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’90 दिनों के भीतर बिल पर फैसला लेना जरूरी’, पहली बार सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रपति के लिए समय सीमा तय की

नई दिल्ली सुप्रीम कोर्ट का राज्यपाल के मामले में फैसला शुक्रवार को ऑनलाइन अपलोड हो गया है। इस फैसले में पहली बार सुप्रीम कोर्ट ने निर्धारित किया है कि राष्ट्रपति को राज्यपाल की तरफ से उनके विचार के लिए आरक्षित विधेयकों पर संदर्भ प्राप्त होने की तिथि से तीन महीने की अवधि के भीतर निर्णय लेना चाहिए। शीर्ष अदालत की तरफ से तमिलनाडु के राज्यपाल आर एन रवि की तरफ से राष्ट्रपति के विचार के लिए रोके गए और आरक्षित किए गए 10 विधेयकों को मंजूरी देने और राज्य विधानसभाओं द्वारा पारित विधेयकों पर कार्रवाई करने के लिए सभी राज्यपालों के लिए समयसीमा निर्धारित की थी। फैसला करने के चार दिन बाद, 415 पृष्ठों का निर्णय शुक्रवार को रात 10.54 बजे शीर्ष अदालत की वेबसाइट पर अपलोड किया गया। देरी पर राज्य को देनी होगी जानकारी शीर्ष अदालत ने कहा कि हम गृह मंत्रालय की तरफ से निर्धारित समय-सीमा को अपनाना उचित समझते हैं… और निर्धारित करते हैं कि राष्ट्रपति को राज्यपाल की तरफ से उनके विचार के लिए आरक्षित विधेयकों पर संदर्भ प्राप्त होने की तिथि से तीन महीने की अवधि के भीतर निर्णय लेना आवश्यक है। इस अवधि से परे किसी भी देरी के मामले में, उचित कारणों को दर्ज करना होगा और संबंधित राज्य को सूचित करना होगा। राज्यों को भी सहयोगात्मक होना चाहिए और उठाए जा सकने वाले प्रश्नों के उत्तर देकर सहयोग करना चाहिए और केंद्र सरकार द्वारा दिए गए सुझावों पर शीघ्रता से विचार करना चाहिए।’ अनुच्छेद 200 का किया गया जिक्र जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस आर महादेवन की बेंच ने 8 अप्रैल को राष्ट्रपति के विचार के लिए दूसरे चरण में 10 विधेयकों को आरक्षित करने के फैसले को अवैध और कानून की दृष्टि से त्रुटिपूर्ण करार देते हुए खारिज कर दिया। कोर्ट ने बिना किसी लाग-लपेट के कहा था कि जहां राज्यपाल किसी विधेयक को राष्ट्रपति के विचार के लिए आरक्षित रखता है और राष्ट्रपति उस पर अपनी सहमति नहीं देते हैं, तो राज्य सरकार के लिए इस न्यायालय के समक्ष ऐसी कार्रवाई करने का अधिकार खुला रहेगा। संविधान का अनुच्छेद 200 राज्यपाल को अपने समक्ष प्रस्तुत विधेयकों पर अपनी सहमति देने, सहमति नहीं देने या राष्ट्रपति के विचार के लिए उसे आरक्षित रखने का अधिकार देता है।

वास्तविक आय में ठहराव अब साफ तौर पर दिखाई दे रहा है, खासकर वेतनभोगी और सफेदपोश वर्ग के लिए: जयराम रमेश

नई दिल्ली कांग्रेस पार्टी ने आरोप लगाया कि देश में लोगों की वास्तविक क्रय शक्ति घटती जा रही है, लेकिन मोदी सरकार इस संकट को स्वीकार करने को तैयार नहीं है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पार्टी के महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि यदि सरकार इस संकट को स्वीकार करती है, तो उसे पिछले 11 वर्षों में भारतीय अर्थव्यवस्था को हुए “संरचनात्मक नुकसान” को भी स्वीकार करना होगा। रमेश ने इस विषय पर अपनी चिंता ‘एक्स’ पर साझा की और महंगाई और वेतन वृद्धि के संदर्भ में महत्वपूर्ण बिंदु उठाए। वास्तविक आय में ठहराव का मुद्दा जयराम रमेश ने कहा कि वास्तविक आय में ठहराव अब साफ तौर पर दिखाई दे रहा है, खासकर वेतनभोगी और सफेदपोश वर्ग के लिए। उनका दावा था कि पिछले कुछ वर्षों में उपभोक्ता मूल्य मुद्रास्फीति औसतन 6 प्रतिशत के आसपास रही है, जबकि इस दौरान सफेदपोश नौकरियों में वेतन वृद्धि महज 3-4 प्रतिशत तक सीमित रही। उन्होंने आरोप लगाया कि महंगाई के मुकाबले वेतन में बहुत कम वृद्धि हुई है, जिसका परिणाम यह हुआ है कि लोगों की जेब में पैसा बचा नहीं है। रमेश का निवेश बैंकर के हवाले से बयान रमेश ने निवेश बैंकर कनिष्क कर का हवाला देते हुए कहा कि वास्तविक क्रय शक्ति खत्म हो रही है। उन्होंने उदाहरण दिया कि हॉस्टल की रसोई में मैगी का पैकेट भी अब महंगा हो गया है। उनका कहना था कि घटती क्रय शक्ति भारत में उपभोग से जुड़ी एक प्रमुख कहानी के अंत का कारण बन रही है। यही कारण है कि निजी निवेश में मंदी भी आ रही है। उनका कहना था कि उपभोग की गिरावट ही आर्थिक संकट का एक प्रमुख कारण है। मोदी सरकार पर हमला: संकट स्वीकारने से इनकार कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने यह भी कहा कि मोदी सरकार इस संकट को स्वीकार करने से इनकार करती है, क्योंकि इसके लिए उसे पिछले 11 वर्षों में भारतीय अर्थव्यवस्था को हुए संरचनात्मक नुकसान को स्वीकार करना होगा। रमेश ने कहा, “सरकार ने न केवल महंगाई और वेतन वृद्धि के मुद्दे को नजरअंदाज किया है, बल्कि उसने इस तथ्य को भी नकारा है कि देश की वास्तविक क्रय शक्ति लगातार घट रही है।” वर्तमान स्थिति पर कांग्रेस की चिंता रमेश ने बताया कि आर्थिक असमानता और वृद्धि की दर में कमी देश की मुख्य समस्याएं बन चुकी हैं। उनका कहना था कि वर्तमान सरकार इस संकट से निपटने के बजाय सच्चाई से मुंह मोड़े बैठी है। उन्होंने यह भी कहा कि यदि सरकार इस संकट को सही तरीके से स्वीकारे, तो देश को भविष्य में आर्थिक स्थिति को सुधारने का अवसर मिलेगा। लेकिन इसके लिए सरकार को सच्चाई का सामना करना होगा। सरकार की नीतियों पर सवाल उठाते हुए कांग्रेस की आलोचना कांग्रेस ने इस आरोप के साथ यह भी कहा कि देश में वृद्धि और विकास के मुद्दों पर सरकार की नीतियां असफल साबित हो रही हैं। पार्टी ने यह भी कहा कि आर्थिक असमानता और सामाजिक न्याय की दिशा में कड़े कदम उठाने की आवश्यकता है। कांग्रेस का कहना है कि क्रय शक्ति में गिरावट की स्थिति से निपटने के लिए सरकार को ठोस आर्थिक सुधारों की दिशा में कदम उठाने होंगे।  

रंग-बिरंगी कैंडी, जूस, चॉकलेट आदि में इस्तेमाल किए जाने वाला आर्टिफिशियल फूड कलर बच्चों के लिए बेहद खतरनाक

उत्तराखंड आज की इस दुनियां में प्रचलित रंग-बिरंगी खाने की चीजें सभी को मोह रही है। विशेष तौर पर ये चीजें बच्चों को खाने में बेहद पसंद आ रही है। लेकिन इन रंग-बिरंगी कैंडी, जूस, चॉकलेट आदि में इस्तेमाल किए जाने वाला आर्टिफिशियल फूड कलर बच्चों के लिए बेहद खतरनाक है। ऐसे में बच्चों को स्वास्थ्य संबंधी गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।       आपको बताते चलें कि रंग-बिरंगी कैंडी, जूस, चॉकलेट,स्नैक्स आदि चीजों में Red 40, Yellow 5, Yellow 6 और Blue 1 जैसे आर्टिफिशियल फूड कलर मिलाए जाते हैं। जिससे स्वास्थ्य संबंधी गंभीर समस्याओं जैसे कि अधिक चमड़ी रोग, अस्थमा, नींद में कमी, पेट दर्द, डायरिया और ट्यूमर का सामना करना पड़ सकता है। कुछ रिसर्च बताती हैं कि ये रंग बच्चों के ब्रेन फंक्शन और बिहेवियर को सीधे प्रभावित कर सकते हैं। यह बदलाव धीरे-धीरे होते हैं और पेरेंट्स अक्सर इसे नखरे या टेम्परामेंट समझ कर टाल देते हैं। जानिए कैसे बचाएं बच्चों को? बाजार से खरीदारी करते समय हर पैक्ड फूड का लेबल ध्यान से पढ़ें। अगर उसमें E Numbers (जैसे E102, E110, E129) या फूड कलर लिखा हो, तो उसे अवॉइड करें। बच्चों को घर का बना ताजा खाना ही दें फल, सब्जी, दाल, दूध और होममेड स्नैक्स बच्चों के लिए सबसे सेफ और हेल्दी होते हैं। इसलिए अपने बच्चों को स्वस्थ रखने के लिए उन्हें घर का बना हुआ ताजा व शुद्द भोजन ही दें। इन सब्जियों व फलों से बनाएं रंगीन खाना चुकंदर (Beetroot), अनार        लाल रंग हल्दी, केसर                            पीला रंग पालक,धनिया,पुदीना                 हरा रंग जामुन, ब्लूबेरी                         बैंगनी रंग इन प्राकृतिक रंगों से ना सिर्फ खाना सुंदर दिखेगा, बल्कि बच्चों को पौष्टिक तत्व भी मिलेंगे।  

मास्टरशेफ के विनर बने गौरव खन्ना, ट्रॉफी के साथ मिली प्राइज मनी

मुंबई  सेलिब्रिटी मास्टरशेफ इस समय सभी का पसंदीदा शो बना हुआ है। अब इस शो को अपना विजेता भी मिल गया है, एक्टर गौरव खन्ना सेलिब्रिटी मास्टरशेफ के पहले सीजन के विजेता बन गए हैं। निक्की तंबोली शो की पहली रनर-अप रहीं जबकि तेजस्वी प्रकाश दूसरी रनर-अप रहीं।अनुपमा एक्टर ने ट्रॉफी के साथ 20 लाख रुपये का नकद पुरस्कार भी अपने नाम कर लिया है।  शेफ रणवीर बरार और शेफ विकास खन्ना शो के जज रहे और इसे होस्ट किया था  फराह खान ने। ग्रैंड फिनाले में शेफ संजीव कपूर भी मौजूद थे। उन्होंने गौरव के बनाए व्यंजनों की तारीफ की और जीत पर उन्हें गले भी लगाया। गौरव ने प्रतिष्ठित मास्टरशेफ कोट भी जीत लिया है, संजीव कपूर ने उन्हें सम्मान के साथ शेफ कोट पहनाया। गौरव का नाम जब जजों ने घोषित किया तो वह बेहद खुश दिखे। उनके चेहरे की मुस्कान साफ ​​बता रही थी कि यह जीत उनके लिए कितनी महत्वपूर्ण है। गौरव का शो में सफर शानदार रहा है। उन्होंने इस सफर में हर बार असफलताओं का सामना किया और सफल हुए।  उन्होंने गर्व से ट्रॉफी को हवा में उठाया और अपनी खुशी जाहिर की। उनके चेहरे पर कड़ी मेहनत साफ दिख रही थी। सेलिब्रिटी मास्टरशेफ के जज रणवीर बरार ने ट्रॉफी लिए गौरव खन्ना के साथ अपनी तस्वीर पोस्ट करते हुए लिखा- “यह मायने नहीं रखता कि आप कहां से शुरू करते हैं, बल्कि यह मायने रखता है कि आप कैसे खत्म करते हैं!! क्या सीज़न था! क्या कहानी थी! बधाई हो गौरव खन्ना, आपने वाकई हमारे दिलों में अपनी जगह बना ली है। तुम्हारी हर डिश में ज़िद, जुनून और क्रिएटिविटी थी…और मैं यह देखने के लिए इंतजार नहीं कर सकता कि तुम्हारी खाने की यात्रा आगे कहां जाती है. शुभकामनाएं, हमारे पहले सेलिब्रिटी मास्टरशेफ़!

प्रेम प्रसंग के चलते युवक को नग्न कर पीटा, पुलिस हिरासत में 6 आरोपी

सक्ती छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले में एक मानवता को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है, जहां एक युवक को नग्न कर बीच चौराहे पर बर्बरता पूर्वक पीटा गया. इस मामले को प्रेम प्रसंग से जोड़कर देखा जा रहा है. वहीं पीड़ित युवक दलित होने के कारण पीटने की बात कह रहा है. फिलहाल पूरे मामले में पुलिस अपराध दर्ज कर जांच में जुट गई है. अभी तक 6 लोगों को हिरासत में लेकर पुलिस पूछताछ कर रही है. पूरा मामला मालखरौदा थाना क्षेत्र का है. इस पूरे मामले में पुलिस जल्द ही खुलासा करने की बात भी कर रही है. खुलासे के बाद पूरा मामला स्पष्ट होगा कि आखिर इतने बर्बरता के साथ क्यों पिटाई की गई है. फिलहाल अभी तक जो जानकारी सामने आई है उसके अनुसार ग्राम बड़े रबेली में 8 अप्रैल की रात युवक गर्लफ्रेंड से मिलने पहुंचा था, जिसे घर के लोगों ने देख लिया और मारपीट की. इसका वीडियो भी सामने आया है. बहरहाल इस मामले में मालखरौदा पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच में जुट गई है.

उत्तर प्रदेश में तेज आंधी तूफान के चलते पेड़ और बिजली के खंभे टूटने से बिजली आपूर्ति ठप्प, 3 की मौत

फिरोजाबाद उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद जनपद में आई तेज आंधी और तूफान में जन जीवन पूरी तरह से अस्त व्यस्त हो गया। बिजली के खंभे टूटने से जहां बिजली आपूर्ति ठप्प रही वहीं पेड़ टूटने के कारण हुए हादसों में तीन लोगों की मौत की जानकारी हुई है। पुलिस मौके पर पहुंचकर पुलिस ने सभी शवों का पोस्टमाटर्म कराया है। तेज आंधी और तूफान ने एक बार बिजली व्यवस्था को पूरी तरह ठप कर दिया कई घंटे के बाद बिजली चालू हो सकी, कई स्थानों पर खंभे टूटने और बिजली के तार टूटने की जानकारी मिली है। तूफान से यातायात प्रभावित आंधी और तूफान में हवाओं का वेग इतना तेज था कि लोगों का सड़क पर चलना भी दुभर हो गया, जिससे दौरान यातायात प्रभावित रहा। वही जनपद के थाना रजावली क्षेत्र में बाइक सवार युवक पेड़ के नीचे खड़ा हो गया। तभी अचानक पेड़ बाइक सवार के ऊपर गिर गया। हादसे की जानकारी मिलने पर ग्रामीणों द्वारा पुलिस को जानकारी दी गई मौके पर पहुंची थाना पुलिस ने मृतक युवक को जिला अस्पताल पहुंचाया जिसकी पहचान जनपद के ही थाना पचौखरा निवासी रिंकू उर्फ रचित पुत्र विजय सिंह के रूप में की गई है ।         पेड़ के नीचे सोते समय गिरा पेड़ दूसरी घटना थाना नगला खंगर क्षेत्र के तहत गांव पिंडारव निवासी कप्तान सिंह 50 वर्ष पुत्र फतेहसिंह जो कही से बाइक से आते समय पेड़ के नीचे खड़ा हो गया था तभी अचानक आंधी तूफान के वेग से पेड़ टूट कर उसके ऊपर गिर गया। पेड़ के नीचे दवजाने से कप्तान सिंह की भी मौके पर मौत हो गई। वहीं, तीसरी घटना थाना जसराना क्षेत्र के गांव नगला पांडे की है जहां रामभरोंसे 74 वर्ष पुत्र सीताराम जो अपने खेत पर रात में रखवाली कर रहा था। पेड़ के नीचे सोते समय पेड़ उनके ऊपर गिर पड़ा हादसे मे राम भरोसे की मौत हो गई । तीनों हादसों में संबंधित थाना क्षेत्र की पुलिस ने पहुंचकर हादसो का शिकार हुए लोगों के शवों का जिला अस्पताल में शनिवार को पोस्टमाटर्म करा कर परिजनों को सौंप दिए। 

चरित्र शंका पर पति ने महिला नगर सैनिक की हत्या की

गरियाबंद जिले में महिला नगर सैनिक की हत्या से इलाके में सनसनी फैल गई है. कस्तूरबा हॉस्टल गरियाबंद में पदस्थ 32 वर्षीय महिला नगर सैनिक ओमिका ध्रुव की उनके ही पति सोहन साहू ने गला दबाकर हत्या की है. वारदात के बाद आरोपी पति पाण्डुका थाना पहुंचकर खुद मामले की सूचना पुलिस को दी. बताया जा रहा कि चरित्र शंका पर पति ने वारदात को अंजाम दिया है. घटना की सूचना के बाद थाना प्रभारी जयप्रकाश नेताम फॉरेंसिंक टीम के साथ मौके पर पहुंचकर साक्ष्य जुटा रहे हैं. गले में नाखून के निशान है. थाना प्रभारी नेताम ने बताया कि आरोपी पति को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है. चरित्र शंका पर आए दिन होते रहता था विवाद आरोपी पति और मृतका दोनों मुरमुरा गांव के हैं. 10 साल पहले दोनों ने प्रेम विवाह किया था. दोनों के दो बच्चे भी हैं. पिछले एक सप्ताह से ओमिका अपने मां के घर रह रही थी. हास्टल ड्यूटी के बाद छुट्टी पर घर आई थी. आज ड्यूटी ज्वाइन करने पति के साथ बाइक से वापस जा रही थी. दोनों गांव से 10 किमी आगे पहुंचे थे, इसी बीच दोनों का विवाद हुआ. इस दौरान पति ने पत्नी का गला दबाकर हत्या कर दी. बताया जा रहा कि चरित्र शंका को लेकर आए दिन दोनों में विवाद होते रहता था.

मुख्यमंत्री साय ने अखिल भारतीय विद्युत मजदूर महासंघ के 18वें त्रैवार्षिक अधिवेशन को किया संबोधित

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज राजधानी रायपुर के गुढ़ियारी में आयोजित अखिल भारतीय विद्युत मजदूर महासंघ के 18वें त्रैवार्षिक अधिवेशन में शामिल हुए।मुख्यमंत्री साय ने अधिवेशन में 21 राज्यों से आए श्रमवीरों का प्रभु श्रीराम के ननिहाल में स्वागत किया और उन्हें हनुमान जयंती की शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने कहा कि देशभर से आए श्रमवीरों ने यहाँ आकर एकता और सामंजस्य का बड़ा संदेश देने का कार्य किया है। साय ने कहा कि प्रभु श्रीराम ने 14 वर्षों के वनवास में से 10 वर्ष यहाँ बिताए, जो प्रदेश के लिए गर्व का विषय है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जब देश में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहली सरकार का गठन हुआ था, तब उन्होंने श्रम राज्य मंत्री के रूप में श्रमिकों के हितों की रक्षा के लिए महत्वपूर्ण निर्णय लिए थे। उन्होंने कहा कि श्रमिकों के लिए न्यूनतम पेंशन निर्धारित की गई और पीएफ की अनक्लेम राशि का उपयोग श्रमिकों के हित में किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान समय में बिजली की महत्ता को सभी भली-भाँति समझते हैं। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में बिजली सरप्लस है, लेकिन आने वाले समय में बिजली की बढ़ती मांग को देखते हुए विद्युत उत्पादन क्षमता बढ़ाने की दिशा में तेजी से कार्य किया जा रहा है। हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रदेश में 1350 और 850 मेगावाट की दो विद्युत परियोजनाओं की सौगात दी थी। साय ने आगे बताया कि ऊर्जा के क्षेत्र में 3 लाख 50 हज़ार करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। उन्होंने कहा कि पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के माध्यम से प्रदेश में हर घर तक बिजली पहुँचाने का कार्य किया जा रहा है। इस पहल से हम हाफ बिजली से मुफ्त बिजली देने की ओर बढ़ रहे हैं और योजना के लिए राज्य सरकार ने सब्सिडी देने का बजट में प्रावधान भी किया है। मुख्यमंत्री ने इस मौके पर श्रमिकों के कल्याण के लिए आजीवन समर्पित रहे दत्तोपंत ठेंगड़ी का पुण्य स्मरण करते हुए उनके योगदानों को नमन किया। इस अवसर पर अखिल भारतीय विद्युत मजदूर महासंघ के मंत्री और प्रभारी राधेश्याम जायसवाल, मधुसूदन जोशी, श्रीमती शोभा सिंहदेव सहित देशभर के 21 राज्यों से आए विद्युत श्रमिक उपस्थित थे।

MP सरकार ने पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक और ठोस कदम उठाया, सागर जिले में 258.64 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र को प्रदेश का 25वां अभयारण्य प्रदान किया

सागर राज्य शासन ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में एक अहम पर्यावरणीय निर्णय लेते हुए सागर जिले के 258.64 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र को ‘डॉ. भीमराव अंबेडकर अभयारण्य’ के रूप में अधिसूचित किया है। यह प्रदेश का 25वां अभयारण्य होगा। मध्य प्रदेश सरकार ने भारत के संविधान निर्माता डॉक्टर भीमराव अंबेडकर के नाम पर वन्यजीव अभयारण्य की घोषणा की है। एक अधिकारी ने इसके बारे में जानकारी दी। सरकार ने शुक्रवार को डॉ. भीमराव अंबेडकर अभ्यारण्य के गठन के बारे में अधिसूचना जारी की। यह घोषणा 14 अप्रैल को मनाई जाने वाली अंबेडकर की 134वीं जयंती से पहले की गई है। इसके साथ ही, बाघ अभयारण्यों के लिए मशहूर राज्य में 25 वन्यजीव अभयारण्य हो गए हैं। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने एक बयान में कहा कि नए अभयारण्य के बनने से संरक्षण प्रयासों को बल मिलेगा और वन एवं वन्यजीवों को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने कहा कि पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करने के अलावा, नए अभयारण्य से पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा और इससे स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के अवसर पैदा होंगे। डॉ. भीमराव अंबेडकर अभ्यारण्य सागर जिले के उत्तर सागर वन प्रभाग, तहसील बंडा और शाहगढ़ वन के 258.64 वर्ग किलोमीटर आरक्षित वन क्षेत्र में फैला होगा। नए अभ्यारण्य की जानकारी संपर्क अधिकारी केके जोशी ने दी। उन्होंने बताया कि अभयारण्य के गठन से वन एवं वन्य-प्राणियों का संरक्षण एवं संवर्धन होगा। यह नया संरक्षित क्षेत्र उत्तर सागर वन मंडल की तहसील बंडा एवं शाहगढ़ के आरक्षित वन क्षेत्र को सम्मिलित करता है। अभयारण्य का उद्देश्य वन एवं वन्य-प्राणियों के संरक्षण और पारिस्थितिकीय संतुलन को सुदृढ़ बनाना है। इसके साथ ही, राज्य सरकार को उम्मीद है कि यह कदम पर्यटन को प्रोत्साहित करेगा और स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर पैदा करेगा। प्राकृतिक पारिस्थितिक तंत्र को संरक्षित करने की दिशा में यह कदम राज्य की पर्यावरणीय प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि आप सुजिरा अमृतः सुवर्चाः शंभू मयोभू,अर्थात जल न केवल अमृतस्वरूप है

जल गंगा संवर्धन भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि “आपः सुजिरा अमृतः सुवर्चाः शंभू मयोभूः”, अर्थात जल न केवल अमृतस्वरूप है, बल्कि शुभ, पवित्र और जीवनदायक भी है। उन्होंने कहा है कि जल जीवन जीने का संसाधन मात्र नहीं, अपितु हमारा सनातन संस्कार है। हमारे ग्रंथ कहते हैं कि जल की हर बूंद में जीवन है और हर स्रोत में आने वाले कल का भविष्य छिपा है। इसलिए इस अमूल्य धरोहर की किसी भी मूल्य पर रक्षा करना हमारा दायित्व है। इसी दायित्व की पूर्ति के लिए मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में प्रदेश में ‘जल गंगा संवर्धन अभियान’ संचालित किया जा रहा है। इसमें नवीन जल संग्रहण संरचनाओं के साथ-साथ पूर्व से मौजूद जल संग्रहण संरचनाओं का जीर्णोद्धार, जल स्त्रोतों और जल वितरण प्रणालियों की साफ सफाई, जल स्त्रोतों के आस-पास पौध रोपण के कार्यों को प्राथमिकता दी जा रही है। जन-जागरुकता अभियानों के माध्यम से प्रदेश के ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में इस अभियान में जन-भागीदारी सुनिश्चित की जा रही है। छिंदवाड़ा जिले में सक्रिय जनसहयोग छिंदवाड़ा जिले के ग्रामीण एवं नगरीय क्षेत्रों में 30 मार्च से शुरू हुए कार्यों के अंतर्गत कलेक्टर शीलेंद्र सिंह ने जनपद पंचायत जुन्नारदेव पहुंच कर बुधवारा गांव में तालाब के गहरीकरण हेतु ग्रामवासियों के साथ मिलकर श्रमदान किया। तालाब के जीर्णोद्धार के साथ ही इसमें जमा गाद निकालकर सफाई की जा रही है। इसी के साथ छिंदवाड़ा जिले की जन अभियान परिषद शाखा ने कन्हांन नदी तट की सफाई करते हुए जल संरक्षण की शपथ दिलाई। बुरहानपुर में जल संरक्षण के साथ पर्यावरण संतुलन का प्रयास जल गंगा संवर्धन अभियान में वन विभाग द्वारा जिले के वन क्षेत्रों में स्थित जल-स्त्रोतों की सफाई, तालाब, बावड़ियों, स्टॉप डेम का गहरीकरण और पौधारोपण का कार्य किया जा रहा है। सोलाबरडी और गढ़ताल रेंज वन क्षेत्रों समेत जिले के 67 चिन्हित जल-स्त्रोतों की सफाई और गहरीकरण का काम किया जा रहा है। वन विभाग का अमला स्थानीय नागरिकों की भागीदारी से नदी, तालाबों, बावड़ियों में जमा कचरा, सूखे पत्ते, गाद और झाड़ियां को हटा रहा है। अमरावती नदी के तटों पर भी वृहद स्तर पर सफाई अभियान जारी है। इससे मानसून के दौरान इन स्त्रोतों में पानी का भराव आसानी से हो सकेगा। जल संरचनाओं में पानी का भराव होने से वन्य जीवों और पक्षियों को भी राहत मिलेगी और भूजल स्तर बना रहने से पर्यावरण भी संतुलित रहेगा। देवास जिले में नये एवं पुराने जल संरचनाओं का जीर्णोद्धार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संकल्पों को साकार करने के उद्देश्य से देवास जिले में भी ‘जल गंगा संवर्धन अभियान’ 30 मार्च से 30 जून तक चल रहा है। कलेक्टर ऋतुराज सिंह एवं जिला पंचायत के सीईओ हिमांशु प्रजापति के मार्गदर्शन में नये तालाबों का निर्माण किया जा रहा है। इसके साथ ही पुराने तालाबों, बावड़ियों, नदियों एवं कुँओं का जीर्णोद्धार व पौधारोपण के कार्य जन-भागीदारी से किये जा रहे हैं। जिले की जनपद पंचायत खातेगांव में ग्राम पंचायत बछखाल के बोरदा गांव में तालाब का गहरीकरण किया गया है। इसी क्रम में जिला प्रशासन एवं ग्रामीणों के जनसहयोग से जिले की जनपद पंचायत देवास की ग्राम पंचायत गदाईशा पीपल्या में तालाब का गहरीकरण किया जा रहा है। इससे बारिश के दिनों में जल-संचय बढ़ेगा जिससे पेयजल एवं कृषि दोनों के लिए पानी उपलब्ध हो सकेगा।  शिवपुरी एवं शहडोल में हनुमान जन्मदिवस पर सामुदायिक श्रमदान शिवपुरी जिले के विकासखंड शिवपुरी में निवर्तमान नवांकुर संस्था, ग्राम विकास प्रस्फुटन समिति बूढ़ीबरोद, सेक्टर सुरवाया व ग्राम विकास समिति धुवानी के संयुक्त प्रयास से ग्राम धुवानी तालाब में श्रमदान कर मिट्टी हटाई गई और जल संरक्षण हेतु प्रेरणा दी गई। वहीं, शहडोल जिले में हनुमान जयंती के अवसर पर जिला प्रशासन एवं नगरपालिका के संयुक्त तत्वावधान में प्राचीन विराटेश्वर मंदिर परिसर में स्थित बाणगंगा कुण्ड में सफाई अभियान चलाया गया। विधायक मनीषा सिंह, कलेक्टर डॉ. केदार सिंह एवं अन्य जनप्रतिनिधियों ने इस अभियान में भाग लेते हुए जल संरक्षण की शपथ भी ली। अभियान का समग्र उद्देश्य इस अभियान के अंतर्गत नई जल संरचनाओं का निर्माण और पुरानी संरचनाओं का जीर्णोद्धार किया जा रहा है। जल स्रोतों और जल वितरण प्रणालियों की सफाई के साथ-साथ उनके आस-पास पौधारोपण को प्राथमिकता दी जा रही है। ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में जन-जागरुकता अभियानों के माध्यम से लोगों में जल संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाई जा रही है। ‘जल गंगा संवर्धन अभियान’ का उद्देश्य न केवल जल संरचनाओं के संरक्षण एवं जीर्णोद्धार में सहायता प्रदान करना है, बल्कि सांस्कृतिक, ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व वाले जल स्रोतों को पुनर्जीवित करते हुए वर्तमान एवं भविष्य की पीढ़ियों में भारत के स्वर्णिम अतीत से परिचय एवं प्रेरणा का संचार करना भी है। अभियान में मशीन, सामग्री व श्रम का समुचित नियोजन कर आमजन, स्थानीय समुदाय, जनप्रतिनिधि एवं सरकार का संयुक्त प्रयास सुनिश्चित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सभी नागरिकों से अपील की है कि वे इस महत्त्वपूर्ण अभियान में एकजुटता के साथ भाग लेकर जल संरक्षण के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाएं, क्योंकि “जल है तो कल है”।  

अम्बिकापुर : आकांक्षी विकासखंड लखनपुर में परीक्षा पर्व 7.0 का सफल आयोजन, शिक्षक एवं अभिभावक रहे उपस्थित

अम्बिकापुर राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग के तत्वावधान में परीक्षा पर्व 7.0 का आयोजन जिले के आकांक्षी विकासखंड लखनपुर के पीएम श्री विद्यालय सेजस में सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों में परीक्षा के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित करना एवं तनावमुक्त वातावरण प्रदान करना था।  कार्यक्रम का आयोजन कलेक्टर श्री विलास भोसकर एवं जिला पंचायत सीईओ श्री विनय अग्रवाल के निर्देशन में तथा जिला शिक्षा अधिकारी श्री अशोक कुमार सिन्हा के मार्गदर्शन में किया गया। इस अवसर पर नई दिल्ली पीएमओ कार्यालय द्वारा तैयार प्रस्तुति का विद्यालय के प्राचार्य श्री ऋषि पांडे द्वारा प्रभावी रूप से प्रस्तुतिकरण किया गया।  प्रस्तुति में मुख्य रूप से यह संदेश दिया गया कि परीक्षाओं को पर्व के रूप में मनाया जाए एवं विद्यार्थियों के बीच सामाजिक प्रतिस्पर्धा के बजाय आत्म-प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा दिया जाए। इस अवसर पर विकासखंड के लगभग 200 शिक्षक एवं अभिभावक उपस्थित रहे।  कार्यक्रम में नगर पंचायत अध्यक्ष श्रीमती सावित्री दिनेश साहू, उपाध्यक्ष नेहा सनी बंसल, SMDC   सदस्य रवि अग्रवाल, जनपद पंचायत सीईओ श्री वेद प्रकाश पांडे, शिक्षा विभाग से श्री रविशंकर पांडे,  ABEO  मनोज तिवारी,  BRC  दीपेश पांडे सहित अन्य अधिकारी एवं शिक्षकगण उपस्थित रहे।  कार्यक्रम का संचालन श्री रवि शंकर पांडे द्वारा किया गया। एबीपी फेलो शुभिता शुक्ला की उपस्थिति भी विशेष रही।  कार्यक्रम ने विद्यार्थियों, अभिभावकों एवं शिक्षकों को परीक्षा के तनाव से मुक्त कर उसे उत्सव के रूप में अपनाने की दिशा में प्रेरित किया।

इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय के कुलपति की नियुक्ति रद्द करने की मांग, राज्यपाल एवं कुलाधिपति को ABVP ने लिखा पत्र

रायपुर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने राज्यपाल एवं कुलाधिपति को पत्र लिखकर इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय की नवनियुक्त कुलपति की नियुक्ति को तत्काल प्रभाव से रद्द करने की मांग की है. बता दें कि छत्तीसगढ़ के एकमात्र इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय खैरागढ़ में प्रो. लवली शर्मा को कुलपति नियुक्त किया गया है. अभाविप ने पत्र में लिखा है कि पूर्व में प्रो. लवली शर्मा राजा मानसिंह तोमर संगीत और कला विश्वविद्यालय ग्वालियर मध्यप्रदेश के कुलपति के रूप में काम कर चुकी है. इस दौरान उनके ऊपर कई गंभीर भ्रष्टाचार के आरोप लग चुके हैं. साथ ही इनके कार्यकाल में छात्राओं के यौन शोषण जैसे मामले प्रकाश में आए थे. जिस व्यक्ति के ऊपर कुलपति रहते हुए भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप और छात्राओं के यौन शोषण की घटनाएं उजागर हुए हैं. साथ ही इन्हीं मामलों को संज्ञान में लेकर मध्यप्रदेश शासन ने धारा 57 लगाकर कुलपति के कार्यकाल को समाप्त कर दिया था, परंतु छत्तीसगढ़ शासन ने उपरोक्त मामलों में दोषी पाए गए व्यक्ति को पुनः कुलपति के रूप में नियुक्ति किया है, जो दुर्भाग्यपूर्ण है. अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद का यह भी मानना है कि डॉ. लवली शर्मा ने कुलपति पद पर आवेदन करते समय इन तथ्यों को जानबूजकर छुपाया है. अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने मांग की है कि संगीत विश्वविद्यालय के सुचारू संचालन के लिए तत्काल प्रभाव से कुलपति की इस नियुक्ति को रद्द किया जाए.

औद्योगिक विकास नीति 2024-30 : रैम्प योजना व ईज ऑफ डूइंग बिजनेस पर संभागस्तरीय कार्यशाला का आयोजन

अम्बिकापुर जिले के जिला पंचायत सभाकक्ष में संभाग स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य राज्य की नवीन औद्योगिक विकास नीति 2024-30, रैम्प योजना तथा ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को लेकर जागरूकता और उद्योगपतियों से सीधा संवाद करना रहा। उद्योग नीति पर विशेषज्ञों की विस्तृत प्रस्तुति रायपुर से आए उपसंचालक, उद्योग श्री ऋतुराज ताम्रकार ने औद्योगिक विकास नीति 2024-30 पर विस्तार से जानकारी दी और उपस्थित प्रतिभागियों की शंकाओं का समाधान किया। वहीं,  म्तदेज – ल्वनदह (म् – ल्)     की टीम द्वारा रैम्प योजना के विभिन्न प्रावधानों एवं एमएसएमई उद्योगों को मिलने वाले लाभों की जानकारी दी गई। अधिक निवेश के लिए उद्योगपतियों को किया गया प्रेरित कार्यक्रम में उपस्थित अपर कलेक्टर श्री सुनील नायक ने राज्य सरकार की मंशा और उद्योगों के लिए लाए गए नवीन प्रावधानों पर प्रकाश डालते हुए उद्योगपतियों से अधिक से अधिक निवेश करने की अपील की। उन्होंने यह भी कहा कि एक सकारात्मक उद्योग इकोसिस्टम बनाने में सभी की भागीदारी आवश्यक है और ठत्।च् (ठनेपदमेे त्मवितउ ।बजपवद च्संद) के तहत सकारात्मक फीडबैक देने का भी आह्वान किया। इस संभागस्तरीय कार्यशाला से उद्योग जगत को राज्य की नीतियों की स्पष्ट जानकारी मिली है और इससे क्षेत्र में औद्योगिक विकास को नई गति मिलेगी ।इस अवसर पर अपर कलेक्टर श्री सुनील नायक, जिला पंचायत सीईओ श्री विनय कुमार अग्रवाल, सरगुजा लघु उद्योग संघ के अध्यक्ष श्री अरविन्द सिंघानियां, फेसिलिटेशन काउंसिल के सदस्य श्री कौन्तेय जायसवाल, एवं सरगुजा संभाग के सभी जिले सूरजपुर, जशपुर, बलरामपुर, कोरिया एवं मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर के जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्रों के महाप्रबंधकगण और सरगुजा संभाग में कार्यरत उद्योग जगत के प्रतिनिधियों के साथ-साथ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स (सीए) भी प्रतिभागी उपस्थित रहे।

कबीरधाम कलेक्टर और जिला पंचायत अध्यक्ष विकासखंड के ग्राम खैरबनाकला में पहुंचकर स्वयं ग्रामवासियों से आवेदन लिये

रायपुर सुशासन तिहार के अंतर्गत कल प्रथम चरण के अंतिम दिन कबीरधाम कलेक्टर गोपाल वर्मा और जिला पंचायत अध्यक्ष ईश्वरी साहू बोड़ला विकासखंड के ग्राम खैरबनाकला में पहुंचकर स्वयं ग्रामवासियों से आवेदन लिये। उन्होंने जमीन पर बैठकर ग्रामीणों से सीधा संवाद किया। इस दौरान ग्रामवासियों से चर्चा कर उनकी शिकायत, समस्या और मांगों को सुनकर आवेदन लिया। उन्होंने सुशासन तिहार की अवधारणा, उद्देश्य एवं गतिविधियों की विस्तार से जानकारी दी और शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं से ग्रामीणों को अवगत कराया। इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओं अजय कुमार त्रिपाठी, अपर कलेक्टर मुकेश रावटे, बोड़ला एसडीएम सुरूचि शार्दुल, तहसीलदार, जनपद सीईओ सहित अन्य अधिकारी भी उपस्थित रहे।         कलेक्टर वर्मा ने ग्रामीणों की समस्याएं ध्यानपूर्वक सुनीं और संबंधित अधिकारियों को उनके त्वरित निराकरण के निर्देश दिए। ग्रामीणों ने ज्यादातर आदेवन जॉब कार्ड, पीएम आवास, पेयजल, सड़क और राजस्व सहित विभिन्न प्रकार से सम्बन्धित आवदेन किए। सुशासन तिहार के चौथे दिन जिले में शहरी सहित ग्राम पंचायतों में बड़ी संख्या में नागरिक पहुंचकर अपनी मांग, शिकायत और समस्याओं के निराकरण के लिए समाधान पेटी में आवेदन जमा किया। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के मंशानुरूप राज्य में सुशासन की स्थापना सुनिश्चित करने के लिए प्रत्येक स्तर पर शासकीय कामकाज में पारदर्शिता लाने एवं शासकीय योजनाओं एवं कार्यक्रमों का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने सुशासन तिहार का आयोजन नगरीय एवं ग्राम पंचायत मुख्यालयों में किया जा रहा है।         कलेक्टर गोपाल वर्मा ने कहा कि सुशासन तिहार का आयोजन प्रशासन और नागरिकों के बीच संवाद स्थापित करने का एक महत्वपूर्ण अवसर है। इस पहल के माध्यम से हम नागरिकों की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करेंगे और शासन के कामकाज में पारदर्शिता लाएंगे। हमारा उद्देश्य है कि हर नागरिक को अपनी समस्या के समाधान के लिए एक सशक्त मंच मिले और प्रशासन उनकी समस्याओं को प्राथमिकता से हल करे। इस कार्यक्रम के दौरान प्राप्त होने वाली सभी शिकायतों और आवेदन का निराकरण समयबद्ध तरीके से किया जाएगा। हम यह सुनिश्चित करेंगे कि नागरिकों को हर स्तर पर न्याय और सुविधा मिले। उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम में नागरिकों को पूरी तरह से सहभागी बनाने के लिए जिला प्रशासन हर संभव कदम उठा रहा है और समाधान शिविरों के माध्यम से नागरिकों को उनके मामलों का समाधान शीघ्र मिलेगा।           जिला पंचायत अध्यक्ष ईश्वरी साहू ने कहा कि सुशासन तिहार के दौरान नागरिकों से प्राप्त शिकायतों और समस्याओं का निराकरण प्रभावी तरीके से किया जाएगा। इसका उद्देश्य सरकार की योजनाओं का सही और पारदर्शी क्रियान्वयन सुनिश्चित करना है, ताकि आम नागरिकों को उनका अधिकार समय पर मिल सके। उन्होंने कहा कि सभी ग्राम पंचायतों और नगरीय निकायों में समाधान पेटी स्थापित की है, जिससे नागरिकों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए एक आसान और सुलभ तरीका मिल सके। समाधान शिविरों का आयोजन भी इस प्रक्रिया का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, जहां अधिकारियों के साथ मिलकर समस्याओं का समाधान किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि नागरिकों से प्राप्त सभी आवेदन की निगरानी की जाएगी और उनका निराकरण सुनिश्चित करने के लिए कार्य किया जाएगा।        सुशासन तिहार के अंतर्गत कबीरधाम जिले के चारों जनपद के ग्राम पंचायतों एवं 7 नगरीय निकायों में सभी व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। जिले के नागरिक द्वारा अपनी समस्या, शिकायत और मांगों को लेकर सुबह 10 बजे से शाम 05 बजे तक समाधान पेटी के माध्यम से आवेदन प्रस्तुत किया गया। आवेदन लेने की प्रक्रिया की आज अंतिम दिवस थी। पहले चरण में आम जनता से आवेदन प्राप्त किया गया। दूसरे चरण में लगभग एक माह के भीतर प्राप्त आवेदनों का निराकरण किया जाएगा। तीसरे एवं अंतिम चरण में 05 मई से 31 मई 2025 के बीच समाधान शिविरों का आयोजन किया जाएगा। प्रत्येक 08 से 15 पंचायतों के मध्य शिविर लगेंगे, जहां आवेदकों को उनके प्रकरणों की जानकारी दी जाएगी। शिविरों की तिथि की सूचना एसएमएस और पावती के माध्यम से दी जाएगी। जिन आवेदनों का निराकरण शिविर में संभव होगा, वहीं किया जाएगा। शेष आवेदनों को एक माह में हल कर जानकारी दी जाएगी।

CMAM प्रोटोकॉल से गंभीर कुपोषित बच्चों का प्रबंधन और 6 वर्ष से कम बच्चों को मोटापे से बचाने पर फोकस किया जा रहा

भोपाल मध्यप्रदेश में 8 से 22 अप्रैल 2025 तक सातवां “पोषण पखवाड़ा” पूरे जोश और जागरूकता के साथ मनाया जा रहा है। हर वर्ष की तरह इस बार भी राज्य में विभिन्न जनजागरूकता गतिविधियों के माध्यम से कुपोषण की रोकथाम और संतुलित जीवनशैली को बढ़ावा देने का कार्य किया जा रहा है। केंद्र सरकार के इस महत्वपूर्ण अभियान का उद्देश्य आमजन, महिलाओं और बच्चों को पोषण के महत्व को समझाकर एक स्वस्थ समाज की नींव रखना है। पोषण पखवाड़ा 2025 में प्रमुखता से 4 विषयों जीवन के पहले 1000 स्वर्णिम दिवसों का महत्व, पोषण ट्रैकर ऐप के हितग्राही मॉड्यूल की जानकारी और उपयोगिता, CMAM प्रोटोकॉल से गंभीर कुपोषित बच्चों का प्रबंधन और 6 वर्ष से कम बच्चों को मोटापे से बचाने पर फोकस किया जा रहा है। स्वर्णिम 1000 दिवस – जीवन की मजबूत नींव गर्भावस्था से लेकर जन्म के बाद पहले दो वर्षों तक के 1000 स्वर्णिम दिवस बच्चे के मानसिक और शारीरिक विकास के लिए बेहद अहम होते हैं। इस दौरान उनके जीवनकाल का 85 प्रतिशत बौद्धिक विकास हो जाता है। पोषण पखवाड़ा में इस अवधि के दौरान पोषण और देखभाल पर विशेष बल देते हुए माताओं को संतुलित आहार और स्तनपान के लिए प्रेरित किया जा रहा है। पोषण ट्रैकर ऐप – पोषण की डिजिटल निगरानी पोषण ट्रेकर ऐप ‘poshantracker.in’ के माध्यम से घर बैठे ही पोषण स्तर की निगरानी करना अब संभव है। यह ऐप आंगनवाड़ी सेवाओं का डिजिटलीकरण करने के साथ हितग्राहियों को भी बच्चों और माताओं के पोषण पर नज़र रखने में सक्षम बनाता है। भारत सरकार द्वारा पोषण ट्रेकर ऐप के अंतर्गत हितग्राही मॉड्यूल विकसित किया गया है। इसमें हितग्राही अपने पंजीकृत मोबाइल नंबर से लॉग-इन बच्चों के पोषण स्तर के विकास की निगरानी के साथ उन्हें केन्द्र से मिलने वाले पोषण आहार की निगरानी घर बैठे कर सकते हैं। CMAM रणनीति से कुपोषण पर नियंत्रण प्रदेश में कम्युनिटी मैनेजमेंट ऑफ एक्यूट मॉलन्यूट्रिशन (CMAM) यानी गंभीर कुपोषण का समुदाय स्तर पर प्रबंधन मुख्यमंत्री बाल आरोग्य संवर्धन कार्यक्रम के तहत वर्ष-2020 से प्रारंभ हुआ। पोषण पखवाडा़ में अति गंभीर कुपोषित (SAM), अति कम वजन (SUW) एवं मध्यम गंभीर कुपोषित (MAM) बच्चों का चिन्हांकन कर उनकी स्वास्थ्य जाँच तथा अति गंभीर कुपोषित (SAM) बच्चों की भूख की जाँच कर आवश्यकतानुसार उपचार एवं सामुदायिक स्तर पर परिवार के सहयोग से पोषण प्रबंधन किया जा रहा है। बचपन में मोटापे से सतर्कता नेशनल फेमिली हेल्थ सर्वे (NFHS) रिपोर्ट के अनुसार बच्चों में मोटापे की दर में वृद्धि चिंताजनक है। इसे ध्यान में रखते हुए सरकार द्वारा बच्चों को जंक फूड से दूर रखने और पौष्टिक भोजन को बढ़ावा देने की नीति अपनाई गई है। पोषण पखवाड़ा में बच्चों को पौष्टिक खाना खिलाना और स्कूलों में पौष्टिक भोजन के बढ़ावा देने के लिये पोषण ट्रेकर के माध्यम से मोटापे के जोखिम वाले बच्चों की पहचान कर उनके अभिभावकों को पोषण परामर्श दिया जा रहा है। प्रदेशभर में जागरूकता की लहर आंगनवाड़ी केंद्रों पर थीम आधारित गतिविधियों, योग सत्र, खेलकूद, पोषण रैली, साइकिल रैली, एनीमिया जागरूकता शिविर, लंच बॉक्स प्रतियोगिता और समूह चर्चाओं का आयोजन हो रहा है। पोषण ट्रैकर में रजिस्ट्रेशन को प्रोत्साहित किया जा रहा है ताकि माताओं और बच्चों के पोषण स्तर की निगरानी और समस्याओं का समय पर निदान सुनिश्चित किया जा सके।  

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