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MP में 2 दिन की झुलसाने वाली गर्मी, 18-19 को बारिश, ग्रीन नेट से बचाव, ग्वालियर और जबलपुर में सड़कों पर खामोशी

भोपाल  मध्यप्रदेश में इन दिनों मौसम का मिजाज तेजी से बदल रहा है। एक तरफ कई जिलों में गर्मी का असर बढ़ता जा रहा है, तो दूसरी ओर कुछ शहरों में तापमान में हल्की गिरावट भी दर्ज की गई है। मौसम विभाग का अनुमान है कि प्रदेश में अगले दो दिन तेज गर्मी महसूस होगी, जबकि 18 और 19 मार्च को कई इलाकों में बारिश की संभावना बन सकती है।  इससे पहले रविवार को ग्वालियर-चंबल में वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) का असर देखा गया। यहां बादल छाए रहे। इससे तापमान में 1.7 डिग्री तक की गिरावट हुई। मौसम विभाग की माने तो यह सिस्टम अब कमजोर पड़ गया है। इस वजह से 16 और 17 मार्च को कहीं भी बारिश या बादल का अलर्ट नहीं है। मौसम वैज्ञानिक अरुण शर्मा ने बताया, 17 मार्च की रात से एक नया वेस्टर्न डिस्टरबेंस उत्तर-पश्चिम भारत को प्रभावित कर सकता है। इसका एमपी में 18-19 मार्च को असर दिखाई देगा। पश्चिमी विक्षोभ का असर हुआ कमजोर रविवार को ग्वालियर-चंबल क्षेत्र में पश्चिमी विक्षोभ का असर देखने को मिला था। कई जगह बादल छाए रहे, जिसके कारण तापमान में करीब 1.7 डिग्री तक की गिरावट दर्ज की गई। हालांकि मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि यह सिस्टम अब कमजोर पड़ चुका है, इसलिए 16 और 17 मार्च को प्रदेश में कहीं भी बारिश या बादल का विशेष असर नहीं रहेगा। मौसम वैज्ञानिक अरुण शर्मा के मुताबिक 17 मार्च की रात से उत्तर-पश्चिम भारत में एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो सकता है, जिसका प्रभाव मध्यप्रदेश में 18 और 19 मार्च के दौरान बारिश के रूप में देखने को मिल सकता है। कुछ शहरों में राहत, कुछ जगह गर्मी बरकरार रविवार को ग्वालियर में अधिकतम तापमान 32.6 डिग्री, दतिया में 32.4 डिग्री, छिंदवाड़ा में 36 डिग्री, सिवनी में 35.6 डिग्री, मंडला में 37.2 डिग्री और बालाघाट में 35 डिग्री दर्ज किया गया। कई स्थानों पर शाम तक बादल छाए रहने से तापमान में थोड़ी कमी महसूस हुई। पिछले कुछ दिनों से तेज गर्मी झेल रहे नर्मदापुरम में भी तापमान घटकर 38.9 डिग्री पर आ गया, जिससे लोगों को आंशिक राहत मिली। वहीं प्रमुख शहरों में भोपाल में 36.4 डिग्री, इंदौर में 35.5 डिग्री, उज्जैन में 35.5 डिग्री और जबलपुर में 35.7 डिग्री तापमान दर्ज किया गया। मार्च में ही बदला गर्मी का ट्रेंड आमतौर पर प्रदेश में तेज गर्मी मार्च के दूसरे पखवाड़े के बाद बढ़ती है, लेकिन इस बार शुरुआत से ही तापमान तेजी से ऊपर चढ़ने लगा है। मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक इस बार मार्च में ही गर्मी का ट्रेंड बदलता दिखाई दे रहा है। मौसम विभाग ने संकेत दिए हैं कि अप्रैल और मई में प्रदेश में गर्मी और ज्यादा बढ़ सकती है। ग्वालियर, चंबल, जबलपुर, रीवा, शहडोल और सागर संभाग के कई जिलों में तापमान 45 डिग्री के पार जाने की संभावना जताई गई है। भोपाल, इंदौर, उज्जैन और नर्मदापुरम संभाग में भी तेज गर्मी पड़ने का अनुमान है।   गर्मी से राहत…नर्मदापुरम में पारा लुढ़का, लू का असर नहीं मौसम विभाग के अनुसार, ग्वालियर में रविवार को अधिकतम तापमान 32.6 डिग्री, दतिया में 32.4 डिग्री, छिंदवाड़ा में 36 डिग्री, सिवनी में 35.6 डिग्री, मंडला में 37.2 डिग्री, बालाघाट में 35 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विभाग ने इन जिलों में मौसम में बदलाव होने की बात कही थी। शाम तक बारिश तो दर्ज नहीं की गई, लेकिन बादल जरूर छाए रहे। इस वजह से पारे में गिरावट दर्ज की गई। वहीं, पिछले 3 दिन से तीव्र लू के प्रभाव वाले नर्मदापुरम में पारा लुढ़ककर 38.9 डिग्री पर आ गया। 5 बड़े शहरों की बात करें तो भोपाल में 36.4 डिग्री, इंदौर में 35.5 डिग्री, ग्वालियर में 32.6 डिग्री, उज्जैन में 35.5 डिग्री और जबलपुर में तापमान 35.7 डिग्री दर्ज किया गया।

आत्मसमर्पित नक्सलियों को सिलाई और ड्राइविंग की ट्रेनिंग, बालाघाट पुलिस की पहल से 14 परिवारों को मिली सरकारी नौकरी

बालाघाट  बालाघाट पुलिस ने नक्सलियों को समाज की मुख्य धारा में वापस लाने और नक्सली हिंसा के पीड़ितों की मदद के लिए एक खास मुहिम शुरू की है। इसके तहत आत्मसमर्पण करने वाले पूर्व नक्सली अब हथियार छोड़कर सिलाई और ड्राइविंग जैसे काम सीख रहे हैं. पुलिस लाइन में फिलहाल 10 आत्मसमर्पित नक्सली (5 पुरुष और 5 महिला) सिलाई और ड्राइविंग का प्रशिक्षण ले रहे हैं। पिछले डेढ़ महीने से चल रही इस ट्रेनिंग में ये लोग शर्ट-पेंट सिलना और जेसीबी चलाना सीख रहे हैं ताकि वे खुद का रोजगार शुरू कर सकें। इनमें सुनीता ओयाम, सुरेंद्र, राकेश और सलीता जैसे कई पूर्व नक्सली शामिल हैं। पीड़ित परिवारों को मिला सहारा पुलिस ने उन 14 परिवारों की भी मदद की है जिनके सदस्यों को नक्सलियों ने ‘मुखबिरी’ के शक में मार दिया था। इन परिवारों के सदस्यों को आरक्षक (कॉन्स्टेबल) के पद पर नौकरी दी गई है। सुमित उईके के पिता की हत्या 2002 में हुई थी। सुमित बताते हैं कि उन्हें पहले पुलिस की नौकरी से डर लगता था, लेकिन अब वे खुश हैं। संजय कुमार पुसाम सिर्फ 8वीं तक पढ़े हैं, इन्होंने कभी सोचा नहीं था कि पिता की मौत के बाद उन्हें पुलिस विभाग में काम करने का मौका मिलेगा। पुलिस अधीक्षक की पहल एसपी आदित्य मिश्रा के नेतृत्व में चल रही इस पहल का मकसद हिंसा से प्रभावित लोगों का पुनर्वास करना और उन्हें आर्थिक सुरक्षा देना है। नौकरी पाने वालों में तेजाबसिंह, अनिल मेरावी, निशा राउत और डिलेश्वरी जैसे 14 लोग शामिल हैं, जो अब पुलिस बल का हिस्सा बनकर समाज की सेवा कर रहे हैं।

होर्मुज से भारत ने निकाला अपना जहाज, ईरान से सहमति के बाद जयशंकर ने बताई सफलता की तरकीब

नई दिल्ली ईंधन संकट के बीच भारत को बड़ी राहत मिली है। ईरान ने दो भारतीय जहाजों को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से निकलने की अनुमति दी थी। अब विदेश मंत्री एस जयशंकर ने इस फैसले के पीछे की वजह का खुलासा किया है। उन्होंने यह भी साफ किया है कि जहाज गुजरने देने के बदले भारत ने ईरान से कोई सौदा नहीं किया है। अमेरिका और इजरायल से संघर्ष के बीच ईरान ने स्ट्रेट पर रोक लगा दी है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, जयशंकर ने कहा, ‘फिलहाल मैं उनसे (विदेशी पक्षों से) बातचीत कर रहा हूं और मेरी इस बातचीत के कुछ सकारात्मक नतीजे भी निकले हैं। यह प्रक्रिया अभी जारी है। अगर मुझे इसके नतीजे मिल रहे हैं, तो स्वाभाविक रूप से मैं इसे आगे भी जारी रखूंगा।’ उन्होंने कहा, ‘भारत के नज़रिए से यह बेहतर है कि हम तर्क-वितर्क करें, आपसी समन्वय बनाएं और किसी समाधान तक पहुंचें।’ क्या हुआ है कोई सौदा? उन्होंने कहा कि दिल्ली और तेहरान के बीच लेनदेन का इतिहास रहा है…। उन्होंने कहा कि इसके आधार पर ही उनके साथ बातचीत हुई। विदेश मंत्री ने कहा, ‘यह एक्सचेंज का मुद्दा नहीं है। भारत और ईरान का संबंध है। और यह एक संघर्ष है, जिसे हम दुर्भाग्यपूर्ण मानते हैं।’ उन्होंने कहा, ‘अभी तो बस शुरुआत है। हमारे और भी कई जहाज वहाँ मौजूद हैं। इसलिए, हालांकि यह एक स्वागत योग्य घटनाक्रम है, लेकिन बातचीत अभी भी जारी है क्योंकि उस दिशा में अभी काफी काम किया जाना बाकी है।’ दो और देशों से की बात जयशंकर ने सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के विदेश मंत्रियों से पश्चिम एशिया में उभरती स्थिति के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की। जयशंकर ने शनिवार रात यूएई के विदेश मंत्री शेख अब्दुल्ला बिन जायद अल नाहयान और सऊदी अरब के विदेश मंत्री फैसल बिन फरहान से फोन पर बातचीत की। माना जाता है कि जयशंकर की दोनों विदेश मंत्रियों के साथ हुई बातचीत में भारत की ऊर्जा सुरक्षा का मुद्दा भी शामिल था। क्यों जरूरी है स्ट्रेट ऑफ होर्मुज स्ट्रेट ऑफ होर्मुज या होर्मुज जलडमरू मध्य फारस की खाड़ी को अरब सागर से जोड़ने वाला संकरा समुद्री रास्ता है। दुनिया के ऊर्जा व्यापार का बड़ा हिस्सा इसी मार्ग से गुजरता है, इसलिए यह वैश्विक अर्थव्यवस्था की धड़कन माना जाता है। इस मार्ग से वैश्विक तेल और गैस का लगभग 20 प्रतिशत प्रवाह होता है। खास बात है कि 60 प्रतिशत कच्चा तेल भारत का होर्मुज मार्ग से आता है। दुनिया के समुद्री रास्ते से होने वाले कच्चे तेल का लगभग पांचवां हिस्सा LNG इसी रास्ते से गुजरती है। सऊदी अरब, इराक, कुवैत, यूएई और कतर जैसे प्रमुख ऊर्जा उत्पादक देश अपने निर्यात के लिए इस मार्ग पर निर्भर हैं।

कान्यकुब्ज समाज का छत्तीसगढ़ के विकास में महत्वपूर्ण योगदान, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का बयान रायपुर में

रायपुर  छत्तीसगढ़ में कान्यकुब्ज ब्राह्मण समाज का इतिहास गौरवशाली रहा है और यह समाज प्रदेश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने आज राजधानी रायपुर के आशीर्वाद भवन में आयोजित कान्यकुब्ज शिक्षा मंडल के होली मिलन समारोह को संबोधित करते हुए यह बात कही। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन समाज को एक सूत्र में जोड़ने के साथ-साथ नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक विरासत और परंपराओं से जोड़ने का अवसर प्रदान करते हैं। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने समाज के विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट सेवाएं देने वाले लोगों को सम्मानित भी किया। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि प्रदेश में गोधन संरक्षण और गौसेवा को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। इसी कड़ी में राज्य में गौधाम योजना की शुरुआत की गई है। इस योजना के तहत प्रदेश के सभी जिलों में चरणबद्ध रूप से गौधाम स्थापित किए जाएंगे, जहां बेसहारा और घुमंतू गौवंश को सुरक्षित आश्रय उपलब्ध कराया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में शासकीय भूमि पर स्थापित सभी गौधाम अब “सुरभि गौधाम” के नाम से जाने जाएंगे।  इन गौधामों में पशुपालन, हरा चारा उत्पादन तथा गोबर से उपयोगी उत्पाद तैयार करने से संबंधित प्रशिक्षण कार्यक्रम भी संचालित किए जाएंगे, जिससे स्वरोजगार के नए अवसर सृजित होंगे और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ का प्रभु राम से विशेष संबंध है। छत्तीसगढ़ माता कौशल्या का मायका और प्रभु राम का ननिहाल है। उन्होंने कहा कि  रामलला दर्शन योजना के तहत अब तक 42 हजार से अधिक रामभक्तों को अयोध्या में प्रभु राम के दर्शन कराए जा चुके हैं। वहीं मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना के अंतर्गत बुजुर्गों को विभिन्न तीर्थस्थलों का दर्शन कराया गया है। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा “बिजली बिल भुगतान समाधान योजना 2026” की शुरुआत की गई है। इस योजना के तहत 28 लाख 42 हजार उपभोक्ताओं को 757 करोड़ रुपये से अधिक की राहत मिलेगी। योजना का लाभ लेने के लिए उपभोक्ता मोर बिजली ऐप के माध्यम से पंजीयन कर सकते हैं। इसके लिए राज्यभर में समाधान शिविरों का आयोजन भी किया जाएगा। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने औषधि पादप बोर्ड के उपाध्यक्ष  अंजय शुक्ला तथा कान्यकुब्ज सभा शिक्षा मंडल के पदाधिकारियों सहित सभी आयोजकों को आयोजन के लिए बधाई और शुभकामनाएं दीं।  इस अवसर पर छत्तीसगढ़ स्टेट सिविल सप्लाईज कार्पोरेशन के अध्यक्ष  संजय वास्तव, कान्यकुब्ज सभा-शिक्षा मंडल के अध्यक्ष  सुरेश मिश्रा, पत्रकार शिरीष मिश्रा, राजेश मिश्रा अरविन्द अवस्थी, मोहन तिवारी, गौरव शर्मा सहित बड़ी संख्या में कान्यकुब्ज समाज के गणमान्यजन उपस्थित थे।

भोपाल में कृषि वर्ष पर मंत्रियों और विधायकों का महामंथन, सीएम के साथ प्रेजेंटेशन, खेती को लाभकारी बनाने पर चर्चा

भोपाल  सीएम डॉ मोहन यादव आज अभिमुखीकरण कार्यक्रम में शामिल होंगे। कृषि कल्याण वर्ष के तहत कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। कुशाभाऊ कन्वेंशन सेंटर में जनप्रतिनिधियों और प्रबुद्धजनों का अभिमुखीकरण कार्यक्रम होगा। जिसमें किसान कल्याण एवं कृषि विकास विभाग सहित उद्यानिकी, मत्स्य पालन, सहकारिता एवं पशुपालन विभाग अंतर्गत क्रियान्वित योजनाओं के बारे में बताया जाएगा। किसान कल्याण की विभिन्न योजनाओं और गतिविधियों की जानकारी जनप्रतिनिधियों एवं प्रबुद्धजनों से साझा की जाएगी। खेती को लाभ का धंधा बनाने पर फोकस इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य “कृषि वर्ष” के दौरान जनप्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करना है। दिनभर चलने वाले इस मंथन में इस बात पर विशेष जोर दिया जाएगा कि सरकारी योजनाओं को धरातल पर उतारकर खेती को वास्तविक रूप में ‘फायदे का धंधा’ कैसे बनाया जाए। भोजन अवकाश के बाद दोपहर में कृषि और उससे संबद्ध विभिन्न विभागों के अपर मुख्य सचिव और प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री के सामने अपनी कार्ययोजना का प्रजेंटेशन देंगे। विभागवार होंगे प्रजेंटेशन     कृषि विभाग: उन्नत बीज, खाद और नई तकनीकों पर आधारित योजनाएं।     उद्यानिकी एवं मत्स्य पालन: नकदी फसलों और मछली पालन के जरिए आय दोगुनी करने का रोडमैप।     सहकारिता एवं पशुपालन: डेयरी और सहकारी समितियों के सुदृढ़ीकरण पर चर्चा। आज के कार्यक्रम की प्रमुख रूपरेखा     विशेष तकनीकी सत्र (सुबह 11:00 – 12:30): कृषि, उद्यानिकी और मत्स्य विभाग के विशेषज्ञों द्वारा जनप्रतिनिधियों का मार्गदर्शन।     सवालों का निराकरण (दोपहर 03:10): विधायक और अन्य जनप्रतिनिधि अपने क्षेत्रों की समस्याओं और खेती से जुड़े सुझाव सीधे विभाग के बड़े अधिकारियों के सामने रखेंगे।     मंत्रीगणों का संबोधन (दोपहर 03:20): संबंधित विभागों के मंत्री अपनी प्राथमिकताओं को साझा करेंगे।     मुख्यमंत्री का मुख्य संबोधन (दोपहर 03:30): डॉ. मोहन यादव प्रदेश के किसानों के हित में सरकार के विजन और आगामी रणनीतियों पर अपनी बात रखेंगे। सक्रिय सहभागिता को लेकर मंथन किसान कल्याण एवं कृषि विकास विभाग द्वारा आयोजित इस ‘अभिमुखीकरण’ कार्यक्रम के जरिए सरकार चाहती है कि हर जिले का जनप्रतिनिधि अपने क्षेत्र के किसानों को सीधे योजनाओं से जोड़ने में मदद करे, ताकि कृषि क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव लाया जा सके।

अनंत सिंह का राजनीति से रिटायरमेंट का ऐलान, बोले- “अब चुनाव नहीं लड़ूंगा, बच्चों को सौंपूंगा राजनीति की कमान”

पटना: बिहार में राज्यसभा चुनाव के दौरान बाहुबली नेता अनंत सिंह वोट डालने के लिए पहुंचे.  मतदान करने के बाद वो फिर से जेल लौट गए. इस दौरान उन्होंने मीडिया से बातचीत करते हुए कई अहम बयान दिए. अनंत सिंह ने  ऐलान किया कि अब वे आगे कोई चुनाव नहीं लड़ेंगे. उन्होंने कहा कि अब उनके बच्चे ही राजनीति में आगे बढ़ेंगे और चुनाव लड़ेंगे. बताया जा रहा है कि नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने की चर्चा के बाद ही अनंत सिंह ने यह फैसला लिया है. फिलहाल उनके इस बयान से बिहार की राजनीति में नई चर्चा शुरू हो गई है. अनंत सिंह ने दावा किया कि एनडीए के सभी पांचों उम्मीदवार चुनाव जीतेंगे. उन्होंने कहा कि गठबंधन मजबूत है और सभी प्रत्याशियों की जीत तय मानी जा रही है. मुख्यमंत्री पद को लेकर भी अनंत सिंह ने बड़ा बयान दिया. उन्होंने कहा कि निशांत कुमार में मुख्यमंत्री बनने के सभी गुण मौजूद हैं. हालांकि बिहार का अगला मुख्यमंत्री कौन होगा, यह फैसला बड़े नेता करेंगे. पिछले साल मिली थी धमाकेदार जीत बता दें कि पिछले साल बिहार विधानसभा चुनाव में अनंत सिंह को धमाकेदार जीत मिली थी. उन्होंने मोकामा सीट से 28,206 वोटों के अंतर से जीत हासिल की थी. अनंत सिंह ने आरजेडी की उम्मीदवार वीणा देवी को हराया था. अनंत सिंह को 91,416 वोट मिले, जबकि वीणा देवी को 63,210 वोट मिले. जेल में रहने के बावजूद अनंत सिंह ने ये चुनाव जीता था. 3 फरवरी 2026 को उन्हें जेल से पुलिस की गाड़ी में बिहार विधानसभा लाया गया. जहां उन्होंने विधायक पद की शपथ ली. शपथ लेने के बाद उन्हें फिर से जेल वापस ले जाया गया. अनंत सिंह क्यों हैं जेल में? अनंत सिंह इस समय जेल में हैं. उन पर प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी के समर्थक दुलार चंद यादव की हत्या के मामले में शामिल होने का आरोप है. 1 नवंबर 2025 को बिहार विधानसभा चुनाव से ठीक पहले उन्हें गिरफ्तार किया गया था. ये गिरफ्तारी उनके समर्थकों और यादव के लोगों के बीच हुई झड़प के बाद हुई, जिसमें दुलार चंद यादव की मौत हो गई थी. पटना की एक अदालत ने उन्हें बेऊर जेल में न्यायिक हिरासत में भेज दिया. नवंबर 2025 में स्पेशल MP-MLA कोर्ट ने उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी थी. अब इस फैसले को पटना हाई कोर्ट में चुनौती देने की तैयारी की जा रही है. अनंत सिंह का चुनावी सफर अनंत सिंह ने 2005 में जेडीयू (JD(U)) के टिकट पर मोकामा सीट से पहली बार विधायक का चुनाव जीता था. इसके बाद वह कुल 6 बार विधायक चुने जा चुके हैं. उन्होंने 2005, 2010, 2015, 2020 और 2025 में चुनाव जीता. अलग-अलग चुनावों में उन्होंने कभी किसी पार्टी के टिकट पर तो कभी निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में जीत हासिल की.     2005 – पहली बार मोकामा से विधायक बने (JDU के टिकट पर)     2010 – दूसरी बार जीत हासिल की (JDU)     2015 – तीसरी बार जीत (निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में)     2020- चौथी बार जीत (RJD के टिकट पर)     2022-आर्म्स केस में सजा के बाद उनकी सदस्यता चली गई. इस दौरान उनकी पत्नी नीलम देवी ने उपचुनाव जीतकर सीट बरकरार रखी.     2025- छठी बार मोकामा सीट से जीत (JDU). जबकि वे उस समय जेल में थे और RJD की वीणा देवी को करीब 28,206 वोटों से हराया.  

सिंथन टॉप पर बर्फबारी में फंसे 200+ पर्यटकों को सेना और पुलिस ने किया सुरक्षित बचाव

श्रीनगर  दक्षिण कश्मीर के अनंतनाग जिले में स्थित सिंथन टॉप पर भारी बर्फबारी के बीच फंसे 200 से अधिक पर्यटकों को सुरक्षित निकाला गया है। भारतीय सेना और जम्मू-कश्मीर पुलिस ने एक संयुक्त अभियान के तहत इन लोगों का रेस्क्यू किया। भारतीय सेना के अनुसार, 19 राष्ट्रीय राइफल्स के जवानों ने जम्मू-कश्मीर पुलिस (अनंतनाग) के साथ मिलकर सिंथन दर्रे पर बचाव अभियान शुरू किया। यह कदम तब उठाया गया जब लगातार हो रही बर्फबारी, सड़कों के फिसलन भरे होने और बहुत कम विजिबिलिटी (दिखाई देने की क्षमता) के कारण कई वाहन और यात्री वहां फंस गए थे। कठिन मौसम की परिस्थितियों और दुर्गम रास्तों का सामना करते हुए संयुक्त टीमों ने 214 फंसे हुए पर्यटकों और स्थानीय नागरिकों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाकर उन्हें वहां से निकालने में सफलता हासिल की। भारतीय सेना ने बताया कि यह बचाव अभियान बेहद चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बावजूद चलाया गया, जिससे इस ऊंचे पहाड़ी दर्रे पर फंसे हुए सभी लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सकी। कश्मीर घाटी के विभिन्न प्रमुख शहरों में मौसम ठंडा बना हुआ है। सोमवार को गुलमर्ग में तापमान लगभग 0.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जहां हवा शांत रही और आर्द्रता 100 प्रतिशत रही। जम्मू शहर में तापमान 14 डिग्री सेल्सियस रहा और लगभग 20.4 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलीं, जबकि आर्द्रता 94 प्रतिशत दर्ज की गई। पहलगाम में तापमान 1.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है और यहां भी हवा शांत रही। श्रीनगर शहर में तापमान 6.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है। यहां उत्तर-पूर्वी दिशा से लगभग 3.7 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलीं और आर्द्रता 94 प्रतिशत रही। बनिहाल में तापमान 5.2 डिग्री सेल्सियस रहा। कटरा में तापमान 9.8 डिग्री सेल्सियस रहा और उत्तर-पश्चिमी दिशा से लगभग 3.7 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलीं। वहीं कुपवाड़ा में तापमान 4.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है। इससे पहले, जम्मू-कश्मीर के ऊंचे इलाकों में ताजा बर्फबारी और मैदानी इलाकों में बारिश के कारण रविवार को तापमान में भारी गिरावट आई, जिससे फरवरी के बाद पहली बार तापमान सामान्य से नीचे चला गया। पीर की गली, सिंथन टॉप, मरगन टॉप, गुलमर्ग, दूधपथरी, गुरेज घाटी, साधना टॉप, पहलगाम के ऊपरी इलाकों और सोनमर्ग-जोजिला मार्ग समेत कई ऊंचे इलाकों में 4 से 6 इंच तक बर्फबारी हुई। रास्तों के फिसलन भरे होने के कारण, कश्मीर को कारगिल और लेह से जोड़ने वाली गुरेज-बांदीपोरा सड़क और सोनमर्ग-जोजिला सड़क पर वाहनों की आवाजाही बंद रही। पुलिस प्रशासन की ओर से कश्मीर को पीर पंजाल क्षेत्र से जोड़ने वाली मुगल रोड को भी बंद कर दिया गया। इसके साथ ही, कश्मीर को चिनाब घाटी से जोड़ने वाले सिंथन टॉप और मरगन टॉप मार्गों को भी बंद कर दिया गया। जम्मू संभाग के किश्तवाड़ जिले के कई हिस्सों में भी हल्की से मध्यम बर्फबारी की सूचना मिली, जिसमें मरवाह और वारवान की जुड़वां घाटियां और रामबन जिले के ऊपरी इलाके शामिल हैं।

दिल्ली HC का फैसला, यौन उत्पीड़न में बच्चियों को बार-बार कोर्ट बुलाना मानसिक आघात, निचली अदालतों को फटकार

नई दिल्ली दिल्ली हाई कोर्ट ने पॉक्सो केस में पीड़िताओं को बार-बार कोर्ट में पेशी के लिए बुलाने के लिए निचली अदालतों के रवैये पर चिंता जताई। हाई कोर्ट जज स्वर्ण कांता शर्मा की अदालत ने निर्देश दिया है कि नाबालिग पीड़ितों को ट्रायल या जमानत सुनवाई के दौरान बार-बार अदालत में पेशी के लिए बुलाना ठीक नहीं है। ऐसा करने से बच्चों को मानसिक पीड़ा और दोबारा ट्रॉमा का सामना करना पड़ सकता है। मामला 2022 के एक यौन उत्पीड़न केस से जुड़ा है। जिसमें ट्रायल के दौरान नाबालिग पीड़िता को 9 बार कोर्ट में पेश होना पड़ा। इतना ही नहीं पेश न होने पर जमानती वारंट तक जारी किया गया। बार एंड बेंच में छपि खबर के मुताबिक, जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा की अदालत ने कहा कि प्रोटेक्शन ऑफ चिल्ड्रन फ्रॉम सेक्सुअल ऑफेंस एक्ट के तहत अदालतों को ‘चाइल्ड-फ्रेंडली’ प्रक्रिया अपनानी चाहिए, ताकि नाबालिग पीड़ितों को बार-बार या अनावश्यक रूप से अदालत में उपस्थित न होना पड़े। अदालत ने यह भी कहा कि बच्चों के बयान दर्ज करने के लिए संभव हो तो वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग का उपयोग किया जाए, जिससे उन्हें अदालत में आने की आवश्यकता कम हो। अदालत ने अपने आदेश में आगे कहा कि जमानत याचिकाओं की सुनवाई के दौरान पीड़ित को अपनी बात रखने का अधिकार है, लेकिन एक बार यदि जमानत पर पीड़ित के आपत्ति या विचार दर्ज हो जाएं, तो हर सुनवाई पर उसकी शारीरिक या वर्चुअल उपस्थिति पर जोर देना उचित नहीं है। 2022 का यौन उत्पीड़न मामला यह टिप्पणी हाई कोर्ट ने 2022 में दर्ज एक यौन उत्पीड़न मामले की तीन नाबालिग पीड़िताओं की याचिका पर सुनवाई करते हुए की। याचिका के अनुसार तीनों लड़कियां लापता हो गई थीं और बाद में दिल्ली में मिलीं। उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें दो दिनों तक कई आरोपियों ने बंधक बनाकर यौन उत्पीड़न किया और धमकाया। इस मामले में बलात्कार, मानव तस्करी और पॉक्सो अधिनियम के तहत भी आरोप जोड़े गए। बार-बार गवाही के लिए बुलाने से मानसिक तनाव याचिकाकर्ताओं ने अदालत को बताया कि ट्रायल के दौरान उन्हें कई बार अदालत में गवाही के लिए बुलाया गया, जिससे उन्हें मानसिक रूप से काफी परेशानी हुई। एक पीड़िता को तो उसकी गवाही पूरी होने से पहले नौ बार अदालत बुलाया गया, जबकि बाकी दोनों को भी कई बार पेश होना पड़ा। यहां तक कि एक नाबालिग पीड़िता के अदालत में उपस्थित न होने पर ट्रायल कोर्ट ने उसके खिलाफ जमानती वारंट भी जारी कर दिया था। बाद में हाईकोर्ट ने उस वारंट को रद्द कर दिया। ट्रायल कोर्ट को निर्देश हाईकोर्ट ने कहा कि नाबालिग पीड़ितों के हित में पहले भी कई दिशानिर्देश जारी किए जा चुके हैं। इसलिए ट्रायल कोर्ट और विशेष अदालतों को इन्हें एक समान और सख्ती से लागू करना चाहिए, ताकि बच्चों को न्यायिक प्रक्रिया के दौरान अनावश्यक मानसिक पीड़ा न झेलनी पड़े।

खाड़ी देशों को यूक्रेन का प्रशिक्षण, ईरान के हथियारों से निपटने के लिए होगी तैयारियां

कीव  ईरान युद्ध के बीच यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने खाड़ी देशों और अमेरिका को मदद भेजने की पेशकश की, लेकिन बदले में उन्होंने वित्तीय मदद और तकनीक की मांग की है, जबकि ईरान ने इसे ‘मजाक’ बताया है। ईरान युद्ध के चलते खाड़ी देशों में बढ़ते तनाव और मिसाइल-ड्रोन हमलों के बीच यूक्रेन ने अमेरिका और उसके सहयोगी देशों को मदद देने की पेशकश की है। लेकिन यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की ने साफ कह दिया है कि यह मदद बिना शर्त नहीं होगी। उन्होंने कहा है कि यूक्रेन ड्रोन पर अपनी विशेषज्ञता साझा कर सकता है, लेकिन इसके बदले उसे रूस से लड़ने के लिए आर्थिक सहायता और नई तकनीक की जरूरत है। रूस के साथ चार साल से जारी युद्ध के दौरान यूक्रेन ने ईरान के डिजाइन वाले ‘कामिकाजे’ ड्रोन से लड़ने का बड़ा अनुभव हासिल किया है। यही अनुभव अब यूक्रेन को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक महत्वपूर्ण सुरक्षा साझेदार बना रहा है। भारत भी करता है इस्तेमाल दरअसल ‘शाहेद ड्रोन’ कामिकाजे ड्रोन का ही एक प्रकार है जिसे ईरान और रूस इस्तेमाल करते हैं। इन्हें अमेरिका, भारत और यूक्रेन खुद भी इस्तेमाल करते हैं। रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, यूक्रेन ने खाड़ी के चार देशों में अपने विशेषज्ञ भेजे हैं। राष्ट्रपति जेलेंस्की ने बताया कि हर टीम में कई दर्जन विशेषज्ञ शामिल हैं। उन्होंने कहा कि ये टीमें ‘स्थिति का विशेष आकलन करेंगी और दिखाएंगी कि ड्रोन-रोधी सुरक्षा प्रणाली कैसे काम करनी चाहिए।’ एक्सपर्ट्स भेजे यूक्रेन का कहना है कि रूस के साथ युद्ध में उसने ईरान के ‘शाहेद’ ड्रोन के खिलाफ काफी अनुभव हासिल किया है। रूस ने इन ड्रोन का इस्तेमाल यूक्रेनी शहरों और बुनियादी ढांचे पर हमलों में बड़े पैमाने पर किया है। इसलिए यूक्रेन का कहना है कि वह उन देशों की मदद करना चाहता है जो समान खतरे का सामना कर रहे हैं। यूक्रेन के मुताबिक उसके विशेषज्ञ कतर, संयुक्त अरब अमीरात और सऊदी अरब में काम शुरू कर चुके हैं। यूक्रेन का कहना है कि वह अपनी एंटी-ड्रोन तकनीक और विशेषज्ञता साझा कर सकता है, लेकिन इसके बदले उसे सहयोगियों से मजबूत समर्थन चाहिए होगा। यूक्रेन की जरूरतें कीव लंबे समय से पश्चिमी देशों से वायु-रक्षा मिसाइलों और मॉडर्न तकनीक की मांग कर रहा है। यूक्रेन का मानना है कि रूस के लगातार हमलों के कारण उसे इन प्रणालियों की सख्त जरूरत है। जेलेंस्की ने यह भी कहा कि अमेरिका ने इस मुद्दे पर कई बार यूक्रेन से संपर्क किया है। लेकिन इस मामले में अलग-अलग बयान सामने आए हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंपने फॉक्स न्यूज रेडियो से कहा कि उनके देश को ड्रोन रक्षा के लिए ‘यूक्रेन की मदद की जरूरत नहीं है।’ इसके बावजूद यूक्रेन अपनी विशेषज्ञता को एक रणनीतिक संपत्ति के तौर पर पेश कर रहा है, जिससे उसे आर्थिक सहायता और नई सैन्य तकनीक मिल सके। ईरान की तीखी प्रतिक्रिया यूक्रेन के इस कदम पर ईरान ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। कीव में ईरान के दूत शाह्रियार अमूजेगर ने यूक्रेन की भूमिका को खारिज करते हुए कहा, ‘जहां तक खाड़ी देशों में ड्रोन के खिलाफ यूक्रेन की कार्रवाइयों का सवाल है, हम इसे मूल रूप से मजाक और दिखावटी कदम से ज्यादा कुछ नहीं मानते।’ उन्होंने यह भी कहा, ‘दुर्भाग्य से यूक्रेन अब प्रभावी रूप से हमारे साथ सीधे टकराव के चरण में प्रवेश कर चुका है; यानी उसने खुद को हमारे दुश्मनों के साथ खड़ा कर लिया है।’ अमूजेगर ने यह दावा भी किया कि ईरान रूस के आक्रमण में शामिल नहीं है और वह यूक्रेन की क्षेत्रीय अखंडता का समर्थन करता है। उनके मुताबिक कीव ने ‘पश्चिम से अधिक संसाधन हासिल करने के लिए ‘ईरान कार्ड’ खेला है।’ ईरानी सांसद इब्राहिम अजीजी ने भी कड़ा बयान देते हुए कहा कि अब यूक्रेन ने ‘अपने पूरे क्षेत्र को ईरान के टारगेट में बदल दिया है।’ उन्होंने संयुक्त राष्ट्र चार्टर के अनुच्छेद 51 का हवाला देते हुए इसे ‘आत्मरक्षा’ का अधिकार बताया। हालांकि यूक्रेन ने इस बयान को तुरंत खारिज कर दिया। यूक्रेन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता जॉर्जी तिखी ने कहा कि यह दावा ‘बेतुका’ है और यह ‘ऐसा है जैसे कोई सीरियल किलर अपने अपराधों को सही ठहराने के लिए आपराधिक संहिता का हवाला दे।’

स्वास्थ्य सुविधाओं के विकास में सरकार की प्रतिबद्धता जताते हुए CM साय ने किया बयान

स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार के लिए प्रतिबद्ध है हमारी सरकार – मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय छत्तीसगढ़ को मिली डीएम कार्डियोलॉजिस्ट की 2 सीट, लोगों को मिलेगा बेहतर इलाज का लाभ चिकित्सक संगठन एवं मेडिकल छात्राओं ने मुख्यमंत्री का सम्मान कर जताया आभार रायपुर  मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय से  राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में चिकित्सक संगठन एवं मेडिकल छात्राओं ने सौजन्य मुलाकात की और प्रदेश को डीएम कार्डियोलॉजिस्ट की 2 सीट मिलने पर उनका आभार व्यक्त किया।  मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने कहा कि हमारी सरकार प्रदेश में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में हमारी सरकार लगातार प्राथमिकता के साथ बेहतर कार्य कर रही है, ताकि प्रदेशवासियों को सहज और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ मिल सके। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि प्रदेश में स्वास्थ्य केंद्रों में बुनियादी सुविधाओं के साथ-साथ उच्चस्तरीय स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए भी निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि एक समय प्रदेश में केवल एक मेडिकल कॉलेज हुआ करता था, जिसमें लगभग 100 से 150 सीटें थीं। आज प्रदेश के विभिन्न स्थानों पर 14 मेडिकल कॉलेज स्थापित हो चुके हैं, जिनमें लगभग 1400 सीटें उपलब्ध हैं। इसके साथ ही फिजियोथेरेपी, नर्सिंग सहित अन्य उच्च शैक्षणिक संस्थान भी स्थापित हुए हैं, जिनका लाभ प्रदेश के विद्यार्थियों को मिल रहा है। उन्होंने कहा कि नवा रायपुर में मेडिको सिटी की स्थापना की जा रही है, जहां बड़े-बड़े सुपरस्पेशलिटी अस्पताल स्थापित किए जाएंगे, जिससे प्रदेश के लोगों को अत्याधुनिक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध होंगी। मुख्यमंत्री  साय ने छत्तीसगढ़ को डीएम कार्डियोलॉजिस्ट की 2 सीट प्रदान किए जाने पर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री  जगत प्रकाश नड्डा के प्रति भी आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर  तुलसी कौशिक, डॉ. देवेंद्र कश्यप सहित जूडो और मेडिकल कॉलेज के छात्र-छात्राएं बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

होर्मुज पर ट्रंप की योजना को झटका, जापान और ऑस्ट्रेलिया ने किया इंकार, साउथ कोरिया ने कहा- हम सोचेंगे

वाशिंगटन अमेरिका और ईरान के बीच जारी युद्ध (US-Iran War) में ईरानी घमकियों के मद्देनजर डोनाल्ड ट्रंप ने सहयोगी देशों से Hormuz Strait की सुरक्षा के लिए युद्धपोत भेजने की अपील की थी. दुनिया के 20% तेल की आवाजाही के लिए जरूरी इस समुद्री रूट को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति आर-पार के मूड में हैं और बड़ा बयान देते हुए कहा कि ये देखना दिलचस्प होगा कि कौन से देश हमारे अनुरोध को ठुकराते हैं और हमारी मदद के लिए युद्धपोत नहीं भेजता है. इस बीच बता दें कि जापान से लेकर ऑस्ट्रेलिया और तुर्की तक ने होर्मुज में अपने युद्धपोत भेजने से लगभग इनकार कर दिया है। ट्रंप बोले- हम 7 देशों से कर रहे बात  होर्मुज को लेकर ईरान की धमकियों (Iran Warnings On Hormuz) के बीच ट्रंप ने कई देशों से युद्धपोत भेजने का आह्वान बीते दिनों किया था. इस बीच एयर फोर्स वन में बोलते हुए Donald Trump ने कहा कि वह होर्मुज की निगरानी के लिए अन्य देशों से सहयोग के लिए बातचीत कर रहे हैं. उन्होंने बताया कि उनका प्रशासन Hormuz Strait की सुरक्षा को लेकर 7 देशों से बातचीत कर रहा है. ट्रंप ने ईरान युद्ध के तीसरे हफ्ते में प्रवेश करने के साथ क्षेत्रीय स्थिरता और वैश्विक ऊर्जा बाजारों पर इसके प्रभाव पर जोर दिया। ‘मदद करे तो अच्छा, न करे तो बहुता अच्छा’ Donald Trump होर्मुज स्ट्रेट को लेकर पूरी तर अब आर-पार के मूड में नजर आ रहे हैं और सहयोगी देशों से मदद की अपील में भी उनकी सख्ती साफ झलक रही है. उन्होंने कहा है कि अगर ये देश हमारी मदद करते हैं तो बहुत अच्छा है और अगर नहीं करते हैं, तो भी बहुत अच्छा है. ट्रंप ने आगे कहा कि यह देखना दिलचस्प होगा कि कौन सा देश Hormuz Strait को खुला रखने जैसे छोटे से प्रयास में हमारी मदद नहीं करेगा। इन देशों से सहयोग की आस राष्ट्रपति ने कहा कि खाड़ी देशों के तेल पर निर्भर देशों को होर्मुज स्ट्रेट की सुरक्षा की जिम्मेदारी लेनी ही चाहिए. मैं मांग करता हूं कि ये देश आगे आएं और अपने क्षेत्र की रक्षा करें, क्योंकि यह उनका क्षेत्र है, यह वह स्रोत है जहां से उन्हें ऊर्जा मिलती है. हालांकि ट्रंप ने सभी 7 देशों का नाम नहीं लिया, लेकिन उन्होंने उम्मीद जताते हुए कहा कि कई देश होर्मुज के जरिए होने वाले तेल यातायात को सुचारू रखने के लिए युद्धपोत भेजेंगे. उन्होंने चीन, फ्रांस, जापान, दक्षिण कोरिया और ब्रिटेन का नाम उन देशों में लिया, जिनसे उन्हें सहयोग की उम्मीद है. हालांकि, किसी भी देश ने अभी तक ट्रंप की इस अपील पर आगे आकर अपनी प्रतिक्रिया नहीं दी है और न ही युद्धपोत भेजे हैं। जापान-ऑस्ट्रेलिया से तुर्की तक का इनकार ट्रंप के युद्धपोत भेजने की अपील पर जापान का कहना है कि अमेरिका राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दूसरे देशों से होर्मुज स्ट्रेट की सुरक्षा में मदद के लिए वॉरशिप भेजने को कहा था, लेकिन वह समुद्री सुरक्षा ऑपरेशन पर विचार नहीं कर रहा है. जापानी प्रधानमंत्री (Japan PM) का कहना है कि जापान को अभी तक US से होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों को एस्कॉर्ट करने के लिए अपनी नेवी भेजने का रिक्वेस्ट नहीं मिला है, इसलिए जवाब देना मुश्किल है। वहीं दूसरी ओर एएफपी की रिपोर्ट की मानें, तो ऑस्ट्रेलिया का कहना है कि ट्रंप के रिक्वेस्ट के बाद वह होर्मुज स्ट्रेट में नेवी शिप नहीं भेजेगा. नाटो में अमेरिका के पार्टनर तुर्की ने इस जंग से पहले ही पल्ला झाड़ लिया है. वहीं साउथ कोरिया इस बात पर ध्यान से विचार करने की बात कह रहा है कि होर्मुज स्ट्रेट में अपना वॉरशिप तैनात किया जाए या नहीं। फ्रांस ने भी झाड़ लिया पल्ला  न सिर्फ जापान, कोरिया, तुर्की और ऑस्ट्रेलिया, बल्कि अब फ्रांस की रक्षा मंत्री कैथरीन वॉट्रिन ने भी ट्रंप के अनुरोध पर दो टूक जबाव दिया है. उन्होंने कहा है कि जब तक युद्ध बढ़ता रहेगा, फ्रांस Hormuz Strait में अपने जंगी जहाज नहीं भेजेगा. वहीं जर्मनी के विदेश मंत्री जोहान वेडेफुल ने ऑपरेशन के बढ़ने की संभावना पर शक जताया और जर्मन ब्रॉडकास्टर ARD को बताया कि EU मिशन असरदार नहीं था, इसीलिए मुझे बहुत शक है कि एस्पाइड्स को होर्मुज तक बढ़ाने से ज्यादा सुरक्षा मिलेगी। ईरान की झमता लगभग खत्म! अमेरिकी राष्ट्रपति ने अपनी बात को दोहराते हुए कहा कि ईरान की उत्पादन क्षमता लगभग खत्म हो चुकी है, यही कारण है कि वह कम मिसाइलें दाग रहा है. ऐसे में होर्मुज की सुरक्षा और निगरानी का यह एक छोटा प्रयास है, हमने पहले ही ईरान की उत्पादन क्षमता को पूरी तरह नष्ट कर दिया है. उसकी ओर से मिसाइलें ही नहीं, बल्कि दागे जा रहे ड्रोनों की संख्या भी बहुत कम हो गई है और ये पहले की तुलना में करीब 20% रह गए हैं। इन देशों से सहयोग की उम्मीद हालांकि ट्रंप ने सभी सात सरकारों का नाम नहीं लिया, लेकिन उन्होंने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि कई देश होर्मुज जलडमरूमध्य से होकर गुजरने वाले समुद्री यातायात को सुचारू रखने के लिए युद्धपोत भेजेंगे, जहां से दुनिया के 20 प्रतिशत तेल का परिवहन होता है। उन्होंने चीन, फ्रांस, जापान, दक्षिण कोरिया और ब्रिटेन का नाम उन देशों में लिया जिनसे उन्हें सहयोग की उम्मीद है।  इतना खास क्यों है Hormuz? स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बंद होने से वो देश सबसे ज्यादा प्रभावित हैं जो सीधे तौर पर इस चोक पॉइंट से जुड़े हैं और तेल आयात पर निर्भर हैं. भारत और चीन जैसी बड़ी अर्थव्यवस्थाएं भी सीधे तौर पर इस रास्ते पर निर्भर हैं. ऐसे में यहां रुकावट इनकी आर्थिक हालात बिगड़ने में अहम रोल निभा सकती हैं. बता दें कि होर्मुज स्ट्रेट दुनिया का सबसे अहम चोक पॉइंट है, जहां से रोजाना लगभग 20 मिलियन बैरल तेल, यानी दुनिया की कुल खपत का करीब 20 प्रतिशत, गुजरता है. इसके साथ ही दुनिया की लगभग 20 प्रतिशत लिक्विफाइड नेचुरल गैस (LNG) भी इसी रास्ते से भेजी जाती है।

Chaitra Navratri 2026: चैत्र नवरात्र पर अमावस्या का प्रभाव, कलश स्थापना का जानें सही शुभ मुहूर्त

 इस साल चैत्र नवरात्र की शुरुआत 19 मार्च, गुरुवार के दिन से हो रही है. शक्ति की उपासना के यह दिन बहुत ही शुभ माने जाते हैं. हिंदू पंचांग के अनुसार, नवरात्र की शुरुआत चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से होती है और यह पर्व लगातार नौ दिनों तक मां दुर्गा की भक्ति और साधना के लिए समर्पित रहता है. इस साल का चैत्र नवरात्र कई मायनों में खास माना जा रहा है, क्योंकि लंबे समय बाद एक अनोखा संयोग बन रहा है. दरअसल, इस दिन चैत्र नवरात्र के घटस्थापना वाले दिन पर अमावस्या का संयोग भी बन रहा है। चैत्र नवरात्र पर अमावस्या का संयोग चैत्र नवरात्र पर चैत्र अमावस्या का संयोग करीब 72 साल बाद बन रहा है. इसलिए इस बार का पर्व धार्मिक दृष्टि से अधिक महत्वपूर्ण माना जा रहा है. हालांकि प्रतिपदा तिथि थोड़ी देर से शुरू होगी, फिर भी नवरात्र पूरे नौ दिनों तक ही मनाए जाएंगे। द्रिक पंचांग के मुताबिक, इस बार चैत्र अमावस्या की तिथि 18 मार्च की सुबह 8 बजकर 25 मिनट से शुरू होकर 19 मार्च की सुबह 6 बजकर 52 मिनट तक रहेगी. इसके बाद प्रतिपदा तिथि का आरंभ होगा, जिससे नवरात्र की शुरुआत मानी जाएगी. खास बात यह है कि अमावस्या और प्रतिपदा दोनों तिथियां सूर्योदय से मान्य होती हैं. इसी कारण इस बार अमावस्या के स्नान-दान और नवरात्र की घटस्थापना एक ही दिन यानी 19 मार्च को की जाएगी। चैत्र अमावस्या पर स्नान-दान का मुहूर्त  धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, चैत्र अमावस्या के दिन स्नान और दान का विशेष महत्व होता है. 19 मार्च को स्नान-दान के लिए सुबह 4 बजकर 51 मिनट से 5 बजकर 39 मिनट तक रहेगा. परंपरा के अनुसार, इस दिन ब्रह्म मुहूर्त में पवित्र नदी या घर पर स्नान कर दान-पुण्य करने की परंपरा है। चैत्र नवरात्र 2026 घटस्थापना का मुहूर्त नवरात्र के पहले दिन घटस्थापना का भी विशेष महत्व होता है. 19 मार्च को सुबह 6 बजकर 52 मिनट से 7 बजकर 43 मिनट तक कलश स्थापना का शुभ समय रहेगा. यदि इस समय में स्थापना न हो पाए तो दोपहर में अभिजीत मुहूर्त 12 बजकर 05 मिनट से 12 बजकर 53 मिनट तक भी कलश स्थापना की जा सकती है। इन दुर्लभ संयोगों में मनाई जाएगी नवरात्र इस साल नवरात्र की शुरुआत 19 मार्च (गुरुवार) से होगी और इसका समापन 27 मार्च को होगा. पहले दिन ग्रह-नक्षत्रों की स्थिति भी काफी शुभ मानी जा रही है. द्रिक पंचांग के अनुसार, इस दिन शुक्ल योग, ब्रह्म योग और सर्वार्थ सिद्धि योग एक साथ बन रहे हैं. इन तीनों योगों को अत्यंत शुभ माना जाता है और ऐसी मान्यता है कि इस समय मां दुर्गा की पूजा-अर्चना करने से मनोकामनाएं पूरी होती हैं।  

Oscars 2026: ‘वन बैटल आफ्टर एनदर’ की शानदार जीत, ‘सिनर्स’ के लिए माइकल बी जॉर्डन बने बेस्ट एक्टर

लॉस एंजिल्स 98वें ऑस्कर अवॉर्ड्स का मेन इवेंट यूएस के लॉस एंजेलिस में, डॉल्बी थिएटर में पूरा हो चुका है. दुनिया भर के सिनेमा को सेलिब्रेट करने वाले इस इवेंट में सबकी नजरें दो फिल्मों पर लगी थी- सिनर्स और वन बैटल आफ्टर एनदर। रायन कूगलर की ‘सिनर्स’ 16 नॉमिनेशंस के साथ, ऑस्कर में सबसे ज्यादा नॉमिनेटेड फिल्म बनकर इस इवेंट में पहुंची थी. इस फिल्म को शुरू से ही ऑस्कर्स के लिए फेवरेट माना जा रहा था. मेन कैटेगरीज से लेकर, टेक्निकल कैटेगरीज तक ‘सिनर्स’ का जलवा देखने लायक था. मगर इस फिल्म के हाथ 4 ही ऑस्कर आए। नॉमिनेशंस में दूसरे नंबर पर 13 नॉमिनेशन के साथ पॉल थॉमस एंडरसन की ‘वन बैटल आफ्टर एनदर’ थी. ये फिल्म अवार्ड सीजन में अचानक से सभी की फेवरेट बनकर उभरी थी. फिल्म की एंडरसन की सबसे एनर्जेटिक फिल्म कही जा रही ‘वन बैटल आफ्टर एनदर’ 6 ऑस्कर्स के साथ इस साल की सबसे बड़ी विनर साबित हुई।  फ्लोरल विंटेज गाउन-डायमंड नेकलेस में दिखा ईशा का रॉयल अंदाज एकेडमी अवॉर्ड्स 2026 यानी ऑस्कर 2026 के रेड कार्पेट पर कई बड़े सितारे नजर आए, लेकिन अंबानी फैमिली की लाडली ईशा अंबानी ने अपने फैशनेबल अंदाज से सारी लाइमलाइट चुरा ली. अपने स्टाइल और फैशनेबल चॉइसेज से अक्सर लोगों का दिल जीतने वाली ईशा अंबानी ने जैसे ही पति आनंद पीरामल के साथ ऑस्कर्स 2026 के रेड कार्पेट पर एंट्री ली सब देखते ही रह गए। ईशा ने अपने सादगी भरे लेकिन बेहद एलिगेंट लुक से खास ध्यान खींच लिया. फ्लोरल डिजाइन वाली खूबसूरत ड्रेस में ईशा का लुक बहुत ही फ्रेश और स्टाइलिश लग रहा था. उन्होंने इस बेहद खास इवनिंग के लिए विंटेज ड्रेस पहनना चुना, जिसने उनके स्टाइल में चार चांद लगा दिए। विंटेज Valentino गाउन में दिखीं बेहद ग्रेसफुल रेड कार्पेट के लिए ईशा अंबानी ने मशहूर फैशन हाउस Valentino का एक विंटेज स्ट्रैपलेस कॉलम गाउन चुना. ये ड्रेस Valentino के फॉल 2006 कूचर कलेक्शन का हिस्सा है। इस गाउन की खासियत इसकी खूबसूरत फ्लोरल एम्ब्रॉयडरी है, जो ईशा के लुक को अलग ही लेवल पर पहुंचा रही है. लाइट आइवरी कलर के बेस पर लाइलैक, गुलाबी, नीले और हरे रंग के फूलों की कढ़ाई की गई है, जो पूरे आउटफिट को बहुत ही फ्रेश और सॉफ्ट लुक दे रही है। डायमंड जूलरी ने बढ़ाई लुक की खूबसूरती अंबानी फैमिली अपने शानदार जूलरी कलेक्शन के लिए जाना जाता है. हर इवेंट में उनकी जूलरी की चर्चा होना आम बात है. इस बार भी कुछ ऐसा ही हुआ. ईशा ने अपने पूरे लुक को बेहद एलिगेंट और बैलेंस्ड रखा. उन्होंने भारी-भरकम जूलरी की जगह मिनिमल एक्सेसरीज को चुना, जिससे उनका स्टाइल और भी क्लासी नजर आया. इस लुक को खास बनाने के लिए उन्होंने फेमस ज्वेलरी डिजाइनर Lorraine Schwartz की शानदार डायमंड जूलरी पहनी थी, जिसने उनके आउटफिट में एक रॉयल टच जोड़ दिया। ‘सिनर्स’ के लिए माइकल बी जॉर्डन को उनका पहला बेस्ट एक्टर ऑस्कर मिला, जिन्हें कई सालों से क्रिटिक्स इस अवॉर्ड के लिए मजबूत दावेदार मान रहे थे. उन्हीं की तरह इस अवॉर्ड के मजबूत दावेदार माने जा रहे यंग स्टार टिमाथी शैलमे को इस बार भी निराशा हाथ लगी। पेश है ऑस्कर्स 2026 के विनर्स की पूरी लिस्ट: बेस्ट पिक्चर- वन बैटल आफ्टर एनदर बेस्ट एक्ट्रेस- जेसिका बकली बेस्ट एक्टर- माइकल बी जॉर्डन (सिनर्स) बेस्ट डायरेक्टर- पॉल थॉमस एंडरसन (वन बैटल आफ्टर एनदर) बेस्ट ऑरिजिनल सॉन्ग- गोल्डन (के-पॉप डेमन हंटर्स) बेस्ट इंटरनेशनल फीचर फिल्म- सेंटिमेंटल वैल्यू बेस्ट ऑरिजिनल स्क्रीनप्ले- रायन कूगलर (सिनर्स) बेस्ट सिनेमैटोग्राफी- ऑटम डुरल्ड आर्कापॉ (सिनर्स) बेस्ट फिल्म एडिटिंग- एंडी जर्गेनसन (वन बैटल आफ्टर एनदर) बेस्ट साउंड- F1 बेस्ट ऑरिजिनल स्कोर- लडविग गोरानसन (सिनर्स) बेस्ट सपोर्टिंग एक्टर- शॉन पेन (वन बैटल आफ्टर एनदर) बेस्ट अडाप्टेड स्क्रीनप्ले- पॉल थॉमस एंडरसन (वन बैटल आफ्टर एनदर)  बेस्ट कॉस्ट्यूम डिजाइन- फ्रैंकेंस्टीन बेस्ट मेकअप एंड हेयरस्टाइलिंग- फ्रैंकेंस्टीन बेस्ट कास्टिंग- कसांद्रा कुलुकुंडिस (वन बैटल आफ्टर एनदर) बेस्ट सपोर्टिंग एक्ट्रेस- एमी मैडिगन (वेपन्स) बेस्ट एनिमेटेड फीचर- के-पॉप डेमन हंटर्स बेस्ट एनिमेटेड शॉर्ट फिल्म- The Girl Who Cried Pearls बेस्ट लाइव एक्शन शॉर्ट फिल्म- The Singers और Two People Exchanging Saliva बेस्ट विजुअल इफ़ेक्ट्स- अवतार: फायर एंड ऐश  बेस्ट डाक्यूमेंट्री शॉर्ट फिल्म- ऑल द एम्पटी रूम्स  बेस्ट डाक्यूमेंट्री फीचर- मिस्टर नोबडी अगेन्सट पुतिन 

ओडिशा में अस्पताल में आग लगी, ICU में भर्ती 10 मरीजों की जान चली गई

 भुवनेश्वर ओडिशा के कटक स्थित SCB मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में सोमवार तड़के एक दर्दनाक हादसा हो गया. अस्पताल के मेडिसिन विभाग की इमारत में स्थित ट्रॉमा केयर ICU में भीषण आग लग गई. इस हादसे में अब तक कम से कम 10 मरीजों की मौत की खबर है। सोमवार सुबह करीब 3 बजे ट्रॉमा केयर यूनिट की पहली मंजिल पर आग लगी. कुछ ही मिनटों में पूरी ICU वार्ड में धुआं भर गया. उस समय वार्ड में कई गंभीर मरीज लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर थे। अस्पताल के कर्मचारी और अग्निशमन कर्मियों ने तुरंत बचाव कार्य शुरू किया. हालांकि, कई नाजुक हालत वाले मरीज धुएं और आग की तेज लपटों की चपेट में आ गए। अस्पताल प्रशासन और दमकल विभाग की मुस्तैदी से दर्जनों मरीजों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया. जो मरीज बच गए और जिनकी हालत गंभीर थी, उन्हें तुरंत ‘न्यू मेडिसिन ICU’ में शिफ्ट किया गया ताकि उनका इलाज जारी रह सके. आग पर काबू पाने के लिए दमकल की तीन गाड़ियों को लगाया गया, जिन्होंने घंटों की मशक्कत के बाद आग बुझाई। मुख्यमंत्री ने लिया जायजा हादसे की खबर मिलते ही मुख्यमंत्री मोहन माझी घटनास्थल पर पहुंचे. उन्होंने स्थिति का जायजा लिया और पीड़ित परिवारों से मिलकर अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं.  मौके पर स्वास्थ्य सचिव, कटक जिला कलेक्टर और डीसीपी भी राहत और बचाव कार्यों की निगरानी के लिए मौजूद रहे। हादसे में 10 लोगों की मौत मुख्यमंत्री मांझी ने कहा, ‘उस वार्ड में 23 मरीज भर्ती थे. बचाव अभियान से पहले ही वार्ड के अंदर 7 लोगों की मौत हो गई. बचाए जाने के बाद 3 लोगों की मौत चोटों और धुएं के कारण हुई. कुल मिलाकर 10 लोगों की मौत हुई. कम से कम पांच मरीज गंभीर रूप से घायल हो गए। इलाज करा रहे अस्पताल के दो कर्मचारी भी गंभीर रूप से घायल हो गए। सीएम ने मृतकों के परिवार को 25 लाख रुपये का मुआवजा देने की घोषणा भी की. कैसे लगी आग? शुरुआती जांच में माना जा रहा है कि ICU के एयर कंडीशनिंग सिस्टम या किसी मेडिकल उपकरण में इलेक्ट्रिकल शॉर्ट सर्किट की वजह से ये आग लगी होगी. सरकार ने इस मामले में उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए हैं. जांच में ये भी पता लगाया जाएगा कि क्या अस्पताल में फायर सेफ्टी प्रोटोकॉल के पालन में कोई लापरवाही बरती गई थी।

चुनाव की तारीखों के ऐलान के बाद IPL 2026 की मुश्किलें बढ़ीं, BCCI को शेड्यूल में करना पड़ सकता है बदलाव

नई दिल्ली इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल 2026) का शुरुआती शेड्यूल बीसीसीआई ने हाल ही में जारी किया था. 5 राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनाव को देखते हुए बीसीसीआई ने केवल 12 अप्रैल तक का ही शेड्यूल जारी किया था जिसमें कुल 20 मैचों की घोषणा की गई थी. लेकिन रविवार को जब चुनाव आयोग ने विधानसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान कर दिया है तो एक बार फिर इस आईपीएल शेड्यूल पर बहस छिड़ गई है. चर्चा है कि अब बीसीसीआई को फिर से इन जारी शेड्यूल में बदलाव करना पड़ सकता है. आखिर इसकी क्या वजह है. आइए आपको बताते हैं। चुनाव आयोग ने असम में 9 अप्रैल को मतदान की तारीख तय की है. यानी असम की 126 विधानसभा सीटों के लिए 9 अप्रैल यानी की गुरुवार को एक ही चरण में वोटिंग होगी. लेकिन अब अगर आईपीएल के कार्यक्रमों को देखें तो गुवाहाटी में 7 अप्रैल को मैच होना तय किया गया है। गुवाहाटी में राजस्थान रॉयल्स के तीन मैच असम के गुवाहाटी स्थित बारासपारा क्रिकेट स्टेडियम को इस बार आईपीएल के 10 मेजबान मैदानों में शामिल किया गया है. यह मैदान राजस्थान का दूसरा घरेलू मैदान भी है. गुवाहाटी में राजस्थान रॉयल्स के तीन मुकाबले तय किए गए हैं। * पहला मैच 30 मार्च को होगा, जिसमें राजस्थान रॉयल्स का सामना चेन्नई सुपरकिंग्स से होगा. * दूसरा मुकाबला 7 अप्रैल को मुंबई इंडियंस के खिलाफ खेला जाना है. * तीसरा मैच 10 अप्रैल को आरसीबी के खिलाफ होगा. तीनों मुकाबले शाम 7:30 बजे शुरू होंगे. क्या बदलना पड़ेगा शेड्यूल? अब सवाल यह है कि 9 अप्रैल को होने वाले चुनाव के कारण क्या आईपीएल का कार्यक्रम बदलेगा. फिलहाल इस बारे में कुछ भी साफ नहीं है. संभावना है कि बीसीसीआई ने शेड्यूल जारी करने से पहले सरकार और प्रशासन से बातचीत की होगी. इसलिए माना जा रहा है कि जरूरी मंजूरी पहले ही ले ली गई होगी। 7 और 10 अप्रैल के मैच पर संकट! दरअसल, असम में 9 अप्रैल को वोटिंग है. ऐसे में 7 तारीख से ही चुनाव प्रचार बंद हो जाएंगे और सख्तियां बढ़ जाएंगी. पुलिस प्रशासन को भी बूथों पर तैनात किया जाएगा. 7 अप्रैल को ही शाम को मैच है. वहीं, 9 को वोटिंग के बाद 10 अप्रैल को भी पुलिस महकमे के सामने कई चुनौतियां होंगी। सुरक्षा व्यवस्था बन सकती है चुनौती हालांकि चुनाव के समय सुरक्षा व्यवस्था एक बड़ी चुनौती बन सकती है. आमतौर पर चुनाव की तैयारियां मतदान से 1–2 हफ्ते पहले शुरू हो जाती हैं. उस दौरान पुलिस और सुरक्षा बलों को कई जिम्मेदारियां निभानी पड़ती हैं, जैसे: * संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखना * चुनाव में पैसे के इस्तेमाल को रोकना * इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) को सुरक्षित तरीके से मतदान केंद्रों तक पहुंचाना इसके अलावा असम की सीमा बांग्लादेश से लगती है, इसलिए तमाम चुनौतियां अपने आप बढ़ जाती हैं.  ऐसे में खिलाड़ियों, टीम स्टाफ और स्टेडियम की 24 घंटे सुरक्षा सुनिश्चित करना आसान नहीं होगा। जल्द आएगा पूरा आईपीएल शेड्यूल बीसीसीआई जल्द ही आईपीएल 2026 का पूरा कार्यक्रम जारी कर सकता है. तब यह साफ हो जाएगा कि गुवाहाटी में होने वाले मैचों की तारीखें बदलती हैं या नहीं।  

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