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भू-माफियाओं की अब खैर नहीं! रजिस्ट्री से पहले जमीन के मालिकाना हक की होगी पूरी जांच

लखनऊ उत्तर प्रदेश में जमीन और संपत्ति से जुड़े विवादों, धोखाधड़ी और जालसाजी की घटनाओं को रोकने के लिए योगी आदित्यनाथ सरकार का हालिया कैबिनेट फैसला आने वाले समय में बड़ा बदलाव ला सकता है। रजिस्ट्री से पहले भू-संपत्ति के मालिकाना हक और उससे जुड़े दस्तावेजों की अनिवार्य जांच की व्यवस्था लागू होने से जमीन के लेनदेन को अधिक सुरक्षित और पारदर्शी बनाने की दिशा में नई शुरुआत मानी जा रही है। यह फैसला भू-माफियाओं की कमर तोड़ने का भी काम करेगा साथ ही लोगों की मेहनत की कमाई लुटने से बचेगी। जमीन की खरीद-फरोख्त के मामलों में अक्सर कोई न कोई समस्या सामने आती रहती है। रजिस्ट्री होने के बाद खरीदार को पता चलता है कि जमीन विवादित है, उस पर किसी और का दावा है या फिर दस्तावेजों में गड़बड़ी है। ऐसे मामलों में कई बार लोगों को लंबी कानूनी लड़ाई लड़नी पड़ती है और उनकी मेहनत की कमाई दांव पर लग जाती है। नई व्यवस्था लागू होने के बाद रजिस्ट्री से पहले ही कागजात और मालिकाना हक की जांच होने से ऐसे जोखिम काफी हद तक कम हो सकते हैं। प्रॉपर्टी विशेषज्ञ प्रदीप मिश्रा का कहना है कि यह कदम भविष्य में संपत्ति विवादों की संख्या कम करने में अहम भूमिका निभा सकता है। जब रजिस्ट्री से पहले जमीन की स्थिति स्पष्ट हो जाएगी और दस्तावेजों की पुष्टि हो जाएगी, तब फर्जी सौदे, डुप्लीकेट कागजात और धोखाधड़ी की संभावनाएं स्वतः कम हो जाएंगी। इससे जमीन खरीदने वाले लोगों को भरोसे के साथ निवेश करने का माहौल मिलेगा। यह फैसला भू-माफियाओं और अवैध जमीन कारोबार पर भी प्रभावी चोट साबित होगा। लंबे समय से फर्जी दस्तावेजों और कानूनी खामियों का फायदा उठाकर कुछ लोग जमीनों की अवैध खरीद-बिक्री करते रहे हैं। यदि रजिस्ट्री प्रक्रिया में ही कड़ी जांच की व्यवस्था लागू होती है, तो ऐसे तत्वों के लिए जमीन से जुड़े फर्जी सौदे करना बेहद मुश्किल हो जाएगा। इसके साथ ही प्रदेश में रियल एस्टेट सेक्टर के लिए भी यह कदम सकारात्मक माना जा रहा है। जब जमीन से जुड़े लेनदेन अधिक पारदर्शी और सुरक्षित होंगे, तो निवेशकों और खरीदारों का भरोसा बढ़ेगा। इससे शहरी और औद्योगिक विकास की योजनाओं को भी गति मिलने की संभावना है। योगी सरकार पहले से ही भू-माफियाओं के विरुद्ध सख्त कार्रवाई और अवैध कब्जों को हटाने के अभियान पर जोर दे रही है। ऐसे में रजिस्ट्री से पहले दस्तावेजों की जांच की नई व्यवस्था इस अभियान को और मजबूत आधार देने में सक्षम होगी। आने वाले समय में यह पहल आम लोगों को जमीन से जुड़े जोखिमों से बचाने और संपत्ति बाजार को अधिक विश्वसनीय बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव विधायक देवेन्द्र जैन के पुत्र के वैवाहिक कार्यक्रम में शामिल हुए

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शुक्रवार को अल्प प्रवास पर संभाग के शिवपुरी जिला मुख्यालय पहुँचे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शिवपुरी में नक्षत्र गार्डन पहुंचकर विधायक  देवेंद्र जैन के पुत्र सक्षम जैन और वधू आरजू को आशीर्वाद प्रदान किया। नवविवाहित दंपति को वैवाहिक जीवन के लिए शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री  ज्योतिरादित्य सिंधिया भी उनके साथ थे।  

‘खोसला का घोसला 2’ की रिलीज डेट जारी, रक्षा बंधन पर दर्शकों को हंसाएंगे अनुपम खेर-बोमन ईरानी

मुंबई, ‘खोसला का घोसला 2’ 28 अगस्त 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होगा। फिल्म में अनुपम खेर और बोमन ईरानी की वापसी देखने को मिलेगी। यह फिल्म रक्षा बंधन के मौके पर सिनेमाघरों में रिलीज होगी। साल 2006 में रिलीज हुई कल्ट कॉमेडी फिल्म खोसला का घोसला को दर्शकों ने खूब पसंद किया था। अब लगभग 20 साल बाद इस फिल्म का सीक्वल खोसला का घोसला 2 बड़े पर्दे पर दस्तक देने जा रहा है। लंबे समय से इस फिल्म का इंतजार कर रहे फैंस के लिए बड़ी खुशखबरी सामने आई है। मेकर्स ने आखिरकार फिल्म की रिलीज डेट का ऐलान कर दिया है। ट्रेड एनालिस्ट तरन आदर्श ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर फिल्म का पोस्टर शेयर करते हुए बताया कि ‘खोसला का घोसला 2’ इस साल 28 अगस्त 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होगी। खास बात यह है कि यह फिल्म रक्षा बंधन के मौके पर रिलीज की जाएगी, जिससे इसे त्योहार का भी फायदा मिलने की उम्मीद है। पोस्टर के साथ हुई आधिकारिक घोषणा तरण आदर्श द्वारा शेयर किए गए पोस्टर में लिखा था कि कल्ट क्लासिक रिटर्न्स खोसला का घोसला 2, 28 अगस्त 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होगी। इस खबर के सामने आते ही फैंस के बीच उत्साह देखने को मिल रहा है। इस फिल्म का निर्देशन प्रशांत भागिया कर रहे हैं, जबकि इसे भूषण कुमार, कृष्ण कुमार, सविता राज हिरेमठ और राज हिरेमठ मिलकर प्रोड्यूस कर रहे हैं। अनुपम खेर ने शेयर की थी शूटिंग की झलक इस साल जनवरी में अभिनेता अनुपम खेर ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर फिल्म की शूटिंग से जुड़ी कुछ झलकियां साझा की थीं। उन्होंने बताया था कि फिल्म का एक शेड्यूल पूरा हो चुका है और पूरी टीम ने शानदार काम किया है। वीडियो में अनुपम खेर अपने लोकप्रिय किरदार खोसला के अंदाज में नजर आए थे। उनके इस पोस्ट के बाद से ही फैंस में फिल्म को लेकर उत्सुकता और बढ़ गई थी। 2006 की फिल्म बनी थी सुपरहिट गौरतलब है कि 2006 में रिलीज हुई खोसला का घोसला को दिबाकर बनर्जी ने निर्देशित किया था। यह फिल्म अपनी हल्की-फुल्की कहानी और शानदार अभिनय की वजह से दर्शकों की पसंदीदा बन गई थी। फिल्म की कहानी एक मध्यमवर्गीय परिवार और प्रॉपर्टी स्कैम के इर्द-गिर्द घूमती थी, जिसे बेहद मजेदार अंदाज में दिखाया गया था। इसमें अनुपम खेर, बोमन ईरानी, विनय पाठक, रणवीर शौरी, परवीन डबास और तारा शर्मा ने अहम भूमिकाएं निभाई थीं।  

उत्तर प्रदेश भारत का ग्रोथ इंजन बनकर उभरा, यहां की ब्रह्मोस ने पाकिस्तान के आतंकियों के बीच मचाई तबाही

लखनऊ रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने महत्वाकांक्षी ग्रीन कॉरिडोर परियोजना के दूसरे चरण का शुक्रवार को लोकार्पण करते हुए कहा कि इसके लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बधाई के पात्र हैं। मुख्यमंत्री के नेतृत्व में विकास केवल कागज का विषय नहीं रह गया है बल्कि प्रदेशवासियों के जीवन में दिख रहा है। इस परियोजना से लखनऊ के करीब 15 लाख लोगों को आवागमन में आसानी होगी, जाम से छुटकारा मिलेगा। उन्होंने इसके लिए प्रदेश सरकार का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि आईआईएम रोड से आउटर रिंग रोग तक 28 किमी के इस ग्रीन कॉरिडोर को बनाने में लगभग 7000 करोड़ रुपये खर्च हो रहे हैं। इस ग्रीन कॉरिडोर को बनाते समय रास्ते में आने वाले डेढ़ सौ से ज्यादा वृक्षों को काटा नहीं गया बल्कि उन्हें दूसरी जगह पर स्थानांतरित किया गया। यह अपने आप में पर्यारवण की रक्षा के लिए मिसाल है। रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि ग्रीन कॉरिडोर परियोजना में सेना की जमीन का भी उपयोग हुआ है। इस परियोजना में सिविल और रक्षा क्षेत्र दोनों ने मिलकर काम किया है। जमीन आवंटन को लेकर कुछ चुनौतियां थीं जिसे आपसी तालमेल से निबटाया गया। जब सिविल और डिफेंस साथ में मिलकर काम करते हैं तो विकास की रफ्तार कई गुना बढ़ जाती है।   रक्षामंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में लखनऊ की तहजीब के साथ-साथ विकास की चर्चा पूरी दुनिया में हो रही है। विदेश में रहने वाले भारतवंशी जब लखनऊ आते हैं, तो यहां के विकास को देखकर आश्चर्यचकित हो जाते हैं। विदेश में जब भारत के लोगों से मिलता हूं तो वे यहां के विकास की प्रशंसा करते हैं। यूनेस्को ने लखनऊ को ‘क्रिएटिव सिटी ऑफ गैस्ट्रोनॉमी’ का दर्जा दिया है यानि अब यह शहर खान-पान की श्रेणी में भी अव्वल हो गया है। विश्व के समृद्ध खानपान की सूची में लखनऊ को स्थान प्राप्त होना गौरव का विषय है। लखनऊ अब दुनिया की ‘मोस्ट लिवएबल सिटी’ यानि यह दुनिया के उन शहरों में शामिल हो गया है, जहां रहने के लिए सभी अत्याधुनिक सुविधाएं हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में डबल इंजन की सरकार में उत्तर प्रदेश का चेहरा बदल गया है।   रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि योगी जी को बुलडोजर बाबा के नाम से जानते हैं। योगीजी ने माफिया और गुंडों के घरों पर बुलडोजर चलवाकर जमीन मुक्त करवाई और उस पर विकास का कार्य किया है। बुलडोजर केवल तोड़ता नहीं है बल्कि विकास की जमीन भी तैयार करता है। कुछ ही दिनों में 62 किमी का लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेस वे बन जाने से कानपुर का सफर लोग 35 से 45 मिनट में तय कर लेंगे। इस एक्सप्रेस वे के बनने से लखनऊ की इंफ्रास्ट्रक्चर यात्रा में एक नए अध्याय की शुरुआत होगी।  रक्षमंत्री ने कहा कि लखनऊ में अशोक लेलैंड के इलेक्ट्रिक वाहन संयंत्र से हजारों लोगों को रोजगार मिल रहा है। इसकी वजह से पर्यावरण के अनुकूल परिवहन को भी बढ़ावा मिल रहा है। उत्तर प्रदेश में डिफेंस कॉरिडोर की भी स्थापना की गई है। यहां कई सारी डिफेंस फैसिलिटी भी स्थापित की गई है। अब ब्रह्मोस एयरोस्पेस की इंटीग्रेशन और टेस्टिंग फैसिलिटी भी उत्तर प्रदेश में होगी। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान हमने देखा कि कैसे ब्रह्मोस ने पाकिस्तान के आतंकवादी खेमों में तबाही मचा दी थी। यहां की ब्रह्मोस से आंतकवादियों को मुंहतोड़ जवाब दिया गया था। पाकिस्तान के आतंकी अब 10 बार सोचेंगे कि भारत पर आक्रमण करना चाहिए कि नहीं। लखनऊ देश की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने में जो भूमिका निभा रहा है उसको देखकर मुझे गर्व होता है। राष्ट्र की सुरक्षा के लिए लखनऊ अपने यहां से सैनिक और संसाधन भेजता है। आप लोगों ने अपना सांसद भेजा है, जो राष्ट्र की सुरक्षा के लिए कार्य कर रहा है।  रक्षामंत्री ने बताया कि योगी जी पूरे उत्तर प्रदेश में विकास के साथ-साथ स्वच्छता पर भी ध्यान दे रहे हैं। हर घर से कचरा उठाने की व्यवस्था की गई है। लखनऊ स्वच्छता के मामले में कीर्तिमान बना रहा है। सीवेज सिस्टम को सुधारा जा रहा है। स्वच्छ सर्वेक्षण 2025 में लखनऊ को पूरे देश मे तीसरा स्थान प्राप्त हुआ है। लखनऊ के विकास का मास्टर प्लान बनाने के लिए स्कूल ऑफ प्लानिंग एंड आर्किटेक्चर और लखनऊ डेवलपमेंट अथॉरिटी के बीच एमओयू भी साइन हुआ है। इससे लखनऊ का वैज्ञानिक तरीके से विकास होगा। एनसीआर की तर्ज पर लखनऊ में स्टेट कैपिटल रीजन भी विकसित किया जा रहा है। इसका श्रेय भी मुख्यमंत्री योगी को जाता है। लखनऊ को लक्ष्मणनगरी के नाम से जाना जाता था। मुख्यमंत्री ने लखनऊ की सांस्कृतिक विरासत के साथ-साथ विकास के माध्यम से शहरवासियों का मान बढ़ाया है।  रक्षामंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अभी हाल में सिंगापुर-जापान दौरे पर अपने गेरुआ वस्त्र में गए और खानपान भी वही रखा जो यहां था। विदेश जाने पर कुछ लोग अपना रंग बदल लेते हैं लेकिन योगीजी ने अपना रंग नहीं बदला बल्कि केसरिया रंग को और पक्का करके आए हैं। विदेश से आने के बाद वह अपना जो अनुभव लेकर आए हैं उससे लखनऊ का और तेजी से विकास होगा। जापान अपनी टेक्नोलॉजी के लिए जाना जाता है जिसका फायदा अर्बन प्लानिंग में मिलेगा।

193 विपक्षी सांसदों की बड़ी कार्रवाई: CEC ज्ञानेश कुमार को हटाने के लिए संसद में नोटिस

नई दिल्ली विपक्षी सांसदों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने के लिए संसद में नोटिस दिया है। रिपोर्ट के अनुसार, 193 विपक्षी सांसदों ने लोकसभा और राज्यसभा में अलग-अलग नोटिस जमा किए हैं, जिसमें लोकसभा से 130 और राज्यसभा से 63 सांसद शामिल हैं। यह भारतीय संसदीय इतिहास में पहली बार है जब किसी मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ हटाने की ऐसी कार्रवाई की गई है। यह कदम मुख्य रूप से तृणमूल कांग्रेस के नेतृत्व में उठाया गया है, जिसमें इंडिया गठबंधन की सभी पार्टियां, आप और कुछ निर्दलीय सांसदों ने समर्थन दिया है। विपक्ष ने नोटिस में सीईसी के खिलाफ 7 प्रमुख आरोप लगाए हैं। इनमें पक्षपातपूर्ण आचरण, चुनावी धांधली की जांच में जानबूझकर बाधा डालना, बड़े पैमाने पर मतदाता वंचित करना (मास डिसेनफ्रैंचाइजमेंट) और चुनाव आयोग की स्वतंत्रता को प्रभावित करना शामिल है। विशेष रूप से पश्चिम बंगाल में SIR के दौरान लाखों वैध मतदाताओं के नाम हटाए जाने का दावा किया गया है, जिसे विपक्ष भाजपा को फायदा पहुंचाने की साजिश बता रहा है। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इस अभ्यास की कड़ी आलोचना की थी और कहा था कि यह विपक्षी मतदाताओं को निशाना बनाने का प्रयास है। इसी तरह बिहार और अन्य राज्यों में भी एसआईआर को लेकर विवाद हुआ था, जहां विपक्ष ने इसे चुनावी धांधली का हिस्सा बताया। ये आरोप पिछले कुछ महीनों से बढ़ते जा रहे हैं, खासकर पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों से पहले। चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल यह विवाद संसद में तनाव का कारण बन गया है। विपक्षी दलों ने आरोप लगाया है कि चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली अब निष्पक्ष नहीं रही और यह सत्ताधारी दल के पक्ष में काम कर रहा है। नोटिस में संविधान के अनुच्छेद 324(5) का हवाला दिया गया है, जो मुख्य चुनाव आयुक्त को सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश की तरह हटाने की प्रक्रिया बताता है। महाभियोग के लिए दोनों सदनों में दो-तिहाई बहुमत जरूरी है, जो वर्तमान में विपक्ष के पास नहीं है, लेकिन यह कदम राजनीतिक दबाव बनाने और मुद्दे को राष्ट्रीय स्तर पर उछालने का प्रयास है। सरकार या चुनाव आयोग की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है, हालांकि पहले ज्ञानेश कुमार ने एसआईआर को योग्य मतदाताओं को शामिल करने और अयोग्य को हटाने का माध्यम बताया था। यह घटना लोकतंत्र की संस्थाओं पर सवाल उठाती है और आगामी चुनावों में चुनाव आयोग की विश्वसनीयता को प्रभावित कर सकती है। विपक्ष इसे चुनावी प्रक्रिया की स्वतंत्रता बचाने की लड़ाई बता रहा है, जबकि सत्ताधारी दल इसे राजनीतिक स्टंट करार दे सकता है। संसद में इस नोटिस पर चर्चा और आगे की कार्रवाई से राजनीतिक माहौल गरमाने की संभावना है। कुल मिलाकर, यह विवाद चुनाव सुधारों और संस्थागत निष्पक्षता पर बहस को जन्म देगा।  

बिजली कनेक्शन के लिए अब नहीं लगेगी लंबी लाइन, ‘सरल संयोजन पोर्टल’ से 150 किलोवॉट तक सुविधा

भोपाल मध्यप्रदेश मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने अपने कार्यक्षेत्र भोपाल, नर्मदापुरम, ग्‍वालियर एवं चंबल संभाग में 150 किलोवॉट भार तक के निम्‍न दाब श्रेणी के नए विद्युत कनेक्शन उपभोक्‍ताओं को प्रदान करने के लिए ऑनलाइन, सरल एवं पारदर्शी प्रक्रिया लागू की है। कंपनी के “सरल संयोजन पोर्टल” पर उपलब्‍ध इस   https://saralsanyojan.mpcz.in:8888/home  लिंक के माध्‍यम से यह कनेक्‍शन ऑनलाइन मिलेंगे। नई व्यवस्था के तहत 150 किलोवॉट भार तक के नए कनेक्शन के लिए आवेदन केवल “सरल संयोजन पोर्टल” के माध्यम से ऑनलाइन ही स्वीकृत किए जाएंगे। मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के प्रबंध संचालक  ऋषि गर्ग ने बताया है कि उपभोक्‍ताओं द्वारा नए कनेक्‍शन के लिए अब तक आवेदन के बाद 45 मीटर तक की सर्विस लाइन तथा आवश्यकता होने पर वितरण ट्रांसफार्मर, उच्‍च दाब/ निम्‍न दाब लाइन जैसी अन्य अधोसंरचना संबंधी निर्माण कार्य स्वयं कराना होते हैं। अब इस नई व्यवस्था में, वैध विद्युतीकृत क्षेत्रों में ऐसे सभी कार्य अब मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा कराए जाएंगे। इसके लिए शर्त है कि उपभोक्ता को मप्र विद्युत नियामक आयोग द्वारा निर्धारित रेग्‍यूलेशन में निहित प्रावधानों के अनुसार निर्धारित सप्लाई अफोर्डिंग चार्जेस का भुगतान करना होगा। उपभोक्‍ता को रेग्‍यूलेशन में दिए गए प्रावधानों के अनुसार ऊपर दिए गए प्रावधानों में से किसी भी विकल्‍प को चुनने की स्‍वतंत्रता होगी। यह नई व्यवस्था उपभोक्ताओं के अधिकारों को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इस व्यवस्था के लागू होने से 150 किलोवॉट भार तक के निम्‍न दाब श्रेणी के नए कनेक्शनों को लेने के इच्‍छुक उपभोक्ताओं को अब सर्विस लाइन और अन्‍य अधोसंरचना बनाने में होने वाली कठिनाइयों से राहत मिल सकेगी। गौरतलब है कि मप्र मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी उपभोक्‍ता उन्‍मुखी कंपनी है और कंपनी द्वारा प्रदेश के सतत विकास के लिए तथा मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के अभ्युदय मध्यप्रदेश की अवधारणा को जमीन पर उतारने के लिए निरंतर सुशासन की दिशा में कारगर कदम उठाए जा रहे हैं।  फायदे इस व्यवस्था के लागू होने से लघु एवं मध्यम उद्योगों के साथ-साथ अन्य वाणिज्यिक संस्थानों, नए स्टार्टअप को नया कनेक्शन आसानी से मिल सकेगा।     नया कनेक्‍शन ऑनलाइन और निर्धारित समय अवधि में प्राप्त होगा। नई व्‍यवस्‍था से मध्यप्रदेश के उद्योग जगत में नए युग का सूत्रपात होगा और राज्‍य में उद्योगों को लगाने के लिए “इज ऑफ डूइंग बिजनेस “ के उद्देश्य की पूर्ति हो सकेगी।     यह पहल मध्यप्रदेश के सतत विकास लक्ष्‍य (SDG Goals) को प्राप्त करने में सहायक होगी।     निरन्‍तर उद्योगों के लगने से रोजगार के नए अवसर भी उपलब्ध होंगे।  

ईरान तनाव के बीच अमेरिकी सैन्य विमान क्रैश, हवा में ईंधन भरते वक्त हुआ हादसा, 4 की मौत

वाशिंगटन ईरान पर मिलकर हमला करने वाले अमेरिका और इजरायल को भी युद्ध में भारी नुकसान का सामना करना पड़ रहा है। इस युद्ध में अभी तक आधिकारिक रूप से अमेरिका के चार विमान गिर चुके हैं और एक महंगा एयर डिफेंस सिस्टम थाड़ (THAAD) का रडार भी नष्ट हो चुका है। अमेरिकी सेना की सेंट्रल कमांड ने शुक्रवार को चौथे विमान के गिरने के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि ईंधन भरने वाले एक विमान के दुर्घटनाग्रस्त होने से उसमें सवार 6 क्रू सदस्यों में से चार की मौत हो गई है। शुरुआती जानकारी के मुताबिक इस विमान के गिरने में अभी तक न तो दुश्मन की गोलीबारी और न ही अपने पक्ष की तरफ से की गई फायरिंग ही शामिल थी। सेंटकॉम के मुताबिक इस पर अभी जांच की जा रही है। सेंटकॉम की तरफ से इस घटना पर ज्यादा जानकारी देते हुए बताया गया कि इस घटना में दो विमान शामिल थे। क्रैश होने वाला विमान (बोइंग KC-135) ईरान में जारी अभियानों का हिस्सा था। यह एक टैंकर विमान है, जो कि दूसरे जेट्स को हवा में ही फ्यूल उपलब्ध कराता था। घटना के बाद अभी बचाव कार्य जारी है। इस विमान के क्रैश होने के बाद दूसरा विमान सुरक्षित रूप से लैंड कर गया है। आपस में टक्कर की आशंका सोशल मीडिया पर सामने आए कुछ वीडियो और तस्वीरों में अमेरिका के एक दूसरे ईंधन टैंकर विमान को तेल अवीव एयरपोर्ट पर उतरते हुए देखा गया है। इस जहाज के पिछले हिस्से को नुकसान पहुंचा हुआ दिख रहा है। ऐसे में कई मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि यह दोनों ईंधन वाहक जहाज हवा में ही एक-दूसरे से टकरा गए थे, जिसकी वजह से एक जहाज क्रैश हो गया, जबकि दूसरा जहाज सुरक्षित रूप से लैंड कर पाया। हालांकि, इसकी अभी तक कोई पुष्टि नहीं हुई है। इस युद्ध में आधिकारिक रूप से अमेरिका के चार विमान गिर चुके हैं। केसी-135 के गिरने से पहले अमेरिका के तीन एफ-15 जहाज भी कतरी वायुसेना की गलती की वजह से मार गिराए गए थे। अमेरिकी वायुसेना अभियानों के लिए खास KC-135 अमेरिका की वायुसेना के लिए इस विमान की भूमिका बहुत ही खास है। बोइंग का KC-135 स्ट्रैटोटैंकर विमान हवा में उड़ते हुए अन्य लड़ाकू विमानों में ईंधन भरने की क्षमता रखता है। इस विमान में चार टर्बोफैन इंजन लगे होते हैं और यह अपने साथ करीब 146 टन वजन लेकर उड़ान भर सकता है। पिछले 60 सालों से यह लंबी दूरी के अमेरिकी सैन्य अभियानों में बेहद ही महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। ईरान युद्ध के दौरान भी इन विमानों का बड़े पैमाने पर उपयोग किया जा रहा है, ताकि अमेरिकी विमानों की उड़ने की क्षमता को बढ़ाया जा सके।

मुख्यमंत्री ने लखनऊ वासियों को दी बधाई, कहा- 45 मिनट का सफर अब 10-15 मिनट में होगा पूरा

लखनऊ रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को लखनऊ में 1,519 करोड़ की लागत से निर्मित ग्रीन कॉरिडोर परियोजना के कार्यों का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ वासियों को बधाई देते हुए कहा कि लखनऊ अब वाकई ‘मुस्कुराइए कि आप लखनऊ में हैं’ का प्रतीक बन चुका है। आज लखनऊ वास्तव में नए भारत के आधुनिक शहर की पहचान के रूप में तेजी से उभर रहा है। किसी भी राज्य की राजधानी ऐसी होनी चाहिए, जहां नागरिकों का जीवन सुगम हो और वे आसानी से अपने गंतव्य तक पहुंच सकें। इसी उद्देश्य से लखनऊ में आधुनिक कनेक्टिविटी और इंफ्रास्ट्रक्चर को तेजी से विकसित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने बताया कि जब लखनऊ की कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने का विचार सामने आया, तब रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इसका विजन प्रस्तुत किया। उसी विजन को आगे बढ़ाते हुए लखनऊ डेवलपमेंट अथॉरिटी ने इस परियोजना को मूर्त रूप दिया। सीएम योगी ने कहा कि यह पहल राजधानी लखनऊ में यातायात व्यवस्था को और अधिक सुगम, व्यवस्थित एवं आधुनिक बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिससे शहरवासियों को बेहतर आवागमन की सुविधा प्राप्त होगी। बिना सरकारी बजट के तैयार हुआ बड़ा प्रोजेक्ट मुख्यमंत्री ने बताया कि इस परियोजना के लिए राज्य सरकार ने अलग से बजट नहीं दिया। लखनऊ विकास प्राधिकरण ने शहर में सरकारी भूमि को अवैध कब्जों से मुक्त कर उसका समुचित उपयोग किया और उसी से संसाधन जुटाकर करीब 1,519 करोड़ रुपये की लागत से इस महत्वाकांक्षी परियोजना को पूरा किया। उन्होंने कहा कि शहरी विकास के क्षेत्र में यह मॉडल एक प्रेरणादायक उदाहरण है कि किस प्रकार संसाधनों का बेहतर प्रबंधन करके बड़े प्रोजेक्ट पूरे किए जा सकते हैं। 28 किलोमीटर लंबा ग्रीन कॉरिडोर मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रीन कॉरिडोर परियोजना के अंतर्गत आईआईएम रोड से पक्का पुल तथा पक्का पुल  (डालीगंज) से समता मूलक चौराहा तक के दो चरणों का निर्माण पूरा हो चुका है, जिनका लोकार्पण किया गया। इसके साथ ही समता मूलक चौराहा से शहीद पथ और शहीद पथ से किसान पथ तक के तीसरे व चौथे चरण का शिलान्यास भी किया गया है। पूरी परियोजना लगभग 28 किलोमीटर लंबी है, जो राजधानी के विभिन्न हिस्सों को जोड़ते हुए यातायात को सुगम बनाएगी। 45 मिनट का सफर अब 10-15 मिनट में सीएम योगी ने कहा कि ग्रीन कॉरिडोर के बनने से राजधानी में यातायात व्यवस्था में बड़ा बदलाव आएगा। पहले जिन मार्गों पर लोगों को गंतव्य तक पहुंचने में 45 मिनट से एक घंटा लग जाता था, अब वही दूरी सिर्फ 10 से 15 मिनट में तय हो सकेगी। इससे समय की बचत होगी और शहर में जाम की समस्या भी कम होगी। मुख्यमंत्री ने बताया कि लखनऊ में बुनियादी ढांचे के साथ-साथ अन्य क्षेत्रों का भी विकास किया जा रहा है। भूमि को कब्जामुक्त कराया जा रहा है और इस पर करोड़ों की लागत से विकास कार्य कराए जा रहे हैं। इससे शहर में नई सुविधाएं विकसित हो रही हैं। लखनऊ बना आधुनिक राजधानी का मॉडल मुख्यमंत्री ने कहा कि आज देश और दुनिया से आने वाले लोग लखनऊ की स्वच्छता, बेहतर सड़कों और आधुनिक व्यवस्थाओं की सराहना करते हैं। वे लखनऊ से प्रभावित होते हैं। अटल सरकार के समय राजनाथ सिंह ही थे, जिन्होंने लखनऊ को शहीद पथ की सौगात दी थी। बाद में प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के सहयोग से किसान पथ का निर्माण किया गया, जिसने राजधानी की बाहरी रिंग रोड के रूप में लखनऊ को नई पहचान दी। आज ये मार्ग शहर के भविष्य के विस्तार और विकास का आधार बन रहे हैं। रक्षा उत्पादन और टेक्नोलॉजी का नया केंद्र बन रहा लखनऊ मुख्यमंत्री ने कहा कि लखनऊ केवल इंफ्रास्ट्रक्चर में ही नहीं, बल्कि इमर्जिंग टेक्नोलॉजी और रक्षा उत्पादन के क्षेत्र में भी तेजी से आगे बढ़ रहा है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के प्रयासों से लखनऊ में ब्रह्मोस मिसाइल परियोजना स्थापित हुई है, जहां प्रदेश के युवा इंजीनियर और तकनीकी विशेषज्ञ कार्य कर रहे हैं। एकेटीयू, इंजीनियरिंग कॉलेज, पॉलिटेक्निक और आईटीआई से पढ़े युवाओं को अपने ही प्रदेश में रोजगार के अवसर मिल रहे हैं। स्टेट कैपिटल रीजन के रूप में हो रहा विकास मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार लखनऊ को स्टेट कैपिटल रीजन (एससीआर) के रूप में विकसित करने की दिशा में भी कार्य कर रही है। इससे राजधानी और आसपास के क्षेत्रों का समग्र विकास तेजी से होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस कार्यक्रम का आयोजन झूलेलाल वाटिका में हो रहा है। कभी इस स्थान पर अवैध कब्जा हो गया था, जिसे हटाकर इसे फिर से सार्वजनिक उपयोग के लिए विकसित किया गया। आने वाले 19 मार्च से नव संवत्सर (चैत्र शुक्ल प्रतिपदा) के अवसर पर यहां झूलेलाल महोत्सव के कार्यक्रम भी आयोजित होंगे। मुख्यमंत्री ने यह भी याद दिलाया कि इस स्थान पर कभी भारत और पाकिस्तान के बीच क्रिकेट मैच भी आयोजित हुए थे। उत्तर प्रदेश बन रहा देश का ग्रोथ इंजन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आज गल्फ में वॉर छिड़ी हुई है। इसके अतिरिक्त वैश्विक स्तर पर आर्थिक चुनौतियां हैं, लेकिन मजबूत नेतृत्व के कारण भारत तेजी से विकास की राह पर आगे बढ़ रहा है। उन्होंने विश्वास जताया कि उत्तर प्रदेश भी इस विकास यात्रा में पीछे नहीं रहेगा और देश के “ग्रोथ इंजन” के रूप में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। लखनऊ को कनेक्टिविटी, निवेश, टेक्नोलॉजी और आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर के केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए राज्य सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य करती रहेगी। सीएम और रक्षामंत्री ने निर्माण कर्मियों का किया सम्मान कार्यक्रम के दौरान रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने निर्माण कार्य में लगे कर्मियों पर पुष्प वर्षा की और उन्हें पुरस्कृत भी किया। रक्षा मंत्री व मुख्यमंत्री ने इन कर्मियों के साथ ग्रुप फोटो भी कराया। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना, राज्यसभा सांसद डॉ. दिनेश शर्मा, संजय सेठ, लखनऊ की महापौर सुषमा खर्कवाल, विधायक नीरज बोरा, ओपी श्रीवास्तव, योगेश शुक्ल, जय देवी, अमरेश कुमार, सदस्य विधानपरिषद डॉ. महेंद्र सिंह, मुकेश शर्मा, लालजी प्रसाद निर्मल व अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। लखनऊ को मिला ग्रीन … Read more

भारत की कूटनीतिक पहल रंग लाई: होर्मुज मामले पर जयशंकर की ईरान से चौथी चर्चा

नई दिल्ली भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों को लेकर ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची के साथ टेलीफोन पर अहम बातचीत की है। ईरान युद्ध शुरू होने के बाद से दोनों नेताओं के बीच यह चौथी बातचीत है। यह बातचीत ऐसे महत्वपूर्ण समय में हुई है, जब पश्चिम एशिया में जारी भारी संकट के बीच भारतीय जहाज सफलतापूर्वक होर्मुज जलडमरूमध्य को पार कर आगे बढ़े हैं। होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में से एक है, जहां से वैश्विक तेल और गैस का बड़ा हिस्सा गुजरता है। ईरान ने हाल के संघर्ष के दौरान इस मार्ग पर मिसाइलों और ड्रोनों से हमले किए हैं, जिससे अमेरिका, यूरोप और इजरायल से जुड़े जहाजों को चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। इससे वैश्विक ऊर्जा कीमतों में उछाल आया है और भारत जैसे आयात-निर्भर देशों के लिए चिंता बढ़ गई है। ईरान का रुख: आत्मरक्षा और ब्रिक्स से अपील बातचीत के दौरान, ईरानी विदेश मंत्री अराघची ने एस. जयशंकर को अमेरिका और ‘जायोनी शासन’ (इजरायल) द्वारा ईरान के खिलाफ की गई आक्रामकता और अपराधों से उत्पन्न ताजा स्थिति की विस्तार से जानकारी दी। अराघची ने स्पष्ट किया कि ईरानी सरकार, वहां की जनता और सशस्त्र बल हमलावरों के खिलाफ अपनी रक्षा के वैध अधिकार का प्रयोग करने के लिए पूरी तरह से दृढ़ संकल्पित हैं। अंतरराष्ट्रीय निंदा और ब्रिक्स की भूमिका उन्होंने जोर देकर कहा कि अंतरराष्ट्रीय और क्षेत्रीय संगठनों को ईरान के खिलाफ इस सैन्य आक्रामकता की निंदा करनी चाहिए। साथ ही, उन्होंने बहुपक्षीय सहयोग को बढ़ावा देने के लिए ‘ब्रिक्स’ को एक महत्वपूर्ण मंच बताया और आग्रह किया कि इस नाजुक मोड़ पर वैश्विक शांति व सुरक्षा के लिए ब्रिक्स को एक रचनात्मक भूमिका निभानी चाहिए। भारत का रुख: शांति और सामूहिक प्रयास विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर द्विपक्षीय तथा बहुपक्षीय दोनों तरह के सहयोग को और अधिक विकसित करने के लिए भारत की तत्परता व्यक्त की। उन्होंने इस बात पर विशेष जोर दिया कि क्षेत्र में स्थायी स्थिरता और सुरक्षा कायम करना सबकी साझा जिम्मेदारी है और इसके लिए सामूहिक प्रयास बेहद जरूरी हैं। ईरान युद्ध और तनाव के कारण होर्मुज जलडमरूमध्य बंद है। इस स्थिति के बीच, भारत अपने 28-30 भारतीय-ध्वज वाले मालवाहक (मर्चेंट) जहाजों के सुरक्षित मार्ग के लिए लगातार बातचीत कर रहा है। इसी प्रयास के तहत हाल ही में तीन जहाजों ने सफलतापूर्वक होर्मुज को पार किया है। इनमें शेनलॉन्ग (जो लाइबेरिया के झंडे वाला जहाज है, लेकिन इसका कप्तान भारतीय है), और दो भारतीय झंडे वाले जहाज- पुष्पक और परिमल शामिल हैं।  

समिति की वार्षिक पत्रिका “अवध केसरी” के दसवें अंक का मुख्यमंत्री ने विधिवत किया विमोचन

रायबरेली राना बेनी माधव बख्श सिंह स्मारक समिति,  रायबरेली के प्रतिनिधिमंडल ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से उनके सरकारी आवास पर शिष्टाचार भेंट की। प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री को उनकी जापान एवं सिंगापुर की सफल यात्रा के लिए शुभकामनाएं दीं। समिति की वार्षिक पत्रिका “अवध केसरी” के दसवें अंक का भी मुख्यमंत्री योगी ने विधिवत विमोचन किया। भेंट के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने जनपद रायबरेली के विकास से जुड़ी विभिन्न समस्याओं और महत्वपूर्ण प्रस्तावों से मुख्यमंत्री को अवगत कराया। इसमें जनपद में भव्य प्रवेश द्वार के निर्माण तथा हैदरगढ़ स्थित शुगर मिल के बंद होने से किसानों को हो रही गन्ना उठान की समस्या को प्रमुखता से उठाया गया। समिति के पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री योगी का आभार व्यक्त करते हुए विश्वास जताया कि उनके मार्गदर्शन में जनपद रायबरेली के विकास एवं जनसमस्याओं के समाधान की दिशा में सकारात्मक पहल होगी। मुख्यमंत्री ने जनहित में और भी बेहतर कार्य के लिए समिति के सदस्यों को प्रेरित किया।  राना बेनी माधव बख्श सिंह स्मारक समिति द्वारा प्रकाशित वार्षिक पत्रिका “अवध केसरी” के दसवें अंक के प्रकाशन की सीएम योगी ने शुभकामनाएं दीं और प्रसन्नता जताई कि समिति बेहतर ढंग से कार्य कर रही है। इस अंक में अमर सेनानी राना बेनी माधव बख्श सिंह के अंग्रेजों के खिलाफ किए गए संघर्ष के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई है। 1857 में साहित्यकारों ने भी देश की आजादी में अपनी कलम के माध्यम से महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। इसका भी विवरण इस अंक में विस्तार से दिया गया है। समिति का उद्देश्य है कि अवध केसरी पत्रिका के माध्यम से जन-जन तक 1857 क्रांति में शहीद हुए योद्धाओं के बारे में जानकारी पहुंचाना, उस समय किन परिस्थितियों में देश की रक्षा के लिए संघर्ष किया गया था, उसके बारे में लोगों को बताना और युवाओं को राष्ट्रहित के लिए प्रेरित करना है। समिति का प्रयास अमर शहीदों के परिजनों का सहयोग करना और उनके द्वारा किए गए कार्यों से हर किसी को अवगत कराना है।  मुख्यमंत्री ने समिति के सदस्यों को जनहित में और भी बेहतर कार्य करने के लिए प्रेरित किया। इस मौके पर समिति के संरक्षक इंद्रेश विक्रम सिंह, कौशलेंद्र सिंह, उपाध्यक्ष राकेश भदौरिया, रविन्द्र सिंह, अभिषेक विक्रम सिंह, जितेंद्र सिंह, एसपी सिंह, आरबी सिंह, अशोक सिंह आदि मौजूद रहे।

गैस एजेंसी में मिली स्टॉक की गड़बड़ी, एमपी नगर एसडीएम ने जांच के बाद कार्रवाई के निर्देश दिए

भोपाल भोपाल में गैस सिलेंडरों के भंडारण और वितरण व्यवस्था की जांच के तहत आज एसडीएम एमपी नगर  एल. के. खरे द्वारा जंबूरी मैदान स्थित विनीत गैस एजेंसी का आकस्मिक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान गोदाम में बड़ी मात्रा में कमर्शियल एवं घरेलू गैस सिलेंडर पाए गए, जिनके स्टॉक में अनियमितता सामने आई। निरीक्षण के दौरान गोदाम के अंदर 51 बड़े कमर्शियल सिलेंडर, 147 पाँच किलोग्राम के कमर्शियल सिलेंडर तथा 18 प्लास्टिक कमर्शियल सिलेंडर भरे हुए पाए गए। इसके अतिरिक्त घरेलू श्रेणी के 535 भरे हुए तथा 823 खाली सिलेंडर भी गोदाम में पाए गए। जांच के दौरान उपलब्ध सिलेंडरों का स्टॉक रजिस्टर से मिलान नहीं हो पाया, जिससे अनियमितता की आशंका व्यक्त की गई। निरीक्षण के समय फूड इंस्पेक्टर  प्रवीण भी उपस्थित रहे। एसडीएम  खरे ने मामले को गंभीरता से लेते हुए फूड इंस्पेक्टर को आवश्यक जांच कर नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए। मौके पर ही संपूर्ण कार्रवाई का पंचनामा तैयार किया गया तथा संबंधित गैस एजेंसी के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की प्रक्रिया प्रारंभ की गई है। प्रशासन द्वारा स्पष्ट किया गया है कि गैस सिलेंडरों के भंडारण और वितरण में किसी भी प्रकार की अनियमितता या नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

80 वर्षीय महाजन अठभैया को मिला श्रवण यंत्र और वॉकिंग स्टिक

रायपुर प्रदेश में दिव्यांगजनों और वरिष्ठ नागरिकों के जीवन को सुगम और सम्मानजनक बनाने के लिए समाज कल्याण विभाग द्वारा विभिन्न योजनाओं के माध्यम से निरंतर सहायता प्रदान की जा रही है। इसी क्रम में सहायक उपकरण प्रदाय योजना के तहत मोहला जिले के ग्राम सोमटोला निवासी 80 वर्षीय वरिष्ठ नागरिक एवं मांझी समाज प्रमुख  महाजन अठभैया को श्रवण यंत्र और वॉकिंग स्टिक प्रदान की गई। जिला मुख्यालय में आयोजित कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष नम्रता सिंह और कलेक्टर तुलिका प्रजापति ने उन्हें सहायक उपकरण प्रदान किए। श्रवण यंत्र और वॉकिंग स्टिक प्राप्त कर  महाजन अठभैया ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए शासन और प्रशासन के प्रति आभार जताया।  शासन की योजनाओं का उद्देश्य समाज के प्रत्येक वर्ग तक सहायता और सुविधाएं पहुंचाना है। विशेष रूप से दिव्यांगजनों और वरिष्ठ नागरिकों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए इस प्रकार की योजनाएं अत्यंत महत्वपूर्ण हैं, जो उनके जीवन को अधिक सरल और सम्मानजनक बनाती हैं। समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित सहायक उपकरण प्रदाय योजना के अंतर्गत इस वर्ष प्रदेश में अब तक 1 हजार से अधिक दिव्यांगजनों और वरिष्ठ नागरिकों को विभिन्न प्रकार के सहायक उपकरण और कृत्रिम अंग प्रदान कर लाभान्वित किया गया है। इनमें श्रवण यंत्र, ट्राइसाइकिल, बैसाखी, व्हीलचेयर और वॉकिंग स्टिक सहित अन्य आवश्यक उपकरण शामिल हैं। राज्य शासन का लक्ष्य है कि प्रदेश के सभी पात्र दिव्यांगजन और वरिष्ठ नागरिकों तक योजनाओं का लाभ समय पर पहुंचे, ताकि वे अपने दैनिक जीवन को अधिक सहजता और आत्मसम्मान के साथ जी सकें। इसके लिए प्रशासन द्वारा लगातार शिविरों और कार्यक्रमों के माध्यम से पात्र हितग्राहियों की पहचान कर उन्हें योजनाओं से जोड़ा जा रहा है। यह पहल जरूरतमंद लोगों के जीवन में नई उम्मीद और संबल का संचार कर रही है।  

ईरान की राजधानी तेहरान में धमाका, अलविदा जुमा पर जुटी भीड़ में मचा हड़कंप

तेहरान ईरान की राजधानी तेहरान में चल रहे विरोध प्रदर्शन के बीच धमाका हुआ है। यह ब्लास्ट उस वक्त हुआ, जब तेहरान के फिरदौसी चौक पर हजारों लोग ईरान और अमेरिका के खिलाफ प्रदर्शन करने जुटे थे। आज ईद से पहले का आखिरी जुमा है, जिसे अलविदा जुमा कहा जाता है। इस कारण भी प्रदर्शन में बड़ी संख्या में लोग पहुंचे थे। इस दौरान जब धमाका हुआ तो दहशत फैल गई और लोग मौके से भागते नजर आए। इस धमाके के पीछे ईरानी एजेंसियों को इजरायल का हाथ होने का शक है। अब तक धमाके की वजह सामने नहीं आई है, लेकिन इजरायल ने हमलों की चेतावनी दी थी। ऐसे में माना जा रहा है कि यह धमाका भी इजरायल ने ही किया है। यह धमाका ऐसे वक्त में हुआ, जब ईरान में अलविदा जुमा मनाया जा रहा है। ईद से पहले के आखिरी जुमा के दिन खूब भीड़ जुटी थी और इसी दौरान यह धमाका हुआ। यह धमाका जिस इलाके में हुआ है, वह तेहरान यूनिवर्सिटी के भी काफी करीब है। अब तक इस बारे में जानकारी नहीं मिली है कि यह धमाका किसने और क्यों किया है। लेकिन यह कहा जा रहा है कि इजरायल का इसमें हाथ हो सकता है। ऐसा इसलिए क्योंकि आज ही उसकी ओर से चेतावनी दी गई थी कि वह इस इलाके में हमले कर सकता है। यह संदेह इसलिए भी है क्योंकि प्रदर्शन इजरायल के खिलाफ था और इसकी फिलिस्तीन के लोगों के लिए समर्थन था। मीडिया रिपोर्ट्स में कहा जा रहा है कि धमाके चलते अफरातफरी मच गई थी। इसके बाद भी बड़ी संख्या में लोग वहां डटे रहे और डेथ टू इजरायल एवं डेथ टू अमेरिका जैसे नारे लगाते रहे। इस बीच ईरान भी ऐक्शन में ही दिख रहा है। उसने खाड़ी और अरब के देशों पर भी आज हमले किए हैं। दर्जनों ड्रोन्स से तो सऊदी अरब को ही निशाना बनाने की कोशिश की है। इसके अलावा दुबई को ईरान ने फिर से टारगेट किया है। गौरतलब है कि ईरान के नए सुप्रीम लीडर मुजतबा खामनेई पीछे हटने को तैयार नहीं हैं। उनका कहना है कि हम अमेरिका से बदला लेंगे और पीछे नहीं हटेंगे। गौरतलब है कि डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को ही कहा था कि अब ईरान से जंग खत्म होने की ओर है। लेकिन ईरान ने ही इस बात को खारिज किया था। उसका कहना है कि भले ही जंग को अमेरिका ने शुरू किया है, लेकिन इसे खत्म हम ही करेंगे। वहीं ट्रंप लगातार कह रहे हैं कि हमने ईरान को बड़ा नुकसान पहुंचाया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा है कि ईरान की नेवी खत्म हो गई है। एयर फोर्स बची नहीं हैं। मिसाइल, बम और ड्रोन्स आदि हमने तबाह कर दिए हैं।

प्रशिक्षु आईएफएस अधिकारियों ने छत्तीसगढ़ में भू-जल संरक्षण कार्यों का किया अध्ययन प्रशिक्षु आईएफएस अधिकारियों ने

रायपुर छत्तीसगढ़ में जल एवं मृदा संरक्षण के क्षेत्र में वन विभाग द्वारा किए जा रहे कार्य अब राष्ट्रीय स्तर पर उदाहरण बनते जा रहे हैं। इन्हीं कार्यों के अध्ययन के लिए इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वन अकादमी, देहरादून से भारतीय वन सेवा (IFS) वर्ष 2025-26 बैच के 133 प्रशिक्षु अधिकारी अध्ययन दौरे पर छत्तीसगढ़ पहुंचे हैं। यह दल 8 से 15 मार्च तक प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में जाकर वन विभाग द्वारा किए गए भू-जल संरक्षण और जल संवर्धन कार्यों का अध्ययन कर रहे हैं। प्रशिक्षण के पहले चरण में 9 मार्च को दक्षिण सिंगपुर परिक्षेत्र के पम्पार नाला का भ्रमण कराया गया। यहां अधिकारियों को बताया गया कि किस प्रकार तकनीकी उपायों के माध्यम से मिट्टी के कटाव को रोका गया और जल स्तर बढ़ाने में सफलता मिली। इस दौरान अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक शालिनी रैना और मुख्य वन संरक्षक मणिवासगन एस. सहित वरिष्ठ अधिकारियों ने प्रशिक्षु अधिकारियों को क्षेत्रीय कार्यों की विस्तृत जानकारी दी। धमतरी वनमंडलाधिकारी श्री जाधव श्रीकृष्ण ने बताया कि पम्पार नाला क्षेत्र में ब्रशवुड चेकडेम, लूज बोल्डर संरचना और गेबियन संरचना बनाए गए हैं, जिनसे मिट्टी का कटाव कम हुआ है। साथ ही ग्रामीणों को सिंचाई के लिए पानी और वन्यजीवों को सालभर जल उपलब्ध होने लगा है। प्रशिक्षु अधिकारियों को बेहतर प्रशिक्षण देने के लिए उन्हें आठ समूहों में विभाजित किया गया है, जिनका मार्गदर्शन राज्य के विभिन्न जिलों से आए अनुभवी डीएफओ कर रहे हैं। अध्ययन दौरे के दौरान दल कुसुमपानी, कांसा और साजापानी नालों का भी भ्रमण करेगा तथा वनधन विकास केंद्र, दुगली में वन प्रबंधन से जुड़ी नई तकनीकों की जानकारी प्राप्त करेगा। यह अध्ययन दौरा इस बात का प्रमाण है कि छत्तीसगढ़ में जल संरक्षण और मृदा संरक्षण के लिए किए जा रहे प्रयास देश के लिए एक मॉडल बनते जा रहे हैं।

15 मार्च को विश्व उपभोक्ता दिवस पर राज्य स्तरीय कार्यक्रम में किया जायेगा पुरस्कृत

भोपाल राज्य स्तरीय पुरस्कार चयन समिति की बैठक में उपभोक्ता संरक्षण के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले संस्थानों तथा विद्यार्थियों का चयन राज्य स्तरीय उपभोक्ता संरक्षण पुरस्कारों के लिए किया गया है। वर्ष 2025 के लिए यह चयन उपभोक्ता संरक्षण और जनजागरूकता के क्षेत्र में किए गए उल्लेखनीय प्रयासों के आधार पर किया गया है। संस्थागत श्रेणी में अखिल भारतीय उपभोक्ता उत्थान संगठन, कटनी को प्रथम पुरस्कार के लिए चयनित किया गया है। संस्था को 1,11,000 रुपए की पुरस्कार राशि और प्रशस्ति पत्र प्रदान किया जाएगा। इसी श्रेणी में म.प्र. प्राकृतिक चिकित्सालय तथा महाविद्यालय समिति, ग्वालियर को द्वितीय पुरस्कार के लिए चयनित किया गया है। संस्था को 51,000 रुपए की पुरस्कार राशि और प्रशस्ति पत्र प्रदान किया जाएगा। उपभोक्ता जागरूकता को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से आयोजित राज्य स्तरीय पोस्टर प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने रचनात्मक अभिव्यक्ति के माध्यम से प्रभावी संदेश प्रस्तुत किए। शासकीय उत्कृष्ट उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, माधवनगर, जिला उज्जैन की कक्षा 11वीं की छात्रा अश्विता पोरवाल को प्रथम पुरस्कार के लिए चयनित किया गया है। उन्हें 6000 रुपए की पुरस्कार राशि और प्रशस्ति पत्र प्रदान किया जाएगा। शासकीय प्राथमिक विद्यालय, 19 नया बसेरा, जिला इंदौर की कक्षा 4वीं की छात्रा रानी चौधरी को द्वितीय पुरस्कार के लिए चयनित किया गया है। उन्हें 4000 रुपए की पुरस्कार राशि और प्रशस्ति पत्र प्रदान किया जाएगा। शासकीय पीएमश्री एमएलबी कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, जिला छतरपुर की कक्षा 9वीं की छात्रा खुशबु रेवकर को तृतीय पुरस्कार के लिए चयनित किया गया है। उन्हें 2000 रुपए की पुरस्कार राशि और प्रशस्ति पत्र प्रदान किया जाएगा। इसी क्रम में चित्र प्रतियोगिता में भी विद्यार्थियों की रचनात्मक प्रतिभा को सराहा गया। शासकीय पीएमश्री एमएलबी कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, जिला छतरपुर की कक्षा 10वीं की छात्रा शुभी सेन को प्रथम पुरस्कार के लिए चयनित किया गया है। उन्हें 6000 रुपए की पुरस्कार राशि और प्रशस्ति पत्र प्रदान किया जाएगा। शासकीय पीएमश्री एमएलबी कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, जिला छतरपुर की कक्षा 9वीं की छात्रा तपस्या कुशवाहा को द्वितीय पुरस्कार के लिए चयनित किया गया है। उन्हें 4000 रुपए की पुरस्कार राशि और प्रशस्ति पत्र प्रदान किया जाएगा। शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, बदनावर, जिला धार की कक्षा 11वीं की छात्रा पलक सिसोदिया को तृतीय पुरस्कार के लिए चयनित किया गया है। उन्हें 2000 रुपए की पुरस्कार राशि और प्रशस्ति पत्र प्रदान किया जाएगा। चयनित संस्थाओं और विद्यार्थियों को विश्व उपभोक्ता अधिकार दिवस के अवसर पर 15 मार्च को आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में सम्मानित किया जाएगा। यह पुरस्कार उपभोक्ता संरक्षण के प्रति समाज में जागरूकता बढ़ाने और विद्यार्थियों को इस विषय से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। 

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