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इंतजार खत्म! जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट का 28 को उद्घाटन, सीएम योगी ने दी जानकारी

लखनऊ देश के सबसे बड़े इंटरनेशनल एयरपोर्ट का इंतजार खत्म हो गया है। इसी महीने 28 मार्च को एयरपोर्ट का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करेंगे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को अपनी सरकार के नौ वर्ष के सफल कार्यकाल पूरे होने पर आयोजित समारोह में इसका ऐलान किया। यूपी में फिलहाल16 डोमेस्टिक और 4 इंटरनेशनल एयरपोर्ट हैं। जेवर में बना एयरपोर्ट प्रदेश का 5वां और देश का सबसे बड़ा इंटरनेशनल एयरपोर्ट है। इस अवसर पर सरकार के नौ साल के कार्यकाल के दौरान की उपलब्धियों वाली एक किताब का भी विमोचन किया गया। योगी ने कल से शुरू हो रहे नवरात्र के नौ दिनों तक सरकार के नौ साल की उपलब्धियों को लोगों तक पहुंचाने की अपील भी की। सुशासन और सुरक्षा का नया मॉडल मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि पिछले नौ वर्षों में उत्तर प्रदेश में जो भी परिवर्तन हुआ है, वह प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन और कार्यकर्ताओं के परिश्रम का परिणाम है। उन्होंने कानून-व्यवस्था पर जोर देते हुए कहा, “आज रमजान का महीना है, जल्द ही ईद आने वाली है, लेकिन कहीं कोई हलचल या दंगे का भय नहीं है। यही सुशासन है।” उन्होंने बताया कि २०१७ से पहले पुलिस भर्तियां रुकी हुई थीं, लेकिन उनकी सरकार ने 2.19 लाख पुलिसकर्मियों की पारदर्शी भर्ती की है और वर्तमान में 60,240 जवान ट्रेनिंग ले रहे हैं। जेवर एयरपोर्ट: एक लाख करोड़ की कमाई की उम्मीद जेवर एयरपोर्ट को उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था का गेम-चेंजर बताते हुए सीएम योगी ने कहा कि इससे भविष्य में एक लाख करोड़ रुपये की कमाई होने की उम्मीद है। उन्होंने पिछली सरकारों पर चुटकी लेते हुए कहा कि कुछ लोग ‘नोएडा’ जाने से डरते थे, लेकिन हमारी सरकार ने वहां जाकर निवेश का माहौल बनाया। आज देश के 55 फीसदी मोबाइल फोन नोएडा में बन रहे हैं। यूपी में अब 16 डोमेस्टिक और 5 इंटरनेशनल एयरपोर्ट्स का जाल बिछ चुका है, जिसमें जेवर पांचवां और सबसे बड़ा एयरपोर्ट होगा। विकास के आंकड़े: कृषि से लेकर रोजगार तक मुख्यमंत्री ने प्रदेश की प्रगति के महत्वपूर्ण आंकड़े साझा किए। बताया कि प्रदेश की कृषि विकास दर 8.5% से बढ़कर 18% हो गई है। किसानों को अब तक 3 लाख 16 हजार करोड़ रुपये का भुगतान किया गया है। एमएसएमई (MSME) सेक्टर में लगभग 3 करोड़ रोजगार के अवसर पैदा किए गए हैं। हर जिले में दो-दो कंपोजिट विद्यालय बनाए जाएंगे और संस्कृत पढ़ने वाले छात्रों के लिए रहने-खाने की मुफ्त व्यवस्था जल्द शुरू होगी। नौ दिन तक चलेगा जश्न, जनता से मांगे सुझाव सीएम ने घोषणा की कि नौ वर्ष पूरे होने का यह उत्सव नवरात्रि तक अनवरत चलेगा। उन्होंने जनप्रतिनिधियों और कार्यकर्ताओं को निर्देश दिया कि वे गांवों में जाएं और गरीब परिवारों, कारीगरों व महिलाओं को सरकार की लाभकारी योजनाओं के बारे में बताएं। उन्होंने कहा, “हमने प्रदेश को परिवार या जाति के चश्मे से नहीं देखा, बल्कि सबको समान अवसर और सुरक्षा दी है।”  

बर्थ एनिवर्सरी : रोमांटिक हीरो के रूप में पहचान बनाई शशि कपूर ने

मुंबई, बॉलीवुड में शशि कपूर का नाम एक ऐसे अभिनेता के तौर पर याद किया जाता है जिन्होंने अपने रोमांटिक अभिनय के जरिये लगभग तीन दशक तक सिने प्रेमियों का भरपूर मनोरंजन किया। 18 मार्च 1938 को जन्में शशि कपूर मूल नाम बलबीर राज कपूर का उनका रूझान बचपन से ही फिल्मों की ओर था और वह अभिनेता बनना चाहते थे।उनके पिता पृथ्वीराज कपूर और भाई राजकपूर और शम्मी कपूर फिल्म इंडस्ट्री के जाने माने अभिनेता थे। उनके पिता यदि चाहते तो वह उन्हें लेकर फिल्म का निर्माण कर सकते थे लेकिन उनका मानना था कि शशि कपूर संघर्ष करें और अपनी मेहनत से अभिनेता बनें।शशि कपूर ने अपने सिने कैरियर की शुरूआत बाल कलाकार के रूप में की। चालीस के दशक में उन्होंने कई फिल्मों में बाल कलाकार के रूप में काम किया। इनमें 1948 में प्रदर्शित फिल्म आग और 1951 में प्रदर्शित फिल्म आवारा शामिल है, जिसमें उन्होंने अभिनेता राजकपूर के बचपन की भूमिका निभाई। पचास के दशक में शशि कपूर अपने पिता के थियेटर से जुड़ गये। इसी दौरान भारत और पूर्वी एशिया की यात्रा पर आई बर्तानवी नाटक मंडली शेक्सपियेराना से वह जुड़ गये, जहां उनकी मुलाकात मंडली के संचालक की पुत्री जेनिफर केडिल से हुई। वह उनसे प्यार कर बैठे और बाद में उनसे शादी कर ली। शशिकपूर ने अभिनेता के रूप में सिने कैरियर की शुरूआत वर्ष 1961 में यश चोपड़ा की फिल्म धर्म पुत्र से की।इसके बाद उन्हे विमल राय की फिल्म प्रेम पत्र में भी काम करने का अवसर मिला लेकिन दुर्भाग्य से दोनों ही फिल्में टिकट खिड़की पर असफल साबित हुयीं। इसके बाद शशि कपूर ने मेंहदी लगी मेरे हाथ, होली डे इन बांबे और बेनेजीर जैसी फिल्मों में भी काम किया लेकिन ये फिल्में भी टिकट खिड़की पर बुरी तरह नकार दी गई। वर्ष 1965 शशि कपूर के सिने करियर का अहम वर्ष साबित हुआ। इस वर्ष उनकी फिल्म जब जब फूल खिले प्रदर्शित हुई। बेहतरीन गीत, संगीत और अभिनय से सजी इस फिल्म की जबर्दस्त कामयाबी ने ने शशि कपूर को भी .स्टार. के रूप में स्थापित कर दिया। वर्ष 1965 मे शशि कपूर के सिने कैरियर की एक और सुपरहिट फिल्म फिल्म वक्त प्रदर्शित हुई। इस फिल्म में उनके सामने बलराज साहनी, राजकुमार और सुनील दत्त जैसे नामी सितारे थे। इसके बावजूद वह अपने अभिनय से दर्शको का ध्यान अपनी ओर आकर्षित करने में सफल रहे।इन फिल्मों की सफलता के बाद शशि कपूर की छवि रोमांटिक हीरो की बन गई और निर्माता-निर्देशकों ने अधिकतर फिल्मों में उनकी रूमानी छवि को भुनाया 1वर्ष 1965 से 1976 के बीच कामयाबी के सुनहरे दौर में शशि कपूर ने जिन फिल्मों में काम किया, उनमें अधिकतर फिल्में हिट साबित हुयीं।  

मीनाक्षी गोयत का दमदार प्रदर्शन, अंतिम पंघाल को हराकर एशियाई चैंपियनशिप टीम में जगह पक्की

नई दिल्ली भारतीय महिला कुश्ती के 53 किग्रा वर्ग में एक बड़ा फेरबदल देखने को मिला है। सोनीपत में पूर्व राष्ट्रीय कोच कुलदीप मलिक के मार्गदर्शन में प्रशिक्षण लेने वाली मीनाक्षी गोयत ने दिग्गज पहलवान अंतिम पंघाल को शिकस्त देकर आगामी एशियाई चैंपियनशिप के लिए भारतीय टीम में अपना स्थान पक्का कर लिया है। ट्रायल के दौरान मीनाक्षी ने अपने पुराने “आत्म-संदेह” को पीछे छोड़ते हुए शानदार रक्षात्मक खेल दिखाया। उन्होंने पहले 6-2 की बढ़त बनाई और फिर मुकाबले के आखिरी क्षणों में ‘विन बाय फॉल’ (चित करके) के जरिए दो बार की विश्व चैंपियनशिप पदक विजेता अंतिम को धूल चटा दी। विनेश फोगाट के वर्ग बदलने के बाद इस कैटेगरी में अंतिम का दबदबा माना जा रहा था, जिसे मीनाक्षी ने अपनी मजबूत पकड़ से तोड़ दिया। इस जीत के साथ ही मीनाक्षी अब 6 से 11 अप्रैल तक किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक में आयोजित होने वाली एशियाई चैंपियनशिप में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगी। जीत के बाद उत्साहित मीनाक्षी ने कहा कि उन्होंने पिछली गलतियों से सीखा और बड़े नाम के दबाव में आने के बजाय अपनी क्षमता पर भरोसा किया। इसी ट्रायल के दौरान 50 किग्रा वर्ग में नीलम ने भी बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए टीम में जगह बनाई। अन्य महिला वर्गों में मानसी अहलावत (62 किग्रा), मनीषा भानवाला (57 किग्रा), नेहा सांगवान (59 किग्रा) और हर्षिता (72 किग्रा) सहित कई अन्य पहलवानों ने भी अपने-अपने भार वर्ग में जीत दर्ज कर भारतीय दल में स्थान सुरक्षित किया है। महिला पहलवानों के साथ-साथ पुरुष फ्रीस्टाइल वर्ग के ट्रायल भी संपन्न हुए, जिसमें स्टार पहलवानों ने अपना दबदबा कायम रखा। 57 किग्रा में अंकुश और 61 किग्रा में अमन सहरावत ने शानदार जीत के साथ टीम में प्रवेश किया। इसके अलावा सुजीत कलकल (65 किग्रा), जयदीप (74 किग्रा) और विक्की (97 किग्रा) ने भी अपने प्रतिद्वंद्वियों को हराकर एशियाई चैंपियनशिप का टिकट हासिल किया है। भारतीय कुश्ती संघ को उम्मीद है कि युवाओं और अनुभवी पहलवानों का यह संतुलित दल किर्गिस्तान में पदकों की झड़ी लगाएगा। मीनाक्षी की इस जीत ने साबित कर दिया है कि भारतीय कुश्ती में प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है और नए चेहरे वैश्विक मंच पर चमकने को तैयार हैं।  

चेकिंग के दौरान कार से 21 किलो चांदी के गहने पकड़े, कागजात नहीं मिलने पर केस दर्ज

महासमुंद जिले में वाहन चेकिंग के दौरान पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। महासमुंद पुलिस ने एक कार से भारी मात्रा में चांदी के आभूषण जब्त किए हैं। जानकारी के मुताबिक, कोमाखान थाना क्षेत्र के टेमरी नाका के पास पुलिस नियमित वाहन जांच कर रही थी। इसी दौरान एक संदिग्ध कार (CG 04 PY 7882) को रोका गया। तलाशी लेने पर कार में रखे तीन बैगों से 54 लाख 60 हजार रुपये कीमत के 21.089 किलोग्राम चांदी के आभूषण बरामद हुए। कार में सवार विरेन्द्र प्रधान (50 वर्ष) – मठपारा रायपुर, टिकेश कुमार साहू (38 वर्ष) – उरला रायपुर से जब आभूषणों के परिवहन से संबंधित दस्तावेज मांगे गए तो वे कोई वैध कागजात प्रस्तुत नहीं कर सके। पुलिस ने दोनों व्यक्तियों को धारा 94 BNSS के तहत नोटिस दिया और गवाहों की उपस्थिति में आभूषणों और कार को जब्त कर लिया। प्राथमिक पूछताछ में सामने आया है कि दोनों आरोपी ओडिशा से रायपुर की ओर जा रहे थे। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि चांदी के आभूषण कहां से लाए जा रहे थे और उनका उद्देश्य क्या था। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले में आगे की जांच के बाद आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

गुजरात विधानसभा पर बम धमकी से हड़कंप, बजट सत्र के दौरान बढ़ाई गई सुरक्षा

गांधीनगर, गांधीनगर स्थित गुजरात विधानसभा परिसर में बुधवार सुबह उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब बजट सत्र के दौरान बम की धमकी मिलने की सूचना सामने आई। अधिकारियों के अनुसार यह धमकी ईमेल के जरिए दी गई, जिसमें दावा किया गया था कि विधानसभा परिसर में बम लगाया गया है। विधानसभा में चल रहे बजट सत्र की कार्यवाही बुधवार सुबह 9 बजे शुरू होनी थी लेकिन उससे ठीक पहले करीब 8:45 बजे अधिकारियों को इस धमकी भरे ईमेल की जानकारी मिली। जैसे ही यह सूचना सामने आई, सुरक्षा एजेंसियां तुरंत हरकत में आ गईं और पूरे परिसर को खाली कराने का निर्णय लिया गया। पुलिस उपाधीक्षक पीयूष वांडा ने बताया कि ईमेल में स्पष्ट रूप से बम होने का दावा किया गया था, जिसके बाद एहतियातन सभी विधायकों, कर्मचारियों और अन्य मौजूद लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। उन्होंने कहा, “धमकी मिलने की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और बम निरोधक दस्ता मौके पर पहुंच गए और पूरे परिसर में सघन तलाशी अभियान शुरू कर दिया गया।” सुरक्षा एजेंसियों ने विधानसभा भवन के हर हिस्से की बारीकी से जांच की। बम निरोधक दस्ते के साथ डॉग स्क्वॉड की भी मदद ली गई, ताकि किसी भी संदिग्ध वस्तु का पता लगाया जा सके। शुरुआती जांच में अब तक कोई भी संदिग्ध वस्तु या विस्फोटक सामग्री बरामद नहीं हुई है। अधिकारियों ने बताया कि यह जांच अभी जारी है और ईमेल भेजने वाले की पहचान करने के प्रयास भी किए जा रहे हैं। साइबर क्राइम टीम को भी मामले की जांच में लगाया गया है ताकि यह पता लगाया जा सके कि धमकी कहां से और किसने भेजी। इस घटना के बाद विधानसभा की सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई है। फिलहाल स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है लेकिन प्रशासन पूरी तरह सतर्क है और किसी भी संभावित खतरे से निपटने के लिए तैयार है। भाजपा विधायक कसवाला महेश ने कहा, “बुधवार सुबह हुई घटना के संबंध में, गुजरात विधानसभा को एक ईमेल मिला जिसमें धमकी भरा संदेश था। एहतियाती कदम के तौर पर, सभी विधायकों को वहां से हटाकर पास के ही एक हॉल में बिठा दिया गया।” भाजपा विधायक दिनेश सिंह कुशवाह ने कहा, “धमकी झूठी निकली और कोई वास्तविक खतरा नहीं पाया गया। व्यवस्थाएं फिर से शुरू की गईं, और विधानसभा परिसर में लौटने से पहले सभी को द्वारका हॉल में बिठाया गया।”  

हाईकोर्ट सख्त: जर्जर स्कूलों के मुद्दे पर 19 मार्च को अहम सुनवाई, शिक्षा विभाग से बड़ी योजना पर स्पष्टीकरण

जयपुर राजस्थान में स्कूलों की जर्जर व्यवस्था को लेकर हाईकोर्ट ने स्वतः संज्ञान लिया है। इस दौरान कोर्ट ने राज्य के शिक्षा विभाग से खराब हालत में चल रहे स्कूलों की स्थिति और सुधार की योजनाओं पर विस्तृत जानकारी मांगी है। फंड की कमी पर उठे सवाल शिक्षा विभाग द्वारा हाईकोर्ट में दायर एफिडेविट में बताया गया कि स्कूलों की मरम्मत और जीर्णोद्धार के लिए 20 हजार करोड़ रुपये से अधिक की आवश्यकता है। इसके मुकाबले प्रदेश के बजट में केवल 950 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इस पर हाईकोर्ट ने कड़ा रुख अपनाते हुए सवाल किया कि इतनी बड़ी राशि की जरूरत को सीमित बजट में कैसे पूरा किया जाएगा।   कोर्ट की तीखी टिप्पणियां सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने शिक्षा विभाग से पूछा कि 20 हजार करोड़ रुपये की व्यवस्था के लिए क्या ठोस योजना तैयार की गई है। कोर्ट ने यह भी टिप्पणी की कि यदि कोई स्पष्ट योजना नहीं है, तो क्या इस तरह की स्कूली व्यवस्था को बंद कर देना चाहिए। इन टिप्पणियों ने मामले की गंभीरता को रेखांकित किया है।   19 मार्च को अगली सुनवाई मामले में अगली सुनवाई 19 मार्च 2026 को निर्धारित की गई है, जिसमें हाईकोर्ट शिक्षा विभाग से ठोस जवाब और संभावित कार्ययोजना की अपेक्षा करेगा। माना जा रहा है कि इस सुनवाई में कोर्ट सख्त निर्देश जारी कर सकता है। हालिया घटना से बढ़ी चिंता इस मामले की पृष्ठभूमि में बाड़मेर की एक घटना भी चर्चा में है, जहां एक सरकारी स्कूल में छात्र के सिर पर पंखा गिरने से वह गंभीर रूप से घायल हो गया था। इस घटना के बाद स्कूलों की सुरक्षा और आधारभूत ढांचे को लेकर चिंताएं और बढ़ गई हैं।   कमेटी गठन की संभावना पिछली सुनवाई में हाईकोर्ट ने इस मुद्दे पर एक कमेटी बनाने का सुझाव दिया था। संभावना जताई जा रही है कि आगामी सुनवाई में इस कमेटी को अंतिम रूप दिया जा सकता है, ताकि जर्जर स्कूलों की स्थिति का आकलन कर सुधार के ठोस उपाय सुझाए जा सकें।

पुलिस ने हत्या के आरोपियो को किया गिरफतार

बिलासपुर मामूली विवाद के कारण दोस्त ने अपने भाई के साथ मिलकर की हत्याआरोपी बाहर भागने फिराक में थे बीट आरक्षको के मुस्तैदी एवं निगरानी के कारण आरोपियो के गिरफतारी में मिली सफलता आरोपी –1. राकेश कौशिक उर्फ़ छोटू पिता भागीरथी कौशिक उम्र 38 साल पता सम्बलपुर थाना सकरी जिला बिलासपुर2- गणेश कौशिक पिता भगीरथी कौशिक उम्र 36 साल पता सम्बलपुर थाना सकरी जिला बिलासपुर विवरण – दिनांक 14-03-2026 को प्रार्थी कृष्णा कौशिक पिता भीषम कौशिक उम्र 23 वर्ष निवासी संबलपुरी थाना सकरी थाना उपस्थित आकर रिपोर्ट दर्ज कराया कि उसके बडे भाई सतीश कौशिक की अज्ञात आरोपियो द्वारा मारपीट कर हत्या कर दिए है प्रार्थी की रिपोर्ट पर मर्ग क्र 22/2026 एवं अपराध क्रमांक 254/2026 धारा 103(1) बीएनएस का अपराध पंजीबद्ध कर वरिष्ठ अधिकिारियो को अवगत कराया गया, मामले की गंभीरता को देखते हुए मान उमनि एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक महोदय  रजनेश सिंह द्वारा आरोपियो को तत्काल गिरफतार करने निर्देशित किया गया, जिसके परिपालन में मान अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (शहर)  पंकज कुमार पटेल, मान नगर पुलिस अधीक्षक (सिविल लाईन)  निमितेश सिंह परिहार के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी सकरी निरीक्षक विजय चौधरी द्वारा थाना स्तर पर टीम गठित कर एवं बीट आरक्षको को आरोपियो की पतासाजी निर्देशित किया गया। हत्या के संदेही राकेश कौशिक एवं गणेश कौशिक घटना दिनांक से फरार थे। दिनांक 16-03-2026 को बीट आरक्षको को सूचना मिली के हत्या के प्रकरण के संदही राकेश कौशिक एवं गणेश कौशिक ग्राम पांड में छिपे है। थाना सकरी पुलिस की सक्रियता एवं बीट आर पवन बंजारे, सज्जू अली,मनोज बघेल,रामचंद्र एवं अनुप नेताम की मुस्तैदी से हत्या के आरोपी राकेश कौशिक एवं गणेश कौशिक को ग्राम मेण्ड्रा से घेरा बंदी कर पकडा गया। आरोपियो से पूछताछ करने पर बताए कि दिनांक 14-03-2026 को आरोपी राकेश कौशिक, गणेश कौशिक एवं म़ृतक सतीश कौशिक तीनो शराब पीने सकरी शराब भट्टी गये थे जहां तीनो शराब पिए और अपने साथ 01 पाव देशी प्लेन एवं 02 पाव देशी मशाला शराब और 6 रोटी 2 फीस मछली पानी डिस्पोजल लेकर सम्बलपुर खेत पीपल पेड के पास गये और शराब पीना शुरू किये शराब के नशे में मृतक सतीश कौशिक द्वारा आरोपी गणेश कौशिक और उसके परिवार को गाली गलौच करने लगा मना करने पर नही मना तो आरोपी राकेश कौशिक एवं गणेश कौशिक दोनेा भाई मिलकर हाथ मुक्का से मारपीट कर पीपल के पेड के नीचे जड के पास गिरा दिए जिससे मृतक के मुंह एवं सिंर में गंभीर चोट लगने से मृत्यु हो गई।  दोनो आरोपी हत्या करने कर बाद मरही माता भाग गए थे वहा से आने के बाद आरोपी अपने ससुराल मेण्ड्रा में छिपे थे जहां से बाहर भागने के फिराक में थे जिन्हे बीट आरक्षको की मुस्तैदी से रात्रि में पकडा गया। उक्त कार्यवाही में निरीक्षक विजय चौधरी, उनि गणेशराम महिलांगे, सउनि सुरेंद्र तिवारी, प्रआर रवि कुमार लहरे, चोलाराम पटेल, पवन बंजारे, सज्जू अली,मनोज बघेल,रामचंद्र की भुमिका सराहनी रही।*

समर ट्रैवल हुआ आसान! MP से बिहार और महाराष्ट्र के लिए 15 जुलाई तक स्पेशल ट्रेनें

भोपाल यात्रियों की बढ़ती संख्या और ग्रीष्मकालीन भीड़ को देखते हुए रेल प्रशासन ने बड़ी राहत दी है। भोपाल मंडल से होकर पुणे-दानापुर विशेष ट्रेन और लोकमान्य तिलक टर्मिनस-दानापुर विशेष ट्रेन का संचालन निर्धारित तिथियों में किया जाएगा। इससे मध्य प्रदेश सहित भोपाल के यात्रियों को सीधे कनेक्टिविटी का लाभ मिलेगा। पुणे-दानापुर विशेष ट्रेन: समय-सारणी और रूट गाड़ी संख्या 01449 पुणे से प्रतिदिन 15:30 बजे रवाना होकर इटारसी, जबलपुर, कटनी, सतना होते हुए अगले दिन 02:45 बजे दानापुर पहुंचेगी। वापसी में 01450 दानापुर से 05:00 बजे चलकर शाम 18:15 बजे हडपसर पहुंचेगी। इन ट्रेनों में एसी, स्लीपर और सामान्य श्रेणी सहित पर्याप्त कोच लगाए गए हैं, जिससे यात्रियों को आरामदायक यात्रा का विकल्प मिलेगा। लोकमान्य तिलक टर्मिनस-दानापुर स्पेशल वहीं, गाड़ी संख्या 01143 लोकमान्य तिलक टर्मिनस से 10:30 बजे प्रस्थान कर प्रमुख स्टेशनों पर ठहराव लेते हुए 18:45 बजे दानापुर पहुंचेगी। वापसी में 01144 दानापुर से 21:30 बजे चलकर अगले दिन 07:45 बजे लोकमान्य तिलक टर्मिनस पहुंचेगी। ये विशेष ट्रेनें एक अप्रैल से शुरू होकर 14 अप्रैल तक चलेंगी, जबकि ग्रीष्मकालीन विशेष सेवाएं 15 अप्रैल से 15 जुलाई 2026 तक संचालित होंगी। बिहार और महाराष्ट्र की यात्रा होगी आसान भोपाल के यात्रियों के लिए यह सुविधा खास है, क्योंकि इससे बिहार और महाराष्ट्र के बीच यात्रा आसान होगी। रेलवे ने यात्रियों से अपील की है कि वे यात्रा से पहले समय-सारणी और अन्य जानकारी एनटीईएस (NTES) या हेल्पलाइन 139 से जरूर जांच लें।  

ट्रैक्टर से टकराई स्कूल वैन पलटने से 10 से ज्यादा बच्चे – टीचर घायल अस्पताल में इलाज जारी

जांजगीर-चांपा  जांजगीर-चांपा क्षेत्र में बुधवार सुबह एक बड़ा सड़क हादसा सामने आया। यहां स्कूली वैन सड़क किनारे खड़े ट्रैक्टर से टकरा गई, जिससे वैन अनियंत्रित होकर पलट गई। हादसे के समय वैन में सरस्वती ज्ञान मंदिर, कुथुर के 15 से अधिक बच्चे सवार थे, जो स्कूल जा रहे थे। हादसे में नर्सरी, पहली और छठवीं कक्षा के बच्चों समेत 10 से ज्यादा लोग घायल हो गए। कई बच्चों के सिर में चोट आई है, जबकि कुछ के हाथ-पैर में भी गंभीर चोटें आई हैं। एक महिला शिक्षिका के कंधे में गंभीर चोट बताई जा रही है। घटना के तुरंत बाद सभी घायलों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है। जानकारी के मुताबिक बच्चे मुड़पार गांव से कुथुर स्थित स्कूल जा रहे थे। बच्चों ने बताया कि नियमित ड्राइवर के नहीं आने पर वैन को स्कूल के प्रिंसिपल खुद चला रहे थे। फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरु कर दी है और हादसे के कारणों की पड़ताल की जा रही है।

अब स्थायी पते पर ED: रायपुर के मेयर बंगले में शिफ्ट होगा कार्यालय

रायपुर  राजधानी रायपुर में प्रवर्तन निदेशालय (ED) को अब स्थायी पता मिल गया है। नगर निगम की एमआईसी (मेयर-इन-काउंसिल) बैठक में महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए शहर के सुभाष स्टेडियम स्थित पुराने महापौर (मेयर) बंगले को ईडी कार्यालय के लिए आवंटित कर दिया गया है। जांच गतिविधियों को मजबूती मिलने की उम्मीद जानकारी के अनुसार, लंबे समय से रायपुर में ईडी के लिए स्थायी कार्यालय की आवश्यकता महसूस की जा रही थी। अब नगर निगम द्वारा यह कदम उठाए जाने के बाद ईडी को स्थायी और सुव्यवस्थित कार्यालय मिल सकेगा। इससे एजेंसी की कार्यप्रणाली और जांच गतिविधियों को और मजबूती मिलने की उम्मीद है। एमआईसी बैठक में प्रस्ताव पर चर्चा के बाद मिली मंजूरी नगर निगम के अधिकारियों ने बताया कि एमआईसी बैठक में प्रस्ताव पर चर्चा के बाद इसे मंजूरी दी गई। पुराने मेयर बंगले की लोकेशन शहर के प्रमुख क्षेत्र सुभाष स्टेडियम के पास होने के कारण यह प्रशासनिक दृष्टि से भी उपयुक्त माना गया। प्रशासनिक गतिविधियों को मिलेगा बढ़ावा ईडी कार्यालय के शुरू होने से रायपुर में आर्थिक अपराधों और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े मामलों की जांच में तेजी आने की संभावना है।

गुंडागर्दी पर सख्ती: रायपुर में हथियार लहराने वालों पर त्वरित एक्शन, 24 घंटे में 12 गिरफ्तारी

रायपुर. राजधानी में कानून व्यवस्था भंग करने वाले असामाजिक तत्वों के खिलाफ रायपुर पुलिस कमिश्नरेट ने सख्त रुख अपनाते हुए बड़ी कार्रवाई की है। एसीसीयू (क्राइम यूनिट) और थाना मौदहापारा पुलिस की संयुक्त टीम ने 24 घंटे के भीतर तीन अलग-अलग घटनाओं में शामिल 12 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। सभी आरोपियों के खिलाफ गैर जमानतीय संगीन धाराओं में मामला दर्ज कर उन्हें न्यायालय में पेश किया गया है। पुलिस के अनुसार यह कार्रवाई जीरो टॉलरेंस नीति के तहत की गई है, जिसके तहत शहर में गुंडागर्दी, चाकूबाजी, पत्थरबाजी और हथियारों का प्रदर्शन करने वालों पर लगातार सख्ती बरती जा रही है। पहली घटना: चाकू से जानलेवा हमला 16 मार्च 2026 को मौदहापारा थाना क्षेत्र के तालाब पार बीटीएस चौक के पास पुरानी रंजिश को लेकर विवाद हुआ, जो देखते ही देखते मारपीट में बदल गया। आरोपियों ने चाकू से हमला कर दो लोगों को घायल कर दिया और जान से मारने की धमकी दी। इस मामले में पुलिस ने रवि रक्सेल (19), हर्ष कोसले (19), अभय रक्सेल (19) और लोकेश रक्सेल (26) को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से धारदार हथियार जब्त किए हैं। दूसरी घटना: मरही माता मंदिर के पास पत्थरबाजी 16 मार्च को ही मरही माता मंदिर क्षेत्र में कुछ लोगों ने समूह बनाकर गाली-गलौज करते हुए पत्थरबाजी की, जिससे इलाके में दहशत फैल गई और कई लोग घायल हुए। इस मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आमिर अहमद (26), मोह. अनस खान (32), मोह. मुशीर खान (29), अब्दुल समीर (29), मोह. फाजिल (29) और शेख सिकंदर (29) को गिरफ्तार किया है। तीसरी घटना: सड़क पर तलवार लहराकर दहशत फैलाना दूसरी घटना की प्रतिक्रिया में डेंटल कॉलेज चौक के पास कुछ युवक हाथ में तलवार लेकर लोगों को डरा रहे थे। सूचना मिलते ही पुलिस ने घेराबंदी कर आरोपियों को पकड़ लिया। इस मामले में लोकेश रक्सेल (26), मयंक सोनी (19) और पिंटू ठाकुर (26) को गिरफ्तार किया गया है। आरोपियों के खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत कार्रवाई की गई। शांति व्यवस्था बिगाड़ने वालों के खिलाफ जारी रहेगी कार्रवाई तीनों घटनाओं में आरोपियों के पास से दर्जन भर चाकू, तलवार और अन्य धारदार हथियार जब्त किए गए हैं। रायपुर पुलिस ने साफ कहा है कि शहर में शांति व्यवस्था बिगाड़ने वालों के खिलाफ सख्त और निरंतर कार्रवाई जारी रहेगी। सार्वजनिक स्थलों पर हथियार लहराने, मारपीट और पत्थरबाजी जैसी घटनाओं को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। पुलिस ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना दें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।

9 साल में दीं 9 लाख नौकरियां, 2.19 लाख पुलिस भर्तियों से मजबूत हुआ तंत्र: मुख्यमंत्री

आज प्रदेश में न कोई भय है, न तनाव, न अराजकता और न ही दंगों का खतरा: सीएम योगी मुख्यमंत्री ने कहा, 9 वर्षों में राज्य में बदल गई कानून-व्यवस्था की तस्वीर  शांतिपूर्ण तरीके से मनाए जा रहे त्योहार, नवरात्रि व रमजान में अब नहीं कोई तनाव: सीएम 9 साल में दीं 9 लाख नौकरियां, 2.19 लाख पुलिस भर्तियों से मजबूत हुआ तंत्र: मुख्यमंत्री 60,244 पुलिसकर्मियों की ट्रेनिंग अब प्रदेश में ही, कमिश्नरेट सिस्टम और साइबर थानों से आधुनिक हुई पुलिसिंग: सीएम योगी 2017 के बाद पीएसी को मिला पुनर्जीवन, महिला बटालियनों से बढ़ी ताकत: मुख्यमंत्री लखनऊ  ‘नव निर्माण के 9 वर्ष’ पुस्तक का विमोचन करते हुए मुख्यमंत्री ने प्रदेश में सुरक्षा व्यवस्था में हुए उल्लेखनीय सुधार का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश आज कानून-व्यवस्था के क्षेत्र में एक नए युग में प्रवेश कर चुका है। पहले जहां त्योहारों के दौरान भय, तनाव, दंगे और कर्फ्यू का माहौल बन जाता था, वहीं अब नवरात्रि और रमजान जैसे महत्वपूर्ण पर्व एक साथ पूरी शालीनता और सौहार्द के साथ मनाए जा रहे हैं। अलविदा की नमाज और ईद जैसे अवसर भी पूरी शांति से संपन्न हो रहे हैं और कहीं कोई हलचल या अव्यवस्था देखने को नहीं मिलती। यही बदला हुआ उत्तर प्रदेश है, जहां लोग निर्भय होकर अपने धार्मिक स्थलों पर जा रहे हैं और सुरक्षा का वास्तविक अहसास कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह बदलाव केवल माहौल तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सरकार की नीयत, नीति और निरंतर प्रयासों का परिणाम है। अब लोग नए साल या अन्य आयोजनों पर भी धार्मिक स्थलों की ओर जा रहे हैं, जो सामाजिक विश्वास और सुरक्षा के मजबूत माहौल को दर्शाता है। आज प्रदेश में न कोई भय है, न तनाव, न अराजकता और न ही दंगों का खतरा, यह सब सुदृढ़ कानून-व्यवस्था के कारण संभव हुआ है। मुख्यमंत्री ने 2017 से पहले की स्थिति का उल्लेख करते हुए कहा कि उस समय प्रदेश में भर्तियां नहीं होती थीं, क्योंकि सरकार की नीयत साफ नहीं थी और युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जाता था। लेकिन पिछले 9 वर्षों में इस स्थिति को पूरी तरह बदला गया है। सरकार ने 9 लाख से अधिक सरकारी नौकरियां दी हैं, जिनमें 2 लाख 19 हजार से अधिक पुलिसकर्मियों की भर्ती शामिल है। यह अपने आप में एक बड़ा परिवर्तन है, जिसने प्रदेश की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत आधार प्रदान किया है। सीएम योगी ने कहा कि पुलिस भर्ती के साथ-साथ प्रशिक्षण क्षमता को भी अभूतपूर्व रूप से बढ़ाया गया है। उन्होंने 2017 के शुरुआती दिनों को याद करते हुए कहा कि उस समय 30 हजार पुलिस भर्ती के लिए केवल 3 हजार प्रशिक्षण क्षमता उपलब्ध थी। तब केंद्र सरकार के सहयोग से मिलिट्री, पैरामिलिट्री और अन्य राज्यों के प्रशिक्षण केंद्रों का उपयोग करना पड़ा था। लेकिन आज स्थिति पूरी तरह बदल चुकी है और वर्ष 2025 में भर्ती किए गए 60,244 पुलिसकर्मियों को प्रदेश के भीतर ही प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इन भर्तियों में अनिवार्य रूप से 20 प्रतिशत महिलाओं को शामिल किया गया है, जो महिला सशक्तीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी नवनियुक्त पुलिसकर्मी प्रशिक्षण पूर्ण कर नवरात्रि के तुरंत बाद फील्ड में उतरेंगे और प्रदेश की सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाएंगे। इससे कानून-व्यवस्था को और मजबूती मिलेगी और जनता में सुरक्षा का विश्वास और बढ़ेगा। सीएम ने भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता लाने के लिए किए गए सुधारों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि पहले उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग समेत अन्य संस्थानों पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगते थे और समय पर भर्ती नहीं हो पाती थी। लेकिन अब इन व्यवस्थाओं को सुधारते हुए पारदर्शी और समयबद्ध प्रणाली लागू की गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने पुलिस को आधुनिक व सक्षम बनाने के लिए व्यापक सुधार किए हैं। प्रदेश में कई फॉरेंसिक साइंस लैब (FSL), स्टेट फॉरेंसिक इंस्टीट्यूट की स्थापना की गई है, साथ ही स्पेशल सिक्योरिटी फोर्स (SSF) का गठन किया गया है। पिछली सरकारों के दौरान उपेक्षित पड़ी पीएसी की 34 कंपनियों को पुनर्जीवित किया गया है, जिससे प्रदेश की सुरक्षा क्षमता में बड़ा इजाफा हुआ है। पहली बार उत्तर प्रदेश पीएसी में तीन महिला बटालियनों का गठन किया गया है, जिनका नामकरण वीरांगना ऊदा देवी पासी, वीरांगना झलकारी बाई और वीरांगना अवंती बाई लोधी के नाम पर किया गया है। इन बटालियनों में संबंधित वीरांगनाओं की अश्वारोही प्रतिमाएं भी स्थापित की जा रही हैं, जो नारी शक्ति और परंपरा के सम्मान का प्रतीक हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिस सुधार के तहत कमिश्नरेट प्रणाली को सात जनपदों में लागू किया गया है, जिससे शहरी क्षेत्रों में कानून-व्यवस्था और अधिक प्रभावी हुई है। इसके साथ ही प्रदेश के हर जिले में साइबर थाने स्थापित किए गए हैं और प्रत्येक थाने में साइबर हेल्प डेस्क बनाई गई है, जिससे डिजिटल अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण सुनिश्चित किया जा सके। उन्होंने बताया कि प्रदेश में एसडीआरएफ (SDRF) को भी सशक्त किया गया है और आधुनिक तकनीक के उपयोग को बढ़ावा दिया गया है, जिससे अपराध नियंत्रण और निगरानी प्रणाली को मजबूत किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन सभी प्रयासों का परिणाम है कि आज उत्तर प्रदेश देश में बेहतर कानून-व्यवस्था और सुरक्षा का एक मजबूत मॉडल बनकर उभरा है, जहां नागरिकों का विश्वास सरकार और प्रशासन पर लगातार बढ़ रहा है।

‘माओवादी अब लोकतंत्र पर भरोसा जता रहे’ – CM साय के बीच विधानसभा भ्रमण पर 140 आत्मसमर्पित नक्सली

रायपुर छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र के 13वें दिन सरकार की ओर से एक अहम पहल देखने को मिली। बीजापुर और कांकेर जिले के 140 आत्मसमर्पित नक्सली विधानसभा का भ्रमण करने पहुंचे। इनमें 54 महिलाएं और 86 पुरुष शामिल रहे। विधानसभा पहुंचकर सभी आत्मसमर्पित नक्सलियों ने सदन की कार्यवाही को करीब से देखा और लोकतंत्र की प्रक्रिया को समझा। इस दौरान मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से पुनर्वासित नक्सलियों ने मुलाकात की। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि बस्तर में विकास और शांति के लिए पुनर्वास अभियान लगातार जारी है। उन्होंने कहा कि जो लोग समाज की मुख्यधारा में लौटने वाले नक्सली लोकतंत्र पर भरोसा जता रहे हैं, यह बेहद खुशी की बात है। बताया जा रहा है कि सरकार की पुनर्वास नीति के तहत आत्मसमर्पित नक्सलियों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में यह शैक्षणिक भ्रमण कार्यक्रम आयोजित किया गया।

CM का दावा, डबल इंजन सरकार ने 9 साल में सुशासन और विकास का नया मानक स्थापित किया

डबल इंजन सरकार ने 9 वर्षों में सुरक्षा, विकास, रोजगार और सुशासन का नया मॉडल स्थापित किया: मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश में अभूतपूर्व विकास और सतत समृद्धि के 9 वर्ष पूर्ण होने पर “नव निर्माण के 9 वर्ष” पुस्तक का किया विमोचन मुख्यमंत्री ने विगत 9 वर्षों में बदले उत्तर प्रदेश की तस्वीर के साथ गिनाईं सरकार की उपलब्धियां यह परिवर्तन डबल इंजन सरकार की नीतियों, पार्टी कार्यकर्ताओं के अथक परिश्रम, जनप्रतिनिधियों की सेवा भावना और जनता जनार्दन के सहयोग का परिणाम: मुख्यमंत्री संवाद के माध्यम से न सिर्फ 9 वर्षों की उपलब्धियों को साझा किया जाएगा, बल्कि भावी विकास का विजन भी तय किया जाएगा: मुख्यमंत्री लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश में अभूतपूर्व विकास और सतत समृद्धि के 9 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर बुधवार को लोक भवन में आयोजित कार्यक्रम में “नव निर्माण के 9 वर्ष” पुस्तक का विमोचन किया। इस अवसर पर उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन व उनकी विजनरी नेतृत्व क्षमता के तहत बीते 9 वर्षों में उत्तर प्रदेश में जो परिवर्तन हुआ है, वह डबल इंजन सरकार की नीतियों, पार्टी कार्यकर्ताओं के अथक परिश्रम, जनप्रतिनिधियों की सेवा भावना और जनता जनार्दन के सहयोग का परिणाम है। मुख्यमंत्री ने प्रदेश की जनता को इन 9 वर्षों की उपलब्धियों के लिए हृदय से बधाई देते हुए कहा कि यह परिवर्तन 25 करोड़ प्रदेशवासियों की सामूहिक शक्ति का प्रतीक है। 2017 के पहले था पहचान का संकट मुख्यमंत्री ने कहा कि इन 9 वर्षों की यात्रा को समझने के लिए यह जानना आवश्यक है कि 2017 से पहले प्रदेश की स्थिति क्या थी। उत्तर प्रदेश जैसे असीम संभावनाओं वाले राज्य को पहचान के संकट का सामना करना पड़ रहा था। दुनिया की सबसे उर्वर भूमि और प्रचुर जल संसाधनों के बावजूद किसान आत्महत्या के लिए मजबूर था। प्रदेश का कारीगर, जो अपनी कला के लिए प्रसिद्ध था, वह उद्यमी बनने के बजाय श्रमिक बनकर पलायन करने को विवश था। युवाओं के सामने पहचान और रोजगार का संकट था, भर्ती प्रक्रियाएं भ्रष्टाचार और वसूली से प्रभावित थीं। कानून-व्यवस्था की स्थिति ऐसी थी कि न बेटियां सुरक्षित थीं, न व्यापारी, और न ही आम नागरिक खुद को सुरक्षित महसूस करता था। प्रदेश में विकास के लिए कोई स्पष्ट विजन नहीं था, जिसके कारण युवा वर्ग निराश होकर या तो पलायन करता था या संघर्ष में उलझा रहता था।  9 वर्षों में यूपी को मिली नई पहचान सीएम योगी ने कहा कि आज तस्वीर पूरी तरह बदल चुकी है। पिछले 9 वर्षों में डबल इंजन सरकार ने सुरक्षा, इंफ्रास्ट्रक्चर, निवेश, रोजगार, किसानों के कल्याण, महिलाओं के सशक्तीकरण और गरीबों के उत्थान के लिए व्यापक स्तर पर कार्य किए हैं। कल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से दलितों, वंचितों और समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक सरकारी लाभ पहुंचाने का काम किया गया है। शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यावरण और सेवा क्षेत्रों में सुधार करते हुए सुशासन की दिशा में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। साथ ही प्रदेश की आस्था, संस्कृति व परंपराओं को सम्मान देते हुए उन्हें नई पहचान दिलाने के प्रयास भी लगातार जारी हैं, जिससे उत्तर प्रदेश आज एक नई पहचान के साथ देश और दुनिया में उभर रहा है। संवाद के माध्यम से 9 वर्षों की उपलब्धियों को करेंगे साझा मुख्यमंत्री ने बताया कि इन उपलब्धियों को जन-जन तक पहुंचाने के लिए 9 विषयों पर आधारित 9 दिवसीय कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है, जो बसंत नवरात्रि से प्रारंभ हो रहा है। इसका उद्देश्य है कि यह जन-चर्चा का विषय बने और समाज के सभी वर्ग, युवा, किसान, श्रमिक, महिलाएं और गरीब इसमें सहभागी बनें। संवाद के माध्यम से न केवल बीते 9 वर्षों की उपलब्धियों को साझा किया जाएगा, बल्कि आने वाले समय के लिए विकास का विजन भी तय किया जाएगा। उन्होंने कहा कि 9 एक शुभ अंक है, जो पूर्णता का प्रतीक है, और यह कार्यक्रम भी उसी पूर्णता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। 9 वर्ष में 9 लाख करोड़ का बजट किया प्रस्तुत मुख्यमंत्री ने कहा कि 9 वर्ष पूरे होने पर प्रदेश सरकार ने आगामी वित्तीय वर्ष के लिए लगभग 9 लाख 12 हजार करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया है, जो उत्तर प्रदेश के समग्र और संतुलित विकास को नई गति देगा। यह बजट प्रदेश को आर्थिक रूप से और अधिक सशक्त बनाने, इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने और रोजगार के नए अवसर सृजित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उत्तर प्रदेश आज सुरक्षा, सुशासन और विकास के नए मानक स्थापित कर रहा है और यह परिवर्तन आने वाले वर्षों में और अधिक व्यापक रूप में दिखाई देगा।

आंगनबाड़ी केंद्रों में पुष्टाहार वितरण में चेहरा पहचान प्रणाली से हुई प्रगति

चेहरा पहचान प्रणाली से आंगनबाड़ी केंद्रों में अनुपूरक पुष्टाहार वितरण में बड़ी प्रगति फरवरी में लगभग 1 करोड़ लाभार्थियों में से 81 लाख लाभार्थियों तक एफआरएस से पहुंचा पुष्टाहार डिजिटल निगरानी से पारदर्शिता बढ़ी, फर्जीवाड़े पर रोक लगने से उचित लाभार्थियों को फायदा  लखनऊ  प्रदेश में आंगनबाड़ी केंद्रों में अनुपूरक पुष्टाहार के वितरण को पारदर्शी और प्रभावी बनाने के लिए लागू की गई चेहरा पहचान प्रणाली यानी एफआरएस के सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं। फरवरी में प्रदेश के लगभग 1 करोड़ लाभार्थियों में से 81 लाख लाभार्थियों को इस डिजिटल प्रणाली के माध्यम से अनुपूरक पुष्टाहार उपलब्ध कराया गया। महिला एवं बाल विकास मंत्रालय भारत सरकार के दिशा निर्देशों के तहत प्रदेश में एफआरएस प्रणाली से ही पुष्टाहार वितरण को मान्यता दी गई है। बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार विभाग के अधिकारियों ने बताया कि जल्द ही एफआरएस से पुष्टाहार वितरण का शत प्रतिशत लक्ष्य हासिल कर लिया जाएगा। योगी सरकार में न केवल पारदर्शिता बढ़ी है बल्कि यह भी सुनिश्चित हुआ है कि पोषण का लाभ वास्तविक लाभार्थियों तक ही पहुंचे1 फरवरी में 81 प्रतिशत तक पहुंचे एफआरएस लाभार्थी प्रदेश में अनुपूरक पुष्टाहार के लगभग 1 करोड़ लाभार्थी हैं। इनमें छह माह से तीन वर्ष तक के बच्चे, गर्भवती महिलाएं और धात्री माताएं प्रमुख रूप से शामिल हैं। आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों ने डिजिटल व्यवस्था को तेजी से अपनाते हुए फरवरी में करीब 81 प्रतिशत लाभार्थियों तक पुष्टाहार पहुंचाया। इस तरह फरवरी में लगभग 81 लाख लाभार्थियों को फेस रिकॉग्निशन प्रणाली के माध्यम से पुष्टाहार उपलब्ध कराया गया। विभाग के अनुसार यह उपलब्धि पोषण योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन का संकेत है। किशोरियों तक भी पहुंच रहा पोषण प्रदेश सरकार पोषण योजनाओं के दायरे को लगातार व्यापक बना रही है। इसी क्रम में आठ जनपदों में किशोरियों को भी अनुपूरक पुष्टाहार उपलब्ध कराया जा रहा है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार वर्तमान माह में भी एफआरएस प्रणाली के माध्यम से वितरण की प्रगति संतोषजनक है और उम्मीद जताई जा रही है कि मार्च महीने में लाभार्थियों तक पहुंचने का प्रतिशत फरवरी की तुलना में और बेहतर होगा। डिजिटल निगरानी और तकनीक आधारित व्यवस्था से पोषण योजनाओं का क्रियान्वयन और अधिक प्रभावी बनता दिखाई दे रहा है।

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