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ज्योतिषाचार्य के रसूख का पर्दाफाश, सीएम से लेकर महिला आयोग अध्यक्ष तक को करता था प्रभावित

नासिक नासिक से रेप केस में गिरफ्तार ज्योतिषाचार्य अशोक खरात उर्फ कैप्टन खरात की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे उसके रसूख, पहुंच और प्रभाव की तस्वीरें भी साफ होती जा रही है. महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री रहे एकनाथ शिंदे ने भी उससे मुलाकात की थी और उसने उनका ‘हाथ’ देखकर भविष्यवाणी की थी.  इस मामले में सबसे ज्यादा चर्चा उस वीडियो को लेकर हो रही है, जिसमें महाराष्ट्र राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष रूपाली चाकणकर उनके पैर धोते हुए दिखाई दे रही हैं. खास बात यह है कि जिस व्यक्ति पर अब महिलाओं से जुड़े गंभीर आरोप हैं, उसी के साथ इस तरह की तस्वीरें और वीडियो सामने आने के बाद मामले को और संवेदनशील बना रही हैं।  नेताओं और प्रभावशाली लोगों से संपर्क अशोक खरात की पहचान सिर्फ एक ज्योतिषाचार्य तक सीमित नहीं थी. उसके पास राज्य के कई बड़े नेता, कारोबारी और प्रभावशाली लोग पहुंचते थे. कई लोग उसे अपना गाइड मानते थे और महत्वपूर्ण फैसलों से पहले सलाह लेने आते थे. यही वजह थी कि उसका नेटवर्क लगातार मजबूत होता गया और उसकी पहुंच बढ़ती चली गई. उस पर लगे रेप केस की जांच अब स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) कर रही है, जिसका नेतृत्व आईपीएस अधिकारी तेजस्विनी सातपुते कर रही हैं. उन्होंने आरोपी से करीब दो घंटे तक पूछताछ की है. हालांकि अभी तक आधिकारिक तौर पर ज्यादा जानकारी सामने नहीं आई है, लेकिन जांच एजेंसियां हर पहलू को खंगाल रही है।  शिरडी से जुड़ा नया मामला इस बीच शिरडी में एक और शिकायत सामने आई है, जिसने मामले को और गंभीर बना दिया है. एक महिला ने आरोप लगाया है कि उसे उसकी आपत्तिजनक तस्वीर भेजकर वायरल करने की धमकी दी गई और पैसे मांगे गए. इस मामले में खरात के ऑफिस से जुड़े कर्मचारी नीरज जाधव का नाम सामने आया है।  करोड़ों की संपत्ति पर भी सवाल जांच में सामने आया है कि अशोक खरात ने पिछले 15 सालों में करीब 200 करोड़ रुपये की संपत्ति बनाई है. पाथर्डी, सिन्नर, मिरगांव, ओझर और शिरडी जैसे इलाकों में उसकी जमीनें और प्रॉपर्टी हैं. परिवार के नाम पर भी करोड़ों की संपत्ति दर्ज है. खरात की नासिक के पाथर्डी गांव में 30 एकड़ जमीन के बारे में भी पुलिस को पता चला है, जिसकी अनुमानित कीमत 150 करोड़ से ज्यादा की है. इसके अलावा नासिक जिले के सिन्नर तालुका के कहंदलवाड़ी मिरगांव में 45 एकड़ जमीन, 30 करोड़ रुपये से ज्यादा मार्केट वैल्यू वाली परचेज़ डीड, नासिक शहर के पाथर्डी, गौलाने इलाके में पत्नी कल्पना, बेटी सृष्टि और तृप्तबाला के नाम पर अलग जमीनों के कागज मिले हैं. वहीं 10 करोड़ रुपये से ज्यादा की कीमत के  फार्महाउस की भी जांच की जा रही है. इस सब के अलावा कई अन्य इलाकों में भी कीमती जमीनों का पता चला है।  नासिक क्राइम ब्रांच की कार्रवाई में आरोपी के अलग-अलग ठिकानों पर तलाशी ली. खबर है कि पुलिस ने 58 वीडियो जब्त किए हैं. बताया जा रहा है कि ये वीडियो कुछ मशहूर महिलाओं और सेलिब्रिटी से जुड़े लोगों के हैं. पुलिस द्वारा ज़ब्त किए गए वीडियो की पूरी जांच चल रही है, और उम्मीद है कि इससे और भी चौंकाने वाली बातें सामने आ सकती हैं।  पहले भी उठते रहे विरोध अंधविश्वास के खिलाफ काम करने वाले संगठनों ने पहले भी अशोक खरात के खिलाफ विरोध जताया था. उनका कहना था कि वह लोगों की आस्था का गलत इस्तेमाल कर रहा है. लेकिन तब यह मामला ज्यादा आगे नहीं बढ़ पाया. अब गिरफ्तारी के बाद वही मुद्दे फिर से चर्चा में हैं।  इस पूरे मामले में सबसे महत्वपूर्ण पहलू महिलाओं की शिकायतें हैं. एक ओर दुष्कर्म का आरोप है, वहीं दूसरी ओर ब्लैकमेलिंग से जुड़े मामले सामने आ रहे हैं. इससे यह सवाल उठता है कि क्या प्रभाव और पहुंच के कारण पहले शिकायतें सामने नहीं आ पाईं। 

पेटेंट हटने से सस्ती होगी दवाइयां, ₹16,000 की दवा अब मिलेगी ₹1,500 में

नई दिल्‍ली  डेनमार्क की दिग्गज दवा कंपनी नोवो नॉर्डिस्क (Novo Nordisk) के साल्ट ‘सेमाग्लूटाइड’ (Semaglutide) पर पेटेंट इसी सप्‍ताह समाप्‍त हो जाएगा. कंपनी द्वारा इसी सॉल्‍ट का इस्‍तेमाल कर वजन घटाने के लिए ‘ओजेम्पिक’ और डायबिटीज नियंत्रण के लिए ‘वेगोवी’ नामक दवा बनाई जाती हैं. पेटेंट की वजह से ये दोनों ही दवाएं काफी महंगी है. लेकिन, पेटेंट समाप्ति के बाद अन्‍य कंपनियां भी सेमाग्‍लूटाइड का इस्‍तेमाल कर वजन घटाने और डायबिटीज की जेनेरिक दवाएं बना सकेंगी. इससे आम आदमी को सस्‍ती दवाएं मिलने लगेंगी।  वर्तमान में नोवो नॉर्डिस्क की वजन घटाने वाली दवा ओजेम्पिक की मासिक खुराक की कीमत करीब 8000 से 11,000 रुपये तक पड़ती है. डायबिटीज दवा वेगावी का महीने का खर्च 16400 रुपये तक होता है. कीमत ज्‍यादा होने की वजह से यह आम आदमी की पहुंच से बाहर है. दवा बाजार जानकारों का कहना है कि जेनेरिक दवा इससे करीब 60 फीसदी तक सस्‍ती होगी. शुरुआती दौर में जेनेरिक दवाओं की मासिक कीमत 3,000 से 5,000 रुपये के बीच रह सकती है, लेकिन जैसे-जैसे प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी यह और गिरकर 1,500 से 2,500 रुपये तक आ सकती है।  मोटापे और डायबिटीज के करोड़ों मरीज चीन के बाद डायबिटीज मरीजों की दूसरी सबसे बड़ी संख्या भारत में ही है. वहीं, लैंसेट की रिपोर्ट के मुताबिक, 2050 तक भारत में 44 करोड़ से अधिक लोग मोटापे का शिकार हो सकते हैं. फार्मारैक के अनुमान के मुताबिक, भारत का मोटापा-रोधी दवा बाजार 2030 तक 80 अरब रुपये तक पहुंच सकता है, जो वर्तमान में करीब 15 अरब रुपये है. सस्ती दवाओं की उपलब्धता से निम्न और मध्यम आय वर्ग के मरीज भी अब वैज्ञानिक तरीके से वजन घटाने का उपचार ले सकेंगे. यह कदम भारत के सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए एक गेम-चेंजर साबित होगा।  50 से ज्यादा ब्रांड्स दवा बनाने को तैयार नोवो नॉर्डिस्क का पेटेंट खत्‍म होने का असर है कि सन फार्मा (Sun Pharma), मैनकाइंड फार्मा (Mankind Pharma), डॉ. रेड्डीज (Dr. Reddy’s), जायडस (Zydus), ल्यूपिन (Lupin) और अल्केम (Alkem) जैसी 40 से अधिक कंपनियां अगले कुछ हफ्तों में सेमाग्लूटाइड के 50 से ज्यादा जेनेरिक संस्करण लॉन्च करने वाली हैं. कुछ कंपनियां तो इतनी तैयार हैं कि पेटेंट खत्म होने के अगले ही दिन अपने उत्पाद बाजार में उतार देंगी. इससे न केवल प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी, बल्कि मरीजों के पास चयन के लिए कई विश्वसनीय विकल्प भी मौजूद होंगे। 

IPL के इंजर्ड प्लेयर्स ने पाकिस्तान सुपर लीग पर लटकाया ताला, PCB में मच गया हड़कंप

 नई दिल्ली IPL (इंड‍ियन प्रीम‍ियर लीग ) 2026 शुरू होने से पहले ही खिलाड़ियों की चोटों ने फ्रेंचाइजियों की रणनीति हिला दी है. तेज गेंदबाजों की कमी को पूरा करने के लिए अब टीमों की नजर पाकिस्तान सुपर लीग (PSL) में खेल रहे खिलाड़ियों पर है।  हाल ही में जिम्बाब्वे के तेज गेंदबाज ब्लेस‍िंग मुजाबानी ने इस्लामाबाद यूनाइटेड का साथ छोड़कर कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) जॉइन की, जिसने पूरे मामले को और गर्म कर दिया है।  इससे पहले भी ऐसा हो चुका है. पिछले सीजन में साउथ अफ्रीका के ऑलराउंडर कॉर्ब‍िन बॉश ने पेशावर जाल्मी को छोड़कर मुंबई इंडियंस का दामन थामा था. ऐसे में यह ट्रेंड अब बढ़ता नजर आ रहा है।  अब सोशल मीडिया पर चर्चा है कि ऑस्ट्रेलिया के तेज गेंदबाज स्पेंसर जॉनसन और साउथ अफ्रीका के  ओटनील बार्टमैन भी IPL टीमों के रडार पर हैं. इसकी बड़ी वजह IPL में तेज गेंदबाजों की चोटें हैं।  यानी साफ है कि IPL के इंजर्ड प्लेयर्स की चोटें पाकिस्तान सुपर लीग (PSL) 2026 के लिए टेंशन बढ़ गई है, ऐसे में वो अपने लिए अपने लिए ख‍िलाड़ी कहां से लाएगा।  चेन्नई सुपर किंग्स के नाथन एल‍िस, राजस्थान रॉयल्स के सैम करन और कोलकाता के हर्षित राणा जैसे खिलाड़ी पहले ही टूर्नामेंट से बाहर हो चुके हैं. वहीं ऑस्ट्रेल‍ियाई पेस बैटरी जोश हेजलवुड , पैट कम‍िंस, म‍िचेल स्टार्क के खेलने पर रहस्य बना हुआ है. मिचेल स्टार्क, पैट कमिंस और जोश हेजलवुड में से कोई भी अपनी फ्रेंचाइजी के लिए उपलब्ध नहीं होगा।  श्रीलंका के नुवान थुसारा के खेलने पर सस्पेंस है, वहीं मथीशा पथ‍िराना के कोलकाता के लिए खेलने को लेकर हरी झंडी मिल चुकी है।  PSL के कौन से गेंदबाज IPL में आएंगे?  ऐसे में IPL टीमों के पास PSL में मौजूद खिलाड़ियों को विकल्प के तौर पर देखने के अलावा ज्यादा रास्ते नहीं हैं. इस्लामाबाद यूनाइटेड के पास र‍िचर्ड ग्लीसन और शमार जोसेफ जैसे ऑप्शन हैं. शमार जोसेफ पिछले सीजन में लखनऊ सुपर जायंट्स का हिस्सा रह चुके हैं।  क्वेटा ग्लैडिएटर्स के पास अल्जारी जोसेफ हैं, जो IPL में अच्छा अनुभव रखते हैं. वहीं अन्य टीमों में र‍िले मेरड‍िथ और 41 साल के अनुभवी पीडर स‍िडल शाम‍िल हैं, जो अब भी 140 किमी/घंटा की रफ्तार से गेंदबाजी कर सकते हैं।  IPL में चोटिल खिलाड़ियों की लिस्ट लगातार बढ़ती जा रही है. मुंबई इंडियंस के अथर्व अंकोलेकर और चेन्नई के नाथन एलिस पहले ही बाहर हो चुके हैं, जबकि राजस्थान के सैम करन भी टूर्नामेंट से बाहर हैं. बाकी कई खिलाड़ी अन‍िश्च‍ित स्थ‍ित‍ि में है।  ऐसे हालात में यह लगभग तय माना जा रहा है कि IPL फ्रेंचाइजियां PSL में खेल रहे खिलाड़ियों को ऑफर दे सकती हैं. हालांकि, अगर ऐसा होता है तो पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) के लिए यह एक और बड़ा झटका साबित होगा।  IPL की शुरुआत 28 मार्च से हो रही है, वहीं पाकिस्तान सुपर लीग (PSL) 2026 (11वां सीजन) का आयोजन 26 मार्च से 3 मई 2026 के बीच होना है. इस सीजन में दो नई टीमों के शामिल होने से टीमों की संख्या 6 से बढ़कर 8 हो गई है, और कुल 44 मैच खेले होंगे।   

हमारी गेंदबाजी सबसे बड़ी ताकत – IPL 2026 से पहले ऋषभ पंत ने भरत अरुण की तारीफ की

नई दिल्ली आईपीएल के पिछले सत्र में गेंदबाजी लखनऊ सुपर किंग्स की कमजोर कड़ी थी लेकिन कप्तान ऋषभ पंत का कहना है कि सहयोगी स्टाफ में भरत अरूण के आने से इस विभाग में टीम को मजबूत करने में काफी मदद मिल रही है। पंत ने जियोस्टार से बातचीत में लखनऊ टीम के चेन्नई में लगाये गए शिविर और भारत के पूर्व गेंदबाजी कोच अरूण के जुड़ने से टीम के युवा तेज गेंदबाजों को मिल रही मदद के बारे में बताया। ऋषभ पंत ने कहा ,” तेज गेंदबाजों के साथ शिविर बेहतरीन रहा । भरत अरूण सर के आने से काफी मदद मिल रही है । हमने इस पर काफी बात की है कि मैं गेंदबाजों से क्या चाहता हूं और वह इसमें क्या मदद कर सकते हैं ।” उन्होंने कहा ,”वह सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजी कोचों में से एक हैं और उनके साथ काम करने के अनुभव के कारण मुझे पूरा भरोसा है । वह अपने साथ अपार अनुभव लाये हैं । गेंदबाजों को उन पर भरोसा है और वे उनसे बात करते हैं । आपको एक गेंदबाजी कोच से यही चाहिये होता है ।” पंत ने कहा ,” पिछले सत्र का प्रदर्शन देखें तो हमें गेंदबाजी में सुधार की जरूरत थी । इसमें अरूण सर हमारी मदद कर सकते हैं और मुझे खुशी है कि वह टीम के साथ हैं ।” ड्रेसिंग रूम में सबसे मजाकिया इंसान पंत ने कहा कि इससे तनाव के पलों में माहौल हल्का करने में मदद मिलती है। उन्होंने कहा ,” मुझे लगता है कि हंसी मजाक सबको पसंद है क्योंकि माहौल वैसे ही इतना तनावपूर्ण है । हर कोई एक दूसरे के साथ का आनंद लेना चाहता है। बहुत सारा तनाव लेकर मजा नहीं आता और आप अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन नहीं कर पाते।” टीम प्रबंधन के मुताबिक लखनऊ सुपर जायंट्स के सभी भारतीय खिलाड़ी पहले ही टीम से जुड़ चुके हैं, शुक्रवार से ओवरसीज खिलाड़ियों का आना भी शुरू हो जाएगा। इसके बाद अभ्यास में और तेजी आएगी।  

रिश्वतखोरी का भंडाफोड़: CSEB ग्रामीण कार्यालय में ACB रेड, तीन आरोपी रंगे हाथों पकड़े

जांजगीर-चांपा छत्तीसगढ़ के जांजगीर चांपा जिले से भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई सामने आई है। यहां एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) की टीम ने CSEB (छत्तीसगढ़ स्टेट इलेक्ट्रिसिटी बोर्ड) के ग्रामीण कार्यालय में छापा मारकर तीन कर्मचारियों को रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई के बाद विभाग में हड़कंप मच गया है। जानकारी के अनुसार, जेई राजेंद्र शुक्ला, एई विजय नोरगे और एक कंप्यूटर ऑपरेटर को 35 हजार रुपये की रिश्वत लेते पकड़ा गया। यह रिश्वत एचटी लाइन विस्तार (HT Line Expansion) के लिए एक उपभोक्ता से मांगी गई थी पर उपभोक्ता रिश्वत देना नहीं चाहते थे। बिना रिश्वत के काम नहीं करने पर परेशान होकर उन्होंने एंटी करप्शन ब्यूरो कार्यालय बिलासपुर में मामले की शिकायत की थी। ACB को शिकायत मिली थी कि संबंधित अधिकारी काम के एवज में पैसे की मांग कर रहे हैं। शिकायत की पुष्टि के बाद टीम ने योजनाबद्ध तरीके से ट्रैप कार्रवाई की। केमिकल युक्त नोटों के साथ प्रार्थी को रिश्वत देने बिजली ऑफिस में भेजा। जैसे ही सीएसईबी ग्रामीण कार्यालय में रिश्वत ली गई वैसे ही एंटी करप्शन ब्यूरो की कार्यालय के बाहर तैनात टीम ने कार्यालय में छापा मारा। छापेमारी में जेई राजेंद्र शुक्ला, एई विजय नोरगे और कंप्यूटर ऑपरेटर को 35 हजार रुपए रिश्वत लेते गिरफ्तार किया गया। एसीबी तीनों से कार्यालय में पूछताछ कर रही है।

चुनाव बाद थलपति विजय की शादी तृषा कृष्णन से? जानें सच

मुंबई  साउथ स्टार थलपति विजय फिल्मों के बाद तमिल राजनीति में कदम रख चुके हैं. इन दिनों हर ओर से उनका नाम सुर्खियों में है. बात चाहें फिल्म या राजनीति की हो, या फिर उनकी निजी जिंदगी की. तमिलनाडु चुनाव से ठीक पहले उनकी पत्नी संगीता ने तलाक की अर्जी दी है. तलाक की खबरों के बीच उनका नाम एक्ट्रेस तृषा कृष्णन संग जोड़ा जा रहा है. खबरें हैं कि इलेक्शन के बाद दोनों शादी कर सकते हैं।  क्यों हुई शादी की चर्चा? शादीशुदा थलपति विजय और तृषा  के रोमांस की चर्चा उनकी फिल्म ‘लियो’ के बाद शुरू हुई थी. फिल्म के बाद वो सोशल मीडिया, पब्लिक इवेंट और सेलिब्रिटी शादियों में साथ दिखाई देने लगे थे. इससे उनके डेटिंग की अफवाहें शुरू हुईं. विजय की तरह तृषा को भी राजनीति में गहरी रूची है, इससे दोनों की बॉन्डिंग स्ट्रॉन्ग होती गई।  थलपति विजय की पत्नी संगीता ने तलाक की अर्जी देते हुए एक्टर पर एक्स्ट्रा मैरिटल का आरोप लगाया हुआ है. ये भी कहा जा रहा है कि तलाक में विजय पत्नी को 200 करोड़ की एलिमिनी देंगे. सोशल मीडिया पर एक्टर की दूसरी शादी बज शुरू हो गया है. एक वायरल रील में दावा किया गया कि तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के बाद दोनों रिश्ता ऑफिशियल करेंगे. बात तब और गरमाई जब तृषा की मां उमा कृष्णन ने उस रील को लाइक कर दिया है।  एक ओर थलपति विजय का घर टूटने के कगार पर है. दूसरी ओर तृषा कृष्णन 11 साल पहले अपनी सगाई तोड़ चुकी हैं. 2015 में तृषा ने चेन्नई के बिजनेसमैन वरुण मनियन से सगाई की थी. जल्द ही दोनों शादी करने वाले थे. लेकिन पांच महीने बाद उन्होंने सगाई तोड़ दी. एक इंटरव्यू में एक्ट्रेस ने बताया था कि उन्हें शादी में विश्वास है, लेकिन वो किसी दबाव में आकर ये फैसला नहीं लेना चाहती. ये भी कहा गया कि उनके पार्टनर ने उन्हें अभिनय छोड़ने के लिए कहा था. इसलिए उन्होंने सगाई तोड़ दी।  अब विजय और तृषा अपना रिश्ता कब ऑफिशियल करते हैं. इसका इंतजार हर किसी को है. फिलहाल दोनों में से किसी ने इस पर कुछ. नहीं कहा है। 

PAK की नापाक साजिश: सेना की जासूसी के लिए दिल्ली से कश्मीर तक CCTV कैमरे लगाने की कोशिश

गाजियाबाद ऑपरेशन सिंदूर के तहत गाजियाबाद पुलिस ने पाकिस्तान की ISI से जुड़े जासूसी नेटवर्क का पर्दाफाश किया है. अब तक इस मामले में कुल 11 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि दो आरोपियों नौशाद अली और समीर की तलाश जारी है. आरोपियों ने पाकिस्तान में बैठे हैंडलर्स के इशारे पर भारतीय सेना की जासूसी की योजना बनाई थी।  जांच में सामने आया कि यह नेटवर्क दिल्ली और सोनीपत रेलवे स्टेशन समेत कई महत्वपूर्ण सुरक्षा प्रतिष्ठानों में सोलर पावर्ड CCTV कैमरे लगाकर लाइव फीड पाकिस्तान भेजने की योजना बना रहा था. इन कैमरों के जरिए सेना की मूवमेंट, हथियार और अन्य संवेदनशील जानकारी भेजी जानी थी।  पाकिस्तान ISI का जासूसी रैकेट का खुलासा  जासूसी नेटवर्क का संचालन सुहैल मलिक उर्फ रोमियो, नौशाद अली और समीर उर्फ शूटर कर रहे थे. सुहैल मलिक को मास्टरमाइंड बताया जा रहा है, जबकि साने इरम उर्फ महक इस नेटवर्क को चलाने में सक्रिय भूमिका निभा रही थी. इसके अलावा प्रवीन, राज वाल्मीकि, शिवा वाल्मीकि और रितिक गंगवार भी गिरफ्तार हुए हैं. पूछताछ में पता चला कि नेटवर्क का विस्तार उत्तर प्रदेश, बिहार, महाराष्ट्र और नेपाल तक फैला हुआ था।  CCTV और GPS लोकेशन का इस्तेमाल आरोपियों ने रेलवे स्टेशन और सुरक्षा प्रतिष्ठानों की लाइव वीडियो और GPS लोकेशन विदेश में बैठे हैंडलर्स को भेजी. इसके लिए मोबाइल फोन में एक खास एप्लिकेशन इंस्टॉल किया गया था, जिसकी ट्रेनिंग ऑनलाइन पाकिस्तान में बैठे हैंडलर्स ने दी थी. नेटवर्क के कई आरोपियों ने दिल्ली कैंट और सोनीपत रेलवे स्टेशन पर कैमरे छिपाकर लगाये. पुलिस ने इन्हें बरामद कर लिया है।  14 मार्च से SIT की कार्रवाई इस मामले की शुरुआत 14 मार्च 2026 को हुई, जब थाना कौशांबी पुलिस को भोवापुर इलाके में कुछ युवकों की संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी मिली. इसके बाद BNS की धारा 61(2)/152 और ऑफिशियल एक्ट की धारा 3/5 के तहत केस दर्ज किया गया. 5 युवक और 1 महिला को गिरफ्तार किया गया।  पुलिस ने आरोपियों के मोबाइल फोन की जांच की, जिसमें कई आपत्तिजनक वीडियो, फोटो और महत्वपूर्ण लोकेशन मिलीं. इनके खिलाफ जांच के लिए एसआइटी गठित की गई. SIT में एसीपी रैंक के दो अधिकारी और चार इंस्पेक्टर शामिल हैं. इसमें अपराध शाखा, खुफिया विभाग, साइबर क्राइम टीम और SWAT टीम की मदद ली जा रही है।  20 मार्च को 9 और आरोपी गिरफ्तार SIT ने 20 मार्च को 9 और आरोपियों को गिरफ्तार किया, जिनमें 5 नाबालिग भी शामिल थे. गिरफ्तार आरोपियों में गणेश, विवेक, गगन कुमार प्रजापति और दुर्गेश निषाद के नाम सामने आए. पूछताछ में पता चला कि आरोपी विदेश में बैठे हैंडलर्स के निर्देश पर रेलवे और सुरक्षा ठिकानों की रेकी करते और फोटो, वीडियो व GPS लोकेशन भेजते थे।  जासूसी नेटवर्क ने भारतीय मोबाइल नंबरों के OTP विदेश भेजकर व्हाट्सएप और सोशल मीडिया अकाउंट संचालित करने की योजना बनाई थी. इसके लिए आरोपी 500 से 5000 रुपये तक लेते थे. सिम कार्ड हासिल करने के लिए स्नैचिंग, एजेंट्स से प्री-एक्टिवेटेड सिम खरीदना और अपने या परिवार के नाम पर सिम लेना जैसे तरीके अपनाए गए. पैसे के लेन-देन के लिए UPI प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल किया गया, लेकिन सीधे खाते में पैसे नहीं लिए. इसके बजाय जन सेवा केंद्रों या दुकानों के जरिए ट्रांसफर कर नकद राशि हासिल की जाती थी।  मोबाइल, OTP और सिम कार्ड के जरिए जासूसी जांच में यह भी पता चला कि नेटवर्क ने तकनीकी रूप से सक्षम युवाओं को अपने साथ जोड़ा था, जैसे मोबाइल मैकेनिक, CCTV ऑपरेटर और कंप्यूटर से जुड़े लोग. इन युवाओं को पैसों के लालच और विदेश में बैठे हैंडलर्स के निर्देशों के तहत शामिल किया गया. पुलिस फिलहाल फरार आरोपियों नौशाद अली और समीर की तलाश में लगी हुई है. जांच एजेंसियां पूरे नेटवर्क के अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन और इसके पीछे की साजिश की गहनता से जांच कर रही हैं. यह मामला देश की सुरक्षा के लिए बेहद संवेदनशील माना जा रहा है। 

छत्तीसगढ़ में सफलतापूर्वक संपन्न हुई 6 दिवसीय फेम ट्रिप, पर्यटन को मिली नई दिशा

रायपुर छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल एवं राज्य सरकार के संयुक्त प्रयासों से राज्य के पर्यटन स्थलों के व्यापक प्रचार-प्रसार तथा प्राकृतिक एवं सांस्कृतिक धरोहर को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाने के उद्देश्य से 13 से 18 मार्च तक आयोजित 6 दिवसीय विशेष फेम (FAM) ट्रिप सफलतापूर्वक संपन्न हो गई। यह आयोजन राज्य सरकार की दूरदर्शी सोच और पर्यटन को आर्थिक विकास के प्रमुख साधन के रूप में विकसित करने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। इस ट्रिप में देश के विभिन्न राज्यों—दिल्ली, महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल, कर्नाटक, ओडिशा, चेन्नई, बेंगलुरु एवं अंडमान-निकोबार से आए लगभग 30 टूर ऑपरेटर एवं ट्रैवल एजेंट्स ने भाग लिया। इन प्रतिभागियों को दो समूहों में विभाजित कर उत्तर एवं दक्षिण छत्तीसगढ़ के प्रमुख पर्यटन स्थलों का भ्रमण कराया गया, जिससे उन्हें राज्य की विविध पर्यटन संभावनाओं का प्रत्यक्ष अनुभव प्राप्त हुआ। उत्तर छत्तीसगढ़ में अंबिकापुर, मैनपाट, रामगढ़ और जशपुर जैसे स्थलों की प्राकृतिक सुंदरता एवं इको-टूरिज्म संभावनाओं से प्रतिभागियों को अवगत कराया गया। वहीं दक्षिण छत्तीसगढ़ में कांगेर घाटी, कोंडागांव, जगदलपुर, चित्रकोट, दंतेवाड़ा, बारसूर एवं धुडमारास जैसे स्थलों के माध्यम से बस्तर की समृद्ध जनजातीय संस्कृति, ऐतिहासिक धरोहर और प्राकृतिक वैभव का अनुभव कराया गया। फेम ट्रिप के दौरान बस्तर स्थित विश्व प्रसिद्ध चित्रकोट जलप्रपात ने प्रतिभागियों को विशेष रूप से आकर्षित किया, जहां उन्होंने बोटिंग के साथ प्राकृतिक सौंदर्य का आनंद लिया। चित्रकोट के प्राचीन शिव मंदिर में दर्शन कर उन्होंने आध्यात्मिक अनुभव भी प्राप्त किया। इसके अलावा स्थानीय हाट-बाजारों का भ्रमण कर प्रतिभागियों ने जनजातीय जीवनशैली, पारंपरिक आयोजनों और सांस्कृतिक विविधता को करीब से समझा, जो छत्तीसगढ़ की विशिष्ट पहचान है। ऐतिहासिक नगरी बारसूर के बत्तीसा मंदिर एवं प्राचीन गणेश प्रतिमाओं का अवलोकन कर राज्य की गौरवशाली सांस्कृतिक विरासत की झलक देखने को मिली। साथ ही प्रतिनिधिमंडल ने बस्तर संभाग के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों से मुलाकात कर पर्यटन विकास, सुरक्षा व्यवस्था एवं बुनियादी सुविधाओं की जानकारी प्राप्त की, जिससे राज्य में पर्यटन के लिए सुरक्षित और अनुकूल वातावरण का विश्वास मजबूत हुआ। मैनपाट एवं जशपुर क्षेत्र में इको-टूरिज्म, ग्रामीण पर्यटन और होमस्टे मॉडल की संभावनाओं को प्रस्तुत करते हुए राज्य सरकार की योजनाओं और पहल की सराहना की गई। कुनकुरी का गिरजाघर, राजपुरी जलप्रपात तथा केरे विलेज के महुआ होमस्टे जैसे स्थलों ने यह सिद्ध किया कि छत्तीसगढ़ में पर्यटन के विविध आयाम विकसित किए जा सकते हैं। फेम ट्रिप का सबसे बड़ा सकारात्मक प्रभाव यह है कि इसमें शामिल टूर ऑपरेटर एवं ट्रैवल एजेंट्स अपने-अपने राज्यों में छत्तीसगढ़ को एक उभरते हुए और आकर्षक पर्यटन गंतव्य के रूप में प्रचारित करेंगे। इससे राज्य में पर्यटकों की संख्या में वृद्धि होने की प्रबल संभावना है। पर्यटकों की बढ़ती आवाजाही से स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ेंगे, खासकर होटल, ट्रांसपोर्ट, गाइड सेवा, हस्तशिल्प एवं स्थानीय बाजारों को सीधा लाभ मिलेगा। जनजातीय क्षेत्रों में पर्यटन के बढ़ने से स्थानीय संस्कृति को संरक्षण एवं पहचान मिलेगी, साथ ही ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। इसके अतिरिक्त, इस प्रकार के आयोजनों से राज्य की सकारात्मक छवि राष्ट्रीय स्तर पर मजबूत होती है, जिससे निजी निवेश को भी प्रोत्साहन मिलता है और पर्यटन अधोसंरचना के विकास को गति मिलती है। समापन समारोह में पर्यटन मंडल के अध्यक्ष नीलू शर्मा ने ट्रैवल पार्टनर्स से छत्तीसगढ़ को देशभर में बढ़ावा देने का आह्वान करते हुए राज्य सरकार द्वारा प्रदान की जा रही बेहतर सुविधाओं, सुरक्षित वातावरण और आतिथ्य की परंपरा पर विश्वास जताया। प्रबंध संचालक विवेक आचार्य ने भी प्रतिभागियों से अपने अनुभवों को व्यापक स्तर पर साझा करने और अधिक पर्यटकों को छत्तीसगढ़ लाने में सहयोग करने की अपील की। प्रतिभागियों ने छत्तीसगढ़ की प्राकृतिक सुंदरता, सांस्कृतिक विविधता और आत्मीय आतिथ्य की सराहना करते हुए इसे “हिडन जेम” बताया और भविष्य में यहां अधिक पर्यटकों को लाने का भरोसा जताया। यह 6 दिवसीय फेम ट्रिप छत्तीसगढ़ पर्यटन बोर्ड एवं राज्य सरकार की प्रभावी रणनीति का प्रमाण है, जो राज्य को देश के प्रमुख पर्यटन मानचित्र पर स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगी।

रायपुर में राज्यपाल रमेन डेका से मिला रक्षा महाविद्यालय का अध्ययन दल, की सौजन्य भेंट

रायपुर  राज्यपाल रमेन डेका से आज रक्षा महाविद्यालय (NDC) नई दिल्ली के अध्ययन दल ने सौजन्य भेंट की। रक्षा महाविद्यालय द्वारा “National Security and Strategic Studies” विषय पर Understanding India Study Tour (UIST)  के अंतर्गत 16 सदस्यों का दल 15 से 20 मार्च तक छत्तीसगढ़ भ्रमण पर था। अपनी यात्रा के अंतिम दिन आज इस दल ने राज्यपाल डेका से मुलाकात की। अध्ययन दल में भारतीय सशस्त्र सेनाओं के वरिष्ठ अधिकारीगण, मित्र देशों के सेनाधिकारी तथा कुछ सिविल सेवाओं के अधिकारीगण शामिल थे। इस दल ने छत्तीसगढ़ के विभिन्न पर्यटक स्थलों, जैसे-बारनवापारा अभ्यारण्य, ट्राइबल म्यूजियम, पुरखैती मुक्तांगन, बस्तर के विभिन्न जलप्रताप, कोन्डागांव के शिल्पग्राम इत्यादि का भ्रमण किया।            राज्यपाल डेका ने अध्ययन दल के सदस्यों को संबोधित करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ एक सुंदर प्रदेश है। आप सभी दोस्तों और परिवार के सदस्यों को अपने भ्रमण और छत्तीसगढ़ की खूबसूरती के बारे में बताएं, ताकि वे भी पर्यटक के रूप में यहां आ सकें। उन्होंने छत्तीसगढ़ की विशेषताओं के बारे में अध्ययन दल से चर्चा की। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ को धान का कटोरा कहा जाता है और यहां पर धान की प्रजातियों को संरक्षित करके रखा गया है। उन्होंने छत्तीसगढ़ की शिल्प कला जैसे ढोकरा आर्ट, वुडन आर्ट, बैम्बु आर्ट के बारे मंे भी चर्चा की। इस प्रदेश में प्रतिभाशाली लोगों की भी कमी नही है, अमेरिका के ह्यूस्टन में छत्तीसगढ़ के हजारों सॉफ्टवेयर इंजीनियर अपनी सेवाएं दे रहे है। इसके अलावा अमेरिका में बसे छत्तीसगढ़ के प्रवासी लोगों की संस्था नार्थ अमेरिका छत्तीसगढ़ एसोसिएशन (NACHA) अमेरिका में स्वदेशी मेले का आयोजन करते है, जहां पर छत्तीसगढ़ की कला, संस्कृति और परंपराओं का प्रदर्शन किया जाता है। उन्होंने इस दौरान ऊर्जा के नवीनीकृत स्रोतों को बढ़ावा देने, स्वास्थ्य और शिक्षा क्षेत्र में नवाचार को बढ़ावा देने की बात कही। डेका ने छत्तीसगढ़ सरकार की जनकल्याणकारी नीतियों के बारे में भी अध्ययन दल को अवगत कराया।           अध्ययन दल के सदस्यों ने अपने अनुभव साझा करते हुए छत्तीसगढ़ की सुंदर, संस्कृति, कला और परंपराओं की सराहना की। अध्ययन दल ने छत्तीसगढ़ के आतिथ्य की तारीफ करते हुए कहा कि यहां के लोग सीधे सरल और आत्मीय है। हम सभी को यहां आकर बहुत अच्छा लगा। अध्ययन  दल के सदस्यों ने प्रदेश में संचालित लोककल्याणकारी योजनाओं जैसे महतारी वंदन, कृषक उन्नति योजना, नक्सल पुनर्वास नीति आदि की सराहना की। 

रानी अवंतीबाई के बलिदान को श्रद्धांजलि, मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा- यह अविस्मरणीय रहेगा

मातृभूमि की रक्षा की लिए रानी अवंतीबाई का बलिदान सदियों तक रहेगा अविस्मरणीय : मुख्यमंत्री डॉ. यादव रानी अवंतीबाई की स्मृति में डिंडोरी में एक करोड़ रूपए से निर्मित संग्रहालय का किया लोकार्पण सागर में रानी अवंतीबाई के नाम पर विश्वविद्यालय की स्थापना कर हमने दी है वीरांगना को श्रद्धांजलि रानी अवंतीबाई बलिदान दिवस पर डिंडोरी में हुआ कार्यक्रम मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वीडियो कॉन्फ्रेसिंग से किया संबोधित भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश वीरांगनाओं की धरती है। रानी दुर्गावती से लेकर रानी कमलापति और रानी अवंतीबाई तक हमारी लोकनायिकाओं और वीरांगनाओं ने विदेशी आक्रांताओं के छक्के छुड़ा दिए थे। मातृभूमि की रक्षा के लिए रानी अवंतीबाई ने जो बलिदान दिया, वह सदियों-सदियों तक अविस्मरणीय रहेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शुक्रवार को रानी अवंतीबाई के बलिदान दिवस के अवसर पर डिंडोरी जिले में आयोजित कार्यक्रम को मुख्यमंत्री निवास से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रानी अवंतीबाई के अटल साहस और अमर त्याग को भावी पीढ़ियों तक पहुंचाने के लिए उनकी स्मृति में डिंडोरी में एक करोड़ रुपए की लागत से नवनिर्मित भव्य संग्रहालय का लोकार्पण भी किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह संग्रहालय हमें रानी अवंतीबाई के बल और बलिदान की याद दिलाता रहेगा। इस संग्रहालय में उनकी फोटो गैलरी और उनके शस्त्र हमारी आने वाली पीढ़ियों को युगों-युगों तक प्रेरित करते रहेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हम विरासत से विकास की ओर बढ़ते हुए अपने नायकों के पराक्रम को भी याद कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि रानी अवंतीबाई का जन्म तत्कालीन सिओनी (वर्तमान सिवनी) जिले के मनकेहणी गांव में हुआ था। कहते हैं कि रणभूमि में उनकी तलवार जब चलती थी, तो अंग्रेजों के हौसले पस्त हो जाते थे। सन् 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम में डिंडोरी में रानी अवंतीबाई की भूमिका ठीक वैसी ही थी, जैसी झांसी में रानी लक्ष्मीबाई की। जब अंग्रेजों ने राजा शंकर शाह और कुंवर रघुनाथ शाह को तोप से उड़ाकर कायरता दिखाई, तब इस पूरे क्षेत्र में क्रांति की मशाल रानी अवंती बाई ने अपने हाथ में ली थी। सन् 1857 की क्रांति में रानी अवंतीबाई ने रेवांचल में मुक्ति आंदोलन में बड़ी भूमिका निभाई। इसके बाद सन् 1858 में जब अंग्रेजों ने एक विशाल सेना के साथ उन पर हमला किया, त‍ब भी रानी ने झुकना स्वीकार नहीं किया। अपने मान-सम्मान और देश की अस्मिता के लिए उन्होंने लड़ते-लड़ते, हंसते-हंसते अपने प्राणों की आहुति दे दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार ने रानी अवंती बाई की शहादत को अविस्मरणीय बनाए रखने के लिए सागर में उनके नाम पर विश्वविद्यालय की स्थापना कर श्रद्धांजलि दी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि डिंडोरी जिला उनके हृदय के करीब है। उन्होंने प्रसन्नता जताई कि एनीमिया मुक्त भारत के संकल्प के साथ जिला प्रशासन डिंडोरी ने एक ही दिन में 50 हजार से ज्यादा महिलाओं और बेटियों की स्वास्थ्य जांच की। इस उपलब्धि के लिए डिंडोरी का नाम ‘एशिया बुक ऑफ रिकार्ड्स’ और ‘इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स’ में दर्ज हुआ है। यह हमारे लिए गौरव की बात है। 14 से 15 साल की बेटियों को टीकाकरण (एचपीवी अभियान) में भी डिंडोरी जिला प्रदेश में प्रथम स्थान पर आया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि बेटियों के सपनों को पंख देने के लिए डिंडोरी जिले में ‘पंखिनी अभियान’ चलाया जा रहा है। इसमें बेटियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की नि:शुल्क तैयारी कराई जा रही है। यह एक अभिनव प्रयास है। मुख्यमंत्री ने इस अभियान के लिए जिला प्रशासन डिंडोरी को बधाई भी दी। डिंडोरी जिले के ग्राम बालपुर में हुए रानी अवंती बाई बलिदान दिवस कार्यक्रम में क्षेत्रीय लोकसभा सांसद फग्गन सिंह कुलस्ते, विधायक ओमप्रकाश धुर्वे, जिला पंचायत अध्यक्ष रूदेश परस्ते, उपाध्यक्ष श्रीमती अंजू ब्यौहार, जनपद पंचायत डिंडोरी की अध्यक्ष श्रीमती आशा सिंह, उपाध्यक्ष श्रीमती राजकुमारी बाई ठाकुर, जिलाध्यक्ष चमरू सिंह नेताम, नरेन्द्र राजपूत सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे।  

मुख्यमंत्री साय ने ग्रामीण जल व्यवस्था सुधारने की दिशा में लिया ऐतिहासिक कदम

छत्तीसगढ़ में जल क्रांति का नया अध्याय: जल जीवन मिशन 2.0 पर ऐतिहासिक एमओयू ग्रामीण जल व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में ऐतिहासिक कदम – मुख्यमंत्री साय रायपुर  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज छत्तीसगढ़ विधानसभा में जल जीवन मिशन 2.0 के तहत केन्द्र और राज्य के बीच एमओयू कार्यक्रम में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शामिल हुए। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और केंद्रीय जलशक्ति मंत्री सी आर पाटिल की वर्चुअल मौजूदगी में अधिकारियों ने एमओयू पर हस्ताक्षर कर एक्सचेंज किया।           मुख्यमंत्री साय ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि राज्य की ग्रामीण पेयजल व्यवस्था को सुदृढ़ करने की दिशा में यह पहल ऐतिहासिक है। उन्होंने कहा कि “हर घर जल” के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए जल जीवन मिशन 2.0 के तहत हुये एमओयू से इन कार्यों में गति मिलेगी। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में 10 मार्च 2026 को केंद्रीय मंत्रिमंडल ने जल जीवन मिशन के विस्तारित चरण, जल जीवन मिशन 2.0 को मंजूरी दी है। इस चरण में जल सेवा वितरण प्रणाली को मजबूत करने के साथ-साथ जनभागीदारी को भी सुनिश्चित किया जाएगा।               मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य में अब तक 41 लाख 30 हजार से अधिक ग्रामीण परिवारों, यानी लगभग 82.66 प्रतिशत घरों को नल कनेक्शन उपलब्ध कराया जा चुका है। साय ने कहा कि जल जीवन मिशन के तहत दूरस्थ, वनांचल और आदिवासी क्षेत्रों तक शुद्ध पेयजल पहुंचने से महिलाओं को बड़ी राहत मिली है, जिन्हें पहले पानी के लिए दूर-दूर तक जाना पड़ता था।            उन्होंने कहा कि मिशन 2.0 के तहत ग्राम स्तर पर जल प्रबंधन में समुदाय की भागीदारी बढ़ाने और जल स्रोतों के संरक्षण पर विशेष जोर दिया जाएगा। साथ ही जल संवर्धन, पुनर्भरण तथा योजनाओं के संचालन और रखरखाव को मजबूत बनाने के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री साय ने बताया कि इस एमओयू के माध्यम से पारदर्शी और तकनीक आधारित जल सेवा प्रणाली विकसित की जाएगी, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में जल वितरण और अधिक व्यवस्थित एवं सुदृढ़ होगा।              मुख्यमंत्री ने नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में पेयजल सुविधा को और बेहतर बनाने के लिए केंद्रीय मंत्री से 1300 करोड़ रुपये की विशेष स्वीकृति का आग्रह भी किया। इस स्वीकृति से 70 समूह जल प्रदाय योजनाओं के माध्यम से प्रदेश के 3 हजार से अधिक गांवों तक पेयजल पहुंचाने में मदद मिलेगी। अंत में मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री मोदी का आभार व्यक्त करते हुए विश्वास जताया कि सभी के सहयोग से छत्तीसगढ़ न केवल “हर घर जल” का लक्ष्य हासिल करेगा, बल्कि सतत जल प्रबंधन और ग्रामीण जल शासन में भी नए मानक स्थापित करेगा।                केंद्रीय जलशक्ति मंत्री सी आर पाटिल ने कहा कि आज का दिन अत्यधिक महत्वपूर्ण है और इस एमओयू के बाद छत्तीसगढ़ में पाइप लाइन एवं संरचनाओं के माध्यम से प्रत्येक घर में पानी की पहुँच सुनिश्चित होगी। उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायतों को इसके तहत सशक्त अधिकार प्राप्त होंगे और इन संरचनाओं के रख रखाव के लिए वे जिम्मेदार होंगे। पाटिल ने कहा कि जिला प्रशासन के जरिये पंचायत के कार्यों पर निगरानी रखी जाएगी एवं आवश्यकता होने पर सहायता भी करेंगे। उन्होंने बताया कि आज का यह एमओयू जल शक्ति मंत्रालय और छत्तीसगढ़ शासन का साझा प्रयास का परिणाम है। इससे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हर घर स्वच्छ एवं निर्बाध पानी की पहुँच का सपना साकार होगा।            कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री एवं लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री अरुण साव, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, सचिव राहुल भगत, जल संसाधन विभाग के सचिव राजेश टोप्पो सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

NDC के सैन्य-गैर सैन्य ट्रेनी अधिकारियों ने की CM साय से भेंट, नक्सलवाद खत्म करने का श्रेय डबल इंजन सरकार को

 रायपुर छत्तीसगढ़ की हमारी धरती सघन वन, प्राकृतिक संसाधन, खनिज संपदा के विपुल भंडार, लोक संस्कृति की अमूल्य विरासत और नैसर्गिक सौन्दर्य का अद्भुत संगम है. इस सुंदर धरती के विकास की सबसे बड़ी बाधा नक्सलवाद को हमारे डबल इंजन की सरकार ने अब दूर कर दिया है. मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज अपने निवास कार्यालय में नेशनल डिफेंस कॉलेज के सैन्य और सिविल सेवा अधिकारियों के अध्ययन दल से मुलाकात कर आत्मीय संवाद किया. इस दौरान उन्होंने देश-विदेश से आए अधिकारियों का स्वागत करते हुए शाल और प्रतीक चिन्ह भेंटकर सम्मानित किया. अध्ययन दल का नेतृत्व कर रहे एयर कमोडोर अजय कुमार चौधरी ने छत्तीसगढ़ प्रवास के अनुभव साझा करते हुए राज्य की भौगोलिक, सांस्कृतिक और प्रशासनिक विशेषताओं की सराहना की. उन्होंने मुख्यमंत्री को सैन्य स्मृति चिन्ह भी भेंट किया. मुख्यमंत्री साय ने अपने संबोधन में कहा कि छत्तीसगढ़ सघन वनों, खनिज संपदा, समृद्ध लोक संस्कृति और नैसर्गिक सौंदर्य का अद्वितीय संगम है. उन्होंने बताया कि राज्य का लगभग 46 प्रतिशत भू-भाग वनों से आच्छादित है, जिसमें “एक पेड़ मां के नाम” अभियान और कैम्पा योजना का महत्वपूर्ण योगदान रहा है. सीएम साय ने कहा कि राज्य खनिज संसाधनों से परिपूर्ण है, कोयले से लेकर हीरे तक यहां उपलब्ध हैं. छत्तीसगढ़ वर्तमान में विद्युत उत्पादन के क्षेत्र में सरप्लस राज्य है, जहां लगभग 30 हजार मेगावाट बिजली का उत्पादन हो रहा है. मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले दो वर्षों में ऊर्जा क्षेत्र में 3 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जिससे आने वाले समय में इतनी ही अतिरिक्त उत्पादन क्षमता विकसित होगी. मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में केंद्र और राज्य सरकार के समन्वित प्रयासों से अब नक्सल समस्या समाप्ति की ओर है. इससे प्रदेश में शांति और विकास की गति और तेज होगी. कृषि क्षेत्र का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ को “धान का कटोरा” कहा जाता है और यहां किसानों के लिए प्रभावी धान खरीदी नीति लागू है. प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से खरीदा जा रहा है, जिससे किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है. महिला सशक्तिकरण की दिशा में ‘महतारी वंदन योजना’ का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि इसके तहत 15 हजार करोड़ रुपये से अधिक की राशि महिलाओं को प्रदान की जा चुकी है. इसके अलावा 05 लाख 30 हजार से अधिक भूमिहीन कृषि मजदूरों को प्रतिवर्ष 10 हजार रुपये की सहायता दी जा रही है. उन्होंने छत्तीसगढ़ की कला संस्कृति, खान पान, रीति रिवाज परंपरा पर खुलकर बातें की और अपने राजनीतिक और सामाजिक अनुभव भी उनके साथ साझा किए. विदेशी मेहमानों ने कहा- अद्भुत है छत्तीसगढ़, सुंदर स्मृतियों के साथ पूरी हुई यात्रा  अध्ययन दल में शामिल विदेश के सैन्य अधिकारियों ने छत्तीसगढ़ प्रवास को “अद्भुत और यादगार” बताते हुए कहा कि राज्य भौगोलिक विविधताओं और उर्वर भूमि से समृद्ध है. उन्होंने विशेष रूप से बस्तर क्षेत्र की जनजातीय संस्कृति और प्राकृतिक सौंदर्य की प्रशंसा की. एयर कमोडोर अजय कुमार चौधरी ने कहा कि स्पष्ट नेतृत्व और सशक्त नीति के कारण प्रदेश में सकारात्मक परिवर्तन देखने को मिल रहा है. उन्होंने कहा कि सुरक्षाबलों का मनोबल बढ़ा है, जिससे नक्सलवाद के खिलाफ प्रभावी कार्य हुआ है. उन्होंने आगे कहा कि राज्य और केंद्र सरकार की योजनाओं, जैसे महिला सशक्तिकरण और आवास योजनाओं का जमीनी स्तर पर सकारात्मक असर दिखाई दे रहा है. उन्होंने छत्तीसगढ़ के समग्र विकास को कुशल नेतृत्व का परिणाम बताया. इस दौरान मुख्यमंत्री के सचिव राहुल भगत, आईजी ओ पी पाल, अध्ययन दल में आईपीएस अमनदीप सिंह कपूर, म्यांमार कर्नल लू जॉ आंग, ब्रिगेडियर मोहम्मद शाहिद अहमद, जापान के कर्नल उचीनो तोमोफुमी, ब्रिगेडियर कुंवर मान विजय सिंह राणा, सुप्रिया घाघ, ब्रिगेडियर शिशिर थमैय्या, बांग्लादेश के ब्रिगेडियर जनरल फिरदौस आरिफ अहमद, ब्रिगेडियर केतन अरुण मोहिते, ब्रिगेडियर अनिरुद्ध चौहान, एयर कमोडोर अजय कुमार चौधरी, एयर कमोडोर मूलनाथ गिरीश, डॉ. राजेश कुमार अस्थाना, भूटान के कर्नल समतेन चेनोर, ग्रीस के कर्नल कॉन्सटेंटिनॉस नीरस शामिल है. उल्लेखनीय है कि नेशनल डिफेंस कॉलेज द्वारा प्रतिवर्ष एक साल का कोर्स आयोजित किया जाता है. इस वर्ष 66वां प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया है, जिसमें 120 सैन्य और गैर सैन्य अधिकारियों का दल प्रशिक्षण प्राप्त कर रहा है. प्रशिक्षण कार्यक्रम के तहत 15 अधिकारियों का दल आर्थिक सुरक्षा और रणनीति विषय पर अध्ययन के लिए छत्तीसगढ़ पहुंचा, जिसमें 05 विदेशी सैन्य अधिकारी भी शामिल है. प्रशिक्षण में शामिल अधिकारियों ने बताया कि सबसे पहले उन्होंने नया रायपुर में शहर की व्यवस्था और प्लान, कृषि और वन विभाग के अधिकारियों के साथ चर्चा, कांकेर के जंगल वारफेयर कॉलेज और कृषि विज्ञान केंद्र का अवलोकन किया. इसके साथ ही बस्तर में सुरक्षा संबंधी विषयों से जुड़ी विशेष चर्चा, सुरक्षाबलों के साहसिक कार्य, पर्यटन स्थल, विभिन्न शासकीय आयोजनों में बस्तर की कला-संस्कृति, चित्रकोट जलप्रपात, कोंडागांव में शिल्पग्राम का भ्रमण किया. अगले दिन उन्होंने भिलाई स्टील प्लांट और भिलाई के पुलिस थाना का भ्रमण कर कानून व्यवस्था के बारे में जानकारी प्राप्त की.

एक दिन में दो बड़े शिकार, इजरायल ने मारे ईरान के 2 कमांडर, IRGC और बासिज फोर्स पर हुआ प्रहार

तेहरान  इजरायल के ताजा हमले में ईरान को 2 तगड़े झटके लगे हैं. ईरान ने कहा है कि इजरायली हवाई हमले में इस्लामिक रिव्यूलेशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के प्रवक्ता अली मोहम्मद नैनी की मौत हो गई है. इसके अलावा एक दूसरे हमले में ईरान के बासिज फोर्स के खुफिया प्रमुख जनरल इस्माइल अहमदी की मौत हो गई है।  ब्रिगेडियर जनरल अली मोहम्मद नैनी ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स के प्रवक्ता और जनसंपर्क के उप-प्रमुख थे. उन्हें जुलाई 2024 में IRGC के कमांडर-इन-चीफ़ हुसैन सलामी ने इस पद पर नियुक्त किया गया था. 1957 में जन्मे नैनी ईरान-इराक युद्ध के अनुभवी सैनिक थे. इस जंग के दौरान वह जख्मी भी हुए थे।  नैनी के पास उनके पास सेकेंड ब्रिगेडियर जनरल का पद था. नैनी अक्सर IRGC की ओर से बयान जारी करते थे, जिनमें ईरान की सैन्य तत्परता, मिसाइल और ड्रोन क्षमताओं के बारे में चेतावनियां होती थीं।  IRGC के प्रवक्ता थे अली मोहम्मद नैनी मार्च 2026 के मध्य में बढ़ते संघर्ष के बीच उन्होंने दावा किया कि ईरान कम से कम छह महीने तक चलने वाले हाई इंटेंसिटी वाले युद्ध के लिए पूरी तरह से तैयार है. उन्होंने कहा कि कई नई पीढ़ी की मिसाइलों और ड्रोनों का अभी तक उपयोग नहीं किया गया है।  मोहम्मद नैनी ईरान-इराक जंग (1980-88) की पूरी अवधि के दौरान फ्रंटलाइन पर रहे. लगभग 8 साल तक उन्होंने जंग में अलग अलग रोल में काम किया।  युद्ध के पहले साल उन्होंने क़द्र बटालियन के जनसंपर्क प्रमुख के रूप में सेवा की. उन्होंने सर्पोल-ए जहाब में अबूजर बैरक में भी जनसंपर्क और ऑपरेशंस की जिम्मेदारी संभाली. बाद में वे नजफ मुख्यालय में फ्रंटलाइन प्रचार के डिप्टी के रूप काम कर रहे थे।  इजरायल ने कहा है कि उसने ईरानी शासन से जुड़ी 130 से ज़्यादा इंफ्रास्ट्रक्चर साइटों पर हमला किया है. इन टारगेट में पश्चिमी और मध्य ईरान में बैलिस्टिक मिसाइल साइटें, UAV और डिफेंस सिस्टम शामिल थीं।  इजरायल ने बयान में कहा गया, “इजरायल वायु सेना पश्चिमी और मध्य ईरान में हमले जारी रखे हुए है, ताकि वहां से इजरायल की ओर होने वाली गोलाबारी के दायरे को जितना हो सके कम किया जा सके और ईरान पर अपनी हवाई श्रेष्ठता का विस्तार किया जा सके।  बासिज फोर्स के इंटेलिजेंस चीफ थे जनरल इस्माइल अहमदी बासिज के खुफिया विभाग के प्रमुख जनरल इस्माइल अहमदी IRGC से जुड़े एक अधिकारी थे. वे संगठन में सुरक्षा और खुफिया भूमिका निभाते थे. वे बुशहर प्रांत के मूल निवासी थे।  उनकी भूमिका बासिज में सुरक्षा और खुफिया से जुड़ी थी. वे  कई बार IRGC कमांडर हुसैन सलामी द्वारा सम्मानित किए गए थे. वे बासिज के कमांडर शहीद घुलामरज़ा सुलेमानी के सहयोगी और डिप्टी थे. बासिज के खुफिया प्रमुख के रूप में संगठन में उनकी भूमिका आंतरिक सुरक्षा, जासूसी-रोकथाम और वैचारिक निगरानी की थी।  17  मार्च को अली लारिजानी मारे गए इससे पहले इजरायल के हमले में ईरान के डी फैक्टो लीडर अली लारिजानी की 17 मार्च 2026 को मौत हो गई थी. यह हमला रात में हुआ था जब वे अपनी बेटी के घर पर थे. इस हमले में उनके बेटे, कुछ अंगरक्षक और अन्य साथी भी मारे गए।  लारिजानी को खामेनेई की मौत के बाद ईरान का अस्थायी प्रमुख माना जा रहा था. उनकी मौत ने ईरान के नेतृत्व में बड़ा संकट पैदा किया है। 

गौमांस विवाद के बाद असलम पर NSA, जमानत मिलने के बावजूद जेल गेट से फिर ले गई पुलिस

भोपाल  बहुचर्चित भोपाल स्लॉटर हाउस मामले में 24 घंटे के भीतर ऐसा जबरदस्त मोड़ आया कि सब दंग रह गए। कोर्ट से जमानत मिलने की खुशी अभी अधूरी ही थी कि जेल की चौखट पर ही असलम कुरैशी की आजादी छिन गई। पुलिस ने कानून व्यवस्था बिगड़ने का हवाला देते हुए उसे फिर से हिरासत में ले लिया है और अब उस पर एनएसए यानी रासुका के तहत कार्रवाई की जा रही है। जेल के बाहर मची अफरातफरी असलम के परिजनों का आरोप है कि बुधवार रात करीब 10 बजे जैसे ही वह जेल से बाहर निकला, उसे जबरन एक लाल रंग की गाड़ी में बिठाकर ले जाया गया। परिजनों ने भौंरी बाईपास तक गाड़ी का पीछा भी किया, लेकिन पुलिस की फुर्ती के आगे वे नाकाम रहे। जब वे गांधी नगर थाने पहुंचे, तब जाकर पता चला कि यह कोई किडनैपिंग नहीं बल्कि पुलिस की प्रिवेंटिव एक्शन थी। जेल के बाहर 100 प्रदर्शनकारी हो गए इकट्ठा असलम की रिहाई की खबर मिलते ही जेल के बाहर 50 से 100 के करीब प्रदर्शनकारी जमा हो गए थे। नारेबाजी और बढ़ते तनाव को देखते हुए पुलिस को डर था कि त्योहारों के इस मौसम में शहर की शांति भंग हो सकती है। इसी इनपुट के आधार पर कलेक्टर ने तत्काल डिटेंशन वारंट जारी कर दिया। गो-मांस मिलने पर हुआ था हंगामा यह पूरा मामला भोपाल के एक स्लॉटर हाउस से जुड़ा है जहां भारी मात्रा में संदिग्ध प्रतिबंधित मांस मिलने का आरोप है। असलम कुरैशी इस स्लॉटर हाउस का ऑपरेटर है। उसे पहले गिरफ्तार किया गया था, लेकिन बुधवार को सेशन कोर्ट ने उसे जमानत दे दी थी। अब एनएसए लगने के बाद उसकी मुश्किलें कई गुना बढ़ गई हैं।

इंदौर मेट्रो के दूसरे फेज की फाइनल टेस्टिंग, इमरजेंसी ब्रेक और स्टेशन प्रबंधन की पूरी जांच

इंदौर  मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर में मेट्रो रेल प्रोजेक्ट के दूसरे चरण का काउंटडाउन शुरू हो गया है. मध्य प्रदेश मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (MPMRCL) के अनुसार, मेट्रो रेल सुरक्षा आयुक्त (CMRS) की टीम ने 15 से 18 मार्च 2026 तक 17.5 किलोमीटर लंबे प्रायोरिटी कॉरिडोर का विस्तृत निरीक्षण पूरा कर लिया है।  MPMRCL की ओर से बताया गया कि मेट्रो रेल सुरक्षा आयुक्त (CMRS) की टीम ने 15 से 18 मार्च तक 17.5 किलोमीटर लंबे प्रायोरिटी कॉरिडोर का निरीक्षण किया और स्टेशन मैनेजमेंट, यात्रियों की सुविधाओं, गति, ब्रेकिंग सिस्टम, सिग्नलिंग और आपातकालीन स्थितियों जैसे पैमानों पर प्रोजेक्ट का मूल्यांकन किया।  मेट्रो रेल प्रायोरिटी कॉरिडोर के 6 किलोमीटर लंबे रूट पर कमर्शियल ऑपरेशन 31 मई 2025 को शुरू किए गए थे।  MPMRCL के मैनेजिंग डायरेक्टर एस कृष्णा चैतन्य ने कहा, “CMRS से हरी झंडी मिलने के बाद मेट्रो के दूसरे चरण के कमर्शियल ऑपरेशन जल्द ही शुरू हो सकते हैं।  मूल योजना के अनुसार, शहर में 31.32 किलोमीटर लंबा मेट्रो रेल कॉरिडोर 7500.8 करोड़ रुपये की लागत से बनाया जाना है।   इसका निर्माण कार्य 2019 में शुरू हुआ था, लेकिन घनी आबादी वाले आवासीय और कमर्शियल इलाकों में आई बाधाओं के कारण प्रोजेक्ट में देरी हुई, और अब इसकी लागत बढ़ने की उम्मीद है।   

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