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पाक का एयर डिफेंस सिस्टम तबाह, कई शहरों में जोरदार ड्रोन अटैक, लाहौर और कराची में हड़कंप

लाहौर / कराची/ सियालकोट पाकिस्तान में एयर डिफेंस सिस्टम पूरी तरह तबाह हो गई है. इसका नजारा गुरुवार को देखने को मिला, जब लाहौर से लेकर कराची तक कई बड़े शहरों में धड़ाधड़ ड्रोन के अटैक हुए. पाकिस्तान सरकार के मुताबिक अब तक 25 ड्रोन अटैक हो चुके हैं. लाहौर, कराची और रावलपिंडी में 3 बड़े ड्रोन अटैक हुए हैं.भारत और पाकिस्तान के बीच लगातार तनातनी की खबरें आ रही हैं. इंडियन आर्मी के द्वारा पाकिस्तान पर एयरस्ट्राइक करते हुए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ लॉन्च किए जाने के बाद पाकिस्तान लगातार बदले की कार्रवाई की बात कर रहा है. इसी बीच खबर आ रही है कि पाकिस्तान के सियालकोट, लाहौर और एक अन्य शहर में पाकिस्तानी सेना की एयर डिफेंस यूनिट को भारी नुकसान हुआ है.सूत्रों के मुताबिक, पाकिस्तानी सेना के हेडक्वार्टर 9 मिसाइल डिफेंस सिस्टम यूनिट्स को ड्रोन हमलों में भारी नुकसान हुआ है इन तीनों ही शहरों में ड्रोन अटैक से पाकिस्तान में हड़कंप मच गया है. रावलपिंडी, लाहौर और कराची में आर्मी का कैंप है. रावलपिंडी में तो आर्मी कैंप को ही उड़ा दिया गया है. पाकिस्तानी मीडिया के मुताबिक कराची में ड्रोन ब्लास्ट हुआ है. ड्रोन ब्लास्ट के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल है. सेना ने इलाके को अपने कब्जे में ले लिया है. कराची में ही पाकिस्तान का सभी परमाणु बम स्टोर है. ऐसे में जिस तरह से कराची में ड्रोन ब्लास्ट हुआ है, उसने पाकिस्तान के सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठा दिया है. कराची ब्लास्ट को सुरक्षा में बड़ी सेंध बताया जा रहा है. खबरों में कहा गया है कि लाहौर में नेवी बेस के पास और कराची में आर्मी बेस पर धमाके हुए हैं. अब तक 12 शहरों में ड्रोन अटैक पाकिस्तान के कराची, गुंजरावाला, लाहौर, चकवाल और घोटकी समेत 12 में ड्रोन अटैक हुआ है. ड्रोन अटैक की वजह से इन इलाकों में इमरजेंसी के हालात हैं. यह ड्रोन कहां से आया है, अब तक पाकिस्तान ने इस पर कुछ नहीं कहा है. न ही ड्रोन अटैक को लेकर किसी ने जिम्मेदारी ली है. सबसे ज्यादा 3 ड्रोन ब्लास्ट लाहौर में हुआ है. पाकिस्तानी मीडिया के मुताबिक कुल 12 धमाके अब तक पाकिस्तान में हो चुके हैं. लाहौर में सैन्य ठिकाने के पास ही ड्रोन ब्लास्ट की खबर है. एयर डिफेंस सिस्टम पूरी तरह से फेल ड्रोन धमाके को रोकने में पाकिस्तान का एयर डिफेंस सिस्टम पूरी तरह फेल नजर आ रहा है. दिलचस्प बात है कि बुधवार को भरी सदन में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने पाकिस्तान के वायुसेना की जमकर तारीफ की थी. शहबाज का कहना था कि पाकिस्तान की वायुसेना मजबूती से मैदान में डटी है. पीएम की तारीफ के तुरंत बाद पाक के वायुसेना चीफ से असीम मुनीर ने मुलाकात की थी. पाकिस्तानी सेना के प्रवक्ता लेफ्टिनेंट जनरल अहमद शरीफ चौधरी ने दावा किया कि हमने 12 हैरप ड्रोन्स को मार गिराया है। इन्हें लाहौर और कराची में मार गिराया गया। उन्होंने अपने दावे के समर्थन में ड्रोन्स की कुछ तस्वीरें भी दिखाईं। हालांकि इसकी पुष्टि नहीं की जा सकती। इस तरह पाकिस्तान ने खुद स्वीकार किया है कि एक दिन पहले ही उसके यहां ऐक्टिव 9 आतंकी ठिकाने नेस्तनाबूद करने के बाद भारत ने 9 शहरों पर ड्रोन अटैक किए हैं। पाक सेना ने कहा कि भारत का यह ऐक्शन गंभीर है और हमें उकसाने वाली कार्रवाई है। जनरल चौधरी ने कहा कि यह खुले तौर पर हमें उकसाने वाली कार्रवाई है। उन्होंने कहा कि हमारी सेना पूरी तरह से अलर्ट पर है। दरअसल हैरप ड्रोन्स को इजरायल की कंपनी MBT मिसाइल डिविजन ने तैयार किया है। यह कंपनी इजरायल एयरोस्पेस इंडस्ट्रीज की एक ब्रांच है। इजरायली कंपनी की वेबसाइट के मुताबिक ये ड्रोन्स युद्ध के दौरान टारगेट अटैक करने में माहिर हैं। इन्हें ऑपरेटर्स की कमांड के साथ कहीं भी भेजा जा सकता है। इन ड्रोन्स को दुश्मन के एयर डिफेंस को मार गिराने और अन्य टारगेट्स को निपटाने में सक्षम है। दरअसल इन ड्रोन्स की खासियत यह है कि इसमें एक तरह की छोटी मिसाइल भी होती है। इसके अलावा इन ड्रोन्स को पूरी तरह ऑटोमेटिक या फिर सेमी-मैनुअल तरीके से भी संचालित किया जा सकता है। इजरायल के इन ड्रोन्स की भारत और अजरबैजान ने बड़े पैमाने पर खरीद की है। बता दें कि पाकिस्तान ने खुद ही पंजाब के अमृतसर और उसके आसपास के इलाकों में ड्रोन और मिसाइलों से हमले की कोशिश की थी, जिसे भारत ने नाकाम कर दिया। अमृतसर के कई इलाकों में खेतों में पाकिस्तानी ड्रोन्स और मिसाइलों के टुकड़े पाए गए हैं। इनका निरीक्षण करने के लिए सेना के भी कई अधिकारी आज मौके पर पहुंचे।  

चेन स्नेचिंग की शिकार गंभीर रूप से घायल महिला ने अस्पताल में तोड़ा दम

बिलासपुर 2 दिन पहले हुई चेन स्नेचिंग की घटना में गंभीर रूप से घायल महिला की इलाज के दौरान आज मौत हो गई. घायल महिला का सिम्स में उपचार चल रहा था. घटना कोनी क्षेत्र के मोहतराई इलाके में हुई थी. मौके पर पहुंची पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच में जुटी हुई है. जानकारी के मुताबिक, कोनी क्षेत्र के मोहतराई में रहने वाली 45 वर्षीय रामेश्वरी साहू के साथ दो दिन पहले लूटपाट हुई थी. लुटेरों ने रामेश्वरी के गले से चैन खींचा था. इस दौरान वह चलती बाइक से गिर गई. जिससे वह गंभीर रूप से वह घायल हो गई थी. जिसे उपचार के लिए सिम्स लाया गया था. जहां उपचार के दौरान रामेश्वरी की मौत हो गई. इलाज के दौरान महिला की मौत हो गई. अब तक लुटेरों का पता नहीं चला है. पुलिस लुटेरों की तलाश कर रही है.

देवदत्त पडिक्कल इंजरी के चलते आईपीएल के मौजूदा सीजन से बाहर, बेंगलुरु को एक बड़ा झटका लगा

नई दिल्ली आईपीएल 2025 (IPL 2025) में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु का नया अवतार देखने को मिल रहा है। टीम अपने पहले खिताब को जीतने की ओर तेजी से बढ़ रही है। विराट कोहली भी इस सीजन जबरदस्त फॉर्म में हैं। टीम ने अब तक 11 मुकाबलों में से 8 मुकाबले जीत लिए हैं, जिसके चलते टीम दूसरे नंबर पर मौजूद है। अगर टीम एक और मुकाबला जीत जाती है, तो मौजूदा सीजन में क्वालीफाई कर जाएगी। फिर टीम की कोशिश पहले नंबर पर आने की रहेगी, जिससे टीम जल्द फाइनल में पहुंच जाए। लेकिन अब टीम को एक बड़ा झटका लग गया है। दरअसल, टीम का धाकड़ बल्लेबाज़ देवदत्त पडिक्कल इंजरी के चलते आईपीएल के मौजूदा सीजन से बाहर हो गया है। बता दें कि इस सीजन देवदत्त पडिक्कल बेहद शानदार फॉर्म में नजर आ रहे थे, लेकिन ऐसे में अब उनका बाहर जाना टीम को परेशानी में डाल सकता है। हालांकि इससे अच्छी खबर यह है कि टीम ने एक और शानदार खिलाड़ी को ऐड कर लिया है। दरअसल, टीम में मयंक अग्रवाल की एंट्री हो गई है। देवदत्त पडिक्कल हुए बाहर बता दें कि इस सीजन शानदार फॉर्म में दिखाई दे रहे देवदत्त पडिक्कल को राइट हैंड स्ट्रेन की समस्या से जूझना पड़ा, जिसके चलते वह आईपीएल 2025 (IPL 2025) के बाकी मैच नहीं खेल सकेंगे और सीजन से बाहर हो चुके हैं। पडिक्कल ने अब तक 10 मैचों में 247 रन बनाए हैं, जो दिखाता है कि वह इस सीजन में अच्छे फॉर्म में थे। हालांकि उनका बैटिंग ऑर्डर हर समय बदलता रहा, लेकिन इसके बावजूद उन्होंने अच्छी बल्लेबाज़ी की है और टीम को मध्य क्रम में मजबूती दी है। अब देखना होगा कि उनकी जगह आए मयंक अग्रवाल को आरसीबी की टीम मौका देती है या नहीं।

उज्जैन में युवतियों के साथ हैवानियत के आरोपियों का पुलिस ने जुलूस निकाला

उज्जैन उज्जैन के बिछड़ौद में नाबालिग लड़कियों को फंसा उनके साथ गंदी साजिश करने वाले आरोपियों का पुलिस ने गुरूवार को जुलूस निकाला। इस दौरान वहां भारी सुरक्षा बल मौजूद था। बता दें कि बिछड़ौद के लोगों की मांग थी कि जिन आरोपियों ने उनकी बहन बेटियों को झांसे में ले दोस्ती की और उनके अश्लील वीडियो बनाए उनका गांव में जुलूस निकाला जाए। पुलिस को आरोपियों के मोबाइल से 9 लड़कियों के 16 अश्लील वीडियो और फोटो मिले हैं। फिलहाल पुलिस गंभीरता से मामले की जांच कर रही है। 9 लड़कियों के 16 वीडियो फोटो आए सामने बता दे कि, आरोपी(Ujjain Love Jihad) इकरार, उजैर पठान, राजा रंगरेज, जुबेर मंसूरी, जुनेद मंसूरी, फेज खान को कोर्ट में पेश कर एक दिन के रिमांड पर लिया है। पुलिस का कहना है कि सभी आरोपियों से पूछताछ की जा रही है। उनके गिरोह में और कितने युवक शामिल हैं। साथ ही एक-एक आरोपी के मोबाइल डेटा सहित उनका सोशल प्लेटफार्म प्रोफाइल खंगाला जा रहा है। आशंका है कि आरोपियों ने इसी तरह गांव व आसपास की अन्य लड़कियों को भी टॉरगेट किया हो। अब तक 7 आरोपियों के मोबाइल से गांव की 9 लड़कियों के 16 वीडियो और अश्लील फोटो मिले हैं। इसमें एक महिला का वीडियो भी सामने आया है। वहीं चार लड़कियों की शिकायत पर एफआइआर दर्ज हो सकी। पुलिस ने किया था शॉर्ट एनकाउंटर बुधवार तड़के 4 बजे लव जिहाद मामले में आरोपा फरमान मंसूरी ने बहाने से पुलिस आरक्षक की राइफल छीनकर दो फायर कर भागने की कोशिश की, लेकिन पुलिस पुलिस शॉर्ट एनकाउंटर कर उसके पैर के नीचले हिस्से में गोली मारी और उसे पकड़ लिया।

वकील, डॉक्टर समेत 5 लोगों ने सर्पदंश का झूठा दावा कर लिया मुआवजा, पुलिस ने दर्ज की एफआईआर

बिलासपुर सर्पदंश मुआवजा वितरण में बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है. बिल्हा क्षेत्र में सांप के काटने का झूठा दावा कर मुआवजा लेने के मामले में पुलिस ने वकील, डॉक्टर और मृतक के परिजनों समेत 5 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की है। बता दें कि इस मामले को विधायक सुशांत शुक्ला ने विधानसभा में भी उठाया था। मामले का खुलासा करते हुए एसएसपी रजनेश सिंह ने बताया कि शराब और जहर से हुई मौत को सर्पदंश दिखाया गया। पूरी साजिश 3 लाख के मुआवजे के लिए रची गई। मामले का मास्टरमाइंड वकील कामता साहू निकला है। वहीं डॉक्टर प्रियंका सोनी पर फर्जी पोस्टमार्टम रिपोर्ट देने का आरोप है। पुलिस 420, 120B समेत गंभीर धाराओं में अपराध दर्ज कर आगे की कार्रवाई में जुटी है। एसएसपी रजनेश सिंह ने बताया, 12 नवंबर 2023 को पोड़ी गांव निवासी शिवकुमार घृतलहरे को उल्टी व झाग आने की शिकायत पर अस्पताल में भर्ती कराया गया था। 14 नवंबर को इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई थी। परिजनों ने दावा किया कि शिवकुमार की मौत सांप के काटने से हुई है। इसी आधार पर पोस्टमार्टम रिपोर्ट तैयार कर सर्पदंश को मौत का कारण बताया गया। वकील के कहने पर मृतक के परिजन ने दिया था झूठा बयान मामले में शक के आधार पर पुलिस जांच में बड़ा खुलासा हुआ। इलाज करने वाले डॉक्टर ने पुष्टि की कि मृतक की मृत्यु शराब और जहरीला पदार्थ सेवन करने से हुई थी। शव परीक्षण करने वाले पुलिस अधिकारी को भी मृतक के पैर में कोई सर्पदंश का निशान नहीं मिला। मामले की जांच के दौरान पता चला कि मृतक के परिजन वकील कामता प्रसाद साहू के कहने पर झूठा बयान देकर पोस्टमार्टम रिपोर्ट को प्रभावित करने की साजिश में शामिल थे। इन लोगों के खिलाफ दर्ज हुई एफआईआर पुलिस ने मामले में वकील कामता प्रसाद साहू, डॉक्टर प्रियंका सोनी, मृतक के पिता परागदास घृतलहरे, पत्नी नीता घृतलहरे, और भाई हेमंत घृतलहरे के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। सभी के विरुद्ध धारा 420, 511, 120(बी) भादवि के तहत अपराध दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है। विधायक सुशांत शुक्ला ने विधानसभा में उठाया था मामला यह मामला विधायक सुशांत शुक्ला ने विधानसभा में भी उठाया था। उन्होंने कहा था कि सर्पदंश से होने वाली मौतों पर मुआवजे के नाम पर अधिकारियों ने करोड़ों रुपए के घोटाले को अंजाम दिया है। सर्पलोक कहे जाने वाले जशपुर में 96 लोगों की सर्पदंश से मौत हुई, जबकि बिलासपुर में 431 लोगों की मौत हो जाती है, जो संभव नहीं है। राजस्व और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की मिलीभगत से करोड़ों का घोटाला हुआ है. इसकी सचिव स्तर के अधिकारी से जांच होनी चाहिए. इस पर राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा ने जांच की घोषणा की थी.

छात्रों को दाढ़ी कटवाने, तिलक हटवाने और कलावा खोलने का कॉलेज का फरमान, मचा बवाल

सहारनपुर उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में एक नर्सिंग कॉलेज में उस वक्त हंगामा हो गया जब वहां के छात्र-छात्राओं को तिलक मिटाने, कलावा खोलने और दाढ़ी काटने को कहा गया. इस फरमान के बाद स्टूडेंट्स ने मौके पर हंगामा कर दिया. जबकि कॉलेज प्रबंधन आरोपों से इनकार कर रहा है. दरअसल, नर्सिंग कॉलेज पहुंचे विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने आरोप है कि कॉलेज के एक शिक्षक ने छात्रों को दाढ़ी कटवाने, तिलक हटवाने और कलावा खोलने के लिए कहा है. इसका विरोध करने वाले छात्रों को कॉलेज से निष्कासित करने का भी आरोप है. मामले की जानकारी मिलते ही पुलिस भी मौके पर पहुंची और माहौल को शांत करने का प्रयास किया. आरोप है कि जब पुलिस कार्यकर्ताओं को समझा ही रही थी कि इसी दौरान वहां मौजूद एक छात्रा ने धार्मिक नारा लगा दिया. जिससे हिंदू संगठन के कार्यकर्ता बिफर गए. कार्यकर्ताओं ने कॉलेज प्रबंधन से छात्रा को निष्कासित करने की मांग की. इधर कॉलेज प्रबंधन ने छात्रा के नारे लगाने की घटना से इनकार किया है. कॉलेज प्रबंधन का कहना है कि कॉलेज में छात्रों के दाढ़ी कटवाकर आने का नियम है, कुछ छात्र दाढ़ी में आए थे, उन्हें दो दिन पहले नोटिस जारी किया गया था. साथ ही ये भी बताया कि कॉलेज में छात्रा ने कोई धार्मिक नारा नहीं लगाया है.

सुकमा में सुरक्षाबलों ने 8 नक्सलियों को किया ढेर, 5 जवान शहीद

सुकमा छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच जबरदस्त मुठभेड़ हुई. इस ऑपरेशन में सुरक्षाबलों ने दो डिवीजनल कमेटी (डीवीसी) के वरिष्ठ सदस्य समेत 8 नक्सलियों को मार गिराया. हालांकि, इस मुठभेड़ में तेलंगाना की ‘ग्रीन फाइटर’ टीम के 5 जवान भी शहीद हो गए. ये एनकाउंटर तेलंगाना, छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र की सीमाओं के संगम पर स्थित कर्रिगुट्टा पहाड़ी क्षेत्र में हुआ. इस ऑपरेशन में सुकमा पुलिस और अन्य सुरक्षाबल शामिल रहे. खुफिया जानकारी के आधार पर शुरू किए गए इस अभियान का मकसद नक्सलियों के गढ़ में उनकी गतिविधियों को कुचलना था. कर्रिगुट्टा पहाड़ी क्षेत्र नक्सलियों का मजबूत ठिकाना माना जाता है, जहां वे लंबे समय से सक्रिय हैं. ऑपरेशन मं नक्सलियों को बड़ा नुकसान मुठभेड़ के दौरान भारी गोलीबारी हुई, जिसमें सुरक्षाबलों ने नक्सलियों को घेर लिया. इस ऑपरेशन में नक्सलियों को बड़ा नुकसान हुआ. मारे गए डीवीसी सदस्य संगठन के लिए महत्वपूर्ण रणनीतिकार थे. 5 जवान हुए शहीद तेलंगाना की ‘ग्रीन फाइटर’ टीम के 5 जवानों ने इस मुठभेड़ में अपनी जान गंवाई है. ‘ग्रीन फाइटर’ टीम नक्सल विरोधी अभियानों में अपनी बहादुरी के लिए जानी जाती है. सुकमा पुलिस ने क्षेत्र में स्थिति को नियंत्रण में बताया है और फिलहाल वहां शांति बनी हुई है. पहले 22 से अधिक नक्सलियों को किया ढेर वहीं, 7 मई को छत्तीसगढ़-तेलंगाना सीमा पर बीजापुर जिले के कर्रिगुट्टा पहाड़ियों के जंगलों में सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच भीषण मुठभेड़ हुई थी. इस ऑपरेशन में सुरक्षाबलों ने 22 से अधिक नक्सलियों को मार गिराया. यह कार्रवाई ‘ऑपरेशन संकल्प’ के तहत हुई, जो 21 अप्रैल से शुरू हुआ है और नक्सलियों के खिलाफ अब तक का सबसे बड़ा अभियान माना जा रहा है. ड्रोन की मदद से हुई पुष्टि इस ऑपरेशन में लगभग 24,000 सुरक्षाकर्मी शामिल हैं, जिनमें जिला रिजर्व गार्ड (डीआरजी), बस्तर फाइटर्स, स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ), केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) और कोबरा यूनिट के जवान हैं. इस मुठभेड़ के दौरान ड्रोन की मदद से नक्सलियों की मौजूदगी की पुष्टि की गई थी.

कंप्यूटर इमरजेंसी रेस्‍पॉन्‍स टीम ने जारी किए निर्देश, इन जगहों को टार्गेट कर सकता है पाकिस्‍तान

नई दिल्ली ऑपरेशन सिंदूर ने पाकिस्‍तान को जबरदस्‍त चोट पहुंचाई है। आतंकी ठिकाने तो उसके तबाह हुए ही हैं, पाक की सैन्‍य विफलता भी सामने आई है। भारत से मुकाबला करने में अक्षम पाकिस्‍तान अब देश में कुछ खास जगहों को टार्गेट करना चाह रहा है। पाक की इस हिमाकत को रोकने के लिए कंप्यूटर इमरजेंसी रेस्‍पॉन्‍स टीम (CERT-In) ने कुछ अहम निर्देश जारी किए हैं। यह खतरा साइबर हमले का है, जिसके तहत महत्‍वपूर्ण संस्‍थानों को निशाना बनाया जाने की कोशिश की जा सकती है। हाल के दिनों में पाकिस्‍तान ने भारतीय संस्‍थानों को टार्गेट करते हुए कई साइबर अटैक किए, लेकिन उनमें से ज्‍यादातर विफल रहे हैं। मनी कंट्रोल की रिपोर्ट के अनुसार, कंप्यूटर इमरजेंसी रेस्‍पॉन्‍स टीम ने देश के प्रमुख वित्तीय संस्‍थानों और अन्‍य महत्‍वपूर्ण क्षेत्रों को साइबर हमले से बचाने के लिए निर्देश जारी किए हैं। सरकार ना सिर्फ सरकारी संस्‍थानों पर ध्‍यान दे रही है, वह प्राइवेट सेक्‍टर पर भी फोकस कर रही है। सरकार यह सुनिश्‍चित करना चाहती है कि सभी सेक्‍टर अपनी साइबर सुरक्षा को मजबूत करें ताकि दुश्‍मन देश के किसी भी नेटवर्क पर ना घुस पाए। साइबर हमलों से निपटने पर काम तेज साइबर हमलों से कैसे निपटा जाए, इस पर भी काम किया जा रहा है। रिपोर्ट के अनुसार, सरकार ने पहलगाम हमले के बाद ही साइबर अटैक को लेकर सतर्कता बढ़ा दी थी। अब CERT-In ने बैंकों को लेकर भी अलर्ट जारी किया है। सभी को साइबर सुरक्षा पर अलर्ट रहने को कहा गया है। रिपोर्ट के अनुसार, नैस्‍कॉम के साथ मिलकर सरकार साइबर सुरक्षा को पुख्‍ता बनाने पर काम कर रही है। एक बड़ा अलर्ट सिस्‍टम बनाने की तैयारी है, ताकि दुश्‍मन के किसी भी ऑनलाइन हमले से निपटा जा सके। DDoS अटैक से हैकिंग की कोशिश रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्‍तान की तरफ से DDoS अटैक करके भारतीय वेबसाइटों को हैक करने की खूब कोशिश हुई है। इस तरह के अटैक में किसी वेबसाइट के सर्वर पर बहुत ज्‍यादा ट्रैफ‍िक भेजा जाता है। उससे वेबसाइट डाउन हो जाती है और हैकर्स को उसे कंट्रोल करने के रास्‍ते मिल जाते हैं। हाल में देखा गया था कि कुछ हैकरों ने भारत के सरकारी विभागों से जुड़ी वेबसाइटों को हैक करके उनके जरिए अपना प्रोपोगैंडा फैलाने की कोशिश की। ऐसे खतरों से निपटने के लिए साइबर सिक्‍योरिटी पर काम करना बहुत जरूरी है। तमाम राज्‍य सरकार के कई ऐसे डिपार्टमेंट हैं, जिनकी वेबसाइटों को अक्‍सर निशाना बनाया जाता है। पहलगाम हमले के बाद पाक‍िस्‍तानी हैकरों ने राजस्‍थान सरकार की एक वेबसाइट को टार्गेट किया था।

जमीनी हकीकत जानने ग्रामीणों के बीच पहुंचे मुख्यमंत्री साय, किया जन संवाद

मनेन्द्रगढ़ छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज अचानक भरतपुर सोनहत विधानसभा के कुंवरपुर के माथमौर गांव पहुंचे, जहां उन्हें अपने बीच पाकर ग्रामीणों के चेहरे प्रसन्नता से खिल उठे। ग्रामीणों ने आत्मीयता के साथ उनका स्वागत किया। कुछ महिलाओं ने पेड़ों से ताजे फूल तोड़कर तात्कालिक रूप से गुलदस्ता तैयार किया और मुख्यमंत्री को भेंट किया। इस सजीव स्वागत ने गांव की सादगी और मुख्यमंत्री के प्रति लोगों के विश्वास को दर्शाया। मुख्यमंत्री ने भारत माता और छत्तीसगढ़ महतारी के जयकारों के साथ अपनी बात की शुरुआत की, जिससे माहौल देशभक्ति और मातृभूमि के सम्मान से ओतप्रोत हो गया। इस दौरे का मुख्य उद्देश्य शासकीय योजनाओं की जमीनी स्थिति का आकलन करना और आम जनता से सीधे संवाद स्थापित करना था। मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं और सुझावों को गंभीरता से लिया। साथ ही अधिकारियों को आवश्यक निर्देश भी दिए। एक भावनात्मक क्षण तब आया जब मुख्यमंत्री साय ने गांव के सरपंच को अपने पास बिठाया, यह दर्शाता है कि राज्य सरकार गांव के नेतृत्व और पंचायत व्यवस्था को कितना सम्मान देती है। यह दौरा प्रदेश सरकार की जन केंद्रित नीति और गांव-गरीब-किसान के हित में प्रतिबद्धता का स्पष्ट संकेत है।

बिलासपुर में वारंट तामीली में लापरवाही एसएसपी सख्त, एक महिला आरक्षक समेत चार निलंबित

बिलासपुर पुलिस विभाग में वारंट तामीली में लापरवाही को लेकर बड़ी कार्रवाई की गई है. एसएसपी रजनेश सिंह ने थाना तोरवा से जुड़े एक आपराधिक मामले में साक्षियों की अनुपस्थिति को गंभीरता से लेते हुए तीन आरक्षकों और एक महिला आरक्षक को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है. जानकारी के अनुसार, थाना तोरवा में विचाराधीन एक आपराधिक प्रकरण में गवाहों की कोर्ट में उपस्थिति नहीं हो पाई, जिससे न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित हुई. इस मामले की जांच एसएसपी द्वारा कराई गई, जिसमें संबंधित कर्मचारियों की लापरवाही सामने आई. निलंबित किए गए पुलिसकर्मी:     आरक्षक राजू सिन्हा (थाना तोरवा)     आरक्षक मनोज कुलमित्र (थाना तोरवा)     आरक्षक रोहित पाटले (थाना तोरवा)     महिला आरक्षक शोभा तिर्की (जिला पुलिस कार्यालय में नियुक्त) इन चारों पर प्रारंभिक जांच के बाद अनुशासनात्मक कार्रवाई की गई है. एसएसपी रजनेश सिंह ने सभी थाना एवं चौकी प्रभारियों को समंस और वारंटों की समय पर तामीली सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं. साथ ही चेतावनी दी है कि भविष्य में ऐसी लापरवाही पाए जाने पर कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी.

बुंदेलखंड में पली-बढ़ी कर्नल सोफिया कुरैशी, इस स्कूल में हासिल की प्राथमिक शिक्षा, तीन पीढ़ियों से सेना में कुरैशी खानदान

 छतरपुर  भारतीय सेना ने बीती रात पाकिस्तान में अलग-अलग 9 ठिकानों में एयर स्ट्राइक कर जवाबी हमला किया। इस हमले की जानकारी देने के लिए सेना ने बुधवार की सुबह प्रेस ब्रीफिंग की। प्रेस को ब्रीफ करने के दौरान सेना में कर्नल सोफिया कुरैशी (Sophia Qureshi), विंग कमांडर व्योमिका सिंह (Vyomika Singh) के साथ विदेश सचिव विक्रम मिस्त्री मौजूद रहे। प्रेस ब्रीफिंग करने वाली कर्नल सोफिया कुरैशी का संबंध छतरपुर के नौगांव बुंदेलखंड (Madhya Pradesh) से है। कर्नल सोफिया कुरैशी का जन्म 1976 में पुणे में हुआ। जन्म के बाद सोफिया के पिता परिवार को लेकर मध्य प्रदेश के छतरपुर के नौगांव में शिफ्ट हो गए। इनका पुस्तैनी मकान नौगांव में ही है। सोफिया ने प्राथमिक शिक्षा नौगांव में ही हासिल की। उन्होंने पहली से तीसरी कक्षा तक नौगांव के जीटीसी स्कूल से पढ़ाई की। कर्नल सोफिया नौगांव में पली बढ़ी। पिता फौज में होने के कारण उनका स्थानांतरण होता रहा। कर्नल सोफिया कुरैशी का नाम चर्चा में आते ही मध्य प्रदेश का सीना भी गर्व से फूल गया। जैसे ही ऑपरेशन सिंदूर के बाद सेना की प्रेस ब्रीफिंग हुई और सोफिया कुरैशी ने पत्रकारों को संबोधित किया तो पूरे नौगांव के साथ ही प्रदेशभर में खुशी की लहर दौड़ गई। चचेरे भाई मोहम्मद रिजवान कुरैशी ने बताया कि सोफिया ने नौगांव के शासकीय आदर्श प्राथमिक शाला जीटीसी में पढ़ाई की है। वहीं रिजवान कुरैशी ने पहलगाम आतंकी हमले की निंदा की और ऑपरेशन सिंदूर की तारीफ की। उन्होंने कहा कि भारत ने मुहंतोड़ जवाब दिया है। हमें गर्म है। सोफिया कुरैशी ने बड़ौदा में आगे की पढ़ाई कर सेना ज्वाइन की। सोफिया की शादी सेना में कर्नल तजुद्दीन से हुई है। सोफिया के पिता ताज मोहम्मद कुरैशी भी आर्मी में थे। पिता से लेकर चाचा, दादा, चचेरी बहन और चचेरा भाई सेना के माध्यम से देश की सेवा कर रहे हैं। मिशन पूरा हुआ, कैसा लगा, धमाका कर दिया न। कर्नल सोफिया कुरैशी का जन्म रंगरेज मोहल्ले में 12 दिसंबर 1975 को हुआ। उनकी प्राथमिक शिक्षा नौगांव के शासकीय जीटीसी प्राथमिक स्कूल से हुई। नौगांव में उनके चाचा का परिवार रहता है। बहन ने परिवार का सम्मान बढ़ाया सोफिया के चचेरे भाई मैकेनिकल इंजीनियर मोहम्मद रिजवान ने दैनिक भास्कर से बात करते हुए कहा, सोफिया कर्नल बन चुकी है। उसने नौगांव में रहकर एक से पांच तक जीटी स्कूल में पढ़ाई की। नौगांव शहर के लोगों को बेटी पर गर्व है। रिजवान ने कहा, भारतीय सेना ने पाकिस्तान को जो मुंहतोड़ जवाब दिया है, उससे हर भारतीय का सिर गर्व से ऊंचा हो गया है। पूरी दुनिया को आपरेशन सिंदूर की जानकारी बहन सोफिया ने दी, इससे परिवार का सम्मान और बढ़ गया है। आतंकवादियों ने हमारे टूरिस्ट्स को मारा था। भारत ने 9 आतंकी ठिकानों पर मिसाइल दागी हैं। यह बहुत जरूरी था। पुलवामा आतंकी हमले में भी हमारे कई जवान शहीद हुए थे। भारत ने बहुत सुन लिया, अब हमारी सेना मुंहतोड़ जवाब दे रही है। सोफिया का पूरा परिवार भारतीय सेना में सोफिया के पिता ताज मुहम्मद कुरैशी बीएसएफ में सूबेदार के पद से रिटायर्ड हैं। उनके चाचा इस्माइल कुरैशी और वली मुहम्मद भी बीएसएफ में सूबेदार रहे हैं। पिता की नौकरी के कारण सोफिया की आगे की पढ़ाई बड़ौदा और रांची में हुई। बड़ौदा में पढ़ाई पूरी होने के बाद सोफिया का चयन भारतीय सेना में हुआ। वे लेफ्टिनेंट से कैप्टन, फिर झांसी में मेजर और गांधीनगर में लेफ्टिनेंट कर्नल के पद पर रहीं। वर्तमान में वे कर्नल के पद पर सेवारत हैं। उनके पति ताजुद्दीन कुरैशी भी सेना में मेजर हैं। ‘बेटी ने बहनों-माताओं के सिंदूर का बदला लिया’ सोफिया के पिता ताज मोहम्मद कुरैशी ने कहा, हमारी बेटी ने देश के लिए बहुत बड़ा काम किया है, हमें उस पर गर्व है। पाकिस्तान को नष्ट कर देना चाहिए। मेरे दादा, पिता और मैं सभी सेना में था। अब बेटी सेना में है। मां हलीमा कुरैशी ने कहा, बेटी ने बहनों और माताओं के सिंदूर का बदला ले लिया है। सोफिया पिता और दादा के पदचिह्नों पर चलना चाहती थीं। बचपन में ही कहती थी कि सेना में जाना है। सोफिया ने पहले भी किया देश का नेतृत्व सोफिया ने 2016 में एक्सरसाइज फोर्स-18 में भारतीय टीम का नेतृत्व किया। यह भारत का सबसे बड़ा विदेशी सैन्य अभियान था। इसमें वह एकमात्र महिला कमांडर थीं। सोफिया ने 6 साल तक संयुक्त राष्ट्र के शांति रक्षा अभियानों (Peacekeeping Operations) में सेवा दी। नौगांव से सोफिया का रिश्ता मल्टीनेशनल फील्ड ट्रेनिंग एक्सरसाइज में भारतीय सेना का नेतृत्व कर चुकीं सोफिया कुरैशी का जन्म नौगांव के रंगरेज मोहल्ले में हुआ. उनके पिता ताज मोहम्मद कुरैशी BSF में सूबेदार के पद से रिटायर हुए हैं. सोफिया का जन्म 12 दिसंबर 1975 को हुआ. उनकी प्राथमिक शिक्षा नौगांव के शासकीय जीटीसी प्राथमिक स्कूल में हुई. इसके बाद उनके पिता का स्थानांतरण बड़ौदा, रांची और फिर बड़ौदा हुआ, जिसके कारण सोफिया की शिक्षा तमाम स्थानों पर हुई. सोफिया के चाचा इस्माइल कुरैशी और वली मोहम्मद भी बीएसएफ में सूबेदार के पद पर कार्यरत थे, जबकि उनके पिता ताज मोहम्मद भी सेना से रिटायर हुए. इस कारण उनके घर में शुरू से ही देशभक्ति का माहौल रहा. सेना में जाने की प्रेरणा सोफिया को उनके परिवार से मिली. सोफिया कुरैशी ने बड़ौदा में प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण होकर सेना में चयन प्राप्त किया. इसके बाद वे लेफ्टिनेंट बनीं, फिर पदोन्नति के साथ कैप्टन, झांसी में मेजर और गांधीनगर में लेफ्टिनेंट कर्नल के रूप में कार्यरत रहीं. वर्तमान में वे कर्नल के पद पर सेना में देश की सेवा कर रही हैं.

पूछताछ के बाद फर्जी डॉक्टर नरेंद्र को वापस दमोह लाया गया और जिला जेल भेज दिया

दमोह दमोह मिशन अस्पताल में सात मौत के आरोपी डॉ. नरेंद्र यादव उर्फ एन जॉन कैम को छत्तीसगढ़ से वापस दमोह जेल लाया गया है। छत्तीसगढ़ के पूर्व विधानसभा अध्यक्ष राजेंद्र शुक्ल के गलत इलाज से हुई मौत का आरोप भी डॉ. कैम पर लगा था, जिसे बिलासपुर पुलिस चार दिन की रिमांड पर दमोह से अपने साथ लेकर गई थी। वहां से पूछताछ के बाद उसे वापस दमोह लाया गया और जिला जेल भेज दिया गया। हालांकि, डॉक्टर का हर बार यही जवाब है कि उसे न्यायालय पर भरोसा है। बता दें कि मिशन अस्पताल में सात मौत के आरोपी डॉ. नरेंद्र यादव को जब पुलिस प्रयागराज से गिरफ्तार कर लाई थी। उसके बाद उसे दस दिन की रिमांड पर दमोह पुलिस ने लिया था। लगातार पूछताछ के बाद डॉक्टर से कई अहम सुराग लगे थे। इसी बीच छत्तीसगढ़ के पूर्व विधानसभा अध्यक्ष राजेंद्र शुक्ल की मौत का मामला भी सामने आया था। परिजनों ने बताया था कि 2006 में इसी डॉक्टर के इलाज से शुक्ला की मौत हुई थी, जिसके बाद बिलासपुर के सरकंडा थाने में आरोपी डॉक्टर यादव पर मामला दर्ज हुआ था। इधर, दस दिन की रिमांड खत्म होने के बाद डॉक्टर नरेंद्र को एक मई तक जेल भेज दिया गया था। दोबारा न्यायालय आने पर छत्तीसगढ़ पुलिस ने आरोपी को साथ ले जाने चार दिन की रिमांड ली थी और डॉक्टर को बिलासपुर ले जाया गया था। जहां से पूछताछ के बाद चार दिन की रिमांड खत्म होने पर बिलासपुर से वापस दमोह लाया गया। दमोह पहुंचने पर उसे जेल भेजा गया, अब उसे 14 मई को फिर से न्यायालय में पेश किया जाएगा। बंद हो गया मिशन अस्पताल डॉक्टर के इलाज से हुई सात मौत के मामले के बाद प्रशासन से मिशन अस्पताल के कैथ लैब सील करने के बाद उसका लाइसेंस निलंबित कर दिया था। उसके बाद अस्पताल बंद हो गया, यहां अब मरीजों का कोई इलाज नहीं किया जाता।  

543 नवचयनित शिक्षकों को योगी आदित्यनाथ ने सौंपे नियुक्ति पत्र, 23 मिनी स्टेडियमों की रखी नींव

लखनऊ गुरुवार को लखनऊ स्थित लोकभवन के सभागार में आयोजित एक विशेष समारोह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 543 नवचयनित शिक्षकों को नियुक्ति पत्र प्रदान किए. इस अवसर पर उन्होंने चयनित सभी अभ्यर्थियों को स्वयं अपने हाथों से नियुक्ति पत्र सौंपे. नियुक्त होने वालों में 494 सहायक अध्यापक और 49 प्रवक्ता शामिल थे, जिन्हें उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC) के विज्ञापन वर्ष 2018 और 2020 के अंतर्गत चयनित किया गया है. 543 शिक्षकों को बांटे गए नियुक्ति पत्र कुल 543 नवचयनित शिक्षकों में से 494 को सहायक अध्यापक के पद पर नियुक्त किया गया, जिनमें 258 महिलाएं और 236 पुरुष शामिल हैं. इसके अलावा, प्रवक्ता पद के लिए चयनित 49 अभ्यर्थियों में 15 महिला और 34 पुरुष उम्मीदवारों को नियुक्ति पत्र प्रदान किए गए. सीएम योगी ने बताया कि अकेले माध्यमिक शिक्षा में 40 हजार से अधिक शिक्षक नियुक्त किए जा चुके हैं. इनमें 32 हजार शिक्षक एडेड कॉलेजों में और करीब 8 हजार माध्यमिक विद्यालयों में नियुक्त हुए हैं. वहीं, बेसिक शिक्षा विभाग में 1.23 लाख से अधिक शिक्षकों की नियुक्ति सरकार ने की है. उन्होंने कहा कि पहले माध्यमिक शिक्षा बदनाम हो चुकी थी और बेसिक शिक्षा विभाग वीरान पड़ा था, लेकिन सरकार ने ‘ऑपरेशन कायाकल्प’ जैसे कार्यक्रमों के ज़रिए शिक्षा व्यवस्था में आमूलचूल परिवर्तन किया है. सीएम ने कहा कि पहले नकल के लिए कुछ जिले बदनाम थे और परीक्षा में ‘प्रॉक्सी’ (दूसरे के स्थान पर परीक्षा देना) का धंधा चलता था, जिसे अब सख्ती से बंद कराया गया है. सीएम योगी ने यह भी कहा कि अब यूपी का नौजवान अपनी पहचान छिपाता नहीं है, बल्कि पूरे भारत में उत्तर प्रदेश को शिक्षा सहित अन्य क्षेत्रों में नई पहचान मिली है. उन्होंने नए शिक्षकों से अपील की कि वे शिक्षा के उन्नयन में योगदान दें और राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) के लक्ष्यों को पूरा करने में तकनीक का सहारा लें. चयन प्रक्रिया पूरी तरह से पारदर्शी- सीएम योगी इसके साथ ही कार्यक्रम में ITC लैब से सुसज्जित स्कूलों के प्रधानाचार्यों को प्रमाण पत्र प्रदान किए गए और राजकीय इंटर कॉलेजों में बनने वाले 23 मिनी स्टेडियमों का शिलान्यास भी किया गया. इस मौके पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि चयन प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी रही और इसमें किसी भी प्रकार की सिफारिश को जगह नहीं दी गई. उन्होंने यह भी कहा कि ‘मिशन रोजगार’ के तहत प्रदेश के युवाओं को लगातार रोजगार के अवसर मिल रहे हैं. सीएम योगी ने यह आश्वस्त किया कि राज्य में शिक्षकों की कमी को तेजी से दूर किया जा रहा है और सभी क्षेत्रों में सकारात्मक परिवर्तन और विकास स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है.

US की नौकरी ठुकराई, अब DCP सुनीति को संयुक्त राष्ट्र में प्रतिनियुक्ति, गृह मंत्रालय ने दी मंजूरी

लखनऊ उत्तर प्रदेश कैडर की 2013 बैच की आईपीएस अधिकारी सुनीति को संयुक्त राष्ट्र (UN) में प्रतिनियुक्ति की मंजूरी मिल गई है। गृह मंत्रालय (MHA) से स्वीकृति मिलने के बाद अब उत्तर प्रदेश सरकार आगामी चार दिनों में उन्हें कार्यमुक्त कर देगी। फिलहाल सुनीति नोएडा कमिश्नरेट में पुलिस उपायुक्त (DCP) के पद पर तैनात हैं। कौन हैं आईपीएस सुनीति? मूल रूप से चंडीगढ़ की रहने वाली सुनीति का प्रशासनिक सफर अनुशासन, सेवा भाव और प्रतिबद्धता का प्रतीक रहा है। उन्होंने कंप्यूटर साइंस में बीटेक की डिग्री हासिल करने के बाद इंजीनियर के रूप में अपने करियर की शुरुआत की, लेकिन जल्द ही उन्होंने तकनीकी क्षेत्र को छोड़कर सिविल सेवा का रास्ता चुना और भारतीय पुलिस सेवा में चयनित हुईं। अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने गौतम बुद्ध नगर में एएसपी (ग्रामीण) और एसपी (साइबर क्राइम) जैसे महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया है। खासकर साइबर अपराध की रोकथाम और तकनीकी जांच में उनकी दक्षता के लिए उन्हें विभाग में एक अलग पहचान मिली। उत्तर प्रदेश पुलिस के लिए गर्व का क्षण संयुक्त राष्ट्र जैसी वैश्विक संस्था में प्रतिनियुक्ति किसी भी अधिकारी के लिए बड़ी जिम्मेदारी और सम्मान का अवसर होती है। सुनीति की यह नियुक्ति न सिर्फ उनकी व्यक्तिगत उपलब्धि है, बल्कि यह उत्तर प्रदेश पुलिस बल के लिए भी गर्व का विषय है। चंडीगढ़ की रहने वाली हैं सुनीति तेज तर्रार आईपीएस सुनीति का जन्म चंडीगढ़ में 18 नवंबर, 1986 को हुआ। वह एक मिडिल क्लास में पली-बढ़ी हैं। उनके पिता सुरेश कुमार इंजीनियर और मां अनिला गृहिणी हैं। सुनीति ने अपनी शुरुआती शिक्षा सरकारी स्कूल से शुरू की। पांचवीं क्लास के बाद साइकिल से स्कूल जाना उनके जीवन में एक जरूरी बदलाव लेकर आया। माता-पिता ने सुनीति को हमेशा खुलकर जीने की आजादी दी। उन्होंने वर्ष 2002 में सीबीएसई बोर्ड से दसवीं की परीक्षा फर्स्ट डिवीजन में उत्तीर्ण की। 2013 में तीसरे प्रयास में क्रैक किया यूपीएससी एक्‍जाम सुनिति ने पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज से कम्प्यूटर साइंस से बीटेक की पढ़ाई पूरी करने के बाद नोएडा की एक कंपनी में जॉब भी की है। तब उनका सालाना पैकेज 10 लाख रुपये था। सुनीति के लिए नौकरी तो थी, लेकिन सुकून नहीं था। उनके अंदर देश सेवा करने का जुनून सवार हुआ। सुनीति ने कंपनी के अमेरिका भेजे जाने के ऑफर को ठुकराते हुए यूपीएससी परीक्षा की तैयारी शुरू कर दी और परीक्षा क्रैक कर अपने सपने को साकार कर आईपीएस बन गईं। यूपीएसएसी की परीक्षा में दो बार सुनीति को विफलता हाथ लगी। लेकिन इसके बाद वह अपनी मेहनत और लगन से तीसरे प्रयास में 2013 में सफल हो गईं। पहली पोस्टिंग मथुरा में आईपीएस बनने के बाद सुनीति की पहली पोस्टिंग 2015 में यूपी के मथुरा जिले में हुई। फिर सहारनपुर में एसीपी और और सीओ सिटी के पद पर जिम्मेदारी दी गई। इस बीच उन्होंने बतौर सीओ सिटी सहारनपुर में हत्या व लूट के कई संगीन मामलों को सॉल्व किया। उनके कामों को देखते हुए शासन ने सुनीति को नोएडा में एसपीआरए का पद सौंपा। आईपीएस सुनीति ने अपने निडर अंदाज से 50-50 हजार रुपये के दो कुख्यात इनामी अपराधियों को एनकाउंटर में गिरफ्तार किया। जरायम की दुनिया में कुख्यात भाटी गैंग के कई शूटरों को पकड़कर उन्होंने सलाखों के पीछे पहुंचाया। नोएडा के अपराधों पर लगाया लगाम गौतमबुद्ध नगर में क्राइम की स्थितियां अन्य जिलों से अलग थीं। यहां गुटों के बीच आपसी संघर्ष और संगठित अपराध के नेटवर्क का बोलबाला था। सुनीति ने क्राइम के नेटवर्क को तोड़ने और कानून व्यवस्था को मजबूत करने पर ध्यान केंद्रित किया। उनकी निपुणता और सफल कार्रवाई के बाद वर्ष 2019 में उनको औरैया एसपी के रूप में जिले की कमान सौंपी गई। आईपीएस सुनीति के लिए उनके जीवन में यह पहला अवसर था जब उन्हें पूरे जिले की कमान उनके हाथ में थी। कानून व्यवस्था के लिए यह एक बड़ी चुनौती भी थी, जिसे उन्होंने सफलतापूर्वक निभाया। वकील हत्‍याकांड में एमएलसी को करवाया अरेस्‍ट इस दौरान आईपीएस सुनीति के जीवन में अहम मोड़ आया। मार्च 2020 में नारायणपुर क्षेत्र में एक अधिवक्ता और उनकी बहन की हत्या हो गई। इस घटना ने पूरे राज्य में हलचल मचा दी। सुनीति ने क्राइम स्थल पर पहुंचकर जब मामले की गहराई से जांच पड़ताल की, तो पता चला कि जमीन विवाद के चलते एमएलसी कमलेश पाठक पीछे से इस घटना को अंजाम दिया था। आईपीएस सुनिति ने घटना से जुड़े साक्ष्य जुटाए और एमएलसी को गिरफ्तार किया। औरैया में हेल्‍पलाइन नंबर जारी करवाया महिला सुरक्षा को मजबूत बनाने के लिए आईपीएस अधिकारी ने जनपद में एक हेल्पलाइन भी जारी की। इसके अतिरिक्त, महिला आईपीएस अधिकारी ने औरैया में एक पांच वर्ष की मासूम बच्ची के साथ बलात्कार के मामले में तेजी से कार्रवाई की। उन्होंने महज 24 घंटे के भीतर दोषी को अरेस्ट कर 30 दिन के अंदर सजा दिलवा दी। यह मामला फास्ट ट्रैक कोर्ट में पहली बार इतनी तेजी से सुलझाया गया था। यह उनके काम के प्रति समर्पण का परिचायक था। 2016 में साथी इंजीनियर के साथ किया प्रेम विवाह महिला आईपीएस सुनीति को कठिन मेहनत और देश सेवा के लिए डीजीपी के सिल्वर और गोल्ड मेडल से नवाजा जा चुका है। अपने कार्यकाल के दौरान 2013 बैच की आईपीएस सुनीति ने औरैया के बाद एसपी अमरोहा, एसपी कानपुर देहात, एसपी एडमिन और डीसीपी गौतमबुद्ध नगर जैसे अन्य पद भी संभाले हैं। आईपीएस सुनीति ने अपने साथी इंजीनियर के साथ वर्ष 2016 में प्रेम विवाह किया। इस निर्णय में परिवार ने उनका साथ दिया। उनके पति एक आईटी कंपनी में प्राइवेट जॉब करते है।

जशपुर की बेटियों ने क्रिकेट में लहराया परचम, मुख्यमंत्री साय दी बधाई

अंडर-15 स्टेट टीम में इचकेला छात्रावास की 9 बालिकाएं सलेक्ट अंडर-19 टीम के लिए 6 बालिकाएं ट्रायल के अगले दौर में रायपुर,  छत्तीसगढ़ स्टेट क्रिकेट संघ द्वारा स्टेट टीम के चयन के लिए आयोजित ट्रायल स्पर्धा में जशपुर जिले के शासकीय प्री-मैट्रिक बालिका छात्रावास इचकेला की 9 बालिकाओं ने शानदार प्रदर्शन करते हुए अंडर-15 टीम में अपनी जगह बनाई है। जशपुर के इचकेला छात्रावास की ही 6 छात्राएं अंडर-19 की ट्रायल स्पर्धा के अगले दौर में पहुंची हैं। इचकेला छात्रावास की कुल 15 छात्राओं ने अपनी क्रिकेट प्रतिभा की बदौलत जशपुर जिले का नाम रौशन किया है।     मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने जशपुर जिले की बेटियों की क्रिकेट प्रतिभा की सराहना की है और उनकी इस शानदार उपलब्धि के लिए बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। मुख्यमंत्री ने कहा है कि यह गौरवशाली उपलब्धि न केवल जशपुर, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार खेलों के विकास और खिलाड़ियों को आगे बढ़ाने के लिए हरसंभव मदद दे रही है।     स्टेट अंडर-15 टीम के लिए इंजील लकड़ा, जिज्ञासा कुजूर, अमीषा लकड़ा, रितु भगत, पूर्वांशी साहू, साक्षी यादव, गायत्री बाई, अभिलाषी बड़ा और संतोषी बाई चयनित हुईं हैं।  इसी तरह अंडर-19 टीम के लिए आकांक्षा रानी, वर्षा बाई, नितिका बाई, झूमूर तिर्की, तुलसीका भगत और अलका रानी कुजूर ट्रायल के अगले दौर में पहुंच गई हैं, यह ट्रायल 08 मई को प्रातः 7 बजे से आरडीसीए ग्राउंड रायपुर में होगा।     गौरतलब है कि इचकेला छात्रावास की अधीक्षिका श्रीमती पंडरी बाई केे समर्पण से छात्रावास में न केवल खेल को बढ़ावा मिला, बल्कि वहां की आदिवासी बेटियां क्रिकेट के खेल में जशपुर जिले को गौरान्वित करने लगी है। यहां यह उल्लेखनीय है कि अधीक्षिका श्रीमती पंडरी बाई की बेटी आकांक्षा रानी, जो पहाड़ी कोरवा समुदाय से हैं और अंडर-19 बीसीसीआई टी-20 ट्रॉफी में छत्तीसगढ़ टीम की प्रमुख खिलाड़ी के रूप में अपनी पहचान बना चुकी हैं। आकांक्षा रानी के शानदार प्रदर्शन ने छात्रावास में रहने वाली अन्य बालिकाओं को क्रिकेट के खेल के प्रति आकर्षित किया, जिसके चलते इचकेला छात्रावास क्रिकेट खेल को लेकर प्रसिद्ध हो गया है। यहां अध्ययनरत बालिकाओं के क्रिकेट कोच श्री संतोष कुमार, मेंटोर श्री शंकर सोनी और छात्रावास वार्डन श्रीमती पंडरी बाई की अहम भूमिका रही है।     यह उल्लेखनीय है कि यह छात्रावास मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के गृह जिले में स्थित है। उनके नेतृत्व में आदिवासी अंचलों में शिक्षा और खेल के समन्वित विकास पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री जी की प्रेरणा और राज्य सरकार की योजनाओं का ही परिणाम है कि आज छत्तीसगढ़ की बेटियाँ क्रिकेट के मैदान में राज्य और देश का नाम रौेशन कर रही हैं।

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