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भारत-पाक में तनाव के बीच सोने-चांदी के भाव में आज बड़ी गिरावट, 24 कैरेट सोना 1402 रुपये प्रति 10 ग्राम सस्ता

मुंबई ऑपरेशन सिंदूर के बाद भारत-पाकिस्तान में चल रहे तनाव के बीच एक गुड न्यूज है। खासतौर पर उन लोगों के लिए, जो सोने-चांदी के जेवर खरीदने की सोच रहे हैं। सोने-चांदी के भाव में आज बड़ी गिरावट है। 24 कैरेट सोना आज 8 मई को 1402 रुपये प्रति 10 ग्राम सस्ता होकर 96024 रुपये पर आज गया है। जबकि, चांदी 1174 रुपये सस्ती होकर 94600 रुपये प्रति किलो के भाव से खुली। बता दें सर्राफा बाजार के रेट इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन (IBJA) ने जारी किए हैं, जिनमें जीएसटी नहीं लगा है। हो सकता है आपके शहर में इससे 1000 से 2000 रुपये का अंतर आ रहा हो। आईबीजेए दिन में दो बार रेट जारी करता है। एक बार दोपहर 12 बजे के करीब दूसरा 5 बजे के आसपास। अभी यह रेट दोपहर वाला है। इस साल सोना 20384 रुपये चढ़ा 22 अप्रैल 2025 को सोना 99100 रुपये प्रति 10 ग्राम के ऑल टाइम हाई पर था। 31 दिसंबर 24 को सोना 76045 रुपये प्रति 10 के रेट से खुला था और चांदी 85680 रुपये प्रति किलो से। इस दिन सोना 75740 रुपये पर बंद हुआ। चांदी भी 86017 रुपये प्रति किलो पर बंद हुई थी। इस साल सोना करीब 20384 रुपये और चांदी 8920 रुपये महंगी हो चुकी है। बिना जीएसटी 18 कैरेट, 22 कैरेट और 23 कैरेट गोल्ड के भाव आईबीजेए रेट्स के मुताबिक 23 कैरेट गोल्ड भी आज 1396 रुपये सस्ता होकर 96374 रुपये प्रति 10 ग्राम के भाव से खुला। वहीं, 22 कैरेट गोल्ड का औसत हाजिर भाव दोपहर को करीब 1284 रुपये टूटकर 87958 रुपये प्रति 10 ग्राम के रेट पर खुला। 18 कैरेट गोल्ड का भाव भी 1052 रुपये सस्ता होकर 72018 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया है। जबकि, 14 कैरेट गोल्ड की कीमत 820 रुपये कम होकर 56174 रुपये पर आ गई है।

भारत का बड़ा ‘एक्शन’, विशेष सैन्य कार्रवाई में पाक के एयर डिफेंस सिस्टम औ को गंभीर नुकसान

नई दिल्ली भारत द्वारा हाल ही में अंजाम दिए गए ऑपरेशन सिंदूर ने पाकिस्तान की रक्षा संरचना में बड़ी सेंध लगा दी है। इस विशेष सैन्य कार्रवाई में पाकिस्तान के एयर डिफेंस सिस्टम और मिसाइल लॉन्चिंग ठिकानों को गंभीर नुकसान पहुंचा है। भारत ने बड़ा एक्शन लेते हुए पाकिस्तान के एयर डिफेंस को किया तबाह कर दिया है।  इस ऑपरेशन की योजना बेहद गोपनीय तरीके से बनाई गई थी और इसे अंजाम देने में भारतीय सशस्त्र बलों ने अपनी तकनीकी और सामरिक क्षमता का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। पाकिस्तान की सीमाओं के भीतर स्थित कई रक्षा ठिकाने अब निष्क्रिय हो चुके हैं या भारी क्षति का सामना कर रहे हैं। ऑपरेशन सिंदूर की सफलता ने न सिर्फ दुश्मन की तैयारियों को झटका दिया है, बल्कि क्षेत्र में भारत की सामरिक मजबूती को भी फिर से उजागर कर दिया है। यह मिशन भविष्य की संभावित चुनौतियों के लिए भी एक कड़ा संदेश माना जा रहा है।

बस्तर को रेल से जोड़ने की ऐतिहासिक पहल को मिली मंजूरी: पीएम मोदी और रेल मंत्री वैष्णव के प्रति सीएम साय ने किया आभार प्रकट

रायपुर  भारत सरकार के रेल मंत्रालय ने रावघाट-जगदलपुर नई रेल लाइन (140 किमी) परियोजना को स्वीकृति प्रदान कर दी है। इस परियोजना पर 3513.11 करोड़ रुपए की लागत आएगी, जिसका वहन केन्द्रीय बजट से किया जाएगा। यह निर्णय बस्तर अंचल के सामाजिक, आर्थिक और औद्योगिक विकास में मील का पत्थर साबित होगा। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने छत्तीसगढ़ की जनता की ओर से प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और रेल मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव के प्रति आभार प्रकट किया है, जिन्होंने बस्तर के दूरस्थ और जनजातीय जिलों को रेल नेटवर्क से जोड़ने के इस बहुप्रतीक्षित सपने को साकार करने की दिशा में कदम उठाया है। बस्तर का कायाकल्प करेगा यह प्रोजेक्ट रावघाट-जगदलपुर रेललाइन से न केवल कोंडागांव और नारायणपुर जैसे पिछड़े जिलों को पहली बार रेल मानचित्र पर स्थान मिलेगा, बल्कि इससे आदिवासी अंचलों में यात्रा, पर्यटन और व्यापार की सम्भावनाएं भी बढ़ेंगी। यह रेल मार्ग बस्तर की सुंदर वादियों, ऐतिहासिक स्थलों और जनजातीय संस्कृति तक पर्यटकों की सीधी पहुँच को संभव बनाएगा, जिससे स्थानीय रोजगार और पर्यटन उद्योग को जबरदस्त बढ़ावा मिलेगा। अर्थव्यवस्था को मिलेगी नई गति रेल कनेक्टिविटी से खनिज संसाधनों के परिवहन, स्थानीय उत्पादों की पहुँच, और लॉजिस्टिक्स नेटवर्क में व्यापक सुधार होगा। यह क्षेत्रीय उद्योगों और किसानों को राष्ट्रीय बाजार से जोड़ने में मदद करेगा। भू-अधिग्रहण का कार्य पूर्णता की ओर – कार्य शीघ्र होगा प्रारंभ प्रस्तावित रेललाइन के लिए भूमि अधिग्रहण का कार्य पूर्णता की ओर है, जिससे परियोजना के क्रियान्वयन में कोई बाधा नहीं रहेगी। इससे यह सुनिश्चित होता है कि निर्माण कार्य शीघ्र प्रारंभ होकर तय समय सीमा में पूर्ण किया जा सकेगा। उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के दूरदर्शी नेतृत्व में बस्तर के विकास का जो सपना वर्षों से संजोया गया था, वह अब रावघाट जगदलपुर रेल लाइन परियोजना से साकार होता दिख रहा है।रावघाट-जगदलपुर रेललाइन को मिली स्वीकृति बस्तर की जनता के साथ सरकार की भावनात्मक प्रतिबद्धता और विकास के वादे की पूर्ति का प्रतीक है। यह रेलमार्ग बस्तर के लिए केवल एक ट्रांसपोर्ट नेटवर्क नहीं, बल्कि एक नई जीवनरेखा है, जो लोगों को शिक्षा, स्वास्थ्य, व्यापार और पर्यटन के बेहतर अवसरों से जोड़ेगा। इससे कोंडागांव, नारायणपुर, कांकेर जैसे वे जिले जो तुलनात्मक रूप से आज भी विकास की मुख्य धारा से दूर हैं, अब राष्ट्रीय विकास की धारा से सीधे जुड़ेंगे। इस रेल परियोजना की नक्सलवाद के उन्मूलन की दिशा में भी महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी। विकास जब गांव-गांव तक पहुँचेगा, जब युवाओं को रोजगार मिलेगा, और जब जनजातीय समुदायों को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए सुविधाएं सुलभ होंगी—तो हिंसा और भय की जगह उम्मीद और विश्वास का संचार होगा। बस्तर की धरती वर्षों से प्रतीक्षा कर रही थी कि कोई उसे सुने, समझे और उसकी पीड़ा को दूर करे। आज जब प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री स्वयं बस्तर की चिंता कर रहे हैं, तो यह सिर्फ एक परियोजना की शुरुआत नहीं, बल्कि एक नए युग का आरंभ है—जिसमें बस्तर का प्रत्येक गांव विकास की पटरी पर दौड़ेगा। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में बस्तर अब परिवर्तन के ऐतिहासिक दौर से गुजर रहा है।रावघाट-जगदलपुर रेललाइन को स्वीकृति देकर केंद्र सरकार ने यह स्पष्ट संकेत दिया है कि विकास अब सिर्फ शहरों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि बस्तर के वनांचल, घाटियों और जनजातीय अंचलों तक उसकी पहुँच सुनिश्चित की जाएगी। यह परियोजना बस्तरवासियों की वर्षों पुरानी अपेक्षा को साकार करने का निर्णायक कदम है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने स्पष्ट रूप से मार्च 2026 तक नक्सलवाद का समूल उन्मूलन करने का लक्ष्य रखा है। इस दिशा में केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह स्वयं बस्तर के दौरे पर आकर ‘बस्तर पण्डुम’ जैसे आयोजनों में भाग लेकर यह स्पष्ट कर चुके हैं कि बस्तर में नक्सल नहीं, अब केवल विकास का युग चलेगा। यह रेललाइन नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में शासन की निर्णायक और सकारात्मक उपस्थिति को और सशक्त बनाएगी। रावघाट-जगदलपुर रेलमार्ग से न केवल कोंडागांव, नारायणपुर और कांकेर जैसे जनजातीय जिलों को रेल मानचित्र पर स्थान मिलेगा, बल्कि स्थानीय व्यापार, पर्यटन, खनिज संसाधनों का दोहन और युवाओं के लिए रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे। यह परियोजना शांति, सुरक्षा और समावेशी विकास के त्रिपक्षीय मंत्र को जमीन पर साकार करेगी। बस्तर की धरती अब हिंसा और उपेक्षा का प्रतीक नहीं, बल्कि उम्मीद, अवसर और उन्नति की भूमि बनेगी। जब मुख्यमंत्री स्वयं चौपालों में बैठकर ग्रामीणों की बात सुन रहे हैं और प्रधानमंत्री एवं गृहमंत्री बस्तरवासियों के विकास की मूल भावना को समझते हुए कार्य कर रहे हैं—तब यह स्पष्ट है कि बस्तर अब किसी कोने में नहीं, बल्कि राष्ट्रीय विकास की केंद्रीय भूमिका में है। यह परियोजना न केवल बस्तर में रेल परियोजनाओं के विस्तार का प्रतीक है, बल्कि यह नए भारत में समावेशी विकास की मजबूत मिसाल भी है – जहाँ विकास अब सिर्फ शहरों तक सीमित नहीं, बल्कि बस्तर जैसे दूरस्थ अंचल के जंगलों और पहाड़ों तक भी पहुँच रही है।

भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव को देखते हुए सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने लिया अहम फैसला

नई दिल्ली भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव को देखते हुए सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने एक अहम फैसला लिया है। राष्ट्रीय सुरक्षा के हित में, भारत में चलने वाली सभी ओटीटी प्लेटफॉर्म, मीडिया स्ट्रीमिंग सेवाओं और इंटरमीडियरीज को निर्देश दिया गया है कि वे तुरंत प्रभाव से पाकिस्तान से ताल्लुक रखने वाले वेब-सीरीज, फिल्में, गाने, पॉडकास्ट और अन्य स्ट्रीमिंग मीडिया सामग्री को बंद करें। यह आदेश उन सभी कंटेंट पर लागू होता है, चाहे वे सब्सक्रिप्शन आधारित हों या मुफ्त में उपलब्ध हों। मंत्रालय का यह कदम मौजूदा हालात में तनाव को कम करने और देश की सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में देखा जा रहा है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह फैसला देश की संप्रभुता और नागरिकों की सुरक्षा को ध्यान में रखकर लिया गया है। सभी संबंधित प्लेटफॉर्म्स को इस आदेश का सख्ती से पालन करने के लिए कहा गया है।

भारत का मकसद आतंक का सफाया करना है, युद्ध नहीं, भारत की एयरस्ट्राइक पर बांग्लादेश का चौकाने वाला रिएक्शन

इस्लामाबाद पहलगाम में 22 अप्रैल को आतंकी हमले में 26 निर्दोष लोगों की हत्या के जवाब में भारत ने बुधवार तड़के ऑपरेशन सिंदूर के तहत पाकिस्तान और पीओके में  9 आतंकी अड्डों पर एयरस्ट्राइक की। इन हमलों से पाकिस्तान के आतंकी नेटवर्क को गहरा झटका लगा है। लेकिन हैरानी की बात यह रही कि इस भारतीय कार्रवाई पर  बांग्लादेश में भी हलचल  देखने को मिली। प्रमुख अख़बारने रिपोर्ट किया कि भारत ने यह हमला आत्मरक्षा में किया और सिर्फ आतंकी ठिकानों को ही निशाना बनाया । उन्होंने लिखा कि भारत ने पाकिस्तानी सेना के ठिकानों को छुआ तक नहीं, जिससे यह साफ हो गया कि भारत का मकसद आतंक का सफाया करना है, युद्ध नहीं। भारत का स्पष्ट संदेश सरकार ने बताया कि यह ऑपरेशन बेहद सटीक, सीमित और जवाबदेह था। भारतीय सेना ने लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद के ठिकानों को निशाना बनाया और आम नागरिकों को नुकसान नहीं पहुंचाया। पाकिस्तानी सेना ने स्वीकार किया कि बहावलपुर, कोटली और मुजफ्फराबाद में हमले हुए। ISPR के अनुसार, 31 लोगों की मौत और 57 घायल हुए। साथ ही चेतावनी दी कि वह “अपनी पसंद के समय और स्थान पर जवाब देगा”। भारत की इस कार्रवाई ने पूरे दक्षिण एशिया में भूचाल  ला दिया है। बांग्लादेश जैसे पड़ोसी देशों ने भी माना कि भारत अब आतंक के खिलाफ नरम नहीं है। ये संकेत हैं कि भविष्य में भारत की विदेश और सुरक्षा नीति कहीं ज्यादा आक्रामक हो सकती है।

अमेरिका के एक सांसद ने पाकिस्तान को चेतावनी देते हुए कहा, जवाब देने की गलती मत करना

वाशिंगटन आतंकियों के खिलाफ भारत के ऑपरेशन सिंदूर ने पूरे पाकिस्तान में खलबली मचा दी है। पाकिस्तान आतंकियों की मौत का बदला लेने की धमकी दे रहा है। इस बीच अमेरिका के एक सांसद ने पाकिस्तान को चेतावनी देते हुए कहा है कि उसे ऐसा सोचना भी नहीं चाहिए। अमेरिकी डेमोक्रेटिक सांसद रो खन्ना ने पाकिस्तान आर्मी चीफ जनरल असीम मुनीर को ‘तानाशाह’ करार दिया। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान भारत की जवाबी कार्रवाई पर कोई पलटवार करने की गलती न करे। भारत ने आतंकियों के खिलाफ जवाबी कार्रवाई की- रो खन्ना भारत ने 6-7 मई की रात पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (POK) में नौ अलग-अलग आतंकवादी ठिकानों को निशाना बनाकर मिसाइल से हमले किए। भारत ने आतंकियों के खिलाफ इसे ‘ऑपरेशन सिंदूर’ का नाम दिया है। CNN से बातचीत में रो खन्ना ने कहा, “दोनों देशों के पास परमाणु हथियार हैं। सबसे जरूरी चीज इस समय तनाव को कम करना है। पहलगाम में एक आतंकवादी हमला हुआ, जिसमें निर्दोष नागरिक मारे गए। भारत ने एक जवाबी कार्रवाई की जो कुछ आतंकवादी नेटवर्कों को समाप्त करने में सहायक रही। अब सबसे जरूरी है कि हालात शांत हों।” उन्होंने आगे कहा कि अमेरिका को भारत-पाकिस्तान के बीच इस गंभीर स्थिति को समझने और कूटनीतिक रूप से सुलझाने में मदद करनी चाहिए। सांसद ने कहा, “अंग्रेजों ने विभाजन और हिंदू-मुस्लिमों के बीच धार्मिक विभाजनों को बढ़ावा दिया था। हमें इस क्षेत्र की जटिलताओं को समझते हुए एक ईमानदार मध्यस्थ की भूमिका निभानी चाहिए।” मुनीर पर सीधा हमला, इमरान खान की रिहाई की मांग रो खन्ना ने पाकिस्तान आर्मी चीफ असीम मुनीर को तानाशाह बताते हुए कहा कि पाकिस्तान में लोकतंत्र लगभग समाप्त हो चुका है। उन्होंने कहा, “असीम मुनीर एक तानाशाह हैं जिन्होंने कोई वैध चुनाव तक नहीं होने दिया। उन्होंने इमरान खान को जेल में डाल दिया है। वहां अब कोई ईमानदार आवाज बाकी नहीं बची है।” उन्होंने अमेरिका से अपील की कि वह पाकिस्तान पर दबाव बनाए। रो खन्ना ने कहा, “हम पाकिस्तान को IMF से कर्ज देते हैं, वे उस पर निर्भर हैं। हमें यह कहना चाहिए कि इमरान खान को रिहा किया जाए, कोई भी जवाबी हमला न किया जाए और निष्पक्ष चुनाव कराए जाएं।” न्याय के लिए भारत सरकार के प्रयासों का समर्थन करते हैं: अमेरिकी सीनेटर जिम रिश ये पहली बार नहीं है जब किसी अमेरिकी सांसद ने भारत का खुलकर समर्थन किया है। इससे पहले अमेरिकी सीनेट की विदेश संबंध समिति के अध्यक्ष सीनेटर जिम रिश ने पहलगाम के हमलावरों को न्याय के कठघरे में लाने के भारत के प्रयासों का समर्थन किया है। हालांकि उन्होंने भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव को लेकर चिंता व्यक्त की है। रिश ने बुधवार को ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ता तनाव चिंताजनक है। मैं पहलगाम के हमलावरों के खिलाफ न्याय के लिए भारत सरकार के प्रयास का समर्थन करता हूं, लेकिन मैं दोनों पक्षों के नागरिकों के प्रति सावधानी बरतने और सम्मान का आग्रह करता हूं।’’ वहीं एक अन्य सांसद श्री थानेदार ने भारत के लिए मजबूत समर्थन व्यक्त करते हुए कहा कि देश को अपने लोगों की रक्षा करने का अधिकार है। उन्होंने एक बयान में कहा, ‘‘मैं आतंकवादियों के नेटवर्क को खत्म करने के हमारे सहयोगी देश के प्रयासों का दृढ़ता से समर्थन करता हूं।’’ थानेदार ने कहा कि आतंकवाद को बर्दाश्त नहीं किया जा सकता है और इसका उचित जवाब देना जरूरी है। उन्होंने कहा, ‘‘अमेरिका को आतंकवाद के खिलाफ अपने सहयोगियों के साथ हमेशा खड़ा रहना चाहिए। यह साझा खतरों का सामना करने, निर्दोष लोगों की जान बचाने और लोकतंत्र, मानवाधिकारों एवं धार्मिक स्वतंत्रता के सिद्धांतों की रक्षा करने के लिए अमेरिका-भारत के बीच गहन सहयोग का समय है।’’ भारत ने पाकिस्तान में घुसकर मारा जम्मू कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए हमले के 15 दिन बाद भारत ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में बहावलपुर स्थित जैश-ए-मोहम्मद (जेईएम) के गढ़ को निशाना बनाया था, जो भारतीय सीमा से 100 किलोमीटर से अधिक दूर स्थित है। पहलगाम आतंकवादी हमले में 26 लोग मारे गए थे।

10वां वार्षिक गैस्ट्रोएंटरोलॉजी कॉन्फ़्रेंस वैसोकॉन 2025 : 10 और 11 मई को देशभर के चिकित्सा विशेषज्ञ होंगे एकत्र

भोपाल, मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल इस सप्ताहांत एक प्रतिष्ठित चिकित्सा आयोजन की मेज़बानी करने जा रही है। 10 और 11 मई को होटल कोर्टयार्ड बाय मैरियट में आयोजित होने जा रही “वैसोकॉन 2025” नामक दो दिवसीय वार्षिक गैस्ट्रोएंटरोलॉजी कॉन्फ़्रेंस में देशभर से वरिष्ठ डॉक्टर, शोधकर्ता और विशेषज्ञ जुटेंगे। यह आयोजन भोपाल इंस्टीट्यूट ऑफ गैस्ट्रोएंटरोलॉजी एवं गैस्ट्रोकेयर मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल द्वारा किया जा रहा है और इसमें गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल एवं लिवर से जुड़ी जटिल वेसकुलर स्थितियों पर चर्चा की जाएगी। इस कॉन्फ्रेंस में इंडियन सोसायटी ऑफ गैस्ट्रोएंटरोलॉजी एम पी चैप्टर , इंडियन मेडिकल एसोसिएशन ग्रेटर भोपाल ब्रांच, इंडियन सोसाइटी ऑफ वैस्कुलर एंड इंटरवेंशनल रेडियोलॉजी (एमपी चैप्टर), एसोसिएशन ऑफ फिजिशियन एम पी चैप्टर, भोपाल हेमेटोलॉजी सोसाइटी और भोपाल सर्जन क्लब का सहयोग प्राप्त है। आयोजन गैस्ट्रोकेयर फाउंडेशन के तत्वावधान में किया जा रहा है, जो मध्यप्रदेश में गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल और संबद्ध रोगों की जानकारी एवं शोध को प्रोत्साहित करने वाला एक प्रमुख संगठन है। कॉन्फ़्रेंस के अध्यक्ष डॉ. संजय कुमार ने बताया कि आधुनिक चिकित्सा पद्धति में संक्रमण और कैंसर के साथ-साथ ब्लीडिंग (रक्तस्राव) और थ्रोम्बोसिस (खून का थक्का जमना) मानव जीवन के लिए अत्यंत गंभीर और घातक परिस्थितियाँ बन चुकी हैं। चाहे शरीर का कोई भी अंग प्रभावित हो, इन दोनों स्थितियों के मूलभूत सिद्धांत समान रहते हैं। चिकित्सा विज्ञान में इन विषयों पर निरंतर समीक्षा और अद्यतन जानकारी आवश्यक है। बीते वर्षों में रक्त प्रबंधन, डायग्नोस्टिक तकनीकों और संवहनी रोगों के उपचार में महत्वपूर्ण प्रगति हुई है। इन्हीं बातों को ध्यान में रखते हुए इस वर्ष के कॉन्फ़्रेंस का मुख्य विषय रखा गया है: “वैसोकॉन – जीआई ट्रैक और लिवर में वेसकुलर ईवेंट: सही समय पर पहचानें और प्रभावी प्रबंधन सुनिश्चित करें।” यह वार्षिक कॉन्फ़्रेंस, जो हर वर्ष संस्थान के स्थापना दिवस पर आयोजित होती है, बुनियादी विज्ञान और नवीनतम चिकित्सा शोध को चिकित्सीय अभ्यास दिशानिर्देशों के रूप में प्रस्तुत करने का एक अनूठा मंच है। दो दिवसीय इस कॉन्फ़्रेंस में व्याख्यान, पैनल चर्चा, संगोष्ठी, वाद-विवाद, केस स्टडीज़ और वीडियो वर्कशॉप्स के माध्यम से प्रतिभागियों को उपयोगी और व्यावहारिक ज्ञान प्रदान किया जाएगा। इस बार, पारंपरिक लाइव डेमोन्स्ट्रेशन के स्थान पर उच्च गुणवत्ता वाली वीडियो वर्कशॉप्स रखी गई हैं, ताकि प्रतिभागियों को एक अधिक प्रभावी और संरचित लर्निंग अनुभव मिल सके। कॉन्फ़्रेंस में देश के विभिन्न भागों से गैस्ट्रोएंटरोलॉजिस्ट, जीआई सर्जन, हेमेटोलॉजिस्ट, इंटरवेंशनल रेडियोलॉजिस्ट और एंडोस्कोपिस्ट आमंत्रित किए गए हैं, जो अपने अनुभव, रिसर्च और क्लिनिकल केस प्रस्तुत करेंगे। यह कॉन्फ़्रेंस विशेष रूप से जीआई ट्रैक और लिवर से जुड़ी संवहनी समस्याओं पर केंद्रित है, जो आज की चिकित्सा में लगातार उभरते हुए क्षेत्र हैं। कॉन्फ़्रेंस की मुख्यतः ब्लीडिंग और थ्रोम्बोसिस जैसे जटिल चिकित्सकीय मुद्दों का बहुआयामी विश्लेषण शामिल है। इसमें पीटी-आईएनआर (PT INR) की व्याख्या और उपयोगिता, थ्रोम्बोइलास्टोग्राफी का समयबद्ध और उपयुक्त उपयोग, बड़े पैमाने पर ब्लीडिंग में रक्त एवं रक्त उत्पादों का तर्कसंगत प्रयोग जैसे विषयों पर विस्तृत चर्चा होगी। वेरिसील और नॉन-वेरिसील अप्पर जीआई ब्लीडिंग, बच्चों में रेक्टल ब्लीडिंग, पोर्टल वेन थ्रोम्बोसिस की जटिलताएँ, प्रक्रियात्मक ब्लीडिंग का प्रभावी प्रबंधन, तथा मेसेंटेरिक इस्किमिया में सर्जरी बनाम इंटरवेंशनल रेडियोलॉजी जैसे विशिष्ट क्लिनिकल निर्णयों पर भी प्रकाश डाला जाएगा। इसके अतिरिक्त बुड-चियारी सिंड्रोम में आईआर की उभरती भूमिका, एलजीआई और छोटी आंत से ब्लीडिंग, एंटीकोएग्यूलेशन या एंटीप्लेटलेट थेरेपी के मरीजों में ब्लीडिंग का प्रबंधन, हीमोपेरिटोनियम, हीमोक्लिप्स का सर्वोत्तम उपयोग, और ब्लीडिंग से पहले एंडोस्कोपी सुइट की तैयारी जैसे व्यावहारिक विषय शामिल होंगे। आधुनिक तकनीकों के संदर्भ में कॉटरी सेटिंग्स, एआई की भूमिका, और विशेष परिस्थितियों में एंटीकोएग्यूलेशन का उपयोग भी विस्तृत चर्चा के केंद्र में रहेगा। चिकित्सकों और इंटेंसिविस्ट के दृष्टिकोण से जीआई ब्लीडिंग के मामलों की केस-आधारित समीक्षा कॉन्फ़्रेंस को और भी समृद्ध बनाएगी। कॉन्फ़्रेंस का एक विशेष सत्र कार्सिनोमा विषय पर केंद्रित होगा, जिसमें चर्चा की जाएगी कि भारत में पेट के कैंसर की निगरानी कितनी आवश्यक है, किन पॉलिप्स को हटाया जाना चाहिए और बायोप्सी के लिए कौन-सी रणनीति अपनाई जानी चाहिए। इसके साथ ही वीडियो वर्कशॉप के माध्यम से ब्लीडिंग और थ्रोम्बोसिस के एंडोस्कोपिक, सर्जिकल और रेडियोलॉजिकल प्रबंधन की तकनीकों का प्रदर्शन किया जाएगा। विशिष्ट आमंत्रित अतिथि वक्ताओं डॉ. एस.के. सरीन (दिल्ली), डॉ एस के आचार्य (भुवनेश्वर), डॉ. ए.सी. आनंद (भुवनेश्वर), डॉ. एस.पी. मिश्रा (प्रयागराज), डॉ. राजेश पुरी (दिल्ली), डॉ. मोहन राम चंदानी (हैदराबाद), डॉ. उमेश जलिहाल (बेंगलुरु), डॉ. सोनल अस्थाना (बेंगलुरु), डॉ. नीरज सर्राफ (दिल्ली), डॉ. कौशल मदान (दिल्ली), डॉ. बी.एस. रवींद्र (बेंगलुरु), डॉ. अमर मुकुंद (दिल्ली), डॉ. ज़हीर नबी (हैदराबाद), डॉ. जयंत सामंता (चंडीगढ़), डॉ. राहुल भार्गव (दिल्ली), डॉ. प्रवीण शर्मा (दिल्ली), डॉ. नितिन शेट्टी (मुंबई), डॉ. वेंकट अय्यर (भावनगर), डॉ. जगदीश आर. सिंह (हैदराबाद), डॉ. पवन के. अदला (हैदराबाद), और डॉ. प्रीतम नाथ (भुवनेश्वर) जैसे नाम शामिल है।

मोदी सरकार ने Starlink को दी ‘हरी झंडी’, Elon Musk के लिए बड़ी खुशखबरी

नई दिल्ली Elon Musk की सैटेलाइट बेस्ड इंटरनेट सर्विस ऑफर करने वाली कंपनी Starlink पिछले लंबे समय से भारत में एंट्री की कोशिश कर रही है, अब कंपनी की राह आसान होती नजर आ रही है क्योंकि भारत सरकार की ओर से स्टारलिंक को लेटर ऑफ इंटेंट जारी किया गया है. LoI यानी लेटर ऑफ इंटेंट संभावित समझौते के बारे में बातचीत के लिए एक मार्गदर्शक रूपरेखा की तरह काम करता है, यह इस को दर्शाता है कि दोनों पक्ष सौदे के साथ आगे बढ़ना चाहते हैं. सूत्रों के मुताबिक, डिपार्टमेंट ऑफ टेलीकॉम की ओर से स्टारलिंक को लेंटर ऑफ इंटेंट जारी किया गया है. रिपोर्ट्स के अनुसार, इससे पहले जियो सैटेलाइट कम्युनिकेशन और यूटेलसैट वनवेब को भी समान लाइसेंस के लिए अप्रूवल दिया गया है. लेंटर ऑफ इंटेंट मिलने का मतलब ये है कि अब स्टारलिंक अपनी सेवाएं शुरू करने के लिए अगला कदम उठा सकती है, ऐसा कहना गलत नहीं होगा कि सरकार की ओर से स्टारलिंक को हरी झंडी मिलती नजर आ रही है. DoT ने जारी किया लेटर ऑफ इंटेंट स्टारलिंक सर्विस सैटेलाइट टेक्नोलॉजी के जरिए दुनिया भर में हाई-स्पीड और लो-लेटेंसी ब्रॉडबैंड इंटरनेट प्रदान करती है. न्यूज एजेंसी पीटीआई ने सूत्रों के हवाले से बताया कि दूरसंचार विभाग (DoT) ने अब स्टारलिंक को यह लेटर ऑफ इंटेंट जारी किया है. इससे पहले सरकार ने Eutelsat OneWeb और Jio Satellite Communications को सैटकॉम सर्विस के लिए लाइसेंस जारी किए थे. लो अर्थ ऑर्बिट सैटेलाइट्स का इस्तेमाल करती है स्टारलिंक पारंपरिक सैटेलाइट सेवाओं के विपरीत, जो पृथ्वी से बहुत दूर स्थित भू-स्थैतिक (Geostationary) उपग्रहों पर निर्भर करती हैं, स्टारलिंक धरती के करीब स्थित लो अर्थ ऑर्बिट (LEO) उपग्रहों के सबसे बड़े नेटवर्क (550 किमी ऊपर) का इस्तेमाल करती है. वर्तमान में इसके पास करीब 7,000 LEO उपग्रहों का जाल है, जो भविष्य में बढ़कर 40,000 से अधिक हो सकता है. यह नेटवर्क स्ट्रीमिंग, ऑनलाइन गेमिंग और वीडियो कॉल जैसे कार्यों के लिए सक्षम ब्रॉडबैंड इंटरनेट सर्विस प्रदान करता है. क्या है Starlink का मकसद? 2002 में एलन मस्क ने स्टारलिंक को शुरू किया था, इस कंपना का मकसद सैटेलाइट के जरिए दुनिया के हर कोने तक हाई स्पीड इंटरनेट पहुंचाना है. स्टारलिंक अन्य सैटेलाइट सर्विस की तुलना थोड़ा अलग है, इंटरनेट देने वाली सैटेलाइट आमतौर पर धरती से 36000 किलोमीटर दूर जियोस्टेशनरी ऑर्बिट में होती हैं लेकिन स्टारलिंक लो अर्थ ऑर्बिट में मौजूद है जो धरती से केवल 550 किलोमीटर ऊपर स्थित है. फिलहाल स्टारलिंक के पास 7000 सैटेलाइट नेटवर्क है जिसे कंपनी आने वाले समय में 40 हजार तक बढ़ाने का लक्ष्य लेकर चल रही है. कितनी है Starlink Internet Speed? इंटरनेट स्पीड की बात करें तो रेगुलर यूजर्स को 50Mbps से 250Mbps तक की स्पीड मिलती है, वहीं प्रीमियम प्लान चुनने वाले यूजर्स को कंपनी की तरफ से 500Mbps तक की स्पीड दी जाती है. भारत में स्टारलिंक के प्लान्स की कीमत कितनी होगी? फिलहाल इस बात की जानकारी नहीं मिली है.  

भारत यात्रा रद्द करने के लिए मजबूर हुए एक दर्जन नासा वैज्ञानिक, वजह है चौंकाने वाली

नई दिल्ली राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में आयोजित तीन दिवसीय वैश्विक अंतरिक्ष अन्वेषण सम्मेलन (GLEX) में अमेरिकी स्पेस एजेंसी नासा के प्रतिनिधियों की अनुपस्थिति ने सबका ध्यान खींचा है। नासा के कम-से-कम एक दर्जन अंतरिक्ष यात्रियों और वैज्ञानिकों को इस सम्मेलन में भाग लेने की उम्मीद थी, लेकिन उन्हें अपनी भागीदारी रद्द करनी पड़ी। सूत्रों के हवाले से लिखा है कि पैसों की कमी के चलते नासा के प्रतिनिधि भारत नहीं आ पाए। 35 देशों के प्रतिनिधि, चीन, जापान, कनाडा और यूरोप की प्रमुख अंतरिक्ष एजेंसियों के वरिष्ठ अधिकारी, 1700 से अधिक प्रतिनिधि और दस अंतरिक्ष यात्री इस ऐतिहासिक आयोजन का हिस्सा बने। लेकिन इस भव्य सम्मेलन में दुनिया की सबसे बड़ी स्पेस एजेंसी से कोई नहीं आया। आयोजन समिति के एक सदस्य ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि नासा का प्रतिनिधित्व इस बार इसलिए नहीं हो सका क्योंकि उन्हें यात्रा और भागीदारी के लिए फंड उपलब्ध नहीं कराए गए। यह सम्मेलन अंतरिक्ष अन्वेषण के क्षेत्र में नवीनतम प्रगति और सहयोग पर चर्चा के लिए आयोजित किया गया था। इसे वैश्विक अंतरिक्ष समुदाय के लिए एक महत्वपूर्ण मंच माना जा रहा है। ट्रंप सरकार की नई नीतियां बनी बाधा बताया जा रहा है कि इस साल की शुरुआत में डोनाल्ड ट्रंप के सत्ता में वापसी के बाद उनकी सरकार ने वित्त वर्ष 2026 के बजट में बड़े पैमाने पर कटौती की है। इसके चलते नासा के कई मिशन रद्द या स्थगित कर दिए गए हैं, जिनमें मंगल ग्रह से सैंपल लेकर आने वाला मिशन भी शामिल है। इन कटौतियों का असर नासा के अंतरराष्ट्रीय आयोजनों में भागीदारी पर भी पड़ा है। भारत के लिए गौरव का क्षण भारत ने पहली बार GLEX की मेजबानी की है और इस वर्ष इस अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में इतिहास की सबसे अधिक भागीदारी देखने को मिली है। अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष यात्री संघ और ISRO द्वारा आयोजित यह कार्यक्रम भारत के बढ़ते अंतरिक्ष कद को भी दर्शाता है। एक IAF सदस्य ने बताया कि नासा इस समय अंदरूनी बदलाव के दौर से गुजर रहा है और प्रमुख विभागों के प्रमुख भी अभी स्थायी रूप से नियुक्त नहीं हुए हैं, जिससे इसकी उपस्थिति और भी मुश्किल हो गई। नासा की अनुपस्थिति के बावजूद सम्मेलन सफल भले ही नासा की अनुपस्थिति ने कुछ सवाल खड़े किए हों, लेकिन सम्मेलन में अन्य देशों की सक्रिय भागीदारी और रिकॉर्ड संख्या में प्रतिनिधियों की मौजूदगी ने इसे एक ऐतिहासिक अवसर बना दिया है। सम्मेलन में अंतरिक्ष अन्वेषण के भविष्य, चंद्र और मंगल मिशनों, और जलवायु परिवर्तन के अध्ययन में अंतरिक्ष टेक्नोलॉजी के इस्तेमाल जैसे विषयों पर चर्चा हुई। इसरो के वैज्ञानिकों ने भारत के गगनयान मिशन और आगामी चंद्रयान-4 मिशन के बारे में जानकारी शेयर की। इसके अलावा, निजी अंतरिक्ष कंपनियों, जैसे कि स्पेसएक्स और ब्लू ओरिजिन, के प्रतिनिधियों ने भी अपनी योजनाओं को प्रस्तुत किया।

‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद जवाबी हमले की तैयारी के लिए राजस्थान को हाई अलर्ट, 4 जिलों में स्कूल बंद, छुट्टियां भी रद्द

जयपुर भारतीय सेना की ओर से पाकिस्तान में आतंकवादी ठिकानों को ध्वस्त करने के लिए चलाए गए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद पड़ोसी मुल्क के साथ तनाव चरम पर पहुंच गया है। बौखलाए पाकिस्तान की ओर से संभावित किसी जवाबी हमले की तैयारी के लिए राजस्थान को हाई अलर्ट पर रखा गया है। राजस्थान की करीब 1,070 किलोमीटर की सीमा पाकिस्तान से सटी है। सूत्रों ने कहा कि राजस्थान सरकार ने सीमावर्ती क्षेत्रों में तैनात सभी प्रशासनिक अधिकारियों और पुलिस कर्मियों की छुट्टियों को रद्द कर दिया है। पहलगाम हमले के दो सप्ताह बाद ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत मंगलवार रात को सैन्य हमले किए गए थे। पहलगाम हमले में 26 लोग मारे गए थे जिनमें ज्यादातर पर्यटक थे। भारत ने इसके जवाब में पाकिस्तान और पाक अधिकृत कश्मीर में 9 आतंकी ठिकानों को मिसाइलों से उड़ा दिया है। राजस्थान में एहतियाती कदम के तहत चार सीमावर्ती जिलों- श्री गंगानगर, बीकानेर, जैसलमेर और बाड़मेर में सभी सरकारी और प्राइवेट स्कूलों को बंद कर दिया गया है। अधिकारियों ने कहा कि इन चार जिलों के प्रशासन ने किसी भी आपातकालीन स्थिति की तैयारी की है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने संबंधित अधिकारियों को ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद बढ़ते तनाव के मद्देनजर सभी पुलिसकर्मियों की छुट्टियों को रद्द करने का निर्देश दिया है। सूत्रों ने कहा कि मुख्य सचिव सुधांश पंत और डीजीपी यू. आर. साहू ने भी संभागीय आयुक्तों, जिलाधिकारियों, पुलिस महानिरीक्षक (आईजीपी) और पुलिस अधीक्षकों (एसपी) के साथ एक समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की और उन्हें अपने संबंधित मुख्यालय में उपस्थित होने का निर्देश दिया। राज्यभर में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी करने के लिए दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।

ब्राह्मण समाज के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी करने पर अनुराग कश्यप के विरुद्ध गैर-जमानती धाराओं में एफआईआर

रायपुर  ब्राह्मण समाज के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी करने पर फिल्म निर्माता अनुराग कश्यप के विरुद्ध स्थानीय अदालत ने गैर जमानती धाराओं 196, 299 एवं 353 के अंतर्गत एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया है. इस प्रकरण में अधिवक्ता अंजिनेश शुक्ला, निमिष किरण शर्मा व संदीप थोरानी ने पैरवी की. दरअसल, 18 अप्रैल को अनुराग कश्यप ने अपने आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट (anuragkashyap10) पर एक आपत्तिजनक और अपमानजनक टिप्पणी करते हुए लिखा था कि “मैं ब्राह्मणों पर मूतूंगा, कोई प्रॉब्लम?”. इस कथन से आहत होकर अधिवक्ता शुक्ला ने संबंधित थाना प्रभारी के समक्ष 20 अप्रैल को शिकायत दर्ज करवाई थी. शुक्ला के आवेदन पर थाना प्रभारी और पुलिस अधीक्षक द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की गई. पुलिस की उदासीनता से क्षुब्ध होकर अंजिनेश अंजय शुक्ला ने रायपुर जिला न्यायालय में अनुराग कश्यप के विरुद्ध आपराधिक मामला दर्ज किए जाने की मांग करते हुए एक परिवाद प्रस्तुत किया था. प्रकरण की सुनवाई के दौरान अधिवक्ता शुक्ला ने सर्वोच्च न्यायालय तथा विभिन्न उच्च न्यायालयों के प्रासंगिक निर्णयों का उल्लेख करते हुए न्यायालय के समक्ष यह तर्क प्रस्तुत किया कि उक्त टिप्पणी न केवल सामाजिक सौहार्द को भंग करने वाली है, बल्कि यह विशेष समुदाय की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुँचाने वाली और दंडनीय अपराध की श्रेणी में आती है. न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी आकांशा बेक ने प्रस्तुत तर्कों और विधिक दृष्टांतों का संज्ञान लेते हुए उन्हें विधिसम्मत माना और फिल्म निर्माता अनुराग कश्यप के विरुद्ध संबंधित धाराओं में आपराधिक प्रकरण दर्ज करने हेतु संबंधित पुलिस थाने को निर्देशित किया है. एडवोकेट अंजिनेश शुक्ला ने कही यह बात इस प्रकरण पर एडवोकेट अंजिनेश शुक्ला ने बताया कि शिकायत के अध्यार पर FIR न होने पर उन्होंने कोर्ट का रुख़ किया था. मद्रास हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के जजमेंट को आधार मानते हुए कोर्ट ने अनुराग कश्यप के ख़िलाफ़ हेट स्पीच के लिए भारतीय न्याय संहिता की धारा 196, 299 और 353 के तहत अपराध दर्ज करने का आदेश दिया है, जो कि नोन बैलेबल है.

सागर के MLA देवरी विधानसभा का बदलना चाहते हैं नाम, देवरी का नाम देवपुरी करने सीएम मोहन यादव को लिखी चिट्ठी.

सागर  महानगरों, गांव और शहरों के नाम बदलना इन दिनों कोई नई बात नहीं रह गई है. इसी कड़ी में बीजेपी विधायक बृजबिहारी पटैरिया अपनी बुंदेली भाषा के आधार पर अपनी विधानसभा ‘देवरी’ का नाम बदलवाना चाहते हैं. उनका कहना है कि “इस नाम के कई अनर्थ निकलते हैं और खासकर महिलाओं से बातचीत में ये अशोभनीय लगता है. बता दें कि पटेरिया विधानसभा चुनाव से ठीक पहले कांग्रेस छोड़ भाजपा में शामिल हुए और टिकट हासिल कर चुनाव जीते हैं. देवरी का नाम देवपुरी करने सीएम को लिखी चिट्ठी देवरी विधायक बृजबिहारी पटैरिया ने अपनी मांग को लेकर मुख्यमंत्री डाॅ. मोहन यादव को चिट्ठी भेजी है. जिसमें उन्होंने लिखा मेरी विधानसभा का नाम देवरी है. जिसका बुंदेलखंड की स्थानीय भाषा में बोलने में कई अनर्थ निकलते हैं. खासकर महिलाओं के साथ बातचीत में बड़ा अशोभनीय महसूस होता है. देवरी नगर में मंदिर और देवस्थान अधिक हैं और खासकर दत्तात्रेय खंडेराव मंदिर भी स्थित है, जो प्रदेश के गिने चुने मंदिरों में से एक है. यहां हर साल लगने वाले मेले में देशभर से श्रद्धालु आते हैं. नगर का नाम पहले देवपुरी था. लेकिन 1813 में लगी भीषण अग्निकांड में पूरा नगर जल गया था. नगर का पुनर्निर्माण होने के बाद देवपुरी से अपभ्रंश होते-होते देवरी हो गया. मुख्यमंत्री से आग्रह है कि देवरी का नाम देवपुरी किया जाए. आपके द्वारा पिछले कुछ दिनों पहले शाजापुर जिले और कई नगरों और गांवों के नाम बदले गए हैं. इसलिए यहां के नागरिक, समाजसेवी, साहित्यकार और प्रबुद्ध नागरिक, नगर का नाम देवपुरी करना चाहते हैं.” सागर जिले में कई गांवों का नाम देवरी देवरी के नाम बदलने के पीछे जो स्थानीय विधायक ने तर्क दिया है, उसको लेकर क्षेत्र में तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं. कुछ लोगों को मानना है कि इस तरह से कई अन्य छोटे-बड़े गांवों के नाम बदलने की मांग उठ सकती है. इससे सरकार के खजाने पर भारी भरकम असर पड़ सकता है.

अभी ऑपरेशन सिंदूर खत्म नहीं हुआ, केंद्र द्वारा बुलाई गई सर्वदलीय बैठक में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बड़ी बात कही

नई दिल्ली केंद्र द्वारा बुलाई गई सर्वदलीय बैठक में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बड़ी बात कही है। उन्होंने कहा कि अभी ऑपरेशन सिंदूर खत्म नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि इस एयरस्ट्राइक में कम से कम 100 आतंकी मारे गए हैं। सर्वदलीय बैठक के बाद केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने भी इस बात की पुष्टि की है। बुधवार रात भारतीय सेना की एयरस्ट्राइक में पाकिस्तान और पीओके में कम से कम 9 आतंकी ठिकाने नेस्तनाबूत हो गए थे। रिपोर्ट्स में कहा जा रहा है कि आतंकियों के कम से कम 12 ऐसे ही ठिकाने अभी बचे हुए हैं। सर्वदलीय बैठक के बाद कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा, संकट के समय में हम सरकार के साथ हैं। वहीं रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि अगर पाकिस्तान हमला करेगा तो भारत जवाबी हमला करेगा। रक्षा मंत्री ने कहा कि ऑपरेशन की ज्यादा तकनीकी जानकारी नहीं दी जा सकती है। सर्वदलीय बैठक के बाद केंद्रीय मंत्री किरेन रीजीजू ने कहा कि राजनीतिक नेताओं ने सशस्त्र बलों को उनकी कार्रवाई के लिए बधाई दी । सर्वदलीय बैठक में क्या बोले राहुल गांधी खरगे ने लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और अन्य नेताओं की मौजूदगी में कहा कि सरकार ने सभी राजनीतिक दलों को पहलगाम हमले के बाद भारतीय सशस्त्र बलों द्वारा पाकिस्तान और उसके कब्जे वाले कश्मीर में नौ ठिकाने पर की गई कार्रवाई के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि सरकार ने राष्ट्रीय सुरक्षा का हवाला देते हुए कहा है कि वह कुछ गोपनीय जानकारी अभी सार्वजनिक नहीं कर सकती। श्री खरगे ने कहा कि इस तरह की संकट की घड़ी में हम सरकार पर इसके लिए दबाव नहीं डाल रहे हैं और राष्ट्र हित में सरकार के साथ खड़े हैं। गांधी ने कहा कि हमने सरकार को पूरा समर्थन दिया है। उन्होंने कहा कि जैसा कि खरगे जी ने कहा है सरकार ने कहा है कि वह कुछ बातों पर चर्चा नहीं करना चाहती। संसदीय कार्य मंत्री किरेण रिजिजु ने कहा कि राजनीतिक दल जनता की आवाज होते हैं और सभी नेता एक स्वर में बोल रहे हैं और यह सरकार की सफलता है। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के बाद लगातार घटनाक्रम हो रहा है इसीलिए अधिकारियों को बैठक में नहीं बुलाया गया है। उन्होंने कहा कि राजनीतिक दलों के साथ आगे की कार्रवाई पर भी चर्चा की गई। बैठक की अध्यक्षता रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने की। इसके अलावा इसमें सरकार की ओर से गृह मंत्री अमित शाह, जगत प्रकाश नड्डा, विदेश मंत्री एस जयशंकर , वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण , समाजवादी पार्टी के रामगोपाल यादव , द्रमुक के टी आर बालू , एआईएमआईएम के असद्दुदीन ओवैसी , तृणमुल कांग्रेस के सुदीप्त बंदोपाध्याय , शिवसेना के श्रीकांत शिंदे, आम आदमी पार्टी के संजय सिंह , मार्क्सवादी पार्टी के जॉन ब्रिटास , लोकजन शक्ति पार्टी के चिराग पासवान, बीजू जनता दल के सस्मित पात्रा और द्रमुक के तिरूचि शिवा ने बैठक में हिस्सा लिया।

रामेश्वर शर्मा ने सीजफायर उल्लंघन पर दी कड़ी प्रतिक्रिया बोले -औकात में रहोगे तो जिन्दा रहोगे वर्ना जमींदोज कर दिए जाओगे

भोपाल आतंकवादी ठिकानों के ध्वस्त हो जाने से बौखलाया पाकिस्तान अब लगातार सीजफायर का उल्लंघन कर रहा है, पाकिस्तानी सेना ने देर रात जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा जिले में नियंत्रण रेखा (एलओसी) पर गोलाबारी की। इसके बाद रात में ही कुपवाड़ा, बारामूला, उरी और अखनूर इलाकों में फिर गोलाबारी की। पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में ऑपरेशन सिंदूर चलाकर भारत ने पाकिस्तान और पीओके में बने आतंकवादी ठिकानों को ठिकाने लगा दिया उनपर मिसाइल स्ट्राइक पर उन्हें ध्वस्त कर दिया उसके बाद से ही पाकिस्तान बौखला गया है और सीजफायर का उल्लंघन कर रहा है पाकिस्तान की तरफ से मंगलवार को पूरी रात पाकिस्तानी सेना ने पुंछ, बारामुला, राजोरी जिले की एलओसी  के पास वाले गांवों पर तोपों से भारी गोलाबारी की। पाकिस्तानी गोलाबारी में चार बच्चों समेत 15 नागरिकों की मौत हो गई, जबकि 57 लोग घायल हो गए, इसमें अभी तक 12 मृतकों के नाम सामने आए हैं। हालाँकि पाकिस्तान की इस हरकत का भारत ने भी मुंहतोड़ जवाब दिया है, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्थिति पर नजर बनाये हुए हैं और गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, एनएसए डोभाल एवं तीनों सेनाओं के अध्यक्षों और सीडीएस से लगातार संपर्क बने हुए हैं और लगातार मीटिंग कर आगे की रणनीति पर चर्चा कर रहे हैं। उधर मध्य प्रदेश के भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा ने पाकिस्तान द्वारा किये जा रहे सीजफायर उल्लंघन पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है, उन्होंने पाकिस्तान को तीखे लहजे में चेतावनी देते हुए कहा- औकात में रहोगे तो जिन्दा रहोगे वर्ना जमींदोज कर दिए जाओगे, यदि तुम आतंकवाद पैदा करोगे तो जैसे तुमने हमारी जानें ली हैं हम आतंकवादियों की जानें लेंगे। आतंकियों को मिट्टी में मिला दिया पाकिस्तान और पीओके में भारतीय सेना द्वारा की गई एयर स्ट्राइक ‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा का बयान सामने आया है। उन्होंने इस सैन्य कार्रवाई को देश की अस्मिता, बेटियों के सम्मान और स्वाभिमान से जुड़ी लड़ाई करार दिया। शर्मा ने कहा कि भारतीय सेना ने उन आतंकियों को मिट्टी में मिला दिया जिन्होंने भारत की बेटियों का सिंदूर उजाड़ा था। विधायक शर्मा ने कहा कि देश की तीनों सेनाओं- थल सेना, जल सेना और वायु सेना ने मिलकर वह जवाब दिया है, जिसकी अपेक्षा हर भारतीय को थी। जिन आतंकियों ने धर्म पूछकर निर्दोष नागरिकों को मारा, आज उन्हें हमारी सेना ने धूल चटा दी है। यह ऑपरेशन इस बात का प्रतीक है कि अगर भारत की बेटियों का सिंदूर उजड़ता है, तो यह देश उसे दुर्गा और चंडी की शक्ति बनकर वापसी में जवाब देता है।  शर्मा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भारत की जनता की ओर से बधाई देते हुए कहा कि यह कार्रवाई उनके संकल्प और नेतृत्व का परिणाम है। यह सिर्फ जवाबी कार्रवाई नहीं, बल्कि भारत के स्वाभिमान की लड़ाई है। यह झंडे, राष्ट्रगान और एकता की लड़ाई है,” शर्मा ने कहा। उन्होंने सभी राजनीतिक दलों से अपील की कि वे इस राष्ट्रीय स्वाभिमान के क्षण में एकजुट रहें और सेना के साथ खड़े हों। शर्मा ने यह भी कहा कि जो आतंकी ठिकाने अब भी बाकी हैं, उन पर भी कठोर कार्रवाई की जानी चाहिए। विधायक ने ऑपरेशन सिंदूर को श्रद्धांजलि बताया उन शहीदों के लिए, जिनकी जान आतंकी हमलों में गई। “जब तक आतंकवाद का पूरी तरह खात्मा नहीं होगा, तब तक यह लड़ाई जारी रहेगी।  हम ढूंढ ढूंढ कर केवल आतंकवादी मार रहे हैं उन्होंने पाकिस्तान से कहा ध्यान रखना हमारे सिखों पर या किसी अन्य पर भूल से भी हमला मत कर देना ये बहुत घातक होगा, हम ढूंढ ढूंढ कर केवल आतंकवादी मार रहे हैं अभी हमने एक भी पाकिस्तानी नागरिक को हाथ नहीं लगाया है लेकिन जो आतंकवादी है उनको कब्रिस्तान और जहन्नुम पहुंचने का काम भारत की सेना ने किया है और करती रहेगी। भारत की सेनाओं में जनता का दिल जीत लिया है भाजपा विधायक ने कहा हम दुनिया के नक्शे से आतंकवाद को खत्म कर देंगे और यदि  पाकिस्तान भी अपने आप को आतंकवादी  देश घोषित करेगा तो फिर इसके बारे में भी भारत की सेना विचार करेगी, प्रधानमंत्री मोदी और भारत की सेनाओं में देश की जनता का दिल जीत लिया है।

मालेगांव ब्लास्ट केस का फैसला 31 जुलाई तक टला, NIA कोर्ट ने मुंबई हाईकोर्ट से मांगा समय, साध्वी प्रज्ञा बोलीं-सत्यमेव जयते

भोपाल मालेगांव बम धमाके के मामले में मुंबई की एक विशेष एनआईए कोर्ट का फैसला टल गया है। अब इस मामले में कोर्ट 31 जुलाई को अपना फैसला सुना सकती है। आपको बता दें कि स्पेशल कोर्ट ने मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से पूर्व सांसद रही साध्वी प्रज्ञा ठाकुर समेत अन्य दोषियों को सजा सुनाने के लिए मुंबई हाईकोर्ट से समय मांगा है। इसी के चलते आज सभी आरोपी एनआईए कोर्ट में पेश हुए थे।  आपको बता दें कि, 29 सितंबर 2008 को महाराष्ट्र के मालेगांव में ब्लास्ट हुआ था। इस ब्लास्ट में 6 लोगों की मौत हो गई थी, जबकि 101 आम लोग घायल हुए थे। शुरुआत में मामले की जांच महाराष्ट्र एटीएस ने की थी। साल 2011 में केस नेशनल इन्वेस्टीगेशन एजेंसी को सौंपा गया था। मुख्य आरोपी पूर्व सांसद प्रज्ञा ठाकुर भोपाल की पूर्व सांसद साध्वी प्रज्ञा ठाकुर इस केस में मुख्य आरोपी है। उनके अलावा लेफ्टिनेंट कर्नल प्रसाद पुरोहित समेत इस आतंकी हमले में कुल 12 आरोपी हैं। इन सभी पर आतंकी साजिश, हत्या, धार्मिक उन्माद फैलाने के आरोप लगे हैं। फिलहाल, देखना दिलचस्प होगा कि क्या मुबई हाईकोर्ट इस मामले में 31 जुलाई 2025 को फैसला सुनाता है या फिर कोई अगली तारीख दी जाएगी। महाराष्ट्र के मालेगांव ब्लास्ट मामले में फैसला टल गया है। गुरुवार को एनआईए की स्पेशल कोर्ट ने मुंबई हाईकोर्ट से दोषियों को सजा सुनाने के लिए 31 जुलाई तक का समय मांगा है। माना जा रहा है कि अब एनआईए कोर्ट 31 जुलाई को फैसला सुनाएगा। इससे पहले गुरुवार सुबह मामले में साध्वी प्रज्ञा सिंह समेत सभी आरोपी और पीड़ित कोर्ट पहुंचे। केस की मुख्य आरोपी भोपाल की पूर्व सांसद साध्वी प्रज्ञा ठाकुर हैं। साध्वी के अलावा लेफ्टिनेंट कर्नल प्रसाद पुरोहित समेत कुल 12 आरोपी हैं, जिन पर आतंकी साजिश, हत्या, धार्मिक उन्माद फैलाने के आरोप हैं। 29 सितंबर 2008 को मालेगांव में ब्लास्ट हुआ था। इसमें 6 लोगों की मौत हो गई थी और 101 घायल हुए थे। शुरुआत में मामले की जांच महाराष्ट्र एटीएस ने की थी। साल 2011 में केस नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) को सौंप दिया गया। एनआईए ने प्रज्ञा सिंह समेत केस के आरोपियों को क्लीनचिट दे दी थी, लेकिन कोर्ट ने कहा कि आरोपियों को मुकदमे का सामना करना पड़ेगा। अप्रैल 2025 में एनआईए ने यू-टर्न लेते हुए मुंबई की स्पेशल कोर्ट में याचिका दायर करते हुए कहा कि आरोपियों को बेकसूर मानने की बात गलत है, उन्हें कड़ी सजा मिलनी चाहिए। साध्वी ने कहा- सत्यमेव जयते पर मेरा विश्वास कोर्ट के बाहर प्रज्ञा ठाकुर ने कहा- आज डिसीजन होना था, ऐसा नहीं है। जज साहब ने तारीख दी थी। अगली तारीख में डिसीजन होगा, ये तय है। जज साहब ने कहा कि इसमें एक लाख से अधिक पेज हैं। बड़ा केस है। इसमें समय लगता है। किसी के साथ अन्याय नहीं होना चाहिए। सबको न्याय मिले। अगली तारीख 31 जुलाई दी है। इसमें सभी को उपस्थित होना चाहिए। ठाकुर ने कहा- सत्यमेव जयते पर मेरा पूर्ण विश्वास है। जिस व्यक्ति पर आरोप लगता है या तो वो जानता है या ईश्वर जानता है। सरकारी पक्ष की ओर से कैपिटल पनिसमेंट की मांग के सवाल पर प्रज्ञा ने कहा- एटीएस चाहती तो मेरी मुंडी उसी दिन मरोड़ देती। उनकी इतनी दुश्मनी है। पता नहीं क्यों है? मैं विधर्मियों के लिए उनकी दुश्मन हूं और हमेशा रहूंगी। जो देशविरोधी हैं…देश के गद्दार हैं, उनकी मैं दुश्मन हूं। वकील बोले- 31 जुलाई को पता चल जाएगा कि कैसे फंसाया गया साध्वी प्रज्ञा सिंह के वकील जेपी मिश्रा ने बताया- 19 अप्रैल को केस आर्गुमेंट से क्लोज हुआ। कोर्ट ने आज 8 मई को केवल सभी आरोपियों को हाजिर रहने के लिए कहा था। सभी ने हाजिरी लगाई। दीदी (प्रज्ञा) भी मौजूद रहीं। अब 31 जुलाई को जजमेंट आएगा। कोई सबूत हो या न हो, जो प्रॉसिक्यूट करता है, वह कहता है कि सबको सजा दो। हम कहते हैं, सबको छोड़ दो। कोर्ट सबूतों के आधार पर डिसाइड करता है कि छोड़ना है या सजा देना है। उन्होंने कहीं नहीं कहा कि कैपिटल पनिशमेंट दो। फांसी दो, कहीं नहीं है। 31 जुलाई को जजमेंट आएगा तो दुनिया को मालूम पड़ जाएगा कि कौन निर्दोष है और आरोपियों को कैसे फंसाया गया। मिश्रा ने कहा- केस में 17 साल लगे, इसके लिए हम लोग जिम्मेदार नहीं हैं, प्रॉसिक्यूशन जिम्मेदार है। झूठा मकोका लगाया। सुप्रीम कोर्ट ने मकोका कैंसिल किया। इसमें 8 साल लग गए। नौ-नौ साल तक लोगों को जेल में रखा गया। ये उस समय के एटीएस की बदमाशी थी, नहीं तो इतना समय नहीं लगता। 323 गवाहों में से 32 ने बदल दिए थे बयान नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी ने अदालत से आरोपियों के साथ किसी भी तरह की नरमी न बरतने का आग्रह किया था। हालांकि, सुनवाई के दौरान 323 गवाहों में से 32 ने अपने बयान वापस ले लिए थे।

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