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निलंबन के साए में बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड, आईसीसी से बातचीत कर हल निकालेंगे अमीनुल हक

ढाका बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड पर आईसीसी से सस्पेंड होने का खतरा मंडरा रहा है। वजह है बीसीबी के चुनाव में कथित अनियमितता की हो रही जांच। बांग्लादेश की नई सरकार ने चुनाव में कथित हेरफेर, धांधली और अनियमितता की जांच के आदेश दिए हैं। आईसीसी को अगर ये बीसीबी के कामकाज में सरकार के दखल के रूप में लगा तो वह बोर्ड को सस्पेंड कर सकती है क्योंकि उसके हिसाब से क्रिकेट बोर्ड सरकार के दखल से मुक्त होने चाहिए। इस बीच अब नई सरकार ने इस मसले पर आईसीसी से चर्चा करने का फैसला किया है ताकि बीसीबी के निलंबन की गुंजाइश खत्म न रहे। बांग्लादेश के खेल मंत्री अमीनुल हक बीसीबी के भविष्य पर अंतिम फ़ैसला लेने से पहले आईसीसी से सलाह करेंगे। साथ ही उन्होंने एक दूसरी समिति बनाने का भी ऐलान किया है, जो यह जांच करेगी कि इस साल भारत और श्रीलंका में हुए पुरुषों के टी20 विश्व कप में बांग्लादेश क्यों हिस्सा नहीं ले पाया। बीसीबी पर क्यों लटकी आईसीसी से सस्पेंड होने की तलवार? 11 मार्च को खेल मंत्रालय ने पिछले साल हुए बीसीबी चुनावों में कथित अनियमितताओं, हेरफेर और सत्ता के दुरुपयोग के आरोपों की जांच के लिए एक जांच समिति बनाई थी। बीसीबी ने सोमवार को इसका जवाब देते हुए कहा कि इस समिति का गठन, बांग्लादेश सरकार की ओर से बोर्ड के मामलों में दखल के बराबर है। बंगलादेश के पूर्व फुटबॉल कप्तान हक ने मंगलवार को कहा कि पांच सदस्यीय समिति जब अपनी रिपोर्ट 15 कार्य दिवसों के भीतर सौंप देगी, तब वह इस मामले पर आईसीसी से चर्चा करेंगे। ‘बीसीबी चुनाव में था मोहम्मद यूनुस सरकार का सीधा हस्तक्षेप’ उन्होंने कहा, ‘हम सब जानते हैं कि पिछले साल बीसीबी चुनावों में हमारी पिछली सरकार का सीधा हस्तक्षेप था। मैंने कई बार इस बारे में बात की है। ढाका के क्लबों और जिलों से मिले आरोपों के बाद हमने जांच समिति बनाई है। मैं उनकी रिपोर्ट पढ़ूंगा, लेकिन अगला क़दम आईसीसी से बात करने के बाद ही उठाऊंगा।’ तमीम इकबाल जैसे दिग्गजों ने बीसीबी चुनाव में हेरफेर के लगाए थे आरोप बीसीबी चुनाव के समय दिग्गज पूर्व क्रिकेटर तमीम इकबाल और ढाका के कई क्लब अधिकारियों ने हेरफेर के आरोप लगाए थे। चुनाव से पहले ही बीसीबी अध्यक्ष अमीनुल इस्लाम पर भी हस्तक्षेप के आरोप लगे थे। चुनाव से कुछ सप्ताह पहले भेजे गए एक हस्ताक्षरित पत्र में अमीनुल ने खेल मंत्रालय से कुछ ज़िलों के काउंसिलरों को बदलने का अनुरोध किया था। तमीम ने यह भी आरोप लगाया था कि बीसीबी ने नामांकन दाखिल करने की अंतिम तारीख दो बार बढ़ाई थी। तमीम इकबाल ने भी चुनाव लड़ने के लिए नामांकन भरा था लेकिन 1 अक्टूबर को उन्होंने अपना नाम वापस ले लिया था। अमीनुल इस्लाम ने 5 अक्टूबर को इन आरोपों से इनकार किया, जो कि मतदान से एक दिन पहले था। जांच रिपोर्ट मिलने के बाद ICC से करेंगे चर्चा: खेल मंत्री बाग्लादेश के खेल मंत्री अमीनुल हक ने कहा कि जांचकर्ता यह भी देखेंगे कि चुनाव से पहले जिला प्रशासकों ने अपने नामांकन कैसे बदले। उन्होंने कहा, ‘जांच समिति बीसीबी के चुनाव आयुक्तों, मौजूदा बोर्ड अध्यक्ष, बीसीबी निदेशकों और सीईओ से बात करेगी। यह उन जिला प्रशासकों से भी संपर्क करेगी जिन्होंने बीसीबी काउंसिलरों का नामांकन किया था। आरोप है कि कई जिला प्रशासकों ने एक काउंसिलर का नाम भेजने के बाद, एक पत्र मिलने पर नया नाम भेज दिया था। मेरा मानना है कि इन मामलों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।’ टी20 विश्व कप के मामले में बीसीबी ने सुरक्षा चिंताओं का हवाला देते हुए भारत जाने से इनकार कर दिया था, तब आईसीसी ने बांग्लादेश की जगह स्कॉटलैंड को विश्व कप के लिए शामिल कर लिया था। हक ने कहा, ‘हम यह पता लगाने की कोशिश करेंगे कि हम विश्व कप में क्यों नहीं गए। हमें समझना होगा कि हमारी खेल कूटनीति कहां कमजोर पड़ी। इस विषय पर ईद के बाद एक जांच समिति बनाई जाएगी। हमें अपनी खेल कूटनीति को मजबूत करना होगा ताकि भविष्य में यह ग़लती दोबारा न हो।’

एशियन रेसलिंग चैंपियनशिप पर टिकीं नीलम सिरोही की उम्मीदें

नई दिल्ली जाग्रेब ओपन 2026 में रजत पदक जीतने वाली महिला पहलवान नीलम सिरोही ने कहा कि वह किर्गिस्तान के बिश्केके में होने वाली एशियन रेसलिंग चैंपियनशिप (सीनियर) के लिए जोरदार तैयारी कर रही है। ‘फिट इंडिया संडेज ऑन साइकिल’ कार्यक्रम के दौरान रविवार को यूनीवार्ता से बातचीत में नीलम ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि वह बेहद प्रतिस्पर्धी एशियन रेसलिंग चैंपियनशिप में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगी (ट्रायल्स में चुने जाने के बाद), क्योंकि उन्हें लगता है कि यह स्पर्धा एशियन गेम्स की तैयारी के लिए एक अहम कदम होगा। नीलम, जिन्हें ‘टारगेट एशियन गेम्स ग्रुप’ (टीएजीजी) के जरिए सरकारी मदद मिल रही है, अभी नई दिल्ली के इंदिरा गांधी स्टेडियम में चल रहे भारतीय शिविर का हिस्सा हैं। उन्होंने कहा, “अभी मैं भारतीय शिविर का हिस्सा हूं। कुछ ही दिनों में एशियन चैंपियनशिप के ट्रायल्स होंगे, मुझे उम्मीद है कि अगले महीने मैं चैंपियनशिप में हिस्सा ले पाऊंगी। एशियन गेम्स में हमारे मुख्य प्रतिद्वंद्वियों का आकलन करने के लिए यह एक अहम टूर्नामेंट होगा।” नीलम ने जापान की दो बार की ओलंपिक पदक विजेता यूई सुसाकी सराहना करते हुए कहा, “वह मेरी पसंदीदा खिलाड़ी हैं, उनकी तकनीकी क्षमताएं बहुत अच्छी हैं, और वह बहुत तेज गति से तकनीकों का इस्तेमाल करती हैं, जिससे उनके दांव बहुत असरदार हो जाते हैं।” उन्होंने कहा, “मैं पहलवानों के परिवार से आती हूं, मेरे पिता, चाचा और दादा, सभी पहलवान थे। मैं बहुत कम उम्र से ही पहलवान बनना चाहती थी, मेरे पिता ने मेरा साथ दिया। उन्होंने मुझसे पूछा नहीं, बल्कि सबको बताया कि मैं एक पहलवान बनूंगी।” आईजी स्टेडियम में चल रहे प्रशिक्षण शिविर की देखरेख कर रहीं भारतीय खेल प्राधिकरण (साइ) की कोच भारती ने कहा कि उन्हें कॉन्टिनेंटल चैंपियनशिप में ढेर सारे पदक जीतने की उम्मीद है। उन्होंने कहा, “हम अपने पहलवानों की गति बढ़ाने पर विशेष ध्यान दे रहे हैं। हमारे पास एक मजबूत टीम है और मुझे उम्मीद है कि वे सभी पदक जीतेंगे, जिनमें से अधिक स्वर्ण पदक होंगे।”  

रोजगार का मेगा इंजन, हर पार्क में 3 लाख तक रोजगार, युवाओं को मिलेगा बड़ा अवसर

लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश तेजी से देश के प्रमुख औद्योगिक और टेक्सटाइल केंद्र के रूप में उभर रहा है। केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी प्रधानमंत्री मेगा इंटीग्रेटेड टेक्‍सटाइल रीजन एंड अपैरल (पीएम मित्र) योजना के अंतर्गत लखनऊ में विकसित हो रहा मेगा टेक्सटाइल पार्क प्रदेश की औद्योगिक प्रगति को नई गति देने वाला साबित हो रहा है। लखनऊ में स्थापित किए जा रहे इस पीएम मित्र पार्क के लिए 1,000 एकड़ भूमि अधिग्रहीत की जा चुकी है। यहां कोर और बाहरी बुनियादी ढांचे के विकास के लिए 990.71 करोड़ रुपये के कार्य चल रहे हैं। यह प्रदेश सरकार की उद्योगोन्मुखी नीति और त्वरित निर्णय लेने की क्षमता को प्रदर्शित करता है। टेक्सटाइल वैल्यू चेन का इंटीग्रेटेड मॉडल यह पार्क ‘फार्म टू फाइबर, फाइबर टू फैब्रिक और फैब्रिक टू फैशन’ की संपूर्ण टेक्सटाइल वैल्यू चेन को एक ही स्थान पर विकसित करेगा। इससे उत्पादन लागत घटेगी और उत्तर प्रदेश वैश्विक प्रतिस्पर्धा में मजबूत स्थिति में आएगा। निवेश और रोजगार का बड़ा केंद्र प्रदेश सरकार की सक्रिय नीतियों के चलते पीएम मित्र पार्क निवेशकों के लिए आकर्षण का केंद्र बन रहा है। देशभर के 7 पार्कों में कुल 63,177 करोड़ रुपये का निवेश इन्ट्रेस्ट प्राप्त हो चुका है। इसके साथ ही प्रत्येक पार्क में लगभग 3 लाख प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार सृजित होने की संभावना है, जिससे उत्तर प्रदेश के युवाओं को बड़े पैमाने पर रोजगार मिलेगा। इंफ्रास्ट्रक्चर और कनेक्टिविटी पर जोर योगी सरकार लखनऊ पीएम मित्र पार्क को विश्वस्तरीय कनेक्टिविटी और सुविधाओं से जोड़ने पर विशेष ध्यान दे रही है। सड़क, बिजली, जलापूर्ति और लॉजिस्टिक्स के मजबूत नेटवर्क से यह पार्क निवेशकों के लिए अत्यंत अनुकूल वातावरण प्रदान करेगा। आत्मनिर्भर यूपी की दिशा में बड़ा कदम यह परियोजना उत्तर प्रदेश को ‘रोजगार मांगने वाला नहीं, बल्कि रोजगार देने वाला राज्य’ बनाने के विजन को मजबूती देती है। पीएम मित्र पार्क के जरिए टेक्सटाइल सेक्टर में नई संभावनाएं खुलेंगी और प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूत आधार मिलेगा। पीएम मित्र पार्क के रूप में लखनऊ में विकसित हो रहा यह मेगा प्रोजेक्ट उत्तर प्रदेश को देश के अग्रणी टेक्सटाइल हब के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक निर्णायक पहल है, जो आने वाले वर्षों में निवेश, रोजगार और निर्यात के नए आयाम स्थापित करेगा।

बस्तर की सरपंच जयंती कश्यप दिल्ली में सम्मानित, क्षेत्र का बढ़ाया मान

रायपुर जयंती के सशक्त नेतृत्व से बदली गांव की तस्वीर बस्तर जिले के विकासखंड जगदलपुर अंतर्गत ग्राम पंचायत आड़ावाल की सरपंच जयंती कश्यप आज ग्रामीण नेतृत्व और महिला सशक्तिकरण की प्रेरणादायक मिसाल बनकर उभरी हैं। उनके उत्कृष्ट कार्यों, स्वच्छता जागरूकता और सामाजिक योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित किया गया है। गत 11 मार्च 2026 को सशक्त पंचायत नेत्री अभियान के तहत यूनिसेफ द्वारा उन्हें दिल्ली आमंत्रित किया गया, जहां केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह ने मंत्रालय में उन्हें सम्मानित किया। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ के 12 सरपंच उपस्थित थे, लेकिन बस्तर की जमीनी स्तर पर सक्रिय और कर्मठ नेतृत्व के लिए जयंती कश्यप को विशेष रूप से सराहा गया।         जयंती कश्यप ने अपने गांव में विकास की नई दिशा तय की है। वे पेयजल प्रबंधन, स्वच्छता और साफ-सफाई को प्राथमिकता देते हुए काम कर रही हैं। इसके साथ ही निर्धन परिवारों को आवास उपलब्ध कराने और जरूरतमंद लोगों को सामाजिक सहायता योजनाओं से जोड़ने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है।         जल संरक्षण के क्षेत्र में भी उनके प्रयास उल्लेखनीय हैं। “पानी बचाओ” अभियान के तहत वे ग्रामीणों को जल के समुचित उपयोग के लिए प्रेरित कर रही हैं। घरों के वेस्ट पानी का उपयोग किचन गार्डन में करना, वर्षा जल संचयन के लिए तालाब और डबरी निर्माण तथा भूजल स्तर बढ़ाने के लिए वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम और सोखता गड्ढा बनाने जैसे कार्यों को वे गांव-गांव तक पहुंचा रही हैं।          जयंती कश्यप का मानना है कि जल संरक्षण केवल आज की जरूरत नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य की नींव है। उनके नेतृत्व में गांव के लोग न सिर्फ जागरूक हो रहे हैं, बल्कि सक्रिय भागीदारी भी निभा रहे हैं।         आज जयंती कश्यप की यह उपलब्धि न केवल उनके गांव, बल्कि पूरे बस्तर के लिए गर्व का विषय है। उनका समर्पण और कार्यशैली यह दर्शाती है कि यदि इच्छाशक्ति मजबूत हो, तो सीमित संसाधनों में भी बड़ा परिवर्तन संभव है। जयंती कश्यप जैसी सशक्त पंचायत नेत्रियां ग्रामीण भारत के विकास की असली ताकत हैं, जो अपने प्रयासों से समाज में सकारात्मक बदलाव की नई कहानी लिख रही हैं।

संसद में हल्की-फुल्की नोकझोंक: खरगे ने सांसद पर कसा तंज, मोदी की हंसी ने बढ़ाया माहौल

नई दिल्ली हंगामों से भरपूर सदन में बुधवार को तब जमकर ठहाके लगे, जब राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने सांसद एचडी देवगौड़ा का जिक्र कर दिया। उन्होंने कहा कि देवगौड़ा ने शादी मोदी जी के साथ कर ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देवगौड़ा के साथ खरगे और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एसपी) प्रमुख शरद पवार की जमकर तारीफ की। क्या हुआ खरगे ने कहा, ‘मैं देवगौड़ा को बहुत दिन से, 54 सालों से जानता हूं। उनके साथ ही मैं काम किया, लेकिन क्या मुझे मालूम नहीं। वह तो प्रेम हमारे साथ किए, लेकिन शादी मोदी साहब के साथ कर लिए। ये हाल ही में हुए। तो आप कैसे माने ये मुझे मालूम नहीं है।’ उनकी इस टिप्पणी के बाद सदन में जमकर ठहाके लगे और पीएम मोदी भी हंसते हुए नजर आए। पीएम मोदी ने की तारीफ देवगौड़ा, खरगे और पवार की पीएम मोदी ने खास तौर पर सराहना की और उन्हें ऐसे स्तंभ बताया जिन्होंने अपने जीवन का आधे से अधिक समय संसदीय कार्यवाहियों में बिताया। उन्होंने कहा ‘जिस तरह वे नियमित रूप से सदन आते हैं, कार्रवाई में इतनी निष्ठा के साथ भाग लेते हैं, वह वास्तव में अनुकरणीय है। यह एक ऐसी भावना है जिससे सभी नए सांसदों को सीख लेनी चाहिए।’ पीएम मोदी ने राज्यसभा से सेवानिवृत्त हो रहे 59 सांसदों को विदाई देते हुए संसद को ‘एक खुला विश्वविद्यालय’ करार दिया। प्रधानमंत्री ने सेवानिवृत्त हो रहे सांसदों से राष्ट्रीय जीवन में योगदान जारी रखने का आह्वान करते हुए कहा ‘राजनीति में फुल स्टॉप नहीं होता।’ उन्होंने कहा, ‘भविष्य आपका भी इंतजार कर रहा है, और आपका अनुभव हमेशा हमारे राष्ट्रीय जीवन का स्थायी हिस्सा रहेगा।’ उन्होंने हल्के फुल्के अंदाज में केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा ‘हमारे अठावले जी वास्तव में सदाबहार हैं। वह जा रहे हैं, फिर भी मुझे विश्वास है कि कोई खालीपन महसूस नहीं करेगा, वह लगातार सेवाएं देते रहेंगे।’  

रामकृष्ण हॉस्पिटल में दर्दनाक घटना, तीन सफाई कर्मियों की मौत; भूपेश बघेल ने उठाए सवाल, कार्रवाई की मांग

रायपुर राजधानी के रामकृष्ण केयर हॉस्पिटल में गटर की सफाई के दौरान तीन सफाई कर्मचारियों की मौत पर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने दुख जताया है। उन्होंने कहा कि सफाई के नाम पर किसी व्यक्ति की मौत हो जाए यह छोटी घटना नहीं है। चाहे अस्पताल प्रबंधन हो या काम कराने वाली एजेंसी, दोषियों पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। पार्टी मीटिंग के लिए भूपेश बघेल दिल्ली रवाना हुए। इस दौरान उन्होंने असम में कांग्रेस उपाध्यक्ष नव ज्योति तालुकदार के इस्तीफे पर कहा, इसमें कोई बड़ी बात नहीं है। बीजेपी कांग्रेस नेताओं को अपने पक्ष में करने की कोशिश कर रही। हिमंता शर्मा डराने धमकाने ओर लालच देने का काम कर रहे। भूपेन बोरा ने भी कुछ समय पहले इस्तीफा दिया था, उस वक्त भी कुछ नहीं हुआ। किसी के आने-जाने से फर्क नहीं पड़ता। नक्सल आत्मसमर्पण को लेकर पूर्व सीएम भूपेश बघेल ने कहा, आत्मसमर्पण करने वालों को सामान्य जीवन जीने का अधिकार मिलना चाहिए। मेनस्ट्रीम में आने के बाद उनको वही माहौल मिलना चाहिए, जो एक सामान्य व्यक्ति को मिलता है। बघेल ने कहा, आज 18 मार्च है, 31 मार्च में कुछ दिन बचे हैं, अब उल्टी गिनती शुरू हो गई है। अब वो समय नजदीक आ रहा है, बता दें कि मंगलवार को रायपुर के पचपेड़ी नाका स्थित रामकृष्ण केयर हॉस्पिटल  में सीवरेज टैंक की सफाई के दौरान अंदर उतरे तीन मजदूर जहरीली गैस की चपेट में आ गए, जिससे तीनों की मौत हो गई। मृतकों की पहचान गोविंद सेंद्रे, अनमोल मचकन और प्रशांत कुमार के रूप में हुई है, तीनों सिमरन सिटी निवासी हैं। घटना के बाद अस्पताल परिसर में परिजनों और स्थानीय लोगों ने जमकर हंगामा किया और पुलिस से झूमाझटकी भी हुई, जो देर रात तक जारी रही। वहीं अस्पताल प्रबंधन ने हादसे को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा है कि मजदूर कॉन्ट्रैक्ट एजेंसी के थे। मामले की जांच जारी है।

सीएम ने कहा, हमारी सरकार ने पहला निर्णय ही किसानों के लिए लिया, कृषि क्षेत्र में यूपी की विकास दर 8.5 से बढ़कर 18 फीसदी पहुंची

लखनऊ ‘नव निर्माण के 9 वर्ष’ पुस्तक का विमोचन करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में किसानों को प्राथमिकता दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने पहला निर्णय ही किसानों के लिए लिया था। ऋण माफी से किसान सम्मान निधि तक की यात्रा में यूपी की कृषि विकास दर 8.5 प्रतिशत से बढ़कर 18 फीसदी हो गई है। देश में यूपी कृषि विकास में सबसे तेज गति से बढ़ने वाला राज्य है। अब यहां किसान आत्महत्या नहीं करता है।  सरकार ने 3.16 लाख करोड़ से अधिक किया गन्ना भुगतान  गन्ना किसानों की चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने यूपी में आए परिवर्तन से भी सभी को अवगत कराया। उन्होंने बताया कि 2012 से 2017 के मध्य कुल 95,000 करोड़ रुपये का गन्ना मूल्य का भुगतान हुआ था। जबकि, हमने 2017 से अब तक 9 वर्ष में 3,16,800 करोड़ का भुगतान किया। 2017 में किसानों को 300 रुपये प्रति कुंतल गन्ने का दाम मिलता था, आज 400 रुपये मिल रहा है। घटलौती बंद और पर्ची की समस्या का समाधान भी हो गया। सरकारी क्रय केंद्रों पर धान, गेहूं, सरसों, तिलहन, दलहन, मिलेट्स, बाजरा, मक्का की न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीद हो रही है। हमने किसानों से यह भी कहा है कि बाजार में अच्छा दाम मिले तो वहां अपनी फसल बेचें, लेकिन कम दाम मिले तो अपने उत्पाद क्रय केंद्रों पर बेचें। हमारी सरकार ने किसानों को राहत भी दी,  पिछली सरकार में किसानों से मंडी शुल्क ढाई से तीन फीसदी लिया जाता था, जो अब महज एक फीसदी लिया जा रहा है। सपा-बसपा व कांग्रेस सरकारों ने किसानों को बनाया कर्जदार, डबल इंजन सरकार ने फिर उसे उत्पादक की श्रेणी में खड़ा किया सीएम योगी ने कहा कि प्रधानमंत्री जी ने पीएम किसान सम्मान निधि के रूप में उत्तर प्रदेश के किसानों के खाते में 99 हजार करोड़ रुपये भेजे हैं। कांग्रेस व सपा-बसपा सरकारों ने किसानों को कर्जदार बना दिया था, डबल इंजन सरकार ने उसे कर्ज से उबारकर फिर से उत्पादक की श्रेणी में लाकर खुशहाली की ओर बढ़ाया है। अब हमारा किसान तीन-तीन फसलें ले रहा है। प्रदेश में 56 लाख हेक्टेयर में सिंचाई की अतिरिक्त सुविधा हुई है। सरकार पहली बार प्राइवेट ट्यूबवेल में फ्री बिजली की सुविधा दे रही है। अभी 23 लाख ट्यूबवेल डीजल से संचालित हो रहे हैं, किसानों को सोलर पैनल देकर उन्हें इससे भी मुक्त कराएंगे। इसके लिए बजट में पैसा भी दिया गया है। सरकार अन्नदाता किसान को खुशहाल करने की दिशा में निरंतर कदम बढ़ाती रहेगी।

अब घर बैठे जमीन खरीदें! धार के मेगा मित्र पार्क में रजिस्ट्री प्रक्रिया शुरू

धार धार जिले के बदनावर स्थित पीएम मेगा मित्र पार्क परियोजना अब निर्णायक मोड़ पर है। निवेशकों के भूखंडों की रजिस्ट्री प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। जमीन का स्वामित्व मिलते ही उद्योग स्थापना की तैयारियां तेज हो गई हैं। खास बात यह है कि पूरी रजिस्ट्री प्रक्रिया ऑनलाइन है, जिससे निवेशकों को धार आए बिना ही जमीन पर अधिकार मिल रहा है। प्रमुख समूहों का बड़ा निवेश प्रस्ताव परियोजना के पहले चरण में 25 निवेशकों ने कुल 14,099 करोड़ रुपये के निवेश का प्रस्ताव दिया है। इनमें वर्धमान टेक्सटाइल समूह करीब 2,000 करोड़ और जैन कार्ड इंडस्ट्री प्राइवेट लिमिटेड कंपनी लगभग 2,500 करोड़ रुपये का निवेश करेगी। इसके अलावा कई छोटे-बड़े उद्योग समूह भी इस परियोजना से जुड़ने की तैयारी में हैं। टेक्सटाइल हब के रूप में विकसित होगी परियोजना पीएम मेगा मित्र पार्क का उद्देश्य कपास से लेकर फैब्रिक और तैयार वस्त्र तक की पूरी औद्योगिक श्रृंखला को एक ही स्थान पर विकसित करना है। इससे स्थानीय किसानों को अपनी उपज का बेहतर मूल्य मिलेगा और मालवा-निमाड़ क्षेत्र में टेक्सटाइल उद्योग को नई पहचान मिलेगी। अंतिम चरण में बुनियादी ढांचा और रोजगार की उम्मीद परियोजना क्षेत्र में आधारभूत सुविधाओं का काम भी तेज गति से चल रहा है। पानी की पाइपलाइन, सड़क और बाउंड्रीवाल सहित अन्य निर्माण कार्य अंतिम चरण में हैं। विशेषज्ञों के अनुसार जमीन पर अधिकार मिलने के बाद निवेशक जल्द ही उद्योग निर्माण शुरू करेंगे, जिससे बड़ी संख्या में रोजगार के अवसर पैदा होंगे और धार जिले की आर्थिक गतिविधियों में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।

बेरूत में मिसाइल अटैक से हड़कंप, इमारत जमींदोज, 6 लोगों की गई जान

बेरूत इजरायल ने अपने पड़ोसी देश लेबनान पर भीषण हमला किया है। बुधवार को उसने बिना किसी पूर्व सूचना के मिसाइल दाग दी, जिसमें एक बड़ी इमारत देखते ही देखते जमींदोज हो गई। इसका वीडियो भी दुनिया भर में तेजी से वायरल हो रहा है। इस घटना में 6 लोगों के मारे जाने की जानकारी मिली है। यही नहीं इजरायल का कहना है कि वह दक्षिणी लेबनान में हमला करने की तैयारी में था, लेकिन बेरुत में मिसाइल लॉन्च हो गई। ईरान से जारी जंग के बीच लेबनान में सक्रिय उग्रवादी संगठन हिजबुल्लाह ने इजरायल पर हमले किए थे। 2 मार्च को हुई इस घटना के बाद लेबनान भी जंग में शामिल हो गया और इजरायल ने उस पर लगातार हमले किए हैं।  

जापान, सिंगापुर व जर्मनी के मंत्री व निवेशक कहते हैं कि यूपी में है जीरो टॉलरेंस व जीरो करप्शन की नीतिः मुख्यमंत्री

लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश में ‘नव निर्माण के 9 वर्ष’ पुस्तक के विमोचन पर अपने संबोधन में कहा कि यूपी अब इंफ्रास्ट्रक्चर प्रदेश बना है। उन्होंने उत्तर प्रदेश के तेजी से बढ़ते इंफ्रास्ट्रक्चर से अवगत कराते हुए कहा कि देश का सबसे बड़ा रेल नेटवर्क यूपी के पास है। सर्वाधिक सात शहरों (लखनऊ, कानपुर, आगरा, नोएडा, ग्रेटर नोएडा, गाजियाबाद, मेरठ) में मेट्रो चल रही है। देश की पहली रैपिड रेल मेरठ से दिल्ली के बीच प्रारंभ हो चुकी है। देश का पहला रोपवे वाराणसी में बन रहा है। देश में पहला इनलैंड वाटर वे यूपी (वाराणसी से हल्दिया) में बना है। सीएम ने एयर कनेक्टिविटी का जिक्र करते हुए बताया कि उत्तर प्रदेश में 16 एयरपोर्ट संचालित हैं, जिनमें चार अंतर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट हैं। यूपी का पांचवां अंतर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट जेवर में तैयार है। यह देश का सबसे बड़ा एयरपोर्ट होगा। हमने 28 मार्च को इसके लोकार्पण के लिए प्रधानमंत्री जी से अनुरोध किया है, उन्हें आमंत्रित किया है। जेवर एयरपोर्ट से अर्थव्यस्था में ग्रोथ होगी और उप्र सरकार को एक लाख करोड़ रुपये की आय होगी।  इसी महीने पूरा हो रहा गंगा एक्सप्रेसवे का कार्य  सीएम योगी ने 2017 के पहले राज्य में इंफ्रास्ट्रक्चर की दुर्दशा का जिक्र किया, फिर अपनी सरकार के कार्यों को गिनाया। उन्होंने कहा कि देश का 55 फीसदी एक्सप्रेसवे यूपी के पास है। गंगा एक्सप्रेसवे इसी महीने पूरा हो रहा है। इसके पश्चात यूपी का शेयर 60 फीसदी हो जाएगा। यूपी ने इंटरस्टेट, इंटरनेशनल, फोरलेन कनेक्टिविटी को बेहतर किया है। मैत्रीद्वार बनाए गए हैं। सीएम ने यूपी में आए परिवर्तनों को भी इंगित किया और कहा कि हर जिला मुख्यालय फोरलेन, ब्लॉक-तहसील मुख्यालय टू लेन-फोर लेन कनेक्टिविटी से जुड़ा है।  सिंगापुर, जापान व जर्मनी से बड़े पैमाने पर आने वाले हैं निवेशक मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि अभी हम लोग जापान और सिंगापुर की यात्रा पर गए थे। मेरे साथ वित्त व औद्योगिक विकास मंत्री भी थे। उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य व आईटी मंत्री जर्मनी की यात्रा पर गए थे। उन देशों में सभी वरिष्ठ मंत्री व इंडस्ट्री लीडर्स कहते थे कि हम यूपी में इसलिए आ रहे हैं, क्योंकि वहां जीरो टॉलरेंस व जीरो करप्शन की नीति है। सीएम योगी ने कहा कि यूपी निवेश का बेहतरीन डेस्टिनेशन बनकर उभरा है। सिंगापुर, जापान और जर्मनी से बड़े निवेशक यूपी आने वाले हैं। अभी से पत्र आने प्रारंभ हो गए हैं। सरकार ने इस पर कार्य भी शुरू कर दिया है। जिस प्रदेश में कोई निवेशक नहीं आता था, वहां अब तक 15 लाख करोड़ के निवेश की ग्राउंड ब्रेकिंग हो चुकी हैं। छह लाख करोड़ रुपये का निवेश ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी के लिए तैयार है। हर जिले में निवेश हो रहा है। हमारे पास व्यापक लैंडबैंक है। 34 सेक्टोरल पॉलिसीज, निवेश मित्र व निवेश सारथी जैसी उद्यम सर्मथित व्यवस्थाएं है। प्रदेश इस दिशा में आगे बढ़ा है।  सुरक्षा, पॉलिसी, लैंडबैंक और सरकार की नीयत नहीं होने से 2017 के पहले नहीं आते थे निवेशक सीएम योगी ने कहा कि यूपी में 2017 से पहले निवेशक नहीं आता था, क्योंकि यहां सुरक्षा, पॉलिसी, लैंडबैंक और सरकार की नीयत भी नहीं थी। 1947 से 2017 तक बमुश्किल 14 हजार से कम उद्योग थे, आज राज्य में अब तक 31 हजार बड़े उद्योग लग चुके हैं। यूपी में 96 लाख एमएसएमई यूनिट कार्यरत हैं, जिसमें 3.11 करोड़ लोग कार्यरत हैं। 31 हजार से अधिक उद्योगों में 65 लाख से अधिक लोग कार्य कर रहे हैं। निवेश तब आता है, जब सरकार की नीयत अच्छी होती है।  नोएडा जाने के अपशकुन को हमने उखाड़ फेंका सीएम ने पिछली सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि जो लोग हमारी आस्था को अंधविश्वास बोलते थे, वे नोएडा नहीं जाते थे। उन्हें लगता था नोएडा जाएंगे तो कुर्सी चली जाएगी। मुझे दायित्व मिला तो मैंने कहा कि नोएडा जाएंगे। लोगों ने कहा कि जो मुख्यमंत्री नोएडा जाते हैं, उनकी कुर्सी चली जाती है। मैंने कहा कि कुर्सी आज चली जाए, लेकिन प्रदेश का भला होगा तो नोएडा जाएंगे और विकास पर लगे बैरियर को हटाएंगे। नोएडा, ग्रेटर नोएडा आज देश के विकास में योगदान दे रहे हैं। यदि हम लोग नोएडा नहीं जाते तो देश में 55 फीसदी मोबाइल की मैन्युफेक्चरिंग और इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट का 60 फीसदी निर्माण यूपी में नहीं हो पाता। नोएडा जाना यूपी के लिए अपशकुन बना दिया गया था, तब के मुख्यमंत्री उसका माध्यम बने थे। हमने कहा कि अपशकुन को उखाड़ फेकेंगे और इसे विकास में बाधा नहीं बनने देंगे।

भोपाल में बड़ी सफाई मुहिम, आदमपुर खंती के कचरे पर 55 करोड़ खर्च की तैयारी

 भोपाल सर्वोच्च न्यायालय और राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) की सख्ती के बाद नगर निगम प्रशासन आदमपुर खंती में वर्षों से जमा लेगेसी वेस्ट (पुराना कचरा) के निपटान को लेकर तेजी दिखा रहा है, लेकिन जमीनी स्तर पर इस परियोजना की राह अब भी आसान नहीं दिख रही। जिंसी स्थित स्लॉटर हाउस में हुए हालिया घटनाक्रम के बाद महापौर परिषद (एमआइसी) भी इस संवेदनशील मुद्दे पर बेहद सतर्क हो गई है। यही कारण है कि कचरा निपटान के प्रस्ताव को एमआइसी बैठक में मंजूरी नहीं मिली और अब इसे परिषद की बैठक में अंतिम निर्णय के लिए रखा गया है। 23 मार्च को परिषद बैठक में होगा बड़ा फैसला     नगर निगम की बजट सत्र की अहम बैठक सोमवार, 23 मार्च को आइएसबीटी स्थित परिषद सभागार में सुबह 11:30 बजे आयोजित होगी। इस बैठक पुनरीक्षित बजट और आगामी वित्तीय वर्ष का प्राक्कलन बजट पेश किया जाएगा और आदमपुर खंती के लेगेसी वेस्ट का मुद्दा भी केंद्र में रहेगा।      यह मामला शहर के लिए लंबे समय से “गले की फांस” बना हुआ है, जिस पर अब निर्णायक फैसला लेने का दबाव बढ़ गया है। एनजीटी और सुप्रीम कोर्ट के सख्त निर्देश      आदमपुर खंती में फैले कचरे के निपटान को लेकर एनजीटी और सर्वोच्च न्यायालय दोनों ही समय-सीमा तय कर चुके हैं। निर्देशों का पालन न करने पर एनजीटी ने नगर निगम पर 1.80 करोड़ रुपये का जुर्माना भी लगाया है।      करीब 33 एकड़ क्षेत्र में फैले 6,47,825 मीट्रिक टन कचरे को हटाना प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ है। पर्यावरणीय दृष्टि से भी यह मुद्दा बेहद गंभीर है। नई तकनीक से होगा निपटान    कचरे के निष्पादन के लिए जारी टेंडर प्रक्रिया में मेसर्स सौराष्ट्र इनवायरो प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड ने 55.54 करोड़ रुपये की न्यूनतम बोली लगाई है। खास बात यह है कि इस बार काम एकमुश्त राशि पर कराया जाएगा, जिससे खर्च बढ़ने की संभावना कम रहेगी। इस परियोजना में बायो-रेमेडिएशन और बायो-माइनिंग जैसी आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल कर कचरे को खत्म किया जाएगा और जमीन को फिर उपयोग के योग्य बनाया जाएगा। एमआइसी में नहीं बनी सहमति यह प्रस्ताव पहले भी दो बार एमआइसी की बैठकों में आ चुका है, लेकिन सहमति नहीं बन सकी। जिंसी स्लॉटर हाउस के घटनाक्रम के बाद परिषद और अधिक सतर्क हो गई है। अब यह मामला परिषद बैठक में रखा जाएगा, जहां अंतिम निर्णय लिया जाएगा। पहले के प्रयास रहे नाकाम नगर निगम पहले भी आदमपुर खंती के कचरे के निपटान के लिए कई प्रयास कर चुका है, लेकिन हर बार असफलता हाथ लगी। नवंबर 2023 में ग्रीन रिसोर्स सालिड वेस्ट मैनेजमेंट कंपनी को कार्यादेश दिया गया था, लेकिन तय समय सीमा 30 मई 2024 तक काम पूरा नहीं होने पर अनुबंध निरस्त कर जुर्माना लगाया गया। इसके बाद जून 2025 में सुसज्जा जेवी आनंद ऑटो को काम सौंपा गया, लेकिन एजेंसी ने काम शुरू ही नहीं किया, जिससे अगस्त 2025 में यह अनुबंध भी रद्द कर दिया गया। शहर में नए पार्किंग स्थल भी होंगे शुरू बैठक में ट्रैफिक दबाव को कम करने और निगम की आय बढ़ाने के लिए 14 नए पार्किंग स्थल शुरू करने का प्रस्ताव भी रखा जाएगा।  इनमें सुभाष नगर, केंद्रीय विद्यालय, बोर्ड ऑफिस चौराहा, डीआरएम ऑफिस और अलकापुरी जैसे मेट्रो स्टेशनों के आसपास की जगहें शामिल हैं। साथ ही न्यू मार्केट और मनीषा मार्केट जैसे व्यस्त क्षेत्रों में भी पार्किंग की व्यवस्था की जाएगी। पुराने वाहनों को हटाने की तैयारी नगर निगम अपने बेड़े से 145 कंडम वाहनों को हटाने की तैयारी कर रहा है। इनमें से 143 वाहन 15 साल पूरे कर चुके हैं, जबकि दो वाहन खराब स्थिति के कारण हटाए जाएंगे।  

संसद के ऊपरी सदन में NDA की बढ़त, 140 पार के साथ भाजपा का दबदबा कायम

नई दिल्ली भाजपा को 2024 के लोकसभा चुनाव में 240 सीटें मिली थीं तो माना गया था कि यह उसके लिए झटका है। यही नहीं 2014 और 2019 के आम चुनाव के मुकाबले नई बनने वाली सरकार के भविष्य पर भी सवाल उठे थे। ऐसा इसलिए क्योंकि पहली बार पीएम नरेंद्र मोदी की लीडरशिप में भाजपा को गठबंधन पर निर्भर रहते हुए सरकार चलानी थी। इन सब आशंकाओं के बाद भी भाजपा और उसके नेतृत्व में एनडीए ने जिस तरह से सफलताएं हासिल की हैं, वह चौंकाने वाला है। भाजपा ने महाराष्ट्र, हरियाणा, बिहार और दिल्ली जैसे राज्यों के चुनाव 2024 के झटके के बाद ही जीते हैं। यही नहीं अब इसका असर राज्यसभा में भी दिखा है और उसकी संख्या पहली बार 100 के पार हुई है। फिर एनडीए भी पहली बार 141 सीटों पर पहुंच गया है। 250 सदस्यों वाली राज्यसभा में इतना एनडीए के पक्ष में इतना बड़ा बहुमत आना उसके लिए बड़ी सफलता है। खासतौर पर हाल ही में खाली हुईं 37 राज्यसभा सीटों में से 22 पर जीत हासिल करके एनडीए ने अपने स्कोर को 135 से बढ़ाकर 141 कर लिया है। ओडिशा, बिहार में भाजपा ने अतिरिक्त सीटें हासिल कर ली हैं। भाजपा के पास उच्च सदन में 101 निर्वाचित सांसद हैं, जबकि 5 मनोनीत सांसद भी उसके पक्ष में हैं। ऐसी स्थिति में उसके यहां 106 सदस्य हो जाते हैं। एनडीए में भाजपा के बाद एआईएडीएमके और जेडीयू के 5-5 सांसद हैं। फिर महाराष्ट्र में भाजपा की सहयोगी एनसीपी के 4 सांसद हो गए हैं तो वहीं एकनाथ शिंदे की शिवसेना के भी 2 सदस्य हैं। आंध्र प्रदेश में सत्ता चला रही टीडीपी के पास भी 2 राज्यसभा मेंबर हैं। भाजपा और एनडीए की इस ताकत से यह स्पष्ट है कि अब लोकसभा के साथ ही राज्यसभा में भी सत्ताधारी गठबंधन किसी भी बिल को आसानी से पास कराने की स्थिति में है। भले ही बीते दो कार्यकालों के मुकाबले लोकसभा में भाजपा और एनडीए के पास पहले मुकाबले कम सीटें हैं, लेकिन राज्यसभा में उसकी ताकत निरंतर बढ़ रही है। इससे स्पष्ट है कि 2029 में भी एनडीए के पास अपरहैंड रहेगा। अब यदि INDIA ब्लॉक की बात करें तो उसकी धुरी कही जाने वाली कांग्रेस के पास 29 सीटें हो गई हैं। भाजपा के मुकाबले यह संख्या एक तिहाई से भी कम है। इसके साथ ही विपक्ष की कुल सीटों की संख्या 62 है। विपक्ष में भी डीएमके को झटका लगा है, जिसके सांसदों की संख्या राज्यसभा में अब 8 ही रह गई है, जो पहले 10 हुआ करती थी। इसी तरह आरजेडी के सांसद भी अब 5 के मुकाबले तीन ही रह गए हैं।  

सेंसर बोर्ड ने कसा शिकंजा: धुरंधर 2 में 21 बदलाव, तब जाकर मिला A सर्टिफिकेट

मुंबई,  धुरंधर 2 को CBFC ने 21 कट्स के बाद A सर्टिफिकेट दिया। रणवीर सिंह की इस फिल्म में वायलेंट सीन और गालियों पर कैंची चली। फिल्म का रनटाइम करीब 3 घंटे 50 मिनट ही रखा गया है। धुरंधर 2 रिलीज से पहले ही सुर्खियों में बनी हुई है। रणवीर सिंह स्टारर इस फिल्म को लेकर जहां फैंस में जबरदस्त उत्साह है, वहीं अब सेंसर बोर्ड के फैसले ने भी इसे चर्चा का विषय बना दिया है। सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन (CBFC) ने फिल्म को A सर्टिफिकेट दिया है, लेकिन इसके लिए मेकर्स को कुल 21 कट्स और कई अहम बदलाव करने पड़े हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार, सेंसर बोर्ड ने फिल्म के करीब 1 मिनट 34 सेकंड के फुटेज पर कैंची चलाई है। खासतौर पर फिल्म में दिखाए गए वायलेंट सीन्स पर सख्ती बरती गई है। कुछ सीन, जिनमें अत्यधिक हिंसा दिखाई गई थी, उन्हें छोटा या एडिट किया गया है। एक सीन में हथौड़े से सिर पर वार दिखाया गया था, जिसे कम किया गया, वहीं सीमेंट ब्लॉक से हमला करने और आंखों को कुचलने जैसे दृश्यों में भी कटौती की गई है। धुरंधर 2 के कई डायलॉग्स को किया गया म्यूट सबसे बड़ा बदलाव उस सीन में किया गया है, जिसमें सिर काटने और मारपीट का लंबा दृश्य था। इस हिस्से से लगभग 24 सेकंड हटाए गए हैं। इसके अलावा फिल्म में इस्तेमाल की गई गालियों और अपशब्दों पर भी बोर्ड ने आपत्ति जताई है। कई डायलॉग्स को म्यूट किया गया है या उन्हें बदला गया है ताकि फिल्म को प्रमाणन मिल सके। सिर्फ वायलेंस ही नहीं, बल्कि फिल्म के कुछ किरदारों के नाम, सबटाइटल्स और एक शहर के नाम को भी संशोधित करने के निर्देश दिए गए हैं। धुरंधर 2 को मिली रिलीज की मंजूरी मेकर्स को फिल्म की शुरुआत में ‘डिस्टर्बिंग कंटेंट’ और ‘ड्रग्स’ से जुड़े डिस्क्लेमर जोड़ने को कहा गया है। फिल्म के कुछ दृश्यों में दिखाए गए न्यूज फुटेज और राजनीतिक संदर्भों के लिए आधिकारिक अनुमति पत्र भी जमा करना पड़ा। वहीं, जानवरों से जुड़े दृश्यों के लिए एनिमल वेलफेयर बोर्ड ऑफ इंडिया (AWBI) का सर्टिफिकेट भी प्रस्तुत किया गया है। इन सभी बदलावों के बाद फिल्म को आखिरकार रिलीज की मंजूरी मिल गई है। कब होगा धुरंधर 2 का पेड प्रीव्यू दिलचस्प बात यह है कि इतने कट्स के बावजूद फिल्म के रनटाइम पर कोई खास असर नहीं पड़ा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, फिल्म की कुल लंबाई लगभग 3 घंटे 50 मिनट है, जो इसे एक लंबी फिल्म बनाती है। बताया जा रहा है कि धुरंधर 2 का पेड प्रीव्यू 18 मार्च की शाम से शुरू होगा, जबकि यह 19 मार्च को सिनेमाघरों में रिलीज होगी। एडवांस बुकिंग में शानदार रिस्पॉन्स के चलते धुरंधर 2 पहले ही कई रिकॉर्ड तोड़ने की ओर बढ़ रही है।  

गाजियाबाद ने निर्धारित लक्ष्य को हासिल करने में प्रदेश में दूसरा तो अंबेडकरनगर ने तीसरा स्थान प्राप्त किया

लखनऊ  प्रदेश के किसानों की आय बढ़ाने एवं सरकार की योजनाओं का लाभ दिलाने के उद्देश्य से अभियान चलाकर फार्मर रजिस्ट्री (फार्मर आईडी) बनाई जा रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के किसानों की शत प्रतिशत फार्मर आईडी बनाने के लिए 1 जनवरी से अभियान चलाने के निर्देश दिए थे, यह 31 मार्च तक जारी रहेगा। ऐसे में किसानों के घर-घर जाकर फार्मर आईडी बनाई जा रही है। वहीं रामपुर जिला प्रशासन ने निर्धारित तिथि से पहले ही किसानों की 100 प्रतिशत फार्मर आईडी बनाने का लक्ष्य पूरा कर लिया है। इसी के साथ रामपुर जिला प्रशासन ने शत-प्रतिशत फार्मर आईडी बनाने में पहला स्थान प्राप्त किया है जबकि दूसरे स्थान पर गाजियाबाद और तीसरे स्थान पर अंबेडकरनगर हैं। उत्तर प्रदेश में 2,88,70,495 किसानों की फार्मर आईडी बनाने का लक्ष्य है। इसके सापेक्ष अब तक 1,99,42,798 फार्मर रजिस्ट्री बनाई जा चुकीं हैं।  सांस्कृतिक कार्यक्रम, खुली चौपाल, वॉल पेंटिंग से हासिल किया लक्ष्य रामपुर जिलाधिकारी अजय कुमार द्विवेदी ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा के अनुरूप जिले में शत-प्रतिशत फार्मर आईडी बनाने के लिए 1 जनवरी से विशेष अभियान चलाया जा रहा है। ऐसे में लक्ष्य को हासिल करने के लिए अन्नदाताओं को जागरूक करने के लिए किसान गोष्ठी, गांवों में सांस्कृतिक कार्यक्रम, होर्डिंग, ग्राम पंचायत स्तर पर खुली चौपाल का आयोजन किया गया। इसके साथ ही वॉल पेंटिंग एवं प्रचार वाहन के जरिये प्रचार-प्रसार किया गया। साथ ही राजस्व, कृषि, पंचायती राज, ग्राम्य विकास एवं गन्ना विभाग के कर्मचारियों को किसानों के घर-घर जाकर फार्मर आईडी बनाने के निर्देश दिए गये। जिलाधिकारी ने बताया कि वह खुद प्रत्येक सप्ताह अभियान की समीक्षा करते हैं। इस दौरान अच्छा कार्य करने वाले कर्मचारियों को प्रोत्साहित किया गया जबकि कम प्रगति वाले कर्मचारियों के विरुद्ध दंडात्मक कार्रवाई की गई।  टॉप टेन में औरैया, बाराबंकी, हरदोई और कन्नौज ने जगह बनाई डीएम अजय कुमार द्विवेदी ने बताया कि रामपुर को 31 मार्च तक फार्मर रजिस्ट्री का कुल लक्ष्य 2,09,828 निर्धारित किया गया था। इसके सापेक्ष 17 मार्च तक शत प्रतिशत फार्मर आईडी बनाने का लक्ष्य प्राप्त कर लिया गया। उन्होंने बताया कि रामपुर ने लक्ष्य के सापेक्ष शत प्रतिशत 2,09,828 फार्मर आईडी बनाई जा चुकी है। इसी के साथ रामपुर ने प्रदेश में शत प्रतिशत फार्मर आईडी बनाने में पहला स्थान प्राप्त किया है।  उन्होंने बताया कि इससे पहले भी रामपुर प्रदेश में सर्वप्रथम 50 प्रतिशत फार्मर रजिस्ट्री को पूर्ण कर प्रथम पुरुस्कार प्राप्त कर चुका है। इसके अलावा गाजियाबाद ने निर्धारित लक्ष्य 38,909 के सापेक्ष अब तक 36,598 फार्मर आईडी बनाकर पूरे प्रदेश में दूसरा तथा अंबेडकरनगर ने 31 मार्च तक निर्धारित लक्ष्य 3,42,847 के सापेक्ष 3,10,145 फार्मर आईडी बनाकर तीसरा स्थान प्राप्त किया है। वहीं टॉप टेन में औरैया, बाराबंकी, फर्रुखाबाद, हरदोई, कन्नौज, मीरजापुर और बिजनौर ने अपनी जगह बनाई है।  यह हैं फार्मर रजिस्ट्री के लाभ   किसान सम्मान निधि योजना का बिना बाधा लाभ प्राप्त होगा।   कृषकों को उर्वरक सुविधाजनक एवं निर्धारित मूल्य पर प्राप्त होगा।   किसान क्रेडिट कार्ड प्राप्त करने में अभिलेखों के सत्यापन की बाध्यता समाप्त होगी।   राज्य एवं केन्द्र सरकार की नवीन योजना में शामिल होने के लिए बार-बार अभिलेखों के सत्यापन से मुक्ति मिलेगी।   एग्रीस्टैक में सम्मिलित होने पर डिजीटल क्रॉप सर्वे के माध्यम से एमएसपी पर उत्पादों की बिक्री सुविधाजनक एवं त्वरित होगी।

होम ग्राउंड एडवांटेज ही सबसे बड़ी ताकत: Ramit Tandon बोले- देश में खेलना जरूरी

मुंबई स्क्वाश के दिग्गज खिलाड़ी रामित टंडन की नजरें इस साल सितंबर में होने वाले एशियाई खेलों के लिए अपनी फॉर्म के शीर्ष पर होने के ‘बड़े लक्ष्य’ पर टिकी है लेकिन भारत का यह पूर्व नंबर एक खिलाड़ी अभी इंडियन ओपन में घरेलू टूर्नामेंट में खेलने के अवसर का पूरा लुत्फ उठाना चाहता है। टंडन उभरती हुई महिला स्टार अनाहत सिंह के साथ बुधवार से यहां शुरू हो रहे जेएसडब्ल्यू इंडियन ओपन में हिस्सा लेंगे। उनका मानना है कि यह टूर्नामेंट भारतीय खिलाड़ियों को विदेश यात्रा नहीं करने के बावजूद खेलने का बेहतरीन मौका देता है। टंडन ने कहा, ‘‘यह बहुत शानदार है, खासकर ऐसे समय में जब यात्रा बहुत अधिक प्रभावित है। इससे आसान कुछ नहीं हो सकता कि आप बस एक घरेलू उड़ान लें और अपने ही घर के पास होने वाले टूर्नामेंट में खेलने पहुंच जाएं।’’ उन्होंने कहा, ‘‘इसके बावजूद स्वदेश में खेलना हमेशा खास होता है। आप उन लोगों के सामने खेलते हैं जिनसे आप प्यार करते हैं और जिन्होंने आपकी खेल यात्रा में आपका साथ दिया है। एक भारतीय स्क्वाश खिलाड़ी के तौर पर मुझे ऐसा करने का मौका उतनी बार नहीं मिलता जितना मेरे साथियों को अमेरिका या ब्रिटेन में मिलता है इसलिए मैं हमेशा भारत लौटने का बेसब्री से इंतजार करता हूं। खासकर सीसीआई मेरे लिए बहुत खास रहा है।’’ टंडन ने कहा कि टूर्नामेंट में हिस्सा लेने के लिए दुनिया भर में यात्रा करने से शरीर पर असर पड़ता है जिसके बारे में अधिक बात नहीं होती। उन्होंने कहा, ‘‘यात्रा, जिसके बारे में लोगों ने अधिक बात नहीं की है, वह सच में शरीर पर असर डालती है।’’ टंडन ने कहा, ‘‘आप प्रतियोगिताओं के लिए अमेरिका या ब्रिटेन जाने के लिए 12 घंटे (या) 14 घंटे की उड़ान लेते हैं जबकि अमेरिका या ब्रिटेन में रहने वाले खिलाड़ियों के लिए यह काफी आसान होता है, है ना?’’ उन्होंने कहा, ‘‘तो एक भारतीय के तौर पर अगर आप साल में लगभग 12 बार यात्रा कर रहे हैं तो आप उतनी ही बार जेट लैग (समय के अंतर से होने वाली थकान) का भी सामना कर रहे होते हैं। आप उन लंबी उड़ाने की थकान झेल रहे होते हैं।’’ टंडन ने कहा कि स्वदेश में खेलने के फायदों को देखते हुए इस अवसर का पूरा लाभ उठाना बेहद जरूरी है।  

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