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मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग जम्मू –कश्मीर में होने वाले नगरीय निकाय निर्वाचन की प्रक्रिया को सशक्त करने में मदद करेगा

भोपाल राज्य निर्वाचन आयुक्तों की 31वीं नेशनल कॉन्फ्रेंस के तीसरे दिन मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग और जम्मू एवं कश्मीर राज्य निर्वाचन आयोग के बीच एमओयू किया गया। मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग जम्मू –कश्मीर में होने वाले नगरीय निकाय निर्वाचन की प्रक्रिया को सशक्त करने में मदद करेगा। नेशनल कांफ्रेंस में राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय विशेषज्ञों ने प्रेजेंटेशन दिया। एमओयू के तहत मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग जम्मू और कश्मीर में होने वाले आगामी नगरीय निकाय चुनाव में 7 हजार ईवीएम और अन्य उपकरण उपलब्ध कराने के साथ ही पोलिंग स्टाफ को ट्रेनिंग भी दिलाएगा। इसके साथ ही मध्यप्रदेश में किए गए नवाचारों को जम्मू और कश्मीर में लागू करवाने के लिए प्रयास करेगा। साथ ही पायलट प्रोजेक्ट के रूप में चयनित बूथों पर पेपर लेस बूथ की प्रक्रिया अपनाने में मदद करेगा। राज्य निर्वाचन आयुक्त मनोज श्रीवास्तव की उपस्थिति में एमओयू में सचिव मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग अभिषेक सिंह और सचिव जम्मू एवं कश्मीर राज्य निर्वाचन आयोग सुशील कुमार ने हस्ताक्षर किए। सचिव सुशील कुमार ने मध्यप्रदेश के राज्य निर्वाचन आयुक्त को इस एमओयू के लिए धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि अब हमारे राज्य में सुगमता से नगरीय निकाय निर्वाचन कराने में मदद मिलेगी। राज्य निर्वाचन आयुक्तों के समक्ष विषय विशेषज्ञों ने दिया प्रेजेंटेशन पेंच नेशनल पार्क सिवनी में आयोजित राज्य निर्वाचन आयुक्तों की 31वीं नेशनल कॉन्फ्रेंस में देश-विदेश के विषय विशेषज्ञों द्वारा सुगम-सुविधाजनक निर्वाचन सम्बन्धी विभिन्न विषयों पर प्रेजेंटेशन दिए गये। आईसीपीएस (इंटरनेशनल सेंटर फॉर पार्लियामेंटलरी स्टडीज) लंदन के डायरेक्टर अरविंद वेंकटरमन ने ‘’रिकगनाइजिंग इंडियास रोल एस ग्लोवल लीडर इन इलेक्शन एंड इलेक्टोरल डिप्लोमेसी’’ विषय पर अपने विचार व्यक्त किये। उन्होंने भारत जैसे बड़ी लोकतांत्रिक व्यवस्था वाले देश मे निर्वाचन प्रक्रिया के सरलीकरण के लिए इलेक्टोरल मैनेजर, ई-लर्निग जैसे ए-आई टूल्स तथा ब्लॉक चैन के उपयोग करने की प्रक्रिया पर प्रकाश डाला। सेल्स डायरेक्टर एपीएसी टर्की मेहमत बुरक ने दूरस्थ मतदाता के पंजीयन तथा ऑनलाईन मतदान की कार्ययोजना पर अपना प्रेजेंटेशन दिया। उन्होंने मतदाताओं के डिजिटल प्रक्रिया द्वारा पंजीयन तथा बायोमेट्रिक से मतदाताओं के पहचान करने की प्रक्रिया पर जानकारी दी। साथ ही सुरक्षित, सुविधाजनक एवं पारदर्शी रूप से ऑनलाइन वोटिंग कराने की प्रक्रिया के बारे में बताया। कनाड़ा, बेनिन में वोटर रजिस्ट्रेशन एप्लिकेशन का डेमो भी दिया। वर्कली विश्वविद्यालय केलि फोर्निया के रिसर्च स्कालर प्रनव गुप्ता और अनस्तुभ अग्निहोत्री ने स्थानीय निर्वाचन में रिसर्च करने के संबध में प्रेजेंटेशन दिया। देश मे सुगम, सुविधाजनक पारदर्शी निर्वाचन कराने में ईवीएम, सॉफ्टवेयर सहित अन्य सपोर्ट उपलब्ध कराने वाले संस्थान इलेक्ट्रानिक्स कॉर्पोरेशन इंडिया लिमिटेड, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स, आईआईटी लिमिटेड बैंगलुरु के प्रतिनिधियों द्वारा राज्य निर्वाचन आयुक्तों के समक्ष निर्वाचन में किये जा रहे अनुसंधानों के बारे में अपना प्रेजेंटेशन दिया। विशेष रूप से नवीन एस-3 ईव्हीएम, इलेक्शन मैनेजमेंट सिस्टम के उपयोग की कार्यविधि और लाभ को रेखांकित किया। इसी तरह पोलिंग एवं काउंटिंग में उपयोग होने वाले विभिन्न एप्लीकेशन के संबंध में आईएनसीटी चेन्नई के सीईओ गजपथी ने प्रेजेंटेशन दिया। अमिट स्याही और अन्य चुनाव सम्बन्धी सामग्री के संबंध में हैदराबाद एवं जयपुर की कम्पनियों के प्रतिनिधियों ने प्रेजेंटेशन दिया। विभिन्न राज्यों के राज्य निर्वाचन आयुक्तों ने परिचर्चा में सहभागिता की। उन्होंने मध्यप्रदेश के पेपर लेस बूथ के मॉडल का अवलोकन किया।  

कलेक्टर ने समयावधि पत्रों की समीक्षा बैठक में अधिकारियों को दिए निर्देश

जिले के समस्त पीएचसी एव सीएचसी केंद्रों को टेलीमेडिसिन से जोड़ा जाए:  कलेक्टर लोक सेवा केंद्र की अधिसूचित सेवाओं का प्राथमिकता के आधार पर लोगों को दिलाएं लाभ:  कलेक्टर कलेक्टर ने समयावधि पत्रों की समीक्षा बैठक में अधिकारियों को दिए निर्देश अनूपपुर  कलेक्टर हर्षल पंचोली ने जिले के समस्त नागरिकों को स्वास्थ्य विभाग के सेवाओं का लाभ सरल एवं सहज रूप से मुहैया कराने के निर्देश मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को देते हुए कहा कि जिला चिकित्सालय में टेलीमेडिसिन का कार्य जल्द से जल्द प्रारंभ हो, जिससे लोगों को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र एवं उप स्वास्थ्य केंद्रों में भी समुचित चिकित्सकीय सेवाओं का लाभ मिल सके। उन्होंने कहा कि जिला चिकित्सालय अनूपपुर में टेलीमेडिसिन से संबंधित उपकरण क्रय कर लिया जाए तथा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से डॉक्टर को उप स्वास्थ्य केंद्र एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र से कनेक्ट कर ग्रामीणों क्षेत्रों में भी बेहतर चिकित्सकीय सेवाएं मुहैया कराया जाए। इस हेतु सभी उप स्वास्थ्य केंद्र एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में अनलिमिटेड वाई-फाई के साथ टैबलेट मुहैया कराया जाए। कलेक्टर श्री हर्षल पंचोली आज कलेक्ट्रेट कार्यालय के नर्मदा सभागार में आयोजित समयावधि पत्रों की समीक्षा बैठक में अधिकारियों को निर्देशित कर रहे थे। बैठक में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत  तन्मय वशिष्ठ शर्मा, अपर कलेक्टर दिलीप कुमार पांडेय, सहायक कलेक्टर एवं अनुविभागीय अधिकारी राजस्व पुष्पराजगढ़ महिपाल सिंह गुर्जर, अनुविभागीय अधिकारी राजस्व अनूपपुर  सुधाकर सिंह बघेल, अनुविभागीय अधिकारी राजस्व जैतहरी श्रीमती अंजलि द्विवेदी, अधीक्षक भू अभिलेख श्री प्रदीप कुमार मोगरे, सहायक आयुक्त जनजातीय कार्य विभाग सुश्री श्री सरिता नायक सहित विभिन्न विभागों के विभागीय अधिकारी उपस्थित थे। कलेक्टर ने कहा कि लोक सेवा केंद्र के माध्यम से लोगों को प्राथमिकता के आधार पर महत्वपूर्ण अधिसूचित सेवाओं का लाभ दिलाना सुनिश्चित किया जाए। कोई भी लोक सेवा प्रकरण ऑफलाइन ना लिया जाए। उन्होंने कहा कि सभी अधिकारी लोक सेवा के लंबित प्रकरणों को गंभीरता के आधार पर निराकरण करें। समय सीमा में लंबित प्रकरणों के निराकरण नहीं होने पर संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध पेनाल्टी की कार्यवाही की जाएगी। बैठक में कलेक्टर ने नगरीय निकायवार कर वसूली की जानकारी मुख्य नगर पालिका अधिकारियों से प्राप्त की तथा कहा कि मुख्य नगर पालिका अधिकारी संपत्ति कर एवं जलकर की वसूली गंभीरता से सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि लोक अदालत में ज्यादा से ज्यादा प्रकरण भेजा जाए। जिससे शासन को ज्यादा से ज्यादा राजस्व की वसूली हो सके तथा विकास के कार्य किए जा सकें। इसी प्रकार कलेक्टर ने नगर में भारी वाहनों पर भी टैक्स वसूलने के निर्देश मुख्य नगर पालिका अधिकारियों को दिए। बैठक में कलेक्टर ने सहायक आयुक्त जनजातीय कार्य विभाग से स्मार्ट क्लास के संबंध में जानकारी प्राप्त की तथा निर्देशित किया कि स्मार्ट क्लास हेतु जरूरी उपकरण का क्रय करना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को गुणवत्तायुक्त शिक्षा देने हेतु महत्वपूर्ण कंटेंट भी मुहैया कराया जाए। ऑनलाइन स्मार्ट क्लास सिस्टम को एक्टिव किया जाए। बैठक में कलेक्टर ने ई-ऑफिस प्रणाली के अंतर्गत विभागवार बनने वाले ईमेल आईडी के संबंध में संबंधित अधिकारियों से जानकारी प्राप्त की। जिस पर बताया गया कि आज दिनांक तक 14 विभागों के ई-मेल आईडी बन चुके हैं तथा आज 7 विभागों की ईमेल आईडी बन जाएगी। जिस पर कलेक्टर ने कहा कि सभी विभाग 31 मार्च तक ई-ऑफिस प्रणाली में शिफ्ट हो जाएं। सभी शासकीय कार्य अब ऑफिस प्रणाली के माध्यम से होंगे, जिससे शासकीय सेवाओं एवं कार्यों में पारदर्शिता एवं सुचिता आएगी। बैठक में कलेक्टर ने सभी विभागों के लिपिकों को ई-ऑफिस प्रणाली के संबंध में प्रशिक्षण दिलाने के निर्देश दिए। बैठक में कलेक्टर ने सभी राजस्व अधिकारियों को राजस्व प्रकरणों का निराकरण गंभीरता के आधार पर करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने वित्तीय वर्ष 2024-25 के अंतर्गत राज्य शासन से प्राप्त बजट आवंटन के उपयोग की  समीक्षा करते हुए कहा कि सभी विभागीय अधिकारी वित्तीय वर्ष 2024-25 के अंतर्गत प्राप्त बजट आवंटन का दिशा निर्देशों का पालन करते हुए सकारात्मक उपयोग सुनिश्चित  करें। उन्होंने कहा कि वित्तीय वर्ष 2024-25 का माह मार्च अंतिम महीना है उन्होंने आहरण संवितरण अधिकारियों को प्राप्त बजट आवंटन का आवश्यकता अनुसार सदुपयोग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

सड़कें न केवल आवागमन को सुगम बनाएंगी, बल्कि क्षेत्र के विकास में भी सहायक सिद्ध होंगी : मंत्री श्रीमती गौर

भोपाल पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर ने कहा कि सड़क निर्माण से समृद्धि आती है। राज्यमंत्री श्रीमती गौर सोमवार को गोविंदपुरा विधानसभा के विभिन्न वार्ड में लगभग एक करोड़ 50 लाख की लागत से होने वाले विकास कार्यों के भूमि-पूजन कार्यक्रम को संबोधित कर रही थी। राज्य मंत्री श्रीमती गौर ने कहा कि नागरिक सुविधाओं को सुदृढ़ करने के लिए हमारी सरकार कृत संकल्पित है। ये सड़कें न केवल आवागमन को सुगम बनाएंगी, बल्कि क्षेत्र के विकास में भी सहायक सिद्ध होंगी। राज्य मंत्री श्रीमती गौर वार्ड 68 में अयोध्या नगर फेस-5 में 35 लाख रुपए की लागत से बनने वाले सामूहिक भवन के निर्माण कार्य का भूमि-पूजन किया। इस दौरान नगर निगम के अधिकारियों को क्षेत्र में साफ-सफाई के निर्देश दिए। ‌वार्ड-68 अयोध्या नगर में सरयू सरोवर के पास 25 लाख रुपए की लागत से बनने वाले शेड एवं चबूतरे के निर्माण कार्य का भूमि-पूजन किया। वार्ड 68 के ही जोन 16 में एसपीईबी कार्यालय के पीछे जी सेक्टर सेंट थॉमस स्कूल के पीछे 25 लाख की लागत से बनने वाली सीमेंट कांक्रीट सड़क के निर्माण कार्य का भूमि-पूजन किया और रहवासियों की अन्य समस्याओं को सुनने के बाद उसके तुरंत निराकरण के निर्देश भी अधिकारियों को दिए। वार्ड 68 में एमपीईडी सर्विस स्टेशन एफ सेक्टर अयोध्या नगर में चौराहे से अरहेड़ी पुलिया तक 22 लाख की लागत से बनने वाली सीसी रोड निर्माण कार्य का भूमि-पूजन किया।अयोध्या नगर की सी आई यूनिट के पास सरस्वती स्कूल से इसरो एम सेक्टर तक 87 लाख रुपए की लागत से सेंट्रल वर्ज निर्माण कार्य का भूमि-पूजन किया और निर्माणधीन सड़क का निरीक्षण किया। वार्ड 68 के संतोषी बिहार के पार्क में 21 लाख की लागत से शेड एवं चबूतरे के निर्माण कार्य का भूमि-पूजन किया। इस दौरान पार्षद श्रीमती उर्मिला मौर्य, पार्षद श्रीमती शिरोमणि शर्मा, पार्षद श्रीमती ममता विश्वकर्मा, पार्षद श्रीमती छाया ठाकुर, मंडल अध्यक्ष लव कुश यादव, भीकम सिंह बघेल, नरेंद्र ठाकुर, संतोष ग्वाला, कपिल बाबू शर्मा, राकेश राजपूत, अशोक गुप्ता सहित सैकड़ों की संख्या में रहवासी और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।  

‘मुन्नाभाई MBBS’ और ‘लगान’ जैसी फिल्मों से देश-दुनिया में मशहूर हुईं ग्रेसी सिंह एक बार फिर से चर्चा में

मुंबई ‘मुन्नाभाई MBBS’ और ‘लगान’ जैसी फिल्मों से देश-दुनिया में मशहूर हुईं ग्रेसी सिंह एक बार फिर से चर्चा में हैं। उन्हें आशुतोष गोवारिकर के बेटे काणार्क की शादी में देखा गया था। जहां वह अपनी उसी मुस्कान के साथ नजर आईं, जिसने लाखों दिलों को एक समय पर घायल किया था। आमिर खान से लेकर संजय दत्त उस पर लट्टू हुए थे। हालांकि कुछ की निगाहें उनके लहंगे पर अटकी रही। आइए बताते हैं क्यों। ग्रेसी सिंह ने कई फिल्मों के साथ-साथ छोटे पर्दे पर भी काम किया है। उन्होंने 1997 में धारावाहित ‘अमानत’ से करियर शुरू किया था। फिर 2001 में आशुतोष गोवारिकर की फिल्म ‘लगान’ में लीड रोल मिला। इसके बाद उन्होंने तेलुगू इंडस्ट्री में भी हाथ आजमाया। हालांकि वह इस दौरान मिली सफलता को बरकरार नहीं रख बाईं और कई फ्लॉप फिल्मों के बाद इंडस्ट्री से चली गईं। ग्रेसी सिंह ने नहीं की शादी ग्रेसी सिंह ने कमाल आर खान उर्फ KRK की ‘देशद्रोह’ में काम करके अपने ही पैर पर कुल्हाड़ मार ली थी। इससे उनका करियर चौपट हो गया था। 2013 में वह ब्रह्माकुमारी विश्व आध्यात्मिक विश्वविद्यालय में शामिल हुईं। बताया कि उन्हें यहां शांति मिलती है। 2020 में वह ‘संतोषी मां- सुनाएं व्रत कथाएं’ में माता का रोल निभाती दिखीं और फिर घर-घर फेमस हो गईं। हालांकि ये आज भी कुंवारी हैं। इन्होंने शादी नहीं की है। ग्रेसी सिंह के लहंगे पर थमी नजर आशुतोष गोवारिकर के बेटे की शादी में जब ये पहुंची तो हर किसी की निगाहें इन पर थम गई। वीडियो देख हर कोई ये कहने लगा कि ये कितनी सुंदर और प्यारी हैं। फिल्मों और धारावाहिक के किरदारों से इन्हें याद करने लगे। हालांकि कुछ की नजर इनके लहंगे पर अटकी। एक यूजर ने लिखा, ‘ये तो कपिल शर्मा शो की बुआ की तरह लग रहीं।’ एक ने लिखा, ‘ये मुझे वहीदा रहमान की याद दिलाती हैं।’ एक ने कहा, ‘पुराने टाइप का लहंगा।’ एक न पूछा, ‘800 रुपये का मीशो वाला लहंगा क्यों पहनकर आई है?’

वर्ल्ड फेमस यूरोलॉजिस्ट जॉर्ज पी. अब्राहम की मौत;फॉर्महाउस में लटकी मिली यूरोलॉजिस्ट जॉर्ज पी अब्राहम की लाश

कोच्चि  प्रसिद्ध यूरोलॉजिस्ट और सीनियर सर्जन डॉ जॉर्ज पी अब्राहम कोच्चि इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पास स्थित अपने फार्महाउस में मृत पाए गए। 77 साल के डॉ अब्राहम देश के प्रमुख किडनी ट्रांसप्लांट सर्जनों में से एक थे। वे अपने फार्महाउस में फांसी पर लटके मिले। मौके से एक सुसाइड नोट भी बरामद हुआ है। इस नोट में उन्होंने अपने गिरते स्वास्थ्य का जिक्र किया है। उन्होंने लिखा है कि वे अपनी खराब सेहत के कारण अपने कर्तव्यों को पूरा नहीं कर पा रहे हैं। डॉ अब्राहम ने अपने लगभग पांच दशक के करियर में 2,500 से अधिक किडनी ट्रांसप्लांट किए थे। जो कि केरल में एक रिकॉर्ड है। रविवार को पहुंचे थे फॉर्महाउस जानकारी के मुताबिक, शनिवार को भी वे कोच्चि के एक प्राइवेट अस्पताल में सक्रिय थे और मरीजों से मिले थे। हाल ही में उनकी रीढ़ की हड्डी का ऑपरेशन हुआ था। उनके फार्महाउस के पास रहने वाले एक व्यक्ति ने बताया कि हर रविवार को वे अपने फार्महाउस जाते थे और वहां समय बिताते थे। स्थानीय निवासी ने कहा कि उसी तरह वह रविवार (2 मार्च) को यहां थे। उनके भाई भी उनके साथ थे। सोमवार सुबह डॉक्टर के आत्महत्या करने की खबर सुनकर उन्हें बहुत धक्का लगा। डॉ अब्राहम रविवार शाम को अपने छोटे भाई के साथ फार्महाउस पहुंचे थे और बाद में उसे वापस भेज दिया था। बाद में वे फार्महाउस में फांसी पर लटके पाए गए। मेडिकल इतिहास में दर्ज कराया नाम अपने लंबे करियर में एक यूरोलॉजिस्ट स्पेशलिस्ट के रूप में डॉ अब्राहम ने मेडिकल इतिहास में अपना नाम दर्ज कराया। जब वे लैप्रोस्कोपिक विधि का उपयोग करके डोनर से किडनी निकालने वाले तीसरे सर्जन बने। डॉ अब्राहम की ओर से किए गए अन्य अभूतपूर्व कार्यों में एक कैडेवर से ट्रांसप्लांट और कुछ अन्य प्रक्रियाएं शामिल हैं जो आमतौर पर केरल में नहीं की जाती हैं। एक बहुत ही मजबूत अकादमिक व्यक्ति डॉ अब्राहम एक लोकप्रिय व्यक्ति थे। जो सेमिनार और बैठकों में भाग लेते थे और अपने जूनियर के साथ अपनी विशेषज्ञता साझा करते थे। स्थानीय पुलिस ने अप्राकृतिक मौत का मामला दर्ज कर लिया है और जांच शुरू कर दी है। उनका अंतिम संस्कार दोपहर में सेंट जॉर्ज जैकोबाइट सीरियन चर्च चेरुथोट्टुकुन्नेल में होगा। सुसाइड नोट में क्या? डॉ अब्राहम ने अपने सुसाइड नोट में लिखा है कि अपने गिरते स्वास्थ्य के कारण मैं अपने कर्तव्यों को पूरा नहीं कर पा रहा हूं। यह दर्शाता है कि उनकी बिगड़ती सेहत उनके इस कदम के पीछे एक प्रमुख कारण थी। रीढ़ की हड्डी की सर्जरी के बाद उनका स्वास्थ्य गिर रहा था, जिससे उन्हें शारीरिक और मानसिक परेशानी हो रही थी। उन्होंने अपने लंबे और प्रतिष्ठित करियर में हजारों लोगों की जान बचाई। लेकिन अपनी बीमारी के कारण वे खुद को असहाय महसूस कर रहे थे। यह घटना चिकित्सा जगत के लिए एक बड़ी क्षति है। हर समस्या का है हलमन में सुसाइड का ख्याल आए तो मनोचिकित्सक से बात करके आप अपनी समस्या का हल खोज सकते हैं। इसके लिए हेल्पलाइन नंबर 14416 है, जहां आप 24X7 संपर्क कर सकते हैं। इसके अलावा और भी कई हेल्पलाइन नंबर्स हैं जहां आप संपर्क कर सकते हैं। सामाजिक न्याय और आधिकारिता मंत्रालय की हेल्पलाइन- 1800-599-0019 (13 भाषाओं में है) इंस्टीट्यूट ऑफ़ ह्यमून बिहेवियर एंड एलाइड साइंसेज-9868396824, 9868396841, 011-22574820 हितगुज हेल्पलाइन, मुंबई- 022- 24131212 नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ़ मेंटल हेल्थ एंड न्यूरोसाइंस-080 – 26995000

अगर कोई जो पूछे चारों धाम का पर्याय तो तुम मेरे छत्तीसगढ़ का नाम लिख देना : वित्त मंत्री ओपी चौधरी

रायपुर  छत्तीसगढ़ के वित्त मंत्री ओपी चौधरी सोमवार को सदन में अपना बजट पेश कर रहे हैं। सदन में अपने भाषण की शुरुआत करते हुए वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने बजट के बारे में जानकारी दी। वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने बजट शुरुआत करते हुए का कि विष्णुदेव साय की सरकार अच्छे नियत और पूरी कर्मठता के साथ काम कर रही है। इसके साथ ही उन्होंने कहा इस बार का बजट मैंने खुद अपनी हैंड राइटिंग से लिखा है। वित्त मंत्री ने कहा- सदन में जो आज बजट पेश किया जा रहा है उसे मैंने खुद अपने हाथों से लिखा है। सदन के सदस्यों को बजट की जो कॉपी सौंपी गई है वह मेरे हाथ से लिखी गई है। बजट भाषण में वित्त मंत्री ने कहा कि हम ऑनलाइन सिस्टम से काम कर रहे हैं ताकि लोगों को मुश्किलें खत्म हो। ऐसे दिया छत्तीसगढ़ का परिचय छत्तीसगढ़ का परिचय देते हुए वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने कहा- कोई जो पूछे शौर्य का पर्याय तो तुम गुंडाधुर की तलवार लिख देना। कोई पूछे समानता का पर्याय तो तुम गुरु घासीदास महान लिख देना। कोई जो पूछे राम-राम का पर्याय तो छत्तीसगढ़ी में जय जोहर लिख देना। अगर कोई जो पूछे चारों धाम का पर्याय तो तुम मेरे छत्तीसगढ़ का नाम लिख देना। पहली बार पेश हुआ ऐसा बजट वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने कहा कि छत्तीसगढ़ विधानसभा में आज ऐतिहासिक क्षण देखने को मिला है। ओपी चौधरी ने हस्तलिखित बजट पेश किया। यह पहला मौका है जब राज्य में कंप्यूटर-टाइप्ड बजट की जगह खुद वित्त मंत्री के हाथों से लिखा गया बजट सदन में प्रस्तुत किया। यह बजट 100 पन्नों का है, जिसे पूरी तरह हाथ से लिखा गया है। कौन सी घोषणा हुई हैं वित्त मंत्री ने बजट में घोषणा करते हुए कहा कि सीएम सुशाशन फैलॅशिप के लिए 10 करोड़ का प्रावधान है। इसके साथ ही वित्त मंत्री ने कहा कि रायपुर से दुर्ग के लिए मेट्रो का सर्वे किया जाएगा। इसके लिए 5 करोड़ रुपये के बजट का प्रावधान किया गया है।

जुआ खेलने वाले 23 आरोपियों से 16 मोटरसाइकिल सहित 1,46,700 रुपये जब्त

सिंगरौली जिले के नवानगर थाना अंतर्गत ताश के पत्तों से हार जीत की बाजी लगाकर जुआ खेलने वाले 23 आरोपियों से 16 मोटरसाइकिल सहित 1,46,700 रुपये की नगद राशी एवं मोटर साइकिल की लागत मिलाकर लगभग 15 लाख रुपये हुए जप्त सिंगरौली पुलिस की बड़ी कामयाबी !

12वां क्षेत्रीय थ्री आर और सर्कुलर इकॉनमी फोरम समारोह : एमएसएमई और स्टार्टअप्स को मिलेगी 2 करोड़ तक की सहायता – मुख्यमंत्री शर्मा

जयपुर, मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि जलवायु परिवर्तन, जैव विविधता की हानि एवं प्रदूषण जैसी चुनौतियों से निपटने के लिए सर्कुलर इकॉनमी अत्‍यंत प्रभावी माध्यम है। इस व्यवस्था में अपशिष्ट को रिसाइकिल और रियूज किया जाता है जिससे ऊर्जा की खपत घटती है और नवीकरणीय ऊर्जा को बढ़ावा मिलता है। उन्होंने कहा कि राजस्थान सरकार भी इस दिशा में कई महत्वपूर्ण कदम उठाकर मिशन में अग्रणी भूमिका निभा रही है। श्री शर्मा सोमवार को राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर में आयोजित 12वें क्षेत्रीय थ्री आर और सर्कुलर इकॉनमी फोरम समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि राज्य में पर्यावरण प्रबंधन केंद्र की स्थापना की गई है, ताकि कचरा प्रबंधन और रिसाइक्लिंग को ज्‍यादा प्रभावी तरीके से किया जा सके। साथ ही, ट्रीटेड वॉटर के उपयोग के लिए नई नीति तैयार की जा रही है। मुख्यमंत्री सद्भावना केंद्रों के जरिए नागरिकों को अनुपयोगी वस्तुओं के दान और पुनरुपयोग की सुविधा दी जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने राजस्थान में कचरा प्रसंस्करण की क्षमता को 21 लाख मीट्रिक टन से बढ़ाकर इसके दोगुने से भी ज्‍यादा यानी करीब 45 लाख मीट्रिक टन करने का लक्ष्य रखा है। वेस्ट-टू-एनर्जी योजनाओं के तहत कंपोस्ट, आरडीएफ, और जैविक उर्वरक उत्पादन पर भी जोर दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि शहरी क्षेत्रों में एमआरएफ प्लांट्स के जरिए प्लास्टिक और रिसाइकल योग्‍य सामग्री को अलग कर ई-वेस्‍ट, बैटरी वेस्ट और खतरनाक कचरे का निस्तारण किया जा रहा है। प्राकृतिक संसाधनों के अंधाधुंध दोहन से धरती संकट में श्री शर्मा ने कहा कि पिछले 50 वर्षों में प्राकृतिक संसाधनों का दोहन लगभग 400 प्रतिशत बढ़कर 106 बिलियन टन के आंकड़े को भी पार कर चुका है। चिंता की बात यह है कि इनमें से 90 प्रतिशत से अधिक संसाधन बर्बाद हो जाते हैं और केवल 8.6 प्रतिशत ही वैश्विक अर्थव्यवस्था में वापस आ पाते हैं। यह स्थिति धरती को संकट में डाल रही है और जलवायु परिवर्तन, जैव विविधता की हानि एवं प्रदूषण जैसी समस्याएं गहराती जा रही हैं। केन्द्र सरकार ने तैयार किया सर्कुलर इकॉनमी रोडमैप श्री शर्मा ने कहा कि यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केन्द्र सरकार ने इन समस्याओं के समाधान के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। स्वच्छ भारत मिशन के तहत भारत ने दुनिया का सबसे बड़ा अपशिष्ट प्रबंधन और स्वच्छता अभियान चलाया है। इसके साथ ही, नगरपालिका ठोस अपशिष्ट, इलेक्ट्रॉनिक कचरा, सौर पैनल और कृषि अपशिष्ट जैसे 11 प्रमुख क्षेत्रों पर केंद्रित सर्कुलर इकॉनमी रोडमैप तैयार किया गया है।   राजस्थान ने की ग्रीन टेक्नोलॉजी और सतत् विकास में पहल मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्थान ने ग्रीन टेक्नोलॉजी और सतत विकास में भी पहल की है। राजस्थान पहला राज्य है जिसने ग्रीन बजट पेश किया है और इसमें 27 हजार 854 करोड़ रुपये ग्रीन परियोजनाओं के लिए निर्धारित किए गए हैं। उन्होंने कहा कि 250 करोड़ रुपये के निवेश के साथ सर्कुलर इकॉनमी पार्क और स्वच्छ एवं हरित तकनीक विकास केंद्र स्थापित किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार सर्कुलर इकॉनमी इंसेंटिव स्कीम लेकर आएगी, जो एमएसएमई और स्टार्टअप्स को 2 करोड़ रुपये तक की सहायता देगी। इसके साथ ही राजस्थान व्हीकल स्क्रैपिंग पॉलिसी के माध्यम से पुराने वाहनों के निष्पादन को बढ़ावा दिया जाएगा। श्री शर्मा ने कहा कि हम शून्य अपशिष्ट समाज का सपना साकार करने के लिए सर्कुलर इकॉनमी एलायंस नेटवर्क की स्थापना के जरिए सरकार, निजी क्षेत्र और शिक्षण संस्थानों के बीच सहयोग को बढ़ावा देंगे। भारत सर्कुलर इकॉनमी के क्षेत्र में निभा रहा अग्रणी भूमिका कार्यक्रम में केन्द्रीय आवास एवं शहरी कार्य मंत्री श्री मनोहर लाल खट्टर ने कहा कि भारत सर्कुलर इकॉनमी के क्षेत्र में अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर अग्रणी भूमिका निभा रहा है। थ्री आर (रिड्यूस, रियूज एवं रिसाइकल) आज की अर्थव्यवस्था की जरूरत और पर्यावरण संरक्षण का प्रभावी माध्यम है। उन्होंने कहा कि इस फोरम में ‘जयपुर घोषणा पत्र‘ के तहत सी थ्री (सिटीज कोलिशन फॉर सर्कुलरिटीज) के मापदण्डों पर बल दिया जाएगा। इसमें संसाधन कुशल और कम कार्बन उत्सर्जन वाले समाज को बढ़ावा देने में अगले दशक की दिशा निर्धारित की जाएगी। श्री खट्टर ने कहा कि सिटीज 2.0 एक ऐसी अनूठी पहल है जो इन्टीग्रेटेड वेस्ट मैनेजमेन्ट और जलवायु परिवर्तन की दिशा में कार्यवाही को आगे बढ़ाती है। इसके तहत 14 प्रदेशों के 18 शहरों में समयबद्ध रूप से परियोजनाओं को लागू कर कचरा प्रबंधन संयत्र लगाने, कचरे से खाद, कचरे से ऊर्जा बनाने पर जोर दिया गया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी का मानना है कि सर्कुलर इकॉनमी को अपनाते हुए ही कोई भी देश आत्मनिर्भर बन सकता है। केन्द्र सरकार ने पंचामृत लक्ष्य, मिशन लाईफ जैसे अभियानों से जहां अपशिष्ट के रिसाइकिल एवं रिड्यूस को बढ़ावा दिया हैं वहीं इससे नवीकरणीय ऊर्जा को प्रोत्साहन मिल रहा है। कार्यक्रम में जापान, यूएन, एशिया एवं प्रशांत क्षेत्र के प्रतिनिधियों ने भी वीडियो संदेश के द्वारा अपने विचार व्यक्त किए। इससे पहले मुख्यमंत्री ने केन्द्रीय शहरी विकास कार्य मंत्रालय द्वारा आयोजित प्रदर्शनी का अवलोकन किया। इस अवसर पर नगरीय विकास एवं स्वायत्त शासन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री झाबर सिंह खर्रा, मध्यप्रदेश, उत्तराखण्ड़, आंध्रप्रदेश और हरियाणा के शहरी विकास मंत्री, विभिन्न राज्यों के शहरी विकास विभागों के अधिकारीगण, नगरीय आयुक्त एवं महापौर उपस्थित रहे।

CM मोहन यादव का बड़ा ऐलान, मध्य प्रदेश के किसानों को महज 5 रुपये में बिजली का कनेक्शन

भोपाल मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने किसानों के हित में बड़ा फैसला लिया है। किसानों को अब 5 रुपए में बिजली का स्थाई कनेक्शन मिलेगा। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि किसानों को अब 5 रुपये में बिजली का स्थाई कनेक्शन दिया जाएगा। मध्य क्षेत्र को यह व्यवस्था तत्काल शुरू करने के निर्देश दिए हैं। चरणबद्ध रूप से पूरे प्रदेश में किसानों को यह सुविधा दी जाएगी। किसानों को सिंचाई के लिए सोलर पंप अगले तीन साल में किसानों को 30 लाख सोलर पंप दिए जाएंगे। किसानों को बिजली बिल से मुक्ति दिलाने का प्रयास है। हर साल 10-10 लाख कनेक्शन दिए जाएंगे। किसानों से सौर ऊर्जा खरीदकर उन्हें नगद भुगतान किया जाएगा। भोपाल में किसानों को संबोधित करते हुए सीएम मोहन यादव (Mohan Yadav) ने कहा कि मध्य प्रदेश केंद्रीय विद्युत वितरण कंपनी जल्द ही इस योजना को शुरू करेगी. उन्होंने कहा, ”जिन किसानों के पास स्थायी बिजली कनेक्शन नहीं है, उन्हें पांच रुपये में यह सुविधा दी जाएगी. हम किसानों का जीवन बेहतर बनाना चाहते हैं.” एमपी के किसानों को सिंचाई के लिए सौर पंप मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार सिंचाई के लिए सौर पंप के माध्यम से किसानों को बिजली संबंधी परेशानियों से मुक्ति दिलाना चाहती है. उन्होंने कहा, ”अगले तीन सालों में किसानों को 30 लाख सौर सिंचाई पंप उपलब्ध कराए जाएंगे. सरकार किसानों से सौर बिजली खरीदेगी.” किसानों को सिंचाई के लिए सोलर पंप अगले तीन साल में किसानों को 30 लाख सोलर पंप दिए जाएंगे। किसानों को बिजली बिल से मुक्ति दिलाने का प्रयास है। हर साल 10-10 लाख कनेक्शन दिए जाएंगे। किसानों से सौर ऊर्जा खरीदकर उन्हें नगद भुगतान किया जाएगा। सीएम मोहन यादव ने कांग्रेस को घेरा इसके साथ ही उन्होंने दावा किया कि जब कांग्रेस सत्ता में थी, तो गांवों में उचित बुनियादी ढांचा, बिजली और सड़कें नहीं थीं, लेकिन बीजेपी के शासन में स्थिति में सुधार हुआ हैइसके साथ ही उन्होंने दावा किया कि जब कांग्रेस सत्ता में थी, तब गांवों में उचित बुनियादी ढांचा, बिजली और सड़कें नहीं थीं, लेकिन बीजेपी के शासन में स्थिति में काफी सुधार हुआ है। भोपाल में किसान आभार सम्मेलन मुख्यमंत्री मोहन यादव ने रविवार को ‘किसान आभार सम्मेलन’ में हिस्सा लेकर किसान भाई-बहनों से आत्मीय संवाद किया. भोपाल में मुख्यमंत्री निवास में ये सम्मेलन आयोजित किया गया था. सीएम ने कहा कि अन्नदाताओं के श्रम से अन्न के हर दाने में प्रदेश की समृद्धि की गूंज है. किसान कल्याण ही हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है और उनके विकास के लिए हमारा संकल्प अटूट है. धान पर 4000 रुपए प्रति हेक्टेयर बोनस, 2600 रुपए प्रति क्विंटल में होगा गेहूं का उपार्जन इससे पहले शनिवार को सीएम डॉ. मोहन यादव ने बालाघाट में ऐलान किया था कि राज्य सरकार किसानों के हित में निरंतर निर्णय लेती जा रही है। राज्य सरकार ने गेहूं को खरीदने के लिए 2600 रुपए प्रति क्विंटल की राशि न्यूनतम समर्थन मूल्य के रूप में निर्धारित की है। समर्थन मूल्य के अलावा किसानों को भुगतान के लिए 175 रुपए बोनस देने की व्यवस्था की गई है। इसी तरह राज्य सरकार अब धान उपार्जन के लिए प्रति हेक्टेयर 4000 रुपए की राशि किसानों के खाते में डालने जा रही है। सभी किसान भाइयों के खाते में राशि मार्च में ही राशि अंतरित की जाएगी। सीएम मोहन यादव ने किए और भी ऐलान     सीएम ने कहा कि किसानों की जिंदगी बेहतर करने के लिए प्रत्येक आवश्यक निर्णय लिया जाएगा।मध्य प्रदेश में देश का करीब एक चौथाई कपास होता है, इस फैसले से कपास उत्पादक किसान लाभान्वित होंगे।दूध उत्पादन पर बोनस देंगे।     गोपाल कृष्ण के देश में हम प्रदेश में गाय पालन पर अनुदान देंगे। इसके लिए गांव गांव में प्रोत्साहन देंगे। बड़े नगरों में 10,000 क्षमता की गौशालाएं संचालित होगी।प्रति गाय बीस के स्थान पर 40 रुपए अनुदान की व्यवस्था की जाएगी। उन्नत बीज,कृषि यंत्र किसानों को दिलवाने के लिए मेले लगाए जाएंगे।     कार्यक्रम में बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष वीडी शर्मा, कृषि मंत्री एंदल सिंह कंसाना, खाद एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री गोविंद सिंह राजपूत मौजूद रहे।

प्रदेश में सड़कों को प्रदूषण मुक्त बनाये रखने के लिये एनआईसी के वाहन पोर्टल पर ग्रीन सर्विस शुरू की गई

भोपाल प्रदेश में सड़कों को प्रदूषण मुक्त बनाये रखने के लिये नेशनल इन्फॉर्मेशन सेंटर (एनआईसी) के वाहन पोर्टल पर हरित सेवा (ग्रीन सर्विस) शुरू की गई है। जिसके माध्यम से वाहनों के रेट्रोफिटमेंट कराये जाने वाली सीएनजी किट के प्रमाणित होने की पुष्टि रहती है। वाहन पोर्टल का संचालन परिवहन विभाग द्वारा किया जा रहा है। प्रदूषण नियंत्रण प्रमाण-पत्र राज्य में वाहनों से उत्सर्जित होने वाली हानिकारक गैसों पर नियंत्रण के लिये प्रदूषण नियंत्रण प्रमाण-पत्र प्राप्त करना अनिवार्य किया गया है। प्रदेश में समस्त वाहन प्रदूषण जांच केन्द्रों को एनआईसी के पीयूसीसी पोर्टल के साथ इंटीग्रेट किया जाकर पारदर्शी रूप से ऑनलाइन प्रदूषण नियंत्रण प्रमाण-पत्र जारी किया जाना सुनिश्चित किया जा रहा है। ऑनलाइन पीयूसीसी (पॉल्यूशन अंडर कंट्रोल सर्टिफिकेट) जारी होने से उनका डेटा वाहन पोर्टल पर प्रदर्शित होने लगा है। इस सुविधा से चेकिंग अधिकारी द्वारा प्रमाण पत्र मांगे जाने पर वाहन स्वामी द्वारा ऑनलाइन अथवा इलेक्ट्रॉनिक रूप में दिखाया जा सकता है। हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट प्रदेश में वाहनों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए परिवहन विभाग द्वारा वाहनों में हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट (एचएसआरपी) लगाने का कार्य वाहन डीलर के माध्यम से किया जा रहा है। प्रदेश में अब तक करीब 7 लाख पुराने रजिस्टर्ड वाहनों में हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट लगवाई जा चुकी है। हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट लगने से वाहन चोरी की दशा में इसे ट्रेस किया जाना सरल हो जाता है। ऑटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशन सड़क सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए अनफिट वाहनों के संचालन पर प्रभावी रोक लगाये के प्रयास परिवहन विभाग द्वारा किये जा रहे हैं। इस उद्देश्य से केन्द्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय द्वारा वाहनों के स्वचलित परीक्षण (ऑटोमेटेड टेस्टिंग) के बाद ही फिटनेस प्रमाण-पत्र जारी किया जाना अनिवार्य किया गया है। वाहनों की मानव हस्तक्षेप रहित पारदर्शी तरीके से फिटनेस जाँच करने के लिये ग्वालियर, इंदौर और भोपाल में ऑटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशन (एटीएस) क्रियाशील हो गये हैं। इसी के साथ प्रदेश के 22 जिलों में ऑटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशन बनाये जाने के लिये प्राथमिक पंजीयन प्रमाण-पत्र जारीकिये गये हैं। ड्राइविंग प्रशिक्षण सेंटर प्रदेश में प्रतिवर्ष होने वाली औसतन 50 हजार सड़क दुर्घटनाओं में 78 प्रतिशत सड़क दुर्घटना वाहन चालक की गलती के कारण होती है। सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के उद्देश्य से वाहन चालकों को प्रशिक्षण देने के लिये 3 स्तर प्रादेशिक, संभागीय और जिला स्तर पर प्रशिक्षण केन्द्रो की स्थापना करने का निणर्य लिया गया है। केन्द्र सरकार द्वारा प्रदेश के इंदौर और छिंदवाड़ा में इंस्टीट्यूट ऑफ ड्राइविंग ट्रेनिंग एण्ड रिसर्च सेंटर संचालित किये जा रहे है। इसके अलावा छतरपुर और 10 अन्य स्थानों पर ड्राइविंग इंस्टीट्यूट शुरू किये जाने के प्रयास किये जा रहे है।  

चार दशक पहले साडा के समय अल्का कॉम्प्लेक्स में बनी चार दुकानें अचानक भर-भराकर गिरी

कोरबा शहर के ट्रांसपोर्ट नगर क्षेत्र में सोमवार की दोपहर एक बड़ा हादसा हो गया. करीब चार दशक पहले साडा के समय अल्का कॉम्प्लेक्स में बनी चार दुकानें अचानक भर-भराकर गिर गई. इस हादसे के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई. इस दौरान कई दुकानदार बाल-बाल बच गए. इस हादसे में किसी तरह की जनहानी नहीं हुई है, लेकिन दुर्घटना से कारोबारियों में दहशत का माहौल देखा जा रहा है. दुकानदारों ने ठेकेदार पर लापरवाही का आरोप लगाया है. बताया जा रहा है कि इस स्थान पर निगम नाली का निर्माण करा रहा है, जिसके कारण यह हादसा हो गया. इस हादसे के बाद घटना स्थल पर राहगीरों की भीड़ लग गई है. घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची है.

मंत्री कुमावत ने विश्व वन्यजीव दिवस के अवसर पर पशुधन भवन में पक्षियों के लिए चुग्गे और पानी के परिंडे बांधकर अभियान की शुरूआत

जयपुर, पशुपालन, डेयरी एवं गोपालन मंत्री श्री जोराराम कुमावत ने विश्व वन्यजीव दिवस के अवसर पर टोंक रोड स्थित पशुधन भवन में पक्षियों के लिए चुग्गे और पानी के परिंडे बांधकर अभियान की शुरूआत की। शासन सचिव डॉ. समित शर्मा ने भी पक्षियों के लिए परिंडे बांधे।  इस अवसर पर मंत्री श्री कुमावत ने कहा कि हमारी सनातन संस्कृति वसुधैव कुटुम्बकम के भाव को लेकर चलती है जहां हर प्राणी मात्र का महत्व है, जहां गौमाता के साथ साथ पीपल ओर वटवृक्ष भी पूजे जाते हैं। हम प्राणी मात्र के प्रति दया और करुणा का भाव रखते हैं जिसमें मूक पशु पक्षी भी शामिल हैं। इसीलिए हम पशु और पक्षियों के संरक्षण और संवर्द्धन के लिए काम करते हैं। उन्होंने कहा कि अभी गर्मी का मौसम शुरु हो रहा है। ऐसे में प्रदेश में कई स्थानों पर पशु पक्षियों के लिए पीने के पानी की समस्या हो जाती है। इसके लिए सरकार गौशालाओं में चारे पानी की व्यवस्था के लिए विशेष प्रयास करती है। आज विश्व वन्य जीव दिवस है आज के दिन पशुपालन विभाग प्रदेश भर में पक्षियों के लिए परिंडे बांधने की शुरूआत कर रहा है जिससे गर्मी के मौसम में पक्षियों को पानी की समस्या नहीं होगी और पशु और पक्षियों को स्वच्छ और पीने योग्य पानी मिल सकेगा। उन्होंने कहा कि राजस्थान में कई स्वयंसेवी संस्थाएं भी पशु पक्षियों के कल्याण के लिए काम करती हैं।  श्री कुमावत ने राज्य सरकार के दोनों बजट में गौशालाओं के लिए चारे पानी के अनुदान में क्रमशः 10 प्रतिशत और 15 प्रतिशत वृद्धि करने पर मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया और उन्हें धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि सरकार के इस कदम से गौशालाओं में गायों के चारे पानी की उपलब्धता सुनिश्चित करने में और भी सहायता मिलेगी। इस अवसर पर विभाग के शासन सचिव डॉ. समित शर्मा ने कहा कि आज विश्व वन्यजीव दिवस है। इस अवसर पर विभाग ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लेकर विभाग की 10 हजार 500 संस्थाओं यहां पशुपालक अपने पशुओं को उपचार के लिए लेकर आते हैं, गोपालन विभाग के कार्यालय और प्रदेश की सभी गौशालाओं में उचित स्थान पर परिंडे बांधने और पानी के कुंड स्थापित करने का अभियान आज प्रारंभ किया है। उन्होंने कहा कि आमजन तथा राजकीय विभागों का यह दायित्व है कि पशुओं एवं पक्षियों के लिए पानी की व्यवस्था हेतु आम नागरिक, स्वयंसेवी संस्थाओं, पशु- पक्षी प्रेमियों तथा अन्य स्टेक होल्डर्स को इसके लिए प्रेरित किया जाए। उन्होंने विभाग के अधिकारियों और कार्मिकों से भी चुग्गे की व्यवस्था के लिए अपना अपना योगदान देने का आग्रह किया। मंत्री कुमावत ने इस अवसर पर स्वर्गीय डॉ शशांक मनोहर की स्मृति में 8 मार्च को आयोजित होने वाली 10वीं वेटरिनेरियन क्रिकेट लीग के पोस्टर का भी लोकार्पण किया। पशुपालन निदेशक और आरएलडीबी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ आनंद सेजरा, गोपालन निदेशक श्री प्रह्लाद सहाय नागा तथा मत्स्य विभाग की निदेशक श्रीमती संचिता विश्नोई ने भी पक्षियों के लिए परिंडे बांधे। इस अवसर पर बड़ी संख्या में पशुपालन, गोपालन और मत्स्य विभाग के अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित थे।

कृषि अधिकारी के 52 पदों पर भर्ती प्रक्रियाधीन : उद्योग राज्य मंत्री

जयपुर, उद्योग राज्य मंत्री के.के. विश्नोई ने सोमवार को विधानसभा में कहा कि माण्डलगढ़ विधानसभा क्षेत्र की बिजौलियां पंचायत समिति मुख्यालय पर नोडल अधिकारी के रूप में कृषि अधिकारी के पद सृजन का कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं हैं। राज्य सरकार द्वारा वर्तमान में कृषि अधिकारी के 52 पदों पर भर्ती प्रक्रियाधीन है। भर्ती प्रकिया पूर्ण होने पर मांग के आधार पर बिजौलियां पंचायत समिति मुख्यालय पर कृषि अधिकारी पद के सम्बन्ध में विचार किया जाएगा। उद्योग राज्य मंत्री सोमवार को प्रश्नकाल के दौरान सदस्य द्वारा इस सम्बन्ध में पूछे गए पूरक प्रश्नों का कृषि मंत्री की तरफ से जवाब दे रहे थे। उन्होंने कहा कि माण्डलगढ़ विधानसभा क्षेत्र में मृदा परीक्षण प्रयोगशाला की मांग का परीक्षण करवा कर इस सम्बन्ध में उचित निर्णय लिया जाएगा। इससे पहले विधायक श्री गोपाल लाल शर्मा के मूल प्रश्न के लिखित जवाब में उद्योग राज्य मंत्री ने बताया कि कृषि विभाग में पंचायत समिति स्तर पर कृषि अधिकारी का पद सृजित नहीं हैं। कृषि अधिकारी का पद जिला स्तर पर कार्यालय संयुक्त निदेशक कृषि (विस्तार) जिला परिषद एवं उप जिला स्तरीय कार्यालय सहायक निदेशक कृषि (विस्तार) में सृजित हैं। वर्तमान में पंचायत समिति मुख्यालय पर नोडल अधिकारी के रूप में कृषि अधिकारी के पद सृजन का कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं हैं। उन्होंने बताया कि माण्डलगढ़ विधानसभा क्षेत्र की पंचायत समिति बिजौलियां वर्तमान में सहायक निदेशक कृषि (विस्तार), भीलवाड़ा के अधीन हैं, जिसमें 03  कृषि अधिकारी के पद स्वीकृत एवं कार्यरत हैं। कार्यालय सहायक निदेशक कृषि (विस्तार), भीलवाड़ा के अधीन कुल 08 पंचायत समिति का कार्यक्षेत्र आता हैं। कार्यालय सहायक निदेशक कृषि (विस्तार), भीलवाड़ा में सृजित कृषि अधिकारी द्वारा ही बिजौलियां पंचायत समिति का कार्य सम्पन्न किया जाता हैं। श्री विश्नोई ने बताया कि वर्तमान में उद्यान विभाग में सहायक कृषि अधिकारी का पद कोटडी मुख्यालय एवं कृषि पर्यवेक्षक का पद माण्डलगढ़ मुख्यालय पर सृजित है। उक्त वर्णित दोनों सृजित पद पर पदस्थापित कार्मिकों द्वारा ही पंचायत समिति बिजौलियां का कार्य सम्पन्न किया जाता है। उन्होंने बताया कि विधानसभा क्षेत्र माण्डलगढ़ की पंचायत समिति बिजौलियां में उद्यान विभाग के सहायक कृषि अधिकारी एवं कृषि पर्यवेक्षक का पद सृजित करने का वर्तमान में कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है। उन्होंने जानकारी दी कि भीलवाड़ा जिले में जिला मुख्यालय पर 01 मिट्टी परीक्षण प्रयोगशाला एवं 03 ब्लॉक स्तरीय प्रयोगशालाएं यथा गंगापुर-01(सहाड़ा ब्लॉक), कोटड़ी-01(कोटड़ी ब्लॉक), गुलाबपुरा-01(हुरड़ा ब्लॉक) स्थापित हैं। इन प्रयोगशालाओं द्वारा किसानों के खेतों की मिट्टी की जांच की जा रही हैं। वर्तमान में माण्डलगढ़ में नवीन मिट्टी परीक्षण प्रयोगशाला स्थापित किया जाना प्रस्तावित नहीं हैं।

बजट में नियमितीकरण सहित विभिन्न मांगों पर कोई घोषणा नहीं, हड़ताल करेंगे अनियमित कर्मचारी

रायपुर राज्य सरकार की बजट से निराश अनियमित कर्मचारियों ने हड़ताल का ऐलान कर दिया है. छत्तीसगढ़ प्रगतिशील अनियमित कर्मचारी फेडरेशन के प्रदेश अध्यक्ष गोपाल प्रसाद साहू ने बताया, बजट में नियमितीकरण सहित विभिन्न मांगों पर कोई घोषणा नहीं की गई. इसके चलते प्रदेशभर के अनियमित कर्मचारी हड़ताल पर जाएंगे. रायपुर में 13 अप्रैल को जंगी धरना-प्रदर्शन किया जाएगा. छत्तीसगढ़ प्रगतिशील अनियमित कर्मचारी फेडरेशन एवं अनियमित संगठनों के पदाधिकारियों ने कलेक्ट्रेट गार्डन रायपुर में बैठक कर हड़ताल पर जाने का निर्णय लिया है. बैठक में फेडरेशन के विभिन्न पदाधिकारी, 20 अनियमित संगठन के पदाधिकारी एवं 11 विभिन्न विभागों के प्रतिनिधि सहित 50 से अधिक लोग सम्मिलित हुए थे. ये हैं अनियमित कर्मचारियों की प्रमुख मांगें     नियमितीकरण, स्थायीकरण, निकाले गए कर्मचारियों की बहाली किया जाए.     कर्मचारियों को न्यूनतम वेतन दिया जाए, अंशकालीन कर्मचारियों को पूर्णकालीन किया जाए.     आउटसोर्सिंग, ठेका कर्मचारियों को विभाग में सीधे नियोजित किया जाए.

RSSB ने ड्राइवर के 2,756 पदों पर निकली भर्ती, 10वीं पास के लिए शानदार मौका

राजस्थान अधीनस्थ एवं मंत्रालयिक सेवा चयन बोर्ड (RSSB) ने ड्राइवर (चालक) के पदों पर भर्ती के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी है। कुल 2,756 पदों के लिए आवेदन किया जा सकता है। इच्छुक उम्मीदवार अब RSSB की आधिकारिक वेबसाइट या SSO पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन प्रक्रिया 27 फरवरी 2025 से शुरू हो चुकी है और इसकी अंतिम तिथि 28 मार्च 2025 है। रिक्ति विवरण कुल पोस्ट – 2,756 – सामान्य वर्ग के लिए: 2,602 पद – विशेष वर्ग (अन्य पिछड़ा वर्ग, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति) के लिए: 154 पद शैक्षिक योग्यता एवं आवश्यकताएँ शैक्षणिक योग्यता: उम्मीदवार का 10वीं कक्षा पास होना अनिवार्य है। अनुभव: ड्राइविंग लाइसेंस के साथ कम से कम 3 वर्ष का अनुभव होना चाहिए। आयु सीमा उम्मीदवार की आयु 18 से 40 वर्ष के बीच होनी चाहिए। आरक्षित वर्ग के उम्मीदवारों को आयु में छूट दी जाएगी। आवेदन शुल्क जनरल/ओबीसी (क्रीमी लेयर)/ईडब्ल्यूएस वर्ग के लिए: 600 रुपए एससी, एसटी, ओबीसी (नॉन-क्रीमी लेयर) के लिए: 400 रुपए चयन प्रक्रिया उम्मीदवारों का चयन 3 चरणों में होगा:- – लिखित परीक्षा – ड्राइविंग टेस्ट – इंटरव्यू महत्वपूर्ण तिथियां ऑनलाइन आवेदन शुरू होने की तिथि: 27 फरवरी 2025 आवेदन की अंतिम तिथि: 28 मार्च 2025 परीक्षा तिथि: 22 और 23 नवंबर 2025 आवेदन कैसे करें इच्छुक उम्मीदवार आधिकारिक वेबसाइट या SSO पोर्टल पर जाकर आवेदन कर सकते हैं। आवेदन से संबंधित अधिक जानकारी के लिए उम्मीदवार को आधिकारिक विज्ञापन को ध्यान से पढ़ना चाहिए। उम्मीदवार QR कोड स्कैन करके भी विस्तृत जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।  

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