LATEST NEWS

गैराज से सीधे बड़े पर्दे तक: ‘बैटल ऑफ गलवान’ में सलमान खान की विंटेज जीप और ‘मैं हूं’ गाने में सुपरस्टार का निजी जुड़ाव

हैदराबाद,  सुपरस्टार सलमान खान की बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘बैटल ऑफ गलवान’ का नया रोमांटिक गाना “मैं हूं” इन दिनों सोशल मीडिया पर धूम मचा रहा है। वैलेंटाइन डे पर रिलीज हुआ यह गाना तेजी से युवाओं के बीच ‘लव एंथम’ बन चुका है। गाने के विजुअल्स में सलमान खान का बेहद सौम्य और रोमांटिक अंदाज नजर आ रहा है, जहाँ वे समुद्र किनारे और खूबसूरत वादियों में नजर आ रहे हैं। लेकिन इस गाने की सबसे बड़ी खासियत वह पुरानी जीप है जिसे सलमान खुद चला रहे हैं। दर्शकों को लग रहा था कि यह किसी फिल्म सेट का हिस्सा है, लेकिन इसके पीछे की कहानी काफी दिलचस्प और व्यक्तिगत है। फिल्म के करीबी सूत्रों ने खुलासा किया है कि गाने में दिखाई दे रही 1941 फोर्ड विलीज मिलिट्री जीप असल में सलमान खान के निजी कलेक्शन का हिस्सा है। ऑटोमोबाइल और दुर्लभ विंटेज गाड़ियों के प्रति अपने गहरे लगाव के लिए मशहूर सलमान ने इस सीन को असल टच देने के लिए अपनी पसंदीदा गाड़ी का इस्तेमाल करने का फैसला किया। आमतौर पर बड़े बजट की फिल्मों में गाड़ियाँ प्रोडक्शन द्वारा अरेंज की जाती हैं, लेकिन सलमान का यह चुनाव इस गाने को उनके फैंस के लिए और भी खास और यादगार बना देता है। यह जीप युद्ध की पृष्ठभूमि वाली इस फिल्म के थीम के साथ भी पूरी तरह मेल खाती है। ‘बैटल ऑफ गलवान’ फिल्म का निर्देशन अपूर्व लाखिया कर रहे हैं और इसे ‘सलमान खान फिल्म्स’ के बैनर तले सलमा खान द्वारा प्रोड्यूस किया गया है। फिल्म की कहानी भारतीय सेना के अदम्य साहस, वीरता और बलिदान पर आधारित है, जिसमें सलमान के साथ चित्रांगदा सिंह भी मुख्य भूमिका में नजर आएंगी। यह गाना “मैं हूं” फिल्म के भावनात्मक पक्ष को दर्शाता है, जबकि फिल्म का मुख्य हिस्सा युद्ध के मैदान में लचीलेपन और देशभक्ति को समर्पित है। फिल्म की शूटिंग पूरी होने के करीब है और जल्द ही इसके आधिकारिक ट्रेलर की घोषणा की जा सकती है।  

जब होली श्मशान में मनाई जाती है: भीलवाड़ा की परंपरा जहाँ मौत के बीच उड़ती है राख, नहीं गुलाल

भीलवाड़ा जहां देशभर में धुलंडी पर रंग और गुलाल उड़ते हैं, वहीं राजस्थान के भीलवाड़ा में होली की एक अनोखी और दार्शनिक परंपरा निभाई जाती है। यहां रंगों से नहीं, बल्कि चिता की भस्म से होली खेली जाती है वह भी आधी रात को श्मशान में। पिछले 17 वर्षों से चली आ रही यह परंपरा अब शहर की विशिष्ट पहचान बन चुकी है। यह आयोजन शहर के पंचमुखी मोक्षधाम स्थित प्राचीन मसानिया भैरवनाथ बाबा मंदिर में होता है। मान्यता है कि इसकी शुरुआत काशी के मणिकर्णिका घाट की तर्ज पर की गई थी, जहां जीवन और मृत्यु का दर्शन एक साथ होता है। होलिका दहन की रात लगभग सवा 11 बजे बाबा भैरवनाथ की पालकी मंदिर से निकलती है। ढोल-नगाड़ों, शंखनाद और जयकारों के बीच शोभायात्रा पंचमुखी मोक्षधाम के श्मशान क्षेत्र की ओर बढ़ती है। करीब सवा 12 बजे पालकी चिता स्थल पर पहुंचती है, जहां कंडों की विशेष होली जलाई जाती है। इसके बाद परिजनों की अनुमति से एकत्र की गई चिता की भस्म को गुलाल की तरह हवा में उड़ाया जाता है और श्रद्धालु बाबा भैरवनाथ के साथ भस्म की होली खेलते हैं। श्मशान की नीरवता के बीच जब “बोलो बाबा भैरवनाथ की जय” के जयकारे गूंजते हैं, तो वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा से भर उठता है। मंदिर के पुजारी रवि कुमार के अनुसार, “यह परंपरा भय उत्पन्न करने के लिए नहीं, बल्कि मृत्यु के भय को समाप्त करने के लिए है। राख हमें याद दिलाती है कि शरीर नश्वर है और आत्मा अमर। इसलिए यहां की होली केवल उत्सव नहीं, बल्कि जीवन-दर्शन है। श्रद्धालुओं का विश्वास है कि भस्म की होली खेलने से अकाल मृत्यु का भय दूर होता है, नकारात्मक शक्तियां समाप्त होती हैं और मानसिक बल मिलता है। यही कारण है कि इस अनूठे आयोजन में शामिल होने के लिए लोग पूरे वर्ष प्रतीक्षा करते हैं। इस आयोजन में केवल भीलवाड़ा ही नहीं, बल्कि आसपास के जिलों और अन्य राज्यों से भी श्रद्धालु पहुंचते हैं। महिलाएं, बच्चे और युवा सभी श्रद्धा भाव से इसमें भाग लेते हैं। धार्मिक मान्यता के अनुसार, काशी के मणिकर्णिका घाट के बाद देश में भीलवाड़ा ऐसा दूसरा स्थान माना जाता है, जहां चिता भस्म से होली खेली जाती है। यही वजह है कि यह आयोजन अब धार्मिक पर्यटन का केंद्र भी बनता जा रहा है। जहां ब्रज की लट्ठमार होली और राजस्थान की कोड़ा-मार होली प्रसिद्ध हैं, वहीं भीलवाड़ा की यह श्मशान होली अपनी विशिष्ट पहचान रखती है। यहां रंगों की चकाचौंध नहीं, बल्कि जीवन के अंतिम सत्य का साक्षात्कार होता है। राख से सना शरीर और गूंजते जयकारे यह संदेश देते हैं कि होली केवल रंगों का त्योहार नहीं, बल्कि जीवन और मृत्यु के संतुलन का भी पर्व है।

HRA में संशोधन की तैयारी! सिटी कैटेगरी बदलने पर 8वें वेतन आयोग से क्या उम्मीदें?

नई दिल्ली केंद्रीय कर्मचारियों को आठवें वेतन आयोग की सिफारिशों का इंतजार है। ये सिफारिशें लागू होने में करीब डेढ़ साल लग जाएंगे। इस वेतन आयोग से कर्मचारियों के संगठन की डिमांड शुरू हो गई है। कर्मचारियों के संगठन को बेसिक सैलरी से लेकर महंगाई भत्ते तक में बड़े बदलाव की उम्मीद है। माना जा रहा है कि यह वेतन आयोग केवल सैलरी बढ़ोतरी तक सीमित नहीं रहेगा बल्कि यह ग्रामीण और शहरी कर्मचारियों के बीच के अंतर को भी प्रभावित कर सकता है। HRA (हाउस रेंट अलाउंस) का अंतर आठवां वेतन आयोग HRA (हाउस रेंट अलाउंस) में बड़े संशोधन कर सकता है। खासतौर पर शहरी क्षेत्रों में किराया, परिवहन, शिक्षा और स्वास्थ्य खर्च अपेक्षाकृत अधिक होते हैं। ऐसे में यदि HRA की दरों में संशोधन होता है तो शहरी कर्मचारियों को बड़ा फायदा मिलेगा। इसके उलट, ग्रामीण क्षेत्रों में जीवन-यापन की लागत कम होने के कारण वेतन वृद्धि का वास्तविक लाभ बचत के रूप में ज्यादा दिख सकता है। सिटी कैटेगरी पर भी पड़ेगा असर? आठवें वेतन आयोग में शहरों के कैटेगरी को लेकर भी अपडेट आ सकता है। बता दें कि 7वें वेतन आयोग में शहरों को X, Y और Z कैटेगरी में बांटा गया था। अगर 8वां वेतन आयोग इस वर्गीकरण में बदलाव करता है, तो छोटे शहरों और कस्बों के कर्मचारियों को अतिरिक्त फायदा मिल सकता है। ट्रैवल अलाउंस यानी TA में भी बढ़ोतरी की उम्मीद है। क्या है डिमांड हाल ही में National Council (स्टाफ साइड) की अहम बैठक में 8वें वेतन आयोग से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक के केंद्र में वेतन संरचना, पदोन्नति नीति, वार्षिक वेतनवृद्धि और पेंशन सुधार जैसे विषय रहे। 8वें वेतन आयोग द्वारा वेबसाइट पर पूछे गए 18 सवालों के जवाब तय समयसीमा के भीतर भेजने पर सहमति बनी है। अगले 10 से 15 दिनों में सभी कर्मचारी संगठनों की मांगों को समेटते हुए एक साझा ज्ञापन तैयार किया जाएगा, जिसे आयोग की अध्यक्ष जस्टिस रंजना देसाई को सौंपा जाएगा। पेंशन पर क्या डिमांड? बैठक में फिटमेंट फैक्टर को लेकर भी व्यापक चर्चा हुई। संगठनों की मांग है कि कर्मचारियों और लगभग 68 लाख पेंशनरों/पारिवारिक पेंशनरों के लिए समान फिटमेंट फैक्टर लागू किया जाए। प्रतिनिधियों ने नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) और यूनिफाइड पेंशन सिस्टम (UPS) को समाप्त कर पुरानी पेंशन योजना (OPS) बहाल करने की पुरानी मांग दोहराई। कर्मचारी संगठनों ने प्रत्येक कर्मचारी को सेवा अवधि में कम से कम पांच पदोन्नति सुनिश्चित करने की मांग रखी। स्वास्थ्य सुविधाओं के तहत CGHS से वंचित शहरों में कर्मचारियों को वर्तमान में 1,000 रुपये मासिक भत्ता मिलता है। कर्मचारी संगठनों ने इसे बढ़ाकर 20,000 रुपये प्रति माह करने की मांग की है। साथ ही इंटरनेट जैसी आवश्यक सेवाओं के लिए भत्ता शामिल करने का प्रस्ताव भी रखा गया।  

मायापुरी में सक्रिय लुटेरा गैंग पर पुलिस का शिकंजा, पांच बदमाश गिरफ्तार

पश्चिमी दिल्ली पश्चिमी दिल्ली के मायापुरी थाना पुलिस ने पिस्टल के बल पर लूटपाट करने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने इस गिरोह के पांच आरोपितों को दबोचकर उनके कब्जे से अवैध हथियार और चोरी के वाहन बरामद किए हैं। उपायुक्त डी शरद भास्कर ने बताया कि इस कार्रवाई से पुलिस ने क्षेत्र में सक्रिय अपराधियों के नेटवर्क को तोड़ने की कोशिश की है। पकड़े गए आरोपितों पहचान निखिल (23), मोहम्मद आमिर (19), संदीप कश्यप (26), सूरज चौपाल उर्फ चौपाल (21) और रोशन उर्फ कालू (24) के रूप में हुई है। 26 फरवरी को मायापुरी इलाके में लूट की एक वारदात की सूचना मिली थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएचओ मोहिंदर पाल के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई, टीम ने घटनास्थल के आसपास के दर्जनों सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली और अपराधियों के भागने के रूट का पता लगाया। तकनीकी सर्विलांस और गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस ने छापेमारी कर पांचों आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने पकड़े गए आरोपितों की तलाशी के दौरान उनके कब्जे से एक देसी पिस्टल, 06 जिंदा कारतूस, जनकपुरी इलाके से चोरी की गई एक स्कूटी बरामद की है। पुलिस ने इनकी गिरफ्तारी से दो महत्वपूर्ण आपराधिक मामलों को सुलझाने का दावा किया है। इनमें से एक मामला मायापुरी में हुई हालिया लूट का है, जबकि दूसरा मामला जनकपुरी से स्कूटी चोरी से जुड़ा है। पुलिस अब इन आरोपितों से गहन पूछताछ कर रही है ताकि इनके अन्य साथियों और पिछली वारदातों के बारे में जानकारी जुटाई जा सके।  

‘किसकी मंजूरी से?’ डीएमएफ फंड के कार्यों पर अफसरों के खिलाफ सांसद-विधायकों का तीखा सवाल

गरियाबंद जिला खनिज न्यास (डीएमएफ) समिति की बैठक सोमवार को लंबे अंतराल के बाद आयोजित हुई, लेकिन शुरुआत से ही माहौल गरमा गया। अफसरों द्वारा पिछली कार्ययोजना का एजेंडा प्रस्तुत किया जा रहा था कि इसी दौरान सांसद रूप कुमारी चौधरी ने कड़ी आपत्ति जताते हुए बैठक में नाराजगी जाहिर की। उन्होंने अफसरों पर आरोप लगाया कि जनप्रतिनिधियों को विश्वास में लिए बिना कार्य आबंटन किया जा रहा है। सांसद ने बैठक में यहां तक पूछ लिया कि जिन कार्यों को स्वीकृति दी गई, वे आखिर किस समिति के अनुमोदन से पारित हुए। उनके तेवर देख बैठक का माहौल तनावपूर्ण हो गया। भाजपा विधायक रोहित साहू भी इस मुद्दे पर मुखर नजर आए। उन्होंने पेयजल संकट से निपटने के लिए प्रस्तावित व्यवस्थाओं की अनदेखी पर नाराजगी जताई। विधायक ने कहा कि आदिवासी क्षेत्रों में बोर खनन के लिए 500 फीट खुदाई बताई जा रही है, जबकि कई स्थानों पर 700 फीट से अधिक खुदाई की आवश्यकता है। भारी क्षमता वाली मशीनें लगाने की मांग भी अनसुनी की गई, जिससे पेयजल समस्या जस की तस बनी हुई है। जिला पंचायत अध्यक्ष गौरी शंकर ने भी आदिवासी बहुल गांवों की सड़क और पुल कनेक्टिविटी की मांगों की अनदेखी का मुद्दा उठाया। बैठक में कलेक्टर भगवान सिंह उइके, जिला पंचायत सीईओ प्रखर चंद्राकर सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद थे। जनप्रतिनिधियों की तीखी प्रतिक्रिया के बीच बैठक का माहौल असहज हो गया। सूत्रों के मुताबिक, डीएमएफ के लगभग 22 करोड़ रुपये के बजट में से अब तक करीब 7 करोड़ रुपये के कार्य स्वीकृत और निष्पादित किए जा चुके हैं। इनमें बोर खनन, शौचालय निर्माण, स्प्रिंकलर और पावर स्पेयर जैसे कार्य शामिल हैं। आरोप यह भी है कि जेम पोर्टल की आड़ में कुछ बड़े कार्यों की मंजूरी और आवंटन में प्रभावशाली हस्तक्षेप रहा, जबकि समिति सदस्यों की प्राथमिकताओं को अपेक्षित महत्व नहीं मिला। हालांकि जिला पंचायत सीईओ प्रखर चंद्राकर ने स्वीकार किया कि जनप्रतिनिधियों की मांग के अनुरूप कार्यों को मंजूरी नहीं मिलने से नाराजगी की स्थिति बनी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनके कार्यकाल में अब तक इस मद से कोई नया कार्य स्वीकृत नहीं हुआ है। बजट शेष है और आगामी दिनों में मांग के अनुरूप कार्यों को स्वीकृति देने की बात कही गई है। कलेक्टर भगवान सिंह उइके से पक्ष जानने के लिए संपर्क किया गया, लेकिन कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं मिल सकी। वहीं सांसद रूप कुमारी चौधरी की प्रतिक्रिया के लिए भी प्रयास किए गए, परंतु उनका जवाब नहीं आया। उनके निज सहायक सौम्य रंजन ने अधिकृत मीडिया प्रभारी के माध्यम से प्रेस नोट जारी करने की बात कही है। होली से ठीक पहले जिला पंचायत सभागार में उठे इस हंगामे ने डीएमएफ फंड के उपयोग और पारदर्शिता को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना होगा कि जनप्रतिनिधियों की नाराजगी के बाद कार्य अनुमोदन सूची में किस प्रकार के बदलाव किए जाते हैं।

योगी सरकार ने भर्तियों को लेकर विभागों को भेजा अहम निर्देश, आरक्षण पर विपक्ष को नहीं मिलेगा अवसर

लखनऊ   उत्तर प्रदेश में भर्तियों में आरक्षितों को कम कोटा मिलने के विवाद को पूरी तरह से खत्म करने की तैयारी है। आरक्षित पदों की संख्या तय होने के बाद ही भर्तियां की जाएंगी। विभागों को रिक्तियों का प्रस्ताव भेजने से पहले अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति अन्य पिछड़ा वर्ग और ईडब्ल्यूएस के पदों को स्पष्ट करना होगा। जरूरी हुआ तो इसके लिए आयोगों के साथ विभागों द्वारा बैठक भी की जाएगी, जिससे भर्तियों को लेकर कोई पेंच न फंसे। दरअसल 69000 शिक्षक भर्ती हो या लेखपाल की भर्ती यूपी की विपक्षी पार्टियों ने लगातार इसमें आरक्षण के नियमों का पालन नहीं करने का सरकार पर आरोप लगाते हुए इसे मुद्दा बनाया था। इसी वजह से मामला हाईकोर्ट से सुप्रीम कोर्ट तक भी पहुंचा है। एनडीए की सहयोगी पार्टियों ने भी कई बार इशारों में आरक्षण को लेकर अपनी ही सरकार को घेरने की कोशिश की है। ऐसे में सरकार इस बार किसी को कोई मौका नहीं देना चाहती है। ओबीसी के कम पद का लगा था आरोप उत्तर प्रदेश में हर साल हजारों की संख्या में भर्तियां हो रही हैं। राज्य सरकार ने भर्तियों के लिए उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग, उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग, उत्तर प्रदेश विद्युत सेवा आयोग, उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग, उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड और उत्तर प्रदेश सहकारी संस्थागत सेवा मंडल बनाया गया है। सबसे अधिक भर्तियां लोक सेवा आयोग और अधीनस्थ सेवा चयन आयोग करता है। यूपी में पिछले कुछ भर्ती विज्ञापनों को लेकर आपत्तियां जताई गईं। इसमें कहा गया है कि कुल रिक्तियों में ओबीसी के लिए कम पद तय किए जा रहे हैं। लेखपाल भर्ती को लेकर हुए था बवाल उत्तर प्रदेश में 7994 लेखपाल पदों की भर्ती में ओबीसी के लिए निर्धारित 27% आरक्षण में 1441 पद मिलने पर बड़ा बवाल हुआ था। सपा और अन्य दलों ने इसे आरक्षण में कटौती बता करारा हमला किया था। विरोध के बाद पदों की संख्या बढ़ाई गई। शासन इसीलिए चाहता है कि भर्ती के लिए विज्ञापन निकाले जाने से पहले पदों की गिनती पूरी तरह से कर ली जाएगी। इसमें देखा जाएगा कि आरक्षण के मुताबिक पदों का बंटवारा किया गया है या नहीं। आरक्षण के पालन का निर्देश शासन की ओर से आयोगों को भेजे गए पत्र में कहा गया है कि राज्य के अधीन सेवाओं में अनुमन्य ऊर्ध्वाधर यानी वर्टिकल और क्षैतिज आरक्षण की व्यवस्थाओं का मानक के अनुरूप पालन किया जाए। उत्तर प्रदेश लोक सेवा (अनुसूचित जातियों, जनजातियों एवं अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षण) अधिनियम-2020 में दी गई व्यवस्था को पूरी तरह से पालन किया जाएगा। साथ ही आरक्षण अधिनियम में दी गई वर्टिकल आरक्षण व्यवस्था पूरी तरह से पालन किया जाएगा, जिससे कोई विवाद न होने पाए।

विकास पर फोकस: पुष्कर सिंह धामी का दावा – 21वीं सदी का तीसरा दशक उत्तराखंड के लिए निर्णायक

देहरादून उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य के विकास को लेकर बड़ा संकल्प दोहराया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा बाबा केदारनाथ धाम से किए गए ऐलान के अनुसार 21वीं सदी का तीसरा दशक उत्तराखंड का दशक होगा, और राज्य सरकार इसी दिशा में तेजी से काम कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा, “हम सब मिलकर, एकता और आपसी मेलजोल से उत्तराखंड को देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाने के लक्ष्य के साथ आगे बढ़ेंगे। यह दशक विकास, सुशासन और जनभागीदारी का दशक होगा।” विकास, एकता और जनसहभागिता पर जोर धामी ने अपने संबोधन में कहा कि राज्य के सर्वांगीण विकास के लिए बुनियादी ढांचे, पर्यटन, रोजगार सृजन और निवेश को प्राथमिकता दी जा रही है। उन्होंने प्रदेशवासियों से अपील की कि वे आपसी सहयोग और समन्वय के साथ राज्य निर्माण में भागीदार बनें। ‘उत्तराखंड का दशक’ बनाने का संकल्प मुख्यमंत्री ने दोहराया कि यह सिर्फ एक नारा नहीं, बल्कि सामूहिक संकल्प है। सरकार का उद्देश्य है कि आने वाले वर्षों में उत्तराखंड शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यटन और औद्योगिक विकास के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को छुए। उन्होंने विश्वास जताया कि केंद्र और राज्य सरकार के समन्वित प्रयासों से उत्तराखंड देश के अग्रणी राज्यों में अपनी पहचान और मजबूत करेगा।

राजौरी में संदिग्ध गुब्बारा बरामद, PIA लिखे विमान आकार ने बढ़ाई सुरक्षा एजेंसियों की चिंता

राजौरी जिला राजौरी के थाना धर्मसाल के अंतर्गत आने वाले सरहोटी क्षेत्र में सोमवार दोपहर करीब दो बजे एक हवाई जहाज के आकार का गुब्बारा मिलने से क्षेत्र में कुछ समय के लिए हलचल मच गई। लाल और सफेद रंग के इस गुब्बारे पर उर्दू भाषा में कुछ शब्द लिखे हुए थे तथा उस पर पीआईए भी अंकित पाया गया। सूचना मिलते ही पुलिस ने मौके पर पहुंचकर गुब्बारे को अपने कब्जे में ले लिया। एहतियातन सीमांत इलाकों में अलर्ट जारी करते हुए स्थानीय लोगों को हर संदिग्ध गतिविधि पर नजर रखने के लिए कहा। किसी भी तरह की संदिग्ध हलचल दिखने पर नजदीकी पुलिस स्टेशन में संपर्क करने की सलाह भी दी। प्राप्त जानकारी के अनुसार, स्थानीय लोगों ने सरहोटी गांव के समीप खुले क्षेत्र में हवाई जहाज की आकृति वाला गुब्बारा पड़ा देखा। गुब्बारा लाल और सफेद रंग का था और उस पर उर्दू में लिखावट के साथ पीआईए शब्द स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा था। संदिग्ध वस्तु को देखकर कुछ लोगों ने एहतियातन तुरंत इसकी सूचना पुलिस को दी। सुरक्षित तरीके से अपने कब्जे में लिया गुब्बारा सूचना मिलते ही पुलिस पोस्ट त्रियाठ की टीम मौके पर पहुंची और स्थिति का जायजा लिया। प्राथमिक जांच के बाद गुब्बारे को सुरक्षित तरीके से अपने कब्जे में ले लिया गया। पुलिस ने आसपास के क्षेत्र का भी निरीक्षण किया ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि वहां कोई अन्य संदिग्ध वस्तु तो नहीं है। स्थानीय लोगों ने बताया कि गुब्बारा हवा के साथ उड़कर इस क्षेत्र में आ सकता है। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि गुब्बारा कहां से आया और किस उद्देश्य से छोड़ा गया था। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि मामले की जांच की जा रही है और सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने सतर्क रहने की दी सलाह घटना की सूचना मिलते ही सुरक्षा एजेंसियां भी सतर्क हो गईं। हालांकि प्रारंभिक तौर पर इसे साधारण गुब्बारा बताया जा रहा है, फिर भी एहतियात के तौर पर इसे कब्जे में लेकर जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि किसी भी प्रकार की अफवाह से बचने की आवश्यकता है और स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है। इस घटना के बाद कुछ समय के लिए स्थानीय लोगों में जिज्ञासा और हल्की चिंता देखी गई, लेकिन पुलिस द्वारा त्वरित कार्रवाई किए जाने से स्थिति सामान्य हो गई। प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि यदि उन्हें किसी भी प्रकार की संदिग्ध वस्तु दिखाई दे तो वे तुरंत इसकी सूचना नजदीकी पुलिस थाना, सेना या प्रशासन को दें और स्वयं उससे छेड़छाड़ न करें। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि मामले में जांच जारी है और यदि आवश्यक हुआ तो संबंधित एजेंसियों से भी सहयोग लिया जाएगा। फिलहाल क्षेत्र में शांति बनी हुई है और जनजीवन सामान्य रूप से चल रहा है।  

राज्यसभा चुनाव: नितिन नवीन को टिकट, BJP की घोषणा के बाद बिहार के दूसरे कैंडिडेट पर नजर

नई दिल्ली भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन राज्यसभा जाएंगे। वे भाजपा के बिहार से राज्यसभा उम्मीदवार बनाए गए हैं। वहीं, भाजपा के बिहार से दूसरे कैंडिडेट के नाम चौंकाने वाला है। नितिन नवीन के साथ पार्टी ने दलित नेता शिवेश कुमार राम को प्रत्याशी बनाया है। दोनों नेता 5 मार्च को अपना नामांकन करेंगे। पटना के रहने वाले नितिन नवीन हाल ही में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष चुने गए थे। वे अभी पटना की बांकीपुर सीट से विधायक हैं। राज्यसभा चुनाव की घोषणा होने के बाद से उनके संसद जाने की चर्चा तेज थी। अब भाजपा ने उम्मीदवार सूची जारी कर स्थिति साफ कर दी है। दूसरी सीट पर भाजपा का दलित दांव वहीं, भाजपा ने बिहार से अपने कोटे की दूसरी सीट से शिवेश राम को उम्मीदवार बनाया है। वे दलित वर्ग के नेता हैं। पार्टी ने उन्हें लोकसभा चुनाव 2024 में सासाराम से टिकट दिया था। मगर वे चुनाव हार गए थे। अब उन्हें राज्यसभा भेजा जा रहा है। इससे पहले, भोजपुरी स्टार पवन सिंह को भी राज्यसभा उम्मीदवार बनाए जाने की अटकलें चल रही थीं, मगर उनका नाम कैंडिडेट लिस्ट में नहीं आया। उपेंद्र कुशवाहा का भी फिर से राज्यसभा जाना तय भाजपा के बिहार अध्यक्ष संजय सरावगी ने मंगलवार को मीडिया से बातचीत में कहा कि नितिन नवीन और शिवेश राम के अलावा राष्ट्रीय लोक मोर्चा के चीफ उपेंद्र कुशवाहा भी एनडीए के राज्यसभा उम्मीदवार होंगे। जबकि दो अन्य सीटों पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पार्टी जेडीयू से नाम आना अभी बाकी है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने बिहार की सभी 5 सीटों पर एनडीए प्रत्याशियों की जीत का दावा किया है। 16 मार्च को राज्यसभा चुनाव की वोटिंग बिहार की 5 समेत देश भर की 37 राज्यसभा सीटों पर नामांकन की प्रक्रिया चल रही है। 5 मार्च को नॉमिनेशन का आखिरी दिन है। 16 मार्च को राज्यसभा चुनाव के लिए मतदान होगा। बिहार में जो 5 राज्यसभा सीटें खाली हो रही हैं, उनपर अभी 3 एनडीए और दो आरजेडी के सांसद हैं। हालांकि, बिहार विधानसभा में मौजूदा संख्याबल के हिसाब से एनडीए की चार सीटों पर जीत पक्की है। पांचवीं सीट जीतने के लिए उसे 3 अतिरिक्त विधायकों का समर्थन चाहिए। विपक्ष से आरजेडी ने भी उम्मीदवार उतारने की घोषणा कर दी है। महागठबंधन के पास भी पर्याप्त संख्याबल नहीं है। ऐसे में 16 मार्च को मतदान के दौरान क्रॉस वोटिंग के आसार नजर आ रहे हैं।

होली के मद्देनज़र रायपुर ग्रामीण पुलिस का बड़ा एक्शन, असामाजिक तत्वों पर शिकंजा

रायपुर होली पर्व के मद्देनज़र जिले में शांति, सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए रायपुर ग्रामीण पुलिस ने व्यापक विशेष अभियान चलाया। पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) श्वेता श्रीवास्तव सिन्हा के निर्देश पर राजपत्रित अधिकारियों के मार्गदर्शन और संबंधित थाना प्रभारियों के नेतृत्व में यह सघन कार्रवाई की गई। अभियान में संवेदनशील और प्रमुख थाना क्षेत्रों को प्राथमिकता दी गई। थाना माना, मंदिर हसौद, आरंग, धरसींवा, अभनपुर, गोबरानवापारा, राखी, विधानसभा, खरोरा और तिल्दा नेवरा क्षेत्रों में एक साथ समन्वित कार्रवाई करते हुए पुलिस टीमों ने लंबित वारंटों की तामिली, निगरानी बदमाशों की जांच, संदिग्ध व्यक्तियों की धरपकड़ और यातायात नियमों के उल्लंघन पर कठोर कार्रवाई की। 223 वारंट तामील, 119 पर प्रतिबंधात्मक कार्रवाई अभियान के दौरान कुल 223 वारंटों की तामिली कर न्यायालयीन आदेशों का पालन सुनिश्चित किया गया। संभावित शांति भंग की आशंका को देखते हुए 119 आरोपियों के विरुद्ध प्रतिबंधात्मक धाराओं के तहत कार्रवाई की गई। विभिन्न अधिनियमों के तहत सख्ती विशेष अधिनियमों के अंतर्गत भी प्रभावी कार्रवाई की गई—     1 आरोपी के विरुद्ध आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज।     12 आरोपियों पर आबकारी एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज।     99 मामलों में कोटपा एक्ट के तहत कार्रवाई।     158 वाहन चालकों के विरुद्ध मोटर व्हीकल एक्ट के तहत चालानी कार्रवाई।     6 आरोपियों पर जुआ/सट्टा अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज। इसके अलावा 49 गुंडा एवं निगरानी बदमाशों तथा 18 चाकूबाज प्रवृत्ति के व्यक्तियों की सघन चेकिंग कर उन्हें सख्त चेतावनी दी गई, ताकि त्योहार के दौरान किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना को रोका जा सके। इस विशेष अभियान के तहत विभिन्न धाराओं और अधिनियमों में कुल 613 व्यक्तियों/प्रकरणों पर कार्रवाई की गई। नागरिकों से अपील पुलिस प्रशासन ने आम नागरिकों से होली को शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण ढंग से मनाने की अपील की है। साथ ही अफवाहों से दूर रहने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि या असामाजिक तत्व की जानकारी तत्काल निकटतम थाना या पुलिस कंट्रोल रूम को देने का आग्रह किया है, ताकि समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जा सके।

ऑनलाइन ट्रेडिंग का झांसा देकर लाखों की ठगी, राजधानी में 3 साइबर ठग गिरफ्तार

बाहरी दिल्ली स्टॉक मार्केट निवेश के नाम पर 17.1 लाख रुपये की ठगी करने वाले तीन आरोपितों को उत्तर-पश्चिमी जिला साइबर सेल ने गिरफ्तार किया है। वहीं, इस मामले में एक महिला आरोपित को पाबंद किया है। इनके कब्जे से अपराध में इस्तेमाल तीन मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं। गिरफ्तार आरोपितों की पहचान विनोद नगर निवासी इंदरजीत, पवन और गाजियाबाद के बालाजी विहार निवासी गौरव त्यागी के रूप में हुई है। महिला की पहचान महिमा शर्मा के रूप में हुई है। पुलिस अधिकारी ने बताया कि महिमा शर्मा आरोपित इंदरजीत के साथ संयुक्त खाता धारक थी, लेकिन अधिकृत हस्ताक्षर कर्ता नहीं थी। इसलिए उसे पाबंद किया गया है। जिला के अतिरिक्त पुलिस आयुक्त भीष्म सिंह ने बताया कि आरोपितों के बैंक खातों के खिलाफ नेशनल क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल पर 17 शिकायतें दर्ज हैं। शालीमार बाग निवासी योगेश कुमार किराना की दुकान चलाते हैं। उन्होंने 28 जनवरी में साइबर सेल में ठगी की शिकायत की। जिसमें उन्होंने बताया कि उन्हें एक वॉट्सएप समूह में जोड़ा गया, जहां ठगों ने स्टॉक मार्केट निवेश में ऊंचे रिटर्न का लालच दिया। कमीशन के बदले ठगों को दिया बैंक खाता उन्होंने 17.10 लाख रुपये निवेश किए। लाभ होने पर जब पैसे निकालने की कोशिश की तो जालसाजों ने इसके एवज में अतिरिक्त राशि जमा करने के लिए कहा। ठगी का एहसास होने पर उन्होंने पुलिस में शिकायत की। पुलिस ने मामला दर्ज कर निरीक्षक दिनेश दहिया के नेतृत्व में मामले की जांच शुरू की। जांच में पता चला कि ठगी की रकम को इंदरजीत के फर्म के खाते में ट्रांसफर किया गया था। पुलिस ने साक्ष्य मिलने पर इंदरजीत को गिरफ्तार कर लिया। उसने बताया कि कमीशन के बदले में उसने फर्म का चालू खाता साइबर ठग गिरोह को उपलब्ध कराया था। ठगी की रकम प्राप्त करने के बाद उसने पैसे को गेमिंग एप एवं अन्य डिजिटल प्लेटफार्म के माध्यम से आगे ट्रांसफर किया। पुलिस ने उसके निशानदेही पर अन्य आरोपितों को पकड़ लिया। पूछताछ में आरोपितों ने बताया कि वह संगठित गैंग का हिस्सा थे, जो ठगी करते थे। इंदरजीत कमीशन के बदले अपना बैंक खाता गिरोह को उपलब्ध कराया। पवन कुमार बैंक खातों की व्यवस्था कराने में मध्यस्थ की भूमिका निभाता था, जबकि गौरव त्यागी संचालन एवं समन्वय में सहयोग करता था। गिरोह वॉट्सएप निवेश समूहों एवं फर्जी ट्रेडिंग प्लेटफार्म के जरिए पीड़ितों को फंसाता था। ठगी की रकम म्यूल खातों में डालकर गेमिंग एप व अन्य डिजिटल माध्यमों से तुरंत आगे भेज देता था। बाद में सक्रिय सदस्यों को उनकी भूमिका के मुताबिक कमीशन दिया जाता था। पुलिस अब इनसे पूछताछ कर आगे की कार्रवाई कर रही है।  

चीन की HQ-9B मिसाइल फिर नाकाम, घंटे भर भी नहीं टिक पाया सिस्टम

चीन भले ही ईरान पर हमले इजरायल और अमेरिका ने किए हो लेकिन इस हमले में चीन की भारी भद्द पिटी है। दरअसल, ईरान ने हमलों से सुरक्षा के लिए तेल के बदले हथियार योजना के तहत पिछले साल चीन से HQ-9B एयर डिफेंस सिस्टम खरीदे थे लेकिन शनिवार को जब ईरान पर हमले हुए तो ये डिफेंस सिस्टम घंटे भर भी ईरान की रक्षा करने में नाकाम साबित हुए। ऐसे में चीन का यह मिलिट्री हार्डवेयर न सिर्फ चर्चा के केंद्र में आ गया है बल्कि अब इसकी अग्नि परीक्षा की घड़ी आ चुकी है क्योंकि एक साल के अंदर लगातार दो लड़ाइयों में यह फेल साबित हुआ है। ईरान से पहले पड़ोसी पाकिस्तान ने भी HQ-9B सिस्टम को तैनात किया था, लेकिन मई 2025 में ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भी भारतीय फायरिंग के सामने यह चीनी डिफेंस सिस्टम फुस्स साबित हुआ था। HQ-9B एयर डिफेंस सिस्टम की वास्तविक क्षमता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। 28 फरवरी 2026 को हुए हमलों में ईरान के 30 से अधिक प्रांतों में से 20 से ज्यादा प्रभावित हुए हैं। राजधानी तेहरान समेत कई संवेदनशील ठिकानों को इजरायली और अमेरिकी सैन्य बलों ने निशाना बनाया है। रिपोर्ट्स के अनुसार, HQ-9B सिस्टम को तेहरान के साथ-साथ नतांज और फोर्दो जैसे परमाणु स्थलों की सुरक्षा के लिए तैनात किया गया था, लेकिन यह आने वाली मिसाइलों और ड्रोन को घंटे भर भी रोकने में विफल रहा। लिहाजा, इन हमलों में भारी तबाही हुई और सैकड़ों नागरिकों की मौत की खबरें सामने आई हैं। पाकिस्तान में भी हुआ था फुस्स यह पहली बार नहीं है जब HQ-9B पर सवाल उठे हों। मई 2025 में भारत और पाकिस्तान के बीच “ऑपरेशन सिंदूर” के दौरान भी यह सिस्टम चर्चा में आया था। पाकिस्तान में तैनात HQ-9B भारतीय हमलों को रोकने में प्रभावी साबित नहीं हुआ। विशेषज्ञों के अनुसार, उस संघर्ष में पाकिस्तान की एयर डिफेंस प्रणाली धीरे-धीरे निष्क्रिय हो गई थी और कई महत्वपूर्ण ठिकानों को नुकसान हुआ। क्या है HQ-9B सिस्टम? HQ-9B चीन का लंबी दूरी का सतह से हवा में मार करने वाला मिसाइल सिस्टम है, जिसे रूस के S-300 और अमेरिका के पैट्रियट सिस्टम से प्रेरित माना जाता है। लगभग 260 किलोमीटर तक इसकी मारक क्षमता है। यह 50 किमी तक ऊंचाई पर टारगेट को भेदने में सक्षम है। इसके अलावा यह एक साथ 100 लक्ष्यों को ट्रैक करने की क्षमता रखता है। इतना ही नहीं HQ-9B सिस्टम 6–8 लक्ष्यों को एक साथ निशाना बनाने की क्षमता रखता है, बावजूद इसके वह साल भर में दो बार फेल साबित हुआ है। इसे चीन ने अपने रणनीतिक क्षेत्रों, जैसे बीजिंग और दक्षिण चीन सागर, की सुरक्षा के लिए भी तैनात किया है। क्यों नहीं कर पाया असरदार बचाव? विशेषज्ञों के अनुसार HQ-9B की नाकामी के पीछे कई कारण हो सकते हैं। मसलन, अत्याधुनिक स्टेल्थ विमान और प्रिसिशन मिसाइलों का इस्तेमाल किया गया हो, जिसे यह इंटरसेप्ट नहीं कर पाया। इसके अलावा यह भी कहा जा रहा है कि इलेक्ट्रॉनिक जैमिंग से रडार सिस्टम का कमजोर कर दिया गया होगा। विशेषज्ञों के मुताबिक, एक साथ कई हमलों से सिस्टम ओवरलोड हो गया होगा, इस वजह से भी यह फेल हुआ हो सकता है। इसके अलावा अलग-अलग एयर डिफेंस सिस्टम के बीच समन्वय की कमी को भी एक वजह बताया जा रहा है। जुलाई 2025 में खरीदे थे HQ-9B सिस्टम ईरान ने पिछले साल जून में इजरायल के साथ सीजफायर के बाद अपने आसमान को मजबूत करने के लिए, चीन के साथ तेल के बदले हथियार की डील के तहत जुलाई 2025 में HQ-9B मिसाइल हासिल किए थे। इजरायल ने जून में ऑपरेशन राइजिंग लायन में, ईरान के न्यूक्लियर प्रोग्राम को रोकने के लिए ईरानी इलाके में अंदर तक घुसकर हमला किया था। इज़रायली ऑपरेशन के आखिर में US ने भी ईरान के न्यूक्लियर साइट्स पर बमबारी की थी। तब ईरान ने दावा किया था कि इन हमलों से उसके परमाणु ठिकानों पर कोई असर नहीं पड़ा है लेकिन इस बार ईरान दावा कर रहा है कि उसके परमाणु ठिकानों को निशाना बनाया गया है, जबकि IAEA का कहना है कि इसके ठोस सबूत नहीं मिल सके हैं। बता दें कि ईरान ने अपने रक्षा तंत्र में HQ-9B के साथ रूसी और घरेलू सिस्टम भी जोड़े थे, लेकिन संयुक्त हमलों के सामने यह “लेयर्ड डिफेंस” भी कमजोर पड़ गया।  

स्टार्टअप इकोसिस्टम से युवाओं को अवसर, ग्रामीण रोजगार को मिल रही मजबूती

156 एग्री स्टार्टअप्स से प्रदेश के किसानों को मिल रही मदद, खेती में बढ़ रहा लाभ डिजिटल प्लेटफॉर्म से गांव तक हुई पहुंच, खेती में बढ़ रही पेशेवर मार्गदर्शन की भूमिका स्टार्टअप इकोसिस्टम से युवाओं को अवसर, ग्रामीण रोजगार को मिल रही मजबूती नीतिगत समर्थन और निवेश से यूपी बन सकता है एग्री इनोवेशन का उभरता हब लखनऊ  उत्तर प्रदेश में कृषि क्षेत्र को आधुनिक तकनीक और संस्थागत समर्थन से जोड़ने की दिशा में उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की गई है। प्रदेश में 156 पंजीकृत कृषि स्टार्टअप सक्रिय हैं, जो किसानों को क्रेडिट सुविधा, सलाहकार सेवाएं और डिजिटल समाधान उपलब्ध करा रहे हैं। इन पहलों से योगी सरकार में खेती को लाभकारी और टिकाऊ बनाने की दिशा में ठोस आधार तैयार हुआ है। प्रदेश सरकार ने कृषि को परंपरागत ढांचे से बाहर निकालकर तकनीक आधारित मॉडल से जोड़ने पर जोर दिया है। स्टार्टअप्स के माध्यम से किसानों को समय पर ऋण उपलब्ध कराने, फसल प्रबंधन संबंधी परामर्श देने और बाजार से सीधा संपर्क स्थापित करने में मदद मिल रही है। इससे छोटे और सीमांत किसानों की निर्भरता पारंपरिक साहूकारी व्यवस्था पर कम हुई है तथा उन्हें पारदर्शी वित्तीय सेवाएं मिल रही हैं। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार डिजिटल प्लेटफॉर्म आधारित सेवाओं ने ग्रामीण क्षेत्रों में सूचना की पहुंच को आसान बनाया है। मौसम पूर्वानुमान, फसल चयन, बीज और उर्वरक संबंधी सलाह अब मोबाइल एप और कॉल सेंटर के माध्यम से उपलब्ध हो रही है। इससे उत्पादन लागत में कमी और उत्पादकता में वृद्धि की संभावना बढ़ी है। प्रदेश सरकार का मानना है कि तकनीक आधारित हस्तक्षेप से कृषि क्षेत्र को दीर्घकालिक स्थिरता मिलेगी। सरकार की स्टार्टअप नीति, निवेश प्रोत्साहन और कौशल विकास कार्यक्रमों के जरिए युवाओं को कृषि उद्यमिता की ओर आकर्षित किया जा रहा है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में स्वरोजगार के अवसर बढ़े हैं और कृषि को आधुनिक व्यवसाय के रूप में स्थापित करने की दिशा में भी कदम आगे बढ़े हैं। आने वाले वर्षों में प्रदेश को एग्री इनोवेशन के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करने की कार्ययोजना पर कार्य जारी है। कृषि क्षेत्र के जानकारों का कहना है कि यदि क्रेडिट, बाजार संपर्क और तकनीकी परामर्श की यह श्रृंखला मजबूत होती रही तो उत्तर प्रदेश देश की कृषि अर्थव्यवस्था में अग्रणी भूमिका निभा सकता है। सरकार का लक्ष्य किसानों की आय बढ़ाने, कृषि जोखिम कम करने और गांवों को आत्मनिर्भर बनाने पर केंद्रित है। 156 कृषि स्टार्टअप्स की सक्रिय भागीदारी को इसी व्यापक परिवर्तन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

पीएम मुद्रा योजना से मिला लोन, खुद सशक्त बनीं और पांच अन्य लोगों को दिया रोजगार

डबल इंजन सरकार ने बनाया मनीषा रावत को चॉकलेट निर्माता योगी सरकार की महिला सशक्तिकरण नीति के तहत स्थानीय प्रशासन से मिला मार्गदर्शन व पूरा सहयोग पीएम मुद्रा योजना से मिला लोन, खुद सशक्त बनीं और पांच अन्य लोगों को दिया रोजगार लखनऊ उत्तर प्रदेश के रायबरेली की रहने वाली मनीषा रावत की जिंदगी में डबल इंजन की सरकार ने नए रंग भर दिए। मनीषा ने पीएम मुद्रा योजना के माध्यम से ऋण प्राप्त कर चॉकलेट बनाने का अपना व्यवसाय शुरू किया, जिसमें योगी सरकार की महिला सशक्तिकरण नीति के तहत स्थानीय प्रशासन ने सहयोग के साथ-साथ उन्हें उचित मार्गदर्शन भी उपलब्ध कराया। इस पहल ने मनीषा की जिंदगी की दिशा बदल दी और वह आज पूरी तरह आत्मनिर्भर बन चुकी हैं। अब वह न केवल स्वयं सम्मानजनक आमदनी कर रही हैं, बल्कि 5 अन्य लोगों को भी रोजगार उपलब्ध करा रही हैं। मनीषा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को अपना प्रेरणास्रोत मानती हैं। बिना गारंटी लोन से बदली जिंदगी की दिशा मनीषा रावत ने वर्ष 2023 में हैंडमेड चॉकलेट बनाने का छोटा व्यवसाय शुरू किया था। बाजार में उनके हैंडमेड चॉकलेट व बेकरी उत्पादों की मांग तेजी से बढ़ने लगी, जिसके लिए उन्हें अतिरिक्त पूंजी की आवश्यकता हुई। पहले वह यह काम घर से ही करती थीं, लेकिन बढ़ती मांग को देखते हुए उन्होंने अपनी केक और चॉकलेट की शॉप खोलने का निर्णय लिया। लेकिन, गारंटी व मॉरगेज जैसी कई अड़चनें सामने थीं। अक्टूबर 2024 में उन्हें पीएम मुद्रा योजना के बारे में पता चला। इसके बाद उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक के मैनेजर अर्जुन निगम ने उन्हें योजना के लाभ व पात्रता आदि की विस्तृत जानकारी दी। उन्हें बिजनेस मॉडल की बारीकियां भी समझाई गईं। आवश्यक दस्तावेज तैयार कर डीआईसी कार्यालय में जमा करने के 20 दिनों के भीतर ही उन्हें 9 लाख रुपये का ऋण स्वीकृत हो गया। खुद सशक्त बनीं, 5 लोगों को दिया रोजगार लोन स्वीकृत होते ही मनीषा ने अपने कारोबार का विस्तार किया। बढ़ते व्यवसाय की जरूरतों को पूरा करने के लिए उन्होंने स्थानीय स्तर पर लोगों को रोजगार देना शुरू किया और आज 5 लोगों को नियमित रोजगार प्रदान कर रही हैं। पहले वह परिवार पर निर्भर थीं, लेकिन अब एक सफल महिला उद्यमी के रूप में अपनी अलग पहचान बना चुकी हैं। उनका चॉकलेट व्यवसाय अच्छी तरह चल रहा है और इसका श्रेय वह अधिकारियों के प्रोत्साहन व इस योजना को देती हैं। उन्होंने अन्य लोगों को भी इस योजना के प्रति जागरूक किया है। डबल इंजन सरकार की योजनाओं से युवाओं को नई राह डबल इंजन की सरकार युवाओं और महिलाओं को स्वरोजगार की ओर प्रेरित करने के लिए अनेक योजनाएं चला रही है, जिनमें प्रधानमंत्री मुद्रा योजना महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। यह केवल ऋण योजना नहीं, बल्कि छोटे व्यापारियों और घरेलू उद्योगों के लिए व्यवसाय शुरू करने का प्रभावी माध्यम है। मनीषा बताती हैं कि इस योजना के तहत मिले ऋण की ब्याज दर कम है और गारंटर की आवश्यकता भी नहीं होती, जिससे उन्हें किस्त चुकाने में सुविधा हो रही है। प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के 10 वर्ष पूर्ण होने पर अप्रैल माह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशभर से 48 सफल उद्यमियों को अपने आवास पर आमंत्रित किया था, जिनमें रायबरेली की मनीषा रावत भी शामिल थीं। इस मुलाकात को याद करते हुए वह कहती हैं कि वह पीएम मोदी व सीएम योगी आदित्यनाथ को अपना प्रेरणास्रोत मानती हैं और युवाओं के लिए सच्चा मार्गदर्शक मानती हैं।

प्रकृति संरक्षण और सामाजिक समरसता का संदेश देता है होली का पर्व : मंत्री केदार कश्यप

रायपुर वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप ने रंगों के पावन पर्व होली के अवसर पर प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ दी हैं। मंत्री कश्यप ने अपने संदेश में कहा है कि होली केवल रंगों का त्योहार नहीं, बल्कि प्रेम, भाईचारे और सामाजिक समरसता का प्रतीक है। यह पर्व जीवन में नई ऊर्जा, उत्साह और सकारात्मकता का संचार करता है तथा सभी भेदभावों को भुलाकर एक-दूसरे के साथ मिलकर आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है। उन्होंने कामना की कि यह होली सभी के जीवन में सुख, शांति, समृद्धि और खुशहाली लेकर आए। वन मंत्री कश्यप ने प्रदेशवासियों से अपील की कि होली का पर्व प्राकृतिक एवं हर्बल रंगों के साथ मनाएँ, जल संरक्षण का विशेष ध्यान रखें तथा पर्यावरण को स्वच्छ और सुरक्षित बनाए रखने में अपना सक्रिय योगदान दें। उन्होंने कहा कि पारंपरिक मूल्यों और सामाजिक जिम्मेदारी के साथ मनाई गई होली ही सच्चे अर्थों में आनंद और सौहार्द का पर्व बनती है। साथ ही उन्होंने सभी से प्रकृति संरक्षण का संकल्प लेने का आह्वान किया, ताकि आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ और हरित वातावरण मिल सके।

slot server thailand super gacor

spaceman slot gacor

slot gacor 777

slot gacor

Nexus Slot Engine

bonus new member

olympus

situs slot bet 200

slot gacor

slot qris

link alternatif ceriabet

slot kamboja

slot 10 ribu

https://mediatamanews.com/

slot88 resmi

slot777

https://sandcastlefunco.com/

slot bet 100

situs judi bola

slot depo 10k

slot88

slot 777

spaceman slot pragmatic

slot bonus

slot gacor deposit pulsa

rtp slot pragmatic tertinggi hari ini

slot mahjong gacor

slot deposit 5000 tanpa potongan

mahjong

spaceman slot

https://www.deschutesjunctionpizzagrill.com/

spbo terlengkap

cmd368

368bet

roulette

ibcbet

clickbet88

clickbet88

clickbet88

bonus new member 100

slot777

https://bit.ly/m/clickbet88

https://vir.jp/clickbet88_login

https://heylink.me/daftar_clickbet88

https://lynk.id/clickbet88_slot

clickbet88

clickbet88

https://www.burgermoods.com/online-ordering/

https://www.wastenotrecycledart.com/cubes/

https://dryogipatelpi.com/contact-us/

spaceman slot gacor

ceriabet link alternatif

ceriabet rtp

ceriabet

ceriabet link alternatif

ceriabet link alternatif

ceriabet login

ceriabet login

cmd368

sicbo online live

Ceriabet Login

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

casino online

clickbet88

login kudahoki88

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

slot olympus

sbobet

slot thailand

sbobet