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अनुराग ठाकुर का राहुल गांधी पर निशाना, कहा– ‘लीडर ऑफ प्रोपेगेंडा’, सदन के नियम तोड़ते हैं

नई दिल्ली भाजपा सांसद अनुराग ठाकुर ने बुधवार को लोकसभा में विपक्ष (एलओपी) के नेता राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए उन्हें ‘लीडर ऑफ प्रोपेगेंडा’ बताया।अनुराग ठाकुर ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी विदेशों में भारत और भारतीय लोकतंत्र की छवि को नुकसान पहुंचाने की कोशिश करते हैं और सदन के नियमों का भी पालन नहीं करते। सदन में बोलते हुए अनुराग ठाकुर ने कहा, “कुछ लोग इस सदन में माइनस ट्रिपल सी के साथ आते हैं- न सिविक सेंस, न कॉमन सेंस और न ही कॉन्स्टिट्यूशनल सेंस। जब हम लोकसभा के सदस्य बने थे, तब हमें बताया गया था कि सदन के अंदर कैसे व्यवहार करना चाहिए। लेकिन एक व्यक्ति है जो इन सभी नियमों को तोड़ता है, और वह है प्रोपेगेंडा का लीडर।” उन्होंने राहुल गांधी पर तंज कसते हुए उन्हें ‘फोमो गांधी’ भी कहा। अनुराग ठाकुर ने कहा, “यह फोमो गांधी हैं। इन्हें डर रहता है कि कहीं वे सुर्खियों से बाहर न हो जाएं।” अनुराग ठाकुर ने यह बयान उस दौरान दिया जब वे लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को हटाने के प्रस्ताव के खिलाफ बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि सदन के लगभग सभी दलों के सांसदों ने ओम बिरला के कार्यों की सराहना की है। उन्होंने कहा, “ओम बिरला इस सदन के प्रधान हैं और वे बने रहेंगे। हर पार्टी के सदस्य ने उनके पक्ष में बात कही है।” भाजपा सांसद ने आगे कहा कि लोकसभा अध्यक्ष के रूप में ओम बिरला ने सभी दलों को बराबर बोलने का अवसर दिया है। उन्होंने कहा, “चाहे कांग्रेस हो या समाजवादी पार्टी, ओम बिरला ने सभी को बोलने का मौका दिया। यहां तक कि जिन सांसदों को अपनी ही पार्टी से कम अवसर मिला, उन्हें भी ओम बिरला ने बोलने का मौका दिया। इसलिए प्रत्येक सदस्य उनकी प्रशंसा कर रहा है और उनके समर्थन में बोल रहा है।” इसके अलावा अनुराग ठाकुर ने रक्षा और सुरक्षा के मुद्दे पर भी बयान दिया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सशस्त्र बलों को पूरी छूट दी थी। प्रधानमंत्री मोदी ने सेना से कहा था, ‘जो उचित है, वह करो।’

‘ईद पर भाई को रिहा नहीं करेगी सरकार’: अलीमा खान का बड़ा बयान, पाकिस्तान की राजनीति गरमाई

इस्लामाबाद पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की बहनें अडियाला जेल के बाहर फिर से धरने पर बैठ गई हैं। तीनों को चेक पोस्ट पर रोका गया जिसके विरोध में उन्होंने धरना दिया। स्थानीय मीडिया ने बुधवार को बताया कि पुलिस ने पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के कार्यकर्ताओं को भी पीछे धकेल दिया, जो जेल की ओर बढ़ने की कोशिश कर रहे थे। मंगलवार को जेल के बाहर पत्रकारों से बात करते हुए, इमरान खान की अलीमा खान ने इसे बेहद निराशाजनक रवैया करार दिया। उन्होंने कहा कि कोर्ट के ऑर्डर के बावजूद परिवार के लोगों को पीटीआई संस्थापक से मिलने नहीं दिया गया। पीटीआई के आधिकारिक एक्स हैंडल पर अलीमा खान की एक वीडियो क्लिप अपलोड की गई है, जिसमें वह गुस्से और हताशा में कह रही हैं कि उन्हें यकीन है कि भाई को ईद में भी रिहा नहीं किया जाएगा। एक सवाल के जवाब में, अलीमा खान ने उन खबरों को खारिज कर दिया जिनमें कहा गया था कि उनके भाई को ईद से पहले रिहा कर दिया जाएगा। पाकिस्तान के अनुसार, अलीमा ने उन खबरों को लेकर पूछे गए सवाल पर जवाब दिया जिसमें इमरान खान को ईद में रिहा किए जाने का दावा किया गया था। उन्होंने कहा, “वे उसे रिहा नहीं करना चाहते। आजकल जो दुनिया में हो रहा है उस पर ध्यान देंगे तो, और आपको पता चल जाएगा कि इमरान खान जेल में क्यों हैं? उनके साथ जो हो रहा है उसे तारीख (इतिहास) याद रखेगी।” इससे पहले फरवरी में, जेल में बंद पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के नेताओं ने पाकिस्तान के चीफ जस्टिस को एक पत्र लिखा था, जिसमें इमरान खान को कानूनी और मेडिकल मदद देने में कथित रुकावटों पर गंभीर चिंता जताई गई थी। नेताओं ने चीफ जस्टिस याह्या अफरीदी को लिखे अपने खत में उनसे इस मामले में दखल देने की अपील की ताकि इस मामले में इंसाफ हो सके। स्थानीय मीडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, उन्होंने अफरीदी से यह भी अनुरोध किया कि वे इस मामले पर ध्यान दें और यह पक्का करें कि इमरान खान को कानून के मुताबिक निजी चिकित्सक, कानूनी सलाहकार और परिवार के लोगों से मिलने की इजाजत मिले। पत्र में, पीटीआई नेताओं ने इमरान खान के इलाज की तुलना पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ के 2019 में हुए मेडिकल ट्रीटमेंट से की। उन्होंने कहा कि तब की सरकार ने यह सुनिश्चित किया कि नवाज शरीफ को लाहौर के सर्विसेज हॉस्पिटल ले जाया जाए और जब उनका प्लेटलेट काउंट कम था तो उन्हें सही मेडिकल केयर दी जाए। उन्होंने आगे कहा कि नवाज शरीफ के पर्सनल डॉक्टर मेडिकल बोर्ड की सभी मीटिंग में शामिल होते थे, उनका परिवार और वकील भी उनसे नियमित तौर पर मिलते थे।  

स्‍थान रिक्‍त होने वाले दूसरे चरण के लि‍ए 6 अप्रैल से 10 जून तक कर सकेंगे आवेदन

भोपाल  राज्य शिक्षा केंद्र, स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा संचालित शासकीय छात्रावासों में वर्ष 2026 के लिए प्रवेश प्रक्रिया शुरू हो गई है। इस वर्ष विभाग ने प्रवेश प्रक्रिया को पूरी तरह ऑनलाइन कर दिया है। इसके लिए एजुकेशन पोर्टल 3.0 के माध्यम से विशेष ई-हॉस्टल प्रबंधन प्रणाली विकसित की गई है। संचालक राज्य शिक्षा केंद्र  हरजिंदर सिंह ने बताया कि प्रदेश में संचालित कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों तथा नेताजी सुभाष चंद्र बोस बालिका एवं बालक छात्रावासों में विशेष रूप से वंचित वर्ग के बालक-बालिकाओं को उच्च प्राथमिक स्तर की शिक्षा के अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से पारदर्शी ऑनलाइन प्रवेश प्रणाली प्रारंभ की गई है। संचालक  सिंह ने बताया कि ई-हॉस्टल प्रबंधन प्रणाली एक समेकित डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जिसे आवासीय विद्यालयों एवं छात्रावासों में प्रवेश प्रक्रिया, सीट आवंटन, अभिलेख संधारण और प्रशासनिक कार्यों को ऑनलाइन एवं पारदर्शी तरीके से संचालित करने के लिए विकसित किया गया है। ई-हॉस्टल प्रबंधन प्रणाली विशेष रूप से कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय (केजीबीवी) टाइप-I एवं टाइप-III तथा नेताजी सुभाष चंद्र बोस (एनएससीबी) बालक/बालिका छात्रावासों के पारदर्शी प्रबंधन और उनमें प्रवेश की सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से विकसित की गई है। https://educationportal3.in पर जाकर करना होगा आवेदन छात्रावासों में कक्षा 6वीं एवं अन्‍य कक्षाओं की रिक्‍त सीटों पर प्रवेश के लि‍ए विद्यार्थी प्रथम चरण में 30 मार्च 2026 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। प्रथम चरण के बाद सीट्स रिक्त रहने की स्थिति में द्व‍ितीय चरण के आवेदन की प्रक्र‍िया शुरू होगी। यह 06 अप्रैल 2026 से 10 जून 2026 तक चलेगी। छात्रावास में प्रवेश के लिए अभिभावकों, विद्यार्थियों को ऑनलाइन आवेदन करना होगा। यह आवेदन एमपी ऑनलाइन कियोस्क सेन्टर के माध्यम से स्कूल शिक्षा विभाग की वेबसाइट https://educationportal3.in पर जाकर करना होगा। इसके साथ ही यदि किसी अभिभावक/पालक/विद्यार्थी को आवेदन फॉर्म भरने में किसी प्रकार की समस्या आती है, तो वे संबंधित वार्डन के सहयोग से भी आवेदन फॉर्म भर सकते हैं। छात्रावासों में लक्ष्य के अनुसार 50, 100, 150, 175, 200, 220 तथा 275 सीटें उपलब्ध हैं। कक्षा 6 से 8 तक की बालिकाओं को कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय (टाइप-I) एवं नेताजी सुभाष चंद्र बोस बालिका छात्रावासों में प्रवेश दिया जाता है। वहीं कक्षा 6 से 12 तक की बालिकाओं को कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय (टाइप-III) में प्रवेश की पात्रता होती है। कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों में छात्रावास की मार्गदर्शिका के अनुसार 75 प्रतिशत सीटें अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग तथा अल्पसंख्यक वर्ग की बालिकाओं के लिए निर्धारित हैं, जबकि 25 प्रतिशत सीटें गरीबी रेखा से नीचे (बीपीएल) जीवन-यापन करने वाले परिवारों की बालिकाओं के लिए आरक्षित हैं। इनमें अस्थि बाधित, अनाथ एवं बेसहारा बालिकाओं को चयन में प्राथमिकता दी जाती है। प्रदेश में संचालित 66 नेताजी सुभाष चंद्र बोस बालक छात्रावासों में कक्षा 3 से 8 तक के पात्र बालकों को प्रवेश दिया जाता है। ये छात्रावास विशेष रूप से शाला अप्रवेशी एवं शाला त्यागी बालकों के लिए संचालित किए जाते हैं। ऐसे बालकों को उनकी आयु के अनुरूप कक्षा में दर्ज कर विशेष प्रशिक्षण के माध्यम से आवश्यक दक्षताएं विकसित कर उन्हें शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ा जाता है। छात्रावासों में विशेष रूप से ऐसे बच्चों को प्रवेश दिया जाता है, जो रेलवे स्टेशन एवं बस स्टैंड के प्लेटफॉर्म पर रहने वाले, पन्नी बीनने वाले, पलायन करने वाले परिवारों के बच्चे, घर से भटके हुए बच्चे, विमुक्त (डिनोटीफाइड ट्राइब्स) एवं प्रिमिटिव ट्राइबल परिवारों के बच्चे और वन ग्राम पट्टाधारी परिवारों के बच्चों को आवासीय सुविधाएं प्रदान कर शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़कर प्रारंभिक शिक्षा पूर्ण कराई जाती है। प्रदेश में 597 छात्रावास हैं संचालित राज्य शिक्षा केंद्र अंतर्गत प्रदेश में कुल 597 छात्रावास संचालित है। इनमें 207 कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय, 324 नेताजी सुभाष चंद्र बोस बालिका छात्रावास तथा 66 नेताजी सुभाष चंद्र बोस बालक छात्रावास शामिल हैं। इन छात्रावासों में ऐसे बालक-बालिकाओं को आवासीय सुविधा प्रदान की जाती है, जो शाला से बाहर हैं या प्रारंभिक शिक्षा से वंचित हैं। साथ ही पारिवारिक कारणों से परिवार के साथ रहते हुए शिक्षा प्राप्त नहीं कर सकते हैं। उन्हें छात्रावास में रखकर प्रारंभिक शिक्षा की सुविधा उपलब्ध कराई जाती है।  

फीफा प्रमुख इन्फेंटिनो बोले– वर्ल्ड कप 2026 में ईरान टीम का स्वागत करेंगे डोनाल्ड ट्रंप

नई दिल्ली फीफा चीफ जियानी इन्फेंटिनो ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मुलाकात की, जिन्होंने उन्हें भरोसा दिलाया है कि ईरान का 2026 वर्ल्ड कप में हिस्सा लेने के लिए ‘स्वागत’ है। यह विश्व कप 11 जून से 19 जुलाई तक अमेरिका, मैक्सिको और कनाडा में खेला जाएगा। ईरान को अमेरिका में तीन मैच खेलने हैं, लेकिन बढ़ते क्षेत्रीय युद्ध के बीच उनके हिस्सा लेने पर शक है। ईरानी टीम बेल्जियम, मिस्र और न्यूजीलैंड के साथ ग्रुप-जी में है। यह टीम 15 जून को सिएटल में न्यूजीलैंड के खिलाफ टूर्नामेंट की शुरुआत करेगी, और आगे के ग्रुप गेम लॉस एंजिल्स और अटलांटा में होंगे। एक इंस्टाग्राम पोस्ट में इन्फेंटिनो ने कहा कि उन्होंने और ट्रंप ने आने वाले फीफा वर्ल्ड कप की तैयारियों के स्टेटस पर चर्चा की और ईरान के मौजूदा हालात के बारे में भी बात की। इन्फेंटिनो ने लिखा, “मैं आगामी फीफा वर्ल्ड कप की तैयारियों के स्टेटस और सिर्फ 93 दिनों में शुरू होने वाले बढ़ते उत्साह पर चर्चा करने के लिए यूनाइटेड स्टेट्स के राष्ट्रपति डोनाल्ड जे. ट्रंप से मिला। हमने ईरान के मौजूदा हालात और इस बात पर भी बात की कि ईरानी टीम ने फीफा वर्ल्ड कप 2026 में हिस्सा लेने के लिए क्वालीफाई कर लिया है। बातचीत के दौरान, राष्ट्रपति ट्रंप ने दोहराया कि ईरानी टीम का, बेशक, यूनाइटेड स्टेट्स में टूर्नामेंट में हिस्सा लेने के लिए स्वागत है।” ईरान ने पिछले साल एशियन क्वालिफाइंग के तीसरे राउंड में ग्रुप-ए में टॉप करके लगातार चौथे वर्ल्ड कप के लिए क्वालीफाई किया था। पिछले हफ्ते, पोलिटिको के साथ एक इंटरव्यू में ट्रंप ने कहा, “अगर ईरान हिस्सा लेता है, तो मुझे सच में कोई फर्क नहीं पड़ता। मुझे लगता है कि ईरान बहुत बुरी तरह से हारा हुआ देश है। वे बेकार में काम कर रहे हैं।” मिलिट्री एक्शन शुरू होने के बाद, ईरान फुटबॉल फेडरेशन के अध्यक्ष मेहदी ताज ने कथित तौर पर कहा है, “यह तो तय है कि इन हमलों के बाद, वर्ल्ड कप की तरफ उम्मीद से देखना मुश्किल है।”

स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर अमित शाह का पलटवार—लोकतंत्र का किया जा रहा अपमान

नई दिल्ली लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ विपक्ष के नो-कॉन्फिडेंस मोशन पर, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा, ‘यह कोई आम बात नहीं है। करीब 4 दशक बाद, लोकसभा स्पीकर के खिलाफ नो-कॉन्फिडेंस मोशन लाया गया है। यह पार्लियामेंट्री पॉलिटिक्स और इस सदन के लिए दुर्भाग्यपूर्ण है।’   विपक्ष इमानदारी पर उठा रही सवाल शुरूआती दिनों को याद करते हुए गृह मंत्री बोले, ‘मैं पूरे सदन को बताना चाहता हूं कि विद्यमान स्पीकर की नियुक्ति जब हुई, तब दोनों दलों के नेता ने एक साथ उन्हें आसन पर बैठाने का काम किया। इसका मतलब है कि स्पीकर को अपने दायित्वों के निर्वहन के लिए पक्ष और प्रतिपक्ष दोनों ने एक प्रकार से मुक्त माहौल भी देना है और दायित्वों के निर्वहन के लिए उनका समर्थन भी करना है। मगर आज स्पीकर के निर्णय पर कोई असहमति तो व्यक्त हो सकती है, लेकिन लोकसभा के नियमों में स्पीकर के निर्णयों को अंतिम माना गया है। इसके विपरित विपक्ष ने स्पीकर की निष्ठा पर सवालिया निशान खड़ा किया। ये लोकसभा भारत के लोकतंत्र की सबसे बड़ी पंचायत है, और न केवल भारत, बल्कि दुनियाभर में हमारी लोकतंत्र की साख बनी है, गरिमा बनी है… और पूरी दुनिया लोकतंत्र की इस प्रतिष्ठा को स्वीकार करती है।लेकिन जब इस पंचायत के मुखिया पर, उसकी निष्ठा पर सवालिया निशान लगता है तो केवल देश में नहीं, पूरी दुनिया में हमारी लोकतांत्रिक प्रक्रिया पर सवाल खड़ा होता है। लेकिन यहां उनपर शंका के सवाल उठा दिए। सदन आपसी विश्वास पर चलता है: शाह अमित शाह बोले, ‘मैं बताना चाहता हूं कि 75 साल से इन दोनों सदनों ने हमारे लोकतंत्र की नींव को पाताल से भी गहरा किया है, लेकिन आज विपक्ष ने इस साख पर एक प्रकार से सवालिया निशान खड़ा कर दिया है। सदन आपसी विश्वास से चलता है। पक्ष और विपक्ष—दोनों के लिए सदन के जो स्पीकर होते हैं, वे कस्टोडियन होते हैं। इसलिए नियम बनाए गए हैं। यह सदन कोई मेला नहीं है; यहां नियमों के अनुसार चलना पड़ता है। जो बातें सदन के नियम परमिट नहीं करते, उस तरह से बोलने का किसी को अधिकार नहीं है, चाहे वह कोई भी हो।’  

सहेली बनकर सरकार की योजनाएं हर कदम पर हैं महिलाओं के साथ हटा में 405.58 करोड़ रुपए से अधिक के विकास कार्यों का किया भूमि-पूजन

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि जहां बेटियां जन्म से लेकर आजीवन पूजी जाती हैं, वह सिर्फ़ और सिर्फ़ अपना मध्यप्रदेश ही है। नारी सदैव पूजनीय हैं। हम अपने देश को भी जननी मानकर भारत माता की जय कहकर पूजते हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार बेटियों और महिलाओं के समग्र विकास के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है। सरकार की योजनाएं महिलाओं के जीवन में हर कदम पर पक्की सहेली बनकर उनके साथ खड़ी हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव बुधवार को दमोह जिले के हटा में महिला सशक्तिकरण सम्मेलन सह शिलान्यास कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि लाड़ली लक्ष्मी योजना के कारण प्रदेश के लिंगानुपात में व्यापक सुधार हुआ है। साथ ही बेटियों के प्रति समाज की सोच में भी सकारात्मक परिवर्तन आया है। उन्होंने कहा कि लाड़ली बहनों की प्रगति और आशीर्वाद से ही प्रदेश में समृद्धि आ रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सिंगल क्लिक से दमोह जिले के लिए 405 करोड़ 58 लाख रुपये से अधिक की लागत के 13 विकास कार्यों का भूमि-पूजन किया। इसमें लगभग 232 करोड़ रूपए की लागत से हटा से गैसाबाद सिमरिया मार्ग (एसएच-55) के 73 किमी मार्ग के टू-लेन रोड के रूप में उन्नयन एवं चौड़ीकरण, 74 करोड़ 44 लाख रूपए की लागत से मडियादो से बर्धा किशनगढ़ सड़क निर्माण और 48 करोड़ 89 लाख रूपये की लागत से मड़ियादो से रजपुरा मार्ग के निर्माण कार्य का भूमि-पूजन शामिल है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विरासत से विकास के मूल मंत्र को अपनाते हुए प्रदेश में उल्लेखनीय कार्य किए जा रहे हैं। विगत वर्ष बुंदेलखंड क्षेत्र के वैश्विक पर्यटन स्थल खजुराहो में स्टेट कैबिनेट की मीटिंग कर सरकार ने 27 हजार 500 करोड़ रूपए से अधिक के विकास कार्यों को मंजूरी दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हाल में ही सर्वाइकल कैंसर की वैक्सीन का टीकाकरण शुरू हुआ है। उन्होंने सभी माताओं-बहनों से अपील करते हुए कहा कि अपनी 14 वर्ष से अधिक उम्र कीबेटियों को यह टीका अवश्य लगवाएं और दूसरे लोगों को भी ऐसा ही करने के लिए जागरूक करें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि यह टीका पूरी तरह सुरक्षित है, इससे हमारी बेटियों का भविष्य आजीवन सुरक्षित रहेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने एचपीवी वैक्सीन का टीका लगवाने वाली हटा की 8 बेटियों को मंच से प्रमाण पत्र भी सौंपे। मुख्यमंत्री ने पात्र हितग्राहियों को हितलाभ भी वितरित किए। हटा अ‍ब बनेगा शिवकाशी मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने हटावासियों की बहुप्रतीक्षित मांग पूरी करते हुए हटा का नाम बदलकर इसे शिवकाशी नाम देने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि हटा   1008 देव गौरीशंकर की नगरी है, इसलिए अब इसे शिवकाशी के रूप में ही जाना जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने हटावासियों को और भी कई सौगातें दीं। उन्होंने घोषणा करते हुए कहा कि हटा में नवीन आईटीआई भवन बनाया जाएगा। हटा में सर्वसुविधायुक्त नवीन नगर पालिका भवन एवं भव्य गीता भवन भी निर्मित किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कृषि एवं पशुपालन क्षेत्र में कार्य का दायदा बहुत विस्तृत है, इसलिए हटा के महाविद्यालय में अब कृषि, उद्यानिकी एवं पशुपालन संकाय/विषय भी पढ़ाये जाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विनती-मड़ियादौ-चौरईया मार्ग का चौड़ीकरण कराया जाएगा। हटा के शासकीय पीएम महारानी लक्ष्मीबाई स्कूल में इंडोर ऑडिटोरियम बनाया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पटेरा में नया महाविद्यालय खोले जाने की घोषणा करते हुए कहा कि मड़ियादो एवं देवरी फतेहपुर में नया हायर सेकेण्डरी भवन बनाया जाएगा। इसी प्रकार नगर परिषद तेंदूखेड़ा में तारादेही तिराहे से चौरई तक मार्ग चौड़ीकरण एवं सौन्दर्यीकरण कार्य कराए जाएंगे। नगर परिषद तेंदूखेड़ा में वार्ड क्रमांक 3 में सी.सी. रोड निर्माण कराया जाएगा। गहरा से चौपरा-सिमरी तक मार्ग का चौड़ीकरण किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि दमोह जिले में औद्योगिक गतिविधियों का विस्तार किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केन-बेतवा नदी लिंक परियोजना के जरिए बुंदेलखंड के हर खेत को सिंचाई के लिए पानी मिलेगा। खेतों में फसलें लहलहाएंगी, अब हटा से कोई रोजगार की तलाश में बाहर नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश में सिंचाई का रकबा अब 55 लाख हैक्टेयर तक पहुंच गया है। इसमें 10 लाख हैक्टेयर रकबा तो पिछले 2 साल में ही बढ़ा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश में महिला कल्याण से जुड़ी योजनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि सरकार का लक्ष्य महिलाओं को आत्मनिर्भर और स्वावलंबी बनाना है। बेटियों और महिलाओं को आत्मनिर्भर और स्वावलंबी बनाने के लिए हम कोई कसर नहीं रखेंगे। महिलाओं की खुशहाली में ही प्रदेश की खुशहाली है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमने 2 दिन पहले महिला दिवस मनाया है। अब आगे नवरात्रि आ रही है। राज्य सरकार नारी कल्याण के लिए समर्पित है। प्रदेश की एक करोड़ 25 लाख से अधिक लाड़ली बहनों को हर माह सम्मानपूर्वक 1500 रुपए की प्रोत्साहन राशि दी जा रही है। उन्होंने कहा कि बहुत जल्द लोकसभा और विधानसभा में बहनों को 33 प्रतिशत आरक्षण मिलेगा। राज्य में नगरीय निकायों में यह आरक्षण 50 प्रतिशत तक है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने हटा विधायिका मती उमादेवी खटीक को जन्मदिवस की बधाई और शुभकामनाएं देते हुए कहा कि वे हटावासियों की दीर्घकाल तक सेवा करती रहें। हटा विधायिका मती खटीक ने स्वागत संबोधन में कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव पहली बार हटा विधानसभा क्षेत्र आए हैं। साथ में 405 करोड़ रूपए के विकास कार्यों की सौगातें भी लाये हैं। उन्होंने कहा कि नारी पूरे समाज के विकास की प्रमुख आधारशिला होती है। आज हमारी महिलाएं शिक्षा, सेना और हर क्षेत्र में देश को गौरव दिला रही हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में प्रदेश में माताओं-बहनों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए मजबूती से काम हो रहा है। प्रदेश में हर बेटी का सम्मान और हर महिला को रोजगार के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। आज दमोह जिले के लिए अनेक विकास कार्यों का भूमि-पूजन पूरा हुआ है। इससे इस क्षेत्र के विकास को नए पंख लगेंगे। कार्यक्रम में उच्च शिक्षा, आयुष एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री एवं दमोह जिले के प्रभारी मंत्री  इंदर सिंह परमार, प्रदेश के संस्कृति, पर्यटन, धार्मिक न्यास और धर्मस्व राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार)  धर्मेंद्र … Read more

हर जनपद पंचायत को 03 करोड़ की स्वीकृति प्रदान करने का होगा अधिकार

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के कुशल नेतृत्व में ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए प्रदेश सरकार ने नई पहल शुरू की है। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा “सुगम संपर्कता परियोजना की शुरुआत की गई है, जिसके माध्यम से गांव, ग्राम पंचायत और 100 से अधिक आबादी वाले मजरा-टोला तथा मुख्यमंत्री मजरा-टोला योजना अंतर्गत चिन्हित बस्तियों को भी सड़क सुविधा से जोड़ा जाएगा। मनरेगा के तहत होगा सड़क निर्माण परियोजना अंतर्गत सड़कों का निर्माण मनरेगा यानी (VB-G RAM G) योजना के माध्यम से कराया जाएगा। इसके लिए प्रदेश की प्रत्येक जनपद पंचायत को रू. 3 करोड़ तक की स्वीकृति प्रदान करने का अधिकार दिया गया है। मध्यप्रदेश राज्य रोजगार गारंटी परिषद द्वारा सभी जनपद पंचायतों को राशि भी आवंटित कर दी गई है। सिपरी सॉफ्टवेयर से स्थान का होगा चयन परियोजना के तहत मजरे-टोले और सांदीपनि विद्यालयों तक बनने वाली सड़कों के लिए स्थान का चयन सिपरी सॉफ्टवेयर के माध्यम से किया जाएगा। साथ ही सड़कों की डीपीआर (विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन) तैयार करने के लिए सिपरी सॉफ्टवेयर और आरआईएमएस का उपयोग किया जाएगा। ड्रोन से होगी निगरानी परियोजना अंतर्गत बनने वाली सड़कों की निगरानी ड्रोन तकनीक से की जाएगी। निर्माण कार्य की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को विशेष प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। 28 मार्च तक डीपीआर तैयार करने के निर्देश आयुक्त मध्यप्रदेश राज्य रोजगार गारंटी परिषद श्री अवि प्रसाद ने बताया कि परियोजना के तहत 28 मार्च 2026 तक डीपीआर तैयार कर उसकी तकनीकी और प्रशासनिक स्वीकृति प्राप्त करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि प्रदेश सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर आवागमन सुविधा उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है और इस परियोजना के माध्यम से 100 से अधिक आबादी वाले मजरे-टोले तथा सांदीपनि विद्यालयों तक सड़क निर्माण सुनिश्चित किया जाएगा। 

मुगलिया हाट के सरपंच मारण का दिल्ली में सम्मान, केंद्रीय मंत्री पाटिल ने किया सम्मानित

भोपाल  केंद्रीय जल शक्ति मंत्री  सी.आर. पाटिल ने भोपाल जिले की ग्राम पंचायत मुगलिया हाट के सरपंच  धर्मेन्द्र मारण को जल जीवन अभियान अंतर्गत नल जल योजना के सफल क्रियान्वयन, बेहतर संचालन और संधारण में उत्कृष्ट कार्य के लिए नई दिल्ली मे ‘उत्कृष्ट जल नेतृत्व सरपंच सम्मान’ प्रदान किया। सरपंच  मारण के नेतृत्व में नल जल योजना के प्रभावी क्रियान्वयन, सुव्यवस्थित संचालन तथा व्यापक जनभागीदारी सुनिश्चित करने के प्रयासों की समारोह में सराहना के साथ प्रशस्ति-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि प्रदेश में ग्रामीण क्षेत्रों में प्रत्येक घर तक सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने के साथ योजनाओं के प्रभावी संचालन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। ग्राम पंचायत मुगलिया हाट के सरपंच  धर्मेन्द्र मारण को मिला यह सम्मान मध्यप्रदेश के लिए गौरव का विषय है और यह उपलब्धि प्रदेश की अन्य ग्राम पंचायतों के लिए भी प्रेरणास्रोत बनेगी। ग्राम स्तर पर जनभागीदारी के साथ योजनाओं का संचालन जल प्रबंधन को स्थायी रूप से सुदृढ़ बना रहा है। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री मती संपतिया उइके ने इस उपलब्धि पर ग्रामीणों को बधाई दी है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में नल जल योजनाओं के सफल संचालन और संधारण के लिए ग्राम पंचायतों तथा स्थानीय जनप्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी को प्रोत्साहित किया जा रहा है। प्रमुख सचिव लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी  पी. नरहरि ने बताया कि सामुदायिक सहभागिता आधारित प्रबंधन व्यवस्था को सुदृढ़ किया जा रहा है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल योजनाओं का दीर्घकालिक और प्रभावी संचालन सुनिश्चित हो सके। भारत सरकार द्वारा राज्यों से जल जीवन मिशन के अंतर्गत उत्कृष्ट कार्य करने वाले जनप्रतिनिधियों एवं महिला स्व सहायता समूह की सदस्यों को विभिन्न श्रेणियों में गए चयन के मापदंडों के आधार पर राज्यों से नामांकित सदस्यों को सम्मानित किया गया। इस अवसर पर जल शक्ति मंत्रालय एवं रेल मंत्रालय के राज्य मंत्री  वी. सोमन्ना, जल शक्ति मंत्रालय के राज्य मंत्री  राज भूषण चौधरी तथा केन्द्र सरकार के पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के सचिव  अशोक के के मीणा भी उपस्थित रहे। समारोह में देश के विभिन्न राज्यों से जल जीवन अभियान के अंतर्गत उत्कृष्ट कार्य करने वाले जनप्रतिनिधियों और महिला स्व-सहायता समूह की सदस्यों को चयनित कर सम्मानित किया गया।  

कर्नाटक बनेगा आईटी एक्सपोर्ट का पावरहाउस, इस साल 5.50 लाख करोड़ से ज्यादा निर्यात का अनुमान: प्रियांक खड़गे

बेंगलुरु कर्नाटक सरकार में मंत्री प्रियांक खड़गे ने बुधवार को विधानसभा में कहा कि राज्य का आईटी निर्यात इस वर्ष 5.50 लाख करोड़ रुपये को पार कर सकता है। भाजपा विधायक वेदव्यास कामत के सवाल का जवाब देते हुए प्रियांक खड़गे ने कहा, “कर्नाटक में आईटी-बीटी की संभावनाओं की बात करें तो 2022-23 में हमारा आईटी-बीटी निर्यात 3.55 लाख करोड़ रुपये था। 2023-24 में यह बढ़कर 4.09 लाख करोड़ रुपये हो गया और पिछले वर्ष 2024-25 में यह बढ़कर 4.58 लाख करोड़ रुपये हो गया। इस वर्ष 31 मार्च को समापन तिथि है। मुझे 100 प्रतिशत भरोसा है कि इस साल हम 5.50 लाख करोड़ रुपये को पार कर जाएंगे।” उन्होंने कहा, “इस 5.50 लाख करोड़ रुपये में से मैसूरु शहर से लगभग 3,000 करोड़ रुपये का आईटी निर्यात होता है, जबकि मैंगलुरु और तटीय क्षेत्र से लगभग 3,500 करोड़ रुपये का योगदान है। बेलगावी और हुब्बली मिलकर 2,000 करोड़ से 2,500 करोड़ रुपये के बीच आईटी निर्यात करते हैं। बाकी हिस्सा बेंगलुरु शहर से आता है।” खड़गे ने यह भी स्पष्ट किया कि उन्होंने कभी नहीं कहा कि मैंगलुरु में संभावनाएं नहीं हैं। उन्होंने कहा, “इस क्षेत्र में अपार संभावनाएं हैं। अगर स्थानीय नेता अनुकूल माहौल बनाते हैं तो हम स्थानीय अर्थव्यवस्था को तेज कर सकते हैं। मैं विधायक के ध्यान में लाना चाहता हूं कि बेंगलुरु जिले का जीडीपी लगभग 39.9 प्रतिशत, यानी करीब 40 प्रतिशत है। इसके बाद मैंगलुरु 5.4 प्रतिशत के साथ है और तीसरा 3.4 प्रतिशत है। अंतर साफ देखा जा सकता है।” उन्होंने कहा, “कहां 40 प्रतिशत और कहां 5.4 प्रतिशत? मैं ईमानदारी से कहता हूं कि अगर उस क्षेत्र में पूंजी निवेश के लिए उपयुक्त माहौल बनाया जाए तो अगले तीन वर्षों में यह लगभग तीन प्रतिशत वृद्धि हासिल कर सकता है। मैंने यही कहा था और मैं अपनी बात पर कायम हूं।” मैंगलुरु क्षेत्र को अक्सर सांप्रदायिक रूप से संवेदनशील माना जाता है और अतीत में यहां सांप्रदायिक झड़पों, विरोध प्रदर्शनों और बदले की हत्याओं की घटनाएं हुई हैं। खड़गे ने ऐसे मुद्दों पर अक्सर सांप्रदायिक ताकतों और भाजपा की आलोचना की है। उन्होंने कहा, “विकास सुनिश्चित करना केवल आपकी जिम्मेदारी नहीं है, यह मेरी भी जिम्मेदारी है।” खड़गे ने कहा, “राज्यभर में हमने आईटी और संबंधित कंपनियों के साथ 380 एमओयू पर हस्ताक्षर किए हैं। तटीय क्षेत्र में हम मणिपाल, उडुपी और मैंगलुरु को एक क्लस्टर के रूप में लेकर उन्हें इकोनॉमिक एक्सेलेरेटर प्रोग्राम के तहत ला रहे हैं। हमारी ओर से एक टेक्नोलॉजी कन्वेंशन आयोजित किया जा रहा है और बियॉन्ड बेंगलुरु क्लस्टर पहल के तहत 25 करोड़ रुपये का सीड फंड जारी किया गया है। कर्नाटक एक्सेलेरेशन प्रोग्राम के तहत शाइन प्रोग्राम के माध्यम से गठजोड़ बनाए गए हैं और स्टार्टअप्स को सहायता दी जा रही है।” खड़गे ने कहा कि तटीय क्षेत्र में आईटी पार्क स्थापित करने के मानदंडों को सरल बनाने की मांग भी उठी है। उन्होंने कहा, “एक सप्ताह के भीतर स्थानीय विधायकों की मांग के अनुसार मानदंडों को सरल बनाया जाएगा। हम ओशन फार्मिंग नीति लाने की भी कोशिश कर रहे हैं। डेटा सेंटरों को भी प्राथमिकता दी जा रही है। यह क्लस्टर केवल राज्य ही नहीं बल्कि देश के लिए भी महत्वपूर्ण है। संभावनाएं बहुत हैं, लेकिन हमें अनुकूल माहौल बनाना होगा।” भाजपा के कामत ने कहा कि चुनौतियों के बावजूद तटीय क्षेत्र विकास के मामले में बेंगलुरु के बाद दूसरे स्थान पर है। उन्होंने मंत्री से कम जीडीपी वाले जिलों जैसे कलबुर्गी के लिए योजनाओं को स्पष्ट करने को कहा। बता दें कि प्रियांक खड़गे स्वयं कलबुर्गी से आते हैं, जिसे राज्य के सबसे पिछड़े जिलों में से एक माना जाता है। जवाब में खड़गे ने कहा कि विकास भौगोलिक और जनसांख्यिकीय लाभों पर निर्भर करता है। उन्होंने कहा, “तटीय कर्नाटक को जो लाभ उपलब्ध हैं, वे कल्याण कर्नाटक क्षेत्र में नहीं हैं। जो फायदे हमारे पास हैं, वे आपके पास नहीं हैं। आपके पास समुद्र है, जिससे समुद्री खेती की संभावना है, जबकि हम तूर दाल उगाते हैं। जीडीपी योगदान के मामले में कलाबुरगी 1.9 प्रतिशत का योगदान देता है। आपको जानकर आश्चर्य होगा कि बेंगलुरु ग्रामीण भी जीडीपी में 1.9 प्रतिशत का योगदान देता है। हम इन क्षेत्रों में विकास तेज करने के तरीकों पर विचार कर रहे हैं। राज्य विकास को केवल मैंगलुरु या बेंगलुरु तक सीमित नहीं रख रहा है। जहां भी राज्य में संभावनाएं हैं, वहां जीडीपी सुधारने के लिए हम हस्तक्षेप कर रहे हैं।”

ईरान से भारतीय छात्रों की निकासी का मिशन तैयार, कल भेजा जाएगा पहला जत्था, दो रास्तों से होगी वापसी

ईरान पश्चिमी एशियाई देश ईरान पर इजरायल और अमेरिकी हमले के बाद पूरा मध्य-पूर्व क्षेत्र संघर्ष के दौर से गुजर रहा है। हालांकि, इस जंग के बीच ईरान में फंसे भारतीय छात्रों को वहां से निकालने का इंतजाम पूरा कर लिया गया है। युद्ध के तेरहवें दिन यानी गुरुवार को भारतीय छात्रों का पहला जत्था ईरान से आर्मेनिया के रास्ते निकलेगा। उम्मीद है कि पहला बैच गुरुवार को आर्मेनिया बॉर्डर के लिए रवाना होगा क्योंकि वहां से निकलने की योजना धीरे-धीरे बन रही है। रिपोर्ट के अनुसार, भारतीय छात्रों और यूनिवर्सिटी प्रशासन के बीच समन्वय के बाद उन्हें सुरक्षित निकासी के लिए आर्मेनिया या अजरबैजान होकर दो मार्गों के विकल्प दिए गए हैं। ताकि ईरान से बाहर निकाले जा सकें। इनमें अधिकांश मेडिकल की पढ़ाई करने वाले छात्र हैं। उनमें भी अधिकांश जम्मू-कश्मीर के रहने वाले हैं। ईरान में पढ़ रहे भारतीय छात्रों के साथ शेयर की गई जानकारी के अनुसार, तेहरान यूनिवर्सिटी ऑफ़ मेडिकल साइंसेज (TUMS), ईरान यूनिवर्सिटी ऑफ़ मेडिकल साइंसेज (IUMS), और शाहिद बेहेश्टी यूनिवर्सिटी ऑफ़ मेडिकल साइंसेज (SBUMS) में एनरोल्ड स्टूडेंट्स को निकलने के दो रास्ते दिए हैं। उन्हें कहा गया है कि या तो आर्मेनिया या अज़रबैजान के रास्ते बाहर निकलिए। अधिकारी और स्टूडेंट ग्रुप यह पक्का करने के लिए कोऑर्डिनेट कर रहे हैं कि जो लोग जाने को तैयार हैं, वे तय एग्जिट पॉइंट तक सुरक्षित रूप से यात्रा कर सकें। छात्र संगठनों और स्थानीय अधिकारियों की मदद से उन्हें सीमा तक सुरक्षित पहुंचाने की व्यवस्था की जा रही है। कुछ छात्र फ्लाइट से लौटना चाहते हैं हालांकि, कुछ छात्रों ने जमीनी रास्ते से निकलने के बजाय हवाई मार्ग से भारत लौटने का फैसला किया है। उनमें से बहुत से लोगों ने 15 मार्च, 16 मार्च और उसके बाद के दिनों के लिए फ़्लाईदुबई फ़्लाइट बुक की हैं, ताकि नजदीकी अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डों तक पहुंचकर सीधे भारत लौट सकें। दूसरी तरफ, शिराज यूनिवर्सिटी ऑफ मेडिकल साइंसेज में, जहाँ 86 भारतीय मेडिकल छात्र अभी अपनी पढ़ाई कर रहे हैं, लोकल अधिकारियों ने उनके आने-जाने को आसान बनाने के लिए एक अलग इवैक्युएशन रूट का सुझाव दिया है। इस प्लान के तहत, छात्र अज़रबैजान के बाकू में शिराज – क़ोम – बाकू एयरपोर्ट से जा सकते हैं, जहाँ से वे भारत के लिए इंटरनेशनल फ़्लाइट ले सकते हैं। छात्रों में बढ़ रही चिंता ऑल इंडिया मेडिकल स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AIMSA) जम्मू-कश्मीर के प्रेसिडेंट मोहम्मद मोमिन खान ने कहा कि उन्हें गोलेस्तान यूनिवर्सिटी ऑफ़ मेडिकल साइंसेज़, केरमान यूनिवर्सिटी ऑफ़ मेडिकल साइंसेज़ और इस्फ़हान यूनिवर्सिटी ऑफ़ मेडिकल साइंसेज़ में एनरोल्ड भारतीय छात्रों से परेशानी भरे कॉल आ रहे हैं। उनके अनुसार, कई छात्र अधिकारियों से इवैक्युएशन का इंतज़ाम करने की गुज़ारिश कर रहे हैं क्योंकि उन्हें डर है कि पूरे देश में हालात सुरक्षित नहीं हो सकते हैं। खान ने कहा, “स्टूडेंट्स लगातार फोन कर रहे हैं और इवैक्युएशन की रिक्वेस्ट कर रहे हैं क्योंकि उन्हें लगता है कि ईरान का कोई भी हिस्सा अभी सेफ नहीं है,” उन्होंने स्टूडेंट्स और उनके परिवारों की चिंताओं को भी बताया। राजनीतिक प्रतिनिधियों से भी सहयोग उन्होंने उन पॉलिटिकल रिप्रेजेंटेटिव्स की कोशिशों को भी माना जो स्टूडेंट्स के टच में हैं और मदद को कोऑर्डिनेट कर रहे हैं। खान ने सपोर्ट देने और इंडियन स्टूडेंट्स की चिंताओं को संबंधित अधिकारियों के सामने उठाने में मदद करने के लिए मेंबर ऑफ पार्लियामेंट आगा सैयद रूहुल्लाह मेहदी का शुक्रिया अदा किया। बयान में कहा गया, “डॉ. खान ने मेंबर ऑफ पार्लियामेंट आगा सैयद रूहुल्लाह मेहदी का भी शुक्रिया अदा किया, जिन्होंने इंडियन स्टूडेंट्स की चिंताओं को दूर करने और उनकी सेफ वापसी की कोशिशों में मदद करने के लिए लगातार सपोर्ट और कोऑर्डिनेशन दिया।” परिवारों की बढ़ी चिंता जैसे-जैसे अलग-अलग बैच देश छोड़ने की तैयारी कर रहे हैं, भारत में मौजूद उनके परिवार सुरक्षित निकासी की उम्मीद कर रहे हैं। छात्र संगठनों का कहना है कि आने वाले दिनों में और अधिक छात्रों को सुरक्षित बाहर निकालने की व्यवस्था की जा सकती है।  

मंत्री सिलावट का निर्देश: निर्माण कार्यों में गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं

भोपाल  जल संसाधन मंत्री  तुलसीराम सिलावट ने कहा है कि विभाग के अंतर्गत निर्माणाधीन कार्यों को पूर्ण गुणवत्ता के साथ नियत समय अवधि में पूर्ण करें, जिससे जनता को इन कार्यों का समय से पूरा लाभ मिल सके. विभागीय अधिकारी समय-समय पर कार्यों का निरीक्षण करें एवं निरंतर निरीक्षण प्रतिवेदन दें. कार्यों में किसी भी प्रकार की ढिलाई न बरती जाए। मंत्री  सिलावट ने बुधवार को मंत्रालय में जल संसाधन विभाग के कार्यों की समीक्षा की. बैठक में अपर मुख्य सचिव  राजेश राजौरा, प्रमुख अभियंता,  विनोद कुमार देवड़ा, मुख्य अभियंता सहित विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी एवं कार्य से संबंधित निर्माण एजेंसियों के प्रतिनिधि उपस्थित थे। मंत्री  सिलावट द्वारा प्रमुख रूप से नर्मदा ताप्ती कछार इंदौर, जल संसाधन विभाग उज्जैन एवं नमामि क्षिप्रे परियोजना इकाई उज्जैन में निर्माणाधीन वृहद एवं मध्यम परियोजनाओं की समीक्षा की गई. उन्होंने आगामी सिंहस्थ- 2028 से संबंधित विभागीय कार्यों कान्ह डायवर्सन क्लोज डक्ट परियोजना, सेवरखेड़ी सिलारखेड़ी परियोजना, क्षिप्रा नदी के दोनो तटो पर घाट निर्माण की विस्तृत समीक्षा कर कार्यों की प्रगति की जानकारी ली और इन सभी कार्यों को समय-सीमा में आगामी सिंहस्थ के पूर्व पूरी गुणवत्ता एवं विभागीय मापदण्ड अनुसार पूर्ण करने के निर्देश दिये। मंत्री  सिलावट द्वारा उज्जैन एवं इंदौर कछार के अंतर्गत निर्माणाधीन 14 वृहद एवं मध्यम परियोजनाओं की भी समीक्षा की गई। परियोजनाओं के पूर्ण होने पर उज्जैन, देवास, मंदसौर, नीमच, शाजापुर, झाबुआ, बुरहानपुर एवं धार जिले को लगभग 5 लाख 44 हजार हेक्टेयर में अतिरिक्त सिंचाई सुविधा उपलब्ध होगी। उन्होने सभी परियोजनाओं को निर्धारित समय सीमा में पूर्ण किये जाने, गुणवत्ता पूर्ण कार्य किये जाने के निर्देश दिये साथ ही विभागीय वरिष्ठ अधिकारियों को इन परियोजनाओं को स्वीकृत समय सीमा में पूर्ण करने के लिये विस्तृत कार्ययोजना तैयार कर प्रत्येक 15 दिन में इससे संबंधित समीक्षा किये जाने के भी निर्देश दिए। मंत्री  सिलावट द्वारा चितावद, समाकोटा बैराज, डुंगरिया बैराज, बनीहरवाखेडी बैराज, मॉं रेवा उदवहन सिंचाई परियोजना, हाट पिपलिया सूक्ष्म उदवहन सिंचाई परियोजना, कयामपुर सीतामऊ सूक्ष्म उदवहन सिंचाई परियोजना, मल्हारगढ़ दाब युक्त सूक्ष्म उदवहन सिंचाई परियोजना, रामपुरा मनासा सूक्ष्म वृहर सिंचाई परियोजना, कबूलपुर मध्यम, आहू सिंचाई परियोजना, तलवाड़ा बांध परियोजना, पांगारी, कारम मध्यम सिंचाई परियोजनाओं से सिंचाई किये जाने के लिये सार्थक प्रयास करने के निर्देश भी दिये गये।    

क्रिकेट सितारों की मौजूदगी में होगी कुलदीप यादव की शादी, मसूरी में खास इंतजाम

मसूरी उत्तराखंड की खूबसूरत पहाड़ियों में बसा मसूरी एक हाई-प्रोफाइल शादी के कारण चर्चा में है। भारतीय क्रिकेट टीम के स्पिन जादूगर कुलदीप यादव अपनी बचपन की दोस्त वंशिका के साथ मसूरी में 14 मार्च को शादी करने जा रहे हैं। मेहंदी और शादी की सभी रस्में मसूरी के ऐतिहासिक सेवॉय होटल में होंगे। इस शादी को लेकर होटल प्रबंधन और स्थानीय प्रशासन ने विशेष तैयारियां शुरू कर दी हैं। शादी में विराट कोहली, आईसीसी अध्यक्ष जय शाह समेत कई राजनीतिक, फिल्मी और खेल जगह की हस्तियां पहुंच सकती हैं। सेवॉय होटल में कर्मचारियों से होटल की तैयारियों को लेकर बातचीत की। कर्मचारियों ने हालांकि कार्यक्रम गोपनीय रखने का हवाला देते हुए ज्यादा जानकारी नहीं दी, लेकिन बताया कि वे इस हाई प्रोफाइल शादी को लेकर काफी उत्साहित हैं। मसूरी में स्थानीय लोग भी अपने चहेते क्रिकेटरों को देखने के लिए उत्सुक हैं। सूत्रों का कहना है कि समारोह में भारतीय क्रिकेट जगत, राजनीति और फिल्म इंडस्ट्री की कई बड़ी हस्तियां शामिल हो सकती हैं। मेहमानों की लंबी फेहरिस्त मेहमानों की सूची में भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार बल्लेबाज विराट कोहली और टीम इंडिया के कई क्रिकेटर्स आ सकते हैं। होटल के एक स्टाफ ने नाम न बताने की शर्त पर बताया कि शादी में शरीक होने के लिए आईसीसी अध्यक्ष जय शाह भी पहुंच सकते हैं। इतना ही नहीं उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, कई राजनीतिक हस्तियां मेहमान के तौर पर नव दंपत्ति को आशीर्वाद देने पहुंच सकते हैं। तय कार्यक्रम के अनुसार, 13 को मेहंदी और 14 को शादी के सभी कार्यक्रम सेवॉय होटल में ही होंगे। शादी समारोह के लिए मसूरी में खास इंतजाम किए गए हैं। जानकारी के मुताबिक कई वीआईपी मेहमानों को कैंम्प्टी फॉल रोड स्थित जेडी ब्लू मेरिट होटल में ठहराने की व्यवस्था की गई है। यहां सुरक्षा, खानपान और आवागमन को लेकर विशेष व्यवस्थाएं की जा रही हैं, ताकि मेहमानों को किसी तरह की असुविधा न हो। ब्रिटिश वास्तुकला के लिए प्रसिद्ध सेवॉय होटल वहीं, शादी समारोह के मुख्य कार्यक्रम ऐतिहासिक सेवॉय होटल में आयोजित होंगे। ब्रिटिशकालीन वास्तुकला के लिए प्रसिद्ध यह होटल पहले भी कई राजघरानों, राजनेताओं और अंतरराष्ट्रीय मेहमानों की मेजबानी कर चुका है। अब कुलदीप यादव की शादी के कारण एक बार फिर यह होटल सुर्खियों में है। मसूरी में उत्साह शादी को लेकर मसूरी के पर्यटन कारोबार में भी हलचल बढ़ गई है। होटल, टैक्सी और स्थानीय कारोबारियों को उम्मीद है कि इस हाई-प्रोफाइल समारोह से पर्यटन गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा। प्रशासन की ओर से ट्रैफिक और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी विशेष तैयारी की जा रही है, क्योंकि समारोह में बड़ी संख्या में वीआईपी मेहमानों के आने की संभावना है।

सीएम ने कहा, देवीपाटन शक्तिपीठ में श्रद्धालुओं की सुरक्षा-सुविधा व स्वच्छता पर रहे विशेष जोर

बलरामपुर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को बलरामपुर मंडल की समीक्षा बैठक की। मुख्यमंत्री ने विकास कार्यों, कानून व्यवस्था एवं चैत्र नवरात्रि मेला की तैयारियों को लेकर आवश्यक निर्देश भी दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि 19 मार्च से नवरात्रि प्रारंभ होने जा रही है। चैत्र नवरात्रि मेले में देवीपाटन शक्तिपीठ में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं का आमगन होता है। ऐसे में श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुगम दर्शन, पेयजल, स्वच्छता, निर्बाध विद्युत आपूर्ति और भीड़ प्रबंधन की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि नवरात्रि पर मंदिरों एवं धार्मिक स्थलों के आसपास विशेष स्वच्छता अभियान चलाया जाए तथा आवश्यकतानुसार अतिरिक्त स्वच्छताकर्मी तैनात किए जाएं। मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारी और पुलिस कप्तान से तैयारियों की जानकारी भी ली।  सीएम का सख्त निर्देश- छांगुर जैसा व्यक्ति दोबारा न पनपे सीएम योगी ने कानून व्यवस्था की समीक्षा के दौरान कहा कि हर थाना क्षेत्र में संस्थाओं के आसपास एंटी रोमियो स्क्वॉयड तैनात रहे। शोहदों, चेन स्नेचरों आदि के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाए। ऐसे लोगों की फोटो सार्वजनिक स्थलों और सोशल मीडिया पर लगाई जाए। बॉर्डर एरिया पर पुलिस एवं बीएसएफ की संयुक्त निगरानी हो। सीएम योगी ने प्रशासन व पुलिस को सख्त निर्देश दिया कि छांगुर जैसा व्यक्ति दोबारा न पनपे। ग्राम चौकीदारों को सक्रिय किया जाए, सभी जानकारी साझा की जाएं। जिला मॉनिटरिंग कमेटी की बैठक नियमित हो। सभी अपराधियों को कानून के तहत सजा दिलाई जाए, जिससे उनमें कानून का भय हो। अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक पहुंचाई जाएं सरकार की योजनाएं  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने निर्देश दिया कि मां पाटेश्वरी राज्य विश्वविद्यालय के निर्माण में तेजी लाकर इसे मई तक पूर्ण किया जाए। यूनिवर्सिटी को रिसर्च सेंटर के तौर पर भी विकसित किया जाए। उन्होंने कहा कि सीमावर्ती क्षेत्रों में थारू जनजाति एवं अन्य परिवारों को सरकार की कल्याणकारी योजनाओं से संतृप्त किया जाए। थारू जनजाति क्षेत्र में अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक सरकार की योजनाओं को पहुंचाया जाए। उन्होंने कहा कि सीएम युवा उद्यमी विकास अभियान के तहत प्रशिक्षण कराया जाए। राजस्व वादों, पैमाइश एवं विरासत के निस्तारण में तेजी लाई जाए।  प्राथमिकता से हो व्यापारियों की समस्याओं का निस्तारण  मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि मेडिकल कॉलेज में सभी औपचारिकताएं पूर्ण करते हुए नए सत्र में पढ़ाई के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं करें। शीघ्र मेडिकल की पढ़ाई शुरू कराई जाएगी। बाढ़ से बचाव के लिए अभी से तैयारी शुरू कर दी जाए। नदियों,  पहाड़ी नालों के ड्रेनेज-चैनलाइजेशन का कार्य समय से पूर्ण किया जाए। महिलाओं एवं बालिकाओं के सशक्तीकरण के लिए चलाई जा रही विशेष योजनाओं (मातृ वंदना योजना,  कन्या सुमंगला योजना, सामूहिक विवाह आदि) का लाभ हर पात्र को मिलना चाहिए। उन्होंने निर्देश दिया कि जिला उद्योग बंधु एवं व्यापारी बंधुओं की नियमित बैठकें हों और उनकी समस्याओं का प्राथमिकता से निस्तारण किया जाए।  प्रशासन का जनप्रतिनिधियों से हो बेहतर संवाद, प्रतिदिन सुनी जाए आमजन की समस्याएं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समीक्षा बैठक में कहा कि गोवंश संरक्षण स्थल को और सुदृढ़ किया जाए। सभी स्थलों पर सीसीटीवी कैमरे लगे हों और गोवंश की नियमित गणना हो। सीएम ने कहा कि विधानसभा क्षेत्र तुलसीपुर और गैसड़ी में सीएम कंपोजिट विद्यालय दिए जाएंगे। उन्होंने कहा कि सभी जनप्रतिनिधियों, आमजन व विभिन्न संस्थाओं से प्रशासन का बेहतर संवाद हो। सभी अधिकारी प्रतिदिन जनसुनवाई करें एवं आमजन की समस्या एवं शिकायत का समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करें।  स्कूल चलो अभियान की तैयारी में जुटें, बच्चों को मिल जाए ड्रेस, बैग, किताबें सीएम ने कहा कि अप्रैल से नया सत्र प्रारंभ हो रहा है। सभी बच्चों को ड्रेस, बैग, किताबें, जूते-मोजे आदि उपलब्ध करा दिया जाएं और स्कूल चलो अभियान की तैयारियां समय से पूर्ण कर ली जाएं। आंगनबाड़ी केंद्रों में बेहतर व्यवस्था हो। शिक्षा एवं स्वास्थ्य में बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर हो। मरीजों को जनपद में ही बेहतर इलाज मिले, उन्हें अन्य जनपदों में न जाना पड़े। मुख्यमंत्री ने सभी विभागों की समीक्षा कर जानी प्रगति समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री को जनपद में महिलाओं एवं बच्चों के पोषण सुधार के लिए प्रोजेक्ट संवर्धन, अतिक्रमण विरोधी अभियान, थारू जनजाति क्षेत्र में विशेष अभियान चलाकर विद्युतीकरण एवं संपर्क मार्ग बनाए जाने, आगामी सीजन हेतु सहकारी समितियों पर ऑनलाइन माध्यम से उर्वरक वितरण, कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालयों के उन्नयन,  जारवा इको टूरिज्म के विकास आदि के बारे में अवगत कराया गया। मुख्यमंत्री ने बैठक के दौरान मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान, सीएम युवा स्वरोजगार योजना, नए औद्योगिक क्षेत्र के विकास, जल जीवन मिशन,  निर्माणाधीन परियोजनाओं, रिंग रोड का निर्माण, 100 बेड की क्रिटिकल केयर यूनिट, नगर पालिका में एसटीपी का निर्माण, नगर पालिका एवं नगर पंचायत पेयजल पुनर्गठन योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, सीमावर्ती क्षेत्र में थारू जनजाति एवं अन्य परिवारों को योजनाओं से संतृप्त किए जाने, एनआरएलएम, ऑपरेशन कायाकल्प, गो संरक्षण,  टीकाकरण,  ईयर टैगिंग, पौधरोपण, आईजीआरएस समेत समस्त बिंदुओं पर प्रगति की समीक्षा की।  बैठक में विधायक पल्टूराम, कैलाश नाथ शुक्ल, राम प्रताप वर्मा, जिला पंचायत अध्यक्ष आरती तिवारी,  विधान परिषद सदस्य साकेत मिश्र,  अवधेश कुमार सिंह, बलरामपुर नगर पालिका चेयरमैन धीरेंद्र प्रताप सिंह ‘धीरू’, अपर मुख्य सचिव अमित कुमार घोष, कुलपति प्रो. रविशंकर सिंह, आयुक्त शशिभूषण लाल सुशील, एडीजी अशोक मुथा जैन, जिलाधिकारी विपिन कुमार जैन, मुख्य विकास अधिकारी हिमांशु गुप्ता, पुलिस अधीक्षक विकास कुमार व अन्य विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

89,999 रुपये में लॉन्च हुई Xiaomi 17 सीरीज, कैमरा और AI फीचर्स बने सबसे बड़ा आकर्षण

नई दिल्ली शाओमी 17 सीरीज को भारत में लॉन्‍च कर द‍िया गया है। कई द‍िनों से ये स्‍मार्टफोन्‍स चर्चा में थे। इनका ग्‍लोबल लॉन्‍च फरवरी महीने के आखिर में हुआ था। चीन में इन्‍हें पिछले साल ही पेश कर दिया गया था। अब ये भारत में भी आ गए हैं। Xiaomi 17 की शुरुआती कीमत 89999 रुपये रखी गई है, जबक‍ि अल्‍ट्रा मॉडल को खरीदने के लिए 1,29,999 रुपये चुकाने होंगे। सवाल है कि शाओमी की इस प्रीमियम सीरीज को खरीदा जाना चाहिए या नहीं। इसमें क्‍या खास है और क्‍या एवरेज, आइए जानते हैं। Xiaomi 17 Series प्राइस इन इंडिया Xiaomi 17 सीरीज के दाम 89,999 रुपये से शुरू होते हैं। अर्ली बर्ड पीरियड के तहत कंपनी 512 जीबी मॉडल को भी 256 जीबी वेरिएंट वाली कीमत में यानी 89,999 रुपये में ऑफर कर रही है। Xiaomi 17 Ultra की कीमत 1,29,999 रुपये है। एसबीआई क्रेड‍िट कार्ड्स पर 10 हजार रुपये का इंस्‍टेंट डिस्‍काउंट लिया जा सकता है। इस फोन के साथ कंपनी फोटोग्राफी किट भी लेकर आई है जिसकी कीमत 19,999 रुपये है। इन डिवाइसेज को खरीदने पर कंपनी स्‍पॉटिफाई का 4 महीने का प्रीमियम प्‍लान दे रही है। 3 महीने के लिए Google AI Pro और 3 महीने के लिए यूट्यूब प्रीमियम दिया जा रहा है। Xiaomi 17 सीरीज की सेल एमेजॉन, mi.com और Xiaomi रिटेल स्‍टोर्स पर 18 मार्च से शुरू होगी। Xiaomi 17 फीचर्स, स्‍पेसिफि‍केशंस     डिस्‍प्‍ले: 6.3 इंच क्र‍िस्‍टलरेस OLED डिस्‍प्‍ले, 120 हर्त्‍ज रिफ्रेश रेट, 3,500 निट्स पीक ब्राइटनैस, HDR10+ के साथ डॉल्‍बी विजन सपोर्ट     चिपसेट: Snapdragon 8 Elite Gen 5     रैम : 12 जीबी     स्‍टोरेज : 256 जीबी और 512 जीबी     ओएस: एंड्रॉयड 16 पर बेस्‍ड शाओमी हाइपर ओएस 3     कैमरा: 50 मेगापिक्‍सल का मेन सेंसर, 50 मेगापिक्‍सल टेलिफोटो कैमरा, 50 मेगापिक्‍सल अल्‍ट्रावाइड कैमरा     फ्रंट कैमरा: 50 मेगा‍प‍िक्‍सल     बैटरी: 6330 एमएएच, 100 वॉट चार्जिंग सपोर्ट     वजन: 191 ग्राम Xiaomi 17 अल्‍ट्रा फीचर्स, स्‍पेसिफि‍केशंस     डिस्‍प्‍ले: 6.9 इंच शाओमी हाइपर आरजीबी OLED डिस्‍प्‍ले, 120 हर्त्‍ज रिफ्रेश रेट, 3,500 निट्स पीक ब्राइटनैस, HDR10+ के साथ डॉल्‍बी विजन सपोर्ट     चिपसेट: Snapdragon 8 Elite Gen 5     रैम : 16 जीबी     स्‍टोरेज : 512 जीबी     ओएस: एंड्रॉयड 16 पर बेस्‍ड शाओमी हाइपर ओएस 3     कैमरा: 50 मेगापिक्‍सल का मेन सेंसर, 200 मेगापिक्‍सल टेलिफोटो कैमरा, 50 मेगापिक्‍सल अल्‍ट्रावाइड कैमरा     फ्रंट कैमरा: 50 मेगा‍प‍िक्‍सल     बैटरी: 6000 एमएएच, 90 वॉट चार्जिंग सपोर्ट     वजन: 219 ग्राम Xiaomi 17 और Xiaomi 17 अल्‍ट्रा में मुख्‍य फर्क Xiaomi 17 के मुकाबले अल्‍ट्रा मॉडल में बड़ा डिस्‍प्‍ले दिया गया है। परफॉर्मेंस में दोनों फोन्‍स एक जैसे हैं। कैमरों का मुख्‍य फर्क है। अल्‍ट्रा मॉडल में दिए गए 200 मेगापिक्‍सल के टेल‍िफोटो कैमरा की जूम‍िंग क्षमता काफी अधिक है बेस मॉडल से। Xiaomi 17 और Xiaomi 17 अल्‍ट्रा काे खरीदें या नहीं दोनों ही फोन में फ्लैगशि‍प फीचर्स दिए गए हैं, लेकिन कीमत बहुत ज्‍यादा महसूस हुई मुझे। इस कीमत में सैमसंग और ऐपल का मुकाबला करना बहुत मुश्किल है। इसमें कोई दो-राय नहीं कि शाओमी ने अच्‍छे फीचर्स ऑफर किए हैं। आपको अच्‍छा डिस्‍प्‍ले, परफॉर्मेंस और शानदार कैमरा चाहिए तो ये फोन न‍िराश नहीं करेंगे। लेकिन इतनी कीमत में आईफोन 17 और सैमसंग की S सीरीज के नए मॉडल भी मिल रहे हैं जो ब्रैंड के आधार पर आकर्षित ज्‍यादा करते हैं।

ईरान संकट में ‘मोजतबा खामेनेई’ का नाम क्यों सुर्खियों में? सुप्रीम लीडर की लोकेशन पर सस्पेंस

ईरान ईरान युद्ध के 12वें दिन मध्य-पूर्व में संघर्ष तेज हो गया है। एक तरफ ईरान तो दूसरी तरफ इजरायल और अमेरिका ताबड़तोड़ हमले कर रहे हैं। इस बीच, अंतरराष्ट्रीय मीडिया में एक सवाल भी तेजी से कौंध रहा है कि ईरान के नए सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई कहां हैं? ताजपोशी के कई दिनों बाद भी सार्वजनिक तौर पर मोजतबा की अनुपस्थिति ने कई बड़े सवालों और अटकलों को जन्म दिया है। कुछ रिपोर्टों में उनके घायल होने की बात कही गई है। इन अटकलों के बीच ईरानी अधिकारियों ने संकेत दिया है कि वह “सुरक्षित और स्वस्थ” हैं। ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियन के बेटे और सरकारी सलाहकार यूसुफ पेज़ेशकियन ने टेलीग्राम पर एक संदेश में कहा कि उन्होंने मोजतबा खामेनेई के घायल होने की अफवाहों की पुष्टि करने की कोशिश की थी। उन्होंने लिखा कि उनसे जुड़े लोगों ने बताया है कि “खामेनेई सुरक्षित हैं और उन्हें कोई गंभीर नुकसान नहीं हुआ है।” इस बीच, इजरायल के खुफिया अधिकारियों ने दावा किया है कि मोजतबा घायल हैं। सार्वजनिक रूप से नहीं आए सामने रविवार को ईरान का सर्वोच्च नेता बनने के बाद से मोजतबा खामेनेई ने अभी तक कोई सार्वजनिक बयान या भाषण जारी नहीं किया है। उनकी इस अनुपस्थिति से देश और विदेश में उनकी सेहत और लोकेशन को लेकर सवाल उठने लगे हैं। अमेरिकी अखबार की रिपोर्ट में तीन ईरानी अधिकारियों के हवाले से कहा गया है कि हालिया हमलों में मोजतबा खामेनेई के पैरों में चोट आई थी। रिपोर्ट के अनुसार वह फिलहाल एक अत्यंत सुरक्षित स्थान पर रह रहे हैं और सीमित संपर्क में हैं। युद्ध के बीच बढ़ती अनिश्चितता खामेनेई की हालत को लेकर अनिश्चितता ऐसे समय में है जब मिडिल ईस्ट में लड़ाई लगातार बढ़ रही है। यह लड़ाई ईरान पर US-इजरायली हमलों से शुरू हुई थी और तब से इसमें कई रीजनल एक्टर्स शामिल हो गए हैं, जिसमें मिसाइल हमले, ड्रोन इंटरसेप्शन और खाड़ी में नेवी की घटनाओं की खबरें शामिल हैं। मोजतबा खामेनेई के पिता और पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की 28 फरवरी को अमेरिकी और इजरायली हमलों में मौत हो गई थी। इसके बाद क्षेत्र में संघर्ष और तेज हो गया। क्षेत्रीय संकट गहराने की आशंका इस युद्ध के दौरान ईरान और इज़रायल के बीच मिसाइल हमले जारी हैं। वहीं सऊदी अरब सहित कई खाड़ी देशों ने अपनी सैन्य ठिकानों और तेल प्रतिष्ठानों पर किए गए मिसाइल और ड्रोन हमलों को रोकने का दावा किया है। इसके अलावा ईरान की Islamic Revolutionary Guard Corps ने यह भी कहा है कि उसने कुवैत में स्थित एक अमेरिकी सैन्य अड्डे की ओर मिसाइल दागी है, हालांकि कुवैत ने अभी इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। विश्लेषकों का मानना है कि अगर युद्ध इसी तरह जारी रहा तो इसका असर पूरे मध्य-पूर्व की सुरक्षा, ऊर्जा आपूर्ति और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है। वहीं ईरान के नए सर्वोच्च नेता की स्थिति को लेकर बनी अनिश्चितता इस संकट को और जटिल बना रही है।  

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