“भाजपा एक जहरीला सांप है और लोगों को इससे सावधान रहना होगा” – उदयनिधि स्टालिन
“भाजपा एक जहरीला सांप है और लोगों को इससे सावधान रहना होगा” – उदयनिधि स्टालिन तमिलनाडु CM एम के स्टालिन के बेटे उदयनिधि स्टालिन का बयान
“भाजपा एक जहरीला सांप है और लोगों को इससे सावधान रहना होगा” – उदयनिधि स्टालिन तमिलनाडु CM एम के स्टालिन के बेटे उदयनिधि स्टालिन का बयान
सभी शासकीय महाविद्यालयों में कार्यरत अतिथि विद्वानों को कार्यदिवस की बजाय मासिक वेतन दिया जाएगा और वह 50 हजार रुपये तक होगा।२.शासकीय सेवकों के समान अवकाश की सुविधा भी मिलेगी। अकादमिक सत्र में अपने महाविद्यालय के स्थान पर आप जो चाहेंगे आपके आसपास महाविद्यालय में स्थानांतरण की सुविधा भी दी जाएगी। फालेन आउट अतिथि विद्वानों को भी फिर से रिक्त पदों पर आमंत्रित देंगे। अतिथि विद्वानों और व्याख्याताओं के लिए 25% पद आरक्षित किये जायेंगे। अतिथि विद्वान और व्याख्याता जो लगातार पढ़ाने का काम कर रहे हैं, उनको बाहर नहीं किया जाएगा। सभी शासकीय महाविद्यालयों में कार्यरत अतिथि विद्वान को कार्यदिवस की बजाय मासिक वेतन दिया जाएगा और वह ₹50 हजार तक होगा। आईटीआई वाले अतिथि व्याख्याताओं के लिए भी यह व्यवस्था लागू होगी। अतिथि प्रवक्ताओं का मानदेय भी ₹20 हजार किया जाएगा। अतिथि विद्वानों को शासकीय सेवकों के समान अवकाश की सुविधा मिलेगी। एक अकादमिक सत्र में अपने महाविद्यालय के स्थान पर अतिथि विद्वानों को उनके आसपास महाविद्यालय में स्थानांतरण की सुविधा भी दी जाएगी। अतिथि विद्वान व्याख्याताओं के लिए पीएससी की परीक्षा में संशोधित कर 25 प्रतिशत पद आरक्षित किए जाएंगे। अभी अतिथि विद्वानों को प्रतिवर्ष 4 और अधिकतम 20 अतिरिक्त अंक दिए जाते हैं। इसको बढ़ाकर अधिकतम 10 प्रतिशत तक अंक दिए जाएं, इसकी व्यवस्था की जाएगी। अब कोई भी अतिथि विद्वान, व्याख्याता जो लगातार पढ़ाने का कार्य कर रहा है उसको बाहर नहीं किया जाएगा। हम यह व्यवस्था बनाएंगे कि फॉलेन आउट की नौबत न आए। फालेन आउट अतिथि विद्वानों को भी फिर से रिक्त पदों पर आमंत्रित करेंगे।
“अभी संसद के विशेष का सत्र का एजेंडा नहीं आया है लेकिन इसमें देश के टुकड़े होने वाले हैं” – नाना पटोले महाराष्ट्र कांग्रेस के अध्यक्ष – नाना पटोले ने कहा
“मैं इतना बड़ा सेक्युलर नेता हूं, फिर भी मुझसे गठबंधन का हिस्सा बनने के लिए कांग्रेस ने संपर्क तक नहीं किया” – जेडीएस सुप्रीमो एचडी देवेगौड़ा ने कहा
महाराष्ट्र: सतारा में भिड़े दो समुदाय के लोग, पथराव और आगजनी में 4 घायल; इंटरनेट सेवा बंद
विधायक आलोक चतुर्वेदी ने किया 2 हजार मजदूरों को सम्मानित !! सम्मान पाकर खुश हुए मजदूर, कहां आज जिस तरह चाचा ने मजदूरों को सम्मान दिया है उसी तरह मजदूर भी पज्जन चाचा के साथ है !!
छतरपुर: छतरपुर विधायक आलोक चतुर्वेदी द्वारा संचालित चाचा की रसोई में भोजन करने पहुंचे हजारों लोग
पुलिस मुख्यालय भोपाल द्वारा तबादला सूची जारी हुई है, सूची में उप निरीक्षकों और कार्यवाहक उप निरीक्षकों के नाम हैं। उप निरीक्षकों/कार्यवाहक उप निरीक्षकों की एक तबादला सूची जारी की है इस सूची में 57 पुलिस अधिकारियों के नाम हैं जिन्हें ट्रांसफर किया गया है।
भाजपा विधायक सुशील इंदू तिवारी के कथित भ्रष्टाचार की फाईल लेकर उनके सगे भाई राजेन्द्र तिवारी पहुंचे भोपाल मप्र पनागर के भाजपा विधायक सुशील इंदू तिवारी के कथित भ्रष्टाचार की फाईल लेकर उनके सगे भाई राजेन्द्र तिवारी पहुंचे भोपाल !
भोपाल. मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने वन कर्मचारियों को कई सौगात दी. मुख्यमंत्री चौहान राष्ट्रीय वन शहीद दिवस के अवसर पर घोषणा की कि वनों की सुरक्षा करते हुए शहीद वन कर्मचारियों को सम्मान निधि 10 लख रुपए से बढ़कर 25 लाख दी जाएगी. इसके अलावा लंबे समय से मांग कर रहे वन कर्मचारियों को को ₹1000 प्रति महीना पौष्टिक आहार भत्ता दिया जाएगा. वर्दी भत्ता भी 1250 से बढ़कर ₹5000 करने की बात कही. मुख्यमंत्री चौहान ने यह सभी घोषणाएं वन मंत्री डॉ विजय शाह की आग्रह पर किया है. मुख्यमंत्री चौहान वन भवन के खुले मंच से कहा कि वन विभाग ने फारेस्ट कवर को बढ़ाने का काम किया है. यह मध्य प्रदेश जंगलों की रक्षा करने वाला प्रदेश में बन गया है. देश के साढ़े 12 प्रतिशत वन हमने बचा के रखे है. हमने वन नहीं वन्य प्राणी भी बचाए. हम फिर टाइगर स्टेट है. तेंदूआ, लेपर्ट स्टेट भी हम ही है. घड़ियाल भी हमने ही बचाए है. गिद्दों की रक्षा भी हमारे यहां ही हो रही है. अब चीता स्टेट भी हम बन गए है. वन एवं वन्य प्राणियों को बचाने वाले हम है. सीएम शिवराज ने कहा कि मैं महावत, वन रक्षकों सहित वनों की रखवाली करने वाले मित्रों के साथ बैठक करुंगा. सभी के प्रतिनिधियों को सीएम में बुलाकर उनकी समस्याओं का समाधान करेंगे. मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्लोबल वार्मिंग और क्लाइमेंट चेंज के खतरे यह सिद्ध करते हैं कि दुनिया को भारत के बताए रास्ते पर चलना पड़ेगा. पेड़ बचेंगे तो हम बचेंगे. शहीद स्मारक को देखकर भड़के शाह और लोधी वन भवन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान डेढ़ घंटे से अधिक की देरी से पहुंचे. इसके पहले शहीद स्मारक पर राज्य वन मंत्री राहुल लोधी पहुंचे. शहीद स्मारक देखते ही वन बल प्रमुख आरके गुप्ता से सवाल कर बैठे कि यह किस कॉन्सेप्ट पर बनाया गया है ? पहली नजर देखने से तो कुछ समझ में नहीं आ रहा है? सवाल का जवाब देने के बजाय यह कहकर बच निकले कि इको पर्यटन बोर्ड की सीईओ ही बता सकती हैं. इसी तरह जब वन मंत्री डॉ स्मारक के सामने पहुंचे तो वहां मौजूद विभाग प्रमुख, पीसीसीएफ और एपीसीसीएफ को स्पष्ट निर्देश दिए कि यह जिसने भी बनाया है, उसके भुगतान तत्काल प्रभाव से रोक दिए जाएं. कॉन्सेप्ट ही समझ में नहीं आ रहा है. डॉ शाह ने सवाल किया कि टाइगर स्टेट मध्य प्रदेश के शहीद स्मारक में बब्बर शेर की तस्वीर क्यों है? उन्होंने कहा कि टाइगर की तस्वीर होनी चाहिए थी. इसको रिप्लेस किया जाए. पूर्व वन बल प्रमुख ने भी स्मारक के कॉन्सेप्ट को बकवास बताया. यहां यह बता दें कि स्मारक दिवस मूर्ति कलाकार रॉबिन डेविड ने इको पर्यटन बोर्ड की सलाह पर बनाया है.
ग्वालियर। मध्यप्रदेश के आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियां जोरों पर हैं। भाजपा और कांग्रेस के साथ-साथ अन्य छोटे बड़े दलों के नेता अपनी अपनी दावेदारी पेश करने में जुटे हुए हैं इस चुनाव को लेकर शहर में चर्चाओं का बाजार भी गर्म है। यदि इन चर्चाओं पर गौर किया जाए तो शहर के उन बड़े नेताओं के पैरों तले से जमीन खिसकती नजर आ रही है। जो केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के समर्थक हैं और अपने महाराज का साथ निभाने के लिए न सिर्फ कांग्रेस पार्टी बल्कि अपनी-अपनी विधायकी भी छोड़कर भाजपा में शामिल हुए थे। इनमें से कुछ नेता तो उपचुनाव में ही अपनी सीट हारने के बाद कहीं के नहीं रहे। और जो चुनाव जीत भी गए उनका वर्तमान चुनाव से पहले ही बुरा हाल है। सबसे पहले बात करते हैं ग्वालियर पूर्व विधानसभा की, जो की सबसे हॉट सीट मानी जाती है क्योंकि दोनों केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर और ज्योतिरादित्य सिंधिया इसी विधानसभा क्षेत्र के निवासी हैं। यहां से दो बार हारने के बाद वर्ष 2018 के चुनाव में कांग्रेस से चुनाव जीतकर विधानसभा पहुंचे मुन्नालाल गोयल की। जो सिंधिया समर्थक होने के चलते उनके पीछे-पीछे कांग्रेस छोड़ भाजपा में आ गए और 2020 के उपचुनाव में भाजपा छोड़ कांग्रेस में पहुंचे सतीश सिंह सिकरवार से चुनाव हारकर विधायकी भी गवां बैठे। मुन्नालाल गोयल वैश्य वर्ग से आते हैं और इनके विधानसभा क्षेत्र में वैश्य समाज का वोट बड़ी तादाद में है लेकिन चर्चा तो यह भी है कि कांग्रेस के टिकट पर चुनाव जीतकर पार्टी से भितरघात करने के कारण अपने समाज का भी पूर्ण समर्थन नहीं मिला। सिंधिया समर्थक होने के चलते राज्यमंत्री दर्जा मिला तो सोचा चलो अगला चुनाव लड़ेंगे। जिसके लिए लगातार क्षेत्र की जनता से जुड़ने का प्रयास करते रहे लेकिन आगामी चुनाव से पहले ही चर्चा जोरों पर है कि इसबार टिकिट मिलना मुश्किल है। यदि महाराज के प्रयासों से टिकिट मिल भी गया तो क्या इन्हें जनता स्वीकार करेगी या फिर एक बार कांग्रेस पर विस्वास जताएगी। अब देखना यह है कि यदि टिकिट नहीं मिला तो नेताजी क्या करेंगे। किसी दूसरी पार्टी का दामन थाम कर चुनाव मैदान में उतरेंगे या फिर घर बैठकर अपनी गलती पर पछताएंगे। यहां पार्टी बदलने की बात कहना इसलिए जरूरी है क्योंकि मुन्नालाल गोयल अपना पहला चुनाव जनतादल के झंडे के नीचे लड़कर पार्षद बने। जिसके बाद समाजवादी पार्टी का झण्डा उठाया और फिर कांग्रेस में पहुंचे बाद में कांग्रेस की सरकार गिराकर भाजपा में शामिल हो गए। इनके लिए पार्टी बदलना कोई नई बात नहीं है। अब बात करते हैं ग्वालियर विधानसभा की जहां से वर्तमान में सिंधिया खेमे के ही प्रधुमन सिंह तोमर विधायक हैं और शिवराज सरकार में मंत्री हैं। कुछ महीने की कमलनाथ सरकार को गिराने में ज्योतिरादित्य सिंधिया के साथ अहम भूमिका निभाने वाले प्रधुमन सिंह तोमर कट्टर सिंधिया समर्थक बताये जाते हैं। भाजपा में आने के बाद प्रधुमन सिंह तोमर उपचुनाव में अपनी सीट बचाने में सफल रहे और शिवराज सरकार में मंत्री भी बने लेकिन आगामी विधानसभा चुनाव में इनके क्षेत्र की जनता में इनके प्रति बहुत ज्यादा नाराजगी नजर आ रही है। जिसकी एक बड़ी वजह है क्षेत्र में विकास के नाम पर हुई बेतहाशा तोड़-फोड़ और हजीरा चौराहे की वर्षों पुरानी सब्जीमंडी को प्रसाशन द्वारा जबरन खाली कराकर मंडी को दूसरी जगह स्थानांतरित करना। यहां गौरतलब है कि इस विधानसभा क्षेत्र में गरीब वर्ग का वोटर बड़ी तादाद में है जो सब्जी, फल या खान-पान का कारोबार मंडी परिसर में ओर सड़कों के किनारे हाँथठेलो पर करता है। अब प्रशासन इनके ठेले जबरन इंटक मैदान में लगवाता है। जहां इनका कारोबार ठीक से नहीं चलता जिसके चलते यह वर्ग आर्थिक रूप से परेशान है। जबकि मंत्री जी जब 2018 में कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ रहे थे तब ठेला कारोबारियों से वादा किया था कि सब्जीमंडी नहीं हटेगी। इलाके में बेबजह तोड़फोड़ नहीं होगी लेकिन कांग्रेस छोड़ने और 2020 के उपचुनाव में जीतकर भाजपा सरकार में मंत्री बनने के बाद जनता से किया वादा भूल गए। अब जनता तो नाराज होगी ना और जनता तो चुनाव में ही नेता का हिसाब बराबर करती है। इसके साथ ही इस विधानसभा क्षेत्र में दूसरा बड़ा वर्ग क्षत्रीय (राजपूत) समाज का है और प्रधुमन सिंह तोमर खुद इसी वर्ग से हैं। कुछ सामाजिक और कुछ राजनीतिक व विकास कार्यों को लेकर मंत्री जी से अपने ही समाज की नाराजगी भी बड़े नुकसान की वजह बनती दिखाई दे रही है। जिस तरीके से क्षेत्र में चर्चाओं का बाजार गर्म है उसके हिसाब से तो मंत्री जी मामला खटाई में नजर आ रहा है। जब चर्चा ग्वालियर में सिंधिया गुट की हो और डबरा विधानसभा की बात न कि जाए तो बहुत नाइंसाफी होगी। चलो आपको यहां की चर्चाओं से भी अवगत कराते हैं। यहां से यह विधानसभा सीट भी जिले की हॉट सीट मानी जाती है क्योंकि यह प्रदेश के गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा का गृह नगर है लेकिन कांग्रेस के अभेद्य किले के रूप में इस विधानसभा को देखा जाता है। 2008 में अनुसूचित जाति के लिए रिजर्व होने के बाद से यह सीट कांग्रेस के कब्जे में है। डबरा विधानसभा सीट से 2018 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी के रूप में इमरती देवी ने चुनाव जीता था। इमरती देवी जो ज्योतिरादित्य सिंधिया की कट्टर समर्थक हैं, 2020 में सिधिया के भाजपा में शामिल होने के बाद इमरती भी भाजपा में शामिल हो गईं थी। 2020 में डबरा सीट पर कराए गए उपचुनाव में इमरती देवी को कांग्रेस प्रत्याशी सुरेश राजे के हाथों हार का सामना करना पड़ा लेकिन महाराज की कृपापात्र होने के चलते चुनाव हारने के बाद भी मंत्री दर्जा प्राप्त हो गया। ऐसे में इस बार भी विधानसभा चुनाव में इमरती देवी और सुरेश राजे के बीच ही चुनावी मुकाबला होने के आसार हैं। सिंधिया की करीबी होने के चलते इमरती देवी का टिकट लगभग तय माना जा रहा है लेकिन क्या इमारती देवी अपने क्षेत्र के वोटरों को अपने पक्ष में ला पाएंगी या फिर यहां पूर्व की तरह कांग्रेस का ही झंडा बुलंद होगा। खैर जो भी चर्चायें हैं वह तो टिकिट बंटने ओर चुनाव होने तक चलती … Read more
राज्य सूचना आयुक्त राहुल सिंह ने चंद्रभूषण प्रसाद पूर्व SDM ग्वालियर, वर्तमान में अतिरिक्त कलेक्टर मुरैना,पर जानकारी प्रदान न करने के लिए ₹ 25,000 का दंड लगाया है। एवं ग्वालियर डिवीजन के सार्वजनिक सूचना अधिकारीयों की आरटीआई एक्ट को समझने की कमजोरी के दृष्टिकोण को देखते हुए सिंह ने ग्वालियर डिवीजन के आयुक्त को सूचित किया है कि आयुक्त अधिकारियों को आरटीआई एक्ट पर प्रशिक्षण प्रदान करें।
यू एन ह्यूमन राइट चीफ वोल्कर तुर्क ने भारत में मुस्लिमों के प्रति हो रही हिंसा, भेदभाव और भड़काव बयानबाज़ी पर बयान जारी कर कहा है कि : “भारत रहने वाले अल्पसंख्यक समुदाय हिंसा और भेदभाव का शिकार हो रहे हैं। मुसलमान अक्सर ऐसे हमलों का निशाना बनते हैं, हाल ही में उत्तर भारत में हरियाणा और गुरुग्राम में , मणिपुर में अन्य समुदाय भी मई से हिंसा और असुरक्षा का सामना कर रहे हैं “।
मध्यप्रदेश में चुनाव में घोषणाओं के ऐलान पर ऐलान हो रहे है शिवराज सरकार ने पहले तो सावन में 450 रुपये में गैस सिलेंडर देने की बात कही, लेकिन अब नया घोषणा सामने आयी. जिसके तहत अब पूरे साल में लाडली बहनों को 450 रुपये में गैस सिलेंडर मिलेगा. गैस कंपनियों को सब्सिडी के पैसे सरकार की ओर दिया जाएगा. घोषणा तो हो गई लेकिन हितग्राहियों की शिकायत है कि सावन बीत जाने के बावजूद उन्हें इसका लाभ नहीं मिला. दूसरी तरफ गैस एजेंसी के कर्मचारी भी असमंजस में हैं. एक हकीकत ये भी है कि राज्य में कई बहनें तो ऐसी हैं जिन्हें अभी तक उज्जवला का लाभ ही नहीं मिला.
राजस्व विभाग ने नायब तहसीलदार को राजपत्रित अधिकारी द्वितीय श्रेणी घोषित किया, आदेश जारी मध्य प्रदेश शासन के राजस्व विभाग ने नायब तहसीलदार को राजपत्रित अधिकारी द्वितीय श्रेणी घोषित कर दिया है। नायब तहसीलदार से तहसीलदार के पद पर प्रमोशन का रास्ता भी खुल गया है।