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आदिवर्त संग्रहालय में ‘देशज’ समारोह में बघेलखंड और बुंदेलखंड की लोक कला का शानदार प्रदर्शन

खजुराहो  मध्यप्रदेश शासन के संस्कृति विभाग द्वारा संचालित ‘आदिवर्त’ जनजातीय लोककला राज्य संग्रहालय, खजुराहो में रविवार, 02 मार्च 2025 को ‘देशज’ समारोह का आयोजन किया गया। यह समारोह जनजातीय नृत्य, गायन और लोक कला को समर्पित था, जिसमें बघेलखंड और बुंदेलखंड क्षेत्र के लोकगीतों और नृत्य परंपराओं की शानदार प्रस्तुति दी गई। समारोह की शुरुआत दीप प्रज्वलन से हुई,  इसके बाद कलाकारों का स्वागत किया गया। इस कार्यक्रम में पहली प्रस्तुति दी सुगायत्री देवी अहिरवार एवं उनके साथियों ने, जिन्होंने निवाड़ी से बुंदेली लोकगीतों की दिल छू लेने वाली प्रस्तुति दी। कार्यक्रम में अगली प्रस्तुति केवल कुमार द्वारा गुदुम्बजा जनजातीय नृत्य की रही। गुदुम्बजा नृत्य गोण्ड जनजाति की उपजाति ढुलिया का पारंपरिक नृत्य है, जिसे ढुलिया जनजाति के कलाकारों द्वारा गुदुम, ढफ, मंजीरा, शहनाई, और टिमकी जैसे वाद्यों के साथ प्रस्तुत किया जाता है। खासतौर पर विवाह समारोह और अन्य धार्मिक अवसरों पर इस नृत्य की विशेष मांग रहती है। समारोह की आखिरी प्रस्तुति में सुकल्याणी मिश्रा और उनके साथियों ने रीवा से बघेली लोकगीतों की मनमोहक प्रस्तुति दी, जिसने दर्शकों का दिल जीत लिया। ‘देशज’ समारोह का अगला संस्करण 08 मार्च 2025 को आयोजित होगा, जिसमें प्रेमनारायण चोबे, मुकेश जाटव, सुरामवती राजपूत, महेश कुमार मिश्रा, हरचरण श्रीवास और राममिलन राय द्वारा बुंदेली लोकगीतों की प्रस्तुति दी जाएगी। इसके साथ ही संतोष कुमार यादव द्वारा अहिराई नृत्य का आयोजन भी होगा। यह समारोह खजुराहो की सांस्कृतिक धरोहर को जीवित रखने और क्षेत्रीय कला को बढ़ावा देने में एक अहम भूमिका निभा रहा है।

व्यक्ति की ये बुरी आदतें जीवन में कर देती असफल

शायद ही कोई ऐसा व्यक्ति होगा, जो खुद को अपने जीवन में सफल देखने की ख्वाहिश ना रखता हो। हर व्यक्ति अपने जीवन में सफलता का स्वाद चखना चाहता है। जिसके लिए वो समय-समय पर कड़ी मेहनत भी करता है। लेकिन कई बार मेहनती होने के बावजूद कुछ लोगों से सफलता कोसों दूर बनी रहती है। जिसके पीछे उनकी 4 बुरी आदतें जिम्मेदार हो सकती हैं। आइए जानते हैं व्यक्ति की उन 4 बुरी आदतों के बारे में, जो उसे जीवन में कमजोर बनाकर सफल होने से रोकती हैं। ऐसे में अगर आप अपने जीवन में सफलता का स्वाद लेते हुए आगे बढ़ते रहना चाहते हैं तो इन आदतों से समय रहते छुटकारा पा लेना चाहिए। अतीत में फंसे रहना ऐसा व्यक्ति जो हमेशा अपने अतीत में फंसा रहता है, कभी भी अपने जीवन से जुड़े बड़े फैसले आसानी से नहीं ले पाता है। ऐसा करते समय वो हमेशा खुद को कमजोर महसूस करता है, जिसकी वजह से सफलता उनसे हमेशा दूर बनी रहती है। अगर आप जीवन में सफलता पाना चाहते हैं तो अपनी इस आदत को तुरंत बदल डालें। जितना जल्दी हो सके अपने अतीत से बाहर निकलने की कोशिश करें। अविश्वासी होना जो व्यक्ति दूसरों पर कभी विश्वास नहीं करते हैं, वो हमेशा अपने जीवन में अकेले रह जाते हैं। किसी पर भी भरोसा न कर पाने की आदत उन्हें जीवन में आगे नहीं बढ़ने देती है। जिसकी वजह से उन्हें बाकी लोगों की तुलना में सफल होने के लिए ज्यादा मेहनत करनी पड़ सकती है। अकेलेपन की वजह से व्यक्ति मानसिक रोग का शिकार भी हो सकता है। जबकि टीम के साथ मिलकर काम करने से आपको प्रोत्साहन और समर्थन मिलता है, जिससे आपकी उपलब्धियां और ज्यादा बढ़ती हैं। चुनौतियों का सामना करने से पीछे हटना जो व्यक्ति जीवन में चुनौतियां लेने से घबराता है, वह अंदर ही अंदर खोखला और कमजोर होता चला जाता है। अगर आप जीवन में सफलता पाना चाहते हैं तो आपको हर चुनौती का डटकर सामना करना चाहिए। गलतियों को अनदेखा करना जो व्यक्ति अपनी गलतियों को हमेशा अनदेखा करता रहता है, उनसे कोई सीख नहीं लेता है, उसे जीवन में असफल होने से कोई नहीं रोक सकता है। हर सफल व्यक्ति में अपनी गलतियों से सीखने का गुण होता है।

मुख्यमंत्री ने उद्योगपतियों से कटनी के औद्योगिक विकास पर किया संवाद

कटनी सहित प्रदेश के 10 अलग- अलग स्थानों में होगी इंडस्ट्री कॉन्क्लेव : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि राज्य में औद्योगिक निवेश के लिए बेहतर और अनुकूल वातावरण मुख्यमंत्री ने उद्योगपतियों से कटनी के औद्योगिक विकास पर किया संवाद भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि राज्य में औद्योगिक निवेश के लिए बेहतर और अनुकूल वातावरण है। प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में उपलब्ध संसाधन और संभावनाओं को देखते हुए कटनी सहित 10 अलग-अलग जिलों में इंडस्ट्री कॉन्क्लेव का आयोजन किया जाएगा। कटनी जिला औद्योगिक निवेश की दृष्टि से संभावनाओं वाला जिला है। कटनी में उद्योग एवं निवेश को बढ़ावा देने से रोजगार और आर्थिक विकास के नए अवसर सृजित होंगे। ऐसे में कटनी में शीध्र ही मिनरल एंड माइनिंग और फूड प्रोसेसिंग संबंधी इंडस्ट्री कॉन्क्लेव आयोजित की जायेगी। मुख्यमंत्री ने यह बात रविवार को कटनी जिले में औद्योगिक विकास के संबंध में उद्योगपतियों से संवाद में कही। सांसद शहडोल श्रीमती हिमाद्री सिंह, विधायक मुड़वारा संदीप श्रीप्रसाद जायसवाल, विधायक बहोरीबंद प्रणय प्रभात पाण्डे, विधायक बड़वारा धीरेन्द्र बहादुर सिंह, महापौर श्रीमती प्रीति सूरी, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती सुनीता मेहरा और दीपक टंडन मंचासीन रहे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने के लिए वर्ष-2025 को उद्योग एवं रोजगार वर्ष घोषित किया गया है। पूरे वर्ष प्रदेश में औद्योगिक विकास को लेकर एक मिशन के तौर पर प्रयास किये जाएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि इसके तहत माइनिंग मिनरल, फूड प्रोसेसिंग जैसी जिस प्रकार की, जिस स्थान पर संभावनाएं उपलब्ध होंगी, प्रदेश की उन 10 अलग-अलग जगहों में इंडस्ट्री कॉन्क्लेव का आयोजन होगा। उन्होंने कहा कि इसकी शुरूआत सबसे पहले इंदौर से आईटी, सेमीकंडक्टर व आर्टिफिशियल इंजीनियरिंग पर केन्द्रित इंडस्ट्री कॉन्क्लेव और फिर उज्जैन में पर्यटन (विशेषकर धार्मिक पर्यटन) और फूड प्रोसेसिंग के मद्देनजर इंडस्ट्री कॉन्क्लेव का आयोजन किया जाएगा। इसके बाद अन्य स्थानों में भी इंडस्ट्री कॉन्क्लेव आयोजित होगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कटनी में माइनिंग एवं मिनरल्स, फूड प्रोसेसिंग, चूना उद्योग, मार्बल उद्योग के नजरिये से औद्योगिक विकास की असीम संभावनाएं हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार समाज के सभी वर्गों की बेहतरी के लिए कदम से कदम मिलाकर चल रही है। मध्यप्रदेश में औद्योगिक निवेश के नजरिए से अनुकूलता है। राज्य में अलग-अलग प्रकार की परिस्थितियों के साथ संभावनाएँ भी है। मध्यप्रदेश अपने रणनीतिक प्रयासों से औद्योगिक विकास के नये युग की ओर अग्रसर है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उद्योगपतियों से जनसंवाद के दौरान ही संभागायुक्त जबलपुर अभय वर्मा एवं कलेक्टर कटनी दिलीप कुमार यादव से कहा कि वे उद्योगपतियों के हित व औद्योगिक विकास के नजरिए से शासन की सभी 18 प्रकार की नीतियों और उद्योग की स्थापना में मिलने वाले लाभों की जानकारी उद्योगपतियों को उपलब्ध कराएं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उद्योगपतियों से संवाद कार्यक्रम की शुरूआत माँ सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप-प्रज्जवलन से की। इसके बाद उद्योगपतियों के प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री का पुष्प-गुच्छ से स्वागत किया। जिला प्रशासन नें मुख्यमंत्री डॉ. यादव को एक जिला एक उत्पाद के तहत चयनित कटनी सैंड स्टोन से निर्मित अशोक स्तंभ की प्रतिकृति भेंट की। उद्योगपतियों ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव को भगवान पिंड गणेश की प्रतिमा भेंट की। बैठक में जिला पंचायत उपाध्यक्ष अशोक विश्वकर्मा, सहित उद्योगपति पवन मित्तल, अरविंद गुगालिया, लघु उद्योग भारती के महामंत्री अरूण कुमार सोनी के अलावा माइनिंग एंड मिनरल्स, हेल्थ, एजुकेशन, दाल एवं राईस मिल, होटल व्यवसाय से संबंधित उद्योगपतियों की मौजूदगी रहीं।  

उप मुख्यमंत्री ने किया गौवंश वन्य विहार में प्रशासनिक भवन का लोकार्पण

भोपाल उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा है कि बसामन मामा गौवंश वन्य विहार, गौ सेवा का आदर्श स्थल बनेगा। गौवंश वन्य विहार में अधोसंरचना व विकास के अधिकतर कार्य पूर्णता की ओर हैं। गौवंश वन्य विहार में संरक्षित गौवंश के गोबर व मूत्र से बनने वाले उत्पादों का विक्रय कर इसे पूर्णत: आत्मनिर्भर बनाया जाएगा। शुक्ल ने एक करोड़ रुपए की लागत से बनाए गए प्रशासनिक भवन गौ कार्यालय का लोकार्पण किया। गौ-कार्यालय के नव निर्मित हॉल में समीक्षा बैठक में उप मुख्यमंत्री ने गौवंश वन्य विहार में शेष कार्यों की विभागवार जानकारी प्राप्त की। उन्होंने कहा कि गौवंश वन्य विहार में जल की निर्बाध आपूर्ति होती रहे इसलिए आवश्यक है कि भूजल स्तर कम न हो। उन्होंने गौवंश वन्य विहार से लगे तालाब को नदी से भरने के निर्देश दिए। द्वितीय चरण के तहत नाला में रपटा कम स्टॉप डैम, चेकडैम तथा शेष बाउन्ड्रीवाल के निर्माण कार्य को स्वीकृत कर कार्य प्रारंभ करने के निर्देश बैठक में दिए गए। उन्होंने कहा कि निर्बाध विद्युत आपूर्ति की व्यवस्था सुनिश्चित कराई जाए। आगामी समय में सब स्टेशन का भी निर्माण कार्य कराया जाएगा। उप मुख्यमंत्री ने बैठक में गौवंश वन्य विहार में गौ सेवा के लिए प्रोटोकाल बनाकर कार्य किए जाने की बात कही। उन्होंने कहा कि संरक्षित गौवंश का डाटा शीट में पूर्ण विवरण दर्ज किया जाए। उन्होंने कहा कि गोबर व गौमूत्र से बनने वाले उत्पादों का विक्रय कर गौवंश वन्य विहार को पूर्णत: आत्मनिर्भर बनाया जाएगा। गोबर से बनने वाली खाद का विक्रय किया जाएगा। किसानों को गौशाला से जोड़ने का कार्य प्राथमिकता से होगा ताकि वह यहाँ से जरूरत के अनुसार खाद क्रय कर सकें। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि बॉयो गैस प्लांट को शीघ्र प्रारंभ किया जाए तथा मृत पशुओं के निष्पादन की यूनिट लगाने का काम शीघ्र प्रारंभ कराएं। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि बसामन मामा गौवंश वन्य विहार का आदर्श संचालन सुनिश्चित कराते हुए गौ सेवा के साथ ही इसे पूर्णत: आत्मनिर्भर बनाया जाएगा। उप मुख्यमंत्री ने गौवंश वन्य विहार में निर्मित रेस्ट हाउस में रात्रि विश्राम किया तथा प्रात:काल भ्रमण कर व्यवस्थाओं का अवलोकन करते हुए गौवंश को चारा एवं गुड़ खिलाया। बैठक में अध्यक्ष जिला पंचायत श्रीमती नीता कोल, पूर्व विधायक केपी त्रिपाठी, सीसीएफ राजेश राय, अमित अभयरामदास महाराज, समाजसेवी राजेश पाण्डेय, सहित अधिकारी, जनप्रतिनिधि और ग्रामीणजन उपस्थित रहे।  

दवा विक्रेता संघ ने उप मुख्यमंत्री का किया सम्मान

भोपाल उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा है कि पीड़ित मानवता की सेवा में दवा विक्रेताओं की भी महत्वपूर्ण भूमिका है। केन्द्र सरकार द्वारा प्रारंभ किए गए निरोगी काया अभियान में होने वाली नि:शुल्क जाँच कराने के लिए लोगों को जागरूक करने का कार्य दवा विक्रेता संघ करे ताकि अधिक से अधिक लोग इसका लाभ ले सकें। उप मुख्यमंत्री का रीवा जिला दवा विक्रेता संघ द्वारा सम्मान किया गया। उप मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में टीबी से पीड़ित मरीजों को पूरक आहार किट वितरित किए। सम्मान समारोह में उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि देश में स्वास्थ्य सुविधाओं की वृद्धि हुई है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में स्वास्थ्य के क्षेत्र में अभूतपूर्व कार्य किए जा रहे हैं। आम आदमी को स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए आयुष्मान योजना वरदान बनी है। रीवा में भी सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में गंभीर रोगों का इलाज आयुष्मान कार्डधारियों को नि:शुल्क हो रहा है। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि केन्द्र सरकार द्वारा 20 फरवरी से 31 मार्च तक संचालित निरोगी काया अभियान में बीपी, शुगर एवं लीवर की नि:शुल्क जाँच की जा रही है। उन्होंने 30 वर्ष से अधिक आयु के सभी व्यक्तियों से इन जाँचों को कराने की अपेक्षा की। उन्होंने कहा कि रीवा जिले में प्रतिदिन की जाने वाली जाँच की रिपोर्टिंग व मॉनीटरिंग हो और यह प्रयास हो कि रीवा जिला देश में इन जाँचों में अग्रणी रहे। कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती नीता कोल, अध्यक्ष नगर निगम व्यकंटेश पाण्डेय, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती माया सिंह, समाजसेवी राजेश पाण्डेय, प्रदीप गौतम सुमन, दवा विक्रेता संघ के अध्यक्ष तरूणेन्द्र सिंह, विजय सिंह, सतीश मिश्रा सहित बड़ी संख्या में दवा विक्रेता संघ के पदाधिकारी व सदस्य उपस्थित रहे।  

यूनियन कार्बाइड के अपशिष्ट :अपशिष्ट के दहन की लगातार की जा रही है मॉनिटरिंग

पीथमपुर उच्च न्यायालय जबलपुर द्वारा रिट याचिका क्रमांक 2802/2004 (आलोक प्रताप सिंह विरुद्ध यूनियन ऑफ इंडिया एवं अन्य) में विगत 18 फरवरी 2025 को पारित आदेशानुसार यूनियन कार्बाइड के अपशिष्ट का प्रथम ट्रायल रन  27 फरवरी 2025 से मेसर्स पीथमपुर इंडस्ट्रीयल वेस्ट मैनेजमेंट प्रा.लि. पीथमपुर, जिला धार द्वारा संचालित इंसीनरेटर में किया जा रहा है। संभागायुक्त दीपक सिंह ने बताया कि आज 02 मार्च,2025 को शाम 05 बजे तक 6750 किलोग्राम अपशिष्ट का दहन किया जा चुका है। अपशिष्ट के साथ लगभग 6750 किलोग्राम लाईम भी मिलाकर दहन किया गया है। फ्लू गैसेस की सफाई हेतु लगभग 7500 किलोग्राम लाईम, 3750 किलोग्राम एक्टीवेटेड कार्बन तथा 50 किलोग्राम सल्फर का उपयोग किया गया। अपशिष्ट को जलाने हेतु लगभग 33 हजार लीटर डीजल की खपत हो चुकी है। अपशिष्ट के दहन के दौरान चिमनी से हो रहे इमीशन की लगातार मॉनिटरींग केन्द्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड एवं म.प्र. प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के लगभग 20 अधिकारी / कर्मचारियों द्वारा की जा रही है। साथ ही इमीशन के लगातार मॉनिटरींग के लिये ऑनलाईन कन्टीन्युअस इमीशन मॉनिटरींग सिस्टम (OCEMS) भी संचालित है। चिमनी से उत्सर्जन निर्धारित मानक सीमा के भीतर पाये जा रहे है। संभागायुक्त सिंह ने बताया कि पर्टीक्यूरेट मेटर का उत्सर्जन 9.6 मिलीग्राम/सामान्य घनमीटर है, जिसकी निर्धारित अधिकतम मानक सीमा 50 मिलीग्राम/सामान्य घनमीटर है। इसी तरह सल्फर डाईऑक्साइड का उत्सर्जन 70 मिलीग्राम/सामान्य घनमीटर है, इसकी अधिकतम मानक सीमा 200 मिलीग्राम/सामान्य घनमीटर है। नाईट्रोजन ऑक्साईड्स का उत्सर्जन 116 मिलीग्राम/सामान्य घनमीटर है, इसकी निर्धारित अधिकतम मानक सीमा 400 मिलीग्राम/सामान्य घनमीटर है। कार्बन मोनो ऑक्साईड का उत्सर्जन 18 मिलीग्राम/सामान्य घनमीटर है, इसकी अधिकतम मानक सीमा 100 मिलीग्राम/सामान्य घनमीटर है। इसी प्रकार कार्बन डाईऑक्साइड का उत्सर्जन 6.54 प्रतिशत हो रहा है, इसकी निर्धारित अधिकतम मानक सीमा 7 प्रतिशत है। हाईड्रोजन क्लोराईड का उत्सर्जन 3.86 मिलीग्राम/सामान्य घनमीटर है, इसकी अधिकतम मानक सीमा 50 मिलीग्राम/सामान्य घनमीटर है। हाईड्रोजन फ्लोराईड का उत्सर्जन 1.85 मिलीग्राम/सामान्य घनमीटर है, इसकी निर्धारित अधिकतम मानक सीमा 4 मिलीग्राम/सामान्य घनमीटर है तथा टोटल आर्गेनिक कार्बन का उत्सर्जन 2 मिलीग्राम/सामान्य घनमीटर है, इसकी निर्धारित अधिकतम मानक सीमा 20 मिलीग्राम/सामान्य घनमीटर है।  

मुख्यमंत्री शिव महापुराण कथा में हुए शामिल

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि सनातन धर्म की कथा अच्छी तरह से जीवन जीने की प्रेरणा देती है। सनातन धर्म में 18 पुराणों में सर्वश्रेष्ठ शिव पुराण को माना जाता है। काल के देवता महाकाल और महादेव एक ही हैं। इन्हें देवता और असुर समान रूप से पूजकर आशीर्वाद प्राप्त करते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सतना जिले के रामपुर बघेलान में आयोजित शिव महापुराण कथा में शामिल होने के बाद रविवार को श्रद्धालुओं को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने व्यास पीठ पर विराजित राजगुरु बद्री प्रपन्नाचार्य जी और पोडी धाम के स्वामी वल्लभाचार्य जी महाराज से आशीर्वाद प्राप्त किया और पूर्व मंत्री स्व. हर्ष नारायण सिंह की पुण्यतिथि पर पुष्पांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव रामपुर बघेलान के विधायक विक्रम सिंह और श्रीमती शिवांगी सिंह द्वारा पूर्व मंत्री स्व. हर्ष नारायण सिंह की पुण्यतिथि पर आयोजित शिव महापुराण कथा में शामिल हुए। मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत का यह स्वर्णिम समय है, जब अयोध्या में भगवान श्रीराम का मंदिर जगमगा रहा है। महाकुंभ में देश-विदेश के करोड़ों लोगों ने स्नान कर पुण्य लाभ लिया है। उन्होंने कहा कि महाकुंभ और कथा जैसे धार्मिक समागम हमारी ऊर्जा और सनातन प्राचीन संस्कृति से जोड़ने के अवसर प्रदान करते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में जहां-जहां भगवान राम और कृष्ण की लीलाएं हुई हैं, उन सभी स्थानों को जगमगाने का संकल्प प्रदेश सरकार ने लिया है। चित्रकूट धाम भी अयोध्या की तरह जगमगाएगा। आने वाले समय में मध्यप्रदेश देश का सबसे सुंदर राज्य बनेगा। शिव महापुराण कथा में उप-मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल, नगरीय विकास एवं आवास राज्यमंत्री श्रीमती प्रतिमा बागरी, विधायक विक्रम सिंह, सुरेंद्र सिंह गहरवार, जिला पंचायत अध्यक्ष रामखेलावन कोल और भगवती प्रसाद पाण्डेय सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।  

महाराजा मार्तण्ड सिंह व्हाइट टाइगर सफारी के निर्माणाधीन बाड़ों का कार्य शीघ्र पूर्ण कराएं: उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल

भोपाल उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा है कि महाराजा मार्तण्ड सिंह व्हाइट टाइगर सफारी के निर्माणाधीन बाड़ों का कार्य शीघ्र पूर्ण कराएं जिससे वहाँ विभिन्न प्रजातियों के जीवों को रखा जा सके। उन्होंने सरीसृप प्रजाति के लिए बनाए जा रहे रेप्टाइल हाउस के निर्माण कार्य का निरीक्षण किया। पूर्ण गुणवत्ता के साथ कार्य को पूरा करने के निर्देश दिए। उप मुख्यमंत्री ने व्हाइट टाइगर सफारी मुकुंदपुर का भ्रमण कर ग्वालियर से लाए गए व्हाइट टाइगर शावक को उत्साहपूर्वक देखा। उप मुख्यमंत्री ने वर्ल्ड एवियरी बाड़े का भ्रमण कर रंग-बिरंगे परिंदों को भी देखा। इस अवसर पर वन मण्डलाधिकारी सतना ने व्हाइट टाइगर सफारी में निर्माणाधीन कार्यों तथा प्रस्तावित कार्यों के बारे में उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल को अवगत कराया। भ्रमण के दौरान जिला पंचायत अध्यक्ष रीवा श्रीमती नीता कोल, नगर पालिक निगम रीवा के अध्यक्ष श्री व्यंकटेश पाण्डेय, सीसीएफ राजेश राय, डीएफओ सतना मयंक चांदीवाल, विवेक दुबे, राजेश पाण्डेय सहित जनप्रतिनिधिगण व अधिकारी उपस्थित रहे।  

रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने किया सहकारिता विभाग के वार्षिक कैलेंडर का विमोचन

रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने किया सहकारिता विभाग के वार्षिक कैलेंडर का विमोचन “सहकार से समृद्धि” की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज मंत्रालय में सहकारिता विभाग की गतिविधियों पर आधारित वार्षिक कैलेंडर का विमोचन किया। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री अरुण साव, विजय शर्मा, सहकारिता मंत्री केदार कश्यप सहित सभी कैबिनेट मंत्रीगण उपस्थित थे। मुख्यमंत्री साय ने इस अवसर पर सहकारिता विभाग के अधिकारियों को बधाई देते हुए कहा कि “सहकार से समृद्धि” के मूलमंत्र पर आधारित यह कैलेंडर राज्य सरकार द्वारा सहकारिता के क्षेत्र में किए जा रहे नवाचारों और उपलब्धियों का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि जनकल्याणकारी योजनाओं में सहकारिता की भागीदारी छत्तीसगढ़ को समृद्धि और विकास के नए आयामों तक ले जाएगी। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सहकारिता को मिली मान्यता मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र संघ द्वारा वर्ष 2025 को ‘अंतरराष्ट्रीय सहकारिता वर्ष’ घोषित किया गया है। इसी परिप्रेक्ष्य में, भारत सरकार के सहकारिता मंत्रालय द्वारा “सहकार से समृद्धि” अभियान के तहत विविध गतिविधियाँ पूरे छत्तीसगढ़ में आयोजित की जा रही हैं। वार्षिक कैलेंडर में समाहित योजनाएँ एवं कार्ययोजना सहकारिता विभाग के इस वार्षिक कैलेंडर में ग्राम, जिला एवं प्रदेश स्तर पर संचालित विभिन्न गतिविधियों को शामिल किया गया है। इन गतिविधियों में धान खरीदी एवं भंडारण प्रक्रिया का विस्तार, प्रधानमंत्री जन औषधि स्टोर एवं कॉमन सर्विस सेंटर की स्थापन,  विश्व स्तर पर विशाल अन्न भंडारण के लिए नवीन गोदामों का निर्माण, किसानों को एटीएम कार्ड प्रदान करना एवं पैक्स में माइक्रो एटीएम के माध्यम से भुगतान सुविधा, नवीन पैक्स सोसाइटी, डेयरी एवं मत्स्य सहकारी समितियों का पंजीयन एवं सशक्तिकरण के सम्बन्ध में जानकारी दी गई है। वार्षिक कैलेंडर के विमोचन के साथ राज्य सरकार ने छत्तीसगढ़ को सहकारिता आधारित आर्थिक विकास की दिशा में आगे ले जाने का एक और मजबूत कदम उठाया है। मुख्यमंत्री साय ने इस अवसर पर सहकारिता विभाग को बधाई देते हुए आशा व्यक्त की कि यह पहल राज्य के सहकारी तंत्र को और अधिक प्रभावी, पारदर्शी एवं लाभदायक बनाएगी। इस अवसर पर मुख्य सचिव अमिताभ जैन, अपर मुख्य सचिव सुब्रत साहू, सहकारिता सचिव डॉ. सी. आर. प्रसन्ना, आयुक्त सहकारिता एवं पंजीयक सहकारी संस्थाएँ  कुलदीप शर्मा, अपर आयुक्त सहकारिता एवं प्रबंध संचालक अपेक्स बैंक एल. कांडे सहित विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे। इसके अलावा, सहायक पंजीयक मनीष खोबरागड़े, अपेक्स बैंक के प्रबंधक अभिषेक तिवारी, लेखा अधिकारी प्रभाकर कांत यादव सहित विभाग के कई गणमान्य अधिकारी इस अवसर पर उपस्थित थे।

रायपुर : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में मंत्रिपरिषद् की 24वीं बैठक 3 मार्च को

रायपुर मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में छत्तीसगढ़ मंत्रिपरिषद् की 24वीं बैठक सोमवार, 3 मार्च 2025 को दोपहर 12:00 बजे आयोजित की जाएगी। यह बैठक छत्तीसगढ़ विधानसभा स्थित  मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रतिकक्ष में होगी।

नक्सलियों संगठनों के पास सिर्फ 14 नक्सली कमांडर बचे, नक्सलवाद मुक्त करने का लक्ष्य हो रहा पूरा : आईजी पी सुंदरराज

रायपुर छत्तीसगढ़ में माओवादियों के खिलाफ लगातार कार्रवाई हो रही है। मार्च 2026 तक को नक्सलवाद मुक्त करने का लक्ष्य रखा गया है। माओवादियों के खात्मे के लिए केंद्र सरकार टारगेट के 365 दिन की उल्टी गिनती शुरू हो गई है। बस्तर के आईजी पी सुंदरराज के अनुसार, नक्सलियों संगठनों के पास सिर्फ 12 से 14 नक्सली कमांडर बचे हैं। बस्तर में नक्सलियों के खिलाफ लगातार कार्रवाई हो रही है। जिस कारण से नक्सली संगठन कमजोर पड़ रहे हैं। आईजी पी सुंदरराज ने बताया- “जनवरी 2024 से अब तक 300 से ज़्यादा माओवादी मारे जा चुके हैं, ऐसे में बस्तर संभाग में बमुश्किल 400 हथियारबंद कैडर बचे हैं। उन्होंने कहा कि माओवादियों की सेंट्रल कमेटी भी काफी कमजोर हो गई है और उसके पास सिर्फ 12-14 एक्टिव कमांडर बचे हैं। ये संख्याएं सुरक्षा एजेंसियों को भरोसा दिलाती हैं कि वे मार्च 2026 तक नक्सलवाद को खत्म करने के केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के संकल्प को पूरा करने में सक्षम होंगी।” केवल 1200 नक्सलवादी बचे आईजी ने कहा कि बस्तर संभाग में अब केवल 1,200 माओवादी बचे हैं। उनके लिए हिंसा छोड़कर आत्मसमर्पण करने या सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ का दरवाज़ा खुला है। 2021 से अब तक 385 नक्सलियों के मारे जाने के बाद, बस्तर में लगभग 400 नियमित सशस्त्र कैडर बचे हैं। बाकी 700-800 मिलिशिया पुरुष हैं जो सपोर्ट सिस्टम के रूप में काम करते हैं, वे चेतना नाट्य मंच और दंडकारण्य आदिवासी किसान मजदूर संघ जैसे सांस्कृतिक विंग के सदस्य हैं। सेंट्रल कमेटी भी सिकुड़ रही है। हमारी मुख्य चिंता- वर्दीधारी लोग हैं, जो ज़्यादातर PLGA संरचनाओं और बटालियन 1 के वरिष्ठ स्तर के कैडर हैं। हिडमा करता है नेतृत्व बटालियन 1 का नेतृत्व खूंखार माओवादी कमांडर हिडमा कर रहा है। जिसका गृह क्षेत्र अब सुरक्षा बलों के कब्जे में है। हिडमा के गांव में पुलिस कैंप की स्थापना की गई है। वहीं, सड़क, पानी और बिजली जैसी बुनियादी जरूरतें पूरी हो रही हैं। पुलिस के अनुसार, पिछले चार सालों में कई सेंट्रल कमेटी के सदस्य उम्र संबंधी बीमारियों के कारण मर चुके हैं या गिरफ़्तार किए गए हैं। जो बचे हैं वे भी नक्सलियों के खात्मे के साथ अपने आप खत्म हो जाएंगे। सुंदरराज ने कहा कि मिलिशिया के सदस्य अक्सर पीएलजीए के कट्टर कार्यकर्ताओं की तरह ही खतरनाक साबित होते हैं, लेकिन ध्यान उन्हें मुख्यधारा में लाने पर है, क्योंकि वे ‘जिसका दम उसके हम’ वाक्यांश को समझते हैं। आईजी ने कहा, “उन्हें एहसास है कि उन्हें एक उपकरण के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है। एक बार जब वे बाड़ के इस तरफ आ जाते हैं, तो वे केवल विकास और सुविधाएँ चाहते हैं। हालांकि, सुरक्षा विशेषज्ञों ने टाइम्स ऑफ इंडिया को बताया कि ये संख्याएं केवल एक धारणा है और नक्सलियों की सटीक संख्या बताना संभव नहीं है। “निश्चित रूप से, माओवादियों को हाल ही में भारी नुकसान हुआ है और वे कगार पर पहुंच गए हैं। उनकी आक्रामकता लगभग समाप्त हो गई है, फिर भी आगे एक लंबी लड़ाई है।” प्रभुत्व का क्षेत्र कम हुआ पी सुंदरराज ने कहा- अगर अगले साल नक्सलवाद वास्तव में खत्म हो जाता है, तो कोई भी गारंटी नहीं दे सकता है कि 31 मार्च, 2026 के बाद कोई हिंसा नहीं होगी, लेकिन नक्सलियों को खत्म करने के पूरे अभियान का फोकस एक बिंदु एजेंडे पर आधारित नहीं है। उनके प्रभुत्व का क्षेत्र कम हो गया है, उनकी ताकत पहले जैसी नहीं रही, सुरक्षा शिविर लोगों की चाहत के मुताबिक विकास ला रहे हैं, इसलिए हमें वांछित लक्ष्य तक पहुंचने की उम्मीद है।”

दिल्ली में यमुना नदी पर छह किलोमीटर लंबे ट्रिप पर चलेगा क्रूज , निविदा जारी

नई दिल्ली दिल्ली विधानसभा चुनाव में एक बड़ा सियासी मुद्दा रही यमुना नदी को पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र बनाने की योजना पर काम शुरू हो गया है। रेखा गुप्ता की अगुवाई वाली दिल्ली की नई भाजपा सरकार ने सत्ता संभालते ही यमुना के उत्थान के लिए प्रयास तेज कर दिए हैं। दिल्ली पर्यटन और परिवहन विकास निगम (डीटीटीडीसी) ने यमुना नदी में 6 किलोमीटर लंबे राउंड ट्रिप के लिए क्रूज या फेरी चलाने को लेकर निजी एजेंसियों को आमंत्रित करने के लिए निविदा जारी की है। यह क्रूज मॉनसून के दिनों को छोड़कर कुल 270 दिन तक चलाए जाएंगे। क्रूज आधुनिक सुविधाओं से लैस वातानुकूलित होंगे। इनका किराया पर्यटन विभाग तय करेगा। परियोजना के मुताबिक, क्रूज का परिचालन वजीराबाद बैराज से जगतपुर गांव के बीच 6-7 किलोमीटर लंबा होगा। क्रूज में 20-30 लोग बैठ सकेंगे। पीटीआई के मुताबिक, यमुना नदी क्षेत्र के पहचाने गए हिस्से में सौर ऊर्जा या विद्युत बैट्री चालित दो ‘क्रूज’ के संचालन के लिए उपयुक्त ‘ऑपरेटर’ की नियुक्ति के लिए शुक्रवार को कोटेशन के अनुरोध के साथ आरएफक्यू जारी किया गया है। प्रपोजल दस्तावेज में कहा गया है कि विकसित होने पर यह नदी-क्रूज पर्यटन को बढ़ावा देगा क्योंकि यह भारतीय अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण (आईडब्ल्यूएआई), दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए), दिल्ली जल बोर्ड (डीजेबी), डीटीटीडीसी और सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण विभाग के समन्वित प्रयासों से पर्यावरण के अनुकूल और टिकाऊ जल-परिवहन परियोजना होगी। डीटीटीडीसी क्रूज सेवाओं के लिए ऑपरेटर को नियुक्त करेगा जो सोनिया विहार से शुरू होकर वहां खत्म होगी, जिसमें कुल 7 से 8 किलोमीटर की यात्रा होगी। दस्तावेज में कहा गया है कि इस परियोजना को आईडब्ल्यूएआई और डीडीए द्वारा डीजेबी के सहयोग से लागू किया जाएगा और सिंचाई और बाढ़ नियंत्रण विभाग क्रूज के लिए चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ फ्लोटिंग जेटी और नेविगेशनल एड्स शोर सुविधा प्रदान करेगा। चयनित ऑपरेटर शुरू में फेरी सेवाओं के संचालन के लिए दो इलेक्ट्रिक-सोलर हाइब्रिड बोट प्रदान करेगा। बोट में 20-30 यात्रियों के बैठने की क्षमता और पांच से सात नॉट की गति होनी चाहिए। नावों में इनबोर्ड बायो-टॉयलेट (जीरो डिस्चार्ज), एक घोषणा प्रणाली और सुरक्षा जैकेट भी लगे होंगे। ऑपरेटर सभी यात्रियों, चालक दल और अन्य नदी उपयोगकर्ताओं की सुरक्षा सुनिश्चित करते हुए एक सुरक्षित, विश्वसनीय और आरामदायक क्रूज सेवा प्रदान करेगा। वातानुकूलित बोट्स पट्टे पर या स्वामित्व वाली होंगी और दो साल से ज्यादा पुरानी नहीं होंगी। दस्तावेज में कहा गया है कि ऑपरेटर कम से कम चार यात्राएं सुनिश्चित करेगा।

चैंपियंस ट्रॉफी में भारतीय टीम ने न्यूजीलैंड से 25 साल बाद लिया बदला, क्या ऑस्ट्रेलिया से भी ले पाएगी वर्ल्ड कप का बदला ?

दुबई रोहित शर्मा की कप्तानी में भारतीय टीम इस समय ICC चैम्पियंस ट्रॉफी 2025 में धमाल कर रही है. टीम ने अब तक एक भी मैच नहीं गंवाया है. टीम इंडिया ने ग्रुप स्टेज में अपने सभी तीन मैच जीतकर सेमीफाइनल में शान से एंट्री की है. अब भारतीय टीम को अपना सेमीफाइनल 4 मार्च को दुबई में ही खेलना है. यह मुकाबला ग्रुप-बी में दूसरे नंबर पर रही ऑस्ट्रेलियाई टीम के खिलाफ होगा. भारतीय टीम ने ग्रुप स्टेज में अपना आखिरी मुकाबला रविवार (2 मार्च) को न्यूजीलैंड के खिलाफ खेला. जिसमें टीम इंडिया ने 44 रनों से जीत दर्ज की. गंभीर का मास्टर स्ट्रोक रहे वरुण चक्रवर्ती इस मैच में भारतीय कोच गौतम गंभीर और कप्तान रोहित ने एक ‘मास्टर स्ट्रोक’ चला. यह प्लेइंग-11 में राइट हैंड लेग स्पिनर वरुण चक्रवर्ती की एंट्री कराना था. इसके लिए उन्हें तेज गेंदबाज हर्षित राणा को बाहर बैठाना पड़ा. यह बड़ा जोखिम भरा ‘मास्टर स्ट्रोक’ रहा, क्योंकि यह टीम पर उलटा भी पड़ सकता था. वरुण के अलावा प्लेइंग-11 में 3 स्पिनर और भी थे. यह रवींद्र जडेजा, कुलदीप यादव और अक्षर पटेल रहे. मगर गंभीर का यह ‘मास्टर स्ट्रोक’ सही साबित हुआ. वरुण चक्रवर्ती ने लेग स्पिन का ऐसा चक्रव्यूह बनाया कि पूरी न्यूजीलैंड टीम इसमें फंसकर ढेर हो गई. अब सेमीफाइनल से पहले टेंशन में कंगारु टीम वरुण चक्रवर्ती ने इस मुकाबले में 10 ओवर गेंदबाजी की, जिसमें 42 रन देकर 5 विकेट झटके. उन्होंने इस दौरान ओपनर विल यंग, ग्लेन फिलिप्स, माइकल ब्रेसवेल, कप्तान मिचेल सेंटनर और मैट हेनरी को शिकार बनाया. इस तरह वरुण ने ओपनिंग और मिडिल ऑर्डर से लेकर निचेल क्रम तक को ढहाने का काम किया. वरुण के इस प्रदर्शन को देखकर ऑस्ट्रेलियाई टीम की टेंशन बढ़ गई होगी, क्योंकि सेमीफाइनल में उसी को भारतीय टीम का सामना करना है. इस प्रदर्शन से यह तो तय है कि सेमीफाइनल में वरुण का खेलना पक्का है. यदि गेंदबाजी में कोई बदलाव होता है तो कुलदीप यादव को आराम दिया जा सकता है, मगर वरुण की जगह पक्की मान सकते हैं. चैम्पियंस ट्रॉफी के डेब्यू पर सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 6/52 जोश हेजलवुड Vs न्यूजीलैंड, एजबेस्टन 2017 5/42 वरुण चक्रवर्ती Vs न्यूजीलैंड, दुबई 2025 5/53 मोहम्मद शमी Vs बांग्लादेश, दुबई 2025 भारत ने न्यूजीलैंड से 25 साल बाद लिया बदला भारत आखिरी बार 25 साल पहले चैंपियंस ट्रॉफी 2000 के फाइनल में न्यूजीलैंड के खिलाफ खेला था. ये मैच केन्या के नैरोबी में खेला गया था, जिसमें भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 264 रन बनाए थे. उस मैच में कप्तान सौरव गांगुली ने शानदार 117 रनों की पारा खेली थी, लेकिन न्यूजीलैंड ने क्रिस क्रेन्स की नाबाद 102 रनों की पारी के बदौलत भारत के 264 रनों के लक्ष्य को 49.4 ओवर में 6 विकेट खोकर हासिल कर लिया, और भारत खिताब जीतने से चूक गया. वरुण ऐसा करने वाले पहले भारतीय बने वरुण चक्रवर्ती डेब्यू के बाद सबसे तेजी से यानी सबसे कम वनडे मैचों में 2 बार 5 विकेट लेने वाले पहले भारतीय गेंदबाज बन गए हैं. इससे पहले स्टुअर्ट बिन्नी ने यह उपलब्धि हासिल की थी, जिन्होंने 3 वनडे में मैचों में ही 2 बार 5 विकेट ले लिए थे. जबकि वरुण का यह दूसरा ही वनडे मैच था. चैम्पियंस ट्रॉफी के इतिहास में भी ऐसा पहली बार हुआ है, जब एक ही मैच में दो गेंदबाजों ने 5-5 विकेट झटके हों. इस मुकाबले में पहले न्यूजीलैंड टीम के तेज गेंदबाज मैट हेनरी ने 5 विकेट लिए थे. इसके बाद वरुण ने 5 विकेट अपने नाम कर लिए. चैंपियंस ट्रॉफी के इतिहास में भारत की न्यूजीलैंड पर पहली जीत 1998 से शुरू हुई चैंपियंस ट्रॉफी के अब तक 8 सीजन हो चुके हैं, पाकिस्तान की मेजबानी में होने वाला मौजूदा टूर्नामेंट चैंपियंस ट्रॉफी का 9 सीजन है. इतने साल गुजर जाने के बाद भी भारत और न्यूजीलैंड इस टूर्नामेंट में सिर्फ दो बार आमने सामने हुए हैं. पहली बार चैंपियंस ट्रॉफी 2000 के फाइनल मैच में, जहां भारत को हार का सामना करना पड़ा था, और दूसरी बार चैंपियंस ट्रॉफी 2025 के ग्रुप मैच में, जहां न्यूजीलैंड को हार का सामना करना पड़ा. चैम्पियंस ट्रॉफी में बेस्ट प्रदर्शन करने वाले भारतीय गेंदबाज 5/36 रवींद्र जडेजा Vs वेस्टइंडीज, द ओवल 2013 5/42 वरुण चक्रवर्ती Vs न्यूजीलैंड, दुबई 2025 5/53 मोहम्मद शमी Vs बांग्लादेश, दुबई 2025 4/38 सचिन तेंदुलकर Vs ऑस्ट्रेलिया, ढाका 1998 4/45 जहीर खान Vs जिम्बाब्वे, कोलंबो 2002 चैम्पियंस ट्रॉफी के बाकी बचे मुकाबले: 4 मार्च- सेमीफाइनल-1, भारत Vs ऑस्ट्रेलिया, दुबई 5 मार्च- सेमीफाइनल-2, न्यूजीलैंड Vs साउथ अफ्रीका, लाहौर 9 मार्च- फाइनल, लाहौर (भारत के फाइनल में पहुंचने पर दुबई में खेला जाएगा) 10 मार्च- रिजर्व डे भारत का चैंपियंस ट्रॉफी 2025 के सेमीफाइनल में ऑस्ट्रेलिया से मुकाबला इस जीत का मतलब है कि भारत ग्रुप ए में शीर्ष पर रहा और अब उसका सामना मंगलवार (4 मार्च) को दुबई में पहले सेमीफाइनल में ऑस्ट्रेलिया से होगा, जो 2023 वनडे विश्व कप फाइनल का रीमैच है. इस वर्ल्ड कप एक भी मैच न हारने वाली भारतीय टीम फाइनल मैच में ऑस्ट्रेलिया से हारकर खिताब गंवां दी थी, लेकिन भारत चैंपियंस ट्रॉफी 2025 के सेमीफाइनल में ऑस्ट्रेलिया को हराकर हिसाब बराबर करना चाहेगी. चैंपियंस ट्रॉफी 2025 का दूसरा सेमीफाइनल चैंपियंस ट्रॉफी 2025 का दूसरा सेमीफाइनल न्यूजीलैंड बनाम दक्षिण अफ्रीका के बीच बुधवार (5 मार्च) को लाहौर के गद्दाफी स्टेडियम में खेला जाएगा. ये मैच 2015 वनडे वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल मैच का रीमैच होगा, जिस मैच में न्यूजीलैंड ने दक्षिण अफ्रीका को आखिरी ओवर में मात देकर फाइनल में प्रवेश किया था.

2036 ओलंपिक खेलों की मेजबानी के लिए भारत का दावा ‘मजबूत’ है: आईओसी के अध्यक्ष पद के दावेदार सेबेस्टियन

नई दिल्ली भारत ने आईओसी के भावी मेजबान आयोग को 2036 ओलंपिक और पैरालंपिक खेलों की मेजबानी के लिए पहले ही आशय पत्र सौंप दिया है जो वैश्विक खेल की शीर्ष संस्था के साथ महीनों की अनौपचारिक बातचीत के बाद एक महत्वाकांक्षी योजना में पहला ठोस कदम है। अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति (आईओसी) के अध्यक्ष पद के दावेदार सेबेस्टियन को का मानना है कि 2036 ओलंपिक खेलों की मेजबानी के लिए भारत का दावा ‘मजबूत’ है लेकिन कई अन्य देशों के इस दौड़ में शामिल होने से प्रतिस्पर्धा कठिन होगी। भारत ने आईओसी के भावी मेजबान आयोग को 2036 ओलंपिक और पैरालंपिक खेलों की मेजबानी के लिए पहले ही आशय पत्र सौंप दिया है जो वैश्विक खेल की शीर्ष संस्था के साथ महीनों की अनौपचारिक बातचीत के बाद एक महत्वाकांक्षी योजना में पहला ठोस कदम है। को ने ‘पीटीआई’ से विशेष साक्षात्कार में कहा, मेरी पृष्ठभूमि को देखते हुए मेरे यह कहने से आपको हैरानी नहीं होगी कि मैं बहुत खुश हूं कि भारत वैश्विक खेल और विशेष रूप से ओलंपिक आंदोलन के लिए प्रतिबद्ध है। मुझे यह सुनकर बहुत खुशी हुई। पर यह बहुत प्रतिस्पर्धी होगा। क्योंकि इसमें सिर्फ एक ही बोलीदाता नहीं होगा, लेकिन भारत इसे बहुत मजबूत दावा बना सकता है। पोलैंड, इंडोनेशिया, दक्षिण अफ्रीका, कतर, हंगरी, तुर्कीये, मैक्सिको और मिस्र उन अन्य देशों में शामिल हैं जिन्होंने 2036 ओलंपिक की मेजबानी की इच्छा व्यक्त की है। 2036 खेलों के मेजबान देश का 2026 से पहले पता नहीं चलेगा।लेकिन यह निश्चित है कि नए आईओसी प्रमुख के 20 मार्च के चुनाव के विजेता की अध्यक्षता के दौरान मेजबान का चयन किया जाएगा। आईओसी अध्यक्ष के रूप में चुनाव लड़ने वाले सात उम्मीदवारों में उन्हें सबसे आगे माना जा रहा है। 68 वर्षीय को दो बार ओलंपिक 1500 मीटर के स्वर्ण पदक विजेता हैं। उन्होंने भारत को सलाह देते हुए कहा कि अगर उसे 2036 ओलंपिक की मेजबानी का अधिकार नहीं मिलता है तो उसे ओलंपिक आयोजित करने की अपनी महत्वाकांक्षा को खत्म नहीं करना चाहिए। को ने कहा, बहुत से शहरों ने बोली लगाई और लेकिन उनकी बोली स्वीकार नहीं हुई। दिलचस्प बात यह है कि जब लंदन ने 2005 में (2012 चरण के लिए) बोली हासिल की थी, तो उसने पेरिस को हराया था। हम सभी अभी पेरिस ओलंपिक खेलों (2024) में गए थे। रियो उन शहरों में से एक था जो 2012 की बोली के लिए शुरुआती मूल्यांकन से आगे नहीं बढ़ पाया था। और ब्रिटेन के तुरंत बाद उनके पास 2016 में बोली थी। इसलिये यह किसी भी तरह से कहानी का अंत नहीं है। और बोली लगाने से मिली विरासत भी एक बहुत मजबूत विरासत है।  

मुख्यमंत्री योगी ने अफसरों को दिए निर्देश, एक्सप्रेस वे पर नहीं बिक सकेगी शराब

लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश में होने वाले सड़क हादसों को रोकने के लिए हाईवे के किनारे स्थित दुकानों में शराब बिक्री रोकने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि ओवर स्पीडिंग, ड्रंकन ड्राइव, गलत साइड पर गाड़ी चलाना, जंपिंग रेड लाइट एवं मोबाइल फोन का उपयोग सड़क दुर्घटना घटित होने के मुख्य कारक हैं। इसके लिए लोगों में जागरूकता फैलाने की आवश्यकता है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को उत्तर प्रदेश राज्य सड़क सुरक्षा परिषद की बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अक्सर यह देखा गया है कि शराब की दुकानों के साइनेज बहुत बड़े होते हैं, इन्हें छोटा किया जाए। बिना परमिट की बसें सड़कों न चलने पाएं। डग्गामार वाहनों एवं ओवरलेडेड ट्रकों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई करें। दूसरे प्रदेश से आने वाले बिना परमिट के वाहनों को बॉर्डर पर रोकें। सीएम योगी ने कहा कि ट्रासंपोर्ट एसोसिएशन एवं व्हीकल एसोसिएशन से संवाद स्थापित कर यह सुनिश्चित कराएं कि लंबी दूरी के वाहनों पर दो ड्राइवर हों। बैठक में मुख्यमंत्री ने प्रदेश में होने वाली सड़क दुर्घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए आवश्यक दिशा निर्देश दिए। सड़क दुर्घटनाओं के वार्षिक आंकड़ों पर चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2024 में 46052 सड़क दुर्घटनाएं हुई हैं। इसमें 34600 लोग घायल हुए हैं, जबकि 24 हजार से अधिक मौतें हुई हैं, जो कि अत्यंत दुखद है। इसे हर हाल में न्यूनतम करना होगा। उन्होंने कहा कि सड़क सुरक्षा से जुड़े सभी संबंधित विभाग आपसी समन्वय बनाकर सामूहिक प्रयासों के माध्यम से सड़क दुर्घटनाओं को नियंत्रित करें। साथ ही प्रदेश के सभी मार्गों पर ब्लैक स्पॉट को चिन्हित कर उन्हें ठीक कराएं। मुख्यमंत्री ने सड़क दुर्घटना में घायल हुए लोगों के उपचार के विषय में चिंता करते हुए कहा कि सभी एक्सप्रेस-वे के दोनों तरफ फूड प्लाजा की तरह अस्पताल की व्यवस्था करें। साथ ही सभी मंडल मुख्यालयों के अस्पतालों में ट्रामा सेंटर, एंबुलेंस एवं ट्रेंड की स्टाफ को तैनाती भी सुनिश्चित की जाए। सड़क सुरक्षा को लेकर जागरूकता बढ़ाने का दिया निर्देश मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2024 में प्रदेश के 75 जनपदों हुई दुर्घटनाओं में सबसे ज्यादा 20 जनपदों- हरदोई, मथुरा, आगरा, लखनऊ, बुलन्दशहर, कानपुर नगर, प्रयागराज, सीतापुर, उन्नाव, बाराबंकी, लखीमपुर खीरी, बरेली, अलीगढ़, गौतमबुद्धनगर, शाहजहांपुर, गोरखपुर, कुशीनगर, बदायूं, मेरठ और  बिजनौर में जनहानि हुई है। प्रदेश में कुल हुई दुर्घटना मृत्यु में 42 प्रतिशत इन जनपदों से है। उन्होंने इसको नियंत्रित करने के लिए दुर्घटना के  कारकों को खोजने एवं लोगों में सड़क सुरक्षा को लेकर जागरूकता बढ़ाने का निर्देश दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए यह आवश्यक है कि जनपद स्तर पर प्रत्येक माह एवं मंडल स्तर पर त्रैमासिक मंडलीय सड़क सुरक्षा समिति की बैठक अनिवार्य रूप से हो। उन्होंने कहा कि प्रदेश के छह मंडलों अयोध्या, प्रयागराज, वाराणसी, आजमगढ़, सहारनपुर एवं आगरा मंडल में पिछले वर्ष हुई सिर्फ एक ही बैठक हुई है, जिसे बढ़ाने की आवश्यकता है। बस्ती, लखनऊ, गोरखपुर और मिर्जापुर में हुई चार बैठकों पर उन्होंने संतोष व्यक्त किया। फूड प्लाजा की तरह एक्सप्रेस-वे के दोनों तरफ करें अस्पताल की व्यवस्था मुख्यमंत्री ने सड़क दुर्घटना में घायल हुए लोगों के उपचार के विषय में चिंता करते हुए कहा कि सभी एक्सप्रेस-वे के दोनों तरफ फूड प्लाजा की तरह अस्पताल की व्यवस्था करें। साथ ही सभी मंडल मुख्यालयों के अस्पतालों में ट्रामा सेंटर, एंबुलेंस एवं ट्रेंड की स्टाफ को तैनाती भी सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि एक्सप्रेस-वे एवं हाइवे पर क्रेन, पेट्रोलिंग वाहन और एंबुलेंस की संख्या बढ़ाएं। प्रदेश में एनएचआई की 93 सड़कें हैं, इनमें से सिर्फ चार सड़कों पर कैमरे लगें, बाकी सड़कों पर भी कैमरे लगाएं। सीएम योगी ने कहा कि अक्सर यह देखा गया है कि सड़क पर करते समय भी बहुत सी दुर्घटनाएं हो जाती हैं, इसके दृष्टिगत एनएचआई की बहुत सी सड़कों पर फुट ओवर ब्रिज की आवश्यकता है, स्थानों को चिन्हित कर उनका भी निर्माण कराएं। उन्होंने कहा कि प्रदेश के सभी प्रमुख मार्गों पर सड़क सुरक्षा से सम्बन्धित साइनेज अवश्य लगाएं। सीएम योगी ने कहा कि नगरीय क्षेत्रों में यह देखने को मिलता है नाबालिक बच्चे ई रिक्शा चला रहे हैं। इस पर प्रभावी अंकुश लगाएं। साथ ही सभी ई रिक्शा ड्राइवर का वैरिफिकेशन अवश्य कराएं। उन्होंने कहा कि आरटीओ ऑफिस को बिचौलियों से पूर्णतः मुक्त रखें, इसके लिए समय-समय पर रैंडम चेकिंग अभियान चलाएं। सीएम योगी ने कहा कि सड़क जाम एक बड़ी समस्या बनती जा रही है, ट्रैफिक के सुचारू संचालन के लिए प्रदेश में प्रयाप्त मैनपॉवर उपलब्ध है। आवश्यकता पड़ने पर सिविल पुलिस, पीआरडी और होमगार्ड के जवानों को ट्रेनिंग देकर ट्रैफिक प्रबंधन को बेहतर बनाएं। उन्होंने कहा कि अस्पतालों, स्कूलों एवं मुख्य बाजारों के बाहर टेबल टॉप स्पीड ब्रेकर का निर्माण कराए।  

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