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वन विभाग में खरीदनी थी फोर व्हील ड्राइव खरीद ली टू व्हील ड्राइव….!

I had to buy a four wheel drive from the forest department but bought a two wheel drive…! भोपाल। जंगल महकमे में 26 करोड़ के 214 वाहनों की खरीदी को लेकर उठे सवाल थम ही नहीं रहे हैं। अब इसकी अनुगूंज विधानसभा के मानसून सत्र में सुनाई देगी। कांग्रेस विधायक ध्यानाकर्षण के जरिए यह मुद्दा उठाने जा रहे हैं। सूचना अधिकार के तहत मिले दस्तावेज के अनुसार डॉ दिलीप कुमार की अध्यक्षता वाली क्रय समिति ने फोर व्हील ड्राइव वाहन खरीदने की अनुशंसा की थी किंतु कतिपय शीर्ष अधिकारियों के निजी हितार्थ के चलते टू व्हील ड्राइव वाहनों की खरीदी की गई। चिंता जनक पहलू यह है कि टू व्हील ड्राइव वाली वाहन महंगी कीमत पर खरीदे गए।सूचना के अधिकार से मिले दस्तावेज वाहन क्रय करने के लिए तीन कमेटियां इसलिए बनाई गई, ताकि वाहन खरीदी में गड़बड़ करने की मंशा से अधिकारी अपनी मनमर्जी कर सके। यही वजह रही की तीन बार क्रय समिति का गठन करना पड़ा। जबकि पहले क्रय समिति के अध्यक्ष रहे डॉ दिलीप कुमार कमेटी ने फोर व्हील (4wD) वाहन खरीदने की अनुशंसा की थी। इस सवाल का जवाब वन विभाग के शीर्ष अधिकारियों के पास नहीं है कि जब फोर व्हील ड्राइव स्कार्पियो-एन 15.84 लाख कीमत पर मिल रही थी तो फिर टू व्हील ड्राइव स्कार्पियो 18.24 कुल लागत में क्यों खरीदी ? वन विभाग के लिए 4wD वाहन की रिक्वारमेंट थी, क्योंकि जब शहर और गांवों की रोड समाप्त होते है तब वन विभाग की सीमा आरंभ होती है। कच्चे, रेतीले, गिट्टो, और पहाड़ों पर वन विभाग का वाहन चलता है। ऐसी जगह पर 4wD वाहन की आवश्यकता होती है। इसी प्रकार वाहन खरीदते समय अधिक ग्राउंड क्लीयरेंस का ध्यान भी नहीं रखा गया। डॉ दिलीप कुमार के रिटायर्ड होने के बाद यूके सुबुद्धि और उसके बाद सुदीप सिंह अध्यक्षता वाली कमेटियां बनाई गई। समिति में विशेषज्ञ को जगह नहीं दी गई थी। इन कमेटियों को भौगोलिक परिस्थितियों का अध्ययन कर वाहन स्पेसिफिकेशन और दरों का तुलनात्मक पत्रक नहीं बनाया। यानि कम से कम दो अलग-अलग कंपनियों के वाहन मॉडल तय करना था पर एक ही कंपनी को परचेज ऑर्डर जारी कर दिए गए। यानी पूर्व से ही या तय कर लिया गया था कि महिंद्रा एन्ड महिंद्रा कंपनी के विशेष वाहन खरीदने हैं।वित्त विभाग के परिपत्र की अनदेखीवाहन क्रय समिति वित्त विभाग के सर्कुलर की अनदेखी की। यानि एसीएस और वन बल प्रमुख को भी गुमराह किया। वित्त विभाग के परिपत्र के अनुसार अफसर के लिए वाहन पे-स्केल के आधार पर खरीदने का प्रावधान है। यदि पात्रता से अधिक कीमत ( स्कॉर्पियो और इनोवा जैसी अधिक कीमत वाली वाहन) की वाहन खरीदना था तब संबंधित प्रस्ताव पर कैबिनेट के मंजूरी लेना चाहिए थी।राइट ऑफ वाहन की सूची में गड़बड़ी15 वर्ष पुराने वाहनों को राइट ऑफ किए जाने के एवज में नए वाहन खरीदने की बात कही जा रही है। राइट ऑफ वाहनों की सूची में भी गड़बड़ी प्रकाश में आई है। दस्तावेज के आधार पर आरटीआई एक्टिविस्ट पुनीत टंडन ने दावा किया है कि सूची में दिए गए वाहनों के नंबरों का मिलन परिवहन विभाग की बेवसाइट पर मिलान किया तब 5 वाहन के नंबर एम्बुलेंस के बताए जा रहें हैं। एक वाहन का नंबर तो इंदौर आरटीओ का है जो फाइनेंस पर ली गई है।

जीतू पटवारी ने मध्य प्रदेश में नकली कृषि उत्पादों से किसानों को हो रहे भारी नुकसान पर चिंता व्यक्त की, सरकार से तत्काल कार्रवाई की मांग की

Jeetu Patwari expressed concern over the huge losses being suffered by farmers in Madhya Pradesh due to fake agricultural products, demanded immediate action from the government भोपाल ! मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने राज्य में नकली खाद, नकली बीज और नकली कीटनाशकों की बिक्री पर गहरी चिंता व्यक्त की है, जिससे किसानों को अभूतपूर्व वित्तीय संकट और फसल हानि का सामना करना पड़ रहा है। पटवारी ने आज मोहन सरकार पर किसानों के प्रति उदासीनता और इस गंभीर मुद्दे को रोकने में विफलता का आरोप लगाया। पटवारी ने कहा,मध्य प्रदेश का किसान पहले से ही मौसम की मार और बढ़ती लागत से जूझ रहा है। ऐसे में नकली खाद, बीज और कीटनाशक उसकी कमर तोड़ने का काम कर रहे हैं। बाजार में धड़ल्ले से बिक रहे है अमानक उत्पाद किसानों की मेहनत और पूंजी को बर्बाद कर रहे हैं, जिससे उनकी आय प्रभावित हो रही है और वे कर्ज के जाल में फंसते जा रहे हैं।” प्रमुख बिंदु जो पटवारी ने उठाए:व्यापकता और प्रमाण:पिछले कुछ महीनों में, राज्य के विभिन्न जिलों से नकली उत्पादों की बिक्री और उपयोग के कारण किसानों को हुए नुकसान की अनगिनत शिकायतें मिली हैं। मंडला, सिवनी, रायसेन, सीहोर, विदिशा, और हरदा जैसे जिलों में किसानों ने स्पष्ट रूप से बताया है कि नकली बीज बोने के बाद अंकुरण नहीं हुआ, नकली खाद से मिट्टी की उर्वरता प्रभावित हुई, और नकली कीटनाशकों ने कीटों पर कोई असर नहीं दिखाया, जिससे उनकी फसलें तबाह हो गईं। आर्थिक नुकसान का अनुमान:प्रारंभिक अनुमानों के अनुसार, नकली उत्पादों के कारण राज्य के किसानों को अब तक करोड़ों रुपये का नुकसान हो चुका है जो छोटे और सीमांत किसानों के लिए विनाशकारी है। सरकार की निष्क्रियता: जीतू पटवारी ने आरोप लगाया कि सरकार की ओर से इस समस्या से निपटने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए जा रहे हैं। “निरीक्षण, जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई के नाम पर केवल खानापूर्ति की जा रही है। स्वयं केंद्र के कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अपनी सरकार को आईना दिखाते हुए नकली खाद ,नकली बीज ,नकली कीटनाशक ,के विषय को उठाया इसके बाबजूद सरकार ने अभी तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया। किसानों का शोषण:नकली उत्पादों की बिक्री न केवल आर्थिक नुकसान पहुंचा रही है, बल्कि किसानों के मनोबल को भी तोड़ रही है। कई किसान अपनी जमीन बेचने या सूदखोरों से कर्ज लेने पर मजबूर हो रहे हैं, जिससे आत्महत्या के मामले बढ़ने का भी खतरा है।पटवारी ने चेतावनी दी,“यदि सरकार ने जल्द ही इस गंभीर मुद्दे पर ध्यान नहीं दिया, तो कांग्रेस पार्टी किसानों के साथ मिलकर राज्यव्यापी आंदोलन करेगी। हम किसानों को उनके हक से वंचित नहीं होने देंगे।

अटल प्रगति पथ फिर अधर में: नाम बदला, सर्वे बदला, लेकिन काम अब भी ठप

Atal Pragati Path once again in limbo: Name changed, survey changed, but work still stalled मुरैना। चंबल अंचल के मुरैना, भिंड और श्योपुर जिलों को उत्तर प्रदेश और राजस्थान से जोड़ने वाला अटल प्रगति पथ (पूर्व में चंबल एक्सप्रेस-वे) अब तक सरकारी असमंजस में उलझा हुआ है। 2018 से लेकर 2025 तक इस महत्वाकांक्षी परियोजना का न तो कोई ठोस स्वरूप तय हो पाया है और न ही निर्माण का काम धरातल पर उतरा है। अब तक इस परियोजना का पाँच बार नाम और तीन बार अलाइनमेंट बदला जा चुका है। सर्वे भी बदला, समाधान नहीं मिलामार्च 2023 तक तीसरे चरण का भूमि अधिग्रहण सर्वे लगभग पूरा हो चुका था, लेकिन किसानों के विरोध के बाद तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में मौखिक रूप से सर्वे रद्द करने के निर्देश दे दिए। चौंकाने वाली बात यह है कि आज तक उस सर्वे को लिखित रूप से रद्द नहीं किया गया, जिससे कई कानूनी और प्रशासनिक अड़चनें सामने आ रही हैं। नया सर्वे भी अधर मेंचौथे सर्वे के आदेश 2022 के अंत में दिए गए थे, लेकिन वह कभी शुरू ही नहीं हो पाया। 03 जुलाई 2024 को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपने पहले बजट में इस परियोजना की नए सिरे से घोषणा की थी और इसे 299 किलोमीटर लंबा प्रस्तावित किया गया। जबकि पूर्व प्रस्तावित लंबाई 404 किलोमीटर थी। किसानों की ज़मीन अधर मेंमार्च 2023 के रिकार्ड के अनुसार, 214 गांवों के 26448 किसानों की लगभग 1965 हेक्टेयर भूमि इस प्रोजेक्ट के लिए चिह्नित की गई थी। लेकिन सर्वे के निरस्त होने और लिखित आदेश न आने के चलते किसान न तो ज़मीन का नामांतरण करा पा रहे हैं और न ही बिक्री-रजिस्ट्री हो पा रही है। घड़ियाल सेंक्चुरी बनी बड़ी बाधाएक्सप्रेस-वे का पहला अलाइनमेंट चंबल घड़ियाल सेंक्चुरी से होकर गुजरता था, जिस कारण वन विभाग और पर्यावरण मंत्रालय ने आपत्ति जताई। दूसरा और तीसरा अलाइनमेंट भी बीहड़ों और निजी खेतों से होकर गुजरता था, जिसे लेकर भारी विरोध हुआ। चौथा सर्वे अब तक शुरू ही नहीं हो पाया है। प्रशासन ने दी स्थिति स्पष्टता“मार्च 2023 में शासन से निर्देश मिलने के बाद से कोई नई दिशा नहीं आई है। परियोजना की स्थिति पूर्ववत है। जैसे ही आदेश मिलेगा, आगे की कार्रवाई की जाएगी।”— सीबी प्रसाद, अपर कलेक्टर, मुरैना अटल प्रगति पथ, जिसे कभी चंबल एक्सप्रेस-वे के नाम से शुरू किया गया था, अब तक सिर्फ कागजों और घोषणाओं का प्रोजेक्ट बनकर रह गया है। ज़मीन अधिग्रहण, पर्यावरणीय मंज़ूरी और प्रशासनिक अस्पष्टता इसकी सबसे बड़ी बाधाएँ हैं। यदि मोहन सरकार इसे गंभीरता से नहीं लेती, तो यह प्रोजेक्ट भी एक अधूरी योजना बनकर इतिहास में दर्ज हो जाएगा।

रक्षाबंधन पर जेल में खुली मुलाकात: जबलपुर केंद्रीय जेल प्रशासन ने जारी की गाइडलाइन

Open meeting in jail on Rakshabandhan: Jabalpur Central Jail Administration issued guidelines जितेंद्र श्रीवास्तव (विशेष संवाददाता)जबलपुर। रक्षाबंधन के पर्व पर इस बार भी केंद्रीय जेल जबलपुर में बंद कैदियों को उनके परिजनों विशेषकर बहनों से मिलने का अवसर मिल सकता है। जेल प्रशासन ने 9 अगस्त 2025 को संभावित खुली मुलाकात के लिए दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। इसके अनुसार, जेल में किसी प्रकार की अव्यवस्था न हो, इसलिए परिजनों से सहयोग की अपील की गई है। दिशा-निर्देश के मुख्य बिंदु:नाम दर्ज कराने का समय:सुबह 6:00 बजे से 11:00 बजे तक रहेगा। उसी के आधार पर मुलाकात की अनुमति दी जाएगी। पुरुष बंदी की बहनें:उन्हें जेल के विशेष प्रांगण में ले जाकर मुलाकात कराई जाएगी।साथ में केवल महिलाएं और 5 वर्ष से छोटे बच्चे ही प्रवेश कर सकेंगे। महिला बंदी की मुलाकात:उनके भाई जेल के कार्यालय में पृथक रूप से मुलाकात करेंगे। सामग्री पर रोक:मुलाकात स्थल पर किसी भी प्रकार की वस्तु ले जाने की अनुमति नहीं होगी।केवल सीलबंद राखी किट, जो जेल कैंटीन से ₹50 में खरीदी जा सकती है, मान्य होगी। प्रतिबंधित वस्तुएं:पर्स, मोबाइल, गुटखा, तंबाकू, बैग, भोजन आदि कड़ाई से प्रतिबंधित हैं।तलाशी के दौरान प्रतिबंधित वस्तु पाई जाने पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। नोट: जेल प्रशासन ने परिजनों से अपील की है कि वे दिए गए निर्देशों का पालन करें, ताकि यह शुभ अवसर शांतिपूर्ण और व्यवस्थित तरीके से संपन्न हो सके। जेल अधीक्षक, केंद्रीय जेल जबलपुर के आदेशानुसार जारी यह सूचना रक्षाबंधन के पवित्र रिश्ते को बनाए रखने का एक मानवीय प्रयास है, जो कैदियों और उनके परिजनों को एक दिन का स्नेहभरा मिलन प्रदान करता है।

हर्ष सोनपुरे का नवोदय विद्यालय में हुआ चयन

Harsh Sonpure got selected in Navodaya Vidyalaya हरिप्रसाद गोहेआमला। मदरलैंड स्कूल आमला में अध्यनरत छात्र हर्ष सोनपुरे पिता सुनील सोनपुरे का चयन जवाहर नवोदय विद्यालय के लिए हुआ है। क्षात्र हर्ष की उपलब्धि पर विद्यालय के डायरेक्टर कविश देशमुख, सहायक प्रिंसिपल अभिराम यादव और कोऑर्डिनेटर गीतांजलि गुजरे, क्लास टीचर सपना इंगले, पूजा सोलंकी द्वारा छात्र को बधाई एवं शुभकामनाएं दी गई ।प्राप्त जानकारी अनुसार विद्यालय के अधिकारियों और शिक्षकों ने हर्ष सोनपुरे की इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए क्षात्र हर्ष के उज्ज्वल भविष्य की कामना की है। यह चयन छात्र के लिए एक बड़ी उपलब्धि है और विद्यालय के लिए भी गर्व का विषय है।हर्ष सोनपुरे के चयन से न केवल उनके परिवार में खुशी का माहौल है, बल्कि विद्यालय के अन्य छात्रों के लिए भी यह एक प्रेरणा का स्रोत है। विद्यालय की ओर से उन्हें भविष्य में भी इसी तरह की उपलब्धियां हासिल करने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।

अधिकारियों की उदासीनता हादसे को आमंत्रण दे रही : पार्षद खुशबू अतुलकर

The indifference of the officials is inviting an accident: Councillor Khushboo Atulkar हरिप्रसाद गोहेआमला । राजस्थान में झालावाड़ के सरकारी स्कूल में घटित स्कूल की छत टूटने की घटना को दृष्टिगत रखा भगतसिंह वार्ड क्रमांक ( 09 ) की पार्षद खुशबू विजय अतुलकर ने अपने वार्ड अंतर्गत आने वाले आंगनवाड़ी केंद्रों का आज औचक निरीक्षण किया। इस दौरान पार्षद को यहां संचालित आंगनवाड़ी केंद्रों पर अव्यवस्था मिली जिसका मौके पर पंचनामा बनाया गया। उन्होंने बताया वार्ड में संचालित आंगनवाड़ी केंद्रों के बद से बद्तर हालत है। वही शहर में संचालित केंद्रों में भी अव्यवस्था के आलम है।जो परियोजना अधिकारी की उदासीन कार्यप्रणाली को उजागर करता है। केंद्रो की स्थिति को देखकर ऐसा प्रतीत होता हैं मानों वर्षों से जिम्मेदार ने इन संचालित आंगनवाड़ी केंद्रों का निरीक्षण नहीं किया हो बावजूद नव निहाल टूटी छत के नीचे बैठने को मजबूर है, इस तरह की उदासीनता गंभीर हादसे को आमंत्रण दे रही है पार्षद खुशबू विजय अतुलकर ने राजस्थान के झालावाड़ के स्कूल में घटित घटना का हवाला देकर शहर में संचालित आंगनवाड़ी केंद्रों को सुव्यवस्थित संचालित किए जाने मांग की है।हमारे प्रतिनिधि से चर्चा के दौरान पार्षद खुशबू विजय अतुलकर ने बताया मेरे द्वारा वार्ड में संचालित आंगनवाड़ी केंद्र,बस स्टैंड,बल्लाचाल, बडाईचाल का निरीक्षण किया गया । निरीक्षण में पार्षद ने देखा कि आंगनबाड़ी की छत पूरी तरह खराब हो गई है जिस कारण पानी पूरा टपककर कमरों के अंदर गिर रहा है । आंगनवाड़ी में बैठने के स्थान के अलावा कमरों में ऐसा कोई स्थान नहीं बचा जहां पानी न भरा हो ऐसी स्थिति में आंगनबाड़ी में बच्चों को बुलाना खतरे से खाली नहीं है । पार्षद ने बताया कि नगर की समस्त आंगनबाड़ियों के यही हाल है इस ओर अधिकारियों का ध्यान नहीं है पूर्व में भी मेरे द्वारा आंगनवाड़ी की समस्या से अधिकारियों को अवगत कराया गया था बावजूद अधिकारियों द्वारा इस ओर ध्यान नहीं दिया गया। बताया गया कि राजस्थान के झालावाड़ जैसा हादसा हमारे साथ ना हो इसीलिए अधिकारियों को समस्त आंगनबाड़ी और स्कूलों का निरीक्षण कर सुधार करवाना चाहिए बाद में जांच बिठाने से क्या फायदा अगर किसी बच्चे शिक्षक या कार्यकर्ता की मौत लापरवाही के चलते हो इसीलिए हादसे होने से पूर्व जिम्मेदार अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को इस और ध्यान देना चाहिए पार्षद ने कहा कि जब तक आंगनबाड़ियों में पूरी तरह सुधार नहीं हो जाता आंगनवाड़ी नहीं लगना चाहिए क्योंकि क्योंकि आंगनवाड़ी में पूरा पानी भरा हुआ है । आंगनबाड़ियों में छोटे बच्चे आते हैं जो पानी में बीमार हो सकते हैं या किसी प्रकार का हादसा हो सकता है । इन्होंने क्या कहाअगर भवन की स्थिति ख़राब है तो ऐसे स्थान पर बच्चों को नहीं बैठाए जाने के निर्देश दिए गये हैं वहीं ऐसी स्थिति में वैल्पिक स्थिति बतौर किराए का भवन लेकर आंगनवाड़ी केंद्र संचलित किया जाएगा।निर्मल सिंह ठाकुर परियोजना अधिकारि आमला 

मॉनसून सत्र की बारिश से पहले राजनीतिक गरमाहट: सरकार-जवाबदेही और विपक्ष-रणनीति आमने-सामने

Political heat before the monsoon session rains: Government-accountability and opposition-strategy face to face भोपाल। मध्यप्रदेश विधानसभा का मानसून सत्र 28 जुलाई से शुरू होने जा रहा है, और 8 अगस्त तक चलने वाले इस सत्र में कुल 10 बैठकें प्रस्तावित हैं। यह सत्र राजनीतिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण है क्योंकि सरकार जहां अनुपूरक बजट लेकर आने वाली है, वहीं कांग्रेस विपक्ष जनहित और भ्रष्टाचार के मुद्दों पर सरकार को घेरने की पूरी तैयारी में है। नई भूमिका में हेमंत खंडेलवालबैतूल से विधायक हेमंत खंडेलवाल, जिन्हें हाल ही में प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष बनाया गया है, अब विधानसभा में पहली पंक्ति में स्थान पाएंगे। यह न सिर्फ उनकी बढ़ी हुई भूमिका का संकेत है, बल्कि पार्टी के भीतर नई राजनीतिक रणनीति का भी प्रतीक है। 3,377 प्रश्न, 191 ध्यानाकर्षण और एक स्थगन प्रस्तावविधानसभा सचिवालय को इस सत्र के लिए 3,377 सवाल मिल चुके हैं, जिनमें से अनेक सवाल शासन की जवाबदेही को कठघरे में खड़ा करेंगे। 191 ध्यानाकर्षण सूचनाएं और एक स्थगन प्रस्ताव यह दर्शाते हैं कि सत्र में विपक्ष आक्रामक रुख अपनाने जा रहा है। बजट की प्राथमिकता – सिर्फ जनहितमोहन सरकार अनुपूरक बजट लाने की तैयारी में है, लेकिन इस बार सरकार का रुख फिजूलखर्ची के खिलाफ सख्त और जनहित योजनाओं के पक्ष में दिख रहा है। वित्त विभाग ने सभी विभागों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि वाहन जैसी गैर-ज़रूरी मांगें न भेजें। यह रुख सरकार की वित्तीय अनुशासन और छवि सुधार की मंशा को दर्शाता है। रणनीति की थाली: कांग्रेस विधायकों की डिनर बैठकसत्र की पूर्व संध्या पर कांग्रेस विधायक दल की बैठक होटल में होगी। इस बैठक में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार, मांडू में हुए नव संकल्प शिविर में तय किए गए मुद्दों को लेकर आगे की रणनीति तैयार करेंगे। चर्चा है कि जल जीवन मिशन घोटाले जैसे संवेदनशील मुद्दों को आक्रामक ढंग से उठाया जाएगा। सरकार की जवाबदेही सुनिश्चित करेंगे रोस्टर मंत्रीमुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने निर्देश दिए हैं कि हर दिन सदन में कम से कम तीन मंत्री रोस्टर अनुसार अनिवार्य रूप से उपस्थित रहेंगे। ये मंत्री न केवल सवालों के जवाब सुनिश्चित करेंगे, बल्कि विधायकों की उपस्थिति भी ट्रैक करेंगे। यह पहल सरकार की तैयारियों को संगठित रूप में दर्शाती है। मानसून सत्र – बहस, बजट और भरोसे की परीक्षायह मानसून सत्र सिर्फ सामान्य प्रक्रिया नहीं, बल्कि सरकार की नीयत और विपक्ष की धार का टेस्ट बन गया है। एक ओर जहां सरकार बजट से भरोसा पैदा करना चाहती है, वहीं विपक्ष जवाबदेही से सरकार को झकझोरने की रणनीति बना रहा है। अगले दस दिन नीतियों से ज्यादा नीयत की परीक्षा साबित होंगे।

मप्र विधानसभा अध्यक्ष का सरकारी बंगला बना तालाब, बारिश के कारण बंगले में भर पानी

The official bungalow of the Speaker of Madhya Pradesh Legislative Assembly became a pond, the bungalow was filled with water due to rain ऊपर दिए वीडियो में स्विमिंग पूल जैसा जो दृश्य नजर आ रहा है, वह प्रदेश के विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर के शासकीय बंगले का है। जहां बारिश का पानी भरा हुआ है, यह न केवल नगर निगम की कार्यप्रणाली की पोल खोल रहा है, बल्कि जिम्मेदार अधिकारियों की लापरवाही को भी उजागर कर रहा है। इसे देखकर सहज अनुमान लगाया जा सकता है कि जब ‘माननीय’ के बंगले की यह स्थिति है, तो आम लोगों के घरों और शहर की हालत आप समझ ही सकते हैं। दरअसल, ग्वालियर शहर में लगातार हो रही बारिश के कारण सड़कों पर जलभराव और घरों में पानी भरने की कई शिकायतें सामने आ रही हैं। इसी क्रम में विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर के ग्वालियर स्थित सरकारी आवास में भी बारिश का पानी घुस गया। स्थिति बिगड़ते ही नगर निगम की टीम अपनी विफलता छिपाने के लिए मौके पर पहुंची, जबकि उस समय तोमर बंगले में मौजूद नहीं थे। नगर निगम ने पंपिंग सेट की मदद से पानी निकालने की कोशिश की, लेकिन लगातार बारिश के कारण जल निकासी में काफी परेशानी आई। ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर ऐसी स्थिति बनी ही क्यों? इसका कारण साफ है कि वर्षा से पहले नगर निगम द्वारा नालों और जल निकासी व्यवस्था की सफाई और तैयारी समय पर नहीं की गई, जिससे यह संकट खड़ा हुआ। बारिश के चलते ग्वालियर कलेक्टर रुचिका चौहान ने एहतियातन 26 जुलाई को जिले के सभी शासकीय एवं अशासकीय विद्यालयों में अवकाश घोषित किया है। आदेश में कहा गया है कि भारी वर्षा के कारण विद्यालय आने वाले विद्यार्थियों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। साथ ही, यह निर्देश भी दिए गए हैं कि यदि किसी विद्यालय में मासिक परीक्षा या टेस्ट चल रहे हों, तो उन्हें आगामी दिनों में दोबारा आयोजित किया जाए। यह सुनिश्चित किया जाए कि विद्यार्थियों की शैक्षणिक हानि न हो।

राज्यपाल पटेल ने दिव्यांग बालिकाओं के साथ किया सह-भोज

Governor Patel had lunch with differently abled girls भोपाल ! राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा है कि जीवन में सफलता और आगे बढ़ने के लिए निरंतर सीखते रहना चाहिए। राज्यपाल बहुदिव्यांग बालिकाओं से उनके शिक्षकों के माध्यम से राजभवन के सभा कक्ष जवाहर खण्ड में आत्मीय चर्चा कर रहे थे। राज्यपाल पटेल से सौजन्य भेंट करने के लिए आनंद सर्विस सोसायटी की मूकबधिर बहुदिव्यांग बालिकाएं शुक्रवार को इंदौर से राजभवन आईं थीं। इस अवसर पर राज्यपाल के अपर मुख्य सचिव श्री के.सी. गुप्ता भी मौजूद थे। निरंतर सीखने और आगे बढ़ने के लिए किया प्रेरित राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने दिव्यांग बालिकाओं से उनके मार्ग दर्शकों के माध्यम से परिचय प्राप्त किया। उनके जीवन की कठिनाईयों और सफलताओं को जाना। उनको निरंतर सीखने और आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया और उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दी। दिव्यांग बालिकाओं के साथ बालिका सुश्री गुरदीप कौर वासु के संघर्ष और सफलता की कहानी पर आधारित वीडियो फिल्म का प्रदर्शन भी किया गया। उन्होंने दिव्यांग बालिकाओं और शिक्षकों के साथ सह-भोज भी किया। राजभवन भ्रमण के अनुभव किए साझा राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने सभी बालिकाओं से राजभवन भ्रमण के अनुभव जाने और सामूहिक चित्र भी खिंचवाया। बालिकाओं ने सांकेतिक भाषा में ऐतिहासिक राजभवन परिसर और विशेष रूप से आर्ट गैलेरी भ्रमण के सुखद अनुभव साझा किए। उन्होंने राज्यपाल के प्रति मुलाकात, सह-भोज करने और राजभवन भ्रमण का अवसर देने के लिए आत्मीय आभार जताया। राज्यपाल को स्व-रचित कलाकृतियां की भेंट राज्यपाल मंगुभाई पटेल से भेंट के अवसर पर मूकबधिर बहुदिव्यांग बालिका सुश्री दिव्या गोले और वैष्णवी ने पुष्पगुच्छ भेंट कर उनका अभिनंदन किया। उन्हें सुश्री किरण विश्वकर्मा और अन्य बालिकाओं ने स्वयं द्वारा सृजित पैंटिंग और कलाकृतियां भेंट की। राज्यपाल ने देखी बहुदिव्यांग गुरदीप पर बनी फिल्म राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने बालिकाओं के साथ मध्यप्रदेश वाणिज्य कर विभाग में कार्यरत मूकबधिर बहुदिव्यांग शासकीय सेवक सुश्री गुरदीप के जीवन और संघर्षों पर आधारित लघु फिल्म को देखा। उन्होंने उपस्थित बालिकाओं से गुरदीप के जीवन के संघर्षों और सफलताओं से प्रेरणा लेने और निरंतर सीखते हुए आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने गुरदीप के परिजनों, संस्था के शिक्षकों और प्रतिनिधियों के समर्पण की प्रशंसा की। इस अवसर पर राज्यपाल के अपर सचिव उमाशंकर भार्गव, संस्था की को-फाउंडर और संचालक श्रीमती मोनिका पुरोहित, सचिव ज्ञानेन्द्र पुरोहित, गुरदीप की माताजी श्रीमती सीमा मंजीत कौर, शिक्षिका श्रीमती मृणालिनी शर्मा और बालिकाएं उपस्थित रही।

संसदीय क्षेत्र की विभिन्न सड़कों की मांग को लेकर केन्द्रीय मंत्री से मिले सीधी सांसद

Sidhi MP met the Union Minister demanding various roads of the parliamentary constituency सीधी। लोकसभा संसदीय क्षेत्र के सांसद डॉ राजेश मिश्रा संसद भवन में केंद्रीय सड़क, परिवहन व राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी से भेंट कर सीधी – सिंगरौली सड़क की वर्तमान स्थिति से अवगत कराया तथा शीघ्र नया टेंडर कर कार्य प्रारंभ करने, सिंगरौली – प्रयागराज मार्ग की प्रक्रिया में तेजी लाने व सिंगरौली से जबलपुर वाया सरई, टिकरी, मझौली, ब्यौहारी, विजयसोता को राजमार्ग के रूप में स्वीकृति प्रदान करने हेतु आग्रह करते हुए मांग पत्र सौपा।केंद्रीय मंत्री श्री गडकरी ने लोकसभा संसदीय क्षेत्र के सांसद डॉक्टर मिश्रा द्वारा रखी गई बातों को गंभीरता से विचार करते हुए सीधी-सिंगरौली सड़क के संबंध में तत्काल अधिकारियों को कार्यवाही करने हेतु निर्देशित किया। इस हेतु लोकसभा संसदीय क्षेत्र के सांसद डॉक्टर मिश्रा ने संसदीय क्षेत्र की जनता की ओर से केंद्रीय मंत्री का धन्यवाद ज्ञापित किया।

पार्षद खुशबू के अंगना में रुद्राक्ष के फूलों की बाहर।

Decoration of Rudraksha flowers in the courtyard. हरिप्रसाद गोहेआमला। पवित्र सावन मास में क्षेत्र में हरियाली सराबोर है । वहीं आंगन में लगे पेड़ो में फूलों की बहार है। जो सावन के उत्साह को आनंदमय बना रहा है।वहीं खिलते फूलों की बहार की अगर बात करें तो पवित्र सावन मास में इस बार लाखों की संख्या में लगे रुद्राक्ष के फूल पार्षद खुशबू अतुलकर के अंगना में बाहर ला रहे हैं। गौरतलब हो कि भगत सिंह वार्ड क्रमांक ( 9 ) की पार्षद खुशबू विजय अतुलकर के आंगन में लगे रुद्राक्ष के पेड़ में लगे लाखों की संख्या में रुद्राक्ष के फूल लोगों के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है लगे रुद्राक्ष के फूलों को देखने बड़ी संख्या में लोग पहुंच रहे हैं। पार्षद खुशबू विजय अतुलकर ने हमारे प्रतिनिधी से चर्चा के दौरान बताया हमारे घर के आंगन में लगा रुद्राक्ष का पेड़ पवित्र सावन मास में रुद्राक्ष के फूलों से भर गया है ।आंगन में सावन के पावन मास में रुद्राक्ष के पेड़ में लाखों की संख्या में फूल लगे हैं । प्रतिवर्ष इस मास में रुद्राक्ष का पेड़ फूलों से सज जाता है जाता है इस पेड़ में प्रतिवर्ष हजारों की संख्या में रुद्राक्ष लगते हैं जो हम लोगों में बांट देते हैं । यह वृक्ष करीब 12 साल पुराना है जिसकी ऊंचाई 30 फीट हो चुकी है । पार्षद खुशबू ने बताया अपने घर और अपने आस पास में रुद्राक्ष रखने से अपनी सोच लोगों के प्रति पॉजिटिव होती है ।और अपने कामों में आने वाली रुकावट से निजात मिलती है । जहां व्यापारी हजारों रुपए में रुद्राक्ष बेचते हैं वहीं हम भोलेनाथ जी का प्रसाद और आशीर्वाद समझ के पूजा पाठ कर श्रद्धालुओं को प्रसाद के रूप में बाट देते हैं।

भिंड में कांग्रेस कार्यालय के लिए भूमि उपलब्ध कराने कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन

Memorandum submitted to the collector to provide land for Congress office in Bhind भिण्ड। जिला कांग्रेस कमेटी भिण्ड द्वारा नगर निगम सीमा के अंतर्गत कांग्रेस कार्यालय भवन हेतु उपयुक्त स्थान उपलब्ध कराने की मांग को लेकर कलेक्टर संजीव श्रीवास्तव को ज्ञापन सौंपा गया। यह ज्ञापन जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष मानसिंह कुशवाह के नेतृत्व में सौंपा गया। कांग्रेस नेताओं ने बताया कि भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस एक पुराना राजनीतिक संगठन है, लेकिन भिण्ड जिले में कार्यालय भवन के अभाव में संगठन के कार्यक्रमों का सुचारू संचालन संभव नहीं हो पा रहा है। कार्यालय के लिए भूमि की अत्यंत आवश्यकता है जिससे भवन निर्माण कर कार्यक्रम संचालित हो सके।ज्ञापन में मांग की गई कि नगर निगम भिण्ड की सीमा के अंतर्गत उपयुक्त भूमि आवंटन की जावे । इस मौके पर कांग्रेस जिलाध्यक्ष मानसिंह कुशवाह के अलावा शहर कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष राधेश्याम शर्मा,प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सचिव धर्मेंद्र पिंकी भदोरिया, प्रदेश सचिव प्रमोद चौधरी, पूर्व जिला कांग्रेस के अध्यक्ष जय श्री राम बघेल, उपाध्यक्ष वीरेंद्र यादव, सेवादल अध्यक्ष संदीप मिश्रा, महिला कांग्रेस अध्यक्ष रेखा भदोरिया ,नगर अध्यक्ष संतोष त्रिपाठी आदि नेता उपस्थित रहे।

मध्य प्रदेश में राजनीतिक नियुक्तियां शुरू, ओबीसी कल्याण आयोग में कुसमारिया को अध्यक्ष और मौसम बिसेन को बनाया सदस्य

Political appointments started in Madhya Pradesh, Kusmaria appointed as Chairman and Mausam Bisen as member in OBC Welfare Commission भोपाल। हेमंत खंडेलवाल के भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बनने के 21 दिन के भीतर ही मध्य प्रदेश में राजनीतिक नियुक्तियों को लेकर बड़ा निर्णय हुआ है। बुधवार को डॉ. रामकृष्ण कुसमारिया को ओबीसी कल्याण आयोग का अध्यक्ष और मौसम बिसेन को सदस्य बनाने का आदेश जारी हुआ है। इसके साथ ही पार्टी ने राजनीतिक नियुक्तियों की शुरुआत के संकेत दे दिए हैं। मौसम बिसेन पूर्व मंत्री गौरी शंकर बिसेन की बेटी हैं, जो वर्ष 2021 में आयोग के गठन के साथ अगस्त 2023 तक इसके अध्यक्ष रहे। अब उनकी जगह ओबीसी आयोग के अध्यक्ष कुसमारिया को कल्याण बोर्ड का भी अध्यक्ष नियुक्त करने के साथ ही संतुलन की दृष्टि से मौसम को सदस्य बनाया गया है। बालाघाट से टिकट दिया थाबता दें कि पार्टी ने मौसम बिसेन को विधानसभा चुनाव में भी बालाघाट से टिकट दिया था। बाद में इसे बदलकर गौरी शंकर बिसेन को लड़ाया था, जिसमें वह हार गए थे। मौसम की नियुक्ति के साथ उन नेताओं में भी निगम, मंडल और आयोग में अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और सदस्य बनने की आस जगी है, जो लंबे समय से प्रतीक्षा में हैं। इसमें विधानसभा चुनाव हार चुके तो कुछ कांग्रेस से आए नेता भी शामिल हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने लोकसभा चुनाव के पहले 13 फरवरी 2024 को 46 निगम, मंडल और आयोगों में नियुक्तियां रद कर दी थीं। सभी नियुक्तियां शिवराज सरकार में हुई थीं। 25 पदों पर 2021 में नियुक्तियां हुई थीं। शैलेन्द्र बरुआ, जितेन्द्र लिटोरिया और आशुतोष तिवारी जैसे भाजपा के संगठन मंत्रियों को भी निगम मंडलों में जगह मिली थी। विधानसभा चुनाव के ठीक पहले तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने 14 सामाजिक कल्याण बोर्ड भी बनाए थे। हालांकि, इनकी नियुक्तियां रद नहीं की गई थीं। नए प्रदेश अध्यक्ष की प्रतीक्षा में टलती रहीं नियुक्तियांमाना जा रहा था कि लोकसभा चुनाव के बाद भाजपा का नया प्रदेश अध्यक्ष बनने के साथ ही राजनीतिक नियुक्तियां प्रारंभ होंगी, पर अध्यक्ष का निर्वाचन दो जुलाई 2025 को पूरा हो पाया। अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और सदस्य नहीं होने से कामकाज भी प्रभावित हो रहा है। नीतिगत निर्णय नहीं हो पा रहे हैं। ऐसे में माना जा रहा है अब चरणबद्ध तरीके सभी निगम मंडल और प्राधिकरणों में नियुक्तियां शीघ्र होंगी। सबसे पहले उन्हें लिया जा सकता है, जिनके लिए दावेदार कम हैं और नियुक्ति में अंदरूनी विरोध होने की संभावना नहीं है। सत्ता-संगठन के सामंजस्य से सामाजिक और क्षेत्रीय समीकरण को देखते हुए नियुक्तियां की जाएंगी। प्रदेश में वर्ष 2028 में विधानसभा चुनाव होने हैं, इस कारण पार्टी का पूरा जोर संतुलन पर रहेगा, जिससे कोई नाराज नहीं होने पाए। अगले चरण में कैबिनेट विस्तार की संभावनाराजनीतिक नियुक्तियों के बाद अगली कड़ी में सरकार मंत्रिमंडल में रिक्त तीन पदों को भरने के लिए कैबिनेट का विस्तार भी कर सकती है। कई महीने से विस्तार की अटकलें चल रही हैं।

रीवा-मऊगंज में खाद-बीज और बिजली की समस्या से जूझ रहे किसान: सुखेन्द्र सिंह

Farmers are facing problems of fertilizers, seeds and electricity in Rewa-Mauganj: Sukhendra Singh रीवा ! मऊगंज के पूर्व विधायक एवं प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महासचिव सुखेन्द्र सिंह बन्ना ने कहा कि पूरे मऊगंज एवं रीवा जिले का किसान खाद बीज एवं बिजली की समस्या से जूझ रहा है. पूरा प्रशासनिक अमला खाद बीज की कालाबाजारी को बढ़ावा देकर वसूली में व्यस्त है और जिले का अन्नदाता पूरे भ्रष्ट सिस्टम से त्रस्त है. श्री सिंह ने पत्रकारवार्ता के दौरान उक्त आरोप लगाए.उन्होने कहा कि स्मार्ट मीटर के नाम पर बिजली विभाग की लूट से किसान एवं जनता परेशान हैं. बारिश के शुरुआती दौर में ही पूरे जिले में बाढ़ जैसे हालत निर्मित हुए यह भी गंभीर विषय है. पूरा प्रशासनिक तंत्र केवल खानापूर्ति करने में लगा है जमीन हकीकत में पूरा प्रशासनिक तंत्र फेल है. पूर्व विधायक ने शासन प्रशासन को सख्त लहजे में आगाह करते हुए कहा है कि जल्द खाद बीज बिजली की समस्या का शीघ्र निदान नहीं हुआ तो कांग्रेस पार्टी किसानों एवं आम जनता को न्याय दिलाने के लिए उग्र आंदोलन करेगी.

पहाड़, झरने और मैगी का मजा सिर्फ 20 रुपए में, 26 जुलाई से शुरू होगी हेरिटेज ट्रेन

Enjoy mountains, waterfalls and Maggi for just 20 rupees, heritage train will start from July 2 प्रदेश की एकमात्र हेरिटेज ट्रेन, जो यात्रियों को सुहानी वादियों और प्राकृतिक नजारों का अनुभव कराती है, उसका संचालन चार माह के अंतराल के बाद फिर से शुरू होने जा रहा है। यह ट्रेन 26 जुलाई से प्रत्येक शनिवार और रविवार को पातालपानी रेलवे स्टेशन से कालाकुंड तक चलेगी। पश्चिम रेलवे के रतलाम मंडल द्वारा इसके संचालन के लिए विभागीय आदेश जारी कर दिया गया है। हालांकि, पातालपानी रेलवे स्टेशन तक पहुंचने के लिए पर्यटकों को सड़क मार्ग से ही जाना होगा। ट्रेन की यह यात्रा महू तहसील के घने जंगलों, ऊंची-नीची पहाड़ियों, झरनों और पक्षियों की चहचहाहट के बीच से गुजरती है, जिससे यात्रियों को अद्भुत अनुभव मिलता है। प्राकृतिक सौंदर्य और खानपान का मिलेगा लुत्फपातालपानी का झरना, भुट्टा, मैगी और गरमा-गरम भजिए के साथ इस यात्रा का स्वाद और आनंद कई गुना बढ़ जाएगा। यह पूरा सफर सुबह से शाम तक चलेगा, जिसमें पर्यटक हर पल प्राकृतिक नजारों का भरपूर आनंद उठा सकेंगे। मानसून की शुरुआत होते ही पर्यटक इस हेरिटेज ट्रेन के संचालन का बेसब्री से इंतजार करते हैं। रेलवे ने हाल ही में एक ट्रायल रन भी किया है जो पूरी तरह सफल रहा। संचालन की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं और जल्द ही टिकट बुकिंग भी शुरू की जाएगी। यात्रा का किराया और कोच की विशेषताएंहेरिटेज ट्रेन के रैक में दो विस्टाडोम और तीन नॉन एसी चेयर कार कोच होंगे। विस्टाडोम कोच का एक ओर का किराया 265 रुपए होगा जबकि नॉन एसी चेयर कार का किराया मात्र 20 रुपए प्रति सवारी तय किया गया है। विस्टाडोम कोच में बड़े साइज की खिड़कियां, ट्रेलिंग विंडो, स्नैक्स टेबल और साइड पेंट्री जैसी सुविधाएं होंगी। दो विस्टाडोम कोचों में कुल 120 सीटें होंगी जबकि नॉन एसी चेयर कार के तीन कोचों में कुल 152 सीटें (64+64+24) उपलब्ध होंगी। कोचों में स्वच्छ टॉयलेट और आकर्षक पीवीसी शीट से सजे बाहरी भाग पर्यटकों के अनुभव को और बेहतर बनाएंगे। 2018 से लेकर अब तक का सफरयह हेरिटेज ट्रेन पहली बार 25 दिसंबर 2018 को शुरू हुई थी और कुछ ही महीनों में प्रदेश ही नहीं, देशभर में मशहूर हो गई थी। अप्रैल 2020 में कोरोना महामारी के चलते इसका संचालन बंद कर दिया गया था। इसके बाद 4 अगस्त 2021 को कई बदलावों के साथ इसका पुनः संचालन शुरू किया गया था। हर वर्ष गर्मी का मौसम शुरू होते ही मार्च में इस ट्रेन का संचालन अस्थायी रूप से बंद कर दिया जाता है, और अब मानसून आते ही एक बार फिर यह पर्यटकों को प्राकृतिक सुंदरता की सैर कराने के लिए तैयार है।

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