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बिना रुके कटेगा टोल टैक्स! देश को मिला पहला बैरियर-फ्री टोल प्लाजा

 सूरत हाईवे पर सफर करने वालों के लिए बड़ी राहत की खबर है। अब टोल प्लाजा पर गाड़ियों को रोकने की जरूरत नहीं पड़ेगी। देश में पहली बार पूरी तरह बैरियर-फ्री टोल कलेक्शन सिस्टम तैयार किया गया है, जिसका ट्रायल आज से शुरू होने जा रहा है। यह नया सिस्टम गुजरात में लगाया गया है और इसे नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) द्वारा शुरू किया जा रहा है। गुजरात में तैयार हुआ पहला बैरियर-फ्री टोल प्लाजा देश का पहला मल्टी-लेन फ्री फ्लो टोल प्लाजा गुजरात के सूरत जिले के कामरेज इलाके में स्थित चोर्यासी टोल प्लाजा पर बनाया गया है। यह मौजूदा पारंपरिक टोल बूथ की जगह लेगा, जहां अब तक वाहन चालकों को टोल देने के लिए रुकना पड़ता था। केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी लंबे समय से टोल प्लाजा पर लगने वाले जाम और भीड़ को खत्म करने की बात कर रहे थे। इसी दिशा में इस प्रोजेक्ट को पायलट आधार पर लागू किया गया है। ड्राइवरों को क्या फायदा होगा? बैरियर-फ्री टोल सिस्टम लागू होने के बाद वाहन बिना रुके टोल क्षेत्र से गुजर सकेंगे। न तो ब्रेक लगाने की जरूरत होगी और न ही कतार में लगने की परेशानी रहेगी। इससे यात्रा का समय कम होगा और हाईवे पर ट्रैफिक का बहाव पहले से ज्यादा बेहतर हो जाएगा। कैसे काम करेगा नया टोल सिस्टम? इस नई व्यवस्था में ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन (ANPR) तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा।     हाई-रिजॉल्यूशन कैमरे वाहनों की नंबर प्लेट को पढ़ेंगे     सिस्टम FASTag से लिंक होकर अपने आप टोल की राशि काट लेगा     पूरी प्रक्रिया पूरी तरह डिजिटल और बिना किसी मैनुअल हस्तक्षेप के होगी     खास बात यह है कि वाहन लगभग 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से भी टोल क्षेत्र पार कर सकेंगे।     विदेशी तकनीक से देश को बड़ा फायदा     इस प्रोजेक्ट को तैयार करने में ताइवान की FETC एजेंसी के 25 से अधिक विशेषज्ञ पिछले कई महीनों से काम कर रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि इस नई तकनीक के लागू होने से हर साल लगभग 1500 करोड़ रुपये के ईंधन की बचत होगी। साथ ही, टोल कलेक्शन में पारदर्शिता बढ़ने से करीब 6000 करोड़ रुपये तक अतिरिक्त राजस्व मिलने की संभावना है।     आगे की योजना क्या है?     सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय की योजना है कि वर्ष 2026 के अंत तक देशभर के 1050 से ज्यादा टोल प्लाजा को AI आधारित मल्टी-लेन फ्री फ्लो सिस्टम में बदला जाए। यदि गुजरात में शुरू किया गया यह ट्रायल सफल रहता है, तो आने वाले समय में देश के सभी नेशनल हाईवे पर टोल वसूली का तरीका पूरी तरह बदल सकता है।    

Gold की चमक से चमकेगा दुबई! रिकॉर्ड तोड़ कीमतों के बीच UAE के शेख का अनोखा कारनामा

एक तरफ जहां सोने की कीमत लगातार नए-नए रिकॉर्ड बना रही है, वहीं दूसरी तरफ दुबई ने इन्फ्लुएंसर हॉटस्पॉट में अपने लेटेस्ट शानदार आकर्षण के तौर पर, दुनिया की पहली सोने से बनी सड़क बनाने की योजना का एलान किया है। ये शानदार और बड़ा प्लान अमीरात की ज्वेलरी इंडस्ट्री के लिए खास तौर पर बनाए गए एक डेवलपमेंट का हिस्सा हैं, जिसे ‘द गोल्ड डिस्ट्रिक्ट’ कहा जाता है। टूरिस्ट, शॉपर्स और प्रोफेशनल्स को लुभाने के लिए डिजाइन की जाने वाली यह ग्लैमरस जगह एक मुख्य आकर्षण बनने वाली है, क्योंकि यहां सोने से बनी सड़क तैयार होगी। दुनिया की पहली गोल्ड स्ट्रीट मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार दुबई में सोने से बनने वाली सड़क अपनी तरह की दुनिया में पहली होगी। इस सड़क का मकसद दुबई को सोने और ज्वैलरी के कारोबार में दुनिया का सबसे बड़ा केंद्र बनाना है। गोल्ड स्ट्रीट की घोषणा प्रॉपर्टी डेवलपर इथरा दुबई द्वारा दुबई गोल्ड डिस्ट्रिक्ट के ऑफिशियल लॉन्च के हिस्से के तौर पर की गई। इस खास तौर पर बनाए गए डिस्ट्रिक्ट में गोल्ड, ज्वेलरी, परफ्यूमरी, कॉस्मेटिक्स और लाइफस्टाइल कैटेगरी में 1,000 से ज्यादा रिटेल शॉप्स शामिल होंगी। भारतीय रिटेलर भी होंगे शामिल रिटेलर्स में जवहारा ज्वेलरी, मालाबार गोल्ड एंड डायमंड्स, अल रोमाइजन और तनिष्क ज्वेलरी शामिल होंगे, और जोयलुक्कास ने 24,000 स्क्वायर फुट के अपने सबसे बड़े फ्लैगशिप स्टोर की योजना की घोषणा की है, जो मिडिल ईस्ट में उसका सबसे बड़ा स्टोर होगा। यहां पर छह होटल में 1,000 से ज्यादा गेस्ट रूम भी बनाए जाएंगे, जिससे अंतरराष्ट्रीय मेहमानों, खरीदारों और ट्रेड पार्टनर्स को आसानी से आने-जाने की सुविधा मिलेगी। कहां होगी ये स्ट्रीट? गोल्ड से तैयार होने वाली स्ट्रीट दुबई के डेरा इलाके में होगी। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार दुबई डिपार्टमेंट ऑफ इकॉनमी एंड टूरिज्म (DET) के अंडर आने वाले दुबई फेस्टिवल्स एंड रिटेल एस्टैब्लिशमेंट (DFRE) के CEO अहमद अल खाजा के मुताबिक, “सोना दुबई की सांस्कृतिक और कमर्शियल पहचान का एक अहम हिस्सा है, जो हमारी विरासत, समृद्धि और एंटरप्राइज की स्थायी भावना का प्रतीक है।” खाजा ने कहा है कि इस खास जगह के जरिए, हम न सिर्फ उस विरासत का जश्न मनाएंगे, बल्कि क्रिएटिविटी और सस्टेनेबिलिटी से बने एक नए युग के लिए इसे फिर से नया रूप भी देंगे। घूमने, रहने और काम करने के लिए बेस्ट खाजा के अनुसार, “जैसे-जैसे हम अपने टूरिज्म और रिटेल सेक्टर को डाइवर्सिफाई कर रहे हैं, दुबई गोल्ड डिस्ट्रिक्ट इंटरनेशनल विजिटर्स को आकर्षित करने, इन्वेस्टमेंट लाने और दुनिया के सबसे अच्छे शहर के तौर पर हमारी पहचान को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाएगा, जहाँ घूमने, रहने और काम करने के लिए सबसे अच्छी जगह है।”

खेल महाकुंभ बना मेगा शो: रविंद्र जडेजा–शिवराज सिंह की एंट्री, रोमांचक मुकाबलों के लिए तैयार हजारों दर्शक

रायसेन मध्य प्रदेश के रायसेन में खेल बार भव्य ‘सांसद खेल महोत्सव’ का आयोजन किया जा रहा है। जिसकी शुरूआत 1 फरवरी से हो चुकी है। इस खेल महाकुंभ में 600 खिलाड़ी हिस्सा लेंगे। कार्यक्रम में केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान और भारतीय टीम से स्टार ऑलराउंडर रवींद्र जडेजा मुख्य अतिथि होंगे। ग्राउंड में लगभग 10 हजार से दर्शकों के पहुंचने की उम्मीद है। प्राप्त जानकारी अनुसार, 2 फरवरी को दोपहर तीन बजे भोपाल से रवींद्र जडेजा का काफिला गोपालपुर से रायसेन पहुंचेगा। स्टेडियम में बनाए गए 8 अस्थायी स्टैंड दर्शकों के बैठने की सुविधा के लिए 8 अस्थायी स्टैंड बनाए गए हैं। हर स्टैंड में 5 कतारें हैं। एक स्टैंड में लगभग 250 दर्शकों के बैठने की व्यवस्था बनाई गई है। साथ ही मैदान के अलग-अलग दिशाओं में स्टैंड बनाए गए हैं। जिसमें दर्शक आराम से बैठकर मैच देख सकेंगे। वीवीआईपी के लिए अलग व्यवस्था स्टेडियम की उत्तर दिशा में एक मुख्य डोम तैयार किया गया है। जिसके दोनों ओर दो छोटे-छोटे डोम बनाए गए हैं। जिसमें मुख्य अतिथि और वीवीआईपी लोगों के व्यवस्था रहेगी।   428 खिलाड़ी पहुंचे आज खेल महाकुंभ में बतौर मुख्य अतिथि में केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के पुत्र कार्तिकेय चौहान ने शिरकत की और खिलाड़ियों के उत्साहवर्धन करते हुए क्रिकेट खेला। इस दौरान विदिशा संसदीय क्षेत्र के आठों विधानसभा की टीमों के 428 खिलाड़ी पहुंचे। इस शिवराज के पुत्र कार्तिकेय चौहान भी मौजूद थे। उन्होंने बताया कि समापन समारोह में भारतीय क्रिकेट के स्टार ऑलराउंडर रवींद्र जडेजा बतौर मुख्य अतिथि होंगे। खेल महाकुंभ के आगाज के दौरान क्षेत्रीय विधायक प्रभु राम चौधरी, भाजपा जिलाध्यक्ष राकेश शर्मा, विदिशा विधायक मुकेश टंडन समेत कई अन्य स्थानीय नेता शामिल हुए।

सर्विस लेन पर अव्यवस्था: भारी वाहन खड़े होने से सड़क पर ट्रैफिक जाम

धौलपुर  शहर में राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या44 पर दोनों तरफ सर्विस लेन की हालत खराब है। ग्वालियर और आगरा रोड की सर्विस लेन पर सुबह से ही भारी वाहन आकर खड़े हो जाते हैं। यह वाहन दिनभर यहां सर्विस लेन पर खड़े रहते हैं जिससे यातायात बाधित रहता है और हादसे का खतरा बना रहता है। यहां गुलाब बाग चौराहे से वाटरवक्र्स की तरफ की जा रही सर्विस लेन पर इन दिनों खासा ट्रेफिक है। वाटरवक्र्स चौराहे पर हाइवे क्रॉसिंग को बंद करने से सामने की तरफ से लांग साइड से वाहन आने से और समस्या खड़ी हो गई है। रही सही कसर यहां सर्विस लेन पर खड़े हो रहे भारी वाहनों ने कर रखी है। जिससे यहां पर जाम की स्थिति बन रही है। शुरुआत में इन वाहनों को हटाया गया लेकिन फिर से जस की तस स्थिति बनी हुई है। ग्वालियर रोड की सर्विस लेन की स्थिति अधिक खराब है। गुलाब बाग चौराहे से वाटरवक्र्स चौराहे के बीच भारी वाहन खड़े रहते हैं। यहां पर मिस्त्रियों की दुकानें हैं और वाहन यहां दिनभर खड़े रहते हैं। जिससे सर्विस लेन पर जगह कम पड़ जाती है। मिस्त्रियों की दुकानें हाइवे की सर्विस लेन किनारे बनी हुई हैं। यहां दुकानों होने से साइड से गुजर रहे नाली की भी सफाई नहीं हो पाती है। इसी तरह आगे वाटरवक्र्स चौराहे से सागरपाडा तक अनाधिकृत रूप से कब्जा बना हुआ है। आगे की तरफ तो सर्विस लेन पर गड्ढे हो रहे हैं। जिससे निकलना भी दूभर हो रहा है। शहर में कृषि उपज मंडी, चोपड़ा मंदिर कट और आगे राजाखेड़ा बाइपास की तरफ हालात खराब है। यहां पर वाहन रेंग रेंग कर आगे निकल पा रहे हैं। वहीं, केन्द्रीय बस स्टैंड की तरफ भी अव्यवस्था है। यहां आरएसी लाइन से बस स्टैंड तक दुपहिया वाहन चालक मुश्किल से २० किमी प्रति किलोमीटर से भी कम रफ्तार में चल पा रहा है। शहर के सबसे व्यस्त चौराहा गुलाब बाग का भी हाल बेहाल है। यहां जगदीश तिराहे से चौराहे की तरफ आने वाले ट्रेफिक रेंगता हुआ बढ़ता है। चौराहे के पास अनाधिकृत रूप से पार्किंग हो रही है। गत दिनों सफाई के लिए नगर परिषद ने दुकानों के सामने से अतिक्रमण हटाया और सफाई की। जिसके बाद फिर से नाले पर ही कब्जा कर लिया। दुकानों की पार्किंग भी सडक़ पर हो रही है। जिससे जाम की स्थिति बन रही है।  

MP HC का बड़ा आदेश: सरकारी दफ्तरों में अब खुद सुलझेंगे कर्मचारियों के सर्विस विवाद, सीधे लाभ में आएंगे 6 लाख कर्मचारी

इंदौर मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने सरकारी कर्मचारियों के सेवा संबंधी विवादों (Service Matters) को लेकर राज्य सरकार को एक बेहद अहम और कड़ा सुझाव दिया है। कोर्ट ने स्पष्ट रूप से कहा है कि ट्रांसफर, प्रमोशन, इंक्रीमेंट और वरिष्ठता जैसे छोटे-छोटे मामलों के लिए कर्मचारियों को अदालत आने की मजबूरी नहीं होनी चाहिए। जस्टिस विनय सराफ की एकल पीठ ने सरकार को ‘इन-हाउस डिस्प्यूट रिसोल्यूशन सिस्टम’ (विवाद समाधान प्रणाली) विकसित करने के निर्देश दिए हैं। चीफ सेक्रेटरी को आदेश: 50 हजार मामलों का बोझ होगा कम हाई कोर्ट में वर्तमान में कर्मचारियों से जुड़े 50,000 से अधिक मामले लंबित हैं। जस्टिस सराफ ने मंडला के वन रक्षकों की वरिष्ठता से जुड़ी एक याचिका पर सुनवाई करते हुए इस आदेश की प्रति मुख्य सचिव (Chief Secretary) को भेजने के निर्देश दिए हैं।     याचिकाकर्ता 30 दिन के भीतर सक्षम अधिकारी को अपना आवेदन दें।     सरकार और संबंधित विभाग इस पर 45 दिन के भीतर अनिवार्य रूप से फैसला लें। 6 लाख कर्मचारियों के लिए ‘राहत’ का फॉर्मूला यदि सरकार इस सुझाव पर अमल करती है, तो प्रदेश के करीब 6 लाख नियमित अधिकारी-कर्मचारियों को इसका सीधा लाभ मिलेगा। कोर्ट के सुझाव के मुख्य बिंदु इस प्रकार हैं…     डेजिग्नेटेड ऑफिसर: हर विभाग में एक नामित अधिकारी हो जो विवादों को सुने।     निष्पक्षता: पारदर्शिता के लिए जरूरत पड़ने पर रिटायर्ड जिला जजों की सेवाएं भी ली जा सकती हैं।     बचत: इससे न केवल अदालतों का बोझ कम होगा, बल्कि सरकार और कर्मचारियों का समय व पैसा भी बचेगा। ‘अदालतों में आ गई है सर्विस मामलों की बाढ़’ सुनवाई के दौरान जस्टिस सराफ ने चिंता जताते हुए कहा कि हाई कोर्ट में इन दिनों सर्विस मामलों की बाढ़ आ गई है। उन्होंने कहा, “अधिकारियों और कर्मचारियों के बीच सीधे संवाद की कमी के कारण छोटे-छोटे विवाद भी कोर्ट तक पहुंच रहे हैं। यह सरकार पर अनावश्यक आर्थिक बोझ बढ़ाता है और कर्मचारियों को मानसिक पीड़ा देता है।” कोर्ट का मानना है कि आपसी संवाद और विभागीय स्तर पर सशक्त प्रणाली से अधिकांश केसों का समाधान बिना मुकदमेबाजी के संभव है।

मतदाता डेटा में चौंकाने वाली विसंगतियाँ: कभी पिता से छोटा बेटा, कभी 6 संतानों का रिकॉर्ड!

भोपाल मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में मतदाता सूची के पुनरीक्षण (SIR) अभियान के दौरान डेटा में ऐसी विसंगतियां सामने आई हैं, जिन्होंने निर्वाचन आयोग और जिला प्रशासन के होश उड़ा दिए हैं। जिले में करीब 7 लाख मतदाताओं के डिजिटल रिकॉर्ड में तार्किक त्रुटियां (Logical Errors) पाई गई हैं। इनमें सबसे चौंकाने वाले मामले वे हैं जहां तकनीकी गड़बड़ी के कारण माता-पिता की उम्र उनकी संतान से भी कम दर्ज हो गई है। डेटा में मिलीं ये 6 बड़ी विसंगतियां बीएलओ (BLO) एप के जरिए की गई छंटनी में भोपाल और मध्यप्रदेश स्तर पर लाखों गड़बड़ियां पकड़ी गई हैं:     उम्र का गणित फेल: भोपाल में 1.19 लाख और प्रदेश में 39 लाख ऐसे मतदाता मिले हैं, जिनकी उम्र उनके माता-पिता से महज 15 साल कम या उससे भी कम दर्ज है।     असंभव आयु अंतर: करीब 18 हजार मामलों में माता-पिता की उम्र मतदाता से 50 साल से भी ज्यादा बड़ी दिखाई गई है।     रिश्तों में उलझन: दादा-दादी की उम्र पोते-पोतियों से 40 साल कम दर्ज होने के 15 हजार से ज्यादा मामले भोपाल में मिले हैं।     संतानों का रिकॉर्ड: जिले के 46 हजार मतदाताओं के रिकॉर्ड में 6 या उससे अधिक संतानें दर्ज पाई गई हैं।     नाम और जेंडर: पिता के नाम में मिसमैच और जेंडर की गड़बड़ी के भी लाखों मामले सामने आए हैं। क्यों हुई इतनी बड़ी गड़बड़ी? डिजिटलाइजेशन के दौरान पुराने रिकॉर्ड को नए सॉफ्टवेयर से जोड़ने पर ये चार प्रमुख कारण सामने आए हैं:     शॉर्ट नाम का उपयोग: पुराने रिकॉर्ड में ‘डीके’ लिखा था, जिसे सॉफ्टवेयर ने नए नाम ‘देवेंद्र कुमार’ से मैच नहीं किया।     उपनाम (सरनेम) का छूटना: सरनेम न होने पर एप ने उसे अलग व्यक्ति मानकर सूची से बाहर कर दिया।     लिंक की समस्या: एक मामले में पिता ने बेटों का लिंक खुद से और बेटियों का लिंक दादा के रिकॉर्ड से जोड़ दिया, जिससे डेटा मिसमैच हो गया।     अधूरा डेटा: पिता या माता का नाम गलत टाइप होने से सॉफ्टवेयर ने रिकॉर्ड रिजेक्ट कर दिया। अब क्या होगा? 14 फरवरी तक का अल्टीमेटम     इन विसंगतियों के कारण चुनाव आयोग को डेटा जमा करने की समय-सीमा कई बार बढ़ानी पड़ी है। अब भोपाल कलेक्टर ने 14 फरवरी तक सभी त्रुटियों को सुधारने का लक्ष्य दिया है।     2 लाख मतदाताओं को नोटिस: जिले के 181 सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों (AERO) को जिम्मेदारी सौंपी गई है। शेष बचे 2 लाख मतदाताओं को नोटिस देकर सुनवाई के लिए बुलाया जा रहा है।     घर बैठे सुधार: यदि बीएलओ आपके घर आता है और मौके पर ही दस्तावेजों के आधार पर सुधार हो जाता है, तो आपको दफ्तर जाने की जरूरत नहीं होगी।

मिडिल ऑर्डर की टेंशन खत्म? T20 WC से पहले तिलक वर्मा को मिलेंगे दो प्रैक्टिस मैच

मुंबई भारत के बल्लेबाज तिलक वर्मा को बीसीसीआई के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (COE) से खेलने की मंजूरी मिल गई है और वह 2026 टी20 विश्व कप से पहले दो अभ्यास मैच खेलेंगे। जनवरी की शुरुआत में रणजी ट्रॉफ़ी के दौरान लगी चोट के बाद अंडकोष की सर्ज़री कराने के चलते वे लगभग एक महीने से मैदान से बाहर थे। तिलक पहले 2 फरवरी को नवी मुंबई के डीवाई पाटिल स्टेडियम में अमेरिका के ख़लिाफ इंडिया ए टीम की ओर से खेलेंगे और इसके बाद 4 फरवरी को दक्षिण अफ़्रीका के ख़लिाफ भारत के अभ्यास मैच में हिस्सा लेंगे। भारत का 2026 टी20 विश्व कप में पहला मैच 7 फ़रवरी को मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में अमेरिका के खिलाफ है। तिलक न्यूजीलैंड के खिलाफ टी20 सीरीज में नहीं खेल पाए और उनकी गैरमौज़ूदगी में भारत ने लगभग सभी मैचों में नंबर तीन पर इशान किशन को खिलाया। सर्जरी के बाद तिलक COE में रिकवरी कर रहे थे और BCCI के एक बयान में 26 जनवरी को कहा गया था कि वे अपनी रिहैबिलिटेशन में लगातार प्रगति कर रहे हैं। ऑलराउंडर वॉशिंगटन सुंदर भी इस सीरीज से बाहर रहे और आने वाले दिनों में उनका फिटनेस टेस्ट होने की उम्मीद है। रियान पराग कंधे की चोट के कारण लगभग दो महीने से नहीं खेले हैं और वे भी टी20 विश्व कप से पहले इंडिया ए के दो अभ्यास मैच खेलेंगे। इनमें से दूसरा मैच 6 फरवरी को बेंगलुरु स्थित सीओई में नामीबिया के ख़लिाफ होगा। भारत 2026 टी20 विश्व कप में ग्रुप ए में है और 7 फरवरी को मुंबई में अमेरिका, 12 फरवरी को दिल्ली में नामीबिया, 15 फरवरी को कोलंबो में पाकिस्तान और 18 फरवरी को अहमदाबाद में नीदरलैंड्स के ख़लिाफ उनका मुकाबला है।  

एमपी का बड़ा कदम, 300 एकड़ में होगा अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट का निर्माण

उज्जैन मध्यप्रदेश की धार्मिक नगरी उज्जैन में अब इंटरनेशनल लेवल का एयरपोर्ट बनेगा। अभी तक यहां पर एटीआर 72 सीटर विमान के हिसाब से निर्माण की तैयारी चल रही थी, लेकिन जिला प्रशासन के द्वारा शासन को रिवाइज प्रस्ताव भेजा है। जिसे अगर स्वीकृति मिलती है तो जल्द काम शुरू किया जा सकेगा। इस एयरपोर्ट को सिंहस्थ के पहले शुरू करने की तैयारी है। दरअसल, उज्जैन-देवास मार्ग पर स्थित दताना-मताना की हवाई पट्टी को सरकार एयरपोर्ट की तर्ज पर निर्माण कर रही है। साल 2025 को 1 नवंबर को मध्यप्रदेश के स्थापना दिवस पर मध्यप्रदेश सरकार और एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के बीच एयरपोर्ट निर्माण के लिए एमओयू साइन हुए थे। इसके बाद निर्माण प्रक्रिया में तेजी आई। जिसके बाद मिट्टी का परीक्षण किया गया। तब एटीआर-72 श्रेणी के विमानों के संचालन के प्रंबधन के हिसाब से निर्माण की योजना था, लेकिन इसे अब नया विस्तार दिया जाएगा। शासन क द्वारा बोइंग सी-20 के संचालन का प्रस्ताव भेजा गया है। सिंहस्थ के चलते अंतरराष्ट्रीय स्तर का एयरपोर्ट बनाने की तैयारी सिंहस्थ-2028 को देखते हुए एयरपोर्ट का विस्तार करने की योजना है। जिससे आने वाले समय से इस क्षेत्र को व्यावसायिक स्तर पर भी फायदा होगा। अंतरराष्ट्रीय स्तर का एयरपोर्ट बनने के बाद इंदौर से निर्भरता खत्म होगी। अधिग्रहण में होगा बदलाव वर्तमान में उज्जैन एयरपोर्ट के लिए 241 एकड़ जमीन की जरूरत थी। जिसका दायरा बढ़ाकर अब 300 से अधिक किया जा सकता है। वहीं, पहले रनवे 1800 मीटर में बनाने की योजना थी। अब इसे 3600 मीटर तक विस्तारित किया जाएगा। रनवे को मिलाकर कुल 4100 मीटर जमीन चाहिए। केंद्र सरकार की ओर से 45 करोड़ रूपये की प्रारंभिक राशि स्वीकृत की गई थी। इस लागत को बढ़ाया जा सकता है।

अब इलाज के लिए नहीं करनी पड़ेगी लंबी यात्रा, 184 करोड़ से होंगे अस्पतालों का नवीनीकरण

ग्वालियर स्वास्थ्य व्यवस्था को आधुनिक, सुदृढ़ और मरीज-केंद्रित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। स्वास्थ्य विभाग ने लगभग 184 करोड़ रुपए के प्रस्ताव को मंजूरी के लिए भोपाल भेज दिया है। यह प्रस्ताव वर्ष 2026-27 के एन्युअल प्लान के अंतर्गत तैयार किया गया है, जिसके लागू होने से शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों के मरीजों को उन्नत सुविधाएं उपलब्ध होंगी। इससे गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए बाहर के शहरों दिल्ली-मुबंई की यात्रा काफी हद तक कम हो जाएगी। डिजिटल क्रांति से बढ़ेगी पारदर्शिता और दक्षता प्रस्ताव में डिजिटल गवर्नेंस को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। जिला अस्पताल सहित प्रमुख स्वास्थ्य संस्थानों में अत्याधुनिक कंम्प्यूटर लैब स्थापित की जाएंगी। मरीजों का पंजीकरण, इलाज का रिकॉर्ड, रिपोर्टिंग और रेफरल सिस्टम पूरी तरह डिजिटल हो जाएगा। इससे समय की बचत के साथ पारदर्शिता बढ़ेगी।   डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों को तकनीक- आधारित प्रशिक्षण भी मिलेगा। सीएमएचओ कार्यालय में 20 कंम्प्यूटरों वाली विशेष कंम्प्यूटर लैब बनाई जाएगी, जहां स्वास्थ्य कार्यक्रमों की रियल-टाइम मॉनिटरिंग और डेटा एंट्री होगी। जननी सुरक्षा योजना और प्रसूता सहायता जैसी योजनाओं के भुगतान में गति और पारदर्शिता आएगी। बुनियादी ढांचे का मजबूत उन्नयन प्रस्ताव में अस्पतालों के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने पर भी जोर है। आधुनिक चिकित्सा उपकरणों की उपलब्धता, वार्डों का विस्तार, साफ-सफाई व्यवस्था में सुधार और मरीजों की अन्य सुविधाएं सुनिश्चित की जाएंगी। डॉ. सचिन श्रीवास्तव, सीएमएचओ, ग्वालियर ने बताया कि यह प्रस्ताव स्वास्थ्य सेवाओं के समग्र सुधार के लिए तैयार किया गया है। स्वीकृति मिलते ही कार्य शुरू हो जाएगा, जिससे जिले की स्वास्थ्य तस्वीर पूरी तरह बदल जाएगी।   नए एनआरसी केंद्र स्थापित होंगे जिले में कुपोषण की समस्या से निपटने के लिए विशेष फोकस किया गया है। भितरवार और बरई में दो नए पोषण पुनर्वास केंद्र (एनआरसी) स्थापित करने का प्रस्ताव शामिल है। इन केंद्रों में कुपोषित बच्चों को विशेषज्ञ देखरेख, पोषण आहार और उचित इलाज मिलेगा। यह पहल ग्रामीण एवं पिछड़े इलाकों के लिए विशेष रूप से लाभदायक साबित होगी।

MP कॉलेजों में परीक्षा सुरक्षा बढ़ेगी, CCTV न होने पर शिक्षण संस्थानों को चेतावनी

भोपाल मध्य प्रदेश उच्च शिक्षा विभाग ने प्रदेशभर के सरकारी और निजी कॉलेजों में होने वाली बी.कॉम, बी.एससी, एम.कॉम और एम.एससी की परीक्षाएं सीसीटीवी की निगरानी में कराने के निर्देश दिए हैं। जिससे नकल और अनियमितताओं पर रोक लग सके। विभाग के इस फैसले ने कॉलेज प्रशासन की मुश्किलें बढ़ा दी है, क्योंकि प्रदेश के 70 फीसद कॉलेजों में सीसीटीवी लगे ही नहीं है, जबकि फरवरी से परीक्षाएं शुरू होनी है। ऐसे में सीसीटीवी में परीक्षाएं कराने की संभावना कम ही है। बीयू ने भी संबंध कॉलेजों में सीसीटीवी की निगरानी में परीक्षा कराने के निर्देश दिए थे, लेकिन अभी तक कहीं भी व्यवस्था नहीं है।   राजधानी के कॉलेजों का हाल राजधानी में 13 पारंपरिक सरकारी कॉलेज है। इसके अलावा 50 से अधिक निजी कॉलेज भी हैं। इनमें से कई सरकारी कॉलेजों में सीमित संख्या में कैमरे लगे हैं, जो केवल मुख्य प्रवेश द्वार या कार्यालय तक ही सीमित है। वहीं, निजी प्राइवेट कॉलेजों में सीसीटीवी की व्यवस्था नहीं है। बता दें कि उच्च शिक्षा विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, 1300 से अधिक सरकारी एवं निजी कॉलेज में 14 लाख से अधिक स्नातक और स्नातकोत्तर के विद्यार्थी पढ़ते हैं। कॉलेज प्रबंधन का तर्क है कि जल्द ही सीसीटीवी की व्यवस्था की जाएगी। सीसीटीवी की करनी होगी व्यवस्था उच्च शिक्षा विभाग का मानना है कि सीसीटीवी निगरानी से परीक्षा प्रक्रिया पारदर्शी होगी और विद्यार्थियों में अनुशासन बढ़ेगा। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि कालेजों को जल्द कैमरे लगाने के निर्देश निर्देश दिए गए है और इसकी निगरानी भी की जाएगी।

चंबल का सर्वे कराएगी सरकार, घड़ियालों के घोंसलों को संरक्षण का संदेश

भोपाल राष्ट्रीय चंबल अभयारण्य में गंभीर रूप से संकटग्रस्त घड़ियालों के घोंसलों की सुरक्षा और उनकी संख्या बढ़ाने के लिए राज्य सरकार चंबल नदी का विशेष सर्वेक्षण शुरू करने जा रही है। चंबल नदी में 2,462 घड़ियाल हैं और कई दुर्लभ प्रजातियों के कछुए भी पाए जाते हैं। घड़ियालों के घोंसलों को संरक्षित करने के लिए वन विभाग फरवरी से चंबल नदी में सर्वे शुरु कराएगा। नदी की बाढ़ के कारण केवल तीन प्रतिशत बच्चे जीवित बच पाते हैं, जिसे देखते हुए यह सर्वे बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।   घड़ियाल भी अंडे देने के लिए घोंसला बनाते हैं बता दें कि घड़ियाल भी अंडे देने के लिए घोंसला बनाते हैं। इसके लिए वह नदी के किनारे रेत में गहरा गड्डा खोदते हैं। खनन और अन्य मानवीय गतिविधियों से घड़ियालों के घोंसलों को हमेशा खतरा बना रहता है। नदी में बाढ़ आने पर भी घोंसले नष्ट हो जाते हैं। इनकी रक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता में रखते हुए वन विभाग सर्वेक्षण का कार्य करेगा। चंबल में व्यापक शोध और निगरानी कार्य हो रहा है इसमें घड़ियालों की नए सिरे से गणना के साथ उनके घोंसलों को चिह्नित कर उनकी रक्षा सुनिश्चित की जाएगी। इसके लिए नमामि गंगे परियोजना के तहत चंबल में व्यापक शोध और निगरानी कार्य हो रहा है। चंबल नदी में डॉल्फिन भी हैं। इनके संरक्षण पर भी विशेष ध्यान देने के लिए कार्ययोजना बनाई जा रही है। मुख्य वन्यप्राणी अभिरक्षक सुभरंजन सेन ने बताया कि नमामि गंगे परियोजना के तहत चंबल में व्यापक शोध और निगरानी कार्य जारी है। त्रिराज्यीय निगम बनाने का भी प्रयास त्रिराज्यीय निगम बनाने का भी प्रयास है ताकि पड़ोसी राज्यों के साथ मिलकर घड़ियालों का संरक्षण किया जा सके। घड़ियालों की नेस्टिंग साइट को संरक्षित करने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। चंबल नदी के तटीय इलाकों में सर्वेक्षण कर घड़ियालों के घोंसलों को चिह्नित किया जाएगा, ताकि उन्हें संरक्षित किया जा सके।   चंबल नदी दुनिया के 80 % से अधिक घड़ियालों का घर घड़ियालों के बच्चों की सुरक्षा के लिए प्रतिवर्ष लगभग 200 अंडे एकत्र कर देवरी पुनर्वास केंद्र में लाए जाते हैं, जहां उन्हें तीन साल तक सुरक्षित पालने के बाद नदी में छोड़ दिया जाता है। चंबल नदी दुनिया के 80 प्रतिशत से अधिक वयस्क घड़ियालों का घर है। सरकार ने घड़ियालों की घटती संख्या को देखते हुए 10 नए घड़ियाल भी हाल ही में छोड़े हैं और नई घड़ियाल संरक्षण परियोजना शुरू करने की तैयारी की जा रही है।

टेक्नोलॉजी ने बदल दिया पुलिसकर्मियों का दिन, छुट्टी होगी बस एक क्लिक में

भोपाल प्रदेश के एक लाख से अधिक पुलिसकर्मियों के लिए अच्छी खबर है। छुट्टी और डेपुटेशन आदि के लिए अब उन्हें आवेदन लेकर नहीं घूमना होगा, ह्यूमन रिसोर्स मैनेजमेंट इन्फॉरमेशन सिस्टम (एचआरएमआइएस) के माध्यम से वह कहीं से भी ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। इसकी प्रगति देख सकेंगे। इसके लिए पुलिस मुख्यालय ने एचआरएमआइएस बनाया है, जिसके पहले चरण का काम इस माह पूरा हो जाएगा। इसमें उनकी सेवा पुस्तिका भी स्कैन करके ऑनलाइन की जा रही है। इसके कई मॉड्यूल हैं। इसमें पुलिसकर्मियों को कई सुविधाएं हो जाएंगी। जैसे वे अपनी सालाना गोपनीय रिपोर्ट ऑनलाइन देख सकेंगे। बता दें कि इसके पहले पुलिस में वर्ष 2015 से पर्सनल इन्फॉर्मेशन सिस्टम (पीआईएस) चलता था, लेकिन इसे अपडेट नहीं किया गया। नई आवश्यकताओं की दृष्टि से तकनीकी तौर पर बहुत अच्छा साबित नहीं हो रहा था, जिससे बंद कर दिया गया।   पीआईएस की कमियों को किया गया दूर इस कारण उसकी जगह एचआरएमआईएस लाया गया है। पीआईएस में जो कमियां थीं, उन्हें इसमें दूर किया है। पुलिस मुख्यालय के अधिकारियों ने बताया कि अभी तक एक लाख से अधिक पुलिसकर्मियों का रिकॉर्ड पोर्टल पर अपलोड किया जा चुका है। लगभग दो लाख का शेष है। सर्विस रिकॉर्ड में वह अपने पुरस्कार, सजा, ली गईं और बकाया छुट्टियों का विवरण ऑनलाइन देख सकेंगे। बता दें स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा सहित कई विभागों में पहले से ही एचआरएमआईएस लागू है। कर्मचारियों की उपस्थिति को भी इससे जोड़ा गया है। पुलिस के अधिकारी-कर्मचारियों में लगभग 70 हजार मैदानी पदस्थापना वाले हैं। उनके लिए एचआरएमआईएस से बड़ी सुविधा हो जाएगी।

2 फरवरी आज का राशिफल : करियर, धन और प्रेम जीवन पर ग्रहों का क्या असर पड़ेगा?

मेष – आज मेष राशि वालों के लिए दिन थोड़ा अस्थिर रह सकता है। काम की जिम्मेदारियां बढ़ेंगी, जिससे मन और शरीर दोनों थके हुए महसूस कर सकते हैं। किसी भी बात पर तुरंत प्रतिक्रिया देने से बचें, वरना मामला उलझ सकता है। आर्थिक स्थिति संतुलित रहेगी, लेकिन फालतू खर्च जेब पर असर डाल सकता है। घर-परिवार का साथ मिलेगा और किसी अपने से खुलकर बात करने से राहत मिलेगी। सेहत ठीक रहेगी, बस आराम को नजरअंदाज न करें। वृषभ – वृषभ राशि वालों के लिए आज संयम और समझदारी से आगे बढ़ने का दिन है। दफ्तर में आपकी मेहनत रंग ला सकती है और अधिकारियों का भरोसा मजबूत होगा। रिश्तों में खुलकर बातचीत करने से नजदीकियां बढ़ेंगी। पैसों से जुड़ा कोई सही फैसला ले सकते हैं, खासकर भविष्य की योजना को लेकर। पारिवारिक माहौल सुकून भरा रहेगा। सेहत सामान्य रहेगी, लेकिन खाने-पीने में लापरवाही न करें। मिथुन – मिथुन राशि वालों को आज हर कदम सोच-समझकर रखने की जरूरत है। काम को लेकर दबाव बना रह सकता है और किसी निर्णय को लेकर उलझन रहेगी। रिश्तों में छोटी बातों पर तनाव हो सकता है, लेकिन बातचीत से सब संभल जाएगा। खर्च बढ़ने के संकेत हैं, इसलिए बजट पर नजर रखें। सेहत ठीक रहेगी, पर मानसिक थकान महसूस हो सकती है। कर्क – कर्क राशि वालों का दिन भावनाओं से भरा रह सकता है। परिवार या निजी रिश्तों से जुड़ी बातें मन को प्रभावित करेंगी। कार्यस्थल पर जिम्मेदारी बढ़ेगी, लेकिन आप अपनी समझदारी से स्थिति संभाल लेंगे। पैसों को लेकर स्थिरता बनी रहेगी। सेहत सामान्य रहेगी, हालांकि नींद पूरी न होने से थकावट महसूस हो सकती है। सिंह – सिंह राशि वालों के लिए आज का दिन आत्मविश्वास बढ़ाने वाला है। कामकाज में आपकी राय को महत्व मिलेगा और सराहना भी हो सकती है। प्रेम संबंधों में मिठास बनी रहेगी और पार्टनर का साथ मिलेगा। आर्थिक स्थिति मजबूत रहेगी और कोई अटका हुआ काम आगे बढ़ सकता है। सेहत अच्छी रहेगी, बस खानपान पर ध्यान रखें। कन्या – कन्या राशि वालों के लिए आज दिन भागदौड़ भरा हो सकता है। काम में छोटी-छोटी बातों पर ध्यान देना जरूरी होगा, वरना गलती की संभावना है। रिश्तों में जरूरत से ज्यादा सोचने से बचें और बातों को सरल रखें। खर्च बढ़ सकता है, इसलिए गैर-जरूरी खरीदारी टालें। सेहत को लेकर सतर्क रहें, खासतौर पर पेट से जुड़ी परेशानी हो सकती है। तुला – तुला राशि वालों के लिए आज संतुलन बनाए रखना सबसे जरूरी रहेगा। काम और निजी जीवन दोनों में समझदारी से फैसले लेने होंगे। दफ्तर में किसी अहम निर्णय को कुछ समय के लिए टालना सही रहेगा। पैसों से जुड़ा बड़ा कदम उठाने से पहले सोच-विचार करें। मानसिक दबाव महसूस हो सकता है, इसलिए खुद को थोड़ा समय दें। सेहत सामान्य रहेगी। वृश्चिक – वृश्चिक राशि वालों का दिन थोड़ा उतार-चढ़ाव भरा रह सकता है। काम में धैर्य रखें और किसी से बहस में पड़ने से बचें। रिश्तों में साफगोई और भरोसा जरूरी रहेगा। खर्च करते समय सावधानी बरतें। सेहत ठीक रहेगी, लेकिन तनाव से दूरी बनाना आपके लिए फायदेमंद होगा। धनु – धनु राशि वालों के लिए दिन उम्मीदों से भरा रहेगा। करियर में नए अवसर मिल सकते हैं या कोई अच्छी खबर सुनने को मिल सकती है। प्रेम जीवन में खुशी और अपनापन महसूस होगा। आर्थिक रूप से दिन मजबूत है और पुराने प्रयासों का सकारात्मक नतीजा मिल सकता है। सेहत अच्छी रहेगी और मन उत्साह से भरा रहेगा। मकर – मकर राशि वालों को मेहनत कुछ ज्यादा करनी पड़ सकती है। काम का दबाव रहेगा, लेकिन उसका परिणाम संतोषजनक मिलेगा। रिश्तों में दूरी न आए, इसके लिए समय निकालकर बात करें। खर्च बढ़ सकता है, इसलिए पैसों पर नियंत्रण जरूरी होगा। सेहत को लेकर थोड़ी सावधानी बरतें। कुंभ – कुंभ राशि वालों के लिए नए आइडिया और योजनाओं का दिन है। काम में कुछ अलग करने का मौका मिल सकता है। रिश्तों में सहयोग और आपसी समझ बनी रहेगी। आर्थिक स्थिति में सुधार के संकेत मिल रहे हैं। सेहत सामान्य रहेगी और मन हल्का महसूस होगा। मीन – मीन राशि वालों को अपनी भावनाओं पर काबू रखने की जरूरत है। कामकाज में खुद को साबित करने का अवसर मिलेगा। पैसों के मामले में लाभ के योग हैं, लेकिन खर्च पर नजर रखना जरूरी होगा। रिश्तों में संवेदनशीलता बनाए रखें। सेहत ठीक रहेगी, बस लापरवाही से बचें।  

इन्फ्रास्ट्रक्चर से रोजगार तक लाभ ही लाभ: बजट 2026-27 पर LG मनोज सिन्हा का बड़ा बयान

जम्मू डेस्क जम्मू-कश्मीर के उप-राज्यपाल मनोज सिन्हा ने बजट 2026-27 की सराहना करते हुए इसे व्यावहारिक और विकासोन्मुख बताया है। उन्होंने कहा कि यह बजट आर्थिक विकास की रफ्तार को बनाए रखते हुए रोजगार के नए अवसर पैदा करेगा। इससे युवाओं, महिलाओं और किसानों को सशक्त बनाया जाएगा तथा पर्यटन उद्योग में नई जान आएगी। उप-राज्यपाल ने जम्मू-कश्मीर के विकास के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि बजट 2026-27 में आर्थिक विस्तार को प्रोत्साहित करने, इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने और सात प्रमुख सेक्टरों में मैन्युफैक्चरिंग क्षमता बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया है। इससे उभरते उद्योगों को बड़ा लाभ मिलेगा। एल.जी. सिन्हा ने कहा कि इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन (ISM) 2.0 से सेमीकंडक्टर सेक्टर को नई गति मिलेगी। साथ ही, विशेष रेयर अर्थ ज़ोन के माध्यम से भारत की दूसरे देशों पर निर्भरता कम होगी। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, रोजगार सृजन और सेवा क्षेत्र पर ध्यान देने से देश की प्रतिस्पर्धी ताकत और मजबूत होगी। उन्होंने आगे कहा कि बजट 2026-27 भारत को कुछ ही वर्षों में 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने की दिशा में आगे बढ़ाता है और आने वाले दो दशकों से भी कम समय में विकसित देश बनने के विजन को दर्शाता है। मैन्युफैक्चरिंग, इंफ्रास्ट्रक्चर, एमएसएमई, स्वास्थ्य, शहरी विकास, इलेक्ट्रॉनिक्स और सप्लाई चेन जैसे क्षेत्र देश की आर्थिक मजबूती का आधार बनेंगे। उन्होंने विश्वास जताया कि इससे घरेलू उत्पादन बढ़ेगा और बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा होंगे।

‘जनविरोधी बजट’ का आरोप: अखिलेश यादव बोले- सिर्फ चुनिंदा लोगों को फायदा

लखनऊ केंद्रीय बजट पेश होने के बाद शेयर माकेर्ट में आई गिरावट को लेकर समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने मोदी सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि ‘हमने पहले ही कहा था, सवाल यह नहीं है कि बाज़ार कब खुलेगा, सवाल यह है कि और कितना गिरेगा।’ ‘भाजपाई भ्रष्टाचार की अद्दश्य खाता-बहीः अखिलेश अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर पोस्ट करते हुए अखिलेश यादव ने बयान जारी कर कहा कि जब भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार से जनता को कोई उम्मीद नहीं है, तो उसके बजट से भी क्या अपेक्षा की जा सकती है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा का हर बजट ‘1/20 का बजट’ होता है, क्योंकि यह केवल 5 प्रतिशत लोगों के हित में तैयार किया जाता है। उन्होंने कहा कि यह बजट अपने कमीशन और अपने लोगों को सेट करने का दस्तावेज़ है तथा इसे ‘भाजपाई भ्रष्टाचार की अद्दश्य खाता-बही’ बताया। ‘बजट में न आम जनता का जिक्र है और न ही उनकी फिक्र’ सपा अध्यक्ष का कहना है कि इस बजट में न आम जनता का जिक्र है और न ही उनकी फिक्र। महंगाई के मुद्दे पर सरकार को घेरते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि बेतहाशा बढ़ती कीमतों के बावजूद आम लोगों को टैक्स में कोई राहत नहीं दी गई, जो सीधे तौर पर ‘टैक्स-शोषण’ है। वहीं दूसरी ओर अमीरों के कारोबार और घूमने-फिरने पर कई तरह की छूटें दी गईं, जबकि बेकारी और बेरोज़गारी से जूझ रहे युवाओं व आम नागरिकों की उम्मीदों की थाली खाली रह गई। उन्होंने बजट को ‘निराशाजनक और निंदनीय’ बताते हुए कहा कि यह आम आदमी की ज़रूरतों से पूरी तरह कटा हुआ है।

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