Due to a dispute over farming money, the son along with his mother killed his father and hid the body in the river.
- आमला में सनसनीखेज हत्याकांड का खुलासा
- पुलिस को गुमराह करने मां ने दर्ज कराई झूठी गुमशुदगी, आमला पुलिस ने जांच से सुलझाई गुत्थी ।
हरिप्रसाद गोहे
आमला। पुलिस अधीक्षक वीरेंद्र जैन के निर्देशन में आमला पुलिस ने एक अंधे हत्याकांड का सनसनीखेज खुलासा किया है। खेती और पैसों के विवाद में कलयुगी बेटे ने अपनी मां के साथ मिलकर पिता की गला घोंटकर हत्या कर दी और शव को कुड़मुड नदी में छिपा दिया। मां ने पुलिस को गुमराह करने के लिए पति की गुमशुदगी की झूठी रिपोर्ट भी दर्ज कराई थी। थाना आमला से प्राप्त जानकारी अनुसार 25 जून 2026 को आमला क्षेत्र स्थित कुड़मुड नदी की सूखी पुलिया के पास एक अज्ञात शव मिला था। थाना आमला में मर्ग कायम कर जांच शुरू की गई। शव की पहचान ग्राम शंभुढाना बड़ाखारी निवासी लब्बू यादव के रूप में हुई।पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में मृत्यु का कारण _गला घोंटने से होना पाया गया। इसके बाद पुलिस ने वैज्ञानिक तरीके से जांच शुरू की।
जांच में सामने आया कि मृतक लब्बू यादव का बेटा संदीप यादव (19) पिता से खेती न करने देने, खर्चे के लिए पैसे न देने और गाली-गलौज को लेकर विवाद करता था। इसी रंजिश में संदीप ने मां सुनीता यादव (40) के साथ मिलकर हत्या की योजना बनाई।22-23 जून की दरम्यानी रात रेलवे स्टेशन से लौटते समय संदीप ने गमछे से पिता का गला घोंटकर हत्या कर दी और शव को नदी के सूखे हिस्से में छिपा दिया।पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि घटना की पूरी जानकारी होने के बावजूद सुनीता यादव ने बेटे का साथ दिया। उसने साक्ष्य छिपाने में मदद की और बाद में थाना बोरदेही में पति की झूठी गुमशुदगी दर्ज कराकर पुलिस को भटकाने की कोशिश की। जांच में यह भी सामने आया कि वह लगातार बेटे को मृतक के खिलाफ भड़काती रहती थी।
साक्ष्यों के आधार पर थाना आमला में अपराध क्रमांक 277/2026 के तहत BNS की धारा 103(1), 238(ए) एवं 3(5) में प्रकरण दर्ज कर दोनों आरोपी मां-बेटे को गिरफ्तार कर लिया गया है। गिरफ्तार आरोपी सुनीता यादव* पति लब्बू यादव, उम्र 40 साल । संदीप यादव पिता लब्बू यादव, उम्र 19 साल

_दोनों निवासी ग्राम शंभुढाना बड़ाखारी, थाना बोरदेही। इस अंधे हत्याकांड का खुलासा करने में निरीक्षक मुकेश ठाकुर, उनि बलराम यादव, सउनि मूलचंद अनंत, प्रआर बसंत उईके, कमल पांसे, आरक्षक रोहित कुशवाह, नागेंद्र सिंह, विवेक पाल, तिलक कुडापे, म.आर. विनिता नागवंशी और प्रियांशी पटेल की भूमिका रही।
पुलिस अधीक्षक वीरेंद्र जैन ने आमजन से अपील की है कि पारिवारिक विवादों का समाधान संवाद और वैधानिक माध्यमों से करें। किसी भी परिस्थिति में हिंसा न करें या कानून हाथ में न लें। संदिग्ध गतिविधि या अपराध की जानकारी तुरंत निकटतम थाने या डायल 112 पर दें।









