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बीजापुर के सेन्ट्रल लाईब्रेरी का राज्यपाल डेका ने किया अवलोकन

रायपुर, राज्यपाल रमेन डेका ने अपने बीजापुर प्रवास के दौरान वहां के सेन्ट्रल लाईब्रेरी का अवलोकन किया। उन्होंने सुदूर क्षेत्रों के कम्प्यूटर प्रशिक्षार्थियों से संवाद कर उनके प्रशिक्षण के संबंध में जानकारी ली। प्रशिक्षार्थियों ने श्री डेका से अपने अनुभव साझा किए। राज्यपाल  डेका ने कहा कि आज के युग में कम्प्यूटर सभी क्षेत्रों के लिए आवश्यक है। नौकरी हो या स्वयं का व्यवसाय, कम्प्यूटर ट्रेनिंग के पश्चात छोटे-छोटे व्यवसाय से आय अर्जित करने एवं व्यवसायिक गतिविधियों का संचालन कर आय अर्जित करने के लिए प्रशिक्षार्थियों को प्रेरित किया। राज्यपाल डेका ने लाइब्रेरी में रखे गए माईंड गेम, वीआर सेट का अवलोकन किया और जिला प्रशासन के इस अभिनव पहल की सराहना की। उन्होंने बच्चों के साथ फोटो सेशन भी कराया। इस दौरान राज्यपाल के सचिव डॉ. सी. आर. प्रसन्ना, पुलिस अधीक्षक डॉ. जितेन्द्र यादव उपस्थित थे।

इजरायल ने साफ कहा है कि उसका इरादा ईरान में सत्ता परिवर्तन का है, खामेनेई को भी खत्म करने की बात कही

तेहरान अयातुल्ला अली खामेनेई के नेतृत्व वाली ईरान की सत्तारूढ़ व्यवस्था वर्तमान में इजरायल के हवाई हमलों के कारण भारी दबाव में है। इजरायली सेना उच्च पदस्थ अधिकारियों, सुरक्षा तंत्र और सरकारी मीडिया को निशाना बना रही है। ईरान के सबसे बड़े सैन्य अधिकारी पहले ही मारे जा चुके हैं। इजरायल ने साफ कहा है कि उसका इरादा ईरान में सत्ता परिवर्तन का है। यहां तक कि इजरायल ने खामेनेई को भी खत्म करने की बात कही है। ऐसे में सवाल उठता है कि मौजूदा सत्ताधारी लोगों के अलावा, ईरान में विपक्ष कौन है? दशकों से चली आ रही राष्ट्रव्यापी विरोध प्रदर्शनों की लहर के बावजूद, ईरान का विपक्ष खंडित और असंगठित नजर आता है। विभिन्न गुटों और वैचारिक मतभेदों के कारण यह विपक्ष देश के भीतर कोई मजबूत संगठित उपस्थिति स्थापित करने में असमर्थ रहा है। आइए ईरान की राजनीतिक व्यवस्था को विस्तार से समझते हैं। ईरान की सत्तारूढ़ व्यवस्था के खिलाफ विरोध का इतिहास लंबा और जटिल रहा है। 1979 की इस्लामी क्रांति के बाद से, विभिन्न समूहों ने समय-समय पर शासन के खिलाफ आवाज उठाई है। हालांकि, ये समूह एकजुट होने में असफल रहे हैं, जिसके कारण उनका असर सीमित रहा है। विपक्षी समूहों में राजशाही समर्थक, इस्लामी सुधारवादी, धर्मनिरपेक्ष लोकतंत्रवादी, और जातीय/क्षेत्रीय स्वायत्तता आंदोलन शामिल हैं। इसके अलावा, निर्वासित समूह जैसे मोजाहेदीन-ए-खल्क (MEK) भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। शाही समर्थक गुट (Monarchists) 1979 की इस्लामी क्रांति से पहले ईरान के शाह मोहम्मद रजा पहलवी देश के अंतिम शासक थे। क्रांति के बाद ईरानी राजा को देश छोड़ना पड़ा और 1980 में मिस्र में उनका निधन हो गया। उनके पुत्र रजा पहलवी अब अमेरिका में रहते हैं। वह शांतिपूर्ण असहयोग और जनमत संग्रह के माध्यम से सत्ता परिवर्तन की मांग करते हैं। हालांकि प्रवासी ईरानियों के एक वर्ग में शाही व्यवस्था यानी राजा की वापसी के प्रति झुकाव है, लेकिन ईरान के भीतर इस विचार की लोकप्रियता को लेकर संदेह बना हुआ है। अधिकांश ईरानी आज उस दौर को याद भी नहीं कर सकते क्योंकि वे क्रांति के बाद पैदा हुए हैं। शाही युग की यादें एक ओर जहां आधुनिकता और समृद्धि से जुड़ी हैं, वहीं कई लोग उस समय की असमानता और दमन को भी नहीं भूलते। स्वयं शाही समर्थकों के बीच भी एकजुटता का अभाव देखा जाता है। रजा पहलवी ने हाल के वर्षों में एक धर्मनिरपेक्ष लोकतंत्र की स्थापना के लिए “महसा चार्टर” जैसे पहलों का समर्थन किया है, जिसमें मसीह अलीनेजाद, नाजनीन बोनियादी, शिरीन एबादी, हामेद इस्माईलियोन, अब्दुल्ला मोहतादी जैसे प्रमुख विपक्षी नेताओं ने हिस्सा लिया। यह चार्टर शांतिपूर्ण तरीके से शासन को उखाड़ फेंकने का एक ढांचा प्रस्तुत करता है। मुजाहिदीन-ए-खल्क (MEK) मुजाहिदीन-ए-खल्क (MEK) कभी शाह शासन और अमेरिका विरोधी लेफ्ट विचारधारा का बड़ा नाम हुआ करता था। परंतु 1980-88 के ईरान-इराक युद्ध के दौरान इराक के साथ खड़ा होने के कारण इस संगठन को आज भी देश में गद्दार की नजरों से देखा जाता है- यहां तक कि इस्लामी गणराज्य के विरोधी भी इसे क्षमा करने को तैयार नहीं हैं। 2002 में ईरान के गुप्त यूरेनियम संवर्धन कार्यक्रम का खुलासा करने वाला यही समूह था। लेकिन वर्तमान में ईरान के भीतर इसकी सक्रियता न के बराबर है। संगठन के संस्थापक मसूद रजवी बीते दो दशकों से लापता हैं और उनकी पत्नी मरियम रजवी अब इसका नेतृत्व कर रही हैं। हालांकि पश्चिमी देशों में इसका सक्रिय नेटवर्क है, परंतु मानवाधिकार समूह इसे एक “संप्रदाय” की तरह चलाने का आरोप भी लगाते हैं, जिसे संगठन नकारता है। इस्लामी सुधारवादी (Reformists) ईरान के भीतर कुछ विपक्षी समूह इस्लामी गणतंत्र के ढांचे के भीतर सुधार की वकालत करते हैं। इनमें पूर्व राष्ट्रपति मोहम्मद खातामी, हसन रूहानी और अली अकबर हाशमी रफसंजानी जैसे नेताओं के समर्थक शामिल हैं। ये सुधारवादी सख्त इस्लामी नियमों में ढील और अधिक व्यक्तिगत स्वतंत्रता की मांग करते हैं। हालांकि, ये समूह मौजूदा शासन के खिलाफ पूर्ण विद्रोह के बजाय सिस्टम के भीतर बदलाव पर जोर देते हैं, जिसके कारण इनकी विश्वसनीयता विपक्ष के अन्य कट्टरपंथी गुटों के बीच कम हो जाती है। जातीय अल्पसंख्यक समूह ईरान में कुर्द, अजरबैजानी, अरब और बलोच जैसे जातीय समूह भी विपक्ष का हिस्सा हैं, जो अधिक स्वायत्तता या कुछ मामलों में पूर्ण स्वतंत्रता की मांग करते हैं। ये समूह अक्सर केंद्र सरकार के खिलाफ सशस्त्र संघर्ष में शामिल रहे हैं। हालांकि, इनके बीच वैचारिक और क्षेत्रीय मतभेदों के कारण एकजुटता की कमी है, जिससे ये समूह राष्ट्रीय स्तर पर प्रभावी विपक्ष के रूप में उभरने में असमर्थ रहे हैं। कुर्द और बलूच जैसे सुन्नी मुस्लिम अल्पसंख्यक लंबे समय से शासन व्यवस्था से असंतुष्ट हैं। देश के पश्चिमी हिस्से में कुर्द समूहों ने अक्सर हथियारबंद विद्रोह किया है। वहीं, बलूचिस्तान क्षेत्र में स्थिति और अधिक जटिल है- कुछ समूह जहां केवल धार्मिक स्वतंत्रता की मांग करते हैं, वहीं कुछ चरमपंथी तत्व अल-कायदा जैसे संगठनों से जुड़े हुए हैं।

कार्नी बोले- G7 में भारत की मौजूदगी सम्मान की बात, Modi वैश्विक नेतृत्व का प्रतिबिंब, 10 साल बाद कनाडा पहुंचे PM मोदी

कनाडा  कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने कहा है कि G7 शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की उपस्थिति भारतीय अर्थव्यवस्था के आकार व गतिशीलता और भारत की नेतृत्व वाली स्थिति का प्रतिबिंब है। कार्नी ने मंगलवार को कनाडा में G7 शिखर सम्मेलन के दौरान मोदी के साथ द्विपक्षीय चर्चा की। जी7 नेताओं के शिखर सम्मेलन के समापन पर आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन में कार्नी ने कहा, “G7 में प्रधानमंत्री मोदी की उपस्थिति की जहां तक बात है, तो प्रधानमंत्री मोदी ने 2018 से हर जी7 में भाग लिया है, जो भारतीय अर्थव्यवस्था के आकार, भारतीय अर्थव्यवस्था की गतिशीलता, भारतीय प्रौद्योगिकी, G20 और उससे आगे के कई स्थानों पर भारत की नेतृत्व वाली स्थिति का प्रतिबिंब है।” कार्नी ने कहा, “इसलिए जी7 के अध्यक्ष के रूप में, उस संदर्भ में प्रधानमंत्री की मेजबानी करना पूरी तरह से स्वाभाविक, पूरी तरह से सुसंगत है। मुझे पूरी उम्मीद है कि भारत के प्रधानमंत्री, अगले साल जी7 में उपस्थित रहेंगे।” कार्नी ने मोदी के साथ अपनी द्विपक्षीय बैठक को “महत्वपूर्ण” बताया। उन्होंने कहा कि दोनों नेता फिर से उच्चायुक्तों की नियुक्ति की दिशा में आगे बढ़ेंगे। कनाडा ने भारत को खालिस्तान समर्थक अलगाववादी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या से जोड़ने का प्रयास किया था, जिसके बाद दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ गया था।   तनाव के बीच पिछले साल भारत ने अपने उच्चायुक्त और पांच अन्य राजनयिकों को वापस बुला लिया था। भारत ने कनाडा के इतने ही राजनयिकों को निष्कासित भी कर दिया था। भारत ने जस्टिन ट्रूडो के नेतृत्व वाली पिछली सरकार पर कनाडा में खालिस्तानी समर्थक तत्वों को गतिविधियां संचालित करने की अनुमति देने का आरोप लगाया था। ट्रूडो के बाद कार्नी कनाडा के प्रधानमंत्री बने। ट्रूडो के जाने के बाद, भारत ने कहा था कि उसे कनाडा के साथ फिर से संबंध बेहतर होने की उम्मीद है।    

इजरायल के लॉन्ग-रेंज मिसाइल इंटरसेप्टर्स की आपूर्ति तेजी से खत्म हो रही है, 10 दिनों का ही स्टॉक बाकी

इजरायल ईरान के साथ जारी भीषण मिसाइल युद्ध में इजरायल भले ही ईरान के सैन्य ढांचे को गंभीर नुकसान पहुंचाने का दावा कर रहा हो, लेकिन उसकी मिसाइल रक्षात्मक प्रणाली पर जबरदस्त दबाव बन गया है। अमेरिका की खुफिया रिपोर्टों के हवाले से वॉल स्ट्रीट जर्नल (WSJ) ने बताया कि इजरायल के लॉन्ग-रेंज मिसाइल इंटरसेप्टर्स की आपूर्ति तेजी से खत्म हो रही है, जिससे उसकी रक्षा क्षमताओं की स्थिरता पर सवाल खड़े हो रहे हैं। ईरान ने पिछले शुक्रवार से अब तक इजरायल पर करीब 400 बैलिस्टिक मिसाइलें दागी हैं। वहीं, इजरायल के पास लगभग 10–12 दिन का ही इंटरसेप्टर स्टॉक बचा है। यदि हमले इसी गति से जारी रहे तो इजरायल की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। आपको बता दें कि सिर्फ Arrow सिस्टम का एक इंटरसेप्टर लगभग 25 करोड़ रुपये का पड़ता है। इजरायली अखबार The Marker ने अपनी एक रिपोर्ट में कहा है कि रातभर के मिसाइल रक्षा पर 1 अरब शेकेल यानी कि 2380 करोड़ रुपये तक खर्च हो रहा है। “ऑपरेशन राइजिंग लायन” की शुरुआत के बाद से इजरायल ने ईरान पर कई हवाई हमले किए। सैन्य, परमाणु और संबंधित ठिकानों को निशाना बनाया गया। WSJ के अनुसार, इजरायल ने ईरान के तीन में से एक मिसाइल लॉन्चर को तबाह कर दिया है। हालांकि, ईरान की 2000 मिसाइलों में से आधे से अधिक अब भी उसके पास मौजूद हैं। उनमें से कई गुप्त भूमिगत ठिकानों में छिपी होने की आशंका है। मुश्किल में इजरायल इजरायल की मल्टी-लेयर मिसाइल डिफेंस सिस्टम में Iron Dome, David’s Sling, Arrow और अमेरिका से मिली Patriot और THAAD शामिल हैं। ये सभी अब अत्यधिक दबाव में हैं। एक अमेरिकी अधिकारी के हवाले से रिपोर्ट में बताया गया कि सिस्टम पहले ही थक चुका है। जल्द ही इजरायल को यह तय करना पड़ सकता है कि कौन सी मिसाइलों को इंटरसेप्ट किया जाए और किन्हें नहीं। इजरायल पर तेज हो रहे ईरान के हमले शुक्रवार की रात कुछ ईरानी मिसाइलें इजरायली डिफेंस सिस्टम को चकमा देते हुए तेल अवीव में आईडीएफ मुख्यालय के पास गिरीं। रविवार को, एक मिसाइल हमले के चलते हाइफा के पास एक तेल रिफाइनरी बंद करनी पड़ी। मंगलवार सुबह सोशल मीडिया वीडियो में तेल अवीव के उत्तर में खुफिया परिसर के पास कई मिसाइल विस्फोट देखे गए। अब तक इजरायल की सरकार ने 24 लोगों की मौत और 600 से अधिक घायल होने की पुष्टि की है। इजरायल के लिए अब सबसे महंगे और एडवांस्ड डिफेंस शील्ड को बचाए रखने की चुनौती गंभीर होती जा रही है। ऐसे में यदि अमेरिका से जल्द इंटरसेप्टर की आपूर्ति या प्रत्यक्ष सैन्य मदद नहीं मिलती है तो इजरायल की रक्षा प्रणाली अगले कुछ दिनों में चरमरा सकती है।  

राशन कार्ड धारकों के लिए ई-केवाईसी अनिवार्य, 30 जून अंतिम तिथि

कोरिया, भारत सरकार के निर्देशानुसार सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के अंतर्गत पंजीकृत सभी राशन कार्डधारियों के लिए ई-केवाईसी कराना अनिवार्य कर दिया गया है। जिले में कुल 89,220 राशन कार्ड प्रचलित हैं, जिनमें 2,78,764 सदस्य पंजीकृत हैं। इनमें से अब तक 2,58,951 सदस्यों का ई-केवाईसी पूर्ण हो चुका है, जबकि 19,813 सदस्यों का ई-केवाईसी अब भी लंबित है। खाद्य विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार, 5 वर्ष से कम आयु के बच्चों को ई-केवाईसी से छूट दी गई है। विभाग द्वारा हितग्राहियों को सूचित किया गया है कि वे किसी प्रकार की असुविधा से बचने हेतु 30 जून 2025 तक अपना ई-केवाईसी अवश्य पूर्ण कर लें। ई-केवाईसी की सुविधा सभी उचित मूल्य दुकानों में उपलब्ध ई-पॉस मशीनों के माध्यम से उपलब्ध है। साथ ही, ‘मेरा ई-केवाईसी‘ मोबाइल ऐप के माध्यम से भी लाभार्थी स्वयं घर बैठे यह प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं। ऐप को गूगल प्ले स्टोर से डाउनलोड कर, आधार नंबर और ओटीपी के माध्यम से फेस ई-केवाईसी किया जा सकता है। खाद्य विभाग ने अपील की है कि शेष हितग्राही समयसीमा के भीतर अपनी प्रक्रिया पूर्ण करें, जिससे उन्हें राशन वितरण में कोई बाधा न हो।

राज्यपाल रमेन डेका ने बीजापुर कलेक्टोरेट परिसर में किया वृक्षारोपण

रायपुर, राज्यपाल रमेन डेका ने अपने बीजापुर प्रवास के दौरान एक पेड़ माँ के नाम अभियान के तहत कलेक्टोरेट परिसर में वृक्षारोपण किया। डेका ने सभी अधिकारियों को कम से कम एक पेड़ लगाने एवं उसकी समुचित देख-रेख करने करने के साथ-साथ अपने आस-पास के लोगों को भी पेड़ लगाने के लिए प्रेरित और प्रोत्साहित करने कहा।

राणा ने पिछले साल ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टेस्ट डेब्यू किया था, अब इंग्लैंड दौरे के बतौर बैकअप शामिल

नई दिल्ली युवा तेज गेंदबाज हर्षित राणा को इंग्लैंड दौरे के लिए भारत की टेस्ट टीम में बैकअप खिलाड़ी के रूप में शामिल किया गया है। वह मुख्य टीम के साथ इंग्लैंड पहुंच चुके हैं और 20 जून से शुरू हो रही टेस्ट सीरीज़ के पहले मैच के लिए उपलब्ध रहेंगे। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने दी जानकारी। 23 वर्षीय राणा ने पिछले साल ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टेस्ट डेब्यू किया था, लेकिन इंग्लैंड के खिलाफ पांच टेस्ट मैचों की सीरीज़ के लिए घोषित 18 सदस्यीय मूल टीम में उनका नाम नहीं था। हालांकि, वह इंडिया ए टीम का हिस्सा थे और कैंटरबरी में इंग्लैंड लायंस के खिलाफ पहले अनाधिकारिक टेस्ट में खेले थे। हर्षित राणा अब तक दो टेस्ट, पांच वनडे और एक टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबला खेल चुके हैं। टीम के अन्य सदस्यों के साथ वह लंदन से ट्रेन के जरिए लीड्स पहुंचे, जहां उन्हें टीम के साथ देखा गया। वहीं केएल राहुल, करुण नायर, यशस्वी जायसवाल, शार्दुल ठाकुर, ध्रुव जुरेल और नितीश रेड्डी जैसे खिलाड़ी पहले से ही इंडिया ए टीम के साथ यूके में मौजूद थे और उन्हें वहां मैच अभ्यास का अच्छा मौका मिला। भारत ने इंग्लैंड दौरे की तैयारी के तहत बेकनहम में इंडिया ए के खिलाफ एकमात्र अभ्यास मैच खेला था। टीम इस प्रकार है: शुभमन गिल (कप्तान), ऋषभ पंत (उपकप्तान एवं विकेटकीपर), यशस्वी जायसवाल, केएल राहुल, साई सुदर्शन, अभिमन्यु ईश्वरन, करुण नायर, नितीश रेड्डी, रवींद्र जडेजा, ध्रुव जुरेल (विकेटकीपर), वाशिंगटन सुंदर, शार्दुल ठाकुर, जसप्रीत बुमराह, मोहम्मद सिराज, प्रसिद्ध कृष्णा, आकाश दीप, अर्शदीप सिंह, कुलदीप यादव और हर्षित राणा (बैकअप)।  

सूर्यकुमार यादव ‘स्पोर्ट्स हर्निया’ से संबंधित चोट के इलाज के लिए विशेषज्ञ से परामर्श लेने इंग्लैंड गए, हो सकती है सर्जरी

नई दिल्ली भारत के टी20 कप्तान सूर्यकुमार यादव ‘स्पोर्ट्स हर्निया’ से संबंधित चोट के इलाज के लिए विशेषज्ञ से परामर्श लेने इंग्लैंड गए हैं और यदि आवश्यक हुआ तो उनकी सर्जरी भी हो सकती है। 33 वर्षीय सूर्यकुमार ने मुंबई इंडियंस के लिए आईपीएल में शानदार प्रदर्शन करते हुए 700 से अधिक रन बनाए और इसके तुरंत बाद मुंबई प्रीमियर लीग टी20 टूर्नामेंट में भी खेले।  यह पता नहीं है कि क्या मुंबई टी20 लीग के दौरान उनका दर्द बढ़ गया था क्योंकि सूर्यकुमार तीन महीने तक लगातार यात्रा कर रहे थे और खेल रहे थे। इस क्रिकेटर के एक करीबी सूत्र ने नाम नहीं छापने की शर्त पर पीटीआई को बताया, ‘‘सूर्या पेट के निचले हिस्से में दाहिनी तरफ स्पोर्ट्स हर्निया से पीड़ित हैं। वह परामर्श के लिए ब्रिटेन गए हैं। यदि आवश्यक हुआ तो वह सर्जरी करवाएंगे।’  अपने करियर में दर्द के बावजूद कई मैच खेलने वाले सूर्यकुमार आईपीएल और मुंबई टी20 की अपनी प्रतिबद्धताओं को पूरा करना चाहते थे। बीसीसीआई के एक सूत्र ने कहा, ‘अगस्त-सितंबर से पहले कोई टी20 क्रिकेट नहीं होने के कारण सूर्यकुमार ने सोचा कि यह सबसे अच्छा समय है जब वह अपनी चोट का इलाज करा सकते हैं और बेंगलुरु के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में इससे उबरने के लिए पर्याप्त समय भी मिल जाएगा।’ 

श्रीराम पर अपमानजनक टिप्पणी करने वाले यासिर को हिंदू संगठन वाले मंदिर में ले गए, माथे पर तिलक लगाया और माफी मंगवाई

फतेहपुर  फतेहपुर जिले में एक मुस्लिम युवक को सोशल मीडिया पर भगवान श्रीराम के खिलाफ अभद्र टिप्पणी करना महंगा पड़ गया. अभद्र टिप्पणी से आक्रोशित बजरंग दल कार्यकर्ता आरोपी यासिन के घर पहुंच गए. हिंदूवादी संगठन के लोग यासिन को पकड़कर स्थानीय मंदिर ले गए, जहां उसके माथे पर तिलक लगवाकर उससे माफी मंगवाई गई. आखिर में उसे छोड़ दिया गया.  आपको बता दें कि जिले के थाना कोतवाली क्षेत्र के अहमदगंज का रहने वाला यासिन घर में अपनी पत्नी नगमा के साथ रहता है. बीते दिनों उसके द्वारा सोशल मीडिया पर भगवान श्रीराम के खिलाफ अभद्र टिप्पणी की गई थी. जिसे देखने के बाद बजरंग दल कार्यकर्ता आक्रोशित हो गए. वे यासिन की जानकारी जुटाने में लग गए.  जैसे ही उन्हें यासिन के घर का पता चला दर्जनों लोग उसके दरवाजे पहुंच गए. बजरंग दल वाले और वीएचपी के लोग यासिन को मंदिर ले जाकर भगवान की मूर्ति के सामने माफी मंगवाने की मांग करने लगे. लेकिन वह साथ चलने को तैयार नहीं हुआ. इस बीच वीएचपी कार्यकर्ताओं और यासिन के बीच मारपीट भी हुई. हालांकि, बाद में यासिन की पत्नी नगमा के कहने पर वह मंदिर जाने के लिए राजी हो गया.  मंदिर में यासिन ने भगवान की मूर्ति के सामने दोबारा इस तरह की गलती न करने की बात की, साथ ही सबसे माफी भी मांगी. इस दौरान उसकी पत्नी भी साथ रही. घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है.  बजरंग दल कार्यकर्ता हर्षित के मुताबिक, यासिन नाम के युवक ने इंस्टाग्राम अकाउंट पर भगवान श्रीराम के ऊपर अभद्र टिप्पणी की थी, जिसके बाद हमलोग उसके घर गए और मंदिर चलकर भगवान के सामने माफी मांगने की बात कही. लेकिन वह नहीं माना. उसके पास एक चाकू था.  जिससे उसने मेरी जांघ पर हमला किया. इस दौरान हल्की मारपीट भी हुई. लेकिन पत्नी के कहने पर यासिन ने हमारे साथ वर्मा चौराहा स्थित मंदिर जाकर माफी मांगी, जिसपर उसे छोड़ दिया गया. 

गुजरात की चर्चित सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर कीर्ति पटेल को सूरत पुलिस ने किया गिरफ्तार, जाने मामला

गुजरात गुजरात की लोकप्रिय सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर कीर्ति पटेल को सूरत पुलिस ने गिरफ्तार किया है। कीर्ति को कथित तौर पर जबरन वसूली के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। एक बिल्डर की शिकायत के बाद सूरत पुलिस ने एक्शन लिया। इन्फ्लुएंसर पर दो करोड़ रुपये की वसूली का आरोप है। हनीट्रैप मामले में धमकी का आरोप सूरत पुलिस ने एक बिल्डर की शिकायत के बाद जबरन वसूली के आरोप में कीर्ति पटेल को गिरफ्तार किया। जानकारी के मुताबिक सूरत पुलिस ने उन्हें कल मंगलवार को अहमदाबाद में गिरफ्तार किया। मीडिया रिपोर्ट्स से प्राप्त जानकारी के मुताबिक कीर्ति पटेल के खिलाफ एक बिल्डर ने शिकायत कराई। कीर्ति पर शख्स ने उसे फर्जी हनीट्रैप मामले में धमकी देने का आरोप लगाया है। एक साल पहले दर्ज हुई शिकायत बिल्डर वजुभाई कटरोडिया ने करीब एक साल पहले सूरत के कपोदरा पुलिस स्टेशन में कीर्ति पटेल के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि कीर्ति पटेल ने बिल्डर से दो करोड़ रुपये की फिरौती मांगी थी। साथ ही धमकी दी थी कि रकम नहीं मिलने पर उसे फर्जी हनीट्रैप केस में फंसा दिया जाएगा। कीर्ति पर लग चुका है हत्या के प्रयास का आरोप शिकायत के बाद से ही कीर्ति पटेल फरार थी। पुलिस इन्फ्लुएंसर की तलाश में थी। मंगलवार को एक गुप्त सूचना के आधार पर सूरत पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। कीर्ति इंटरनेट की कंट्रोवर्सियल पर्सनैलिटी हैं। कई साल पहले कीर्ति पटेल पर हत्या के प्रयास के आरोप में भी लग चुके हैं। कीर्ति को 2020 में पुणे पुलिस ने हत्या के प्रयास के आरोप में सूरत से गिरफ्तार किया था। कीर्ति सोशल मीडिया पर काफी लोकप्रिय हैं। इंस्टाग्राम पर ही उनके एक मिलियन से अधिक फॉलोअर्स हैं।  

प्रधानमंत्री आवास योजना से मिला पक्का घर, सुमित्रा पटेल के लिए बना सहारा

पति की स्मृतियों संग अब सुमित्रा जी रहीं हैं सम्मान और सुकून का जीवन रायपुर, जांजगीर-चांपा जिले के जनपद पंचायत बलौदा अंतर्गत ग्राम पंचायत बिरगहनी (च) की श्रीमती सुमित्रा पटेल के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) किसी वरदान से कम साबित नहीं हुई। यह योजना उनके दिवंगत पति स्व. लखनलाल पटेल के अधूरे सपनों को साकार करने वाली बनी, जिससे आज वे एक सुरक्षित और पक्के मकान में सम्मानपूर्वक जीवन यापन कर रही हैं। स्व. लखनलाल पटेल का परिवार बेहद ही साधनहीन था और उनकी रोजी-रोटी की एकमात्र सहारा मजदूरी थी। स्वयं की खेती की जमीन नहीं होने के कारण उनका परिवार वर्षों तक एक कच्चे और जर्जर मिट्टी के घर में रह रहा था। जीवनभर मेहनत करने के बावजूद पक्का मकान बनाना केवल एक सपना बनकर रह गया था। वर्ष 2024-25 में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत उन्हें पात्र पाते हुए 1 लाख 20 हजार रुपये की सहायता राशि किश्तों में उनके खाते में हस्तांतरित की गई। इस योजना के माध्यम से श्री लखनलाल और उनकी पत्नी सुमित्रा ने मिलकर अपने सपनों का मजबूत पक्का घर तैयार किया। दुर्भाग्यवश घर पूर्ण होने के कुछ समय बाद ही श्री लखनलाल का आकस्मिक निधन हो गया। अब सुमित्रा पटेल उसी मकान में अपने पति की स्मृतियों के सहारे जीवन यापन कर रही हैं। उनका कहना है कि, सरकार की इस योजना ने हमें वह दिया जिसकी हमने कल्पना भी नहीं की थी। यह घर अब मेरे जीवन का सहारा है। प्रधानमंत्री आवास योजना के साथ ही उन्हें महात्मा गांधी नरेगा के तहत मजदूरी कार्य, उज्ज्वला योजना से गैस कनेक्शन तथा स्वच्छ भारत मिशन के तहत शौचालय जैसी सुविधाएं भी प्राप्त हुई हैं। श्रीमती सुमित्रा पटेल ने प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री का आभार प्रकट करते हुए कहा कि यह योजना हम जैसे गरीब परिवारों के लिए आशा की किरण है, जिससे हमें जीवन में स्थायित्व और सम्मान मिला है।

चालू वित्त वर्ष के लिए भारत की वास्तविक सकल घरेलू उत्पाद वृद्धि दर 6.5 प्रतिशत से अधिक रहेगी:ICRA

नई दिल्ली चालू वित्त वर्ष (2025-26) के लिए भारत की वास्तविक सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) वृद्धि दर 6.5 प्रतिशत से अधिक रहेगी। यह अनुमान लीडिंग रेटिंग एजेंसी इक्रा का है। एजेंसी ने अपने आउटलुक में कहा कि इसी अवधि के दौरान देश की वास्तविक सकल मूल्य वर्धित (जीवीए) वृद्धि 6.3 प्रतिशत से अधिक होगी। जहां जीडीपी देश के भीतर उत्पादित वस्तुओं और सेवाओं के कुल मूल्य को निर्धारित करता है, वहीं जीवीए उत्पादित वस्तुओं और सेवाओं के कुल मूल्य में से मध्यवर्ती वस्तुओं और सेवाओं की लागत को घटाने पर प्राप्त होता है। महंगाई दर पर क्या है अनुमान रिपोर्ट में कहा गया है कि मुद्रास्फीति के संबंध में उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) आधारित महंगाई दर के 4.2 प्रतिशत से अधिक रहने का अनुमान है, जबकि थोक मूल्य सूचकांक (डब्ल्यूपीआई) चालू वित्त वर्ष के लिए 2.7 प्रतिशत से अधिक रहेगा। इक्रा ने राजकोषीय घाटा जीडीपी का 4.4 प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया है। इक्रा के अनुसार, रबी के नकदी प्रवाह और सामान्य से अधिक जलाशय स्तर की सहायता से ग्रामीण मांग में तेजी बनी रहने की संभावना है। बजट में ऐलान का फायदा रेटिंग एजेंसी ने कहा कि 2025-26 के लिए केंद्रीय बजट में आयकर में बड़ी राहत, दरों में कटौती से ईएमआई (मासिक किस्त) में कमी और खाद्य मुद्रास्फीति में नरमी से घरेलू खर्च योग्य आय में वृद्धि होने की उम्मीद है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि भारत के वस्तु निर्यात में सुस्ती निकट भविष्य में भी जारी रह सकती है। इक्रा के अनुमान के अनुसार, सेवा निर्यात वस्तु निर्यात वृद्धि से आगे निकलने की संभावना है। रिपोर्ट में कहा गया है कि केंद्र का पूंजीगत व्यय 2025-26 में 10.1 प्रतिशत बढ़ने का अनुमान है, जिससे निवेश गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। आरबीआई का अनुमान चालू वित्त वर्ष 2025-26 के लिए आरबीआई ने जीडीपी की वृद्धि दर के अनुमान को 6.5 प्रतिशत पर बरकरार रखा है। जीडीपी वृद्धि दर वित्त वर्ष 2024-25 में 6.5 प्रतिशत दर्ज की गई थी और इसके 2025-26 में भी इतना ही रहने का अनुमान लगाया गया है।

राजा रघुवंशी हत्याकांड में मेघालय पुलिस ने बरामद किया दूसरा हथियार, क्राइम सीन रीक्रिएशन के दौरान खाई में मिला

इंदौर  राजा रघुवंशी हत्याकांड में रोज नए खुलासे हो रहे हैं। अब मेघालय पुलिस ने बताया है कि राजा को एक नहीं बल्कि दो हथियारों से मारा गया। यह भी बताया कि विशाल ने जब राजा पर पहली बार हमला किया तो खून बहने लगा था और वह दर्द से चिल्ला रहा था। इस दौरान सोनम वहां से चली गई। वह तभी वापस लौटी जब राजा की मौत हो चुकी थी। उसने लाश को ठिकाने लगाने में हमलावरों की मदद की। राजा रघुवंशी हत्याकांड की जांच कर रही मेघायल पुलिस की एसआईटी टीम आज फिर आरोपियों को घटनास्थल पर ले गई थी। यहां वेसा डांग इलाके में उन्होंने दूसरा हथियार फेकें जाने की बात बताई। पुलिस ने वहां जांच की तो दूसरा हथियार भी बरामद हो गया। अब हथियार की फॉरेंसिंक जांच की जाएगी।  रिपोर्ट के अनुसार, पुलिस ने बताया कि सोनम रघुवंशी उस समय भाग गई जब हमलावरों में से एक विशाल सिंह चौहान ने राजा रघुवंशी पर पहली बार कुल्हाड़ी से हमला किया। पुलिस ने बताया कि वह तभी वापस लौटी जब कई बार हमला करने के बाद राजा की मौत हो गई। यह बात तब सामने आई जब हत्या की जांच कर रही विशेष जांच टीम (एसआईटी) सोनम सहित सभी आरोपियों को राजधानी शिलॉन्ग से लगभग 65 किलोमीटर दूर मेघालय के सोहरा ले गई। वहां घटनास्थल पर पुलिस ने क्राइम सीन रीक्रिएट किया। इंदौर के ट्रांसपोर्ट व्यवसायी की पिछले महीने मेघालय में हनीमून के दौरान सोनम, उसके प्रेमी राज कुशवाह और तीन लोगों ने बेरहमी से हत्या कर दी थी। अन्य हत्यारों की पहचान आकाश राजपूत और आनंद कुर्मी के रूप में हुई है। पुलिस ने सभी पांचों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने कहा कि जांच और घटनास्थल पर सीन रिक्रिएट करने से पता चला है कि विशाल ने सबसे पहले राजा पर हमला किया था। नाम न बताने की शर्त पर एक पुलिस अधिकारी ने कहा कि जब खून बहने लगा और राजा चिल्लाने लगा तो सोनम भाग गई। विशाल और दूसरे हमलावर विशाल ने राजा पर हमला करना जारी रखा। पुलिस एक ट्रैवलर का बयान भी दर्ज करने वाली है. दरअसल, हरियाणा के सोनीपत निवासी एक यूट्यूबर देवेंद्र सिंह ने 23 मई को नोंग्रयाट  के पास डबल डेकर लिविंग रूट ब्रिज के ट्रेक के दौरान एक वीडियो शूट किया था, जिसमें सोनम रघुवंशी, राजा रघुवंशी और तीनों आरोपी आकाश, आनंद और विशाल अनजाने में कैद हो गए. सुपर कॉरिडोर पर बने रेस्टोरेंट में मिलते थे आरोपी राजा हत्याकांड में रोज नए खुलासे हो रहे है। अब यह जानकारी सामने आई है कि राजा को मारने की प्लानिंग सोनम, राज और विशाल ने एक महीने पहले ही शुरू कर दी थी। ये सभी सुपर कॉरिडोर पर टीसीएस चौराहे के पास अवंती रेस्टोरेंट में मिलते थे। रेस्टोरेंट के मालिक नरेंन्द्र ने इस बात का खुलासा किया है। देवेंद्र ने बताया कि वह अपनी पत्नी के साथ वीडियो शूट कर रहे थे, जब सुबह 9:25 बजे तीनों आरोपी और 9:45 बजे राजा व सोनम उनके कैमरे में रिकॉर्ड हुए. शिलांग के SP ने कहा कि यह वीडियो फुटेज केस को जोड़ने की अहम कड़ी साबित होगी. पुलिस देवेंद्र का बयान दर्ज करेगी और वीडियो को सबूत के तौर पर लेगी. हनीमून पर कितना कैश और सोना ले गई थी सोनम रघुवंशी राजा रघुवंशी की हत्या की आरोपी सोनम के भाई ने कहा है कि वह नार्को टेस्ट के लिए तैयार हैं। सोनम के भाई गोविंद ने कहा कि यदि राजा के परिवार को उन पर शक है तो जांच करवा सकते हैं और वह नार्को टेस्ट के लिए भी तैयार हैं। गोविंद इससे पहले राजा के घर जाकर दुख बांट चुके हैं। गोविंद ने यह भी खुलासा किया है कि हत्या वाले हनीमून पर जाते समय सोनम अपने साथ कितना सोना और कैश लेकर गई थी। गोविंद ने कहा, ‘जितनी भी सत्यता थी उतनी हमने बताई है मीडिया और उन लोगों को। फिर भी यदि उन्हें हमारे ऊपर शक है तो वो जांच करा सकते हैं। हम इसके लिए आगे आने को तैयार हैं। मैं उनके घर भी जा रहा हूं। मुझे पता है कि उनके घर में बहुत बड़ा हादसा हुआ है। इसलिए यदि उनकी मांग है नार्को टेस्ट की तो, की जाए।’ गोविंद ने कहा कि वह बिन बुलाए ही राजा की तेरहवीं पर उनके घर गए थे। उन्होंने न्यूज एजेंसी एएनआई से बातचीत में कहा,’उन्होंने बुलाया नहीं था, मैं राजा की तेरहवीं पर खुद गया था। मैं राजा को दिल से मानता हूं। लेकिन यदि अब मुझे मना करते हैं तो यह उनका फैसला है। मुझे पता चला है कि मेघालय की पुलिस आई है। मुझे बयान के लिए शिलॉन्ग बुलाया है, लेकिन कोई कंफर्मेशन नहीं है। मैंने कहा है कि जब भी जरूरत पड़े मैं पहली फ्लाइट से आ सकता हूं।’ अपने साथ क्या-क्या ले गई थी सोनम यह पूछे जाने पर कि हनीमून पर जाते हुए सोनम अपने साथ क्या-क्या लेकर गई थी, गोविंद ने कहा, ‘कुछ जेवर लेकर गई थी। जैसै मंगलसूत्र जो पुलिस को मिला है। बाकी कुछ कान के नाक के लेकर गई थी,बाकी गहने हमारे पास ही हैं। कैश जरूर 10-20 हजार का ले गई होगी। मोबाइल 2 लेकर गई थी एक ऑफिस वाला और एक अपना पर्सनल। और कोई कीमती चीज नहीं लेकर गई है।’ राजा को चेन पहनकर आने को कहा था इससे पहले राजा की मां उमा रघुवंशी ने कहा था कि उनके बेटे को सोनम ने सोने की चेन पहनकर आने को कहा था। राजा की जब उन्होंने एयरपोर्ट वाली तस्वीर देखी तो गले में सोने की चेन देखकर उन्हें चिंता हुई थी।  पुलिस के अनुसार, सोनम ने अपने मोबाइल फोन नष्ट कर दिए हैं और अभी तक उन्हें बरामद नहीं किया जा सका है. हत्या का मकसद लव ट्राएंगल बताया जा रहा है, लेकिन एसपी ने कहा कि इसके अलावा कोई अन्य वजह भी हो सकती है, जिसकी जांच जारी है. अधिकारी ने कहा कि राजा की मौत हो जाने के बाद ही सोनम घटनास्थल पर वापस आई और शव को ठिकाने लगाने में मदद की। पुलिस ने बताया कि राजा की हत्या में इस्तेमाल किया गया दूसरा हथियार भी … Read more

कैबिनेट की बैठक : अनुकम्पा नियुक्ति की कंडिका में किया गया संशोधन, छत्तीसगढ़ टाइगर फाउंडेशन सोसायटी का होगा गठन

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज यहां सिविल लाईन स्थित उनके  निवास कार्यालय में आयोजित कैबिनेट की बैठक में अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए – 1    मंत्रिपरिषद ने अनुसूचित जनजाति और अनुसूचित जाति सूची में तकनीकी कारणों से शामिल होने से वंचित जातियों को प्राप्त होने वाली कतिपय सुविधाएं के संबंध में महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए डिहारी कोरवा, बघेल क्षत्री, संसारी उरांव तथा पबिया, पविया, पवीया समाज के विद्यार्थियों को अनुसूचित जनजाति के समतुल्य एवं डोमरा जाति के विद्यार्थियों को अनुसूचित जाति के समतुल्य राज्य मद से मात्र राज्य छात्रवृत्ति तथा शिष्यवृत्ति प्रदान किये जाने एवं छात्रावास-आश्रमों में स्वीकृत सीट के अधीन प्रवेश दिए जाने की सुविधा प्रदान करने की सहमति दी है। 2    मंत्रिपरिषद ने छत्तीसगढ़ में अक्षय ऊर्जा को बढ़ावा देने और बिजली उपभोक्ताओं को आर्थिक लाभ पहुँचाने के लिए प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना अंतर्गत घर की छतों में सोलर रूफटॉप संयंत्र की स्थापना में राज्य शासन द्वारा उपभोक्ताओं को वित्तीय सहायता दिए जाने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया है।     छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड (CSPDCL) के माध्यम से पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत घरेलू उपभोक्ताओं के घरों पर सोलर रूफटॉप संयंत्र लगाने पर केंद्रीय वित्तीय सहायता के साथ-साथ राज्य की ओर से अतिरिक्त वित्तीय सहायता भी दी जाएगी, जो सोलर प्लांट की क्षमता (1 किलोवाट, 2 किलोवाट, 3 किलोवाट और उससे अधिक) के आधार पर अलग-अलग होगी। उदाहरण के लिए, 1 किलोवाट प्लांट के लिए कुल 45,000 रूपए, (30,000 रूपए केंद्रीय और 15,000 रूपए राज्य सहायता) जबकि 3 किलोवाट या उससे अधिक के प्लांट के लिए 1,08,000 रूपए (78,000 रूपए केंद्रीय और 30,000 रूपए राज्य सहायता) की मदद मिलेगी। हाउसिंग सोसाइटी/रेसिडेंशियल वेलफेयर एसोसिएशन के लिए भी इसी तरह की सहायता प्रस्तावित की गई है। यह अनुदान राशि CSPDCL को अग्रिम रूप से मिलेगी और वही इसे लाभार्थियों को देगी। वर्ष 2025-26 में 60,000 और 2026-27 में 70,000 सोलर पावर प्लांट की स्थापना का लक्ष्य रखा गया है। इससे वित्तीय वर्ष 2025-26 में 180 करोड़ एवं 2026-27 में 210 करोड़ रूपए का वित्तीय भार आएगा।     CSPDCL इस योजना की कार्यान्वयन एजेंसी होगी और नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय (MNRE), भारत सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुसार इसे लागू करेगी। कंपनी इस योजना के संचालन के लिए एक अलग बैंक खाता खोलेगी, जिसमें सब्सिडी की राशि रखी जाएगी और उसका हिसाब-किताब किया जाएगा। राज्य वित्तीय सहायता उन घरेलू उपभोक्ताओं को प्राथमिकता से दी जाएगी जिनके सोलर प्लांट का ग्रिड सिंक्रोनाइजेशन 1 अप्रैल 2025 या उसके बाद हुआ है। 3    मंत्रिपरिषद ने राज्य में वन्यजीव, खासकर बाघों के संरक्षण और ईको-पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए महत्वपूर्ण पहल करते हुए ‘‘छत्तीसगढ़ टाइगर फाउंडेशन सोसायटी‘‘ का गठन करने का निर्णय लिया है। यह सोसायटी वन्यप्राणी संरक्षण अधिनियम, 1972 के तहत काम करेगी। मध्य प्रदेश में यह 1996 से संचालित है। इसका मुख्य लक्ष्य छत्तीसगढ़ में लगातार घट रही बाघों की आबादी (फिलहाल लगभग 18-20) को बचाना है। यह संस्था स्व-वित्तपोषित होगी, जिससे सरकारी खजाने पर कोई अतिरिक्त बोझ नहीं पड़ेगा। यह सहयोग देने वाले व्यक्तियों और संस्थाओं से फंड जुटाएगी।     यह सोसायटी बाघों और अन्य वन्यजीवों के संरक्षण से जुड़ी गतिविधियों में सीधे शामिल होगी। यह स्थानीय समुदाय की भागीदारी से ईको-टूरिज्म को बढ़ावा देगी, जिससे न केवल पर्यटन बढ़ेगा, बल्कि स्थानीय लोगों के लिए रोज़गार और आय के अवसर भी पैदा होंगे। साथ ही, यह पर्यावरणीय शिक्षा, अनुसंधान और प्रशिक्षण को प्रोत्साहित करेगी, जिससे भविष्य के संरक्षणवादी तैयार होंगे। इस पहल से संरक्षण के लिए बाहरी धन, विशेषज्ञता और संसाधन मिलेंगे, जिससे स्थानीय समुदायों को रोज़गार के नए अवसर मिलेंगे और राज्य का पर्यावरणीय संतुलन बना रहेगा।     यह छत्तीसगढ़ में वन्यजीव संरक्षण के क्षेत्र में एक मील का पत्थर साबित होगी, जो जैव विविधता की रक्षा के साथ-साथ ईको-टूरिज्म को भी मजबूत आधार देगी। 4    मंत्रिपरिषद द्वारा अशासकीय अनुदान प्राप्त शिक्षण संस्था ‘‘रामकृष्ण मिशन आश्रम नारायणपुर की सहयोगी संस्था ‘‘विवेकानंद इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल हेल्थ वेलफेयर एवं सेवायें, छत्तीसगढ़ (विश्वास)‘‘ को रामकृष्ण मिशन आश्रम नारायणपुर में अंतर्भूत (मर्ज) करने का अनुमोदन किया गया। 5    उद्यानिकी महाविद्यालय (उद्यानिकी विश्वविद्यालय) की स्थापना के लिए बेमेतरा जिले के साजा तहसील अंतर्गत बेलगांव में राजगामी संपदा की 94.290 हेक्टेयर भूमि में से 100 एकड़ भूमि उद्यानिकी विभाग को निःशुल्क प्रदान करने का निर्णय लिया गया। 6    जशपुर जिले में महिला स्व-सहायता समूहों द्वारा हर्बल व महुआ चाय जैसे पारंपरिक उत्पाद ‘JashPure’ ब्रांड के तहत तैयार किए जा रहे हैं। इन उत्पादों को व्यापक बाजार उपलब्ध कराने और विपणन को बढ़ावा देने हेतु इस ब्रांड को राज्य शासन अथवा CSIDC को हस्तांतरित करने के प्रस्ताव का मंत्री परिषद ने अनुमोदन किया है।     ब्रांड हस्तांतरण से एग्रो व फूड प्रोसेसिंग इकाइयों को बढ़ावा मिलेगा, स्थानीय कच्चे माल की मांग बढ़ेगी और आदिवासी महिलाओं को  रोजगार के अधिक अवसर मिलेंगे। ट्रेडमार्क हस्तांतरण से राज्य पर कोई अतिरिक्त वित्तीय भार नहीं पड़ेगा। 7    मंत्रिपरिषद द्वारा शहीद पुलिसकर्मियों के सर्वाेच्च बलिदान को ध्यान में रखते हुए अनुकम्पा नियुक्ति हेतु जारी एकजाई पुनरीक्षित निर्देश-2013 की कंडिका 13 (3) में संशोधन करते हुए निर्णय लिया है कि – नक्सली हिंसा में शहीद पुलिस सेवकों के प्रकरण में उनके परिवार के किसी भी पात्र सदस्य (महिला या पुरूष) को विकल्प के आधार पर पुलिस विभाग के अलावा, किसी अन्य विभाग में, राज्य के किसी भी जिला, संभाग में अनुकम्पा नियुक्ति दी जा सकेगी। पहले अनुकम्पा नियुक्ति यथासंभव उसी विभाग या कार्यालय में देने की व्यवस्था थी, जिसमें दिवंगत शासकीय सेवक निधन के पूर्व कार्यरत था। 8    मंत्रिपरिषद द्वारा छत्तीसगढ़ राज्य में गौण खनिजों के सुव्यवस्थित अन्वेषण, पूर्वेक्षण एवं अधोसंरचना के विकास के लिए महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए ‘‘स्टेट मिनरल एक्सप्लोरेशन ट्रस्ट‘‘ (एसएमईटी) के गठन की अधिसूचना के प्रारूप का अनुमोदन किया गया।     गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ में स्टेट मिनिरल एक्सप्लोरेशन ट्रस्ट के तहत समस्त गौण खनिजों से प्राप्त होने वाली रायल्टी 2 प्रतिशत राशि अतिरिक्त रूप से एसएमईटी फंड में जमा की जाएगी। जिसका उपयोग गौण खनिजों के अन्वेषण, अधोसंरचना विकास में उच्च तकनीकों का उपयोग, इन्फॉर्मेशन सिस्टिम, लॉजिस्टिक सपोर्ट, मानव संसाधनों के उन्नयन आदि में किया जा सकेगा। भारत सरकार के नेशनल मिनिरल एक्सप्लोरेशन ट्रस्ट की तर्ज पर राज्य में स्टेट मिनिरल एक्सप्लोरेशन ट्रस्ट का गठन किया जाएगा।  

CM योगी आज दिल्ली दौरे पर अध्यक्ष नड्डा समेत तमाम नेताओं से मुलाकात कर करेंगे

लखनऊ उत्तर प्रदेश में आने वाले दिनों में दो महत्वपूर्ण चुनाव होने जा रहे हैं। अगले साल होने जा रहा पंचायत चुनाव 2027 विधानसभा चुनाव का सेमीफाइनल माना जा रहा है। इसको लेकर सत्ताधारी बीजेपी की तैयारियां और बैठकों का दौर जारी है। इसी क्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ दिल्ली दौरे पर है। दिल्ली दौरे पर पहुंचे सीएम योगी बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा समेत तमाम नेताओं से मुलाकात कर सकते हैं। इस मुलाकात को कई मायनों में अहम माना जा रहा है। पार्टी सूत्रों की माने तो बैठक के दौरान यूपी बीजेपी अध्यक्ष की नियुक्ति से लेकर कैबिनेट विस्तार पर भी चर्चा कर सकते हैं। दरअसल बीजेपी में संगठन चुनाव की प्रक्रिया के चलते प्रदेश अध्यक्ष की नियुक्ति होनी है। यूपी में बीजेपी जिलाध्यक्ष की लिस्ट जारी होने के बाद से माना जा रहा था कि जल्द ही बीजेपी यूपी को नया प्रदेश अध्यक्ष मिल सकता है। बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष की नियुक्ति के बाद यूपी कैबिनेट विस्तार होने की चर्चा भी जोरो पर है। हालांकि अभी तक ना ही बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष की नियुक्ति हो पाई है और ना ही योगी मंत्रिमंडल विस्तार पर ही कोई राय बन पाई है। इसी बीच सीएम योगी आदित्यनाथ का दिल्ली दौरा बेहद अहम माना जा रहा है। सीएम योगी इस दौरे के दौरान बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा, गृहमंत्री अमित शाह समेत अन्य बड़े नेताओं से मुलाकात कर सकते हैं। जबकि राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू से सीएम योगी मुलाकात कर चुके हैं। वहीं पार्टी सूत्रों की माने तो यूपी में जल्द ही यूपी सरकार का मंत्रिमंडल का विस्तार हो सकता है। मंत्रिमंडल विस्तार में 6 नए मंत्री बनाए जा सकते हैं। जिसमें बीजेपी के मौजूदा प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी को मंत्री बनाये जाने की चर्चा हैं। पूर्व मंत्री व प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी को कैबिनेट मंत्री बनाने के साथ ही बड़े विभाग की जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है। इसके साथ ही कई अन्य नेताओं को योगी कैबिबेट का हिस्सा बनाया जा सकता है। इसके साथ ही कई मौजूदा मंत्रियों का विभाग भी बदला जा सकता है। सीएम योगी दिल्ली में बीजेपी नेताओं के साथ बैठक में नए मंत्रियों के नामों पर चर्चा कर सकते हैं। साथ ही कैबिबेट विस्तार कब तक होगा, इस पर भी चर्चा हो सकती है। साथ ही नए प्रदेश अध्यक्ष की नियुक्ति को लेकर भी बैठक में चर्चा होने की उम्मीद जताई जा रही है।

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