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UP SI परीक्षा गाइड: कल से शुरू, 7 महत्वपूर्ण नियम जानें—एंट्री, ड्रेस कोड और डॉक्यूमेंट्स

लखनऊ  यूपी पुलिस सब इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा कल 14 मार्च और 15 मार्च को राज्य भर के 75 जिलों में विभिन्न केंद्रों पर आयोजित होने जा रही है। उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड ने यूपी पुलिस सब इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा के एडमिट कार्ड के साथ एग्जाम गाइडलाइंस भी जारी कर दी है। आधा घंटा पहले गेट बंद कर दिए जाएंगे। उन्हें अपने एडमिट कार्ड के साथ एक फोटो आईडी भी लाना होगा। दोनों दिन परीक्षा सुबह 10:00 बजे से दोपहर 12:00 तक और दोपहर 3:00 बजे से शाम 5:00 तक होगी। इस भर्ती के जरिए यूपी पुलिस में 4543 सब इंस्पेक्टरों की नियुक्ति होगी। यूपी पुलिस में उपनिरीक्षक व समकक्ष 4543 पदों पर भर्ती के लिए 15 लाख 75 हजार 760 अभ्यर्थियों ने आवेदन किया है। इसमें 1166386 पुरुष और 409374 महिला अभ्यर्थी हैं। यूपी पुलिस सब इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा के 6 नियम 1. ड्रेस कोड – यूपी पुलिस भर्ती बोर्ड ने ड्रेस कोड को लेकर कोई विशेष गाइडलाइंस जारी नहीं की है। लेकिन यह जरूर कहा है कि परीक्षा में अभ्यर्थियों को चप्पल या फिर सैंडिल पहनकर परीक्षा केंद्र पर पहुंचाना होगा। ऐसा इसलिए किया गया है ताकि जूता-मोजा उतार कर जांच करने में वक्त जाया न हो। इसके अलावा अभ्यर्थियों को किसी भी तरह की घड़ी, जूलरी, काला चश्मा, टोपी पहनकर आने के लिए मना किया गया है। ऐसे में अभ्यर्थी पहले अंगूठी, ब्रेसलेट, बाली, लॉन्ग जैसी जूलरी आइटम उतारकर परीक्षा केंद्र पहुंचें। 2. यूपी पुलिस भर्ती बोर्ड द्वारा जारी एडमिट कार्ड के साथ परीक्षा दिवस पर परीक्षा शुरू होने से 2 घंटे पहुंचें। 3. क्या क्या डॉक्यू्मेंट लाएं, कौन सा पैन लाएं अभ्यर्थी अपने एडमिट कार्ड के साथ आधार कार्ड / पहचान पत्र (डीएल, पासपोर्ट) जरूर लाएं। अपने साथ काला या नीला बाल प्वाइंट पेन साथ लाएं। 4. 30 मिनट पहले बंद हो जाएंगे गेट परीक्षा प्रारंभ होने से 30 मिनट पूर्व प्रवेश द्वार बंद कर दिया जाएगा तथा इसके बाद किसी अभ्यर्थी को प्रवेश नहीं दिया जाएगा। यानी सुबह की शिफ्ट में 9.30 बजे और दोपहर की शिफ्ट में 2.30 बजे गेट बंद कर दिए जाएंगे। 5 . इन्हें ढाई घंटा पहले आना होगा जिन अभ्यर्थियों द्वारा अपने आवेदन पत्र को आधार नंबर के द्वारा पंजीकृत नहीं किया गया है, अथवा आवेदन के चरण में आधार नम्बर मिसमैच पाये गये हैं उनसे अपेक्षा है कि वह अनिवार्यतः परीक्षा प्रारंभ होने से 02.30 घंटा पूर्व परीक्षा केन्द्र पर रिपोर्ट करें, जिससे निर्धारित समयावधि में उनका सत्यापन किया जा सके। अभ्यर्थी अपना अपडेटेड एवं अनलॉक्ड आधार कार्ड के साथ लिखित परीक्षा के लिए उपस्थित होगें। 6. ये चीजें लाना बैन परीक्षा केन्द्रों पर पाठ्य सामग्री (मुद्रित या लिखित), कागज के टुकड़े, ज्यामितीय-पेंसिल बाक्स, प्लास्टिक पाउच, किसी भी प्रकार का कैल्कुलेटर, क्रेडिट / डेबिट कार्ड, स्केल,कॉपी, पेन ड्राइव, इरेजर, लॉग टेबुल / इलेक्ट्रानिक पेन /स्कैनर, डिजिटल पेन, इलेक्ट्रानिक गैजेट जैसे-मोबाइल फोन, चाभी, कैमरा, किसी प्रकार की घड़ी, ज्वैलरी, स्मार्ट वाच, ब्लूटूथ डिवाइस, इयरफोन, माइक्रो फोन, पेजर, हेल्थ बैण्ड, बटुआ / पर्स, काला चश्मा, हैण्डबैग, टोपी, खुला या पैक किया हुआ खाने का सामान, सिगरेट,लाइटर, माचिस, गुटखा लाना पूर्ण रूप से वर्जित है। परीक्षा अवधि में अभ्यर्थी के पास उपरोक्त वर्जित सामग्री पाए जाने पर उपयुक्त वैधानिक कार्यवाही की जाएगी। 7. प्रश्न पत्र से जुड़ी सामग्री शेयर न करें, चर्चा न करें बोर्ड ने परीक्षा की सुचिता बनाए रखने के लिए कड़ी चेतावनी भी दी है। कहा है कि कोई भी व्यक्ति परीक्षा सामग्री या उससे जुड़ी किसी भी जानकारी को किसी भी माध्यम से साझा करते, परीक्षा केंद्र से ओएमआर शीट ले जाते अथवा परीक्षा से जुड़ी सामग्री अनाधिकृत रूप से रखे पाया गया तो उसे गंभीरता से लिया जाएगा। सोशल मीडिया पर चर्चा व बहस करने वालों को जेल भी भेजा जाएगा। भर्ती बोर्ड ने प्रश्न पत्रों या प्रश्नों पर चर्चा करने वालों को उत्तर प्रदेश सार्वजनिक परीक्षा अधिनियम-2024 के तहत कार्यवाई की चेतावनी दी है।

BJP का नया चुनावी प्लान, बंगाल में 140 कैंडिडेट्स और पिछली गलतियों का सबक

कलकत्ता पश्चिम बंगाल लोकसभा चुनाव के लिए भाजपा ने तैयारियां तेज कर दी हैं। गुरुवार को दिल्ली में भाजपा की केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक हुई। खबर है कि इस मीटिंग में बंगाल चुनाव के लिए करीब 140 उम्मीदवारों के नाम तय कर लिए गए हैं। संभावना है कि अप्रैल के आखिर में ही बंगाल में चुनाव कराए जा सकते हैं। भाजपा के नए अध्यक्ष नितिन नवीन के पदभार संभालने के बाद चुनाव समिति की यह पहली बैठक थी। यह बैठक पीएम नरेंद्र मोदी के आधिकारिक आवास 7 लोक कल्याण मार्ग पर ही थी। आमतौर पर भाजपा मुख्यालय में ही ऐसी बैठकें होती थीं, लेकिन इस बार पीएम मोदी के आवास पर यह बैठक हुई। राज्य में 294 विधानसभा सीटें हैं और भाजपा लगभग आधी सीटों पर सहमति बना चुकी है। माना जा रहा है कि इस संबंध में जल्दी ही ऐलान हो सकता है। भाजपा का फोकस है कि पहली लिस्ट जारी करने में बढ़त हासिल कर ली जाए। इसके अलावा कई पूर्व सांसदों को विधानसभा में उतारने का भी प्लान है। पहली लिस्ट में जिन लोगों के नाम आ सकते हैं, उनमें पूर्व प्रदेश अध्यक्ष दिलीप घोष और पूर्व केंद्रीय मंत्री निसिथ प्रमाणिक और शुभेंदु अधिकारी शामिल हैं। हालांकि एक बदलाव पिछली बार के मुकाबले यह है कि मौजूदा सांसदों को नहीं उतारा जाएगा। 2021 के चुनाव में भाजपा 77 सीटों पर जीत हासिल करके मुख्य विपक्षी दल बन गई थी। हालांकि कई विधायकों के पार्टी छोड़ने के चलते फिलहाल राज्य में उसके पास 65 की ही संख्या है। पार्टी सूत्रों का कहना है कि ज्यादातर विधायकों को फिर से टिकट मिल सकता है। एक रणनीति यह भी बदली है कि इस बार सिलेब्रिटी या फिर टीएमसी छोड़कर आने वाले लोगों को मौके नहीं दिए जाएंगे। ऐसा इसलिए क्योंकि दलबदलुओं के फिर से दूसरे खेमे में जाने की संभावना अधिक रहती है। इसके अलावा सिलेब्रिटी स्टेटस रखने वाले लोग भी कुछ समय बाद राजनीतिक सक्रियता कम कर देते हैं। ऐसी स्थिति में पार्टी के पुराने नेताओं और वफादारों को ही मौका दिया जाएगा। ऐसा इसलिए ताकि कैडर उत्साहित रहे और जनता के बीच यह छवि भी बने कि भाजपा में आम कार्यकर्ताओं का सम्मान किया जाता है। क्यों भाजपा ने इस बार बदल दी 2021 वाली रणनीति 2021 के चुनाव में भाजपा के टिकट पर उतरे कई नेताओं ने बाद में पाला बदल लिया था। ऐसे में भाजपा ने शायद सबक सीखा है। तब भाजपा ने टीएमसी से आए कई नेताओं और फिल्मी कलाकारों को खूब मौके दिए थे। उम्मीदवारों के चयन में जिताऊ फैक्टर को ध्यान में रखा गया है। इसके अलावा संगठन क्षमता, जाति समीकरण और संगठन के लिए प्रतिबद्धता जैसे फैक्टरों पर भी ध्यान दिया जा रहा है। गौरतलब है कि भाजपा ने राज्य में चुनाव प्रचार भी शुरू कर दिया है। हाल ही में अमित शाह ने एक रैली में वादा किया था कि भाजपा के सत्ता में आते ही सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों को लागू कर दिया जाएगा।

आज से बदलेगा मौसम, दुर्ग-राजनांदगांव में पारा 39°C चढ़ा पारा

रायपुर. छत्तीसगढ़ में मार्च की शुरुआत के साथ ही गर्मी का असर तेजी से बढ़ता दिखाई दे रहा है। राज्य के कई जिलों में अधिकतम तापमान सामान्य से 3 से 4 डिग्री सेल्सियस तक ऊपर दर्ज किया गया है। मौसम विभाग के ताजा बुलेटिन के अनुसार दुर्ग और राजनांदगांव में अधिकतम तापमान 39 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जो प्रदेश में सबसे ज्यादा रहा। मौसम विभाग के मुताबिक अगले तीन दिनों तक तापमान में ज्यादा बदलाव की संभावना नहीं है। हालांकि इसके बाद प्रदेश में तापमान में 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट देखने को मिल सकती है।  रायपुर समेत कई शहरों में गर्मी का असर राजधानी रायपुर में भी गर्मी का असर साफ दिख रहा है। लालपुर में अधिकतम तापमान 38.6 डिग्री और माना एयरपोर्ट में 37.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं बिलासपुर में 37.3 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड हुआ। अंबिकापुर में न्यूनतम तापमान 16.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जो प्रदेश में सबसे कम रहा। मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में आसमान साफ रहने के साथ हल्की धुंध की स्थिति बनी रह सकती है।  आंधी और बिजली गिरने की चेतावनी मौसम विभाग ने 13 मार्च से मौसम में बदलाव की संभावना जताई है। विभाग के अनुसार बस्तर संभाग के कुछ इलाकों में गरज चमक के साथ हल्की बारिश हो सकती है। इस दौरान 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की भी संभावना है।  इसके अलावा 14 और 15 मार्च को भी प्रदेश के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश और आंधी की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग ने बिजली गिरने और तेज हवाओं को लेकर सतर्क रहने की सलाह दी है।  बिहार से छत्तीसगढ़ तक बना ट्रफ सिस्टम मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार बिहार से झारखंड होते हुए उत्तर छत्तीसगढ़ तक एक ट्रफ लाइन बनी हुई है। यह सिस्टम समुद्र तल से करीब 0.9 किलोमीटर की ऊंचाई पर सक्रिय है। इसी वजह से प्रदेश के मौसम में अगले कुछ दिनों में बदलाव देखने को मिल सकता है।  लोगों को सावधानी बरतने की सलाह मौसम विभाग ने लोगों को गर्मी से बचाव के लिए पर्याप्त पानी पीने और दोपहर के समय तेज धूप में बाहर निकलने से बचने की सलाह दी है। वहीं आंधी और बिजली गिरने की स्थिति में खुले स्थानों और पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचने को कहा गया है।

पद्म विभूषण तीजन बाई की अचानक बिगड़ी तबीयत, रायपुर एम्स के ICU में डॉक्टरों की निगरानी में

रायपुर. छत्तीसगढ़ की मशहूर पंडवानी गायिका तीजन बाई की तबीयत अचानक बिगड़ने के बाद उन्हें रायपुर स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में भर्ती कराया गया है। डॉक्टरों ने उन्हें अस्पताल के न्यूरो सर्जरी वार्ड के आईसीयू में रखा है, जहां उनकी हालत पर लगातार नजर रखी जा रही है। अस्पताल सूत्रों के अनुसार तीजन बाई का इलाज विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम की निगरानी में चल रहा है। फिलहाल उनकी स्थिति को लेकर डॉक्टर लगातार मेडिकल जांच कर रहे हैं। लंबे समय से स्वास्थ्य संबंधी समस्या जानकारी के मुताबिक 70 वर्षीय तीजन बाई पिछले कुछ समय से स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से जूझ रही हैं। वर्ष 2024 से वे लकवे की बीमारी से पीड़ित बताई जा रही हैं। इसी वजह से उनकी सेहत लगातार कमजोर होती जा रही थी। परिजनों के अनुसार पिछले करीब 20 दिनों से वे सामान्य भोजन नहीं कर पा रही थीं और केवल जूस तथा फलों के सहारे ही रह रही थीं। इससे उनकी शारीरिक स्थिति और कमजोर हो गई थी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी ली थी जानकारी बताया जा रहा है कि हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के छत्तीसगढ़ दौरे के दौरान भी तीजन बाई के स्वास्थ्य को लेकर चर्चा हुई थी। उस समय उनके परिजनों से उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली गई थी। तीजन बाई छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान मानी जाती हैं, इसलिए उनके स्वास्थ्य को लेकर प्रदेशभर में चिंता और प्रार्थना का माहौल है। पंडवानी कला को दुनिया तक पहुंचाने वाली कलाकार तीजन बाई छत्तीसगढ़ की लोककला पंडवानी की सबसे बड़ी और प्रसिद्ध कलाकारों में गिनी जाती हैं। उन्होंने पंडवानी की कपालिक शैली को देश और विदेश में पहचान दिलाई है। अपनी दमदार आवाज और अनोखी प्रस्तुति शैली के कारण उन्होंने महाभारत की कथाओं को मंच पर जीवंत करने की परंपरा को नई पहचान दी। उनकी कला के कारण पंडवानी को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी पहचान मिली है। 17 देशों में दे चुकी हैं प्रस्तुति तीजन बाई ने अपने लंबे कला जीवन में दुनिया के कई देशों में पंडवानी की प्रस्तुति दी है। जानकारी के अनुसार वे अब तक करीब 17 देशों में अपनी कला का प्रदर्शन कर चुकी हैं। उनके योगदान को देखते हुए भारत सरकार ने उन्हें पद्मश्री, पद्म भूषण और पद्म विभूषण जैसे देश के प्रतिष्ठित नागरिक सम्मानों से सम्मानित किया है। छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति को वैश्विक मंच तक पहुंचाने में उनका योगदान बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव का आश्वासन—प्रदेश में घरेलू गैस की निर्बाध आपूर्ति बनी रहेगी

प्रदेश में घरेलू गैस की कोई कमी नहीं-निर्बाध आपूर्ति रहेगी जारी: मुख्यमंत्री डॉ. यादव एलपीजी सहित अन्य ईंधन के परिवहन, भंडारण और वितरण पर फोकस मुख्य सचिव  जैन ने कलेक्टर्स के साथ की वी.सी. भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि वर्तमान में मिडिल ईस्ट-एशिया में युद्ध की स्थितियों के संदर्भ में प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी और मंत्रीगण सजग हैं। नागरिकों को चिंतित होने की आवश्यकता नहीं है, केंद्र और राज्य सरकार के स्तर पर कालाबाजारी रोकने के लिए पूरे प्रबंधन किए गए हैं। नागरिकों को रसोई गैस संबंधी परेशानी नहीं होगी। प्रदेश में घरेलू रसोई गैस सहित पीएनजी और सीएनजी की कोई कमी नहीं है और उपभोक्ताओं को निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है। पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक गतिविधियों के कारण से पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस के संबंध में वर्तमान स्थितियों में अभी तक अधिकांश कच्चे तेल की आपूर्ति स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से होती थी, जिसे परिवर्तित कर अन्य स्थानों से भी कच्चे तेल की आपूर्ति सुनिश्चित की गई है। साथ ही देश की रिफाइनरी उच्च क्षमता पर कार्य कर रही है। प्राकृतिक गैस की आपूर्ति के लिये वैकल्पिक आपूर्तिकर्ता के माध्यम से खरीदी प्रक्रिया जारी है। घरेलू पीएनजी और सीएनजी की आपूर्ति बिना कटौती के हो रही है। रिफाइनरी को एलपीजी उत्पादन अधिकतम करने के निर्देश दिए गए हैं, जिससे वर्तमान में एलपीजी उत्पादन में लगभग 25 प्रतिशत की वृद्धि भी हुई है। इसके अलावा एक विशेष उपलब्धि प्राप्त हुई है कि जिसमें स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरने वाले ऐसे जहाज एवं टेंकर जिनमें भारतीय फ्लेग लगे हैं उनको नहीं रोका जाएगा, यह एक राजनयिक विजय है, जिससे पेट्रोलियम सप्लाई में बाधा समाप्त होगी। गैस आपूर्ति प्रबंधन के लिये प्राकृतिक गैस नियंत्रण आदेश जारी किया गया है, जिससे देश में किसी भी प्रकार की घरेलू गैस की आपूर्ति में कमी न हो। उपरोक्त के अनुक्रम में प्रदेश में पेट्रोल, डीजल, एटीएस, क्रूड ऑयल और घरेलू गैस की किसी प्रकार की कमी की स्थिति नहीं है तथा निरंतर आपूर्ति जारी है। पेट्रोलियम पदार्थों की कीमत में किसी प्रकार की वृद्धि नहीं हुई है। इसी के दृष्टिगत मुख्यमंत्री डॉ. यादव के निर्देशानुसार वरिष्ठ मंत्रियों की समिति का गठन भी किया गया है। मुख्य सचिव  जैन ने जिला कलेक्टर्स को दिये निर्देश मुख्यमंत्री डॉ. यादव के निर्देश पर मुख्य सचिव  अनुराग जैन ने गुरूवार को वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से कमिश्नर-कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक के साथ पश्चिम-मध्य एशिया में युद्ध के कारण उत्पन्न हुई स्थिति के दृष्टिगत एलपीजी सहित अन्य ईंधन की उपलब्धता की समीक्षा की और आवश्यक निर्देश दिए। बैठक में डीजीपी  कैलाश मकवाना और एसीएस  शिवशेखर शुक्ला एवं मती रश्मि अरूण शमी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे। मुख्य सचिव  जैन ने कलेक्टर्स से कहा कि घरेलू गैस वितरण की ऑनलाइन व्यवस्था को और मजबूत करें तथा इससे जुड़ी कंपनियां भी सर्वर आदि की क्षमता बढाएं जिससे रिफिल बुकिंग ओटीपी जनरेशन और वितरण बिना असुविधा के सुनिश्चित किया जा सके। उन्होंने कहा कि सुनिश्चत करें कि गलत सूचनाओं का प्रसार और अफवाहों को सख्ती से रोंके और उपभोक्ताओं तक मीडिया आदि का उपयोग कर सही सूचना पहुचाएं। उन्होंने कहा कि नागरिकों के बीच सकारात्मक माहौल बनाए और सूचना तंत्र मजबूत कर अवैध जमाखोरी और कालाबाजारी की कोई भी घटना नही हो, यह सुनिश्चत करें। मुख्य सचिव  जैन ने कई कलेक्टर्स द्वारा होटल्स, रेस्टोरेंट, मैरिज गार्डन आदि के संचालकों से बात कर रसोई गैस की जगह इलेक्ट्रिक भट्टी और इंडेक्शन आदि का उपयोग बढ़ाने के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने सभी कलेक्टर्स से कहा कि वे भी वैकल्पिक और सुरक्षित ईंधन के उपयोग के प्रति नागरिकों और खानपान व्यवसाय में लगे लोगों बीच वैकल्पिक ईंधन के उपयोग के प्रति जागरूकता बढाएं। मुख्य सचिव  जैन ने विभिन्न शहरों में पीएनजी के कनेक्शन की जानकारी ली और कलेक्टर्स से कहा कि वे अधिकाधिक उपभोक्ताओं को पाइप लाइन गैस प्रणाली से जोड़ें। उन्होंने कलेक्टर्स से कहा कि सी एम हेल्पलाइन की शिकायतों का उसी दिन संतुष्टि पूर्वक समाधान सुनिश्चित किया जाए। डी.जी.पी.  मकवाना ने पुलिस अधिकारियों से कहा कि वे सोशल मीडिया सहित विभिन्न प्लेट फार्म पर गलत सूचनाओं और अफवाह फैलाने वालों पर कार्यवाही करें और संपूर्ण व्यवस्था में सुरक्षात्मक इंतजाम सुनिश्चित करें। अपर मुख्य सचिव खाद्य नागरिक आपूर्ति मती रश्मि अरूण शमी ने बताया कि प्रदेश में एलपीजी सहित पेट्रोल और डीजल की पर्याप्त उपलब्धता है। प्रदेश के सीएनजी स्टेशन एवं पीएनजी उपभोक्ताओं के उपयोग के लिए एलपीजी की पर्याप्त उपलब्धता है। प्रदेश मे पेट्रोलियम/ सीएनजी/पीएनजी गैस की आपूर्ति लगातार जारी है। घरेलू उपभोक्ताओं के लिए पर्याप्त मात्रा में एलपीजी की लगातार उपलब्धता है। शैक्षणिक एवं चिकित्सा संस्थानों को वाणिज्यिक सिलेंडर के उपयोग की छूट प्रदान की गई है। उन्होंने कलेक्टर्स से मीडिया के माध्यम से प्रचार-प्रसार करने के लिए भी कहा है। कांफ्रेंस में इंदौर, भोपाल, उज्जैन, जबलपुर, सागर, धार के कलेक्टर्स सहित ग्वालियर एवं रीवा के कमिश्नर ने किए जा रहे उपायों की जानकारी दी। एसीएस मती शमी ने अधिकारियों से कहा कि वाणिज्यिक उपयोगकर्ताओं को उपलब्ध स्टॉक का विवेकपूर्ण उपयोग करने एवं वैकल्पिक ईंधन स्रोतों को अपनाने की सलाह दें। जहां पीएनजी लाइन उपलब्ध है वहां पीएनजी के कनेक्शन लेने के लिए प्रेरित किया जाए। जिन कामो में गैस ज्यादा खर्च होती है उनको नियंत्रित करने एवं विकल्प तैयार करने के लिए प्रेरित किया जाए। जिला कलेक्टर, जिले के खाद्य नियंत्रक/अधिकारी, ऑयल कंपनी के नोडल अधिकारी तथा एलपीजी वितरकों से समन्वय कर एलपीजी की आवश्यकता तथा उपलब्धता की प्रतिदिन समीक्षा भी करें। वरिष्ठ अधिकारियों के साथ समीक्षा प्रदेश में घरेलू रसोई गैस की कोई कमीं नहीं है और उपभोक्ताओं से अपील की गई है कि वे अफवाहों पर ध्यान नहीं दें। राज्य शासन एलपीजी सहित अन्य ईंधन के परिवहन, भंडारण और वितरण पर पूरी तरह से सतर्क है। खाद्य और नागरिक आपूर्ति विभाग की अपर मुख्य सचिव को समन्वय अधिकारी बनाया गया है, वे प्रतिदिन सभी संबंधित विभागों के अधिकारियों से संवाद और समन्वय करेंगी। मुख्य सचिव  जैन ने कहा कि पर्याप्त उपलब्धता के बावजूद गलत सूचनाओं के कारण घरेलू गैस की कमी की अफवाह फैलने से रोका जाए। उन्होंने कहा कि रसोई गैस सहित अन्य ईंधन का सुरक्षित परिवहन, भंडारण और वितरण सुनिश्चित किया जाए। मुख्य सचिव ने कहा कि राज्य स्तर के साथ ही … Read more

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने पूर्व विधायक मती मंगली बाई रावटे के निधन पर जताया गहरा शोक

रायपुर मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने आज विधानसभा के बजट सत्र के दौरान अविभाजित मध्य प्रदेश विधानसभा की पूर्व सदस्य मती मंगली बाई रावटे के आकस्मिक निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया।        मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि स्वर्गीय मंगली बाई रावटे अत्यंत सरल, विनम्र और समाजसेवा के प्रति समर्पित व्यक्तित्व की धनी थीं। उन्होंने अपने जीवनकाल में समाज के लोगों के सुख-दुःख में सदैव सहभागिता निभाते हुए सेवा और सहयोग की भावना से कार्य किया।         मुख्यमंत्री ने कहा कि उनके व्यक्तित्व में मानवीय संवेदनाएँ, सामाजिक प्रतिबद्धता और सेवा का भाव स्पष्ट रूप से परिलक्षित होता था। उनके निधन से समाज ने एक प्रेरणादायी व्यक्तित्व को खो दिया है, जिसकी कमी सदैव महसूस की जाएगी। मुख्यमंत्री  साय ने सदन की ओर से दिवंगत आत्मा को विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए शोक संतप्त परिजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की। उन्होंने ईश्वर से प्रार्थना की कि दिवंगत आत्मा को अपने चरणों में स्थान प्रदान करें तथा परिजनों को इस अपार दुःख को सहन करने की शक्ति दें।

फर्जी मेडिकल वीजा का खुलासा, दिल्ली में रह रहे 10 बांग्लादेशी पकड़े गए

 नई दिल्ली दिल्ली पुलिस के बाहरी जिले की ‘फॉरेनर सेल’ ने अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों के खिलाफ एक बड़ा अभियान चलाया है. इस विशेष अभियान के तहत पुलिस ने 10 बांग्लादेशी नागरिकों को पकड़ा है, जो फर्जी मेडिकल वीजा के सहारे भारत में रह रहे थे और यहां से यूरोप जाने की योजना बना रहे थे। पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि कुछ विदेशी नागरिक अपने भारतीय वीजा की अवधि खत्म होने के बाद भी अवैध रूप से इलाके में छिपे हुए हैं. सूचना के आधार पर 6 मार्च, 2026 को फॉरेनर सेल की टीम ने पीरागढ़ी चौक के पास स्थित डीडीए पार्क की घेराबंदी की। पुलिस की मौजूदगी भांपते ही संदिग्धों ने भागने की कोशिश की, लेकिन मुस्तैद टीम ने उन्हें चारों ओर से घेरकर पकड़ लिया. तलाशी के दौरान इनमें से कोई भी व्यक्ति वैध पहचान पत्र या भारत में रहने के जरूरी दस्तावेज पेश नहीं कर सका। बुल्गारिया जाने का था इरादा पूछताछ में खुलासा हुआ कि ये सभी 10 बांग्लादेशी नागरिक भारत का इस्तेमाल एक ‘ट्रांजिट पॉइंट’ के रूप में कर रहे थे. इनका असल मकसद भारत में रहते हुए बुल्गारिया के लिए मेडिकल वीजा हासिल करना था. जांच में पता चला कि इनके पासपोर्ट और वीजा काफी समय पहले ही एक्सपायर हो चुके थे, जिसके बाद से ये दिल्ली में अवैध रूप से रह रहे थे। गिरफ्तार किए गए व्यक्तियों की पहचान पकड़े गए लोगों में फारुक (39), मोहम्मद सोजिब फकीर (29), शोहाग मिया (26), शहाबुद्दीन (36), मोहम्मद शराजुल इस्लाम शाहिदुल (37), गुलाम रब्बानी (29), सजीब मिया (26), मोहम्मद जहिरुल (33), मोहम्मद आलमगीर होसिन (30) और मोहम्मद अब्दुल कुद्दुस (38) शामिल हैं। देश निकाला की प्रक्रिया शुरू पुलिस ने कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद सभी 10 आरोपियों को हिरासत में ले लिया है. पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, इन सभी के खिलाफ FRRO के समन्वय से निर्वासन की कार्यवाही शुरू कर दी गई है. बाहरी जिला पुलिस का कहना है कि उनके अधिकार क्षेत्र में अवैध रूप से रह रहे विदेशियों की पहचान के लिए इस तरह के वेरिफिकेशन अभियान आगे भी जारी रहेंगे।

शेयर बाजार में कमजोरी, निफ्टी 11 महीने बाद 23,500 के नीचे पहुंचा

मुंबई शेयर बाजार में लगातार तीसरे दिन कमजोर शुरुआत हुई है. सुबह 9:15 बजे पर सेंसेक्स 530 अंक फिसलकर 75504 के लेवल पर खुला है. निफ्टी 159 अंक गिरकर 34,480 पर ओपन हुआ है.  आपको बता दें कि 17 अप्रैल 2025 के बाद निफ्टी 23,500 के नीचे गिरा है. आज निफ्टी आईटी 0.78%, निफ्टी बैंक, 0.86 फीसदी और निफ्टी ऑटो में 1 फीसदी से ज्यादा की गिरावट और निफ्टी मेटल और फाइनेंशियल में भी बिकवाली है. वहीं, एनर्जी और फार्मा सेक्टर में खरीदारी है।  निफ्टी लूजर्स में एम एंड एम, एचडीएफसी बैंक, एल एंड टी, अल्ट्राटेक सीमेंट, टाटा स्टील शामिल हैं. इनके शेयर्स 1 फीसदी से ज्यादा फिसले हैं. वहीं, निफ्टी टॉप गेनर्स में रिलायंस, इटरनल, पॉवर ग्रिड शामिल हैं. निफ्टी के 50 में से 45 शेयर्स में गिरावट देखी गई. साथ ही, निफ्टी बैंक के सारे शेयर्स में बिकवाली नजर आई है. आपको बता दें कि ईरान और इजराल के बीच चल रहे तनाव की वजह से कच्चे तेल की कीमतें 100 डॉलर के ऊपर रहने से रुपये पर दबाव बढ़ गया है. इसी कारण रुपया डॉलर के मुकाबले 16 पैसे गिरकर 92.35 पर पहुंच गया।  अमेरिकी बाजारों से कमजोरी के संकेत मनीकंट्रोल की रिपोर्ट के अनुसार, V. K. Vijayakumar के अनुसार पश्चिम एशिया के युद्ध को लेकर बढ़ती अनिश्चितता से वैश्विक बाजारों में कमजोरी बनी हुई है और बाजार फिलहाल अस्थिर स्थिति में हैं. अमेरिकी बाजारों से कमजोरी के संकेत मिल रहा है कि बाजार में तेजी आने में अभी समय लग सकता है. ब्रेंट क्रूड करीब 100 डॉलर के आसपास रहने से निवेशक सतर्क हैं और विदेशी निवेशकों (FII) की लगातार बिकवाली के कारण बड़े ब्लूचिप शेयरों पर भी दबाव बना हुआ है. हालांकि, फार्मा सेक्टर बाकि के मजबूत बना हुआ है क्योंकि इस पर बाहरी दबाव कम है. रुपये की कमजोरी निर्यात करने वाली फार्मा कंपनियों के लिए फायदेमंद होती है. उनका कहना है कि मौजूदा चुनौतीपूर्ण माहौल में निवेशकों को घबराने की बजाय शांत रहकर नियमित निवेश जारी रखना चाहिए।  शेयर बाजार का कुल मार्केट कैप 533 अरब डॉलर से ज्यादा घटा साल 2026 में अब तक भारत के शेयर बाजार का कुल मार्केट कैपिटलाइजेशन (MCAP) 533 अरब डॉलर से ज्यादा घट चुका है, जो 2011 के बाद सबसे बड़ी गिरावट है. 2011 में पूरे साल के दौरान करीब 625 अरब डॉलर की मार्केट वैल्यू कम हुई थी. दिलचस्प बात यह है कि भारत के बाजार में आई यह गिरावट कई देशों जैसे Mexico, Malaysia, South Africa, Norway, Finland, Vietnam और Poland के पूरे मार्केट वैल्यू से भी ज्यादा है. वहीं यह गिरावट Chile, Austria, Philippines, Qatar और Kuwait जैसे देशों के मार्केट वैल्यू से लगभग दोगुनी है।  अमेरिकी बाजारों का हाल डाउ जोन्स, S&P 500 और नैस्डैक कम्पोजिट गुरुवार को 1.5% से ज्यादा गिरकर बंद हुए, क्योंकि ईरान द्वारा दो तेल टैंकरों पर हमले के बाद कच्चे तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच गईं थी. इससे महंगाई को लेकर चिंता बढ़ गई और निवेशकों ने शेयर बाजार से दूरी बनानी शुरू कर दी. डाउ जोन्स 739.42 अंक (1.56%) गिरकर 46,677.85 पर बंद हुआ, जबकि S&P 500 में 103.22 अंक (1.52%) और नैस्डैक में 404.15 अंक (1.78%) की गिरावट दर्ज की गई. बड़ी बिकवाली के बीच एनर्जी और कुछ डिफेंस शेयरों को छोड़कर ज्यादातर सेक्टर्स में तेज गिरावट देखी गई। 

पाकिस्तानी स्पिनर को लेकर बवाल, काव्या मारन ट्रोल; सनराइजर्स लीड्स का X अकाउंट सस्पेंड

लंदन इंग्लैंड की फ्रेंचाइजी लीग द हंड्रेड (The Hundred) में प्लेयर्स ऑक्शन के बाद सनराइजर्स लीड्स अचानक विवादों में आ गई है. इस टीम ने 2026 सीजन के ऑक्शन में गुरुवार (12 मार्च) को पाकिस्तानी मिस्ट्री स्पिनर अबरार अहमद को 1.90 लाख पाउंड (लगभग 2.34 करोड़ रुपये) में खरीदा, जिसके बाद सोशल मीडिया पर भारी बहस छिड़ गई. यह फैसला इसलिए चर्चा में है क्योंकि किसी भारतीय ओनर्स वाली फ्रेंचाइजी ने पहली बार द हंड्रेड में पाकिस्तानी खिलाड़ी को अपनी टीम से जोड़ा है। अबरार अहमद की खरीद के बाद भारत में कई क्रिकेट फैन्स ने सोशल मीडिया पर नाराजगी जताई. यूजर्स ने सनराइजर्स फ्रेंचाइजी और उसकी सीईओ काव्या मारन को निशाने पर लेते हुए कहा कि पाकिस्तानी खिलाड़ी को साइन करना ‘राष्ट्रीय भावना’ के खिलाफ है. कुछ यूजर्स ने यह भी सवाल उठाया कि जब इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) में 2008 के बाद से पाकिस्तानी खिलाड़ी नहीं खेले, तो कोई भारतीय ओनर्स वाली टीम ऐसा कदम कैसे उठा सकती है. बता दें कि भारत-पाकिस्तान के बीच राजनीतिक तनाव के चलते पाकिस्तानी खिलाड़ी 2008 के बाद से आईपीएल में हिस्सा नहीं ले पाए हैं। लंदन में हुई नीलामी के दौरान काव्या मारन खुद ऑक्शन टेबल पर मौजूद थीं. उनके साथ टीम के हेड कोच डेनियल विटोरी भी थे. सनराइजर्स लीड्स ने ऑक्शन के दौरान ट्रेंट रॉकेट्स को पछाड़ते हुए अबरार अहमद को अपनी टीम में शामिल किया. अबरार को खरीदने के कुछ घंटों बाद सनराइजर्स लीड्स का आधिकारिक X अकाउंट भी सस्पेंड हो गया. हालांकि प्लेटफॉर्म की ओर से यह स्पष्ट नहीं किया गया कि अकाउंट को किस वजह से सस्पेंड किया गया। सनराइजर्स लीड्स का स्वामित्व भारतीय मीडिया कंपनी सन ग्रुप के पास है, जिसका नेतृत्व उद्योगपति कलानिधि मारन करते हैं. पिछले साल इस ग्रुप ने सनराइजर्स लीड्स में पूरी हिस्सेदारी हासिल की थी. इससे पहले यह टीम नॉर्दर्न सुपरचार्जर्स के नाम से जानी जाती थी। कोच विटोरी ने दी सफाई टीम के हेड कोच डेनियल विटोरी ने बताया कि उन्होंने ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ियों से अबरार अहमद के बारे में सलाह ली थी. उनकी गेंदबाजी और मिस्ट्री स्पिन को देखते हुए टीम ने उन्हें खरीदने का फैसला किया. विटोरी ने यह भी साफ किया कि टीम मैनेजमेंट ने इस बात पर कोई अलग बैठक नहीं की थी कि ऑक्शन में पाकिस्तानी खिलाड़ियों को लेना है या नहीं। द हंड्रेड 2026 के ऑक्शन में सोल्ड होने वाले अबरार अहमद दूसरे पाकिस्तानी खिलाड़ी रहे. उनसे पहले पाकिस्तान के स्पिनर उस्मान तारिक को बर्मिंघम फोनिक्स ने लगभग 1.40 लाख पाउंड (लगभग 1.72 करोड़ रुपये) में खरीदा था।  

LPG की किल्लत के बीच हापुड़ में छापा, मकान से 55 भरे गैस सिलेंडर मिलने से हड़कंप

हापुड़ एक तरफ आम लोग रसोई गैस के लिए एजेंसियों के चक्कर लगा रहे हैं, दूसरी तरफ उसी गैस को बड़ी मात्रा में छिपाकर रखने का मामला सामने आने से हड़कंप मच गया है. हापुड़ में प्रशासन की छापेमारी में एक नेता अब्दुल रेहान के घर से 55 भरे हुए एलपीजी गैस सिलेंडर बरामद किए गए हैं. यह कार्रवाई उस समय हुई है जब इलाके में गैस की किल्लत की शिकायतें लगातार सामने आ रही थीं। प्रशासन का कहना है कि प्रारंभिक जांच में मामला गैस सिलेंडरों की अवैध जमाखोरी से जुड़ा प्रतीत हो रहा है. वहीं स्थानीय लोगों का आरोप है कि जब आम नागरिक गैस सिलेंडर के लिए परेशान हो रहे हैं, उसी दौरान कुछ लोग इस संकट का फायदा उठाकर कालाबाजारी और जमाखोरी का खेल खेल रहे हैं. जानकारी के मुताबिक, पिछले कुछ दिनों से प्रशासन को इलाके में एलपीजी गैस की किल्लत और कालाबाजारी की शिकायतें मिल रही थीं. कई लोगों का कहना है कि गैस एजेंसियों से सिलेंडर समय पर नहीं मिल रहे और कुछ स्थानों पर ऊंचे दामों पर सिलेंडर बेचे जा रहे हैं. इसी सिलसिले में प्रशासन ने जांच शुरू की और संदिग्ध ठिकानों पर नजर रखी. इसी दौरान अधिकारियों को जानकारी मिली कि एक नेता अब्दुल रेहान के घर पर बड़ी संख्या में गैस सिलेंडर जमा किए गए हैं. सूचना मिलने के बाद प्रशासन और संबंधित विभाग की टीम ने संयुक्त रूप से छापेमारी की कार्रवाई की। छापेमारी में मिला सिलेंडरों का बड़ा जखीरा छापेमारी के दौरान अधिकारियों को घर के अंदर और स्टोर जैसी जगहों पर बड़ी संख्या में गैस सिलेंडर रखे हुए मिले. जांच करने पर पता चला कि वहां कुल 55 भरे हुए एलपीजी सिलेंडर मौजूद थे. अधिकारियों ने सभी सिलेंडरों को जब्त कर लिया है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि इतनी बड़ी संख्या में सिलेंडर वहां कैसे पहुंचे. साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि क्या इन सिलेंडरों का इस्तेमाल कालाबाजारी के लिए किया जा रहा था या फिर किसी अन्य उद्देश्य से जमा किया गया था. छापेमारी के दौरान मौजूद अधिकारियों ने बताया कि गैस सिलेंडरों को सुरक्षित तरीके से कब्जे में लेकर संबंधित विभाग को सौंप दिया गया है. पूरे मामले में आगे की कार्रवाई के लिए दस्तावेजों और रिकॉर्ड की भी जांच की जा रही है। लोगों में नाराजगी, उठे सवाल इस पूरे घटनाक्रम के सामने आने के बाद इलाके के लोगों में नाराजगी देखने को मिल रही है. स्थानीय निवासियों का कहना है कि पिछले कई दिनों से उन्हें गैस सिलेंडर के लिए लंबा इंतजार करना पड़ रहा था. कुछ लोगों ने बताया कि गैस एजेंसी पर कई बार जाने के बावजूद उन्हें खाली हाथ लौटना पड़ा. ऐसे में जब किसी व्यक्ति के घर से इतनी बड़ी संख्या में भरे हुए सिलेंडर बरामद हुए हैं, तो यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि आखिर यह सिलेंडर वहां पहुंचे कैसे. लोगों का कहना है कि अगर समय रहते इस तरह की जमाखोरी पर कार्रवाई नहीं की जाती, तो आम जनता को और ज्यादा परेशानी झेलनी पड़ सकती है। प्रशासन कर रहा नेटवर्क की जांच प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल पूरे मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है. यह पता लगाया जा रहा है कि क्या इस जमाखोरी के पीछे कोई बड़ा नेटवर्क सक्रिय है. अधिकारियों के अनुसार, गैस एजेंसियों के रिकॉर्ड भी खंगाले जा रहे हैं ताकि यह पता चल सके कि जिन सिलेंडरों को बरामद किया गया है, वे किस एजेंसी से जारी किए गए थे और किन-किन नामों पर बुकिंग हुई थी. इसके अलावा आसपास के क्षेत्रों में भी निगरानी बढ़ा दी गई है. प्रशासन का मानना है कि अगर कहीं और भी इस तरह की जमाखोरी हो रही होगी, तो उसे भी जल्द सामने लाया जाएगा। योगी सरकार के सख्त निर्देशों का असर राज्य सरकार पहले ही कालाबाजारी और जमाखोरी को लेकर सख्त रुख अपनाने की बात कह चुकी है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हाल ही में अधिकारियों को निर्देश दिए थे कि जरूरी वस्तुओं की कालाबाजारी और अवैध जमाखोरी पर कड़ी कार्रवाई की जाए. सरकार का कहना है कि आम जनता को किसी भी जरूरी वस्तु की कमी का सामना न करना पड़े, इसके लिए प्रशासन को पूरी सतर्कता के साथ काम करने के निर्देश दिए गए हैं. इसी कड़ी में प्रदेश के कई जिलों में लगातार छापेमारी की जा रही है. अधिकारियों का दावा है कि जहां भी शिकायतें मिल रही हैं, वहां तुरंत कार्रवाई की जा रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जा रहे हैं। आगे क्या होगी कार्रवाई फिलहाल प्रशासन ने बरामद किए गए सभी 55 सिलेंडरों को जब्त कर लिया है और मामले की जांच शुरू कर दी गई है. अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी. साथ ही यह भी देखा जा रहा है कि क्या इस मामले में गैस एजेंसियों या अन्य लोगों की भी कोई भूमिका रही है. अगर जांच में किसी और की संलिप्तता सामने आती है, तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी. प्रशासन का कहना है कि जरूरी वस्तुओं की जमाखोरी किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी और आम जनता के हितों के साथ खिलवाड़ करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा. हापुड देहात थाना प्रभारी इंस्पेक्टर नीरज ने बताया है कि रेहान के विरुद्ध आवश्यक वस्तु अधिनियम का मुकदमा दर्ज कर लिया गया है. 7 साल से कम की सजा होने के कारण थाने से जमानत दे दी गई है , जल्द चार्जशीट न्यायालय भेजी जाएगी।

विश्व कप खत्म, अब नई चुनौती: अगले 12 महीनों में इतने मैच खेलेगी भारतीय टीम

मुम्बई भारतीय क्रिकेट टीम का अगले 12 महीनों का कार्यक्रम बेहद व्यस्त रहेगा, जिसमें आयरलैंड, श्रीलंका और जिम्बाब्वे में मैच के इसके अलावा, एशिन गेम्स, इंग्लैंड, अमेरिका, बंगलादेश, जापान और घरेलू मुकाबले भी शामिल हैं। सूर्या की कप्तानी में श्रीलंका के खिलाफ 3 टी-20 मैच क्रिकबज की रिपोर्ट के अनुसार सूर्यकुमार यादव की कप्तानी वाली टीम जुलाई-अगस्त में श्रीलंका में तीन टी-20 मैच खेल सकती है, इसके अलावा आगामी कार्यक्रम में पहले दो टेस्ट मैच शामिल हैं। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) श्रीलंका क्रिकेट (एसएलसी) की प्रतिक्रिया पर विचार कर रहा है कि श्रीलंका में बाढ़ राहत के लिए फंड जुटाने के लिए तीन टी-20 मैच का कार्यक्रम है। टी-20 मैच और दो टेस्ट मैचों से पहले होने की संभावना है। श्रीलंका टूर से पहले जुलाई में इंग्लैंड जाएगा भारत श्रीलंका टूर से पहले भारत एक से 19 जुलाई के बीच तीन एकदिवसीय और पांच टी-20 मैच के लिए इंग्लैंड जाएगा और रास्ते में आयरलैंड में थोड़ा रुक सकता है। डबलिन में तीन मैचों की सीरीज को लेकर बातचीत चल रही है। एक सूत्र ने कहा, “बातचीत चल रही है।” और भरोसा जताया कि सीरीज हो जाएगी। बीसीसीआई ने पहले भी सीआई को (2018, 2022 और 2023 में) डबलिन में छोटी सीरीज के लिए सहयोग किया है। अगर बातचीत कामयाब होती है, तो गेम जून के आखिरी हफ्ते में, इंग्लैंड टूर से पहले और अफगानिस्तान के खिलाफ घरेलू सीरीज के बाद निर्धारित किए जा सकते हैं, जो दह से 20 जून के बीच एक टेस्ट और तीन एकदिवसीय खेलने वाले हैं। जिम्बाब्वे और अफगानिस्तान के खिलाफ सीरीज श्रीलंका सीरीज के बाद बीसीसीआई को शेड्यूलिंग में दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। सितंबर में सयुक्त अरब अमीरात (यूएई) में अफगानिस्तान के खिलाफ तीन मैचों की टी-20 सीरीज होनी है, जो इंडियन क्रिकेट के लिए पहले से ही एक व्यस्त महीना है। बंगलादेश के छह सफेद गेंद मैच – तीन एकदिवसीय और तीन टी-20 के लिए दौरे की भी घोषणा की गई है। यह सीरीज, दोनों देशों के बीच हाल के डिप्लोमैटिक तनाव को देखते हुए भारत सरकार से मंजूरी मिलने पर ही होगी। इस बीच, तीन मैचों की टी-20 सीरीज के लिए जिम्बाब्वे के एक छोटे दौरे की भी बात हो रही है। हालांकि अभी तक कुछ भी स्पष्ट नहीं हुआ है, लेकिन यह दौरा सितंबर में हो सकता है, लगभग उसी समय जब वेस्ट इंडीज तीन एकदिवसीय और पांच टी-20 के लिए भारत का दौरा करने वाला है। वेस्टइंडीज के खिलाफ आठ मैचों की सीरीज के अक्टूबर तक चलने की उम्मीद है। एशियंस गेम्स, न्यूजीलैंड सीरीज, श्रीलंका के खिलाफ वनडे सीरीज, बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी इसी बीच 2026 एशियन गेम्स भी हैं, जो 19 सितंबर से चार अक्टूबर तक जापान के नागोया में होने हैं। गेम्स में क्रिकेट प्रतियोगिता टी-20 प्रारूप में खेली जायेगी और भारतीय डिफेंडिंग गोल्ड मेडलिस्ट है। पुरुष मैच 25 सितंबर से तीन अक्टूबर तक चलेंगे, जिससे टी-20 स्क्वॉड के जापान में खेलने की संभावना बढ़ गई है, जबकि एक एकदिवसीय टीम उसी समय वेस्टइंडीज से खेलेगी। इसके बाद भारतीय टीम के 18 अक्टूबर को न्यूजीलैंड पहुंचने की उम्मीद है, जहां वह पांच एकदिवसीय, पांच टी-20 और दो टेस्ट के पूरे टूर पर जाएगा। ऐसा समझा जाता है कि बीसीसीआई और न्यूजीलैंड क्रिकेट हाल ही में एकदिवसीय की संख्या तीन से बढ़ाकर पांच करने पर सहमत हुए हैं। दो टेस्ट 10 सफेद गेंद मैचों के बाद होंगे, जिनमें से पहला 22 अक्टूबर से शुरू होगा। भारत के दिसंबर के पहले हफ्ते में न्यूजीलैंड से घर लौटने की उम्मीद है, जब वे श्रीलंका के खिलाफ घर पर तीन एकदिवसीय और तीन टी-20 मैच खेलेंगे। इसके बाद जनवरी-फरवरी 2027 में भारत में बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी खेली जाएगी, जिसके बाद मार्च से मई 2027 तक इंडियन प्रीमियर लीग का 20वां सीजन चलेगा।

सिलेंडर सप्लाई को लेकर मुख्य सचिव ने अधिकारियों को दिए जरूरी निर्देश

भोपाल  युद्ध के बाद खाड़ी देशों में बिगड़े हालातों का असर अब अन्य देशों में भी दिखने को मिल रहा है. इस कारण भारत में भी एलपीजी गैस की सप्लाई बाधित (LPG Supply Shortage) हो रही है. इसको देखते हुए मध्य प्रदेश के मुख्य सचिव ने गुरुवार को गैस सिलेंडर आपूर्ति को लेकर कलेक्टरों की महत्वपूर्ण बैठक ली. इसके बाद मुख्य सचिव ने भोपाल कलेक्टर के लिए आदेश जारी किया है. ईंधन के आयात में हुई रुकावट को देखते हुए पेट्रोलियम और गैस मंत्रालय के निर्देश पर मुख्य सचिव ने कलेक्टरों की बैठक ली।  फिलहाल एलपीजी की आपूर्ति केवल घरेलू उपभोक्ताओं को ही करने का निर्देश दिया है. उपभोक्ताओं के लिए गैस एजेंसियों ने हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए हैं, जहां भारत गैस उपभोक्ताओं के लिए हेल्पलाइन नंबर-1800-22-4344, इंडेडेन ऑयल गैस- 1800-2333-555, एचपी गैस- 1800-2333-555 नंबर है. इसके साथ ही मुख्य सचिव ने गैस सिलेंडरों की कालाबाजारी और अवैध गैस रिफलिंग की जांच करने का भी आदेश दिया है।  मुख्य सचिव ने गैस सिलेंडर आपूर्ति को लेकर कलेक्टरों की महत्वपूर्ण बैठक ली मुख्य सचिव की बैठक लेने के बाद भोपाल कलेक्टर ने आदेश जारी किया एलपीजी की आपूर्ति केवल घरेलू एलपीजी उपभोक्ताओं को करने के संबंध में आदेश दिया आयात में हुई रूकावट को देखते हुये पेट्रोलियम और गैस मंत्रालय के निर्देश पर मुख्य सचिव ने कलेक्टरों की बैठक ली   भारत गैस हेल्पलाईन नंबर-1800-22-4344, इण्डेन ऑयल गैस हेल्पलाईन नंबर 1800-2333-555, एचपी गैस हेल्पलाईन नंबर 1800-2333-555 गैस सिलेण्डरों की कालाबाजारी एवं अवैध गैस रिफलिंग की सतत जांच करने मुख्य सचिव ने दिया आदेश होटल-रेस्तरां में नहीं होगी सप्लाई भोपाल कलेक्टर ने भी आदेश जारी करते हुए कहा कि कमर्शियल गैस सिलेंडरों की होटल, रेस्तरां और मॉल में सप्लाई नहीं होगी. इसके अलावा एलपीजी का उपयोग करने वाले औद्योगिक क्षेत्र और फैक्ट्री में भी गैस सिलेंडर की आपूर्ति नहीं की जाएगी. फिलहाल घरेलू उपभोक्ताओं को प्राथमिकता दी जा रही है. कमर्शियल गैस सिलेंडरों की आपूर्ति सिर्फ चिकित्सालय और शैक्षणिक संस्थाओं में की जाएगी। इसके साथ ही निर्देश दिए हैं कि सिलेंडर की जमाखोरी करने वालों पर जिला प्रशासन निगरानी रखेगा. अगर कोई ऐसा करता है तो उस पर कार्रवाई की जाएगी. SDM, ACP और आपूर्ति अधिकारी को यह जिम्मेदारी दी गई है। 

देवांगन के विभागों के लिए 1823 करोड़ रुपये से ज्यादा की अनुदान मांगों को मिली मंजूरी

मंत्री  लखनलाल देवांगन के विभागों के लिए 01 हजार 823 करोड़ रुपए से अधिक की अनुदान मांगें पारित राज्य को अब तक 8 लाख करोड़ रूपए से अधिक निवेश प्रस्ताव भूमि का आबंटन अब ई-निविदा के माध्यम से किया-जिससे राजस्व 20 प्रतिशत बढ़ा*  श्रमिक आवास एवं ई-रिक्शा की राशि 01 लाख रूपए से बढ़ाकर  1.50 लाख रूपए कर दी गई अगले वर्ष से श्रमिकों के 200 बच्चों को उत्कृष्ट स्कूलों में दाखिला हेतु अभिनव पहल  रायपुर छत्तीसगढ़ विधानसभा में आज वाणिज्य एवं उद्योग विभाग तथा श्रम विभाग के लिए वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 01 हजार 823 करोड़ 87 लाख 69 हजार रूपए की अनुदान मांगे पारित की गईं। इसमें वाणिज्य एवं उद्योग विभाग के लिए 01 हजार 567 करोड़ 86 लाख 79 हजार रूपए, श्रम विभाग के लिए 256 करोड़ 90 हजार रूपए शामिल हैं। मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश मंे नई औद्यागिक नीति लागू की गई है, जिसके सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं।  उद्योग विभाग उद्योेग मंत्री  देवांगन नेे कहा कि इस बजट में सरकार द्वारा राज्य के औद्योगिक विकास हेतु वाणिज्य एवं उद्योग विभाग को बजट में रुपए 1750 करोड़ आबंटित किया गया है। इसमें रूपए 652 करोड़ उद्योगों को अनुदान हेतु तथा औद्योगिक प्रयोजन हेतु भू-अर्जन, भूमि विकास तथा औद्योगिक अधोसंरचना विकास के लिए लगभग रूपए 700 करोड़ का प्रावधान किया गया है। उन्होंने सदन को जानकारी देते हुए कहा कि औद्योगिक भूमि आबंटन को अधिक पारदर्शी और प्रतिस्पर्धी बनाने हेतु औद्योगिक क्षेत्रों में भूमि का आबंटन अब ई-निविदा के माध्यम से किया जा रहा है। इससे न सिर्फ पारदर्शिता बढ़ी है बल्कि राजस्व में भी 20 प्रतिशत से अधिक वृद्धि हुई है। इन सतत प्रयासों का ही परिणाम है कि राज्य द्वारा 140 से अधिक निवेशकों को इन्विटेशन टू इन्वेस्ट जारी किया गया है। राज्य को अब तक 8 लाख करोड़ रुपये से अधिक निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। इन प्रस्तावों में स्टील, पावर, सेमीकंडक्टर, टेक्सटाइल्स, आईटी, बीपीओ तथा क्लीन एनर्जी जैसे विविध और उभरते हुए क्षेत्रों के निवेश शामिल हैं, जो राज्य की औद्योगिक प्रगति के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। मंत्री  देवांगन नेे कहा कि विगत एक वर्ष में 951 उद्योग स्थापित हुए हैं, जिनके द्वारा रु 8000 करोड़ से अधिक का निवेश किया गया एवं हमारी सरकार आने के बाद लगभग 45000 से अधिक रोजगार उत्पन्न हुए। राज्य में बस्तर से सरगुजा तक 23 नवीन औद्योगिक क्षेत्रों एवं पार्कों का निर्माण किया जा रहा है जिनमें से 4 फ्लेटेड फैक्ट्री अधोसंरचना है। राज्य शासन सम्पूर्ण छत्तीसगढ़ के औद्योगिक विकास हेतु प्रतिबद्ध है एवं इस दिशा में तेजी से बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि उद्योगों में रोजगार में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने एवं उनके जीवन को सरल करने की दृष्टि से बिलासपुर जिले में 2 कामकाजी महिला हॉस्टल निर्माणाधीन है, जिसके लिए बजट में रुपए 20 करोड़ का प्रावधान किया गया है। निजी भूमि पर औद्योगिक पार्क की स्थापना के लिए निवेशकों को आकर्षित करने की दृष्टि से अधोसंरचना लागत पर 50 प्रतिशत अनुदान का प्रावधान औद्योगिक विकास नीति में किया गया है। इससे राज्य केन औद्योगिक अधोसंरचना विकास को बल मिलेगा। मुख्यमंत्री के पहल पर स्टार्ट-अप मिशन के लिए रूपए 100 करोड़ का प्रावधान बजट के अंतर्गत किया है। श्रम विभाग  मंत्री  देवांगन सदन में कहा कि मुख्यमंत्री  साय के नेतृत्व में श्रम विभाग छत्तीसगढ़ असंगठित कर्मकार राज्य सामाजिक सुरक्षा मंडल के अंतर्गत अधिसूचित 56 प्रवर्ग के असंगठित श्रमिकों के सामाजिक सुरक्षा एवं कल्याण के लिये वर्ष 2026-27 के बजट में कुल रुपये 128 करोड़ का बजट प्रावधान किया गया है, जो गत वर्ष से लगभग 3 करोड़ अधिक है। श्रमिक बच्चों को उत्कृष्ट स्कूल में शिक्षा की अभिनव पहल करते हुए प्रदेश में 96 श्रमिकों के बच्चों को 6वीं क्लास में डी.पी.एस. राजकुुमार कॉलेज, कांगेर वैली एकेडमी में निःशुल्क पढ़ाई कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने अगले वर्ष अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना के तहत 200 बच्चों को प्रदेश के उत्कृष्ट स्कूलों में दाखिला देने की घोषणा की थी, इस पर अमल किया जाएगा। उन्होंने बताया कि मंडल द्वारा उपकर के माध्यम से संकलित राशि से पंजीकृत निर्माण श्रमिकों एवं उनके परिवार के लिये उपलब्ध निधि से 60 प्रवर्ग में पंजीकृत 32.58 लाख निर्माण श्रमिकों के लिए संचालित 31 योजनाओं के क्रियान्वयन में वर्ष 2025 में लगभग रूपये 387 करोड़ से अधिक राशि कल्याणकारी योजनाओं में व्यय किया गया है। वर्ष 2026-27 में पंजीकृत 02.01 लाख संगठित श्रमिकों के लिये 14 योजनाओं हेतु बजट में राज्य शासन के अनुदान हेतु रुपये 06 करोड़ प्रावधान किया गया है। श्रम मंत्री ने बताया कि श्रम विभाग के मुख्य दायित्व विभिन्न श्रम कानूनों के प्रावधानों के अंतर्गत श्रमिकों के हित संरक्षण किया जाना है, जिसके पालन हेतु श्रमायुक्त संगठन में रुपये 30 करोड़ 63 लाख का बजट प्रावधान किया गया है। श्रमिक आवास की राशि प्रति आवास 01 लाख रूपए से बढ़ाकर 1.50 लाख कर दी है। इसी तरह ई-रिक्शा की राशि भी एक लाख से बढ़ाकर 1.50 लाख रूपए की जाएगी।  औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा हेतु वर्ष 2026-27 में रुपये 10 करोड़ के बजट का प्रावधान किया गया है। संचालनालय द्वारा कारखाना अधिनियम के अंतर्गत कारखानों का लायसेंस नवीनीकरण, आनसाइट आपात योजना एवं कारखाना भवनों के नक्शे आदि का निराकरण भी आनलाईन ही किया जा रहा है। इंडस्ट्रियल हाईजिन लैब हेतु वर्ष 2026-27 में रुपये 05 करोड़ के बजट का प्रावधान किया गया है।  वर्ष 2026-27 हेतु कर्मचारी राज्य बीमा सेवाएं के लिए रुपये 76 करोड़ 38 लाख का प्रावधान किया गया है।  वाणिज्यक कर (आबकारी) विभाग मंत्री  देवांगन नेे कहा कि विभागीय दक्षता बढ़ाने हमने इस वित्तीय वर्ष में 10 जिला अधिकारी, 85 आबकारी उपनिरीक्षक की भर्ती की है तथा 200 आबकारी आरक्षक की भर्ती प्रक्रिया अंतिम चरण पर है। वर्ष 2024-25 हेतु निर्धारित किये गये 10500 करोड़ (दस हजार पांच सौ करोड़) आबकारी राजस्व लक्ष्य के विरूद्ध 10145 करोड़ (दस हजार एक सौ पैतालीस करोड़) का आबकारी राजस्व अर्जित किया गया जो कि इससे पूर्व के वित्तीय वर्ष 2023-24 में अर्जित आबकारी राजस्व 8430 करोड़ (आठ हजार चार सौ तीस करोड़) की तुलना में 20.35 प्रतिशत अधिक है तथा राज्य के कुल कर राजस्व प्राप्ति का लगभग 11 प्रतिशत है। उन्होंने कहा कि उपयुक्त नीति एवं विभागीय कार्ययोजना … Read more

मध्य प्रदेश में दूध उत्पादकों को लाइसेंस की अनिवार्यता, शुद्धता की निगरानी होगी सख्त

भोपाल मध्य प्रदेश में घर-घर दूध बेचने वाले दुग्ध उत्पादकों को अब दूसरे दुकानदारों की तरह लाइसेंस लेना होगा. भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण ने दूध उत्पादकों और विक्रेताओं के लिए भी लाइसेंस का अनिवार्य कर दिया है. इसके चलते प्रदेश के सभी दुग्ध उत्पादकों को अब खाद्य विभाग में रजिस्ट्रेशन कराना होगा. प्राधिकरण ने दुग्ध उत्पादकों के पंजीयन और लाइसेंस के संबंध में एडवाइजरी जारी कर दी है. यह निर्णय दूध में की जा रही मिलावट पर लगाम लगाने के लिए लिया गया है। हर माह तैयार होगी रिपोर्ट मध्य प्रदेश देश में तीसरा सबसे ज्यादा दुग्ध उत्पादन करने वाला राज्य है. प्रदेश में प्रति व्यक्ति दूध की उपलब्धता 707 ग्राम प्रतिदिन है. प्रदेश में 225.95 लाख टन का दूध उत्पादन हो रहा है. प्रदेश में लोगों तक सहकारी समितियों के माध्यम से तो दूध पहुंच ही रहा है, साथ ही बड़ी मात्रा में दूध की सप्लाई डेयरी संचालकों द्वारा घर-घर की जा रही है. सहकारी समितियों के माध्यम से दुग्ध सप्लाई की गुणवत्ता की जांच तो लगातार हो रही है, लेकिन डेयरी संचालकों द्वारा सप्लाई होने वाले दुग्ध और उनके उत्पाद की जांच के लिए ऐसे सभी संचालकों का रजिस्ट्रेशन अनिवार्य किया गया है। इससे प्रदेश के सभी दुग्ध उत्पादकों और विक्रेताओं की पहचान हो सकेगी. भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण ने दूध से जुड़ी गतिविधियों की नियमित मासिक रिपोर्ट तैयार करने के भी निर्देश दिए हैं. यह रिपोर्ट हर माह 31 तारीख तक भेजनी होगी। दुध में मिलावट के लिए बनाई जा रही प्रयोगशाला प्रदेश सरकार द्वारा लोगों को शुद्ध दूध की सप्लाई के लिए राज्य स्तरीय डेयरी परीक्षण प्रयोगशाला भी स्थापित की जा रही है. यह प्रयोगशाला भोपाल के मध्य प्रदेश स्टेट को-ऑपरेटिव डेयरी फेडरेशन में स्थापित की जाएगी. इस प्रयोगशाला में आम उपभोक्ता से लेकर प्रदेश भर की संस्थाएं दूध और इससे बनने वाले उत्पादों की जांच करा सकेंगे।  यह प्रदेश की पहली राज्य स्तरीय केन्द्रीय प्रयोगशाला होगी. इसमें 100 से अधिक मानकों पर जांच की जाएगी. इस प्रयोगशाला को एनएबीएल और एफएसएसएआई की मान्यता प्राप्त होगी. इससे प्रदेश में शुद्ध दूध की सप्लाई सुनिश्चित हो सकेगी।

Ask Grok’ अब फ्री नहीं, X और थ्रेड्स में AI सेवा के लिए लगेंगे पैसे

नई दिल्ली सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पहले Twitter) ने अपने AI फीचर ‘Ask Grok’ को लेकर बड़ा बदलाव किया है। अब यह सुविधा सभी यूजर्स के लिए फ्री में उपलब्ध नहीं रहेगी। कंपनी ने इसे पेड फीचर बना दिया है, जिसका मतलब है कि अब केवल प्रीमियम सब्सक्रिप्शन लेने वाले यूजर्स ही X थ्रेड्स में ‘Ask Grok’ का इस्तेमाल कर सकेंगे। ‘Ask Grok’ फीचर दरअसल xAI द्वारा बनाए गए AI चैटबॉट Grok AI पर बेस्ड है। यह फीचर यूजर्स को X पर चल रही किसी भी चर्चा या लंबे थ्रेड के बारे में तुरंत जानकारी लेने की सुविधा देता है। पहले यूजर किसी पोस्ट या थ्रेड में @grok टैग करके सवाल पूछ सकते थे और AI उससे जुड़ी जानकारी तुरंत दे देता था। अब कंपनी ने इस सुविधा को सीमित कर दिया है। नई नीति के अनुसार, केवल X Premium या उससे ऊपर के सब्सक्रिप्शन वाले यूजर्स ही थ्रेड्स में सीधे Grok से सवाल पूछ पाएंगे। फ्री यूजर्स के लिए यह फीचर उपलब्ध नहीं रहेगा। कैसे काम करता है ‘Ask Grok’ ‘Ask Grok’ खास तौर पर उन यूजर्स के लिए काम का था जो लंबे और मुश्किल थ्रेड्स को जल्दी समझना चाहते हैं। अगर किसी पोस्ट के नीचे सैकड़ों कमेंट या रिप्लाई होते थे, तो यूजर Grok से पूछ सकते थे कि ‘इस थ्रेड की समरी क्या है?’ या किसी टॉपिक से जुड़ी एक्सट्रा जानकारी क्या है। AI चैटबॉट पूरी बातचीत का एनालिसिस करके कुछ ही सेकेंड में छोटा और साफ जवाब देता था। इससे यूजर्स को लंबी चर्चा पढ़ने की जरूरत नहीं पड़ती थी और जानकारी जल्दी मिल जाती थी। X के मौजूदा सब्सक्रिप्शन प्लान और कीमत फिलहाल X भारत में तीन तरह के पेड सब्सक्रिप्शन प्लान ऑफर करता है। Basic प्लान: लगभग 170 रुपये प्रति माह। इसमें पोस्ट एडिट करने, लंबी पोस्ट लिखने और कुछ अतिरिक्त फीचर्स मिलते हैं, लेकिन इसमें ब्लू टिक नहीं मिलता। Premium प्लान: करीब 427 रुपये प्रति माह (वेब) और 470 रुपये प्रति माह (मोबाइल)। इस प्लान में ब्लू टिक, कम विज्ञापन, बेहतर रीप्लाई बूस्ट और Grok AI जैसी सुविधाओं का एक्सेस मिलता है। Premium+ प्लान: लगभग 2,570 रुपये प्रति माह। इसमें लगभग एड-फ्री एक्सपीरियंस, आर्टिकल पब्लिश करने की सुविधा और एडवांस AI टूल्स जैसे SuperGrok का एक्सेस मिलता है। AI पर बढ़ता फोकस आप जानते होंगे कि X के मालिक Elon Musk लंबे समय से प्लेटफॉर्म को AI-पावर्ड बनाने की दिशा में काम कर रहे हैं। Grok इसी स्ट्रेटजी का हिस्सा है, जिसके जरिए X को केवल एक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म नहीं बल्कि AI-बेस्ड इन्फॉर्मेशन और डिस्कशन सेंटर बनाने की कोशिश की जा रही है। यूजर्स के लिए क्या बदलेगा ‘Ask Grok’ को पेड फीचर बनाने से अब फ्री यूजर्स के लिए AI-बेस्ड यह सुविधा उपलब्ध नहीं रहेगी। हालांकि, प्रीमियम सब्सक्राइबर्स पहले की तरह इसका इस्तेमाल कर पाएंगे और आने वाले समय में इसमें और भी नए AI फीचर्स जोड़े जा सकते हैं।

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