LATEST NEWS

मध्य प्रदेश की महू-खंडवा रेललाइन से साउथ और महाराष्ट्र का कनेक्शन मजबूत, पटरियों की बिछाई जल्द शुरू

महू   मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर के डॉ. आंबेडकर नगर (महू) से खंडवा तक गेज कन्वर्जन में तेजी आने वाली है। महू से बलवाड़ा तक के महत्वपूर्ण घाट सेक्शन के लिए भारत सरकार के पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय द्वारा रेलवे को सैद्धांतिक स्वीकृति दे दी है। डॉ. आंबेडकर नगर से बलवाड़ा के बीच लगभग 454 हेक्टेयर वन भूमि पर रेलवे द्वारा निर्माण कार्य किया जाना है। वन विभाग से भूमि हस्तांतरण प्रक्रिया चल रही थी। वन विभाग ने भेजा अंतिम प्रस्ताव रेलवे द्वारा वन विभाग की सभी शर्तों के पालन की सहमति के बाद अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक (भू-प्रबंधन) द्वारा मंत्रालय को सैद्धांतिक स्वीकृति हेतु प्रस्ताव भेजा गया था। पश्चिम रेलवे रतलाम मंडल के जनसंपर्क अधिकारी मुकेश कुमार ने बताया कि मंत्रालय से सैद्धांतिक अनुमति प्राप्त होने के बाद रेलवे द्वारा संबंधित क्षेत्र में कार्य शुरू करने के लिए वन विभाग से अंतिम अनुमति का प्रस्ताव भेजा है। वन विभाग से स्वीकृति प्राप्त होते ही निर्माण प्रारंभकर दिया जाएगा। महू-खंडवा गेज कन्वर्जन इंदौर के लिए खास है। इस लाइन से शहर का जुड़ाव महाराष्ट्र और साउथ से होगा। घाट सेक्शन के लगभग 454 हेक्टेयर वन भूमि के अधिग्रहण के लिए रेलवे निर्माण विभाग द्वारा पूर्व में 100.08 करोड़ वन विभाग को जमा कराए गए हैं। बीते दिनों, महू स्टेशन के विस्तार और महू-खंडवा नई रेल लाइन परियोजना के लिए बेहद अहम मानी जा रही है। लंबे समय से यहां बने मकानों के कारण काम अटका हुआ था। कल भी पक्के निर्माणों पर मशीनें चलीं तो कई परिवारों ने सामान समेटने की मशक्कत की। प्रशासन ने पहले ही नोटिस जारी कर दिए थे, इसलिए अधिकतर लोगों ने खुद ही घर खाली कर दिए थे। बचे हुए हिस्सों को भी पूरी तरह हटाकर क्षेत्र समतल कर दिया गया।

US लाइसेंस मिलने के बाद RIL को बड़ा फायदा, वेनेजुएला के तेल सौदे पर हटेगी रोक

 नई दिल्‍ली अमेरिका ने रिलायंस इंडस्‍ट्रीज को वेनुजुएला में तेल खरीदने के लिए लाइसेंस दे दिया है. अब रिलायंस बिना किसी अनुमति या सैक्‍शन के वेनेजुएला में तेल खरीद सकेगी. रॉयटर्स की रिपोर्ट में सोर्स के हवाले से ये जानकारी दी गई है. वहीं जनवरी में ही रिलायंस ने लाइसेंस के लिए अप्‍लाई किया था और अब लाइसेंस दे दिया गया है.  रिलायंस ने जनवरी में यह लाइसेंस पाने के लिए आवेदन किया था, और इससे पहले कंपनी ने करीब 2 मिलियन बैरल वेनेजुएला से कच्चा तेल खरीदा था, जो कि अप्रैल में डिलीवरी होने की उम्मीद है, ये खरीद व्यापारिक कंपनियों Vitol और Trafigura से हुई थी, जिन्होंने इसी तरह के लाइसेंस प्राप्त किए थे.  महीने की शुरुआत में अमेरिका द्वारा वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को गिरफ्तार करने के बाद, अमेरिकी अधिकारियों ने कहा कि वाशिंगटन कराकास और वाशिंगटन के बीच 2 अरब डॉलर के तेल आपूर्ति समझौते और देश के तेल उद्योग के लिए एक महत्वाकांक्षी 100 अरब डॉलर की पुनर्निर्माण योजना को सुविधाजनक बनाने के लिए वेनेजुएला के ऊर्जा उद्योग पर लगाए गए प्रतिबंधों में ढील देगा. इस फैसले के बाद अब भारत को तेल बेचने के लिए रिलायंस को लाइसेंस देने की खबर आई है. अमेरिकी लाइसेंस मिलने का मतलब है कि अब रिलायंस इडस्‍ट्रीज वेनेजुएला से भारी मात्रा में तेल बिना रोक-टोक के खरीद सकती है. वेनेजुएला के तेल से रूसी तेल की भरपाई रिलायंस को लाइसेंस देने से वेनेजुएला के तेल निर्यात में तेजी आ सकती है और दुनिया के सबसे बड़े रिफाइनिंग कॉम्प्लेक्स के संचालक के लिए कच्चे तेल की लागत कम हो सकती है. रॉयटर्स की रिपोर्ट में आगे कहा गया है कि वेनेजुएला के तेल खरीदकर रिलायंस रूसी तेल की भरपाई करेगा.  सस्‍ते भाव पर मिल सकता है कच्‍चा तेल RIL को यह लाइसेंस अमेरिका द्वारा वेनेजुएला के एनर्जी सेक्टर में लगे प्रतिबंधों को ढील देने की कड़ी में मिला है. जो कि वेनेजुएला और अमेरिकी सरकार के बीच एक बड़े तेल सप्लाई डील और ऑयल इंफ्रास्ट्रक्चर को डेवलेप करने की योजना के तहत है. इससे रिलायंस को सस्ते भाव पर कच्चे तेल मिल सकता है, क्योंकि वेनेजुएला का तेल आमतौर पर ब्रेंट रेफरेंस के मुकाबले डिस्काउंट पर मिलता है. अमेरिका ने हटाया 25% टैरिफ  राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस महीने की शुरुआत में भारत पर लगाए गए 25% दंडात्मक टैरिफ को हटा दिया था और कहा था कि भारत वेनेजुएला से अधिक तेल खरीदेगा. रिपोर्र्ट्स का दावा है कि रिलायंस समेत भारतीय रिफाइनरियां अप्रैल में डिलीवरी के लिए रूसी तेल की खरीद से बच रही हैं. रिफाइनिंग एवं व्यापार सूत्रों के अनुसार, वे लंबे समय तक ऐसे व्यापार से दूर रहने की उम्मीद कर रही हैं, एक ऐसा कदम जो नई दिल्ली को वाशिंगटन के साथ व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने में मदद कर सकता है.

नलखेड़ा में वकीलों का बड़ा ऐलान एसडीएम सर्वेश यादव के कोर्ट का बहिष्कार, सुसनेर में पहले से हड़ताल; दो तहसीलों में थमा न्यायिक काम

Lawyers in Nalkheda make a major announcement, boycotting SDM Sarvesh Yadav’s court; Susner already on strike; judicial work halted in two tehsils. संवाददाता चंदा कुशवाह  नलखेड़ा ! न्यायालयीन माहौल को लेकर बढ़ते विवाद के बीच नलखेड़ा अधिवक्ता संघ ने बड़ा फैसला लिया है। शुक्रवार को हुई बैठक में संघ ने सर्वसम्मति से सर्वेश यादव के न्यायालय के बहिष्कार का प्रस्ताव पारित कर दिया। वकीलों का आरोप है कि एसडीएम का व्यवहार न्यायालय में संतोषजनक नहीं है, जिससे अधिवक्ताओं में नाराजगी बढ़ रही है।बैठक के बाद संघ पदाधिकारियों ने कहा कि न्यायालय का वातावरण गरिमामय होना चाहिए। यदि अधिवक्ताओं को सम्मानजनक माहौल नहीं मिलता, तो सामूहिक निर्णय लेना मजबूरी बन जाता है। सुसनेर में 13 फरवरी से हड़तालइसी मुद्दे को लेकर सुसनेर में 13 फरवरी से वकीलों की हड़ताल जारी है। अब नलखेड़ा में भी बहिष्कार का प्रस्ताव पारित होने के बाद आंदोलन दो तहसीलों तक पहुंच गया है। इससे राजस्व और न्यायालयीन कार्य प्रभावित होने लगे हैं।काम करने पर कार्रवाई की चेतावनीअधिवक्ता संघ ने स्पष्ट किया है कि बहिष्कार के दौरान यदि कोई वकील एसडीएम कोर्ट में पेश होता है या कार्य करता है, तो उसके खिलाफ संघ के नियमों के अनुसार अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। इसे संगठनात्मक एकता का विषय बताया गया है। प्रशासन से दखल की मांगसंघ ने प्रशासन से मामले में हस्तक्षेप कर समाधान निकालने की मांग की है। वकीलों का कहना है कि जब तक उचित कार्रवाई नहीं होती, बहिष्कार जारी रहेगा।अब निगाहें प्रशासन पर टिकी हैं कि वह इस विवाद को कैसे सुलझाता है और न्यायालयीन कार्य को सामान्य बनाने के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं।

कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद का बयान: वंदे मातरम पर रोक नहीं, लेकिन धर्म की स्वतंत्रता जरूरी

भोपाल गृह मंत्रालय द्वारा राष्ट्रगान “जन गण मन” के पहले वंदे मातरम् के 6 छंदों का ससम्मान गायन का निर्णय का स्वागत करते हुए मुख्यमंत्री मोहन यादव ने इसे मध्य प्रदेश में लागू करने के निर्देश दिए हैं। उनके मुताबिक, प्रदेश के सभी शिक्षक संस्थानों, मदरसों और सरकारी कार्यक्रमों में वंदे मातरम के 6 छंदों का गायन अनिवार्य होगा। लेकिन सरकार के इस फैसले पर कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद ने आपत्ति जताई है। उनका कहना है कि किसी भी धार्मिक या सांस्कृतिक अभिव्यक्ति को बाध्यकारी बनाना संविधान की भावना के अनुरूप नहीं है। इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में बहस तेज हो गई है। क्या है मसूद का तर्क? मसूद ने स्पष्ट किया कि उन्हें ‘वंदे मातरम्’ से वैचारिक विरोध नहीं है, बल्कि इसे अनिवार्य करने के तौर-तरीकों पर आपत्ति है। उनका कहना है कि देशभक्ति भावनात्मक विषय है, जिसे आदेश के जरिए लागू नहीं किया जा सकता। यह सीधे तौर पर मजहबी आजादी पर अंकुश है। उन्होंने संविधान के मौलिक अधिकारों का हवाला देते हुए व्यक्तिगत स्वतंत्रता और आस्था के सम्मान की बात कही। विशेष रूप से उन्होंने आर्टिकल 25 का उल्लेख करते हुए कहा कि यह अनुच्छेद सभी को अपने धर्म का पालन और प्रचार करने की स्वतंत्रता देता है। ऐसे में किसी भी नए कानून या आदेश को संवैधानिक दायरे में परखा जाना जरूरी है। राजनीतिक प्रतिक्रिया तेज मसूद के बयान के बाद विपक्षी दलों ने इसे राष्ट्रवाद से जोड़कर निशाना साधा। वहीं भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के भीतर भी इस मुद्दे पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। कुछ नेताओं ने इसे व्यक्तिगत राय बताया, तो कुछ ने संवाद के जरिए समाधान की बात कही। सत्तापक्ष के नेताओं ने मसूद के रुख को “अनावश्यक विवाद” करार दिया है। विधानसभा और सार्वजनिक कार्यक्रमों में बहस मामला तब और तूल पकड़ गया जब यह मुद्दा सार्वजनिक कार्यक्रमों और सरकारी आयोजनों से जुड़ गया। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि चुनावी माहौल में ऐसे मुद्दे अक्सर भावनात्मक बहस को जन्म देते हैं। इससे जनभावनाओं को प्रभावित करने की कोशिश भी मानी जा रही है। सामाजिक और संवैधानिक विमर्श विशेषज्ञों का कहना है कि ‘वंदे मातरम्’ भारत के स्वतंत्रता संग्राम से जुड़ा ऐतिहासिक गीत है, लेकिन इसके गायन को लेकर समय-समय पर कानूनी और सामाजिक बहस होती रही है। इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि राष्ट्रभावना और व्यक्तिगत स्वतंत्रता के बीच संतुलन कैसे बनाया जाए। भोपाल का यह मामला अब प्रदेश की राजनीति से निकलकर राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गया है।

बड़ी खुशखबरी: आउटसोर्स कर्मचारियों को मिलेगा EPF, ESI और समान वेतन, जल्द होगी घोषणा

भोपाल  मध्यप्रदेश के नरसिंहपुर में ऑल डिपार्टमेंट आउटसोर्स, अध्यापक, अंशकालीन और ग्राम पंचायत कर्मचारियों ने मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। इन कर्मचारियों की लंबी लड़ाई अब रंग लाने वाली है। मुख्य मांगें: समान कार्य के लिए समान वेतन और समान अधिकार ,आउटसोर्स कर्मचारियों का नियमितीकरण ,सभी कर्मचारियों को समय पर पूरा वेतन ,EPF और ESI की नियमित सुविधा सुनिश्चित ,ग्रेड वेतन कार्यानुसार देने की मांग ,नौकरी की सुरक्षा और मनमानी छंटनी रोकना मोर्चा पदाधिकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई, तो प्रदेश के समस्त आउटसोर्स कर्मचारी हड़ताल पर जाएंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। जानकारी: मध्यप्रदेश में अब चतुर्थ श्रेणी पदों पर नियुक्ति नहीं होगी। सरकार ने पहले ही इन पदों पर आउटसोर्स कर्मचारियों की भर्ती प्रक्रिया रोक दी है। वित्त विभाग के 31 मार्च 2023 के निर्देशों के बाद अब केवल आवश्यकतानुसार ही आउटसोर्स कर्मचारियों की सेवाएं ली जा सकेंगी।

21,500 करोड़ रुपये का निवेश, बदनावर के पीएम मित्र पार्क से जुड़े 55 हजार नए रोजगार

बदनावर  मध्य प्रदेश के इंदौर में बदनावर स्थित पीएम मित्र पार्क (PM Mitra Park) में उद्योग स्थापित करने को लेकर कंपनियों की दिलचस्पी लगातार बढ़ती जा रही है। बढ़ती मांग को देखते हुए शासन ने पार्क के विकास का दूसरा चरण शुरू कर दिया है। दूसरे चरण में 13 कंपनियों को 320 एकड़ भूमि आवंटित की गई है, जिनके माध्यम से लगभग 7,500 करोड़ रुपये के निवेश का प्रस्ताव है। इससे 16 हजार से अधिक नए रोजगार सृजित होने का दावा किया गया है। पीएम मित्र पार्क का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया था। पहले चरण में ही कई बड़ी कंपनियों ने निवेश प्रस्ताव देकर जमीन प्राप्त कर ली थी। उद्योगों की बढ़ती रुचि को देखते हुए मप्र औद्योगिक विकास निगम (MPIDC) ने दूसरे चरण की आवंटन प्रक्रिया आगे बढ़ाई है। दूसरे चरण के पूरा होने के साथ ही पीएम मित्रा पार्क में 38 कंपनियों से प्राप्त कुल निवेश प्रस्ताव 21,500 करोड़ रुपये से अधिक हो गए हैं। इस निवेश से बदनवार क्षेत्र में लगभग 55,000 रोजगार के अवसर सृजित होंगे। अब तक कुल 1,140 एकड़ भूमि आवंटित की जा चुकी है और तीसरे चरण का कार्य शीघ्र ही शुरू होगा। वर्तमान में, एमपीआईडीसी पट्टा विलेख और भूखंड पर कब्जा दिलाने की प्रक्रिया में तेजी से काम कर रही है। दूसरे चरण में, भीलोसा इंडस्ट्रीज ने 4,500 करोड़ रुपये के निवेश का प्रस्ताव रखा है, जिसके लिए 200 एकड़ भूमि आवंटित की जा रही है। इस इकाई से 3,500 नए रोजगार सृजित होंगे। मानव निर्मित फाइबर क्षेत्र की अग्रणी कंपनी भीलोसा इंडस्ट्रीज का राज्य में आगमन, एमएमएफ उद्योग के विकास में एक नए अध्याय की शुरुआत करेगा। एमपीआईडीसी के कार्यकारी निदेशक हिमांशु प्रजापति ने बताया कि मध्य प्रदेश के निवेश आकर्षण मॉडल को भारत सरकार के वस्त्र मंत्रालय द्वारा 30-31 जनवरी को चेन्नई में आयोजित चिंतन शिविर में औद्योगिक नीति और निवेश संवर्धन विभाग के प्रधान सचिव राघवेंद्र कुमार सिंह द्वारा प्रस्तुत किया गया था। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में आयोजित क्षेत्रीय, राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय रोड शो और सम्मेलनों की अन्य पीएम मित्र राज्यों में सराहना की गई। एमपीआईडीसी के कार्यकारी निदेशक ने बताया कि अगला लक्ष्य पीएम मित्र पार्क के आसपास सामाजिक बुनियादी ढांचे का विकास करना है, जिसमें स्कूल, कॉलेज, खेल के मैदान, अस्पताल, मनोरंजन केंद्र और कर्मचारियों के लिए स्वच्छ, सुरक्षित और आरामदायक आवास शामिल हैं। सभी आय वर्ग के कर्मचारियों और अधिकारियों के लिए आवास की योजना बनाई जा रही है। पीएम मित्रा पार्क को अत्याधुनिक औद्योगिक क्षेत्र के रूप में विकसित किया जा रहा है। उद्योगों के लिए आवश्यक सभी बुनियादी सुविधाओं के साथ-साथ पर्यावरणीय मानकों पर विशेष ध्यान दिया गया है। इसमें 20 एमएलडी जीरो लिक्विड डिस्चार्ज कॉमन एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट, 10 मेगावाट का सौर ऊर्जा संयंत्र और नियमों के अनुसार हरित क्षेत्र और जलाशयों का विकास शामिल है। वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए, पार्क में बॉयलर में कोयले के उपयोग पर पूर्णतः प्रतिबंध लगा दिया गया है। 38 कंपनियों से 21,500 करोड़ से अधिक का निवेश प्रस्ताव एमपीआइडीसी के कार्यकारी निदेशक हिमांशु प्रजापति के अनुसार, दूसरे चरण की पूर्णता के साथ ही पीएम मित्र पार्क में अब तक कुल 38 कंपनियों से 21,500 करोड़ रुपए से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हो चुके हैं। इन प्रस्तावों के आधार पर बदनावर और आसपास के क्षेत्र में लगभग 55 हजार रोजगार के अवसर सृजित होने की संभावना है। अब तक पार्क में कुल 1,140 एकड़ भूमि आवंटित की जा चुकी है। तीसरे चरण की प्रक्रिया भी शीघ्र शुरू की जाएगी। वर्तमान में लीज डीड और प्लॉट आधिपत्य से संबंधित कार्यवाही लगातार जारी है। 4,500 करोड़ के निवेश प्रस्ताव, 200 एकड़ भूमि आवंटित दूसरे चरण के प्रमुख निवेशकों में भिलोसा इंडस्ट्रीज शामिल है, जिसने 4,500 करोड़ रुपये के निवेश का प्रस्ताव दिया है। कंपनी को 200 एकड़ भूमि आवंटित की गई है। इस इकाई से लगभग 3,500 लोगों को रोजगार मिलने का अनुमान है। पिछले दिनों चेन्नई में आयोजित वस्त्र मंत्रालय के चिंतन शिविर में मध्यप्रदेश के निवेश आकर्षण मॉडल का प्रस्तुतिकरण प्रमुख सचिव, औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन विभाग राघवेंद्र कुमार सिंह ने किया, जिसमें राज्य के औद्योगिक विकास और पीएम मित्र पार्क की प्रगति को प्रमुखता से रखा गया।

3.12 लाख की लागत से बना बालिका शौचालय कुक्षी में, लेकिन पुरुषों के यूरिनल और अधिकारियों की लापरवाही बनी चर्चा का विषय

धार धार जिले के कुक्षी स्थित एक कन्या प्राथमिक विद्यालय में बालिकाओं के लिए बने शौचालय में पुरुषों के यूरिनल लगाए गए हैं। यह निर्माण कार्य वर्ष 2019-20 में 3.12 लाख रुपए की लागत से हुआ था, लेकिन पिछले छह वर्षों से शिक्षा विभाग के अधिकारी इस गंभीर त्रुटि पर कोई ध्यान नहीं दिया।  कुक्षी के सिनेमा चौराहे स्थित शासकीय प्राथमिक विद्यालय क्रमांक 1 में ग्रामीण यांत्रिकी सेवा (आरईएस) विभाग ने यह शौचालय बनाया था। हैरानी की बात यह है कि शौचालय के प्रवेश द्वार पर ‘बालिका शौचालय’ का बोर्ड लगा है, जबकि अंदर पुरुषों के लिए यूरिनल पार्ट स्थापित किए गए हैं। यह मामला तब सामने आया जब रविवार शाम एक जागरूक नागरिक ने शौचालय के अंदर के वीडियो बनाए। इस निर्माण त्रुटि और छह साल तक किसी भी अधिकारी का ध्यान न जाना, गंभीर लापरवाही को दर्शाता है। बीआरसी देंगे जवाब कुक्षी के बीईओ राजेश सिन्हा ने बताया कि प्राथमिक शाला क्रमांक 1 और 2 एकीकृत हैं। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्य बीआरसी कार्यालय की ओर से चलाए जाते हैं और इस मामले में बीआरसी ही जवाब देंगे। प्राथमिक शाला प्रधान ने नहीं दी जानकारी इस संबंध में कुक्षी के बीआरसी सीताराम डावर ने बताया कि बालिकाओं के लिए शौचालय का निर्माण 2020 में हुआ था, उस दौरान वे बीआरसी नहीं थे। उन्होंने इस निर्माण में निर्माण एजेंसी आरईएस की बड़ी गलती बताई। डावर ने यह भी कहा कि प्राथमिक शाला प्रधान राकेश सोनी द्वारा भी उन्हें इस प्रकार की कोई जानकारी नहीं दी गई थी। उन्होंने बताया कि यह प्राथमिक शाला एकीकृत हो जाने के कारण अब प्राचार्य के अधीन आती है। फिलहाल, स्कूल के पीछे बनाए गए अतिरिक्त कक्ष के पास बालिकाओं के लिए शौचालय बनाया गया है।

चार महीने में तैयार होगा इंदौर का डबल डेकर ब्रिज, काम का 80% हिस्सा हो चुका पूरा

इंदौर  इंदौर के लवकुश चौराहे पर बन रहे प्रदेश के पहले डबलडेकर ब्रिज का काम 80 प्रतिशत पूरा हो चुका है। चार माह में इस ब्रिज की सौगात मिल सकती है। यह ब्रिज मेट्रो ट्रैक और सुपर कॉरिडोर बने ब्रिज को पार कर उज्जैन रोड की तरफ उतरेगा। इस ब्रिज की अधिकतम ऊंचाई जमीन से 70 फीट है। ब्रिज के मध्य हिस्से के स्पान रखे जाना शेष है। इसके लिए विशेष क्रेन कंपनी ने मंगाई है। यह काम ट्रैफिक रोककर किया जाएगा।  अपनी ऊंचाई के कारण इस ब्रिज की लंबाई भी शहर के दूसरे ब्रिजों से ज्यादा है। यह ब्रिज डेढ़ किलोमीटर लंबा है और इसके निर्माण पर 300 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं। डबलडेकर ब्रिज के बनने से हर दिन एक लाख लोगों की राह आसान होगी। सिंहस्थ के समय भी यह ब्रिज ट्रैफिक में मददगार साबित होगा। यह ब्रिज अरबिंदो अस्पताल के चौराहे पर खत्म होगा और वहां से इंदौर-उज्जैन छहलेन ब्रिज का काम शुरू होगा। भुजा पर हो रहा डामरीकरण ब्रिज की भुजा पर डामरीकरण शुरू हो चुका है। दोनों तरफ से यह काम जारी है। इसके अलावा ब्रिज के विद्युतीकरण और सौंदर्यीकरण का काम भी चल रहा है। जल्दी ही यह काम पूरा हो जाएगा। जून माह तक ब्रिज का निर्माण पूरा हो जाएगा। इसके बाद ट्रैफिक के लिए यह खोल दिया जाएगा। इंदौर विकास प्राधिकरण के अफसरों का कहना है कि ब्रिज के मध्य हिस्से की डिजाइन में कर्व दिया गया है। इससे ब्रिज पर चलने वाला ट्रैफिक भी सुरक्षित रहेगा और सुंदर भी दिखाई देगा। आपको बता दें कि ब्रिज का भूमिपूजन तीन साल पहले तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने किया था। सुपर कॉरिडोर का ब्रिज सालभर पहले बन चुका था। उसकी दोनों भुजाओं से ट्रैफिक गुजर रहा है।

नलखेड़ा में वकीलों का बड़ा ऐलानएसडीएम सर्वेश यादव के कोर्ट का बहिष्कार, सुसनेर में पहले से हड़ताल; दो तहसीलों में थमा न्यायिक काम

संवाददाता चंदा कुशवाह  नलखेड़ा | 14 फरवरी 2026न्यायालयीन माहौल को लेकर बढ़ते विवाद के बीच नलखेड़ा अधिवक्ता संघ ने बड़ा फैसला लिया है। शुक्रवार को हुई बैठक में संघ ने सर्वसम्मति से सर्वेश यादव के न्यायालय के बहिष्कार का प्रस्ताव पारित कर दिया। वकीलों का आरोप है कि एसडीएम का व्यवहार न्यायालय में संतोषजनक नहीं है, जिससे अधिवक्ताओं में नाराजगी बढ़ रही है।बैठक के बाद संघ पदाधिकारियों ने कहा कि न्यायालय का वातावरण गरिमामय होना चाहिए। यदि अधिवक्ताओं को सम्मानजनक माहौल नहीं मिलता, तो सामूहिक निर्णय लेना मजबूरी बन जाता है।सुसनेर में 13 फरवरी से हड़तालइसी मुद्दे को लेकर सुसनेर में 13 फरवरी से वकीलों की हड़ताल जारी है। अब नलखेड़ा में भी बहिष्कार का प्रस्ताव पारित होने के बाद आंदोलन दो तहसीलों तक पहुंच गया है। इससे राजस्व और न्यायालयीन कार्य प्रभावित होने लगे हैं।काम करने पर कार्रवाई की चेतावनीअधिवक्ता संघ ने स्पष्ट किया है कि बहिष्कार के दौरान यदि कोई वकील एसडीएम कोर्ट में पेश होता है या कार्य करता है, तो उसके खिलाफ संघ के नियमों के अनुसार अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। इसे संगठनात्मक एकता का विषय बताया गया है।प्रशासन से दखल की मांगसंघ ने प्रशासन से मामले में हस्तक्षेप कर समाधान निकालने की मांग की है। वकीलों का कहना है कि जब तक उचित कार्रवाई नहीं होती, बहिष्कार जारी रहेगा।अब निगाहें प्रशासन पर टिकी हैं कि वह इस विवाद को कैसे सुलझाता है और न्यायालयीन कार्य को सामान्य बनाने के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं।

SIP और इक्विटी निवेश का क्रेज, NSE ने पार किया 25 करोड़ ट्रेडिंग अकाउंट का आंकड़ा

मुंबई  भारतीय शेयर बाजार ने एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है. नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) के मुताबिक, भारत में कुल ट्रेडिंग अकाउंट्स (UCCs) की संख्या 25 करोड़ (250 मिलियन) के आंकड़े को पार कर गई है. यह दिखाता है कि अब आम भारतीय नागरिक बचत के पारंपरिक तरीकों को छोड़कर शेयर बाजार पर ज्यादा भरोसा जता रहे हैं. Indian Share Market Growth: इतनी तेजी से कैसे बढ़े निवेशक?  रिपोर्ट के अनुसार, बाजार में निवेशकों की एंट्री अब और भी तेज हो गई है. पिछले एक करोड़ अकाउंट सिर्फ दो महीनों में जुड़े हैं. वहीं, कुल खातों का 20% हिस्सा यानी 5 करोड़ अकाउंट तो पिछले महज 16 महीनों में खुले हैं. इसका मुख्य कारण मोबाइल ऐप के जरिए आसान ट्रेडिंग, कम फीस और बढ़ता डिजिटल इंडिया है. आज एक मिडिल क्लास व्यक्ति भी अपने फोन से सीधे शेयर बाजार में निवेश कर पा रहा है. Indian Share Market Growth: कौन से राज्य हैं सबसे आगे? निवेश के मामले में महाराष्ट्र अभी भी नंबर वन बना हुआ है. यहां राज्यों की हिस्सेदारी कुछ इस प्रकार है:     महाराष्ट्र: 4.2 करोड़ अकाउंट (सबसे ज्यादा 17% हिस्सा)     उत्तर प्रदेश: 2.8 करोड़ अकाउंट (दूसरे स्थान पर)     गुजरात: 2.2 करोड़ अकाउंट     पश्चिम बंगाल और राजस्थान: 1.4 करोड़ अकाउंट प्रत्येक हैरानी की बात यह है कि देश के टॉप 5 राज्य ही मिलकर लगभग आधा (49%) शेयर बाजार संभाल रहे हैं. क्या SIP के जरिए भी बढ़ रहा है निवेश? जी हां, लोग अब सिर्फ सीधे शेयर ही नहीं खरीद रहे, बल्कि म्यूचुअल फंड (SIP) के जरिए भी बाजार में पैसा लगा रहे हैं. अप्रैल 2025 से जनवरी 2026 के बीच करीब 6 करोड़ नए SIP अकाउंट खुले हैं. हर महीने औसतन 28,766 करोड़ रुपये की भारी-भरकम राशि SIP के जरिए बाजार में आ रही है, जो पिछले साल के मुकाबले काफी ज्यादा है. क्या निवेशकों का पैसा सुरक्षित है? NSE ने निवेशकों की सुरक्षा और जागरूकता पर भी जोर दिया है. साल 2025 में लगभग 23,000 जागरूकता कार्यक्रम चलाए गए. साथ ही, ‘इन्वेस्टर प्रोटेक्शन फंड’ (IPF) भी 18.5% बढ़कर 2,791 करोड़ रुपये हो गया है, ताकि किसी गड़बड़ी या धोखाधड़ी होने पर छोटे निवेशकों का पैसा सुरक्षित रहे.

होली स्पेशल ट्रेनें शुरू: जानें किन स्टेशनों पर रुकेंगी और कितने फेरे करेंगी राजस्थान और MP से बिहार जाने

भोपाल  होली के त्योहार के दौरान एक जगह से दूसरी जगह पर आने-जाने वाले यात्रियों की संख्या में अचानक बढ़ोतरी हो जाती है। इसी अतिरिक्त यात्री दबाव को देखते हुए रेल प्रशासन ने लोगों को परेशानी से बचाने और उनकी यात्रा को सुगम बनाने के लिए कुछ स्पेशल ट्रेनों की घोषणा की है। इस दौरान पश्चिम मध्य रेलवे ने मध्य प्रदेश के रानी कमलापति स्टेशन और राजस्थान के सोगरिया स्टेशन से बिहार के दानापुर के लिए दो विशेष ट्रेन चलाने की जानकारी दी है। ये दोनों ट्रेन अलग-अलग दिनों पर चलेंगी और दोनों दिशाओं में कुल चार फेरे लगाएंगी। इसके अलावा रेल विभाग ने भोपाल से रीवा और रानी कमलापति स्टेशन से रीवा के बीच भी विशेष ट्रेन चलाने का फैसला किया है। इन ट्रेनों का किराया सामान्य ट्रेनों की तुलना में 20 से 30 प्रतिशत तक अधिक रहेगा। इन सभी ट्रेनों के चलने के समय और दिन की विस्तृत जानकारी हम आपको इस रिपोर्ट में बता रहे हैं।     गाड़ी संख्या 09821/09822 सोगरिया-दानापुर-सोगरिया स्पेशल ट्रेन (2-2 ट्रिप)     गाड़ी संख्या 01667/01668 रानी कमलापति-दानापुर-रानी कमलापति स्पेशल ट्रेन (2-2 ट्रिप) ट्रेन नंबर 09821 सोगरिया से दानापुर स्पेशल ट्रेन कब चलेगी- 28 फरवरी 2026 (शनिवार) एवं 7 मार्च 2026 (शनिवार) प्रस्थान का समय- सोगरिया से रात 23:10 बजे प्रस्थान करेगी पहुंचने का समय- दूसरे दिन रात्रि 23:45 बजे दानापुर स्टेशन पहुंचेगी ट्रेन नंबर 09822 दानापुर से सोगरिया स्पेशल ट्रेन कब चलेगी- 2 मार्च 2026 (सोमवार) एवं 9 मार्च 2026 (सोमवार) प्रस्थान का समय- दानापुर स्टेशन से मध्य रात्रि 1:15 बजे प्रस्थान करेगी पहुंचने का समय- अगले दिन मध्य रात्रि 01:10 बजे सोगरिया स्टेशन पहुंचेगी। रास्ते में यह ट्रेन दोनों दिशाओं में इन स्टेशनों पर रुकेगी- बारां, सालपुरा, छाबड़ा गुगोर, रुठियाई, गुना, अशोकनगर, महादेवखेड़ी, सागर, दमोह, कटनी, मैहर, सतना, माणिकपुर, प्रयागराज छिवकी, मिर्जापुर, पंडित दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन, बक्सर एवं आरा स्टेशन होकर दानापुर पहुंचेगी। गाड़ी संख्या 01667 रानी कमलापति-दानापुर स्पेशल ट्रेन (2 फेरे) कब चलेगी- 27 फरवरी 2026 (शुक्रवार) और 2 मार्च 2026 (सोमवार) प्रस्थान का समय- रानी कमलापति से दोपहर 14:25 बजे शुरू होगी पहुंचने का समय- अगले दिन सुबह 08:45 बजे दानापुर स्टेशन पहुंचेगी विभिन्न स्टेशनों से निकलने का समय- रानी कमलापति स्टेशन (दोपहर 14:25 बजे प्रस्थान), नर्मदापुरम (15:25 बजे), इटारसी (15:55 बजे), पिपरिया (17:10 बजे), गाडरवारा (17:45 बजे ), नरसिंहपुर (18:25 बजे), जबलपुर (19:40 बजे ), सिहोरा रोड (20:10 बजे), कटनी (20:50 बजे), मैहर (21:40 बजे), सतना (22:15 बजे) से निकलकर मानिकपुर, प्रयागराज छिवकी, मिर्जापुर, पंडित दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन, बक्सर एवं आरा होते हुए अगले दिन सुबह 08:45 बजे दानापुर स्टेशन पहुंचेगी। गाड़ी संख्या 01668 दानापुर-रानी कमलापति स्पेशल ट्रेन (2 फेरे) कब चलेगी- 28 फरवरी 2026 (शनिवार) और 3 मार्च 2026 (मंगलवार) प्रस्थान का समय- दानापुर स्टेशन से सुबह 11:15 बजे शुरू होगी पहुंचने का समय- अगले दिन सुबह 08:55 बजे रानी कमलापति स्टेशन पहुंचेगी। विभिन्न स्टेशनों से निकलने का समय- दानापुर स्टेशन से 11:15 बजे प्रस्थान कर आरा, बक्सर, PDDU जंक्शन, मिर्जापुर, प्रयागराज छिवकी, मानिकपुर होते हुए सतना पहुंचेगी फिर यहां से रात्रि 01:00 बजे निकलेगी, फिर रात्रि 1.28 बजे मैहर से, रात्रि 2:30 बजे कटनी से, रात्रि 3:13 बजे सिहोरा रोड से, तड़के 4.00 बजे जबलपुर से, सुबह 5:00 बजे नरसिंहपुर से, सुबह 5:30 बजे गाडरवारा से, सुबह 6:00 बजे पिपरिया से, सुबह 7:10 बजे इटारसी से, सुबह 7:48 बजे नर्मदापुरम से निकलकर सुबह 8:55 बजे रानी कमलापति स्टेशन पहुंचेगी। रास्ते में यह ट्रेन दोनों दिशाओं में इन स्टेशनों पर रुकेगी- नर्मदापुरम, इटारसी, पिपरिया, गाडरवारा, नरसिंहपुर, जबलपुर, सिहोरा रोड, कटनी, मैहर, सतना, मानिकपुर, प्रयागराज छिवकी, मिर्जापुर, पंडित दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन, बक्सर एवं आरा स्टेशनों पर रुकेगी। स्पेशल ट्रेन के ठहराव एवं समय के बारे में विस्तृत जानकारी www.enquiry.indianrail.gov.in से भी प्राप्त की जा सकती है। रेलयात्री किसी भी कंप्यूटरीकृत आरक्षण केन्द्र या ऑनलाइन IRCTC की वेबसाइट से इन होली स्पेशल ट्रेनों में आरक्षण सुविधा का लाभ उठा सकते हैं।

समर्थन मूल्य पर गेहूं बेचने को किसानों की बढ़ी भागीदारी, मंत्री राजपूत ने साझा किए आंकड़े

20 हजार से अधिक किसानों ने समर्थन मूल्य पर गेहूँ उपार्जन के लिये कराया पंजीयन : मंत्री  राजपूत भोपाल  रबी विपणन वर्ष 2026-27 में समर्थन मूल्य पर गेहूँ उपार्जन के लिये अब तक 20 हजार 98 किसानों ने पंजीयन करा लिया है। किसान 7 मार्च तक पंजीयन करा सकते हैं। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री  गोविंद सिंह राजपूत ने किसानों से अपील की है कि निर्धारित समय में पंजीयन अवश्य करा लें। उन्होंने बताया है कि किसान पंजीयन की व्यवस्था को सहज और सुगम बनाया गया है। कुल 3186 पंजीयन केन्द्र बनाये गए हैं। केन्द्र सरकार द्वारा वर्ष 2026-27 के लिये गेहूँ का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) 2585 रूपये प्रति क्विंटल घोषित किया गया है, जो गत वर्ष से 160 रूपये अधिक है। मंत्री  राजपूत ने बताया कि अभी तक इंदौर संभाग में 4084, उज्जैन में 9524, ग्वालियर में 476, चम्बल में 123, जबलपुर में 788, नर्मदापुरम में 900, भोपाल में 3602, रीवा में 68, शहडोल में 83 और सागर में 450 किसानों ने पंजीयन कराया है। पंजीयन की नि:शुल्क व्यवस्था पंजीयन की निःशुल्क व्यवस्था ग्राम पंचायत और जनपद पंचायत कार्यालयों में स्थापित सुविधा केन्द्र पर, तहसील कार्यालयों में स्थापित सुविधा केन्द्र पर और सहकारी समितियों एवं सहकारी विपणन संस्थाओं द्वारा संचालित पंजीयन केन्द्र पर की गई है। पंजीयन की सशुल्क व्यवस्था पंजीयन की सशुल्क व्यवस्था एम.पी. ऑनलाईन कियोस्क, कॉमन सर्विस सेन्टर कियोस्क, लोक सेवा केन्द्र और निजी व्यक्तियों द्वारा संचालित साइबर कैफे पर की गई है। किसानों को करें एसएमएस खाद्य मंत्री  राजपूत ने बताया है कि विगत रबी एवं खरीफ के पंजीयन में जिन किसानों के मोबाइल नंबर उपलब्ध हैं, उन्हें एसएमएस से सूचित करने के निर्देश दिये गये हैं। गांव में डोंडी पिटवाकर ग्राम पंचायतों के सूचना पटल पर पंजीयन सूचना प्रदर्शित कराने तथा समिति/ मंडी स्तर पर बैनर लगवाने के निर्देश भी दिये गये हैं।  

8वें वेतन आयोग का गणित समझें: सरकारी सैलरी में बढ़ोतरी कितनी, क्या निजी क्षेत्र में भी पड़ेगा असर?

नई दिल्ली  दिल्ली की सर्दी में चाय की चुस्कियों के साथ ऑफिस जाने वाले लाखों कर्मचारी आजकल एक ही बात पर चर्चा कर रहे हैं- 8वां केंद्रीय वेतन आयोग क्या लाने वाला है? आयोग की ऑफिशियल वेबसाइट लाइव हो चुकी है, जहां कर्मचारी, यूनियन और अन्य स्टेकहोल्डर्स 16 मार्च 2026 तक अपने सुझाव और फीडबैक जमा कर सकते हैं. यह आयोग नवंबर 2025 में गठित हुआ था और इसे 18 महीनों के अंदर अपनी सिफारिशें सरकार को सौंपनी हैं, जिनमें वेतन, भत्ते, पेंशन और अन्य सुविधाओं की समीक्षा शामिल है. समझा जा रहा है कि जल्द ही सरकारी कर्मचारियों की सैलरी में बड़ा उछाल आने वाला है. लेकिन एक बड़ा सवाल कई लोगों के मन में है कि क्या ये बदलाव प्राइवेट सेक्टर की सैलरी पर भी असर डालेंगे? तो सच्चाई ये है कि 8वां वेतन आयोग प्राइवेट सेक्टर को सीधे तौर पर कवर नहीं करता. ये आयोग सिर्फ केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों (लगभग 48-50 लाख), डिफेंस पर्सनल और पेंशनर्स (करीब 68-70 लाख) के लिए बना है. प्राइवेट कंपनी में काम करने वाले कर्मचारियों पर इसका कोई कानूनी या डायरेक्ट प्रभाव नहीं पड़ता. न ही प्राइवेट कंपनियों को बाध्य किया जा सकता कि वे इसके हिसाब से सैलरी बढ़ाएं. तो प्राइवेट सेक्टर को कोई लाभ नहीं? नहीं, ऐसा भी नहीं है. हालांकि इसमें प्राइवेट सेक्टर सीधे तौर पर शामिल नहीं होता है. केंद्रीय वेतन आयोग केवल केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों (Central Government Employees), रक्षा कर्मियों (Defence Personnel) और पेंशनभोगियों के वेतन, भत्ते और पेंशन की समीक्षा के लिए बनाया जाता है. इसकी Terms of Reference (ToR) में स्पष्ट रूप से यही लिखा होता है. प्राइवेट सेक्टर के कर्मचारियों की सैलरी पर आयोग कोई सीधी सिफारिश नहीं करता. ऐसे में प्राइवेट सेक्टर पर कोई डायरेक्ट असर नहीं पड़ता. हां, इनडायरेक्ट असर की बात करें तो पिछले वेतन आयोगों में अच्छा-खासा असर देखा गया है. इनडायरेक्ट असर कैसे पड़ता है?     टैलेंट कॉम्पिटिशन (Talent Retention & Attraction): सरकारी सैलरी बढ़ने के बाद अच्छे इंजीनियर्स, MBA, CA, IT प्रोफेशनल्स आदि सरकारी नौकरी की ओर आकर्षित होते हैं. प्राइवेट कंपनियों को इन्हें रोकने या नए हायर करने के लिए सैलरी बढ़ानी पड़ती है. खासकर IT, Banking, Consulting, PSU-Competitive सेक्टर्स में यह असर बहुत ज्यादा दिखता है.     बेंचमार्किंग (Benchmarking): कई बड़ी प्राइवेट कंपनियां जैसे TCS, Infosys, HDFC, L&T आदि अपने वेतन स्ट्रक्चर को सरकारी वेतन आयोग या PSUs के सैलरी लेवल के साथ कम्पेयर करती हैं. 8वें वेतन आयोग में तो ToR में ही प्राइवेट सेक्टर की मौजूदा सैलरी को ध्यान में रखने को कहा गया है.     PSUs पर डायरेक्ट प्रभाव: केंद्रीय PSUs (जैसे ONGC, IOC, SAIL, BHEL) अक्सर केंद्रीय वेतन आयोग के बाद अपना वेतन रिवाइज करती हैं. इससे प्राइवेट सेक्टर में और दबाव बढ़ता है.     इकोनॉमिक मल्टीप्लायर: करीब 50 लाख कर्मचारी और 70 लाख पेंशनर्स की सैलरी बढ़ने से मार्केट में डिमांड बढ़ती है. डिमांड बढ़ने से कंपनियों को प्रोडक्शन बढ़ाना पड़ता है, जिससे वेतन में वृद्धि होती है. पिछले आयोगों का रियल अनुभव 7वें वेतन आयोग (2016) के बाद कई प्राइवेट कंपनियों ने 2016-18 में अच्छी सैलरी हाइक्स दीं, खासकर मिड-लेवल पर. अभी 8वें वेतन आयोग (2026 से लागू होने की संभावना) में अगर फिटमेंट फैक्टर 2.0+ हुआ तो सरकारी सैलरी में 30-35%+ की बढ़ोतरी हो सकती है. इससे प्राइवेट सेक्टर में खासकर एंट्री लेवल और मिड लेवल पर दबाव बढ़ेगा.

सरचार्ज माफी योजना का बड़ा असर, अब तक 5 लाख 58 हजार उपभोक्ताओं को मिला फायदा

समाधान योजना में अब तक 05 लाख 58 हजार से अधिक उपभोक्‍ताओं को मिली सरचार्ज में छूट 553 करोड़ 90 लाख मूल राशि हुई जमा, 267 करोड़ 70 लाख का सरचार्ज हुआ माफ दूसरे चरण में 28 फरवरी तक एकमुश्‍त जमा करने पर सरचार्ज में मिलेगी 90 प्रतिशत तक की छूट भोपाल  मध्यप्रदेश सरकार की समाधान योजना 2025-26 का द्वितीय व अंतिम चरण 28 फरवरी तक लागू है। इस दौरान तीन माह से अधिक के बकायादार उपभोक्‍ताओं को एकमुश्‍त राशि जमा करने पर 90 प्रतिशत तक सरचार्ज में छूट का लाभ दिया जा रहा है। मध्‍य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने कहा है कि पिछले साल 3 नवंबर से शुरू हुई समाधान योजना 2025-26 में शामिल होकर लाखों बकायादार उपभोक्‍ताओं ने छूट का लाभ लिया। कंपनी के प्रबंध संचालक  ऋषि गर्ग ने उपभोक्‍ताओं से अपील की है कि तीन माह से अधिक के बकायादार उपभोक्‍ता योजना के प्रथम चरण में शामिल नहीं हो पाए, वे अब द्वितीय चरण में शामिल होकर अपना बकाया बिल एकमुश्‍त जमा करके 90 फीसदी तक सरचार्ज माफी का लाभ उठा सकते हैं। समाधान योजना में 2025-26 में अब तक मध्‍य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के 5 लाख 58 हजार 598 बकायादार उपभोक्‍ताओं ने अपना पंजीयन कराकर लाभ लिया है। मध्‍य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के खाते में 553 करोड़ 90 लाख से अधिक की मूल राशि जमा हुई है, जबकि 267 करोड़ 70 लाख रूपए का सरचार्ज माफ किया गया है। समाधान योजना 2025-26 के लागू होने से ऐसे अनेक उपभोक्‍ता हैं, जो बकाया बिल जमा कर रहे हैं और एकमुश्‍त बकाया राशि जमा करने पर अधिकतम छूट का लाभ ले रहे हैं। यह योजना उन बकायादार उपभोक्ताओं के लिए वरदान बनी है जो सरचार्ज के कारण मूलधन राशि जमा नहीं कर पा रहे थे। अब उन्हें समाधान योजना के द्वितीय चरण में सरचार्ज में 50 से लेकर 90 प्रतिशत तक छूट के साथ एकमुश्‍त अथवा किस्तों में भुगतान करने का विकल्प मिल रहा है। समाधान योजना 2025-26 : एक नजर में समाधान योजना 2025-26 का उद्देश्य 3 माह से अधिक अवधि के उपभोक्ताओं को बकाया विलंबित भुगतान के सरचार्ज पर छूट प्रदान करना है। यह योजना जल्दी आएं, एकमुश्‍त भुगतान कर ज्यादा लाभ पाएं के सिद्धांत पर आधारित है। योजना में द्वितीय और अंतिम चरण 01 फरवरी से शुरू हो चुका है जो कि 28 फरवरी 2026 तक चलेगा। दूसरे चरण में एक मुश्‍त भुगतान करने पर 70 से 90 फीसदी तथा किस्‍तों में भुगतान करने पर 50 से 60 फ़ीसदी तक सरचार्ज माफ किया जा रहा है। समाधान योजना 2025-26 का लाभ उठाने के लिए उपभोक्ताओं को म.प्र. मध्‍य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी भोपाल के लिये portal.mpcz.in पर पंजीयन कराना होगा। कंपनी के “उपाय” ऐप एवं कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) तथा एमपी ऑनलाइन पर भी पंजीयन की सुविधा उपलब्‍ध है। पंजीयन के दौरान अलग-अलग उपभोक्ता श्रेणी के लिए पंजीयन राशि निर्धारित की गई है। घरेलू एवं कृषि उपभोक्ता कुल बकाया राशि का 10 प्रतिशत तथा गैर घरेलू और औद्योगिक उपभोक्ता कुल बकाया राशि का 25 प्रतिशत भुगतान कर पंजीयन कराकर योजना में शामिल होकर लाभ उठा सकते हैं। विस्तृत विवरण तीनों कंपनियों की वेबसाइटों पर भी देखा जा सकता है साथ ही विद्युत वितरण केंद्र से भी योजना के संबंध में जानकारी ले सकते हैं।  

मध्यप्रदेश के जिलों में रोटेशन: कलेक्टर और SP बदलने की तैयारी, अधिकारी आदेश का इंतजार

भोपाल  मध्यप्रदेश में बजट सत्र खत्म होते ही बड़े प्रशासनिक बदलाव की तैयारी है। सरकार कई जिलों में कलेक्टर और कमिश्नर बदलने की योजना बना चुकी है। सूत्रों के मुताबिक, मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) का कार्य 21 फरवरी को अंतिम प्रकाशन के साथ पूरा हो जाएगा, लेकिन तबादलों की कार्रवाई अब विधानसभा के बजट सत्र के बाद ही की जाएगी। विधानसभा का बजट सत्र 16 फरवरी से 6 मार्च तक चलेगा। परंपरागत रूप से इस दौरान तबादले नहीं किए जाते, इसलिए सत्र समाप्त होते ही मंत्रालय से लेकर मैदानी स्तर तक व्यापक फेरबदल देखने को मिल सकता है। कामकाज के आधार पर होगी छंटनी जानकारी के अनुसार, जिन कलेक्टरों की कार्यप्रणाली संतोषजनक नहीं पाई गई है, उन्हें बदला जाएगा। इस संबंध में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा आयोजित कलेक्टर-कमिश्नर कॉन्फ्रेंस में दिए गए निर्देशों के पालन की समीक्षा की गई है। मुख्य सचिव अनुराग जैन दो बार अधिकारियों के कामकाज का विस्तृत आकलन करा चुके हैं। सामान्य प्रशासन विभाग ने इसकी रिपोर्ट भी तैयार कर ली है। अब अंतिम निर्णय बजट सत्र के बाद लिया जाएगा। सचिव और अपर कलेक्टर भी होंगे प्रभावित फेरबदल सिर्फ कलेक्टर-कमिश्नर तक सीमित नहीं रहेगा। सचिव स्तर के कई अधिकारियों को नए दायित्व दिए जाएंगे। मैदानी स्तर पर अपर कलेक्टरों को भी बदला जा सकता है, खासकर वे अधिकारी जो ढाई साल से अधिक समय से एक ही स्थान पर पदस्थ हैं। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के प्रमुख सचिव पी नरहरि केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर जाने के इच्छुक हैं और उन्हें हरी झंडी भी मिल चुकी है। इसके अलावा सचिव स्तर के अधिकारी श्रीमन शुक्ला और स्वतंत्र कुमार सिंह भी प्रतिनियुक्ति की कतार में बताए जा रहे हैं। अधिकारियों की कमी से बढ़ा दबाव वर्तमान में प्रदेश के 44 अधिकारी केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर हैं, जिनमें 14 अधिकारी 2024-25 में ही गए हैं। इससे प्रदेश में वरिष्ठ अधिकारियों की कमी महसूस की जा रही है। प्रमुख सचिव और अपर मुख्य सचिव स्तर पर कमी के कारण कई अधिकारियों के पास दो से तीन विभागों का अतिरिक्त प्रभार है। इस वर्ष केवल एम. सेलवेंद्रन को ही प्रमुख सचिव पद पर पदोन्नति मिली है। स्पष्ट है कि बजट सत्र समाप्त होते ही प्रदेश में बड़ा प्रशासनिक बदलाव देखने को मिल सकता है, जिसका असर मंत्रालय से लेकर जिलों तक पड़ेगा।

slot server thailand super gacor

spaceman slot gacor

slot gacor 777

slot gacor

Nexus Slot Engine

bonus new member

olympus

situs slot bet 200

slot gacor

slot qris

link alternatif ceriabet

slot kamboja

slot 10 ribu

https://mediatamanews.com/

slot88 resmi

slot777

https://sandcastlefunco.com/

slot bet 100

situs judi bola

slot depo 10k

slot88

slot 777

spaceman slot pragmatic

slot bonus

slot gacor deposit pulsa

rtp slot pragmatic tertinggi hari ini

slot mahjong gacor

slot deposit 5000 tanpa potongan

mahjong

spaceman slot

https://www.deschutesjunctionpizzagrill.com/

spbo terlengkap

cmd368

368bet

roulette

ibcbet

clickbet88

clickbet88

clickbet88

bonus new member 100

slot777

https://bit.ly/m/clickbet88

https://vir.jp/clickbet88_login

https://heylink.me/daftar_clickbet88

https://lynk.id/clickbet88_slot

clickbet88

clickbet88

https://www.burgermoods.com/online-ordering/

https://www.wastenotrecycledart.com/cubes/

https://dryogipatelpi.com/contact-us/

spaceman slot gacor

ceriabet link alternatif

ceriabet rtp

ceriabet

ceriabet link alternatif

ceriabet link alternatif

ceriabet login

ceriabet login

cmd368

sicbo online live

Ceriabet Login

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

casino online

clickbet88

login kudahoki88

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

slot olympus

sbobet

slot thailand

sbobet