘स्वच्छ सुजल गांव’ वह होता है जहां सभी ग्रामीण परिवारों और सार्वजनिक संस्थानों जैसे विद्यालय, आंगनवाड़ी केंद्र, पंचायत भवन और शौचालय को सुरक्षित जल आपूर्ति सुनिश्चित की गई हो और ग्राम सभा द्वारा ‘हर घर जल’ प्रमाणन प्राप्त हो। गांव ने खुले में शौच से मुक्त की स्थिति को न केवल प्राप्त किया हो, बल्कि इसे सतत रूप से बनाए रखा हो। ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन की प्रभावी व्यवस्था हो, जिससे जल स्रोतों की गुणवत्ता बनी रहे और पर्यावरणीय संतुलन कायम रहे। गांव में स्वच्छता और जल संरक्षण को लेकर सामूहिक संकल्प लिया गया हो और इसे ग्राम सभा में पारित किया गया हो। गांव का परिदृश्य स्वच्छ, सुव्यवस्थित और अनुकरणीय हो, जिससे अन्य क्षेत्रों के लिए यह प्रेरणा स्रोत बने। गांवों की सतत प्रगति में सामुदायिक भागीदारी ‘स्वच्छ सुजल गांव’ की संकल्पना को जमीनी स्तर पर प्रभावी रूप से लागू करने के लिए स्थानीय समुदाय, पंचायतों और जिला प्रशासन की महत्वपूर्ण भूमिका है। यह केवल एक सरकारी योजना नहीं, बल्कि जन-भागीदारी से संचालित एक व्यापक आंदोलन बन चुका है, जिसमें ग्रामीण जनता जल और स्वच्छता के प्रति अपनी जिम्मेदारी को समझते हुए इसमें सक्रिय योगदान दे रही है। गांवों में जल और स्वच्छता सेवाओं की स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए नियमित ग्राम सभा आयोजित की जा रही हैं, जहां स्थानीय समुदाय अपनी प्राथमिकताओं को तय कर, जल स्रोतों के संरक्षण और बेहतर स्वच्छता उपायों को अपनाने के लिए प्रतिबद्ध हो रहा है। यह सामुदायिक नेतृत्व का एक सशक्त उदाहरण प्रस्तुत करता है। डिजिटल क्रांति से ‘स्वच्छ सुजल गांव’ को मिल रहा बल इस अभियान की प्रभावशीलता को और अधिक सशक्त बनाने के लिए डिजिटल और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का उपयोग किया जा रहा है। विभिन्न गांवों की सफल कहानियां, उत्कृष्ट मॉडल और नवाचारों को प्रचारित किया जा रहा है, इससे अन्य क्षेत्रों को भी प्रेरणा मिले और वे इसे अपनाने के लिए प्रोत्साहित हों। ‘स्वच्छ सुजल गांव’-ग्रामीण भारत के लिए एक स्थायी समाधान यह अभियान ग्रामीण भारत के जल और स्वच्छता से जुड़ी आवश्यकताओं को पूरा करने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल है। इससे न केवल ग्रामीण क्षेत्रों में रोग-प्रतिरोधक क्षमता बढ़ रही है, बल्कि पर्यावरणीय संतुलन और जल संरक्षण को भी बढ़ावा मिल रहा है। मध्यप्रदेश में यह अभियान स्वस्थ, स्वच्छ और जल-समृद्ध गांवों की संकल्पना को साकार करने में एक निर्णायक भूमिका निभा रहा है।  

होटल के कमरे में गांजे के साथ पकड़े गए IIT बाबा अभय सिंह

जयपुर जयपुर पुलिस ने IIT बाबा अभय सिंह को हिरासत में लिया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर आत्महत्या करने की धमकी दी थी। पुलिस ने उनकी लोकेशन ट्रेस करके उन्हें जयपुर के रिद्धि-सिद्धि इलाके के एक होटल से पकड़ा। बाबा के पास से गांजा और कुछ अन्य नशीले पदार्थ भी मिले हैं। अभय सिंह, जो IIT बाबा के नाम से जाने जाते हैं, उन्होंने सोशल मीडिया पर खुदकुशी करने की धमकी पोस्ट की थी। इसके बाद पुलिस हरकत में आई। पुलिस ने उनकी लोकेशन जयपुर के रिद्धि-सिद्धि स्थित एक होटल में ट्रेस की। शिप्रापथ थाना के सीआई राजेन्द्र गोदारा अपनी टीम के साथ होटल पहुंचे और बाबा को डिटेन कर लिया। होटल के कमरे की तलाशी में पुलिस को गांजा समेत कुछ और नशीले पदार्थ मिले। इसके बाद पुलिस बाबा को थाने ले गई। पुलिस मामले की जांच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि बाबा ने आत्महत्या की धमकी क्यों दी। साथ ही, उनके पास मिले नशीले पदार्थों के स्रोत का भी पता लगाया जा रहा है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या बाबा के खिलाफ पहले से कोई मामला दर्ज है। गांजे को बाबा ने बताया प्रसाद इस मामले में अभय सिंह उर्फ IIT बाबा का कहना है कि ‘थोड़ा सा प्रसाद (गांजा) मिला है। मैंने उनसे कहा अब इस प्रसाद पर केस करोगे तो कुंभ में इतने सारे लोग पीते हैं, सभी को गिरफ्तार करो। भारत के अंदर तो ये अंडरस्टुड है।’ मामले में एनडीपीएस की धाराओं में एफआईआर दर्ज की गई है।

नीति आयोग के स्टेट सपोर्ट मिशन के अंतर्गत मध्यप्रदेश के प्रस्ताव को स्वीकृति

भोपाल आयुक्त, आर्थिक सांख्यिकी श्री ऋषि गर्ग ने बताया कि भारत सरकार ने नीति आयोग के स्टेट सपोर्ट मिशन अंतर्गत मध्यप्रदेश सरकार के प्रस्ताव को वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए रुपये 1.23 करोड़ रूपए की मंजूरी दे दी है। यह स्वीकृति राज्य में उद्यमिता, डेटा-संचालित शासन, आर्थिक वृद्धि, जलवायु अनुकूलन और प्रभाव मूल्यांकन  को मजबूत करने की दिशा में एक महत्त्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि यह निर्णय मध्यप्रदेश राज्य नीति आयोग और नीति आयोग के बीच विस्तृत विचार-विमर्श और सहयोग के बाद लिया गया। इससे राज्य के विकसित मध्यप्रदेश और विकसित भारत @2047 के सपने को साकार करने की प्रतिबद्धता और अधिक सुदृढ़ हुई है। आयुक्त श्री गर्ग ने बताया कि इस स्वीकृति के 3 प्रमुख स्तंभ हैं, जिनमें महिला उद्यमिता मंच (डब्ल्यूईपी-एमपी) नीति सुधारों, रणनीतिक साझेदारियों और एक समर्पित डिजिटल प्लेटफार्म को बढ़ावा देकर महिला नेतृत्व वाले उद्यम विकास में तेजी आयेगी। मध्यप्रदेश राज्य डेटा एनालिसिस प्लेटफ़ॉर्म (एसडीएपी) को नीति आयोग के राष्ट्रीय डेटा एनालिटिक्स प्लेटफ़ॉर्म (एनडीएपी) के सहयोग से विकसित किया जायेगा। यह पहल साक्ष्य-आधारित नीति निर्माण का समर्थन करने, कार्यक्रम अनुश्रवण में सुधार करने और संसाधनों के बेहतर आवंटन को सुनिश्चित करने के लिए बहु-क्षेत्रीय डेटासेट को एकीकृत करेगी। ग्रोथ-हब पहल (जी-हब) चिन्हित क्षेत्रों में आर्थिक विकास को बढ़ावा देने पर केंद्रित है। जी-हब का लक्ष्य क्षेत्रीय आर्थिक विकास को गति देने वाले अनुरूप विकास रोडमैप तैयार करना है। जलवायु अनुकूल कार्य योजना (सी) जलवायु अनुकूलन और नियंत्रण रणनीतियों को समर्थन देने के लिए बनाई जायेगी, जो नेट ज़ीरो 2070 और सतत विकास लक्ष्यों के अनुरूप होगी। अनुश्रवण, मूल्यांकन और प्रभाव आकलन इकाई राज्य की नीतियों और कार्यक्रमों के अनुश्रवण और मूल्यांकन के माध्यम से डेटा-आधारित सुशासन को सशक्त बनाना। समावेशी विकास, नवाचार और उद्यमिता पर मध्यप्रदेश सरकार की व्यापक नीति और दृष्टिकोण के अनुरूप हैं। आयुक्त, श्री गर्ग ने बताया कि इस स्वीकृति के साथ मध्यप्रदेश सरकार अब इन पहलों के प्रभावी कार्यान्वयन की दिशा में आगे बढ़ेगी। इससे यह सुनिश्चित किया जाएगा कि कार्यक्रमों को संस्थागत समर्थन और आवश्यक संसाधन प्राप्त हों। इसके लिए राज्य, नीति आयोग के साथ ज्ञान साझाकरण, क्षमता निर्माण और तकनीकी सहायता के क्षेत्रों में सहयोग करेगा, जिससे एक मजबूत विकास ढांचा तैयार किया जा सकेगा। आयुक्त श्री गर्ग ने बताया कि यह पहल मध्यप्रदेश को एक अग्रणी आर्थिक और नीतिगत राज्य बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। सरकार इस स्टेट सपोर्ट मिशन का उपयोग सतत विकास और सामाजिक-आर्थिक परिवर्तन को गति देने के लिए प्रतिबद्ध है।  

ईडी ने कांग्रेस भवन निर्माण को लेकर मलकीत सिंह गैदू से तीन बिंदुओं पर पूछताछ की, कांग्रेस ने ईडी दफ्तर का किया घेराव

रायपुर छत्तीसगढ़ कांग्रेस के प्रभारी महामंत्री मलकीत सिंह गैदू आज 7 पन्नों के जवाब के साथ ईडी दफ्तर पहुंचे. जहां ईडी ने कांग्रेस भवन निर्माण को लेकर मलकीत सिंह गैदू से तीन बिंदुओं पर पूछताछ की. वहीं कांग्रेस ने ईडी दफ्तर का घेराव किया. पूछताछ को लेकर मलकीत सिंह गैदू ने बताया कि सात पन्नों के जवाब के साथ आज ED के समक्ष पेश हुआ. आज उन्होंने मुझसे कोई निजी सवाल नहीं पूछे. सभी सवालों का जवाब और बयान मैंने दर्ज कराया है. पूछताछ के लिए कोई नई तारीख नहीं दी गई है. ईडी दफ्तर में पेश होने के बाद मलकीत सिंह गैदू कांग्रेस के प्रदर्शन में शामिल हुए. इस दौरान प्रभारी महामंत्री मलकीत ने पीसीसी चीफ दीपक बैज को ईडी की पूछताछ को लेकर जानकारी दी. बता दें कि कांग्रेस ने आज ईडी दफ्तर का घेराव किया. इस प्रदर्शन में कांग्रेस के हजारों कार्यकर्ता जुटे. कांग्रेस का आरोप है कि भाजपा राज्य में विपक्ष की आवाज को दबाने के लिए ईडी का दुरुपयोग कर रही है. ईडी के अधिकारी भी अपने शासकीय कर्मचारी होने की मर्यादा को भूलकर भाजपा कार्यकर्ता की भांति काम कर रही है. ईडी के कार्यप्रणाली के विरोध में आज कांग्रेस ने सुभाष स्टेडियम स्थित ईडी दफ्तर का घेराव किया.

संत शिरोमणि रविदास ग्लोबल स्किल्स पार्क में प्रवेश प्रक्रिया प्रारंभ

भोपाल तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में एक नए मानक की स्थापना करते हुए संत शिरोमणि रविदास ग्लोबल स्किल्स पार्क (एसएसआरजीएसपी) ने अप्रैल 2025 सत्र के लिए प्रवेश प्रक्रिया प्रारंभ कर दी। यह संस्थान तकनीकी और व्यावसायिक शिक्षा के क्षेत्र में युवाओं को नवीनतम उद्योग आधारित प्रशिक्षण देकर उन्हें रोजगार के लिए तैयार कर रहा है। तकनीक की दुनिया लगातार बदल रही है। इसी बदलाव के अनुरूप एसएसआरजीएस पीने उन्नत पाठ्यक्रम तैयार किए हैं। यहां ऑटोमोटिव टेक्नोलॉजी, इलेक्ट्रिकल टेक्नोलॉजी (पॉवर एंड कंट्रोल), एयर कंडीशनिंग और रेफ्रिजरेशन, नेटवर्किंग और सिस्टम्स एडमिनिस्ट्रेशन, मैकेनिकल और इलेक्ट्रिकल सर्विसेज, इलेक्ट्रॉनिक्स (मोबाइल डिवाइसेज और आईओटी इंटीग्रेशन), मेकाट्रॉनिक्स, मैकेनिकल टेक्नोलॉजी और प्रिसिजन इंजीनियरिंग जैसे आधुनिक कोर्स उपलब्ध कराए जा रहे हैं। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री श्रीमती संपतिया उइके ने कहा कि प्रदेश के युवा तकनीकी रूप से सक्षम होकर आत्मनिर्भर बनें, यह सरकार की प्राथमिकता है। उद्योगों की बढ़ती मांग को देखते हुए एसएसआरजीएसपी में विश्वस्तरीय कौशल प्रशिक्षण देकर रोजगार और स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध करा रहा है। प्रमुख सचिव श्री पी. नरहरि ने बताया कि ग्लोबल स्किल्स पार्क सिर्फ एक प्रशिक्षण संस्थान नहीं, बल्कि प्रदेश को कुशल जनशक्ति देने का एक प्रभावी मंच है, जहां विद्यार्थियों को इंडस्ट्री-अनुकूल प्रशिक्षण देकर रोजगार के नए अवसरों से जोड़ा जा रहा है। तकनीकी दक्षता के साथ एसएसआरजीएसपी विद्यार्थियों को सुरक्षित और आधुनिक शिक्षण माहौल उपलब्ध कराता है। यहां व्यक्तिगत मार्गदर्शन, उद्योगों के साथ सीधा संवाद और व्यावहारिक शिक्षा पर विशेष ध्यान दिया जाता है, जिससे प्रशिक्षार्थी अपने कौशल को बेहतर कर सकें। प्रवेश प्रक्रिया प्रारंभ हो चुकी है इच्छुक विद्यार्थी www.globalskillspark.in पर आवेदन कर सकते हैं।  

अवैध बजरी परिवहन करते बिना नंबर के 2 डंपर और 1 ट्रेलर खान विभाग की टीम ने किए जब्त

एक सप्ताह में 3 जेसीबी, 1 कंप्रेसर, डंपर ट्रेलर, ट्रॉली सहित 28 वाहन जब्त जयपुर, खान विभाग की टीम ने सोमवार तड़के जयपुर के आसलपुर में बजरी का अवैध परिवहन करते  बिना नंबर के 2 डंपर और 1 ट्रेलर  को जब्त किया है।  टीम ने एक सप्ताह में 28 वाहन जब्ती कर संबंधित पुलिस थानों के सुपुर्द किया है। एमई जयपुर श्याम कापड़ी ने बताया कि अवैध खनन/निर्गमन के विरूद्ध जीरो टॉलरेंस अपनाते हुए पिछले सप्ताह  ग्राम दांतली, सांगानेर में खनिज मैसनरी स्टोन का अवैध खनन करते हुए पाये जाने पर 3 जेसीबी मशीन, 2 डम्पर, 3 ट्रेक्टर ट्रॉली और 1—1 कम्प्रेशर मशीन और डम्पर को जब्त कर पुलिस थाना शिवदासपुरा के सुपुर्द किया  गया। अवैध खनिज निर्गमन करते हुए पाये जाने पर 4 डम्पर, 2 ट्रेक्टर ट्रॉली को पुलिस थाना फागी में, 4 ट्रेक्टर ट्रॉली पुलिस थाना सांगानेर सदर में, 1 डम्पर पुलिस थाना माधोराजपुरा, 1 डम्पर पुलिस थाना रेनवाल मांझी, 3 डम्पर पुलिस थाना जोबनर की सुपुदगी में दिया गया। इस प्रकार कुल 18 प्रकरणों मे जब्त 03 जेसीबी मशीन, 01 कम्प्रेशर मशीन, 12 डम्पर, 9 ट्रेक्टर ट्रॉली से  48 लाख रू. की वसूली की कार्रवाई की गई।

सिंहस्थ निर्माण कार्यों को गुणवत्ता और समय सीमा मे काम करना सुनिश्चित करें: अपर मुख्य सचिव मंडलोई

  भोपाल अपर मुख्य सचिव श्री नीरज कुमार मंडलोई ने उज्जैन में सोमवार को सिंहस्थ-2028 के प्रचलित और प्रस्तावित कार्यों को समय-सीमा में पूर्ण कराया जाना सुनिश्चित करें। उन्होंने लोक निर्माण विभाग, मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम और ब्रिज कॉरपोरेशन व विद्युत विभाग के कार्यों की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए हैं कि सभी 2 वर्ष में पूर्ण होने वाले निर्माण कार्य, जून-2027 तक आवश्यक रूप से पूर्ण किये जाएं। सभी विभाग के अधिकारी समन्वय करें, किसी प्रकार का कोई गतिरोध ना हो। कलेक्टर सभागृह में आयोजित बैठक में संभाग आयुक्त श्री संजय गुप्ता, प्रभारी कलेक्टर श्रीमति जयति सिंह, और अन्य विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। अपर मुख्य सचिव श्री मंडलोई ने बैठक मे सभी निर्माण एजेंसी के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि जून-2027 तक सभी बड़े कार्यों को पूर्ण करने की कार्य योजना बनाकर काम करें। इसमें किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। कार्यों की डीपीआर बनाने वाले अधिकारियों की जिम्मेदारी भी तय होगी। संबंधित अधिकारियों को इसकी जिम्मेदारी लेना होगी। एसीएस श्री मंडलोई ने रेलवे ओवर ब्रिज की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि इसके लिए ब्रिज कॉर्पोरेशन के चीफ इंजीनियर सीधे रेल्वे के वरिष्ठ अधिकारियों से चर्चा करेंगे। प्रतिदिन कार्य की मॉनिटरिंग कर रिपोर्ट प्रत्येक 15 दिन में अपर मुख्य सचिव को दिए जाने के निर्देश दिए गए हैं। अपर मुख्य सचिव श्री मंडलोई ने निर्देश दिए की उज्जैन सिंहस्थ-2028 के लिए चल रहे निर्माण कार्य और प्रस्तावित कार्यों के लिए वह भू-अर्जन के लिए अलग से एक व्यवस्था बनाई जावे जिससे किसी भी निर्माण एजेंसी को समस्या ना हो और निर्माण कार्य  की गति प्रभावित न हो। संभाग आयुक्त श्री गुप्ता ने बताया कि इसके लिए 100 करोड़ रू. का एक अतिरिक्त फंड बनाया जाकर काम किए जाने का प्रस्ताव दिया गया है। प्रेजेंटेशन में बताया गया कि आगर मालवा जिले में आमला से नलखेड़ा तक 13 किलोमीटर का फोर लाइन बायपास निर्माण भी किया जाना प्रस्तावित है, जिससे बगलामुखी माता मंदिर के लिए जाने की सुविधा प्राप्त होगी। मंदसौर में पशुपतिनाथ से नालछा माता मंदिर तक फोरलेन का बायपास भी प्रस्तावित किया गया है। अपर मुख्य सचिव श्री मंडलोई ने निर्देश दिए हैं कि सिंहस्थ के निर्माण कार्य को देखते हुए पीडब्ल्यूडी का एक डिविजन और ब्रिज कॉर्पोरेशन का एक सब डिवीजन उज्जैन में स्थापित होगा। इससे कार्य को गति मिले और 2 वर्ष की अवधि में सभी निर्माण कार्यों को पूर्ण करने में सुविधा होगी। उज्जैन इंदौर सिक्स लेन मार्ग का निर्माण कार्य शुरू हो चुका है, जिस पर अपर मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि रोड सेफ्टी के साथ-साथ आसपास की गाड़ियां सीधे रोड पर ना चढ़े, इसकी व्यवस्था भी कि जाये, लाइट एवं अन्य व्यवस्थाओं का भी ध्यान रखा जाए। बैठक में उज्जैन-जावरा 5000 करोड़ रुपये के 98 किलोमीटर के ग्रीनफील्ड मार्ग के लिए भी प्रेजेंटेशन दिया गया। इसमें सिविल वर्क रू. 2029 करोड़ का है। उज्जैन-मक्सी फोरलेन मार्ग 38 किलोमीटर का है जो 16 मीटर चौड़ा मार्ग प्रस्तावित है और इसकी प्रस्तावित लागत रू. 273 करोड़ है। इंगोरिया-उन्हेल मार्ग जिसकी लम्बाई 24 किलोमीटर है जो रू. 112 करोड़ की लागत से बनाया जाएगा, इंगोरिया- देपालपुर मार्ग 32 किलोमीटर का 2 लेन मार्ग रू.195 करोड़ की लागत से बनाया जाना प्रस्तावित है। उज्जैन सिंहस्थ 701 करोड़ रुपये की लागत का बायपास फोरलेन  19.82 किलोमीटर का मार्ग 17 मीटर चौड़ा बनेगा। अपर मुख्य सचिव श्री मंडलोई ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि कार्यों को समन्वय के साथ तीव्र गति से किया जाये। अतिरिक्त अमले की आवश्यकता पर विभाग सीधे पत्राचार करें, जिससे कार्य की गति भी प्रभावित न हो। अपर मुख्य सचिव श्री मंडलोई ने इसके अतिरिक्त विद्युत विभाग की व्यवस्थाओं की भी समीक्षा की और मेडिसिटी के प्रेजेंटेशन को देखा अपर मुख्य सचिव ने सभी कार्य योजना पर संतुष्टि जताते हुए कहा कि उपरोक्त कार्य योजना बेहतर है। कार्य योजना समय पर पूर्ण कर लेने पर हम  सिंहस्थ-2028  में बेहतर कनेक्टिविटी बना पाएंगे सभी अधिकारियों को उन्होंने समयबद्ध तरीके से काम करने के निर्देश भी दिए हैं। 

पैक्स कंप्यूटराइजेशन के सफल क्रियान्वयन हेतु पैक्स प्रबंधकों को प्रोत्साहन राशि रुपये 5000 स्वीकृत

नई दिल्ली केंद्र प्रायोजित पैक्स कम्प्यूटराइजेशन योजना के क्रियान्वयन के विभिन्न चरणों में मध्यप्रदेश राज्य की स्थिति देश में निरंतर अग्रणी रही है। वर्तमान में पैक्स के डिजिटाइजेशन एवं सॉफ्टवेयर आधारित अंकेक्षण का कार्य प्रगति पर है। योजना के क्रियान्वयन एवं मॉनिटरिंग हेतु गठित स्टेट लेवल इम्प्लीमेंटेंशन एंड मॉनिटरिंग कमेटी (एस एल आई एम सी) की बैठक दिनांक 3.3.25 मंत्रालय में श्री अशोक बर्णवाल, अपर मुख्य सचिव (सहकारिता विभाग) की अध्यक्षता में सर्व सम्मति से पैक्स प्रबंधकों/ सहायक समिति प्रबंधकों को एकबारगी राशि रुपये 5000/- की प्रोत्साहन राशि की स्वीकृति प्रदान की गई। इसके लिए दिनांक 15.5.25 तक पैक्स को ई-पैक्स (तातारीख़ सॉफ्टवेयर पर कार्यशील होना) घोषित किया जाना अनिवार्य होगा। साथ ही जिला सहकारी केंद्रीय बैंकों (डीसीसीबी) के 2 मास्टर ट्रैनर्स, जिनके बैंक की न्यूनतम 50% पैक्स को उक्त दिनांक तक ई-पैक्स घोषित किया गया है, को प्रतिमाह राशि रुपए 1000/- का प्रोत्साहन आगामी 12 माह तक प्रदान किया जाएगा। पैक्स प्रबंधकों को दी जाने वाले राशि का वहन अपैक्स बैंक तथा मास्टर ट्रेनर को दी जाने वाली राशि का वहन संबंधित डीसीसीबी द्वारा किया जाएगा। इस तरह अच्छे कार्य को सराहना देने में भी मध्यप्रदेश प्रथम राज्य है। बैठक में श्रीमती सी सरस्वती(मुख्य महाप्रबंधक, नाबार्ड क्षेत्रीय कार्यालय भोपाल), श्री मनोज कुमार गुप्ता ( प्रबंध संचालक, अपैक्स बैंक), श्री अम्बरीश वैद्य (संयुक्त आयुक्त, आयुक्त सहकारिता प्रतिनिधि), श्रीमती अंजुली धुर्वे (मुख्य कार्यपालन अधिकारी, डीसीसीबी रायसेन), श्री विनय प्रकाश सिंह (मुख्य कार्यपालन अधिकारी, डीसीसीबी विदिशा) एवं अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

संजय गांधी स्मृति चिकित्सालय, रीवा में प्लास्टिक सर्जरी से जोड़ा कटा हुआ हाथ

भोपाल संजय गांधी स्मृति चिकित्सालय, रीवा के प्लास्टिक सर्जरी विभाग ने दुर्घटना ग्रस्त श्री अनिल साकेत का कटा हुआ हाथ जटिल शल्य चिकित्सा से पुनः जोड़ने में सफलता प्राप्त की है। इस सफलता पर उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने संजय गांधी स्मृति चिकित्सालय, रीवा के प्लास्टिक सर्जन डॉ. अजय पाठक एवं उनकी टीम को बधाई दी है। उन्होंने कहा कि आपकी कार्यक्षमता से प्रदेश की जनता लाभान्वित हो रही है एवं उत्कृष्ट स्वास्थ्य सेवाएं प्राप्त कर रही है। उल्लेखनीय है कि ग्राम सलैया, जिला सीधी निवासी 28 वर्षीय श्री अनिल साकेत का बायां हाथ लकड़ी काटने की मशीन से कलाई से पूर्णतः अलग हो गया था। मरीज को गंभीर अवस्था में उसी दिन सुबह चिकित्सालय लाया गया, जहां वरिष्ठ प्लास्टिक एवं शल्य चिकित्सकों ने तत्काल मूल्यांकन कर पुनः अंग जोड़ने की शल्य प्रक्रिया करने का निर्णय लिया। प्लास्टिक सर्जन डॉ. अजय पाठक एवं वरिष्ठ चिकित्सकों की टीम द्वारा लगभग 6 घंटे तक चले इस जटिल ऑपरेशन को सफलतापूर्वक संपन्न किया गया। इस सर्जरी में अस्थि रोग विभाग के डॉ. बी.बी. सिंह, निश्चेतना विभाग के डॉ. अरविंद राठिया तथा डॉ. आशुतोष का विशेष योगदान रहा।

मुख्यमंत्री योगी ने अधिकारियों से कहा है कि प्रदेश में एक्सप्रेस-वे एवं हाईवे के किनारे शराब की दुकानें बिल्कुल न हो

लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने  अधिकारियों से कहा है कि प्रदेश में एक्सप्रेस-वे एवं हाईवे के किनारे शराब की दुकानें बिल्कुल न हो. मुख्यमंत्री ने कहा कि अक्सर यह देखा गया है कि शराब की दुकानों के साइनेज बोर्ड बहुत बड़े होते हैं, इन्हें छोटा किया जाए. मुख्यमंत्री ने रविवार को उत्तर प्रदेश राज्य सड़क सुरक्षा परिषद की बैठक में यह आदेश दिए. मुख्यमंत्री ने सड़क दुर्घटनाओं के वार्षिक आंकड़ों पर अधिकारियों के साथ चर्चा की. मुख्यमंत्री ने कहा कि दूसरे प्रदेश से आने वाले बिना परमिट के वाहनों को बॉर्डर पर रोकें जाए. सीएम योगी ने कहा कि ट्रासंपोर्ट एसोसिएशन एवं व्हीकल एसोसिएशन से संवाद स्थापित कर यह सुनिश्चित कराएं कि लंबी दूरी के वाहनों पर दो ड्राइवर हों. इससे भी दुर्घटनाओं में कमी आ सकती है. इसी के साथ सीएम योगी ने अधिकारियों से कहा कि एक्सप्रेस-वे एवं हाइवे पर क्रेन, पेट्रोलिंग वाहन और एंबुलेंस की संख्या बढ़ाएं. एनएचआई की 93 सड़कों में से सिर्फ चार पर लगे हैं कैमरे: मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में एनएचआई की 93 सड़कें हैं, इनमें से सिर्फ चार सड़कों पर कैमरे लगें है, मुख्यमंत्री ने बाकी सड़कों पर भी कैमरे लगाने को कहा है. सीएम योगी ने कहा कि अक्सर यह देखा गया है कि सड़क पर करते समय भी बहुत सी दुर्घटनाएं हो जाती हैं, इसके दृष्टिगत एनएचआई की बहुत सी सड़कों पर फुट ओवर ब्रिज की आवश्यकता है, स्थानों को चिन्हित कर उनका भी निर्माण कराया जाए.उन्होंने कहा कि प्रदेश के सभी प्रमुख मार्गों पर सड़क सुरक्षा से सम्बन्धित साइनेज अवश्य लगाएं. ई रिक्शा ड्राइवर का वैरिफिकेशन जरूरी: सीएम योगी ने कहा कि नगरीय क्षेत्रों में यह देखने को मिलता है नाबालिक बच्चे ई रिक्शा चला रहे हैं. इस पर प्रभावी अंकुश लगाना बहुत जरूरी है,उन्होंने पुलिस अधिकारियों को इसके लिए आवश्यक कदम उठाने के आदेश दिए.  साथ ही सभी ई रिक्शा ड्राइवर का वैरिफिकेशन अवश्य कराने को कहा. उन्होंने कहा कि आरटीओ ऑफिस को बिचौलियों से पूर्णतः मुक्त रखें, इसके लिए समय-समय पर रैंडम चेकिंग अभियान चलाएं. ट्रैफिक प्रबंधन सुधारने के बताए उपाय: सीएम योगी ने कहा कि सड़क जाम एक बड़ी समस्या बनती जा रही है, ट्रैफिक के सुचारू संचालन के लिए प्रदेश में प्रयाप्त मैनपॉवर उपलब्ध है. आवश्यकता पड़ने पर सिविल पुलिस, पीआरडी और होमगार्ड के जवानों को ट्रेनिंग देकर ट्रैफिक प्रबंधन को बेहतर बनाएं. उन्होंने कहा कि अस्पतालों, स्कूलों एवं मुख्य बाजारों के बाहर टेबल टॉप स्पीड ब्रेकर का निर्माण कराए.मुख्यमंत्री के साथ इस बैठक में  संबंधित विभागों के मंत्री, शासन स्तर के अधिकारी, सभी मंडलों के कमिश्नर, सभी जनपदों के जिलाधिकारी, पुलिस कमिश्नर एवं पुलिस अधीक्षक मौजूद थे. ग्राम पंचायतों में डिजिटल लाइब्रेरी खोलेगी योगी सरकार, बच्चों को मिलेगा का लाभ उत्तर प्रदेश सरकार ने गांवों के बच्चों को आधुनिक शिक्षा से जोड़ने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य की 22,700 ग्राम पंचायतों में डिजिटल लाइब्रेरी स्थापित करने का निर्देश दिया है। सरकार का लक्ष्य आने वाले समय में हर ग्राम पंचायत में ऐसी लाइब्रेरी बनाना है, जिससे गांवों के बच्चों को भी ऑनलाइन पढ़ाई और डिजिटल संसाधनों का लाभ मिल सके। डिजिटल लाइब्रेरी में बच्चों को ई-बुक्स, डिजिटल कंटेंट, वीडियो, ऑडियो लेक्चर और इंटरनेट की सुविधा मिलेगी। इससे गाँवों के छात्र भी बड़े शहरों के बच्चों की तरह आधुनिक शिक्षा प्राप्त कर सकेंगे। इस योजना के तहत प्रत्येक डिजिटल लाइब्रेरी पर सरकार 4 लाख रुपये खर्च करेगी, जिसमें 2 लाख रुपये डिजिटल उपकरणों जैसे कंप्यूटर, प्रिंटर और इंटरनेट की खरीद पर लगाए जाएंगे, जबकि 2 लाख रुपये किताबों और अन्य अध्ययन सामग्री के लिए होंगे। लाइब्रेरी के संचालन की जिम्मेदारी ग्राम प्रधान और पंचायत सचिव को सौंपी जाएगी, जबकि सहायक अधिकारी इसके रखरखाव और सही उपयोग की निगरानी करेंगे। इस योजना से गांव के बच्चों को बेहतर पढ़ाई के संसाधन मिलेंगे, जिससे उनकी डिजिटल साक्षरता बढ़ेगी और ऑनलाइन शिक्षा को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही, ऑडियो-विजुअल टूल्स की मदद से पढ़ाई को रोचक और प्रभावी बनाया जाएगा। योगी सरकार का मानना है कि डिजिटल शिक्षा गांवों के बच्चों के भविष्य को उज्ज्वल बनाएगी और उन्हें आधुनिक दुनिया के साथ आगे बढ़ने का अवसर देगी। यह योजना “विकसित भारत 2047” के लक्ष्य को पूरा करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार होगा और छात्रों को डिजिटल युग के अनुरूप तैयार किया जा सकेगा। ग्राम पंचायतों में डिजिटल लाइब्रेरी खोलेगी योगी सरकार, बच्चों को मिलेगा का लाभ उत्तर प्रदेश सरकार ने गांवों के बच्चों को आधुनिक शिक्षा से जोड़ने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य की 22,700 ग्राम पंचायतों में डिजिटल लाइब्रेरी स्थापित करने का निर्देश दिया है। सरकार का लक्ष्य आने वाले समय में हर ग्राम पंचायत में ऐसी लाइब्रेरी बनाना है, जिससे गांवों के बच्चों को भी ऑनलाइन पढ़ाई और डिजिटल संसाधनों का लाभ मिल सके। डिजिटल लाइब्रेरी में बच्चों को ई-बुक्स, डिजिटल कंटेंट, वीडियो, ऑडियो लेक्चर और इंटरनेट की सुविधा मिलेगी। इससे गाँवों के छात्र भी बड़े शहरों के बच्चों की तरह आधुनिक शिक्षा प्राप्त कर सकेंगे। इस योजना के तहत प्रत्येक डिजिटल लाइब्रेरी पर सरकार 4 लाख रुपये खर्च करेगी, जिसमें 2 लाख रुपये डिजिटल उपकरणों जैसे कंप्यूटर, प्रिंटर और इंटरनेट की खरीद पर लगाए जाएंगे, जबकि 2 लाख रुपये किताबों और अन्य अध्ययन सामग्री के लिए होंगे। लाइब्रेरी के संचालन की जिम्मेदारी ग्राम प्रधान और पंचायत सचिव को सौंपी जाएगी, जबकि सहायक अधिकारी इसके रखरखाव और सही उपयोग की निगरानी करेंगे। इस योजना से गांव के बच्चों को बेहतर पढ़ाई के संसाधन मिलेंगे, जिससे उनकी डिजिटल साक्षरता बढ़ेगी और ऑनलाइन शिक्षा को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही, ऑडियो-विजुअल टूल्स की मदद से पढ़ाई को रोचक और प्रभावी बनाया जाएगा। योगी सरकार का मानना है कि डिजिटल शिक्षा गांवों के बच्चों के भविष्य को उज्ज्वल बनाएगी और उन्हें आधुनिक दुनिया के साथ आगे बढ़ने का अवसर देगी। यह योजना “विकसित भारत 2047” के लक्ष्य को पूरा करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार होगा और छात्रों को डिजिटल युग के अनुरूप तैयार किया जा सकेगा।    

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