LATEST NEWS

ईरान संकट में ‘मोजतबा खामेनेई’ का नाम क्यों सुर्खियों में? सुप्रीम लीडर की लोकेशन पर सस्पेंस

ईरान ईरान युद्ध के 12वें दिन मध्य-पूर्व में संघर्ष तेज हो गया है। एक तरफ ईरान तो दूसरी तरफ इजरायल और अमेरिका ताबड़तोड़ हमले कर रहे हैं। इस बीच, अंतरराष्ट्रीय मीडिया में एक सवाल भी तेजी से कौंध रहा है कि ईरान के नए सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई कहां हैं? ताजपोशी के कई दिनों बाद भी सार्वजनिक तौर पर मोजतबा की अनुपस्थिति ने कई बड़े सवालों और अटकलों को जन्म दिया है। कुछ रिपोर्टों में उनके घायल होने की बात कही गई है। इन अटकलों के बीच ईरानी अधिकारियों ने संकेत दिया है कि वह “सुरक्षित और स्वस्थ” हैं। ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियन के बेटे और सरकारी सलाहकार यूसुफ पेज़ेशकियन ने टेलीग्राम पर एक संदेश में कहा कि उन्होंने मोजतबा खामेनेई के घायल होने की अफवाहों की पुष्टि करने की कोशिश की थी। उन्होंने लिखा कि उनसे जुड़े लोगों ने बताया है कि “खामेनेई सुरक्षित हैं और उन्हें कोई गंभीर नुकसान नहीं हुआ है।” इस बीच, इजरायल के खुफिया अधिकारियों ने दावा किया है कि मोजतबा घायल हैं। सार्वजनिक रूप से नहीं आए सामने रविवार को ईरान का सर्वोच्च नेता बनने के बाद से मोजतबा खामेनेई ने अभी तक कोई सार्वजनिक बयान या भाषण जारी नहीं किया है। उनकी इस अनुपस्थिति से देश और विदेश में उनकी सेहत और लोकेशन को लेकर सवाल उठने लगे हैं। अमेरिकी अखबार की रिपोर्ट में तीन ईरानी अधिकारियों के हवाले से कहा गया है कि हालिया हमलों में मोजतबा खामेनेई के पैरों में चोट आई थी। रिपोर्ट के अनुसार वह फिलहाल एक अत्यंत सुरक्षित स्थान पर रह रहे हैं और सीमित संपर्क में हैं। युद्ध के बीच बढ़ती अनिश्चितता खामेनेई की हालत को लेकर अनिश्चितता ऐसे समय में है जब मिडिल ईस्ट में लड़ाई लगातार बढ़ रही है। यह लड़ाई ईरान पर US-इजरायली हमलों से शुरू हुई थी और तब से इसमें कई रीजनल एक्टर्स शामिल हो गए हैं, जिसमें मिसाइल हमले, ड्रोन इंटरसेप्शन और खाड़ी में नेवी की घटनाओं की खबरें शामिल हैं। मोजतबा खामेनेई के पिता और पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की 28 फरवरी को अमेरिकी और इजरायली हमलों में मौत हो गई थी। इसके बाद क्षेत्र में संघर्ष और तेज हो गया। क्षेत्रीय संकट गहराने की आशंका इस युद्ध के दौरान ईरान और इज़रायल के बीच मिसाइल हमले जारी हैं। वहीं सऊदी अरब सहित कई खाड़ी देशों ने अपनी सैन्य ठिकानों और तेल प्रतिष्ठानों पर किए गए मिसाइल और ड्रोन हमलों को रोकने का दावा किया है। इसके अलावा ईरान की Islamic Revolutionary Guard Corps ने यह भी कहा है कि उसने कुवैत में स्थित एक अमेरिकी सैन्य अड्डे की ओर मिसाइल दागी है, हालांकि कुवैत ने अभी इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। विश्लेषकों का मानना है कि अगर युद्ध इसी तरह जारी रहा तो इसका असर पूरे मध्य-पूर्व की सुरक्षा, ऊर्जा आपूर्ति और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है। वहीं ईरान के नए सर्वोच्च नेता की स्थिति को लेकर बनी अनिश्चितता इस संकट को और जटिल बना रही है।  

टोटेनहम पर भारी पड़ा एटलेटिको मैड्रिड, चैंपियंस लीग मुकाबले में बड़ी जीत दर्ज

मैड्रिड एटलेटिको मैड्रिड ने मेट्रोपोलिटानो स्टेडियम में अपने अंतिम-16 मुकाबले के पहले लेग में टोटेनहम हॉटस्पर को 5-2 से हराकर चैंपियंस लीग क्वार्टर फाइनल की ओर एक बड़ा कदम बढ़ाया। टोटेनहम के 22 साल के एंटोनिन किंस्की की एक गलती ने छठे मिनट में एटलेटिको को बढ़त दिला दी जब वह पीछे से गेंद को बाहर खेलने की कोशिश में फिसल गए। इससे मार्कोस लोरेंटे को आसानी से गोल करने का मौका मिल गया। मिकी वैन डे वेन की एक और गलती से एंटोनी ग्रीजमैन 14वें मिनट में गोल करने के लिए आसानी से आगे निकल गए। इससे एटलेटिको की बढ़त दोगुना हो गई। किंस्की की तरफ से एक और गलती हुई जिसका फायदा जूलियन अल्वारेज ने उठाया। 17वें मिनट में टोटेनहम के कोच ट्यूडर ने किंस्की की जगह गुग्लिल्मो विकारियो को उतारा। 22वें मिनट में जब ग्रीजमैन की फ्री किक को फ्लिक किया गया तो विकारियो ने तुरंत रिएक्ट किया, लेकिन रॉबिन ले नॉर्मैंड ने रिबाउंड पर हेडर मारकर स्कोर 4-0 कर दिया। चार मिनट बाद पाब्लो पोरो ने टोटेनहम के लिए एक गोल वापस कर दिया। एटलेटिको के गोलकीपर जान ओब्लाक ने 55वें मिनट में रिचर्डसन को रोकने के लिए एक सेव किया और स्कोर 4-2 कर दिया। इसके बाद एटलेटिको ने चार गोल की बढ़त वापस पा ली, जब ग्रीजमैन ने अल्वारेज को रिलीज किया, जो टोटेनहम के डिफेंस को भेदकर 5-1 से आगे निकल गया। डोमिनिक सोलांके ने टोटेनहम के लिए दूसरा गोल कर दिया। एटलेटिको ने मैच 5-2 से जीता। टोटेनहम के कोच इगोर ट्यूडर ने मैच से पहले कहा था कि वह यूरोपियन प्रोग्रेस से ज्यादा प्रीमियर लीग में बने रहने को प्राथमिकता दे रहे हैं। उनकी टीम की शुरुआत बहुत खराब रही क्योंकि एटलेटिको 22 मिनट के बाद 4-0 से आगे था।  

प्री-प्राइमरी से कक्षा 12 तक आधुनिक सुविधाओं से लैस होंगे नए विद्यालय

लखनऊ योगी सरकार प्रदेश में शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने और विद्यार्थियों को आधुनिक सुविधाओं से युक्त विद्यालय उपलब्ध कराने के लिए लगातार कार्य कर रही है। इसी क्रम में बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा प्रदेश के विभिन्न जनपदों में मुख्यमंत्री मॉडल कंपोजिट विद्यालय (प्री-प्राइमरी से कक्षा-12 तक) के निर्माण के लिए शासकीय एवं वित्तीय स्वीकृतियां प्रदान की गई हैं। प्रदेश के बेसिक शिक्षा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संदीप सिंह ने बताया कि लखनऊ के मलिहाबाद, बहराइच, चंदौली, मिर्जापुर, लखीमपुर खीरी, फतेहपुर, गाजियाबाद, कानपुर देहात, वाराणसी, कौशांबी, फर्रुखाबाद, अमेठी तथा उन्नाव सहित कई जिलों में मुख्यमंत्री मॉडल कंपोजिट विद्यालयों के निर्माण के लिए शासनादेश जारी किए गए हैं। इन विद्यालयों के निर्माण पर प्रत्येक परियोजना के लिए लगभग 23 से 28 करोड़ रुपये तक की लागत स्वीकृत की गई है और प्रथम किस्त के रूप में संबंधित कार्यदायी संस्थाओं को धनराशि भी जारी कर दी गई है। मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री मॉडल कंपोजिट विद्यालयों की स्थापना से विद्यार्थियों को एक ही परिसर में प्री-प्राइमरी से कक्षा-12 तक आधुनिक शिक्षण सुविधाएं उपलब्ध होंगी। इन विद्यालयों में आधुनिक कक्षाएं, प्रयोगशालाएं, खेल सुविधाएं और अन्य आवश्यक संसाधन विकसित किए जाएंगे, जिससे ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों के विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सके। उन्होंने कहा कि योगी सरकार की प्राथमिकता है कि प्रदेश के हर बच्चे को बेहतर शैक्षिक वातावरण और आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध हों। मुख्यमंत्री मॉडल कंपोजिट विद्यालयों के निर्माण से शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार होगा और विद्यार्थियों को बेहतर भविष्य के अवसर प्राप्त होंगे। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी परियोजनाओं को निर्धारित समय-सीमा में उच्च गुणवत्ता के साथ पूरा किया जाए, ताकि विद्यार्थियों को जल्द से जल्द इन सुविधाओं का लाभ मिल सके। इन विद्यालयों का निर्माण विभिन्न नामित कार्यदायी संस्थाओं जैसे उत्तर प्रदेश प्रोजेक्ट्स कॉर्पोरेशन लिमिटेड, उत्तर प्रदेश लोक निर्माण विभाग, कंसल्टेंसी एंड डिजाइन सर्विसेज (उ.प्र. जल निगम), उत्तर प्रदेश समाज कल्याण निर्माण निगम तथा आवास एवं विकास परिषद के माध्यम से कराया जाएगा। निर्माण कार्य के दौरान गुणवत्ता, मानकों और समय-सीमा का विशेष ध्यान रखा जाएगा।

भारत एआई के क्षेत्र में लहरा रहा है अपना परचम मुख्यमंत्री ने राहतगढ़ और जेसीनगर को दी आधुनिक ग्रंथालय की सौगात

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि भारत में मातृ सत्ता प्रधान संस्कृति है। भारत की छवि विश्व गुरू की रही है। दुनिया में केवल भारतीय संस्कृति है, जिसने अपने मूल्यों के आधार पर ज्ञान की धारा को तक्षशिला और नालंदा विश्वविद्यालयों के माध्यम से विश्व के कोने-कोने में पहुंचाया है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत का समय बदला है। अब हमारा देश आर्टिफीशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में विश्व का नेतृत्व कर रहा है। भारत अपने कौशल के बल पर आधुनिक तकनीक में विश्व में नंबर वन बन रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि महान शिक्षाविद् डॉ. हरि सिंह गौर ने अपनी जमा पूंजी लगाकर बुंदेलखंड के सागर में शिक्षा का नया सूर्योदय किया। श्री गौर के प्रयासों से बुंदेलखंड को केंद्रीय विश्वविद्यालय की सौगात मिली है। यहां विभिन्न कोर्स की पढ़ाई कर निकले विद्यार्थियों ने देश-विदेश में अपनी अलग पहचान बनाई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राहतगढ़ और जेसीनगर में श्रमिकों के बच्चों के लिए लाइब्रेरी बनाने की घोषणा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव बुधवार को सागर में ज्ञानवीर विश्वविद्यालय के उद्घाटन कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इस क्रम में आज सागर में मां सरस्वती की कृपा से शिक्षा का एक नया अध्याय लिखा जा रहा है। ज्ञानवीर विश्वविद्यालय के रूप में शिक्षा के आधुनिक मंदिर बुंदेलखंड के युवाओं के सामर्थ्य और संकल्पों को नई ऊंचाई देगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस पहल के लिए खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री श्री गोविन्द सिंह राजपूत का अभिवादन किया। उन्होंने कहा कि ज्ञानवीर के केवल विश्वविद्यालय का नाम नहीं बल्कि एक बेटे का अपने माता-पिता के चरणों में श्रृद्धा सुमन है। मंत्री श्री राजपूत ने इस संस्थान को अपनी पूज्य माता ज्ञानबाई जी के नाम से ज्ञान और अपने श्रद्धेय पिता वीर सिंह के नाम से वीर शब्द लेकर उन्हें समर्पित किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह विश्वविद्यालय बुंदेलखंड के युवाओं के लिए सपनों के नए द्वार खोलेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने समय के साथ चलने के लिए युवाओं से कौशल और तकनीक में पारंगत होने का आह्वान किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी के कुशल मार्गदर्शन में राज्य सरकार ने बुंदेलखंड के चहुंमुखी विकास के लिए उल्लेखनीय कार्य किए हैं। वर्ष 2003 के बाद हुए कार्यों से बुंदेलखंड क्षेत्र का कायाकल्प हो गया है। उसके पहले की सरकारों के कार्यकाल में विकास धरातल पर कहीं नजर नहीं आया। पूर्व मुख्यमंत्री सुश्री उमा भारती, श्रद्धेय श्री बाबूलाल गौर और पूर्व मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान के कार्यकाल में भी राज्य सरकार के लिए बुंदेलखंड सर्वोच्च प्राथमिकता का क्षेत्र रहा है। हमारी सरकार ने पिछले दिनों खजुराहो में हुई कैबिनेट बैठक में बुंदेलखंड के विकास के लिए 27 हजार करोड़ रूपये के विशेष पैकेज की मंजूरी दी। इससे क्षेत्र में करोड़ों का निवेश आएगा और बड़ी संख्या में युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा होंगे। प्रदेश में युवाओं को आगे बढ़ाने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बुंदेलखंड वीरों और महावीरों की धरती है। बुंदेलखंड की पहचान महाराजा छत्रसाल से भी है। उन्होंने अपने कालखंड में कई लड़ाइयां लड़ीं और बुंदेलखंड की पावन धरा पर सनातन संस्कृति की ध्वजा फहराई। यहां के आल्हा और ऊदल की वीरता की कहानियां आज भी जीवंत हैं। बुंदेलखंड के वीरों ने अपने शौर्य से मातृभूमि की रक्षा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भारतीय टीम के क्रिकेट में विश्व विजेता बनने और होली पर्व की बधाई दी। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश सहित देश के खिलाड़ी, अंतर्राष्ट्रीय खेल प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए दुनिया में भारत का परचम लहरा रहे हैं। आज विश्व के कई संस्थानों के शीर्ष पदों पर भारतवंशी अपनी जिम्मेदारी बखूबी निभा रहे हैं, यह देश की श्रेष्ठतम शिक्षा व्यवस्था का ही परिणाम है। सागर के विकास में मुख्यमंत्री डॉ. यादव का योगदान अविस्मरणीयः मंत्री श्री गोविंद सिंह राजपूत खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री श्री गोविंद सिंह राजपूत ने ज्ञानवीर विश्वविद्यालय के लोकार्पण अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने इस दिन को सागर के लिए ऐतिहासिक बताते हुए विकास के कई महत्वपूर्ण पड़ावों को रेखांकित किया। मंत्री श्री राजपूत ने कहा कि आज का दिन बेहद सौभाग्यशाली है। उन्होंने याद दिलाया कि ज्ञानवीर विश्वविद्यालय की फाइल पर डॉ. मोहन यादव ने तभी हस्ताक्षर कर इसकी शुरुआत कराई थी, जब वे प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री थे। सागर अब उन चुनिंदा शहरों में शामिल है जहाँ केंद्रीय विश्वविद्यालय के साथ राजकीय विश्वविद्यालय (स्टेट यूनिवर्सिटी) और मेडिकल कॉलेज की सुविधा भी उपलब्ध है। इसके लिए उन्होंने प्रधानमंत्री श्री मोदी और मुख्यमंत्री डॉ. यादव का विशेष धन्यवाद किया। कार्यक्रम के प्रारंभ में ज्ञानवीर विश्वविद्यालय के कुलाधिपति श्री आदित्य सिंह राजपूत ने स्वागत उदबोधन में विश्वविद्यालय के संबंध में जानकारी दी। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल, रहली विधायक एवं पूर्व मंत्री श्री गोपाल भार्गव, खुरई एवं पूर्व मंत्री विधायक श्री भूपेन्द्र सिंह, सागर विधायक श्री शैलेन्द्र जैन, नरयावली विधायक श्री प्रदीप लारिया, देवरी विधायक श्री ब्रज बिहारी पटेरिया, बण्डा विधायक श्री वीरेन्द्र सिंह लोधी, बीना विधायक श्रीमति निर्मला सप्रे, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री हीरा सिंह राजपूत, महापौर नगर निगम सागर श्रीमती संगीता सुशील तिवारी सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे। मुख्यमंत्री ने परखी भविष्य के वकीलों की तैयारी मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ज्ञानवीर विश्वविद्यालय के नवनिर्मित परिसर का उद्घाटन करशैक्षणिक सुविधाओं का जायजा लिया, जिसमें विशेष रूप से विधि (Law) के छात्र-छात्राओं के लिए तैयार की गई मूट कोर्ट (Moot Court) आकर्षण का केंद्र रही। मूट कोर्ट एक प्रकार की कृत्रिम या नकली न्यायिक कार्यवाही होती है। इसमें कानून की पढ़ाई कर रहे छात्र एक काल्पनिक कानूनी मामले पर वास्तविक अदालत की तरह बहस करते हैं। इसका मुख्य उद्देश्य छात्रों को वास्तविक अदालती कार्यवाही और प्रोटोकॉल की बारीकियां सिखाना, न्यायिक तर्क और पैरवी की कला में निपुण बनाना, मुकदमेबाजी और कानूनी दस्तावेजीकरण का व्यावहारिक अनुभव प्रदान करना है। मुख्यमंत्री ने बढ़ाया छात्र-छात्राओं का उत्साह मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मूट कोर्ट का अवलोकन करते हुए वहां मौजूद छात्र-छात्राओं से संवाद किया। उन्होंने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि किताबी ज्ञान … Read more

दंतेवाड़ा में रागी उत्पादन की नई पहल

रायपुर दंतेवाड़ा में रागी उत्पादन की नई पहल मिलेट्स (मोटा अनाज) की खेती कम लागत, कम पानी और बिना रसायनों के होने वाली एक अत्यधिक लाभदायक व पौष्टिक खेती है, जो 80-90 दिनों (जून-जुलाई से) में तैयार होती है। ज्वार, बाजरा, रागी, कोदो, कुटकी जैसे मिलेट्स बंजर या कम उपजाऊ भूमि के लिए भी उपयुक्त हैं। दंतेवाड़ा जिला अब मिलेट्स उत्पादन के क्षेत्र में एक नई पहचान बनाने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। किसानों को आत्मनिर्भर बनने की दिशा आधुनिक तकनीक मददगार         प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना के अंतर्गत दंतेवाड़ा जिले में मोटे अनाज (मिलेट्स) की खेती को बढ़ावा देने के लिए विशेष पहल की जा रही है। जिला प्रशासन और कृषि विभाग के प्रयासों से अब किसान पारंपरिक खेती के साथ आधुनिक तकनीकों को अपनाकर खेती में नए प्रयोग कर रहे हैं। इससे किसानों को आत्मनिर्भर बनने की दिशा में मदद मिल रही है। दांतेवाड़ा जिले के प्रगतिशील किसान उन्नत ‘ विधि’ से रागी (मडिया) की कर रहे हैं खेती         दंतेवाड़ा जिले के कृषि इतिहास में पहली बार लगभग 300 प्रगतिशील किसान उन्नत ‘ विधि’ से रागी (मडिया) की खेती कर रहे हैं। इस नई पद्धति से रागी उत्पादन बढ़ाने के साथ-साथ पोषक अनाजों की खेती को भी प्रोत्साहन मिल रहा है। रागी को पोषण की दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है, क्योंकि इसमें कैल्शियम और आयरन प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं। आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाने किसानों में उत्साह        इस पहल को सफल बनाने के लिए कृषि विभाग और भूमगादी की टीम गांव-गांव जाकर किसानों को तकनीकी प्रशिक्षण और मार्गदर्शन दे रही है। किसानों को बुवाई की सही विधि, पौधों के बीच उचित दूरी, जैविक खाद का उपयोग और फसल प्रबंधन की जानकारी दी जा रही है। इससे किसानों में आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाने के प्रति उत्साह बढ़ रहा है। जैविक और प्राकृतिक खेती को भी बढ़ावा देने किसानों को बहुफसली प्रणाली अपनाने किया जा रहा है प्रेरित        विधि’ से रागी की खेती कई तरह से लाभदायक मानी जाती है। इस पद्धति में बीज कम लगता है, जिससे लागत घटती है। साथ ही पारंपरिक खेती की तुलना में पानी की आवश्यकता भी कम होती है, जो वर्षा आधारित क्षेत्रों के लिए काफी उपयोगी है। पौधों को पर्याप्त जगह मिलने से उनका बेहतर विकास होता है और उत्पादन बढ़ने की संभावना रहती है। यह पद्धति जैविक और प्राकृतिक खेती को भी बढ़ावा देती है, जिससे मिट्टी की उर्वरता लंबे समय तक बनी रहती है। दंतेवाड़ा जिले में रागी के साथ-साथ कोदो-कुटकी, ज्वार, बाजरा, मक्का, दलहन और तिलहन जैसी अन्य फसलों की खेती को भी प्रोत्साहित किया जा रहा है। कृषि विभाग किसानों को बहुफसली प्रणाली अपनाने के लिए प्रेरित कर रहा है, ताकि उनकी आय के स्रोत बढ़ सकें और खेती अधिक टिकाऊ बन सके।       इस पहल से दंतेवाड़ा के किसान पारंपरिक ज्ञान और आधुनिक तकनीक का संतुलित उपयोग करते हुए कृषि में नई पहचान बना रहे हैं। मोटे अनाजों की खेती को बढ़ावा मिलने से न केवल किसानों की आय बढ़ने की संभावना है, बल्कि पोषण सुरक्षा और टिकाऊ कृषि व्यवस्था को भी मजबूती मिल रही है।

15 मार्च को पापमोचनी एकादशी: एक व्रत से मिलेगा कष्टों से छुटकारा, ऐसे करें श्रीहरि विष्णु की आराधना

हिंदू धर्म में एकादशी तिथि का विशेष महत्व माना जाता है. हर महीने में दो एकादशी पड़ती हैं और इन दिनों भगवान विष्णु की पूजा और व्रत रखने का विशेष फल बताया गया है. माना जाता है कि एकादशी का व्रत रखने से जीवन के कष्ट दूर होते हैं और व्यक्ति को सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है. पंचांग के अनुसार, साल 2026 में 15 मार्च को पापमोचनी एकादशी का व्रत रखा जाएगा. यह एकादशी विशेष रूप से पापों से मुक्ति दिलाने वाली मानी जाती है. धार्मिक मान्यता है कि इस दिन विधि-विधान से भगवान श्रीहरि की पूजा करने और व्रत रखने से व्यक्ति के जाने-अनजाने पापों का नाश होता है और जीवन में सकारात्मकता आती है. ऐसे करें भगवान श्रीहरि की पूजा पापमोचनी एकादशी के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करने के बाद भगवान विष्णु की पूजा करना शुभ माना जाता है. पूजा करते समय इन बातों का ध्यान रखें. सबसे पहले घर के मंदिर या पूजा स्थल को साफ करें. फिर भगवान विष्णु की प्रतिमा या तस्वीर के सामने दीपक जलाकर उन्हें पीले फूल, तुलसी दल और फल अर्पित करें. इस दिन भगवान विष्णु को पंचामृत या दूध से अभिषेक करना भी शुभ माना जाता है. ॐ नमो भगवते वासुदेवाय मंत्र का जप करें फिर विष्णु सहस्रनाम या श्रीहरि की आरती का पाठ करें. दिनभर व्रत रखकर भगवान का ध्यान करें और जरूरतमंद लोगों को दान दें. व्रत के दिन इन बातों का रखें ध्यान पापमोचनी एकादशी के दिन कुछ नियमों का पालन करना भी जरूरी माना जाता है.     इस दिन सात्विक भोजन करें या फलाहार करें.     क्रोध, झूठ और नकारात्मक विचारों से दूर रहें.     लहसुन, प्याज और तामसिक भोजन का सेवन न करें.     जरूरतमंद लोगों को अन्न, वस्त्र या धन का दान करें. पापमोचनी एकादशी का महत्व धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, पापमोचनी एकादशी का व्रत करने से व्यक्ति के जाने-अनजाने में किए गए सभी पाप मिट जाते हैं. पौराणिक कथाओं में कहा गया है कि इस व्रत के प्रभाव से ब्रह्महत्या जैसे घोर पापों से भी मुक्ति मिल सकती है. जो भक्त पूरी श्रद्धा के साथ भगवान विष्णु की पूजा करते हैं, उन्हें मानसिक शांति और अंत में मोक्ष की प्राप्ति होती है.

सीएम योगी के सतत विकास और जल के अधिकतम उपयोग के विजन को सुनिश्चित करेंगी सिंचाई परियोजनाएं

लखनऊ सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग प्रदेश में सिंचाई व्यवस्था के विस्तार और सुदृढ़ीकरण के लिए विभिन्न परियोजनाओं का निर्माण कर रहा है। इस क्रम में सिद्धार्थनगर, महाराजगंज और गोरखपुर जनपदों में बेहतर सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने के लिए प्रेशर सिंचाई प्रणाली की कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं पर कार्य किया जा रहा है। इन परियोजनाओं में आधुनिक प्रेशर तकनीक का उपयोग करते हुए कम जल उपलब्धता वाले क्षेत्रों में भी सिंचाई सुविधा का विस्तार किया जा रहा है, जिससे प्रदेश की सिंचाई व्यवस्था को अधिक प्रभावी और सुगम बनाया जा सके। सिद्धार्थनगर, महाराजगंज और गोरखपुर जनपदों में हो रहा है 7 प्रेशर सिंचाई परियोजनाओं का विकास मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सतत विकास के विजन को साकार करने के उद्देश्य से यूपी सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग सिद्धार्थनगर, महाराजगंज और गोरखपुर जनपदों में लगभग 111.62 करोड़ की लागत से 7 प्रमुख प्रेशर सिंचाई परियोजनाओं का विकास कर रहा है। इन परियोजनाओं के निर्माण से 4405 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई क्षमता में वृद्धि होगी, जिससे इन जनपदों के लगभग 57 गांव प्रत्यक्ष रूप से लाभान्वित होंगे। इस क्रम में जनपद सिद्धार्थनगर में पड़रिया प्रेशर सिंचाई प्रणाली परियोजना का निर्माण किया गया है, जिसके तहत 3.6 किलोमीटर लंबी नहर प्रणाली का निर्माण किया गया है। इससे जनपद के 454 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई की सुविधा का विस्तार हुआ है। इसी क्रम में सिद्धार्थनगर एवं महाराजगंज जनपद की कैम्पियरगंज शाखा पर भी प्रेशर सिंचाई परियोजना का लगभग 95 प्रतिशत निर्माण किया जा चुका है, जिससे क्षेत्र में लगभग 600 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा का विस्तार होगा। साथ ही क्षेत्र के लगभग 09 गांवों के किसान सीधे लाभान्वित होंगे। मैहनवा, बृजमनगंज, फरेंदा और बैकुंठपुर रजवाहा पर विकसित हो रही हैं सिंचाई परियोजनाएं महाराजगंज जनपद में मैहनवा, बृजमनगंज और फरेंदा रजवाहा पर भी प्रेशर सिंचाई परियोजनाओं का निर्माण किया जा रहा है। इनमें से अधिकांश परियोजनाओं का निर्माण लगभग पूरा हो चुका है। इसी क्रम में गोरखपुर जनपद में बैकुंठपुर रजवाहा पर 4.6 किलोमीटर लंबी प्रेशर सिंचाई वितरण प्रणाली विकसित की जा रही है। इस परियोजना के निर्माण से गोरखपुर के लगभग 10 गांव प्रत्यक्ष रूप से लाभान्वित होंगे और 690 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा का विस्तार होगा। प्रेशर सिंचाई प्रणाली पानी के अधिकतम उपयोग को सुनिश्चित करती है, जिसका लाभ क्षेत्र के किसानों को रबी और खरीफ दोनों फसलों के दौरान मिलेगा। सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग की यह पहल क्षेत्र के किसानों के लिए लाभकारी सिद्ध होने के साथ कृषि उत्पादकता और किसानों की आय में बढ़ोतरी लाने में सहायक सिद्ध होगी।

पोल निर्माण कार्य से आत्मनिर्भर बनीं सेमरिहा की फूलमती सिंह मेहनत और आत्मविश्वास से बदली तकदीर

रायपुर महिलाओं को सही मार्गदर्शन और अवसर मिले तो वे अपनी तकदीर स्वयं लिख सकती हैं। एम सी बी जिला के  ग्राम सेमरिहा निवासी श्रीमती फूलमती सिंह ने अपनी मेहनत, लगन और आत्मविश्वास के बल पर जीवन की दिशा बदलते हुए आत्मनिर्भरता की मिसाल पेश की है। साधारण पारिवारिक पृष्ठभूमि से आने वाली फूलमती सिंह आज अपने गांव की महिलाओं के लिए प्रेरणा बन चुकी हैं, उन्होंने यह सिद्ध कर दिखाया है l  स्व-सहायता समूह से मिला आगे बढ़ने का अवसर       फूलमती सिंह प्रार्थना महिला स्व-सहायता समूह की सक्रिय सदस्य हैं। समूह से जुड़ने के बाद उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव आया। समूह के माध्यम से उन्हें नियमित बचत, बैंकिंग और स्वरोजगार से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त हुई। इसी क्रम में उन्हें लखपति दीदी योजना के अंतर्गत 50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता मिली, जिससे उन्हें अपना स्वयं का व्यवसाय शुरू करने का अवसर प्राप्त हुआ। सीमेंट कंक्रीट पोल निर्माण कार्य से शुरू किया स्व-रोजगार          प्राप्त आर्थिक सहायता का सदुपयोग करते हुए फूलमती सिंह ने सीमेंट कंक्रीट पोल (खंभा) निर्माण का कार्य प्रारंभ किया। उन्होंने पूरी मेहनत और लगन के साथ इस कार्य को आगे बढ़ाया। धीरे-धीरे उनके कार्य की पहचान बढ़ने लगी और आज यह उनके परिवार की आय का एक महत्वपूर्ण साधन बन चुका है। हर वर्ष बढ़ रही आय, परिवार को मिला आर्थिक संबल         अपने इस व्यवसाय के माध्यम से फूलमती सिंह को प्रतिवर्ष लगभग 1 लाख 20 हजार रुपये की आय प्राप्त हो रही है। इससे उनके परिवार की आर्थिक स्थिति में उल्लेखनीय सुधार हुआ है और अब वे अपने परिवार की जरूरतों को बेहतर ढंग से पूरा कर पा रही हैं। फूलमती सिंह की यह सफलता की कहानी आज गांव की अन्य महिलाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गई है। उनकी मेहनत और आत्मनिर्भरता को देखकर गांव की कई महिलाएं भी स्व-सहायता समूह से जुड़कर स्वरोजगार अपनाने और आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ रही हैं।

आईओटी आधारित पीटीजेड और एएनपीआर कैमरों से हो रही है चेकगेट्स पर 24 घंटे निगरानी

लखनऊ भूतत्व एवं खनिकर्म विभाग ने प्रदेश में अवैध खनन और ओवरलोडिंग की गतिविधियों पर प्रभावी रोकथाम लगाने के उद्देश्य से तीन दिवसीय प्रदेशव्यापी अभियान चलाया। अभियान के तहत 409 वाहनों की गहन जांच की गई, जिसमें अवैध परिवहन और ओवरलोडिंग के मामले में सख्त कार्रवाई की गई। नियमों का पालन न करने वाले और ओवरलोडिंग के मामलों में लगभग 29.65 लाख रुपये का जुर्माना वसूल कर राजकोष में जमा कराया गया। भूतत्व और खनिकर्म विभाग का यह अभियान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन के अनुरूप पर्यावरण संरक्षण और कानून-व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। भूतत्व एवं खनिकर्म विभाग की सचिव/निदेशक माला श्रीवास्तव ने सभी जनपदीय अधिकारियों को स्पष्ट चेतावनी दी कि अवैध खनन और परिवहन के खिलाफ प्रवर्तन कार्रवाई लगातार और बिना किसी ढील के चलाई जाए। जिससे न केवल राजस्व की रक्षा होती है, बल्कि अवैध खनन की गतिविधियों पर भी प्रभावी नियंत्रण पाना संभव होता है। उन्होंने खनन क्षेत्रों में सोर्स बिंदु पर ही लोडिंग मानकों की सख्त निगरानी और जरूरत पड़ने पर मौके पर ही कार्रवाई करने के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने बताया कि भूतत्व और खनिकर्म विभाग प्रदेश में अवैध खनन और ओवरलोडिंग पर निगरानी रखने के लिए आधुनिक तकनीक का प्रयोग कर रहा है। इस क्रम में आईओटी आधारित पीटीजेड और एएनपीआर कैमरों से लैस चेकगेट्स को 24×7 सक्रिय रखा जा रहा है, जिसकी मदद से वाहनों की लगातार निगरानी संभव हो रही है और अवैध परिवहन पर नकेल कसने में विभाग ने उल्लेखनीय सफलता हासिल की है।

जब फ्लाइट छूट गई… थर्ड एसी में छिपकर घर पहुंचे शिवम दुबे, खुद सुनाई दिलचस्प कहानी

नई दिल्ली टी20 वर्ल्ड कप के स्टार शिवम दुबे अहमदाबाद से अपने घर मुंबई फ्लाइट से नहीं, बल्कि ट्रेन से गए। वो भी फर्स्ट क्लास में नहीं बल्कि थर्ड एसी में। उन्हें डर भी लग रहा था कि कोई उन्हें पहचान न ले। टीसी ने जब शिवम दुबे नाम पुकारा और पूछा कि वो क्रिकेटर तब उनकी पत्नी ने मामला संभाला। टी20 विश्व कप के हीरो शिवम दुबे फाइनल में भारत की ऐतिहासिक खिताबी जीत के बाद कुछ ऐसा किया जिसकी अब खूब चर्चा हो रही है। अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में रविवार रात को दुबे ने अपनी बल्लेबाजी का कुछ ऐसा जलवा बिखेरा कि पूरा स्टेडियम दुबे-दुबे के शोर से गुंजायमान हो गया। आखिरी ओवर में उन्होंने 24 रन ठोककर भारत को ढाई सौ के पार पहुंचाया था। आखिरकार भारत तीसरी बार टी20 विश्व कप का सिरमौर बना। स्टेडियम ही नहीं पूरा देश जश्न में डूब गया। देर रात तक जश्न मनता रहा। इस बीच सूरज निकलने से पहले ही विश्व कप का ये हीरो अहमदाबाद रेलवे स्टेशन पर था और सयाजी एक्सप्रेस की थर्ड एसी में छिपते-छिपाते सफर करके मुंबई पहुंचा। अंग्रेजी अखबार इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक शिवम दुबे ने ये फैसला तब किया जब सोमवार को अहमदाबाद से मुंबई जाने वाली सभी फ्लाइटें पूरी तरह बुक थीं। दुबे को घर पहुंचने की जल्दी थी। वह अपने चार साल के बेटे अयान और दो साल की बेटी महविश के पास जल्द से जल्द पहुंचना चाहते थे जो मुंबई में उनके घर पर थे। आखिरकार उन्होंने पत्नी अंजुम के साथ ट्रेन से जाने का फैसला किया। दुबे अच्छी तरह जानते थे कि ट्रेन से जाना उनके लिए कितना जोखिमभरा होगा। वर्ल्ड कप स्टार को देखने, मिलने, उसके साथ फोटो खिंचाने के लिए लोगों की भीड़ टूट ही जाती। लेकिन दुबे ने इसका रास्ता निकाला। दुबे ने बताया, ‘कोई फ्लाइट उपलब्ध नहीं थी, इसलिए मैंने सुबह-सुबह अहमदाबाद से मुंबई के लिए ट्रेन पकड़ने का फैसला किया। हम सड़क मार्ग से भी जा सकते थे लेकिन ट्रेन जल्दी पहुंचाती।’ दुबे ने आगे बताया कि कैसे उनके ट्रेन से जाने की योजना के बारे में जानने के बाद परिवार वाले और दोस्त चिंतित थे। उन्होंने बताया, ‘मैं, मेरी पत्नी और एक दोस्त ने ट्रेन से जाने का फैसला किया। थर्ड एसी के टिकट उपलब्ध थे इसलिए हमने उसे बुक करने का फैसला किया। परिवार और दोस्तों में जिस किसी से भी हमने बात की वो सभी चिंता में थे। क्या होगा अगर कोई मुझे स्टेशन पर या ट्रेन में पहचान ले?’ समस्या गंभीर थी। दुबे ने रास्ता निकाला। तय हुआ कि चेहरा ढ़ककर जाएंगे। मास्क लगाया। टोपी पहनी। पूरी बांह की टी-शर्ट पहनी और भोर में कार से स्टेशन के लिए रवाना हो गए। सोचा था कि ट्रेन सुबह-सुबह 5 बजकर 10 मिनट की है तो उस वक्त स्टेशन पर भीड़ नहीं होगी। लेकिन ऐसा नहीं था। वहां क्रिकेट फैंस का हुजूम था। कुछ तिरंगे के रंग में रंगे हुए थे। दुबे ने बताया, ‘मैंने अपनी पत्नी को कहा कि मैं अपनी कार में ही इंतजार करता हूं और ट्रेन के निकलने से 5 मिनट पहले निकलूंगा। उसके बाद मैं तेजी से ट्रेन में चढ़ जाऊंगा।’ हुआ भी ऐसा। दुबे को थर्ड एसी में एक टॉप बर्थ मिली हुई थी। सफर के दौरान भी डर था कि कहीं कोई सहयात्री न पहचान ले। एक बार तो उनकी पहचान उजागर होते-होते बची। दरअसल जब टिकट चेकर आया तो उसने बोला- शिवम दुबे? वो कौन है, क्रिकेटर? उस वक्त शिवम दुबे की पत्नी अंजुम ने तत्काल सूझबूझ दिखाई। उन्होंने तपाक से कहा, ‘नहीं, नहीं। वो कहां से आएगा।’ उसके बाद टीसी चला गया। रात में शिवम दुबे वॉशरूम जाने के लिए अपनी बर्थ से उतरे लेकिन आने-जाने के दौरान कोई सहयात्री उन्हें पहचान नहीं पाया। ट्रेन में तो कोई दिक्कत नहीं हुई लेकिन दुबे को डर था कि जब वह दिन में बोरिवली उतरेंगे तब लोगों की निगाह से शायद ही बच पाएंगे। आखिरकार उन्होंने पुलिस को फोन करके मदद मांगी। पुलिस वालों को पहले लगा कि वह एयरपोर्ट पर आ रहे हैं लेकिन जब उन्हें पता चला कि दुबे तो ट्रेन से आ रहे हैं तब वे हैरान रह गए। इस तरह भीड़ से बचते-बचाते दुबे किसी तरह अपने घर पहुंचे।  

स्वच्छता में बस्तर की मिसाल: कोड़ेनार घोषित हुआ ODF प्लस मॉडल ग्राम

रायपुर स्वच्छता की नई इबारत लिखता बास्तानार स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के अंतर्गत सकारात्मक व्यवहार परिवर्तन और निरंतर जन-संवाद के सार्थक परिणाम अब धरातल पर दिखाई देने लगे हैं, जिसके फलस्वरूप बस्तर जिले के जनपद पंचायत बास्तानार की ग्राम पंचायत कोड़ेनार ने ओडीएफ प्लस मॉडल ग्राम होने का गौरव हासिल किया है। इस परिवर्तन की नींव गाँव की उन बुनियादी समस्याओं के समाधान से रखी गई, जहाँ बाजार और घरों से निकलने वाले कचरे के कारण ग्रामीण लंबे समय से परेशान थे। चूँकि स्वच्छता का सीधा संबंध खान-पान से होता है और दैनिक उपभोग की अधिकांश वस्तुएं बाजार से आती हैं, इसलिए गाँव को स्वच्छ बनाने की मुहिम की प्रभावी शुरुआत भी बाजारों से ही की गई। खुले में कचरा फेंकने की इस प्रवृत्ति को जड़ से खत्म करने के लिए प्रशासन ने सीधा मोर्चा संभाला, जिसमें मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत बास्तानार सहित ब्लॉक और कलस्टर समन्वयकों ने स्वयं मौजूद रहकर ग्रामीणों और स्व-सहायता समूह की महिलाओं से निरंतर संवाद स्थापित किया।            विकास की इस प्रक्रिया में केवल बुनियादी ढांचा खड़ा करना ही पर्याप्त नहीं था, बल्कि उनके प्रभावी संचालन और रख-रखाव के लिए तकनीकी समझ की कमी को दूर करना भी एक बड़ी चुनौती थी। इस आवश्यकता को समझते हुए ग्राम और विकासखण्ड स्तर के अधिकारियों, स्वच्छताग्राही महिलाओं तथा जनप्रतिनिधियों को विशेष प्रशिक्षण के माध्यम से सशक्त बनाया गया। इस प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को घर-घर कचरा संग्रहण की तकनीक, प्लास्टिक कचरे के पुनर्चक्रण (रिसायकिल) की प्रक्रिया, गंदे पानी का सुरक्षित निपटान तथा स्कूलों और आंगनबाड़ियों में स्वच्छता गतिविधियों के संचालन जैसी व्यावहारिक जानकारियां दी गईं। साथ ही 15 वें वित्त आयोग की राशि के नियमानुसार उपयोग और उसकी मॉनिटरिंग पर भी विशेष जोर दिया गया ताकि स्वच्छता के कार्य निरंतर जारी रह सकें।            जन-जागरूकता को एक आंदोलन का रूप देने के लिए सूचना, शिक्षा और संचार गतिविधियों का व्यापक सहारा लिया गया, जिसके तहत दीवार लेखन, स्कूली बच्चों की रैलियों और घर-घर संपर्क अभियानों के माध्यम से स्वच्छता का संदेश जन-जन तक पहुँचाया गया। विशेष रूप से महिलाओं और बालिकाओं को केंद्र में रखते हुए माहवारी स्वच्छता प्रबंधन और ठोस-तरल अपशिष्ट प्रबंधन के प्रति जागरूक किया गया। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, समूहों की महिलाओं और पंचायत प्रतिनिधियों के आपसी तालमेल ने इस अभियान को और मजबूती प्रदान की, जिससे आज बास्तानार के ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता न केवल एक आदत, बल्कि एक गौरवपूर्ण पहचान बन चुकी है।

किसानों के लिए मखाना खेती की पहल, लिंगाडीह आरंग में भ्रमण और प्रशिक्षण संपन्न

रायपुर मध्यप्रदेश के किसानों का ग्राम लिंगाडीह आरंग में मखाना खेती भ्रमण एवं प्रशिक्षण संपन्न धान के कटोरे कहे जाने वाले छत्तीसगढ़ में अब एक नई फसल अपनी पहचान बना रही है – सुपर फूड मखाना, जिसे काला हीरा भी कहा जाता है। स्वास्थ्यवर्धक गुणों से भरपूर मखाने की खेती अब राज्य में आधुनिक तकनीक और नवाचार के साथ हो रही है। मखाना उत्पादन पर एक दिवसीय प्रशिक्षण एवं भ्रमण कार्यक्रम के मुख्य अतिथि छत्तीसगढ़ राज्य बीज एवं कृषि विकास निगम के अध्यक्ष  चंद्रहास चंद्राकर एवं अध्यक्ष जनपद सदस्य आरंग,  रिंकू चंद्राकर ने की. मध्य प्रदेश के किसानो  सम्बोधित करते हुए मुख्य अतिथि  चंद्रहास चंद्राकर ने कहा की केंद्र सरकार एवं राज्य सरकार छत्तीसगढ़ के किसानों के  आर्थिक उन्नति के लिए विशेष रूप से कार्य कर रही है केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान जी के प्रयासों से छत्तीसगढ़ मखाना बोर्ड सेन्ट्रल सेक्टर स्कीम में शामिल हुआ है इसके लिए हम उनका आभार व्यक्त करते हैं.हमारे मुख्य मंत्री  विष्णु देव साय कृषि मंत्री  राम विचार नेताम जी के द्वारा मखाना उत्पादन को बढ़ावा देने विशेष प्रयास किया जा रहा है  चंद्राकर ने कहा की छत्तीसगढ़ में सर्वप्रथम व्यवसायिक उत्पादन आरंग ब्लॉक के ग्राम लिंगाडीह के किसान स्व.  कृष्ण कुमार चंद्राकर द्वारा प्रारंभ किया गया था। राज्य का प्रथम मखाना प्रसंस्करण केंद्र का उद्घाटन 5 दिसंबर 2021 को ग्राम लिंगाडीह में तत्कालीन मुख्यमंत्री द्वारा किया गया। अब मखाना उत्पादन में प्रदेश में आरंग का नाम अपनी अलग पहचान बना चुका है.   कार्यक्रम के अध्यक्ष जनपद सदस्य  रिंकू चंद्राकर ने कहा किया हमारे क्षेत्र के लिए गर्व की बात है कि छत्तीसगढ़ प्रदेश का प्रथम मखाना उत्पादन एवं संस्करण केंद्र हमारे क्षेत्र ग्राम लिंगाडीह में स्थापित हुआ है.छटेरा, निसदा एवं अन्य गांव में भी इसके विस्तार हेतु प्रयास किया जा रहे हैं हमारे इस केंद्र में न केवल हमारे प्रदेश के बल्कि अन्य प्रदेश के लोग भी यहां मखाना की खेती सीखने आ रहे हैं जो हमारे प्रदेश के लिए गर्व की बात है.  मध्य प्रदेश के उमरिया जिला से 50 किसानों का एक भ्रमण दल कृषि विभाग के द्वारा मखाना की खेती के भ्रमण हेतु रायपुर जिला के आरंग ब्लॉक स्थित ओजस फॉर्म का भ्रमण किया। इस दौरान किसानों ने मखाना की खेती के बारे में विस्तृत जानकारी प्राप्त की और अपने अनुभव साझा किए। राष्ट्रीय मखाना महोत्सव 2024 एवं 2025 में सम्मानित मखाना उत्पादक किसान  एवं ओजस फार्म दाऊजी मखाना के प्रबंधक  संजय नामदेव ने मखाना की खेती के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि प्रति एकड़ में 20 किलो बीज की आवश्यकता होती है और उत्पादन लगभग 10 क्विंटल के आसपास प्राप्त होता है। उन्होंने बताया कि 6 माह की अवधि वाले फसल में किसी भी प्रकार का कीट व्याधि का प्रकोप नहीं होता है और न ही किसी प्रकार की चरी और चोरी की समस्या रहती है। इंदिरा गाँधी कृषि विश्व विद्यालय के सब्जी विज्ञान के पी एच डी छात्र डॉ योगेंद्र चंदेल ने किसानों को मखाना की खेती के लिए आवश्यक तकनीक और संसाधनों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मखाना की खेती तालाब एवं खेत दोनों विधि से की जाती है अधिकतम उत्पादन के लिए धान की तरह खेत की मताई 1 मीटर की दुरी पर 55 दिन के नर्सरी की 4000 पौधो की रोपाई एक मीटर पौधा से पौधा एवं कतार से कतार की दुरी पर रोपाई समय समय पर नींदाई  खाद प्रबंधन वैज्ञानिक तरीके से करने पर अधिकतम उत्पादन मिलता है मखाना की खेती प्रसंसकरण एवं विपणन के लिए हमारे द्वारा किसानों को  प्रशिक्षण और सहायता प्रदान की जाती है। ICAR-CIPHET (केंद्रीय कटाई उपरांत अभियांत्रिकी एवं प्रौद्योगिकी संस्थान), लुधियाना, पंजाब से प्रशिक्षण प्राप्त शिव नारायण साहू ने मखाना के प्रोसेसिंग की जानकारी देते हुए बताया कि 1 किलो मखाना के बीज से लगभग 200 से 250 ग्राम पॉप प्राप्त होता है, जिसकी बाजार में कीमत ₹700 से लेकर ₹1000 तक होती है। उन्होंने बताया कि यदि किसान मखाना का उत्पादन कर स्वयं प्रसंस्करण कर पैकेजिंग करके भेजते हैं तो प्रति एकड़ अधिकतम लाभ प्राप्त हो सकता है। इस भ्रमण के दौरान किसानों ने मखाना की खेती के बारे में   शिव साहू से विस्तृत जानकारी प्राप्त की और अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि मखाना की खेती से उन्हें अच्छा मुनाफा हो सकता है और यह उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार कर सकता है। कृषि विभाग के अधिकारियों ने बताया कि मखाना बोर्ड से इसकी खेती को बढ़ावा देने के लिए सरकार द्वारा कई योजनाएं चलाई जा रही हैं। उन्होंने बताया कि किसानों को मखाना की खेती के लिए प्रशिक्षण और सहायता प्रदान की जाती है, और उन्हें इसके लिए सब्सिडी भी दी जाती है। इस भ्रमण में मध्य प्रदेश के किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग से भ्रमण दल प्रभारी  दहायत एवं भ्रमण दल में शामिल किसानों ने बताया कि वे मखाना की खेती के बारे में और अधिक जानकारी प्राप्त करने के लिए उत्साहित हैं और इसे अपने खेतों में अपनाने के लिए तैयार हैं।

सभी मॉडिफाई वैनशॉप को रेहड़ी-पटरी संचालकों को स्थायी रोजगार के लिये कराया गया उपलब्ध

लखनऊ योगी सरकार ने पिछले नौ वर्षों में उत्तर प्रदेश को विश्व पटल पर पहचान दिलाने के लिए कई कीर्तिमान स्थापित किये हैं। इस दौरान योगी सरकार ने हमेशा नवाचार को प्राथमिकता दी है, ताकि प्रदेश का समग्र विकास हो। इसके नतीजे आज सभी के सामने हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन को मिशन के रूप में धरातल पर उतारने के लिए रामपुर जिला प्रशासन ने “जीरो वेस्ट मॉडल” की अनूठी पहल शुरू की है। इसके तहत रामपुर जिलाधिकारी द्वारा जिले में खराब व निष्क्रिय एंबुलेंस को नया रूप देकर गरीब रेहड़ी पटरी संचालकों को रोजगार के लिए उपलब्ध कराया गया है।   रामपुर जिला प्रशासन ने कचरे को संसाधन में बदला रामपुर जिलाधिकरी अजय कुमार द्विवेदी ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ वेस्ट मैनेजमेंट को लेकर काफी गंभीर हैं। उनका स्पष्ट संदेश है कि “कचरे को समस्या नहीं, बल्कि संसाधन के रूप में देखा जाए।” सीएम योगी के इसी विजन को मिशन के रूप में धरातल पर उतारने को जीरो वेस्ट मॉडल की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। उन्होंने बताया कि रामपुर जिलाधिकारी कार्यालय में करीब 8 एंबुलेंस अपनी उम्र पूरी करने के बाद काफी दिनों से खड़ी थीं, जो पूरी तरह से निष्क्रिय हो चुकी थीं। ऐसे में इन एंबुलेंस को नया रूप देने की योजना बनायी गयी। इसके बाद इन सभी निष्प्रयोज्य शासकीय वाहनों को मॉडिफाई कर वैनशॉप में बदला गया। वेस्ट मैनजमेंट पहल के तहत पुराने और अनुपयोगी सरकारी वाहनों को संशोधित कर आकर्षक मोबाइल दुकानों के रूप में तैयार किया गया। इन मॉडिफाई वैनशॉप को रेहड़ी-पटरी संचालकों को स्थायी रोजगार के लिये उपलब्ध कराया गया। रामपुर नगर क्षेत्र के फोटो चुंगी के समीप प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के तहत विकसित वेंडिंग जोन में 8 वैनशॉप को रेहड़ी पटरी संचालकों को सौंपा गया है।                                                                                                      वेंडिंग जोन विकसित कर, रेहड़ी पटरी संचालकों को सौंपी गईं मॉडिफाई वैनशॉप जिलाधिकारी ने बताया कि नगर क्षेत्र में लंबे समय से अव्यवस्थित ढंग से फैले ठेलों और रेहड़ी-पटरी के कारण अतिक्रमण और जाम की समस्या उत्पन्न हो जाती थी। नगर पालिका द्वारा समय-समय पर अभियान चलाकर इन्हें हटाया जाता था, जिससे इन छोटे कारोबारियों के सामने अपने रोजगार को लेकर असमंजस की स्थिति बन जाती थी। इसी समस्या के समाधान के उद्देश्य से यह अभिनव पहल की गई है। नगर पालिका परिषद रामपुर द्वारा निष्प्रयोज्य शासकीय वाहनों को मॉडिफाई कर उन्हें वैनशॉप के रूप में परिवर्तित किया गया है और फोटो चुंगी के पास एक सुव्यवस्थित वेंडिंग जोन विकसित किया गया है। यहां रेहड़ी-पटरी संचालकों को चिन्हित कर उन्हें स्थायी रूप से व्यवसाय करने का स्थान दिया गया है। इससे न केवल उनके रोजगार को स्थिरता मिली है बल्कि शहर की यातायात व्यवस्था को भी व्यवस्थित बनाने में मदद मिल रही है। आमजन को एक ही जगह मिलेंगे कपड़े, खाने-पीने की वस्तुएं और फास्ट फूड वेंडिंग जोन में मोबाइल शॉप के माध्यम से कपड़े, खाने-पीने की वस्तुएं, फास्ट फूड, बच्चों के खिलौने और अन्य दैनिक उपयोग की वस्तुएं एक ही स्थान पर उपलब्ध होंगी। स्थानीय लोगों के लिए यह स्थान एक छोटे बाजार के रूप में विकसित हो रहा है, जहां उन्हें विभिन्न प्रकार की चीजें आसानी से मिल सकेंगी। जिलाधिकारी अजय कुमार द्विवेदी ने प्रत्येक वैनशॉप पर जाकर दुकानदारों से बातचीत की और वहां बेचे जा रहे सामान के बारे में जानकारी प्राप्त की। दुकानदारों ने इस पहल के लिए प्रशासन का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि अब उन्हें अपने व्यवसाय के लिए एक सुरक्षित और स्थायी स्थान मिल गया है। जिलाधिकारी ने कहा कि शहर में ऐसे और भी वेंडिंग जोन विकसित किए जाएंगे, ताकि अधिक से अधिक रेहड़ी-पटरी संचालकों को व्यवस्थित तरीके से रोजगार उपलब्ध कराया जा सके। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के माध्यम से छोटे व्यापारियों को सशक्त बनाते हुए उन्हें सम्मानजनक स्वरोजगार उपलब्ध कराने का कार्य किया जा रहा है।

कोर्ट में भरोसे का संकट! केजरीवाल ने जज बदलने की मांग करते हुए CJI को लिखा लेटर

नई दिल्ली दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी (आप) के मुखिया अरविंद केजरीवाल को हाई कोर्ट की जज जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा पर भरोसा नहीं है, जो उनसे जुड़े केस की सुनवाई कर रही हैं। केजरीवाल, मनीष सिसोदिया और अन्य ने हाई कोर्ट की चीफ जस्टिस को लेटर लिखकर शराब घोटाले वाले केस को किसी और ‘निष्पक्ष’ बेंच के सामने ट्रांसफर करने की मांग की है। ट्रायल कोर्ट से केजरीवाल समेत 23 आरोपियों को आरोपमुक्त किए जाने के आदेश को सीबीआई ने हाई कोर्ट में चुनौती दी है। एक दिन पहले ही आम आदमी पार्टी के दिल्ली अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने जस्टिस स्वर्ण कांता की निष्पक्षता पर सवाल खड़े कर दिए थे और पूछा था कि उनका भारतीय जनता पार्टी से क्या रिश्ता है। अब खुद अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया ने दिल्ली हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस को लिखे लेटर में जज के पक्षपाती होने के आरोप लगा दिए हैं। गौरतलब है कि जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा की अदालत में शराब घोटाले से जुड़े कुछ मामलों की पहले भी सुनवाई हो चुकी है और आरोपियों को झटका लगा था। उन्होंने अरविंद केजरीवाल की गिरफ्तारी को भी उचित करार दिया था। अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया और अन्य की ओर से चीफ जस्टिस को भेजे गए प्रार्थना पत्र में कहा गया है कि सीबीआई द्वारा दायर पुनरीक्षण याचिका को ‘निष्पक्ष बेंच’ के पास स्थानांतरित कर दिया जाए। इनकी ओर से जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा पर ‘पक्षपात’ के आरोप लगाए गए हैं और कहा गया कि सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में उनके हर आदेश को पलट दिया था। जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा की अदालत में इस मामले की अगली सुनवाई 16 मार्च को होनी है।

मुख्यमंत्री ने निर्माणाधीन एजेंसी को गुणवत्ता और समय से काम पूरा करने का दिया सख्त निर्देश

बलरामपुर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को मां पाटेश्वरी विश्वविद्यालय का स्थलीय निरीक्षण किया। मुख्यमंत्री ने निर्माण एजेंसी को हर हाल में मई 2026 तक निर्माण पूरा करने का सख्त निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि किसी भी हाल में इसमें विलंब बर्दाश्त नहीं होगा। मुख्यमंत्री ने विश्वविद्यालय के कुलपति से कार्य प्रगति पर पूरी जानकारी भी प्राप्त की। इसके अलावा सीएम योगी ने राजकीय मेडिकल कॉलेज का भी निरीक्षण किया और आवश्यक निर्देश दिए। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सबसे पहले विश्वविद्यालय प्रांगण में मौलिश्री का पौधा लगाया। इसके बाद मुख्यमंत्री ने विश्वविद्यालय के मॉडल पर प्रेजेंटेशन को देखा। सीएम योगी ने कुलपति प्रो. रविशंकर सिंह से कहा कि कार्य समयसीमा के अंदर हो, इसकी नियमित निगरानी भी सुनिश्चित करें। उन्होंने निर्माण एजेंसी को मई तक काम पूरा करने के निर्देश देते हुए कहा कि गुणवत्ता हर हाल में सुनिश्चित होनी चाहिए। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि इसमें लापरवाही कतई बर्दाश्त नहीं होगी।  इसके बाद मुख्यमंत्री ने एकेडमिक बिल्डिंग, थियेटर क्लास, लैब समेत समूचे विश्वविद्यालय का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान विधायक पल्टूराम, एमएलसी साकेत मिश्र, जिला पंचायत अध्यक्ष आरती तिवारी, भाजपा जिलाध्यक्ष रवि मिश्र, जिलाधिकारी विपिन जैन, कुलसचिव परमानंद सिंह, परीक्षा नियंत्रक दिनेश कुमार मौर्य आदि मौजूद रहे।

slot server thailand super gacor

spaceman slot gacor

slot gacor 777

slot gacor

Nexus Slot Engine

bonus new member

olympus

situs slot bet 200

slot gacor

slot qris

link alternatif ceriabet

slot kamboja

slot 10 ribu

https://mediatamanews.com/

slot88 resmi

slot777

https://sandcastlefunco.com/

slot bet 100

situs judi bola

slot depo 10k

slot88

slot 777

spaceman slot pragmatic

slot bonus

slot gacor deposit pulsa

rtp slot pragmatic tertinggi hari ini

slot mahjong gacor

slot deposit 5000 tanpa potongan

mahjong

spaceman slot

https://www.deschutesjunctionpizzagrill.com/

spbo terlengkap

cmd368

368bet

roulette

ibcbet

clickbet88

clickbet88

clickbet88

bonus new member 100

slot777

https://bit.ly/m/clickbet88

https://vir.jp/clickbet88_login

https://heylink.me/daftar_clickbet88

https://lynk.id/clickbet88_slot

clickbet88

clickbet88

https://www.burgermoods.com/online-ordering/

https://www.wastenotrecycledart.com/cubes/

https://dryogipatelpi.com/contact-us/

spaceman slot gacor

ceriabet link alternatif

ceriabet rtp

ceriabet

ceriabet link alternatif

ceriabet link alternatif

ceriabet login

ceriabet login

cmd368

sicbo online live

Ceriabet Login

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

casino online

clickbet88

login kudahoki88

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

slot olympus

sbobet

slot thailand

sbobet