Bhopal Police’s ‘bizarre’ move! To strengthen the case in a fraud matter, they made the victim themselves purchase new items.
राजधानी भोपाल में जालसाजी के एक मामले में पुलिस की कार्रवाई ने ही पीड़ित दुकानदार को दूसरी बार नुकसान में डाल दिया। आरोप है कि जालसाज द्वारा ठगी किया गया सामान बेच देने के बाद पुलिस ने केस को मजबूत करने और जब्ती दिखाने के लिए उसी दुकानदार से दोबारा वैसा ही सामान मंगवा लिया। करीब 15 हजार रुपए का यह सामान अब पुलिस के मालखाने में केस प्रॉपर्टी के रूप में जमा है। दुकानदार का कहना है कि अब उसे अपना सामान कोर्ट की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही वापस मिल सकेगा। मामले को लेकर अलोरा डिजाइन स्टूडियो के संचालक अमित चौकसे ने शाहपुरा पुलिस की कार्रवाई की शिकायत पुलिस कमिश्नर से की है।
खरीदने के बहाने ले गया आठ सूट और दो साड़ियां
फरियादी अमित चौकसे के अनुसार, आरोपी अनिल मिश्रा उनकी दुकान पर आया था। उसने आठ सूट और दो साड़ियां समेत करीब 15 हजार रुपए का सामान खरीदने के बहाने लिया। भुगतान करने का भरोसा देकर वह सामान लेकर चला गया, बाद में भुगतान नहीं किया। अमित का आरोप है कि आरोपी ने ठगी से हासिल सामान को आगे बेच दिया और रकम अपने पास रख ली। शिकायत मिलने के बाद शाहपुरा पुलिस ने मामले में केस दर्ज किया। हालांकि, आरोपी के कब्जे से ठगी का मूल सामान बरामद नहीं हो सका।
असली सामान नहीं मिला तो दुकानदार से मंगवाया नया माल
दुकानदार का आरोप है कि ठगी का सामान बरामद नहीं होने के बाद पुलिस ने केस को मजबूत करने और जब्ती दिखाने के लिए उससे दोबारा वैसा ही सामान उपलब्ध कराने को कहा। पुलिस की कार्रवाई में सहयोग करते हुए अमित ने करीब 15 हजार रुपए का सामान फिर से उपलब्ध करा दिया। आरोप है कि पुलिस ने बाद में एक खंडहरनुमा इमारत में इसी सामान की जब्ती दिखा दी। अब यह सामान केस प्रॉपर्टी के तौर पर पुलिस के मालखाने में जमा है। दुकानदार ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब आरोपी मूल सामान बेच चुका था, तो केस मजबूत करने के लिए पीड़ित से नया सामान लेकर उसकी जब्ती दिखाने की जरूरत क्यों पड़ी? उसका कहना है कि ठगी का नुकसान झेलने के बाद पुलिस की कार्रवाई का आर्थिक बोझ भी उसी पर आ गया।
क्या कह रही शाहपुरा पुलिस?
शाहपुरा थाना प्रभारी संतोष मरकाम ने कहा कि आरोपी द्वारा शिकायतकर्ता पर समझौते का दबाव बनाया जा रहा है। इसी वजह से शिकायतकर्ता की ओर से इस तरह के आरोप लगाए जा रहे हैं। मामले की जांच अधिकारी से पूरी जानकारी ली जाएगी और आरोपों की जांच की जाएगी।









