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54 जिलों में मानसून की एंट्री, MP में इन जिलों में भारी बारिश का अलर्ट, जानें IMD अपडेट, ग्वालियर-चंबल में ऑरेंज अलर्ट

भोपाल  मध्य प्रदेश में मानसून ने दस्तक दे दी है और कई जिलों में बारिश का दौर शुरू हो गया है। भोपाल में बूंदाबांदी हुई है, अशोकनगर और रतलाम में तेज बरसात हुई है। ग्वालियर-चंबल संभाग के कुछ जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। अगले चार दिनों तक प्रदेश के कई जिलों में तेज बारिश की संभावना है क्योंकि दो लो प्रेशर एरिया और तीन साइक्लोनिक सर्कुलेशन सिस्टम एक्टिव हैं। 3 दिन में कवर किए 54 जिले प्रदेश के 54 जिलों में मानसून 3 दिन में ही पहुंच गया है, सिर्फ भिंड जिला बचा है जहां गुरुवार को मानसून की एंट्री होने की संभावना है। भोपाल में सुबह बूंदाबांदी हुई और बादल छाए रहे। आज ग्वालियर-चंबल संभाग के श्योपुर, मुरैना और गुना जिलों में भारी बारिश का अलर्ट है। यहां 24 घंटे में ढाई से सवा 4 इंच तक बारिश हो सकती है। भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, जबलपुर समेत पूरे प्रदेश में आंधी-बारिश होने की संभावना है।  अगले 4 दिनों तक भारी बारिश का अलर्ट एमपी में दो लो प्रेशर एरिया (कम दवाब का क्षेत्र) और तीन साइक्लोनिक सकुर्लेशन सिस्टम एक्टिव है। इस वजह से अगले 4 दिन तक प्रदेश के कई जिलों में तेज बारिश का अलर्ट है। कहीं अति भारी तो कहीं भारी बारिश हो सकती है। यानी, 24 घंटे के दौरान ढाई से 8 इंच तक पानी बरस सकता है। बुधवार को मंदसौर, रतलाम और बड़वानी में तेज बारिश हुई जिससे गर्मी से राहत मिली। धार, इंदौर और उज्जैन में भी बारिश का दौर रहा। 2 डिग्री तक लुढ़का पारा आंधी-बारिश की वजह से दिन के तापमान में गिरावट हुई है, प्रदेश में औसत 2 डिग्री तक पारा लुढ़क गया। टीकमगढ़ में सबसे ज्यादा 38.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। भोपाल में 33 डिग्री, इंदौर में 31.4 डिग्री, ग्वालियर में 35.5 डिग्री, उज्जैन में 31.7 डिग्री और जबलपुर में 37.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इंदौर, उज्जैन समेत कई जिलों में बारिश हुई, पारा लुढ़का प्रदेश के कई जिलों में बुधवार को आंधी-बारिश का दौर रहा। मंदसौर, रतलाम, बड़वानी में तेज बारिश हुई। इससे गर्मी से निजात मिल गई। वहीं, धार, इंदौर, रतलाम, उज्जैन में भी बारिश का दौर रहा। आंधी-बारिश की वजह से दिन के तापमान में खासी गिरावट हुई है। प्रदेश में औसत 2 डिग्री तक पारा लुढ़क गया। टीकमगढ़ में सबसे ज्यादा 38.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। बाकी शहरों में पारा इससे नीचे रहा। बड़े शहरों की बात करें तो भोपाल में 33 डिग्री, इंदौर में 31.4 डिग्री, ग्वालियर में 35.5 डिग्री, उज्जैन में 31.7 डिग्री और जबलपुर में 37.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इस बार एक दिन, पर 3 दिन में कवर किया इस बार देश में मानसून 8 दिन पहले ही आ गया था। वहीं, महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़ समेत कई राज्यों में यह तय समय से पहले पहुंच गया। ऐसे में अनुमान था कि मध्यप्रदेश में यह जून के पहले सप्ताह में ही आ जाएगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। पिछले 15 दिन से मानसून महाराष्ट्र-छत्तीसगढ़ में एक ही जगह पर ठहरा रहा। इस वजह से एमपी में इसकी एंट्री नहीं हो पाई। 13-14 जून को मानसून आगे बढ़ा। बावजूद यह प्रदेश में 1 दिन लेट हो गया। हालांकि, 3 दिन में ही मानसून ने पूरे प्रदेश को कवर कर लिया। बता दें कि एमपी में मानसून के प्रवेश की सामान्य तारीख 15 जून ही है। पिछले साल यह 21 जून को एंटर हुआ था। मानसून कब कहां पहुंचा इस बार देश में मानसून 8 दिन पहले ही आ गया था। महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़ समेत कई राज्यों में यह तय समय से पहले पहुंच गया। पिछले 15 दिन से मानसून महाराष्ट्र-छत्तीसगढ़ में एक ही जगह पर ठहरा रहा। 13-14 जून को मानसून आगे बढ़ा और प्रदेश में 1 दिन लेट हो गया। हालांकि, 3 दिन में ही मानसून ने पूरे प्रदेश को कवर कर लिया। एमपी में मानसून के प्रवेश की सामान्य तारीख 15 जून है, पिछले साल यह 21 जून को एंटर हुआ था। राजधानी भोपाल में जून महीने में तेज गर्मी और बारिश दोनों का ट्रेंड है। क्या कह रहा है पिछले 10 सालों का ट्रेंड पिछले 10 साल में 15 जून से पहले तेज गर्मी का असर रहा, 4 साल तो टेम्प्रेचर 45 डिग्री के पार पहुंच गया। रात का टेम्प्रेचर 17.4 डिग्री तक आ गया। साल 2020 में सबसे ज्यादा 16 इंच बारिश हुई थी। पिछले साल 2024 में पूरे महीने 10.9 इंच पानी गिरा था। 10 साल में दूसरी बार इतनी बारिश हुई थी, 24 घंटे में करीब 5 इंच पानी बरसा था। इंदौर में पिछले साल 4 इंच बारिश हुई थी। जून में पिछले 5 साल में कम गर्मी पड़ी पिछले 5 साल यानी 2020, 2021, 2022, 2023 और 2024 में जून में कम गर्मी पड़ी। पारा 39.6 से 41.1 डिग्री के बीच रहा है, पिछले साल 40.6 डिग्री तक पारा पहुंचा था। साल 1980 में इंदौर में जून महीने में 17 इंच से ज्यादा बारिश हुई थी। 24 घंटे में सर्वाधिक 5 इंच बारिश का रिकॉर्ड 23 जून 2003 को बना था।

दुनिया का सबसे स्लिम फोल्ड फोन जल्द आ रहा , 2 जुलाई को लॉन्च होगा, Samsung Fold 7 से होगा मुकाबला

मुंबई  फोल्ड हैंडसेट की थिकनेस एक बड़ी प्रोब्लम है, कई हैंडसेट की मोटाई तो 2 स्मार्टफोन के बराबर होती. अब Honor ने कंफर्म कर दिया है कि वह 2 जुलाई को HONOR Magic V5 लॉन्च करने जा रहा है. इस हैंडसेट को लेकर कंपनी का दावा है कि यह दुनिया का सबसे स्लिम और लाइटवेट फोल्ड स्मार्टफोन होगा. यह लॉन्चिंग चीन में होगी.  MWC Shanghai 2025 के दौरान HONOR के CEO James Li ने अपने अपकमिंग फोल्डेबल हैंडसेट की ऑफिशियल लॉन्च डेट का ऐलान कर दिया है. उन्होंने बताया है कि उनका यह हैंडसेट सबसे पावरफुल AI फोल्ड स्मार्टफोन होगा. इसके साथ ही उन्होंने बताया कि यह दुनिया का सबसे स्लिम और लाइटवेट फोल्ड स्मार्टफोन होगा.  HONOR Magic V3 की थिकनेस  बताते चलें कि कंपनी की रेंज में पहले से एक स्लिम हैंडसेट मौजूद है, जिसका नाम Magic V3 है. अनफोल्ड होने पर इसकी थिकनेस 4.35mm है, वहीं फोल्ड होने के बाद इसकी थिकनेस 9.2mm की है. इसका वजन 226 ग्राम है. HONOR Magic V5 की थिकनेस पुराने वर्जन की तुलना में ज्यादा होगी.  Samsung Galaxy Z Fold7 से होगा मुकालबा  कंपनी ने बताया है कि उनके इस अपकमिंग हैंडसेट का सीधा मुकाबला Samsung Galaxy Z Fold7 से होगा, जो 8 जुलाई में लॉन्च हो सकता है. कंपनी का दावा है कि HONOR Magic V5 के अंदर पावरफुल परफोर्मेंस, बेहतरीन टेक्नोलॉजी और पोर्टेबिलिटी देखने को मिलेगी.  HONOR Magic V5 में मिलेगा ये प्रोसेसर  पुरानी रिपोर्ट्स में इस हैंडसेट की कई लीक्स सामने आ चुके हैं. Honor का अपकमिंग फोल्ड फोन Snapdragon 8 Elite के साथ लॉन्च हो सकता है. इसमें 7.95 Inch का 2K+LTPO foldable स्क्रीन मिलेगा. इसमें 50MP का रियर कैमरा और 6100mAh की बैटरी मिलेगी, जो थर्ड जेनेरेशन सिलिकन कार्बन बैटरी होगी. इसके साथ 66W का फास्ट चार्जर दिया जा सकता है. आने वाले दिनों में इस हैडंसेट को लेकर और भी डिटेल्स सामने आएंगी.  

उत्तर प्रदेश में अब लोमड़ी और सियार के हमले में मौत पर मिलेगा ₹4 लाख रुपए का मुआवजा

लखनऊ  उत्तर प्रदेश सरकार ने लोमड़ी और सियार के हमले से होने वाली मृत्यु को राज्य आपदा घोषित कर दिया है। इसके बाद पीड़ित परिवार को चार लाख रुपये का मुआवजा मिलेगा। हालांकि मधुमक्खियों के हमले और इमारत गिरने से होने वाली जनहानि को अभी इस श्रेणी में शामिल नहीं किया गया है। यह निर्णय मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह की अध्यक्षता में गठित राज्य कार्यकारी समिति की संस्तुति के बाद लिया गया है। अब राज्य आपदा की श्रेणी में कुल 11 वन्यजीव शामिल हो गए हैं। पोस्टमार्टम में हमले से मृत्यु की पुष्टि होने पर ही मुआवजा दिया जाएगा। राज्य सरकार ने लोमड़ी और सियार के हमले से होने वाली मृत्यु को राज्य आपदा घोषित कर दिया है। अब इनके काटने से होने वाली मृत्यु पर पीड़ित परिवार को चार लाख रुपये का मुआवजा दिया जाएगा। मधुमक्खियों व इमारत गिरने से होने वाली जनहानि को फिलहाल राज्य आपदा की श्रेणी में नहीं रखा गया है। शासन ने सुझाव दिया है कि पहले वन विभाग से यह जान लिया जाए कि मधुमक्खियां वन्य जीव में आती हैं या नहीं। अगर वन्य जीव में आती हैं को उनके हमलों को भी राज्य आपदा घोषित किए जाने पर विचार किया जाएगा। राज्‍य आपदा में कुल 11 वन्‍यजीवों के हमले शामिल मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह की अध्यक्षता में गठित राज्य कार्यकारी समिति ने पिछले माह लोमड़ी, सियार और मधुमक्खी के हमले से होने वाली मौत को राज्य आपदा में शामिल करने की संस्तुति की थी। शासन ने लोमड़ी और सियार के हमले को राज्य आपदा के रूप में अधिसूचित कर दिया है। इसके साथ ही अब राज्य आपदा की इस श्रेणी में कुल 11 वन्यजीव शामिल कर लिए गए हैं। मधुमक्खी हमले का प्रस्ताव सरकार ने मधुमक्खी के हमले से होने वाली मौतों को भी राज्य आपदा में शामिल करने का प्रस्ताव तैयार किया है, जो वर्तमान में विचाराधीन है. यदि यह प्रस्ताव मंजूर हो जाता है, तो मधुमक्खी हमले से मरने वाले परिवारों को भी मुआवजा का लाभ मिल सकेगा. यह कदम ग्रामीण क्षेत्रों में बढ़ते वन्यजीव और कीटों के हमलों से निपटने की दिशा में उठाया गया है. उद्देश्य और प्रभाव इस फैसले का उद्देश्य वन्यजीवों के हमले से प्रभावित परिवारों को आर्थिक सहायता प्रदान करना और राज्य में मानव-वन्यजीव संघर्ष को कम करना है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सरकार वन्यजीवों के संरक्षण के साथ-साथ मानव जीवन की सुरक्षा को भी प्राथमिकता दे रही है. उन्होंने अधिकारियों को मुआवजा वितरण की प्रक्रिया को पारदर्शी और तेज बनाने के निर्देश दिए हैं. इन जानवरों के हमले में मरने पर मिलता है मुआवजा अभी तक यूपी में मगरमच्छ, हाथी, गैंडा, बाघ, शेर, तेंदुआ, भेड़िया, लकड़बग्घा और जंगली सुअर के हमले से जान जाने पर पीड़ित परिवार को चार लाख रुपये मुआवजा दिया जाता है। इन सभी जानवरों को मानव-वन्यजीव संघर्ष की श्रेणी-1 में रखा गया है। वहीं, श्रेणी-2 में लोमड़ी और सियार को रखा गया है।

सीएम योगी ने दिया आदेश- अब कोई भी ट्रांसफर अग्रिम आदेश तक प्रभावी नहीं होगा

लखनऊ  यूपी में तबादलों को लेकर विवादों के बाद सीएम योगी ऐक्शन में आ गए हैं। बेसिक और स्वास्थ्य विभाग में तबादला सत्र शून्य किए जाने के बाद अब स्टाम्प एवं रजिस्ट्रेशन विभाग में स्थानांतरणों पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है। सीएम योगी ने आदेश दिया है कि अब कोई भी ट्रांसफर अग्रिम आदेश तक प्रभावी नहीं होगा। योगी के निर्देश पर स्टाम्प एवं पंजीयन विभाग के प्रमुख सचिव ने तत्काल आदेश जारी करते हुए सभी तबादलों को स्थगित करने की सूचना दी है। इससे निबंधक और उप निबंधक पदों पर हो रहे तबादलों पर रोक लगाई गई है। इसके साथ ही पूरे मामले में जांच के निर्देश दिए गए हैं। उधर, मंत्री स्टाम्प एवं रजिस्ट्रेशन रविन्द्र जयसवाल ने कहा कि तबादलो में अधिकारियों ने लापरवाही बरती। मेरिट का पालन नहीं हुआ। जब हमारे पास लिस्ट आई तो हमें गड़बड़ी मिली। हमने मुख्यमंत्री से मुलाक़ात कर उनके सामने पूरी बात रखी तो उन्होंने यह तबाद्ले निरस्त कर दिए। अब इसकी जांच होगी और दोषियों पर कड़ी कार वाई होगी। आयुक्त स्तर पर भी लापरवाही हुई है। आपको बता दें कि यूपी में तबादले को लेकर विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। विवाद के बाद बेसिक और स्वास्थ्य विभाग में तबादला सत्र शून्य होने के बाद स्टाम्प एवं रजिस्ट्रेशन विभाग में भी शिकायत की मिली। मामला सीएम योगी तक पहुंचा तो वह तुरंत ऐक्शन में आ गए। तत्काल संज्ञान लेते हुए स्टाम्प एवं रजिस्ट्रेशन विभाग में हुए तबादलों पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी। इसके साथ ट्रांसफर मामले की जांच बैठा दी। दरअसल, महानिरीक्षक निबंधन ने 13 जून को तीन अलग-अलग पत्रों के माध्यम से 58 उपनिबंधकों, एक अन्य उपनिबंधक तथा 29 नव-प्रोन्नत उपनिबंधकों के तबादले व तैनाती आदेश दिया था। इसके अलावा एक दिन बाद 14 जून को जारी एक अन्य आदेश के तहत 114 कनिष्ठ सहायक (लिपिक) का भी तबादला किया गया। इन तबादलों में अनियमितता की बात कही गई। अब सभी तबादला आदेशों को अग्रिम आदेशों तक के लिए स्थगित कर दिए गए। इससे पहले बेसिक शिक्षा और स्वास्थ्य विभाग में भी तबादलों को लेकर विवाद हुआ था। इसके बाद दोनों विभाग में तबादला सत्र को शून्य कर दिया गया है।  

हाई कोर्ट ने BCCI को दिया जोरदार झटका, इस पूर्व IPL टीम को देने होंगे 538 करोड़ रुपये, पढ़ें पूरा मामला

मुंबई  बॉम्बे हाई कोर्ट ने एक बड़ा फैसला सुनाया। कोर्ट ने कोची टस्कर्स नाम की आईपीएल टीम के पक्ष में 538 करोड़ रुपये से ज्यादा के जुर्माने को सही ठहराया है। ये टीम अब बंद हो चुकी है। कोर्ट ने बीसीसीआई की चुनौती को खारिज कर दिया है। जस्टिस आर आई चागला ने कहा कि आर्बिट्रेशन एक्ट की धारा 34 के तहत कोर्ट का अधिकार सीमित है। कोर्ट, आर्बिट्रेटर के फैसले पर दोबारा विचार नहीं कर सकता। क्या है पूरा मामला? विवाद तब शुरू हुआ जब बीसीसीआई ने 2011 में कोची टस्कर्स टीम को खत्म कर दिया। बीसीसीआई का कहना था कि टीम अपने मालिकाना हक के विवादों के बीच 10% बैंक गारंटी देने में नाकाम रही। कोची टस्कर्स टीम ने 2011 में Rendezvous Sports World (RSW) के नेतृत्व में आईपीएल में भाग लिया था। इसे कोची क्रिकेट प्राइवेट लिमिटेड (KCPL) चलाती थी। KCPL ने बैंक गारंटी में देरी के लिए कई वजहें बताईं। इनमें स्टेडियम की उपलब्धता, शेयरहोल्डिंग पर सरकारी मंजूरी और आईपीएल मैचों की संख्या में कमी शामिल थी। इन सबके बावजूद, बीसीसीआई ने KCPL के साथ बातचीत जारी रखी और टीम को खत्म करने से पहले भुगतान भी स्वीकार किए। जस्टिस चागला ने कहा, ‘आर्बिट्रेशन एक्ट की धारा 34 के तहत इस कोर्ट का अधिकार बहुत सीमित है। बीसीसीआई का विवाद के गुण-दोषों में जाने का प्रयास एक्ट की धारा 34 के दायरे के खिलाफ है। सबूतों और गुण-दोषों के संबंध में दिए गए निष्कर्षों से बीसीसीआई की असंतुष्टि, फैसले पर हमला करने का आधार नहीं हो सकती।’ इसका मतलब है कि कोर्ट, आर्बिट्रेटर के फैसले को आसानी से नहीं बदल सकता। 2015 में पक्ष में आया था फैसला 2012 में, KCPL और RSW दोनों ने आर्बिट्रेशन की कार्यवाही शुरू की। 2015 में फैसला उनके पक्ष में आया। ट्रिब्यूनल ने KCPL को मुनाफे के नुकसान के लिए 384 करोड़ रुपये और RSW को बैंक गारंटी के गलत इस्तेमाल के लिए 153 करोड़ रुपये देने का आदेश दिया। इसके साथ ही, ब्याज और कानूनी खर्च भी देने को कहा गया। बीसीसीआई ने इन फैसलों का विरोध किया। उनका कहना था कि ट्रिब्यूनल ने अपने अधिकार क्षेत्र से बाहर जाकर काम किया है और कानूनी सिद्धांतों को गलत तरीके से लागू किया है। बीसीसीआई ने तर्क दिया कि KCPL की बैंक गारंटी देने में विफलता एक गंभीर उल्लंघन था, जिसके कारण टीम को खत्म करना सही था। KCPL और RSW ने जवाब दिया कि बीसीसीआई ने अपने आचरण से गारंटी की समय सीमा को माफ कर दिया था। उन्होंने कहा कि टीम को खत्म करना गलत और अनुचित था। उन्होंने कहा कि आर्बिट्रेटर का फैसला सही सबूतों पर आधारित था। कोर्ट ने कहा, ‘आर्बिट्रेटर का यह निष्कर्ष कि बीसीसीआई द्वारा कोची टीम को खत्म करना अनुबंध का उल्लंघन था, आर्बिट्रेशन एक्ट की धारा 34 के तहत इसमें कोई हस्तक्षेप नहीं किया जाएगा।’ कोर्ट ने नहीं किया बीसीसीआई को सपोर्ट कोर्ट को आर्बिट्रेटर के निष्कर्षों में हस्तक्षेप करने का कोई कारण नहीं मिला। कोर्ट ने कहा कि अगर कोई दूसरा विचार संभव भी हो, तो भी फैसले में हस्तक्षेप नहीं किया जाएगा। कोर्ट ने कहा, ‘इस प्रकार, रिकॉर्ड पर मौजूद इन तथ्यों और दस्तावेजों के आधार पर, विद्वान आर्बिट्रेटर का यह निष्कर्ष कि बीसीसीआई ने 22 मार्च, 2011 को या उससे पहले 2012 सीजन के लिए बैंक गारंटी देने की KCPL-FA की धारा 8.4 की आवश्यकता को माफ कर दिया था।’ इसका मतलब है कि बीसीसीआई ने बैंक गारंटी की समय सीमा को माफ कर दिया था। बीसीसीआई के पास अब इस फैसले को चुनौती देने के लिए छह सप्ताह का समय है। सीधे शब्दों में कहें तो, बॉम्बे हाई कोर्ट ने कोची टस्कर्स टीम के पक्ष में फैसला सुनाया है। कोर्ट ने कहा कि बीसीसीआई ने गलत तरीके से टीम को खत्म किया था और टीम को मुआवजा मिलना चाहिए।

वर्धमान महावीर ओपन यूनिवर्सिटी ने राजस्थान पीटीईटी परीक्षा की उत्तर कुंजी की जारी

जयपुर राजस्थान में बी.एड कोर्स में एडमिशन के लिए आयोजित प्री-टीचर एजुकेशन टेस्ट (PTET) 2025 की उत्तर कुंजी वर्धमान महावीर ओपन यूनिवर्सिटी (VMOU), कोटा ने आधिकारिक वेबसाइट ptetvmoukota2025.com पर जारी कर दी है। चारों सेटों की उत्तर कुंजी जारी यूनिवर्सिटी द्वारा चारों सेट (A, B, C, D) की उत्तर कुंजी अपलोड कर दी गई है। जो भी अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल हुए थे, वे वेबसाइट पर जाकर PDF फॉर्मेट में उत्तर कुंजी डाउनलोड कर सकते हैं और अपने अंकों का मिलान कर सकते हैं। 21 जून तक आपत्ति दर्ज कराने का मौका अगर किसी प्रश्न के उत्तर को लेकर अभ्यर्थियों को आपत्ति है, तो वे 19 जून से 21 जून 2025 के बीच ऑनलाइन मोड में अपनी आपत्ति दर्ज करा सकते हैं। प्रत्येक प्रश्न पर आपत्ति दर्ज कराने के लिए 100 रुपये का शुल्क निर्धारित किया गया है। इसके साथ ही, संबंधित प्रमाण (डॉक्युमेंट या प्रमाणित स्रोत) अपलोड करना अनिवार्य होगा। ध्यान दें कि बिना उचित साक्ष्य के भेजी गई आपत्तियों को स्वीकार नहीं किया जाएगा। 15 जून को हुई थी परीक्षा राजस्थान पीटीईटी 2025 परीक्षा राजस्थान के विभिन्न कॉलेजों में दो वर्षीय बैचलर ऑफ एजुकेशन (बीएड) कार्यक्रम में प्रवेश के लिए 15 जून को सुबह 11 बजे से दोपहर 2 बजे तक आयोजित हुई थी। यह परीक्षा राज्यभर के 41 जिलों में बनाए गए कुल 736 परीक्षा केंद्रों पर आयोजित हुई। इस वर्ष पीटीईटी में कुल 2.73 लाख अभ्यर्थियों ने आवेदन किया है, जो कि पिछले दो वर्षों की तुलना में काफी कम है। वर्ष 2023 में जहां 5.21 लाख छात्रों ने आवेदन किया था, वहीं 2024 में यह संख्या घटकर 4.27 लाख रह गई थी। अब 2025 में यह आंकड़ा और घटते हुए 2.73 लाख पर आ गया है। ऐसे करें डाउनलोड     सबसे पहले आधिकारिक वेबसाइट ptetvmoukota2025.com पर जाएं।     होमपेज पर “Rajasthan PTET Answer Key 2025” लिंक पर क्लिक करें।     अब अपने संबंधित सेट (A, B, C, D) को चुनें।     PDF फॉर्मेट में डाउनलोड करें और मिलान करें।  

कोका-पेप्सी को लगेगा झटका ! अंबानी का कैम्पा लेकर आ रहा है करंट , 8000 करोड़ से हिलेगा बाजार

मुंबई  मुकेश अंबानी की कंपनी रिलायंस कंज्यूमर प्रोडक्ट्स लिमिटेड (RCPL) अपने बेवरेज ब्रांड्स पर बड़ा निवेश करने जा रही है। कंपनी अगले 12-15 महीनों में 8000 करोड़ रुपये तक का निवेश करेगी। यह निवेश कैम्पा और अन्य पेय पदार्थों के उत्पादन को बढ़ाने के लिए किया जाएगा। रिलायंस कंज्यूमर इस निवेश के साथ बाजार में अपनी पकड़ मजबूत करना चाहती है। रिलायंस कंज्यूमर Coca-Cola और PepsiCo जैसी बड़ी कंपनियों को टक्कर देने के लिए तैयार है। साथ ही, कंपनी का लक्ष्य देश भर में मौजूद छोटे, क्षेत्रीय ब्रांड्स को भी चुनौती देना है। के मुताबिक कंपनी लगभग 10-12 नए कारखाने खोलने की योजना बना रही है। कुछ कारखाने कंपनी खुद बनाएगी और कुछ में दूसरी कंपनियों के साथ मिलकर काम करेगी। अब तक का सबसे बड़ा निवेश एक अधिकारी ने बताया कि यह RCPL द्वारा किया जाने वाला अब तक का सबसे बड़ा निवेश है। RCPL ने 2022 में रिलायंस रिटेल वेंचर्स की सहायक कंपनी के रूप में काम करना शुरू किया था। अधिकारी ने यह भी बताया कि यह निवेश रिलायंस और उसके कुछ साझेदारों द्वारा मिलकर किया जा रहा है। कुल मिलाकर 6000 से 8000 करोड़ रुपये का निवेश होगा। बिहार में भी लगेगा प्लांट फरवरी में रिलायंस ने गुवाहाटी में एक प्लांट शुरू किया था। यह प्लांट स्थानीय कंपनी Jericho Foods and Beverages LLP के साथ मिलकर शुरू किया गया है। इस प्लांट में सॉफ्ट ड्रिंक्स और पानी बनाया जाता है। यह प्लांट पूर्वोत्तर क्षेत्र की जरूरतों को पूरा करता है। कंपनी बिहार में भी एक और प्लांट लगाने जा रही है। अभी तक कैम्पा और अन्य पेय पदार्थ 18 प्लांट्स में बनाए जा रहे हैं। ये सभी प्लांट्स सह-निवेश के तहत बने हैं। इसका मतलब है कि इनमें रिलायंस के साथ-साथ दूसरी कंपनियों ने भी पैसा लगाया है। मुरलीधरन के साथ साझेदारी रिलायंस कंज्यूमर के बेवरेज पोर्टफोलियो में कई ब्रांड शामिल हैं। इनमें कैम्पा कोला, ऑरेंज और लेमन जैसे फ्लेवर हैं। इसके अलावा, सोस्यो सॉफ्ट ड्रिंक्स, स्पिनर स्पोर्ट्स ड्रिंक, सन क्रश जूस, फ्रूट-बेस्ड हाइड्रेशन ब्रांड RasKik और इंडिपेंडेंस वाटर भी शामिल हैं। रिलायंस कंज्यूमर ने श्रीलंका के पूर्व क्रिकेटर मुथैया मुरलीधरन के साथ साझेदारी की है। इस साझेदारी में स्पिनर स्पोर्ट्स ड्रिंक को बनाया और बेचा जाएगा। यह ड्रिंक 250 ml की बोतल में 10 रुपये में मिलेगी। यह PepsiCo के Gatorade और Sting जैसे ब्रांड्स से काफी सस्ती है। पोर्टफोलियो में कई ब्रांड रिलायंस कंज्यूमर कंपनी सिल जैम और स्प्रेड्स भी बनाती और बेचती है। इसके अलावा, Lotus Chocolate, Toffeeman और Ravalgaon जैसे कन्फेक्शनरी ब्रांड्स भी कंपनी के पोर्टफोलियो में शामिल हैं। एलन’स बगल्स स्नैक्स, वेलवेट शैम्पू और इंडिपेंडेंस स्टेपल्स जैसे ब्रांड्स भी कंपनी बनाती है। कंपनी के ज्यादातर 15 ब्रांड्स खरीदे हुए हैं। हालांकि, कंपनी के ब्रांड्स अभी कुछ ही बाजारों में उपलब्ध हैं। कंपनी चाहती है कि मार्च 2027 तक उसके सभी कंज्यूमर प्रोडक्ट्स पूरे देश में मिलने लगें।

MP में पांच दिन में बदल दिए 10482 अधिकारी-कर्मचारी, DGP की पहल पर फेरबदल

भोपाल  इस माह के अंत तक प्रदेश के थानों में तैनात पुलिस कर्मियों के चेहरे बदले-बदले नजर आएंगे। कारण यह कि एक सप्ताह के भीतर डीजीपी कैलाश मकवाणा के निर्देश पर जारी तीन आदेश हैं। इसमें सबसे बड़ा बदलाव तो यह होने वाला है कि चार साल से एक ही थाने में जमे पुलिसकर्मी हटाए जाएंगे। जिलों से पुलिस मुख्यालय को भेजी गई जानकारी के अनुसार इनकी संख्या आठ हजार से अधिक है। इनमें आरक्षक से लेकर उप निरीक्षक तक सम्मिलित हैं। इसके अतिरिक्त एक ही अनुभाग में दस साल से अधिक समय से काम कर रहे पुलिसकर्मियों का तबादला करने के आदेश दिए गए हैं। यही नहीं जिनके विरुद्ध जांच लंबित है, उन्हें भी हटाने का निर्देश है। थानों में बड़ा फेरबलद दिखाई देगा इन आदेशों का पालन करने से थानों में बड़ा फेरबदल दिखाई देगा। इन आदेशों के तहत 12 हजार से अधिक पुलिस कर्मियों का तबादला संभावित है। पहली बार एक साथ इस तरह से बदलाव की कोशिश की जा रही है। इसके पीछे तर्क दिया गया है कि इससे पारदर्शिता बढ़ेगी और आमजन की शिकायतें कम होंगी। मध्यप्रदेश पुलिस में 5 दिन में 10482 पुलिसकर्मियों के तबादले हुए  मपी पुलिस में बीते पांच दिनों में सब डिवीजन में पदस्थ सिपाही से सब इंस्पेक्टर तक के 10482 पुलिसकर्मियों का तबादला हुआ है। पुलिस मुख्यालय ने प्रदेशभर में 4 साल से अधिक समय से थानों में जमे पुलिसकर्मियों के तबादले के निर्देश दिए थे। इंदौर पुलिस कमिश्नरेट में सबसे अधिक 1029 पुलिसकर्मियों का ट्रांसफर हुआ है। ट्रांसफर किए गए सभी पुलिसकर्मियों को 1 हफ्ते के अंदर ही नई जगह ज्वाइनिंग भी करनी है।  5 दिन में 10,482 तबादले     आरक्षक, प्रधान आरक्षक, ASI और SI के तबादले     4 साल से एक थाने में जमे पुलिसकर्मियों के ट्रांसफर     पुलिस मुख्यालय ने 11 जून सभी एसपी को दिए थे निर्देश     DGP कैलाश मकवाना की पहल पर हुई बड़ी सर्जरी     5 दिन में प्रदेश के 1100 थानों में ट्रांसफर की कार्रवाई हुई     10482 पुलिस कर्मियों को किए ट्रांसफर     15 सूबेदार, 196 SI, 1083 ASI      3622 हेड कांस्टेबल, 5566 कांस्टेबल के ट्रांसफर     सबसे ज्यादा इंदौर में 1029 तबादला      ग्वालियर में 828      भोपाल में 699      जबलपुर में 535 पुलिसकर्मियों के ट्रांसफर   16 जून तक तबादला प्रोसेस पूरी करने के थे निर्देश यह कार्रवाई 11 जून को स्पेशल डीजी प्रशासन शाखा आदर्श कटियार द्वारा जारी आदेश के बाद शुरू हुई। सभी जिलों को 16 जून तक तबादला प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए गए थे। डीजीपी कैलाश मकवाणा ने इसे पुलिस तंत्र में सुधार, निष्पक्षता और पारदर्शिता लाने की दिशा में जरूरी कदम बताया। इस पूरी प्रक्रिया की उच्चस्तर पर मॉनिटरिंग की गई।  इंदौर में सबसे ज्यादा तबादले     एमपी पुलिस में 5 दिनों में 5 कैटेगरी के में अधिकारी-कर्मचारियों के तबादले हुए।  जिसमें हवलदार, एएसआई, एसआई और कांस्टेबल शामिल हैं। एमपी के 1100 थानों में हुए ट्रांसफर में से इंदौर में सबसे ज्यादा इंदौर पुलिस कमिश्नरेट में 1029 तबादले हुए। वहीं ग्वालियर में 828, भोपाल पुलिस कमिश्नरेट में 699, जबलपुर में 535 और नर्मदापुरम में 372 पुलिसकर्मियों के तबादले हुए। ‘दागदार’ पुलिसवालों पर अब कड़ी नजर तबादले के तुरंत बाद एक और आदेश जारी कर दिया गया। इसके तहत थानों में अब किसी भी दागी पुलिसकर्मी की पोस्टिंग नहीं की जाएगी। जिन पर भ्रष्टाचार, नैतिक गिरावट, मारपीट या अवैध गतिविधियों के आरोप हैं, वे थाने या क्राइम ब्रांच में तैनात नहीं किए जाएंगे। आपराधिक मामलों में जांच या कोर्ट केस झेल रहे पुलिसकर्मी भी इससे बाहर रहेंगे। केवल दुर्घटना से जुड़े केस वाले इससे अछूते रहेंगे। चार साल से एक थाने में जमे पुलिसकर्मी हटेंगे मुख्यालय के निर्देश पर तीन श्रेणी के पुलिसकर्मियों को चिह्नित किया जा रहा है। चार वर्ष से एक ही थाने में जमे पुलिसकर्मियों की जानकारी 16 जून तक पुलिस मुख्यालय को भेजने के लिए आदेशित किया गया था। अभी तक की जानकारी के अनुसार यह आंकड़ा लगभग आठ हजार है। दूसरा आदेश, दागी पुलिसकर्मियों को थाना, चौकी और कार्यालयों में पदस्थापना में नहीं रखने को लेकर है। मुख्यालय की तरफ से पहले भी इस संबंध में आदेश जारी किए गए थे, पर जिलों में अमल नहीं किया गया। इस कारण मंगलवार को पुलिस मुख्यालय ने फिर आदेश जारी कर सख्ती से लागू कराने के लिए कहा है। हर थाने में तीन से चार पुलिसकर्मी ऐसे हो सकते हैं जिनके विरुद्ध अपराध पंजीबद्ध हैं या विभागीय जांच चल रही है। ऐसे में इनकी संख्या भी तीन हजार से चार हजार के बीच हो सकती है। अन्य को मिला लें तो यह आंकड़ा 12 हजार से अधिक रहेगा। कुछ जिलों में चार वर्ष से अधिक समय से जमे पुलिसकर्मियों को स्थानांतरित करने का काम भी प्रारंभ हो गया है।

सोनम -राज समेत पांच आरोपियों की आज कोर्ट में पेशी, शिलांग पुलिस करेगी ये मांग

इंदौर    इंदौर के ट्रांसपोर्ट कारोबारी राजा रघुवंशी की हत्या को लेकर शिलांग पुलिस आज सोनम समेत पांचों आरोपियों को कोर्ट में पेश करने वाली है. पांचों आरोपियों की 8 दिन की पुलिस रिमांड अब खत्म हो चुकी है. ऐसे में संभावना जताई जा रही है कि पुलिस कोर्ट से पांचों आरोपियों की रिमांड बढ़ाने की मांग करेगी. माना ये भी जा रहा है कि कोर्ट से उन्हें इसकी मंजूरी मिल भी सकती है. शिलांग पुलिस ने इंदौर में मंगलवार और बुधवार को सोनम, राजा और राज के परिजन समेत कई लोगों से भी इंदौर पहुंचकर पूछताछ की है. बुधवार दोपहर करीब डेढ़ बजे शिलांग पुलिस और इंदौर क्राइम ब्रांच की टीम सोनम रघुवंशी के घर पहुंची. उसकी मां और भाई गोविंद से करीब 2 घंटे पूछताछ की थी. इसके बाद टीम विजय नगर इलाके में उनके ऑफिस और गोडाउन पर भी जांच करने पहुंची. इस दौरान गोविंद अपनी गाड़ी में अधिकारियों के साथ मौजूद रहा. यही टीम देवास नाका स्थित उस फ्लैट पर भी पहुंची, जहां सोनम 30 मई से 8 जून के बीच छिपकर ठहरी थी. फ्लैट को किराए पर देने वाले शिलोम जेम्स ने बताया कि टीम ने फ्लैट की भी तलाशी ली है. 25 साल की सोनम की 29 वर्षीय राजा से 11 मई को इंदौर में धूमधाम से शादी हुई थी. फिर दोनों 21 मई को हनीमून के लिए असम के गुवाहाटी से होते हुए मेघालय पहुंचे थे. इसके बाद दोनों 23 मई को पूर्वी खासी हिल्स जिले के सोहरा में नोंग्रियाट गांव में एक होम स्टे से चेक आउट करने के कुछ घंटों बाद ही लापता हो गए थे. 2 जून को फिर राजा का क्षत-विक्षत शव वेई साडोंग फॉल्स के पास एक घाटी में मिला था. बाद में सोनम 9 जून को उत्तर प्रदेश के गाजीपुर में मिली थी. पुलिस ने उसे अरेस्ट किया था. राज कुशवाह को इंदौर से पकड़ा गया सोनम के साथ हत्या में शामिल दो आरोपी भी गिरफ्तार हुए थे. इसके बाद राज कुशवाहा को इंदौर से पकड़ा गया. वहीं, पांचवां आरोपी सागर से गिरफ्तार हुआ. सोनम और उसके प्रेमी राज ने तीन लोगों को हत्या के लिए सुपारी दी थी. पुलिस ने सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर पूछताछ की और पूरे मामले का खुलासा किया. अब सबूत जुटाए जा रहे हैं. पुलिस सीन रीक्रिएट कर पूरे घटनाक्रम को समझने की कोशिश कर रही है. वहीं, राजा की हत्या से जुड़े अन्य पहलुओं को भी जांच रही है. इंदौर में शिलॉन्ग पुलिस के 3 अधिकारी शिलॉन्ग पुलिस के 3 अधिकारी 17 जून से इंदौर में हैं। वे यहां इंदौर क्राइम ब्रांच की टीम के साथ मिलकर अलग-अलग जगहों पर जाकर पूछताछ कर रहे हैं। सबसे पहले टीम राजा के घर पहुंची थी। इसके बाद बुधवार को टीम ने सोनम के घर उसकी मां और भाई से पूछताछ की। इसके अलावा अफसरों ने आरोपी राज कुशवाह के घर जाकर भी पूछताछ की है। शिलॉन्ग पुलिस के तीन अधिकारी और इंदौर क्राइम ब्रांच की टीम मंगलवार रात को राजा रघुवंशी के घर पहुंची थी। यहां पर राजा के परिवार के लोगों से पूछताछ की थी। पुलिस की टीम यहां करीब दो घंटे रुकी थी। इसके पहले टीम देवास नाका स्थित उस फ्लैट पर जांच करने पहुंची थी, जहां पर सोनम हत्याकांड के बाद रुकी थी।  

मौसम विभाग पर बड़ा अपडेट…आज कई राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट, जानें मौसम का हाल

नई दिल्ली भीषण गर्मी से बेहाल उत्तर भारत के कई राज्यों को राहत मिलने के आसार हैं। दक्षिण पश्चिम पश्चिम तेजी से आगे बढ़ रहा है, जिसकी वजह से कई इलाकों में बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग के मुताबिक, 23 जून तक देश के अलग-अलग हिस्सों में भारी बारिश, गरज के साथ वर्षा और तेज हवाएं चलने की भविष्यवाणी की गई है। आईडीएम के मुताबिक, मॉनसून की गतिविधियां तेज होने वाली हैं।देश के आधे से ज्यादा हिस्से में मॉनसून पहुंच चुका है और अच्छी बारिश का सिलसिला जारी है. कई राज्य बारिश से बेहाल हो गए हैं तो कई इलाकों में लोगों को गर्मी से राहत मिली है. हालांकि राजधानी दिल्ली में अभी मॉनसून ने दस्तक नहीं दी है लेकिन यहां प्री मॉनसून बारिश से कुछ राहत देखी जा रही है. आज, 19 जून भी मौसम विभाग ने लगभग आधे भारत में तेज बारिश का अलर्ट जारी किया है. मौसम विभाग के ताजा अपडेट के मुताबिक, आज झारखंड में अत्यधिक भारी बारिश का अलर्ट है. वहीं मध्य भारत और पूर्वोत्तर भारत में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट है. इसके अलावा मौसम का पूर्वानुमान लगाने  वाली एजेंसी स्काईमेट के मुताबिक, गुजरात, कोंकण, गोवा, तटीय कर्नाटक, पश्चिम बंगाल, बिहार के कुछ हिस्से, झारखंड, ओडिशा, पूर्वी असम, अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर और मिजोरम में हल्की से मध्यम बारिश का अलर्ट है. वहीं, इन्हीं राज्यों के कुछ क्षेत्रों में भारी बारिश की संभावना है. दिल्ली के मौसम का हाल राजधानी दिल्ली के मौसम की बात करें तो मौसम विभाग ने यहां आज मध्यम श्रेणी की बारिश का अलर्ट जारी किया है. इसके अलावा दिनभर बादल छाए रहेंगे. आईएमडी के मुबातिक शाम के वक्त दिल्ली में हल्की से मध्यम बारिश, आंधी और धूल भरी तेज हवाएं चल सकती हैं. वहीं रात के वक्त तूफान के साथ भारी बारिश हो सकती है. वहीं, चक्रवाती हवाओं की वजह से दिल्ली, गुजरात और दक्षिण भारत में तूफान की भी आशंका है. मौसम विभाग ने 23 जून तक पूरे भारत में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है. मुंबई में देर शाम से रुक-रुककर बारिश का सिलसिला जारी है. मौसम विभाग के मुताबिक आज मूसलाधार बारिश के आसार हैं. मौसम विभाग ने महाराष्ट्र के रायगढ़ और रत्नागिरी के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है जबकि मुंबई, ठाणे और पालघर के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है. पूर्वी राज्यों के लिए रेड अलर्ट जारी किया गया है। ओडिशा, झारखंड, छत्तीसगढ़ और पश्चिम बंगाल के कुछ हिस्सों के लिए खराब मौसम की आशंका है। इसी तरह, असम और मेघालय में भी रेड अलर्ट जारी किया गया है। दिल्ली-एनसीआर में भी मौसम सुहाना बना हुआ है। हालांकि, यहां मॉनसून की एंट्री 22-23 जून तक पहुंच सकता है। कहीं 21 तो कहीं 23 जून तक बारिश का अलर्ट भारतीय मौसम विभाग (IMD) के ताजा अपडेट पर गौर करें तो 19 जून से 23 जून तक देश के कई इलाकों में भारी बारिश का अनुमान है। पूर्वी और मध्य भारत में मॉनसून की रफ्तार बढ़ने वाली है। मध्य प्रदेश, विदर्भ, छत्तीसगढ़, ओडिशा, बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल में गंगा के मैदानी इलाकों में 21 जून तक मध्यम से भारी बारिश हो सकती है। इस दौरान गरज के साथ बिजली भी चमक सकती है और 40-50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं भी चल सकती हैं। पूर्व भारत में भारी बारिश का रेड अलर्ट दक्षिणी और पश्चिमी राज्यों में भी इस दौरान तेज बारिश की आशंका है। पूर्वोत्तर और उत्तर-पश्चिम भारत में भी भारी बारिश की तैयारी है। तटीय क्षेत्रों में तेज हवाएं चलेंगी। IMD ने दिल्ली के लिए ऑरेंज अलर्ट भी जारी किया है। पूर्वी भारत के राज्यों के लिए रेड अलर्ट जारी किया गया है। पश्चिमी भारत में गुजरात, कोंकण, गोवा और महाराष्ट्र में 20 जून तक भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। 22 और 23 जून को यहां और भी तेज बारिश हो सकती है। इस क्षेत्र में हवा की गति 30-40 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। राजस्थान, पंजाब, हरियाणा में भी बरसेंगे बदरा उत्तर-पश्चिम भारत में उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, पूर्वी राजस्थान, पंजाब और हरियाणा में भी भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ इलाकों में 19 जून से 21 जून तक बहुत भारी बारिश हो सकती है। हिमाचल प्रदेश, पंजाब और हरियाणा में 20 जून से 22 जून के बीच तेज बारिश होने की संभावना है। IMD ने तटीय इलाकों और समुद्र में 45 से 65 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की चेतावनी दी है। अरब सागर और बंगाल की खाड़ी में समुद्र की स्थिति खराब हो सकती है। मछुआरों को इस दौरान समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है। दिल्ली-एनसीआर में कैसा रहेगा मौसम IMD ने दिल्ली के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इसमें मध्यम से भारी बारिश, गरज के साथ बारिश और 40-50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अनुमान है। सुबह 82 फीसदी आर्द्रता और 28°C का न्यूनतम तापमान दर्ज किया गया। दिन का अधिकतम तापमान 36°C रहने का अनुमान है। बारिश के साथ बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने की आशंका भी जताई गई है।  

इंडिया वर्सेस इंग्लैंड टेस्ट मैच से पहले चोटिल हुआ ये बल्लेबाज, शुभमन गिल और गौतम गंभीर की बढ़ी मुश्किलें!

नई दिल्ली इंडिया वर्सेस इंग्लैंड पहला टेस्ट लीड्स में 20 जून से खेला जाना है। मगर इस मैच के शुरू होने से पहले भारतीय कैंप से बुरी खबर सामने आ रही है। लंबे समय बाद भारतीय टीम में वापसी कर रहे करुण नायर प्रैक्टिस के दौरान चोटिल हो गए हैं। प्रैक्टिस के दौरान प्रसिद्ध कृष्णा की गेंद उनके पेट पर जाकर लगी। करुण नायर ने कुछ देर तो बैटिंग करना जारी रखा, मगर वह सहज नहीं दिखे। कुछ देर बाद उन्होंने प्रैक्टिस बंद कर दी और उन्हें फिजियो के साथ देखा गया। करुण नायर की यह चोट कितनी गंभीर है अभी इसकी कोई जानकारी नहीं है। करुण नायर ने भारत के लिए आखिरी टेस्ट मार्च 2017 में खेला था। 8 साल बाद उन्होंने अब भारतीय टीम में वापसी की है और उनके पहले टेस्ट की प्लेइंग XI में शामिल होने की संभावनाएं काफी अधिक है। हालांकि मैच से पहले उनकी यह चोट उनका इंतजार बढ़ा भी सकती है। ऋषभ पंत ने कन्फर्म किया कि नवनियुक्त कप्तान शुभमन गिल विराट कोहली की विरासत को संभालेंगे और इंग्लैंड के खिलाफ सीरीज में नंबर-4 पर बैटिंग करेंगे। वहीं पंत ने यह भी बताया कि वह खुद नंबर-5 पर बैटिंग करने वाले हैं। ऐसे में नंबर-3 और 6 का पायदान ही करुण नायर के लिए खाली है। नायर ने 2016 में डेब्यू करने के बाद से छह टेस्ट मैच खेले हैं। पहले दो टेस्ट में कुछ खास प्रदर्शन न करने के बाद, उन्होंने इतिहास रच दिया और इस प्रारूप में तिहरा शतक बनाने वाले दूसरे भारतीय बल्लेबाज बन गए। हालांकि, ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ घरेलू टेस्ट सीरीज के दौरान उन्हें संघर्ष करना पड़ा जिसके बाद उन्हें टीम से बाहर कर दिया गया। अब डोमेस्टिक क्रिकेट में रनों का अंबार लगाने के बाद उनकी 8 साल बाद टेस्ट टीम में वापसी हुई है।

गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे कल से होगा शुरू, 91 KM लंबे लिंक रोड से पूर्वांचल को मिलेगी रफ्तार

 गोरखपुर  पूर्वांचल को रफ्तार की सौगात मिलने जा रही है। गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे खुलने को तैयार है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ कल 20 जून को गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे का उद्घाटन करेंगे। इसके बाद चालू हो जाएगा। प्रवेश नियंत्रित मार्ग होने के कारण गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे की कुल 91.35 किमी की दूरी एक घंटे से भी कम समय में पूरी की जा सकती है। यही नहीं, इस लिंक एक्सप्रेसवे से होकर, आजमगढ़ में पूर्वांचल एक्सप्रेसवे होते हुए लोगों को गोरखपुर से लखनऊ पहुंचने में महज साढ़े तीन घंटे का समय लगेगा। इसके साथ लखनऊ के बाद भी आगरा, यमुना एक्सप्रेसवे के जरिए पूर्वांचल से दिल्ली तक सफर आसान होगा। इस प्रोजेक्ट पर काम शुरू होने के साथ ही रफ्तारपूर्ण यातायात सुगमता, उद्योग और इसके जरिये रोजगार को लेकर सरकार ने जो पूर्वानुमान लगाए थे, वे साकार भी होने लगे हैं। लिंक एक्सप्रेसवे की बेहतरीन कनेक्टिविटी से पूर्वी उत्तर प्रदेश के विकास का नक्शा और सुनहरा होना तय माना जा रहा है। उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीडा) के अनुसार, गोरखपुर, संतकबीरनगर, अंबेडकरनगर और आजमगढ़ जिले में पड़ने वाले एक्सप्रेसवे के निर्माण पर 7283 करोड़ 28 लाख रुपये की लागत आई है। इसमें भूमि अधिग्रहण की लागत भी शामिल है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की प्राथमिकता वाली परियोजनाओं में से एक गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे गोरखपुर बाईपास एनएच- 27 ग्राम जैतपुर के पास से प्रारंभ होकर पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर आजमगढ़ के सालारपुर में समाप्त हो रहा है। इस एक्सप्रेसवे से गोरखपुर क्षेत्र, पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के माध्यम से लखनऊ, आगरा एवं दिल्ली तक त्वरित एवं सुगम यातायात कॉरिडोर से जुड़ रहा है। राज्य सरकार का रोड इंफ्रास्ट्रक्चर सुदृढ़ करने पर सतत जोर है। गोरखपुर पूर्वी उत्तर प्रदेश का प्रमुख केंद्र है और चारों तरफ फोरलेन सड़कों की कनेक्टिविटी से यह विकास के नए मॉडल के रूप में विकसित हो रहा है। विकास की इस प्रक्रिया में नवनिर्मित गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे और भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। 91 किमी से अधिक लंबाई वाला यह एक्सप्रेसवे आजमगढ़ में पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से जुड़कर राजधानी लखनऊ और फिर वहां से अन्य प्रमुख महानगरों की राह सुगम करेगा। यातायात सुगमता का सकारात्मक असर व्यापार और उद्योग पर भी पड़ेगा। खुल गया गोरखपुर एक्सप्रेसवे पूर्वी उत्तर प्रदेश को सड़क मार्ग के जरिए रफ्तार देने की दिशा में एक कदम और बढ़ चुका है। जी हां, गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे की राइडिंग क्वालिटी और राइडिंग कंफर्ट का टेस्ट होते ही वाहनों के लिए 20 जून को खोल दिया जाएगा। इस एक्सप्रेसवे पर 120 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से गाड़ियां दौड़ा सकेंगे। उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (UPIEDA) ने गोरखपुर एक्सप्रेसवे के निर्माण में वाइब्रेशन और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर आधारित ईटीएच यूनिवर्सिटी ज्यूरिख, स्विट्जरलैंड और इसी यूनिवर्सिटी की स्वतंत्र कंपनी (स्पिन ऑफ कंपनी) आरटीडीटी लैबोरेटरी एजी की तकनीक और उपकरणों का इस्तेमाल किया है। इस तकनीकि का किया गया इस्तेमाल इसके अंतर्गत वाइब्रेशन टेक्नोलॉजी एंड एक्सीलरोमीटर बेस्ड 7 सेंसर (4 राइडिंग क्वालिटी और 3 राइडिंग मोशन के लिए), एस मोशन सेंसर, मिजरमेंट और डाटा कलेक्शन के आवश्यक उपकरण इनोवा वाहन में स्थापित किए गए। यूपीडा ने इस तकनीक से प्रदेश के सभी एक्सप्रेसवे के प्रत्येक लेन की राइडिंग क्वालिटी और राइडिंग कंफर्ट सुनिश्चित करने के लिए संपूर्ण जांच तथा सुधारात्मक उपाय करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे के निर्माण के बाद फोर लेन की जांच पूर्ण की जा चुकी है और प्राप्त मूल्यांकित आंकड़ों और परिणाम के आधार पर राइडिंग क्वालिटी एवं राइडिंग कंफर्ट में सुधार कर इसे विश्व स्तरीय बना लिया गया है। एडवांस्ड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम से लैस एक्सप्रेसवे गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे को एडवांस्ड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (Advanced Traffic Management System एटीएमएस) से लैस किया गया है। इससे पहले, यूपीडा द्वारा बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे (Bundelkhnad Expressway) को भी आईटीएमएस युक्त करने की प्रक्रिया को लेकर भी कार्य शुरू किया गया था जो कि निरंतर प्रगति पर है। गोरखपुर एक्सप्रेसवे के निर्माण से आर्थिक विकास के साथ कृषि क्षेत्र, व्यापार, पर्यटन और उद्योग धंधों, होटल रेस्टोरेंट में बढ़ोतरी होगी। इसके अलावा एक्सप्रेसवे के दोनों ओर औद्योगिक कॉरिडोर बनाए जाएंगे, जिससे स्थानीय लोगों को प्रत्यक्ष अप्रत्यक्ष तौर पर रोजगार मिलेगा। साथ रियल स्टेट क्षेत्र को बूस्ट मिलेगा। लखनऊ पहुंचने में नहीं लगेगी देर पूर्वी यूपी यानी गोरखपुर से लखनऊ को जोड़ने के लिए गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे अहम भूमिका निभाएगा। 91 किलोमीटर लंबा तक फैला यह 4 लेन एक्सप्रेसवे गोरखपुर और आजमगढ़ को सीधे जोड़ेगा। इसके अलावा यह पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से भी जुड़ेगा, जिससे लखनऊ और गोरखपुर के बीच अधिक सुविधाजनक मार्ग और कम समय में यात्रा पूरी हो सकेगी। इस हाईटक मार्ग से गोरखपुर, अम्बेडकरनगर, संतकबीरनगर, आजमगढ़ सीधे तौर पर लाभान्वित होंगे। गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे की खासियत गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे को आईटीएमएस इनेबल्ड बनाने की कार्ययोजना के तहत ट्रैफिक मैनेजमेंट कमांड सेंटर की स्थापना की गई। इसके जरिए ट्रैफिक मॉनिटरिंग व मैनेजमेंट प्रक्रिया को बल मिलेगा। ट्रैफिक मैनेजमेंट कंट्रोल (Traffic Management Control) यूनिट को रिकॉर्डिंग सर्वर स्टोरेज व बैकअप रिकॉर्डिंग्स सर्वर युक्त किया जाएगा। टीएमसी यूनिट को फैसिलिटी मॉनिटरिंग सिस्टम कंट्रोलर, ग्राफिक डिस्पले, इंटरनेट व एसएमएस सर्वर तथा फाइबर चैनल होस्ट से युक्त किया जाएगा। इमर्जेंसी टेलिफोन हेल्पलाइन कंसोल, स्टाफ के लिए आधार इनेबल्ड बायोमीट्रिक फिंगरप्रिंट स्कैनर मशीन समेत विभिन्न प्रकार की सुविधाओं से टीएमसी यूनिट को युक्त किया जाएगा। कैमरा रखेगा निगरानी मोशन डिटेक्शन सर्विलांस कैमरा व व्हीकल स्पीड डिटेक्शन सिस्टम को गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे के दोनों तरफ इंस्टॉल किया गया है। इससे, ओवरस्पीडिंग (Overspeeding) करने वाली गाड़ियों के विषय में अलर्ट जारी हो सकेगा और कंट्रोल रूम द्वारा इसे तुरंत ट्रैक किया जा सकेगा। वहीं, वीडियो इंसिडेंट डिटेक्शन एनफोर्स्ड सिस्टम (वीआईडीएस) तथा इंसिडेंट डिटेक्शन एनफोर्स्ड सिस्टम (आईडीएस) को भी आईटीएमएस प्रक्रिया के अंतर्गत लागू किया जाएगा। चयनित एजेंसी को इन सभी इक्विप्मेंट्स की प्रोक्योरमेंट, इस्टॉलेशन, ऑपरेशन व मेंटिनेंस से संबंधित कार्यों को पूर्ण करना होगा। इसके अतिरिक्त यूपीडा स्टाफ को इसके संचालन के लिए ट्रेनिंग भी उपलब्ध करायी जाएगी। इस क्रम में, टेक्निकल स्टाफ व कंट्रोल रूम ऑपरेशन स्टाफ की नियुक्ति का कार्य भी एजेंसी द्वारा पूर्ण किया जाएगा। गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे : एक नजर में -प्रारंभ बिंदु : जैतपुर (गोरखपुर) -अंतिम बिंदु : सालारपुर (आजमगढ़) -पूर्णतः प्रवेश नियंत्रित फोरलेन (सिक्सलेन में विस्तारणीय) -2 टोल प्लाजा 3 रैम्प प्लाजा -7 फ्लाईओवर -16 वेहिकुलर अंडरपास -50 लाइट वेहिकुलर अंडरपास … Read more

पुणे में दर्दनाक सड़क हादसा, Car- Pickup की टक्कर में 8 लोगों की मौत

पुणे  महाराष्ट्र के पुणे जिले में बुधवार को बेहद ही दर्दनाक सड़क हादसा हुआ है. जेजुरी मोरगांव रोड पर हुए इस हादसे में 8 लोगों की मौत हो गई है. जेजुरी पुलिस स्टेशन की सीमा में बुधवार को शाम 6:45 बजे के करीब किर्लोस्कर कंपनी के पास श्रीराम ढाबे के सामने जेजुरी-मोरगांव रोड पर ये भीषण हादसा हुआ. दरअसल, श्रीराम ढाबे के मालिक वायसे अपने ढाबे के लिए फ्रिज को पिकअप वाहन से नीचे उतार रहे थे, तभी पीछे से तेज रफ्तार में आ रही स्विफ्ट डिजायर कार ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी. इस दुर्घटना में सात पुरुष और एक महिला की मौत हो गई, जबकि एक पुरुष, एक महिला और दो छोटे बच्चे घायल हो गए हैं. मृतकों के शव जेजुरी ग्रामीण अस्पताल में पोस्टमॉर्टम के लिए लाए गए हैं. घायलों में एक पुरुष, एक महिला और दो छोटे बच्चों का उपचार शांताई हॉस्पिटल, जेजुरी में चल रहा है. मृतकों के नाम निम्नलिखित हैं: 1. सोमनाथ रामचंद्र वायसे – निवासी, तालुका पुरंदर, जिला पुणे 2. रामू संजीवनी यादव – निवासी, तालुका पुरंदर, जिला पुणे 3. अजय कुमार चव्हाण – निवासी, उत्तर प्रदेश 4. अजित अशोक जाधव – निवासी, कांजळे, तालुका भोर, जिला पुणे 5. किरण भारत राऊत – निवासी, पवारवाड़ी, तालुका इंदापुर, जिला पुणे 6. अश्विनी संतोष एस.आर. – निवासी, सोलापुर 7. अक्षय संजय राऊत – निवासी, झारगडवाड़ी, तालुका बारामती, जिला पुणेृ 8. एक अज्ञात पुरुष – पहचान शिनाख्त नहीं हो सकी है पुलिस अधीक्षक संदीप सिंह गिल ने पुष्टि की कि स्थानीय पुलिस तुरंत घटनास्थल पर पहुंची और क्रेन की मदद से मलबे को हटाने की प्रक्रिया शुरू की. घटनास्थल से क्षतिग्रस्त वाहनों को हटाने के प्रयास जारी हैं. उन्होंने बताया कि अब तक आठ लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है.  मृतकों में से एक की पहचान अभी नहीं हो पाई है.     

Delhi-Leh Indigo Flight आधे रास्ते से लौटा, यात्री परेशान, कारण पर सवालिया निशान

नई दिल्ली राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली से लेह जा रही इंडिगो की फ्लाइट संख्या 6E 2006 को तकनीकी कारणों से आपातकालीन लैंडिंग करानी पड़ी है। विमान लेह पहुंचने के कुछ ही देर बाद वापस लौट आया और सुरक्षित तरीके से दिल्ली में उतर गया। विमान में चालक दल के सदस्यों सहित करीब 180 लोग सवार थे। फिलहाल किसी के घायल होने की खबर नहीं है। सभी को विमान से नीचे उतार लिया गया है। अहमदाबाद प्लेन क्रैश के बाद कई भारतीय एयरलाइन के विमानों को इमरजेंसी लैंडिंग करानी पड़ी है। 16 जून को गोवा से लखनऊ जा रही इंडिगो की फ्लाइट को उड़ान भरने के तुरंत बाद इमरजेंसी लैंडिंग करानी पड़ी थी। विमान में सवार यात्रियों ने इस अनुभव को भयावह बताया। अशांति के कारण केबिन के अंदर दहशत फैल गई। हालांकि. चालक दल ने शांति बहाल करने और विमान को सुरक्षित रूप से उतारने में कामयाबी हासिल की। इसके अगले दिन 17 जून को कोच्चि से दिल्ली जाने वाली इंडिगो की एक और फ्लाइट 6E 2706 को नागपुर डायवर्ट कर दिया गया, क्योंकि अधिकारियों को बम की धमकी मिली थी। इसमें विशेष रूप से फ्लाइट नंबर का उल्लेख था। धमकी को विश्वसनीय माना गया, जिसके बाद प्रोटोकॉल के अनुसार तत्काल उच्च स्तरीय सुरक्षा बैठक बुलाई गई। तब तक फ्लाइट उड़ान भर चुकी थी। सुबह 9:20 बजे उड़ान भरने वाला विमान सुरक्षित रूप से नागपुर में उतरा। हालांकि, बाद में जांच के दौरान विमान में कुछ नहीं मिला। 18 जून को भुवनेश्वर से कोलकाता के लिए उड़ान भरने वाली इंडिगो फ्लाइट 6E 6101 टेक-ऑफ की तैयारी कर रही थी, जब पायलट ने एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) को संदिग्ध तकनीकी गड़बड़ी के बारे में सूचित किया। तुरंत प्रतिक्रिया देते हुए ATC ने विमान को टेक-ऑफ को रोकने और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पार्किंग बे में लौटने का निर्देश दिया। विमान को तुरंत रनवे से वापस ले जाया गया और सभी यात्रियों को सुरक्षित रूप से उतार दिया गया। उसी दिन रायपुर एयरपोर्ट पर एक तकनीकी खराबी के कारण तनावपूर्ण स्थिति पैदा हो गई, जब दिल्ली-रायपुर इंडिगो की एक उड़ान में यात्री विमान के दरवाजे के जाम होने के कारण उतरने के बाद लगभग आधे घंटे तक विमान के अंदर फंसे रहे। छत्तीसगढ़ के रायपुर नगर निगम की मेयर मीनल चौबे ने दावा किया कि बुधवार को दिल्ली से रायपुर एयरपोर्ट पर पहुंचे इंडिगो के विमान का दरवाजा नहीं खुलने के कारण यात्री 30 मिनट से अधिक समय तक विमान में बैठे रहे। विमान में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और अन्य नेता भी मौजूद थे। चौबे ने फोन पर पीटीआई को बताया कि अपराह्न दो बजकर 20 मिनट पर रायपुर एयरपोर्ट पर उतरने के बाद विमान संख्या 6E-6312 का दरवाजा 30 मिनट से अधिक समय तक बंद रहा। उन्होंने कहा, “जब हमने गेट खुलने में देरी का कारण पूछा तो चालक दल ने हमें बताया कि कुछ तकनीकी समस्या है।”

110 छात्र को वॉर जोन से निकाला, ऑपरेशन ‘सिंधु’ के तहत पहला जत्था स्वदेश पहुंचा

नई दिल्ली ईरान और इज़राइल के बीच बढ़ते युद्ध जैसे हालात के बीच भारत ने अपने नागरिकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए “ऑपरेशन सिंधु” की शुरुआत की है। इस विशेष अभियान के तहत भारत सरकार ने ईरान में फंसे हजारों भारतीयों को सुरक्षित निकालने का कार्य तेज़ कर दिया है। राहत की पहली खबर गुरुवार सुबह तब आई, जब 100 से अधिक भारतीय छात्रों का पहला जत्था सुरक्षित रूप से दिल्ली पहुंचा।  मिसाइलों के साए से वतन वापसी वतन लौटे छात्रों ने वहां के हालात को दिल दहला देने वाला बताया। एक छात्र यासिर गफ्फार ने बताया, “रात में हमारे ऊपर से मिसाइलें गुजरती थीं, आसमान में धमाके होते थे। हर वक्त डर का माहौल था। लेकिन जैसे ही भारत की ज़मीन पर कदम रखा, एक सुकून महसूस हुआ।” छात्रों का कहना है कि हालात बिगड़ने के साथ ही उनकी यूनिवर्सिटी प्रशासन ने उन्हें सुरक्षित स्थानों पर भेजना शुरू किया। कई छात्रों को पहले उत्तरी ईरान से निकालकर आर्मेनिया पहुंचाया गया, फिर वहां से कतर के रास्ते भारत लाया गया।  जानकारी के मुताबिक भारतीय छात्र 18 जून को एक विशेष फ्लाइट में येरेवन के ज़्वार्टनोट्स अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे से रवाना हुए थे। विमान 19 जून की सुबह नई दिल्ली में लैंड हुआ। इससे पहले भारत ने ईरान में फंसे लोगों को सुरक्षित वापस लाने के लिए ऑपरेशन सिंधु की शुरुआत की है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में इसकी घोषणा की थी। उन्होंने लिखा, “भारत ने ईरान से भारतीय नागरिकों को निकालने के लिए ऑपरेशन सिंधु शुरू किया है। भारत विदेश में अपने नागरिकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देता है।” भारतीय अधिकारियों ने भारतीयों की सुरक्षित वापसी के लिए ईरान और अर्मेनिया की मदद की सराहना भी की है। बता दें कि संघर्ष शुरू होने के बाद से ही ईरान ने अपने हवाई क्षेत्र को बंद कर दिया है, जिससे फंसे नागरिकों की मुसीबतें और बढ़ गईं। वहीं आस पास के देशों में भी दर्जनों एयरपोर्ट बंद कर दिए गए हैं। इसके बाद भारत ने नागरिकों की वापसी के लिए ईरान से बॉर्डर तक सुरक्षित रास्ता मुहैया कराने का अनुरोध किया था। ईरान के इस अनुरोध को स्वीकारने के बाद छात्रों को अजरबैजान, तुर्कमेनिस्तान और अफगानिस्तान जैसे पड़ोसी देशों के जरिए बाहर निकलने की सलाह दी गई है। भारतीय दूतावास ने ईरान में 24*7 कंट्रोल रूम भी स्थापित किया है। बता दें कि ईरान में 4,000 से अधिक भारतीय नागरिक रहते हैं। इनमें से ज्यादातर छात्र हैं।

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