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गैस एजेंसी में मिली स्टॉक की गड़बड़ी, एमपी नगर एसडीएम ने जांच के बाद कार्रवाई के निर्देश दिए

भोपाल भोपाल में गैस सिलेंडरों के भंडारण और वितरण व्यवस्था की जांच के तहत आज एसडीएम एमपी नगर  एल. के. खरे द्वारा जंबूरी मैदान स्थित विनीत गैस एजेंसी का आकस्मिक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान गोदाम में बड़ी मात्रा में कमर्शियल एवं घरेलू गैस सिलेंडर पाए गए, जिनके स्टॉक में अनियमितता सामने आई। निरीक्षण के दौरान गोदाम के अंदर 51 बड़े कमर्शियल सिलेंडर, 147 पाँच किलोग्राम के कमर्शियल सिलेंडर तथा 18 प्लास्टिक कमर्शियल सिलेंडर भरे हुए पाए गए। इसके अतिरिक्त घरेलू श्रेणी के 535 भरे हुए तथा 823 खाली सिलेंडर भी गोदाम में पाए गए। जांच के दौरान उपलब्ध सिलेंडरों का स्टॉक रजिस्टर से मिलान नहीं हो पाया, जिससे अनियमितता की आशंका व्यक्त की गई। निरीक्षण के समय फूड इंस्पेक्टर  प्रवीण भी उपस्थित रहे। एसडीएम  खरे ने मामले को गंभीरता से लेते हुए फूड इंस्पेक्टर को आवश्यक जांच कर नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए। मौके पर ही संपूर्ण कार्रवाई का पंचनामा तैयार किया गया तथा संबंधित गैस एजेंसी के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की प्रक्रिया प्रारंभ की गई है। प्रशासन द्वारा स्पष्ट किया गया है कि गैस सिलेंडरों के भंडारण और वितरण में किसी भी प्रकार की अनियमितता या नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

ईरान की राजधानी तेहरान में धमाका, अलविदा जुमा पर जुटी भीड़ में मचा हड़कंप

तेहरान ईरान की राजधानी तेहरान में चल रहे विरोध प्रदर्शन के बीच धमाका हुआ है। यह ब्लास्ट उस वक्त हुआ, जब तेहरान के फिरदौसी चौक पर हजारों लोग ईरान और अमेरिका के खिलाफ प्रदर्शन करने जुटे थे। आज ईद से पहले का आखिरी जुमा है, जिसे अलविदा जुमा कहा जाता है। इस कारण भी प्रदर्शन में बड़ी संख्या में लोग पहुंचे थे। इस दौरान जब धमाका हुआ तो दहशत फैल गई और लोग मौके से भागते नजर आए। इस धमाके के पीछे ईरानी एजेंसियों को इजरायल का हाथ होने का शक है। अब तक धमाके की वजह सामने नहीं आई है, लेकिन इजरायल ने हमलों की चेतावनी दी थी। ऐसे में माना जा रहा है कि यह धमाका भी इजरायल ने ही किया है। यह धमाका ऐसे वक्त में हुआ, जब ईरान में अलविदा जुमा मनाया जा रहा है। ईद से पहले के आखिरी जुमा के दिन खूब भीड़ जुटी थी और इसी दौरान यह धमाका हुआ। यह धमाका जिस इलाके में हुआ है, वह तेहरान यूनिवर्सिटी के भी काफी करीब है। अब तक इस बारे में जानकारी नहीं मिली है कि यह धमाका किसने और क्यों किया है। लेकिन यह कहा जा रहा है कि इजरायल का इसमें हाथ हो सकता है। ऐसा इसलिए क्योंकि आज ही उसकी ओर से चेतावनी दी गई थी कि वह इस इलाके में हमले कर सकता है। यह संदेह इसलिए भी है क्योंकि प्रदर्शन इजरायल के खिलाफ था और इसकी फिलिस्तीन के लोगों के लिए समर्थन था। मीडिया रिपोर्ट्स में कहा जा रहा है कि धमाके चलते अफरातफरी मच गई थी। इसके बाद भी बड़ी संख्या में लोग वहां डटे रहे और डेथ टू इजरायल एवं डेथ टू अमेरिका जैसे नारे लगाते रहे। इस बीच ईरान भी ऐक्शन में ही दिख रहा है। उसने खाड़ी और अरब के देशों पर भी आज हमले किए हैं। दर्जनों ड्रोन्स से तो सऊदी अरब को ही निशाना बनाने की कोशिश की है। इसके अलावा दुबई को ईरान ने फिर से टारगेट किया है। गौरतलब है कि ईरान के नए सुप्रीम लीडर मुजतबा खामनेई पीछे हटने को तैयार नहीं हैं। उनका कहना है कि हम अमेरिका से बदला लेंगे और पीछे नहीं हटेंगे। गौरतलब है कि डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को ही कहा था कि अब ईरान से जंग खत्म होने की ओर है। लेकिन ईरान ने ही इस बात को खारिज किया था। उसका कहना है कि भले ही जंग को अमेरिका ने शुरू किया है, लेकिन इसे खत्म हम ही करेंगे। वहीं ट्रंप लगातार कह रहे हैं कि हमने ईरान को बड़ा नुकसान पहुंचाया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा है कि ईरान की नेवी खत्म हो गई है। एयर फोर्स बची नहीं हैं। मिसाइल, बम और ड्रोन्स आदि हमने तबाह कर दिए हैं।

80 वर्षीय महाजन अठभैया को मिला श्रवण यंत्र और वॉकिंग स्टिक

रायपुर प्रदेश में दिव्यांगजनों और वरिष्ठ नागरिकों के जीवन को सुगम और सम्मानजनक बनाने के लिए समाज कल्याण विभाग द्वारा विभिन्न योजनाओं के माध्यम से निरंतर सहायता प्रदान की जा रही है। इसी क्रम में सहायक उपकरण प्रदाय योजना के तहत मोहला जिले के ग्राम सोमटोला निवासी 80 वर्षीय वरिष्ठ नागरिक एवं मांझी समाज प्रमुख  महाजन अठभैया को श्रवण यंत्र और वॉकिंग स्टिक प्रदान की गई। जिला मुख्यालय में आयोजित कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष नम्रता सिंह और कलेक्टर तुलिका प्रजापति ने उन्हें सहायक उपकरण प्रदान किए। श्रवण यंत्र और वॉकिंग स्टिक प्राप्त कर  महाजन अठभैया ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए शासन और प्रशासन के प्रति आभार जताया।  शासन की योजनाओं का उद्देश्य समाज के प्रत्येक वर्ग तक सहायता और सुविधाएं पहुंचाना है। विशेष रूप से दिव्यांगजनों और वरिष्ठ नागरिकों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए इस प्रकार की योजनाएं अत्यंत महत्वपूर्ण हैं, जो उनके जीवन को अधिक सरल और सम्मानजनक बनाती हैं। समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित सहायक उपकरण प्रदाय योजना के अंतर्गत इस वर्ष प्रदेश में अब तक 1 हजार से अधिक दिव्यांगजनों और वरिष्ठ नागरिकों को विभिन्न प्रकार के सहायक उपकरण और कृत्रिम अंग प्रदान कर लाभान्वित किया गया है। इनमें श्रवण यंत्र, ट्राइसाइकिल, बैसाखी, व्हीलचेयर और वॉकिंग स्टिक सहित अन्य आवश्यक उपकरण शामिल हैं। राज्य शासन का लक्ष्य है कि प्रदेश के सभी पात्र दिव्यांगजन और वरिष्ठ नागरिकों तक योजनाओं का लाभ समय पर पहुंचे, ताकि वे अपने दैनिक जीवन को अधिक सहजता और आत्मसम्मान के साथ जी सकें। इसके लिए प्रशासन द्वारा लगातार शिविरों और कार्यक्रमों के माध्यम से पात्र हितग्राहियों की पहचान कर उन्हें योजनाओं से जोड़ा जा रहा है। यह पहल जरूरतमंद लोगों के जीवन में नई उम्मीद और संबल का संचार कर रही है।  

प्रशिक्षु आईएफएस अधिकारियों ने छत्तीसगढ़ में भू-जल संरक्षण कार्यों का किया अध्ययन प्रशिक्षु आईएफएस अधिकारियों ने

रायपुर छत्तीसगढ़ में जल एवं मृदा संरक्षण के क्षेत्र में वन विभाग द्वारा किए जा रहे कार्य अब राष्ट्रीय स्तर पर उदाहरण बनते जा रहे हैं। इन्हीं कार्यों के अध्ययन के लिए इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वन अकादमी, देहरादून से भारतीय वन सेवा (IFS) वर्ष 2025-26 बैच के 133 प्रशिक्षु अधिकारी अध्ययन दौरे पर छत्तीसगढ़ पहुंचे हैं। यह दल 8 से 15 मार्च तक प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में जाकर वन विभाग द्वारा किए गए भू-जल संरक्षण और जल संवर्धन कार्यों का अध्ययन कर रहे हैं। प्रशिक्षण के पहले चरण में 9 मार्च को दक्षिण सिंगपुर परिक्षेत्र के पम्पार नाला का भ्रमण कराया गया। यहां अधिकारियों को बताया गया कि किस प्रकार तकनीकी उपायों के माध्यम से मिट्टी के कटाव को रोका गया और जल स्तर बढ़ाने में सफलता मिली। इस दौरान अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक शालिनी रैना और मुख्य वन संरक्षक मणिवासगन एस. सहित वरिष्ठ अधिकारियों ने प्रशिक्षु अधिकारियों को क्षेत्रीय कार्यों की विस्तृत जानकारी दी। धमतरी वनमंडलाधिकारी श्री जाधव श्रीकृष्ण ने बताया कि पम्पार नाला क्षेत्र में ब्रशवुड चेकडेम, लूज बोल्डर संरचना और गेबियन संरचना बनाए गए हैं, जिनसे मिट्टी का कटाव कम हुआ है। साथ ही ग्रामीणों को सिंचाई के लिए पानी और वन्यजीवों को सालभर जल उपलब्ध होने लगा है। प्रशिक्षु अधिकारियों को बेहतर प्रशिक्षण देने के लिए उन्हें आठ समूहों में विभाजित किया गया है, जिनका मार्गदर्शन राज्य के विभिन्न जिलों से आए अनुभवी डीएफओ कर रहे हैं। अध्ययन दौरे के दौरान दल कुसुमपानी, कांसा और साजापानी नालों का भी भ्रमण करेगा तथा वनधन विकास केंद्र, दुगली में वन प्रबंधन से जुड़ी नई तकनीकों की जानकारी प्राप्त करेगा। यह अध्ययन दौरा इस बात का प्रमाण है कि छत्तीसगढ़ में जल संरक्षण और मृदा संरक्षण के लिए किए जा रहे प्रयास देश के लिए एक मॉडल बनते जा रहे हैं।

घुमंतू और निराश्रित गौवंश के संरक्षण के लिए राज्य में 1460 गौधाम स्थापित करने का लक्ष्य

प्रदेश के जिलों में 29 गौधाम का होगा उद्घाटन   रायपुर, छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा राज्य में निराश्रित और घुमंतू गौवंश के संरक्षण तथा उनके समुचित व्यवस्थापन के लिए “गौधाम योजना” की शुरुआत की जा रही है। इस योजना का औपचारिक शुभारंभ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय 14 मार्च को बिलासपुर जिले के गुरु घासीदास केन्द्रीय विश्वविद्यालय प्रेक्षागार में आयोजित कार्यक्रम से करेंगे। योजना के अंतर्गत राज्य के अन्य जिलों में भी 29 गौधामों का शुभारंभ किया जाएगा। इस अवसर पर कृषि एवं पशुधन विकास मंत्री श्री रामविचार नेताम, छत्तीसगढ़ गौसेवा आयोग के अध्यक्ष श्री विशेषर पटेल सहित अन्य स्थानीय जनप्रतिनिधिगण उपस्थित रहेंगे। उल्लखेनीय है कि गौधाम योजना के तहत राज्य के प्रत्येक विकासखंड में 10 गौधाम स्थापित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके अनुसार पूरे राज्य में कुल 1460 गौधाम स्थापित किए जाएंगे, जहां गौवंश के लिए शेड, फेंसिंग, पेयजल, बिजली जैसी आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। पशुधन विकास विभाग के अधिकारियों ने बताया कि योजना के अंतर्गत वर्तमान में शासन द्वारा 36 गौधामों की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की जा चुकी है। इनमें से 29 गौधामों का पंजीयन छत्तीसगढ़ राज्य गौसेवा आयोग में हो चुका है। इन गौधामों का औपचारिक शुभारंभ 14 मार्च 2026 को बिलासपुर जिले के तखतपुर विकासखंड के ग्राम लाखासार से मुख्यमंत्री द्वारा किया जाएगा।इस अवसर पर 10 अन्य जिलों में स्थित 28 गौधामों का शुभारंभ वर्चुअल माध्यम से किया जाएगा। गौधाम योजना  का मुख्य उद्देश्य निराश्रित, घुमंतू और जप्त किए गए गौवंश पशुओं का संरक्षण और संवर्धन सुनिश्चित करना है। योजना के तहत उन शासकीय स्थलों का पंजीयन किया जाएगा जहां पहले से पशुधन संरक्षण के लिए आवश्यक आधारभूत संरचना उपलब्ध है। इन स्थलों का पंजीयन छत्तीसगढ़ राज्य गौसेवा आयोग के माध्यम से किया जाएगा। गौधामों का संचालन पंजीकृत गौशाला समितियों, स्वयंसेवी संस्थाओं, एनजीओ, ट्रस्ट, फार्मर प्रोड्यूसर कंपनियों और सहकारी समितियों द्वारा किया जाएगा। राज्य सरकार द्वारा गौधामों के संचालन के लिए विभिन्न मदों में वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी। इसके तहत गौवंश के पोषण आहार के लिए पहले वर्ष 10 रुपये प्रतिदिन प्रति पशु, दूसरे वर्ष 20 रुपये, तीसरे वर्ष 30 रुपये और चौथे वर्ष से 35 रुपये प्रतिदिन की सहायता दी जाएगी। इसके अतिरिक्त अधोसंरचना निर्माण एवं मरम्मत के लिए प्रति वर्ष 5 लाख रुपये का प्रावधान रखा गया है। साथ ही चरवाहों को 10,916 रुपये तथा गौसेवकों को 13,126 रुपये प्रति माह मानदेय प्रदान किया जाएगा। गौधामों में चारा विकास को बढ़ावा देने के लिए प्रति एकड़ 47 हजार रुपये प्रतिवर्ष की सहायता प्रदान की जाएगी। अधिकतम 5 एकड़ भूमि तक 2.35 लाख रुपये वार्षिक सहायता का प्रावधान किया गया है। प्रत्येक गौधाम में लगभग 200 गौवंश को रखने की व्यवस्था निर्धारित की गई है। इस योजना से सड़कों और गांवों में घूमने वाले निराश्रित पशुओं की समस्या में कमी आएगी तथा गौवंश संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा।

एण्डटीवी के शो ‘घरवाली पेड़वाली’ में ग्लैमरस देसी लुक्स से दर्शकों को आकर्षित कर रही हैं प्रियंवदा कांत

मुंबई,  एण्डटीवी के सुपरनैचुरल हॉरर-कॉमेडी शो ‘घरवाली पेड़वाली’ में लतिका की भूमिका निभा रहीं अभिनेत्री प्रियंवदा कांत इन दिनों अपने आकर्षक देसी अंदाज़ से दर्शकों का खूब ध्यान खींच रही हैं। शो की मौजूदा कहानी जैसे-जैसे और रोमांचक होती जा रही है, वैसे-वैसे लतिका अलग-अलग ग्लैमरस पारंपरिक लुक्स में नजर आ रही हैं, जो उनके किरदार की रहस्यमयी और शालीन छवि को खूबसूरती से उभारते हैं। अपने ऑन-स्क्रीन स्टाइल के बारे में बात करते हुए, प्रियंवदा कांत ने कहा, “मौजूदा ट्रैक में मेरा किरदार कई खूबसूरत देसी परिधानों में नजर आ रहा है, खासकर रंग-बिरंगे घाघरा-चोली में, जो लतिका के ग्लैमरस अंदाज़ को और निखारते हैं। हर कॉस्ट्यूम बहुत सोच-समझकर तैयार किया गया है, जिनमें गहरे रंग, बारीक कढ़ाई और लहराते हुए सिल्हूट हैं, जो स्क्रीन पर बेहद शानदार दिखते हैं और दृश्यों में अलग तरह का विजुअल ड्रामा जोड़ते हैं। घाघरे अक्सर लेयर्ड और घेरदार होते हैं, जिससे जब मैं चलती या किसी सीन में मूव करती हूँ, तो उनका प्रभाव और भी आकर्षक लगता है।” प्रियंवदा कांत ने कहा, “शो की शुरुआत से ही लतिका ज्यादातर एक ही लाल दुल्हन वाले परिधान में नजर आती थी, जो एक भूतनी दुल्हन के रूप में उसके किरदार की पहचान बन गया था। वह लुक अपने आप में बहुत खास है, लेकिन लंबे समय तक वही लाल ड्रेस पहनने के बाद अब अलग-अलग कॉस्ट्यूम्स के साथ प्रयोग करना ताज़गी भरा और रोमांचक लग रहा है। चूँकि, लतिका एक भूत है, लेकिन साथ ही बहुत अभिव्यक्तिपूर्ण और स्टाइलिश किरदार भी है, इसलिए उसके कॉस्ट्यूम्स उसके व्यक्तित्व में खूबसूरती, शालीनता और रहस्य का अनोखा मेल बनाते हैं। यही वजह है कि वह स्क्रीन पर आकर्षक होने के साथ-साथ थोड़ी अलौकिक भी नजर आती है।” प्रियंवदा कांत ने अपने लुक के अन्य पहलुओं के बारे में बताते हुए कहा, “ज्वेलरी भी इस पूरे लुक का अहम् हिस्सा है। मैं झुमके, लेयर्ड नेकलेस, चूड़ियाँ और कभी-कभी माँग टीका जैसे पारंपरिक आभूषण पहनती हूँ, जो पूरे लुक को पूरा करते हैं। हमारी स्टाइलिंग टीम ने हर लुक को भव्य और आकर्षक बनाने में शानदार काम किया है, साथ ही यह भी सुनिश्चित किया है कि वह शो की सुपरनैचुरल थीम के अनुरूप ही लगे। मेकअप में आमतौर पर गहरे काजल वाली आँखें, सुस्पष्ट भौंहें और गहरे रंग की लिपस्टिक शामिल होती है, जो लतिका को थोड़ा रहस्यमयी लेकिन बेहद खूबसूरत रूप देती है। इसके अलावा किरदार के लिए मैं लंबा विग भी पहनती हूँ, जो कई दृश्यों में लुक में और नाटकीयता जोड़ देता है।” शो ‘घरवाली पेड़वाली’ में हर सोमवार से शुक्रवार रात 9:00 बजे और 10:00 बजे, सिर्फ एण्डटीवी पर। सभी एपिसोड्स कभी-भी हिंदी ज़ी5 पर स्ट्रीम किए जा सकते हैं।  

15 मार्च को विश्व उपभोक्ता दिवस पर राज्य स्तरीय कार्यक्रम में किया जायेगा पुरस्कृत

भोपाल राज्य स्तरीय पुरस्कार चयन समिति की बैठक में उपभोक्ता संरक्षण के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले संस्थानों तथा विद्यार्थियों का चयन राज्य स्तरीय उपभोक्ता संरक्षण पुरस्कारों के लिए किया गया है। वर्ष 2025 के लिए यह चयन उपभोक्ता संरक्षण और जनजागरूकता के क्षेत्र में किए गए उल्लेखनीय प्रयासों के आधार पर किया गया है। संस्थागत श्रेणी में अखिल भारतीय उपभोक्ता उत्थान संगठन, कटनी को प्रथम पुरस्कार के लिए चयनित किया गया है। संस्था को 1,11,000 रुपए की पुरस्कार राशि और प्रशस्ति पत्र प्रदान किया जाएगा। इसी श्रेणी में म.प्र. प्राकृतिक चिकित्सालय तथा महाविद्यालय समिति, ग्वालियर को द्वितीय पुरस्कार के लिए चयनित किया गया है। संस्था को 51,000 रुपए की पुरस्कार राशि और प्रशस्ति पत्र प्रदान किया जाएगा। उपभोक्ता जागरूकता को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से आयोजित राज्य स्तरीय पोस्टर प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने रचनात्मक अभिव्यक्ति के माध्यम से प्रभावी संदेश प्रस्तुत किए। शासकीय उत्कृष्ट उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, माधवनगर, जिला उज्जैन की कक्षा 11वीं की छात्रा अश्विता पोरवाल को प्रथम पुरस्कार के लिए चयनित किया गया है। उन्हें 6000 रुपए की पुरस्कार राशि और प्रशस्ति पत्र प्रदान किया जाएगा। शासकीय प्राथमिक विद्यालय, 19 नया बसेरा, जिला इंदौर की कक्षा 4वीं की छात्रा रानी चौधरी को द्वितीय पुरस्कार के लिए चयनित किया गया है। उन्हें 4000 रुपए की पुरस्कार राशि और प्रशस्ति पत्र प्रदान किया जाएगा। शासकीय पीएमश्री एमएलबी कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, जिला छतरपुर की कक्षा 9वीं की छात्रा खुशबु रेवकर को तृतीय पुरस्कार के लिए चयनित किया गया है। उन्हें 2000 रुपए की पुरस्कार राशि और प्रशस्ति पत्र प्रदान किया जाएगा। इसी क्रम में चित्र प्रतियोगिता में भी विद्यार्थियों की रचनात्मक प्रतिभा को सराहा गया। शासकीय पीएमश्री एमएलबी कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, जिला छतरपुर की कक्षा 10वीं की छात्रा शुभी सेन को प्रथम पुरस्कार के लिए चयनित किया गया है। उन्हें 6000 रुपए की पुरस्कार राशि और प्रशस्ति पत्र प्रदान किया जाएगा। शासकीय पीएमश्री एमएलबी कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, जिला छतरपुर की कक्षा 9वीं की छात्रा तपस्या कुशवाहा को द्वितीय पुरस्कार के लिए चयनित किया गया है। उन्हें 4000 रुपए की पुरस्कार राशि और प्रशस्ति पत्र प्रदान किया जाएगा। शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, बदनावर, जिला धार की कक्षा 11वीं की छात्रा पलक सिसोदिया को तृतीय पुरस्कार के लिए चयनित किया गया है। उन्हें 2000 रुपए की पुरस्कार राशि और प्रशस्ति पत्र प्रदान किया जाएगा। चयनित संस्थाओं और विद्यार्थियों को विश्व उपभोक्ता अधिकार दिवस के अवसर पर 15 मार्च को आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में सम्मानित किया जाएगा। यह पुरस्कार उपभोक्ता संरक्षण के प्रति समाज में जागरूकता बढ़ाने और विद्यार्थियों को इस विषय से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। 

एयरक्राफ्ट मेंटेनेंस, रिपेयर और ओवरहॉल (एमआरओ) के लिए बनेगा अत्याधुनिक केंद्र

नोएडा उत्तर प्रदेश तेजी से देश के प्रमुख निवेश और इंफ्रास्ट्रक्चर हब के रूप में उभर रहा है। इसी क्रम में नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट और देश की तेजी से उभरती एयरलाइन आकासा एयर के बीच एक महत्वपूर्ण रणनीतिक साझेदारी हुई है। इसके तहत नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट परिसर में अकासा एयर की पहली मेंटेनेंस, रिपेयर एंड ओवरहॉल (एमआरओ) सुविधा स्थापित की जाएगी। यह अत्याधुनिक एमआरओ केंद्र विमान रखरखाव, मरम्मत और तकनीकी सेवाओं का व्यापक नेटवर्क तैयार करेगा। इससे भारत के एविएशन सेक्टर को नई मजबूती मिलेगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की निवेश-प्रोत्साहन नीतियों और बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर विकास के चलते उत्तर प्रदेश में वैश्विक कंपनियों का भरोसा लगातार बढ़ रहा है। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट में विकसित हो रही यह एमआरओ सुविधा प्रदेश को एविएशन, लॉजिस्टिक्स और हाईटेक इंडस्ट्री के नए केंद्र के रूप में स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। परिचालन लागत और समय में आएगी कमी नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट और आकासा एयर के बीच यह साझेदारी न केवल देश में विमान रखरखाव की क्षमता को बढ़ाएगी, बल्कि उत्तर प्रदेश को एविएशन मेंटेनेंस और तकनीकी सेवाओं का प्रमुख केंद्र बनाने की दिशा में भी बड़ा कदम साबित होगी। इस एमआरओ सुविधा के विकसित होने से विमान कंपनियों को देश के भीतर ही उच्च गुणवत्ता वाली मेंटेनेंस सेवाएं मिल सकेंगी, जिससे परिचालन लागत और समय में कमी आएगी। रोजगार और कौशल विकास को मिलेगा बढ़ावा इस अत्याधुनिक एमआरओ सुविधा के स्थापित होने से क्षेत्र में बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर सृजित होंगे और स्थानीय युवाओं को एविएशन टेक्नोलॉजी और एयरक्राफ्ट मेंटेनेंस से जुड़े कौशल प्रशिक्षण का अवसर मिलेगा। इसके साथ ही यह परियोजना क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को भी गति देगी और औद्योगिक विकास को बढ़ावा देगी। यूपी को एविएशन हब बनाने की दिशा में बड़ा कदम यह पहल भारत सरकार और उत्तर प्रदेश सरकार के उस विजन के अनुरूप है, जिसके तहत नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को देश के प्रमुख एमआरओ हब के रूप में विकसित किया जा रहा है। इससे भारत की विमानन सेवाओं में आत्मनिर्भरता बढ़ेगी और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा की क्षमता मजबूत होगी। विश्वस्तरीय एविएशन हब बनने की ओर अग्रसर नोएडा एयरपोर्ट नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के मुख्य कार्यकारी अधिकारी क्रिस्टोफ श्नेलमैन ने कहा कि अकासा एयर का अपना पहला एमआरओ केंद्र नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर स्थापित करने का निर्णय इस एयरपोर्ट को विश्वस्तरीय एविएशन हब बनाने के विजन की पुष्टि करता है। उन्होंने कहा कि यह साझेदारी भारत की एमआरओ क्षमताओं को मजबूत करेगी और क्षेत्र में रोजगार तथा कौशल विकास के नए अवसर पैदा करेगी।  अकासा एयर के संस्थापक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी विनय दुबे ने कहा कि भारत के तेजी से बढ़ते एविएशन बाजार को देखते हुए मजबूत घरेलू एमआरओ क्षमताओं का विकास अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के साथ यह साझेदारी अकासा एयर के दीर्घकालिक विकास की रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इससे भारत के विमानन क्षेत्र को अधिक आत्मनिर्भर बनाने में मदद मिलेगी।

सड़क दुर्घटना में घायल सात लोगों को समय पर पहुँचाया अस्पताल

भोपाल रतलाम जिले के थाना बड़ावदा क्षेत्र में हुई सड़क दुर्घटना में घायल हुए लोगों को डायल-112 जवानों की त्वरित कार्रवाई से समय पर अस्पताल पहुँचाकर उपचार उपलब्ध कराया गया। डायल-112 टीम की तत्परता से घायलों को शीघ्र उपचार मिल सका। 12 मार्च को राज्य स्तरीय पुलिस कंट्रोल रूम डायल-112  भोपाल को सूचना प्राप्त हुई कि थाना बड़ावदा क्षेत्र में बाबा फरीद दरगाह के पास तूफान गाड़ी और मिनी लोडिंग वाहन की आमने-सामने भिड़ंत हो गई है, जिससे कई लोग घायल हो गए हैं। सूचना प्राप्त होते ही तत्काल एफआरव्ही-13 को घटनास्थल के लिए रवाना किया गया। मौके पर पहुँचकर आरक्षक  अंतर सिंह एवं पायलट  अंकित परमार ने पाया कि तूफान गाड़ी और मिनी लोडिंग वाहन की भिड़ंत में सात व्यक्ति घायल हो गए थे। स्थिति को देखते हुए डायल-112 जवानों ने त्वरित कार्यवाही करते हुए सभी घायलों को एफआरव्ही वाहन की सहायता से सिविल अस्पताल जावरा पहुँचाकर भर्ती कराया, जहाँ उनका उपचार किया जा रहा है। डायल 112 हीरोज श्रृंखला के अंतर्गत यह घटना दर्शाती है कि मध्यप्रदेश पुलिस हर आपात स्थिति में आमजन की सहायता और जीवन रक्षा के लिए सदैव सजग और समर्पित है।  

दबाव और चुनौती ही असली मजा है: जसप्रीत बुमराह

नई दिल्ली टी-20 विश्वकप जीताने में अहम भूमिका निभाने वाले भारतीय तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह ने कहा है कि उन्हें हमेशा चुनौतीपूर्ण जिम्मेदारियां लेना पसंद रहा है और यही वजह है कि उन्होंने क्रिकेट को चुना। उन्होंने कहा कि टीम के लिए कुछ अलग करना उन्हें बहुत खुशी देता है और ‘इससे बेहतर कोई एहसास नहीं है।’ भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) की ओर से साझा किये गये एक वीडियों में बुमराह ने कहा, “मैं कभी पीछे नहीं छिपना चाहता, मैं चीजो के बीच रहना चाहता हूं। मैं हमेशा एक मुश्किल काम करना चाहता था। मैंने क्रिकेट उसी के लिए खेला, मैंने क्रिकेट उसी के लिए शुरू किया। जब मैं कुछ अलग कर पाता हूं, तो मुझे बहुत खुशी होती है, इससे बेहतर कोई एहसास नहीं हो सकता। मैंने अपना क्रिकेट यहीं (अहमदाबाद) शुरू किया, मैंने अपना सारा क्रिकेट यहीं खेला। यहां गुजरात के लिए खेलकर रैंक में ऊपर आया। अब यहां विश्वकप खेल रहा हूं और मैन ऑफ द मैच बन रहा हूं। पिछली बार हम बस पीछे रह गए थे, इस बार हम उससे आगे निकल गए, बहुत खुश हूं।” उन्होंने कहा, “मेरा बेटा आया, वह पिछली बार भी वहां था। इस बार, वह वहां हैं, मेरी मां आई, बहुत खास था। मुझे पूरे सर्कल के बारे में नहीं पता, लेकिन सच में बहुत खुश हूं। लगातार विश्व कप जीतना कभी नहीं हुआ। सच में ईश्वर का शुक्रगुजार हूं। भगवान सच में दयालु हैं।” उल्लेखनीय है कि बुमराह आईसीसी पुरुष टी-20 विश्व कप के फाइनल में भारतीय टीम के लिए सबसे अधिक विकेट लेने वाले गेंदबाज थे, उन्होंने अपने चार ओवर के स्पेल में चार विकेट लेकर भारत को अपना खिताब बचाने और लगातार दूसरा खिताब जीतने में मदद की।  

नई शिक्षा व्यवस्था से विद्यार्थियों में बढ़ेगा कौशल और ज्ञान का दायरा : एसीएस राजन

भोपाल शासकीय महारानी लक्ष्मीबाई कन्या स्नातकोत्तर (स्वशासी) महाविद्यालय, भोपाल द्वारा “विकसित भारत @ 2047: संस्कृति, ज्ञान तथा सततता पर अन्तर्विषयी दृष्टिकोण” विषय पर आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी एवं प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। जिसका शुक्रवार को अपर मुख्य सचिव उच्च शिक्षा  अनुपम राजन ने शुभारंभ किया। साथ ही महाविद्यालय द्वारा राष्ट्रीय संगोष्ठी को लेकर तैयार की गई स्मारिका एवं मोनोग्राफ का लोकार्पण भी किया। अपर मुख्य सचिव उच्च शिक्षा  राजन ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के परिप्रेक्ष्य में शिक्षा व्यवस्था में बहुविषयक अध्ययन पद्धति को प्रोत्साहित किया जा रहा है। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों को बहु-विषयक ज्ञान प्रदान करना है। एसीएस  राजन ने उच्च शिक्षा के क्षेत्र में समग्र विकास की अवधारणा पर जोर देते हुए कहा कि केवल आर्थिक विकास ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि समाज के संतुलित और समग्र विकास के लिए मानव मूल्यों, संस्कृति, विरासत और पर्यावरण के संरक्षण पर भी समान रूप से ध्यान देना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि विज्ञान का अध्ययन महत्वपूर्ण है, लेकिन इसके साथ-साथ कला और सामाजिक विषयों से भी जुड़ाव उतना ही आवश्यक है, जिससे विद्यार्थियों का सर्वांगीण विकास हो सके। शोध-पत्र प्रस्तुत किये जायेंगे संगोष्ठी के दौरान विभिन्न विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों से आए प्राध्यापक, शोधार्थी और छात्र-छात्राएं अपने शोधपत्र प्रस्तुत करेंगे। साथ ही विकसित भारत 2047 की संकल्पना के संदर्भ में संस्कृति, ज्ञान परंपरा और सतत विकास से जुड़े विभिन्न विषयों पर विचार-विमर्श भी किया जा रहा है।  राजन ने प्रदर्शनी का किया अवलोकन अपर मुख्य सचिव  राजन ने दो दिसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी में महाविद्यालय परिसर में विभिन्न संकायों द्वारा लगाई गए एक विशेष अन्तर्विषयी प्रदर्शनी का अवलोकन किया। इस दौरान उन्होंने छात्राओं से संवाद कर प्रदर्शनी के बारे में जानकारी भी प्राप्त की। इसके साथ ही प्राचीन सिक्कों का संग्रह, सम्राट विक्रमादित्य के सिक्के, उज्जैन के महाकाल मंदिर से संबंधित सिक्के तथा अन्य कालखंडों के दुर्लभ सिक्कों का प्रदर्शन भी किया गया। इसके अतिरिक्त पद्म डॉ. नारायण व्यास द्वारा संग्रहित प्राचीन औजार, पंचांग, डाक टिकट तथा अन्य पुरावस्तुओं का भी प्रदर्शन किया गया। महाविद्यालय द्वारा स्वराज संस्थान, भोपाल के सहयोग से “वंदे मातरम्” की ऐतिहासिक यात्रा पर आधारित विशेष प्रदर्शनी भी आयोजित की गई, जिसमें राष्ट्रगीत वंदे मातरम् की उत्पत्ति, स्वतंत्रता संग्राम में उसकी प्रेरक भूमिका तथा भारतीय राष्ट्रीय चेतना में उसके महत्व को भी प्रदर्शित किया गया। संगोष्ठी में आयुक्त, मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग  मनोज वास्तव, आयुक्त, उच्च शिक्षा  प्रबल सिपाहा, सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी, नई दिल्ली  आर.आर. रश्मि, पद्म डॉ. नारायण व्यास, साहित्यकार  उदयन वाजपेई, भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) के डॉ. मनोज कुमार कुर्मी, जनजातीय संग्रहालय, भोपाल के निदेशक डॉ. धर्मेंद्र पारे तथा दत्तोपंत ठेंगड़ी शोध संस्थान के निदेशक डॉ. मुकेश मिश्रा सहित बड़ी संख्या में विद्वान एवं महाविद्यालय की छात्राएं उपस्थित रहीं।  

कोकराझार से पीएम मोदी का बड़ा ऐलान: 4,570 करोड़ की योजनाएं, ‘असम माला 3.0’ लॉन्च, तीन नई ट्रेनों को हरी झंडी

गुवाहाटी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राजधानी गुवाहाटी से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए असम के कोकराझार में 4,570 करोड़ रुपए से अधिक की परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण किया। उन्होंने तीन नई रेल सेवाओं को भी हरी झंडी दिखाई। पीएम मोदी ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा, “मौसम खराब होने की वजह से मैं कोकराझार नहीं आ पा रहा हूं। मैं आप सभी का क्षमाप्रार्थी हूं। यहां गुवाहाटी से ही आपसे संवाद संभव हुआ है। मैं दिल्ली से निकला था आपके पास आने के लिए, लेकिन मुझे गुवाहाटी में ही उतरना पड़ा और अब मैं यहां से आपके दर्शन भी कर रहा हूं और आपसे बात भी कर रहा हूं।” उन्होंने कहा कि भाजपा-एनडीए की डबल इंजन सरकार असम की विरासत के संरक्षण और असम के तेज विकास के लिए निरंतर काम कर रही है। आज यहां इस कार्यक्रम में ही इस क्षेत्र के विकास के लिए 4,500 करोड़ रुपए से अधिक के प्रोजेक्ट्स का शिलान्यास और लोकार्पण हुआ है। इसमें से 1,100 करोड़ रुपए से ज्यादा की राशि बोडोलैंड की सड़कों के लिए खर्च होने जा रही है। ‘असम माला अभियान’ के तीसरे चरण से असम की रोड़ कनेक्टिविटी और अधिक सशक्त होगी। इससे पहले, पीएम मोदी ने 3,200 करोड़ रुपए से अधिक की लागत वाली एक प्रमुख सड़क इन्‍फ्रास्‍ट्रक्‍चर परियोजना ‘असम माला 3.0’ की शुरुआत की। इस योजना के तहत, अंतर-राज्यीय संपर्क को बेहतर बनाने और राष्ट्रीय राजमार्गों व ग्रामीण सड़कों के बीच समन्वय को मजबूत करने के लिए असम भर में 900 किलोमीटर से अधिक सड़कों का निर्माण किया जाएगा। उन्होंने बोडोलैंड प्रादेशिक परिषद (बीटीसी) क्षेत्र में लगभग 1,100 करोड़ रुपए के निवेश से निर्मित छह सड़क इन्‍फ्रास्‍ट्रक्‍चर परियोजनाओं का शिलान्यास किया, जिनमें चार फ्लाईओवर और दो पुल शामिल हैं। इन परियोजनाओं से कोकराझार जिले में यातायात जाम कम करने और संपर्क, पर्यटन, कृषि, स्वास्थ्य सेवा और ग्रामीण आवागमन में सुधार लाने में मदद मिलेगी। इसके अलावा, पीएम मोदी ने कोकराझार जिले के बाशबारी में आवधिक मरम्मत (पीओएच) कार्यशाला की आधारशिला रखी। पीएम मोदी ने असम और उत्तर-पूर्वी क्षेत्र में संपर्क सुधारने के उद्देश्य से शुरू की गई तीन नई रेल सेवाओं को भी हरी झंडी दिखाई। इनमें कामाख्या-चारलापल्ली अमृत भारत एक्सप्रेस शामिल है, जो उत्तर-पूर्व और दक्षिण भारत के बीच सीधी रेल कनेक्टिविटी प्रदान करेगी। गुवाहाटी-न्यू जलपाईगुड़ी एक्सप्रेस, असम और पश्चिम बंगाल के बीच संपर्क को बेहतर बनाएगी। वहीं नारंगी-अगरतला एक्सप्रेस असम और त्रिपुरा के बीच संपर्क को सुधारते हुए यात्रियों, व्यापारियों और पर्यटकों के लिए अंतर-राज्यीय यात्रा को सुगम बनाएगी।

आर्थिक सशक्तिकरण को मिलेगी नई रफ्तार, सहकारिता मॉडल पर जोर: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

रायपुर  मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने आज राजधानी रायपुर के कटोरा तालाब में टीजेएसबी सहकारी बैंक की रायपुर शाखा का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि रायपुर में टीजेएसबी सहकारी बैंक की नई शाखा खुलने से प्रदेश की सहकारी गतिविधियों को गति मिलेगी। उन्होंने कहा कि सहकारिता की भावना हमें सिखाती है कि हम मिलजुलकर आगे बढ़ें और एक-दूसरे को मजबूत बनाएं। मुख्यमंत्री  साय ने टीजेएसबी सहकारी बैंक की रायपुर शाखा में 24 घंटे संचालित एटीएम का भी शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने डॉ. केशव राव बलिराम हेडगेवार के छायाचित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें नमन किया। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि सहकारी बैंक हमेशा आम आदमी के सबसे भरोसेमंद साथी रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस नई शाखा के खुलने से जरूरतमंदों को बेहतर बैंकिंग सुविधाएँ मिलेंगी। छोटे दुकानदारों, स्वरोजगार करने वालों और अपना काम शुरू करने वाले युवाओं को इससे बड़ी सहायता मिलेगी। इससे स्थानीय व्यापार और आर्थिक गतिविधियों को भी गति मिलेगी। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में “सहकार से समृद्धि” का जो विजन देश में शुरू हुआ है, उसे छत्तीसगढ़ में भी तेजी से लागू किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार भी सहकारिता के इस मजबूत मॉडल को आगे बढ़ाने के लिए लगातार कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि टीजेएसबी बैंक ने एक छोटे से प्रयास के रूप में अपनी यात्रा शुरू की थी और आज इसका विस्तार कई राज्यों में हो चुका है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि टीजेएसबी बैंक की रायपुर शाखा भी सहकारिता की इसी भावना को आगे बढ़ाएगी और लोगों के जीवन में आर्थिक समृद्धि का नया रास्ता खोलेगी। इस अवसर पर टीजेएसबी बैंक के अध्यक्ष  शरद गांगल, उपाध्यक्ष  वैभव सिंगवी, व्यवस्थापकीय संचालक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी  निखिल आरेकर सहित अन्य गणमान्यजन उपस्थित थे।

सिर्फ खान-पान नहीं, अधूरी नींद भी बढ़ा सकती है वजन—जानिए कैसे

आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में हम सबसे ज्यादा अपनी नींद के साथ समझौता करते हैं। देर रात तक ऑफिस का काम करना, अनियमित दिनचर्या या फिर मोबाइल और लैपटॉप पर समय बिताना हमारी आदत बन चुकी है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि नींद पूरी न होने का असर सिर्फ थकान या कमजोरी तक सीमित नहीं है? डॉक्टर के अनुसार, कम नींद लेना सीधे तौर पर आपके वजन को बढ़ा सकता है। आइए, आज 13 मार्च को मनाए जा रहे World Sleep Day के मौके पर इस आर्टिकल में समझते हैं कि आपकी नींद और बढ़ते वजन के बीच क्या कनेक्शन है। नींद और मेटाबॉलिज्म का गहरा नाता जब हम पर्याप्त नींद नहीं लेते हैं, तो हमारे शरीर का वह सिस्टम गड़बड़ा जाता है जो हमारी ऊर्जा, भूख और फैट को कंट्रोल करता है। मुख्य रूप से दो हार्मोन हमारी भूख को नियंत्रित करते हैं:     घ्रेलिन: यह शरीर में भूख बढ़ाने का काम करता है।     लेप्टिन: यह पेट भरने का संकेत देता है। जब हमारी नींद पूरी नहीं होती, तो शरीर में घ्रेलिन (भूख बढ़ाने वाले हार्मोन) का स्तर बढ़ जाता है और लेप्टिन का स्तर कम हो जाता है। इसका नतीजा यह होता है कि हमें बार-बार भूख लगती है और हम सामान्य से ज्यादा, खासकर हाई-कैलोरी वाला खाना खाने लगते हैं। कैलोरी बर्न करने की क्षमता होती है कम नींद की कमी हमारी एनर्जी को भी प्रभावित करती है। थकावट के कारण शरीर की फिजिकल एक्टिविटी कम हो जाती है, जिससे कैलोरी बर्न होने की प्रक्रिया यानी मेटाबॉलिज्म धीमा पड़ जाता है। लंबे समय तक कम नींद लेने से शरीर में ‘इंसुलिन रेजिस्टेंस’ भी बढ़ता है, जिससे शुगर का स्तर बिगड़ता है। धीरे-धीरे यही स्थिति मोटापे, टाइप-2 डायबिटीज और दिल से जुड़ी गंभीर बीमारियों का कारण बन जाती है। डॉक्टर ने बताए कमाल के हेल्थ सीक्रेट्स एशियन हॉस्पिटल के रेस्पिरेटरी, क्रिटिकल केयर एवं स्लीप मेडिसिन विभाग के डायरेक्टर और एचओडी डॉ. मानव मनचंदा बताते हैं कि नींद हमारे शरीर के मेटाबॉलिज्म को संतुलित रखने में एक बहुत बड़ा रोल निभाती है। जब व्यक्ति लगातार कम सोता है, तो हार्मोनल संतुलन बिगड़ने से शरीर में फैट जमा होने लगता है। इसलिए, मेटाबॉलिक बीमारियों से बचने और स्वस्थ जीवन जीने के लिए अच्छी गुणवत्ता वाली नींद लेना बेहद जरूरी है। अच्छी और गहरी नींद पाने के आसान तरीके अगर आप अपने वजन को कंट्रोल में रखना चाहते हैं और अच्छी नींद पाना चाहते हैं, तो इन आदतों को अपनाएं:     सोने का समय तय करें: रोजाना एक निश्चित समय पर सोने और उठने की आदत डालें।     गैजेट्स से दूरी: सोने से पहले मोबाइल, टीवी या लैपटॉप का इस्तेमाल न करें। इनकी स्क्रीन से निकलने वाली नीली रोशनी नींद लाने वाले ‘मेलाटोनिन’ हार्मोन को नुकसान पहुंचाती है।     कैफीन कम लें: शाम के समय चाय या कॉफी के सेवन से बचें।     हल्का भोजन और व्यायाम: रात का खाना हमेशा हल्का रखें और अपनी दिनचर्या में नियमित व्यायाम को शामिल करें।     डॉक्टर से मिलें: अगर आपको लगातार नींद न आने की समस्या हो रही है, तो बिना देर किए डॉक्टर से सलाह लें। अच्छी नींद का मतलब सिर्फ शरीर को आराम देना नहीं है, बल्कि यह आपको फिट रखने और मेटाबॉलिज्म को सही चलाने के लिए भी जरूरी है। इसलिए अगर आप सच में स्वस्थ रहना चाहते हैं, तो अपनी नींद को प्राथमिकता दें।  

छत्तीसगढ़ के शिमला मैनपाट में छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल बनाएगा सर्वसुविधायुक्त पर्यटन–आवासीय परिसर छत्तीसगढ़ के शिमला मैनपाट में

रायपुर छत्तीसगढ़ के ‘शिमला’ नाम से प्रसिद्ध मैनपाट में पर्यटन सुविधाओं और आवासीय विकास को नई गति देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। राज्य सरकार द्वारा मैनपाट में 4.80 हेक्टर (12 एकड़) भूमि अटल विहार योजना हेतु छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल को आवंटित की गई है। छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल के अध्यक्ष  अनुराग सिंह देव ने बताया कि इस भूमि पर आधुनिक एवं बहुउपयोगी पर्यटन–आवासीय परिसर का निर्माण शीघ्र प्रारंभ किया जाएगा। प्राकृतिक परिवेश के अनुरूप विकसित होने वाली यह परियोजना मैनपाट आने वाले पर्यटकों को बेहतर, सुरक्षित और किफायती ठहराव उपलब्ध कराएगी।  सिंह देव ने कहा कि यह निर्णय मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के मार्गदर्शन में, आवास एवं पर्यावरण मंत्री  ओ.पी. चौधरी और पर्यटन मंत्री  राजेश अग्रवाल के सक्रिय प्रयासों से संभव हुआ है। उन्होंने कहा कि मैनपाट में लगातार बढ़ते पर्यटक आगमन को देखते हुए इस तरह की सुविधाओं की आवश्यकता लंबे समय से महसूस की जा रही थी। प्रस्तावित परिसर में आधुनिक वेलनेस एवं मनोरंजन सुविधाएँ विकसित की जाएंगी।  सिंह देव ने बताया कि परियोजना में केरल मॉडल पर आधारित वेलनेस सेंटर, प्राकृतिक पंचकर्म चिकित्सा, हर्बल स्पा और आयुष सेवाएं प्रस्तावित हैं। साथ ही 24×7 क्लब हाउस, मिलेट्स कैफे, जिम, स्विमिंग पूल, किड्स प्ले एरिया, स्टीम बाथ और एंटरटेनमेंट ज़ोन विकसित किए जाएंगे। पर्यावरण अनुकूल विकास के तहत ट्री हाउस, कॉटेज और स्थानीय जीवन एवं संस्कृति का अनुभव कराने वाला सांस्कृतिक क्षेत्र भी शामिल होगा। उन्होंने कहा कि परियोजना से मैनपाट में पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा, स्थानीय रोजगार के अवसर सृजित होंगे और हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में नई संभावनाएं खुलेंगी। गुणवत्तापूर्ण आवासीय सुविधा उपलब्ध होने से पर्यटकों का ठहराव समय बढ़ेगा, जो क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को मजबूती देगा। आवास एवं पर्यावरण मंत्री  ओ.पी. चौधरी ने कहा कि मैनपाट छत्तीसगढ़ का विशिष्ट एवं उभरता हुआ पर्यटन गंतव्य है। तेजी से बढ़ रही पर्यटक संख्या को देखते हुए यहाँ आधुनिक सुविधाओं का विकास अत्यावश्यक है। हाउसिंग बोर्ड की यह पहल पर्यटन, आवास और स्थानीय अर्थव्यवस्था को नई दिशा देगी तथा मैनपाट को राष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर सशक्त रूप से स्थापित करेगी। पर्यटन मंत्री  राजेश अग्रवाल ने परियोजना को छत्तीसगढ़ के पर्यटन विस्तार के लिए मील का पत्थर बताया। उन्होंने कहा कि आधुनिक पर्यटन सुविधाओं के विकास से पर्यटकों को बेहतर अनुभव मिलेगा और राज्य का हॉस्पिटैलिटी सेक्टर मजबूत होगा। सीतापुर विधायक  रामकुमार टोप्पो ने इसे मैनपाट के समग्र विकास के लिए महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि यह परियोजना स्थानीय युवाओं को रोजगार एवं व्यापार के अवसर उपलब्ध कराएगी और क्षेत्र की पहचान को नई ऊँचाई देगी। अध्यक्ष  अनुराग सिंह देव ने कहा कि यह पहल छत्तीसगढ़ में पर्यटन–आवास विकास के क्षेत्र में गृह निर्माण मंडल की ऐतिहासिक भूमिका को मजबूत करेगी और भविष्य में मैनपाट को एक प्रमुख राष्ट्रीय पर्यटन गंतव्य के रूप में स्थापित करने का आधार बनेगी।

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