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मध्यप्रदेश में आंधी-बारिश का दौर जारी, भोपाल, इंदौर-जबलपुर में बारिश का अलर्ट

भोपाल मध्यप्रदेश में आंधी-बारिश का दौर जारी है। मंगलवार को भोपाल, इंदौर, उज्जैन समेत प्रदेश के 15 से अधिक जिलों में तेज आंधी के साथ बारिश हुई। ऐसा ही मौसम बुधवार को भी बना रहेगा। बता दें कि इस बार भीषण गर्मी में भी आंधी-बारिश वाला मौसम है। प्रदेश में 26 अप्रैल से आंधी-बारिश का दौर शुरू हो गया था, जो 3 जून को भी जारी रहा। यानी, लगातार 39 दिन से प्रदेश के किसी न किसी जिले में पानी गिर रहा है या आंधी चल रही है। मौसम विभाग ने अगले 4 दिन यानी 7 जून तक ऐसा ही मौसम रहने का अनुमान जताया है। मौसम वैज्ञानिक अरुण शर्मा ने बताया कि प्रदेश में आंधी-बारिश के सिस्टम एक्टिव हैं। इस वजह से मौसम बदला हुआ है। आज इन जिलों में बदला रहेगा मौसम मौसम विभाग ने बुधवार को प्रदेश के सभी जिलों के लिए अलर्ट जारी किया है। ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, श्योपुर, शिवपुरी, अशोकनगर, आगर-मालवा, शाजापुर, खंडवा, बुरहानपुर, खरगोन, बड़वानी, अलीराजपुर, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा में तेज आंधी चलने का अलर्ट है। आंधी की रफ्तार 50 से 60 किलोमीटर प्रतिघंटा तक रह सकती है। इसी तरह भोपाल, इंदौर, उज्जैन, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, रीवा, सीधी, सिंगरौली, पन्ना, दमोह, मंडला, बालाघाट, सिवनी, पांढुर्णा, छिंदवाड़ा, नरसिंहपुर, सागर, विदिशा, रायसेन, सीहोर, देवास, धार, झाबुआ, रतलाम, मंदसौर गुना, राजगढ़, सतना, मैहर, मऊगंज, कटनी, जबलपुर, उमरिया, शहडोल, अनूपपुर, डिंडौरी और नीमच में बारिश होने की संभावना है। भोपाल-इंदौर समेत 14 जिलों में बारिश मंगलवार को भोपाल, इंदौर, उज्जैन, नर्मदापुरम के पचमढ़ी, नीमच, धार, खरगोन, रायसेन, मंदसौर, छतरपुर के खजुराहो, मंडला, रीवा, सागर, उमरिया में बारिश हुई। 9 घंटे में रायसेन में 1 इंच से ज्यादा पानी गिरा। खरगोन में पौन इंच बारिश हुई। भोपाल में सुबह से ही रिमझिम बारिश का दौर जारी रहा। इससे दिन का तापमान 33.4 डिग्री पर आ गया। इंदौर में 31.3 डिग्री, ग्वालियर में 34.1 डिग्री, उज्जैन में 31.5 डिग्री और जबलपुर में तापमान 36 डिग्री दर्ज किया गया। मंगलवार को छतरपुर के नौगांव में सबसे ज्यादा तापमान 38.5 डिग्री रहा। टीकमगढ़, खरगोन, खंडवा में भी पारा 37 डिग्री के आसपास रहा। प्रदेश का इकलौता हिल स्टेशन पचमढ़ी सबसे ठंडा रहा। यहां दिन का तापमान 28.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

जज कैश कांड:वकीलों ने सीजेआई को लिख चिट्ठी, जज यशवंत वर्मा के खिलाफ मुकदमा चलाने की मांग

नई दिल्ली दिल्ली हाई कोर्ट के जस्टिस यशवंत वर्मा के खिलाफ महाभियोग की कार्रवाई जल्दी ही शुरू करने की तैयारी है। इस कार्रवाई के लिए सरकार चाहती है कि विपक्ष को भी साध लिया जाए। सरकार चाहती है कि महाभियोग के लिए राजनीतिक सहमति बन जाए। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू सहमति बनाने की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। उनका कहना है कि यह राजनीतिक मामला नहीं है। ऐसे में किसी भी तरह के मतभेद की जरूरत नहीं है। न्यायपालिका से जुड़ा यह एक गंभीर मसला है, जिस पर सभी को एकजुट होकर फैसला करना चाहिए। दरअसल करीब एक महीने पहले ही पूर्व चीफ जस्टिस संजीव खन्ना ने जस्टिस यशवंत वर्मा के खिलाफ आई रिपोर्ट को सौंपा था। यह रिपोर्ट पीएम और राष्ट्रपति के पास भेजी गई थी। तीन जजों की एक टीम ने जांच की थी और उसमें जस्टिस वर्मा को दोषी पाया गया था। इसके आधार पर ही रिपोर्ट पीएम और राष्ट्रपति को भेजी गई है। 14 मार्च को जस्टिस वर्मा के सरकारी आवास में आग लग गई थी। इस दौरान बड़े पैमाने पर नोट पाए गए थे और कुछ जल भी गए थे। कैश का इतना बड़ा भंडार मिलने पर सवाल उठे थे तो फिर चीफ जस्टिस ने उनके खिलाफ जांच कराई। इसके अलावा जस्टिस वर्मा का ट्रांसफर इलाहाबाद हाई कोर्ट कर दिया गया। इस मामले में ऐक्शन से पहले होम मिनिस्टर अमित शाह और कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने पीएम नरेंद्र मोदी से मंगलवार को मुलाकात की थी। इस मीटिंग में तय होना था कि आखिर कैसे महाभियोग की प्रक्रिया शुरू की जाए। इसके अलावा उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ से भी भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा और अमित शाह ने मुलाकात की थी। इन बैठकों के बाद ही रिजिजू ने विपक्ष के नेताओं से बात की है। दरअसल राज्यसभा और लोकसभा में एनडीए का बहुमत है, लेकिन सरकार चाहती है कि इस मामले में सर्वसम्मति से ही फैसला किया जाए। बता दें कि सरकार मॉनसून सेशन में ही महाभियोग प्रस्ताव लाना चाहती है। मॉनसून सेशन जुलाई के तीसरे सप्ताह में शुरू हो सकता है। यही नहीं कुछ नेताओं की राय तो यह भी है कि विशेष सत्र बुलाया जाए। इस सत्र के दौरान ही महाभियोग प्रस्ताव पर चर्चा हो और वोटिंग करा ली जाए। लोकसभा में प्रस्ताव लाने के लिए कम से कम 100 सांसदों का समर्थन जरूरी है। इसके अलावा 50 राज्यसभा सांसदों का समर्थन होना चाहिए।  वकीलों ने सीजेआई को लिख चिट्ठी, जज यशवंत वर्मा के खिलाफ मुकदमा चलाने की मांग बॉम्बे लॉयर्स एसोसिएशन ने चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) बीआर गवई को एक पत्र लिखा है। इस पत्र में जस्टिस यशवंत वर्मा के खिलाफ मुकदमा चलाने की अनुमति मांगी गई है। आरोप है कि जब जस्टिस वर्मा दिल्ली हाई कोर्ट के जज थे, तब उनके सरकारी आवास से बहुत सारा कैश मिला था। इस विवाद के चलते उनका तबादला इलाहाबाद हाई कोर्ट में कर दिया गया। पहले तत्कालीन CJI संजीव खन्ना ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी पत्र लिखा था। उन्होंने जस्टिस वर्मा के खिलाफ लगे आरोपों की जांच के लिए सुप्रीम कोर्ट की ओर से बनाई गई कमेटी की रिपोर्ट भी भेजी थी। साथ ही, जस्टिस वर्मा ने इस रिपोर्ट पर जो जवाब दिया था, उसे भी साझा किया था। जस्टिस वर्मा पर मुकदमा चलाने की अनुमति मांगी बॉम्बे लॉयर्स एसोसिएशन (BLA) ने 2 जून को लिखे अपने पत्र में जस्टिस वर्मा पर मुकदमा चलाने की अनुमति मांगी है। पत्र पर एसोसिएशन के अध्यक्ष अहमद एम अब्दी और सचिव एकनाथ आर ढोकले के हस्ताक्षर हैं। पत्र में यह भी बताया गया है कि सुप्रीम कोर्ट ने 21 मई को इस मामले पर दायर एक जनहित याचिका (PIL) को खारिज कर दिया था। सुप्रीम कोर्ट ने PIL को ‘समय से पहले’ बताते हुए खारिज कर दिया था। कोर्ट ने याचिकाकर्ताओं से कहा था कि वे एफआईआर (FIR) दर्ज कराने के लिए उचित अधिकारियों से संपर्क करें। आपराधिक मुकदमा शुरू करने की अनुमति मांगी गई वकीलों के संगठन ने कहा, ‘यह ध्यान रखना जरूरी है कि मुकदमे लड़ने वाले और आम लोग कानूनी प्रक्रिया में सक्रिय रूप से शामिल होते हैं।’ एसोसिएशन ने आगे कहा, ‘आवेदक जस्टिस यशवंत वर्मा के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 और भारतीय न्याय संहिता, 2023 के तहत आपराधिक मुकदमा शुरू करने की अनुमति मांग रहा है। जस्टिस वर्मा इलाहाबाद हाई कोर्ट के मौजूदा जज हैं। उन पर आरोप है कि उनके सरकारी आवास से बेहिसाब कैश बरामद हुआ था।’ 1991 के वीरस्वामी फैसले का भी किया गया जिक्र पत्र में सुप्रीम कोर्ट के 1991 के के वीरस्वामी मामले के फैसले का भी जिक्र किया गया है। इस फैसले में कहा गया है कि हाई कोर्ट या सुप्रीम कोर्ट के किसी भी मौजूदा जज के खिलाफ CJI की अनुमति के बिना कोई आपराधिक मामला दर्ज नहीं किया जा सकता है। पत्र में कहा गया है कि 1991 के फैसले में यह भी स्पष्ट किया गया है कि हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के जज भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 के तहत ‘लोक सेवक’ हैं। इसलिए, उन पर आय से अधिक संपत्ति रखने जैसे अपराधों के लिए मुकदमा चलाया जा सकता है। फैसले में यह भी कहा गया है कि राष्ट्रपति भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा चलाने की अनुमति देने के लिए सक्षम प्राधिकारी हैं, लेकिन ऐसी अनुमति CJI की सलाह पर ही दी जानी चाहिए। इन-हाउस जांच कमेटी की रिपोर्ट की कॉपी भी मांगी पत्र में कहा गया है, ‘दिल्ली पुलिस कमिश्नर की ओर से साझा किए गए फोटो और वीडियो सबूतों से न्यायिक ईमानदारी और न्यायपालिका में जनता के विश्वास पर गंभीर सवाल उठते हैं। जांच कमेटी की रिपोर्ट के बावजूद FIR दर्ज नहीं करना कानून के समक्ष समानता और न्यायिक संस्था की विश्वसनीयता को कमजोर करने का जोखिम उठाता है।’ पत्र में जज के खिलाफ मुकदमा चलाने की अनुमति मांगने के साथ-साथ अधिकारियों को सभी प्रासंगिक सबूतों को सुरक्षित रखने का निर्देश देने की भी मांग की गई है। इसमें आंशिक रूप से जले हुए नोट, तस्वीरें और वीडियो रिकॉर्डिंग शामिल हैं। बार बॉडी ने इन-हाउस जांच कमेटी की रिपोर्ट की कॉपी भी मांगी है, ताकि वह शिकायत दर्ज करा सके। घटना के वक्त 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उज्जैन : शिप्रा तीर्थ परिक्रमा का शुभारंभ, ध्वज पूजन से हुई यात्रा की शुरुआत, कल सीएम होंगे शामिल

उज्जैन उज्जैन में हर साल निकलने वाली शिप्रा तीर्थ परिक्रमा का शुभारंभ बुधवार को रामघाट से ध्वज पूजन के साथ हुआ। सुबह रामघाट पर शिप्रा तीर्थ परिक्रमा के कार्यकारी अध्यक्ष महंत रामेश्वरदास महाराज, श्रीराम तिवारी, राज्यसभा सदस्य उमेशनाथ जी महाराज। यात्रा से पहले रामघाट पर पंडित पुरोहितों द्वारा ध्वज पूजन किया गया। उसके बाद अतिथियों का स्वागत-सत्कार के बाद यात्रा प्रारंभ हुई। यात्रा में पुरातत्ववेत्ता, पुराविद्, साहित्यकार, इतिहासकार, विषय विशेषज्ञ, जीव विज्ञान, भू-वैज्ञानिक, साधु-संत आदि यात्रा में सहभागी रहेंगे। रामघाट से प्रारंभ हुई यात्रा यात्रा बुधवार को रामघाट से प्रारंभ हुई, जो नरसिंह घाट, कर्कराज मंदिर, जगदीश मंदिर, जंतर-मंतर वेधशाला, नानाखेड़ा, महामृत्युंजय द्वार, प्रशांति धाम, सांई मंदिर, त्रिवेणी शनि मंदिर से होते हुए गुरुकुल स्कूल पहुंचेगी, जहां विश्राम और भोजन प्रसादी की व्यवस्था रहेगी। इसके बाद यात्रा पुनः सिकंदरी, गोठड़ा, दाऊद खेड़ी, चिंतामण से होते हुए भूखी माता, गुरुनानक घाट, दत्त अखाड़ा घाट पर शाम को पहुंचेगी। रामघाट पर भजन गायक पवन तिवारी भजनों की प्रस्तुत देंगे। सीएम शिप्रा को अर्पित करेंगे 351 फीट की चुनरी यात्रा के दूसरे दिन सुबह 9 बजे यात्रा का शुभारंभ दत्त अखाड़ा घाट से ध्वज पूजन के साथ होगा। इसके बाद रणजीत हनुमान, भैरवगढ़, मंगलनाथ, अंगारेश्वर मंदिर, सांदीपनि आश्रम, काल भैरव, ऋण मुक्तेश्वर मंदिर, वाल्मीकि धाम, गोपाल मंदिर, पटनी बाजार ढाबा रोड होते हुए शाम 5 बजे रामघाट पहुंचेगी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव रामघाट पर मां शिप्रा को 351 फीट लंबी चुनरी अर्पित करेंगे, जो दत्त अखाड़ा घाट तक पहुंचेगी। यहां आर्मी के सिंफनी बैंड की भी प्रस्तुति होगी। शाम 7 बजे मुंबई की प्रख्यात गायिका स्वस्ति मेहुल भजनों की प्रस्तुति देंगी।

मुख्यमंत्री ने हस्तशिल्पियों को औजार उपकरण योजना अंतर्गत अनुदान राशि का किया वितरण

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज राजधानी रायपुर स्थित पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में आयोजित छत्तीसगढ़ हस्तशिल्प विकास बोर्ड की नवनियुक्त अध्यक्ष श्रीमती शालिनी राजपूत के पदभार ग्रहण समारोह में शामिल हुए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ में हस्तशिल्प विकास की अपार संभावनाएं हैं। यहां की कलाकृतियों की मांग विदेशों तक है। छत्तीसगढ़ के हस्तशिल्प उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराने और हस्तशिल्पियों को उनके हुनर की उचित कीमत दिलाने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री ने हस्तशिल्पियों को औजार उपकरण योजना अंतर्गत पाँच पांच हजार रुपये की अनुदान राशि का वितरण किया। मुख्यमंत्री साय ने छत्तीसगढ़ शिल्प विकास बोर्ड की नवनियुक्त अध्यक्ष श्रीमती शालिनी राजपूत को पदभार ग्रहण करने पर बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में छत्तीसगढ़ हस्तशिल्प विकास बोर्ड शिल्पकारों की बेहतरी के लिए कार्य करेगा। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के प्रत्येक इलाके में हस्तशिल्पी बहुत अच्छा काम कर रहे हैं। सुशासन तिहार के दौरान मुझे कोंडागांव के शिल्पग्राम जाने का मौका मिला। वहाँ मैंने शिल्पकारों से मुलाकात की और उनकी कला को करीब से देखा। इसी प्रकार रायगढ़ के एकताल में भी शिल्पकार धातु से कलाकृतियाँ बनाते हैं। बस्तर में काष्ठशिल्प से लकड़ी की सुंदर आकृतियाँ बनाई जाती हैं। पूरे प्रदेश में हस्तशिल्पियों का हुनर अद्भुत है। आज इस कार्यक्रम में मुझे जो सुंदर टोपी भेंट की गई, वह छिंद और कांसा से बनाई गई थी। जशपुर में हमारे गाँव के नजदीक कोटामपानी में भी छिंद और कांसा से बहुत सुंदर-सुंदर कलाकृतियाँ बनाई जाती हैं। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि शिल्पकारों को अधिक से अधिक प्रशिक्षण देने की जरूरत है। यह बहुत महत्वपूर्ण बात है कि हस्तशिल्प का कार्य ज्यादातर ग्रामीण इलाकों में होता है। इसलिए हस्तशिल्प विकास के द्वारा हम बहुत बड़े पैमाने पर ग्रामीणों को रोजगार उपलब्ध करा सकते हैं। मुझे आशा है कि हस्तशिल्प विकास बोर्ड इस ओर कार्य करेगा और शिल्पकारों को प्रशिक्षण के साथ ही उन्हें लोन-सब्सिडी भी अधिक से अधिक दिलाकर रोजगार से जोड़ेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि कोंडागांव के डोकरा आर्ट की विदेशों में माँग है। यह जरूरी है कि शिल्पकारों को बाजार के साथ उत्पाद की उचित कीमत मिले। बिना बिचौलियों के हस्तशिल्पियों की पहुँच सीधे बाजार तक हो, ताकि उन्हें अधिक से अधिक लाभ मिले। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि यह बहुत खुशी की बात है कि छत्तीसगढ़ के गढ़बेंगाल के पंडी राम मांझी को पद्मसे सम्मानित किया गया है। छत्तीसगढ़ की कला हमारे देश की शान है, इसे पूरी दुनिया में पहचान मिलनी चाहिए। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि छत्तीसगढ़ के कलाकारों के हाथ में चमत्कार है। चाहे वह मिट्टी के खिलौनों की बात हो या बेल मेटल, कसीदाकारी, गोदना और टेराकोटा की, प्रदेश के हस्तशिल्पी अपनी कला के बहुत सुंदर उत्पाद बना रहे हैं। छत्तीसगढ़ के हस्तशिल्प की राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रदर्शनियों में भागीदारी होनी चाहिए। हमारे शिल्पकारों के पास कुदरती हुनर है। बड़े पैमाने पर हस्तशिल्प उत्पादन के लिए डिज़ाइनरों को भी जोड़ने की जरूरत है। इस अवसर पर महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े, सांसद श्रीमती कमलेश जांगड़े, विधायक धरमलाल कौशिक, सुनील सोनी, आशाराम नेताम, गजेंद्र यादव, विभिन्न निगम-मंडल-आयोग के अध्यक्षगण, छत्तीसगढ़ हस्तशिल्प विकास बोर्ड के प्रबंध संचालक जेपी मौर्य सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

आज से शुरू ‘हज’ यात्रा…, ढाई लाख से ज्यादा हज यात्रियों को मक्का में नहीं मिली एंट्री, जानें महत्व, परंपरा और इससे जुड़े नियम

दुबई सऊदी अरब में आज से हज यात्रा शुरू होगी। इसके लिए रविवार तक 14 लाख रजिस्टर्ड तीर्थयात्री मक्का पहुंच चुके हैं, जबकि लाखों लोगों का आना बाकी है। यह यात्रा इस्लामी कैलेंडर के 12वें महीने जिल-हिज्जा की 8वीं से 12वीं तारीख (2025 में 4-9 जून) के बीच होती है। हज मुसलमानों का एक आध्यात्मिक और अनिवार्य धार्मिक कर्तव्य है। हर वो मुस्लिम जो शारीरिक, आर्थिक और मानसिक तौर पर सक्षम और स्वस्थ है, उसके लिए अपने जीवन में कम से कम एक बार हज करना अनिवार्य है। हज इस्लाम धर्म के पांच मूल स्तंभों में से एक है। हर साल दुनिया भर से लगभग 25 लाख मुस्लिम इस पवित्र यात्रा में शामिल होते हैं। इस साल भारत से लगभग 1.75 लाख लोग मक्का पहुंचेंगे। हज के दौरान मुस्लिम काबा (बैतुल्लाह) की परिक्रमा करते हैं और अल्लाह की इबादत में समय बिताते हैं। हज मुस्लिमों के लिए पापों से मुक्ति, आध्यात्मिक शुद्धि और अल्लाह के करीब आने का मौका है। पैगंबर इब्राहिम से शुरू होता है हज का इतिहास हज की शुरुआत पैगंबर इब्राहिम के समय से मानी जाती है। माना जाता है कि इब्राहिम और उनके बेटे इस्माइल ने अल्लाह के आदेश पर काबा का निर्माण किया था। 628 ईस्वी में पैगंबर मोहम्मद ने पहली इस्लामी हज की शुरुआत की। 632 ईस्वी में उन्होंने हज के आधुनिक स्वरूप को स्थापित किया, जो आज भी मुस्लिम मानते हैं। एक मुस्लिम अपने जीवन में कितनी भी बार हज कर सकता है। हालांकि, सऊदी अरब के हज मंत्रालय और कई देशों की सरकारों ने भीड़ को कंट्रोल करने के लिए नियम बनाया है कि एक इंसान पांच साल में सिर्फ एक बार हज कर सकता है। सऊदी अरब में रहने वाले लोगों पर 5 साल का नियम उतनी सख्ती से लागू नहीं होता है, लेकिन उन्हें भी हज के लिए आधिकारिक परमिशन लेनी होती है। 4 लाख हज यात्री पहुंचे हैं मक्का सरकार का मानना है कि पिछले साल की भीषण गर्मी के दौरान हुई मौतों में बड़ी संख्या उन लोगों की थी जो बिना अनुमति के हज करने आए थे। इस साल, आधिकारिक तौर पर लगभग 14 लाख मुसलमान पहले ही मक्का पहुंच चुके हैं और आने वाले दिनों में और भी अधिक लोगों के आने की उम्मीद है। किन लोगों को शहर में प्रवेश से रोका गया? मक्का में एक प्रेस वार्ता में अधिकारियों ने बताया कि उन्होंने 2,69,678 मुसलमानों को बिना अनुमति के शहर में प्रवेश करने से रोका है। नियमों के अनुसार, केवल वैध अनुमति वाले लोगों को ही हज यात्रा करने की अनुमति है, भले ही वे साल भर से शहर में रह रहे हों। बिना अनुमति हज करने का प्रयास करने वाले किसी भी व्यक्ति को गंभीर दंडात्मक कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है, जिसमें 5,000 अमेरिकी डॉलर तक का जुर्माना और निर्वासन शामिल है। अधिकारियों ने यह भी बताया कि उन्होंने हज नियमों का उल्लंघन करने के लिए 23,000 से अधिक सऊदी निवासियों पर जुर्माना लगाया है और हज यात्रा से जुड़ी 400 कंपनियों के लाइसेंस रद्द कर दिए हैं। पिछले साल 1,301 हज यात्रियों की हो गई थी मौत पिछले साल हज यात्रा के दौरान कम से कम 1,301 लोगों की मौत हुई थी। इनमें से अधिकांश मौतें अत्यधिक गर्मी के कारण हुईं, जब मक्का में तापमान 50 डिग्री सेल्सियस से भी अधिक पहुंच गया था। इन मौतों में से 83% से अधिक ऐसे तीर्थयात्री थे जिनके पास हज करने का आधिकारिक परमिट नहीं था। इन अनधिकृत तीर्थयात्रियों को आधिकारिक रूप से पंजीकृत हाजियों को मिलने वाली वातानुकूलित सुविधाओं और आश्रयों तक पहुंच नहीं मिल पाई थी, जिससे वे भीषण गर्मी की चपेट में आ गए। विभिन्न देशों से मरने वाले लोगों की संख्या भी रिपोर्ट की गई थी, जिनमें भारत के भी 98 नागरिक शामिल थे। बाद की रिपोर्टों में यह संख्या 201 तक भी बताई गई।

कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने सहकारी समितियों के भवनों और चबूतरा निर्माण की घोषणा की

रायपुर कृषि विकास एवं किसान कल्याण मंत्री श्री रामविचार नेताम बेमेतरा जिले के साजा विकासखंड के ग्राम बरगढ़ा में विकसित कृषि संकल्प अभियान में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने कार्यक्रम में अपने संबोधन के दौरान तीन सहकारी समितियों में भवन और सात समितियों में चबूतरा निर्माण की घोषणा की। विधायक श्री ईश्वर साहू भी कार्यक्रम में शामिल हुए। कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम ने कार्यक्रम में किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि किसानों को उन्नत कृषि तकनीकों से जोड़ने, वैज्ञानिकों से प्रत्यक्ष संवाद स्थापित करने और किसानों की समस्याओं के समाधान के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के आह्वान पर 29 मई से 12 जून तक पूरे देश में विकसित कृषि संकल्प अभियान चलाया जा रहा है। अभियान के तहत केंद्र और राज्य सरकार के कृषि वैज्ञानिक किसानों से संवाद कर रहे हैं। वे उन्नत और संतुलित कृषि की जानकारी किसानों को दे रहे हैं। यह अभियान किसानों को सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। कृषि मंत्री श्री नेताम ने कहा कि हमारी सरकार किसानों की हर समस्या के समाधान के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने किसानों से अपील की कि वे इस अभियान का पूरा लाभ उठाएं, वैज्ञानिकों से संवाद करें और उन्नत कृषि पद्धतियों को अपनाकर अपनी आय दोगुनी करने की दिशा में कदम बढ़ाएं। श्री नेताम ने कार्यक्रम में सात सेवा सहकारी समितियों सैगोना, खाती, कन्हेरा, भरदाकला, अकलवारा, घोटवानी और केहका में चबूतरा निर्माण और तीन समितियों नवागांवकला, कोंगियाखुर्द और गाड़ाडीह में भवन निर्माण की घोषणा की। उन्होंने किसानों को कृषि सामग्री का वितरण भी किया। श्री नेताम ने कार्यक्रम में किसानों को जल के सरक्षण-संवर्धन के लिए शपथ भी दिलाई। विधायक श्री ईश्वर साहू ने विकसित कृषि संकल्प अभियान को संबोधित करते हुए कहा कि केंद्र और राज्य सरकार किसानों की भलाई के लिए लगातार प्रयास कर रही है। इस अभियान से किसानों को नई तकनीकों और योजनाओं की जानकारी मिल रही है। हमारे क्षेत्र के किसानों के लिए यह सुनहरा अवसर है। बेमेतरा के कलेक्टर श्री रणबीर शर्मा, कृषि विभाग के उप संचालक श्री मोरध्वज, पूर्व संसदीय सचिव श्री लाभचंद बाफना और जनपद पंचायत के अध्यक्ष श्री जितेंद्र साहू सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि, कृषि वैज्ञानिक और किसान बड़ी संख्या में कार्यक्रम में मौजूद थे।

मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने दी सूरजपुर जिले को सौगात

रायपुर महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े के सतत प्रयासों से सूरजपुर जिले के कृषकों को बड़ी सौगात मिलने जा रही है। जिले में प्राथमिक   कृषि साख सहकारी समितियों के पुनर्गठन की प्रक्रिया प्रारंभ हो गई है। शासन द्वारा स्वीकृत योजना के अंतर्गत खोपा, करौटी-बी, केशवनगर, सिरसी एवं सावारावा में 5 नवीन समितियों का गठन किया जा रहा है। इस पहल से लगभग 4650 कृषकों को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा। नवगठित समितियों के माध्यम से किसानों को अब खाद-बीज, कृषि ऋण एवं धान विक्रय जैसी आवश्यक सेवाएं अपने ही गांव अथवा आसपास के क्षेत्र में मिल सकेंगी। इससे उन्हें लंबी दूरी तय करने की आवश्यकता नहीं होगी, जिससे समय, धन और संसाधनों की बचत होगी। श्रीमती राजवाड़े ने कहा, यह निर्णय किसानों की वर्षों पुरानी मांग के समाधान की दिशा में एक अहम कदम है। राज्य सरकार किसानों के हितों की रक्षा और कृषि व्यवस्था को सशक्त बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। यह निर्णय छत्तीसगढ़ शासन द्वारा जारी प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों के पुनर्गठन योजना के अंतर्गत लिया गया है, जिसका प्रकाशन 3 अप्रैल 2025 को छत्तीसगढ़ राजपत्र में किया गया। कृषि ऋण वितरण में भी सूरजपुर जिला अग्रणी वर्तमान में जिले में 47 प्राथमिक कृषि साख समितियां कार्यरत हैं। खरीफ 2024-25 के दौरान समितियों के माध्यम से कृषकों को 78.35 करोड़ रुपये नगद और 42.72 करोड़ रुपये मूल्य का वस्तु ऋण शून्य प्रतिशत ब्याज दर पर प्रदान किया गया। इससे 36,304 कृषक लाभान्वित हुए। रबी सीजन में 5,266 कृषकों को ऋण सुविधा दी गई। वर्ष 2025-26 के खरीफ सीजन के पहले दो माह में ही अब तक 13.36 करोड़ रुपये नगद ऋण एवं 9.08 करोड़ रुपये का वस्तु ऋण वितरित किया जा चुका है, जिससे 7,963 कृषकों को लाभ प्राप्त हुआ है। धान खरीदी में रिकॉर्ड: 59 हजार से अधिक कृषक लाभान्वित जिले में न्यूनतम समर्थन मूल्य पर वर्ष 2024-25 के खरीफ विपणन सत्र में 47 समितियों एवं 7 उपार्जन केंद्रों के माध्यम से 3 लाख 97 हजार 204 मीट्रिक टन धान की खरीदी की गई। इस प्रक्रिया से 59 हजार 52 कृषकों को सीधा लाभ प्राप्त हुआ है। यह पहल राज्य सरकार की ग्रामीण एवं कृषि आधारित अर्थव्यवस्था को सशक्त करने की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े के प्रयासों से सूरजपुर जिले में कृषि सुविधाओं का विस्तार निश्चित रूप से किसानों की समृद्धि और आत्मनिर्भरता की दिशा में मील का पत्थर सिद्ध होगा।

CM साय ने प्रशिक्षु अधिकारियों को बधाई एवं शुभकामनाएँ दीं और उनसे प्रशिक्षण तथा छत्तीसगढ़ के अनुभवों के बारे में जानकारी ली

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से नवा रायपुर के मंत्रालय महानदी भवन में भारतीय प्रशासनिक सेवा 2024 बैच के प्रशिक्षु अधिकारियों ने सौजन्य मुलाकात की। मुख्यमंत्री साय को अपर मुख्य सचिव तथा छत्तीसगढ़ प्रशासन अकादमी निमोरा के महानिदेशक सुब्रत साहू ने बताया कि भारतीय प्रशासनिक सेवा 2024 के पाँच अधिकारियों—फड़तरे अनिकेत अशोक, अरविंद कुमारन टी., अक्षय डोसी, क्षितिज गुरभेले और विपिन दुबे को छत्तीसगढ़ कैडर मिला है। छत्तीसगढ़ प्रशासन अकादमी निमोरा में इन अधिकारियों को 28 अप्रैल से 20 जून तक प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसके पश्चात इनकी पदस्थापना सहायक कलेक्टर के पद पर जशपुर, बिलासपुर, रायगढ़, कोरबा और बस्तर जिलों में की जाएगी। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रशिक्षु अधिकारियों को बधाई एवं शुभकामनाएँ दीं और उनसे प्रशिक्षण तथा छत्तीसगढ़ के अनुभवों के बारे में जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि आप ऐसे समय में छत्तीसगढ़ में अपने करियर की शुरुआत कर रहे हैं, जब यहाँ बहुत सकारात्मक परिवर्तन हो रहे हैं। पिछले डेढ़ साल में छत्तीसगढ़ में हर क्षेत्र में बहुत अच्छा कार्य हुआ है। खासकर, छत्तीसगढ़ की नक्सल-प्रभावित राज्य की छवि अब बदल रही है। जल्द ही छत्तीसगढ़ नक्सलमुक्त होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि हाल ही में सुशासन तिहार सम्पन्न हुआ है। इसके तीसरे चरण में हमने पूरे प्रदेश का दौरा करके जनता से फीडबैक लिया और उनकी समस्याओं का निराकरण किया। मुख्यमंत्री को प्रशिक्षु अधिकारियों ने बताया कि प्रशिक्षण के दौरान उन्हें भी समाधान शिविर में जाने का अवसर मिला। प्रशिक्षण संचालक श्रीमती सीमा सिंह ने बताया कि प्रशिक्षण के दौरान अधिकारियों को छत्तीसगढ़ की प्रशासनिक संरचना, नियम-कायदे और प्रक्रियाओं की जानकारी दी गई। उन्हें अलग-अलग विभागों के कार्यों, शासन की नीतियों और विभिन्न योजनाओं तथा जिलों की प्रशासनिक कार्यप्रणाली के बारे में बताया गया। इस मौके पर मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव राहुल भगत और छत्तीसगढ़ प्रशासन अकादमी के संचालक टी.सी. महावर उपस्थित थे।

परवरिश: मोबाइल की लत बच्चों के भविष्य पर भारी, जानें इससे छुटकारा पाने के उपाय

Parenting: Mobile addiction is harmful for children’s future, know the ways to get rid of it सूर्य प्रताप सिंह सिसोदिया (हेल्थ डेस्क) क्या आपका बच्चा मोबाइल के बिना रह सकता है?आज यह सवाल हर माता-पिता के मन में गूंज रहा है। तकनीक के इस दौर में मोबाइल बच्चों की जिंदगी का ऐसा हिस्सा बन चुका है, मानो उनका एक नया अंग हो। चाहे भोजन हो, पढ़ाई या आराम का समय हर क्षण मोबाइल उनके साथ है। यह डिजिटल डिवाइस केवल उनके शरीर को ही नहीं, बल्कि मानसिक और सामाजिक विकास को भी गहराई से प्रभावित कर रहा है। बच्चों पर मोबाइल का असर: सिर्फ आंखें नहीं, पूरी सोच पर असर धैर्य में गिरावट:स्क्रीन पर मिलने वाला त्वरित मनोरंजन बच्चों को अधीर बना रहा है। किसी भी असफलता या देरी पर वे गुस्से में आ जाते हैं। माता-पिता या शिक्षकों की मामूली बात भी उन्हें आहत कर देती है। एकाग्रता में कमी:लगातार आने वाले नोटिफिकेशन्स और ऑनलाइन एक्टिविटी बच्चों की एकाग्रता को कमजोर कर रही है। वे लंबे समय तक किसी एक काम पर ध्यान नहीं दे पाते। संवादहीनता और सामाजिक दूरी:मोबाइल की लत बच्चों को परिवार और दोस्तों से दूर कर रही है। अब वे भावनाओं को शब्दों में नहीं, इमोजी में बयां करते हैं। इसका असर उनके आत्मविश्वास, भाषा कौशल और सामाजिकता पर पड़ रहा है। ऑनलाइन गेमिंग और मानसिक स्वास्थ्य:गेमिंग ऐप्स बच्चों के लिए एक नशे की तरह बन चुके हैं। लेवल पार करने का जुनून, पैसे हारने का डर और त्वरित सफलता की उम्मीद उन्हें तनाव, एंग्ज़ायटी और यहां तक कि आत्महत्या जैसे खतरनाक कदम तक ले जा रही है। नींद और शारीरिक समस्याएं:देर रात तक स्क्रीन देखने से मेलाटोनिन हार्मोन का स्तर बिगड़ता है, जिससे नींद की गुणवत्ता घटती है। इससे चिड़चिड़ापन, मोटापा और आंखों की समस्याएं जैसे डिजिटल आई स्ट्रेन और दृष्टि दोष उत्पन्न होते हैं। अभिभावकों की भूमिका: शुरुआत घर से ही होती हैआमतौर पर मोबाइल की लत के बीज माता-पिता ही बोते हैं—कभी बच्चे को चुप कराने के लिए, तो कभी उसे व्यस्त रखने के लिए। एक साल के बच्चे को मोबाइल पर राइम्स दिखाना आज सामान्य बात हो गई है। फिर जब वही बच्चा 12-13 साल में मोबाइल मांगता है, तो माता-पिता उसे रोक नहीं पाते। समाधान: स्क्रीन से दूरी, जीवन से जुड़ाव स्क्रीन टाइम तय करें:परिवार में मोबाइल उपयोग का एक साझा नियम बनाएं। बच्चे को 15 साल की उम्र तक अपना व्यक्तिगत मोबाइल न दें। मैदानी खेल और आउटडोर एक्टिविटी:हर दिन कम से कम दो घंटे बच्चों को फिजिकल एक्टिविटी में व्यस्त रखें। फैमिली आउटिंग में मोबाइल ले जाना प्रतिबंधित करें। बातचीत और समय:बच्चों से बात करें, उनकी समस्याएं समझें। जब वो आपकी बात सुनते हैं, तो आप भी उनकी दुनिया से जुड़ पाते हैं। तकनीक से नहीं, रिश्तों से जुड़ाव बढ़ाएं:उन्हें यादें लिखने के लिए प्रेरित करें, न कि इंस्टाग्राम पर पोस्ट करने के लिए। मोबाइल कोई बुरा उपकरण नहीं है, लेकिन उसके गलत इस्तेमाल ने बच्चों को मानसिक, शारीरिक और सामाजिक रूप से नुकसान पहुंचाया है। माता-पिता यदि आज सतर्क नहीं हुए, तो कल बहुत देर हो जाएगी। सही परवरिश तकनीक से नहीं, समय और समझ से होती है। Tag: Parenting, Screen Addiction, Children Mental Health, Digital Detox

ऑनलाइन गेमिंग के जाल में फंसते युवा: कर्ज, लत और तबाही की ओर ले जाते ऐप्स, सरकार की चुप्पी चिंता का कारण

Youth getting caught in the trap of online gaming: Apps leading to debt, addiction and destruction, government’s silence is a cause of concern नई दिल्ली ! देश में ऑनलाइन फैंटेसी गेमिंग और ऑनलाइन गैंबलिंग प्लेटफॉर्म्स का कारोबार तेजी से बढ़ रहा है, और इसके चपेट में लाखों युवा आ चुके हैं। जल्दी अमीर बनने का सपना, उन्हें एक ऐसे रास्ते पर धकेल रहा है जहाँ लत, कर्ज और कई बार आत्महत्या जैसे खतरनाक परिणाम सामने आ रहे हैं। मीडिया रिपोर्ट्स और सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे कई मामलों में सामने आया है कि युवा बार-बार इन ऐप्स पर पैसा लगाते हैं, हारते हैं, कर्ज लेते हैं और अंततः मानसिक अवसाद में चले जाते हैं। कई युवाओं ने तो कर्ज के बोझ तले आत्महत्या जैसा खौफनाक कदम तक उठा लिया है। सरकार की नीतियों पर उठते सवाल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार ने डिजिटल इंडिया”, “स्टार्टअप इंडिया”, और “मेक इन इंडिया जैसे अभियानों से युवाओं को नए भारत का सपना दिखाया था, लेकिन हकीकत यह है कि न नई नौकरियों का ठोस रोडमैप सामने आया, न तकनीकी शिक्षा को लेकर ठोस सुधार। सरकार की ओर से इन ऑनलाइन गेमिंग और गैंबलिंग प्लेटफॉर्म्स को अप्रत्यक्ष रूप से मान्यता मिलने और इन पर किसी भी स्पष्ट नियमन की कमी से हालात और खराब हो रहे हैं। क्या चाहिए ठोस नीति और सख्त नियंत्रण विशेषज्ञों और अभिभावकों का कहना है कि इन ऐप्स को लेकर स्पष्ट और सख्त कानून बनाए जाने चाहिए, ताकि युवा इन लतों से दूर रहें और उनका भविष्य सुरक्षित हो।सवाल यह है कि जब युवाओं को इस देश का भविष्य कहा जाता है, तो फिर सरकार कब इन ऐप्स की लूट पर लगाम लगाएगी? मुख्य बिंदु वित्तीय विशेषज्ञ मानते हैं कि यदि सरकार ने शीघ्र ठोस क़दम नहीं उठाए, तो डिजिटल गैंबलिंग से जुड़ा सामाजिक-आर्थिक संकट और गहराएगा। उद्योग का आकार जितना बड़ा होगा, उतना ही मुश्किल होगा इसे नियंत्रित करना। निष्कर्ष: तेज़ टेक्नोलॉजी और सुस्त नीति के बीच फँसते युवाओं को बचाने के लिए कई मंत्रालयों की समन्वित रणनीति और सख़्त नियम अनिवार्य हैं। वरना “डिजिटल इंडिया” का सपना, कर्ज़ और लत की स्याही से धुँधला हो सकता है।

कर्नल सोफिया केस में नया मोड़: मंत्री विजय शाह को एसआईटी भेजेगी नोटिस, जल्द होगी पूछताछ

New twist in Colonel Sofia case: SIT will send notice to Minister Vijay Shah, interrogation will take place soon भोपाल। कर्नल सोफिया कुरैशी को लेकर दिए गए कथित विवादास्पद बयान मामले में अब मंत्री विजय शाह से पूछताछ की तैयारी तेज हो गई है। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर गठित विशेष जांच टीम (SIT) जल्द ही विजय शाह को नोटिस भेजकर उनका बयान दर्ज करेगी। सूत्रों के अनुसार, अब तक की जांच रिपोर्ट में विजय शाह के कथनों को शामिल नहीं किया गया था। लेकिन जांच के अगले चरण में SIT महू का दौरा दोबारा करेगी और बयान से संबंधित वीडियो की भी गहन जांच होगी। यह वीडियो फिलहाल भोपाल स्थित सेंट्रल फॉरेंसिक साइंस लेबोरेट्री (CFSL) में परीक्षणाधीन है, ताकि उसकी प्रमाणिकता की पुष्टि हो सके। इससे पहले यह वीडियो रीजनल फॉरेंसिक लैब में भेजा गया था, लेकिन तकनीकी कारणों से वहाँ इसकी जांच संभव नहीं हो पाई थी। इधर, पुलिस मुख्यालय (PHQ) से मिली जानकारी के मुताबिक, SIT प्रमुख प्रमोद वर्मा का हाल ही में तबादला सागर से जबलपुर कर दिया गया है। हालांकि, SIT के नेतृत्व में कोई बदलाव नहीं किया गया है और प्रमोद वर्मा ही टीम की कमान संभालते रहेंगे। टैग्स: #कर्नलसोफिया #विजयशाह #SITजांच #मध्यप्रदेशसमाचार #BreakingNews

पचमढ़ी अभ्यारण्य का नया नाम राजा भभूत सिंह के नाम पर, मोहन सरकार की कैबिनेट बैठक में कई अहम निर्णय

New name of Pachmarhi Sanctuary after Raja Bhabhut Singh, many important decisions in Mohan government’s cabinet meeting मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में सोमवार को पचमढ़ी में आयोजित कैबिनेट बैठक में एक ऐतिहासिक निर्णय लिया गया। अब पचमढ़ी वन्य जीव अभ्यारण्य का नाम राजा भभूत सिंह के नाम पर होगा। यह फैसला राजा भभूत सिंह की वीरता और जनजातीय समाज के प्रति उनके योगदान को सम्मान देने के उद्देश्य से लिया गया। बैठक की शुरुआत पचमढ़ी के राजभवन में वंदे मातरम् के गायन के साथ हुई। नगरीय विकास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने जानकारी दी कि राजा भभूत सिंह की जन्म और कर्मभूमि पर यह विशेष बैठक आयोजित की गई। उन्होंने कहा कि राजा भभूत सिंह ने अंग्रेजों के खिलाफ साहसिक संघर्ष किया और उन्हें नर्मदा अंचल का शिवाजी माना जाता है। मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने बताया कि कैबिनेट ने राजस्व विभाग के बिल को स्वीकृति दी है। इसमें प्रमुख राजस्व आयुक्त और अभिलेख आयुक्त के पदों को मिलाकर नया पद “कमिश्नर लैंड रिसोर्स एंड मैनेजमेंट” बनाया गया है। अब लोगों को सीधे और पारदर्शी सुविधा मिले, इसके लिए आईटी का प्रवेश राजस्व विभाग में जल्द हो। अब तहसीलदार को दो श्रेणी में बांटा जाएगा। राजस्व का न्यायालय देखने वाले न्यायालय देखेंगे और जो लॉ एंड ऑर्डर देखेंगे वो लॉ एंड ऑर्डर का काम ही देखेंगे। उन्होंने कहा कि आईटी के चलते अब विभाग के 500 पदों को समाप्त कर 1200 नए पद सृजित किए जाएंगे। इन नए पदों में सूचना प्रौद्योगिकी से संबंधित पदों को प्राथमिकता दी जाएगी। विजयवर्गीय ने कहा कि यह तेज गति से राजस्व को चलाने वाला देश का पहला राज्य मध्य प्रदेश होगा। इसके अलावा बैठक में श्रम विभाग के संशोधन प्रस्ताव को मंजूरी दी है। इसमें ठेका श्रम विनियम उत्पादन अधिनियम 1970 में 20 ठेका श्रमिक को 50 तक बढ़ाए जाने के प्रस्ताव को स्वीकृति दी है। साथ ही कारखाना अधिनियम 1948 में 10 श्रमिक के स्थान पर 20 श्रमिक बिना हाथ से काम करने वाले यानी मशीन पर काम करने और हाथ से काम करने वालों की संख्या 20 से 40 की गई है। इन परिवर्तन से औद्योगिकरण में श्रमिकों के अधिकारों का संरक्षण करते हुए लेवर एक्ट में संशोधन किया है। महिलाओं को सुरक्षित वातावरण में रात में काम करने की अनुमति देने हेतु श्रम कानूनों में संशोधन को मंजूरी दी गई है। साथ ही, ठेका श्रमिकों से जुड़े नियमों को भी संशोधित किया जाएगा ताकि शोषण से बचाव हो सके। कैबिनेट ने इंदौर स्थित आईआईटी में “एग्रो आईआईटी हब” स्थापित किया जाएगा। यह हब कृषि क्षेत्र में नवाचार और स्टार्टअप्स को बढ़ावा देगा। इसके लिए भारत सरकार को प्रस्ताव भेजा गया है। इसमें अच्छे बीज हो, अच्छी खेती और उत्पादन बढ़े इसको लेकर काम होगा। ताकि खेती लाभ का धंधा बनें। विजय शाह तीसरी बार कैबिनेट से नदारदजनजातीय कार्य मंत्री विजय शाह कैबिनेट बैठक में शामिल नहीं हुए। यह लगातार तीसरी बार है जब वे बैठक से अनुपस्थित रहे। कर्नल सोफिया कुरैशी पर दिए गए बयान को लेकर चल रही जांच के बीच उनकी गैरमौजूदगी चर्चा का विषय बनी हुई है।

खरीफ 2025: सोयाबीन की उम्मीदों के साथ किसानों की तैयारी तेज, पर बीज संकट बना चुनौती

Kharif 2025: Farmers’ preparations intensify with expectations of soybean, but seed crisis remains a challenge भोपाल ! खरीफ 2025 की तैयारियों ने ज़ोर पकड़ लिया है और इस बार किसानों के लिए ये सीजन निर्णायक साबित हो सकता है। मौसम विभाग ने मानसून समय पर आने और सामान्य वर्षा की भविष्यवाणी की है, जिससे फसल उत्पादन को लेकर उम्मीदें बंधी हैं। खासकर सोयाबीन की खेती करने वाले किसानों के लिए यह राहत भरी खबर है। सोयाबीन की खेती को मिल सकती है रफ्तार, पर बीज बना बाधा मध्यप्रदेश देश में सबसे अधिक सोयाबीन उत्पादन करने वाला राज्य है, लेकिन इस बार किसानों को उपचारित व प्रमाणित बीज नहीं मिल रहा। किसान मंडियों से बीज खरीदकर या अपने ही पुराने बीज का उपयोग कर रहे हैं, जिससे उत्पादन की गुणवत्ता पर असर पड़ सकता है। किसानों की बात: सीहोर जिले के किसानों अमित सिंह, राजेंद्र सिंह और विक्रम सिंह मालवीय का कहना है कि मंडियों से बीज मिल रहे हैं, लेकिन प्रमाणित बीज की उपलब्धता सीमित है। उड़द, मक्का और धान बन रहे विकल्प कई किसान इस बार सोयाबीन के बदले उड़द और मक्का जैसी फसलें बोने की योजना बना रहे हैं। वहीं जहां पानी की अधिकता है वहां धान की खेती को प्राथमिकता दी जा रही है। इससे फसल विविधता तो बढ़ेगी लेकिन सोयाबीन उत्पादन में गिरावट की आशंका भी जताई जा रही है। प्रति एकड़ 10 क्विंटल तक उत्पादन संभव कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि यदि किसान उन्नत किस्में और आधुनिक तकनीकों का उपयोग करें तो प्रति एकड़ 10 क्विंटल तक उत्पादन संभव है। खरीफ 2025 के लिए प्रमुख सोयाबीन किस्में: विशेषज्ञ सलाह: 2021, 2022 और 2023 में जारी की गई नई किस्मों को अपनाने से उत्पादन में 20% तक की बढ़ोतरी संभव है। बीज प्रमाणीकरण के आंकड़े राज्य के कृषि मंत्री एदल सिंह कंषाना ने बताया कि: किसानों के लिए सुझाव: सही किस्म, सही समय उपसंचालक कृषि के.के. पांडे ने बताया कि बीज तीन वर्गों में आते हैं — जल्दी पकने वाली, मध्यम अवधि वाली और देर से पकने वाली किस्में। किसानों को अपने क्षेत्र और बुवाई के समय के अनुसार सही किस्म चुननी चाहिए। बीज की खरीद प्रमाणित स्रोतों से ही करें, और बुवाई से पहले उसका परीक्षण अवश्य करें। खरीफ 2025 में मानसून की अनुकूलता के साथ उत्पादन में सुधार की पूरी संभावना है, लेकिन प्रमाणित बीजों की कमी एक बड़ा सवाल बनकर खड़ा है। अगर किसानों को समय पर सही बीज मिल जाएं और वे आधुनिक तकनीकों का उपयोग करें, तो यह सीजन कृषि क्षेत्र के लिए एक सकारात्मक मोड़ साबित हो सकता है।

गुटबाजी खत्म करो, बदलाव चाहिए तो बताओ – मैं करूंगा’: भोपाल में राहुल गांधी का कांग्रेस नेताओं को सख्त संदेश

Rahul Gandhi’s strong message to Congress leaders in Bhopal भोपाल | लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने मंगलवार को भोपाल में कांग्रेस के ‘संगठन सृजन अभियान’ की शुरुआत करते हुए पार्टी नेताओं को स्पष्ट संदेश दिया: गुटबाजी अब और नहीं चलेगी, सभी को मिलकर संगठन को मजबूत करना होगा। पार्टी संगठन को मिशन 2028 के तहत नए सिरे से खड़ा करने की कोशिश के तहत राहुल गांधी ने एक ही दिन में पांच अहम बैठकें कीं। उन्होंने सभी नेताओं से साफ कहा, कोई भी फैसला ऊपर से नहीं थोपा जाएगा। आप मिलकर निर्णय लें, और अगर कोई बदलाव चाहिए, तो बताइए – मैं करूंगा। लेकिन पहले एकजुट हो जाइए। संगठन में नई जान फूंकने की कोशिश राहुल गांधी ने नेताओं को याद दिलाया कि पिछले बीस सालों में कांग्रेस का संगठन मध्य प्रदेश में कमजोर हुआ है और अब समय है इसे फिर से खड़ा करने का। उन्होंने संगठन को मजबूत, पारदर्शी और जनसरोकार से जुड़ा बनाने पर जोर दिया। कांग्रेस के ‘संगठन सृजन अभियान’ का लक्ष्य 2028 के विधानसभा चुनावों से पहले स्थानीय और जिला स्तर पर संगठनात्मक ढांचे को पुनर्गठित करना है। राहुल गांधी ने कहा कि कार्यकर्ताओं की आवाज़ सुनी जाएगी और निर्णय सामूहिक रूप से लिए जाएंगे, न कि ऊपर से थोपे जाएंगे।

🏏 IPL 2025 Final: खिताबी जंग में आमने-सामने RCB और पंजाब, कौन बनेगा पहली बार चैंपियन?

IPL 2025 अब अपने अंतिम मुकाम पर है और क्रिकेट प्रेमियों के लिए रोमांच चरम पर है। रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) और पंजाब किंग्स (PBKS) की टीमें इस बार फाइनल में आमने-सामने होंगी। दिलचस्प बात यह है कि दोनों टीमों ने आज तक एक भी बार आईपीएल खिताब नहीं जीता है, और इस बार एक टीम का सूखा जरूर खत्म होगा। 📍 फाइनल का महामुकाबला🏟️ स्थान: नरेंद्र मोदी स्टेडियम, अहमदाबाद⏰ समय: टॉस शाम 7:00 बजे | मैच शुरू शाम 7:30 बजे👑 कोहली के नाम एक और सुनहरा मौकाविराट कोहली, जिन्होंने हाल ही में टेस्ट क्रिकेट को अलविदा कहा है, इस फाइनल में सभी की निगाहों के केंद्र में होंगे। शानदार फॉर्म में चल रहे कोहली ने इस सीजन में 614 रन बनाए हैं और RCB की बल्लेबाजी की रीढ़ रहे हैं। कोहली के समर्थन में हजारों फैंस 18 नंबर की जर्सी पहनकर स्टेडियम में मौजूद रहेंगे 🔥 क्या टिम डेविड खेलेंगे फाइनल?RCB के लिए एक बड़ा सवाल ये रहेगा कि क्या टिम डेविड फिट होकर फाइनल में वापसी करेंगे। डेथ ओवर्स में उनकी भूमिका अहम रही है, खासकर रोमारियो शेफर्ड के साथ। साथ ही, फिल सॉल्ट और मयंक अग्रवाल ने भी टॉप ऑर्डर में अहम योगदान दिया है। 🧤 गेंदबाजों की जंग: हेजलवुड बनाम चहलRCB के पास जोश हेजलवुड और भुवनेश्वर कुमार जैसे अनुभवी गेंदबाज हैं, जबकि पंजाब की ओर से युजवेंद्र चहल से उम्मीदें होंगी। हालांकि चहल अभी भी हाथ की चोट से जूझ रहे हैं, लेकिन अपनी पुरानी टीम RCB के खिलाफ वह कुछ खास कर सकते हैं। 🧠 श्रेयस अय्यर का नेतृत्व पंजाब को कहां ले जाएगा?पंजाब किंग्स की कमान इस बार श्रेयस अय्यर के हाथों में है, जिन्होंने 603 रन बनाकर टीम को फाइनल तक पहुंचाया है। वह IPL इतिहास में तीन अलग-अलग टीमों की कप्तानी करते हुए फाइनल तक पहुंचने वाले पहले खिलाड़ी बन गए हैं। उनके साथ जोश इंग्लिस, शशांक सिंह और प्रभसिमरन सिंह जैसे खिलाड़ी भी शानदार फॉर्म में हैं। 🧢 संभावित प्लेइंग-11पंजाब किंग्स:प्रियांश आर्या, जोश इंग्लिस (विकेटकीपर), श्रेयस अय्यर (कप्तान), नेहाल वढेरा, मार्कस स्टोइनिस, शशांक सिंह, अजमातुल्लाह ओमरजई, काइल जैमीसन, विजयकुमार विशाक, अर्शदीप सिंह, युजवेंद्र चहल। रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु:विराट कोहली, फिल सॉल्ट, रजत पाटीदार (कप्तान), लियाम लिविंगस्टोन, जितेश शर्मा (विकेटकीपर), रोमारियो शेफर्ड, क्रुणाल पांड्या, भुवनेश्वर कुमार, यश दयाल, जोश हेजलवुड, सुयश शर्मा। 🏆 कौन बनेगा चैंपियन?RCB और पंजाब — दोनों टीमें पहली बार IPL खिताब के लिए भिड़ेंगी। क्या कोहली की टीम अपने सपने को पूरा करेगी या अय्यर की अगुवाई में पंजाब इतिहास रचेगा?

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