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अखिल भारतीय बाघ गणना के तहत कोटा परियोजना मंडल में प्रशिक्षण कार्यक्रम

रायपुर. अखिल भारतीय बाघ गणना पर कोटा परियोजना मण्डल में विशेष प्रशिक्षण आयोजित छत्तीसगढ़ राज्य वन विकास निगम लिमिटेड के प्रबंध संचालक की प्रेरणा एवं क्षेत्रीय महाप्रबंधक बिलासपुर के मार्गदर्शन में अखिल भारतीय बाघ गणना से संबंधित विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम कोटा परियोजना मण्डल द्वारा आयोजित की गयी। यह प्रशिक्षण विगत दिवस शिवतराई विश्राम गृह में निगम के अधिकारियों एवं कर्मचारियों के लिए आयोजित की गया। प्रशिक्षण का उद्देश्य बाघों की संख्या का वैज्ञानिक आंकलन, उनके आवास एवं गतिविधियों की पहचान तथा क्षेत्र में पाए जाने वाले अन्य मांसाहारी एवं शाकाहारी वन्यप्राणियों की गणना की आधुनिक विधियों से कर्मचारियों को प्रशिक्षित करना था। प्रशिक्षण सत्र के दौरान विशेषज्ञों द्वारा बाघों की पहचान, पगमार्क, मल एवं खरोंच के निशानों के माध्यम से उपस्थिति की पुष्टि, कैमरा ट्रैप तकनीक का व्यावहारिक उपयोग, फील्ड डाटा संग्रहण एवं निगरानी की आधुनिक प्रणालियों की जानकारी दी गई। साथ ही हिरण, सांभर, नीलगाय, जंगली सूअर जैसे शाकाहारी वन्यप्राणियों तथा तेंदुआ जैसे अन्य मांसाहारी वन्यप्राणियों की गणना की वैज्ञानिक पद्धतियों पर भी प्रकाश डाला गया। प्रशिक्षण में यह भी बताया गया कि एकत्रित आंकड़ों के विश्लेषण के माध्यम से बाघों की वास्तविक संख्या, उनके शिकार प्रजातियों की उपलब्धता तथा वन्यजीव संरक्षण की स्थिति का आंकलन कैसे किया जाता है। इससे वन अधिकारियों को संरक्षण योजनाओं के निर्माण एवं प्रभावी रणनीति तय करने में सहायता मिलेगी। उल्लेखनीय है कि इस प्रशिक्षण कार्यक्रम से बाघ संरक्षण को सशक्त बनाने, अवैध शिकार पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने तथा वन्यजीव प्रबंधन की गुणवत्ता में सुधार करने में मदद मिलेगी। प्रशिक्षण में मण्डल प्रबंधक, कोटा उपमण्डल प्रबंधक, परियोजना परिक्षेत्र अधिकारी, सहायक परियोजना क्षेत्रपाल, क्षेत्ररक्षक एवं चौकीदारों ने भाग लिया। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम बाघ संरक्षण एवं वन्यजीव प्रबंधन की दिशा में एक महत्वपूर्ण एवं उपयोगी पहल सिद्ध होगा।

छात्रों को बोस-आइंस्टीन सिद्धांत से कराया गया परिचय

रायपुर. आचार्य बोस के शोध कार्य से प्रेरित होकर अल्बर्ट आइंस्टीन ने उनके सिद्धांतों को बढ़ाया आगे: प्रोफेसर शिव कुमार पाण्डेय भारत के महान वैज्ञानिक आचार्य सत्येन्द्रनाथ बोस जी की पुण्यतिथि के अवसर पर एक विशेष व्याख्यान कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम छत्तीसगढ़ रीजनल साइंस सेंटर एवं छत्तीसगढ़ विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद के संयुक्त तत्वावधान में संपन्न हुआ। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय, रायपुर पूर्व कुलपति डॉ. एस.के. पाण्डेय थे। प्रोफेसर डॉ. एस.के. पाण्डेय ने विस्तृत व्याख्यान में बताया कि आचार्य सत्येन्द्रनाथ बोस के सम्पूर्ण जीवन-वृत्त पर प्रकाश डालते हुए उनके बाल्यकाल, शिक्षा, शैक्षणिक जीवन एवं वैज्ञानिक उपलब्धियों का क्रमबद्ध एवं प्रेरणादायी विवरण प्रस्तुत किया। उन्होंने विशेष रूप से क्वांटम भौतिकी के क्षेत्र में आचार्य बोस के ऐतिहासिक योगदान को रेखांकित करते हुए बोसदृआइंस्टीन सांख्यिकी की अवधारणा को सरल एवं प्रभावी ढंग से समझाया। व्याख्यान के दौरान उन्होंने बोसॉन की संकल्पना, उनकी विशेषताओं तथा आधुनिक भौतिकी में उनकी भूमिका को उदाहरणों के माध्यम से विस्तारपूर्वक स्पष्ट किया। उन्होंने यह भी बताया कि आचार्य बोस के शोध कार्य से प्रेरित होकर अल्बर्ट आइंस्टीन द्वारा उनके सिद्धांतों को आगे बढ़ाया गया, जिसके परिणामस्वरूप बोस-आइंस्टीन संघनन जैसी महत्वपूर्ण वैज्ञानिक अवधारणा का विकास हुआ, जिसका उपयोग आज आधुनिक भौतिकी, क्वांटम अनुसंधान एवं उन्नत प्रौद्योगिकियों में किया जा रहा है।  कार्यक्रम का शुभारंभ साइंस सेंटर के महानिदेशक प्रशांत कविश्वर के स्वागत उद्बोधन से हुआ। उन्होंने अपने संबोधन में आचार्य सत्येन्द्रनाथ बोस के वैज्ञानिक योगदान, उनकी मौलिक सोच तथा युवा पीढ़ी के लिए उनके प्रेरणादायी जीवन पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम में शासकीय विद्यालय दलदल सिवनी एवं बी.पी. पुजारी स्वामी आत्मानंद शासकीय विद्यालय के छात्र-छात्राओं की सक्रिय सहभागिता रही। इसके साथ ही बी.एड., डी.एड. विज्ञान विषय के शिक्षक भी कार्यक्रम में शामिल हुए। कार्यक्रम में राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद, रायपुर के अतिरिक्त संचालक से जे.पी. रथ, सहित छत्तीसगढ़ रीजनल साइंस सेंटर एवं छत्तीसगढ़ विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद के वैज्ञानिकों, अधिकारियों एवं कर्मचारियों की भी उपस्थिति रही।

अग्निवीर भर्ती अलर्ट: भारतीय सेना ने जारी किए अहम दिशा-निर्देश, यह नियम तोड़ा तो चयन रद्द तय

नई दिल्ली इंडियन आर्मी अग्निवीर भर्ती 2026 के रजिस्ट्रेशन शुरू होने से पहले अग्निवीर ट्रेड्मैन केटगरी के पद से जुड़ा एक बेहद अहम नियम जारी किया गया है। इंडियन आर्मी भर्ती की आधिकारिक वेबसाइट joinindianarmy.nic.in पर नोटिस जारी कर कहा गया है कि जो अभ्यर्थी 8वीं व 10वीं ट्रेड्मैन अग्निवीर पदों के लिए आवेदन करेंगे, उन्हें अपनी पसंद के ट्रेड खुद भरने होंगे। 10वीं पास अभ्यर्थी अधिकतम 9 ट्रेड चुन सकेंगे। वहीं 8वीं पास अभ्यर्थियों के लिए 2 ट्रेड का विकल्प दिया जाएगा। यदि कोई अभ्यर्थी ट्रेड नहीं भरता है तो मेरिट में आने के बावजूद उसका चयन नहीं हो पाएगा। इंडियन आर्मी ने नोटिस में कहा, ‘अभ्यर्थियों को अग्निवीर ट्रेड्समैन श्रेणी के अन्तर्गत उनके पसंद के ट्रेड्स का विकल्प दिया जाना आवश्यक है। अग्निवीर ट्रेड्समैन (10 वीं पास) श्रेणी के अंतर्गत कुल 09 ट्रेड तक के विकल्प तथा अग्निवीर ट्रेड्समैन (8वीं पास) श्रेणी में दो ट्रेड तक के विकल्प का चयन अभ्यर्थी अपनी प्राथमिकता के आधार पर निर्धारित कर सकता है। इसके अतिरिक्त, यदि अभ्यर्थी अपनी प्राथमिकताओं के चयन में किसी विशिष्ट ट्रेड को शामिल नहीं करता है तो ऐसी स्थिति में मेरिट में होने के बावजूद उसका चयन नहीं किया जाएगा तथा प्राथमिकता के आधार पर चुनी गई श्रेणी में रिक्तियों की अनुपलब्धता के कारण उसे चयन से वंचित कर दिया जाएगा।’ आवेदन के लिए 3 फरवरी की डेट वेबसाइट से हटाई वर्ष 2026 की इंडियन आर्मी अग्निवीर भर्ती के लिए ऑनलाइन आवेदन 3 फरवरी 2026 से शुरू होने थे लेकिन ऐन वक्त पर ये डेट हटा ली गई। अब लिखा गया है कि अग्निवीर भर्ती के आवेदन जल्द ही शुरू होंगे। नई अग्निवीर भर्ती आवेदन प्रक्रिया जल्द ही शुरू होने की संभावना है। उम्मीदवार joinindianarmy.nic.in पर जाकर आवेदन कर सकेंगे। अग्निवीर जनरल ड्यूटी (जीडी), टेक्निकल, क्लर्क व स्टोर कीपर टेक्निकल, 8वीं व 10वीं पास ट्रेडसमैन, सैनिक फार्मा, सैनिक तकनीकी नर्सिंग सहायक, वोमेन पुलिस के पदों पर भर्ती होगी। एक फार्म में दो पदों के लिए आवेदन का मौका मिलेगा। यानी इस बार दो पदों के लिए अभ्यर्थी एक साथ एप्लाई कर सकेंगे। आयु 17.5 साल से लेकर 21 साल तक के युवा आवेदन कर सकते हैं। क्या है योग्यता – अग्निवीर जनरल ड्यूटी (जीडी) 45 फीसदी अंकों के साथ में 10वीं पास होना चाहिए। हर विषय में कम से कम 33 फीसदी अंक होना जरूरी। – जिन उम्मीदवारों के पास लाइट मोटर व्हीकल ड्राइविंग लाइसेंस होगा, उन्हें ड्राइवर भर्ती में प्रेफरेंस भी दिया जाएगा। अग्निवीर टेक्निकल – फिजिक्स, केमिस्ट्री, मैथ्स और अंग्रेजी विषयों में 50 फीसदी अंकों (एग्रीगेट) के साथ में 12वीं पास जरूरी है। हर विषय में कम से कम 40 फीसदी मार्क्स जरूर हों। अग्निवीर क्लर्क/ स्टोरकीपर टेक्निकल किसी भी स्ट्रीम में कम के कम 60% अंकों के साथ 12वीं पास हो। हर विषय में 50 फीसदी मार्क्स होना जरूरी। अंग्रेजी और गणित/अकाउंट्स/ बुक कीपिंग में कम से कम 50 फीसदी अंक जरूरी। – अग्निवीर क्लर्क और स्टोरकीपर कैटेगरी के पदों के लिए टाइपिंग टेस्ट देना अनिवार्य कर दिया गया है। अग्निवीर ट्रेड्समैन – 10वीं पास – कम से कम 10वीं पास। आवेदक के सभी विषयों में 33 फीसदी अंक होने चाहिए। अग्निवीर ट्रेड्समैन 8वीं पास – कम से कम 8वीं पास। आवेदक के सभी विषयों में 33 फीसदी अंक होने चाहिए। महिला मिलिट्री पुलिस योग्यता – 45 फीसदी मार्क्स के साथ 10वीं पास। हर विषय में 33 फीसदी मार्क्स होना जरूरी। कद-काठी संबंधी योग्यता अग्निवीर जीडी, अग्निवीर टेक्निकल, अग्निवीर ट्रेड्समैन 8वीं व 10वीं पास के लिए – लंबाई कम से कम 170 सेमी और छाती 77 सेमी हो। 5 सेमी फुलाव के साथ 82 सेमी हो। कुछ राज्यों में लंबाई 169 तो कुछ में 165 तो कुछ में 163 ही मांगी गई है। अग्निवीर क्लर्क, स्टोर कीपर टेक्निकल – 162 सेमी लंबाई हो । छाती 77 सेमी हो। 5 सेमी फुलाव के साथ 82 सेमी हो। फिजिकल टेस्ट ग्रुप 1 – अग्निवीरों की भर्ती के लिए होने वाले फिजिकल टेस्ट की बात करें कि ग्रुप-1 के तहत साढ़े 5 मिनट में 1.6 किमी की दौड़ लगानी होगी। इसके लिए 60 मार्क्स दिए जाएंगे। 10 पुल अप्स लगाने होंगे जो 40 मार्क्स के होंगे। ग्रुप 2 – ग्रुप-2 के तहत 5 मिनट 45 सेकेंड में 1.6 किमी की दौड़ लगानी होगी। इसके 48 मार्क्स होंगे। 9 बार पुल अप्स लगाने होंगे जिसके लिए 33 मार्क्स होंगे। ग्रुप 3 – ग्रुप-3 के तहत 6 मिनट में 1.6 किमी की दौड़ लगानी होगी। इसके 36 मार्क्स होंगे। 8 बार पुल अप्स लगाने होंगे जिसके लिए 27 मार्क्स होंगे। ग्रुप 4 – ग्रुप-2 के तहत 6 मिनट 15 सेकेंड में 1.6 किमी की दौड़ लगानी होगी। इसके 24 मार्क्स होंगे। 7 बार पुल अप्स लगाने होंगे जिसके लिए 21 मार्क्स होंगे। 6 बार पुल अप्स लगाने वाले को 16 मार्क्स मिलेंगे। उपरोक्त सभी ग्रुप में दो चीजें महज क्ववालिफाइंग होंगी – 9 फीट लंबी कूद मारनी होगी। यह केवल क्वालिफाई करना होगा। – जिग जैग बैलेंस टेस्ट महज पास करना होगा।  

महा-सुनवाई में CJI और ममता बनर्जी के बीच बहस, SIR मामले पर सुप्रीम कोर्ट में हुई सुनवाई

नई दिल्ली पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची को लेकर जारी विवाद सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया. सीएम ममता बनर्जी ने खुद अदालत में अपनी बात रखने की कोशिश की. हालांकि, चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) ने बीच में ही उन्हें टोकते हुए कहा कि उनकी ओर से वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल और श्याम दीवान पहले ही सभी दलीलें रख चुके हैं. बता दें कि इस मामले की अगली सुनवाई 9 फरवरी सोमवार को होगी. चुनाव आयोग पर ममता के आरोप बुधवार को सुप्रीम कोर्ट में ममता बनर्जी ने कहा कि वह न्याय के लिए अदालत आई हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि उन्होंने चुनाव आयोग को तमाम फैक्ट्स बताए थे, लेकिन उन्हें नहीं सुना गया. इस पर CJI ने साफ किया कि आपकी नई याचिका में कुछ नए मुद्दे जरूर हैं, लेकिन जो बातें आप कह रही हैं, वे आपके वकील पहले ही अदालत के सामने रख चुके हैं. वोटर्स के नाम हटाए जा रहे हैंः ममता बनर्जी सुनवाई के दौरान ममता बनर्जी ने रवींद्रनाथ टैगोर की स्पेलिंग में बदलावों का जिक्र करते हुए लोकतंत्र और नागरिक अधिकारों की बात कही. उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव से ठीक पहले पश्चिम बंगाल को निशाना बनाया जा रहा है और राज्य में बड़े पैमाने पर वोटर्स के नाम सूची से हटाए जा रहे हैं. वरिष्ठ अधिवक्ता श्याम दीवान ने अदालत को बताया कि फाइनल वोटर लिस्ट के लिए अब सिर्फ 11 दिन बचे हैं और यह प्रक्रिया 14 फरवरी तक पूरी होनी है, जबकि इस मामले की सुनवाई के लिए केवल चार दिन का समय बचा है. उन्होंने कहा कि राज्य में करीब 32 लाख ‘अनमैप्ड वोटर्स’ हैं और लगभग 3.26 करोड़ नामों में ‘लॉजिकल डिस्क्रिपेंसी’ पाई गई है, जो कुल मतदाताओं का करीब 20 प्रतिशत है. श्याम दीवान ने मांग की कि चुनाव आयोग को ‘लॉजिकल डिस्क्रिपेंसी लिस्ट’ में शामिल हर मतदाता का नाम सार्वजनिक करना चाहिए. उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के पूर्व निर्देशों के बावजूद कई मामलों में केवल नाम, उम्र और लिंग दर्ज हैं, लेकिन यह नहीं बताया गया कि मतदाता का नाम सूची से क्यों हटाया गया. लोगों को यह जानने का अधिकार है कि वे वोटर लिस्ट में क्यों नहीं हैं. इस पर CJI ने कहा कि उन्हें बताया गया था कि यह प्रक्रिया सिर्फ एक सामान्य सूचना नहीं है, बल्कि संबंधित लोगों को व्यक्तिगत नोटिस भी दिए जा रहे हैं. अदालत ने यह भी टिप्पणी की कि यह समय कृषि और त्योहारों का है, ऐसे में कई लोग अपने गृह जनपद से बाहर हैं. CJI ने सवाल किया कि जब बंगाल में बीएलओ पर दबाव और मौतों की बातें सामने आ रही हैं, तो असम जैसे राज्यों में ऐसा क्यों नहीं हो रहा. ‘बंगाल को टारगेट किया जा रहा है’ ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि अन्य राज्यों में चुनाव आयोग सभी दस्तावेज स्वीकार कर रहा है, लेकिन पश्चिम बंगाल के मामले में उन्हें खारिज किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि यह सब ऐसे समय हो रहा है, जब त्योहार और फसल कटाई का मौसम है और बड़ी संख्या में लोग राज्य से बाहर हैं. इस दौरान ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग को ‘व्हाट्सऐप कमीशन’ तक कह दिया. उन्होंने कहा, “इलेक्शन कमीशन… सॉरी, व्हाट्सऐप कमीशन यह सब कर रहा है. लोगों के नाम हटाए जा रहे हैं. बंगाल को जानबूझकर निशाना बनाया जा रहा है.” सुनवाई के अंत में CJI ने कहा कि अदालत समय बढ़ाने का निर्देश दे सकती है. उन्होंने ममता बनर्जी से कहा कि अदालत को उनके वकील श्याम दीवान की काबिलियत पर पूरा भरोसा है और उन्होंने अपने लिए श्रेष्ठ वकील चुने हैं. अदालत ने मामले की अगली सुनवाई सोमवार को तय की है. CJI ने कहा कि चुनाव आयोग आज उठाए गए मुद्दों पर निर्देश लेकर अदालत के समक्ष आए. वहीं, पश्चिम बंगाल सरकार को उपलब्ध ग्रुप-बी अधिकारियों की सूची पेश करने को कहा गया है. सॉलिसिटर जनरल ने अदालत को बताया कि चुनाव आयोग की ओर से अधिकारियों के प्रति ‘होस्टिलिटी’ को लेकर लिखित आशंका जताई गई है. अदालत में क्या-क्या हुआ, यहां देखें ECI के वकील: ‘मेरी इंस्ट्रक्शन यह थी कि सिर्फ स्पेलिंग की मामूली गलती पर नोटिस जारी नहीं किया जाएगा.’ CJI: ‘राज्य का एग्जीक्यूटिव हेड भी आज यहां मौजूद है. क्या यह संभव नहीं कि राज्य बंगला भाषा के विशेषज्ञ उपलब्ध कराए, जो समिति के साथ बैठकर स्थानीय उच्चारण और स्पेलिंग पर सलाह दें?’ ममता बनर्जी: ‘मैं इस पर सफाई दे सकती हूं, क्योंकि मैं उसी राज्य से हूं.’ CJI: ‘इसमें कोई संदेह नहीं कि आप वहीं से हैं.’ ममता बनर्जी: ‘बेंच का धन्यवाद कि मुझे बोलने की अनुमति दी गई. ‘समस्या यह है कि वकील तब लड़ते हैं, जब सब कुछ खत्म हो चुका होता है. जब हमें न्याय नहीं मिलता, तब न्याय दरवाजों के पीछे रोता रहता है. मैंने चुनाव आयोग को छह पत्र लिखे, लेकिन एक का भी जवाब नहीं आया.’  ‘मैं कोई खास व्यक्ति नहीं हूं. मैं एक बंधुआ मजदूर जैसी हूं. मैं अपनी पार्टी के लिए नहीं लड़ रही हूं, मैं एक साधारण नागरिक हूं.’ CJI: ‘पश्चिम बंगाल सरकार ने भी याचिका दायर की है. सुप्रीम कोर्ट के सर्वश्रेष्ठ वकील राज्य का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं—कपिल सिब्बल, गोपाल और श्याम दीवान. हमारी मदद के लिए सर्वश्रेष्ठ लीगल टीम मौजूद है. 19 जनवरी को जब मामला आया था, तब श्री सिब्बल ने पश्चिम बंगाल सरकार और नागरिकों की समस्याएं बहुत स्पष्टता से रखी थीं. सभी मुद्दे चिन्हित हो चुके हैं. हर समस्या का समाधान होता है. हमें यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी निर्दोष नागरिक बाहर न रह जाए. ‘सिर्फ तीन आधार ऐसे हैं, जिन पर किसी को आपत्ति नहीं होगी— पहला, दोषसिद्ध व्यक्ति. दूसरा, जो राज्य या देश से बाहर जा चुके हैं. तीसरा, गैर-नागरिक.’  लेकिन बंगाल में नामों का उच्चारण अलग तरीके से होता है. आजकल AI-आधारित रिकॉर्डिंग हो रही है. ऐसी तकनीकी या भाषाई गलती के कारण किसी असली नागरिक को बाहर नहीं किया जाना चाहिए. ECI: ‘हमें अभी तक याचिका की कॉपी नहीं मिली है. हमें यह भी नहीं पता कि असली समस्या क्या है. हमें जवाब देने के लिए एक हफ्ते का समय दिया जाए.’ CJI: ‘आपको कॉपी इसलिए नहीं दी गई क्योंकि यह मामला पहली … Read more

ठंड में चेहरे की नमी बरकरार रखने का घरेलू नुस्खा: दही से बने 5 असरदार फेस पैक

दही में लैक्टिक एसिड और नेचुरल फैट्स होते हैं, जो न केवल डेड स्किन को हटाते हैं बल्कि त्वचा को गहराई से मॉइश्चराइज भी करते हैं। ऐसे में, आज हम आपको दही से बने 5 ऐसे फेस पैक्स के बारे में बता रहे हैं, जो इस सर्दी आपके चेहरे को मक्खन जैसा मुलायम बना देंगे। दही और शहद अगर आपकी स्किन बहुत ज्यादा ड्राई है, तो यह पैक आपके लिए बेस्ट है। शहद एक नेचुरल ह्यूमेक्टेंट है, यानी यह हवा से नमी खींचकर आपकी स्किन में लॉक करता है। कैसे बनाएं: 2 चम्मच गाढ़े दही में 1 चम्मच शहद मिलाएं। इसे चेहरे पर लगाएं और 20 मिनट बाद गुनगुने पानी से धो लें। चेहरा तुरंत सॉफ्ट हो जाएगा। दही और बेसन यह सदियों पुराना नुस्खा है जो कभी फेल नहीं होता। बेसन त्वचा की गंदगी साफ करता है और दही नमी देता है। कैसे बनाएं: 2 चम्मच दही में 1 चम्मच बेसन और चुटकी भर हल्दी मिलाएं। इस पेस्ट को चेहरे पर लगाएं और सूखने पर हल्के हाथों से रगड़ते हुए धो लें। इससे टैनिंग भी दूर होती है। दही और केला सर्दियों में झुर्रियां ज्यादा दिखाई देती हैं। केला और दही मिलकर त्वचा में कसाव लाते हैं और उसे जवां बनाए रखते हैं। कैसे बनाएं: आधे पके हुए केले को अच्छी तरह मैश करें और उसमें 1 चम्मच दही मिलाएं। इसे चेहरे पर 15-20 मिनट के लिए लगाएं। यह पैक स्किन को बहुत ही स्मूथ टेक्सचर देता है। दही और ओट्स सर्दियों में अक्सर डेड स्किन जमने से चेहरा काला पड़ने लगता है। ओट्स एक बेहतरीन नेचुरल स्क्रब है जो बिना रूखापन दिए सफाई करता है। कैसे बनाएं: 2 चम्मच दही में 1 चम्मच पिसा हुआ ओट्स मिलाएं। इसे चेहरे पर लगाकर 2-3 मिनट तक हल्के हाथों से मसाज करें और फिर धो लें। आपकी स्किन सांस लेने लगेगी। दही और ऑलिव ऑयल अगर आपकी स्किन इतनी ड्राई है कि पपड़ी निकलने लगती है, तो दही के साथ तेल का कॉम्बिनेशन जादुई असर करेगा। कैसे बनाएं: 1 चम्मच दही में आधा चम्मच ऑलिव ऑयल या बादाम का तेल मिलाएं। इसे रात को सोने से पहले लगाएं तो और भी अच्छा है। यह त्वचा को अंदर तक पोषण देता है। हफ्ते में कम से कम दो बार इन घरेलू नुस्खों का इस्तेमाल करें। बस एक बात का ध्यान रखें, अगर आपकी स्किन बहुत सेंसिटिव है या आपको डेयरी प्रोडक्ट से एलर्जी है, तो इस्तेमाल करने से पहले हाथ पर एक पैच टेस्ट जरूर कर लें।  

लोकसभा में कामकाज प्रभावित, पीएम मोदी का भाषण हुआ टला, कार्यवाही कल तक स्थगित

नईदिल्ली  आज लोकसभा में भारी शोर-शराबे के कारण सदन की कार्यवाही को कल तक के लिए स्थगित कर दिया गया है। राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा का जवाब देने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज शाम लोकसभा को संबोधित करने वाले थे। लेकिन विपक्ष के हंगामे के चलते यह संबोधन नहीं हो सका। संसद के चालू बजट सत्र के दौरान लोकसभा में गतिरोध जारी है. लोकसभा में लगातार तीसरे दिन भी राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा नहीं हो सकी. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को आज शाम पांच बजे से लोकसभा में धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा का जवाब देना था, लेकिन सदन की कार्यवाही हंगामे की भेंट चढ़ गई और पीएम का संबोधन टल गया. हंगामे के कारण पीठासीन संध्या राय ने शाम पांच बजे जब सदन की कार्यवाही शुरू हुई, पीपी चौधरी से बोलने के लिए कहा. विपक्षी सदस्य तख्तियां लेकर वेल में आ गए और नारेबाजी शुरू कर दी. हंगामे के शोर में पीठासीन ने सदन की कार्यवाही दिनभर के लिए स्थगित करने की घोषणा कर दी. वहीं, राज्यसभा में धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा चल रही है. राज्यसभा में पीयूष गोयल ने अमेरिका के साथ ट्रेड डील को लेकर स्टेटमेंट दिया. विपक्ष ने इस पर आपत्ति की और एक दिन पहले संसद के बाहर उनके बयान को लेकर सवाल उठाया. मल्लिकार्जुन खड़गे ने लोकसभा में पंडित नेहरू और इंदिरा गांधी की निंदा वाली किताबें लहराए जाने का मुद्दा उठाया.  इससे पहले, पीयूष गोयल जब ट्रेड डील पर जवाब दे रहे थे, तब भी सदन में विपक्षी सांसदों द्वारा लगातार हंगामा किया जा रहा था। लोकसभा अध्यक्ष ने उन्हें शांत कराने की पूरी कोशिश भी की, लेकिन वे शांत होने को तैयार नहीं हुए। इसके बाद लोकसभा की कार्यवाही को दोपहर 2 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया गया था। सरकार का दोहरा मापदंड, लोकतंत्र की हत्या: वेणुगोपाल कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल ने कहा, “पिछले दो दिनों से लोकसभा में किस बात की लड़ाई चल रही थी? यही कि आप अनुच्छेद 349 के तहत किताब नहीं पढ़ सकते… यह नियमों के खिलाफ है और राहुल गांधी नियमों का उल्लंघन कर रहे हैं। खुद स्पीकर ने इस पर व्यवस्था दी थी।” उन्होंने आगे कहा, “आज राहुल गांधी ने कहा, ‘मैं किसी किताब या पत्रिका का हवाला नहीं दे रहा हूं; मैं बस बोलना चाहता हूं।’ इसके बावजूद उन्हें बोलने नहीं दिया गया; एक सेकंड के भीतर ही उनका माइक बंद कर दिया गया। वहीं, दूसरी ओर, आज निशिकांत दुबे ने 5 मिनट तक किताबों और पत्रिकाओं का हवाला दिया, जो कि नियमों के खिलाफ है। यह सरकार का दोहरा मापदंड है। यह स्पष्ट रूप से लोकतंत्र की हत्या है।” सपा सांसद राजीव राय ने सरकार के कदम की आलोचना की, जानें क्या कहा सपा सांसद राजीव राय ने कहा, “सदन में नहरू जी, इंदिरा गांधी और सोनिया गांधी को भ्रष्टाचार, गद्दार कहा गया लेकिन माइक एक बार भी बंद नहीं हुआ अगर राहुल गांधी , अखिलेश यादव या विपक्ष का कोई भी नेता कुछ बोलता है तो एक सेकंड में माइक बंद किया जाता है। बिना उनकी मर्जी के माइक नहीं चलता है और लगातार निशिकांत दुबे को बोलने दिया गया। अगर यही लोकतंत्र है तो ये दुर्भाग्यपूर्ण हैं।” सरकार नेता प्रतिपक्ष को किताब कोट नहीं करने दे रही-प्रियंका गांधी कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा, “जब सरकार चाहती है कि कुछ व्यवधान करना है तो सरकार उन्हें(निशिकांत दुबे) को उठाती है। सरकार नेता प्रतिपक्ष को किताब कोट नहीं करने दे रहे हैं जो कि एक प्रकाशित किताब है। ये लोग कह रहे हैं कि यह नियम का उल्लंघन है। यह सरकार स्पष्ट दिखाना चाहती है कि इस संसद में केवल उन्हीं की चलती है। यह लोकतंत्र का अनादर है। यह संसद लोकतंत्र का मंदिर है और इसमें सभी की आस्था है।” लोकसभा अध्यक्ष के कक्ष में सत्ताधारी और विपक्षी सांसदों के बीच तीखी बहस सूत्रों ने बताया कि आज लोकसभा अध्यक्ष के कक्ष में सत्ताधारी दल और विपक्षी सांसदों के बीच तीखी बहस हुई है। देश की जनता सब देखती है- केंद्रीय मंत्री बी.एल वर्मा केंद्रीय मंत्री बी.एल वर्मा ने कहा, “सदन का हर सत्र महत्वपूर्ण होता है विशेष रूप से बजट सत्र और इसमें जिस तरह से विपक्ष हंगामा करके सदन में व्यवधान पैदा करना चाहता है, यह देश की जनता सब देखती है…यहां अपने विचारों को रखना चाहिए लेकिन उनके पास शोर मचाने के अलावा कुछ नहीं है…”

ट्रिगर दबेगा, तिरंगा लहराएगा! एशियन चैंपियनशिप में गोल्ड के लिए तैयार भारतीय पिस्टल शूटर

नई दिल्ली पिस्टल शूटर दिल्ली में डॉ. करणी सिंह शूटिंग रेंज में निशाना लगाएंगे, क्योंकि एशियन चैंपियनशिप राइफल/पिस्टल में कल पहले दिन 10 मीटर एयर पिस्टल इवेंट में मेडल्स का फैसला होगा। वर्ल्ड चैंपियन सम्राट राणा, वर्ल्ड कप फाइनल चैंपियन सुरुचि सिंह, ओलंपिक मेडलिस्ट मनु भाकर और ईशा सिंह के नेतृत्व में भारतीय निशानेबाज इस कॉन्टिनेंटल इवेंट में मेजबान टीम को एक मजबूत शुरुआत देने की कोशिश करेंगे। बुधवार को चार फाइनल होंगे, जिसमें सीनियर पुरुष और महिला के साथ-साथ जूनियर और यूथ पुरुष के फाइनल भी शामिल हैं। सुरुचि सिंह और सम्राट राणा, मनु भाकर और ईशा सिंह के साथ महिला इवेंट में गोल्ड मेडल जीतने के पसंदीदा खिलाड़ियों में से एक होंगे। हॉन्ग कॉन्ग की वर्ल्ड नंबर चार और वर्ल्ड सिल्वर मेडलिस्ट हो चिंग शिंग महिला 10 मीटर एयर पिस्टल के लिए पसंदीदा खिलाड़ियों में से एक हैं। उन्होंने चार बार कॉन्टिनेंटल फाइनल में जगह बनाई है, जिसमें 2019 में सिल्वर मेडल जीता था। मेडल के लिए एक डार्क हॉर्स चीनी ताइपे की चेंग येन-चिंग हो सकती हैं, जो दुनिया में 16वें स्थान पर हैं। 19 साल की इस खिलाड़ी ने अपने पहले वर्ल्ड चैंपियनशिप में 25वां स्थान हासिल किया था और म्यूनिख में अपने आईएसएसएफ वर्ल्ड कप डेब्यू में पांचवें स्थान पर रही थीं। वियतनाम की थू विन्ह ट्रिन्ह, जो दो बार की एशियाई कांस्य पदक विजेता और दो बार की ओलंपिक फाइनलिस्ट हैं, भी इसमें हिस्सा लेंगी। मौजूदा वर्ल्ड चैंपियन सम्राट राणा भारतीय पुरुष टीम का नेतृत्व करेंगे, साथ ही वर्ल्ड नंबर दो और वर्ल्ड कांस्य पदक विजेता वरुण तोमर और श्रवण कुमार भी होंगे, जो वर्ल्ड चैंपियनशिप में 12वें स्थान पर रहे थे। कजाकिस्तान के वैलेरी रखिमझान, जो वर्ल्ड नंबर आठ और म्यूनिख से आईएसएसएफ वर्ल्ड कप सिल्वर मेडलिस्ट हैं, जो पिछले साल शिमकेंट में चौथे स्थान पर रहे थे, चीनी ताइपे के हसिह हसिआंग-चेन और उज्बेकिस्तान के वर्ल्ड नंबर 25 मुखम्मद कमालव, जो 2025 वर्ल्ड चैंपियनशिप में नौवें स्थान पर रहे थे, भारतीय निशानेबाजों के मुख्य प्रतिद्वंद्वी होंगे। जूनियर और यूथ एथलीट भी कल एक्शन में होंगे, जिसमें जोनाथन गेविन एंटनी, मुकेश नेलावल्ली, डेफलिंपिक्स मेडलिस्ट अभिनव देशवाल, हिमांशु राणा और प्रियांशु यादव जूनियर कैटेगरी में मैदान में उतरेंगे और डैरेन के. डॉन, गिरीश गुप्ता, अभय धामा, मनदीप चौहान, धैर्य प्रशर और हार्दिक बंसल यूथ कैटेगरी में एक्शन में होंगे। मेजबान टीम ने 118 एथलीटों की सबसे बड़ी टीम उतारी है, जबकि कजाकिस्तान ने 35 एथलीटों की दूसरी सबसे बड़ी टीम उतारी है। क्षेत्रीय पावरहाउस कोरिया और जापान ने भी मजबूत टीमें उतारी हैं, और चीनी ताइपे, वियतनाम और हांगकांग के निशानेबाजों से भी अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद है।  

AMCA फाइटर जेट प्रोजेक्ट में HAL को मिली हार, पांचवीं पीढ़ी के विमान की रेस में बदलाव

बेंगलुरु  भारत का एडवांस्ड मीडियम कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (AMCA) प्रोजेक्ट अब एक ऐतिहासिक मोड़ पर पहुंच गया है. यह भारत का पहला पांचवीं पीढ़ी का स्टेल्थ फाइटर जेट है, जो पूरी तरह स्वदेशी तकनीक पर आधारित होगा. रिपोर्ट्स के मुताबिक, हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) इस प्रतियोगिता से बाहर हो गई है, जबकि तीन प्राइवेट कंपनियां आगे निकल आई हैं. AMCA क्या है? मुख्य विशेषताएं AMCA एक ट्विन-इंजन, सिंगल-सीट वाला मल्टीरोल स्टेल्थ फाइटर है. इसकी खासियतें…      स्टेल्थ टेक्नोलॉजी: रडार से बहुत कम दिखाई देता है. आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित सिस्टम. लंबी दूरी के हमले की क्षमता.     मैन्ड-अनमैन्ड टीमिंग: पायलट वाला जेट और ड्रोन साथ काम करेंगे.     सुपरक्रूज: बिना आफ्टरबर्नर के तेज स्पीड.     एडवांस्ड AESA रडार और अन्य हाई-टेक फीचर्स. यह भारतीय वायुसेना (IAF) का मुख्य लड़ाकू विमान बनेगा. 2030 के मध्य से शामिल होना शुरू होगा. शुरुआत में 120 जेट का ऑर्डर दिया जा सकता है. जो बाद में और बढ़ सकता है. HAL क्यों बाहर हुई? सात भारतीय कंपनियों/कंसोर्टियम ने बोली लगाई थी. तकनीकी जांच के बाद सिर्फ तीन प्राइवेट सेक्टर की कंपनियां क्वालीफाई हुईं. HAL की बोली खारिज हो गई. HAL का ऑर्डर बुक बहुत बड़ा (रेवेन्यू से कई गुना ज्यादा) था, जबकि नियमों में सीमा है. Tejas जैसे प्रोजेक्ट में देरी की वजह से सरकार HAL पर निर्भरता कम करना चाहती है. प्राइवेट सेक्टर को मौका देकर तेज विकास, बेहतर इनोवेशन और प्रतिस्पर्धा बढ़ाना है. तीन प्राइवेट कंपनियां कौन हैं?     टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स लिमिटेड (TASL) — अकेले बोली लगाई.     लार्सन एंड टुब्रो (L&T) — BEL और Dynamatic Technologies के साथ कंसोर्टियम.     भारत फोर्ज (कल्याणी ग्रुप) — BEML और Data Patterns के साथ. ये तीनों अब एरोनॉटिकल डेवलपमेंट एजेंसी (ADA) के साथ मिलकर काम करेंगी. इन्हें 5 फ्लाइंग प्रोटोटाइप और 1 स्ट्रक्चरल टेस्ट स्पेसिमेन बनाने हैं. बजट और समयसीमा प्रोटोटाइप विकास के लिए ₹15,000 करोड़ का अनुमानित बजट.     प्रोटोटाइप रोलआउट: 2026 के अंत या 2027 की शुरुआत.     पहली उड़ान: 2028-2029 के आसपास.     वायुसेना में शामिल होना: 2030 के मध्य से.     फाइनल विजेता: अगले 2-3 महीनों में (RFP के बाद कॉमर्शियल बिडिंग से L1 चुनकर). यह बदलाव क्यों महत्वपूर्ण? यह भारत के डिफेंस सेक्टर में बड़ा सुधार है. HAL का एकाधिकार टूट रहा है. प्राइवेट कंपनियां तेज और कुशल काम कर सकती हैं. इससे भारत की एयर पावर मजबूत होगी. चीन-पाक जैसे पड़ोसियों से बेहतर मुकाबला संभव होगा. AMCA सफल होने पर भारत चुनिंदा देशों में शामिल हो जाएगा जो खुद 5वीं पीढ़ी का फाइटर बना सकते हैं.  

छत्तीसगढ़ सरकार की नई स्टार्टअप नीति मंजूर, अगले 5 साल में 5 हजार स्टार्टअप्स होंगे मजबूत

रायपुर. छत्तीसगढ़ नवाचार एवं स्टार्टअप प्रोत्साहन नीति 2025-30 को मंत्रिपरिषद की स्वीकृति छत्तीसगढ़ राज्य मंत्रिपरिषद ने आज “छत्तीसगढ़ नवाचार एवं स्टार्टअप प्रोत्साहन नीति 2025-30” को स्वीकृति प्रदान की। इस नीति का उद्देश्य राज्य में एक सशक्त, समावेशी एवं वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी स्टार्टअप इकोसिस्टम का निर्माण करना है, जिससे नवाचार को बढ़ावा मिले, रोजगार सृजन हो तथा सतत आर्थिक विकास को गति प्राप्त हो। यह नीति राज्य के युवाओं को नवाचार एवं उद्यमिता की दिशा में प्रेरित एवं सशक्त करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। नई स्टार्टअप नीति के अंतर्गत वर्ष 2030 तक 5,000 से अधिक नए क्च्प्प्ज्-पंजीकृत स्टार्टअप्स को प्रोत्साहित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। नीति के माध्यम से वित्तीय सहायता, इनक्यूबेशन, मेंटरशिप, बाजार संपर्क, क्षमता निर्माण तथा प्रौद्योगिकी एवं बौद्धिक संपदा समर्थन जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। नीति में 100 करोड़ रूपए के छत्तीसगढ़ स्टार्टअप (कैपिटल) फंड, 50 करोड़ रूपए के क्रेडिट रिस्क फंड, सीड फंड सहायता (10 लाख रूपए तक), ब्याज अनुदान, किराया अनुदान, पेटेंट एवं गुणवत्ता प्रमाणीकरण अनुदान, रोजगार सृजन सब्सिडी सहित कई महत्वपूर्ण प्रोत्साहनों का प्रावधान किया गया है। महिला उद्यमियों, अनुसूचित जाति/जनजाति, दिव्यांगजन, सेवानिवृत्त सैनिक, नक्सल प्रभावित व्यक्तियों तथा पब्लिक वेलफेयर एवं सर्कुलर इकोनॉमी से जुड़े स्टार्टअप्स के लिए विशेष प्रोत्साहन भी नीति का प्रमुख हिस्सा हैं।  उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन ने बताया कि राज्य में हब-एंड-स्पोक मॉडल के अंतर्गत इनक्यूबेशन इकोसिस्टम को सुदृढ़ किया जाएगा। इसके तहत राज्य में उन्नत सुविधाओं से युक्त मेगा इनक्यूबेटर्स (हब इनक्यूबेटर्स) स्थापित किए जाएंगे, जो स्टार्टअप्स को अधोसंरचना, मेंटरशिप, तकनीकी सहायता, एवं रणनीतिक मार्गदर्शन प्रदान करेंगे। साथ ही राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में स्पोक इनक्यूबेटर्स के माध्यम से नवाचार एवं उद्यमिता को बढ़ावा दिया जाएगा। प्रत्येक जिले में नवाचार एवं उद्यमिता को प्रोत्साहित करने हेतु आवश्यक अधोसंरचना विकसित की जाएगी। यह नीति “अमृतकाल-छत्तीसगढ़ विज़न/2047” के लक्ष्यों के अनुरूप है और राज्य को नवाचार-आधारित उद्यमिता का एक प्रमुख केंद्र बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम सिद्ध होगी।   स्टार्टअप्स के लिए प्रमुख आर्थिक सहायता नीति में स्टार्टअप्स को मजबूत बनाने के लिए विभिन्न प्रकार की अनुदान और छूट का प्रावधान किया गया है,-  ’ सीड फंड सहायता – नए स्टार्टअप को प्रोडक्ट विकसित करने के लिए 10 लाख रूपए तक सहायता। ’ स्टार्टअप कैपिटल फंड – निवेश उपलब्ध कराने हेतु 100 करोड़ रूपए का फंड। ’ क्रेडिट रिस्क फंड – बिना गारंटी ऋण उपलब्ध कराने हेतु 50 करोड़ रूपए का फंड। ’ ब्याज अनुदान – 50 लाख तक के ऋण पर 5 वर्षों तक 75 प्रतिशत तक ब्याज अनुदान । ’ किराया अनुदान – 3 वर्षों तक भुगतान किये गए किराए का 50 प्रतिशत (अधिकतम 15,000 रूपए प्रति माह)। ’ स्थायी पूंजी निवेश अनुदान – मशीनरी एवं उपकरण पर 35 प्रतिशत तक (अधिकतम 35 लाख  रूपए )। ’ पेटेंट एवं गुणवत्ता प्रमाणन सहायता – राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय पेटेंट एवं प्रमाणन पर 75 प्रतिशत तक अधितम 10 लाख प्रतिपूर्ति। राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रमों, प्रदर्शनियों में भागीदारी हेतु यात्रा, पंजीयन एवं स्टॉल व्यय पर 50 प्रतिशत अनुदान सहित कई महत्वपूर्ण प्रोत्साहनों का प्रावधान किया गया है। महिला उद्यमियों, अनुसूचित जाति/जनजाति, दिव्यांगजन, सेवानिवृत्त सैनिक, नक्सल प्रभावित व्यक्तियों तथा पब्लिक वेलफेयर एवं सर्कुलर इकोनॉमी से जुड़े स्टार्टअप्स के लिए विशेष प्रोत्साहन भी नीति का प्रमुख हिस्सा हैं। इनक्यूबेशन इकोसिस्टम को मिलेगा बढ़ावा नई नीति के अंतर्गत राज्य में हब-एंड-स्पोक मॉडल पर आधारित इनक्यूबेशन नेटवर्क विकसित किया जाएगा। इसके तहत मेगा इनक्यूबेटर (हब इनक्यूबेटर) स्थापित किए जाएंगे, जो स्टार्टअप्स को अधोसंरचना, मेंटरशिप, निवेश से जुड़ाव एवं रणनीतिक मार्गदर्शन प्रदान करेंगे। साथ ही क्षेत्रीय स्तर पर स्पोक इनक्यूबेटर्स नवाचार एवं उद्यमिता को बढ़ावा देंगे। इनक्यूबेटर एवं एक्सेलेरेटर के लिए वित्तीय सहायता  शासकीय इनक्यूबेटर्स को परियोजना लागत का 75 प्रतिशत तक अनुदान ।  निजी  इनक्यूबेटर्स को 50 प्रतिशत अनुदान (अधिकतम 3 करोड़ रूपए)।  बस्तर एवं सरगुजा क्षेत्रों में स्थापित इनक्यूबेटर्स को 10 प्रतिशत अतिरिक्त सहायता। इनक्यूबेटर उन्नयन एवं संचालन सहायता स्थापित इनक्यूबेटर्स द्वारा अधोसंरचना या क्षमता में 25 प्रतिशत वृद्धि करने पर उन्हें भी अनुदान की पात्रता होगी। कार्यक्रम एवं एक्सेलेरेशन सहायता  मान्यता प्राप्त इनक्यूबेटर्स को राज्य स्तरीय नवाचार कार्यक्रमों के आयोजन हेतु 1 लाख रूपए प्रति कार्यक्रम (अधिकतम 4 लाख रूपए वार्षिक)।  न्यूनतम 8 सप्ताह के एक्सेलेरेशन प्रोग्राम आयोजित करने पर 15 लाख रूपए तक व्यय प्रतिपूर्ति। कॉलेज इनोवेशन एवं स्टार्टअप सेल राज्य के उच्च शिक्षण संस्थानों में छात्र नवाचार को बढ़ावा देने हेतु कॉलेज इनोवेशन एवं स्टार्टअप सेल स्थापित किए जाएंगे। चयनित कॉलेजों को इसके संचालन हेतु 5 लाख रूपए प्रति वर्ष तक सहायता प्रदान की जाएगी। यह नीति “अमृतकाल – छत्तीसगढ़ विज़न /2047” के लक्ष्यों के अनुरूप है और राज्य को नवाचार आधारित उद्यमिता का प्रमुख केंद्र बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम सिद्ध होगी। वर्जन  छत्तीसगढ़ की नई स्टार्टअप नीति से प्रदेश स्टार्टअप इनोवेशन का उभरता हुआ हब बनेगा। तकनीक और नवाचार के नए मानचित्र पर छत्तीसगढ़ की मजबूत उपस्थिति दर्ज होगी प्रोत्साहित करने हेतु नए स्टार्टअप नीति में बहुत से महत्वपूर्ण प्रावधान किए गए हैं। माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के दूरदर्शी नेतृत्व में स्टार्टअप इंडिया अभियान ने बीते 10 वर्षों में ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करते हुए भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप इकोसिस्टम वाला देश बन चुका है। इसी उद्देश्य के साथ माननीय मुख्यमंत्री विष्णु देव साय जी के सशक्त नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में भी स्टार्टअप नीति के माध्यम से इनोवेशन, मेक इन इंडिया  और स्टार्टअप इकोसिस्टम को प्रोत्साहन देते हुए यह नीति लाई गई है।

आईगॉट प्लेटफॉर्म पर विभागीय नोडल अधिकारियों को दिया गया प्रशिक्षण

रायपुर. छत्तीसगढ़ शासन के सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा आज मंत्रालय, महानदी भवन, नया रायपुर स्थित पंचम तल सभागार में आईगॉट (Government Online Training) प्लेटफॉर्म पर विभागीय क्षमता निर्माण योजना (Departmental Capacity Building Plan – CBP) तैयार करने हेतु वर्चुअल हैंड होल्डिंग एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित की गई। इस कार्यशाला में राज्य शासन के विभिन्न विभागों के नोडल अधिकारियों ने भाग लिया। कार्यशाला में  नई दिल्ली स्थित क्षमता निर्माण आयोग के विशेषज्ञों द्वारा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अधिकारियों को CBP तैयार करने की प्रक्रिया, प्रशिक्षण आवश्यकताओं के आकलन तथा कर्मचारियों के कौशल विकास की रूपरेखा तैयार करने संबंधी प्रशिक्षण एवं मार्गदर्शन दिया गया। कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य राज्य के विभिन्न विभागों में कार्यरत अधिकारियों एवं कर्मचारियों की दक्षता एवं क्षमता वृद्धि के लिए सुव्यवस्थित प्रशिक्षण योजना तैयार करना है, जिससे शासन की कार्यप्रणाली अधिक प्रभावी एवं परिणामोन्मुखी बन सके। कार्यक्रम के दौरान विभागों के नोडल अधिकारियों को विभागीय कार्य आवंटन विवरण, ऑर्गेनोग्राम, वार्षिक प्रतिवेदन एवं संबंधित नियम/अधिनियम के आधार पर विभागीय क्षमता निर्माण योजना तैयार करने के संबंध में विस्तार से जानकारी दी गई। सामान्य प्रशासन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि मिशन कर्मयोगी के अंतर्गत iGOT प्लेटफॉर्म के माध्यम से शासकीय सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार एवं प्रशासनिक दक्षता को सुदृढ़ करने की दिशा में यह महत्वपूर्ण पहल की गई है।

उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने कैबिनेट की बैठक में लिए गए निर्णयों की जानकारी दी उप मुख्यमंत्री अरुण साव

रायपुर. उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने आज मंत्रालय में राज्य कैबिनेट की बैठक के बाद पत्रकार-वार्ता को संबोधित किया। उन्होंने पत्रकार-वार्ता में कैबिनेट की बैठक में लिए गए निर्णयों की जानकारी दी।  

खूबसूरती पर खतरा: पिंपल्स फोड़ने से बढ़ सकता है इन्फेक्शन और दाग-धब्बों का जोखिम

चेहरे पर एक छोटा-सा पिंपल भी दिख जाए, तो हमारा मन उसे फोड़ने के लिए मचलने लगता है। पिंपल फोड़ना भले ही मन काफी संतोषजनक लगता है, लेकिन यह आदत आपकी स्किन के लिए बिल्कुल अच्छी नहीं है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि पिंपल फोड़ने के कारण चेहरे पर दाग हो सकते हैं और इन्फेक्शन का रिस्क भी काफी बढ़ जाता है। इसलिए अगर आपके चेहरे पर कभी पिंपल निकल भी जाए, तो भले ही आपका जी कितना भी मचले, इसे फोड़ने की गलती बिल्कुल मत करिएगा। आइए जानें पिंपल फोड़ने की आदत कैसे आपके लिए सजा बन सकती है। इन्फेक्शन का बढ़ता खतरा जब आप एक पिंपल को फोड़ते हैं, तो आप त्वचा पर एक तरह का खुला घाव बना देते हैं। हमारे हाथों और नाखूनों में अनगिनत बैक्टीरिया होते हैं। जैसे ही पिंपल फटता है, ये बैक्टीरिया उस खुले छेद के जरिए त्वचा के अंदर जा सकते हैं। इससे पिंपल वाली जगह पर गंभीर इन्फेक्शन होने का खतरा बढ़ जाता है, जिससे दर्द और मवाद की समस्या और भी बढ़ सकती है। त्वचा में जलन और सूजन हमारी त्वचा बहुत सेंसिटिव होती है, जबकि हमारे नाखून उसकी तुलना में काफी सख्त और मजबूत होते हैं। पिंपल निकालने के लिए जब आप नाखूनों से त्वचा पर तेज दबाव डालते हैं, तो आसपास के सेल्स डैमेज हो जाते हैं। इससे त्वचा में जलन और गंभीर सूजन पैदा हो सकती है। अक्सर लोग पिंपल्स निकालने वाले टूल्स का भी इस्तेमाल करते हैं, लेकिन बिना डॉक्टरी सलाह के इनका इस्तेमाल त्वचा को छील सकता है। इसलिए खुद से इन टूल्स का इस्तेमाल कभी न करें। त्वचा पर निशान पिंपल को दबाने का सबसे बुरा नतीजा स्कारिंग यानी स्थायी निशान के रूप में सामने आता है। अगर आप पिंपल निकालने के लिए बहुत ज्यादा दबाव डालते हैं, तो खून निकल सकता है और त्वचा के टिश्यू गहराई तक डैमेज हो सकते हैं। सबसे जरूरी बात यह है कि कई पिंपल्स त्वचा की ऊपरी सतह पर नहीं बल्कि गहराई में होते हैं। ऐसे में उन्हें दबाने से वे बाहर निकलने के बजाय अंदर ही रह जाते हैं और त्वचा को नुकसान पहुंचाते हैं, जो बाद में गहरे गड्ढों या काले निशानों का रूप ले लेते हैं। भले ही पिंपल को फोड़ना उस वक्त सही लगे, लेकिन इसके नतीजे आपकी खूबसूरती को बिगाड़ सकते हैं। इसलिए अगर पिंपल्स की समस्या ज्यादा है, तो उन्हें खुद ठीक करने के बजाय किसी एक्सपर्ट की सलाह लेना ही समझदारी है।  

संयुक्त राष्ट्र में भारत का संदेश, केंद्रीय राज्यमंत्री ने रखा देश का दृष्टिकोण और विकास संकल्प

धार   संयुक्त राज्य अमेरिका के न्यूयॉर्क स्थित संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में आयोजित संयुक्त राष्ट्र सामाजिक विकास आयोग के 64वें सत्र को संबोधित करते हुए भारत की ओर से महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री एवं मध्य प्रदेश के धार जिले से सांसद सावित्री ठाकुर ने सामाजिक न्याय, समावेशन एवं सतत विकास से जुड़े वैश्विक विषयों पर भारत का सशक्त पक्ष अंतरराष्ट्रीय मंच पर रखा। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि, भारत का विकास दृष्टिकोण ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास’ की भावना पर आधारित है, जिसमें समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक विकास के लाभ पहुंचाना सर्वोच्च प्राथमिकता है। सांसद सावित्री ठाकुर ने महिलाओं, बच्चों, वंचित वर्गों, दिव्यांगजनों और कमजोर तबकों के सशक्तिकरण के लिए भारत सरकार द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं, नीतिगत पहलों और नवाचारों को साझा किया। मंत्री ठाकुर ने कहा कि, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में ‘विकसित भारत’ का संकल्प सिर्फ आर्थिक उन्नति तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य सामाजिक सुरक्षा, समान अवसर, लैंगिक समानता और मानवीय गरिमा के साथ हर नागरिक के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाना है। महिला सशक्तिकरण, पोषण, शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक सुरक्षा के क्षेत्र में भारत ने उल्लेखनीय प्रगति की है। भारत वैश्विक साझेदारी को नई दिशा देगा मंत्री ठाकुर ने ‘वसुधैव कुटुम्बकम’ की भारतीय दर्शन को रेखांकित करते हुए कहा कि भारत अपने समावेशी विकास के अनुभवों को विश्व समुदाय के साथ साझा कर वैश्विक सहयोग को और अधिक सुदृढ़ करने के लिए प्रतिबद्ध है। भारत मानता है कि सतत और समावेशी विकास ही विश्व शांति, स्थिरता और समृद्धि का आधार है। अंत में मंत्री ठाकुर ने कहा कि भारत संयुक्त राष्ट्र के मंच पर सामाजिक विकास के वैश्विक लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए निरंतर सक्रिय भूमिका निभाता रहेगा और मानव कल्याण को केंद्र में रखकर वैश्विक साझेदारी को नई दिशा देगा।  

मंत्रालय महानदी भवन में कैबिनेट बैठक, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने लिए बड़े फैसले

रायपुर. मुख्यमंत्रीविष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित कैबिनेट की बैठक में अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए – मंत्रिपरिषद की बैठक मादक पदार्था की रोकथाम की दिशा में बड़ा निर्णय लेते हुए मंत्रिपरिषद की बैठक में प्रदेश के 10 जिलों में जिला स्तरीय एन्टी नारकोटिक्स टॉस्क फोर्स के गठन हेतु वित्तीय वर्ष 2025-26 के मुख्य बजट में प्रावधानित 100 नवीन पदों की  स्वीकृति प्रदान की गई। इसमें रायपुर, महासमुंद, बिलासपुर, दुर्ग, बस्तर, सरगुजा, कबीरधाम, जशपुर, राजनांदगांव एवं कोरबा जिला शामिल हैं।  मंत्रिपरिषद की बैठक में वित्तीय वर्ष 2025-26 के मुख्य बजट में पुलिस मुख्यालय के विशेष शाखा अंतर्गत एस.ओ.जी. (स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप) के गठन के लिए प्रावधानित 44 नवीन पदों की स्वीकृति प्रदान की गई है। एसओजी का काम किसी भी बड़ी या अचानक हुई घटना में तुरंत मौके पर पहुँचकर हालात को संभालना और आतंकी हमला या गंभीर खतरे को जल्दी खत्म करना होता है। एसओजी एक खास तरह की प्रशिक्षित टीम होती है, जिसे ऐसे खतरनाक कामों के लिए तैयार किया जाता है।  मंत्रिपरिषद द्वारा राज्य के विभिन्न एयरपोर्ट एवं हवाई पट्टियों में उड़ान प्रशिक्षण संगठन (एफटीओ) की स्थापना का महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया तथा इसके संचालन के दिशा-निर्देशों का अनुमोदन किया गया। जिसके तहत छत्तीसगढ़ में पायलट प्रशिक्षण की सुविधा के लिए राज्य में उड़ान प्रशिक्षण संगठन की स्थापना की जाएगी। विमानन क्षेत्र में बढ़ती मांग को देखते हुए और युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए यह संस्थान उपयोगी होगा। इससे एयरक्राफ्ट रिसाइकिलिंग, हेलीकॉप्टर बंकिंग तथा एयरो स्पोर्ट्स जैसी सुविधाएं विकसित होगी। फ्लाइट ट्रेनिग ऑर्गनाइजेशन की स्थापना निजी सहभागिता से किया जाएगा।  मंत्रिपरिषद द्वारा छत्तीसगढ़ नवाचार एवं स्टार्टअप प्रोत्साहन नीति 2025-26 का अनुमोदन किया गया। इस नीति से स्टार्टअप ईको सिस्टम के साथ-साथ इन्क्यूबेटर्स एवं अन्य हितधारकों का विकास होगा। छत्तीसगढ़ को देश में एक प्रमुख नवाचार केन्द्र के रूप में विकसित किया जा सकेगा। भारत सरकार के उद्योग संवर्धन एवं आंतरिक व्यापार विभाग द्वारा जारी स्टेट्स स्टार्टअप रैंकिंग में सुधार होने से राज्य में निवेश का आकर्षण बढ़ेगा। मंत्रिपरिषद द्वारा छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल और रायपुर विकास प्राधिकरण द्वारा बनाई गई और पूरी हो चुकी 35 आवासीय कॉलोनियों को नगर निगम और नगर पालिकाओं को सौंपने का निर्णय लिया गया है। इन कॉलोनियों में खुले भू-खंड, उद्यान और अन्य सार्वजनिक सुविधाएं शामिल होंगी। हालांकि, आवासीय, व्यावसायिक और अर्द्धसार्वजनिक बिक्री योग्य संपत्तियां इसमें शामिल नहीं होंगी। अभी इन कॉलोनियों का हस्तांतरण नहीं होने के कारण वहां रहने वाले लोगों को कई मूलभूत सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं। कॉलोनियों के रखरखाव के लिए निवासियों को दोहरा खर्च उठाना पड़ रहा है। एक ओर वे नगर निगम को संपत्ति कर दे रहे हैं, वहीं दूसरी ओर गृह निर्माण मंडल को भी रखरखाव शुल्क देना पड़ता है। इन कॉलोनियों के हस्तांतरण से नगरीय निकायों द्वारा यहां पानी, बिजली, सड़क, सफाई जैसी सुविधाएं दी जा सकेंगी और कॉलोनीवासियों को अतिरिक्त रखरखाव शुल्क से राहत मिलेगी। मंत्रिपरिषद द्वारा नवा रायपुर अटल नगर में शासकीय विभागों तथा निगम मंडल के कार्यालयों के लिए नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण द्वारा एक वृहद बहुमंजिला भवन बनाने का निर्णय लिया गया है और यहां विभागों को स्पेस आबंटित किया जाएगा, ताकि भूमि का पूर्ण उपयोग किया जा सके।  मंत्रिपरिषद द्वारा सिरपुर एवं अरपा क्षेत्र में सुनियोजित विकास और विकास कार्यों को गति देने के लिए संबंधित क्षेत्र में शासकीय भूमि के आबंटन का अधिकार संबंधित जिले के कलेक्टर को प्रदान किया गया है।  गौरतलब है कि सिरपुर विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण एवं अरपा विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण का उद्देश्य संबंधित नदी तटीय क्षेत्रों का योजनाबद्ध और समग्र विकास करना है। इसके लिए मास्टर प्लान के क्रियान्वयन, भूमि नियोजन एवं नगर विकास योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू किया जाना आवश्यक है। विकास कार्यों को गति देने के लिए शासकीय भूमि का आबंटन जरूरी था। वर्तमान में दोनों प्राधिकरणों की वित्तीय स्थिति को देखते हुए शासकीय भूमि का आबंटन रु. 1/- प्रीमियम एवं भू-भाटक पर किए जाने का निर्णय लिया गया है। साथ ही, भूमि आबंटन के अधिकार संबंधित जिला कलेक्टरों को दिया गया है।  मंत्रिपरिषद ने ‘‘छत्तीसगढ़ क्लाउड फर्स्ट नीति‘‘ को प्रदेश में लागू किए जाने की स्वीकृति प्रदान की है। छत्तीसगढ़ क्लाउड फर्स्ट नीति का प्रस्ताव छत्तीसगढ़ शासन के इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा प्रस्तुत किया गया।  छत्तीसगढ़ क्लाउड फर्स्ट नीति के अनुसार राज्य शासन के सभी विभाग, उपक्रम एवं स्वायत्त संस्थाएं केवल भारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय द्वारा अनुमोदित क्लाउड सेवा प्रदाताओं या भारत में स्थित सुरक्षित डेटा सेंटर एवं डिजास्टर रिकवरी सेंटर से ही क्लाउड सेवाएं लेंगी। किसी विशेष या असाधारण आवश्यकता के लिए राज्य क्लाउड परिषद से अनुमति लेना अनिवार्य होगा।  नीति के तहत कम प्राथमिकता वाले एप्लिकेशन एवं आर्काइव डेटा का क्लाउड माइग्रेशन वर्ष 2027-28 तक तथा उच्च प्राथमिकता सेवाओं का माइग्रेशन 2029-30 तक किया जाएगा। सभी नए एप्लिकेशन क्लाउड-नेटिव तकनीक पर विकसित किए जाएंगे।  कैबिनेट ने इस नीति में भविष्य में आवश्यक संशोधन करने के लिए इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग को अधिकृत किया है। इस नीति से आईटी ढांचे में लागत में कमी, संचालन में दक्षता, बेहतर साइबर सुरक्षा, आपदा के समय सेवाओं की निरंतरता तथा नागरिक सेवाओं की 24×7 उपलब्धता सुनिश्चित होगी। साथ ही नागरिकों के डेटा की सुरक्षा, पारदर्शिता और ट्रैकिंग व्यवस्था और अधिक मजबूत होगी। मंत्रिपरिषद द्वारा छत्तीसगढ़ राज्य में डिजिटल अवसंरचना को विस्तार देने के लिए मोबाइल टावर योजना का अनुमोदन किया गया है। भौगोलिक विषमता और वामपंथी उग्रवाद प्रभावित क्षेत्रों में मोबाइल कनेक्टिविटी सीमित होने से शासन की योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन बाधित हो रहा है। इस योजना से मोबाइल टावर स्थापना हेतु चयनित सेवा प्रदाताओं को अनुमति और प्रशासनिक स्वीकृतियों की प्रक्रिया को सरल और समयबद्ध किया जाएगा।  मोबाइल टावर योजना के अंतर्गत चयनित मोबाइल नेटवर्क विहीन बसाहटों में टावर की स्थापना की जाएगी। डिजिटल कनेक्टिविटी से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति मिलेगी, ई गवर्नेंस सेवाओं का विस्तार होगा सामाजिक-आर्थिक विकास को बढ़ावा मिलेगा। योजना से सुरक्षा व्यवस्था में भी सुधार होगा विशेष कर वामपंथी उग्रवाद से प्रभावित क्षेत्रों में संचार सुविधा उपलब्ध होने से प्रशासनिक कार्य में पारदर्शिता और दक्षता आएगी। मोबाइल टावर योजना के लागू होने से सार्वजनिक वितरण प्रणाली, प्रत्यक्ष लाभ अंतरण, स्वास्थ्य सेवाएं, शिक्षा, आपातकालीन सेवाएं … Read more

पर्यावरण संरक्षण की दिशा में पहल, मुख्यमंत्री ने ‘वूमेन फॉर वेटलैण्ड्स’ पोस्टर का विमोचन किया

रायपुर. विश्व आर्द्रभूमि दिवस  के अवसर पर बीते दिनों मुख्यमंत्रीविष्णु देव साय ने मुख्यमंत्री निवास में ‘वुमेन फॉर वेटलैण्ड्स ’ अभियान के पोस्टर का अनावरण किया,इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने प्रदेश में आर्द्रभूमि एवं प्राकृतिक जल-स्रोतों के संरक्षण हेतु चलाए जा रहे इस अभियान की सराहना की। मुख्यमंत्रीसाय ने कहा कि जल ही जीवन है और आर्द्रभूमियां मानव सभ्यता की अमूल्य धरोहर हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश की मातृशक्ति को इस पवित्र अभियान से जोड़ना पर्यावरण संरक्षण की दिशा में प्रेरणादायी कदम है। मुख्यमंत्रीसाय ने यह भी कहा कि “नदियां, तालाब, कुएं, पोखर और आर्द्रभूमियां केवल जल-स्रोत नहीं, बल्कि जीवनदायिनी प्रकृति की पहचान हैं। इन्हें बचाना हम सभी का सामूहिक दायित्व है।” प्रज्ञा निर्वाणी चला रहीं व्यापक जन-जागरण अभियान ‘वूमेन फॉर वैटलैंड्स ’ अभियान की संस्थापक एवं  महिला मोर्चा की जिला अध्यक्ष प्रज्ञा निर्वाणी द्वारा प्रदेशभर में आर्द्रभूमि संरक्षण हेतु निरंतर जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है, इस अभियान के अंतर्गत तालाब, नहर, कुएं, नदियों एवं प्राकृतिक जल-स्रोतों के संरक्षण के लिए महिलाओं को संगठित किया जा रहा है। प्रज्ञा निर्वाणी ने मुख्यमंत्री को नवागढ़ स्थित गिधवा-परसदा-नगधा पक्षी विहार क्षेत्र को रामसर साइट घोषित करने हेतु ज्ञापन भी सौंपा, मुख्यमंत्रीसाय ने कहा कि “महिलाएं प्रकृति की प्रथम संरक्षक हैं,यदि मातृशक्ति आगे आएगी तो जल-स्रोतों का संरक्षण जन-आंदोलन बन जाएगा।” पोस्टर अनावरण कार्यक्रम के दौरान प्रसन्ना अवस्थी, प्राची शर्मा, प्रणीता शर्मा, आरविका अवस्थी सहित अन्य गणमान्यजन उपस्थित रहे।

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