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पीपीपी मॉडल के तहत एमपी के सरकारी अस्पतालों में कार्डियक कैथ लैब स्थापित करने की योजना

भोपाल हृदय रोगियों के उपचार के लिए प्रदेश में बड़ी सुविधा प्रारंभ करने की तैयारी है। सभी जिला अस्पतालों में सार्वजनिक निजी भागीदारी (पीपीपी) से कार्डियक कैथ लैब की स्थापना का प्रस्ताव है। कैथ लैब स्थापित होने के बाद एंजियोग्राफी, एंजियोप्लास्टी (हृदय की धमनियों का ब्लाकेज हटाना), हार्ट वाल्व रिप्लेसमेंट और पेसमेकर लगाने जैसे काम हो सकेंगे। अभी बड़े सरकारी मेडिकल कालेजों से संबद्ध अस्पतालों में ही कैथ लैब स्थापित हैं। भोपाल के जेपी अस्पताल में है स्थापित जिला अस्पतालों में केवल भोपाल के जेपी अस्पताल में सरकार अपने स्तर पर कैथ लैब स्थापित कर रही है। बाकी जगह पीपीपी से स्थापित करने का प्रस्ताव तैयार किया गया है। हृदय रोगियों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। इस कारण जिला अस्पताल के स्तर तक एंजियोग्राफी और एंजियोप्लास्टी की सुविधा देने की तैयारी है। दो करोड़ में एक कैथ लैब एक जगह कैथ लैब स्थापित करने में लगभग दो करोड़ रुपये खर्च आता है। सभी जिला अस्पतालों को मिलाकर सौ करोड़ रुपये से अधिक का खर्च आएगा। इसके बाद कार्डियोलाजिस्ट व अन्य मानव संसाधन की व्यवस्था करनी पड़ेगी। सीटी स्कैन की सुविधा पीपीपी मॉडल पर सरकारी व्यवस्था में कार्डियोलाजिस्ट छोटे जिलों के लिए मिलना मुश्किल है। इस कारण सरकार खुद की जगह पीपीपी से कैथ लैब स्थापित करने की कोशिश कर रही है। बता दें, इसके पहली सीटी स्कैन की सुविधा पीपीपी से जिला अस्पतालों में चल रही है। सात बड़े जिला अस्पतालों में एमआरआइ भी पीपीपी से होने लगी है। यह दोनों प्रयोग सफल होने के बाद पीपीपी से कैथ लैब लगाने की योजना है। इस संबंध शीघ्र ही सरकार के स्तर पर निर्णय होने की संभावना है। मार्केट रेट से 40 फीसदी कम शुल्क में मिलेगी सुविधा कैथ लैब स्थापित होने से बाजार दर से लगभग 40 प्रतिशत शुल्क में एंजियोग्राफी, एंजियोप्लास्टी व अन्य उपचार की सुविधा मिलने की आशा है। निजी अस्पतालों में एंजियोग्राफी में 15 हजार और एंजियोप्लास्टी के लिए डेढ़ लाख से दो लाख रुपये लगते हैं। इसके अतिरिक्त आयुष्मान भारत योजना के रोगियों का निश्शुल्क उपचार हो सकेगा। अभी इनमें अधिकतर रोगी उपचार के लिए निजी अस्पतालों में जाते हैं। उनका भुगतान आयुष्मान के अंतर्गत सरकार को करना होता है।

10 मार्च से 20 मार्च तक आयोजित की जाएगी कक्षा 1 से आठवीं तक की वार्षिक परीक्षा

बेतिया जिले के सभी सरकारी, सहायता प्राप्त प्राइमरी व मिडिल स्कूलों में अध्ययनरत वर्ग एक से आठवीं तक के छात्र-छात्राओं की वार्षिक मूल्यांकन सह परीक्षा 10 मार्च से 20 मार्च तक आयोजित की जाएगी। इसको लेकर बिहार शिक्षा परियोजना परिषद ने परीक्षा की तिथि जारी कर दी है। परीक्षा दो पाली में होगी। प्रथम पाली 10 से 12 बजे तक तथा द्वितीय पाली एक से तीन बजे तक होगी। इस वार्षिक मूल्यांकन परीक्षा में जिले के लगभग तीन लाख से अधिक परीक्षार्थी शामिल होंगे। इस परीक्षा को लेकर शिक्षा विभाग द्वारा शेड्यूल जारी कर दिया गया है। वहीं, दूसरी पाली में कक्षा एक से दो के लिए भाषा (हिंदी-उर्दू) की मौखिक परीक्षा होगी। 11 मार्च को प्रथम पाली में कक्षा तीन से आठ के लिए हिंदी व उर्दू तथा दूसरी पाली में कक्षा तीन से आठ के लिए अहिंदी भाषी के लिए (हिंदी) 12 मार्च को प्रथम पाली में कक्षा तीन से पांच के लिए गणित व कक्षा छह से आठ के लिए भी गणित की परीक्षा होगी। 12 मार्च के बाद 17 मार्च को परीक्षा होगी। 17 मार्च को प्रथम पाली में कक्षा तीन से पांच के लिए अंग्रेजी व दूसरी पाली में कक्षा छह से आठ के लिए अंग्रेजी, 18 मार्च को प्रथम पाली में कक्षा छह से आठ के लिए विज्ञान व दूसरी पाली में कक्षा छह से आठ के लिए संस्कृत, 19 मार्च को कक्षा एक व दो के लिए गणित की मौखिक परीक्षा व दूसरी पाली में कक्षा एक व दो के लिए अंग्रेजी की मौखिक परीक्षा होगी। वर्ग एक और दो के लिए होगी मौखिक परीक्षा शिक्षा विभाग द्वारा जिले के प्राइमरी व मिडिल स्कूल में अध्ययनरत छात्रों के मूल्यांकन परीक्षा के लिए जारी शेड्यूल के अनुसार, वर्ग तीन से आठ के छात्रों की लिखित परीक्षा ली जायेगी। वहीं, वर्ग एक व दो के छात्र-छात्राओं की वार्षिक मूल्यांकन परीक्षा मौखिक होगी। इसके लिए विषयवार प्रश्न पत्र इ-शिक्षा कोष पोर्टल पर उपलब्ध होगा। इसके आधार पर स्कूलों में उक्त वर्ग एक व दो की वार्षिक मूल्यांकन परीक्षा निर्धारित तिथि के अनुसार आयोजित होगी। साथ ही वर्ग तीन से आठ तक के छात्रों के लिए मुद्रित प्रश्न पत्र सह उत्तर पुस्तिका उपलब्ध करायी जायेगी। आठ मार्च से पहले स्कूलों को मिल जाएंगे प्रश्न पत्र शिक्षा विभाग द्वारा वर्ग एक से आठ तक आयोजित होने वाली परीक्षा को लेकर जारी शेड्यूल के अनुसार आठ मार्च से पहले यानी सात मार्च तक जिले के सभी प्राइमरी व मिडिल स्कूल के प्रधानाध्यापक को परीक्षा संबंधित उत्तर पुस्तिका व प्रश्न पत्र मिल जायेंगे। हालांकि, जारी निर्देश में कहा गया है कि प्रश्न सह उत्तर पुस्तिका जिले को तीन से पांच मार्च के बीच प्राप्त हो जायेगा। इसके बाद आगामी पांच से छह मार्च के बीच प्रखंड को प्राप्त हो जायेगा और फिर प्रखंड स्थित स्कूलों को छह से सात मार्च तक प्राप्त हो जायेगा। वहीं वर्ग तीन से आठ के छात्र-छात्राओं की उत्तर पुस्तिकाओं की जांच निकटस्थ काम्पलेक्स रिसोर्स सेंटर या संकुल स्तर पर की जायेगी। यह कार्य 19 मार्च से शुरू होगा जो 26 मार्च तक चलेगा। इस दौरान उत्तरपुस्तिकाओं की जांच के साथ प्रत्येक छात्र-छात्रा के परिणाम को मूल्यांकन पंजी, मूल्यांकन पंजी प्रपत्र में संधारित किया जायेगा व प्रगति पत्र, छात्रों के परिणाम को संधारित करने का कार्य व नामांकन पंजी में छात्र-छात्रा का नाम अंकित करने का कार्य 27 मार्च तक पूरा कर लिया जाना है। – बच्चे घर ले जा सकेंगे उत्तर पुस्तिका वर्ग एक से आठ तक होने वाली परीक्षा को लेकर शिक्षा विभाग द्वारा जारी निर्देश में कहा गया है कि छात्र-छात्राओं का प्रगति पत्रक का वितरण शिक्षक-अभिभावक संगोष्ठी के दौरान बांटे जायेंगे, यानी शिक्षक अभिभावक संगोष्ठी सभी विद्यालयों में 29 मार्च को आयोजित की जायेगी। संगोष्ठी के दौरान प्रगति पत्रक के साथ-सा मूल्यांकित प्रश्न सह उत्तर पुस्तिका भी वितरित किया जायेगा, जो छात्र-छात्रा अपने साथ अपने घर ले जायेंगे। ऐसे अभिभावक जो पीटीएम में आएंगे, उनके हस्ताक्षर मूल्यांकित प्रश्न पत्र सह उत्तर पुस्तिका प्राप्त करते समय अवश्य लिए जाएंगे। इस परीक्षा में कदाचार को रोकने के लिए मैट्रिक व इंटर की परीक्षा के तरह ही शिक्षकों को अपने स्कूल की जगह दूसरे स्कूल में वीक्षक बनाकर तैनात किया जाएगा।  

पायलट बोले-किरोड़ीलाल मंत्री हैं या नहीं, किसी को पता नहीं: न उन्हें काम दिया जा रहा, न हटाया जा रहा; सरकार का कन्फ्यूजन वाला मैसेज

Pilot said- Nobody knows whether Kirori Lal is a minister or not: Neither he is being given work nor he is being removed; Government’s confusing message अजमेर। पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट ने प्रदेश सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा- डॉ. किरोड़ीलाल मीणा मंत्री हैं या नहीं, किसी को पता ही नहीं है। न तो उनको रखा जा रहा है, न उनको हटाया जा रहा है। न उनको काम दिया जा रहा और न उनसे काम करवाया जा रहा, लेकिन फिर भी वह मंत्री हैं। ये जो असमंजस है, वह किसलिए है? क्या मजबूरियां हैं? सरकार में डिपार्टमेंट है। अगर किसी व्यक्ति को शपथ दिलाई गई है तो उनसे काम करवाओ, या उनको फ्री कर दो। इतने सारे पुराने नेता हैं, नए को वो पचा नहीं पा रहे हैं। सरकार में आपस में इतना खिंचाव है कि बड़ा कन्फ्यूजन वाला मैसेज पूरे प्रदेश में जा रहा है। टोंक विधायक पायलट ने सोमवार को अजमेर के अशोक उद्यान में मीडिया से बातचीत की। इस दौरान पायलट ने बिजयनगर रेप-ब्लैकमेल कांड और विधानसभा में गतिरोध मामले पर अपनी बात रखी। छोटी और ओछी भाषा का इस्तेमाल नहीं करेंपायलट ने कहा- कुछ दिन पहले सदन के अंदर स्वर्गीय इंदिरा गांधी को लेकर जो बात बोली गई, वह अशोभनीय थी। ऐसी शख्सियत (इंदिरा गांधी) जिसने देश के लिए शहादत दी हो, उनके बारे में टिप्पणी करना बड़ा गलत था। मुझे लगता है कि हर व्यक्ति को अपने शब्दों का सोच-समझकर उपयोग करना चाहिए। किसी के प्रति मान-सम्मान और आदर प्रकट नहीं कर सकते तो छोटी और ओछी भाषा का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। भाजपा के नेतृत्व में आपस में खींचतानपूर्व डिप्टी सीएम ने कहा- सरकार का पहला साल बहुत महत्वपूर्ण होता है, लेकिन इन्होंने (बीजेपी सरकार) सिर्फ इसे गंवाया है। भाजपा का जो नेतृत्व है, उसमें आपस में बहुत खिंचाव है। दिल्ली, जयपुर, राजस्थान में सत्ता के कई केंद्र बन गए हैं। इसका संकेत साफ दिखाई देता है कि जब गवर्नेंस और प्रशासन पर प्रभाव पड़ता है, तो इसका खामियाजा जनता को भुगतना पड़ता है। कांग्रेस में खिंचाव को लेकर पायलट ने कहा- हमारे सभी विधायक एकजुटता से जनता के मुद्दों को रख रहे हैं। विधानसभा में भी हम मजबूती से बात को रखते हैं। कांग्रेस की ताकत यही है कि हम एक मास बेस पार्टी हैं। सबको साथ लेकर चलते हैं। इसका लाभ 4 साल बाद हमें मिलेगा। सरकार का लचर रवैया, सख्ती की कमी दिखती हैबिजयनगर रेप-ब्लैकमेल कांड पर पायलट ने कहा- राजस्थान में लॉ एंड ऑर्डर नहीं है। महिला उत्पीड़न जैसे घिनौने अपराध बढ़ रहे हैं। इस पर अंकुश लगाने के लिए सरकार ने सिर्फ आश्वासन ही दिया है। पुलिस के ऊपर प्रभावशाली तरीके से सरकार का नियंत्रण होना चाहिए, उसमें कमी दिखती है। सख्ती की भी कमी है। उनकी प्रायोरिटी भी अलग है। हमारी पार्टी ने विधानसभा के अंदर और बाहर मुद्दे को उठाया है, लेकिन सरकार का लचर रवैया है। उसका परिणाम है कि इस प्रकार की घटना को अंजाम दिया जा रहा है।

अगर आप विश्व प्रसिद्ध लठमार होली देखने बरसाना आ रहे हैं तो पहले अपने ठहरने का इंतजाम करके आएं

बरसाना अगर आप विश्व प्रसिद्ध लठमार होली देखने बरसाना आ रहे हैं तो पहले अपने ठहरने का इंतजाम करके आएं। बरसाना के ज्यादातर होटल, गेस्ट हाउस, धर्मशाला व आश्रम पहले से ही आनलाइन बुक हो चुके हैं। इस दौरान एक दिन का ठहरने का चार्ज सात से आठ हजार रुपये लिया गया है। कई श्रद्धालु तो छह माह पहले ही होटल या गेस्टहाउस बुक करा चुके हैं। बरसाना में सात मार्च को लड्डू होली व आठ मार्च को लठामार होली का आयोजन होगा। पिछले वर्ष दस लाख श्रद्धालु होली देखने आए थे। इस बार पुलिस प्रशासन को अनुमान है कि 20 लाख श्रद्धालु होली देखने बरसाना आ सकते हैं। बरसाना में सिर्फ दो सौ के करीब होटल, गेस्टहाउस, धर्मशाला व आश्रम हैं। इनमें दो हजार के करीब कमरे हैं। आठ हजार रुपये का एक कमरा अनुमान है कि इन कमरों में पांच से छह हजार श्रद्धालु ही रुक सकते हैं। ऐसे में अन्य श्रद्धालु गेस्ट हाउस व धर्मशाला तथा आश्रमों में बने हाल में रुकते हैं। वहीं कुछ पेट्रोल पंप या स्कूलों में रुक जाते हैं। सूत्रों की मानें तो इस बार सात से आठ हजार रुपये का एक कमरा आनलाइन पहले से ही बुक किया गया है। कस्बे के ज्यादातर होटल, गेस्ट हाउस, धर्मशाला, आश्रम पहले से ही आनलाइन बुक हो चुके हैं। कई तो छह माह पहले से श्रद्धालुओं ने बुक कर दिए हैं। नाम न छापने की शर्त पर एक गेस्टहाउस संचालक ने बताया उन्होंने चार से पांच हजार में एक दिन के लिए कमरे बुक किए हैं। जबकि कई होटल व गेस्टहाउस संचालकों ने तो सात से आठ हजार रुपये एक दिन के लिए हैं। छह माह पहले ही बुक हो गए होटल होटल विंगिस्टन के मैनेजर मृदुल भट्ट ने बताया उनके होटल में 40 कमरे तथा दो हाल है। जो छह माह पहले ही आनलाइन बुक हो चुके हैं। राधाष्टमी व लठामार होली के दौरान एक कमरे का चार्ज पांच से सात हजार के करीब होता है। जबकि रोजाना तीन से पांच हजार के करीब रहता है।

मुख्यमंत्री साय की अध्यक्षता में कैबिनेट की बैठक में लिए गए अनेक महत्वपूर्ण निर्णय

रायपुर वर्ष 2025-26 की आबकारी नीति वर्ष 2024-25 की भांति होगी। वित्तीय वर्ष 2025-26 में 674 मदिरा दुकानें तथा आवश्यकता अनुसार प्रीमियम मदिरा दुकानें संचालित करने का निर्णय भी यथावत् रखा गया है। देशी मदिरा की आपूर्ति पूर्ववत् रेट ऑफर प्रभावी रहेगा। विदेशी मदिरा थोक क्रय, वितरण छत्तीसगढ़ स्टेट बेवरेजेस कार्पाेरेशन लिमिटेड द्वारा होगा। मदिरा पर लागू अधोसंरचना विकास शुल्क यथावत् रहेगा। विदेशी मदिरा फुटकर दुकानों पर 9.5 प्रतिशत की दर से लगने वाला अतिरिक्त आबकारी शुल्क समाप्त होगा। मंत्रिपरिषद द्वारा छत्तीसगढ़ लोक परिसर (बेदखली) (संशोधन) विधेयक-2025 के प्रारूप का अनुमोदन किया गया। मंत्रिपरिषद द्वारा ईज ऑफ डुइंग बिजनेस के हित को देखते हुए ई-प्रोक्योरमेंट के लिए गठित सशक्त समिति को समाप्त करने का निर्णय लिया। चूंकि वर्तमान में पीएफआईसी द्वारा 100 करोड़ रूपए से उपर की परियोजनाएं स्वीकृत किए जा रहे हैं। बड़ी आईटी परियोजनाओं के संबंध में पहले से सशक्त समिति अनुमोदन की अनिवार्यता होने से अनुमोदन प्रक्रिया का डुप्लिकेशन होता है। इस कारण सशक्त समिति को समाप्त करने का निर्णय लिया। छत्तीसगढ़ राज्य उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग में लंबित प्रकरणों के त्वरित निराकरण और उपभोक्ता मामलों की समयबद्ध सुनवाई के लिए सदस्य का एक नवीन पद सृजित करने का निर्णय लिया गया। खरीफ विपणन वर्ष 2022-23, 2023-24 एवं 2024-25 के समर्थन मूल्य योजना में धान एवं चावल परिवहन की दर के लिए गठित राज्य स्तरीय समिति की अनुशंसा दर को स्वीकृत करने का निर्णय लिया गया। छत्तीसगढ़ श्रम विधियां संशोधन एवं विविध प्रकीर्ण उपबंध विधेयक-2025 के माध्यम से कारखाना अधिनियम-1948, औद्योगिक विवाद अधिनियम-1947 तथा ट्रेड यूनियन अधिनियम-1976 में संशोधन के प्रारूप का अनुमोदन किया गया। रजिस्ट्रीकरण अधिनियम-1908 (छत्तीसगढ़ संशोधन) विधेयक-2025 के प्रारूप का अनुमोदन किया गया। रजिस्ट्री ऑफिसों के नियमित रूप से संचालन के लिए वाणिज्यिक कर (पंजीयन) विभाग में उप पंजीयक के पदोन्नति श्रेणी के रिक्त 9 पदों की पूर्ति के लिए पांच वर्ष की अर्हकारी सेवा में एक बार के लिए छूट प्रदान करने का निर्णय लिया गया।   राज्य में 01 नवम्बर 2024 से औद्योगिक विकास नीति 2024-30 प्रभावशील है। इसे और अधिक प्रभावी बनाने के लिए वाणिज्य एवं उद्योग विभाग द्वारा छत्तीसगढ़ शासन भण्डार क्रय नियम-2002 में प्रस्तावित संशोधन के प्रारूप का अनुमोदन किया गया। छत्तीसगढ़ सरकार एवं व्यक्ति विकास केन्द्र इंडिया (द आर्ट ऑफ लिविंग) के मध्य आजीविका सृजन एवं ग्रामीण छत्तीसगढ़ का कल्याण विषयक एमओयू के लिए राज्य सरकार के सुशासन एवं अभिसरण विभाग को अधिकृत किया गया।

मध्यप्रदेश में वाटर स्पोर्ट्स को बढ़ावा देने के लिए यह रोइंग चैंपियनशिप प्रतियोगिता महत्वपूर्ण- मंत्री सारंग

भोपाल खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री विश्वास कैलाश सारंग ने भोपाल के बड़े तालाब स्थित मध्यप्रदेश राज्य वाटर स्पोर्ट्स अकादमी, बोट क्लब पर आज से 7 मार्च तक आयोजित होगी। मंत्री श्री सारंग ने 42वीं नेशनल सीनियर रोइंग चैंपियनशिप के आयोजन स्थल का खेल विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ दौरा कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 3 मार्च को शाम 4 बजे पांच दिवसीय 42वीं नेशनल सीनियर रोइंग चैंपियनशिप का शुभारंभ करेंगे। मंत्री श्री सारंग ने कहा कि मध्यप्रदेश में वाटर स्पोर्ट्स को बढ़ावा देने के लिए यह प्रतियोगिता महत्वपूर्ण है जिससे प्रदेश में वॉटर स्पोर्टस खेलों के प्रति उत्साह बढ़ेगा और युवा वर्ग को नई दिशा मिलेगी। उन्होंने बताया कि वॉटर स्पोर्ट्स में भागीदारी के लिए मध्यप्रदेश देश के प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित हो इस दिशा में हम निरंतर प्रयास कर रहे हैं। प्रतियोगिता में 14 इवेंट्स का होगा आयोजन मंत्री श्री सारंग ने बताया कि इस प्रतियोगिता में 14 इवेंट्स का आयोजन किया जाएगा जिसमे 2 इवेंट्स पैरा सिंगल स्कल महिला एवं पुरुष वर्ग भी शामिल है। 14 इवेंट्स के सभी फाइनल्स 7 मार्च 2025 को संपन्न होंगे जिसमे 7 इवेंट्स सुबह एवं 7 की शाम होंगें। सभी स्पर्धाएं 2000 मीटर की दूरी पर आयोजित की जाएँगी। भोपाल का बड़ा तालाब देश की सबसे बेहतर वॉटर बॉडी में से एक मंत्री श्री सारंग ने बताया कि भोपाल का बड़ा तालाब देश की सबसे बेहतरीन वॉटर बॉडी में से एक है, और यहाँ पर राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता का आयोजन प्रदेश के लिए गौरव की बात है। आगे उन्होंने बताया कि इस प्रतियोगिता में देशभर की कुल 27 टीमों में से 23 राज्यों की एवं इंडियन आर्मी, इंडियन नेवी, इंडियन एयरफ़ोर्स, और सर्विस स्पोर्ट्स कंट्रोल बोर्ड की टीमों के 500 प्रतिभागी शामिल होंगे। मंत्री श्री सारंग ने बताया कि प्रतियोगिता के उद्घाटन अवसर पर मध्यप्रदेश राज्य वाटर स्पोर्ट्स अकादमी के खिलाड़ी रोइंग, क्याकिंग-केनोइंग, सेलिंग और स्लालम खेलों की विशेष प्रस्तुति देंगे। मध्यप्रदेश में वाटर स्पोर्ट्स को बढ़ावा देने के लिए यह प्रतियोगिता महत्वपूर्ण मंत्री श्री सारंग ने बताया कि यह प्रतियोगिता वॉटर स्पोर्टस को बढ़ावा देने के साथ ही प्रदेश के युवाओं को अपनी प्रतिभा को दिखाने का एक बेहतर मंच प्रदान करेगा। आगे उन्होंने बताया कि इस प्रतियोगिता के दौरान देशभर के रोइंग खिलाड़ी अपनी सर्वोत्तम तकनीक और कौशल का प्रदर्शन करेंगे, जिससे प्रदेश में वॉटर स्पोर्टस खेल के प्रति जागरूकता और उत्साह में वृद्धि होगी। मंत्री श्री सारंग ने बताया कि मध्यप्रदेश में वॉटर स्पोर्टस को बढ़ावा और खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा दिखाने के लिए बेहतर मंच उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रयास कर रहे हैं। प्रतियोगिता का सीधा प्रसारण बनेगा आकर्षण का केंद्र मंत्री श्री सारंग ने बताया कि इस प्रतियोगिता का लाइव प्रसारण एलईडी स्क्रीन के माध्यम से बोट क्लब सहित शहर के प्रमुख चौराहों पर किया जाएगा, जिससे खेल प्रेमियों को एक शानदार जल क्रीड़ा का अद्भुत अनुभव मिलेगा। आगे उन्होंने बताया कि इस प्रतियोगिता के लाइव प्रसारण से खेल के प्रति युवाओं में नई प्रेरणा मिलेगी और वे वॉटर स्पोर्ट्स की तरफ आकर्षित भी होंगे।  

चुनाव आयोग ने कहा- कुछ मतदाताओं के ईपीआईसी नंबर समान हो सकते हैं, मतलब फर्जी मतदाता नहीं है

नई दिल्ली चुनाव आयोग ने ऐसी रिपोर्टों का संज्ञान लिया है, जिसमें दो अलग-अलग राज्यों के वोटरों के समान मतदाता पहचान पत्र संख्या (ईपीआईसी) नंबर होने का मुद्दा उठाया गया है। आयोग का कहना है कि ईपीआईसी नंबर चाहे जो भी हो, कोई भी मतदाता अपने राज्य के अपने संबंधित निर्वाचन क्षेत्र में निर्धारित मतदान केंद्र पर ही वोट डाल सकता है, जहां उसका नाम मतदाता सूची में दर्ज होता है, न कि कहीं और। चुनाव आयोग ने एक नई पहल करते हुए मतदाताओं को यूनीक ईपीआईसी नंबर आवंटित करने का निर्णय भी लिया है। आयोग का कहना है कि कुछ मतदाताओं के ईपीआईसी नंबर समान हो सकते हैं, लेकिन समान ईपीआईसी नंबर वाले मतदाताओं के लिए जनसांख्यिकीय विवरण, विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र और मतदान केंद्र सहित अन्य विवरण अलग-अलग हैं। चुनाव आयोग ने मतदाता सूची में हेराफेरी के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा है कि डुप्लिकेट मतदाता पहचान पत्र नंबर होने का मतलब यह नहीं है कि मतदाता फर्जी है। आयोग का यह स्पष्टीकरण विभिन्न सोशल मीडिया पोस्ट के जवाब में रविवार को सामने आया है। गौरतलब है कि कई विपक्षी दलों ने भी मतदाताओं को जारी किए गए एक समान ईपीआईसी नंबर को लेकर चिंता जाहिर की है। चुनाव आयोग का कहना है कि किसी भी आशंका को दूर करने का प्रयास किया जाएगा। आशंका दूर करने के लिए पंजीकृत मतदाताओं को यूनीक ईपीआईसी नंबर आवंटित करने का निर्णय भी लिया गया है। डुप्लिकेट ईपीआईसी नंबर के किसी भी मामले को एक यूनीक ईपीआईसी नंबर आवंटित करके ठीक किया जाएगा। इस प्रक्रिया की सहायता के लिए ईआरओएनईटी 2.0 प्लेटफॉर्म को अपडेट किया जाएगा। विभिन्न राज्यों के कुछ मतदाताओं को जारी किए गए समान ईपीआईसी संख्या का कारण भी आयोग ने बताया है। आयोग के मुताबिक, यह पहले अपनाई गई विकेंद्रीकृत और मैन्युअल प्रणाली के कारण हुआ। इसके परिणामस्वरूप कुछ राज्यों के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) कार्यालयों ने एक ही ईपीआईसी अल्फान्यूमेरिक श्रृंखला का उपयोग किया। इसके कारण विभिन्न राज्यों और संघ शासित प्रदेशों के विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों में मतदाताओं को डुप्लिकेट ईपीआईसी नंबर आवंटित किए जाने की संभावना बनी रही।

रामलला के मंदिर में श्रद्धालुओं के लिए एंट्री-एग्जिट मार्ग में बड़ा बदलाव

अयोध्या अयोध्या में रामलला के दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में हाल ही में कमी आई है। पहले जब राम मंदिर के निर्माण के बाद लाखों भक्त अयोध्या पहुंचते थे, तब हर दिन 3 से 4 लाख श्रद्धालु मंदिर के दर्शन के लिए आते थे। लेकिन पिछले 1-2 महीनों में यह संख्या घटकर 2 से ढाई लाख के आसपास पहुंच गई है। श्रद्धालुओं के लिए एंट्री-एग्जिट मार्ग में बड़ा बदलाव मिली जानकारी के मुताबिक, इस कमी को देखते हुए अब अयोध्या में दर्शन के लिए जाने और बाहर निकलने के मार्गों में बदलाव किए जा रहे हैं। पहले श्रद्धालु गेट नंबर 3 से मंदिर में प्रवेश करते थे और इसी गेट से बाहर निकलते थे। अब, नया फैसला लिया गया है कि श्रद्धालुओं को राम जन्मभूमि पथ से मंदिर में भेजा जाएगा, और बाहर निकलने के लिए अंगद टीले के पास बने नए गेट का इस्तेमाल किया जाएगा। इसके साथ ही गेट नंबर 3 को बंद कर दिया जाएगा। राम मंदिर में भक्तों की संख्या कम बताया जा रहा है कि पहले, जब भक्तों की संख्या ज्यादा थी, तब गेट नंबर 3 से प्रवेश और निकासी का रास्ता रखा गया था। इस व्यवस्था के तहत श्रद्धालुओं को दर्शन करने में आसानी होती थी और सुरक्षा व्यवस्था भी बेहतर होती थी। लेकिन अब जब भक्तों की संख्या में कमी आई है, तो पुरानी व्यवस्था को फिर से लागू किया जा रहा है, जिसमें श्रद्धालु राम जन्मभूमि पथ से प्रवेश करेंगे और दर्शन करने के बाद अंगद टीले से बाहर निकलेंगे। एंट्री-एग्जिट के पुराने नियम होंगे लागू बता दें कि शनिवार को राम मंदिर में दर्शन करने आए भक्तों की संख्या 2 लाख से ज्यादा रही थी। यदि रविवार को भी यही संख्या रही तो सोमवार से नए निकासी मार्ग का इस्तेमाल शुरू कर दिया जाएगा। पहले भक्तों की बड़ी संख्या के कारण प्रवेश और निकासी में दूरी बनाए रखी जाती थी, जिससे पथ पर दबाव कम रहता था और श्रद्धालु आराम से दर्शन कर पाते थे। अब, महाकुंभ समाप्त हो जाने के बाद भक्तों की संख्या घट गई है, इसलिए नया निकासी मार्ग तैयार किया गया है।

देशभर के 700 से अधिक पूर्णकालिक कार्यकर्ता के लिए आज से 8 मार्च तक अभ्यास वर्ग होगा आयोजित

भोपाल राजधानी भोपाल में विद्या भारती अखिल भारतीय शिक्षा संस्थान का कार्यकर्ता अभ्यास प्रशिक्षण वर्ग आज से आयोजित होने जा रहा है. जिसमें राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत, संघ के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबोले और संघ की अखिल भारतीय कार्यकारिणी के सदस्य सुरेश सोनी शामिल होंगे. बता दें कि कार्यकर्ता अभ्यास प्रशिक्षण वर्ग 3 मार्च से 8 मार्च तक चलेगा. जिसमें देशभर के 700 से अधिक पूर्णकालिक कार्यकर्ता शामिल होंगे. प्रशिक्षण वर्ग में कार्यकर्ताओं को संगठन, नेतृत्व और समाज में सकारात्मक परिवर्तन के लिए प्रशिक्षित किया जाएगा. कार्यक्रम का उद्देश्य कार्यकर्ताओं को राष्ट्र निर्माण, संगठनात्मक कौशल, अनुशासन और सांस्कृतिक पुनर्जागरण के लिए प्रेरित करना है. कार्यक्रम को दो श्रेणियों, छह समूहों और 11 कार्य क्षेत्रों में बांटा गया है. हर समूह की जिम्मेदारी तय की जाएगी और इन्हें राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और विद्या भारती के वरिष्ठ अधिकारी मार्गदर्शन देंगे.

नौकरशाही में सुलेमान पर चर्चा : क्या वीआरएस या ‘वी फोर्स्ड रिटायरमेंट’?

Debate on Suleman in bureaucracy: Is it VRS or ‘We are Forced Retirement’? भोपाल। मध्यप्रदेश की नौकरशाही में इन दिनों सुगबुगाहट तेज है। आईएएस मोहम्मद सुलेमान ने अपने सेवा जीवन के आखिरी मोड़ पर ऐसा मोड़ लिया कि सरकारी गलियारों में कानाफूसी शुरू हो गई। सुलेमान, जिन्हें नौकरशाही के ‘चाणक्य’ का दर्जा प्राप्त था, ने अपनी सेवानिवृत्ति से महज पांच माह पहले ही वीआरएस ले लिया। अब सवाल यह उठता है कि आखिरकार ऐसा क्या हुआ कि एक ‘पावरफुल’ अधिकारी को समय से पहले ही ‘विश्राम’ लेना पड़ा?कहने को तो इसे स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति कहा जा रहा है, लेकिन सरकार के गलियारों में इसे ‘स्वैच्छिक से अधिक विवश सेवानिवृत्ति’ कहा जा रहा है। शिवराज सरकार में सुलेमान का दबदबा ऐसा था कि विभागों के सचिव भी उनके आगे ब्रीफकेस उठाने को तैयार रहते थे। 15 साल तक सत्ता के गलियारों में उनकी गूंज थी, लेकिन जैसे ही सत्ता बदली, उनकी गूंज कम और उनके ट्रांसफर ज्यादा होने लगे। पहले उन्हें अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य से हटाकर कृषि विभाग भेजा गया, फिर कर्मचारी चयन मंडल की कुर्सी थमा दी गई। यह संकेत काफी था कि ‘अब आपको अपना भविष्य खुद देखना होगा’। मुख्य सचिव की कुर्सी से दूरी बनी ‘दूरी’ का कारण? मोहम्मद सुलेमान की नजर प्रदेश के मुख्य सचिव की कुर्सी पर थी, लेकिन किस्मत ने कुछ और ही तय कर रखा था। उनके बैचमेट अनुराग जैन को मुख्य सचिव बना दिया गया और सुलेमान को किनारे कर दिया गया। बस, यहीं से शुरू हुआ सुलेमान का ‘प्लान बी’। सूत्रों के मुताबिक, मुख्य सचिव की रेस में पिछड़ने के बाद उन्होंने ही सोचा कि अब सरकारी सेवा में समय बर्बाद करने से अच्छा है कि कुछ नया किया जाए। अब नौकरशाही से ‘फ्री’, लेकिन जिंदगी में ‘बिजी’! सुलेमान ने वीआरएस के बाद की योजना भी बना रखी है। वे दिल्ली स्थित ‘द एनर्जी एंड रिसोर्स इंस्टीट्यूट’ से पीएचडी करने जा रहे हैं। अब सवाल यह उठता है कि इतने वर्षों तक सरकारी फाइलों में मग्न रहने के बाद अचानक ‘अकादमिक’ दुनिया में जाने का ख्याल क्यों आया? दरअसल, यह भी ‘ट्रांजिशन प्लान’ का हिस्सा हो सकता है। जैसे ही सरकारी कूलिंग-ऑफ पीरियड खत्म होगा, सुलेमान किसी बहुराष्ट्रीय कंपनी में मोटे पैकेज पर नज़र आ सकते हैं। ‘पावर’ में थे, पर ‘पावर’ चला गया! शिवराज सरकार में सुलेमान की पावर का आलम यह था कि बड़े-बड़े मंत्री भी उनकी ‘कृपा’ के लिए लाइन लगाए खड़े रहते थे। लेकिन सत्ता परिवर्तन होते ही उनकी यह ‘कृपा’ कम होने लगी। मोहन यादव सरकार के आते ही उनका मंत्रालय से बाहर होना यह साफ संकेत था कि अब वे ‘विशेषाधिकारी’ नहीं, बल्कि ‘सामान्य अधिकारी’ रह गए हैं। शायद यही बात उन्हें सबसे ज्यादा चुभ गई और उन्होंने फाइलों के ढेर से निकलकर ‘स्वतंत्रता’ का रास्ता चुना। वीआरएस: एक ट्रेंड या मजबूरी? मध्यप्रदेश की नौकरशाही में यह पहला मामला नहीं है, जब किसी वरिष्ठ अधिकारी ने समय से पहले वीआरएस लिया हो। पहले भी कई बड़े अधिकारी जब ‘दरबार’ से दूर कर दिए गए, तो उन्होंने समय से पहले ही ‘दरवाजे’ से बाहर निकलना बेहतर समझा। मोहम्मद सुलेमान का मामला भी कुछ ऐसा ही है।अब देखना यह होगा कि सुलेमान की यह ‘नई पारी’ कितनी लंबी चलती है और वे किस बहुराष्ट्रीय कंपनी में अपनी सेवाएं देते हैं। फिलहाल, नौकरशाही में यह चर्चा जोरों पर है कि ‘जो कल तक सरकार के ‘रणनीतिकार’ थे, आज वे नई रणनीति बनाने में जुट गए हैं!’

भोपाल कलेक्टर ने हाईकोर्ट के आदेश का नहीं किया पालन: हाईकोर्ट ने कहा- याचिका पर 10 दिन में जवाब दें, नहीं तो व्यक्तिगत रूप से उपस्थित हों

Bhopal Collector did not follow the order of the High Court: High Court said- respond to the petition in 10 days, otherwise appear in person जबलपुर ! भोपाल कलेक्टर ने रेरा से जुड़े मामले में समय पर आरआरसी का निष्पादन नहीं किया, जिसके चलते मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने आदेश दिया है कि अगर 10 दिनों में यह कार्य पूरा नहीं होता है तो उन्हें व्यक्तिगत रूप से कोर्ट में उपस्थित होकर जवाब देना होगा। यह दूसरी बार है जब भोपाल कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह के खिलाफ अवमानना याचिका पर सुनवाई हुई, जिस पर कोर्ट ने नाराजगी जाहिर की है।जस्टिस ए.के. सिंह की अदालत में भोपाल कलेक्टर कौशलेन्द्र विक्रम सिंह के खिलाफ दायर अवमानना याचिका पर सुनवाई हुई। मामले की अगली सुनवाई अब 12 मार्च को होगी। दो अलग-अलग मामलों में अवमानना याचिकाएं दरअसल, एक बिल्डर के खिलाफ दो लोगों ने भोपाल कलेक्टर को शिकायत दी थी, जो रेरा से संबंधित थी। इस मामले में रेरा ने 2020 में भोपाल कलेक्टर को आदेश दिया था कि वह आरआरसी (राजस्व वसूली प्रमाण पत्र) के तहत इस केस का जल्द से जल्द निष्पादन करें, लेकिन कलेक्टर ने कोई कार्रवाई नहीं की। इस देरी के चलते शिकायतकर्ता अरविंद वर्मा ने हाईकोर्ट में अवमानना याचिका दायर की थी, जिस पर हाईकोर्ट ने भोपाल कलेक्टर को 60 दिनों में आरआरसी निष्पादित करने का निर्देश दिया था, लेकिन उन्होंने फिर भी कोई कार्रवाई नहीं की। इसी तरह, भोपाल निवासी भानु प्रताप ने भी बिल्डर के खिलाफ रेरा में शिकायत दर्ज कराई थी, जिसमें भोपाल कलेक्टर को कार्रवाई करने का आदेश दिया गया था, परंतु यहां भी कोई कदम नहीं उठाया गया। कलेक्टर ने की कोर्ट की अवमानना याचिकाकर्ता के अधिवक्ता कपिल दुग्गल ने बताया कि बिल्डर हिमांशु इन्फ्रास्ट्रक्चर के खिलाफ दो शिकायतें दर्ज करवाई गई थीं। अरविंद वर्मा और भानु प्रताप ने शिकायत में बताया कि बिल्डर के पास उनका लगभग 50 लाख रुपये फंसा हुआ है। रेरा ने इस शिकायत पर भोपाल कलेक्टर को आरआरसी के माध्यम से निष्पादन करने का आदेश दिया था। जब आदेश का पालन नहीं हुआ, तो दोनों याचिकाकर्ताओं ने हाईकोर्ट में अवमानना याचिका दायर की। हाईकोर्ट ने कलेक्टर को समय पर मामला निपटाने का आदेश दिया था, लेकिन उन्होंने इसका पालन नहीं किया। कोर्ट ने दिया 10 दिन का समय जब कलेक्टर कौशलेन्द्र विक्रम सिंह ने बिल्डर के खिलाफ समय पर कोई कार्रवाई नहीं की, तो दोनों याचिकाकर्ताओं ने हाईकोर्ट में अवमानना याचिका दायर कर दी। पहली याचिका भानु प्रताप सिंह की थी, जिस पर 25 फरवरी को सुनवाई हुई। इसमें पाया गया कि भोपाल कलेक्टर ने कोर्ट के समक्ष अनुपालन रिपोर्ट पेश नहीं की थी, जिससे नाराज होकर हाईकोर्ट ने उनके खिलाफ जमानती वारंट जारी किया और 12 मार्च को उपस्थित होने का आदेश दिया।दूसरी याचिका अरविंद वर्मा की थी, जिसमें हाईकोर्ट ने भोपाल कलेक्टर को 10 दिन के भीतर मामले का निपटारा करने का निर्देश दिया है। यदि वे ऐसा नहीं करते हैं, तो उन्हें व्यक्तिगत रूप से कोर्ट में उपस्थित होना पड़ेगा।

आज सोमवार, 03 मार्च 2025 का राशिफल: पढ़ें दैनिक राशिफल

मेष राशि- शारीरिक लाभ के लिए विशेष रूप से मानसिक मजबूती के लिए ध्यान और योग शुरू करें। आपकी आर्थिक स्थिति आज अनुकूल नहीं दिखाई दे रही है, इसलिए आपको पैसे बचाने में कठिनाई होगी। निवास स्थान परिवर्तन ज्यादा शुभ रहेगा। प्यार आपको एक जगह पर खड़े होकर एक नई दुनिया में ले जा सकता है। यह वह दिन है जब आप रोमांटिक ट्रिप पर जाएंगे। अगर आप मानते हैं कि समय ही धन है तो आपको अपनी उच्चतम क्षमता तक पहुंचने के लिए आवश्यक कदम उठाने चाहिए। वृषभ राशि- आज करियर संबंधी मामलों में लाभ की स्थिति में हैं। करियर से जुड़े नए अवसर मिल सकते हैं अपने आप को और अपने काम को सकारात्मक रोशनी में पेश करने पर ध्यान दें। अपने प्रति सच्चे रहें और अपने अंतर्ज्ञान का पालन करें, सफलता आपके निकट भविष्य में है। बढ़ी हुई भावनात्मक जागरूकता के माध्यम से आज अपनी जरूरतों को समझने के करीब आ सकते हैं और इसे दूसरों के साथ व्यक्त कर सकते हैं। इसके लिए अपार शक्ति और धैर्य की आवश्यकता होगी, जो कि आपके पास है।  मिथुन राशि- काम पर, सहकर्मियों से प्रतिक्रिया मांगें और नए तरीके सीखने के लिए खुले रहें जो आपकी प्रोडक्टिव और काम को और बेहतर बना सकते हैं। पेशेवर और व्यक्तिगत दोनों ही तरह से पैसों से जुड़े मामलों और मुद्दों पर अतिरिक्त ध्यान दें। हड़बड़ाहट में निर्णय लेने से बचें और कोई भी बड़ा फैसला लेने से पहले अच्छी तरह सोच विचार कर लें। वर्तमान निवेशों की जांच करें, ज्यादा पैसा बचाने पर ध्यान दें।  हो सके तो आज थोड़ा आराम करने की कोशिश करें, भले ही वह कुछ मिनटों के लिए ही क्यों न हो। कर्क राशि- आपका कोई खास आज आपके जीवन में उत्साह और आनंद की लहर लेकर आएगा! हवा में रोमांस खिलेगा, इसलिए अपने पार्टनर के साथ कुछ क्वालिटी टाइम बिताएं। अगर अविवाहित हैं, तो अपनी आंखें खोलें और उस अद्भुत व्यक्ति को देखें जो आपके द्वारा उन्हें नोटिस किए जाने की इंतजार कर रहा है। जब आपके पेशेवर जीवन की बात आती है तो बड़े बदलाव आने वाले हैं। आपने जो मेहनत और समर्पण किया है, वह आखिरकार रंग ला रहा है और जल्द ही सफलता मिलेगी। अपने पैसे पर नजर रखें और कोई भी वित्तीय जोखिम लेने से दूर रहें। सिंह राशि- पेशेवर बने रहें और हमेशा यह सुनिश्चित करें कि आपका व्यवहार सबसे अच्छा हो। अपने आप पर विश्वास करें और जोखिम उठाने से न डरें, क्योंकि यह आपको बड़ी सफलताओं का इनाम दे सकता है। आने वाले दिनों के लिए वित्तीय बजट को समझना सीखें। हालांकि आज बदलाव का दिन है, लेकिन इस बात का भी ध्यान रखें कि अचानक कोई आश्चर्य एक चुनौती के रूप में सामने आ सकता है और आपको आर्थिक परेशानी की स्थिति में डाल सकता है। केंद्रित रहें और सतर्क रहें। शारीरिक शक्ति कम हो सकती है और थोड़ी सुस्ती पैदा हो सकती है, अपनी मानसिकता को केंद्रित रखें। कन्या राशि- दिल के मामलों में आप खुद को नई सकारात्मक ऊर्जा से भरा हुआ पाएंगे। आपको विचारों की स्पष्टता मिलेगी कि आप किसके साथ सार्थक संबंध बनाना चाहेंगे। यह आपके दिल को खोलने, नए बंधन बनाने और जीवन को उसके अनुसार लेने का समय है। इस समय का सदुपयोग आगे के बड़े करियर की तस्वीर के लिए, अपने कौशल को चमकाने और बढ़ाने के लिए करें। जैसे-जैसे अवसर आते हैं, प्रोडक्टिव, मेहनती और केंद्रित होना सुनिश्चित करें। पैसा कमाने और निवेश करने के नए रास्ते खुल सकते हैं। अपनी खर्च करने की आदतों पर सावधानी से विचार करें और उनका अच्छा उपयोग करें और फिजूलखर्ची करने से पहले दो बार सोचना सुनिश्चित करें। तुला राशि- मस्ती करने के लिए बाहर निकलने वालों के लिए बेहद खुशी और आनंद। जिन लोगों ने किसी से पैसा उधार लिया है उन्हें किसी भी परिस्थिति में कर्ज चुकाना पड़ सकता है। ऐसे में यह आपकी आर्थिक स्थिति को कमजोर कर सकता है। कोई शुभ समाचार मिलने की संभावना है, जो न केवल आपको बल्कि आपके परिवार को भी रोमांचित करेगा। आपको अपनी उत्तेजना पर नियंत्रण रखने की जरूरत है। आपका प्रिय आज आपकी बात सुनने के बजाय अपने मन की बात कहना पसंद करेगा। इससे आप परेशान हो सकते हैं। नौकरीपेशा जातकों को आज कार्यक्षेत्र में कई समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।  वृश्चिक राशि- नए अवसर मिलेंगे जिन्हें आपको जल्दी से हथियाने और कड़ी मेहनत करने की आवश्यकता है। गति जारी रखें और पुरस्कार अद्भुत होंगे।आज आपके लिए बेहतर है कि आप खर्च से ज्यादा बचत करें और अगर निवेश करते हैं तो सुरक्षित विकल्प चुनें। अप्रत्याशित व्यय है इसलिए अपने धन से सावधान रहें। कुछ नींद लें और दिन ढलने के साथ आराम करें और सुनिश्चित करें कि आप मन लगाकर सांस लेने और खाने का अभ्यास करें। धनु राशि- आप आज अनसुलझे मुद्दों के बारे में अपने परिवार से बात करना चाह सकते हैं, और आप ऐसा करने में सक्षम हो सकते हैं, लेकिन सुनिश्चित करें कि आप एक अच्छी तरह से विचार का उपयोग करें। आज आप अपने रिश्तेदारों के साथ समय बिता सकते हैं। आज आपको परिवार से जुड़ी कोई दिलचस्प खबर मिल सकती है। कोशिश करें कि आज किसी संपत्ति में निवेश न करें। आज परिवार के साथ एक अच्छा दिन बिताने में सक्षम हो सकते हैं। मकर राशि- विद्यार्थी आज प्रेम की भावनाओं में व्यस्त रहेंगे, जिससे उनका काफी समय बर्बाद हो सकता है। इस बात की संभावना है कि आपके और आपके जीवनसाथी के बीच तनाव बढ़ जाएगा और यह लंबे समय तक आपके रिश्ते के लिए अच्छा नहीं हो सकता है। आज दूसरों से प्यार का इजहार करना आसान होगा और यदि आप एक रोमांटिक रिश्ते में हैं तो यह आपके बीच के बंधन को विकसित करने का आदर्श समय है। नई बातचीत शुरू करने और अपने रिश्ते की गहराई का पता लगाने का यह सही अवसर हो सकता है। कुंभ राशि- आप अपने रिश्तों में आज एक चुनौतीपूर्ण दिन का अनुभव कर सकते हैं। गलतफहमी और असहमति के मामले में, गलतियों को स्वीकार करने के लिए तैयार रहें और धैर्य के साथ समस्या का समाधान करें। इस बात का ध्यान रखें कि वर्तमान भावनाएं रिश्तों को कैसे प्रभावित कर रही हैं, … Read more

महिलाओं ने अपनी लेखनी से समाज को दिशा दी – मंत्री सुश्री भूरिया

भोपाल लेखन समाज का दर्पण होता है। जब एक लेखिका अपनी रचनाओं के माध्यम से महिलाओं की स्थिति, उनके अधिकारों, उनके संघर्षों और उनके उत्थान की बात करती है, तो वह केवल अपनी ही कहानी नहीं बयां करती, बल्कि वह उन सभी महिलाओं की बात करती है जो मौन हैं, जो संघर्ष कर रही हैं और जो बदलाव की प्रतीक्षा कर रही हैं। यह बात महिला बाल विकास मंत्री सुश्री निर्मला भूरिया ने कहीं। वे हिंदी भवन के सभागार में हिंदी लेखिका संघ मध्यप्रदेश द्वारा आयोजित 30 वां वार्षिक कृति पुरस्कार एवं सम्मान समारोह 2024-25 में संबोधित कर रही थी। सुश्री भूरिया ने कहा कि लेखन समाज के हर वर्ग को संदेश देता है। महिला लेखिकाओं का योगदान अमूल्य है और हम सभी को इसे पहचानने और प्रोत्साहित करने की जरूरत है।उन्होने कहा कि हिन्दी साहित्य का इतिहास समृद्ध और विविधताओं से भरा हुआ है, जिसमें नारी का योगदान एक अहम् और विशिष्ट स्थान रखता है। हमारे देश के साहित्य में अनेक महान लेखिकाओं का योगदान रहा है, जिन्होंने न केवल समाज में विद्यमान सामाजिक कुरीतियों और भेदभाव को उजागर किया, बल्कि उन्होंने अपने लेखन के माध्यम से नारी के अधिकारों की लड़ाई भी लड़ी। यही कारण है कि हमें यह समझने की जरूरत है कि महिला लेखिकाओं ने केवल साहित्य में ही नहीं, बल्कि समाज में भी एक नई दिशा का संचार किया है। मंत्री सुश्री भूरिया ने कहा कि प्रारंभ में महिला लेखकों को पुरुष लेखकों के मुकाबले कम मान्यता मिलती थी। लेकिन समय के साथ हमारे समाज और साहित्य में बदलाव आया है। आज ऐसी अनेक महिला लेखिकाएं हैं, जिन्होंने अपने लेखन से साहित्यिक जगत को एक नया आयाम दिया है। महिला लेखिकाओं ने हर क्षेत्र में अपनी उपस्थिति दर्ज की है। चाहे वह कहानी हो, कविता हो, उपन्यास हो या निबंध हो, हर रूप में उनकी आवाज़ सुनाई दी है। महिला-बाल विकास मंत्री सुश्री भूरिया ने कहा कि यह सम्मान समारोह नई लेखिकाओं के लिए एक प्रेरणा का स्रोत बनेगा। हमें यह समझने की जरूरत है कि साहित्य में नया दृष्टिकोण, नयी सोच और नवाचार की भूमिका बहुत महत्वपूर्ण होती है। आज हम जिन लेखिकाओं को सम्मानित कर रहे हैं, उन्होंने न केवल साहित्य की दुनिया को समृद्ध किया है, बल्कि वे अपने लेखन के माध्यम से समाज के हर वर्ग, हर मुद्दे को जागरूकता और संवेदनशीलता से पेश कर रही हैं।उन्होंने कहा कि हिन्दी लेखिका संघ द्वारा आयोजित यह सम्मान समाराह सिर्फ एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि यह महिला लेखन के प्रति हमारी न्यायसंगत समझ और समर्पण का प्रतीक है। हम सभी को मिलकर यह सुनिश्चित करना होगा कि महिलाएं अपने लेखन के माध्यम से अपनी आवाज़ उठाएं और समाज में बदलाव लाने में सक्षम हों। कार्यक्रम में हिंदी लेखिका संघ के प्रतिष्ठित सम्मान 2024-25, अमृत पर्व सम्मान वह वह हिंदी लेखिका संघ के कीर्ति पुरस्कार 2024-25 प्राप्त करने वाली लेखिकाओं को शॉल, श्रीफल, पुरस्कार व प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। इसी दौरान वरिष्ठ पत्रकार सम्मान एवं युवा पत्रकार सम्मान भी प्रदान किया गया। हिंदी लेखिका संघ की स्थापना 1975 में हुई थी आज इसको 30 वर्ष हो गए हैं। यह संस्था लेखिकाओं की सृजनात्मक क्षमता को समाज में अभिव्यक्ति के अवसर प्रदान करती है। इस अवसर पर डॉ. रामदरश मिश्र और हरिशंकर परसाई की जन्मशती पर उनके व्यक्तित्व और कृतित्व पर केंद्रित ‘सर्जना’ वार्षिक स्मारिका व सांझा कहानी संकलन “स्त्री मन की कहानियाँ ” का लोकार्पण किया गया। इस अवसर पर रविंद्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय के कुलाधिपति एवं विश्व रंग के निदेशक श्री संतोष चौबे, रामायण शोध केंद्र भोपाल के निदेशक डॉ राजेश श्रीवास्तव, शिक्षाविद एवं वरिष्ठ साहित्यकार डॉक्टर आरती दुबे ने भी अपने विचार व्यक्त किये। कार्यक्रम में साहित्य जगत से जुड़े श्री विकास दवे, श्री ओपी श्रीवास्तव व लेखिकाएं उपस्थित थी।  

रेस्क्यू अभियान पूरा, आठ हुई मृतकों की संख्या, लापता सभी चार श्रमिकों के शव रेस्क्यू टीम ने बरामद कर लिए

ज्योतिर्मठ (चमोली) चीन सीमा पर माणा के पास शुक्रवार को हिमस्खलन की चपेट में आए सभी लोगों को ढूंढ लिया गया है, जिसमें से 46 सुरक्षित हैं, जबकि आठ की मौत हो गई। रविवार को लापता सभी चार श्रमिकों के शव रेस्क्यू टीम ने बरामद कर लिए हैं। जबकि चार श्रमिकों के शव शनिवार को बरामद हो गए थे। वहीं, रविवार को एक अन्य घायल को एम्स ऋषिकेश के लिए रेफर कर दिया गया है, जबकि एक घायल श्रमिक शनिवार को रेफर किया गया था। इसके साथ ही तीन दिनों से चला आ रहा रेस्क्यू अभियान भी समाप्त हो गया। बता दें कि माणा के पास शुक्रवार तड़के भारी हिमस्खलन हुआ था, जिसके चपेट में बीआरओ के 54 श्रमिक आ गए थे। आईटीबीपी और सेना के जवानों ने शुक्रवार सुबह रेस्क्यू अभियान शुरू किया। पहले दिन 33 श्रमिकों को सुरक्षित निकाला गया था। शनिवार को रेस्क्यू अभियान में एनडीआरएफ भी शामिल हुई। शनिवार तक रेस्क्यू टीमों ने 46 श्रमिकों को सुरक्षित निकाल लिया था, जबकि चार श्रमिकों के शव बरामद हुए थे। उसके बाद लापता चल रहे चार अन्य श्रमिकों की खोजबीन के लिए रविवार को फिर तीनों रेस्क्यू टीमों ने सर्च अभियान चलाया। दोपहर करीब एक बजे पहले एक शव बरामद हुआ। उसके बाद दो अन्य श्रमिकों के शव भी बरामद हुए। अंतिम लापता व्यक्ति का शव दोपहर करीब चार बजे बरामद कर लिया गया। जिसके बाद हादसे में मृतकों की संख्या आठ हो गई। अंतिम व्यक्ति का शव मिलने के साथ ही रेस्क्यू अभियान भी समाप्त कर दिया गया। ज्योतिर्मठ सेना अस्पताल में भर्ती हैं घायल माणा से सभी श्रमिकों को हेलीकॉप्टर से ज्योतिर्मठ स्थिति सेना के अस्पताल में लाया गया है। सबसे बाद में मिले शव को भी लाने का प्रयास किया जा रहा है। स रेस्क्यू अभियान में सेना के सात और एक निजी हेलीकॉप्टर की मदद ली गई। जिनसे श्रमिकों को माणा से ज्योतिर्मठ लाया गया। दो श्रमिक एम्स ऋषिकेश भेजे गए। अन्य का आर्मी अस्पताल ज्योतिर्मठ में उपचार चल रहा है।

वित्त मंत्री चौधरी बोले- सरकार का यह बजट छत्तीसगढ़ को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा

रायपुर छत्तीसगढ़ में कल यानी सोमवार 3 मार्च को मुख्य बजट पेश होने से पहले वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने आज महत्वपूर्ण प्रेसवार्ता की। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का दूसरा बजट छत्तीसगढ़ को नई ऊंचाइयों पर ले जाने वाला होगा। सरकार को लगभग सवा साल हो गया है, कल साय सरकार का दूसरा बजट पेश किया जाएगा, जो छत्तीसगढ़ के विकास को गति देने वाला होगा। पिछली बार की तुलना में इस बार बजट का आकार बड़ा होगा। PCC चीफ के बयान पर किया पलटवार कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज द्वारा बजट को ‘बर्बादी का बजट’ बताए जाने पर वित्त मंत्री ने पलटवार किया। उन्होंने कहा कि “बजट आने से पहले ही विपक्ष आलोचना कर रहा है। कांग्रेस की सोच हमेशा नकारात्मक रही है।” वित्त मंत्री ने बताया कि जब छत्तीसगढ़ का गठन हुआ था, तब बजट मात्र 5000 करोड़ रुपये का था, जो अब कई गुना बढ़ चुका है। उन्होंने कहा कि इस बार भी बजट का आकार बढ़ेगा और यह प्रदेश को विकसित छत्तीसगढ़ की ओर ले जाने वाला होगा। वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री साय की नीतियों का जिक्र करते हुए कहा कि पीएम मोदी भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लिए काम कर रहे हैं और मुख्यमंत्री साय भी उसी दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। इस साल छत्तीसगढ़ के गठन के 25 वर्ष पूरे हो रहे हैं और यह अटल जी की जन्मशताब्दी का वर्ष भी है, ऐसे में बजट विकासोन्मुखी होगा। उन्होंने सरकार की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए बताया कि किसानों को बोनस दिया गया, 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी की गई और कई अन्य योजनाएं सफलतापूर्वक लागू की गईं। ओपी चौधरी ने कहा कि यह बजट पिछले बजट का अगला चरण होगा और विकसित भारत का मार्ग प्रशस्त करेगा।

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