चंद्रयान-3 के सफल लैंडिंग के लिए नमाज़
उत्तर प्रदेश | लखनऊ के इस्लामिक सेंटर में लोग 23 अगस्त को चंद्रयान-3 के सफल लैंडिंग के लिए नमाज़ अदा की.
उत्तर प्रदेश | लखनऊ के इस्लामिक सेंटर में लोग 23 अगस्त को चंद्रयान-3 के सफल लैंडिंग के लिए नमाज़ अदा की.
जबलपुर सिहोरा :पुलिस ने 2 लाख 90 हजार के गांजे के साथ तीन तस्करों को किया गिरफ्तार, पन्ना से गांजा खरीदने आए आरोपी, एनडीपीएस एक्ट की धाराओं के तहत दर्ज किया
विशेष टिप्पणी निरंतर हो रही बाघ और मानव के बीच संघर्ष की लड़ाई में हमेशा बाघ की ही जीत होती है। आज जो स्थितियां बांधवगढ़ में निर्मित हो रही ही वो मानव ने ही निर्मित की हे जिसका खामियाजा हमारे ग्रामीण बनवासी लोगो को उठाना पड़ रहा हे, निरंतर हो रहे कंक्रीट के निर्माण और वनों की अंधाधुंध कटाई ने हमारे बाघ के विचरण क्षेत्र को काफी संकुचित कर दिया है, जिससे बाघ का विचरण क्षेत्र प्रभावित हुआ है। लगातार बाघों की बढ़ती हुई संख्या से उनके रहवास की समस्या उत्पन्न हो गई है उनका कॉरिडोर पूरी तरह से नष्ट नष्ट हो चुका है बाघ आखिर कहां जाए, मानव ने नदियों की दिशाएं तक मोड़ दी अन्य जंगली जानवरों के रहने तक को उजाड़ दिया, बाघ का खाना पीना भी प्रभावित हो चुका है,महज शिकार की लालसा में बाघ ग्रामीण क्षेत्रों में दस्तक दे रहा है, भोजन के लिए गायों बकरियां और पालतू जानवरों की तरफ उसने अपना रुख कर दिया है, यही कारण हे , मानव पर बाघ के आक्रमण का , टेरिटोरियल फाइटिंग बढ़ गई है जो शक्ति में कमजोर जीव है वह बाहर आकर गांव के आसपास मडराते हैं और जो शक्तिशाली हैं वह अपना वजूद घने जंगल में ही बनाए रखते हैं,। जो बाहर होते हे बही मानव के ऊपर शिकार की आशंका होने पर आक्रमण करते हैं। इस दिशा में गंभीरतापूर्वक विचार की आवश्यकता है ।कंक्रीट का निर्माण तुरंत बंद करना होगा वन परीक्षेत्र को विकसित करने की दिशा में सोचना होगा और जो मानव ने अपने स्वार्थों के कारण वनों को उजाड़ दिया, उन्हें पुनः स्थापित करना होगा । प्रतिबंधित क्षेत्र में आज भी निर्माण कार्य जारी है ,उसे रोकने की जरूरत है। शक्ति शाली लोगो को कोई बोलने वाला नही ।बिना एनओसी निर्माण या फिर नियम विरुद्ध एनओसी, पर रोक नही लगी तो आगे आने भविष्य बड़ा भयावह होगा जिसे रोक पाना मुश्किल होगा ।
मऊगंज जिला बनने के बाद नए कलेक्टर द्वारा निरंतर कार्यालयों का निरीक्षण किया जा रहा है ताकि सरकार द्वारा मिलने वाली सुविधाएं आम जन तक पहुंच सके सभी कार्यालय प्रमुख समय पर कार्यालय में पहुंचकर अपनी सेवा दें सीमित संसाधनों और चुनौतियों के बावजूद भी अपने कर्तव्य का पालन करते हुए सरकार की दी हुई व्यवस्था को जनता तक पहुंचाने का काम करें आज सुबह 10 बजे कलेक्टर अजय श्रीवास्तव अचानक दूसरी बार सिविल स्वास्थ्य विभाग मऊगंज के ओपीडी कक्ष में निरीक्षण करने पहुंचे कलेक्टर द्वारा उपस्थिति रजिस्टर मंगाया गया जहां डॉक्टर एसडी कोल पंकज पांडे डॉक्टर रेखा सिंघल के अलावा सभी डॉक्टर और अन्य कर्मचारी अनुपस्थित मिले कलेक्टर द्वारा उपस्थिति रजिस्टर में अनुपस्थित कर सभी को चेतावनी दी गई कि सभी डॉक्टर और कर्मचारी समय पर पहुंचकर ओपीडी में समय दें एवं मरीजों को होने वाली समस्याओं का निराकरण करें वही निरीक्षण के दौरान बीएमओ भी अनुपस्थित रहे उपस्थित कर्मचारियों को साफ सफाई एवं अन्य व्यवस्था सुधारने के निर्देश दिए गए
लगभग 52 साल पहले इंदिरा गांधी ने ‘गरीबी हटाओ देश बचाओ’ का नारा दिया था. गरीबी उस समय भी ज्वलंत विषय था. अब केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने एमपी में ‘गरीब कल्याण महाभियान’ के जरिए चुनावी अभियान की शुरुआत कर दी है. गरीबी हटाओ से गरीबी कल्याण तक सियासी प्रण और रण का नजारा, चुनावी अभियान की कसौटी पर ही कसा जा सकता है. 20 साल की राज्य सरकार का रिपोर्ट कार्ड बीजेपी जारी कर रही है तो कांग्रेस से 53 साल का हिसाब मांग रही है. वक्तव्य और कागज पर गरीबी का परफॉर्मेंस और गरीब कल्याण के लिए पॉलिटिक्स ऑफ़ परफॉर्मेंस चुनावी चर्चा का केंद्र बिंदु बनना लोकतंत्र के लिए अहम पड़ाव कहा जाएगा. सस्ती बिजली, रेवड़ी योजनाएं, नगदी सहायताएं, गरीब कल्याण की बुनियादी आवश्यकता की पूर्ति नहीं करते. गरीबों को पढ़ाई लिखाई, रोजी रोटी और आवास के प्रबंध की सुविधाएं ही गरीब कल्याण की सच्ची अवधारणा को पूरा करते हैं. लोकतंत्र में राजनीतिक दलों की सांसे गरीब कल्याण के नारे के बिना पूरी नहीं हो सकतीं. पहले इसे केवल नारे के रूप में उपयोग राजनीतिक आदत सी बन गई थी. अब पॉलिटिक्स ऑफ़ परफॉर्मेंस और रिपोर्ट कार्ड के जरिए तथ्यों को सार्वजनिक करना, प्रयासों की ईमानदारी को रेखांकित करता है. 2018 में पिछले चुनाव के समय रिपोर्ट कार्ड की स्ट्रेटजी शायद नहीं अपनाई गई थी. यद्यपि राजनीतिक दलों ने अपने वचन पत्र और संकल्प पत्र के माध्यम से अपनी राजनीतिक उपलब्धियों और भविष्य की रणनीति का खुलासा जरूर किया था लेकिन सरकार की ओर से ऐसा रिपोर्ट कार्ड शायद पहली बार सामने लाया गया है. एमपी में बीजेपी सरकार ने अपने लंबे कार्यकाल में कई योजनाओं के जरिए बड़ी आबादी को सरकार के साथ जोड़ने का काम किया है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जन कल्याण योजनाओं का तो आधार ही जनता को सीधे योजनाओं से जोड़ना और सीधे उन तक लाभ पहुंचाना रहा है. इसी कारण देश में पहली बार योजना के लाभार्थियों का एक अलग वर्ग वोटर के रूप में विकसित हो गया है. तमाम राजनीतिक विश्लेषक भी यह कहते रहे हैं कि लाभार्थियों के वर्ग ने चुनाव परिणामों को बीजेपी के पक्ष में प्रभावित किया है. यही कारण है कि बीजेपी आगामी चुनाव में गरीब और लाभार्थी योजनाओं को अपने चुनावी अभियान का महत्वपूर्ण फोकस रखना चाहती है. एमपी में कांग्रेस लंबे समय तक सरकार में रही है. उसके पॉलिटिक्स ऑफ़ परफॉर्मेंस का ट्रैक रिकॉर्ड बहुत उल्लेखनीय नहीं माना जाता है. दिग्विजय सिंह के नेतृत्व में 1993 में बनी कांग्रेस की सरकार 10 साल बाद 2003 में हुए चुनावों में बहुत बुरी तरह से पराजित हुई थी. 230 सदस्यीय विधानसभा में कांग्रेस केवल 38 सीटें जीतने में सफल हुई थी. 2003 के बाद दो साल में उमा भारती और बाबूलाल गौर के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफों के बाद शिवराज सिंह चौहान द्वारा बीजेपी को मध्यप्रदेश में सत्ता में रहने का अभूतपूर्व रिकॉर्ड बनाया गया है. 2018 में सीटों में पिछड़ने के बाद भी मतों की दृष्टि से बीजेपी कांग्रेस से करीब एक लाख मत ज़्यादा पाने में सफल रही थी. कमलनाथ, दिग्विजय सिंह और ज्योतिरादित्य सिंधिया की संयुक्त टीम ने कांग्रेस को सत्ता में पहुंचाया था. इस टीम में ज्योतिरादित्य सिंधिया के समर्थन में विभाजन हो गया और फिर से बीजेपी की सरकार बन गई. अब एमपी में आगामी चुनाव पहले ऐसे चुनाव हैं जब पांच साल के कार्यकाल में कांग्रेस और बीजेपी दोनों सरकारों के परफॉर्मेंस को देखते हुए जनादेश को अपना फैसला करना है. कांग्रेस की 15 महीनों की सरकार के परफॉर्मेंस को चुनाव में स्मरण दिलाने के लिए शायद बीजेपी ने पॉलिटिक्स ऑफ़ परफॉर्मेंस और रिपोर्ट कार्ड का मुद्दा सामने प्रस्तुत किया है. डेवलपमेंट की राजनीति में कांग्रेस के मुकाबले में बीजेपी आगे ही दिखाई पड़ती है. अमित शाह ने कांग्रेस के घोटालों को भी पॉलिटिक्स ऑफ़ परफॉर्मेंस से जोड़ा है. अब तो लगभग यह ऐसा ही दिखाई पड़ रहा है कि अगले चुनाव में कमलनाथ और शिवराज सिंह के चेहरे और परफॉर्मेंस पर जनादेश की मुहर लगेगी. अमित शाह ने कांग्रेस की सरकारों में हुए भ्रष्टाचार की लिस्ट में कुछ ऐसे भ्रष्टाचार गिनाये जिसमें सीधे तौर पर कमलनाथ का नाम जुड़ता है. भ्रष्टाचार चुनावी मुद्दा भले ही नहीं बन पाता हो लेकिन नेताओं के चेहरे जरूर भ्रष्टाचार और सदाचार की गवाही देते हैं. केंद्रीय गृहमंत्री ने कहा कि बीजेपी राजनीति में बदले की कार्रवाई नहीं करती, जांच की प्रक्रिया कानूनी ढंग से काम करती है. भ्रष्टाचार के मामलों में जटिल और लंबी जांच और कानूनी प्रक्रिया के कारण लंबे समय तक दोषी लोगों को दंड नहीं होने से जनमानस में भ्रम की स्थितियां बनती हैं. पॉलिटिक्स ऑफ़ परफॉर्मेंस और पॉलिटिक्स ऑफ़ करप्शन को एमपी के विधानसभा चुनाव में मुद्दा बनाने की कोशिश की जा रही है. बीजेपी परफॉर्मेंस को अपना सबसे बड़ा चुनावी हथियार मान रही है तो कांग्रेस करप्शन के आरोपों से सरकार को कटघरे में खड़ा कर कर रही है. सरकार और विपक्ष की राजनीति लोकतंत्र में बराबर महत्वपूर्ण और सम्मान रखती है. विपक्ष की राजनीति जनभावना के नजरिए से ज्यादा महत्वपूर्ण मानी जाती है. विपक्ष की नाकारा राजनीति लोकतंत्र पर कयामत के लिए पर्याप्त है. चुनाव के समय सरकारों पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाना विपक्षी राजनीति का सबसे बड़ा नकारापन कहा जाएगा. अगर सरकार के कार्यकाल में भ्रष्टाचार की कोई गतिविधियां चल रही थीं तो विपक्ष आखिर क्यों आँखें मूंदे रहा था? विपक्ष ने पूरे समय भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच और सरकार के नुमाइंदों को कटघरे में खड़ा करने के लिए कानूनी हथियार का उपयोग क्यों नहीं किया? जन आंदोलन के जरिए सरकार को दबाव में लाने की राजनीति नहीं करके विपक्ष कहीं विपक्षी लोकतंत्र का आनंद लेने में तो नहीं मशगूल था? एमपी के विधानसभा चुनाव कमलनाथ और शिवराज के चेहरे और परफॉर्मेंस के साथ ही बीजेपी और कांग्रेस के राष्ट्रीय नेतृत्व के परफॉर्मेंस पर भी निर्भर रहेंगे. इस मामले में भी कांग्रेस कमजोर साबित हो रही है. बीजेपी ने नरेंद्र मोदी के फेस और परफॉर्मेंस पर जन विश्वास को देखते हुए ‘एमपी के मन में मोदी’ राजनीतिक अभियान भी शुरू किया है. केवल कमलनाथ और शिवराज के चेहरे और परफॉर्मेंस की तुलना ही अगर की जाए तो संभावित जनादेश के नतीजे का आकलन करना बहुत … Read more
कटनी। कटनी पुलिस अधीक्षक अभिजीत कुमार रंजन के निर्देशानुसार NKJ पुलिस ने दुकानों में अवैध रूप से बैठाकर शराब पिला रहे दुकान संचालकों पर कार्यवाही की है । कल देर शाम NKJ पुलिस अपने बल के साथ दुर्गा चौक पहुंची वहां उन्होंने सड़कों के किनारे लगे ठेले , ठिलिया,उमती पर जांच की जिस दौरान चार दुकान संचालको पर अवैध रूप से बैठकर शराब पिलाने पर कार्यवाही की गई है। सहायक उप निरीक्षक दिनेश बघेल ने बताया कि दुर्गा चौक पर पुलिस बल द्वारा ठेला ठेलिया उमती ,व दुकान पर दबिश देकर जांच की गई जिसमें 4 दुकान संचालक पर अवैध रूप से बैठकर शराब पिलाने को लेकर कार्यवाही की गई है। जिनके विरुद्ध आबकारी एक्ट के तहत कार्यवाही की गई है। वहीं पुलिस ने चार दुकान संचालको से चार देशी पाव जो कि आधे भरे हुए है। डिस्पोजल व240 रुपए नगद जप्त किए हैं
कटनी । निरंतर कार्यवाही के बाद भी पूर्ण रूप से अवैध शराब पर नहीं लग पा रही है लगाम जिससे युवा पीढ़ी बर्बाद हो रही है शराब का सेवन करने की वजह से कई बार लड़ाई झगड़े की नौबत भी आ जाती है इसी क्रम में अवैध मदिरा के संग्रहण, परिवहन, विक्रय, निर्माण रोकथाम हेतु कलेक्टर अवि प्रसाद के निर्देश पर रोजाना अभियान चलाया जाकर दबिश दी जाकर जप्ती की कार्यवाही की जा रही है। जिला आबकारी अधिकारी श्री बघेल ने जानकारी देते हुए बताया कि सोमवार को आबकारी वृत्त बड़वारा के ग्राम बछरवारा, भादावर, मदारी टोला, पठारा, झिंझरी, अमाडी, बडवारा खुर्द में ममता अहिरवार सहायक जिला आबकारी अधिकारी के नेतृत्व में दबिश दी गई। इस दौरान आबकारी की टीम बी द्वारा 165 किलोग्राम महुआ लाहन, 2 लीटर अवैध हाथ भट्टी मदिरा एवं 5 पाव प्लेन मदिरा के जप्त किये गए तथा मौके पर महुआ लाहन का सैंपल लिया जाकर नष्ट किया गया। जप्त किये गये लाहन तथा मदिरा की अनुमानित राशि लगभग 17 हजार 500 रूपये है। अभियान के दौरान 4 न्यायालयीन प्रकरण मध्यप्रदेश आबकारी अधिनियम 1915 की धारा 34 (1) क एवं च के पंजीबद्ध किये गये। दबिश के दौरान आबकारी उपनिरीक्षक मोना दुबे, अभिषेक सिंह बघेल, केशव प्रसाद उईके, आबकारी आरक्षक शिवमूरत नामदेव, देवेन्द्र प्यासी, सम्मिलित रहे। जिला आबकारी अधिकारी ने जानकारी दी कि जिले में अवैध मदिरा के विरूद्ध इस प्रकार की कार्यवाही लगातार जारी रहेगी
शब्द पवर, बेतुल घोड़ाडोंगरी / सारेरहा बैतूल शिक्षा विभाग में गुमराह करने का कार्य इन दिनों देखने को मिल रहा है… चुके समय-समय पर समाचार पत्र के माध्यम से जिला प्रशासन के साथ ही शिक्षा विभाग में बैठे वरिष्ठ अधिकारियों को घोड़ाडोंगरी जन शिक्षा केंद्र अंतर्गत कई शासकीय अशासकीय शालाओं में हो रही शिक्षकों एवं अशासकीय शाला ओ के संचालकों द्वारा हो रही अनियमिता से अवगत कराते आए हैं… जिसमें पिछले दिनों बीआरसीसी श्री पीसी बोस ने साथियों के साथ बिना अनुमति अशासकीय शालाओ पर दैनिक नर्मदा की पुकार समाचार पत्र में समाचार प्रकाशित किए जाने के पश्चात शिक्षा विभाग की ओर से खानापूर्ति ही कहा जाएगा, जैसे कि अशासकीय शाला अल्फाबेट एवं ऑक्सफोर्ड शाला का औचक निरीक्षण किया गया… निरीक्षण के दौरान संस्था प्रभारियों को शाला संचालित नहीं किए जाने को लेकर चेतावनी देकर खानापूर्ति की गई थी… जोकी कार्यालय कलेक्टर जिला शिक्षा केंद्र बैतूल पत्र क्र/जशिकें/ मान्यता/2023/420 दिनांक 17/08/2023 एवं कार्यालय कलेक्टर (जिला शिक्षा केंद्र) के पत्र क्र./जशिकें/आरटीई/मान्यता/2023/154 दिनांक 30/06/2023 की अवहेलना की जा रही, ऐसा प्रतीत होने लगा है… जबकि कार्यालय कलेक्टर जिला शिक्षा केंद्र बेतूल द्वारा जिला परियोजना समन्वयक जिला शिक्षा केंद्र बैतूल के माध्यम से दिनांक 17/08/2023 को क्र./जशिकें/मान्यता/2023/420 ‘आ’ को प्रतिलिपियों के माध्यम से भोपाल, बैतूल एवं घोड़ाडोंगरी वरिष्ठ एवं कनिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराने के पश्चात भी अशासकीय शालाओं में खानापूर्ति या चेतावनी देकर चलते बनना, कहीं न कहीं कथनी और करनी दर्शाती है… जिसका प्रमाण आज भी अशासकीय शाला निरंतर संचालित हो रहे हैं… वही बीआरसीसी घोड़ाडोंगरी के श्री बोस ने बताया कि स्कूलों की मान्यता को लेकर नवीन एवं नवीनीकरण मान्यता हेतु प्रथम अपीलीय अधिकारी कलेक्टर द्वारा निरस्त की गई थी… साथ ही सूचनाएं मिल रही थी, कि स्कूलों का संचालन बिना मान्यता के हो रहा है…जिस को लेकर अशासकीय अल्फाबेट पब्लिक स्कूल कॉलेज रोड बगङोना और अशासकीय ऑक्सफोर्ड इंटरनेशनल स्कूल सलैया का औचक निरीक्षण किया गया था…निरीक्षण के दौरान स्कूल भवन में बच्चे नहीं मिले…बच्चों की उपस्थिति को लेकर कोई अभिलेख भी स्कूल में नहीं मिला…स्कूल का बोर्ड लगा था, जिसे हटवाया गया…इसके पूर्व 9 अगस्त को भी इन स्कूलों को पत्र जारी कर आगाह किया गया था, कि बिना मान्यता के पालकों को गुमराह कर स्कूल संचालित न करें…अगर ऐसा पाया जाता है, तो आरटीई की धारा 18 खंड 5 के अंतर्गत कार्यवाही की जाएगी… जिसमें अर्थ दंड का प्रावधान है… निरीक्षण के दौरान पंचनामा बनाया गया, और संस्था प्रभारी के कथन लिए गए, जिसमें संचालकों ने स्वीकार किया कि उनके द्वारा स्कूल का संचालन नहीं किया जा रहा है, बिना मान्यता के स्कूल का संचालन नहीं करेंगे, बीआरसी ने बताया कि चेतावनी दी गई है, कि बिना मान्यता स्कूल का संचालन नहीं करें, अन्यथा कार्रवाई की जाएगी…जबकि जांच दल पहुंचने से पहले ही स्कूल का बोर्ड हट चुका था, साथी ही बच्चों की उपस्थिति को लेकर अभिलेख भी मिटाया गया था, स्कूल के बच्चों को छुट्टी दे दी गई थी…. वही बीआरसीसी जांच दल को देखते ही संबंधित शालाओं के शिक्षक दबे पैर शाला एवं शाला परिवार से बाहर निकल पड़े, बीआरसी जांच दल के साथ मीडिया कर्मी को देख संचालक द्वारा गहमागहमी करने की कोशिश की गई, जोकि नाकाम रही…
जबलपुर –: एम.पी. ट्रांसको (म.प्र. पावर ट्रांसमिशन कंपनी) ने विदिशा जिले के 220 के.व्ही. सबस्टेशन गंजबसोदा में अतिरिक्त 160 एम.व्ही.ए. क्षमता का नया पावर ट्रांसफार्मर स्थापित किया है। मध्यप्रदेश के ऊर्जा मंत्री श्री प्रद्युमन सिंह तोमर ने बताया कि विदिशा क्षेत्र में एम.पी. ट्रांसको की पारेषण क्षमता को सुदृढ़ता और अधिक भरोसेमंद करने के लिये सबस्टेशन की क्षमता वृद्धि करते हुये 160 एम.व्ही.ए. क्षमता का पावर ट्रांसफार्मर ऊर्जीकृत किया है। इस ट्रांसफार्मर के स्थापित हो जाने से 220 के.व्ही. गंजबसोदा सबस्टेशन की क्षमता बढ़कर 320 एम.व्ही.ए. हो गई है। मध्यप्रदेश के ऊर्जा मंत्री श्री प्रद्युमन सिंह तोमर ने बताया कि लगभग 14.84 करोड़ रूपये की अनुमानित लागत से स्थापित इस ट्रांसफार्मर को भोपाल स्काडा कंट्रोल सेंटर से रिमोट टेक्नालॉजी के माध्यम से ऊर्जीकृत करने में सफलता हासिल हुई है। विदिशा जिले में पहली बार इस तकनीक का उपयोग हुआ है, इस तकनीक में मानव और कम्प्यूटर मशील के तालमेल से सबस्टेशनों के उपकरणों को नियंत्रित एवं संचालित किया जाता है। श्री तोमर ने बताया कि इस क्षमता वृद्धि से विदिशा जिले की पारेषण क्षमता को सुदृढ़ता प्रदान हुई है, इससे गंजबसोदा से जुडे़ 132 के.व्ही. के शहर्वासा, बरेथ, ग्यारसपुर सबस्टेशनों को फायदा पहुॅचेगा, इसके अलावा सिरोंज, केलावा, कंजाना, मासोदपुर, सोमवारा, बासौदा, गुलाबगंज, व्योंदा, पठारी, बनवा जागीर, उदयपुर आदि क्षेत्रों के विद्युत उपभोक्ताओं को गुणवत्तापूर्ण विद्युत आपूर्ति उपलब्ध रहेगी। ऊर्जा मंत्री श्री प्रद्युमन सिंह तोमर ने इस सफलता के लिये एम.पी. ट्रांसको के कार्मिकों को बधाई दी है। ” 78165 एम.व्ही.ए. हो गई है कुल स्थापित क्षमता “ एम.पी. ट्रांसको के अधीक्षण अभियंता श्री मोहम्मद याकूब मंसूरी ने बताया कि कुल स्थापित ट्रांसफारमेशन क्षमता बढ़कर अब 78165 एम.व्ही.ए. की हो गई है, जिसमें 400 के.व्ही. में 11095 एम.व्ही.ए., 220 के.व्ही. में 32585 एम.व्ही.ए. तथा 132 के.व्ही. में 34485 एम.व्ही.ए. क्षमता विद्यमान है। एम.पी. ट्रांसको मध्यप्रदेश में अपने 414 अति उच्चदाब सबस्टेशनों के माध्यम से विद्युत पारेषण करती है। जिसमें 400 के.व्ही. के 14, 220 के.व्ही. के 88 तथा 132 के.व्ही. के 312 सबस्टेशन शामिल है। एम.पी. ट्रांसको अपने कुल 1006 अति उच्च दाब पावर ट्रांसफार्मरों के माध्यम से प्रदेश में विद्युत आपूर्ति करती है।
रीठी /बहोरीबंद/ कटनी। हड़ताल होने की वजह से राशन दुकान नहीं खुल पा रही है जिससे नागरिकों की परेशानी बढ़ गई है हालांकि कई क्षेत्रों में 60 परसेंट अनाज वितरित हो गया है जानकारी के अनुसार हड़ताल खत्म होने के बाद जैसा आदेश आएगा उसे हिसाब से कम किया जाएगा रीठी क्षेत्र की कई राशन दुकान में राशन बट गया है कुछ अभी बाकी है लोग इंतजार कर रहे हैं मध्यप्रदेश सहकारी समिति महासंघ संयुक्त मोर्चा की अगुवाई में पैक्स कर्मचारी वर्तमान मे अनिश्चित कालीन हड़ताल पर हैं। लंबित मांगों को लेकर लामबंद पैक्स कर्मचारी कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन कर रहे हैं। जिससे जिले के अलावा बहोरीबंद विकासखण्ड की 79 राशन दुकानों व 16 सहकारी समितियों पर ताला लटक रहा है। जिससे ग्रामीण क्षेत्र में खाद्यान्न और खाद वितरण व्यवस्था ठप हो गई है। सहकारी समितियों से किसानों और हितग्राहियों को लौटना पड़ा। वही खाद्य विभाग अधिकारियों का दावा है कि 15 अगस्त तक राशन दुकानों पर 60 फीसदी राशन वितरण हो गया है। 28 हजार उपभोक्ता परिवार को ही वितरण हो पाया हैं। खाद्यान्न- बहोरीबंद विकासखण्ड में राशन उपभोक्ताओं के परिवारों की संख्या 41 हजार 566 है। जिसमे से 28 हजार उपभोक्ता परिवारों को ही राशन वितरण हो पाया है। अभी भी 13 हजार 566 उपभोक्ता परिवार राशन से वंचित है। खाद्यान्न न मिलने का कारण सभी समिति प्रबंधक, राशन बिक्रेता,सहायक राशन विक्रेता व चपरासी हड़ताल पर हैं। जिस कारण राशन नही बाटा जा रहा। महंगे दामों मैं बाजार से लेनी पड़ रही खाद- राशन न मिलने की समस्या से जहां गरीब तबके के हितग्राही परेशान तो है ही वही किसान भी सहकारी समितियों से खाद न मिलने के कारण परेशान है। समितियों के सहायक प्रबंधक भी लंबित मांगो को लेकर अनिश्चित कालीन हड़ताल पर है। जिससे समितियों मैं भी ताला लटका हुआ । जिस कारण किसानों को खाद नही मिल पा रही है। कृषक संतोष यादव, राजेन्द्र कुशवाहा, विजय कुशवाहा, राकेश ठाकुर ने बताया कि वर्तमान मे हुई बारिश से धान की फसल को संजीवनी मिल गई है। जिससे यूरिया व डीएपी खाद का छिड़काव फसल पर छिड़काव करना जरूरी है। लेकिन समितियों से खाद नही मिल पा रही है। जिस कारण बाजार से महंगे दामो पर खाद लेना पड़ रहा है। वहीं सहकारी कर्मचारियों का कहना था कि लंबित मांगों को लेकर मुख्यमंत्री, सहकारिता मंत्री, खाद्य मंत्री को जिला स्तर से लेकर भोपाल स्तर पर ज्ञापन दिया गया। आश्वासन के बाद भी आज तक निर्णय नहीं लिया गया। 22 अगस्त को भोपाल में जुटेंगे कर्मचारी- मध्यप्रदेश सहकारिता समिति कर्मचारी महासंघ के प्रांतीय महासचिव दिनेश द्विवेदी ने जानकारी देते हुए बताया कि अभी 21 अगस्त तक जिला स्तर पर प्रदर्शन चलेगा और मांगे पूरी नहीं होने 22 अगस्त को भोपाल में पैक्स के कर्मचारी जुटेंगे। लंबित मांगों को लेकर जंगी प्रदर्शन करेंगे। बात नहीं बनी तो वे उग्र आंदोलन करेंगे। जो लंबित मांगे है उनमें शासकीय कर्मचारियों के समतुल्य वेतनमान दिया जाए, सहकारी बैंकों में समिति सहायक पदों पर शीघ्र पदोन्नति की जाए व पीओएस मशीन से स्टाक कम करने व कार्रवाई पर तत्काल रोक लगाई जाए। इस विषय पर खाद्य निरीक्षक रविंद्र पटेल से बात की गई तो उन्होंने बताया कि हड़ताल के बाद जैसी स्थिति होगी उस हिसाब से काम किया जाएगा
बॅंक ऑफ बारोड़ा का भाजापा सांसद सन्नी देओल ने 56 करोड़ का लोन नहीं चुकाया कल नीलामी की नोटिस लगी और आज हट गई, ‘तकनीकी’ कारण बता दिया गया। आम आदमी दो महीने 56 सौ की क़िस्त न दे तो फ़ोन कर कर के पागल कर देंगे बैंक।
7 अगस्त को दो अहम फैसले लिए गए, निर्यात पर 40 फीसदी टैक्स लगाया गया लेकिन इसके साथ ही NCCF और NAFED 3 लाख की जगह 5 लाख टन प्याज खरीदेंगे, ताकि हमारे किसानों को कोई दिक्कत न हो। दो लाख टन 2410 रुपये प्रति क्विंटल पर खरीदी जाएगी। NCCF और NAFED विभिन्न क्षेत्रों में उपभोक्ताओं को 25 रुपये किलो की रियायती दर पर प्याज बेचेंगे। यह सब्सिडी सरकार द्वारा प्रदान की जाएगी। यह काम कल से शुरू हो गया है। उपभोक्ता और किसान दोनों हमारे लिए मूल्यवान हैं। हमारे अन्नदाता (किसानों) को अच्छी कीमत मिले। मैं सभी किसानों को आमंत्रित करता हूं कि वे अपना प्याज अच्छे दामों पर बेचें और उन्हें किसी बात की चिंता करने की जरूरत नहीं है: पीयूष गोयल, केंद्रीय मंत्री
इंदौर में 15 अगस्त को भाजपा की तिरंगा यात्रा पर पेट्रोल बम फेके गए। मीडिया और नेताओ ने इसका शक मुसलमानों पर जताया और माहौल बनने की कोशिश की। CCTV के आधार पर इंदौर पुलीस ने छत्तीपुरा थाने में तीन लोगों पर 435 IPC के तहत FIR दर्ज़ की। छत्तीपुरा थाना प्रभारी, कपिल शर्मा ने बताया कि पुलिस ने दो युवकों — विजय मालवीय और राकेश प्रजापत — को गिरफ्तार किया जबकि घनश्याम नायक फरार है। यह तीनों मोटर फिटिंग का काम करते थे और दारू की बोतल से पैट्रोल बम बनाया था। बम फेके जानें कि वजह का खुसला पुलीस ने नहीं किया है पर #कांग्रेस का इल्ज़ाम है कि तीनों युवकों को किसी ने बम फेंकने के लिए पैसे दिए दिए थे ताकि दंगा भड़काया जा सके। पुलिस को इसका खुलासा करना चाहिए। हालाकि पुलीस जांच की बात कह कर अभी कुछ भी बोलने को तैयार नहीं। उन्होंने इल्ज़ाम लगाया :- भाजपा नेताओं द्वारा सुपारी देकर तिंरगा यात्रा पर फिकवाया गया पैट्रोल बॉम्ब। CCTV के आधार पर पुलिस ने 3 पर मामूली धारा में FIR दर्ज़ कर विजय मालवीय और राकेश प्रजापत को गिरफ्तार किया। तिंरगा पर बम फेंकने और दंगा भड़काने की कोशिश करने वालों पर सख़्त कार्यवाही क्यों नहीं हो रही? शिकायतकर्ता के नाम बदल दिए गए ताकि आरोपियों को कोर्ट में बचाया जा सके। आरोपी भाजपा नेता से जुड़े है साथ ही उनकी तस्वीर भी जारी की। आगामी चुनाव में भाजपा दंगे करवा कर राजनैतिक लाभ लेना चाहती है। पुलिस पर दंगा करवाने वालों को संरक्षण देने का लगाया आरोप।
केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य ने दावा किया है कि मध्य प्रदेश में 2023 और देश में 2024 का चुनाव भाजपा ही जीतेगी, इन चुनावों में कांग्रेस कहीं नहीं है, सिंधिया समर्थकों के टिकट कटने के सवाल पर उन्होंने कहा कि कोई मेरा नहीं कोई तेरा नहीं है जो कोई है सब भाजपा के हैं।-
उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री व मप्र के पूर्व राज्यपाल रामनरेश यादव की पौत्रवधू रोशनी यादव ने भारतीय जनता पार्टी की प्राथमिक सदस्यता एवं जिला उपाध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया है।वह वर्तमान में जिला पंचायत की सदस्य भी हैं वह निवाड़ी से वि स का चुनाव लड़ने का प्रयास भी कर रही है। मध्यप्रदेश के जिले निवाड़ी की जिला पंचायत सदस्य एवं भाजपा जिला उपाध्यक्ष रोशनी यादव।