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मुख्यमंत्री डॉ. यादव को उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने जन्मदिन की शुभकामनाएं दीं

भोपाल मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने मुख्यमंत्री निवास में जन्मदिन के शुभ अवसर पर मंगलमय शुभकामनाएं दीं। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव के स्वस्थ, सुदीर्घ और सफल जीवन की कामना की। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि मध्यप्रदेश के लोकप्रिय मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश सतत विकास की नई ऊंचाइयों को छू रहा है। स्वास्थ्य, शिक्षा, बुनियादी ढांचे और औद्योगिक विकास सभी क्षेत्रों में प्रदेश ने उल्लेखनीय प्रगति की है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की दूरदर्शी नीतियों से मध्यप्रदेश आत्मनिर्भरता की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।

अपर मुख्य सचिव डॉ. राजौरा ने सिंहस्थ 2028 के निर्माण कार्यो की उज्जैन में समीक्षा की

भोपाल अपर मुख्य सचिव डॉ. राजेश राजौरा ने सिहस्थ-2028 के प्रगतिरत उज्जैन में निर्माण कार्यो की समीक्षा बैठक में निर्देश दिए कि निर्माण संबंधी कार्यों में समयबद्ध तरीके से काम किया जाना सुनिश्चित किया जाये। प्रगतिरत कार्यों की प्रगति रिपोर्ट भी प्रत्येक माह भेजी जाएं। इसकी प्रत्येक 15 दिन में कलेक्टर उज्जैन द्वारा समीक्षा की जाएगी। अपर मुख्य सचिव ने सख्त निर्देश देते हुए कहा कि निर्माण कार्यों की गति को बनाए रखना संबंधित विभाग के अधिकारी की जिम्मेदारी है इसके लिए यदि दो शिफ्ट में काम करने की आवश्यकता है तो वह भी करें। इसमें किसी प्रकार की लापरवाही नहीं होना चाहिए। समीक्षा बैठक में कलेक्टर श्री नीरज कुमार ने विभिन्न निर्माण कार्यों की जानकारी प्रस्तुत की। घाट निर्माण के लिए 30 माह का समय सुनिश्चित किया गया है। क्षिप्रा शुद्धिकरण के लिये कान्हा नदी डायवर्सन की भौतिक प्रगति रिपोर्ट 29 प्रतिशत है। सेवर खेड़ी, सिलार खेड़ी जलाशय का काम भी शुरू हो चुका है। इंदौर उज्जैन सिक्स लेन का कार्य 24 माह में पूर्ण किया जाना है। इसी के साथ उज्जैन मक्सी फोर लेन इंगोरिया उन्हेल और उज्जैन सिंहस्थ बायपास का काम भी प्रगतिरत है। बैठक में पीडब्ल्यूडी के निर्माण कार्यों की भी समीक्षा की गई। इसी के साथ नगर निगम के मार्ग चौड़ीकरण के कार्यों की भी समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि सड़क चौड़ीकरण के कार्यों को समन्वय के साथ किया जाना सुनिश्चित करें। इसमें सभी के सहयोग से कार्य पूर्ण किया जायें। अपर मुख्य सचिव डॉ. राजौरा ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि यदि किसी निर्माण कार्य में समस्या आ रही है तो उसके संबंध में जिला प्रशासन और कलेक्टर को बताएं जिससे समस्या का त्वरित समाधान किया जा सके। प्रो-एक्टिव होकर काम करने की आवश्यकता है जो काम अभी शुरू नहीं हुए हैं और जिनको किया जाना जरूरी है उन कार्यों को भी तुरंत राज्य शासन को भेजें। अपर मुख्य सचिव ने कहा कि स्थायी प्रकृति के सभी कामों को शुरू किया जावे और उनकी सतत मॉनिटरिंग भी किया जाना सुनिश्चित करें। अपर मुख्य सचिव ने बैठक के बाद निर्माण कार्यों को भी देखा मेडिसिटी मेडिकल कालेज के निर्माण कार्यों का मौके पर जाकर निरीक्षण किया। इसके बाद सिलार खेड़ी जलाशय का भी निरीक्षण कर निर्माण कार्यों की जानकारी ली। बैठक में संभागायुक्त श्री संजय गुप्ता इन्दौर कलेक्टर श्री आशीष सिंह पुलिस अधीक्षक श्री प्रदीप कुमार शर्मा जिला पंचायत सीईओं श्रीमती जयती सिंह नगर निगम आयुक्त श्री आशीष पाठक और अन्य विभागों के अधिकारी उपस्थित थें।  

अब आइएमए में भी महिला अधिकारियों के लिए खोले जा रहे दरवाजे और सेना की तीनों शाखाओं में दी जाएगी ट्रेनिंग

नई दिल्ली भारतीय सैन्य अकादमी (आइएमए) देहरादून में पहली बार महिला अधिकारियों को भी ट्रेनिंग दी जाएगी। यह बदलाव तीन साल पहले सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद आया है, जब राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (एनडीए) खड़गवासला में महिला अधिकारियों की ट्रेनिंग शुरू की गई थी। अब आइएमए में भी महिला अधिकारियों के लिए दरवाजे खोले जा रहे हैं और उन्हें सेना की तीनों शाखाओं में ट्रेनिंग दी जाएगी। सुप्रीम कोर्ट का ऐतिहासिक आदेश: 2022 में सुप्रीम कोर्ट ने एक ऐतिहासिक फैसले में कहा था कि महिलाएं भी एनडीए की परीक्षा में बैठ सकती हैं और सेना में अफसर बन सकती हैं। इसके बाद से महिलाओं के लिए सेना में कदम रखने का रास्ता खुल गया है। अब तक, आइएमए में महिलाओं को प्रशिक्षण नहीं दिया जाता था, लेकिन सुप्रीम कोर्ट के फैसले ने इस तस्वीर को पूरी तरह से बदल दिया है। एनडीए और आइएमए में महिलाओं की ट्रेनिंग: अभी तक, 145 महिलाओं को कर्नल की रैंक दी जा चुकी है और 115 महिलाएं यूनिट की कमान संभाल चुकी हैं। वर्तमान में, एनडीए में 126 महिला अफसरों की ट्रेनिंग चल रही है। इनमें से आठ महिलाओं ने थल सेना को अपने करियर का विकल्प चुना है। इन महिला अधिकारियों को आइएमए में एक साल की ट्रेनिंग दी जाएगी, जिसके बाद उन्हें कमीशन मिल जाएगा। महिलाओं का बढ़ता कदम: महिलाओं के लिए यह बदलाव भारतीय सेना में एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे न सिर्फ उनके आत्मविश्वास को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि सेना में महिलाओं की भागीदारी भी मजबूत होगी। यह कदम सेना की कार्यशक्ति में विविधता लाने और समानता की दिशा में एक बड़ा कदम साबित होगा। आने वाले समय में, यह देखा जाएगा कि महिला अधिकारियों की ट्रेनिंग और उनके योगदान से सेना में कैसे बदलाव आता है।    

मुख्यमंत्री ने मुरैना में रोटरी क्लब के राहत स्वास्थ्य शिविर का किया शुभारंभ

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि अस्पताल में मरीजों को बेहतर इलाज मिल जाये तो डॉक्टर उसके लिये भगवान बन जाते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि मानव काया में कोई भी कष्ट बड़ी चुनौती होती है। आमजन की शारीरिक व्याधियों के उपचार के लिये चंबल में वृहद स्वास्थ्य शिविर का आयोजन और उसमें देश के बडे़ चिकित्सकों के आगमन पर प्रसन्नता के साथ ही आभार भी माना। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि चंबल की धरती वीरों की भूमि है। इस वीर भूमि के जवान हमेशा देश की रक्षा में आगे बढ़कर अपने प्राणों की आहुति देने के लिये तत्पर हैं। मुख्यमंत्री ने मुरैना के एसएएफ ग्राउण्ड में आयोजित रोटरी राहत वृहद स्वास्थ्य शिविर के शुभारंभ अवसर पर यह बातें कहीं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने कठिन परिस्थितियों में भी नागरिकों को स्वास्थ्य सुविधाएँ उपलब्ध कराने के लिये पीएमश्री एयर एम्बुलेंस सेवा प्रारंभ की है। इसका लाभ सभी जरूरतमंदों को नि:शुल्क उपलब्ध कराया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्वास्थ्य शिविर के शुभारंभ के बाद ओपीडी के सभी काउंटरों का भ्रमण कर चिकित्सकों एवं रोटेरियन के सदस्यों से मुलाकात की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि शिविर में उपचार के लिये बेहतर प्रबंध किये गये हैं। चम्बल क्षेत्र में आयोजित स्वास्थ्य शिविर में 5 हजार से अधिक मरीजों की समुचित रूप से स्क्रीनिंग की गयी है। स्क्रीनिंग के बाद विभिन्न वर्गों में विभाजित कर मरीजों के उपचार की व्यवस्था करना बड़ी बात है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में अस्पताल प्रबंधन लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण और चिकित्सा शिक्षा के रूप में दो भागों में विभाजित था। हमारी सरकार बनने के बाद हमने दोनों विभागों का एकीकरण कर लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा बनाया है। इससे अस्पताल प्रबंधन आसान हुआ है। हमारा प्रयास है कि प्रदेश में बेहतर मेडिकल कॉलेज और अस्पतालों का निर्माण कर नागरिकों को समुचित स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध करायी जाये। सरकार द्वारा नागरिकों को केन्द्र एवं राज्य सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का लाभ दिलाया जाना सुनिश्चित किया जा रहा है। विधानसभा अध्यक्ष श्री नरेन्द्र सिंह तोमर ने कहा कि राज्य शासन, जिले के प्रशासन एवं रोटरी क्लब की मदद से इस वृहद शिविर का आयोजन किया गया है। पहले चंबल क्षेत्र में स्वास्थ्य सुविधाएँ इतनी अच्छी नहीं थी। मुरैना, श्योपुर एवं भिण्ड जिले को मिलाकर जहाँ 100 बिस्तरों की उपलब्धता थी, वहाँ आज 600 बिस्तर का अस्पताल मौजूद है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र की जनता को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के सदैव प्रयास किये जाते रहे हैं। गंभीर स्थिति में रोगियों को बेहतर चिकित्सा सुविधा के लिये अन्यत्र ले जाने में आमजन की असमर्थता के कारण क्षेत्र में वर्ष 2017 में भी जिला प्रशासन की मदद से स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया। नेत्र शिविर लगाया गया था। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि शासन, प्रशासन की मदद से ये शिविर सफल होगा। राज्यसभा सांसद श्री विवेक तन्खा ने कहा कि माहेश्वरी परिवार की मोहनप्यारी देवी जी की स्मृति में इस शिविर का आयोजन किया गया है। अभी तक इस मिशन के चलते सेवा भाव से हम 40 हजार से ज्यादा सर्जरी एवं लाखों ओपीडी की सेवाएँ दे चुके हैं। जहाँ भी रोटरी मिशन का आयोजन किया जाता है, वहाँ ज्यादा से ज्यादा लोगों को इस मिशन से स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराया जाना सुनिश्चित किया जाता है। हमारी कोशिश रहेगी कि आगे भी महिलाओं में सर्वाइकल एवं ब्रेस्ट कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों का इलाज हम निःशुल्क करवा सकें। शिविर में ख्याति प्राप्त चिकित्सक देंगे अपनी सेवाएँ शिविर में कार्डियोलॉजिस्ट एवं कार्डियक सर्जन डॉ. नरेश त्रैहान मेदान्ता हॉस्पिटल से अपनी टीम से साथ एवं नेशनल हार्ट इंस्टिट्यूट के डॉ. ओ.पी. यादव, डॉ नितिश शाह ऑल इंडिया मेडिकल इंस्टिट्यूट साइंस, एवं मैक्स एवं मनीपाल हॉस्पिटल के कार्डियोलॉजिस्ट अपनी सेवाएँ देंगे। अन्य विशेषज्ञो में ऑक्नोलॉजिस्ट, हेमेटोलॉजिस्ट डॉ. दिनेश भूरानी रहेगें, अस्थिरोग में एम्स दिल्ली से डॉ. विवेक शंकर एवं नितिश नायक, डॉ. प्रकाश कोतवाल रहेगें। पेन के डॉ. नीरज जैन मैक्स दिल्ली से आकर सेवाऐं देंगे। पीडियाट्रिक सर्जन डॉ. मीनू वाजपेयी रेन्बो हॉस्पिटल दिल्ली से आ रही हैं। कामता शाह मुम्बई नानावटी हॉस्पिटल से, बच्चों मे हार्निया, हाइपोस्पेडियास एवं सभी बच्चों की आवश्यक सर्जरी करेगी। किडनी विशेषज्ञ डॉ. रावत सर गंगाराम हॉस्पिटल से, डॉ. एस.बी बंसल, मेदान्ता हॉस्पिटल से तथा लेप्रोस्कोपिक सर्जन, गॉल ब्लेडर, हार्निया, लेप्रोस्कोपिक पद्दति से डॉ. मुकुन्द खेतान एवं चंडीगढ़ से डॉ. परमार एवं उनकी टीम द्वारा किये जायेंगे। वेरियेटिक सर्जन इंदौर के डॉ. मोहक भण्डारी पेट के मोटेपन की वेरियेटिक सर्जरी करेंगे। दिल्ली मैक्स हॉस्पिटल, सर गंगाराम हॉस्पिटल की स्त्री रोग विशेषज्ञ, बच्चेदानी के ऑपरेशन एवं जटिल ऑपरेशन का कार्य सभालेंगे। दिल्ली के श्रॉफ आई हॉस्पिटल की टीम तथा एम्स भोपाल, एम्स दिल्ली, अरविन्दो हॉस्पिटल इंदौर एवं चंडीगण हॉस्पिटल के विश्व प्रसिद्ध चिकित्सकों द्वारा परामर्श एवं सर्जरी का कार्य 26 मार्च से लेकर 2 अप्रैल तक किया जाएगा। वंचित लोग 26 मार्च से 2 अप्रैल तक करा सकेंगे पंजीयन रोटरी रीजनल मेडिकल मिशन राहत 2 वृहद स्वास्थ्य शिविर मुरैना में 26 मार्च से 2 अप्रैल 2025 तक लगेगा। शिविर में ओपीडी, खून की जाँच, बीपी शुगर, ईसीजी, आयुष्मान का काउन्टर एवं दवा वितरण किया जायेगा। शिविर में कार्डियोलॉजी, नेत्र रोग विशेषज्ञ, मेडिसिन, न्यूरोसर्जरी, फिजियोथेरेपी अन्य वरिष्ठ चिकित्सक अपनी सेवाएँ देंगे। ऑनलाइन मरीजों के पंजीयन किये जा रहे हैं। जनता 26 मार्च से 2 अप्रैल 2025 तक एसएएफ परेड ग्राउड में पंजीयन कराकर डॉक्टर से परामर्श ले सकते है। चिकित्सकों का किया सम्मान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शिविर में आये चिकित्सकों का सम्मान किया। इनमें कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. युगल मिश्रा नंदियाल, सीनियर प्रोफेसर एम्स दिल्ली डॉ. मीनू बाजपेयी, पद्मश्री से सम्मानित डॉ. निशित नायर, जबलपुर के ख्याति प्राप्त डॉ. धीरावनी शामिल थे। कार्यक्रम में इनकी रही उपस्थिति राज्यसभा सांसद ग्वालियर श्री अशोक यादव, सांसद मुरैना-श्योपुर श्री शिवमंगल सिंह तोमर, सबलगढ़ विधायक श्रीमती सरला रावत, महापौर श्रीमती शारदा सोलंकी, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती आरती गुर्जर, पूर्व मंत्री श्री मुंशी लाल, श्री गिर्राज डण्डोतिया, पूर्व विधायक श्री रघुराज कंषाना, रोटरी के पदाधिकारी श्री भूपेन्द्र जैन, चंबल कमिश्नर श्री मनोज खत्री, डीआईजी श्री कुमार सौरभ, समाजसेवी श्री कमलेश कुशवाह, डॉ. योगेशपाल गुप्ता, रोटरी के पदाधिकारी डॉ. संजीव बांदिल, डॉ. वीरेन्द्र गंगवाल सहित दिल्ली, हरियाणा, ग्वालियर, इंदौर से आये डॉक्टर्स और रोटरी मेडिकल … Read more

देवास में वाहन टेंडर के लिए इंजीनियर ने मांगे 70 हजार रुपये, 25 हजार लेते पुलिस ने पकड़ा

देवास विद्युत वितरण कंपनी के कार्यपालन यंत्री को लोकायुक्त पुलिस ने 25 हजार रुपये की रिश्वत लेते गिरफ्तार किया। आरोपित कार्यपालन यंत्री का नाम आनंद अहिरवार है। उसने विविकं में वाहन के अटैचमेंट के टेंडर के एवज में रिश्वत मांगी थी। यह था पूरा मामला लोकायुक्त एसपी अनिल विश्वकर्मा के अनुसार पुष्पराज राजपूत निवासी लक्ष्मीबाई सोनकच्छ ने शिकायत की थी। आवेदक ने बताया था कि वह बिजली कंपनी सोनकच्छ में आउटसोर्स कर्मचारी है। उसका चारपहिया वाहन विविकं सोनकच्छ कार्यालय में किराए से अटैच है, जिसका प्रति 11 माह में टेंडर होता है। वाहन के लिए टेंडर डाला था। अधिक रेट के टेंडर पर वाहन अटैच करने के लिए कार्यपालन यंत्री आनंद अहिरवार ने 70 हजार रुपये मांगे। इस पर लोकायुक्त टीम ने जांच शुरू की। आवेदक को योजना बताई व रिश्वत के 25 हजार रुपये अहिरवार को देने को कहा। 26 मार्च को आवेदक अहिरवार के कार्यालय पहुंचा और 25 हजार रुपये दिए। इस दौरान सिविल ड्रेस में लोकायुक्त पुलिस भी बाहर मौजूद रही। जैसे ही अहिरवार ने रिश्वत के रुपये लिए, उसे रंगेहाथ गिरफ्तार किया।  

सहकारिता आंदोलन को आगामी 4 वर्ष में नए मुकाम पर पहुंचाएंगे : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश सरकार सर्वजनकल्याण के संकल्पों के साथ कार्य कर रही है। वर्तमान में पंचायत से लेकर मंत्रालय तक पारदर्शितापूर्ण कार्य शैली के कारण अन्य क्षेत्रों के साथ सहकारी क्षेत्र में समृद्ध हुआ है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय सहकारिता एवं गृह मंत्री श्री अमित शाह ने सहकारिता का लाभ पहुंचाने के लिये बहुजन हिताय-बहुजन सुखाय के भाव के अनुसार कार्य करने के लिए मार्गदर्शन दिया है। मध्यप्रदेश सहकारिता के क्षेत्र में निश्चित ही नए दौर की नई कहानी लिखेगा। गुजरात में दूध पर बोनस की जिस तरह व्यवस्था है, मध्यप्रदेश भी इस दिशा में आगे बढ़ रहा है। इसके साथ ही मध्यप्रदेश में मत्स्य पालन के लिए काफी बड़ा क्षेत्र है और हाल ही में ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में भी उद्योग क्षेत्र के साथ सहकारिता ने कार्य करने की पहल की है। मध्यप्रदेश में सहकारिता आंदोलन को गति दी जा रही है। अब सहकारिता क्षेत्र में व्यवस्थाएं काफी पारदर्शी हैं और मध्यप्रदेश में सहकारिता के विभिन्न आयामों पर कार्य किया जाएगा। आने वाले चार वर्ष में सहकारिता आंदोलन को नए मुकाम पर पहुंचाया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बुधवार को समन्वय भवन में अंतर्राष्ट्रीय सहकारिता वर्ष-2025 के राज्य स्तरीय कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सम्मेलन में पधारे प्रदेश भर के प्रतिभागियों का स्वागत किया। उन्होंने सहकारिता विभाग में नवनियुक्त सहकारी निरीक्षकों के नियुक्ति पत्र भी सौंपे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सहकारिता विभाग के प्रयासों की सराहना की। भारत में प्रचलित व्यवस्थाओं से सीखते हैं अन्य देश मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भारत में सहकारिता का इतिहास पुराना है। भारत में वर्षों पूर्व अश्वमेघ यज्ञ की परंपरा रही थी। लेकिन भारत ने किसी राष्ट्र पर कब्जा नहीं किया। छोटे-छोटे राज्यों की स्वायत्तता को खत्म नहीं होने दिया बल्कि उन्हें साथ लेकर कार्य किया और उनके स्वावलंबन को भी जीवंत रखा। सच्चे अर्थों में संयुक्त राष्ट्र संघ की भावना का पालन करने वाला कोई राष्ट्र है तो वह भारत है। जब यह कहा जाता है सर्वे भवन्तु सुखिन:, सर्वे सन्तु निरामया: ….तो इसका अर्थ है सभी को परस्पर जोड़ना और अपने लाभ में उन्हें सहभागी बनाना। यह वसुधैव कुटुम्बकम जैसे वेद वाक्य का लघु रूप है। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने विश्व में भारत की गरिमा बढ़ाने का कार्य किया है। प्रधानमंत्री श्री मोदी की भावना के अनुरूप मध्यप्रदेश में होगा कार्य मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी ने सहकारिता के मूल भाव के अनुरूप बहुउद्देशीय सहकारी समितियों की कल्पना की। इसे साकार करने के लिए सहकारिता का दायित्व केंद्रीय मंत्री श्री अमित शाह को दिया गया। केंद्र सरकार ने सहकारिता में सभी के कल्याण का ध्यान रखा है। मध्यप्रदेश में भी इसी तर्ज पर कार्य हो रहा है। सहकारिता अधिनियम में परिवर्तन के फलस्वरूप सोसायटी के रजिस्ट्रेशन का कार्य 30 दिन में संभव होगा। पूर्व में यह अवधि 90 दिवस थी। पूर्व की व्यवस्था में अनेक कठिनाईयों को सामना करना होता था। प्रधानमंत्री श्री मोदी के मार्गदर्शन में सहकारिता क्षेत्र में प्रक्रियाओं को सरल बनाने की पहल हुई। सहकारिता को उन्होंने बहुउद्देश्यीय और बहुआयामी बनाने का कार्य किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा औद्योगीकरण में सिर्फ व्यक्ति ही नहीं, सहकारिता की भी भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। मध्यप्रदेश किसानों, गौ पालकों और मत्स्य पालकों को सहकारी क्षेत्र में अधिक से अधिक लाभ दिलवाकर इस क्षेत्र में शिखर पर पहुंचेगा। सहकारी ध्वजारोहण कर कैलेण्डर, मैन्युअल और परिपत्र पुस्तिका का किया विमोचन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शुरूआत में सहकारी ध्वजारोहण कर अंतर्राष्ट्रीय सहकारिता वर्ष 2025 के वार्षिक कैलेंडर, पैक्स कार्य मैन्युअल और सहकारिता में सहकार, पैक्स पुनर्गठन और व्यवसाय संवर्धन के महत्वपूर्ण परिपत्रों की पुस्तिका का विमोचन किया। इसके साथ ही मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने माइक्रो एटीएम पखवाड़े का शुभारंभ भी किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम में उत्कृष्ट कार्य करने वाली पैक्स, दुग्ध सहकारी संस्थाओं और मत्स्य पालक सहकारी संस्थाओं को पुरस्कार प्रदान किए। इन संस्थाओं में विदिशा, इंदौर और खरगोन की संस्थाएं शामिल हैं। कार्यक्रम को सहकारिता और खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री विश्वास कैलाश सारंग ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी और केंद्रीय सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने सहकारिता से समृद्धि का मंत्र दिया है। मध्यप्रदेश सहकारिता क्षेत्र में अग्रणी हो रहा है। हाल ही में जीआईएस-भोपाल में नया अध्याय जोड़ा गया जब सीपीपीपी अर्थात को-ऑपरेटिव पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप का विषय सामने आया। सहकारिता विभाग में कई नवाचार भी किए जा रहे हैं। ईज ऑफ डूईंग बिजनेस के अनुरूप कार्य किया जा रहा है। अपर मुख्य सचिव सहकारिता श्री अशोक बर्णवाल ने स्वागत उद्बोधन दिया। कार्यक्रम में प्रमुख सचिव पशुपालन एवं डेयरी श्री उमाकांत उमराव, प्रमुख सचिव मत्स्य पालन श्री डी.पी. आहूजा, राज्य सहकारी विपणन संघ के प्रबंध संचालक श्री आलोक कुमार सिंह, आयुक्त सहकारिता श्री मनोज पुष्प, नाबार्ड क्षेत्रीय कार्यालय की मुख्य महा प्रबंधक श्रीमती सी. सरस्वती एवं बड़ी संख्या में प्रदेश की सहकारी संस्थाओं के प्रतिनिधि, जिला सहकारी बैंक, अपेक्स बैंक, पैक्स, दुग्ध एवं मत्स्य समितियों के साथ ही सहकारिता विभाग के अधिकारी और कर्मचारी भी उपस्थित थे।

आगामी 20 वर्षों तक हर राम जन्मोत्सव पर सूर्य द्वारा भगवान रामलला का तिलक किया जाएगा, दिखेगा अद्धभुत नज़ारा

अयोध्या अयोध्या स्थित राम मंदिर को लेकर महत्वपूर्ण बैठक हुई जिसमें एक बड़ी खबर सामने आई। दरअसल,रामनवमी के अवसर पर भगवान रामलला को स्थाई रूप से सूर्य तिलक किया जाएगा। आगामी 20 वर्षों तक हर राम जन्मोत्सव पर सूर्य द्वारा भगवान रामलला का तिलक किया जाएगा, और यह कार्यक्रम देश-विदेश में प्रसारित किया जाएगा, जिससे यह एक ऐतिहासिक और धार्मिक आयोजन बन जाएगा। राम मंदिर के चारों द्वार पर महापुरुषों के नाम होंगे अंकित राम मंदिर के निर्माण में एक और महत्वपूर्ण पहलू है कि मंदिर के चारों द्वार का नाम उन महापुरुषों के नाम पर रखा जाएगा जिन्होंने राम मंदिर आंदोलन में अहम भूमिका निभाई थी। इस घोषणा की संभावना रामनवमी के दिन की जा सकती है। इसके साथ ही, गर्मी के मौसम को ध्यान में रखते हुए, राम मंदिर ट्रस्ट अस्थायी तौर पर कैनोपी और मैट की व्यवस्था करेगा, ताकि श्रद्धालुओं को गर्मी से राहत मिल सके। राम दरबार की स्थापना और दर्शन व्यवस्था राम मंदिर के प्रथम तल पर जल्द ही राम दरबार की स्थापना की जाएगी। यह कार्य मई के पहले 15 दिनों में शुभ मुहूर्त में पूरा होगा। राम दरबार के दर्शन के लिए विशेष पास जारी किए जाएंगे, जिनके माध्यम से हर घंटे 50 लोग राम दरबार के दर्शन कर सकेंगे। इस प्रकार, प्रतिदिन लगभग 800 लोग राम दरबार के दर्शन कर सकेंगे। निर्माण समिति के अध्यक्ष ने दी जानकारी श्री राम मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्रा ने जानकारी दी कि मंदिर और उसके परिसर के निर्माण कार्य को 2025 तक पूर्ण करने का लक्ष्य है।  हालांकि ऑडिटोरियम का निर्माण 2025 के बाद पूरा होगा। मंदिर के निर्माण में तेजी से प्रगति हो रही है और श्रद्धालुओं को जल्द ही एक भव्य स्थल दर्शन के लिए मिलेगा।    

आयुष्मान योजना के तहत होना चाहिए था मुफ्त इलाज, लेकिन बाहर से मंगवाए 28 हजार रुपए के इंजेक्शन

भोपाल स्वास्थ्य सुविधाओं में सुधार के तमाम दावों के बावजूद अस्पतालों की लापरवाही के मामले सामने आ रहे हैं। ताजा मामला हमीदिया की नई बिल्डिंग में संचालित सुल्तानिया अस्पताल का है, जहां आयुष्मान कार्ड होने के बावजूद नवजात के परिजनों को महंगे इंजेक्शन बाहर से खरीदने पड़े। नवजात के पिता अशोक प्रजापति के अनुसार, उनकी पत्नी रिंकू प्रजापति ने चार मार्च को सुल्तानिया में बच्चे को जन्म दिया। जन्म के बाद नवजात का हृदय काम नहीं कर रहा था, जिसके कारण उसे आठ दिन तक वेंटिलेटर पर रखा गया। डाॅक्टरों ने बताया कि उसके दिल में छेद है और सर्जरी की आवश्यकता होगी। इसके लिए जेके अस्पताल, एम्स भोपाल, बंसल या रायपुर रेफर करने की बात कही गई। अस्पताल में छह मार्च से इंजेक्शन लगाने की प्रक्रिया शुरू हुई और 28 हजार रुपये के इंजेक्शन बाहर से खरीदने पड़े, जबकि आयुष्मान योजना के तहत इलाज मुफ्त होना चाहिए था। परिजनों को जबरन इंजेक्शन खरीदने के लिए किया मजबूर पिता अशोक प्रजापति का आरोप है कि अस्पताल प्रशासन ने जबरन कागजों पर साइन करवाकर उन्हें महंगे इंजेक्शन बाहर से खरीदने के लिए मजबूर किया। इसके अलावा अस्पताल प्रबंधन ने नवजात को बाहर की एंबुलेंस से ले जाने की अनुमति नहीं दी और हमीदिया परिसर की एंबुलेंस से ही ले जाने को कहा गया। हमीदिया से बाहर जाने के लिए एक एंबुलेंस का किराया 2500 रुपये था, जबकि बाहर की एंबुलेंस से मात्र 1000 रुपये में यह सेवा मिल सकती थी। मजबूरी में परिजनों को हमीदिया की एंबुलेंस से ही बच्चे को जेके अस्पताल ले जाना पड़ा। जेके अस्पताल में खुलासा, अधिक इंजेक्शन लगाए गए डिस्चार्ज के बाद अशोक प्रजापति के आयुष्मान कार्ड से 22 हजार रुपये काट लिए गए। जब वे अपने बच्चे को जेके अस्पताल लेकर पहुंचे। तो वहां डाक्टरों ने जांच करने के बाद बताया कि नवजात को केवल चार इंजेक्शन ही लगाने थे, लेकिन सुल्तानिया अस्पताल में सात इंजेक्शन लगाए गए। डाॅक्टरों ने यह भी स्पष्ट किया कि सर्जरी की जरूरत तो होगी, लेकिन इसे बाद में भी कराया जा सकता है। स्वास्थ्य व्यवस्था पर उठे सवाल समाजसेवी मुकेश रघुवंशी ने बताया कि इस मामले ने सरकारी अस्पतालों की व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। आयुष्मान योजना के बावजूद मरीजों से इलाज के नाम पर पैसे वसूले जा रहे हैं। सरकार को इस मामले की जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई करनी चाहिए। ताकि भविष्य में किसी अन्य परिवार को इस तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।  

मुस्कान रस्तोगी ने अपने पति सौरभ को मारने के लिए पहले से ही प्लानिंग कर ली थी, अब हुआ नया खुलासा

मेरठ यूपी के मेरठ में हुए सौरभ राजपूत मर्डर केस ने सभी को झकझोर दिया है। रोजाना नए-नए खुलासे हो रहे हैं। अब सामने आया है कि मुस्कान रस्तोगी ने अपने पति सौरभ को मारने के लिए पहले से ही प्लानिंग कर ली थी। यहां तक कि आठ दिन पहले ही उसने दो चाकू भी खरीद लिए थे। इनकी कीमत 800 रुपये थी। इन चाकुओं को कैसे शरीर में घोंपा जाता है, उसकी प्रैक्टिस भी करती थी। मुस्कान ने लंदन में नेवी मर्चेंट अफसर रहे सौरभ राजपूत को बेहोशी की दवा देकर उसके शरीर के टुकड़े कर दिए थे। प्रेमी साहिल के साथ मिलकर इसके बाद सौरभ के सिर को धड़ से अलग कर दिया। मीडिय के अनुसार, मुस्कान ने सौरभ की बॉडी के टुकड़े आठ दिन पहले खरीदे गए चाकू से ही किए थे। उसने इसी से पति का सिर धड़ से अलग कर दिया था। जांच में सामने आया है कि मुस्कान और साहिल ड्रग्स लेने के आदी थे और दोनों को डर था कि सौरभ को पता चल गया तो वे ड्रग्स नहीं ले पाएंगे। सौरभ भी मुस्कान और साहिल के अफेयर के बारे में पहले से जानता था और वह अपनी छह साल की बेटी को लंदन ले जाना चाहता था। वह बेटी के बर्थडे पर ही लंदन से मेरठ आया था, जिस दौरान उसे मुस्कान और साहिल ने मौत के घाट उतार दिया। बेटी को लंदन ले जाना चाहता था सौरभ जांच में यह भी सामने आया है कि सौरभ का लंदन का वीजा जल्द ही खत्म भी होने वाला था। वह इसे रिन्यू करवाने की सोच रहा था। पहले सौरभ मुस्कान और बेटी दोनों को ही लंदन ले जाना चाहता था और इस बारे में पत्नी से बात भी की थी। लेकिन मुस्कान जाने को तैयार नहीं थी। वह मेरठ में ही रहना चाहती थी। इसके बाद सौरभ ने मन बना लिया कि वह बेटी को अपने साथ ही लंदन लेकर चला जाएगा। इसके लिए पासपोर्ट के लिए भी आवेदन कर दिया था। मुस्कान ने तीन मार्च की रात सौरभ को नींद की गोलियां खिला दी थीं। सोते ही उसने तीन बार चाकू से उस पर वार किया और फिर गला रेत दिया। साहिल ने इसके बाद उसके सिर को धड़ से अलग किया और बाद में दोनों ने इसके 15 टुकड़े कर दिए और ड्रम में उन्हें भरकर सीमेंट डाल दी। घर वालों के खिलाफ जाकर मुस्कान-सौरभ ने की थी शादी पुलिस को जानकारी मुस्कान के माता-पिता ने दी थी, जिसके बाद मुस्कान और साहिल को गिरफ्तार कर लिया गया। मुस्कान और राजपूत ने 2016 में अपने परिवार की मर्जी के खिलाफ शादी कर ली थी। दोनों की छह साल की एक बेटी भी है। पुलिस ने बताया कि मुस्कान और साहिल एक-दूसरे को स्कूल के दिनों से जानते थे और 2019 में एक वॉट्सऐप ग्रुप के जरिए फिर से जुड़े थे। इस बीच, प्रेमी की मदद से पति की हत्या करने वाली मुस्कान ने जेल प्रशासन को पत्र लिखकर अपना मुकदमा लड़ने के लिए सरकारी वकील की मांग की है। मुस्कान का कहना है कि इस घटना के बाद से ही “मेरे माता-पिता मुझसे नाराज हैं, कोई भी मेरा मुकदमा लड़ने नहीं आएगा। इसलिए मुझे सरकारी वकील चाहिए जो अदालत में मेरा मुकदमा लड़ सके।”

आतंकवाद को बढ़ावा देने वालों पर नकेल कसने के लिए श्रीनगर और गंदेरबल में कई स्थानों पर व्यापक तलाशी ली

श्रीनगर जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद को बढ़ावा देने वालों पर नकेल कसने के लिए कई घरों में छापामारी की जा रही है। श्रीनगर पुलिस और गंदेरबल पुलिस ने यूएपीए के कई मामलों के तहत प्रतिबंधित संगठनों से संबंधित जांच के सिलसिले में श्रीनगर और गंदेरबल में व्यापक छापेमारी की। पुलिस अधिकारी ने बताया कि पुलिस ने गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) के तहत दर्ज मामलों की चल रही जांच के तहत श्रीनगर और गंदेरबल में कई स्थानों पर व्यापक तलाशी ली। ये मामले प्रतिबंधित संगठनों से संबंधित हैं, जिनमें जम्मू और कश्मीर मुस्लिम कॉन्फ्रेंस (भट ग्रुप), जम्मू और कश्मीर मुस्लिम लीग (मसरत आलम ग्रुप) और जम्मू और कश्मीर डेमोक्रेटिक फ्रीडम पार्टी (शब्बीर शाह ग्रुप) शामिल हैं।  इन प्रतिबंधित संगठनों के संदिग्ध सदस्यों के संबंध में और निम्नलिखित मामलों में जांच को आगे बढ़ाने के लिए तलाशी ली गई, यूएपीए की धारा 10, 13 और आईपीसी की धारा 121, 121ए के तहत एफआईआर संख्या 15/2024 पुलिस स्टेशन राजबाग, श्रीनगर में दर्ज है। यूएपीए की धारा 10, 13 के तहत एफआईआर संख्या 04/2024 पुलिस स्टेशन सदर में दर्ज है। यूएपीए की धारा 10, 13 के तहत एफआईआर संख्या 03/2024 पुलिस स्टेशन शहीद गंज में दर्ज है। यह छापेमारी प्रोफेसर अब्दुल गनी भट, बेटे हबीबुल्लाह भट के भट मोहल्ला, बोटिंगू में स्थित आवासों और साथ ही राजबाग के वजीर बाग में उनके श्रीनगर आवास पर की गई। एफआईआर संख्या 04/2024 के संबंध में शब्बीर अहमद शाह के आवास पर भी तलाशी ली गई।  पुलिस ने आगे बताया कि एफआईआर संख्या 03/2024 के संबंध में, श्रीनगर भर में सात स्थानों पर तलाशी ली गई, जिसमें गैरकानूनी गतिविधियों में शामिल होने के संदिग्ध व्यक्तियों को निशाना बनाया गया जैसे मसरत आलम भट, पुत्र अब्दुल मजीद – जनदार मोहल्ला, हब्बा कदल। मुश्ताक अहमद भट (उर्फ गुग्गा), पुत्र गुलाम कादिर – बटमालू। गुलाम नबी वागे, पुत्र अब्दुल सलाम – खानयार। फिरोज अहमद खान, पुत्र अब्दुल गनी – खानयार। मोहम्मद नजीर खान, पुत्र अब्दुल गफ्फार – कुलीपोरा, खानयार। हकीम अब्दुल रशीद, पुत्र गुलाम रसूल – बोटाकदल, लाल बाजार। जावेद अहमद मुंशी (उर्फ बिलपापा), पुत्र गुलाम अहमद – मेथन, चनपोरा। जांच का उद्देश्य जम्मू-कश्मीर में अलगाववादी और आतंकवादी पारिस्थितिकी तंत्र के अवशेषों को नष्ट करना है, ऐसी गतिविधियों में शामिल व्यक्तियों की पहचान करके उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करना है। श्रीनगर पुलिस शहर में शांति और सुरक्षा बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है। बयान में कहा गया है कि हिंसा, व्यवधान या गैरकानूनी गतिविधियों के एजेंडे को आगे बढ़ाने वाले किसी भी व्यक्ति को कानून के तहत सख्त कानूनी परिणामों का सामना करना पड़ेगा।

गुरु प्रदोष व्रत कल

गुरु प्रदोष व्रत भगवान शिव की कृपा प्राप्त करने के लिए रखा जाने वाला विशेष व्रत है. प्रदोष व्रत हर महीने की त्रयोदशी तिथि को आता है, लेकिन जब यह व्रत गुरुवार के दिन पड़ता है, तो इसे गुरु प्रदोष व्रत कहा जाता है. इस दिन भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा-अर्चना करने से जीवन में सुख-शांति, समृद्धि और कष्टों से मुक्ति मिलती है. मान्यता है कि इस दिन भगवान शिव की पूजा करने से सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं. यह व्रत वैवाहिक सुख और समृद्धि के लिए भी लाभकारी माना जाता है. कब है गुरु प्रदोष व्रत? हिंदू पंचांग के अनुसार, चैत्र माह के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि की शुरुआत 26 मार्च को देर रात 1 बजकर 42 मिनट पर हो जाएगी. वहीं इस तिथि का समापन 27 मार्च को रात 11 बजकर 3 मिनट पर होगा. ऐसे में प्रदोष व्रत गुरुवार, 27 मार्च को रखा जाएगा. जब यह तिथि गुरुवार को पड़ती है, तो इसे गुरु प्रदोष व्रत कहा जाता है. पूजा का शुभ मुहूर्त प्रदोष व्रत के दिन प्रदोष काल में भगवान शिव के पूजन का विशेष महत्व होता है. इसलिए हिंदू पंचांग के अनुसार, 27 मार्च को प्रदोष व्रत की पूजा का शुभ मुहूर्त शाम 6 बजकर 35 मिनट से शुरू होगा. ये मुहूर्त 8 बजकर 57 मिनट तक रहेगा. इस दिन पूजा का शुभ मुहूर्त कुल मिलाकर 2 घंटे 21 मिनट तक रहेगा. गुरु प्रदोष व्रत की पूजा विधि इस दिन सुबह उठकर स्नान आदि से निवृत होकर स्वच्छ वस्त्र धारण करें. भगवान शिव और माता पार्वती की प्रतिमा को गंगाजल से शुद्ध करें. भगवान शिव को बेलपत्र, धतूरा, फूल, फल और मिठाई अर्पित करें. देसी घी का दीपक जलाकर भगवान शिव की आरती करें और मंत्रों का जाप करें. प्रदोष व्रत कथा का पाठ करें. सबसे आखिर में भगवान शिव की आरती करें और सभी को प्रसाद वितरित करें. गुरु प्रदोष व्रत के नियम इस दिन व्रत रखने वाले व्यक्ति को दिन भर निराहार रहना चाहिए. शाम को प्रदोष काल में भगवान शिव की पूजा करने के बाद ही भोजन ग्रहण करें. इस दिन तामसिक भोजन और शराब का सेवन नहीं करना चाहिए. गुरु प्रदोष व्रत का महत्व मान्यता है कि इस दिन भगवान शिव की पूजा करने से सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं. यह व्रत वैवाहिक सुख और समृद्धि के लिए भी लाभकारी माना जाता है. यह व्रत रोगों और कष्टों से मुक्ति दिलाने में भी सहायक है. यह व्रत भगवान शिव के भक्तों के लिए बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है. क्योंकि यह व्रत उन्हें भगवान का आशीर्वाद प्राप्त करने और अपने जीवन में सुख और समृद्धि लाने का अवसर प्रदान करता है. यह व्रत बृहस्पति ग्रह से जुड़े दोषों को दूर करने में मदद करता है. शिव कृपा से भक्तों के सभी दुख और बाधाएं दूर होती हैं. यह व्रत दांपत्य जीवन में सुख-शांति बनाए रखने में सहायक माना जाता है.

अगर मेरी 52 जुमा और होली एक बार आती है, वाली बात गलत थी तो कोर्ट जाते मुझे सजा करवाते: अनुज चौधरी

संभल उत्तर प्रदेश के संभल में सीओ अनुज चौधरी एक और बड़ा बयान आया है. उन्होंने अपने 52 जुमे और एक होली वाले बयान को दोहराते हुए पूछा कि इसमें गलत क्या है. यदि इसमें कुछ भी गलत था तो आप कोर्ट जा सकते थे. उन्होंने इसी बयान को आगे बढ़ाते हुए कहा कि ईद की सेवइयां खिलानी हैं तो आपको भी हमारी गुझिया खानी पड़ेगी. उन्होंने कहा कि मन में कड़वाहट लेकर आप भाईचारे की बात नहीं कर सकते. सीओ अनुज चौधरी बुधवार को संभल में आयोजित पीस कमेटी की मीटिंग में बोल रहे थे. उन्होंने कहा कि भाईचारे की बात तो तभी हो सकती है, जब दोनों ओर से मुंह मीठा हो. ऐसा नहीं है कि मन में कड़वाहट भरा हो और ऊपर से भाईचारे की बात हो जाए. उन्होंने मुस्लिम समुदाय के लोगों को समझाते हुए कहा कि यदि आप हमें ईद की सेवइयां खिलाना चाहते हैं तो आप को भी हमारी गुझिया खानी पड़ेगी. इसी से भाईचारा मजबूत होगा. इस मौके पर उन्होंने अपना होली वाला बयान फिर से दोहराया. कहा कि हिंदुओं की होली साल में एक बार आती है और आपका जुमा हर हफ्ते आता है. इसलिए इसमें कुछ भी गलत नहीं है. भाईचारा के लिए सभी दिखाएं बड़ा दिल यदि किसी को गलत लगता है तो वह कोर्ट जा सकता है और इसके लिए उन्हें सजा भी करा सकता है. सीओ अनुज चौधरी ने कहा कि देश में और समाज में आपसी भाईचारा कायम रखने के लिए सभी को बड़ा दिल दिखाना होगा. एसडीएम सदर की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में एएसपी श्रीचंद भी मौजूद रहे. बैठक में एसडीएम ने साफ तौर पर कहा कि ईद और अलविदा जुमा की नमाज किसी हाल में सड़क पर नहीं होगी. इसके अलावा मकान की छतों पर भी नमाज की इजाजत नहीं दी जाएगी. उन्होंने इसकी वजह भी बताई. सार्वजनिक स्थानों पर नमाज की अनुमति नहीं पीस कमेटी की बैठक में दोनों समुदायों के प्रमुख लोग शामिल हुए थे। इस दौरान मुस्लिम समुदाय के कुछ लोगों ने घर की छतों पर नमाज पढ़ने की अनुमति मांगी, जिस पर एएसपी श्रीशचंद्र ने कहा, सड़कों पर और घर की छतों पर अलविदा जुमा और ईद की नमाज पढ़ने की अनुमति नहीं होगी। केवल ईदगाह स्थल और मस्जिदों के अंदर ही नमाज अदा की जा सकेगी। सीओ ने बिना किसी का नाम लिए सवाल किया. उन्होंने जोर देकर कहा कि हिंदू और मुस्लिम दोनों समुदायों के लिए समान रूप से बात कही थी. ये विवाद होली से कुछ दिन पहले तब शुरू हुआ जब उन्होंने कहा कि होली एक ऐसा त्योहार है जो साल में एक बार आता है, जबकि जुमे की नमाज 52 बार होती है. जो कोई भी होली के रंगों से असहज महसूस करता है, उसे उस दिन घर के अंदर रहना चाहिए. उन्होंने कहा, “हमारा हमेशा से उद्देश्य रहा है कि हम जहां भी रहें, शांति भंग न हो.” उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य अपमान करना नहीं था, बल्कि सभी धर्मों के त्योहारों का सम्मान करने के महत्व पर जोर देना था. अनुज चौधरी ने आपसी सम्मान और एक-दूसरे के उत्सवों में भागीदारी की आवश्यकता पर भी जोर दिया. इसके साथ ही संभल में हुई हिंसा के बाद पुलिस कार्रवाई पर लगे आरोपों के बारे में भी बात करते हुए उन्होंने आश्वासन दिया कि सबूतों के आधार पर गिरफ्तारियां की जा रही हैं. इसके साथ ही मुद्दे का राजनीतिकरण न करने का आग्रह भी किया. बताते चलें कि संभल में पिछले साल 24 नवंबर को हुई हिंसा के बाद से ही तनाव व्याप्त है. इस दौरान चार लोगों की मौत हो गई, जबकि बड़ी संख्या में पुलिसवाले जख्मी हुए थे. ये हिंसा कोर्ट के आदेश के बाद जामा मस्जिद के सर्वे के दौरान हुई थी. लोगों ने इस सर्वे का विरोध करते हुए पुलिसकर्मियों पर हमला कर दिया था. पुलिस की गाड़ियों को आग के हवाले कर दिया था. इसके बाद इलाके में लंबे समय तक कर्फ्यू लगाना पड़ा था. करीब सात दर्जन लोगों को गिरफ्तार किया गया है.   इसके बाद 25 मार्च को संभल के शाहवाजपुर सूरा नगला गांव में आयोजित होने वाले वार्षिक नेजा मेले पर भी प्रतिबंध लगा दिया गया. इस दौरान बड़ी संख्या में पुलिस बल को दरगाह पर तैनात किया गया था. किसी को भी वहां आने-जाने की अनुमति नहीं थी. इसे लेकर भी मुस्लिम समुदाय में नाराजगी देखी गई. अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्रीश चंद्र ने बताया कि मंगलवार को मेला स्थल पर कोई सभा या कार्यक्रम नहीं हुआ है. यहां भारी संख्या में पुलिस बल तैनात कर दिया गया था. एएसपी ने कहा था, “यह मेला ऐतिहासिक रूप से एक लुटेरे, आक्रमणकारी और हत्यारे की याद में आयोजित किया जाता था. लोगों ने इस प्रथा की अनुपयुक्तता को समझ कर छोड़ दिया है.” संभल के अधिकारियों ने आक्रमणकारी महमूद गजनवी के भतीजे सैयद सालार मसूद गाजी की याद में आयोजित होने वाले ‘नेजा मेले’ के लिए अनुमति देने से इनकार कर दिया था. उन्होंने कहा था कि देश को लूटने आए किसी व्यक्ति की स्मृति का महिमामंडन करना सही नहीं है. 

मध्य भारत के सबसे बड़े इनोवेशन कार्निवल ‘नवोन्मेष 2025’ का हुआ समापन

नई स्टार्टअप नीति के माध्यम से अगले दो वर्षों में मप्र को बनाएंगे बेस्ट स्टार्टअप स्टेट : श्री चेतन्य कश्यप कौशल, विद्या और उद्यम के साथ आने से समाज की उन्नति होती है सुनिश्चित : श्री संतोष चौबे –    स्विगी के सीईओ श्री रोहित कपूर ने की-नोट सेशन में युवाओं से किया संवाद –    एड मैड शो, रोबो फाइट में युवाओं ने दिखाया टैलेंट भोपाल, उद्यमिता और नवाचार को बढ़ावा देने अटल इंक्यूबेशन सेंटर-रवींद्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय द्वारा स्कोप ग्लोबल स्किल्स यूनिवर्सिटी में आयोजित किए जा रहे मध्य भारत के सबसे बड़े इनोवेशन कार्निवाल ‘नवोन्मेष 2025’ का बुधवार को समापन हुआ। इस दौरान कार्यक्रम में प्रमुख अतिथियों में मध्य प्रदेश के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग मंत्री श्री चैतन्य कश्यप, रबीन्द्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय के कुलाधिपति श्री संतोष चौबे, स्कोप ग्लोबल स्किल विश्वविद्यालय के चांसलर डॉ. सिद्धार्थ चतुर्वेदी, एआईसी-आरएनटीयू के निदेशक डॉ. नितिन वत्स, मप्र स्टार्टअप सेंटर की एग्जीक्यूटिव हेड डॉ. आभा ऋषि, आरएनटीयू के कुलगुरू प्रो आर.पी. दुबे, एसजीएसयू के कुलगुरु डॉ. विजय सिंह उपस्थित रहे। इस दौरान मध्य प्रदेश शासन के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग मंत्री श्री चैतन्य कश्यप ने कार्यक्रम में बताया कि अंग्रेजों एवं मुगलों के आने से पहले से भारत में उद्यमिता की संस्कृति रही है तब हस्तशिल्प, कला, सिल्क, मेटल इत्यादि के कारीगर बड़ी संख्या में काम करते थे और व्यापारी इस सामान को देश-दुनिया तक बेचने जाते थे। उस समय भारत का दुनिया की जीडीपी में करीब 25 प्रतिशत का योगदान था। फिर आक्रमणकारियों और अंग्रेजों की नीतियों के चलते हमारे उद्योग खत्म हुए और हम नौकरी करने वाले बन गए। आज लेकिन भारत के प्रधानमंत्री और मप्र के मुख्यमंत्री के विजन के तहत हम लगातार उद्योगों को बढ़ावा देने का प्रयास कर रहे हैं जिसके तहत स्टार्टअप पॉलिसी को भी लॉन्च किया गया है। 100 करोड़ के फंड को भी रखा गया और उद्योगों के विकास के लिए संपूर्णता से कार्य किया जा रहा है जिससे अगले दो वर्षों में मप्र को देश का बेस्ट स्टार्टअप स्टेट बनाया जा सके। साथ ही उन्होंने श्री संतोष चौबे द्वारा किए गए कार्यों को सराहा और कहा कि उन्होंने तब आईसेक्ट नाम का यह स्टार्टअप किया जब स्टार्टअप का नाम भी नहीं था। मप्र निजी विवि नियामक आयोग के अध्यक्ष डॉ. भरत शरण जी ने “मास प्रोडक्शन” की बजाय “प्रोडक्शन बाय मासेस” की अवधारणा को सामने रखा। इसके अलावा उन्होंने आत्मनिर्भर भारत को बनाने में युवाओं की महती भूमिका को रेखांकित किया। श्री संतोष चौबे ने अपने उद्बोधन में उद्योग और शिक्षा के संबंध पर बात करते हुए कहा कि नई शिक्षा नीति यह बात कहती है कि यूनिवर्सिटी में प्रोडक्शन सेंटर और उद्यमिता का सेंटर होने चाहिए जहां से प्रदेश की इकॉनमी को ताकत मिलती रहे। इसे लेकर हमने पांच साल पहले ही कार्य करना शुरू कर दिया था जिसके तहत इंडस्ट्री एकेडमिया पार्टरनरशिप का काम किया। हमने नीति आयोग के सहयोग से एआईसी आरएनटीयू की स्थापना की और अब तक करीब 135 स्टार्टअप इंक्यूबेट किए जा चुके हैं जिनमें से कई को करोड़ो की फंडिंग प्राप्त हो चुकी है। आगे उन्होंने कहा कि कौशल, विद्या और उद्यम जब साथ आते हैं तब समाज की उन्नति सुनिश्चित होती है। आगे उन्होंने कहा कि नवोन्मेष 2025 में दो दिनों के दौरान शामिल हुए युवाओं की यह रचनात्मक ऊर्जा आश्वस्त करती है कि मप्र में स्टार्टअप का भविष्य अच्छा है। श्री सिद्धार्थ चतुर्वेदी ने अपने वक्तव्य में अतिथियो का स्वागत किया और कहा कि हमारे प्रयास मप्र सरकार के विजन के साथ एलाइंमेंट में कार्य कर रहे हैं जिससे स्टार्टअप एवं लघु उद्योग को मजबूत बनाया जा सके। इसके अलावा नवोन्मेष 2025 के दो दिन के कार्यों का विवरण दिया। साथ ही उन्होंने बताया कि स्कोप ग्लोबल स्किल्स यूनिवर्सिटी हम भोपाल का पहला मीडियम रेंज ड्रोंस पर काम करने वाला सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना करने जा रहे हैं। स्विगी के सीईओ श्री रोहित कपूर का की-नोट सेशन इससे पहले दिन की शुरुआत स्विगी कंपनी के सीईओ श्री रोहित कपूर के की-नोट स्पीकर सेशन से हुई जिसमें उन्होंने युवाओं से बात करते हुए सक्सेस के कई टिप्स दिए। कोई काम बुरा नहीं, नहीं करना बुरा है अपने वक्तव्य में उन्होंने युवाओं से कहा कि कोई काम अच्छा है कोई काम बुरा इस माइंडसेट से बाहर आना चाहिए। भारत में लोग अपने बच्चे को होटल में काम करते नहीं देखना चाहते परंतु जब बच्चा विदेश में पढ़ने जाता है और खर्चे के लिए मैक डोनाल्ड्स में काम करता है तो पैरेंट्स को कोई समस्या नहीं होती जबकि मैक डी वहां का एक छोटा सा होटल ही है। इसलिए काम को लेकर अच्छे बुरे की मानसिकता से बाहर आना चाहिए क्योंकि कोई काम बुरा नहीं, नहीं करना बुरा है। साथ ही उन्होंने पैरेंट्स से भी अपील की कि बच्चे यदि कुछ अच्छा करना चाहें तो उन्हें फ्रीडम दें और सहयोग करें। 6 इंच के स्क्रीन में न फसें युवाओँ में बढ़ते मोबाइल के इस्तेमाल पर रोहित कपूर ने चेताया और कहा कि इस 6 इंच की स्क्रीन में मत फंसो और मेहनत करो। इसे इस्तेमाल करो भी तो नॉलेज लेने के लिए करो क्योंकि आज दुनिया का बेस्ट नॉलेज भी मुफ्त में अवेलेबल है। आप दुनिया में कहीं भी बैठे हों अगर आपके पास इंटरनेट है तो आपके पास इक्वेल अपॉर्च्यूनिटी है। इसे रील देखने के लिए मत इस्तेमाल करो। “यू आर द एवरेज ऑफ 5 पीपल अराउंड यू” अपने वक्तव्य में जिंदगी में दोस्ती और संगत के असर पर बात करते हुए रोहित कपूर ने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति पर उसके आसपास के पांच लोगों का प्रभाव होता है। जैसे वे होते हैं वैसा ही वह बनता है। अगर संगत या दोस्ती बहुत अच्छे लोगों में है तो आप तरक्की करते जाते हैं। यहां अच्छे लोगों से तात्पर्य इलीट या बड़े लोगों से नही है अपितु ऐसे लोगों से है जिनके अंदर सीखने और कुछ करने का जुनून हो, जो अनुशासित हों और समय का मूल्य समझते हों। ऐसे लोग स्वयं भी आगे बढ़ते और अपने आसपास के लोगों को भी ज्ञान, अनुभव और प्रभाव से आगे बढ़ाते हैं। अपनी एजुकेशन में एआई एवं नई स्किल्स का टॉप अप करें करियर में सफलता पाने और लगातार आगे … Read more

परिवहन कर्ताओं की समस्याओं से अवगत हुए अंजय शुक्ला

 बलौदा बाजार आज  बलौदा बाजार में सी सी टी डब्लू असोसिएसन के अध्यक्ष अंजय शुक्ला द्वारा बलौदा बाजार के विभिन्न सीमेंट संयंत्रों का दौरा किया गया। इस दौरान उन्होंने नवयुवकों से भीविशेष चर्चा कर इच्छुक लोगों को अधीकृत परिवहनकर्ता के रूप में पंजीयन तथा कार्य करने के सम्बन्ध में आवश्यक सहयोग प्रदान करने की बात कही। वे बलौदा बाजार ट्रक मालिक संघ के संरक्षक गणेश प्रसाद जायसवाल एवं अध्यक्ष संजीव कुमार सिंह से भी उनके कार्यालय में भेट मुलाकात कर ट्रक मालिको का हाल चाल जाना तथा उनके समस्याओं से अवगत होकर शीघ्र निराकृत करने जिलाधीश महोदय एवं संयंत्र प्रमुख तथा लॉजिस्टिक हेड से संबंधित समस्याओं को हल करने हेतु निर्देषित किया गया। बलौदा बाजार ट्रक मालिक संघ के अध्यक्ष एवं संरक्षक गणेश प्रसाद जायसवाल सहित विभिन्न परिवहनकर्ताओ एवं मोटर मालिको ने सी सी टी ए के अध्यक्ष अंजय शुक्ला के प्रति आभार जताया और उन्हें धन्यवाद ज्ञापित किया।

फिर बॉयफ्रेंड से करा दी उसकी शादी, पति ने पत्नी से कहा- ‘तुम जाओ, बच्चों को मैं पाल लूंगा, दिखी अनोखी शादी

संत कबीरनगर उत्तर प्रदेश के संत कबीरनगर जिले के धनघटा थाना क्षेत्र के एक गांव में एक अजीब घटना घटी, जहां एक महिला ने अपने पति और 2 बच्चों को छोड़कर अपने प्रेमी से शादी कर ली। यह शादी महिला के पति ने ही कराई और खुद अपनी पत्नी को उसके प्रेमी को सौंप दिया। पति ने मंदिर में कराई पत्नी की शादी मिली जानकारी के मुताबिक, मामला उत्तर प्रदेश के संत कबीरनगर जिले के धनघटा थाना क्षेत्र के एक गांव का है। जहां महिला ने अपने प्रेमी से शादी की, और यह शादी उसके पति ने ही कराई। पहले पति ने पत्नी के साथ कोर्ट से नोटरी बनवाई और फिर एक मंदिर में पत्नी की शादी उसके प्रेमी के साथ कर दी। इस घटना के बाद यह मामला गांव में चर्चा का विषय बन गया। 9 साल की शादी तोड़ी, बच्चों को भी छोड़ा बताया जा रहा है कि महिला की शादी 2017 में हुई थी और उसके 2 बच्चे भी हैं। इसी दौरान महिला की मुलाकात गांव के एक युवक से हुई और दोनों के बीच प्रेम संबंध विकसित हो गए। यह रिश्ता धीरे-धीरे गांव में चर्चा में आने लगा। जब महिला के पति को इसकी जानकारी मिली, तो उसने अपनी पत्नी को समझाने की कोशिश की। लेकिन जब पत्नी ने प्रेमी के साथ रहने की इच्छा जताई, तो पति ने फैसला किया कि वह अपनी पत्नी की शादी उसके प्रेमी से करा देगा। जिसके बाद पति ने पत्नी से कहा कि बच्चों को मैं खुद पाल लूंगा, तुम अपने प्रेमी के साथ जाओ। पत्नी भी इस फैसले के लिए राजी हो गई। इसके बाद समाज के सामने दोनों की शादी का आयोजन हुआ और पति इस सब का साक्षी बना रहा। पति ने बच्चों के साथ की नई शुरुआत महिला का पति बबलू, जो रोजी-रोटी कमाने के लिए अक्सर घर से बाहर रहता था, इस दौरान उसकी पत्नी राधिका का संबंध गांव के एक युवक से बन गया। जब परिवार को इस बारे में जानकारी मिली, तो बबलू ने फैसला किया कि वह अपनी पत्नी की शादी उसके प्रेमी से करवा देगा और बच्चों के साथ नया जीवन शुरू करेगा। इसके बाद बबलू ने समाज के सामने अपनी पत्नी की शादी कराई और बच्चों को साथ लेकर नए जीवन की ओर बढ़ गया।   समाज के लिए एक संदेश यह घटना जहां एक तरफ समाज में आमतौर पर ऐसे मामलों में हिंसा और नफरत का कारण बनती है, वहीं बबलू ने एक मिसाल कायम की। उसने समाज को यह संदेश दिया कि दो प्यार करने वाले लोगों को अपनी जिंदगी साथ बिताने का हक है। यह घटना उन मासूम बच्चों के लिए एक दुखद स्थिति बन गई, जिनके जीवन से ‘मां’ शब्द इतनी दूर चला गया। इस अजीब घटना ने समाज को यह सोचने पर मजबूर किया है कि क्या बच्चों को इस तरह की स्थिति में छोड़ना सही है?  

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