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टी20 वर्ल्ड कप के बीच स्टार ऑलराउंडर गेंदबाज डेविड वीजे ने अंतर्राष्ट्रीय करियर से संन्यास की घोषणा

नॉर्थ साउंड टी20 वर्ल्ड कप के बीच स्टार ऑलराउंडर गेंदबाज डेविड वीजे ने अंतर्राष्ट्रीय करियर से संन्यास की घोषणा कर दी है। दो देशों की टीमों के लिए खेल चुके वीजे ने अपना आखिरी मुकाबला इंग्लैंड के खिलाफ शनिवार को खेला, जिसमें उनकी टीम नामीबिया को हार का सामना करना पड़ा। वीजे ने इस मैच में 12 गेंदों में 27 रन बनाए। डेविड वीजे ने साउथ अफ्रीका के लिए अपने इंटरनेशनल करियर की शुरुआत की थी। उन्होंने साल 2015 में सेंचुरियन में अपना वनडे डेब्यू किया। इसके बाद वे नामीबिया चले गए और यहां भी शानदार करियर बिताया।  वीजे ने कुल 69 अंतर्राष्ट्रीय मुकाबले खेले हैं। इसमें 15 वनडे मैचों में 25.38 की औसत से 330 रन और 54 टी20 में 24.0 की औसत और 127.86 के स्ट्राइक रेट से 624 रन बनाए हैं।  वहीं दूसरी तरफ गेंदबाजी में तेज गेंदबाजी ने 15 वनडे पारियों में 15 विकेट और 54 टी20 पारियों में 59 विकेट चटकाए हैं। आईपीएल में आरसीबी और केकेआर के लिए किया प्रदर्शन आईपीएल में डेविड वीजे रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु और कोलकाता नाइट राइडर्स के लिए खेल चुके हैं। आरसीबी के दौर में उन्होंने विराट कोहली के सात भी काफई अच्छा समय बिताया। वीजे ने 18 आईपीएल मैचों में 11 पारियों में 29.6 की औसत से 148 रन बनाए हैं। जबकि, गेदंबाजी में 15 पारियों में 16 विकेट चटकाए हैं।  

कथित बेटी की सच्चाई छिपाने पर फिर मुश्किल में पाकिस्तानी पूर्व पीएम इमरान

इस्लामाबाद. पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। कथित बेटी के नाम को छिपाने के आरोप में खान को अयोग्य ठहराने वाली मांग को लेकर याचिकाकर्ता ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। पूर्व पीएम के खिलाफ 2018 के चुनाव में नामांकन के दौरान गलत जानकारी देने के आरोप में उनका नामांकन रद्द करने की मांग को लेकर इस्लामाबाद हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई थी। हालांकि, हाईकोर्ट ने इस याचिका को खारिज कर दिया था। अब याचिकाकर्ता ने शीर्ष अदालत का रुख अपना है। बता दें, पूर्व पीएम इमरान खान के खिलाफ मोहम्मद साजिद नामक याचिकाकर्ता ने याचिका दायर की थी। याचिका में लगाए गए ये आरोप याचिका में कहा गया कि 71 वर्षीय इमरान खान ने 2018 के चुनाव के दौरान अपने नामांकन में अपनी कथित बेटी टायरिन के बारे में जानकारी नहीं दी थी। इमरान खान की पार्टी ने 2018 के चुनाव में जीत दर्ज की थी और उसके बाद इमरान खान ने अगस्त 2018 से लेकर अप्रैल 2022 तक पाकिस्तान के प्रधानमंत्री के रूप में काम किया था। याचिकाकर्ता का आरोप है कि इमरान खान ने अपने नामांकन में गलत जानकारी दी। इमरान ने अपने हलफनामे में सिर्फ अपने दो बेटों का जिक्र किया, लेकिन तीसरी संतान टायरिन का जिक्र नहीं किया। हाईकोर्ट से मिली थी राहत दरअसल, सुप्रीम कोर्ट से पहले याचिकाकर्ता ने इस्लामाबाद हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। हालांकि, यहां से उसे निराशा हाथ लगी। इस मामले पर सुनवाई कर रही इस्लामाबाद हाईकोर्ट की तीन जजों की पीठ को हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस आमेर फारुख ने भंग कर दिया था। बाद में नई पीठ ने याचिका पर सुनवाई कर उसे खारिज कर दिया था। न्यायमूर्ति तारिक महमूद जहांगीरी ने पिछले साल दिए गए दो न्यायाधीशों की राय पढ़ी और फैसला सुनाया कि मामला पहले ही खारिज किया जा चुका है। याचिकाकर्ता मोहम्मद साजिद ने अपने वकील साद मुमताज हाशमी के माध्यम से शनिवार को सर्वोच्च न्यायालय में याचिका दायर कर दलील दी कि इस्लामाबाद हाईकोर्ट की पीठ ने तीन में से दो न्यायाधीशों की सहमति वाली राय को अदालती फैसला मानने में गलती की है। उसका कहना है कि खान ने मियांवाली निर्वाचन क्षेत्र से चुनाव लड़ने के लिए नामांकन पत्र दाखिल करते समय अपनी बेटी के बारे में नहीं बताया था। केवल अपनी पत्नी बुशरा बीबी और विदेश में रहने वाले दो बेटों कासिम खान और सुलेमान खान के बारे में जानकारी दी थी। इमरान खान पर 2022 में हुए हमले के मामले में तीन दोषी करार इमरान खान पर साल 2022 में जानलेवा हमला हुआ था। उस मामले में पाकिस्तान की आतंक रोधी अदालत ने मंगलवार को तीन लोगों को दोषी ठहराया है। इमरान खान पर 2022 में लाहौर प्रांत में एक विरोध रैली के दौरान हमला हुआ था। इस हमले में इमरान खान के पैर में कथित तौर पर तीन गोलियां लगीं थी। दोषी ठहराए गए लोगों की पहचान नावीद मेहर, वकास और तैयब के रूप में हुई है। नावीद मेहर को मुख्य दोषी बताया गया है और मेहर ने ही इमरान खान पर गोलियां चलाईं थी। वहीं वकास और तैयब ने मेहर को हथियार मुहैया कराया था। उस हमले में पीटीआई के कार्यकर्ता की मौत हो गई थी और इमरान खान समेत 14 अन्य लोग घायल हुए थे। मेहर को मौके पर ही पीटीआई समर्थकों ने पकड़ लिया था। मंगलवार को गुंजरावाला स्थित आतंक-रोधी अदालत ने तीनों को दोषी ठहराया। कोर्ट 25 मई को इस मामले में सजा सुनाएगा। इमरान खान ने इस हमले का आरोप आईएसआई के मेजर जनरल फैसल नसीर, शहबाज शरीफ और तत्कालीन आंतरिक मामलों के मंत्री राणा सनाउल्लाह पर लगाया था। इमरान खान ने मेजरल जनरल फैसल नसीर पर केन्या में पाकिस्तानी पत्रकार अरशद शरीफ की हत्या का भी आरोप लगाया था।

सार्वजनिक उपक्रम चयन बोर्ड पीईएसबी को एचपीसीएल के प्रमुख पद के लिए कोई उपयुक्त उम्मीदवार नहीं मिला

नई दिल्ली सार्वजनिक उपक्रम चयन बोर्ड (पीईएसबी) को हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लि. (एचपीसीएल) के प्रमुख पद के लिए कोई उपयुक्त उम्मीदवार नहीं मिला है। पीईएसबी ने हाल में एचपीसीएल के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक (सीएमडी) पद के लिए साक्षात्कार लिया था, लेकिन उसे सार्वजनिक क्षेत्र की पेट्रोलियम कंपनी के प्रमुख के पद के लिए इनमें से कोई उम्मीदवार उपयुक्त नहीं लगा। तीन साल में यह तीसरा मौका है जबकि जब बोर्ड को किसी सार्वजनिक क्षेत्र की पेट्रोलियम कंपनी के प्रमुख के पद के लिए कोई उपयुक्त उम्मीदवार नहीं मिला है। पीईएसबी सार्वजनिक उपक्रमों में शीर्ष पदों के लिए उपयुक्त उम्मीदवार की खोज करता है। पीईएसबी ने 14 जून को इस पद के लिए कुल आठ उम्मीवारों का साक्षात्कार लिया था। जिन लोगों का साक्षात्कार लिया गया उनमें एचपीसीएल निदेशक मंडल के एक सदस्य के अलावा इंद्रप्रस्थ गैस लि. (आईजीएल) के प्रबंध निदेशक भी शामिल थे। लेकिन पीईएसबी को इनमें से कोई उम्मीदवार इस पद के उपयुक्त नहीं लगा। पीईएसबी पैनल ने एक अधिसूचना में कहा, ‘‘बोर्ड ने एचपीसीएल के चेयरमैन और प्रबंध निदेशक (सीएमडी) के पद के लिए किसी भी उम्मीदवार की सिफारिश नहीं की और पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय को खोज-सह-चयन समिति (एससीएससी) सहित चयन के लिए आगे की कार्रवाई का उचित तरीका चुनने की सलाह दी।’’ एचपीसीएल के प्रमुख का पद एक सितंबर, 2024 को खाली हो जाएगा। उस समय कंपनी के मौजूदा चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक पुष्प कुमार जोशी 60 वर्ष की सेवानिवृत्ति आयु पूरी करने पर सेवानिवृत्त हो जाएंगे। पीईएसबी को इससे पहले इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन (आईओसी) और ऑयल एंड नैचुरल गैस कॉरपोरेशन (ओएनजीसी) में शीर्ष पद के लिए कोई उपयुक्त व्यक्ति नहीं मिला था। इसके चलते आईओसी के प्रमुख का कार्यकाल सेवानिवृत्ति की उम्र पूरी होने के बाद एक साल बढ़ाया गया। वहीं ओएनजीसी का प्रभार एक सेवानिवृत्त कार्यकारी को सौंपा गया। पीईएसबी ने तीन जून, 2021 को भारत की सबसे बड़े तेल एवं गैस उत्पादक ओएनजीसी के प्रमुख के पद के लिए दो सेवारत भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) अधिकारियों सहित नौ उम्मीदवारों का साक्षात्कार लिया। लेकिन इसमें न तो वरिष्ठ नौकरशाह अविनाश जोशी और नीरज वर्मा और न ही मेंगलोर रिफाइनरी एंड पेट्रोकेमिकल्स लिमिटेड (एमआरपीएल) में निदेशक-वित्त पोमिला जसपाल और ओएनजीसी के प्रौद्योगिकी और फील्ड सेवाओं के निदेशक ओम प्रकाश सिंह को इस पद के उपयुक्त पाया गया। इसके बाद मंत्रालय ने एक खोज-सह-चयन पैनल का गठन किया और भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड (बीपीसीएल) से 60 वर्ष की उम्र के बाद सेवानिवृत्त हुए अरुण सिंह को ओएनजीसी का प्रमुख नियुक्त किया गया। उन्हें तीन साल का कार्यकाल दिया गया था, जो दिसंबर, 2025 में समाप्त होगा। आईओसी के मामले में पीईएसबी ने श्रीकांत माधव वैद्य का स्थान लेने के लिए किसी के नाम की सिफारिश नहीं की। वैद्य को 2023 में सेवानिवृत्त होना था। पीईएसबी ने इस पद के लिए कुल 10 उम्मीदवारों का साक्षात्कार लिया था। कोई उपयुक्त उम्मीदवार नहीं मिलने के बाद एक ‘अनूठा’ कदम उठाते हुए सेवानिवृत्ति की तारीख के बाद एक साल के लिए अनुबंध के आधार पर वैद्य को पुन: कंपनी का प्रमुख नियुक्त कर दिया गया। चार अगस्त, 2023 को जारी किए गए आधिकारिक आदेश के अनुसार, वैद्य की नियुक्ति एक सितंबर, 2023 से 31 अगस्त, 2024 तक प्रभावी है।  

यूपी में जातियां छिटकीं और दलितों के भटकने से हारे प्रत्याशी : भाजपा

Shubhendu Adhikari said, stop Sabka Saath-Sabka Vikas, now whoever is with us…

नई दिल्ली/लखनऊ. भाजपा में हार पर मंथन शुरू हो गया है। किसी ने कहा कि कई जातियां छिटकने से हार गए। कोई बोला संगठन निष्क्रिय रहा। किसी ने कार्यकर्ताओं की उदासीनता की बात की तो किसी ने हार का ठीकरा भितरघातियों पर फोड़ा। टिकटों का जल्दी घोषित होना भी कुछ लोगों ने चुनाव की हवा बिगड़ने का कारण बताया। ऐसी तमाम बातें भाजपा के अवध क्षेत्र की सीटों से हारे प्रत्याशियों ने कहीं। पार्टी द्वारा क्षेत्रवार की जा रही समीक्षा के क्रम में गुरुवार को उन्हें प्रदेश कार्यालय पर बुलाया गया था। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी और महामंत्री संगठन धर्मपाल सिंह ने अवध क्षेत्र के जीते और हारे प्रत्याशियों से अलग-अलग बात की। केंद्र में तीसरी बार मोदी सरकार की ताजपोशी के बाद अब यूपी में हार के कारणों की समीक्षा का सिलसिला शुरू हो गया है। पार्टी ने दो स्तर पर समीक्षा का सिलसिला शुरू किया है। एक ओर सभी प्रत्याशियों से क्षेत्रवार चर्चा कर उनकी हार के कारण पूछे जा रहे हैं। साथ ही सुधार के लिए उनके सुझाव भी लिए जा रहे हैं। इसकी शुरुआत गुरुवार को अवध क्षेत्र से हुई। अवध में शामिल 16 लोकसभा सीटों में से लखनऊ के सांसद व रक्षामंत्री राजनाथ सिंह और गोंडा के सांसद व केंद्रीय राज्यमंत्री कीर्तिवर्धन सिंह और बाराबंकी की प्रत्याशी को छोड़ बाकी सभी पहुंचे। दूसरी ओर हार के जमीनी कारणों का पता लगाने के लिए एक 80 लोगों की टॉस्क फोर्स भी बनाई गई है। पार्टी सूत्रों की मानें तो कौशल किशोर, साक्षी महाराज, रेखा वर्मा, अजय मिश्रा टेनी, दिनेश प्रताप सिंह, लल्लू सिंह, राजेश वर्मा और रितेश पांडेय ने अलग-अलग चर्चा में अपनी हार के कारण बताए। सभी ने संविधान बदलने और आरक्षण खतरे में होने के विपक्षी दांव के चलते नुकसान होने की बात कही। अयोध्या के प्रत्याशी लल्लू सिंह ने पार्टी के कई लोगों पर सहयोग न करने का आरोप लगाया। कौशल किशोर, साक्षी महाराज, रेखा वर्मा, दिनेश प्रताप सिंह द्वारा भी कुछ ऐसे ही आरोप लगाए जाने की खबर है। प्रत्याशियों ने यह भी कहा कि जल्दी टिकट घोषित होने के कारण भी माहौल बिगाड़ने वालों को ज्यादा मौका मिला। वहीं चुनाव जीतने वाले हरदोई और मिश्रिख के सांसदों ने प्रदेश नेतृत्व का आभार जताया। शुक्रवार को कानपुर-बुंदेलखंड क्षेत्र के प्रत्याशियों संग हार के कारणों पर चर्चा होनी है। आज होगी टास्क फोर्स की बैठक यूपी में चुनावी नतीजे भाजपा की अपेक्षा के प्रतिकूल रहे। अब पार्टी ने एक 80 सदस्यों वाली टास्क फोर्स बनाई है। यह टॉस्क फोर्स 15 जून से तय लोकसभा क्षेत्रों में जाएगी। एक टीम में दो सदस्य होंगे। हर टीम को दो-दो लोकसभा क्षेत्र दिए गए हैं। हर लोकसभा क्षेत्र में टीम 3 से 4 दिन रहेगी। शुक्रवार को दोपहर 12 बजे से पार्टी के प्रदेश मुख्यालय में इस टास्क फोर्स की बैठक होगी। बैठक में प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी और महामंत्री संगठन धर्मपाल सिंह मौजूद रहेंगे। टास्क फोर्स के सदस्यों को वे बिंदु बताए जाएंगे, जिन पर उन्हें अपनी रिपोर्ट तैयार करनी है। इनमें संगठन की स्थिति, सामाजिक समीकरण कैसे गड़बड़ाए, केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं का असर, प्रत्याशी की स्थिति सहित अन्य बिंदु शामिल हैं। इन टीमों में प्रदेश और क्षेत्र के पदाधिकारियों के साथ ही कुछ जनप्रतिनिधियों को भी शामिल किया गया है।

भारतीय वायुसेना ने अमेरिका के अलास्का में युद्धाभ्यास रेड फ्लैग 2024 में दिखाया दम

अलास्का. भारतीय वायुसेना के एक दल ने अमेरिका के अलास्का में आयोजित हुए युद्धाभ्यास रेड फ्लैग 2024 में शिरकत की। यह युद्धाभ्यास अमेरिका के अलास्का के इलसन  एयर फोर्स बेस पर आयोजित किया गया। यह युद्धाभ्यास 4 जून से 14 जून तक आयोजित हुआ, जिसमें अमेरिका के साथ ही भारत, सिंगापुर, ब्रिटेन, नीदरलैंड, जर्मनी की वायुसेनाएं शामिल हुईं। रेड फ्लैग 2024 का यह दूसरा संस्करण था। रेड फ्लैग युद्धाभ्यास एक एडवांस कॉम्बैट ट्रेनिंग एक्सरसाइज है। यह युद्धाभ्यास साल में चार बार आयोजित होता है। भारतीय वायुसेना के दल में राफेल फाइटर जेट और एयर क्रू के साथ ही तकनीशियन, इंजीनियर, कंट्रोलर और विषयों के विशेषज्ञ शामिल रहे। युद्धाभ्यास में शामिल होने के लिए आते वक्त राफेल फाइटर जेट को आईएल-78 एयर टू एयर रिफ्यूलर की मदद से हवा में ही ईंधन भरा गया। वहीं दल के सदस्यों को लाने के लिए सी-17 ग्लोबमास्टर विमान का इस्तेमाल किया गया। भारतीय वायुसेना का दल 29 मई को अलास्का स्थित इलसन एयर बेस पहुंच गया था। रेड फ्लैग एक्सरसाइज के दौरान युद्ध जैसे हालात बनाकर अभ्यास किया गया। वांछित वातावरण के लिए बलों का सीमांकन किया गया, जिसमें रेड फोर्स ने डिफेंस किया और ब्लू फोर्स ने आक्रामण किया। इस अभ्यास में रेड फोर्स मुख्य रूप से अमेरिकी वायुसेना की एग्रेसर स्कवॉड्रन द्वारा बनाई गई थी, जिसमें एफ-16 और एफ-15 जैसे आधुनिक लड़ाकू विमान थे।

एनडीए को जिताने तमिलनाडु-विक्रवंडी उपचुनाव का बहिष्कार कर रही अन्नाद्रमुक : कांग्रेस

चेन्नई. तमिलनाडु के प्रमुख विपक्षी दल अखिल भारतीय अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कषगम (अन्नाद्रमुक) ने विक्रवंडी विधानसभा सीट के लिए 10 जुलाई को होने वाले उपचुनाव का बहिष्कार करने का एलान किया है। इसी को लेकर लगातार विवाद बढ़ता जा रहा है। अब कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी चिदबंरम ने अन्नाद्रमुक की आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी ने एनडीए की चुनावी संभावनाओं को सुविधाजनक बनाने के लिए शीर्ष स्तर से मिले निर्देश पर यह फैसला किया। पूर्व केंद्रीय मंत्री ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर कहा कि इंडिया ब्लॉक को इस सीट पर डीएमके उम्मीदवार की जीत सुनिश्चित करनी चाहिए। उन्होंने कहा, ‘विक्रवंडी उपचुनाव का बहिष्कार करने का अन्नाद्रमुक का फैसला इस बात का स्पष्ट प्रमाण है कि उसे एनडीए उम्मीदवार (पीएमके) के चुनावी अवसरों को सुविधाजनक बनाने के लिए ‘शीर्ष’ से निर्देश मिले हैं। भाजपा और अन्नाद्रमुक दोनों ही पार्टियां एक प्रॉक्सी (पीएमके) के जरिए यह लड़ाई लड़ रही हैं। इंडिया ब्लॉक को डीएमके उम्मीदवार की शानदार जीत सुनिश्चित करनी चाहिए।’ यह है पूरा मामला अन्नाद्रमुक ने 10 जुलाई को होने वाले विक्रवंडी विधानसभा क्षेत्र के उपचुनाव का बहिष्कार करने की घोषणा की है। 71 साल के डीएमके विधायक पुगाझेंती का इस साल अप्रैल में निधन हो गया था, जिसके कारण इस सीट पर उपचुनाव की जरूरत पड़ी। तमिलनाडु में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के घटक दल पट्टाली मक्कल काची (पीएमके) के संस्थापक एस. रामदास ने घोषणा की कि उनकी पार्टी के उपाध्यक्ष सी अंबुमणि विक्रवांडी उपचुनाव लड़ेंगे।

52 वर्षीय धावक ने भीषण गर्मी में 12 दिन में 1000 किमी दौड़कर जीता सिंगापुर का अवॉर्ड

कुआलालमपुर. मैराथन दौड़ की अनुभवी 52 वर्षीय नताली डाउ ने 12 दिनों में एक हजार किलोमीटर दौड़कर बड़ी उपलब्धि हासिल की। इस दौरान उन्होंने थाईलैंड, मलेशिया और सिंगापुर को कवर किया। भीषण गर्मी और कूल्हे में चोट लगने के बावजूद उन्होंने अपनी दोड़ बरकरार रखी। उनकी दौड़ पांच जून को सिंगापुर में समाप्त हुई। थाइलैंड सिंगापुर अल्ट्रामैराथन 1000 किमी को तेजी से पूरा करने के लिए नताली डाउ को सिंगापुर का अवॉर्ड मिला। अब उन्हें सबसे मलेशिया प्रायद्वीप को तेजी से पैदल पार करने के लिए गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स से सर्टिफिकेट मिलने का इंतजार है। मीडिया से बात करते हुए नताली डाउ ने कहा, “आज मैंने पहली बार यह सवाल किया कि क्या मैं इसे सच में पूरा कर पाऊंगी। मुझे खेल में चुनौती स्वीकार करना पसंद है। निराशाएं पसंद नहीं है, जो अक्सर आती रहती हैं।” नताली की इस दौड़ से वैश्विक चैरिटी जीआरएलएस के लिए 50,000 डॉलर से अधिक धनराशि एकत्रित हुई। यह चैरिटी खेलों के माध्यम से लड़कियों और महिलाओं को सहायता प्रदान करती है। भीषण गर्मी के कारण पिघल गए जूते नताली ने आगे कहा, “आप चाहे प्रथम आएं या अंतिम। इससे फर्क नहीं पड़ता है। आपने कुछ ऐसा किया जो सबसे अलग है।” नताली डाउ की यात्रा आसान नहीं थी। 35 डिग्री सेल्सियस तापमान में दौड़ने के कारण उनके जूते पिघल गए। पहले दिन ही उन्हें कूल्हे की चोट से जूझना पड़ा। हालांकि, उन्होंने इन चुनौतियों का सामना किया और आगे बढ़ते रही। नताली ने दौड़ के दौरान अपने समर्थकों को रात में वॉयस मैसेज के अपडेट देती थी। उनकी इस सफलता में टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्हें उम्मीद है कि उनकी यह उपलब्धि महिलाओं और बुजुर्गों को प्रेरित करेगी। उन्होंने बताया कि इस दौड़ में उन्हें शारीरिक थकान बहुत ज्यादा महसूस हुई। रात में जागना उनके लिए बहुत डरावना पल था। थकान और पैर में छाले होने के बावजूद उन्होंने अपना दौड़ जारी रखा और इस मुकाम पर पहुंचीं। 

टीम इंडिया का सफर जैसे ही टूर्नामेंट से समाप्त होगा, वैसे ही गौतम गंभीर होंगे टीम इंडिया के हेड कोच

नई दिल्ली टीम इंडिया के हेड कोच के तौर पर T20 World Cup 2024 राहुल द्रविड़ का आखिरी असाइनमेंट है। इसके बाद वे इस पद से हट जाएंगे। टीम इंडिया का सफर जैसे ही टूर्नामेंट से समाप्त होगा, वैसे ही द्रविड़ की जिम्मेदारी भी मुख्य कोच के तौर पर समाप्त हो जाएगी। इसके बाद टीम इंडिया को एक नया हेड कोच मिलेगा, जिसका ऐलान जून के आखिरी सप्ताह में होने की उम्मीद है। ये नया हेड कोच कोई और नहीं, बल्कि पूर्व ओपनर गौतम गंभीर होंगे। गौतम गंभीर के नाम पर मुहर लग चुकी है। रिपोर्ट की मानें तो बीसीसीआई और गौतम गंभीर के बीच डील हो चुकी है। बीते गुरुवार को इस बात की भी पुष्टि हो गई है कि गौतम गंभीर ही अगले हेड कोच होंगे। टी20 वर्ल्ड कप 2024 के ठीक बाद उनके नाम का आधिकारिक ऐलान हो जाएगा। दैनिक जागरण को बीसीसीआई के एक सूत्र ने बताया है कि बोर्ड और गंभीर की बात हो चुकी है। वही राहुल द्रविड़ की जगह लेने वाले हैं। हालांकि, गौतम गंभीर के साथ सपोर्ट स्टाफ में कौन होगा, ये आने वाला वक्त बताएगा। मौजूदा समय में बल्लेबाजी कोच विक्रम राठौर हैं, गेंदबाजी कोच पारस महांब्रे और फील्डिंग कोच टी दिलीप हैं। गंभीर खुद अपने सपोर्ट स्टाफ का चयन करेंगे। राहुल द्रविड़ ने भी ऐसा ही किया था, क्योंकि उनसे पहले रवि शास्त्री की टीम में संजय बांगर बल्लेबाजी कोच, भरत अरुण गेंदबाजी कोच और आर श्रीधर फील्डिंग कोच थे। गौतम गंभीर जैसे ही टीम इंडिया के हेड कोच की गद्दी संभालेंगे तो सपोर्ट स्टाफ में तो बदलाव होंगे ही, साथ ही साथ टीम में भी बदलाव होने की संभावना नजर आ रही है, क्योंकि गौतम गंभीर का कोचिंग स्टाइल राहुल द्रविड़ से अलग है। द्रविड़ संयम वाले व्यक्ति हैं, लेकिन गंभीर आक्रामक क्रिकेट को तवज्जो देते हैं। हालांकि, द्रविड़ ने क्रिकेट के तौर पर आक्रामक भारत को बनाने के पूरे प्रयास करें और कई बार सफलता भी मिली है।  

गुजरात-राजकोट में गेम जोन अग्निकांड के दस्तावेजों में छेड़छाड़ दो पर दो निगम कर्मी गिरफ्तार

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राजकोट. राजकोट के गेमजोन के अग्निकांड में अब गिरफ्तारी की संख्या 12 हो चुकी है। रविवार को पुलिस ने बताया कि पिछले महीने गेम जोन में आग लगने के बाद दो नगर निगम कर्मी ने दस्तावेजों में हेरफेर की थी। इस आरोप में वे गिरफ्तार हुए हैं। पिछले महीने 25 मई को राजकोट के गेमजोन में भीषण आग लगी थी, जिसमें 12 बच्चों समेत 27 लोगों की मौत हुई थी। घटना के सिलसिले में छह सरकारी कर्मचारियों सहित 12 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। शहर की अपराध शाखा ने शनिवार को आरएमसी के सहायक नगर नियोजन अधिकारी राजेश मकवाना और सहायक अभियंता जयदीप चौधरी को आग की घटना के बाद आधिकारिक रजिस्टर में बदलाव करने में कथित संलिप्तता के आरोप में गिरफ्तार किया। पुलिस उपायुक्त (अपराध) पार्थराजसिंह गोहिल ने बताया कि आग की घटना के बाद उन्होंने टीआरपी गेम जोन से संबंधित सरकारी दस्तावेजों में कुछ बदलाव किए। उन्होंने दस्तावेजों में जालसाजी भी की। गोहिल ने बताया कि टीआरपी गेम जोन में आग लगने के सिलसिले में अब तक हमने छह सरकारी कर्मचारियों और छह अन्य लोगों को गिरफ्तार किया है। बता दें कि वे चार सरकारी कर्मचारी राजकोट के टाउन प्लानिंग अधिकारी एमडी सागथिया, सहायक टीपीओ मुकेश मकवाना, गौतम जोशी और कलावड़ रोड फायर स्टेशन के पूर्व स्टेशन अधिकारी रोहित विगोरा हैं। बृहस्पतिवार को दुर्घटना के समय से फरार गेम जोन के सह-मालिक अशोकसिंह जडेजा ने पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया। जडेजा टीआरपी गेम जोन के छह मालिकों में से एक हैं।

लोकसभा स्पीकर पद पर सत्तारूढ़ दल का पहला अधिकार है इंडी का नहीं : जदयू

नई दिल्ली. लोकसभा चुनाव के नतीजे आ गए हैं। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की अगुआई वाली एनडीए की फिर से केंद्र में सरकार बनी है। नरेंद्र मोदी ने लगातार तीसरी बाद प्रधानमंत्री की जिम्मेदारी संभाली है। अब 18वीं लोकसभा का अध्यक्ष कौन होगा? यह सवाल सबकी जुबान पर है। इसको लेकर सियासत शुरू हो गई है। विपक्षी गठबंधन ने इस पद के लिए चुनाव से पहले बड़ी मांग की है। वहीं एक मीडिया रिपोर्ट में दावा किया गया है कि भाजपा के प्रमुख सहयोगियों टीडीपी और जदयू की नजरें लोकसभा स्पीकर की कुर्सी पर हैं। इन सबके बीच जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के प्रवक्ता केसी त्यागी ने इंडी गठबंधन की आलोचना की और बताया कि कुर्सी का हकदार कौन हैं। सदन का सबसे गरिमापूर्ण पद लोकसभा स्पीकर के चुनाव पर केसी त्यागी ने कहा, ‘लोकसभा स्पीकर का पद सदन का सबसे गरिमापूर्ण पद होता है। उस पद पर पहला अधिकार सत्तारूढ़ दल का है। इंडी गठबंधन की मांगें और बयान आपत्तिजनक हैं।’ भाजपा एनडीए की बड़ी पार्टी उन्होंने आगे कहा, ‘हम मानते हैं कि भाजपा एनडीए की बड़ी पार्टी है। उस पद पर भाजपा या एनडीए का पहला अधिकार है। मैं पिछले 35 सालों से एनडीए में हूं। भाजपा ने कभी जनता दल को तोड़ने की कोशिश नहीं की। टीडीपी और जदयू ने अहम भूमिका निभाई है। मगर हम एनडीए को कमजोर करने की कोशिश कभी नहीं करेंगे।’

एलन मस्क के ईवीएम हटाने की सलाह पर बिफरे पूर्व केंद्रीय मंत्री चंद्रशेखर

न्यूयोर्क. इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन यानी ईवीएम जिसे लेकर हमारे देश में कई बार विपक्षी दलों की तरफ से सवाल उठाए गए हैं। लेकिन एक नए विवाद को जन्म दिया हैं, दिग्गज कंपनी टेस्ला और सोशल मीडिया साइट X (पहले ट्विटर) के सीईओ एलन मस्क ने, दरअसल X पर एक पोस्ट में एलन मस्क ने लिखा कि हमें इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन को चुनावी प्रक्रिया से हटा देना चाहिए। क्योंकि इसे इंसानों और एआई के जरिए हैक किए जाने संभावना बहुत कम है, लेकिन फिर भी बहुत ज्यादा है। दरअसल एलन मस्क ने प्यूर्टो रिको में हाल ही में हुए चुनावों में ईवीएम के इस्तेमाल पर अमेरिकी नेता रॉबर्ट एफ कैनेडी जूनियर कि चिंता पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए ये नया बखेड़ा खड़ा किया। वहीं एलन मस्क के दावे पर भारत के पूर्व केंद्रीय मंत्री राजीव चंद्रशेखर ने कहा कि भारत में बनाए जाने वाले ईवीएम खास पद्धति से डिजाइन किए गए हैं। जिसे किसी भी तरीके से कनेक्ट नहीं किया जा सकता है, न ही ब्लूटूथ, वाईफ़ाई, और ना ही इंटरनेट से। पूर्व केंद्रीय मंत्री ने ट्यूटोरियल देने की पेशकश की इसके साथ ही राजीव चंद्रशेखर ने सुरक्षित इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों को ठीक से डिजाइन करने और बनाने के तरीके पर एक ट्यूटोरियल देने की भी पेशकश की है। इस बहस में पूर्व केंद्रीय मंत्री ने एलन मस्क को जवाब देते हुए कहा कि इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों को ठीक से डिजाइन और बनाया जा सकता है जैसा कि भारत ने किया है। हमें इस पर एक ट्यूटोरियल देने में काफी खुशी होगी।

धर्मधानी उज्जैन में ज्येष्ठ शुक्ल दशमी पर अमृत सिद्धि योग में गंगा दशहरा मनाया गया

उज्जैन धर्मधानी उज्जैन में ज्येष्ठ शुक्ल दशमी पर रविवार को अमृत सिद्धि योग में गंगा दशहरा मनाया गया। शुरुआत ज्योतिर्लिंग महाकाल मंदिर में भगवान महाकाल के नृत्यार्चन से हुई। रसराज प्रभात नृत्य संस्थान के 120 कलाकार ने भस्म आरती के बाद नृत्य प्रस्तुति दी। यह रात 11 बजे शयन आरती तक सतत चलेगी। नीलगंगा स्थित जूना अखाड़ा से निकली साधु संतों की पेशवाई में सिंहस्थ सा नजारा देखने को मिला। शिप्रा तट, विष्णु सागर, गंगा घाट तथा गायत्री शक्तिपीठ में भी उत्सवी छटा बिखरी। श्री पंच दशनाम जूना अखाड़ा नीलगंगा से सुबह 7.30 बजे साधु संतों की पेशवाई प्रारंभ हुई। जूना अखाड़ा के राष्ट्रीय सचिव महंत रामेश्वर गिरी महाराज एवं महंत देवगिरी महाराज के अनुसार पेशवाई में साधु संत घोड़े, बैंड बाजे, निशान के साथ शस्त्र कला का प्रदर्शन करते हुए निकले। इसके बाद सभी संत एवं भक्तों ने नीलगंगा सरोवर में स्नान किया। स्नान पश्चात मां नीलगंगा का पंचामृत अभिषेक किया गया। मुख्यमंत्री ने चांदी के सिक्के से किया जूना अखाड़ा के देवताओं का पूजन नीलगंगा स्थित श्री पंच दशनाम जूना अखाड़ा में आयोजित गंगा दशहरा उत्सव में रविवार सुबह मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव भी शामिल हुए। मुख्यमंत्री ने चांदी का सिक्का रखकर जूना अखाड़ा के देवताओं का पूजन किया। पश्चात नीलगंगा सरोवर का दूध से अभिषेक कर पूजा अर्चना की तथा सरोवर के जल का आचमन किया। मुख्यमंत्री ने परिसर स्थित गंगा माता का पंचामृत अभिषेक पूजन भी किया। अखाड़े में साधु संतों ने मुख्यमंत्री को चांदी का शिवलिंग भेंट कर सफल एवं यशस्वी जीवन का आशीर्वाद प्रदान किया। मुख्यमंत्री गंगा दशहरा पर निकली साधु संतों की पेशवाई में भी अखाड़े के बाहर तक शामिल हुए।

भारत के खिलाफ मेरी वजह से हारा पाकिस्तान, मुझे इसका अफसोस हमेशा रहेगा, इमाद वसीम का कबूलनामा

For the first time, a special train of one compartment ran to bring the injured cubs.

नई दिल्ली पाकिस्तान क्रिकेट टीम के आधिकारिक रूप से टी20 वर्ल्ड कप 2024 से बाहर होने के एक दिन बाद टीम के ऑलराउंडर इमाद वसीम ने स्वीकार किया कि 2024 टी20 विश्व कप उनके करियर का सबसे बुरा पल था। यूएसए के खिलाफ उलटफेर झेलने के बाद पाकिस्तान की टीम के पास भारत को हारने का मौका था, क्योंकि 120 रनों का टारगेट पाकिस्तान को चेज करना था, लेकिन पाकिस्तान की टीम इसमें फेल हो गई। इमाद वसीम को इसका कसूरवार माना गया, क्योंकि उन्होंने आखिर में रन नहीं बनाए और काफी गेंदें खेल लीं। इसको लेकर उन्होंने कबूल किया है कि उनकी वजह से टीम हारी, जिसका उनको अफसोस है। कनाडा के खिलाफ टी20 वर्ल्ड कप 2024 के पाकिस्तान के आखिरी मैच से पहले इमाद वसीम ने कहा, “हां, यह सबसे खराब पल है। आप इससे नीचे नहीं जा सकते। यह सच्चाई है। मुझे पता है कि हम टूर्नामेंट से बाहर हो गए हैं और यह खिलाड़ियों के लिए कठिन है, लेकिन अंत में यह एक अंतरराष्ट्रीय मैच है, एक विश्व कप मैच है, इसलिए हम किसी भी चीज को हल्के में नहीं लेंगे। हम वहां जाकर देश के लिए खेलेंगे और अपने देश के गर्व के लिए खेलेंगे, जैसा कि हमने पहले भी किया था, लेकिन दुर्भाग्य से परिणाम हमारे नियंत्रण में नहीं हैं, लेकिन हां हम वहां जाकर खेलेंगे जैसे कि यह एक विश्व कप मैच है।”   इमाद वसीम ने इंडिया वर्सेस पाकिस्तान मैच को लेकर कहा, “गेम प्लान ये था कि हमें इसे डीप ले जाना था। विकेट खेलने के लिए अच्छा नहीं था। यह थोड़ा मुश्किल था। दुर्भाग्य से, मेरा प्लान प्लान के अनुसार चल रही था, लेकिन एग्जक्यूट नहीं हो रहा था, क्योंकि आमतौर पर जब मैं बल्लेबाजी करता हूं, तो मैं गेंद को गहराई तक ले जाता हूं। अगर मैं दोनों छोर पर कोई बाउंड्री लगाता, तो खेल अलग होता। आमतौर पर दबाव में गेंदबाज आपको एक गेंद दे देता है, जिस पर बाउंड्री लगा सकते हैं, लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया। मैं खेल को गहराई तक इसलिए ले जा रहा था, क्योंकि मुझे उम्मीद थी कि एक नया बल्लेबाज आकर शॉट नहीं लगा सकता, लेकिन नसीम ने दो अच्छे शॉट लगाए।”   उन्होंने आगे कहा, “मुझे लगता है कि 17वें ओवर में रन बनाना एक महत्वपूर्ण मोड़ था। यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि ऐसा नहीं हुआ, यह एक इवेंट है, लेकिन यह एक बड़ा मैच था। हमारी टीम और मैं आपसे (पत्रकार) ज्यादा निराश हैं। मैंने टीम को निराश किया, क्योंकि आमतौर पर जब मैं इस स्थिति में जाता हूं, तो मैं बहुत शांत रहता हूं और काम फिनिश करता हूं और यह मेरा काम था जिसे मैं पूरा नहीं कर सका। मुझे इसका पछतावा होगा और मुझे अभी भी इसका पछतावा है, लेकिन यह जीवन है। कभी-कभी आप गलतियां करते हैं, लेकिन जीवन ऐसा ही है। इसलिए, आप कह सकते हैं कि यह मेरे जीवन का एक ऐसा दौर था, जिसे मैं दुर्भाग्य से हासिल नहीं कर सका। मुझे इसका पछतावा होगा, लेकिन मेरा निष्पादन अच्छा नहीं था।”  

असम में नौ करोड़ मूल्य की याबा टैबलेट्स के साथ दो तस्कर गिरफ्तार

करीमगंज. असम के करीमगंज में नौ करोड़ रुपये मूल्य की याबा टैबलेट के साथ दो तस्करों को गिरफ्तार किया गया है। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने इसकी जानकारी दी। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा, करीमगंज पुलिस और बीएसएफ ने एक संयुक्त अभियान चलाकर नौ करोड़ मूल्य की 30,000 याबा टैबलेट्स जब्त की। उन्होंने आगे बताया कि इस मामले में दो तस्करों को गिरफ्तार किया गया है। सीएम सरमा ने पुलिस और बीएसएफ की सराहना की। बता दें कि याबा मेथमफेटामाइन और कैफीन का एक संयोजन है। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा, करीमगंज पुलिस और बीएसएफ ने एक संयुक्त अभियान चलाकर नौ करोड़ मूल्य की 30,000 याबा टैबलेट्स जब्त की। उन्होंने आगे बताया कि इस मामले में दो तस्करों को गिरफ्तार किया गया है। सूरत एयरपोर्ट पर यात्री के पास से मिला 2.19 करोड़ का हीरा —- सूरत एयरपोर्ट पर शनिवार को दुबई जा रहे एक यात्री की तलाशी के दौरान सीआईएसएफ कर्मियों ने उसके टखने के पास कुछ संदिग्ध वस्तुएं देखीं। यात्री की पहचान संजयभाई मोरदिया के तौर पर की गई है। उसके पास से कच्चे, बिना पॉलिश किए हुए हीरे के तीन पैकेट बरामद किए गए, जो उसने अपने मोजे में खिपाकर रखा था। तलाशी लोने के बाद दो और पैकेट मिले। हीरे का वजन 1092 ग्राम था, जिसकी कीमत 2.19 करोड़ रुपये बताई जा रही है।

अमेरिका-न्यू जर्सी में बवंडर से भूस्खलन के साथ कारें पलटींं और पेड़ उखड़े

न्यू जर्सी. न्यू जर्सी में शुक्रवार को भारी बारिश और हवाओं के साथ भीषण तूफान आया। वहीं, मर्सर काउंटी में भूस्खलन के बाद आए बवंडर ने बड़ी तबाही मचाई। राष्ट्रीय मौसम सेवा के अनुसार, लॉरेंस टाउनशिप में कोनोको गैस स्टेशन के पास 80 मील प्रति घंटे की गति से बवंडर आया। बवंडर की वजह से पेड़ टूट गए, जिनमें से एक पेट्रोल स्टेशन पर जा गिरा। वहीं एक डाकघर की पार्किंग में खड़ी कई कारें पलट गईं। हालांकि, किसी के हताहत होने की खबर नहीं है। बताया जा रहा है कि बवंडर शाम पांच बजकर 59 मिनट से छह बजे के बीच आया। यह करीब 210 मीटर तक फैला और अधिकतम चौड़ाई 55 मीटर थी। भूस्खलन बवंडर थोड़े अलग होते हैं। वह ऊपर से घूमते हुए गरज के साथ विकसित होने के बजाय जमीन से ऊपर की ओर बनते हैं। उनका छोटा आकार और मानक रडार रेंज से नीचे की संरचना के कारण अक्सर उनका पूर्वानुमान लगाना और उनका पता लगाना कठिन हो जाता है। अधिकारियों के अनुसार, बवंडर के लिए जिम्मेदार चक्र, पेंसिल्वेनिया के बक्स काउंटी में तूफानों के कारण चली हवाओं और पूर्व दिशा से आने वाली समुद्री हवा के टकराव के कारण उत्पन्न हुआ था।  मौसम की यह घटना ऐसे समय में हुई है, जहां अगले सप्ताह के लिए हीटवेव का अनुमान लगाया गया था।

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