LATEST NEWS

नगरपालिकाओं एवं त्रिस्तरीय पंचायतों के आम / उप निर्वाचन 2026 हेतु निर्वाचक नामावली कार्यक्रम जारी

रायपुर छत्तीसगढ़ राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा नगरपालिकाओं एवं त्रिस्तरीय पंचायतों के आगामी आम एवं उप निर्वाचन 2026 के लिए निर्वाचक नामावली तैयार एवं पुनरीक्षित किए जाने हेतु कार्यक्रम जारी कर दिया गया है। आयोग द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार स्थानीय निकायों की निर्वाचक नामावली दिनांक 01 अप्रैल 2026 की स्थिति के आधार पर तैयार की जाएगी। जिन मतदाताओं के नाम संबंधित स्थानीय निकाय के क्षेत्र, वार्ड अथवा पंचायत से संबंधित भारत निर्वाचन आयोग की मतदाता सूची में दर्ज होंगे, वही मतदाता स्थानीय निकायों की निर्वाचक नामावली में नाम दर्ज कराने के पात्र होंगे। जारी कार्यक्रम के अनुसार दावे-आपत्तियों के निपटारे की अंतिम तिथि 23 अप्रैल 2026 तक जिन मतदाताओं के नाम भारत निर्वाचन आयोग की विधानसभा निर्वाचक नामावली में दर्ज होंगे, वे आवश्यक दस्तावेजों के साथ प्रारूप क-1 में रजिस्ट्रीकरण अधिकारी अथवा सहायक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी के समक्ष आवेदन प्रस्तुत कर स्थानीय निकाय की निर्वाचक नामावली में अपना नाम दर्ज करा सकेंगे। नगरीय निकाय उप निर्वाचन के अंतर्गत अध्यक्ष के कुल 02 पद, क्रमशः नगरपालिका परिषद सारंगढ़ (जिला-सारंगढ़-बिलाईगढ़) तथा नगरपालिका परिषद शिवपुर-चरचा (जिला-कोरिया) में रिक्त हैं, साथ ही पार्षदों के 15 पद भी रिक्त हैं। इसके अतिरिक्त नवगठित चार निकायों—नगर पंचायत घुमका (जिला-राजनांदगांव), नगर पंचायत बम्हनीडीह (जिला-जांजगीर-चांपा), नगर पंचायत शिवनंदनपुर (जिला-सूरजपुर) तथा नगर पंचायत पलारी (जिला-बलौद)—में अध्यक्ष के 04 पद तथा पार्षदों के कुल 60 पद रिक्त हैं। इसी प्रकार त्रिस्तरीय पंचायतों में जनपद पंचायत सदस्य के 08 पद, सरपंच के 78 पद तथा पंच के 1056 पद रिक्त हैं। इस प्रकार प्रदेश के 33 जिलों में कुल 1142 पद रिक्त हैं, जिनका निर्वाचन कराया जाना है। निर्वाचक नामावली तैयार करने हेतु जारी कार्यक्रम के अनुसार रजिस्ट्रीकरण अधिकारी, सहायक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी तथा प्राधिकृत अधिकारियों का प्रशिक्षण 24 मार्च 2026 तक कराया जाएगा तथा निर्वाचक नामावली का मुद्रण 09 अप्रैल 2026 तक किया जाएगा। निर्वाचक नामावली का प्रारंभिक प्रकाशन 13 अप्रैल 2026 को किया जाएगा, जिसके बाद दावे-आपत्तियां प्राप्त की जाएंगी। दावे-आपत्तियां प्राप्त करने की अंतिम तिथि 20 अप्रैल 2026 निर्धारित की गई है, जबकि प्रारूप क-1 में दावा प्रस्तुत करने की अंतिम तिथि 24 अप्रैल 2026 होगी। रजिस्ट्रीकरण अधिकारी द्वारा दावे-आपत्तियों के निराकरण के आदेश के विरुद्ध अपील ऐसा आदेश पारित होने के 05 दिवस के भीतर सक्षम अधिकारी के समक्ष की जा सकेगी।  निर्वाचक नामावली का अंतिम प्रकाशन 05 मई 2026 को किया जाएगा।

राहुल गांधी के तंज से संसद में हंगामा, जलेबी फैक्ट्री और तपस्या वाली टिप्पणी पर तीखी नोकझोंक

नई दिल्ली लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर डिबेट चल रही है। इस दौरान कांग्रेस ने प्रस्ताव को लेकर कहा कि ओम बिरला ने नेता विपक्ष को समय ही नहीं दिया। उन्हें 20 बार बोलने से रोका दिया गया। इस मामले पर अब सरकार ने जवाब दिया है। भाजपा सांसद रविशंकर प्रसाद ने कहा कि राहुल गांधी को ना बोलने की शिकायत की जाती है, लेकिन सवाल है कि वे आखिर बोलते क्या हैं। उन्होंने कहा कि मैं हरियाणा में चुनाव प्रचार में गया था तो किसी ने बताया कि राहुल गांधी ने कहा कि जलेबी की फैक्ट्री लगाएंगे। मुझे यकीन नहीं हुआ तो वीडियो दिखाया गया। भाजपा नेता ने कहा कि मैं हैरान रह गया कि आखिर ऐसा कैसे कहा जा सकता है। देश के गांव-गांव में जलेबी छनती है। इसे फैक्ट्री में नहीं बनाया जाता। रविशंकर प्रसाद ने कहा कि राहुल गांधी ने अमेरिकी राजदूत से यह भी कह दिया कि भारत में इस्लामिक कट्टरपंथ से ज्यादा चिंता की बात हिंदू रैडिकल हैं। उन्होंने कहा कि इन्होंने क्या-क्या बोला, सब कुछ मेरे पास है। यहां बताऊंगा तो लंबी लिस्ट हो जाएगी। उन्होंने कहा कि स्पीकर के खिलाफ जो अविश्वास प्रस्ताव है, वह किसी के अहंकार की संतुष्टि का प्रयास है। ‘इंदिरा गांधी के पोते के ज्ञान पर मैं तो सन्न रह गया’ रविशंकर प्रसाद ने कहा कि राहुल गांधी आरोप लगाते हैं कि मुझे बोलने नहीं दिया। आखिर वह बोलते क्या हैं। इनका कहना है कि तपस्या से गर्मी आती है। मैं तो सन्न रह गया कि आत्मा से परमात्मा का मिलन है तपस्या। आखिर इंदिरा जी के पोते का इस पर क्या ज्ञान है। इस पर मुझे हैरानी हुई। प्रधानमंत्री जी की कुर्सी के पास जिस तरह से विपक्ष के लोग आए थे, वह सबने देखा था। राहुल गांधी इस सदन को अराजकता में बदल देना चाहते हैं। यह संसद सर्वोच्च है और इसकी गरिमा बनी रहनी चाहिए। यदि स्पीकर के खिलाफ बेबुनियाद प्रस्ताव लाया गया है तो हम उसका विरोध करते हैं। बीच में बोलने लगे राहुल गांधी, नियमों का दिया गया हवाला इस दौरान राहुल गांधी ने बीच में बोलने का भी प्रयास किया, जिस पर रविशंकर प्रसाद ने नियमों का हवाला देते हुए कहा कि आप बाद में बोल सकते हैं। इस डिबेट में सपा सांसद आनंद भदौरिया ने भी हिस्सा लिया। उन्होंने कहा कि स्पीकर ओम बिरला भले आदमी हैं, लेकिन ऐसा लगता है कि सरकार ने उनसे जबरदस्ती ऐसा व्यवहार कराया। यह दुख की बात है कि उनके खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव आया है। गौरतलब है कि लोकसभा स्पीकर के खिलाफ आए प्रस्ताव पर आज होम मिनिस्टर अमित शाह भी स्पीच देंगे।  

क्रिकेट फैंस के लिए खुशखबरी! IPL का पूरा शेड्यूल जारी, पहले मैच में RCB-SRH भिड़ंत

नई दिल्ली  आईपीएल का शेड्यूल जारी, पहले मैच में RCB से बेंगलुरु में भिड़ेगी SRH, जानें बाकी मैचों की पूरी डिटेल इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल 2026) के 19वें सीजन का शेड्यूल जारी हो गया है. टूर्नामेंट की शुरुआत 28 मार्च से होगी और पहला मैच डिफेंडिंग चैम्पियन रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु और सनराइजर्स हैदराबाद के बीच खेला जाएगा. यह ओपनिंग मैच बेंगलुरु में ही खेला जाएगा. बता दें कि पिछले साल आरसीबी के चैम्पियन बनने के बाद बेंगलुरु में ही विक्ट्री परेड के दौरान भगदड़ मची थी. तब से यहां आईपीएल मैच को लेकर कई तरह के कयास लगाए जा रहे थे. हालांकि, बीसीसीआई ने आईपीएल का पूरा शेड्यूल जारी नहीं किया है. शुरुआत में केवल 20 मैचों का ही शेड्यूल जारी किया गया है. यानी 12 अप्रैल तक होने वाले मुकाबलों का ही शेड्यूल अभी जारी किया गया है. आगे के मुकाबलों का शेड्यूल बीसीसीआई बाद में जारी करेगा.  चुनावों की वजह से पूरा शेड्यूल अभी नहीं इस बार शेड्यूल बनाना थोड़ा मुश्किल रहा है क्योंकि कई राज्यों में चुनाव होने हैं. असम, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु और केरल में विधानसभा के चुनाव होने हैं. इसके चलते फिलहाल टूर्नामेंट के सिर्फ पहले 20 मैचों का कार्यक्रम जारी किया गया.  देखें 20 मैचों का पूरा शेड्यूल: 28 मार्च 2026 (शनिवार, शाम) रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु vs सनराइजर्स हैदराबाद — बेंगलुरु 29 मार्च 2026 (रविवार, शाम) मुंबई इंडियंस vs कोलकाता नाइट राइडर्स — मुंबई 30 मार्च 2026 (सोमवार, शाम) राजस्थान रॉयल्स vs चेन्नई सुपर किंग्स — गुवाहाटी 31 मार्च 2026 (मंगलवार, शाम) पंजाब किंग्स vs गुजरात टाइटंस — मुल्लांपुर 1 अप्रैल 2026 (बुधवार, शाम) लखनऊ सुपर जायंट्स vs दिल्ली कैपिटल्स — लखनऊ 2 अप्रैल 2026 (गुरुवार, शाम) कोलकाता नाइट राइडर्स vs सनराइजर्स हैदराबाद — कोलकाता 3 अप्रैल 2026 (शुक्रवार, शाम) चेन्नई सुपर किंग्स vs पंजाब किंग्स — चेन्नई 4 अप्रैल 2026 (शनिवार, दोपहर) दिल्ली कैपिटल्स vs मुंबई इंडियंस — दिल्ली 4 अप्रैल 2026 (शनिवार, शाम) गुजरात टाइटंस vs राजस्थान रॉयल्स — अहमदाबाद 5 अप्रैल 2026 (रविवार, दोपहर) सनराइजर्स हैदराबाद vs लखनऊ सुपर जायंट्स — हैदराबाद 5 अप्रैल 2026 (रविवार, शाम) रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु vs चेन्नई सुपर किंग्स — बेंगलुरु 6 अप्रैल 2026 (सोमवार, शाम) कोलकाता नाइट राइडर्स vs पंजाब किंग्स — कोलकाता 7 अप्रैल 2026 (मंगलवार, शाम) राजस्थान रॉयल्स vs मुंबई इंडियंस — गुवाहाटी 8 अप्रैल 2026 (बुधवार, शाम) दिल्ली कैपिटल्स vs गुजरात टाइटंस — दिल्ली 9 अप्रैल 2026 (गुरुवार, शाम) कोलकाता नाइट राइडर्स vs लखनऊ सुपर जायंट्स — कोलकाता 10 अप्रैल 2026 (शुक्रवार, शाम) राजस्थान रॉयल्स vs रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु — गुवाहाटी 11 अप्रैल 2026 (शनिवार, दोपहर) पंजाब किंग्स vs सनराइजर्स हैदराबाद — मुल्लांपुर 11 अप्रैल 2026 (शनिवार, शाम) चेन्नई सुपर किंग्स vs दिल्ली कैपिटल्स — चेन्नई 12 अप्रैल 2026 (रविवार, दोपहर) लखनऊ सुपर जायंट्स vs गुजरात टाइटंस — लखनऊ 12 अप्रैल 2026 (रविवार, शाम) मुंबई इंडियंस vs रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु — मुंबई RCB डिफेंडिंग चैम्पियन के तौर पर उतरेगी आईपीएल 2026 में आरसीबी डिफेंडिंग चैम्पियन के तौर पर मैदान में उतरेगी. वहीं मुंबई और चेन्नई अब तक की सबसे सफल टीमें हैं, जिन्होंने पांच-पांच बार खिताब जीता है.

नोबेल विजेता कॉन्स्टेंटिन नोवोसेलोव ने की सीएम योगी से भेंट, रिसर्च और टेक्नोलॉजी पर बातचीत

लखनऊ नोबेल पुरस्कार विजेता कॉन्स्टेंटिन नोवोसेलोव ने बुधवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की। इस दौरान लोहम कंपनी के सीईओ रजत वर्मा और कंपनी के चीफ ऑफ स्टॉफ आयुष सबात भी मौजूद रहे। तीनों अतिथियों ने निवेश के लिए उत्तर प्रदेश के सकारात्मक माहौल की सराहना की। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नोबेल पुरस्कार विजेता कॉन्स्टेंटिन नोवोसेलोव, लोहम के सीईओ रजत वर्मा और चीफ ऑफ स्टाफ आयुष सबात का उत्तर प्रदेश में स्वागत किया। बैठक में उत्तर प्रदेश को देश में एडवांस्ड मटेरियल रिसर्च और इंजीनियरिंग का प्रमुख हब बनाने की संभावनाओं पर चर्चा हुई। इस क्रम में लोहम द्वारा प्रदेश में भारत की पहली ‘रेयर अर्थ टू मैग्नेट’ इंटीग्रेटेड फैसिलिटी स्थापित करने की योजना पर भी विस्तार से चर्चा हुई। इस फैसिलिटी के स्थापित होने से देश में उच्च तकनीक आधारित मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा मिलेगा। नोबेल पुरस्कार विजेता कोंस्टेंटिन नोवोसेलोव, जो ग्रैफीन की खोज के लिए विश्व प्रसिद्ध हैं, लोहम कंपनी के साथ स्ट्रैटेजिक एडवाइजर और सहयोगी के रूप में कार्य कर रहे हैं। उनका उद्देश्य उन्नत मटेरियल साइंस को औद्योगिक स्तर पर बैटरी तकनीक और ऊर्जा क्षेत्र में लागू करना है। लोहम और नोवोसेलोव के सहयोग का मुख्य फोकस दो महत्वपूर्ण क्षेत्रों पर है। पहला, 2डी मटेरियल (जैसे ग्रैफीन) का उपयोग कर अगली पीढ़ी की लिथियम-आयन बैटरियों की क्षमता, सुरक्षा व लाइफ को बढ़ाना। दूसरा- बैटरियों और परमानेंट मैग्नेट का उन्नत रीसाइक्लिंग सिस्टम विकसित कर महत्वपूर्ण खनिजों की बेहतर रिकवरी सुनिश्चित करना, जिससे सर्कुलर इकॉनमी को मजबूती मिलेगी। यह सहयोग भारत के ‘मेक इन इंडिया’ और ग्रीन एनर्जी विजन के लिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इससे पहले केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने नई दिल्ली में नोबेल पुरस्कार विजेता कॉन्स्टेंटिन नोवोसेलोव और लोहम के मुख्य कार्यकारी अधिकारी रजत वर्मा से मुलाकात की।

3000 से अधिक यूनिट्स को ‘स्टार्ट इन यूपी’ के तहत मान्यता, योगी सरकार की नीतियों से स्थानीय उद्यमिता को मिल रही रफ्तार

लखनऊ उत्तर प्रदेश तेजी से देश के उभरते हुए स्टार्टअप हब के रूप में अपनी पहचान बना रहा है। प्रदेश सरकार की नीतियों, संस्थागत ढांचे और वित्तीय प्रोत्साहन के कारण प्रदेश में नवाचार और उद्यमिता को नया बल मिला है। उत्तर प्रदेश में 20 हजार से अधिक सक्रिय इकाइयां “स्टार्टअप इंडिया” के तहत मान्यता प्राप्त हैं, जो प्रदेश में तेजी से विकसित हो रहे स्टार्टअप इकोसिस्टम को दर्शाती हैं। इससे युवाओं के लिए रोजगार और उद्यमिता के नए अवसर भी पैदा हो रहे हैं। प्रदेश में ‘स्टार्ट इन यूपी’ पहल के अंतर्गत भी उद्यमिता को बढ़ावा दिया जा रहा है। अब तक 3000 से अधिक स्टार्टअप्स को इसके तहत मान्यता मिल चुकी है। प्रदेश सरकार की स्टार्टअप नीति और प्रोत्साहन योजनाओं ने स्थानीय स्तर पर उद्यमिता को मजबूत आधार दिया है। इन पहल के माध्यम से युवाओं को अपने नवाचार को व्यवसाय में बदलने के लिए जरूरी सहयोग और संसाधन उपलब्ध कराए जा रहे हैं। प्रदेश में स्टार्टअप इकोसिस्टम को मजबूत बनाने में इन्क्यूबेशन नेटवर्क की भी महत्वपूर्ण भूमिका है।  प्रदेश में वर्तमान में 76 मान्यता प्राप्त इन्क्यूबेटर कार्यरत हैं, जो नए उद्यमियों को मार्गदर्शन, तकनीकी सहयोग और संसाधन उपलब्ध करा रहे हैं। ये इन्क्यूबेटर विश्वविद्यालयों, तकनीकी संस्थानों और निजी संगठनों के साथ मिलकर स्टार्टअप्स को शुरुआती चरण से ही सही दिशा देने का काम कर रहे हैं। इससे नवाचार को बढ़ावा मिल रहा है और युवाओं को अपने विचारों को व्यावसायिक रूप देने का भी अवसर मिल रहा है। इसके साथ ही प्रदेश में उन्नत तकनीक और अनुसंधान आधारित स्टार्टअप्स को प्रोत्साहित करने के लिए सात सेंटर ऑफ एक्सीलेंस को भी मंजूरी दी गई है। इन सेंटरों के माध्यम से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डेटा एनालिटिक्स, एग्रीटेक और अन्य उभरते क्षेत्रों में शोध और नवाचार को बढ़ावा दिया जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे संस्थागत ढांचे से प्रदेश में टेक्नोलॉजी आधारित स्टार्टअप्स के लिए अनुकूल वातावरण तैयार हो रहा है। वित्तीय सहायता के मामले में भी सरकार की पहल महत्वपूर्ण मानी जा रही है। प्रदेश में स्टार्टअप्स को प्रोत्साहित करने के लिए अब तक 146 करोड़ रुपये के इंसेंटिव स्वीकृत किए जा चुके हैं, जबकि 58 करोड़ रुपये की राशि स्टार्टअप्स को वितरित भी की जा चुकी है। यह वित्तीय सहयोग स्टार्टअप्स को अपने उत्पाद और सेवाओं के विकास, बाजार विस्तार और तकनीकी उन्नयन में मदद कर रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि मजबूत नीतिगत ढांचा, संस्थागत समर्थन और वित्तीय प्रोत्साहन किसी भी राज्य के स्टार्टअप इकोसिस्टम को विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उत्तर प्रदेश में इन सभी क्षेत्रों में समानांतर रूप से काम किया जा रहा है। इसके परिणामस्वरूप प्रदेश में स्टार्टअप संस्कृति तेजी से विकसित हो रही है और नवाचार को नई दिशा मिल रही है।

नीट एसएस काउंसलिंग का पहला राउंड शुरू, उम्मीदवारों के पास 15 मार्च तक मौका

नई दिल्ली चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में उच्चतम डिग्री हासिल करने का सपना देख रहे डॉक्टरों के लिए एक महत्वपूर्ण अपडेट है। मेडिकल काउंसलिंग कमेटी (MCC) ने नीट एसएस (NEET SS) काउंसलिंग 2026 के राउंड-1 के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया शुरू कर दी है। यह काउंसलिंग डॉक्टर ऑफ मेडिसिन (DM), मास्टर ऑफ चिरुर्गिया (MCh) और DrNB सुपर स्पेशियलिटी कोर्सेज में एडमिशन के लिए आयोजित की जा रही है। जो उम्मीदवार नेशनल एलिजिबिलिटी-कम-एंट्रेंस टेस्ट सुपर स्पेशियलिटी (NEET SS) में सफल हुए हैं, वे आधिकारिक वेबसाइट mcc.nic.in पर जाकर अपना रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं। काउंसलिंग का शेड्यूल (राउंड-1) काउंसलिंग प्रक्रिया को सुचारू रूप से चलाने के लिए एमसीसी ने एक टाइम टेबल जारी किया है: रजिस्ट्रेशन की अवधि: 10 मार्च से 15 मार्च 2026 (दोपहर 12 बजे तक)। शुल्क भुगतान की अंतिम तिथि: 15 मार्च 2026 (दोपहर 3 बजे तक)। चॉइस फिलिंग (कॉलेज चुनना): 11 मार्च से 16 मार्च 2026 (रात 11:55 बजे तक)। चॉइस लॉकिंग: 16 मार्च 2026 (शाम 4 बजे से रात 11:55 बजे तक)। सीट आवंटन परिणाम: 18 मार्च 2026। कॉलेज में रिपोर्टिंग: 19 मार्च से 25 मार्च 2026 के बीच। रजिस्ट्रेशन शुल्क और सुरक्षा राशि नीट एसएस काउंसलिंग में भाग लेने के लिए उम्मीदवारों को भारी-भरकम शुल्क का भुगतान करना होता है, जिसे दो भागों में बांटा गया है। रजिस्ट्रेशन शुल्क 5,000 रुपये ( नॉन-रिफंडेबल यानी वापस नहीं होने वाला शुल्क) है। सुरक्षा जमा राशि 2,00,000 रुपये (यह रिफंडेबल है) है। कुल मिलाकर, उम्मीदवारों को रजिस्ट्रेशन के समय 2,05,000 रुपये का भुगतान ऑनलाइन माध्यम से करना होगा। आवश्यक डॉक्यूमेंट आवंटित कॉलेज में रिपोर्टिंग के समय उम्मीदवारों को इन ओरिजनल डॉक्यूमेंट की आवश्यकता होगी।     नीट एसएस 2025 का स्कोरकार्ड और एडमिट कार्ड 2. एमबीबीएस (MBBS) की डिग्री और मार्कशीट 3. एमडी/एमएस/डीएनबी (MD/MS/DNB) की डिग्री 4. एनएमसी (NMC) या राज्य चिकित्सा परिषद का रजिस्ट्रेशन प्रमाण पत्र 5. जन्म तिथि प्रमाण (10वीं की मार्कशीट) 6. पहचान पत्र (आधार कार्ड, पैन कार्ड या पासपोर्ट) काउंसलिंग के चरण और नियम यह काउंसलिंग प्रक्रिया कुल तीन चरणों में आयोजित की जाएगी: राउंड 1, राउंड 2 और एक ‘स्ट्रे वैकेंसी’ राउंड। यदि किसी उम्मीदवार को पहले दौर में सीट मिल जाती है, तो उनके पास ‘अपग्रेडेशन’ का विकल्प भी होता है। काउंसलिंग पूरी तरह से ऑनलाइन मोड में होती है, लेकिन सीट मिलने के बाद फिजिकल वेरिफिकेशन के लिए आवंटित संस्थान में उपस्थित होना अनिवार्य है। सुपर स्पेशियलिटी कोर्सेज का नया शैक्षणिक सत्र 10 अप्रैल 2026 से शुरू होने की संभावना है। उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि वे चॉइस फिलिंग करते समय कॉलेजों की वरीयता को ध्यान से भरें, क्योंकि इसी के आधार पर उनकी मेरिट और रैंक के अनुसार सीट का आवंटन किया जाएगा।  

न्यूजीलैंड महिला टीम ने 3-0 से जीती वनडे सीरीज, जिम्बाब्वे को तीसरे वनडे में 200 रन से हराया

डुनेडिन न्यूजीलैंड महिला क्रिकेट टीम ने जिम्बाब्वे के खिलाफ चल रही 3 वनडे मैचों की सीरीज 3-0 से जीत ली है। बुधवार को डुनेडिन के यूनिवर्सिटी ओवल में खेले गए तीसरे वनडे में न्यूजीलैंड ने जिम्बाब्वे को 200 रन के बड़े अंतर से हरा दिया। न्यूजीलैंड ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला किया था। कप्तान अमेलिया केर और एम्मा मैक्लियोड ने पहले विकेट के लिए 54 रन जोड़े। एम्मा 29 गेंद पर 16 रन बनाकर आउट हुईं। केर ने दूसरे विकेट के लिए इजी शार्प 25 के साथ 42 रन की साझेदारी की। तीसरे विकेट के लिए केर और मैडी ग्रीन के बीच 60 रन की साझेदारी हुई। टीम का स्कोर जब 156 था, कप्तान केर 80 रन की पारी खेलकर आउट हुईं। 106 गेंदों की पारी में केर ने 10 चौके लगाए। ग्रीन और हालिडे ने चौथे विकेट के लिए 110 रन की साझेदारी से टीम का स्कोर 266 तक पहुंचा दिया। हालिडे 40 गेंदों पर 1 छक्का और 3 चौके की मदद से 40 रन बनाकर आउट हुईं। इसी स्कोर पर न्यूजीलैंड को पांचवां झटका भी लगा। ग्रीन शतक का मौका चूक गईं और 73 गेंदों पर 12 चौकों की मदद से 94 रन की बेहतरीन पारी खेलकर आउट हुईं। जेस केर 9 गेंदों पर 13 और विकेटकीपर इजी गेज 11 गेंदों पर 18 रन बनाकर नाबाद रहीं। न्यूजीलैंड ने 6 विकेट पर 303 रन बनाए। 304 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी जिम्बाब्वे की टीम 27.1 ओवर में 103 रन पर सिमट गई और 200 रन के बड़े अंतर से मैच हार गई। जिम्बाब्वे के लिए लोरिन ताशुमा 34 रन बनाकर श्रेष्ठ स्कोरर रहीं। न्यूजीलैंड के लिए गेंदबाजी में भी कप्तान अमेलिया केर ने शानदार प्रदर्शन किया और 3.1 ओवर में 22 रन देकर 5 विकेट लिए। रोजमेरी मायर को 2, जेस केर, ब्रिएर्न इलिंग और नैंसी पटेल को 1-1 विकेट मिले। अमेलिया केर प्लेयर ऑफ द मैच और प्लेयर ऑफ द सीरीज रहीं।  

IMD का बड़ा अलर्ट: 12 से 14 मार्च तक इन राज्यों में तेज बारिश और खराब मौसम का खतरा

नई दिल्ली देश में मौसम का मिजाज एक बार फिर बदलता नजर आ रहा है। पिछले साल Indian Monsoon 2025 का सीजन देश के लिए काफी अच्छा रहा था और कई राज्यों में सामान्य से अधिक बारिश दर्ज की गई थी। मानसून के खत्म होने के बाद भी कई इलाकों में रुक-रुक कर बारिश का सिलसिला जारी रहा। मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में भी बारिश की स्थिति बेहतर बनी रह सकती है। इसी बीच India Meteorological Department (IMD) ने 12, 13 और 14 मार्च के लिए देश के कई राज्यों में भारी बारिश को लेकर अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के मुताबिक इस दौरान कई जगह तेज हवा के साथ बारिश होने की संभावना है। तमिलनाडु में जारी रह सकता है बारिश का दौर दक्षिण भारत के Tamil Nadu में पिछले मानसून सीजन के दौरान अच्छी बारिश हुई थी। मानसून खत्म होने के बाद भी राज्य के कई इलाकों में समय-समय पर बारिश देखने को मिली। अब मौसम विभाग का कहना है कि 12 से 14 मार्च के बीच तमिलनाडु के कई हिस्सों में एक बार फिर भारी बारिश हो सकती है। इसके साथ ही कुछ क्षेत्रों में तेज हवाएं भी चलने की संभावना जताई गई है। अरुणाचल प्रदेश में भी बदल सकता है मौसम पूर्वोत्तर भारत के Arunachal Pradesh में भी पिछले साल मानसून के दौरान अच्छी बारिश दर्ज की गई थी। मानसून के बाद भी यहां कई इलाकों में बादल छाए रहने और हल्की बारिश का सिलसिला जारी रहा। मौसम विभाग के अनुसार 12, 13 और 14 मार्च को अरुणाचल प्रदेश के कई हिस्सों में तेज बारिश हो सकती है। इससे पहाड़ी इलाकों में मौसम अचानक ठंडा हो सकता है। इन राज्यों में भी भारी बारिश की संभावना देश में मौसम के तेवर बदल गए है। ऐसे में मौसम विभाग ने अलर्ट जारी किया है कि 12, 13 और 14 मार्च को पंजाब, हरियाणा, उत्तराखंड, ओड़िशा, विदर्भ, छत्तीसगढ़, पश्चिम बंगाल, सिक्किम और झारखंड में कई जगह भारी बारिश हो सकती है। इस दौरान तेज़ हवा चलने की भी संभावना है। वहीं केरल, असम, मणिपुर, मिज़ोरम, मेघालय, नागालैंड, त्रिपुरा, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, माहे, पुडुचेरी, यनम और कराईकल में भी मौसम विभाग के अनुसार 12, 13 और 14 मार्च को जमकर बादल बरसेंगे। मौसम विभाग की सलाह मौसम विभाग ने लोगों को सलाह दी है कि जिन इलाकों में भारी बारिश की संभावना है, वहां रहने वाले लोग मौसम की अपडेट पर नजर रखें और जरूरत पड़ने पर सावधानी बरतें। खासकर पहाड़ी और तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। विशेषज्ञों का कहना है कि मार्च के महीने में मौसम का अचानक बदलना असामान्य नहीं है, लेकिन कई राज्यों में लगातार बारिश और तेज हवाओं के कारण तापमान में गिरावट भी देखने को मिल सकती है।  

PM Kisan Samman Nidhi: कृषि मंत्री का ऐलान, 22वीं किस्त की तारीख तय

दिल्ली  देश के करोड़ों अन्नदाताओं के लिए होली से पहले एक बड़ी खुशखबरी आई है। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने पीएम किसान सम्मान निधि (PM-Kisan) की अगली किस्त को लेकर आधिकारिक घोषणा कर दी है। केंद्रीय मंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि 13 मार्च को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी असम के गुवाहाटी (मां कामाख्या की पावन भूमि) से देशभर के पात्र किसानों के खातों में योजना की 22वीं किस्त हस्तांतरित करेंगे। किस्त से जुड़ी मुख्य बातें…      कुल लाभार्थी: 9.32 करोड़ से अधिक किसान।     जारी होने वाली कुल राशि: ₹18,640 करोड़ से अधिक।     दिनांक: 13 मार्च, 2026।     स्थान: गुवाहाटी, असम। “मेहनत का मान, माटी का सम्मान” शिवराज सिंह चौहान ने इस योजना को केवल आर्थिक मदद नहीं, बल्कि किसानों के ‘आत्मबल’ का प्रतीक बताया। उन्होंने अपने पोस्ट में लिखा: “यह राशि मेहनत का मान और माटी का सम्मान है। प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में यह योजना समृद्धि, सशक्तिकरण और सुशासन का वह संगम है, जिसने खेती की नियति और किसान की परिस्थिति को बदलने का संकल्प सिद्ध किया है।” उन्होंने आगे कहा कि पीएम किसान निधि ग्रामीण अर्थव्यवस्था की गति को बढ़ाने वाला एक ऐतिहासिक महा-अभियान है। सरकार का निरंतर प्रयास है कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में किसान सशक्त हों और भारत कृषि क्षेत्र में पूर्णतः आत्मनिर्भर बने। किसानों के लिए जरूरी सलाह यदि आप भी इस योजना के लाभार्थी हैं, तो 13 मार्च से पहले यह सुनिश्चित कर लें कि:       आपका e-KYC पूरा हो चुका हो।     बैंक खाता आधार से लिंक हो।     भू-सत्यापन (Land Seeding) की प्रक्रिया पूर्ण हो।  

संकुल शैक्षिक समन्वयक अलका चौहथा, शिक्षा व्यवस्था को दे रहीं नई दिशा

रायपुर शिक्षा के क्षेत्र में महिलाएं अपनी प्रतिभा, परिश्रम और नेतृत्व क्षमता से निरंतर नई पहचान बना रही हैं। एम सी बी जिला के मनेंद्रगढ़ क्षेत्र में प्राथमिक शाला वार्ड क्रमांक 09 की प्रधान पाठिका अलका चौहथा भी ऐसी ही प्रेरणादायी महिला हैं, जो अपने समर्पण और कार्यकुशलता के बल पर शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। जिले की एकमात्र महिला संकुल शैक्षिक समन्वयक          20 मई 2025 से नियुक्त अलका चौहथा वर्तमान में जनजातीय कल्याण विभाग (TWD) के अंतर्गत संकुल शैक्षिक समन्वयक के रूप में कार्यरत हैं। जिले में कार्यरत 28 संकुल शैक्षिक समन्वयकों में वे एकमात्र महिला संकुल शैक्षिक समन्वयक हैं। यह उपलब्धि न केवल उनके लिए गौरव का विषय है, बल्कि जिले की अनेक महिला शिक्षकों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बन गई है। शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने में निभा रहीं अहम भूमिका          संकुल शैक्षिक समन्वयक शिक्षा व्यवस्था में एक महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में कार्य करता है। इस पद का मुख्य उद्देश्य विद्यालयों की शैक्षणिक गुणवत्ता को बेहतर बनाना, शिक्षकों को आवश्यक मार्गदर्शन प्रदान करना तथा विद्यार्थियों के अधिगम स्तर में सुधार लाना होता है। अलका चौहथा अपने संकुल के अंतर्गत आने वाले विद्यालयों का नियमित भ्रमण कर शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया का निरीक्षण करती हैं तथा शिक्षकों को नई शिक्षण पद्धतियों, प्रभावी पाठ योजना और गतिविधि आधारित शिक्षण के लिए प्रेरित करती हैं। शिक्षकों के प्रशिक्षण और मार्गदर्शन पर विशेष ध्यान       वे समय-समय पर शिक्षकों की बैठक, प्रशिक्षण एवं शैक्षणिक कार्यशालाओं का आयोजन कर शिक्षकों की क्षमता में और शिक्षा गुणवत्ता में वृद्धि करने का प्रयास करती हैं। साथ ही विद्यार्थियों के अधिगम स्तर और शैक्षणिक परिणामों में सुधार के लिए योजनाएं तैयार करती हैं तथा शासन द्वारा संचालित विभिन्न शैक्षणिक योजनाओं और कार्यक्रमों के प्रभावी क्रियान्वयन को सुनिश्चित करती हैं। समर्पण और निष्ठा से दे रहीं उल्लेखनीय योगदान     विद्यालयों की प्रगति, उपलब्धियों और समस्याओं से संबंधित रिपोर्ट तैयार कर उच्च अधिकारियों को प्रेषित करना भी उनकी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी का हिस्सा है। अलका चौहथा अपने कर्तव्यों का निष्ठा, समर्पण और सकारात्मक सोच के साथ निर्वहन करते हुए शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान दे रही हैं।          उनका कार्य न केवल विद्यालयों में बेहतर शैक्षणिक वातावरण बनाने में सहायक हो रहा है, बल्कि जिले की अन्य महिला शिक्षकों को भी आगे बढ़ने और नेतृत्व की भूमिका निभाने के लिए प्रेरित कर रहा है। अलका चौहथा की यह प्रेरक यात्रा यह संदेश देती है कि मेहनत, लगन और आत्मविश्वास के साथ महिलाएं शिक्षा सहित हर क्षेत्र में उत्कृष्ट नेतृत्व प्रदान कर सकती हैं।

7200mAh बैटरी के साथ Vivo Y51 Pro 5G लॉन्च, 24,999 कीमत पर मिल रहा खास डिस्काउंट

नई दिल्ली वीवो का नया 5G स्मार्टफोन लॉन्च हो गया है। इस फोन में कई शानदार फीचर्स मिल रहे हैं, जिसमें 6.75 इंच का बड़ा डिस्प्ले शामिल हैं। इसका रिफ्रेश रेट 120Hz है। इसके अलावा, डिवाइस 7200mAh बैटरी से लैस है। वीवो के इस फोन में Mediatek 7360 प्रोससर मिल रहा है। फोन को अभी सस्ते में खरीदने का मौका है। इस पर कैशबैक ऑफर है। स्मार्टफोन की कीमत 24,999 रुपये से शुरू है। स्मार्टफोन दो कलर और स्टोरेज वेरिएंट में आया है। सभी स्पेसिफिकेशन और ऑफर जानने के लिए नीचे पढ़ें। स्मार्टफोन में मिल रही 7200mAh की बैटरी Vivo के इस फोन में कंपनी ने 120Hz रिफ्रेश रेट और 1250 nits पीक ब्राइटनेस वाली 6.75 इंच की LCD स्क्रीन दी है। फोन में Dimensity 7360 Turbo प्रोसेसर दिया गया है। धूल और पानी से बचाव के लिए इस फोन में IP68 + IP69 रेटिंग मिलती है। फोटोग्राफी के लिए फोन के फ्रंट में 50MP का मेन कैमरा, 2MP का सेकेंडरी कैमरा और वीडियो कॉलिंग के लिए 8MP का फ्रंट कैमरा दिया गया है। इस स्मार्टफोन में 7200mAh की बड़ी बैटरी मिलती है। यह 44W फास्ट चार्जिंग को सपोर्ट करती है। फोन के अन्य फीचर्स स्मार्टफोन में कंपनी ने 8GB RAM और 256GB तक स्टोरेज दिया गया है। फोन में साइड माउंटेड फिंगरप्रिंट सेंसर मिलता है। फोन का साइज 166.64 × 78.43 × 8.39mm है। इसका वजन 219 ग्राम है। डिवाइस में स्टीरियो स्पीकर्स दिए गए हैं। फोन पर मिल रहा 2500 का कैशबैक कीमत की बात करें तो वीवो ने इस फोन को 24,999 रुपये की शुरुआती कीमत में लॉन्च किया है। यह इसके 8GB RAM और 128GB इंटरनल स्टोरेज वाले वेरिएंट की कीमत है। फोन का 256GB स्टोरेज वाला वेरिएंट 27,999 रुपये में आया है। फोन वीवो की आधिकारिक वेबसाइट, फ्लिपकार्ट और अन्य वेबसाइट पर बिक्री के लिए उपलब्ध है। 16 मार्च तक फोन खरीदने वाले ग्राहकों को 2500 रुपये का कैशबैक मिलेगा। Jio यूजर्स के लिए 1199 रुपये के प्रीपेड प्लान पर छह महीने के लिए 10 OTT ऐप्स का फ्री एक्सेस भी दिया जा रहा। ग्राहक अभी कई फायदों के साथ फोन खरीद सकते हैं।

तीन माह तक चलेगा विशेष अभियान, 14-15 वर्ष की बालिकाओं का होगा एच.पी.वी. टीकाकरण, टास्क फोर्स की बैठक में बनी कार्ययोजना

रायपुर कबीरधाम जिले में सर्वाइकल कैंसर से बचाव में लिए वृहत ‘‘एच.पी.वी. टीकाकरण अभियान’’ शुरू होने जा रहा है। राज्य शासन की संवेदनशील पहल पर यह वृहत कार्यक्रम प्रारंभ होने जा रहा है। अभियान के सफल क्रियान्वयन के लिए जिला स्तरीय टास्क फोर्स की बैठक गत दिवस आयोजित की गई। बैठक में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने इस टीकाकरण अभियान के बारे में विस्तार से जानकारी दी। बताया कि 14 वर्ष से अधिक एवं 15 वर्ष से कम आयु की बालिकाओं को एच.पी.वी. टीकाकरण किया जाएगा। यह अभियान जिले के चिन्हांकित स्वास्थ्य संस्थाओं में संचालित किया जाएगा तथा एच.पी.वी. का टीका पूरी तरह सुरक्षित है। कलेक्टर  गोपाल वर्मा ने सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय से कार्य करते हुए 14-15 वर्ष की बालिकाओं के चिन्हांकन, पालकों को जानकारी प्रदान करना और आवश्यक सहमति लेने का कार्य करने के लिए निर्देशित किया। उन्होंने कहा कि सर्वाइकल कैंसर महिलाओं में एक बड़ी समस्या है। ऐसे में यह टीकाकरण कार्यक्रम बच्चियों जरूरी सुरक्षा कवच प्रदान करेगी। इसका लाभ जिले की हर पात्र बालिका को मिलना चाहिए। सीएमएचओ डॉ. डी.के. तुरे ने अभियान के बारे में बताया कि प्रतिवर्ष विश्व में लगभग 74 हजार से 77 हजार महिलाओं की मृत्यु सर्वाइकल कैंसर से होती है, जिसमें से लगभग एक-तिहाई मौतें भारत में होती हैं। करीब 48 प्रतिशत मामलों को समय रहते पहचान कर बचाया जा सकता है, लेकिन 50 से 60 प्रतिशत मामलों की पहचान अंतिम चरण में होती है। एच.पी.वी. वैक्सीन (ह्यूमन पैपिलोमा वायरस) सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए लगाया जाता है। टीकाकरण के लिए आधार कार्ड के आधार पर आयु का निर्धारण किया जाएगा। एच.पी.वी. वैक्सीन की सिंगल डोज (0.5 एम.एल.) दी जाएगी। यह अभियान उन शासकीय स्वास्थ्य संस्थाओं में संचालित किया जाएगा, जहां मेडिकल ऑफिसर पदस्थ हैं। अभियान तीन माह तक चलेगा और वैक्सीन बायीं ऊपरी बांह में लगाया जाएगा। यह टीका गर्भावस्था अथवा खाली पेट में नहीं लगाया जाता है। जिले में कुल जनसंख्या के आधार पर 12 हजार से अधिक बालिकाओं को टीकाकृत करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। टीकाकरण के पश्चात तर्जनी उंगली में मार्किंग की जाएगी। टीकाकरण से पहले पालकों से सहमति ली जाएगी। यह अभियान नियमित टीकाकरण कार्यक्रम से अलग संचालित किया जाएगा, जिसके लिए पृथक कार्ययोजना तैयार की जाएगी। वैक्सीन लगाने के बाद हितग्राहियों को आधे घंटे तक स्वास्थ्य केन्द्र में रुकना होगा तथा इसके पश्चात उन्हें टीकाकरण कार्ड प्रदान किया जाएगा। अभियान के सफल संचालन के लिए शिक्षा विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग तथा आदिम जाति एवं अनुसूचित जाति विकास विभाग का महत्वपूर्ण सहयोग रहेगा। इन विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर कार्ययोजना तैयार की जाएगी। निर्धारित आयु वर्ग की बालिकाओं के पालकों एवं शिक्षकों को वैक्सीन के संबंध में जानकारी देकर उनकी सहमति प्राप्त की जाएगी। जिले के चिन्हांकित स्वास्थ्य केन्द्रों में निर्धारित तिथि पर सहमति के बाद शाला में अध्ययनरत तथा शाला त्यागी बालिकाओं को चिकित्सक की उपस्थिति में एच.पी.वी. वैक्सीन लगाया जाएगा। टीकाकरण के बाद आधे घंटे की निगरानी के पश्चात सामान्य स्थिति में उन्हें टीकाकरण कार्ड देकर घर भेजा जाएगा। जिले में 14-15 वर्ष की बालिकाओं को टीकाकृत करते हुए इस अभियान को शीघ्र पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है।

हरीश राणा को इच्छामृत्यु की मंजूरी, फैसला सुनाते समय भावुक हुए सुप्रीम कोर्ट के जज

नई दिल्ली सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को 32 साल के हरीश राणा को इच्छामृत्यु की इजाजत देते हुए ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। इस दौरान सुप्रीम कोर्ट में गमगीन माहौल देखने को मिला। फैसला सुनाते समय जस्टिस जे. बी. पारदीवाला बेहद भावुक हो गए और उनकी आंखें नम हो गई थी। गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस जे. बी. पारदीवाला और जस्टिस के. वी. विश्वनाथन की पीठ ने हरीश राणा के माता-पिता को उनकी जीवनरक्षक चिकित्सा हटाने की इजाजत दे दी है। हरीश राणा पिछले 13 साल से लगातार वेजिटेटिव स्टेट यानी कोमा में हैं। इससे पहले यह मामला पूरे देश में चर्चा का विषय बन गया था। इस मामले से सम्मानजनक मृत्यु के अधिकार यानी ‘राइट टू डाई विद डिग्निटी’ जैसे अहम सवाल भी जुड़े हुए थे। बुधवार को फैसला पढ़ते समय जस्टिस पारदीवाला ने कहा कि हरीश राणा कभी एक होनहार छात्र थे और अपनी पढ़ाई कर रहे थे, लेकिन एक दुर्घटना ने उनकी जिंदगी की दिशा बदल दी। मामले की परिस्थितियों का जिक्र करते समय जस्टिस पारदीवाला भावुक हो गए और कुछ समय के लिए उनकी आवाज भी भर आई। कोई प्रतिक्रिया नहींं दे रहे हरिश पीठ ने आगे अपने फैसले में कहा कि ऐसे मामलों में मुख्य सवाल यह नहीं होता कि मरीज के लिए मौत बेहतर है या नहीं, बल्कि यह देखा जाना चाहिए कि जीवन को बनाए रखने वाला इलाज मरीज के हित में है या नहीं। अदालत ने कहा कि हरीश राणा में सिर्फ सोने-जागने के चक्र में फंसे हुए हैं, लेकिन वह किसी भी तरह की अर्थपूर्ण प्रतिक्रिया नहीं दे पा रहे हैं। वह अपने दैनिक कामों के लिए पूरी तरह दूसरों पर निर्भर हैं। अदालत ने यह भी बताया कि हरीश को पीईजी ट्यूब के जरिए क्लिनिकली एडमिनिस्टरड न्यूट्रिशन (CAN) दिया जा रहा है और इतने सालों में उनकी हालत में कोई सुधार नहीं हुआ है। हरीश राणा के साथ क्या हुआ था? गौरतलब है कि हरीश राणा 20 अगस्त 2013 में अपनी PG की चौथी मंजिल से गिर गए थे। इससे उनके सिर में गहरी चोट लगी और वह एक दशक से अधिक समय से कोमा में है। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने नई दिल्ली स्थित एम्स के चिकित्सकों के द्वितीयक चिकित्सा बोर्ड द्वारा दाखिल की गई राणा की चिकित्सा संबंधी रिपोर्ट का अवलोकन किया था और कहा था कि यह रिपोर्ट ‘दुखद’ है। प्राथमिक चिकित्सा बोर्ड ने मरीज की स्थिति की जांच करने के बाद कहा था कि उसके ठीक होने की संभावना नगण्य है। उच्चतम न्यायालय ने पिछले साल 11 दिसंबर को मामले पर टिप्पणी करते हुए कहा था कि प्राथमिक चिकित्सा बोर्ड की रिपोर्ट के अनुसार यह व्यक्ति ‘बेहद दयनीय स्थिति’ में है। हरीश राणा को कैसे दी जाएगी इच्छामृत्यु? पीठ ने अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) को राणा को उपशामक देखभाल इकाई में भर्ती करने का निर्देश दिया है ताकि चिकित्सकीय उपचार बंद किया जा सके। पीठ ने यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि उपचार को एक सुनियोजित तरीके से बंद किया जाए ताकि गरिमा बनी रहे।  

सिनर का शानदार प्रदर्शन, फोंसेका को हराकर इंडियन वेल्स ओपन के क्वार्टर फाइनल में जगह

नई दिल्ली दुनिया के नंबर 2 खिलाड़ी जैनिक सिनर ने ब्राजील के जोआओ फोंसेका को हराकर इंडियन वेल्स ओपन के क्वार्टर-फाइनल में जगह बना ली है। 24 साल के सिनर ने दो कड़े टाई-ब्रेक में अपना धैर्य बनाए रखा और 19 साल के फोंसेका को 7-6 (6) , 7-6 (4) से हराया। इस जीत के साथ, सिनर ने 2024 की शुरुआत से खेले गए 12 एटीपी मास्टर्स 1000 टूर्नामेंट में से 11 के क्वार्टर-फाइनल में जगह बनाई। सिनर की यह 97वीं मास्टर्स 1000 मैच जीत भी थी। इस जीत के साथ ही वह उस लेवल पर किसी इटैलियन खिलाड़ी द्वारा सबसे ज्यादा जीत के मामले में अपने साथी इटैलियन फैबियो फोगनिनी से आगे निकल गए। सिनर ने शुरुआती सेट के टाई-ब्रेक में जबरदस्त संयम दिखाया और तीन सेट पॉइंट बचाए और फिर मोमेंटम को अपने पक्ष में कर लिया। हालांकि बाद में उन्होंने दूसरे सेट में 5-2 से आगे होने के बाद मैच सर्व करने का मौका गंवा दिया, लेकिन इटैलियन खिलाड़ी ने टाई-ब्रेक के अहम पलों में फिर से अपना सबसे अच्छा टेनिस खेला और जीत पक्की कर ली। शुरुआती सेट में काफी कड़ा मुकाबला था, जिसमें दोनों खिलाड़ी कम ब्रेक मौकों को भुनाने में जूझ रहे थे। फोंसेका टाई-ब्रेक में नियंत्रण में दिखे जब उन्होंने 5-2 की बढ़त बना ली। सिनर ने लगातार पांच पॉइंट जीतकर सेट अपने नाम कर लिया। सिनर ने 4-2 की बढ़त बनाने के बाद दूसरे सेट में आसान रास्ता तय किया। लेकिन फोंसेका ने जोरदार वापसी की, जब सिनर ने 5-3 पर मैच के लिए सर्व किया तो इटैलियन खिलाड़ी को लव पर ब्रेक किया और अगले 14 में से 12 पॉइंट जीतकर एक और टाई-ब्रेक के लिए मजबूर किया। सिनर ने ब्रेकर के आखिरी चार पॉइंट जीते और एक जबरदस्त फोरहैंड रिटर्न के साथ मैच अपने नाम कर लिया। जीत के बाद सिनर ने कहा, “जोआओ एक जबरदस्त खिलाड़ी है, जबरदस्त प्रतिभा हैं। दोनों तरफ से बहुत शक्तिशाली हैं। वह बहुत अच्छी सर्व कर रहा था। मुझे लगा कि जितना हो सके उतना आक्रामक होने की कोशिश करना ही जरूरी था। दूसरे सेट के आखिर में मेरी इंटेंसिटी थोड़ी कम हो गई थी, लेकिन उसने वहां जबरदस्त खेल दिखाया। माहौल बहुत बढ़िया था, इसलिए मैं आज के मैच को लेकर बहुत खुश हूं।” सिनर का क्वार्टर-फाइनल मुकाबला अमेरिकी युवा लर्नर टिएन से होगा।  

एलपीजी की कमी से बढ़े दाम, राजस्थान में 2500 रुपए में मिल रहा कमर्शियल सिलेंडर

-होटल्स, रेस्टोरेंट्स और थड़ी संचालकों पर असर, सीएम से की हस्ताक्षेप की मांग जयपुर,  अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच युद्ध का असर अब राजस्थान पर दिखने लगा है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एलपीजी की सप्लाई बाधित होने से प्रदेश में कमर्शियल गैस सिलेंडर की भारी किल्लत हो गई है। इसका सबसे बुरा असर जयपुर, जोधपुर और उदयपुर जैसे पर्यटन शहरों के होटल्स, रेस्टोरेंट्स और थड़ी संचालकों पर पड़ रहा है। 30 फीसदी से ज्यादा बढ़े दाम सप्लाई चेन टूटने का फायदा अब बिचौलिये और कालाबाजारी करने वाले उठा रहे हैं। रिपोर्ट के मुताबिक जयपुर में जिस कमर्शियल सिलेंडर की आधिकारिक कीमत करीब 1911 रुपए है, वह अब चोर बाजार में 2500 रुपए तक में बेचा जा रहा है। जयपुर में रेस्टोरेंट चलाने वाले शख्स ने बताया कि रेस्टोरेंट शुरू किए अभी दो महीने ही हुए हैं। पहले सिलेंडर 1650 रुपए में मिलता था, फिर 1900 रुपए हुआ और अब 2500 रुपए मांग रहे हैं। इतनी महंगी गैस में दाल फ्राई और अन्य व्यंजन बनाना घाटे का सौदा हो रहा है। किराया और स्टाफ की सैलरी निकालना मुश्किल है। रिपोर्ट के मुताबिक झीलों की नगरी उदयपुर में स्थिति और भी गंभीर है। वर्तमान में शादियों का सीजन चल रहा है और विदेशी पर्यटकों की आवक भी ज्यादा है। ऐसे में गैस की कमी ने होटल व्यवसाय की कमर तोड़ दी है। उदयपुर होटल एसोसिएशन के पूर्व सचिव ने सरकार की नीतियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि सरकार हमें कमर्शियल गैस इस्तेमाल करने के लिए पाबंद करती है, लेकिन संकट आते ही सबसे पहले हमारी ही सप्लाई काट दी जाती है। उदयपुर के 500 होटल और 1500 रेस्टोरेंट आज अधर में हैं। एसोसिएशन के वरिष्ठ उपाध्यक्ष ने बताया कि सप्लाई बाधित होने से न केवल व्यापार चौपट हो रहा है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शहर की छवि भी खराब हो रही है। होटल एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर हस्तक्षेप करने और गैस की नियमित आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की है।  

slot server thailand super gacor

spaceman slot gacor

slot gacor 777

slot gacor

Nexus Slot Engine

bonus new member

olympus

situs slot bet 200

slot gacor

slot qris

link alternatif ceriabet

slot kamboja

slot 10 ribu

https://mediatamanews.com/

slot88 resmi

slot777

https://sandcastlefunco.com/

slot bet 100

situs judi bola

slot depo 10k

slot88

slot 777

spaceman slot pragmatic

slot bonus

slot gacor deposit pulsa

rtp slot pragmatic tertinggi hari ini

slot mahjong gacor

slot deposit 5000 tanpa potongan

mahjong

spaceman slot

https://www.deschutesjunctionpizzagrill.com/

spbo terlengkap

cmd368

368bet

roulette

ibcbet

clickbet88

clickbet88

clickbet88

bonus new member 100

slot777

https://bit.ly/m/clickbet88

https://vir.jp/clickbet88_login

https://heylink.me/daftar_clickbet88

https://lynk.id/clickbet88_slot

clickbet88

clickbet88

https://www.burgermoods.com/online-ordering/

https://www.wastenotrecycledart.com/cubes/

https://dryogipatelpi.com/contact-us/

spaceman slot gacor

ceriabet link alternatif

ceriabet rtp

ceriabet

ceriabet link alternatif

ceriabet link alternatif

ceriabet login

ceriabet login

cmd368

sicbo online live

Ceriabet Login

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

casino online

clickbet88

login kudahoki88

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

slot olympus

sbobet

slot thailand

sbobet