LATEST NEWS

किसानों के लिए मखाना खेती की पहल, लिंगाडीह आरंग में भ्रमण और प्रशिक्षण संपन्न

रायपुर मध्यप्रदेश के किसानों का ग्राम लिंगाडीह आरंग में मखाना खेती भ्रमण एवं प्रशिक्षण संपन्न धान के कटोरे कहे जाने वाले छत्तीसगढ़ में अब एक नई फसल अपनी पहचान बना रही है – सुपर फूड मखाना, जिसे काला हीरा भी कहा जाता है। स्वास्थ्यवर्धक गुणों से भरपूर मखाने की खेती अब राज्य में आधुनिक तकनीक और नवाचार के साथ हो रही है। मखाना उत्पादन पर एक दिवसीय प्रशिक्षण एवं भ्रमण कार्यक्रम के मुख्य अतिथि छत्तीसगढ़ राज्य बीज एवं कृषि विकास निगम के अध्यक्ष  चंद्रहास चंद्राकर एवं अध्यक्ष जनपद सदस्य आरंग,  रिंकू चंद्राकर ने की. मध्य प्रदेश के किसानो  सम्बोधित करते हुए मुख्य अतिथि  चंद्रहास चंद्राकर ने कहा की केंद्र सरकार एवं राज्य सरकार छत्तीसगढ़ के किसानों के  आर्थिक उन्नति के लिए विशेष रूप से कार्य कर रही है केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान जी के प्रयासों से छत्तीसगढ़ मखाना बोर्ड सेन्ट्रल सेक्टर स्कीम में शामिल हुआ है इसके लिए हम उनका आभार व्यक्त करते हैं.हमारे मुख्य मंत्री  विष्णु देव साय कृषि मंत्री  राम विचार नेताम जी के द्वारा मखाना उत्पादन को बढ़ावा देने विशेष प्रयास किया जा रहा है  चंद्राकर ने कहा की छत्तीसगढ़ में सर्वप्रथम व्यवसायिक उत्पादन आरंग ब्लॉक के ग्राम लिंगाडीह के किसान स्व.  कृष्ण कुमार चंद्राकर द्वारा प्रारंभ किया गया था। राज्य का प्रथम मखाना प्रसंस्करण केंद्र का उद्घाटन 5 दिसंबर 2021 को ग्राम लिंगाडीह में तत्कालीन मुख्यमंत्री द्वारा किया गया। अब मखाना उत्पादन में प्रदेश में आरंग का नाम अपनी अलग पहचान बना चुका है.   कार्यक्रम के अध्यक्ष जनपद सदस्य  रिंकू चंद्राकर ने कहा किया हमारे क्षेत्र के लिए गर्व की बात है कि छत्तीसगढ़ प्रदेश का प्रथम मखाना उत्पादन एवं संस्करण केंद्र हमारे क्षेत्र ग्राम लिंगाडीह में स्थापित हुआ है.छटेरा, निसदा एवं अन्य गांव में भी इसके विस्तार हेतु प्रयास किया जा रहे हैं हमारे इस केंद्र में न केवल हमारे प्रदेश के बल्कि अन्य प्रदेश के लोग भी यहां मखाना की खेती सीखने आ रहे हैं जो हमारे प्रदेश के लिए गर्व की बात है.  मध्य प्रदेश के उमरिया जिला से 50 किसानों का एक भ्रमण दल कृषि विभाग के द्वारा मखाना की खेती के भ्रमण हेतु रायपुर जिला के आरंग ब्लॉक स्थित ओजस फॉर्म का भ्रमण किया। इस दौरान किसानों ने मखाना की खेती के बारे में विस्तृत जानकारी प्राप्त की और अपने अनुभव साझा किए। राष्ट्रीय मखाना महोत्सव 2024 एवं 2025 में सम्मानित मखाना उत्पादक किसान  एवं ओजस फार्म दाऊजी मखाना के प्रबंधक  संजय नामदेव ने मखाना की खेती के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि प्रति एकड़ में 20 किलो बीज की आवश्यकता होती है और उत्पादन लगभग 10 क्विंटल के आसपास प्राप्त होता है। उन्होंने बताया कि 6 माह की अवधि वाले फसल में किसी भी प्रकार का कीट व्याधि का प्रकोप नहीं होता है और न ही किसी प्रकार की चरी और चोरी की समस्या रहती है। इंदिरा गाँधी कृषि विश्व विद्यालय के सब्जी विज्ञान के पी एच डी छात्र डॉ योगेंद्र चंदेल ने किसानों को मखाना की खेती के लिए आवश्यक तकनीक और संसाधनों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मखाना की खेती तालाब एवं खेत दोनों विधि से की जाती है अधिकतम उत्पादन के लिए धान की तरह खेत की मताई 1 मीटर की दुरी पर 55 दिन के नर्सरी की 4000 पौधो की रोपाई एक मीटर पौधा से पौधा एवं कतार से कतार की दुरी पर रोपाई समय समय पर नींदाई  खाद प्रबंधन वैज्ञानिक तरीके से करने पर अधिकतम उत्पादन मिलता है मखाना की खेती प्रसंसकरण एवं विपणन के लिए हमारे द्वारा किसानों को  प्रशिक्षण और सहायता प्रदान की जाती है। ICAR-CIPHET (केंद्रीय कटाई उपरांत अभियांत्रिकी एवं प्रौद्योगिकी संस्थान), लुधियाना, पंजाब से प्रशिक्षण प्राप्त शिव नारायण साहू ने मखाना के प्रोसेसिंग की जानकारी देते हुए बताया कि 1 किलो मखाना के बीज से लगभग 200 से 250 ग्राम पॉप प्राप्त होता है, जिसकी बाजार में कीमत ₹700 से लेकर ₹1000 तक होती है। उन्होंने बताया कि यदि किसान मखाना का उत्पादन कर स्वयं प्रसंस्करण कर पैकेजिंग करके भेजते हैं तो प्रति एकड़ अधिकतम लाभ प्राप्त हो सकता है। इस भ्रमण के दौरान किसानों ने मखाना की खेती के बारे में   शिव साहू से विस्तृत जानकारी प्राप्त की और अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि मखाना की खेती से उन्हें अच्छा मुनाफा हो सकता है और यह उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार कर सकता है। कृषि विभाग के अधिकारियों ने बताया कि मखाना बोर्ड से इसकी खेती को बढ़ावा देने के लिए सरकार द्वारा कई योजनाएं चलाई जा रही हैं। उन्होंने बताया कि किसानों को मखाना की खेती के लिए प्रशिक्षण और सहायता प्रदान की जाती है, और उन्हें इसके लिए सब्सिडी भी दी जाती है। इस भ्रमण में मध्य प्रदेश के किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग से भ्रमण दल प्रभारी  दहायत एवं भ्रमण दल में शामिल किसानों ने बताया कि वे मखाना की खेती के बारे में और अधिक जानकारी प्राप्त करने के लिए उत्साहित हैं और इसे अपने खेतों में अपनाने के लिए तैयार हैं।

कोर्ट में भरोसे का संकट! केजरीवाल ने जज बदलने की मांग करते हुए CJI को लिखा लेटर

नई दिल्ली दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी (आप) के मुखिया अरविंद केजरीवाल को हाई कोर्ट की जज जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा पर भरोसा नहीं है, जो उनसे जुड़े केस की सुनवाई कर रही हैं। केजरीवाल, मनीष सिसोदिया और अन्य ने हाई कोर्ट की चीफ जस्टिस को लेटर लिखकर शराब घोटाले वाले केस को किसी और ‘निष्पक्ष’ बेंच के सामने ट्रांसफर करने की मांग की है। ट्रायल कोर्ट से केजरीवाल समेत 23 आरोपियों को आरोपमुक्त किए जाने के आदेश को सीबीआई ने हाई कोर्ट में चुनौती दी है। एक दिन पहले ही आम आदमी पार्टी के दिल्ली अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने जस्टिस स्वर्ण कांता की निष्पक्षता पर सवाल खड़े कर दिए थे और पूछा था कि उनका भारतीय जनता पार्टी से क्या रिश्ता है। अब खुद अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया ने दिल्ली हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस को लिखे लेटर में जज के पक्षपाती होने के आरोप लगा दिए हैं। गौरतलब है कि जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा की अदालत में शराब घोटाले से जुड़े कुछ मामलों की पहले भी सुनवाई हो चुकी है और आरोपियों को झटका लगा था। उन्होंने अरविंद केजरीवाल की गिरफ्तारी को भी उचित करार दिया था। अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया और अन्य की ओर से चीफ जस्टिस को भेजे गए प्रार्थना पत्र में कहा गया है कि सीबीआई द्वारा दायर पुनरीक्षण याचिका को ‘निष्पक्ष बेंच’ के पास स्थानांतरित कर दिया जाए। इनकी ओर से जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा पर ‘पक्षपात’ के आरोप लगाए गए हैं और कहा गया कि सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में उनके हर आदेश को पलट दिया था। जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा की अदालत में इस मामले की अगली सुनवाई 16 मार्च को होनी है।

सभी मॉडिफाई वैनशॉप को रेहड़ी-पटरी संचालकों को स्थायी रोजगार के लिये कराया गया उपलब्ध

लखनऊ योगी सरकार ने पिछले नौ वर्षों में उत्तर प्रदेश को विश्व पटल पर पहचान दिलाने के लिए कई कीर्तिमान स्थापित किये हैं। इस दौरान योगी सरकार ने हमेशा नवाचार को प्राथमिकता दी है, ताकि प्रदेश का समग्र विकास हो। इसके नतीजे आज सभी के सामने हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन को मिशन के रूप में धरातल पर उतारने के लिए रामपुर जिला प्रशासन ने “जीरो वेस्ट मॉडल” की अनूठी पहल शुरू की है। इसके तहत रामपुर जिलाधिकारी द्वारा जिले में खराब व निष्क्रिय एंबुलेंस को नया रूप देकर गरीब रेहड़ी पटरी संचालकों को रोजगार के लिए उपलब्ध कराया गया है।   रामपुर जिला प्रशासन ने कचरे को संसाधन में बदला रामपुर जिलाधिकरी अजय कुमार द्विवेदी ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ वेस्ट मैनेजमेंट को लेकर काफी गंभीर हैं। उनका स्पष्ट संदेश है कि “कचरे को समस्या नहीं, बल्कि संसाधन के रूप में देखा जाए।” सीएम योगी के इसी विजन को मिशन के रूप में धरातल पर उतारने को जीरो वेस्ट मॉडल की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। उन्होंने बताया कि रामपुर जिलाधिकारी कार्यालय में करीब 8 एंबुलेंस अपनी उम्र पूरी करने के बाद काफी दिनों से खड़ी थीं, जो पूरी तरह से निष्क्रिय हो चुकी थीं। ऐसे में इन एंबुलेंस को नया रूप देने की योजना बनायी गयी। इसके बाद इन सभी निष्प्रयोज्य शासकीय वाहनों को मॉडिफाई कर वैनशॉप में बदला गया। वेस्ट मैनजमेंट पहल के तहत पुराने और अनुपयोगी सरकारी वाहनों को संशोधित कर आकर्षक मोबाइल दुकानों के रूप में तैयार किया गया। इन मॉडिफाई वैनशॉप को रेहड़ी-पटरी संचालकों को स्थायी रोजगार के लिये उपलब्ध कराया गया। रामपुर नगर क्षेत्र के फोटो चुंगी के समीप प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के तहत विकसित वेंडिंग जोन में 8 वैनशॉप को रेहड़ी पटरी संचालकों को सौंपा गया है।                                                                                                      वेंडिंग जोन विकसित कर, रेहड़ी पटरी संचालकों को सौंपी गईं मॉडिफाई वैनशॉप जिलाधिकारी ने बताया कि नगर क्षेत्र में लंबे समय से अव्यवस्थित ढंग से फैले ठेलों और रेहड़ी-पटरी के कारण अतिक्रमण और जाम की समस्या उत्पन्न हो जाती थी। नगर पालिका द्वारा समय-समय पर अभियान चलाकर इन्हें हटाया जाता था, जिससे इन छोटे कारोबारियों के सामने अपने रोजगार को लेकर असमंजस की स्थिति बन जाती थी। इसी समस्या के समाधान के उद्देश्य से यह अभिनव पहल की गई है। नगर पालिका परिषद रामपुर द्वारा निष्प्रयोज्य शासकीय वाहनों को मॉडिफाई कर उन्हें वैनशॉप के रूप में परिवर्तित किया गया है और फोटो चुंगी के पास एक सुव्यवस्थित वेंडिंग जोन विकसित किया गया है। यहां रेहड़ी-पटरी संचालकों को चिन्हित कर उन्हें स्थायी रूप से व्यवसाय करने का स्थान दिया गया है। इससे न केवल उनके रोजगार को स्थिरता मिली है बल्कि शहर की यातायात व्यवस्था को भी व्यवस्थित बनाने में मदद मिल रही है। आमजन को एक ही जगह मिलेंगे कपड़े, खाने-पीने की वस्तुएं और फास्ट फूड वेंडिंग जोन में मोबाइल शॉप के माध्यम से कपड़े, खाने-पीने की वस्तुएं, फास्ट फूड, बच्चों के खिलौने और अन्य दैनिक उपयोग की वस्तुएं एक ही स्थान पर उपलब्ध होंगी। स्थानीय लोगों के लिए यह स्थान एक छोटे बाजार के रूप में विकसित हो रहा है, जहां उन्हें विभिन्न प्रकार की चीजें आसानी से मिल सकेंगी। जिलाधिकारी अजय कुमार द्विवेदी ने प्रत्येक वैनशॉप पर जाकर दुकानदारों से बातचीत की और वहां बेचे जा रहे सामान के बारे में जानकारी प्राप्त की। दुकानदारों ने इस पहल के लिए प्रशासन का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि अब उन्हें अपने व्यवसाय के लिए एक सुरक्षित और स्थायी स्थान मिल गया है। जिलाधिकारी ने कहा कि शहर में ऐसे और भी वेंडिंग जोन विकसित किए जाएंगे, ताकि अधिक से अधिक रेहड़ी-पटरी संचालकों को व्यवस्थित तरीके से रोजगार उपलब्ध कराया जा सके। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के माध्यम से छोटे व्यापारियों को सशक्त बनाते हुए उन्हें सम्मानजनक स्वरोजगार उपलब्ध कराने का कार्य किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने निर्माणाधीन एजेंसी को गुणवत्ता और समय से काम पूरा करने का दिया सख्त निर्देश

बलरामपुर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को मां पाटेश्वरी विश्वविद्यालय का स्थलीय निरीक्षण किया। मुख्यमंत्री ने निर्माण एजेंसी को हर हाल में मई 2026 तक निर्माण पूरा करने का सख्त निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि किसी भी हाल में इसमें विलंब बर्दाश्त नहीं होगा। मुख्यमंत्री ने विश्वविद्यालय के कुलपति से कार्य प्रगति पर पूरी जानकारी भी प्राप्त की। इसके अलावा सीएम योगी ने राजकीय मेडिकल कॉलेज का भी निरीक्षण किया और आवश्यक निर्देश दिए। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सबसे पहले विश्वविद्यालय प्रांगण में मौलिश्री का पौधा लगाया। इसके बाद मुख्यमंत्री ने विश्वविद्यालय के मॉडल पर प्रेजेंटेशन को देखा। सीएम योगी ने कुलपति प्रो. रविशंकर सिंह से कहा कि कार्य समयसीमा के अंदर हो, इसकी नियमित निगरानी भी सुनिश्चित करें। उन्होंने निर्माण एजेंसी को मई तक काम पूरा करने के निर्देश देते हुए कहा कि गुणवत्ता हर हाल में सुनिश्चित होनी चाहिए। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि इसमें लापरवाही कतई बर्दाश्त नहीं होगी।  इसके बाद मुख्यमंत्री ने एकेडमिक बिल्डिंग, थियेटर क्लास, लैब समेत समूचे विश्वविद्यालय का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान विधायक पल्टूराम, एमएलसी साकेत मिश्र, जिला पंचायत अध्यक्ष आरती तिवारी, भाजपा जिलाध्यक्ष रवि मिश्र, जिलाधिकारी विपिन जैन, कुलसचिव परमानंद सिंह, परीक्षा नियंत्रक दिनेश कुमार मौर्य आदि मौजूद रहे।

राहुल गांधी के तंज से संसद में हंगामा, जलेबी फैक्ट्री और तपस्या वाली टिप्पणी पर तीखी नोकझोंक

नई दिल्ली लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर डिबेट चल रही है। इस दौरान कांग्रेस ने प्रस्ताव को लेकर कहा कि ओम बिरला ने नेता विपक्ष को समय ही नहीं दिया। उन्हें 20 बार बोलने से रोका दिया गया। इस मामले पर अब सरकार ने जवाब दिया है। भाजपा सांसद रविशंकर प्रसाद ने कहा कि राहुल गांधी को ना बोलने की शिकायत की जाती है, लेकिन सवाल है कि वे आखिर बोलते क्या हैं। उन्होंने कहा कि मैं हरियाणा में चुनाव प्रचार में गया था तो किसी ने बताया कि राहुल गांधी ने कहा कि जलेबी की फैक्ट्री लगाएंगे। मुझे यकीन नहीं हुआ तो वीडियो दिखाया गया। भाजपा नेता ने कहा कि मैं हैरान रह गया कि आखिर ऐसा कैसे कहा जा सकता है। देश के गांव-गांव में जलेबी छनती है। इसे फैक्ट्री में नहीं बनाया जाता। रविशंकर प्रसाद ने कहा कि राहुल गांधी ने अमेरिकी राजदूत से यह भी कह दिया कि भारत में इस्लामिक कट्टरपंथ से ज्यादा चिंता की बात हिंदू रैडिकल हैं। उन्होंने कहा कि इन्होंने क्या-क्या बोला, सब कुछ मेरे पास है। यहां बताऊंगा तो लंबी लिस्ट हो जाएगी। उन्होंने कहा कि स्पीकर के खिलाफ जो अविश्वास प्रस्ताव है, वह किसी के अहंकार की संतुष्टि का प्रयास है। ‘इंदिरा गांधी के पोते के ज्ञान पर मैं तो सन्न रह गया’ रविशंकर प्रसाद ने कहा कि राहुल गांधी आरोप लगाते हैं कि मुझे बोलने नहीं दिया। आखिर वह बोलते क्या हैं। इनका कहना है कि तपस्या से गर्मी आती है। मैं तो सन्न रह गया कि आत्मा से परमात्मा का मिलन है तपस्या। आखिर इंदिरा जी के पोते का इस पर क्या ज्ञान है। इस पर मुझे हैरानी हुई। प्रधानमंत्री जी की कुर्सी के पास जिस तरह से विपक्ष के लोग आए थे, वह सबने देखा था। राहुल गांधी इस सदन को अराजकता में बदल देना चाहते हैं। यह संसद सर्वोच्च है और इसकी गरिमा बनी रहनी चाहिए। यदि स्पीकर के खिलाफ बेबुनियाद प्रस्ताव लाया गया है तो हम उसका विरोध करते हैं। बीच में बोलने लगे राहुल गांधी, नियमों का दिया गया हवाला इस दौरान राहुल गांधी ने बीच में बोलने का भी प्रयास किया, जिस पर रविशंकर प्रसाद ने नियमों का हवाला देते हुए कहा कि आप बाद में बोल सकते हैं। इस डिबेट में सपा सांसद आनंद भदौरिया ने भी हिस्सा लिया। उन्होंने कहा कि स्पीकर ओम बिरला भले आदमी हैं, लेकिन ऐसा लगता है कि सरकार ने उनसे जबरदस्ती ऐसा व्यवहार कराया। यह दुख की बात है कि उनके खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव आया है। गौरतलब है कि लोकसभा स्पीकर के खिलाफ आए प्रस्ताव पर आज होम मिनिस्टर अमित शाह भी स्पीच देंगे।  

नगरपालिकाओं एवं त्रिस्तरीय पंचायतों के आम / उप निर्वाचन 2026 हेतु निर्वाचक नामावली कार्यक्रम जारी

रायपुर छत्तीसगढ़ राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा नगरपालिकाओं एवं त्रिस्तरीय पंचायतों के आगामी आम एवं उप निर्वाचन 2026 के लिए निर्वाचक नामावली तैयार एवं पुनरीक्षित किए जाने हेतु कार्यक्रम जारी कर दिया गया है। आयोग द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार स्थानीय निकायों की निर्वाचक नामावली दिनांक 01 अप्रैल 2026 की स्थिति के आधार पर तैयार की जाएगी। जिन मतदाताओं के नाम संबंधित स्थानीय निकाय के क्षेत्र, वार्ड अथवा पंचायत से संबंधित भारत निर्वाचन आयोग की मतदाता सूची में दर्ज होंगे, वही मतदाता स्थानीय निकायों की निर्वाचक नामावली में नाम दर्ज कराने के पात्र होंगे। जारी कार्यक्रम के अनुसार दावे-आपत्तियों के निपटारे की अंतिम तिथि 23 अप्रैल 2026 तक जिन मतदाताओं के नाम भारत निर्वाचन आयोग की विधानसभा निर्वाचक नामावली में दर्ज होंगे, वे आवश्यक दस्तावेजों के साथ प्रारूप क-1 में रजिस्ट्रीकरण अधिकारी अथवा सहायक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी के समक्ष आवेदन प्रस्तुत कर स्थानीय निकाय की निर्वाचक नामावली में अपना नाम दर्ज करा सकेंगे। नगरीय निकाय उप निर्वाचन के अंतर्गत अध्यक्ष के कुल 02 पद, क्रमशः नगरपालिका परिषद सारंगढ़ (जिला-सारंगढ़-बिलाईगढ़) तथा नगरपालिका परिषद शिवपुर-चरचा (जिला-कोरिया) में रिक्त हैं, साथ ही पार्षदों के 15 पद भी रिक्त हैं। इसके अतिरिक्त नवगठित चार निकायों—नगर पंचायत घुमका (जिला-राजनांदगांव), नगर पंचायत बम्हनीडीह (जिला-जांजगीर-चांपा), नगर पंचायत शिवनंदनपुर (जिला-सूरजपुर) तथा नगर पंचायत पलारी (जिला-बलौद)—में अध्यक्ष के 04 पद तथा पार्षदों के कुल 60 पद रिक्त हैं। इसी प्रकार त्रिस्तरीय पंचायतों में जनपद पंचायत सदस्य के 08 पद, सरपंच के 78 पद तथा पंच के 1056 पद रिक्त हैं। इस प्रकार प्रदेश के 33 जिलों में कुल 1142 पद रिक्त हैं, जिनका निर्वाचन कराया जाना है। निर्वाचक नामावली तैयार करने हेतु जारी कार्यक्रम के अनुसार रजिस्ट्रीकरण अधिकारी, सहायक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी तथा प्राधिकृत अधिकारियों का प्रशिक्षण 24 मार्च 2026 तक कराया जाएगा तथा निर्वाचक नामावली का मुद्रण 09 अप्रैल 2026 तक किया जाएगा। निर्वाचक नामावली का प्रारंभिक प्रकाशन 13 अप्रैल 2026 को किया जाएगा, जिसके बाद दावे-आपत्तियां प्राप्त की जाएंगी। दावे-आपत्तियां प्राप्त करने की अंतिम तिथि 20 अप्रैल 2026 निर्धारित की गई है, जबकि प्रारूप क-1 में दावा प्रस्तुत करने की अंतिम तिथि 24 अप्रैल 2026 होगी। रजिस्ट्रीकरण अधिकारी द्वारा दावे-आपत्तियों के निराकरण के आदेश के विरुद्ध अपील ऐसा आदेश पारित होने के 05 दिवस के भीतर सक्षम अधिकारी के समक्ष की जा सकेगी।  निर्वाचक नामावली का अंतिम प्रकाशन 05 मई 2026 को किया जाएगा।

क्रिकेट फैंस के लिए खुशखबरी! IPL का पूरा शेड्यूल जारी, पहले मैच में RCB-SRH भिड़ंत

नई दिल्ली  आईपीएल का शेड्यूल जारी, पहले मैच में RCB से बेंगलुरु में भिड़ेगी SRH, जानें बाकी मैचों की पूरी डिटेल इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल 2026) के 19वें सीजन का शेड्यूल जारी हो गया है. टूर्नामेंट की शुरुआत 28 मार्च से होगी और पहला मैच डिफेंडिंग चैम्पियन रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु और सनराइजर्स हैदराबाद के बीच खेला जाएगा. यह ओपनिंग मैच बेंगलुरु में ही खेला जाएगा. बता दें कि पिछले साल आरसीबी के चैम्पियन बनने के बाद बेंगलुरु में ही विक्ट्री परेड के दौरान भगदड़ मची थी. तब से यहां आईपीएल मैच को लेकर कई तरह के कयास लगाए जा रहे थे. हालांकि, बीसीसीआई ने आईपीएल का पूरा शेड्यूल जारी नहीं किया है. शुरुआत में केवल 20 मैचों का ही शेड्यूल जारी किया गया है. यानी 12 अप्रैल तक होने वाले मुकाबलों का ही शेड्यूल अभी जारी किया गया है. आगे के मुकाबलों का शेड्यूल बीसीसीआई बाद में जारी करेगा.  चुनावों की वजह से पूरा शेड्यूल अभी नहीं इस बार शेड्यूल बनाना थोड़ा मुश्किल रहा है क्योंकि कई राज्यों में चुनाव होने हैं. असम, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु और केरल में विधानसभा के चुनाव होने हैं. इसके चलते फिलहाल टूर्नामेंट के सिर्फ पहले 20 मैचों का कार्यक्रम जारी किया गया.  देखें 20 मैचों का पूरा शेड्यूल: 28 मार्च 2026 (शनिवार, शाम) रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु vs सनराइजर्स हैदराबाद — बेंगलुरु 29 मार्च 2026 (रविवार, शाम) मुंबई इंडियंस vs कोलकाता नाइट राइडर्स — मुंबई 30 मार्च 2026 (सोमवार, शाम) राजस्थान रॉयल्स vs चेन्नई सुपर किंग्स — गुवाहाटी 31 मार्च 2026 (मंगलवार, शाम) पंजाब किंग्स vs गुजरात टाइटंस — मुल्लांपुर 1 अप्रैल 2026 (बुधवार, शाम) लखनऊ सुपर जायंट्स vs दिल्ली कैपिटल्स — लखनऊ 2 अप्रैल 2026 (गुरुवार, शाम) कोलकाता नाइट राइडर्स vs सनराइजर्स हैदराबाद — कोलकाता 3 अप्रैल 2026 (शुक्रवार, शाम) चेन्नई सुपर किंग्स vs पंजाब किंग्स — चेन्नई 4 अप्रैल 2026 (शनिवार, दोपहर) दिल्ली कैपिटल्स vs मुंबई इंडियंस — दिल्ली 4 अप्रैल 2026 (शनिवार, शाम) गुजरात टाइटंस vs राजस्थान रॉयल्स — अहमदाबाद 5 अप्रैल 2026 (रविवार, दोपहर) सनराइजर्स हैदराबाद vs लखनऊ सुपर जायंट्स — हैदराबाद 5 अप्रैल 2026 (रविवार, शाम) रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु vs चेन्नई सुपर किंग्स — बेंगलुरु 6 अप्रैल 2026 (सोमवार, शाम) कोलकाता नाइट राइडर्स vs पंजाब किंग्स — कोलकाता 7 अप्रैल 2026 (मंगलवार, शाम) राजस्थान रॉयल्स vs मुंबई इंडियंस — गुवाहाटी 8 अप्रैल 2026 (बुधवार, शाम) दिल्ली कैपिटल्स vs गुजरात टाइटंस — दिल्ली 9 अप्रैल 2026 (गुरुवार, शाम) कोलकाता नाइट राइडर्स vs लखनऊ सुपर जायंट्स — कोलकाता 10 अप्रैल 2026 (शुक्रवार, शाम) राजस्थान रॉयल्स vs रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु — गुवाहाटी 11 अप्रैल 2026 (शनिवार, दोपहर) पंजाब किंग्स vs सनराइजर्स हैदराबाद — मुल्लांपुर 11 अप्रैल 2026 (शनिवार, शाम) चेन्नई सुपर किंग्स vs दिल्ली कैपिटल्स — चेन्नई 12 अप्रैल 2026 (रविवार, दोपहर) लखनऊ सुपर जायंट्स vs गुजरात टाइटंस — लखनऊ 12 अप्रैल 2026 (रविवार, शाम) मुंबई इंडियंस vs रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु — मुंबई RCB डिफेंडिंग चैम्पियन के तौर पर उतरेगी आईपीएल 2026 में आरसीबी डिफेंडिंग चैम्पियन के तौर पर मैदान में उतरेगी. वहीं मुंबई और चेन्नई अब तक की सबसे सफल टीमें हैं, जिन्होंने पांच-पांच बार खिताब जीता है.

नोबेल विजेता कॉन्स्टेंटिन नोवोसेलोव ने की सीएम योगी से भेंट, रिसर्च और टेक्नोलॉजी पर बातचीत

लखनऊ नोबेल पुरस्कार विजेता कॉन्स्टेंटिन नोवोसेलोव ने बुधवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की। इस दौरान लोहम कंपनी के सीईओ रजत वर्मा और कंपनी के चीफ ऑफ स्टॉफ आयुष सबात भी मौजूद रहे। तीनों अतिथियों ने निवेश के लिए उत्तर प्रदेश के सकारात्मक माहौल की सराहना की। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नोबेल पुरस्कार विजेता कॉन्स्टेंटिन नोवोसेलोव, लोहम के सीईओ रजत वर्मा और चीफ ऑफ स्टाफ आयुष सबात का उत्तर प्रदेश में स्वागत किया। बैठक में उत्तर प्रदेश को देश में एडवांस्ड मटेरियल रिसर्च और इंजीनियरिंग का प्रमुख हब बनाने की संभावनाओं पर चर्चा हुई। इस क्रम में लोहम द्वारा प्रदेश में भारत की पहली ‘रेयर अर्थ टू मैग्नेट’ इंटीग्रेटेड फैसिलिटी स्थापित करने की योजना पर भी विस्तार से चर्चा हुई। इस फैसिलिटी के स्थापित होने से देश में उच्च तकनीक आधारित मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा मिलेगा। नोबेल पुरस्कार विजेता कोंस्टेंटिन नोवोसेलोव, जो ग्रैफीन की खोज के लिए विश्व प्रसिद्ध हैं, लोहम कंपनी के साथ स्ट्रैटेजिक एडवाइजर और सहयोगी के रूप में कार्य कर रहे हैं। उनका उद्देश्य उन्नत मटेरियल साइंस को औद्योगिक स्तर पर बैटरी तकनीक और ऊर्जा क्षेत्र में लागू करना है। लोहम और नोवोसेलोव के सहयोग का मुख्य फोकस दो महत्वपूर्ण क्षेत्रों पर है। पहला, 2डी मटेरियल (जैसे ग्रैफीन) का उपयोग कर अगली पीढ़ी की लिथियम-आयन बैटरियों की क्षमता, सुरक्षा व लाइफ को बढ़ाना। दूसरा- बैटरियों और परमानेंट मैग्नेट का उन्नत रीसाइक्लिंग सिस्टम विकसित कर महत्वपूर्ण खनिजों की बेहतर रिकवरी सुनिश्चित करना, जिससे सर्कुलर इकॉनमी को मजबूती मिलेगी। यह सहयोग भारत के ‘मेक इन इंडिया’ और ग्रीन एनर्जी विजन के लिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इससे पहले केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने नई दिल्ली में नोबेल पुरस्कार विजेता कॉन्स्टेंटिन नोवोसेलोव और लोहम के मुख्य कार्यकारी अधिकारी रजत वर्मा से मुलाकात की।

नीट एसएस काउंसलिंग का पहला राउंड शुरू, उम्मीदवारों के पास 15 मार्च तक मौका

नई दिल्ली चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में उच्चतम डिग्री हासिल करने का सपना देख रहे डॉक्टरों के लिए एक महत्वपूर्ण अपडेट है। मेडिकल काउंसलिंग कमेटी (MCC) ने नीट एसएस (NEET SS) काउंसलिंग 2026 के राउंड-1 के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया शुरू कर दी है। यह काउंसलिंग डॉक्टर ऑफ मेडिसिन (DM), मास्टर ऑफ चिरुर्गिया (MCh) और DrNB सुपर स्पेशियलिटी कोर्सेज में एडमिशन के लिए आयोजित की जा रही है। जो उम्मीदवार नेशनल एलिजिबिलिटी-कम-एंट्रेंस टेस्ट सुपर स्पेशियलिटी (NEET SS) में सफल हुए हैं, वे आधिकारिक वेबसाइट mcc.nic.in पर जाकर अपना रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं। काउंसलिंग का शेड्यूल (राउंड-1) काउंसलिंग प्रक्रिया को सुचारू रूप से चलाने के लिए एमसीसी ने एक टाइम टेबल जारी किया है: रजिस्ट्रेशन की अवधि: 10 मार्च से 15 मार्च 2026 (दोपहर 12 बजे तक)। शुल्क भुगतान की अंतिम तिथि: 15 मार्च 2026 (दोपहर 3 बजे तक)। चॉइस फिलिंग (कॉलेज चुनना): 11 मार्च से 16 मार्च 2026 (रात 11:55 बजे तक)। चॉइस लॉकिंग: 16 मार्च 2026 (शाम 4 बजे से रात 11:55 बजे तक)। सीट आवंटन परिणाम: 18 मार्च 2026। कॉलेज में रिपोर्टिंग: 19 मार्च से 25 मार्च 2026 के बीच। रजिस्ट्रेशन शुल्क और सुरक्षा राशि नीट एसएस काउंसलिंग में भाग लेने के लिए उम्मीदवारों को भारी-भरकम शुल्क का भुगतान करना होता है, जिसे दो भागों में बांटा गया है। रजिस्ट्रेशन शुल्क 5,000 रुपये ( नॉन-रिफंडेबल यानी वापस नहीं होने वाला शुल्क) है। सुरक्षा जमा राशि 2,00,000 रुपये (यह रिफंडेबल है) है। कुल मिलाकर, उम्मीदवारों को रजिस्ट्रेशन के समय 2,05,000 रुपये का भुगतान ऑनलाइन माध्यम से करना होगा। आवश्यक डॉक्यूमेंट आवंटित कॉलेज में रिपोर्टिंग के समय उम्मीदवारों को इन ओरिजनल डॉक्यूमेंट की आवश्यकता होगी।     नीट एसएस 2025 का स्कोरकार्ड और एडमिट कार्ड 2. एमबीबीएस (MBBS) की डिग्री और मार्कशीट 3. एमडी/एमएस/डीएनबी (MD/MS/DNB) की डिग्री 4. एनएमसी (NMC) या राज्य चिकित्सा परिषद का रजिस्ट्रेशन प्रमाण पत्र 5. जन्म तिथि प्रमाण (10वीं की मार्कशीट) 6. पहचान पत्र (आधार कार्ड, पैन कार्ड या पासपोर्ट) काउंसलिंग के चरण और नियम यह काउंसलिंग प्रक्रिया कुल तीन चरणों में आयोजित की जाएगी: राउंड 1, राउंड 2 और एक ‘स्ट्रे वैकेंसी’ राउंड। यदि किसी उम्मीदवार को पहले दौर में सीट मिल जाती है, तो उनके पास ‘अपग्रेडेशन’ का विकल्प भी होता है। काउंसलिंग पूरी तरह से ऑनलाइन मोड में होती है, लेकिन सीट मिलने के बाद फिजिकल वेरिफिकेशन के लिए आवंटित संस्थान में उपस्थित होना अनिवार्य है। सुपर स्पेशियलिटी कोर्सेज का नया शैक्षणिक सत्र 10 अप्रैल 2026 से शुरू होने की संभावना है। उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि वे चॉइस फिलिंग करते समय कॉलेजों की वरीयता को ध्यान से भरें, क्योंकि इसी के आधार पर उनकी मेरिट और रैंक के अनुसार सीट का आवंटन किया जाएगा।  

3000 से अधिक यूनिट्स को ‘स्टार्ट इन यूपी’ के तहत मान्यता, योगी सरकार की नीतियों से स्थानीय उद्यमिता को मिल रही रफ्तार

लखनऊ उत्तर प्रदेश तेजी से देश के उभरते हुए स्टार्टअप हब के रूप में अपनी पहचान बना रहा है। प्रदेश सरकार की नीतियों, संस्थागत ढांचे और वित्तीय प्रोत्साहन के कारण प्रदेश में नवाचार और उद्यमिता को नया बल मिला है। उत्तर प्रदेश में 20 हजार से अधिक सक्रिय इकाइयां “स्टार्टअप इंडिया” के तहत मान्यता प्राप्त हैं, जो प्रदेश में तेजी से विकसित हो रहे स्टार्टअप इकोसिस्टम को दर्शाती हैं। इससे युवाओं के लिए रोजगार और उद्यमिता के नए अवसर भी पैदा हो रहे हैं। प्रदेश में ‘स्टार्ट इन यूपी’ पहल के अंतर्गत भी उद्यमिता को बढ़ावा दिया जा रहा है। अब तक 3000 से अधिक स्टार्टअप्स को इसके तहत मान्यता मिल चुकी है। प्रदेश सरकार की स्टार्टअप नीति और प्रोत्साहन योजनाओं ने स्थानीय स्तर पर उद्यमिता को मजबूत आधार दिया है। इन पहल के माध्यम से युवाओं को अपने नवाचार को व्यवसाय में बदलने के लिए जरूरी सहयोग और संसाधन उपलब्ध कराए जा रहे हैं। प्रदेश में स्टार्टअप इकोसिस्टम को मजबूत बनाने में इन्क्यूबेशन नेटवर्क की भी महत्वपूर्ण भूमिका है।  प्रदेश में वर्तमान में 76 मान्यता प्राप्त इन्क्यूबेटर कार्यरत हैं, जो नए उद्यमियों को मार्गदर्शन, तकनीकी सहयोग और संसाधन उपलब्ध करा रहे हैं। ये इन्क्यूबेटर विश्वविद्यालयों, तकनीकी संस्थानों और निजी संगठनों के साथ मिलकर स्टार्टअप्स को शुरुआती चरण से ही सही दिशा देने का काम कर रहे हैं। इससे नवाचार को बढ़ावा मिल रहा है और युवाओं को अपने विचारों को व्यावसायिक रूप देने का भी अवसर मिल रहा है। इसके साथ ही प्रदेश में उन्नत तकनीक और अनुसंधान आधारित स्टार्टअप्स को प्रोत्साहित करने के लिए सात सेंटर ऑफ एक्सीलेंस को भी मंजूरी दी गई है। इन सेंटरों के माध्यम से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डेटा एनालिटिक्स, एग्रीटेक और अन्य उभरते क्षेत्रों में शोध और नवाचार को बढ़ावा दिया जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे संस्थागत ढांचे से प्रदेश में टेक्नोलॉजी आधारित स्टार्टअप्स के लिए अनुकूल वातावरण तैयार हो रहा है। वित्तीय सहायता के मामले में भी सरकार की पहल महत्वपूर्ण मानी जा रही है। प्रदेश में स्टार्टअप्स को प्रोत्साहित करने के लिए अब तक 146 करोड़ रुपये के इंसेंटिव स्वीकृत किए जा चुके हैं, जबकि 58 करोड़ रुपये की राशि स्टार्टअप्स को वितरित भी की जा चुकी है। यह वित्तीय सहयोग स्टार्टअप्स को अपने उत्पाद और सेवाओं के विकास, बाजार विस्तार और तकनीकी उन्नयन में मदद कर रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि मजबूत नीतिगत ढांचा, संस्थागत समर्थन और वित्तीय प्रोत्साहन किसी भी राज्य के स्टार्टअप इकोसिस्टम को विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उत्तर प्रदेश में इन सभी क्षेत्रों में समानांतर रूप से काम किया जा रहा है। इसके परिणामस्वरूप प्रदेश में स्टार्टअप संस्कृति तेजी से विकसित हो रही है और नवाचार को नई दिशा मिल रही है।

न्यूजीलैंड महिला टीम ने 3-0 से जीती वनडे सीरीज, जिम्बाब्वे को तीसरे वनडे में 200 रन से हराया

डुनेडिन न्यूजीलैंड महिला क्रिकेट टीम ने जिम्बाब्वे के खिलाफ चल रही 3 वनडे मैचों की सीरीज 3-0 से जीत ली है। बुधवार को डुनेडिन के यूनिवर्सिटी ओवल में खेले गए तीसरे वनडे में न्यूजीलैंड ने जिम्बाब्वे को 200 रन के बड़े अंतर से हरा दिया। न्यूजीलैंड ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला किया था। कप्तान अमेलिया केर और एम्मा मैक्लियोड ने पहले विकेट के लिए 54 रन जोड़े। एम्मा 29 गेंद पर 16 रन बनाकर आउट हुईं। केर ने दूसरे विकेट के लिए इजी शार्प 25 के साथ 42 रन की साझेदारी की। तीसरे विकेट के लिए केर और मैडी ग्रीन के बीच 60 रन की साझेदारी हुई। टीम का स्कोर जब 156 था, कप्तान केर 80 रन की पारी खेलकर आउट हुईं। 106 गेंदों की पारी में केर ने 10 चौके लगाए। ग्रीन और हालिडे ने चौथे विकेट के लिए 110 रन की साझेदारी से टीम का स्कोर 266 तक पहुंचा दिया। हालिडे 40 गेंदों पर 1 छक्का और 3 चौके की मदद से 40 रन बनाकर आउट हुईं। इसी स्कोर पर न्यूजीलैंड को पांचवां झटका भी लगा। ग्रीन शतक का मौका चूक गईं और 73 गेंदों पर 12 चौकों की मदद से 94 रन की बेहतरीन पारी खेलकर आउट हुईं। जेस केर 9 गेंदों पर 13 और विकेटकीपर इजी गेज 11 गेंदों पर 18 रन बनाकर नाबाद रहीं। न्यूजीलैंड ने 6 विकेट पर 303 रन बनाए। 304 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी जिम्बाब्वे की टीम 27.1 ओवर में 103 रन पर सिमट गई और 200 रन के बड़े अंतर से मैच हार गई। जिम्बाब्वे के लिए लोरिन ताशुमा 34 रन बनाकर श्रेष्ठ स्कोरर रहीं। न्यूजीलैंड के लिए गेंदबाजी में भी कप्तान अमेलिया केर ने शानदार प्रदर्शन किया और 3.1 ओवर में 22 रन देकर 5 विकेट लिए। रोजमेरी मायर को 2, जेस केर, ब्रिएर्न इलिंग और नैंसी पटेल को 1-1 विकेट मिले। अमेलिया केर प्लेयर ऑफ द मैच और प्लेयर ऑफ द सीरीज रहीं।  

IMD का बड़ा अलर्ट: 12 से 14 मार्च तक इन राज्यों में तेज बारिश और खराब मौसम का खतरा

नई दिल्ली देश में मौसम का मिजाज एक बार फिर बदलता नजर आ रहा है। पिछले साल Indian Monsoon 2025 का सीजन देश के लिए काफी अच्छा रहा था और कई राज्यों में सामान्य से अधिक बारिश दर्ज की गई थी। मानसून के खत्म होने के बाद भी कई इलाकों में रुक-रुक कर बारिश का सिलसिला जारी रहा। मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में भी बारिश की स्थिति बेहतर बनी रह सकती है। इसी बीच India Meteorological Department (IMD) ने 12, 13 और 14 मार्च के लिए देश के कई राज्यों में भारी बारिश को लेकर अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के मुताबिक इस दौरान कई जगह तेज हवा के साथ बारिश होने की संभावना है। तमिलनाडु में जारी रह सकता है बारिश का दौर दक्षिण भारत के Tamil Nadu में पिछले मानसून सीजन के दौरान अच्छी बारिश हुई थी। मानसून खत्म होने के बाद भी राज्य के कई इलाकों में समय-समय पर बारिश देखने को मिली। अब मौसम विभाग का कहना है कि 12 से 14 मार्च के बीच तमिलनाडु के कई हिस्सों में एक बार फिर भारी बारिश हो सकती है। इसके साथ ही कुछ क्षेत्रों में तेज हवाएं भी चलने की संभावना जताई गई है। अरुणाचल प्रदेश में भी बदल सकता है मौसम पूर्वोत्तर भारत के Arunachal Pradesh में भी पिछले साल मानसून के दौरान अच्छी बारिश दर्ज की गई थी। मानसून के बाद भी यहां कई इलाकों में बादल छाए रहने और हल्की बारिश का सिलसिला जारी रहा। मौसम विभाग के अनुसार 12, 13 और 14 मार्च को अरुणाचल प्रदेश के कई हिस्सों में तेज बारिश हो सकती है। इससे पहाड़ी इलाकों में मौसम अचानक ठंडा हो सकता है। इन राज्यों में भी भारी बारिश की संभावना देश में मौसम के तेवर बदल गए है। ऐसे में मौसम विभाग ने अलर्ट जारी किया है कि 12, 13 और 14 मार्च को पंजाब, हरियाणा, उत्तराखंड, ओड़िशा, विदर्भ, छत्तीसगढ़, पश्चिम बंगाल, सिक्किम और झारखंड में कई जगह भारी बारिश हो सकती है। इस दौरान तेज़ हवा चलने की भी संभावना है। वहीं केरल, असम, मणिपुर, मिज़ोरम, मेघालय, नागालैंड, त्रिपुरा, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, माहे, पुडुचेरी, यनम और कराईकल में भी मौसम विभाग के अनुसार 12, 13 और 14 मार्च को जमकर बादल बरसेंगे। मौसम विभाग की सलाह मौसम विभाग ने लोगों को सलाह दी है कि जिन इलाकों में भारी बारिश की संभावना है, वहां रहने वाले लोग मौसम की अपडेट पर नजर रखें और जरूरत पड़ने पर सावधानी बरतें। खासकर पहाड़ी और तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। विशेषज्ञों का कहना है कि मार्च के महीने में मौसम का अचानक बदलना असामान्य नहीं है, लेकिन कई राज्यों में लगातार बारिश और तेज हवाओं के कारण तापमान में गिरावट भी देखने को मिल सकती है।  

PM Kisan Samman Nidhi: कृषि मंत्री का ऐलान, 22वीं किस्त की तारीख तय

दिल्ली  देश के करोड़ों अन्नदाताओं के लिए होली से पहले एक बड़ी खुशखबरी आई है। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने पीएम किसान सम्मान निधि (PM-Kisan) की अगली किस्त को लेकर आधिकारिक घोषणा कर दी है। केंद्रीय मंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि 13 मार्च को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी असम के गुवाहाटी (मां कामाख्या की पावन भूमि) से देशभर के पात्र किसानों के खातों में योजना की 22वीं किस्त हस्तांतरित करेंगे। किस्त से जुड़ी मुख्य बातें…      कुल लाभार्थी: 9.32 करोड़ से अधिक किसान।     जारी होने वाली कुल राशि: ₹18,640 करोड़ से अधिक।     दिनांक: 13 मार्च, 2026।     स्थान: गुवाहाटी, असम। “मेहनत का मान, माटी का सम्मान” शिवराज सिंह चौहान ने इस योजना को केवल आर्थिक मदद नहीं, बल्कि किसानों के ‘आत्मबल’ का प्रतीक बताया। उन्होंने अपने पोस्ट में लिखा: “यह राशि मेहनत का मान और माटी का सम्मान है। प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में यह योजना समृद्धि, सशक्तिकरण और सुशासन का वह संगम है, जिसने खेती की नियति और किसान की परिस्थिति को बदलने का संकल्प सिद्ध किया है।” उन्होंने आगे कहा कि पीएम किसान निधि ग्रामीण अर्थव्यवस्था की गति को बढ़ाने वाला एक ऐतिहासिक महा-अभियान है। सरकार का निरंतर प्रयास है कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में किसान सशक्त हों और भारत कृषि क्षेत्र में पूर्णतः आत्मनिर्भर बने। किसानों के लिए जरूरी सलाह यदि आप भी इस योजना के लाभार्थी हैं, तो 13 मार्च से पहले यह सुनिश्चित कर लें कि:       आपका e-KYC पूरा हो चुका हो।     बैंक खाता आधार से लिंक हो।     भू-सत्यापन (Land Seeding) की प्रक्रिया पूर्ण हो।  

संकुल शैक्षिक समन्वयक अलका चौहथा, शिक्षा व्यवस्था को दे रहीं नई दिशा

रायपुर शिक्षा के क्षेत्र में महिलाएं अपनी प्रतिभा, परिश्रम और नेतृत्व क्षमता से निरंतर नई पहचान बना रही हैं। एम सी बी जिला के मनेंद्रगढ़ क्षेत्र में प्राथमिक शाला वार्ड क्रमांक 09 की प्रधान पाठिका अलका चौहथा भी ऐसी ही प्रेरणादायी महिला हैं, जो अपने समर्पण और कार्यकुशलता के बल पर शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। जिले की एकमात्र महिला संकुल शैक्षिक समन्वयक          20 मई 2025 से नियुक्त अलका चौहथा वर्तमान में जनजातीय कल्याण विभाग (TWD) के अंतर्गत संकुल शैक्षिक समन्वयक के रूप में कार्यरत हैं। जिले में कार्यरत 28 संकुल शैक्षिक समन्वयकों में वे एकमात्र महिला संकुल शैक्षिक समन्वयक हैं। यह उपलब्धि न केवल उनके लिए गौरव का विषय है, बल्कि जिले की अनेक महिला शिक्षकों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बन गई है। शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने में निभा रहीं अहम भूमिका          संकुल शैक्षिक समन्वयक शिक्षा व्यवस्था में एक महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में कार्य करता है। इस पद का मुख्य उद्देश्य विद्यालयों की शैक्षणिक गुणवत्ता को बेहतर बनाना, शिक्षकों को आवश्यक मार्गदर्शन प्रदान करना तथा विद्यार्थियों के अधिगम स्तर में सुधार लाना होता है। अलका चौहथा अपने संकुल के अंतर्गत आने वाले विद्यालयों का नियमित भ्रमण कर शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया का निरीक्षण करती हैं तथा शिक्षकों को नई शिक्षण पद्धतियों, प्रभावी पाठ योजना और गतिविधि आधारित शिक्षण के लिए प्रेरित करती हैं। शिक्षकों के प्रशिक्षण और मार्गदर्शन पर विशेष ध्यान       वे समय-समय पर शिक्षकों की बैठक, प्रशिक्षण एवं शैक्षणिक कार्यशालाओं का आयोजन कर शिक्षकों की क्षमता में और शिक्षा गुणवत्ता में वृद्धि करने का प्रयास करती हैं। साथ ही विद्यार्थियों के अधिगम स्तर और शैक्षणिक परिणामों में सुधार के लिए योजनाएं तैयार करती हैं तथा शासन द्वारा संचालित विभिन्न शैक्षणिक योजनाओं और कार्यक्रमों के प्रभावी क्रियान्वयन को सुनिश्चित करती हैं। समर्पण और निष्ठा से दे रहीं उल्लेखनीय योगदान     विद्यालयों की प्रगति, उपलब्धियों और समस्याओं से संबंधित रिपोर्ट तैयार कर उच्च अधिकारियों को प्रेषित करना भी उनकी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी का हिस्सा है। अलका चौहथा अपने कर्तव्यों का निष्ठा, समर्पण और सकारात्मक सोच के साथ निर्वहन करते हुए शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान दे रही हैं।          उनका कार्य न केवल विद्यालयों में बेहतर शैक्षणिक वातावरण बनाने में सहायक हो रहा है, बल्कि जिले की अन्य महिला शिक्षकों को भी आगे बढ़ने और नेतृत्व की भूमिका निभाने के लिए प्रेरित कर रहा है। अलका चौहथा की यह प्रेरक यात्रा यह संदेश देती है कि मेहनत, लगन और आत्मविश्वास के साथ महिलाएं शिक्षा सहित हर क्षेत्र में उत्कृष्ट नेतृत्व प्रदान कर सकती हैं।

7200mAh बैटरी के साथ Vivo Y51 Pro 5G लॉन्च, 24,999 कीमत पर मिल रहा खास डिस्काउंट

नई दिल्ली वीवो का नया 5G स्मार्टफोन लॉन्च हो गया है। इस फोन में कई शानदार फीचर्स मिल रहे हैं, जिसमें 6.75 इंच का बड़ा डिस्प्ले शामिल हैं। इसका रिफ्रेश रेट 120Hz है। इसके अलावा, डिवाइस 7200mAh बैटरी से लैस है। वीवो के इस फोन में Mediatek 7360 प्रोससर मिल रहा है। फोन को अभी सस्ते में खरीदने का मौका है। इस पर कैशबैक ऑफर है। स्मार्टफोन की कीमत 24,999 रुपये से शुरू है। स्मार्टफोन दो कलर और स्टोरेज वेरिएंट में आया है। सभी स्पेसिफिकेशन और ऑफर जानने के लिए नीचे पढ़ें। स्मार्टफोन में मिल रही 7200mAh की बैटरी Vivo के इस फोन में कंपनी ने 120Hz रिफ्रेश रेट और 1250 nits पीक ब्राइटनेस वाली 6.75 इंच की LCD स्क्रीन दी है। फोन में Dimensity 7360 Turbo प्रोसेसर दिया गया है। धूल और पानी से बचाव के लिए इस फोन में IP68 + IP69 रेटिंग मिलती है। फोटोग्राफी के लिए फोन के फ्रंट में 50MP का मेन कैमरा, 2MP का सेकेंडरी कैमरा और वीडियो कॉलिंग के लिए 8MP का फ्रंट कैमरा दिया गया है। इस स्मार्टफोन में 7200mAh की बड़ी बैटरी मिलती है। यह 44W फास्ट चार्जिंग को सपोर्ट करती है। फोन के अन्य फीचर्स स्मार्टफोन में कंपनी ने 8GB RAM और 256GB तक स्टोरेज दिया गया है। फोन में साइड माउंटेड फिंगरप्रिंट सेंसर मिलता है। फोन का साइज 166.64 × 78.43 × 8.39mm है। इसका वजन 219 ग्राम है। डिवाइस में स्टीरियो स्पीकर्स दिए गए हैं। फोन पर मिल रहा 2500 का कैशबैक कीमत की बात करें तो वीवो ने इस फोन को 24,999 रुपये की शुरुआती कीमत में लॉन्च किया है। यह इसके 8GB RAM और 128GB इंटरनल स्टोरेज वाले वेरिएंट की कीमत है। फोन का 256GB स्टोरेज वाला वेरिएंट 27,999 रुपये में आया है। फोन वीवो की आधिकारिक वेबसाइट, फ्लिपकार्ट और अन्य वेबसाइट पर बिक्री के लिए उपलब्ध है। 16 मार्च तक फोन खरीदने वाले ग्राहकों को 2500 रुपये का कैशबैक मिलेगा। Jio यूजर्स के लिए 1199 रुपये के प्रीपेड प्लान पर छह महीने के लिए 10 OTT ऐप्स का फ्री एक्सेस भी दिया जा रहा। ग्राहक अभी कई फायदों के साथ फोन खरीद सकते हैं।

slot server thailand super gacor

spaceman slot gacor

slot gacor 777

slot gacor

Nexus Slot Engine

bonus new member

olympus

situs slot bet 200

slot gacor

slot qris

link alternatif ceriabet

slot kamboja

slot 10 ribu

https://mediatamanews.com/

slot88 resmi

slot777

https://sandcastlefunco.com/

slot bet 100

situs judi bola

slot depo 10k

slot88

slot 777

spaceman slot pragmatic

slot bonus

slot gacor deposit pulsa

rtp slot pragmatic tertinggi hari ini

slot mahjong gacor

slot deposit 5000 tanpa potongan

mahjong

spaceman slot

https://www.deschutesjunctionpizzagrill.com/

spbo terlengkap

cmd368

368bet

roulette

ibcbet

clickbet88

clickbet88

clickbet88

bonus new member 100

slot777

https://bit.ly/m/clickbet88

https://vir.jp/clickbet88_login

https://heylink.me/daftar_clickbet88

https://lynk.id/clickbet88_slot

clickbet88

clickbet88

https://www.burgermoods.com/online-ordering/

https://www.wastenotrecycledart.com/cubes/

https://dryogipatelpi.com/contact-us/

spaceman slot gacor

ceriabet link alternatif

ceriabet rtp

ceriabet

ceriabet link alternatif

ceriabet link alternatif

ceriabet login

ceriabet login

cmd368

sicbo online live

Ceriabet Login

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

casino online

clickbet88

login kudahoki88

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet