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MP के इस शहर में आएगा 1000 करोड़ का निवेश, उद्योगों के साथ हजारों नौकरियां होंगी पैदा

उज्जैन प्रदेश के औद्योगिक मानचित्र पर उज्जैन को नई पहचान दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। एमपीआइडीसी के क्षेत्रीय कार्यालय द्वारा विकसित किए जा रहे विक्रम् उद्योगपुरी फेज-2 का श्रीगणेश हो गया हैं। लगभग 488 हेक्टेयर क्षेत्र में विकसित होने जा रहे सबसे पहले एल्केम लेबोरेट्रीज लिमिटेड (Alkem Laboratories Limited) को 30 एकड़ भूमि आवंटित की गई है। कंपनी यहां टैबलेट, कैप्सूल और इंजेक्शन जैसे फार्मास्यूटिकल उत्पादों के निर्माण के लिए अत्याधुनिक इकाई स्थापित करेगी। यह उज्जैन को औषधि निर्माण के उभरते केंद्र के रूप में स्थापित करेगा। इस इकाई के शुरू होने से लगभग 2000 युवाओं को प्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा, जबकि परिवहन, पैकेजिंग, सप्लाई चेन और अन्य सहायक गतिविधियों के माध्यम से बड़ी संख्या में अप्रत्यक्ष रोजगार भी सृजित होंगे। 382 हेक्टेयर भूमि निर्धारित विक्रम उद्योगपुरी फेज-2 में औद्योगिक इकाइयों के लिए 382 हेक्टेयर भूमि निर्धारित की गई है, जहां सैकड़ों औद्योगिक भूखंड विकसित किए जाएंगे। इस औद्योगिक क्षेत्र के बुनियादी ढांचे के विकास पर करीब 455 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। डीएमआईसी विक्रम उद्योगपुरी लिमिटेड के बोर्ड से इन विकास कार्यों को मंजूरी मिल चुकी है। परियोजना के तहत यहां सड़क नेटवर्क, स्ट्रीट लाइट, स्टॉर्म वाटर ड्रेनेज, पेयजल आपूर्ति नेटवर्क, एलिवेटेड सर्विस रिजरवॉयर, सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट, 33 केवी और 11 केवी विद्युत लाइन, सबस्टेशन, सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट यूनिट तथा आईसीटी सुविधाएं विकसित की जाएंगी।   उल्लेखनीय है कि विक्रम उद्योगपुरी फेज-1 को करीब 773 एकड़ में विकसित किया गया था, जिसका उद्घाटन अक्टूबर 2023 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया था। यह औधोगिक टाउनशिप देश की महत्वाकांक्षी विल्ली-मुंबई इंडस्ट्रियल कॉरिडोर परियोजना का हिस्सा है। फेज-1 में सभी भूखंड आवंटित हो चुके हैं, जहां पेप्सिको, अमूल, वोल्वो-आयशर, फेना, सुधाकर पाइप्स और इस्कॉन बालाजी जैसी प्रतिष्ठित कंपनियां आ चुकी हैं। फार्मा हब की नई पहचान मिलेगी विक्रम उद्योगपुरी फेज-2 उज्जैन जिले के औधोगिक विकास में मील का पत्थर साबित होगा। यह परियोजना न केवल बड़े निवेश को आकर्षित करेगी बल्कि आने वाले समय में उज्जैन को प्रवेश के प्रमुख औधोगिक और फार्मा हब के रूप में स्थापित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।- राजेश राठौड़, कार्यकारी संचालक, एमपीआइडीसी

पिता चपरासी, बेटी ने UPSC में 113वीं रैंक प्राप्त कर सफलता की नई मिसाल कायम की

बुलंदशहर उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर से एक ऐसी खबर सामने आई है जिसने मेहनत, संघर्ष और हौसले की नई मिसाल पेश की है. यहां की बेटी ने सिविल सेवा परीक्षा में 113वीं रैंक हासिल कर न केवल परिवार का बल्कि पूरे जिले का नाम रोशन कर दिया है. शिखा एक ऐसे परिवार से आती हैं, जहां सुविधाएं बेहद कम और हौसले बहुत बड़े. उनके पिता चपरासी हैं. शिखा का रिजल्ट देखते उनके परिवार वालों के खुशी का कोई ठिकाना नहीं था।  चपरासी की बेटी बनी अधिकारी  बता दें कि बुलंदशहर में ही एक इंटर कॉलेज में शिखा के पिता चपरासी का काम करते हैं. ऐसे में शिखा का सिविल सेवा परीक्षा पास करना बहुत कठिन था. सीमित संसाधनों के बावजूद परिवार ने बेटी की पढ़ाई में कभी किसी तरह की कमी नहीं होने दी. उनकी शुरुआती पढ़ाई बुलंदशहर के गांधी बाल निकेतन कन्या इंटर कॉलेज से हुई है. इसके बाद उन्होंने IP कॉलेज से BSC की परीक्षा पास की।   पहले प्रयास में मिली निराशा  कॉलेज पूरी करने के बाद से शिखा ने दिल्ली में रहकर सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी की. दो साल तैयारी करने के बाद जब उन्होंने पहला अटेम्प्ट दिया तो उन्हें निराशा हाथ लगी. लेकिन दूसरे प्रयास में उन्होंने 113वीं रैंक हासिल की।  रिजल्ट देख खूब रोए दादा  पोती को UPSC एग्जाम में मिली सफलता की खबर जब शिखा के दादा को लगी तो, वह फूट-फूटकर रोने लगे. वहीं, शिखा के बड़े भाई ने कहा कि सिविल सेवा परीक्षा पास कर बहन ने पूरे परिवार का नाम रोशन कर दिया है. उनके माता-पिता अपनी बेटी के सफलता पर गर्व कर रहे हैं. एक बार निराशा हाथ आने के बाद भी शिखा ने हार नहीं मानी और लगातार अपने लक्ष्य के लिए मेहनत करती रहीं। 

बरेली में अग्निवीर भर्ती की तैयारी पूरी, 11 मार्च से दौड़; अभ्यर्थियों को एक दिन पहले बुलावा

बरेली भारतीय सेना 11 मार्च से अग्निवीरों की भर्ती करेगी। इसके लिए 12 जिलों के अभ्यर्थी स्थानीय जाट रेजीमेंट सेंटर पहुंचेंगे। 23 मार्च तक चलने वाली इस भर्ती के अभ्यर्थियों को तिथिवार बुलाया गया है। वे तय तिथि से एक शाम पहले जाट रेजीमेंट सेंटर पहुंचेंगे। सैन्य अधिकारी एवं जिला प्रशासन इससे संबंधित तैयारियों में जुटा है। बरेली सेना भर्ती क्षेत्र के बरेली, बहराइच, बलरामपुर, श्रावस्ती, लखीमपुर खीरी, शाहजहांपुर, सीतापुर, संभल, पीलीभीत, हरदोई, फर्रुखाबाद और बदायूं के अभ्यर्थी भर्ती में शामिल होंगे। 11 मार्च की सुबह छह बजे से दौड़ शुरू होगी। ये काम करना जरूरी बरेली के सेना भर्ती कार्यालय ने अभ्यर्थियों से अपील की कि अपने प्रवेश पत्र डाउनलोड करके रखें। जिनके प्रवेश पत्र पंजीकृत ई-मेल आइडी पर नहीं मिले, वे अभ्यर्थी सेना भर्ती कार्यालय में सुबह नौ बजे से दोपहर दो बजे के बीच संपर्क कर सकते हैं। 11 मार्च को शामिल होने वाले अभ्यर्थियों को 10 मार्च की शाम से ही जाट रेजीमेंट सेंटर परिसर में प्रवेश दिया जाएगा। वहां प्रशासन की ओर से भोजन-शयन की व्यवस्थाएं की गई हैं। अग्निवीर भर्ती रैली का कार्यक्रम     11 मार्च – टेक्निकल (सभी 12 जिले के अभ्यर्थियों के लिए)।     12 मार्च – ट्रेड्समैन (आठवीं व दसवीं) (सभी 12 जिले के अभ्यर्थियों के लिए तथा अग्निवीर (क्लर्क/एसकेटी) (सभी 12 जिले के अभ्यर्थियों के लिए)।     13 मार्च – जनरल ड्यूटी-बहराइच, बलरामपुर, श्रावस्ती और लखीमपुर खीरी जिले के अभ्यर्थियों के लिए।     14 मार्च – जनरल ड्यूटी-शाहजहांपुर और सीतापुर जिले के अभ्यर्थियों के लिए।     15 मार्च – जनरल ड्यूटी- संभल और पीलीभीत जिले के अभ्यर्थियों के लिए।     16 मार्च – जनरल ड्यूटी- हरदोई जिले के अभ्यर्थियों के लिए।     17 मार्च – जनरल ड्यूटी- फर्रुखाबाद जिले के अभ्यर्थियों के लिए।     18 मार्च – जनरल ड्यूटी- बदायूं जिले के अभ्यर्थियों के लिए।     19 मार्च – जनरल ड्यूटी- बरेली जिले के अभ्यर्थियों के लिए  

अदृश्य दुश्मनों के हमलों से न्यायपालिका संकट में, इंटरपोल से सहयोग की मांग

रायपुर अदालतों को मिल रहे लगातार धमकी भरे ई-मेल ने सुरक्षा एजेंसियों की नींद उड़ा दी है। अदालत परिसरों की सुरक्षा बढ़ा दी गई है, लेकिन जांच एजेंसियों के हाथ अब तक खाली होने से उनके साइबर सुरक्षा तंत्र और तकनीकी क्षमता पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। इसे देखते हुए अब इन अदृश्य दुश्मनों का सुराग लगाने के लिए ही इंटरपोल से मदद ली जा रही है। राज्य साइबर सेल की ओर से इस संबंध में अब पहल की गई है। जिला अदालतों को बम से उड़ाने की धमकी भरे ई-मेल देश के विभिन्न राज्यों की अदालतों के साथ ही बिलासपुर हाई कोर्ट, रायपुर, दुर्ग और कोरबा जैसी जिला अदालतों को बम से उड़ाने की धमकी भरे ई-मेल भेजे गए थे। एक महीने से अधिक का समय बीत जाने के बाद भी स्थिति यह है कि जांच एजेंसियों के पास ठोस सुराग के नाम पर कुछ भी नहीं है। अत्याधुनिक डिजिटल हथियारों का उपयोग किया राज्य पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं के तहत मामले तो दर्ज किए हैं, लेकिन एनआइए से लेकर साइबर सेल तक की सक्रियता के बावजूद नतीजा सिफर (शून्य) है। जांच में यह बात सामने आई है कि ई-मेल भेजने वाले ने अपनी पहचान छिपाने के लिए वीपीएन (वर्चुअल प्राइवेट नेटवर्क) और टोर (ओपन-सोर्स साफ्टवेयर) ब्राउजर जैसे अत्याधुनिक डिजिटल हथियारों का उपयोग किया है। विदेशी सर्वर पर स्थित कंपनियों से डेटा प्राप्त करने में होने वाली महीनों की देरी और इंटरपोल की लंबी कागजी प्रक्रिया ने जांच की रफ्तार को पूरी तरह कुंद कर दिया है। संसाधनों का अभाव बनी चुनौती पुलिस मुख्यालय के अधिकारी यह स्वीकार करते हैं कि हमारे पास फिलहाल ऐसी कोई स्पेशल रिस्पांस टीम नहीं है, जो अंतरराष्ट्रीय सर्वर के पीछे छिपे अपराधियों को 24 घंटे के भीतर बेनकाब कर सके। अदालतों के बाहर सघन चेकिंग, बैग स्कैनिंग और अतिरिक्त सुरक्षा घेरे के कारण लोग और वकील परेशान हैं। सिर्फ शरारत मान लेना बड़ी चूक अब तक कोई अप्रिय घटना नहीं होने के कारण जांच एजेंसियां इसे सिर्फ डराने वाली शरारत के रूप में देख रही हैं। लेकिन विदेशी धरती से बैठकर देश की संवैधानिक संस्थाओं को चुनौती देना किसी बड़ी साजिश का हिस्सा हो सकता है। मामले की तह तक जाना राज्य की सुरक्षा के लिए अनिवार्य है। विशेषज्ञों की कमी पर हाई कोर्ट जता चुका है नाराजगी बिलासपुर हाई कोर्ट ने पिछले दिनों साइबर एक्सपर्ट्स की नियुक्तियां न होने पर नाराजगी जताई थी। गृह विभाग की ओर से जवाब दिया गया कि भर्ती प्रक्रिया जारी है, लेकिन बम की इन धमकियों ने यह साफ कर दिया है कि डिजिटल सुरक्षा के क्षेत्र में हम कितने पीछे हैं। जब तक राज्य में उच्चस्तरीय साइबर विशेषज्ञ और त्वरित डेटा रिकवरी तंत्र नहीं होगा, तब तक अदृश्य अपराधी इसी तरह हमारी व्यवस्था को चुनौती देते रहेंगे। भविष्य में ऐसी धमकियां और गंभीर रूप ले सकती हैं विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसी घटनाएं केवल सुरक्षा एजेंसियों की तकनीकी क्षमता ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर साइबर सहयोग की आवश्यकता को भी रेखांकित करती हैं। यदि समय रहते अत्याधुनिक उपकरण, प्रशिक्षित विशेषज्ञ और त्वरित डेटा एक्सेस व्यवस्था विकसित नहीं की गई, तो भविष्य में ऐसी धमकियां और गंभीर रूप ले सकती हैं।

Heat Wave का खतरा बढ़ा: भारत के 417 जिले हाई रिस्क में, रात का तापमान भी बना चिंता

नई दिल्ली भारत में क्लाइमेट चेंज का असर अब सिर्फ “चिलचिलाती दोपहर” तक ही सीमित नहीं है, बल्कि “घुटन भरी रातें” और “बढ़ती नमी” भी बड़ी आबादी के लिए जानलेवा खतरा बन रही हैं। काउंसिल ऑन एनर्जी, एनवायरनमेंट एंड वॉटर (CEEW) की तरफ से जारी की गई नई स्टडी, “बहुत ज्यादा गर्मी भारत पर कैसे असर डाल रही है: जिला-लेवल हीट रिस्क का आकलन 2025”, ने चौंकाने वाले तथ्य सामने लाए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, भारत के 57 प्रतिशत ज़िले, जहां देश की 76 प्रतिशत आबादी रहती है, अब बहुत ज़्यादा से लेकर बहुत ज्यादा गर्मी के खतरे का सामना कर रहे हैं। यह स्टडी पहली बार 35 इंडिकेटर्स के आधार पर 734 ज़िलों का डिटेल्ड एनालिसिस करती है, जो 1982 से 2022 तक बदलते ट्रेंड्स को दिखाता है। हीट ‘हॉटस्पॉट’: दिल्ली और महाराष्ट्र लिस्ट में सबसे ऊपर CEEW डेटा के मुताबिक, देश के 417 जिले ‘हाई रिस्क’ कैटेगरी में हैं, जबकि 201 जिलों में मीडियम रिस्क है। सबसे ज्यादा गर्मी के खतरे वाले टॉप 10 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की लिस्ट इस तरह है: दिल्ली, आंध्र प्रदेश, गोवा, केरल, महाराष्ट्र, गुजरात, राजस्थान, कर्नाटक, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश दिलचस्प और चिंता की बात यह है कि यह खतरा सिर्फ़ शहरी इलाकों तक ही सीमित नहीं है। जहाँ दिल्ली, मुंबई, हैदराबाद और बेंगलुरु जैसे आर्थिक केंद्र खतरे में हैं, वहीं महाराष्ट्र, केरल, उत्तर प्रदेश और बिहार के ग्रामीण ज़िले, जहाँ खेती करने वाले मज़दूर खुले आसमान के नीचे काम करने को मजबूर हैं, भी ज़्यादा खतरे में हैं। रातें दिनों से ज्यादा खतरनाक स्टडी की सबसे डरावनी बात ‘गर्म रातों’ (बहुत ज़्यादा गर्म रातें) में बढ़ोतरी है। रिपोर्ट से पता चलता है कि पिछले एक दशक (2012-2022) में, लगभग 70 प्रतिशत ज़िलों में हर गर्मी के मौसम में कम से कम पाँच और बहुत ज़्यादा गर्म रातें दर्ज की गई हैं। “साइंस साफ़ है—हम अब बहुत ज़्यादा, लंबे समय तक चलने वाली गर्मी और खतरनाक रूप से गर्म रातों के दौर में आ गए हैं।” जब रात का टेम्परेचर नॉर्मल से काफ़ी ज़्यादा रहता है, तो इंसान के शरीर को दिन की गर्मी से उबरने का समय नहीं मिलता, जिससे हीट स्ट्रोक और दिल की बीमारी का खतरा बढ़ जाता है। डेटा के मुताबिक, गर्म दिनों के मुकाबले गर्म रातें बहुत तेज़ी से बढ़ रही हैं। उत्तर भारत में बढ़ती ह्यूमिडिटी उत्तर भारत के ज़िले, जिन्हें पहले सूखा माना जाता था, अब तटीय इलाकों के बराबर ह्यूमिडिटी महसूस कर रहे हैं। पिछले दस सालों में इंडो-गैंगेटिक मैदानों में रिलेटिव ह्यूमिडिटी में 10 परसेंट की बढ़ोतरी देखी गई है। बदलाव: कानपुर, जयपुर, दिल्ली और वाराणसी जैसे शहरों में ह्यूमिडिटी का लेवल 30-40 परसेंट से बढ़कर 40-50 परसेंट हो गया है। असर: ज्यादा ह्यूमिडिटी की वजह से महसूस होने वाला टेम्परेचर असल टेम्परेचर से 3-5 डिग्री सेल्सियस ज़्यादा हो जाता है। इससे शरीर के पसीना निकलने के नैचुरल कूलिंग प्रोसेस में रुकावट आती है, जिससे नॉर्मल टेम्परेचर भी जानलेवा हो जाता है। आगे का रास्ता: डिस्ट्रिक्ट लेवल पर हीट एक्शन प्लान CEEW में सीनियर प्रोग्राम लीड, डॉ. विश्वास चिताले ने ज़ोर दिया कि लोकल लेवल पर हीट एक्शन प्लान लागू करने का समय आ गया है। महाराष्ट्र, ओडिशा और गुजरात जैसे राज्यों ने इस दिशा में कदम उठाए हैं, लेकिन इसे नेशनल लेवल पर बढ़ाने की जरूरत है। मुख्य सुझाव:     फाइनेंशियल मदद: 2024 में हीटवेव को डिजास्टर कैटेगरी में शामिल किए जाने के साथ, राज्य अब स्टेट डिज़ास्टर मिटिगेशन फंड का इस्तेमाल कर सकते हैं।     समाधान: नेट-जीरो कूलिंग शेल्टर, कूल रूफ और अर्ली वार्निंग सिस्टम को ज़रूरी करें।     डेटा अपडेट: हीट एक्शन प्लान में सिर्फ टेम्परेचर ही नहीं, बल्कि रात में होने वाली गर्मी और ह्यूमिडिटी का डेटा भी शामिल करें।     यह रिपोर्ट साफ करती है कि बहुत ज़्यादा गर्मी अब भविष्य की चेतावनी नहीं है, बल्कि आज की एक त्रासदी है, जिससे निपटने के लिए पॉलिसी और स्ट्रक्चरल बदलावों की जरूरत है।  

असम में सीट शेयरिंग ने BJP की मुश्किलें बढ़ाईं, NDA के साथी अब फ्रेंडली फाइट के मूड में

गुवाहाटी असम में 2026 की चुनावी बिसात बिछ चुकी है, लेकिन सत्तापक्ष और विपक्ष दोनों ही खेमों के भीतर सीटों के गणित को लेकर तनातनी कम होने का नाम नहीं ले रही है। गठबंधन की राजनीति के इस दौर में सहयोगी दलों की बढ़ती महत्वाकांक्षाओं ने रणनीतिकारों की नींद उड़ा दी है। हालात यह हैं कि कई निर्वाचन क्षेत्रों में गठबंधन के सहयोगियों के बीच ही ‘मैत्रीपूर्ण मुकाबला’ होने की संभावना प्रबल हो गई है। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार एक तरफ विकास के दावों के साथ मैदान में है, वहीं दूसरी ओर उसे अपने सहयोगियों असम गण परिषद (AGP) और बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट (BPF) को संतुष्ट रखने की बड़ी चुनौती का सामना करना पड़ रहा है। असम गण परिषद (AGP) 2014 से भाजपा की वफादार साथी रही है। इस बार अपनी हिस्सेदारी बढ़ाने के लिए दबाव बना रही है। पिछले 2021 के चुनावों में एजीपी ने 29 सीटों पर दांव आजमाया था, जिनमें से 26 पर उसने अकेले चुनाव लड़ा और 3 सीटों पर भाजपा के साथ दोस्ताना मुकाबला किया था। अंततः पार्टी 9 सीटें जीतने में सफल रही थी। इस बार एजीपी के जमीनी कार्यकर्ताओं की मांग है कि पार्टी को अधिक सीटों पर मौका मिलना चाहिए, जिससे भाजपा की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने संकेत दिया है कि एजीपी के साथ शुरुआती दौर की चर्चा शुरू हो चुकी है और 9 या 10 मार्च तक सीटों का अंतिम खाका तैयार हो सकता है। हालांकि, जब उनसे सहयोगियों की बढ़ती मांगों के बारे में पूछा गया तो उन्होंने स्पष्ट किया कि वे किसी औपचारिक मांग से अवगत नहीं हैं, लेकिन उन्होंने ‘फ्रेंडली फाइट’ की संभावना से इनकार भी नहीं किया। बोडोलैंड का पेच गठबंधन की सबसे पेचीदा स्थिति बोडोलैंड क्षेत्र में देखने को मिल रही है। यूनाइटेड पीपुल्स पार्टी लिबरल (UPPL) ने अपनी आक्रामक रणनीति का ऐलान करते हुए 21 सीटों पर चुनाव लड़ने की घोषणा कर दी है। इनमें से 15 सीटें बोडोलैंड टेरिटोरियल काउंसिल (BTC) क्षेत्र की हैं और 6 सीटें उससे बाहर की हैं। सबसे बड़ी बाधा यह है कि बीपीएफ (BPF) और यूपीपीएल (UPPL) के बीच की कड़वाहट खत्म होने का नाम नहीं ले रही। दोनों दलों ने साफ कर दिया है कि वे न तो साथ चुनाव लड़ सकते हैं और न ही किसी सीट-शेयरिंग फॉर्मूले पर सहमत होंगे। यह स्थिति भाजपा के लिए सिरदर्द बन गई है, क्योंकि उसे इन दोनों क्षेत्रीय ताकतों के बीच संतुलन बनाना है। विपक्ष की एकजुटता दूसरी ओर सत्ता से बाहर कांग्रेस के नेतृत्व वाला विपक्षी गठबंधन खुद को एक मजबूत विकल्प के रूप में पेश करने की कोशिश कर रहा है। विधानसभा चुनाव 2026 को लेकर चार प्रमुख विपक्षी दलों ने हाथ मिलाया है और संयुक्त अभियान शुरू करने की योजना बनाई है। असम प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गौरव गोगोई ने गठबंधन की एकजुटता पर जोर देते हुए कहा कि सभी सहयोगी दल जल्द ही पूरे राज्य में समन्वयित अभियान बैठकें करेंगे। गोगोई ने कहा, “हमारे पास केवल 30 दिन बचे हैं और ये 30 दिन असम के भविष्य के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। हमें एकजुट होकर जनता के बीच जाना होगा।” विपक्ष के लिए सबसे बड़ी चुनौती यह है कि वे कितनी जल्दी अपनी सीटों का बंटवारा कर पाते हैं, ताकि प्रचार के आखिरी दिनों में कोई आंतरिक कलह सामने न आए। जैसे-जैसे नामांकन की तारीखें नजदीक आ रही हैं, असम की राजनीति में गठबंधन धर्म और क्षेत्रीय महत्वाकांक्षाओं के बीच का संघर्ष गहराता जा रहा है। जहां भाजपा के लिए अपने सहयोगियों की नाराजगी को दूर करना एक बड़ी परीक्षा है, वहीं विपक्ष के लिए 30 दिनों के भीतर एक साझा और प्रभावी नैरेटिव तैयार करना आसान नहीं होगा।

एयर ट्रैवल अपडेट: 29 मार्च से राजा भोज एयरपोर्ट से मुंबई की सीधी फ्लाइट नहीं मिलेगी

भोपाल राजा भोज इंटरनेशनल एयरपोर्ट से 29 मार्च से शुरू हो रहे समर शेड्यूल में इस बार फ्लाइट बढ़ाने की बजाए कम होने जा रही हैं। एयर इंडिया एवं इंडिगो एयरलाइंस ने मुंबई के लिए एक उड़ान बंद करने की घोषणा की है। इसके अलावा इंडिगो एयरलाइंस ने गोवा और अहमदाबाद के डायरेक्ट फ्लाइट की जल्द समीक्षा कर इसे भी बंद करने के संकेत दिए हैं। इंडिगो एयरलाइंस एकमात्र नई उड़ान नवी मुंबई के लिए शुरू करने जा रही है। गर्मियों की छुट्टी में जब लोग टूरिस्ट डेस्टिनेशन जाने के लिए अपना प्रोग्राम बना रहे हैं, उसी वक्त विमानन कंपनियों द्वारा भोपाल से फ्लाइट कनेक्टिविटी कम किए जाने से निराशा का माहौल है। एयरपोर्ट प्रबंधन के मुताबिक युद्ध की आशंका के चलते और कमजोर यात्री संख्या के कारण फिलहाल विमानन कंपनियां किसी भी फ्लाइट एक्सटेंशन पर विचार नहीं कर रही हैं। इंडिगो ने नवी मुंबई के लिए स्लॉट, किराया 5 हजार इंडिगो ने नवी मुंबई के लिए स्लॉट भी ले लिया है और फ्लाइट का शेड्यूल जारी कर दिया गया है। यात्रियों के लिए इस उड़ान की बुकिंग भी शुरू कर दी गई है। इस नई उड़ान का शुरुआती किराया लगभग चार से पांच हजार रुपए के बीच रखा गया है। नवीं मुंबई के लिए नई उड़ान शुरू करने के साथ ही इंडिगो ने भोपाल से मुंबई जाने वाली अपनी एक उड़ान बंद करने का निर्णय लिया है। इसके बाद 29 मार्च से भोपाल और मुंबई के बीच इंडिगो की केवल एक ही उड़ान संचालित होगी।   पर्याप्त यात्रियों के बावजूद कटौती भोपाल से गोवा और अहमदाबाद की उड़ानों को बंद करने का प्रस्ताव भी सामने आया है। गोवा की उड़ान करीब छह महीने पहले ही शुरू की गई थी, इसलिए इसे बंद किए जाने के कारण स्पष्ट नहीं हो पाए हैं। ट्रेवल एजेंटों के अनुसार गोवा की इस उड़ान को लगभग 80 प्रतिशत यात्रियों का लोड मिल रहा था।

पहचान बचानी है तो अभी उठाओ आवाज़” — आदिवासियों से उमंग सिंघार की बड़ी अपील

“If you want to save your identity, raise your voice now” – Umang Singhar’s big appeal to the tribals भोपाल। आदिवासी धर्म कोड की मांग को लेकर मध्यप्रदेश की राजनीति एक बार फिर गर्मा गई है। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने आदिवासी समाज को संबोधित करते हुए कहा कि अब समय आ गया है कि सभी आदिवासी एकजुट होकर अपनी पहचान की लड़ाई लड़ें। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर अभी मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और देश के अन्य राज्यों के आदिवासी समाज ने अलग धर्म कोड की मांग के लिए बड़ी संख्या में आवेदन नहीं भेजे, तो आने वाले समय में आदिवासियों की पहचान किसी दूसरे धर्म की श्रेणी में दर्ज कर दी जाएगी। सिंघार ने कहा कि यह सिर्फ एक मांग नहीं बल्कि आदिवासी अस्मिता, संस्कृति और परंपरा को बचाने का सवाल है। उन्होंने आदिवासी भाई-बहनों से अपील करते हुए कहा कि ज्यादा से ज्यादा संख्या में फॉर्म भरकर राष्ट्रपति महोदया तक अपनी आवाज़ पहुँचाएँ, ताकि देश में आदिवासी समाज को उसका अलग धार्मिक और सांस्कृतिक दर्जा मिल सके। उन्होंने कहा कि अगर आज समाज एकजुट होकर अपनी आवाज़ नहीं उठाएगा तो आने वाली पीढ़ियों को अपनी पहचान बचाने के लिए और बड़ी लड़ाई लड़नी पड़ेगी। इसलिए हर आदिवासी परिवार को आगे आकर इस मुहिम का हिस्सा बनना होगा।

9 मार्च 2026 राशिफल: किस राशि को मिलेगा लाभ, किसे रहना होगा सावधान? पढ़ें आज का भविष्यफल

मेष राशि- आज का दिन थोड़ा व्यस्त रह सकता है। कामकाज में कुछ नए काम अचानक सामने आ सकते हैं, जिससे शुरुआत में दबाव महसूस हो सकता है। हालांकि आपकी मेहनत और समझदारी से चीजें धीरे-धीरे संभल जाएंगी। ऑफिस में किसी जरूरी काम की जिम्मेदारी मिल सकती है। पैसों के मामले में अनावश्यक खर्च से बचना बेहतर रहेगा। परिवार के साथ समय बिताने से मन हल्का महसूस करेगा। सेहत के मामले में थकान हो सकती है, इसलिए आराम जरूर करें। वृषभ राशि- आज वृषभ राशि के लोगों के लिए दिन सामान्य से बेहतर रह सकता है। कामकाज में आपकी मेहनत का अच्छा परिणाम देखने को मिल सकता है। ऑफिस में वरिष्ठ आपकी बातों को महत्व दे सकते हैं। आर्थिक मामलों में स्थिति संतुलित रह सकती है, लेकिन खर्च पर थोड़ा ध्यान देना जरूरी होगा। परिवार के साथ समय अच्छा बीतेगा और किसी पुराने मित्र से बातचीत भी हो सकती है। सेहत सामान्य रहेगी। मिथुन राशि- मिथुन राशि के जातकों के लिए आज का दिन नई उम्मीदें लेकर आ सकता है। कामकाज में कुछ अच्छे अवसर मिल सकते हैं। ऑफिस में सहकर्मियों का सहयोग मिलने से काम आसानी से पूरे हो सकते हैं। पैसों के मामले में सोच-समझकर कदम बढ़ाना बेहतर रहेगा। परिवार के साथ समय बिताने से मन खुश रहेगा। सेहत के मामले में खानपान का ध्यान रखें। कर्क राशि- आज कर्क राशि वालों के लिए दिन संतुलित रह सकता है। कामकाज में धीरे-धीरे प्रगति देखने को मिल सकती है। किसी पुराने काम को पूरा करने का मौका मिल सकता है। आर्थिक मामलों में स्थिति सामान्य रहेगी, लेकिन किसी बड़े खर्च से पहले सोच लेना बेहतर होगा। परिवार का साथ आपको मानसिक सुकून देगा। सेहत के मामले में लापरवाही न करें। सिंह राशि- सिंह राशि के लोगों के लिए आज का दिन थोड़ा भागदौड़ भरा रह सकता है। कामकाज में व्यस्तता बढ़ सकती है और कुछ नई जिम्मेदारियां भी मिल सकती हैं। ऑफिस में अपनी बात समझदारी से रखें। पैसों के मामले में जल्दबाजी में कोई फैसला लेने से बचें। परिवार के साथ समय बिताने से मन को सुकून मिलेगा। सेहत के मामले में खानपान का ध्यान रखें। कन्या राशि- कन्या राशि वालों के लिए आज का दिन योजनाओं पर काम करने का हो सकता है। कार्यक्षेत्र में आपकी मेहनत का असर दिख सकता है। कोई नया काम शुरू करने का विचार भी बन सकता है। पैसों के मामले में स्थिति संतुलित रह सकती है। किसी दोस्त या परिचित से मुलाकात मन को खुश कर सकती है। सेहत सामान्य रहेगी, लेकिन थकान महसूस हो सकती है। तुला राशि- आज तुला राशि के लोगों के लिए दिन सहयोग और समझदारी का रहेगा। कामकाज में सहकर्मियों का साथ मिलेगा जिससे काम आसान हो सकता है। किसी पुराने काम को पूरा करने का मौका मिल सकता है। पैसों के मामले में थोड़ा संयम रखना बेहतर रहेगा। परिवार में खुशी का माहौल बना रह सकता है। सेहत सामान्य रहेगी। वृश्चिक राशि- वृश्चिक राशि वालों के लिए आज का दिन सोच-समझकर फैसले लेने का रहेगा। कामकाज में स्थिरता बनी रह सकती है और धीरे-धीरे प्रगति के संकेत मिल सकते हैं। पैसों के मामले में अनावश्यक खर्च से बचना बेहतर होगा। परिवार के साथ बातचीत से कई बातों का हल निकल सकता है। रिश्तों में मधुरता बनाए रखने की कोशिश करें। सेहत का ध्यान रखें। धनु राशि- धनु राशि के लोगों के लिए आज का दिन नई ऊर्जा के साथ शुरू हो सकता है। कामकाज में मन लगेगा और कुछ अच्छे अवसर भी मिल सकते हैं। ऑफिस में आपकी मेहनत की सराहना हो सकती है। आर्थिक मामलों में स्थिति ठीक रह सकती है। परिवार के साथ समय बिताने से मन प्रसन्न रहेगा। सेहत सामान्य रहेगी। मकर राशि- मकर राशि वालों के लिए आज का दिन प्रगति की ओर इशारा कर सकता है। कार्यक्षेत्र में आपके प्रयासों का सकारात्मक असर दिख सकता है। कोई नई योजना बनाने का विचार भी आ सकता है। पैसों के मामले में स्थिति पहले से बेहतर हो सकती है। परिवार का सहयोग आपके लिए महत्वपूर्ण रहेगा। सेहत के मामले में लापरवाही न करें। कुंभ राशि- कुंभ राशि के लोगों के लिए आज का दिन सामान्य और शांत रह सकता है। कामकाज में धीरे-धीरे आगे बढ़ने का मौका मिलेगा। किसी जरूरी काम को पूरा करने की योजना बन सकती है। पैसों के मामले में संतुलन बनाए रखना जरूरी होगा। परिवार के साथ समय बिताने से मन हल्का महसूस करेगा। सेहत सामान्य रहेगी। मीन राशि- मीन राशि वालों के लिए आज का दिन सकारात्मक रह सकता है। कामकाज में आपकी मेहनत का अच्छा परिणाम मिल सकता है। ऑफिस में सहयोगियों का साथ मिलेगा। पैसों के मामले में स्थिति संतुलित रह सकती है। परिवार के साथ समय बिताने से मन खुश रहेगा। सेहत को लेकर ज्यादा चिंता करने की जरूरत नहीं है।    

भारत के वर्ल्ड कप विनर बनने पर पीएम मोदी ने दी बधाई, जबरदस्त स्किल्स, टीमवर्क की जीत

नई दिल्ली प्रधानमंत्री मोदी ने टीम इंडिया को टी20 वर्ल्डकप जीत पर बधाई दी। उन्होंने सोशल मीडिया साइट पर लिखा, “आईसीसी पुरुष टी20 विश्व कप जीतने पर भारतीय टीम को हार्दिक बधाई! यह शानदार जीत असाधारण कौशल, दृढ़ संकल्प और टीम वर्क का प्रतीक है। उन्होंने पूरे टूर्नामेंट में उत्कृष्ट साहस का प्रदर्शन किया है। इस जीत ने हर भारतीय के दिल को गर्व और खुशी से भर दिया है। शाबाश, टीम इंडिया!” नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने भी दी बधाई लोकसभा नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने भी टीम इंडिया को टी20 वर्ल्डकप जीत पर बधाई दी। सोशल मीडिया साइट एक्स पर उन्होंने लिखा, “एक बार फिर चैंपियन। हमारी भारतीय टीम के लिए यह एक शानदार जीत थी, जिसमें संजू सैमसन और जसप्रीत बुमराह के पूरे टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन के लिए विशेष सराहना। टीम इंडिया को घरेलू मैदान पर ट्रॉफी बरकरार रखने और देश को एक और अविस्मरणीय पल देने के लिए बधाई।”  

19 नवंबर का बदला: जिस मैदान पर टूटा था दिल, वहीं भारत बना टी20 वर्ल्ड कप चैंपियन

अहमदाबाद न्यूजीलैंड के कप्तान मिचेल सैंटनर का अहमदाबाद में भीड़ को खामोश करने का सपना सपना ही रह गया। उनकी हसरत थी कि जिस तरह पैट कमिंस की कप्तानी वाली ऑस्ट्रेलिया ने ट्रेविस हेड की खूंखार बल्लेबाजी की बदौलत वनडे वर्ल्ड कप के फाइनल में दुनिया के सबसे बड़े स्टेडियम को सन्नाटे से भर दिया था, कीवी भी कुछ वैसा ही करेंगे। लेकिन ये नहीं हुआ। नरेंद्र मोदी स्टेडियम में 19 नवंबर 2023 को करोड़ों दिलों को तोड़ने वाली उस हार की याद भले ही नहीं मिट सकती, लेकिन अब भारत ने उसी मैदान में टी20 विश्व कप जीतकर उस कड़वी याद को पीछे छोड़ दिया है। टीम इंडिया ने न्यूजीलैंड को 96 रन से हराकर तीसरी बार टी20 विश्व कप पर कब्जा किया है। इसके साथ ही भारत ने हिस्ट्री रिपीट भी की और डिफीट भी। एक साथ कई सारे ऐसे कारनामे किए जो वर्ल्ड कप इतिहास में पहली बार हुए। पहली बार किसी टीम के तीनों टॉप बल्लेबाजों ने फिफ्टी+ बनाए भारत ने संजू सैमसन, अभिषेक शर्मा और ईशान किशन के तूफानी अर्धशतकों और शिवम दुबे के विस्फोटक 26 रनों की बदौलत विश्व कप फाइनल में न्यूजीलैंड के खिलाफ 5 विकेट पर 255 रन का विशाल स्कोर बनाया। संजू सैमसन लगातार तीसरे मैच में शतक के करीब पहुंचकर चूके। वेस्टइंडीज के खिलाफ वर्चुअल क्वार्टर फाइनल में नाबाद 97, इंग्लैंड के खिलाफ सेमीफाइनल में 89 रन की पारियों के बाद फाइनल में न्यूजीलैंड के खिलाफ सिर्फ 46 गेंद में 89 रन की पारी खेली। अभिषेक शर्मा भी अपने चिरपरिचित अंदाज में दिखे। जिम्बाब्वे के खिलाफ मैच को छोड़कर हर मैच में फ्लॉप चलते आ रहे शर्मा फाइनल में लय में आ ही गए। उन्होंने 21 गेंद में 52 रन की पारी खेली। पूरे विश्व कप में शानदार प्रदर्शन करते आ रहे ईशान किशन ने भी सिर्फ 25 गेंद में 54 रन ठोक डाले। टी20 विश्व कप के इतिहास में पहली बार किसी टीम के टॉप ऑर्डर के तीन बल्लेबाजों ने फिफ्टी प्लस का स्कोर खड़ा किया। जवाब में जसप्रीत बुमराह और अक्षर पटेल की कातिल गेंदबाजी के सामने न्यूजीलैंड की बल्लेबाजी ने घुटने टेक दिए। कीवी टीम 19 ओवर में 159 रन पर ऑलआउट हो गई। इस तरह भारत ने 96 रनों के विशाल अंतर से टी20 विश्व कप का फाइनल जीत गया। बुमराह ने 4 और अक्षर पटेल ने 3 विकेट लिए। हार्दिक पांड्या, वरुण चक्रवर्ती और अभिषेक शर्मा ने 1-1 विकेट हासिल किए। पहली बार किसी ने बैक टु बैक टी20 विश्व कप जीता- हिस्ट्री रिपीट भारत ने 2024 टी20 विश्व कप जीतने की कहानी दोहराकर हिस्ट्री रिपीट कर दिया। पहली बार किसी टीम ने बैक टु बैक टी20 विश्व कप जीता। पहली बार किसी डिफेंडिंग चैंपियन ने टी20 विश्व कप जीता। 2024 में रोहित शर्मा की कप्तानी में टीम इंडिया ने विश्व विजय किया था तो उसके अगले विश्व कप यानी 2026 में सूर्यकुमार की अगुआई में वो कारनामा दोहराया गया। पहली बार किसी मेजबान ने जीता- हिस्ट्री डिफीट टी20 विश्व कप के इतिहास में इससे पहले किसी मेजबान देश ने ट्रॉफी नहीं जीती थी। इस बार भारत और श्रीलंका ने टी20 विश्व कप की सहमेजबानी की। पहली बार किसी देश ने अपनी ही सरजमीं पर टी20 विश्व कप की ट्रॉफी उठाई है। ठीक वैसे ही, जैसे 2011 में पहली बार किसी मेजबान देश ने वनडे विश्व कप को अपने नाम किया था। टी20 और वनडे विश्व कप दोनों में ही भारत ने ‘हिस्ट्री डिफीट’ की। किसी मेजबान के विश्व कप नहीं जीत पाने की हिस्ट्री को बदलकर रख दिया। पहली बार किसी टीम ने 3 बार टी20 विश्व कप अपने नाम किया टीम इंडिया ने तीसरी बार टी20 विश्व कप को अपने नाम किया है। पहली बार किसी टीम ने तीन बार टी20 विश्व कप को जीता है। भारत ने सबसे पहले 2007 के पहले टी20 विश्व कप को जीता था। उसके बाद 2024 में जीता और अब 2026 में भी अपना परचम लहराया है। इससे पहले तक भारत सबसे ज्यादा बार टी20 विश्व कप जीतने के मामले में संयुक्त रूप से शीर्ष पर था और अब तीसरे विश्व कप ट्रॉफी के साथ अकेले शीर्ष पर मौजूद है। ऑस्ट्रेलिया और वेस्टइंडीज ने 2-2 बार टी20 विश्व कप जीता है।

फाइनल में सैमसन का जलवा: सबसे बड़ा स्कोर ठोककर मार्लन सैमुअल्स का 10 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ा

अहमदाबाद भारतीय टीम के सलामी बल्लेबाज संजू सैमसन ने टी20 विश्व कप के फाइनल में अपने करियर की सबसे यादगार पारियों में से एक खेली है। वह टी20 विश्व कप के फाइनल के इतिहास में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज बन गए हैं। संजू सैमसन ने नरेंद्र मोदी स्टेडियम में आखिरी मुकाबले में 46 गेंद में 89 रन बनाए। उन्होंने वेस्टइंडीज के मार्लन सैमुअल्स का रिकॉर्ड तोड़ा, जिन्होंने 2016 में खेले गए टी20 विश्व कप में ये रिकॉर्ड अपने नाम किया था। भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 5 विकेट खोकर 255 रन बनाए हैं। संजू फाइनल में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बैटर संजू सैमसन टी20 विश्व कप के इतिहास में फाइनल में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज बन गए हैं। संजू सैमसन ने न्यूजीलैंड के खिलाफ खिताबी मुकाबले में अभिषेक शर्मा के साथ धमाकेदार शुरुआत की। दोनों के बीच पहले विकेट के लिए 98 रन की साझेदारी हुई। संजू 46 गेंद में 8 छक्के और पांच चौके की मदद से 89 रन बनाए। इसके साथ ही उन्होंने टी20 विश्व कप के फाइनल में सर्वाधिक रन बनाने वाले बैटर रहे मार्लन सैमुअल्स को पीछे छोड़ दिया है। मार्लन सैमुअल्सने नाबाद 85 रन बनाए थे। वेस्टइंडीज के धाकड़ बल्लेबाज मार्लन सैमुअल्स ने 2016 में वेस्टइंडीज के खिलाफ ये स्कोर बनाया था। तीसरे नंबर पर केन विलियमसन हैं, जिन्होंने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 2021 में 85 रन की दमदार पारी खेली। मार्लेन सैमुल्स ने 2012 में खेले गए विश्व कप में श्रीलंका के खिलाफ टी20 विश्व कप फाइनल में 78 रन बनाए थे। भारत ने संजू सैमसन (89 रन), अभिषेक शर्मा (52 रन) और ईशान किशन (54 रन) के अर्धशतकों से रविवार को टी20 विश्व कप के फाइनल में न्यूजीलैंड के खिलाफ पांच विकेट पर 255 रन बनाए। सैमसन ने अभिषेक के साथ पहले विकेट के लिए 98 रन की और दूसरे विकेट के लिए किशन के साथ 105 रन की भागीदारी निभाई। सैमसन ने 46 गेंद की पारी में पांच चौके और आठ छक्के जड़े। अभिषेक ने 18 गेंद में अर्धशतक जड़ा जो टी20 विश्व कप नॉकआउट मैच का और इस चरण का सबसे तेज अर्धशतक भी है।  

विश्व क्रिकेट में भारत का दबदबा, न्यूजीलैंड को हराकर तीसरी बार टी20 वर्ल्ड कप जीता

नई दिल्ली भारतीय टीम रविवार को न्यूजीलैंड को टी20 विश्व कप के फाइनल में हराकर चैंपियन बन गई है। अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेले गए मुकाबले में भारत ने न्यूजीलैंड को 96 रनों से करारी शिकस्त दी। भारत ने संजू सैमसन, अभिषेक शर्मा, ईशान किशन और आखिरी में शिवम दुबे की तेजतर्रार पारी की बदौलत 20 ओवर में 5 विकेट खोकर 255 रन बनाए। इसके जवाब में न्यूजीलैंड की टीम ने नियमित अंतराल पर विकेट गंवाए और 19 ओवर में सभी विकेट खोकर 159 रन ही बना सकी। भारत के लिए जसप्रीत बुमराह ने 4, अक्षर पटेल ने तीन विकेट लिए। भारत ने लगातार दूसरी बार टी20 विश्व कप का खिताब अपने नाम किया है। वहीं भारतीय टीम तीन बार टी20 विश्व कप ट्रॉफी जीतने वाली टीम बन गई है। आईसीसी मेंस टी20 वर्ल्ड कप 2026 का फाइनल मुकाबला इंडिया और न्यूजीलैंड के बीच खेला जा रहा है। न्यूजीलैंड की टीम के कप्तान मिचेल सैंटनर ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया, लेकिन भारतीय ओपनर्स ने न्यूजीलैंड के गेंदबाजों के धागे खोल दिए। पावरप्ले में ही अभिषेक शर्मा ने अपना अर्धशतक पूरा कर लिया था। वहीं, भारतीय टीम ने 6 ओवर में बिना विकेट खोए 92 रन बनाए। बाद में संजू सैमसन और ईशान किशन के बल्ले से अर्धशतक आए। शिवम दुबे ने आखिरी ओवर में 24 रन बटोरे और कुल 255 रन 5 विकेट खोकर भारत ने बनाए। अब न्यूजीलैंड को 256 रनों का टारगेट मिला है। अभिषेक ने 18 गेंदों में अर्धशतक पूरा किया, लेकिन 21 गेंदों में 52 रन बनाकर वे आउट हो गए। हालांकि, भारत को तब तक दमदार शुरुआत मिल चुकी थी। सैमसन ने 33 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा किया, जो इस टी20 विश्व कप में उनका लगातार तीसरा अर्धशतक है। संजू फिर से 89 रनों की पारी खेलकर आउट हुए। ईशान किशन ने 23 गेंदों में अर्धशतक पूरा किया, लेकिन वे 54 रन की पारी खेलकर आउट हो गए। सूर्या का खाता नहीं खुला और हार्दिक ने सिर्फ 18 रन बनाए। शिवम दुबे ने 8 गेंदों में 26 रन बनाए। 256 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी न्यूजीलैंड की शुरुआत अच्छी नहीं रही। टीम ने तीसरे ओवर में पहला विकेट गंवाया। फिल एलन 7 गेंद में नौ रन ही बना सके। रचिन रविंद्र दो गेंद में ही एक रन ही बना पाए। ग्लेन फिलिप्स ने 5 गेंद में 5 रन बनाए। मार्क चैपमैन 8 गेंद में तीन रन ही बना सके। टिम साइफर्ट ने 26 गेंद में ताबड़तोड़ 52 रन बनाए। NZ 159/8 (19 ओवर)* IND 255/5 (20 ओवर)

16 बैलिस्टिक मिसाइलें, 117 ड्रोन से हमला: ईरान की कार्रवाई से दहला UAE, जॉर्डन के एयरबेस को भी नुकसान

नई दिल्ली ईरान ने रविवार को क्षेत्रीय तनाव को और बढ़ाते हुए यूएई पर 16 बैलिस्टिक मिसाइलें और 117 ड्रोन दागे । इसके साथ ही जॉर्डन के एक प्रमुख एयरबेस को भी निशाना बनाए जाने की खबर है। ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया कि यह हमला उसके जारी सैन्य अभियान ऑपरेशन ऑनेस्ट प्रॉमिस 4 का हिस्सा है। इजरायली शहरों के साथ‑साथ जॉर्डन पर भी हमला आईआरजीसी के अनुसार, ताजा हमलों में तेल अवीव और बेएरशेवा जैसे इजरायली शहरों के साथ‑साथ जॉर्डन के अल‑अज्राक एयरबेस को लक्ष्य बनाया गया। ईरानी सरकारी मीडिया ने बताया कि यह अभियान मिसाइलों की नई पीढ़ी से अंजाम दिया गया। इसी बीच, लेबनान के एक अधिकारी ने बताया कि बढ़ते संघर्ष के बीच 117 ईरानी नागरिकों को शनिवार‑रविवार की रात रूसी विमान से बेरूत से निकाला गया। जिनमें राजनयिक और दूतावास कर्मचारी शामिल हैं, हालात तेजी से बिगड़ते दिख रहे हैं और पूरे क्षेत्र में अलर्ट बढ़ा दिया गया है।  

पन्ना में बना संरक्षण का मंच, MP के पहले वन्यजीव-केंद्रित CSR कॉन्क्लेव में उद्योग और वन विभाग की साझेदारी

पन्ना मध्य प्रदेश के पन्ना टाइगर रिजर्व में राज्य का पहला वन्यजीव-केंद्रित कॉर्पोरेट सामाजिक दायित्व (सीएसआर) कॉन्क्लेव आयोजित किया गया। मध्य प्रदेश वन विभाग और मध्य प्रदेश टाइगर फाउंडेशन सोसाइटी के संयुक्त तत्वावधान में 6 और 7 मार्च को आयोजित इस दो दिवसीय कार्यक्रम में औद्योगिक विकास और पर्यावरण संरक्षण को साथ लेकर आगे बढ़ने पर जोर दिया गया। प्राकृतिक सुंदरता से भरपूर पन्ना टाइगर रिजर्व में आयोजित इस कॉन्क्लेव में देश की कई प्रमुख कंपनियों के प्रतिनिधियों और वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया। कार्यक्रम का उद्देश्य कॉर्पोरेट क्षेत्र को वन्यजीव संरक्षण, जैव विविधता और प्राकृतिक आवासों की सुरक्षा में सहभागी बनाना था। नीति निर्माताओं और विशेषज्ञों ने साझा किए विचार कॉन्क्लेव में मध्य प्रदेश शासन के प्रमुख सचिव (वन) संदीप यादव, प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख तथा मुख्य वन्यजीव अभिरक्षक शुभ रंजन सेन, अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव) एल. कृष्णमूर्ति, अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक (भूमि प्रबंधन) एच. एस. मोहंता और अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं चीता परियोजना के क्षेत्र संचालक उत्तम शर्मा सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। इसके अलावा राज्य के सभी टाइगर रिजर्व के क्षेत्र संचालक, वन विहार राष्ट्रीय उद्यान, मुकुंदपुर चिड़ियाघर और गांधीसागर वन्यजीव अभयारण्य के प्रतिनिधियों ने भी कार्यक्रम में भाग लिया। इस मंच पर वन्यजीव संरक्षण से जुड़े मुद्दों, नीतियों और भविष्य की योजनाओं पर चर्चा की गई। जमीनी स्तर पर संरक्षण कार्यों का कराया अवलोकन कॉन्क्लेव के दौरान कॉर्पोरेट प्रतिनिधियों को सफारी के माध्यम से पन्ना टाइगर रिजर्व का भ्रमण कराया गया। इस दौरान उन्होंने वन सुरक्षा, शिकार विरोधी शिविरों की कार्यप्रणाली और वन कर्मचारियों द्वारा की जा रही चौबीसों घंटे निगरानी व्यवस्था को करीब से देखा। प्रतिनिधियों को घास के मैदानों के पुनरुद्धार, सौर ऊर्जा से संचालित बोरवेल के जरिए जल स्रोतों के प्रबंधन तथा लैंटाना और वन तुलसी जैसी आक्रामक खरपतवार प्रजातियों को हटाकर प्राकृतिक वनस्पतियों को पुनर्जीवित करने के प्रयासों की जानकारी भी दी गई। सीएसआर दान पोर्टल का हुआ शुभारंभ कॉन्क्लेव के दौरान सीएसआर दान पोर्टल की भी शुरुआत की गई, जिससे कॉर्पोरेट संस्थाएं पारदर्शी और डिजिटल प्रक्रिया के माध्यम से वन्यजीव संरक्षण कार्यों में सहयोग कर सकेंगी। कार्यक्रम के समापन पर आर्थिक विकास और प्राकृतिक संसाधनों की सुरक्षा को साथ लेकर आगे बढ़ने का संकल्प लिया गया।

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