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वीवो टी4 अल्‍ट्रा जल्द भारत में होगा लॉन्‍च

नई दिल्ली  कई दिनों से चर्चाओं में चल रहा स्‍मार्टफोन ‘वीवो टी4 अल्‍ट्रा’ भारत में 11 जून को लॉन्‍च किया जाएगा। कंपनी ने लॉन्‍च डेट को कन्‍फर्म कर दिया है। कुछ फीचर्स भी आउट हो गए हैं, जिनमें यह दावा है कि अपकमिंग वीवो स्‍मार्टफोन में सेगमेंट का पहला 10एक्‍स टेलिफोटो मैक्रो कैमरा दिया जाएगा। जो प्रमोशन इमेजेस सामने आई हैं, उसमें एक चीटीं को मैक्रो कैमरा से क्‍लिक किया हुआ दिखाया गया है। फोटों में चीटीं की आंखें भी साफ दिख रही हैं। अब यह तो फोन रिव्‍यू के बाद ही पता चलेगा कि टी4 अल्‍ट्रा का कैमरा कितना प्रभावी है। कंपनी इस फोन में 100एक्‍स जूम देने वाली है। vivo T4 Ultra फीचर्स, स्‍पेसिफ‍िकेशंस vivo T4 Ultra के कुछ फीचर्स और स्‍पेसिफ‍िकेशंस को कंपनी ने कन्‍फर्म किया है। बताया है कि वीवो टी4 अल्‍ट्रा में 50 मेगापिक्‍सल का मेन कैमरा दिया जाएगा, जोकि सोनी आईएमएक्‍स921 सेंसर होगा। यह ऑप्टिकल इमेज स्‍टैबलाइजेशन को सपोर्ट करता है। फोन में 8 मेगापिसल का अल्‍ट्रा-वाइड कैमरा होगा। 50 मेगापिक्‍सल का एक और 3एक्‍स पेरिस्‍कोप टेलिफोटो कैमरा दिया जाएगा। उसमें ओआईएस के साथ ईआईएस यानी इलेक्‍ट्रॉनिक इमेज स्‍टैबलाइजेशन का सपोर्ट मिलेगा। दावा है कि सेगमेंट में पहला फोन होगा वीवो टी4 अल्‍ट्रा जिसमें 10एक्‍स टेलिफोटो मैक्रो कैमरा दिया जाएगा। vivo T4 Ultra में प्रोसेसर vivo T4 Ultra को मीड‍ियाटेक डाइमेंस‍िटी 9300 प्‍लस चिपसेट से पैक किया जाएगा। यह टी3 अल्‍ट्रा स्‍मार्टफोन में दिए गए 9200 प्‍लस चिपसेट का अपग्रेड होगा। दावा है कि टी4 अल्‍ट्रा में आ रहे चिपसेट ने AnTuTu पर 20 लाख पॉइंट्स स्‍कोर किए हैं। कंपनी ने यह संकेत भी दिया है कि वीवो टी4 अल्‍ट्रा को 40 हजार रुपये के प्राइस सेगमेंट में लाया जा रहा है। ध्‍यान देने वाली बात है कि टी3 अल्‍ट्रा फोन को 32 हजार रुपये की शुरुआती कीमत में लाया गया है। इस कीमत में अब कंपनी वी सीरीज के फोन ऑफर कर रही है। जाहिर तौर पर वीवो टी सीरीज में आने वाले फोन थोड़े महंगे बिकेंगे। नए वीवो फोन को फ्लिपकार्ट पर टीज कर दिया गया है। फोन की सेल वीवो इंडिया के ऑनलाइन स्‍टोर पर भी होगी। वीवो टी4 अल्‍ट्रा के बैटरी साइज पर अभी कुछ कन्‍फर्म नहीं है। कुछ रिपोर्ट्स में 7 हजार एमएएच बैटरी के संकेत दिए गए हैं। कुछ रिपोर्टों में 6 से 6500 एमएएच बैटरी की बात है। आने वाले दिनों में और फीचर्स कन्‍फर्म हो सकते हैं।

देश में कोरोना के मामले तोड़ रहे रिकॉर्ड, कोविड मरीजों की संख्या 4000 पार; केंद्र ने राज्यों से तैयार रहने को कहा

नई दिल्ली भारत में पिछले 24 घंटों के दौरान कम से कम 276 कोविड-19 मामले सामने आए, जिससे कुल सक्रिय कोविड-19 मामलों की संख्या 4,302 हो गई, जिसमें केरल में सबसे अधिक 1,373 संक्रमण के मामले हैं। महाराष्ट्र में 510 मामले, गुजरात में 461 और पश्चिम बंगाल में 432 मामले सामने आए हैं। सबसे अधिक 14 मौतें महाराष्ट्र में हुई राष्ट्रीय राजधानी में कम से कम 457 कोविड-19 संक्रमण दर्ज किए गए हैं। देश में अब तक कुल 44 कोविड से संबंधित मौतें हुई हैं, जिनमें सबसे अधिक 14 मौतें महाराष्ट्र में हुई हैं। पिछले 24 घंटों में कम से कम सात मौतें हुईं, जिनमें से चार महाराष्ट्र में हुईं। गुजरात और दिल्ली में भी इस दौरान कोविड से संबंधित एक-एक मौत हुई। DGHS नें कोविड को लेकर की समीक्षा बैठक भारत में तेजी से बढ़ते कोरोना के नए वेरिएंट के मामले को लेकर केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय भी अलर्ट मोड पर है. स्वास्थ्य मंत्रालय के आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, DGHS डॉ सुनीता शर्मा ने 2 और 3 जून को कोरोना की वर्तमान स्थिति और तैयारी को लेकर समीक्षा बैठक की. इस बैठक में डिजास्टर मैनेजमेंट सेल, एमरजैंसी मैनेजमेंट रिस्पांस, नेशनल सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल (NCDC), भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (ICMR) और इंटीग्रेटेड डिजीज सर्विस लांस प्रोग्राम (IDSP), दिल्ली में मौजूद केंद्रीय अस्पतालों के वरिष्ठ अधिकारी और राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों के स्वास्थ्य अधिकारी मौजूद थे. बैठक में बताया गया कि कोरोना के वर्तमान मरीजों में हल्के लक्षण हैं और ज्यादातर लोग घर पर ही ठीक हो जा रहे हैं. केंद्र ने राज्यों से तैयार रहने को कहा स्वास्थ्य मंत्रालय ने कोरोना के बढ़ते मामलों के मद्देनजर सभी राज्यों को आक्सीजन, आइसोलेशन बेड, वेंटिलेटर और आवश्यक दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है। सूत्रों ने बुधवार को बताया कि स्वास्थ्य सेवा महानिदेशक (डीजीएचएस) डा. सुनीता शर्मा की अध्यक्षता में दो और तीन जून को तकनीकी समीक्षा बैठकें आयोजित की गईं। भारत में कोरोना के मरीज हुए चार हजार से अधिक मीडिया रिपोर्ट में छपी खबरों की माने तो केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के सूत्रों ने बुधवार को यह जानकारी देते हुए बताया है कि भारत में इस समय कोविड-19 के 4,300 से ज्यादा मरीज हैं, लेकिन इनमें से ज्यादातर के लक्षण हल्के हैं और उनका इलाज घर पर ही हो रहा है.  यह बयान दो दिन की समीक्षा बैठक के बाद आया, जिसमें देश की तैयारियों का जायजा लिया गया. सूत्रों ने बताया, 1 जनवरी 2025 से अब तक 44 लोगों से अधिक की कोविड-19 से मौत हुई है, लेकिन ये ज्यादातर वे लोग थे, जिन्हें पहले से ही दूसरी गंभीर बीमारियां थीं. आइए, पिछले एक हफ्ते के आंकड़ों से समझते हैं कि भारत में कोरोना के हालात क्या सच में इतने गंभीर है, क्या वाकई चौथी लहर का खतरा है. कोरोना केस बढ़ने की रफ्तार में कमी 30 मई को देश में 2710 एक्टिव केस थे, जो 31 मई को 25% बढ़कर 3395 हो गए. लेकिन 1 जून को यह बढ़ोतरी घटकर 11% और 4 जून को सिर्फ 7% रह गई. यानी, नए मामलों की रफ्तार धीमी पड़ रही है, जो राहत की बात है. स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि घबराने की जरूरत नहीं है, लेकिन सतर्कता बरतना जरूरी है. केरल में सबसे ज्यादा मामले, केरल में कोरोना के सबसे ज्यादा एक्टिव केस हैं. 2 जून को यहां 1435 मामले थे, जो 4 जून को घटकर 1373 हो गए. 31 मई को केरल में केस 16% से ज्यादा बढ़े थे, लेकिन 1 जून को यह दर 5% से कम हो गई और 4 जून को निगेटिव ग्रोथ देखी गई. यानी नए मामले कम हो रहे हैं. लेकिन 24 घंटे में मामले बढ़े और संख्या 1487 पहुंच गई. महाराष्ट्र में भी स्थिति नियंत्रण में महाराष्ट्र में 526 एक्टिव केस हैं. 31 मई को यहां मामले 10% बढ़े थे, लेकिन 1 जून को यह दर 4% से कम और 4 जून को 3% रह गई. यह दिखाता है कि महाराष्ट्र में भी स्थिति धीरे-धीरे काबू में आ रही है. गुजरात में रफ्तार ज्यादा, फिर भी कमी गुजरात में 508 एक्टिव केस हैं. यहां 31 मई को मामले 19% और 1 जून को 21% बढ़े थे, लेकिन 4 जून को यह दर घटकर 16% हो गई. हालांकि, यह देश के औसत से ज्यादा है, फिर भी रफ्तार कम होना एक दिल्ली में उतार-चढ़ाव दिल्ली में 2 जून को 483 एक्टिव केस थे, जो 3 जून को घटकर 393 हुए, लेकिन 4 जून को फिर बढ़कर 457 हो गए. 31 मई को यहां मामले 27% बढ़े थे, लेकिन 4 जून को यह दर 16% रह गई. दिल्ली में स्थिति पर नजर रखने की जरूरत है. लेकिन पिछले 24 घंटे में 105 केस बढ़े और 2 मरीजों की जान गई है. जिसमें एक 5 महीने बच्चे का बच्चा और 87 वर्षीय बुजुर्ग शामिल है. राज्यों को तैयारी पूरी करने का निर्देश DGHS डॉ सुनीता शर्मा ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को कहा है कि वो अपने यहां ऑक्सीजन, आइसोलेशन बेड, वेंटिलेटर और जरूरी मेडिसिन की तैयारी पूरी रखें. बैठक में सभी को जानकारी दी गईं कि आईडीएसपी के तहत राज्य और जिला निगरानी इकाइयाँ इन्फ्लूएंजा जैसी बीमारी (आईएलआई) और गंभीर तीव्र श्वसन बीमारी (एसएआरआई) की बारीकी से निगरानी कर रही हैं. दिशानिर्देशों के अनुसार सभी भर्ती एसएआरआई मामलों और 5% आईएलआई मामलों के लिए परीक्षण की सिफारिश की गईं है. वहीं, पॉजिटिव एसएआरआई सैंपल को ICMR वीआरडीएल नेटवर्क के माध्यम से संपूर्ण जीनोम अनुक्रमण के लिए भेजा जा रहा है. 4 और 5 जून को होगा मॉक ड्रिल सूत्रों के अनुसार, बैठक में बताया गया कि ऑक्सीजन आपूर्ति प्रणालियों (पीएसए प्लांट, एलएमओ टैंक, एमजीपीएस लाइन) का आकलन करने के लिए 2 जून को एक मॉक ड्रिल की गईं थीं. लेकिन दोबारा तैयारियों को देखने के लिए 4 और 5 जून को एक और मॉक ड्रिल किया जाएगा. कोरोना से बचाव को लेकर पब्लिक एडवाइजरी जारी इस बैठक में देश भर में कोरोना की वर्तमान स्थिति की समीक्षा के बाद पब्लिक एडवाइजरी भी जारी की गई ताकि लोग इस महामारी से बचाव कर सकें. पब्लिक एडवाइजरी में कहा गया है कि लोग हाथ साफ रखें, मास्क पहने और … Read more

वर्ष की सबसे बड़ी एकादशी कल, इस दिन घर में भूलकर भी न करें ये 3 काम

 निर्जला एकादशी हिंदू धर्म में सबसे महत्वपूर्ण और कठिन व्रतों में से एक मानी जाती है। यह पर्व भगवान विष्णु को समर्पित है और ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी को मनाया जाता है। इस साल निर्जला एकादशी 6 जून 2025, शुक्रवार को मनाई जाएगी। पंचांग के अनुसार, एकादशी तिथि 6 जून को रात 2:15 बजे शुरू होगी और 7 जून को सुबह 4:47 बजे समाप्त होगी। उदया तिथि के अनुसार व्रत 6 जून को रखा जाएगा। पारण का समय 7 जून को दोपहर 1:44 बजे से 4:31 बजे तक रहेगा। इस दिन भक्त बिना जल और भोजन के व्रत रखते हैं, जिसके कारण इसे निर्जला एकादशी कहा जाता है। मान्यता है कि इस एकादशी का व्रत रखने से साल की सभी 24 एकादशियों का फल प्राप्त होता है। आइए इस लेख में उन उपायों के बारे में जानते हैं जिन्हें निर्जला एकादशी के दिन करने से सभी परेशानियां दूर होती है, और मनोवांछित फल की प्राप्ति होती है। भगवान विष्णु को तुलसी अर्पित करें निर्जला एकादशी पर भगवान विष्णु की पूजा में तुलसी पत्र अर्पित करना अत्यंत शुभ माना जाता है। सुबह ब्रह्म मुहूर्त में स्नान करें और भगवान विष्णु की मूर्ति के सामने तुलसी की मंजरी चढ़ाएं। “ॐ नमो भगवते वासुदेवाय” मंत्र का 108 बार जाप करें। ध्यान रखें कि एकादशी के दिन तुलसी के पत्ते न तोड़ें; एक दिन पहले ही इकट्ठा कर लें। यह उपाय आर्थिक समस्याओं को दूर करता है और सुख-समृद्धि लाता है। श्री फल (नारियल) का दान करें इस दिन माता लक्ष्मी और भगवान विष्णु को श्री फल (नारियल) अर्पित करें और फिर इसे किसी जरूरतमंद को दान करें। यह उपाय जीवन से बाधाओं को हटाता है और माता लक्ष्मी की कृपा से धन-धान्य की प्राप्ति होती है। दान करते समय मन में शुद्ध भाव रखें और भगवान का ध्यान करें। विष्णु सहस्रनाम का पाठ करें निर्जला एकादशी पर विष्णु सहस्रनाम का पाठ करना विशेष रूप से फलदायी माना जाता है। स्नान के बाद स्वच्छ वस्त्र पहनें और भगवान विष्णु की मूर्ति के सामने बैठकर इस पाठ को करें। यह उपाय सभी पापों का नाश करता है और मानसिक शांति प्रदान करता है। यह उन लोगों के लिए भी लाभकारी है, जो जीवन में बार-बार असफलता का सामना कर रहे हैं। गरीबों को अन्न और जल का दान करें निर्जला एकादशी पर अन्न, जल, वस्त्र और छाता दान करने की परंपरा है। इस दिन जरूरतमंदों को भोजन कराएं और पानी पिलाएं। यह पुण्य कार्य आपके जीवन से नकारात्मक ऊर्जा को दूर करता है और भगवान विष्णु का आशीर्वाद प्राप्त होता है। यह उपाय स्वास्थ्य समस्याओं को भी कम करता है।

कोविड-19 ने बढ़ाई चिंता, इंदौर में फिर मिले कोरोना वायरस से संक्रमित 7 मरीज

इंदौर मध्य प्रदेश के इंदौर में कोरोना संक्रमण एक बार फिर सिर उठाता नजर आ रहा है। बुधवार को शहर में सात नए कोरोना मरीजों की पुष्टि हुई है। इन मरीजों में से तीन हाल ही में मथुरा, केरल और बद्रीनाथ की यात्रा से लौटे हैं। स्वास्थ्य विभाग सक्रिय हो गया है और संक्रमितों के संपर्क में आए लोगों की तलाश शुरू कर दी गई है। सभी संक्रमितों को होम आइसोलेशन में रखा गया है जहां विशेषज्ञों की निगरानी में उनका इलाज किया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग सतर्क, लगातार सामने आ रहे नए मरीज शहर में कोरोना के बढ़ते मामलों ने स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ा दी है। रोजाना नए मरीज सामने आ रहे हैं जिससे संक्रमण का खतरा फिर से मंडराने लगा है। बुधवार को जिन सात मरीजों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है, उनमें से कई हाल ही में विभिन्न राज्यों से यात्रा करके लौटे हैं। संक्रमितों के संपर्क में आए लोगों की पहचान कर उन्हें भी आइसोलेट करने की तैयारी की जा रही है ताकि संक्रमण को फैलने से रोका जा सके। संक्रमितों में महिलाएं और पुरुष, सभी होम आइसोलेशन में अधिकारियों ने बताया कि मथुरा से लौटी 43 वर्षीय महिला, केरल से लौटी 69 वर्षीय महिला, बद्रीनाथ से लौटी 48 वर्षीय महिला, ओडिशा से लौटे 29 वर्षीय पुरुष और रायपुर से लौटे 36 वर्षीय पुरुष समेत इंदौर के दो पुरुषों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। इन सभी को सर्दी, खांसी और बुखार की शिकायत थी, जिसके बाद जांच करवाई गई। सभी मरीजों को होम आइसोलेशन में रखा गया है और उनके परिजनों को भी विशेष सावधानी बरतने के निर्देश दिए गए हैं। इंदौर में अब तक 33 मामले, सीएमएचओ ने दी सतर्कता की सलाह इस वर्ष अब तक इंदौर में कोरोना के कुल 33 मामले सामने आ चुके हैं, जिनमें 25 मरीज इंदौर के और आठ अन्य जिलों के हैं। फिलहाल शहर में 17 सक्रिय मरीज हैं जो सभी होम आइसोलेशन में हैं। सीएमएचओ डॉ. बीएस सैत्या ने बताया कि हाल ही में कोरोना के ओमिक्रान वैरिएंट की सब-लाइनिज की पुष्टि हुई है, जिससे घबराने की जरूरत नहीं है लेकिन सतर्क रहना जरूरी है। भीड़भाड़ वाली जगहों से बचने और लक्षण दिखने पर संपर्क में न आने की सलाह दी गई है। एमजीएम मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. अरविंद घनघोरिया ने बुधवार को विशेषज्ञों की बैठक कर छह बेड वाले आईसीयू वार्ड और ऑक्सीजन जैसी चिकित्सा सुविधाओं की समीक्षा की। कोरोना वार्ड में डॉक्टरों और स्टाफ की टीम तैनात रहेगी और मरीजों को समय पर जांच व इलाज की सुविधा मुहैया कराई जाएगी।  

हरिद्वार में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी, गंगा में डुबकी लगाई

देहरादून गंगा दशहरा पर्व पर धर्म नगरी में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी। श्रद्धालुओं ने गंगा में डुबकी लगाई। धर्मनगरी में उमड़ी भीड़ के चलते हरिद्वार-देहरादून हाईवे पर जाम लग गया। भारतीय सभ्यता और संस्कृति की पोषक मां गंगा अवतरण दिवस ज्येष्ठ मास की शुक्ल पक्ष की दशमी को मनाया जाता है। कई दशकों बाद इस वर्ष गंगा दशहरा पर हस्त नक्षत्र, सिद्धि योग और व्यतिपात योग का दुर्लभ संयोग बन रहा है। ज्योतिषाचार्यों का कहना है कि इस दिव्य संयोग पर गंगा दशहरा पर्व पर गंगा में स्नान, दान व तप करने के कई गुना फल की प्राप्ति होती है। राजा भगीरथ अपने पुरखों को तारने के लिए मां गंगा को धरती पर लाए थे। युगों-युगों से मां गंगा प्राणी मात्र को जीवनदान के साथ ही मुक्ति भी देती आ रही है। स्वर्ग लोक से देवी गंगा ज्येष्ठ मास, शुक्ल पक्ष, बुधवार दशमी तिथि, हस्त नक्षत्र, व्यतिपात योग की साक्षी में पृथ्वी पर अवतरित हुई थी। ये है मान्यता मान्यतानुसार इस बार कई दशकों के बाद गंगा दशहरे पर पांच जून को कई दिव्य महायोग बन रहे हैंए जिन योगों में देवी गंगा पृथ्वी पर अवतरित हुई थी। इस साल गंगा दशहरा पर हस्त नक्षत्र, सिद्धि योग और व्यतिपात योग का दुर्लभ संयोग बन रहा है। इससे गंगा दशहरा पर्व की महत्ता और अधिक बढ़ गई है। इन दुर्लभ योगों के कारण गंगा दशहरा पर्व पर स्नान, दान, जप, तप, व्रत व उपवास का बहुत महत्व है। गंगा दशहरा स्नान एवं दान के साथ ही तन-मन को शुद्ध करने का पर्व है। ज्योतिषाचार्य उदय शंकर भट्ट का कहना है कि विशिष्ट योग की साक्षी में गंगा माता का पूजन विशेष फल देने वाला होगा। कल्याण करने वाली माता के रूप में मां गंगा भारतीय संस्कृति की रीढ़ है। गंगा दशहरा पर क्या न करें गंगा दशहरा के दिन गंगा तटों पर जाने-अनजाने हम पुण्य के बजाए कई पाप कर्म करते हैं। जिसमें गंगा स्नान के दौरान शरीर के मैल को गंगा में नहीं धोना चाहिए। कपड़ों को गंगा में भी नहीं धोना चाहिए। यथाशक्ति दान के साथ ही गंगा में मिट्टी के दीपक में शुद्ध घी दीपक जलाकर अर्पण करना चाहिए। प्लास्टिक और अन्य अजैविक पदार्थों को गंगा में नहीं फेंकना चाहिए।  

कर्नाटक हाईकोर्ट पहुंचा चिन्नास्वामी स्टेडियम भगदड़ मामला, आज होगी सुनवाई; 11 लोगों की गई थी जान

बेंगलुरु  चिन्नास्वामी स्टेडियम बेंगलुरु में भगदड़ ने पूरे देश को हिला दिया है। इस घटना में अब तक 11 लोगों की दुखद मौत हुई है। मामले में सियासत गरमाई गई है। कर्नाटक सरकार सवालों के घेरे में है। आरोप-प्रत्यारोप शुरू हो गए हैं। इसी बीच घटना पर कर्नाटक हाई कोर्ट ने खुद ही एक जनहित याचिका (PIL) दायर की है। हाई कोर्ट ने कांग्रेस सरकार से इस मामले पर रिपोर्ट मांगी है। कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश वी. कामेश्वर राव की बेंच ने इस घटना पर चिंता जताई है। मामले की सुनवाई दोपहर 2.30 बजे होगी। इधर पुलिस ने मामले में एफआईआर दर्ज कर ली है। वकील ने हाई कोर्ट में क्या कहा कोर्ट में मौजूद सीनियर वकील हेमंत राज और जीआर मोहन ने घटना की जानकारी दी। उन्होंने सुरक्षा में हुई चूक के बारे में भी बताया। वकीलों ने कोर्ट को बताया कि आरसीबी (RCB) के खिलाड़ियों के सम्मान समारोह को देखने के लिए बहुत भीड़ जमा हो गई थी। लोग विधान सौधा के सामने स्थित हाई कोर्ट की बिल्डिंग पर भी चढ़ गए थे। इस बीच, कर्नाटक पुलिस ने 11 लोगों की मौत के मामले में अप्राकृतिक मृत्यु का मामला (UDR) दर्ज किया है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, कब्बन पार्क पुलिस ने 11 UDR मामले दर्ज किए हैं। अभी तक इस मामले में कोई FIR दर्ज नहीं हुई है। लोगों में बेंगलुरु पुलिस के खिलाफ नाराजगी पुलिस के इस कदम से लोग नाराज हैं। लोगों का कहना है कि पुलिस कर्नाटक राज्य क्रिकेट संघ (KSCA) और इवेंट मैनेजमेंट कंपनी के खिलाफ मामला दर्ज कर सकती थी। सूत्रों ने बताया कि अभी तक किसी ने भी इस घटना की जिम्मेदारी नहीं ली है। सूत्रों के अनुसार, UDR मामले वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर दर्ज किए गए हैं। डीके शिवकुमार और सिद्धारमैया के खिलाफ शिकायत सामाजिक कार्यकर्ता स्नेहमयी कृष्णा ने गुरुवार को कब्बन पार्क पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया, उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार, KSCA के पदाधिकारियों और अन्य के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। कृष्णा ने अपनी शिकायत में मांग की है कि पुलिस BNS अधिनियम की धारा 106 के तहत मामला दर्ज करे। शिकायत की एक कॉपी कर्नाटक हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश की बेंच को भी भेजी गई है। याचिका में दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की गई है। याचिका में कहा गया है कि यह एक गंभीर मामला है। याचिका डीजी और आईजीपी, और बेंगलुरु शहर के पुलिस आयुक्त को भी भेजी गई है। याचिकाकर्ता ने कहा है कि यह गंभीर चिंता का विषय है और इसमें मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री और अन्य शक्तिशाली लोगों की भूमिका शामिल है। शिकायत की एक कॉपी मुख्य न्यायाधीश और अन्य को भेजी गई थी। रात भर हुए पोस्टमॉर्टम इस बीच, अधिकारियों ने विक्टोरिया और बोवरिंग अस्पतालों में 11 मृतकों का पोस्टमॉर्टम पूरा कर लिया है। शवों को उनके परिवारों को सौंप दिया गया है। परिवारों को शव जल्दी सौंपने के लिए पोस्टमॉर्टम रात भर किया गया। कर्नाटक सरकार ने मृतकों के परिवारों के लिए 10 लाख रुपये मुआवजे का ऐलान किया है। सरकार ने मजिस्ट्रियल जांच के भी आदेश दिए हैं।

वामपंथी संगठनों ने DEVI में सेंध लगाई बल्कि विश्वविद्यालय के सर्वर और आइपी एड्रेस से अपनी वेबसाइट की संचालित

इंदौर देवी अहिल्या यूनिवर्सिटी के इंटरनेट सर्वर में वामपंथी संगठनों ने न केवल सेंध लगाई बल्कि विश्वविद्यालय के सर्वर और आइपी एड्रेस से अपनी वेबसाइट संचालित करते रहे। जब दिल्ली में ऑल इंडिया यूनिवर्सिटी एम्प्लाइज कांफेडरेशन (एआइयूईसी) ने केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ संसद पर धरना दिया तो उसकी तस्वीरें भी देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के सर्वर से ही अपलोड की गईं। विद्यार्थियों के बीच टूटी-फूटी इंटरनेट सेवा और लगातार ठप रहने वाली वेबसाइट के लिए बदनाम इंदौर का विश्वविद्यालय अपने सर्वर से इन संगठनों की वेबसाइट मैनेज करता रहा। खुलासे के बाद विश्वविद्यालय के जिम्मेदार हैरान हैं, अब जांच की बात कही जा रही है। आईटी सेंटर के अंदरूनी राज बाहर आ गए बीते दिनों देवी अहिल्या विश्वविद्यालय में लंबा कर्मचारी आंदोलन चला। आंदोलन में वामपंथी संगठनों का जुड़ाव सामने आया। सत्ताधारी दल के जनप्रतिनिधियों की नाराजगी के बाद विश्वविद्यालय ने कई जगह फेरबदल किया और कर्मचारियों को हटा दिया। इस बीच विश्वविद्यालय के आईटी सेंटर से जुड़े कुछ अधिकारी भी छुट्टी पर चले गए। जिम्मेदारों के छुट्टी पर जाने के बाद अब आईटी सेंटर के अंदरूनी राज भी बाहर आ गए। लंबे समय से डीएवीवी से चल रही साइट कुछ अधिकारियों ने विश्वविद्यालय प्रशासन को सूचना दी कि एआइयूईसी (एटक) की वेबसाइट लंबे से देवी अहिल्या विश्वविद्यालय से चल रही थी। जबकि इस संगठन का मुख्यालय कोलकाता में स्थित है। विश्वविद्यालय की वेबसाइट और इस संगठन की वेबसाइट का सर्वर भी एक ही रहा। इस संगठन की वेबसाइट को भी विश्वविद्यालय के आईटी सेंटर से अपडेट भी किया जाता रहा। आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस की मदद से कुछ तकनीकी जानकारों ने इंटरनेट प्रोटोकाल (आईपी) एड्रेस निकालकर यूनिवर्सिटी अधिकारियों के सामने रख दिया। बताया गया कि यदि इस तरह विश्वविद्यालय का सर्वर किसी एक संगठन के लिए इस्तेमाल हो सकता है तो ऐसे में अन्य संगठन भी दुरुपयोग कर लें तो परेशानी खड़ी हो सकती है। बीते समय महीनों तक देवी अहिल्या विश्वविद्यालय की वेबसाइट डाउन रही थी, इससे पहले किसी विदेशी हैकर के हमले की बात भी सामने आई थी। ऐसे में आशंका है कि सर्वर का दुरुयोग का स्तर कहीं बड़ा हो सकता है। तकनीकी जांच कराएंगे     आमतौर पर यदि किसी कंपनी से सर्वर किराए पर लिया जाता है तो वह एक हो सकता है, लेकिन विश्वविद्यालय का अपना सर्वर है। ऐसे में यह गंभीर बात है कि बाहरी संगठन इसका उपयोग कर रहे थे। यह बात अभी सामने आई है। बीते वर्षों से लेकर अब तक इसकी तकनीकी जांच करवाएंगे। प्रकरण गंभीर है, दोषियों को रियायत नहीं दी जाएगी। – प्रो. राकेश सिंघई, कुलगुरु, देवी अहिल्या विश्वविद्यालय  

यूका कचरा जलने से रोकने की याचिका पर SC का इनकार, कहा-विशेषज्ञों की निगरानी में जल रहा

 पीथमपुर सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को पीथमपुर में यूनियन कार्बाइड के कचरे को जलाने पर रोक लगाने की याचिका पर तत्कालीक सुनवाई से इनकार कर दिया। यह याचिका सामाजिक कार्यकर्ता डॉ. चिन्मय मिश्र की ओर से दाखिल की गई थी। इस पर सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति संजय करोल और न्यायमूर्ति सतीश चंद्र शर्मा की पीठ ने स्पष्ट रूप से कहा कि इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप की कोई आवश्यकता नहीं है, क्योंकि इसकी निगरानी मध्य प्रदेश हाई कोर्ट और विशेषज्ञों की देखरेख में पहले से ही की जा रही है। पीठ ने इस दौरान सख्त टिप्पणी करते हुए कहा कि इस जहरीले कचरे को हटाने के लिए हम वर्षों से संघर्ष कर रहे हैं, लेकिन तथाकथित एनजीओ और सामाजिक कार्यकर्ता इस प्रक्रिया को लगातार बाधित करते आ रहे हैं। याचिका में कहा गया था कि मध्यप्रदेश हाई कोर्ट ने कचरा जलाने की अनुमति 72 दिनों के लिए दी थी, जिसकी समयसीमा 8 जून 2025 को समाप्त हो रही है। ऐसे में कोर्ट को हस्तक्षेप करना चाहिए ताकि पर्यावरणीय नुकसान को रोका जा सके। याचिकाकर्ता की ओर से अशोक कुमार वासुदेवन ने कहा कि पीथमपुर में जलाने की प्रक्रिया पर्यावरणीय मानकों के अनुरूप नहीं है और इससे स्थानीय लोगों के स्वास्थ्य पर गंभीर असर पड़ सकता है। सुप्रीम कोर्ट ने हालांकि इन दलीलों को सुनने के बाद कहा कि चूंकि यह मामला तकनीकी विशेषज्ञों और संबंधित पर्यावरण एजेंसियों की निगरानी में चल रहा है, अतः इस स्तर पर कोर्ट की तत्काल दखल की जरूरत नहीं है। 1984 गैस त्रासदी का है यह कचरा बता दें कि 1984 में भोपाल में हुई यूनियन कार्बाइड गैस त्रासदी के बाद बचे रासायनिक कचरे का निपटारा लंबे समय से लंबित है। यह कचरा वर्तमान में भोपाल के आसपास सुरक्षित स्थानों पर संग्रहित है। इस कचरे को नष्ट करने के लिए पीथमपुर स्थित इंसिनरेटर में जलाया जा रहा है।  

जयपुर में बारिश, कई जिलों में जोरदार बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी

 जयपुर राजधानी जयपुर में आज दिन की शुरुआत झमाझम बारिश के साथ हुई है। देर रात से ही यहां बादल डेरा जमाए हुए थे। सुबह करीब 7 बजे से तेज बारिश होना शुरू हुई। जयपुर मौसम केंद्र ने अलवर, दौसा, झुंझुनू और आसपास के क्षेत्रों में भी तेज हवाओं के साथ बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। बुधवार को भी प्रदेश के 6 शहरों में हल्की से मध्यम स्तर की वर्षा दर्ज की गई थी। इनमें अजमेर, जयपुर, सीकर, डबोक, चूरू और संगरिया शामिल रहे। बारिश के चलते प्रदेश के अधिकतम तापमान में तेज गिरावट दर्ज की गई है। खासतौर पर पूर्वी राजस्थान में ज्यादातर शहरों में अधिकतम तापमान 35 डिग्री से भी नीचे चला गया है। बीते 24 घंटों में पश्चिमी राजस्थान का बाड़मेर सबसे गर्म शहर रहा, यहां अधिकतम तापमान 40.9 डिग्री सेल्सियस रहा। मौसम विभाग का कहना है कि पश्चिमी विक्षोभ के चलते अरब सागर से यहां नमी की आपूर्ति हो रही है। आज राज्य के अधिकांश भागों में बारिश की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं। आज जयपुर, बीकानेर, कोटा, अजमेर, भरतपुर संभाग में कहीं-कहीं भारी बारिश हो सकती है। लगभग 5 जून तक आंधी और बारिश का दौर चलेगा, इसके बाद मौसम शुष्क रहेगा। मौसम विभाग के अनुसार बीते 24 घंटों में प्रदेश के अधिकतम तापमान की स्थिति इस प्रकार रही। प्रदेश का सर्वाधिक गर्म शहर बाड़मेर रहा, जहां अधिकतम तापमान 40.9 डिग्री दर्ज किया गया। वहीं अजमेर में 33.5, अलवर में 33.5, जयपुर में 31.6, पिलानी में 31.2, सीकर 28, कोटा में 35.7, बाड़मेर में 40.9, जैसलमेर में 40.8, जोधपुर में 39.5,  चूरू में 27.8, तथा बीकानेर में 36.5 व  फतेहपुर में 29.7 डिग्री अधिकतम तापमान दर्ज किया गया।

MP में भूकंप से कांपी धरती, घरों से बाहर निकले लोग, महाराष्ट्र का अमरावती रहा केंद्र

खंडवा  मध्य प्रदेश के खंडवा, खरगोन और बुरहानपुर के इलाकों में बुधवार रात भूकंप के झटके महसूस किए गए। भूकंप की ज्यादा तीव्रता खंडवा में महसूस की गई है। यहां जिला मुख्यालय से 66 किलोमीटर दूर पंधाना तहसील में तीव्रता 3.8 रिक्टर बताई जा रही है। बताया जा रहा है कि बुधवार रात करीब 9 बजकर 57 मिनट पर धरती कांपने से सोने की तैयार कर रहे लोग डर के मारे घरों से बाहर निकल आए। घरों की दीवारों में जोरदार कंपन महसूस हुआ और कई इलाकों में लोग बुरी तरह घबरा गए। रात में आए भूकंप की वजह से खंडवा के किशोर नगर में नरेंद्र कुशवाह के मकान का छज्जा गिर गया। नरेंद्र ने मीडिया को बताया कि वह घर में टीवी देख रहे थे। उनका परिवार भी साथ में था, तभी जमीन में अचानक कंपन हुआ और कुछ जोर से गिरने की आवाज आई। उन्होंने बाहर आकर देखा तो मकान का छज्जा गिरा हुआ था। ग्रामीण क्षेत्रो में भी भूकंप के झटके महसुस हुए हैं। खिराला, कोहदड, दीवाल, पंधाना, आनंदपुर और बोरगांव में भी लोगों ने भूकंप के झटके महसूस किए। इधर जिले से लगे बुरहानपुर, खरगोन में भी भूकंप के झटके महसूस किए गए है। हालांकि, यहां भूकंप की तीव्रता कम महसूस की गई है। रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता 3.8 मापी गई है। वहीं, इसका केंद्र महाराष्ट्र का अमरावती रहा था, जो जमीन से 10 किमी अंदर था। मौसम विशेषज्ञ सौरभ गुप्ता के अनुसार, भूकंप का केंद्र मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र के बॉर्डर पर था, जो खंडवा जिला मुख्यालय से 66 किलोमीटर दूर है। इस वजह से दोनों राज्यों में झटके महसूस हुए थे।  

रेलवे दलालों पर लगाएगा लगाम, अब घर बैठे बुक कर पाएंगे तत्काल टिकट; रेलवे ने बदले कई नियम

नई दिल्ली भारतीय रेलवे से तत्काल टिकट बुक करना आम यात्रियों के लिए किसी सपने से कम नहीं रहा है। हर दिन लाखों यात्री IRCTC की वेबसाइट (irctc.co.in) पर कोशिश करते हैं, लेकिन वेबसाइट हैंग होने, धीमी स्पीड और बॉट्स की वजह से कई बार टिकट वेटिंग में ही रह जाती है। ऐसे में यात्रियों को भारी निराशा का सामना करना पड़ता है। अब इस परेशानी को खत्म करने के लिए रेलवे मंत्रालय ने एक बड़ा फैसला लिया है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने घोषणा की है कि भारतीय रेलवे जल्द ही तत्काल टिकट बुकिंग के लिए ई-आधार ऑथेंटिकेशन सिस्टम शुरू करेगा। इसका मकसद फर्जी यात्रियों और दलालों को रोकना और असली यात्रियों को प्राथमिकता देना है। रेल मंत्री ने कहा, “भारतीय रेलवे जल्द ही तत्काल टिकट बुकिंग के लिए ई-आधार ऑथेंटिकेशन की शुरुआत करेगा। इससे जरूरतमंद और असली यात्रियों को कन्फर्म टिकट मिल सकेगा।” क्या बदलेगा नए नियमों से?     सिर्फ आधार वेरिफाइड अकाउंट्स को तत्काल टिकट की इजाज़त मिलेगी।     बुकिंग के पहले 10 मिनट सिर्फ वेरिफाइड यूजर्स को प्राथमिकता मिलेगी।     IRCTC एजेंट्स को भी पहले 10 मिनट में टिकट बुक करने की इजाजत नहीं होगी।     काउंटर से टिकट लेने पर भी आधार सत्यापन अनिवार्य किया जा सकता है। क्यों जरूरी था यह कदम? वर्तमान में IRCTC के 13 करोड़ से ज्यादा यूजर्स में से केवल 1.2 करोड़ ही आधार वेरिफाइड हैं। रेलवे ने तय किया है कि जो अकाउंट आधार से लिंक नहीं होंगे, उन पर विशेष निगरानी रखी जाएगी। यदि किसी खाते में संदिग्ध गतिविधि पाई जाती है, तो उसे बंद कर दिया जाएगा। यह बदलाव आम यात्रियों को तत्काल टिकट के लिए उचित मौका देने की दिशा में अहम है। तत्काल टिकट बुकिंग में दिखा दिलचस्प पैटर्न रेलवे द्वारा 24 मई से 2 जून तक के बुकिंग डाटा के विश्लेषण से कुछ चौंकाने वाले तथ्य सामने आए: एसी कैटेगरी:     पहले मिनट में औसतन सिर्फ 5,615 टिकट ही बुक हुए।     दूसरे मिनट में 22,827 टिकट बुक हुए।     कुल मिलाकर पहले 10 मिनट में 67,159 एसी टिकट बिके – जो कुल ऑनलाइन बुकिंग का 62.5% है। गैर-एसी कैटेगरी:     पहले ही मिनट में 4% टिकट (4,724) बुक हो गए।     पहले 10 मिनट में लगभग 66.4% टिकट बिके।     8 से 10 घंटे बाद भी लगभग 12% तत्काल टिकट बुक किए गए। यह डाटा साफ दिखाता है कि कैसे पहले कुछ मिनटों में ही अधिकतर टिकट हाथ से निकल जाते हैं – और यही वो समय है जब ऑटोमेटेड टूल्स का दुरुपयोग सबसे ज्यादा होता है। रेलवे अब इस पर रोक लगाने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और निगरानी तंत्र का उपयोग कर रहा है। अब तक क्या कार्रवाई हुई? रेलवे ने बीते 6 महीनों में 2.4 करोड़ फर्जी या संदिग्ध IRCTC अकाउंट्स को ब्लॉक किया है। यह देश की सबसे बड़ी ऑनलाइन टिकट बुकिंग प्रणाली को सही दिशा में ले जाने की एक ऐतिहासिक पहल है। कैसे करेगा काम आधार ऑथेंटिकेशन सिस्टम? यात्री को आधार से लिंक मोबाइल नंबर पर OTP प्राप्त होगा। OTP को IRCTC वेबसाइट पर डालकर वेरिफिकेशन पूरा करना होगा। वेरिफाइड यूजर्स को तुरंत टिकट बुकिंग की सुविधा मिलेगी। IRCTC ने बताया कि जो यूजर्स आधार से वेरिफाई नहीं हैं, वे IRCTC पर रजिस्ट्रेशन के 3 दिन बाद ही तत्काल, प्रीमियम तत्काल या ARP टिकट बुक कर सकेंगे। जबकि आधार वेरिफाइड यूजर्स को ऐसी कोई रोक नहीं होगी। रेलवे ने यह भी बताया कि उसने AI तकनीक की मदद से 2.5 करोड़ से ज्यादा फर्जी और संदिग्ध IRCTC यूजर आईडी को पहचान कर निष्क्रिय कर दिया है। IRCTC के मुताबिक, तत्काल टिकट बुकिंग के पहले 5 मिनट में 50% लॉगिन प्रयास बॉट्स से होते हैं, जिससे असली यात्री टिकट नहीं बुक कर पाते। अब रेलवे ने एंटी-बॉट सिस्टम लागू किया है। एक बड़ी कॉन्टेंट डिलीवरी नेटवर्क (CDN) सेवा के साथ साझेदारी की है। सर्वर को भी पहले से बेहतर किया है। नई व्यवस्था कब से लागू होगी? रेलवे मंत्रालय ने कहा है कि यह नियम बहुत जल्द लागू किए जाएंगे। फिलहाल तारीख की आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। यात्रियों को इससे पहले कुछ काम करने होंगे। अपना IRCTC अकाउंट आधार से लिंक करें। सुनिश्चित करें कि आपका मोबाइल नंबर आधार से जुड़ा हुआ हो। अगर आप नए यूजर हैं, तो जल्द से जल्द रजिस्ट्रेशन कराएं ताकि 3 दिन की वेटिंग से बच सकें।

मध्य प्रदेश में मानसून मुहाने पर, 26 जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट, जानें अपने शहर का हाल

भोपाल मध्य प्रदेश में लगातार  प्री-मानसून की बारिश का दौर जारी है। गुरुवार को भी अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग ने ग्वालियर, रतलाम समेत कुल 27 जिलों में आंधी-बारिश का यलो अलर्ट जारी किया है। इससे पहले बुधवार को भी भोपाल, शाजापुर, उज्जैन, छिंदवाड़ा, राजगढ़, सागर, सतना, धार समेत कई जिलों में बारिश हुई। दमोह में करीब सवा इंच पानी गिरा। मानसून के आने से पहले जून के पहले सप्ताह में प्रदेश में गर्मी का असर रहता है। भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर-जबलपुर समेत कई शहरों में दिन का तापमान 40 डिग्री के पार पहुंच जाता है, लेकिन इस बार ऐसा नहीं है। इन शहरों में पारा 40 डिग्री से नीचे ही है। वहीं, यहां बारिश का दौर चल रहा है। अगले 4 दिन भी आंधी-बारिश का अलर्ट है। आज इन जिला में बारिश और आंधी का अलर्ट मौसम विभाग के अनुसार, गुरुवार को ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, अशोकनगर, विदिशा, सागर, कटनी, उमरिया, डिंडोरी, मंडला, सिवनी, पांढुर्णा, बैतूल, हरदा, खंडवा, बुरहानपुर, खरगोन, बड़वानी, अलीराजपुर, रतलाम, मंदसौर और नीमच में आंधी-बारिश का अलर्ट है। यहां पर आंधी की रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रतिघंटा तक रह सकती है। भोपाल में 33 डिग्री रहा पारा बारिश की वजह से बुधवार को कई शहरों में दिन के तापमान में गिरावट हुई है। मौसम विभाग के अनुसार, नौगांव में ही पारा 40 डिग्री तक पहुंचा। बाकी शहरों में इससे नीचे रहा। भोपाल में 33 डिग्री, इंदौर में 32.3 डिग्री, ग्वालियर में 36.4 डिग्री, उज्जैन में 35.4 डिग्री और जबलपुर में 36.7 डिग्री सेल्सियस रहा। इकलौते हिल स्टेशन पचमढ़ी में तापमान 29.6 डिग्री रहा। इधर, प्रदेश में मानसून की एंट्री 10 जून के बाद ही होने की संभावना है। मौसम विभाग की माने तो अभी मानसून महाराष्ट्र-छत्तीसगढ़ में एक ही जगह पर ठहरा है। पिछले कुछ दिन से ये आगे नहीं बढ़ा है। मध्य प्रदेश में अगले 4 दिन ऐसा रहेगा मौसम 5 जूनः ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, अशोकनगर, विदिशा, सागर, कटनी, उमरिया, डिंडौरी, मंडला, सिवनी, पांढुर्णा, बैतूल, हरदा, खंडवा, बुरहानपुर, खरगोन, बड़वानी, अलीराजपुर, रतलाम, मंदसौर और नीमच में आंधी-बारिश का अलर्ट है। 6 जून: भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, मुरैना, भिंड,दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, रीवा, सीधी, मंडला, सिवनी, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, विदिशा, सागर, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, आगर-मालवा, शाजापुर, देवास, खंडवा, बुरहानपुर, खरगोन, बड़वानी, धार, अलीराजपुर, झाबुआ, रतलाम, मंदसौर और नीमच में तेज आंधी चलने और बारिश होने की संभावना है। आंधी की रफ्तार 30 से 40 किलोमीटर प्रतिघंटा तक रह सकती है। 7 जून: इंदौर, उज्जैन, मंदसौर, आगर-मालवा, राजगढ़, रतलाम, शाजापुर, झाबुआ, अलीराजपुर, धार, बड़वानी, खरगोन, बुरहानपुर, खंडवा, हरदा, देवास, सीहोर, हरदा, नर्मदापुरम, बैतूल, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, मंडला, बालाघाट, टीकमगढ़, छतरपुर, सागर, दमोह में तेज आंधी के साथ बारिश होने का अलर्ट है। 8 जून: खरगोन, खंडवा, बुरहानपुर, हरदा, सीहोर, रायसेन, नर्मदापुरम, बैतूल, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, मंडला और बालाघाट में बारिश हो सकती है।

सरकार ने सागर रेंज के आईजी को दो दिन में ही बदल दिया, आठ IPS अफसरों के तबादले

  भोपाल  मध्य प्रदेश में बड़े स्तर पर प्रशासनिक फेरबदल की गई है। राज्य सरकार ने आठ IPS अफसरों के तबादले किए हैं। इसमें राजगढ़ और बालाघाट के पुलिस अधीक्षक (SP) भी शामिल है। साथ ही सागर रेंज के आईजी का भी तबादला कर दिया गया है। जबकि उन्हें दो दिन पहले ही यह जिम्मेदारी दी गई थी। बुधवार को गृह विभाग ने 8 अफसरों के तबादले के आदेश जारी किए। प्रतिनियुक्ति से लौटे अमित तोलानी को राजगढ़ का नया एसपी बनाया गया है। वे 24वीं वाहिनी विशेष सशस्त्र बल सेनानी जावरा रतलाम में पदस्थ थे। वहीं, राजगढ़ एसपी आदित्य मिश्रा को बालाघाट एसपी पदस्थ किया है। बालाघाट एसपी नागेंद्र सिंह को सेनानी 25वीं वाहिनी विसबल भोपाल पदस्थ किया है। राज्य सरकार ने सागर रेंज के आईजी को दो दिन में ही बदल दिया है। बुधवार रात जारी आदेश में आईजी महिला सुरक्षा हिमानी खन्ना को आईजी सागर बनाया है। उन्हें डायरेक्टर जेएनपीए का अतिरिक्त प्रभार सौंपा है। इससे पहले 1 जून को जारी आदेश में चंद्रशेखर सोलंकी को इंदौर रेंज के एसएएफ आईजी के पद से आईजी सागर के पद पर पदस्थ किया था। बुधवार देर रात जारी आदेश में यह तबादला निरस्त कर दिया गया है। सुनील कुमार पांडे को डीआईजी सागर बनाया डीआईजी प्रबंध पुलिस मुख्यालय सुनील कुमार पांडे को डीआईजी सागर बनाया है। डी कल्याण चक्रवर्ती को डीआईजी एसएएफ मुख्यालय पुलिस मुख्यालय से डीआईजी छिंदवाड़ा रेंज में पदस्थ किया है। बालाघाट एसपी नागेंद्र सिंह को सेनानी 25वीं वाहिनी विसबल भोपाल पदस्थ किया है। अमित तोलानी बने राजगढ़ एसपी 24वीं वाहिनी विशेष सशस्त्र बल सेनानी जावरा रतलाम में पदस्थ आईपीएस अमित तोलानी को पुलिस अधीक्षक राजगढ़ और राजगढ़ एसपी आदित्य मिश्रा को बालाघाट एसपी पदस्थ किया है। इसके साथ ही सोनाली दुबे अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जबलपुर को एआईजी पीएचक्यू पदस्थ किया है।  

‘ मेरे पास शब्द नहीं हैं…’ बेंगलुरु भगदड़ पर विराट कोहली की पहली प्रतिक्रिया

 बेंगलुरु क्रिकेटर विराट कोहली ने बेंगलुरु भगदड़ पर अपनी पहली प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा है कि वे पूरी तरह टूट चुके हैं और उनके पास कोई शब्द नहीं हैं। उन्होंने अपने इंस्टाग्राम पर आरसीबी का एक आधिकारिक बयान भी जारी किया है जिसमें इस हादसे पर दुख जताया गया है। आरसीबी ने अपने आधिकारिक बयान में कहा है कि मीडिया रिपोर्ट्स के जरिए हमे बेंगलुरु में भीड़ की वजह से हुए हादसे की जो जानकारी मिली है, वो जान बहुत दुखी हैं। सभी की सुरक्षा ही हमारे के लिए सबसे जरूरी है। जिन भी लोगों ने इस दुर्भाग्यपूर्ण हादसे में अपनी जान गंवाई है, हम उनके परिवार के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त करते हैं। RCB ने अपने बयान में आगे साफ कहा है कि जैसे ही स्थिति के बारे में पता चला हमने अपने कार्यक्रम में तब्दीली की और स्थानीय प्रशासन ने जैसे निर्देश दिए, उसके मुताबिक आगे बढ़े। हम अपने सभी समर्थकों से अपील करते हैं कि वे सुरक्षित रहें। अब इस प्रतिक्रिया से समझ आता है कि आरसीबी की टीम ने स्थानीय प्रशासन का सहयोग किया था, उन्हें जैसा कहा गया, उन्होंने वैसा ही किया। RCB की विक्ट्री परेड मातम में कैसे बदली अब जानकारी के लिए बता दें कि बेंगलुरु में मची भगदड़ का सबसे बड़ा कारण ओवरक्राउडिंग रहा है। इसके ऊपर क्योंकि पुलिस का जरूरी संदेश समय रहते आम लोगों तक नहीं पहुंचा, उस वजह से भी एक कम्युनिकेशन गैप बना और इतना बड़ा हादसा हो गया। असल में बुधवार को सुबह 11.56 पर ट्रैफिक पुलिस ने बताया कि कोई विक्ट्री परेड नहीं होगी। अब जिस समय पुलिस ने यह जानकारी दी, कई लोग पहले ही भीड़ लगा चुके थे। चिन्नास्वामी स्टेडियम के बाहर तो लोग इकट्ठा होने शुरू हो गए थे। ऐसे में कई को तो जानकारी तक नहीं थी कि विक्ट्री परेड कैंसिल हो चुकी है। अभी के लिए इस हादसे के बाद कर्नाटक सरकार ने मतृकों के परिवार के लिए 10 लाख रुपये की आर्थिक सहायता का ऐलान किया है। सीएम सिद्धारमैया ने भी इस हादसे पर दुख व्यक्त किया है। उन्होंने इस बात को स्वीकार किया है कि उम्मीद से कहीं ज्यादा भीड़ मौके पर पहुंची और उसी वजह से यह दर्दनाक हादसा हुआ।

राष्ट्र निर्माण में मसीही समाज की भूमिका – एक भावनात्मक समर्पण

रायपुर सलेम इंग्लिश स्कूल, रायपुर में दिनांक 5 जून 2025 को एक ऐतिहासिक और गौरवपूर्ण क्षण का साक्षी बना, जब छत्तीसगढ़ डायोसिस बोर्ड ऑफ एजुकेशन (CDBE) के अंतर्गत निर्मित नवीन मंच को ‘लोकमाता देवी अहिल्याबाई होलकर मंच’ के नाम से समर्पित किया गया। इस समर्पण समारोह का नेतृत्व किया द राइट रेव. सुषमा कुमार, बिशप एवं चेयरपर्सन, डायोसिस ऑफ छत्तीसगढ़ CNI द्वारा। उनके कर-कमलों से इस मंच को राष्ट्र सेवा, नारी सशक्तिकरण और सामाजिक न्याय के प्रतीक देवी अहिल्याबाई होलकर को समर्पित किया गया। यह एक ऐसा क्षण था जिसमें ईश्वर की महिमा और मानवता की सेवा का अद्भुत संगम हुआ। इस कार्यक्रम का आयोजन एवं निर्देशन चर्च ऑफ नॉर्थ इंडिया के जनसंपर्क निदेशक श्री प्रांजय मसीह के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ, जिन्होंने इस पूरे आयोजन को राष्ट्रहित और समाज जागरण की दिशा में एक प्रभावशाली पहल बनाने में अहम भूमिका निभाई। समारोह में प्रमुख रूप से उपस्थित रहे: श्री नितिन लॉरेंस, सचिव, छत्तीसगढ़ डायोसिस एवं उपाध्यक्ष, CDBE श्री जयदीप रॉबिन्सन, कोषाध्यक्ष, छत्तीसगढ़ डायोसिस एवं सचिव, CDBE श्री प्रविण मसीह, कोषाध्यक्ष, CDBE श्रीमती रूपिका लॉरेंस, प्रधानाचार्य, सलेम इंग्लिश स्कूल, रायपुर इसके साथ ही रेव समीर फ्रैंकलिन, Rev. Subodh Kumar, Rev. Aseem Prakash Vikram, Rev. Hemant Timothy, Rev. Shailesh Solomon एवं Rev. Samendu अधिकारी,रेव सुनील कुमार, रेव निर्मल कुमार, भाई जॉन राजेश पॉल अध्यक्ष पास्टरत कोर्ट, डिकॉन मांशीष केजू, डिकॉन जीवनमसीह, डिकॉन ऐश्वर्या, सहित सलेम इंग्लिश school के स्टॉफ,CDBE के सभी सदस्य भी इस अवसर पर उपस्थित रहे। “छोटा ही सही, पर राष्ट्र के लिए कुछ करने का जज़्बा ही हमें महान बनाता है” – इस भावना को जीवंत करते हुए यह मंच न केवल विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास का केंद्र बनेगा, बल्कि मसीही समाज की राष्ट्र निर्माण में निःस्वार्थ सेवा भावना को भी उजागर करेगा। इस अवसर पर श्री नितिन लॉरेंस ने कहा, “हमारा मसीही समाज भले ही मंच पर कम दिखता हो, परंतु राष्ट्रहित में हमारी आस्था, शिक्षा और सेवा का योगदान आज भी जीवित है। यह समर्पण एक प्रतीक है – एक आह्वान है – कि हम भी राष्ट्र के निर्माण में सहभागी हैं।” यह पहल नारी सम्मान, ऐतिहासिक विरासत और शिक्षा के प्रति मसीही समाज की प्रतिबद्धता को समर्पित एक सुंदर और प्रेरक उदाहरण बन गई।

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