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Sarhul Festival: जनजातीय परंपरा का प्रतीक, CM विष्णु देव साय ने संरक्षण पर दिया जोर

रायपुर  मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय आज जशपुर के दीपू बगीचा में आयोजित पारंपरिक सरहुल महोत्सव में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने धरती माता, सूर्य देव एवं साल वृक्ष की विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर प्रदेश की सुख-समृद्धि, उत्तम वर्षा और समृद्ध फसल की कामना की। सरहुल की पारंपरिक रस्म के तहत पूजा कराने वाले बैगा द्वारा मुख्यमंत्री के कान में सरई (साल) फूल खोंचकर शुभ आशीष प्रदान किया गया। मुख्यमंत्री  साय ने जिलेवासियों को सरहुल उत्सव एवं हिंदू नववर्ष की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि सरहुल महोत्सव सदियों से प्रकृति, धरती और जीवन के संतुलन का प्रतीक रहा है। बैगा, पाहन एवं पुजारी द्वारा की जाने वाली पूजा-अर्चना केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि प्रकृति के प्रति कृतज्ञता और सामूहिक जीवन मूल्यों की अभिव्यक्ति है। उन्होंने कहा कि यह पर्व जनजातीय समाज की समृद्ध सभ्यता और संस्कृति का जीवंत प्रतीक है, जिसे सहेजकर रखना हम सभी की साझा जिम्मेदारी है। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कहा कि राज्य सरकार जनजातीय संस्कृति के संरक्षण और संवर्धन के लिए प्रतिबद्ध है।  मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश की जनता से किए गए वादों को तेजी से पूरा कर रही है। प्रधानमंत्री आवास योजना के माध्यम से लाखों परिवारों को आवास उपलब्ध कराए जा रहे हैं। महतारी वंदन योजना के तहत अब तक 25 किश्तों में 16 हजार करोड़ रुपए से अधिक की राशि जारी किए जा चुके हैं, जिससे महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण को नई दिशा मिली है। वहीं 3100 रुपए प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी कर किसानों को उनकी मेहनत का उचित मूल्य दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि विधानसभा में प्रस्तुत धर्म स्वातंत्र्य विधेयक भी सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक अस्मिता की रक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो अवैध धर्मांतरण पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करेगा। उल्लेखनीय है कि सरहुल परब चैत्र माह में मनाया जाने वाला उरांव समुदाय का प्रमुख पर्व है, जो प्रकृति के नवजीवन और ऋतु परिवर्तन का प्रतीक है। इस पर्व में धरती माता और सूर्य देव के प्रतीकात्मक विवाह के साथ सामूहिक पूजा की जाती है। सरना स्थल पर पारंपरिक विधि से पूजा-अर्चना, प्रसाद वितरण और लोकनृत्य-गीतों के माध्यम से सामाजिक एकता और सांस्कृतिक पहचान को सुदृढ़ किया जाता है। घर-घर सरई फूल और पवित्र जल का वितरण कर सुख-समृद्धि की कामना की जाती है। कार्यक्रम के दौरान पारंपरिक वेशभूषा में सजी 100 से अधिक महिलाओं एवं युवतियों की टोली ने मनमोहक सरहुल नृत्य प्रस्तुत किया। मांदर की गूंजती थाप और उत्साह से भरे वातावरण ने पूरे परिसर को जनजातीय संस्कृति के रंग में रंग दिया, जहां जनसैलाब उमड़ पड़ा और उत्सव का उल्लास चरम पर रहा। इस अवसर पर अखिल भारतीय वनवासी कल्याण आश्रम के राष्ट्रीय अध्यक्ष  सत्येंद्र सिंह, राष्ट्रीय महामंत्री  योगेश बापट, विधायक मती गोमती साय, नगर पालिका अध्यक्ष  अरविंद भगत, जिला पंचायत उपाध्यक्ष  शौर्य प्रताप सिंह जूदेव सहित अनेक जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी और बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित थे।

दमोह में अस्पताल बना रणक्षेत्र, जेल प्रहरी की वर्दी फाड़ने की कोशिश; मामला जांच में

 दमोह  दमोह जिला अस्पताल में एक बंदी की सुरक्षा में तैनात जेल प्रहरी के साथ बदमाश द्वारा झूमा-झटकी का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। घटना बुधवार रात करीब 2 बजे की बताई जा रही है, जो गुरुवार को सामने आई। वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। वायरल वीडियो में एक बदमाश जेल प्रहरी के साथ हाथापाई करता नजर आ रहा है और उसकी वर्दी फाड़ने का प्रयास कर रहा है। दूसरे वीडियो में आरोपी गालियां देते हुए खुद को जहीर खान बताते हुए जान से मारने की धमकी दे रहा है। अस्पताल में भर्ती बंदी की सुरक्षा में था प्रहरी जेल उप अधीक्षक एमएल पटेल ने बताया कि एक बंदी के बीमार होने पर उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। बुधवार रात 10 बजे से 2 बजे तक प्रहरी छोटेलाल अहिरवार की ड्यूटी थी। इसी दौरान बदमाश ने उसके साथ झूमा-झटकी की और मारपीट करने की कोशिश की। बाइक लेने गया तो घेरकर किया हमला प्रहरी ने बताया कि ड्यूटी खत्म होने के बाद जब वह अपनी बाइक लेने साइकिल स्टैंड पर गया, तभी दो बदमाशों ने उसे घेर लिया। इनमें से एक आरोपी पहले जेल में बंद रह चुका है। पहचान होने पर वह आक्रोशित हो गया और हाथापाई करने लगा। घटना के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए।  

IPL रिकॉर्ड: एक कप्तान के अंडर सबसे ज्यादा रन ठोकने वाले टॉप 5 खिलाड़ी, MS Dhoni के दौर का कौन सा स्टार लिस्ट में?

नई दिल्ली इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) 2026 का 28 मार्च से आगाज होने जा रहा है। यह लीग का 19वां सीजन है। नया सीजन शुरू होने से पहले जानिए आईपीएल में एक कप्तान के अंडर सबसे ज्यादा रन बनाने वाले टॉप 5 बल्लेबाज कौन हैं?   सुरेश रैना आईपीएल में एक कप्तान के अंडर सबसे ज्यादा रन बनाने का रिकॉर्ड सुरेश रैना के नाम दर्ज है। वह चेन्नई सुपर किंग्स (सीएसके) में एमएस धोनी की अगुवाई में चमके। उन्होंने धोनी के अंडर 4599 रन बनाए। पूर्व बल्लेबाज 2021 में आखिरी बार आईपीएल में खेला। सीएसके की कमान अब ऋतुराज गायकवाड़ के पास है। एबी डिविलियिर्स लिस्ट में दूसरे नंबर पर साउथ अफ्रीका के पूर्व दिग्गज एबी डिविलियिर्स हैं। उन्होंने रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (आरसीबी) में विराट कोहली की कप्तानी में 3892 रन जुटाए। उन्होंने भी 2021 में अंतिम आईपीएल मैच खेला। कोहली ने आईपीएल 2022 से आरसीबी की कप्तानी छोड़ दी थी। फाफ डुप्लेसी साउथ अफ्रीका के पूर्व क्रिकेटर फाफ डुप्लेसी ने सीएसके में रहते हुए धोनी की अगुवाई में 2882 रन जोड़े। उनका 2021 में सीएसके से नाता टूटा। फिर डुप्लेसी तीन साल आरसीबी के कप्तान रहे। वह पिछले सीजन दिल्ली कैपिटल्स (डीसी) के लिए खेले थे। कीरोन पोलार्ड वेस्टइंडीज के पूर्व धाकड़ ऑलराउंडर कीरोन पोलार्ड ने मुंबई इंडियंस (एमआई) में रोहित शर्मा के नेतृत्व में 2551 रन बटोरे। उन्होंने 2022 में आखिरी आईपीएल मैच खेला। रोहित के अंडर एमआई ने पांच आईपीएल खिताब जीती। मुंबई की बागडोर अब हार्दिक पांड्या के पास है। सूर्यकुमार यादव सूर्यकुमार यादव सूची में पांचवें पायदान पर हैं। वह मुंबई इंडियंस के लिए खेलते हैं। ताबड़तोड़ बल्लेबाजी के लिए मशहूर सूर्या ने आईपीएल में रोहित की कप्तानी में 2443 रन बनाए।

High Court Action: शिवपुरी भर्ती विज्ञापन रद्द, ग्वालियर बेंच ने अफसरों पर ठोका जुर्माना

ग्वालियर  MP हाई कोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ ने शिवपुरी में निकाली गई डाटा एंट्री ऑपरेटर भर्ती प्रक्रिया में अनियमितता पाते हुए बड़ा फैसला सुनाया है। आनंद सिंह बहारावत की एकलपीठ ने योगेश कुमार कुशवाह की याचिका पर सुनवाई करते हुए 26 सितंबर 2014 को जारी भर्ती विज्ञापन को रद कर दिया। उसके आधार पर हुई सभी नियुक्तियों को भी निरस्त कर दिया है। याचिकाकर्ता की ओर से क्या दी गई दलील याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता जय प्रकाश कुशवाह ने दलील दी कि यह विज्ञापन राज्य सरकार के 11 सितंबर 2014 के आदेश के आधार पर जारी किया गया था, लेकिन भर्ती प्रक्रिया को 14 जुलाई 2011 के लोक सेवा प्रबंधन विभाग के सर्कुलर के अनुसार होना था। इस सर्कुलर में केवल स्नातक योग्यता और मेरिट के आधार पर चयन का प्रविधान था, जबकि शिवपुरी प्रशासन ने नियमों के खिलाफ जाकर न्यूनतम 60 प्रतिशत अंक की शर्त जोड़ दी और विषय संबंधी शर्तों का भी सही पालन नहीं किया, जिससे कई योग्य उम्मीदवार आवेदन से वंचित हो गए। तीन महीने के भीतर नया विज्ञापन जारी करने का आदेश राज्य की ओर से शासकीय अधिवक्ता रिंकेश गोयल ने विज्ञापन का समर्थन किया, लेकिन कोर्ट ने रिकॉर्ड का अवलोकन करने के बाद पाया कि अतिरिक्त कलेक्टर, शिवपुरी ने निर्धारित नियमों का पालन नहीं किया और गलत तरीके से विज्ञापन जारी किया। इस आधार पर कोर्ट ने कलेक्टर, शिवपुरी को निर्देश दिए कि वे तीन महीने के भीतर नियमों के अनुसार नया विज्ञापन जारी करें और संबंधित दोषी अधिकारियों के खिलाफ उचित कार्रवाई भी करें। आयु सीमा के आधार पर खारिज नहीं होग आवेदन कोर्ट ने यह भी माना कि प्रशासन की गलती के कारण याचिकाकर्ता योगेश कुमार कुशवाह भर्ती प्रक्रिया में शामिल नहीं हो सके, इसलिए जब नई भर्ती निकलेगी तो उनके आवेदन को आयु सीमा के आधार पर खारिज नहीं किया जाएगा। साथ ही, हाई कोर्ट ने प्रशासन की लापरवाही को गंभीर मानते हुए याचिकाकर्ता को 1.50 लाख रुपये का मुआवजा देने और 25 हजार रुपये नगर निगम ग्वालियर के स्वच्छता फंड में जमा कराने का आदेश दिया। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि यह कुल 1.75 लाख रुपये की राशि बाद में संबंधित दोषी अधिकारी से वसूली जा सकती है।  

बस्तर में शुरू हुआ पुस्तक दान अभियान, बच्चों को मिलेगी शिक्षा की नई रोशनी

रायपुर कलेक्टर ने पुस्तक दान रथ को दिखाई हरी झंडी बस्तर जिले में शिक्षा और ज्ञान की नई अलख जगाने के उद्देश्य से जिला प्रशासन द्वारा एक अत्यंत सराहनीय और अनूठी पहल की शुरुआत की गई है। कलेक्टर  आकाश छिकारा के मार्गदर्शन में पूरे जिले में पुस्तक दान अभियान का विधिवत शुभारंभ किया गया है। जिसका मुख्य लक्ष्य घरों की अलमारियों में रखी पुरानी और उपयोगी किताबों को उन जरूरतमंद हाथों तक पहुँचाना है जो संसाधनों के अभाव में ज्ञान की मुख्यधारा से दूर रह जाते हैं। इस पुनीत कार्य के लिए जिला प्रशासन ने समस्त आम जनता, जनप्रतिनिधियों, शासकीय अधिकारियों और विद्यार्थियों से एक भावुक अपील की है कि वे अपनी पुरानी ज्ञानवर्धक पुस्तकें, महापुरुषों की प्रेरणादायक जीवनियाँ और सामान्य ज्ञान की किताबें दान कर किसी विद्यार्थी के जीवन की दिशा बदलने में सहभागी बनें। प्रशासन का मानना है कि यह अभियान न केवल पुरानी किताबों को नया जीवन देगा, बल्कि समाज में दान की एक नई और बौद्धिक संस्कृति को भी विकसित करेगा। कलेक्टर ने पुस्तक दान रथ को दिखाई हरी झंडी       इस महाभियान को सुव्यवस्थित रूप से संचालित करने के लिए प्रशासन द्वारा एक विशेष पुस्तक दान रथ तैयार किया गया है, जिसे कलेक्टर  आकाश छिकारा ने कलेक्ट्रेट परिसर में हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। अभियान के पहले ही दिन उत्साह का माहौल देखा गया और शहर के पावर हाउस चैक, डोंगरीपारा, कोहकापाल, धरमपुरा और नया बस स्टैंड जैसे प्रमुख क्षेत्रों से होते हुए सिटी कोतवाली तक लोगों ने बढ़-चढ़कर अपनी पुस्तकें दान कीं। इस अवसर पर जिला शिक्षा अधिकारी  बीआर बघेल और आदिम जाति कल्याण विभाग के सहायक आयुक्त  गणेश राम सोरी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे, जिन्होंने खुद भी इस मुहिम में योगदान दिया।         सिलसिलेवार तरीके से यह अभियान अगले सात दिनों तक बस्तर के कोने-कोने में पहुँचेगा, जिसके तहत 20 मार्च को तोकापाल के एर्राकोट और करंजी क्षेत्रों में, 21 मार्च को बास्तानार और किलेपाल में तथा 22 मार्च को दरभा और तीरथगढ़ के अंचलों में यह रथ भ्रमण करेगा। इसी क्रम में 23 मार्च को बकावण्ड, 24 मार्च को लोहण्डीगुड़ा और अंतिम दिन 25 मार्च को बस्तर विकासखंड के भानपुरी और केशरपाल जैसे क्षेत्रों में सघन रूप से पुस्तकें संग्रहित की जाएंगी। एकत्रित की गई इन बहुमूल्य पुस्तकों को जिला ग्रंथालय एवं विकासखंड स्तर के पुस्तकालयों में पूरी संजीदगी के साथ संरक्षित किया जाएगा, ताकि वे जिज्ञासु पाठकों और जरूरतमंद विद्यार्थियों के भविष्य को संवारने के काम आ सकें। इसके सफल क्रियान्वयन के लिए सभी विकासखंड शिक्षा अधिकारियों को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है।

छत्तीसगढ़ विधानसभा ने पारित किया नगर एवं ग्राम निवेश (संशोधन) विधेयक 2026

छत्तीसगढ़ विधानसभा से पारित हुआ नगर एवं ग्राम निवेश (संशोधन) विधेयक 2026  छत्तीसगढ़ में सुनियोजित शहरी विकास को मिलेगी नई दिशा -वित्त मंत्री ओपी चौधरी रायपुर छत्तीसगढ़ में तेजी से बढ़ते शहरीकरण और सुव्यवस्थित विकास की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए वित्त मंत्री ओपी चौधरी द्वारा प्रस्तुत छत्तीसगढ़ नगर तथा ग्राम निवेश (संशोधन) विधेयक 2026 को विधानसभा ने ध्वनिमत से पारित कर दिया। इस संशोधन का उद्देश्य शहरी क्षेत्रों में अनियंत्रित विस्तार और अवैध प्लॉटिंग पर नियंत्रण स्थापित करते हुए योजनाबद्ध विकास को गति देना है। सदन में चर्चा के दौरान वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने बताया कि वर्तमान में नगर विकास योजनाएं तैयार करने और उनके क्रियान्वयन की जिम्मेदारी मुख्यतः रायपुर विकास प्राधिकरण और नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण जैसे प्राधिकरणों पर निर्भर है। हालांकि, राज्य गठन के बाद विभिन्न कारणों से ऐसी योजनाओं की संख्या अपेक्षाकृत कम रही, जिससे कई शहरों में अव्यवस्थित विकास और अवैध प्लॉटिंग की समस्या बढ़ी है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि मध्यप्रदेश, गुजरात और महाराष्ट्र जैसे राज्यों में विभिन्न एजेंसियों की भागीदारी से नगर विकास योजनाओं के बेहतर परिणाम सामने आए हैं। विशेष रूप से अहमदाबाद में रिंग रोड जैसी प्रमुख परियोजनाएं योजनाबद्ध तरीके से विकसित की गई हैं। वित्त मंत्री चौधरी ने बताया कि छत्तीसगढ़ में भी रायपुर मास्टर प्लान के अंतर्गत एम.आर.-43 मार्ग का निर्माण नगर विकास योजना के माध्यम से किया जा रहा है, जो इस प्रणाली की उपयोगिता को दर्शाता है। संशोधन के तहत छत्तीसगढ़ नगर तथा ग्राम निवेश अधिनियम, 1973 की धारा-38 में बदलाव किया गया है। इसके अनुसार अब नगर विकास योजनाएं तैयार करने के लिए अधिकृत एजेंसियों के दायरे का विस्तार किया जाएगा। नगर तथा ग्राम विकास प्राधिकरणों के अलावा राज्य शासन के अभिकरणों और सरकारी स्वामित्व वाली कंपनियों को भी इस कार्य के लिए अधिकृत किया जा सकेगा। इस बदलाव के बाद छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल और छत्तीसगढ़ राज्य औद्योगिक विकास निगम जैसे संस्थान भी नगर विकास योजनाओं के निर्माण और क्रियान्वयन में भागीदारी निभा सकेंगे। इससे योजनाओं की संख्या में वृद्धि होने के साथ-साथ औद्योगिक और आवासीय विकास को भी नई गति मिलने की उम्मीद है। वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने कहा कि इस विधेयक का मूल उद्देश्य राज्य में सुनियोजित शहरी विकास को बढ़ावा देना, अवैध प्लॉटिंग पर अंकुश लगाना और उद्योग व आवास के लिए व्यवस्थित भूखंडों की उपलब्धता सुनिश्चित करना है। उन्होंने विश्वास जताया कि यह संशोधन छत्तीसगढ़ के शहरी परिदृश्य को अधिक सुव्यवस्थित और विकासोन्मुख बनाने में महत्वपूर्ण साबित होगा।

डॉ. शिबानी के सपनों को मिली प्रधानमंत्री रोजगार सृजन योजना से स्वावलंबन की उड़ान

रायपुर आज के बदलते दौर में महिलाएं हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा रही हैं। बस्तर जिले की डॉ. शिबानी रानी सारंगी ऐसी ही एक प्रेरणादायक शख्सियत बनकर उभरी हैं, जिन्होंने अपनी मेहनत और दृढ़ संकल्प से न केवल अपने डॉक्टर बनने के सपने को पूरा किया, बल्कि प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम योजना का लाभ उठाकर उद्यमिता के क्षेत्र में भी कदम रखा है।         बचपन से ही समाज सेवा का जज्बा रखने वाली डॉ. शिबानी ने कड़ी मेहनत से डेंटल सर्जरी की डिग्री प्राप्त की और ओरल व मैक्सिलोफेशियल सर्जरी में विशेषज्ञता हासिल की, लेकिन पढ़ाई पूरी करने के बाद स्वयं का क्लिनिक स्थापित करना उनके लिए एक बड़ी आर्थिक चुनौती थी।         इस मुश्किल घड़ी में डॉ. शिबानी को एक मित्र के माध्यम से जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र जगदलपुर द्वारा संचालित प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम की जानकारी मिली। उन्होंने तत्काल कार्यालय जाकर ऋण प्रक्रिया को समझा और पंजाब नेशनल बैंक की डिमरापाल शाखा में अपना आवेदन प्रेषित किया। योजना के तहत उन्हें 8 लाख 56 हजार 900 रुपए की ऋण राशि स्वीकृत हुई, जिससे उनके सपनों को धरातल पर आने का रास्ता मिल गया। शासन की ओर से उन्हें 2 लाख 25 हजार 500 रुपए की सब्सिडी (अनुदान) भी प्राप्त हुई, जिससे उनका वित्तीय बोझ काफी कम हो गया।         वर्ष 2024 में जगदलपुर के कोठारी कॉम्प्लेक्स स्थित राम पोलिक्लिनिक में अपने डेंटल क्लिनिक की शुरुआत कर डॉ. शिबानी ने एक सफल चिकित्सक के साथ ही व्यवसायी के रूप में अपनी पहचान बनाई है। आज उनके क्लिनिक में बड़ी संख्या में मरीज पहुंच रहे हैं और उनका सालाना टर्नओवर 3 से 4 लाख रुपए तक पहुंच गया है। विशेष बात यह है कि उन्होंने न केवल खुद को स्थापित किया, बल्कि अपने साथ दो अन्य महिलाओं को भी रोजगार प्रदान कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाया है। डॉ. शिबानी की यह सफलता सिद्ध करती है कि यदि मन में मेहनत, धैर्य और आत्मविश्वास हो, तो सरकार की कल्याणकारी योजनाओं के सहयोग से किसी भी बड़े लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है।

हॉस्पिटल में गड़बड़ी का मामला: ठेकेदार पर FIR, आयोग के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष पहुंचे जांच के लिए

रायपुर. राजधानी के रामकृष्ण केयर हॉस्पिटल में हुए दर्दनाक हादसे में तीन सफाई कर्मचारियों की मौत के मामले में पुलिस ने घटना के 24 घंटे बाद एफआईआर दर्ज की। टिकरापारा थाना क्षेत्र में दर्ज की गई FIR में सफाई ठेकेदार किशन सोनी के खिलाफ गैर इरादतन हत्या की धारा के तहत मामला दर्ज किया गया है। इस बीच राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष हरदीप सिंह गिल बीती रात रायपुर पहुंचे और आज सुबह उन्होंने पीड़ित परिजनों से मुलाकात की। बता दें कि हरदीप सिंह गिल ने राजधानी रायपुर के संतोषी नगर स्थित BSUP कॉलोनी, सिमरन सिटी में मृतक कर्मचारियों के परिवारजनों से बातचीत की और घटना की पीड़ा को समझा। उन्होंने कहा, “परिवार के साथ आज मुलाकात की है। यह बहुत दुख की घड़ी है। मैंने उनकी पूरी बातें सुनी कि आखिर यह हादसा कैसे हुआ।” घटना स्थल का भी जायजा लिया गया और अस्पताल के डॉक्टरों से मुलाकात कर आवश्यक जानकारी एकत्र की गई। हरदीप सिंह ने कहा, “घटना स्थल पर हमने जांच की और पाया कि वहां कई खामियां हैं। रात में अस्पताल ने सफाई की अनुमति क्यों दी, यह जांच का विषय है। यदि इन कर्मचारियों को काम करवाना था तो नगर निगम को सूचित किया जाना चाहिए था। जो भी इसमें दोषी ठहराया जाएगा, उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।” हरदीप सिंह ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों के अनुसार, हादसे में मृत कर्मचारियों के परिवार को तुरंत 30 लाख रुपए का मुआवजा दिया गया है। इसके अलावा, मृतक कर्मचारियों की नौकरी और पुनर्वास के लिए जो भी सरकारी जिम्मेदारी होगी, उसे पूरी तरह निर्वहन किया जाएगा। हरदीप सिंह ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि इस मामले में और कोई शिकायत सामने आती है, तो राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग निष्पक्ष जांच और कार्रवाई करेगा।

मुठभेड़ के बाद पुलिस की बड़ी कार्रवाई: 100 गाड़ियां चोरी करने वाला ‘बकरा’ गैंग गिरफ्तार

मेरठ मेरठ में पुलिस और एसओजी टीम ने एक बड़े अंतरराज्यीय वाहन चोरी गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए उसके सरगना समेत चार बदमाशों को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया है। आरोपियों पर यूपी, दिल्ली और बिहार सहित कई राज्यों में करीब 100 वाहन चोरी करने का आरोप है। एसएसपी संजय कुमार वर्मा के अनुसार, बुधवार को थाना सिविल लाइंस पुलिस और एसओजी टीम संयुक्त रूप से वाहन चेकिंग अभियान चला रही थी। इसी दौरान बामनहेड़ी रेलवे स्टेशन मार्ग पर एक संदिग्ध क्रेटा कार को रोकने का प्रयास किया गया। पुलिस को देखकर चालक ने कार भगाने की कोशिश की, लेकिन वाहन खेत में फंस गया। कार सवार बदमाशों ने टीम पर फायरिंग शुरू कर दी पुलिस के मुताबिक, कार सवार बदमाशों ने टीम पर फायरिंग शुरू कर दी, जिसके जवाब में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए चारों आरोपियों को दबोच लिया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान आस मोहम्मद उर्फ पप्पू उर्फ ‘बकरा’ (मेरठ), अजय तोमर (बागपत/दिल्ली), अरुण पंवार उर्फ पिंटू (मेरठ) और तोहसीफ (राजस्थान) के रूप में हुई है। नंबर प्लेट बदलकर दूसरे राज्यों में बेच देते थे पुलिस जांच में सामने आया है कि गिरोह चोरी के वाहनों के पंजीकरण नंबर और नंबर प्लेट बदलकर उन्हें दूसरे राज्यों में बेच देता था। ये वाहन विशेष रूप से अवैध कारोबार और शराब तस्करी से जुड़े लोगों को बेचे जाते थे।गिरफ्तार बदमाशों के कब्जे से चोरी की एक क्रेटा कार, दो तमंचे और नगदी बरामद की गई है। बदमाशों पर इतने मुकदमे हैं दर्ज पुलिस के अनुसार, 10 मार्च को गांधी कॉलोनी निवासी प्रीति नारंग की क्रेटा कार चोरी हुई थी, जिसे यह गिरोह राजस्थान में बेचने की फिराक में था। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, अजय तोमर पर 34, आस मोहम्मद पर 13 और अरुण पंवार पर तीन आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। फिलहाल पुलिस गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों और नेटवर्क की जांच में जुटी है।  

West Bengal Elections: भाजपा की दूसरी लिस्ट में 111 नाम, रूपा गांगुली को सोनारपुर दक्षिण से टिकट

नई दिल्ली  भाजपा ने 111 उम्मीदवारों की दूसरी लिस्ट जारी की, सोनारपुर दक्षिण से चुनाव लड़ेंगीं रूपा गांगुली BJP Candidate List ‍West Bengal 2026: भारतीय जनता पार्टी ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के लिए अपने 111 उम्मीदवारों की दूसरी लिस्ट जारी कर दी है. पहली लिस्ट में जिन लोगों को उम्मीदवार बनाया गया था, उनमें से 2 लोगों को बदल दिया गया है.  भारतीय जनता पार्टी ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के लिए अपने 111 उम्मीदवारों की दूसरी लिस्ट जारी कर दी है. भाजपा की केंद्रीय चुनाव कमेटी की बैठक में इन नामों पर मुहर लगी. पार्टी ने पूर्व में घोषित 144 उम्मीदवारों में से 2 को बदल दिया है. विष्णुपुर (एससी) सीट से अब विश्वजीत खान चुनाव लड़ेंगे. जॉयपुर सीट पर विश्वजीत महतो को उम्मीदवार बनाया गया है. केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, गृह मंत्री अमित शाह और केंद्रीय चुनाव समिति के सभी सदस्य शामिल थे. रूपा गांगुली को सोनारपुर दक्षिण से मिला टिकट भाजपा केंद्रीय कार्यालय ने बृहस्पतिवार (19 मार्च 2026) को दूसरी लिस्ट जारी की. पार्टी ने रूपा गांगुली को सोनारपुर दक्षिण विधानसभा सीट से अपना उम्मीदवार बनाया है. जयंत गायेन को भांगड़ से टिकट दिया गया है. हिरण्यमय चट्टोपाध्याय को श्यामपुर से मैदान में उतारा गया है.  

इंदौर अग्निकांड में पीड़ित परिवार से मिले सीएम डॉ. मोहन यादव, पीड़ितों का दर्द छलका

इंदौर  सीएम डॉ. मोहन यादव आज शहर में हुए अग्निकांड में 8 मृतकों के परिजनों से मिलने पहुंचे। उन्होंने कहा कि दुख की इस घड़ी में वे परिवार के साथ हैं। इसके पहले कल ही सीएम घटना की जांच के निर्देश दे चुके हैं। इसके लिए आईआईटी के विशेषज्ञों को बुलाया गया है, साथ ही इलेक्ट्रिक व्हीकल के डीलरों से भी बात की जाएगी। बुधवार अल सुबह तिलक नगर थाना इलाके के बृजेश्वरी (एनएक्स) सुख शांति नगर में मनोज पुगलिया परिवार के घर में आग लगने से आठ लोगों की मौत हो गई थी। हादसे में चार लोग घायल हो गए थे। पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक रात में इलेक्ट्रिक कार को चार्ज पर लगाया गया था, सुबह उसमें शार्ट सर्किट हुआ और एक चिंगारी ने आग का रूप ले लिया। आग तेजी से पूरे घर में फैल गई और घर में रखे एलपीली सिलिंडरों को भी चपेट में ले लिया। इस दौरान एलपीजी सिलिंडर भी फट पड़े। सीएम मोहन यादव के सामने छलका पीड़ितों का दर्द इंदौर के प्रीति नगर में हुए हृदयविदारक अग्निकांड के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव गुरुवार दोपहर इंदौर पहुंचे। सीएम सीधे जंजीरवाला चौराहा स्थित जैन श्वेतांबर तेरापंथी सभागृह पहुंचे, जहां उन्होंने शोक संतप्त पुगलिया परिवार से मुलाकात कर उन्हें ढांढ़स बँधाया। इस दौरान परिवार के सदस्यों ने हादसे की भयावहता और प्रशासनिक कमियों को लेकर मुख्यमंत्री के सामने अपना दर्द साझा किया। शॉर्ट सर्किट या ईवी? बेटे ने उठाए सवाल मुलाकात के दौरान मृतक मनोज पुगलिया के बड़े बेटे सौरभ पुगलिया ने मुख्यमंत्री को बताया कि आग इलेक्ट्रिक कार की चार्जिंग से नहीं, बल्कि घर के बाहर बिजली के पोल पर हुए शॉर्ट सर्किट के कारण लगी थी। सौरभ के अनुसार, “पोल से निकली चिंगारी की वजह से पहले कार में आग लगी, जिसने बाद में घर के भीतर खड़ी बाइक और पूरे मकान को अपनी चपेट में ले लिया।” फायर ब्रिगेड की लापरवाही पर नाराजगी पीड़ित परिवार ने रेस्क्यू ऑपरेशन में हुई देरी पर भी गंभीर आरोप लगाए। सौरभ ने सीएम से कहा, “फायर ब्रिगेड की गाड़ियां एक से डेढ़ घंटा देरी से पहुंचीं। यदि वे समय पर आ जातीं, तो कई लोगों की जान बचाई जा सकती थी। टैंकरों में पानी की कमी थी और एक चालक तो रास्ता भटक कर दूसरी गली में घुस गया। रेस्क्यू टीम के पास पर्याप्त सीढ़ियाँ तक नहीं थीं।” हादसे की त्रासदी: एक साथ उठीं 8 अर्थियां बुधवार को हुए इस भीषण अग्निकांड में मनोज पुगलिया सहित उनके परिवार के 8 सदस्यों की मौत हो गई थी, जिनमें तीन मासूम बच्चे भी शामिल थे। मृतकों में मनोज पुगलिया, उनकी बहू सिमरन, साले विजय सेठिया, विजय की पत्नी सुमन, बेटी रुचिका, और नाती कार्तिक, राशि व तनय शामिल हैं। हादसे के समय मनोज की पत्नी सुनीता और उनके दो बेटे सौरभ व बाबू किसी तरह बाहर निकलने में सफल रहे। अग्निकांड में पुगलिया परिवार का घर पूरी तरह जलकर खाक हो गया। हादसे में बचे सदस्य फिलहाल रिश्तेदारों के यहां ठहरे हुए हैं। मुख्यमंत्री ओल्ड पलासिया स्थित 13 पंथी जैन समाज धर्मशाला में परिजनों से मिलने पहुंचे और करीब 20 मिनट तक उनके साथ रहे। परिजनों के अनुसार आग कल सुबह करीब 4 बजे लगी थी। परिवार के चार सदस्य ऊपरी मंजिल पर पहुंच गए थे और पड़ोसियों की मदद से उन्हें बचा लिया गया, जबकि आठ लोगों की मौत हो गई। धर्मशाला में मौजूद लोगों ने बताया कि सूचना देने के काफी समय बाद फायर ब्रिगेड पहुंची और उनके पास पर्याप्त संसाधन भी नहीं थे। यदि समय पर आग पर काबू पाया जाता तो कुछ लोगों की जान बचाई जा सकती थी। मृतक के बेटे सौरभ ने दावा किया कि आग गाड़ी की चार्जिंग से नहीं, बल्कि बिजली पोल में हुए शॉर्ट सर्किट से लगी। पहले कार में आग लगी और फिर वह घर के अंदर खड़ी बाइकों तक फैल गई।   

LPG बुकिंग पर सरकार का सुझाव: पैनिक में न आएं, 7 दिन में PNG कनेक्शन मिलेगा

 नई दिल्ली आजकल चारों तरफ बस एक ही चर्चा है गैस और ईंधन की किल्लत. लेकिन इस संकट के बीच कुछ शातिर लोग आपकी मजबूरी का फायदा उठाने की फिराक में हैं. सूचना और प्रसारण मंत्रालय के सी. सेंथिल राजन ने एक बड़ी चेतावनी दी है. उन्होंने बताया कि आजकल लोगों के मोबाइल पर गैस बिल APK फाइल के नाम से मैसेज आ रहे हैं. इसमें आपसे बैंक की जानकारी मांगी जाती है और जैसे ही आप डिटेल भरते हैं, आपका बैंक खाता साफ हो जाता है. अगर आपके पास भी ऐसा कोई मैसेज आए, तो सावधान रहें और तुरंत पुलिस में शिकायत करें। ईंधन की सप्लाई को लेकर पेट्रोलियम मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने साफ कर दिया है कि पेट्रोल पंपों पर तेल खत्म नहीं होने दिया जाएगा. सरकार पूरी कोशिश कर रही है कि कहीं भी खत्म की स्थिति न बने. वहीं, मिनिस्ट्री ऑफ शिपिंग के विशेष सचिव राजेश के. सिन्हा और विदेश मंत्रालय के रणधीर जायसवाल भी पूरी स्थिति पर पैनी नजर रखे हुए हैं ताकि विदेशों से आने वाली सप्लाई में कोई दिक्कत न आए। सरकार अब एलपीजी यानी रसोई गैस के इस्तेमाल को कम करने और पीएनजी (पाइप्ड नेचुरल गैस) को बढ़ावा देने पर जोर दे रही है. विदेश मंत्रालय के असीम महाजन ने बताया कि व्यावसायिक उपभोक्ताओं से अपील की जा रही है कि वे जल्द से जल्द पीएनजी पर शिफ्ट हो जाएं. अच्छी खबर यह है कि पिछले एक हफ्ते में ही  1.25 लाख नए पीएनजी कनेक्शन दिए गए हैं. सरकार ने आदेश दिया है कि पीएनजी के लिए आने वाले किसी भी आवेदन को एक हफ्ते के भीतर मंजूरी दी जाए। कुवैत में फंसे भारतीयों की वापसी और उड़ानों का ताजा अपडेट अब बात करते हैं उन भारतीयों की जो विदेशों में फंसे हैं. विदेश मंत्रालय के असीम आर. महाजन ने बताया कि 28 फरवरी से अब तक करीब 28 लाख लोग सुरक्षित भारत लौट चुके हैं. कुवैत का हवाई रास्ता 28 फरवरी से बंद है, जिससे वहां फंसे लोगों की चिंता बढ़ गई थी. लेकिन अब राहत की बात यह है कि जजीरा एयरवेज सऊदी अरब के रास्ते स्पेशल उड़ानें चला रही है.कल कोच्चि के लिए पहली स्पेशल फ्लाइट रवाना होगी, जिससे केरल के उन लोगों को बड़ी राहत मिलेगी जो घर लौटने का इंतजार कर रहे हैं। सरकार का पूरा जोर इस वक्त दो चीजों पर है. पहला, देश के भीतर ईंधन की कमी न होने देना और दूसरा, साइबर ठगों से जनता को बचाना. पेट्रोलियम मंत्रालय और विदेश मंत्रालय मिलकर काम कर रहे हैं ताकि गैस की किल्लत को पीएनजी के जरिए दूर किया जा सके. अगर आप भी कमर्शियल गैस इस्तेमाल करते हैं, तो पीएनजी अपनाना आपके लिए फायदे का सौदा हो सकता है क्योंकि सरकार इसमें पूरी मदद कर रही है। चलते-चलते बस इतना ही कहेंगे कि संकट के इस समय में घबराएं नहीं, बल्कि समझदारी से काम लें. न तो किसी अनजान लिंक पर क्लिक करें और न ही गैस की किल्लत को लेकर अफवाहों पर ध्यान दें. सरकार के अधिकारी दिन-रात काम कर रहे हैं ताकि आपकी रसोई और आपकी गाड़ी का पहिया थमे नहीं। रूस से कच्चा तेल लेकर भारत आ रहा है एक्वा टाइटन मिनिस्ट्री ऑफ शिपिंग के विशेष सचिव राजेश के. सिन्हा ने जानकारी दी है कि रूसी कच्चे तेल से लदा टैंकर एक्वा टाइटन 21 मार्च को भारत पहुंचेगा. इस विशाल जहाज को एमआरपीएल (MRPL) ने किराए पर लिया है, जो सीधे मंगलौर बंदरगाह पर पहुंचेगा. ईंधन की किल्लत की खबरों के बीच रूस से आ रही कच्चे तेल की यह बड़ी खेप भारत की ऊर्जा जरूरतों के लिए काफी अहम मानी जा रही है।

खुले में नमाज पर रोक, मुस्लिम देश ने जनता को दी मस्जिद के अंदर इबादत करने की सलाह

अबू धाबी खाड़ी देशों में बढ़ते तनाव के बीच यूएई ने ईद-उल-फितर को लेकर बड़ा फैसला लिया है. सरकार ने ऐलान किया है कि इस बार खुले मैदानों और सड़क पर ईद की नमाज नहीं होगी और सभी नमाज मस्जिदों के अंदर ही अदा की जाएगी. यूएई में जनरल अथॉरिटी ऑफ इस्लामिक अफेयर्स की ओर से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर यह जानकारी दी. आमतौर पर ईद उल फितर की नमाज बड़े खुले मैदानों में एक साथ अदा की जाती है, लेकिन इस बार ऐस नहीं होगा. प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे मस्जिदों में जाकर नमाज पढ़ें। यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब ईरान और इजरायल के बीच तनाव काफी बढ़ गया है और अमेरिका भी इसमें शामिल है. यूएई ने बताया कि उसकी एयर डिफेंस सिस्टम लगातार मिसाइल और ड्रोन हमलों को रोकने में लगी हुई है. कई खतरों को हवा में ही नष्ट कर दिया गया, हालांकि कुछ मलबा गिरने से मामूली नुकसान हुआ है. ऐसे में परिस्थितियों को देखते हुए लोगों से अपील की गई है कि वे ईद की नमाज मस्जिदों के अंदर ही अदा करें, ताकि सुरक्षित रह सकें। ईरान यूएई पर कर रहा ताबड़तोड़ हमले हाल ही में ईरान ने कतर के रास लफान इंडस्ट्रियल सिटी पर हमला किया, जिसे दुनिया का सबसे बड़ा एलएनजी निर्यात केंद्र माना जाता है. इस हमले में भारी नुकसान होने की खबर है. इसके अलावा, क्षेत्र में तेल और गैस ठिकानों को भी निशाना बनाया जा रहा है, जिससे वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर असर पड़ सकता है. इसके अलावा भी ईरान ने संयुक्त अरब अमीरात में मौजूद अमेरिका के मिलिट्री बेसेज पर जमकर मिसाइलें बरसाई हैं. दुनिया के सबसे सुरक्षित शहरों में से एक माने जाने वाले दुबई में भी ईरान ने गोले-बम बरसाए, जिसके बाद नागरिकों की सुरक्षा को लेकर संयुक्त अरब अमीरात बेहद चिंतित है। इस बीच सऊदी अरब की राजधानी रियाद में अरब और इस्लामिक देशों की बैठक हुई, जिसमें कई देशों ने ईरान के हमलों की निंदा की.फैसल बिन फरहान अल साउद ने कहा कि सऊदी अरब अपने देश और आर्थिक हितों की रक्षा के लिए सैन्य कार्रवाई का अधिकार रखता है. कुल मिलाकर, पूरे खाड़ी क्षेत्र में हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं. सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हैं और लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है, ताकि किसी भी आपात स्थिति से निपटा जा सके. यही वजह है कि ईद को लेकर लोगों को सलाह दी जा रही है कि वे सुरक्षित रहते हुए इबादत करें।

पशुपतिनाथ मंदिर में उप मुख्यमंत्री देवड़ा ने सूर्य उपासना कर ब्रह्मध्वज स्थापित किया

उप मुख्यमंत्री देवड़ा ने पशुपतिनाथ मंदिर में सूर्य उपासना कर ब्रह्मध्वज स्थापित किया “सम्राट विक्रमादित्य” पर आधारित भव्य नाट्य प्रस्तुति का हुआ मंचन मंदसौर उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने विक्रम संवत् 2083 के शुभारंभ के अवसर पर मंदसौर स्थित पशुपतिनाथ मंदिर परिसर (आराधना हॉल) में प्कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने सूर्य उपासना कर विधिवत ब्रह्मध्वज की स्थापना की। भगवान पशुपतिनाथ मंदिर में भगवान पशुपतिनाथ की आरती में भाग लिया। कार्यक्रम में राज्यसभा सांसद बंशीलाल गुर्जर , जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती दुर्गा विजय पाटीदार, नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती रमादेवी बंशीलाल गुर्जर, पूर्व विधायक यशपाल सिंह सिसोदिया, संत महेशमणि चैतन्य महाराज, सहित अन्य जनप्रतिनिधियों की गरिमामयी उपस्थिति रही। प्रशासनिक अधिकारियों में कलेक्टर श्रीमती अदिती गर्ग सहित बड़ी संख्या में नागरिक एवं पत्रकार उपस्थित रहे। उप मुख्यमंत्री देवड़ा ने वर्ष प्रतिपदा की सभी को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि मध्यप्रदेश शासन द्वारा इस परंपरा को पुनर्जीवित करते हुए प्रत्येक जिला मुख्यालय पर ऐसे कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के आयोजनों से आमजन को भारतीय संस्कृति एवं इतिहास की समृद्ध विरासत से परिचित होने का अवसर मिलता है। उन्होंने सभी के लिए नववर्ष को मंगलमय, सुखद एवं प्रदेश व देश के लिए कल्याणकारी होने की कामना की। कार्यक्रम की शुरुआत सूर्य उपासना से हुई, जिसके पश्चात ब्रह्मध्वज स्थापित किया गया। यह आयोजन भारतीय नववर्ष वर्ष प्रतिपदा (गुड़ी पड़वा) के उपलक्ष्य में आयोजित किया गया। कार्यक्रम में संस्कृति विभाग एवं मध्यप्रदेश नाट्य विद्यालय के सहयोग से “सम्राट विक्रमादित्य” विषय पर भव्य नाट्य प्रस्तुति का मंचन किया गया, जिसे उज्जैन की परिष्कृती सामाजिक सांस्कृतिक संस्था द्वारा प्रस्तुत किया गया। नाट्य प्रस्तुति में विक्रमादित्य के जीवन, बेताल पच्चीसी, 32 पुतली सिंहासन, शकों पर विजय, नवरत्न, उनकी वीरता एवं न्यायप्रियता का प्रभावशाली मंचन किया गया। इस दौरान “भारत का नववर्ष विक्रम संवत्” विषयक पुस्तिका का वितरण भी किया गया, जिससे आमजन भारतीय परंपराओं एवं नववर्ष के ऐतिहासिक महत्व को समझ सकें।

वित्त मंत्री ओपी चौधरी का छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल (संशोधन) विधेयक 2026 विधानसभा में पारित

वित्त मंत्री ओपी चौधरी द्वारा प्रस्तुत छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल (संशोधन) विधेयक 2026 विधानसभा से पारित   आवास और अधोसंरचना विकास को मिलेगी नई गति रायपुर  राज्य में आवासीय और शहरी अधोसंरचना विकास को व्यापक स्वरूप देने के उद्देश्य से वित्त मंत्री ओपी चौधरी द्वारा प्रस्तुत छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल अधिनियम, 1972 (संशोधन) विधेयक 2026 को विधानसभा में ध्वनिमत से पारित कर दिया गया। यह संशोधन मंडल की भूमिका को विस्तार देते हुए उसे एक आधुनिक और बहुआयामी इंफ्रास्ट्रक्चर एजेंसी के रूप में विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। सदन में जानकारी देते हुए वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने बताया कि छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल का गठन मूलतः मध्यप्रदेश गृह निर्माण मंडल अधिनियम, 1972 के तहत किया गया था। राज्य गठन के बाद यह संस्था प्रदेश में आवासीय योजनाओं, नगरीय अधोसंरचना और किफायती आवास उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। उन्होंने बताया कि पिछले दो वर्षों में मंडल द्वारा लगभग 3,050 करोड़ रुपये की लागत से 78 नई परियोजनाएं शुरू की गई हैं। राज्य शासन द्वारा 735 करोड़ रुपये का ऋण भुगतान कर मंडल को ऋणमुक्त किया गया है। साथ ही प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY 2.0) के अंतर्गत 2,000 ईडब्ल्यूएस आवासों के निर्माण को स्वीकृति मिली है। मंत्री चौधरी ने बताया कि 650 करोड़ रुपये से अधिक की 6 रिडेवलपमेंट परियोजनाओं की डीपीआर तैयार हो चुकी है। नवंबर 2025 में आयोजित राज्य स्तरीय आवास मेले में 2,060 करोड़ रुपये की 56 नई परियोजनाओं का शुभारंभ किया गया, जिसमें 2,517 संपत्तियों की बुकिंग और 1,477 का आवंटन किया जा चुका है। वर्तमान में मंडल छत्तीसगढ़ के 33 में से 27 जिलों में सक्रिय है और प्रक्रियात्मक सुधारों के माध्यम से रजिस्ट्री के साथ भौतिक कब्जा सुनिश्चित किया जा रहा है। इसके अलावा, 858 करोड़ रुपये की लागत से 146 विकासखंडों में शासकीय आवासों का निर्माण कर मंडल ने अपनी तकनीकी क्षमता भी सिद्ध की है। उन्होंने कहा कि रायपुर, नवा रायपुर, भिलाई-दुर्ग और राजनांदगांव को एकीकृत कर एक शहरी कॉरिडोर के रूप में विकसित किया जाएगा, जिसमें गृह निर्माण मंडल की भूमिका अहम होगी। संशोधन के तहत मंडल को केवल आवास निर्माण तक सीमित न रखते हुए टाउन प्लानिंग स्कीम, पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP), जॉइंट वेंचर, रिडेवलपमेंट, स्लम पुनर्विकास और मिश्रित भूमि उपयोग जैसी आधुनिक विकास अवधारणाओं को लागू करने की अनुमति दी गई है। अंत में वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने कहा कि यह संशोधन गृह निर्माण मंडल को एक सशक्त, सक्षम और बहुआयामी संस्था के रूप में स्थापित करेगा। इससे राज्य में सुनियोजित, टिकाऊ और समावेशी शहरी विकास को बढ़ावा मिलेगा तथा आम नागरिकों को बेहतर आवास और आधुनिक अधोसंरचना सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी।

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