Mini-watersheds based on the ‘Sirpur pattern’ to be constructed in all blocks of Betul; work to commence by October: MLA Hemant Khandelwal.
- कलेक्टर कार्यालय में हुई बैठक, वाटर कंजरवेशन विशेषज्ञ एस.बी. खानापुरकर ने दिया प्रजेंटेशन।
हरिप्रसाद गोहे
आमला/बैतूल । बैतूल में शिरपुर पैटर्न के सफल प्रयोग को देखते हुए जिले के सभी विकासखंडों में एक-एक मिनी वाटरशेड चिन्हित कर अक्टूबर तक जल संरक्षण कार्य शुरू किए जाएंगे। प्रदेश अध्यक्ष एवं बैतूल विधायक हेमंत खंडेलवाल ने सोमवार को कलेक्ट्रेट में आयोजित बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए।

बैठक में वाटर कंजरवेशन के प्रोजेक्ट डायरेक्टर एवं शिरपुर पैटर्न विशेषज्ञ एस.बी. खानापुरकर ने प्रजेंटेशन दिया। उन्होंने बताया कि शिरपुर पैटर्न का मूल उद्देश्य बारिश के पानी को बहने से रोककर एक्विफर रिचार्ज करना है। भूगर्भीय अनुकूलता के आधार पर 200 से 300 मीटर की दूरी पर चेक डैम, कंटूर कंट्रोल ट्रेंच जैसे कार्य किए जाएंगे।
उन्होंने कहा कि इस मॉडल से सिंचाई, पेयजल और औद्योगिक जरूरतों के लिए स्थायी जल उपलब्धता, बाढ़-सूखे में कमी और सूखी नदियों के पुनर्जीवन में मदद मिलेगी। बैठक में नयेगांव, जगदर और परसोड़ी भोगीटेढ़ा के लाभान्वित किसानों ने अनुभव भी साझा किए।

बैठक में विधायक डॉ. योगेश पंडाग्रे, विधायक चंद्रशेखर देशमुख, सुधाकर पवार, जिला पंचायत उपाध्यक्ष हंसराज धुर्वे, कलेक्टर डॉ. सौरभ सोनवणे, सीईओ गणेश जायसवाल, एएसपी कमलेश खरपूसे सहित अधिकारी और किसान मौजूद रहे।l









