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महाकुंभ में मकर संक्रांति से महाशिवरात्रि तक मेले में एक विशेष लंगर सेवा का आयोजन किया जाएगा

 महाकुंभ नगर मकर संक्रांति से लेकर महाशिवरात्रि तक आयोजित होने वाले महाकुंभ मेले में एक विशेष लंगर सेवा का आयोजन किया जाएगा। यह सेवा विश्व हिंदू परिषद (VHP) के विदर्भ प्रांत की ओर से संचालित की जाएगी, जो श्रद्धालुओं और साधु-संतों के लिए भोजन उपलब्ध कराएगी। विश्व हिंदू परिषद द्वारा साधु-संतों के लिए निवास की व्यवस्था की जाएगी और वहीं पर यह लंगर सेवा चलाई जाएगी। लंगर सेवा की टाइमिंग? इस सेवा का मुख्य उद्देश्य महाकुंभ में आए श्रद्धालुओं को बिन मांगे भोजन देना और उनके धार्मिक कर्तव्यों में सहयोग करना है। महाकुंभ मेला 13 जनवरी से 27 फरवरी तक चलेगा। इस दौरान रोजाना सुबह 10:00 बजे से रात 10:00 बजे तक यह लंगर सेवा चलती रहेगी। यह सेवा विश्व हिंदू परिषद के सेवा विभाग, धर्माचार्य संपर्क विभाग और मंदिर अर्चक पुरोहित आयाम विदर्भ प्रांत की ओर से संचालित की जाएगी। 15,000 श्रद्धालुओं के लिए इंतजाम इस सेवा का लाभ प्रतिदिन करीब 15,000 श्रद्धालु उठाएंगे। कुंभ मेले में आने वाले साधु-संतों को विशेष सम्मान के साथ चौरंग और पाटे पर बैठाकर भोजन कराया जाएगा। यह सेवा उन लाखों श्रद्धालुओं के लिए महत्वपूर्ण है जो हर साल इस महाकुंभ में भाग लेने के लिए दूर-दूर से आते हैं। अयोध्या की तर्ज पर प्रयागराज में इससे पहले 2023 में अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि मंदिर प्राण प्रतिष्ठा समारोह के दौरान भी विश्व हिंदू परिषद के विदर्भ प्रांत ने एक महीने तक लंगर सेवा का आयोजन किया था, जिसमें लगभग 20 लाख श्रद्धालुओं को भोजन उपलब्ध कराया गया था। प्रयागराज में यह सेवा उसी तर्ज पर चलाए जाने की योजना है। भोजन सामग्री दान करने की अपील महाकुंभ मेला हिंदू धर्म का एक महत्वपूर्ण और पवित्र आयोजन है, जो हर 12 साल में एक बार आयोजित होता है। इस मेले में करोड़ों श्रद्धालु अपने पुण्य लाभ के लिए डुबकी लगाते हैं। महाकुंभ मेले में इस बार लगभग 35 करोड़ श्रद्धालुओं के शामिल होने का अनुमान है। विश्व हिंदू परिषद ने महाकुंभ के आयोजन के दौरान श्रद्धालुओं से आह्वान किया है कि वे इस पुण्य अवसर पर अनाज और अन्य भोजन सामग्री दान करें।

UPSRTC की महाकुंभ में श्रद्धालुओं के लिए बड़ी तैयारी, AC बसों से लेकर किए गए ये खास इंतजाम

प्रयागराज उत्तर प्रदेश राज्य परिवहन निगम के प्रबंध निदेशक मासूम अली सरवर ने गुरुवार को झुंसी रोडवेज वर्कशॉप में बैठक की। इस बैठक में महाकुम्भ के दौरान श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए किए जा रहे इंतजामों की समीक्षा की गई। प्रबंध निदेशक ने झुंसी के कटका में बने अस्थायी बस स्टैंड स्टैंड का निरीक्षण किया और अधिकारियों को निर्देश दिए कि श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो। उन्होंने बताया कि महाकुम्भ जो विश्व स्तर का आयोजन है इसकी तैयारी छह महीने से चल रही है। महाकुम्भ के दौरान करीब 7000 बसें चलाई जाएंगी जिनमें से 550 शटल बसें श्रद्धालुओं के लिए पूरी तरह निशुल्क होंगी। एमडी ने बताया कि बसों में महिलाओं की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस और पैनिक बटन लगाए गए हैं। महाकुम्भ के आयोजन में दिल्ली, पंजाब, उत्तराखंड, मध्य प्रदेश, और बिहार सहित आठ राज्यों का सहयोग लिया जाएगा। साथ ही शटल बसों पर कुम्भ मेले की ब्रांडिंग भी की गई है। बैठक में राज्य परिवहन निगम के अधिकारी और अन्य संबंधित विभागों के सदस्य भी उपस्थित रहे। प्रयागराज में 13 जनवरी से शुरू हो रहे महाकुंभ की तैयारियां अपने अंतिम चरण में पहुंच गई है. इस बार कुंभ में 40 करोड़ से ज्यादा श्रद्धालुओं के आने का अनुमान लगाया गया है. ऐसे में यूपी रोडवेज की ओर से भी तैयारी की गई है. महाकुंभ के दौरान प्रयागराज में लगभग 5000-6000 बसों को लगाया गया है. यहीं नहीं 550 इलेक्ट्रिक बसें भी चलाईं जाएंगी, जिससे श्रद्धालुओं को आवाजाही में परेशानी न हो. भूले-भटके काउंटर होंगे स्मार्ट महाकुम्भ नगर, प्रमुख संवाददाता। महाकुम्भ में इस बार संस्थाओं के भूले- भटके शिविरों की व्यवस्था भी स्मार्ट होगी। अपनों का साथ छूटने के बाद दोनों गैर सरकारी संस्थाओं की ओर से संचालित शिविरों में पहुंचने वालों का कंप्यूटर में डेटाबेस तैयार होगा। दोनों गैर सरकारी संस्थाओं ने इसकी तैयारी शुरू कर दी है। भारत सेवा दल की ओर से संचालित भूले-भटके शिविर में डेटाबेस तैयार करने के साथ अपनों से बिछड़ने वालों की फोटो और ब्योरा संस्था की सोशल साइट पर अपलोड किया जाएगा। संस्था के प्रतिनिधि मेला क्षेत्र 25 सेक्टरों में तैनात होंगे। ये प्रतिनिधि थानों और दुकानों से सूचनाएं लेकर मुख्यालय केंद्र भेजेंगे। भूले भटके शिविर के संचालक उमेशचंद्र तिवारी ने बताया कि इस साल व्यवस्था में काफी सुधार देखने को मिलेगा। महिला और बच्चों के लिए संचालित होने वाले हेमवती नंदन बहुगुणा स्मृति शिविर में पहुंचने वाली महिला और बच्चों का लेखा भी कम्प्यूटर में दर्ज होगा। संचालक शेखर बहुगुणा ने बताया कि शिविर लगाने की तैयारी हो रही है।

आगरा में मंदिर के पास मिला खजाना, मटके में भरा था ‘सोना-चांदी’, देखते ही मच गई लूट

आगरा यूपी के आगरा में मंदिर के पास वाली जमीन पर खुदाई के दौरान जो चीज मिली, उसके बारे में लोगों ने केवल फिल्मों और कहानियों में ही सुना और देखा था, लेकिन जब वही चीज सामने नजर आई तो सभी की आंखें फटी की फटी रह गईं। लोगों को विश्वास ही नहीं हो रहा था कि जिसके बारे में केवल सुनते थे आज वह आंखों के सामने है। जैसे ही इसकी खबर गांव में फैली तो लूटपाट मच गई। दरअसल मंदिर के पास खाली जमीन पर गोशाला का निर्माण होना है। जमीन को समतल बनाने के लिए वहां ट्रैक्टर से मिट्टी खोदी जा रही है। इसी दौरान जमीन से एक मटका निकला ट्रैक्टर चलने के कारण फूट गया। मटके की फूटने की आवाज पर पास जाकर देखा तो उसमें सोने-चांदी के सिक्के भरे थे। ये बात सेकेंडों में फैल गई। आनन-फानन में ग्रामीणों का हुजूम उमड़ पड़ा और सिक्के लूटने वालों की होड़ मच गई। हालांकि एसडीएम ने सोने के नहीं बल्कि चांदी के सिक्के बताए हैं। अमर उजाला मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, मामला पिनाहट इलाके के गांव बसई अरेला गांव का है। यहां प्राचीन चामुंडा मंदिर के पास खाली पड़ी जमीन पर गोशाला निर्माण होना है। इसके लिए ट्रैक्टर से जमीन को समतल बनाने का काम चल रहा था। इसी दौरान एक आवाज आई। ट्रैक्टर चालक ने पास जाकर देखा तो एक मटका था। इसी दौरान ठेकेदार सेवाराम और मंदिर के सेवक गरीबदास भी मौके पर पहुंच गई। मिट्टी हटाई गई तो अंदर सिक्के थे। सोने और चांदी के सिक्के होने की बात पर आपस में बहसबाजी शुरू हो गई। सभी ने सिक्कों को बटोर लिया। खेत से सोने-चांदी के सिक्के मिलने की खबर पूरे गांव में पहुंच गई तो लूटने वालों की होड़ मच गई। सिक्के मिलने की जानकारी जब प्रशासन को तो एक टीम गांव पहुंची और जितने भी सिक्के मिले थे सभी को कब्जे में ले लिया। ब्रिटिश हुकूमत के मिले हैं सिक्के जानकारों की मानें तो खेत से जो सिक्के मिले हैं। वह वर्ष 1940 और 1942 के हैं। सिक्के ब्रिटिश हुकूमत के समय के बताए जा रहे हैं। इन सिक्कों पर किंग जॉर्ज की छवि दिख रही है। ग्रामीणों का कहना है कि अभी कई सिक्के ट्रैक्टर, साधु और ठेकेदार पास हैं। वहीं एसडीएम ने बताया कि पुरातत्व विभाग को सूचित कर दिया गया है। जांच पड़ताल के बाद ही कुछ स्पष्ट हो पाएगा। फिलहाल खेत में मिले सिक्के सोने के नहीं चांदी हैं। सभी सिक्कों को पुलिस कस्टडी में ले लिया गया है।

उत्तर प्रदेश के कन्नौज-हरदोई को जोड़ने वाला गंगा पर बना पुल धंसा, भारी वाहनों के आवागमन पर रोक

कन्नौज उत्तर प्रदेश के कन्नौज में गंगा पर बने पुल के एक पिलर के धंसने की खबर आई है। इस मामले की जानकारी मिलते ही पुलिस फोर्स के साथ अधिकारियों ने निरीक्षण किया और बैरिकेडिंग कराकर भारी वाहनों की एंट्री पर रोक लगा दी। सीओ सिटी कमलेश कुमार ने बताया कि कन्नौज में नदी पर बने पुल के स्लैब के खिसकने के कारण कंपन हो रहा था। जिलाधिकारी ने लोक निर्माण विभाग की टीम को भेजा। टीम के सदस्‍यों ने कहा कि जब तक एनएचआई की टीम निरीक्षण नहीं कर ले, तब तक के लिए भारी वाहनों के प्रवेश को रोक दिया जाए, लेकिन हल्के वाहनों को चलने की इजाजत है। बड़े वाहन, ट्रक और डंपर जैसे वाहन नहीं जा सकते हैं। हरदोई और कन्नौज जिले को जोड़ने वाली पुल के दरकने की जानकारी मिलते ही सीओ सिटी कमलेश कुमार फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने निरीक्षण कर पुल क्रैक होने की जानकारी उच्चाधिकारियों को दी। इसके बाद ट्रैफिक पुलिस को भेजकर पुल पर बैरिकेडिंग करवाई गई और भारी वाहनों की एंट्री रोक दी गई। पुल के दोनों ओर पुलिस कर्मियों की तैनाती कर दी गई है, जो भारी वाहनों को गंगा पुल की ओर जाने से रोक रहे हैं। बताया गया कि पुल के एक पिलर के धंसने की जानकारी मिलते ही मेहंदीपुर और गंगागंज गांव के रहने वाले ग्रामीण भी मौके पर पहुंच गए। बताया गया कि पुल की जांच करने के लिए टीम बुलाई जा रही। उत्तर प्रदेश के कन्नौज जनपद में करीब 35 वर्ष पूर्व भारत के तत्कालीन प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने 1 सितंबर 1989 को महादेवी घाट पर गंगा पुल का उद्घाटन किया था। पुल निर्माण होने से हरदोई और कन्नौज जिलों के बीच की दूरी कम हो गई। इसका लाभ आम जनमानस को मिल रहा है। इस पर भारी वाहन मौरंग गिट्टी लाद कर काफी संख्या में निकलते थे। बताया जा रहा है कि गुरुवार की रात पुल के नीचे लगे रोलर की बेयरिंग टूट जाने से पुल करीब दो इंच धंस गया है। इसके बाद प्रशासन भी हरकत में आ चुका है।

संभल में शाही जामा मस्जिद के सामने खाली पड़ी जगह पर पुलिस चौकी बनाई जाएगी, इसकी तैयारी भी शुरू

संभल उत्तर प्रदेश के संभल में बीते 24 नवंबर को शाही जामा मस्जिद में सर्वे के दौरान भड़की हिंसा को लेकर प्रशासन ने बड़ा फैसला लिया है. अब शाही जामा मस्जिद के सामने खाली पड़े हुए मैदान में नई पुलिस चौकी बनाई जाएगी. इसको लेकर जगह को चिह्नित कर लिया गया है. इतना ही नहीं एडिशनल एसपी और सीओ श्रीचंद्र ने इस जगह का नपाई भी कर ली है. संभल के एडिशनल एसपी श्रीचंद्र ने  बात करते हुए बताया कि सुरक्षा की दृष्टि से इस जगह पर पुलिस चौकी बनाने का फैसला किया गया है. पुलिस चौकी का निर्माण कार्य जल्द ही शुरू कर दिया जाएगा.   जहां बनेगी चौकी, उस जगह को किया गया चिह्नित जब पुलिस फोर्स के साथ एएसपी जामा मस्जिद के बाहर पहुंचे तो मस्जिद कमेटी और आसपास के लोग अपने जमीनों के कागजात लेकर उनके पास पहुंचे. उन्होंने बताया कि ये लोग इसलिए कागज लेकर आए क्योंकि उनका कहना है कि ये जगह उनकी है. हम इसकी जांच करेंगे. पुलिस टीम ने उस जगह की नपाई भी कर ली है, जहां पुलिस चौकी बननी है. जिस जगह पर चौकी का निर्माण किया जाएगा, उस जगह पर चूना डालकर चिह्नित किया गया है. 24 नवंबर को मस्जिद में सर्वे के दौरान भड़की थी हिंसा बता दें कि संभल की शाही जामा मस्जिद में एक याचिका पर अदालत के आदेश के बाद सर्वेक्षण किया गया था, जिसमें दावा किया गया कि वहां हरिहर मंदिर था. जब 24 नवंबर को सर्वे की टीम मस्जिद के अंदर थी तभी मस्जिद के बाहर हिंसा भड़क गई. इस दौरान भीड़ ने पुलिस टीम पर पथराव किया, फायरिंग की और गाड़ियों को भी जला दिया. इस पर काबू पाने के लिए पुलिस आंसू गैंस से लेकर फायरिंग तक की. इस हिंसा में चार युवकों की मौत हो गई. इस मामले में पुलिस ने अबतक करीब 50 उपद्रवियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि 90 की तलाश कर रही है.  

गंगा में युवती कूद कर की खुदखुशी की कोशिश , गोताखोरों ने बचाया

हापुड़/अमरोहा अमरोहा के गजरौला में ब्रजघाट गंगा पुल से गंगा में कूदी युवती को गोताखोरों ने बचा लिया। सूचना पर गए पुलिसकर्मी युवती को अपने साथ ले गए। उसके परिजनों को बुलाया। जिनके साथ युवती को भेजा जा रहा है। घटना सुबह 8.30 बजे की है। प्रत्यक्षदर्शियों और हापुड़ जिले के ब्रजघाट गंगा तट पर मुस्तैद गोताखोरों ने बताया कि एक युवती ब्रजघाट गंगा पुल की हादसे से बचाने के लिए बनाई लोहे की जाली पर चढ़ी। फिर कुछ मिनट तक बैठने के बाद युवती ने गंगा में छलांग लगा दी। उसे कूदते देख गंगा तट पर मुस्तैद गोताखोर चंद्रभान, विशाल, रोशन, राजू, विनोद, कुंवरपाल, मुकेश, दीपचंद नाव लेकर दौड़ पड़े। गंगा जल में डूबने से बचने लिए संघर्ष कर रही युवती को गोताखोरों ने मशक्कत कर बचाया। उसे नाव में बैठाकर किनारे पर ले गए। पता लगने पर ब्रजघाट चौकी के पुलिसकर्मी पहुंच गए। युवती को अपने साथ ले गए। वह हापुड़ जिले के गढ़मुक्तेश्वर थाना क्षेत्र के गांव निवासी है। युवती को परिजनों के साथ भेज दिया गया। पारिवारिक कलह में गंगा में कूदी थी युवती पुलिस ने बताया कि 27 वर्षीय युवती पारिवारिक कलह में गंगा में कूदी थी। 16 जनवरी 2025 को युवती की शादी है। लेकिन किसी बात से परेशान थी। परेशान  युवती घर से निकली और खुदकुशी की कोशिश की, ब्रजघाट चौकी इंचार्ज इंद्रकांत यादव ने बताया कि पुल से कूदने वाली युवती को गोताखोरों ने बचा लिया है। फिलहाल युवती को परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया है।

बावड़ी की पहली मंजिल के गलियारों से हटा रहे मिट्टी, एएसआई की टीम भी पहुंच कर जांच पड़ताल में जुटी

संभल संभल के चंदौसी में मुस्लिम बहुल मोहल्ला लक्ष्मणगंज में मिली बावड़ी में सातवें दिन बावड़ी की पहली मंजिल के गलियारों से मिट्टी हटाने का काम जारी है। एएसआई की टीम भी बावड़ी स्थल पर पहुंच कर जांच पड़ताल में जुटी है। इससे पहले, गुरुवार को भी पहली मंजिल के गलियारों से मिट्टी हटाने का काम किया गया। 40 से 45 मजदूर गलियारों से मिट्टी निकाल कर ट्रैक्टर-ट्राली में भरने में लगे रहे। दिन भर की मेहनत के बाद पहली मंजिल के एक साइड के गलियारे का पूरा फर्श साफ कर दिया गया है। वहीं बावड़ी में उतर रही सीढ़ियों के सामने बावड़ी का कुआं बताया जा रहा है। वहां मिट्टी इकट्ठा कर वहां की खोदाई पर फिलहाल रोक लगा दी गई है। नगर पालिका के अधिकारियों का कहना है कि पहली मंजिल की पूरी तरह से सफाई होने के बाद ही कुआं की साइड वाली की मिट्टी निकाली जाएगी। बृहस्पतिवार को भी सुबह साढ़े 10 बजे करीब नगर पालिका परिषद की सेनेटरी इंस्पेक्टर प्रियंका सिंह टीम के साथ मौके पर पहुंची। दो शिफ्ट में 40-45 मजदूरों की ड्यूटी लगाई जा रही है। लंच टाइम तक एक टीम काम कर रही है तो लंच के बाद दूसरी टीम काम कर रही है। सुबह 10 बजे एएसआई की टीम के सर्वे के बाद करीब 11 बजे मजदूर फावड़ा और परात लेकर बावड़ी के प्रथम मंजिल पर पहुंचे। जहां गलियारों से मिट्टी हटाने का काम शुरू किया। सीढ़ियों तक मजदूर लाइन में खड़े होकर एक दूसरे से मिट्टी से भरी परात लेकर ट्रैक्टर-ट्रॉली तक पहुंचा रहे थे।   शाम पांच बजे तक कार्य बंद कर दिया गया। तब तक बावड़ी में सीढ़ियों से उतरने के बाद दायीं ओर के गलियारे के फर्श को पूरी तरह से साफ कर दिया गया। जबकि दूसरी तरफ के गलियारे की मिट्टी उस ओर के गेट पर लाकर काम रोक दिया गया। इतना ही नहीं बावड़ी की सीढ़ियों के सामने वाली साइड में कुआं बताया जा रहा है। जिससे वहां का गेट मिट्टी भर कर बंद कर दिया गया है। इसकी खोदाई ऊपरी मंजिल की सफाई करने के बाद ही होगी। चंदौसी के मोहल्ला लक्ष्मणगंज में बावड़ी का सर्वे करती एएसआई की टीम मुस्लिम बहुल मोहल्ला लक्ष्मणगंज में मिली बावड़ी की पहली मंजिल के गलियारों से मिट्टी हटाने का काम जारी है। उधर,तीसरे दिन भी एएसआई की टीम ने बावड़ी स्थल पर पहुंच कर जांच पड़ताल की। सुबह 10 बजे से टीम माैके पर पहुंची। उन्होंने बावड़ी की पहली मंजिल के गलियारों में घुस कर छानबीन कर फोटो और वीडियोग्राफी भी की। इसके अलावा बावड़ी की नापजोख की गई। नगर पालिका की सेनेटरी इंस्पेक्टर प्रियंका सिंह ने बताया कि एएसआई की सर्वे कर रही है। सदस्यों ने बावड़ी में फोटो व वीडियोग्राफी की। पहली मंजिल पर नापजोख भी की है। एएसआई टीम ने की बावड़ी की फोटो और वीडियोग्राफी इससे पहले, दूसरे दिन भी एएसआई की टीम ने बावड़ी स्थल पर पहुंच कर जांच पड़ताल की। बृहस्पतिवार की सुबह 10 बजे से पहले एएसआई टीम के राजेश कुमार और मुकेश कुमार बावड़ी पर पहुंचे। यहां उन्होंने बावड़ी की पहली मंजिल के गलियारों में घुस कर छानबीन की और फोटो लिए। वीडियोग्राफी भी की। साथ ही बावड़ी की नापजोख करने भी की। इतना ही नहीं बाद में नमूने भी ले जाने की बात कही है। संभल के चंदौसी में मुस्लिम बहुल मोहल्ला लक्ष्मणगंज में मिली बावड़ी को देखने के लिए जहां शहर के कोने-कोने से लोग पहुंच रहे हैं। वहीं कुछ लोग बावड़ी को देख कर वह अपने बचपन के समय में देखी बावड़ी के मॉडल को याद कर रहे हैं। यादों का ताजा करते हुए लोगों का कहना है कि बावड़ी का मुख्य गेट लोहे की सरियों का था। दो सीढि़यां चढ़ने के बाद लोहे के गेट से बावड़ी में प्रवेश किया जाता था। यहां किन्नर भी रहते थे। इस संदर्भ में बावड़ी देखने आए कुछ लोगों से बातचीत हुई तो उन्होंने बावड़ी से जुड़ी पुरानी यादों को ताजा किया। मैं किशोरावस्था में बावड़ी पर कई बार आया हूं। बावड़ी तीन मंजिला इमारत है। बावड़ी में जाने वाली सीढि़यों से पहले लोहे की सरियों का गेट भी है। गेट से पहले दो सीढि़यां बनी हैं। उस गेट से होकर बावड़ी में प्रवेश किया जाता था। इसके अलावा मुख्य गेट पर एक शिलापट लगा हुआ है। बावड़ी किसने बनवाई थी और कब बनी थी। शिलापट पर अंकित है। -मन्तेश वार्ष्णेय, व्यापारी मैं यहां किशोरावस्था में कई बार आया हूं। उस समय यहां किन्नर रहते थे। आसपास शरीफा, कमरख और अमरूद की बगिया थी। कुआं भी स्पष्ट दिखई देता था। बावड़ी की एक मंजिल दिख गई है। अब दो मंजिल और रह गई हैं। -अनिल अग्रवाल, व्यापारी 

12 वर्षीय किशोरी ने अपने बाबा, पिता और चाचा पर लगाया दुष्कर्म का आरोप, पिता और चाचा को हिरासत में

औरैया यूपी के औरैया से सनसनीखेज खबर सामने आई है। अपनी मौसी के साथ गुरुवार शाम बिधूना कोतवाली पहुंची 12 वर्षीय किशोरी ने अपने बाबा, पिता और चाचा पर दुष्कर्म का आरोप लगाते हुए तहरीर दी। उसने दो माह की गर्भवती होने की भी बात बताई। इस पर हरकत में आई पुलिस ने किशोरी से तहरीर लेकर पूछताछ शुरू की। वहीं, उच्चाधिकारियों ने मामला संज्ञान में आने पर आरोपियों पर रिपोर्ट दर्ज करने का आदेश दिया। पुलिस ने पीड़िता को मेडिकल परीक्षण के लिए भेजते हुए आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है। बिधूना क्षेत्र के एक गांव निवासी किशोरी के 40 वर्षीय पिता किसानी करते हैं। बाबा (60), चाचा (35) बकरियां चराते हैं। पीड़िता ने कोतवाली पहुंचकर पुलिस को बताया कि उसके पिता, बाबा और चाचा उसकी मां का शारीरिक शोषण करते थे, जिसके चलते कुछ समय पहले मां उसे साथ लेकर दिल्ली चली गई थी। कुछ समय पहले पिता और चाचा दिल्ली पहुंचकर उसे अपने साथ गांव ले आए। आरोप है कि करीब एक साल से अक्सर बाबा खेत में, चाचा कमरे में अकेला पाकर और पिता ने हाथ-पैर बांधकर जबरन उससे दरिंदगी शुरू कर दी। किसी से कुछ भी बताने पर जान से मारने की धमकी दी। इसके चलते उसने किसी से कुछ नहीं बताया और सब कुछ सहती रही। हाल ही में उसे पता चला कि वह दो माह की गर्भवती है। यह बात तीनों आरोपियों को पता चली तो उन्होंने पीटना शुरू किया। हत्या की योजना बनाना शुरू कर दी।  इस बीच किशोरी ने हिम्मत जुटाकर दिबियापुर में रहने वाली अपनी मौसी के यहां पहुंचकर उन्हें सारी बात बताई। इसके बाद गुरुवार को मौसी नाबालिग को साथ लेकर कोतवाली पहुंची और रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने आरोपी पिता और चाचा को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है।   ‘बिधूना कोतवाली में एक नाबालिग ने अपने बाबा, पिता व चाचा पर दुष्कर्म का आरोप लगाया है। नाबालिग के दो माह के गर्भ से होने की बात भी सामने आई है। आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। मामले की जांच की जा रही है।’ -आलोक मिश्रा, अपर पुलिस अधीक्षक  

गंगा पुल से युवती ने नदी में लगाई छलांग, परिवार से नाराज थी

गजरौला  घरेलू कलह के चलते एक युवती अपनी जीवन लीला समाप्त करने के लिए ब्रजघाट में पहुंच गई। यहां पर उसने पुल से गंगा में छलांग लगा दी। युवती को गंगा में कूदता हुआ देखकर गोताखोर भी पहुंच गए। काफी मशक्कत के बाद युवती को बचा लिया गया। घटना का लाइव वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है। मामला शुक्रवार की सुबह का है। एक युवती घर पर विवाद होने के बाद ब्रजघाट में पहुंची। यहां पुल पर लगे लोहे की जाल के ऊपर चढ़कर बैठ गई। इस दौरान एक व्यक्ति चिल्लाते हुए युवती को बचाने के लिए उसके पास पहुंचा तो युवती एकदम गंगा में कूद गई। इस बीच यहां घाट पर मौजूद गोताखोर चंद्रभान, विशाल, रोशन, राजू, विनोद, कुंवरपाल, मुकेश, दीपचंद आदि ने काफी मशक्कत के बाद युवती को सकुशल बचा लिया। मौके पर पहुंची पुल‍िस मामले की जानकारी मिलने पर गढ़ क्षेत्र की ब्रजघाट पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। युवती के भाई को भी मौके पर बुला लिया गया। प्राथमिक उपचार के बाद युवती को स्वजन अपने साथ ले गए। गोताखोर दीपचंद ने बताया कि पारिवारिक विवाद होने के बाद युवती ने जीवन लीला समाप्त करने की मंशा से यह कदम उठाया था। उसे नाव में बैठाकर किनारे पर ले गए। पता लगने पर ब्रजघाट चौकी के पुलिसकर्मी पहुंच गए। युवती को अपने साथ ले गए। वह हापुड़ जिले के गढ़मुक्तेश्वर थाना क्षेत्र के गांव निवासी है। युवती को परिजनों के साथ भेज दिया गया। पारिवारिक कलह में गंगा में कूदी थी युवती पुलिस ने बताया कि 27 वर्षीय युवती पारिवारिक कलह में गंगा में कूदी थी। 16 जनवरी 2025 को युवती की शादी है। लेकिन किसी बात से परेशान थी। परेशान  युवती घर से निकली और खुदकुशी की कोशिश की, ब्रजघाट चौकी इंचार्ज इंद्रकांत यादव ने बताया कि पुल से कूदने वाली युवती को गोताखोरों ने बचा लिया है। फिलहाल युवती को परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया है।    

नए साल से पहले उत्तर प्रदेश के पुलिस महकमे के लिए एक खुशखबरी सामने आई, 70 से अधिक IPS अफसरों के प्रमोशन पर लगी मुहर, DPC की बैठक में हुआ तय

लखनऊ उत्तर प्रदेश के पुलिस महकमे से एक बड़ी खुशखबरी सामने आई है. उत्तर प्रदेश पुलिस के 70 से अधिक IPS अधिकारियों के प्रमोशन करने पर शासन ने अपनी मोहर लगा दी है. मुख्य सचिव की अध्यक्षता में हुई बैठक में यह फैसला लिया गया है. इसके अलावा 2000 बैच के तीन आईपीएस अधिकारियों को भी ADG के पद पर प्रमोशन मिला हैं. 31 दिसंबर को रिटायर्ड होने पर एडीजी अभियोजन दीपेश जुनेजा के प्रमोशन करने की मंजूरी प्रदान की गई. मुख्य सचिव की अध्यक्षता में हुई डीपीसी की बैठक में उत्तर प्रदेश पुलिस के 70 से अधिक आईपीएस अधिकारियों का प्रमोशन करने की सहमति विभागीय पदोन्नति समिति में बनी. मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह की अध्यक्षता में हुई डीपीसी की बैठक में डीजी सीबीसीआईडी एसएन साबत 31 दिसंबर को सेवानिवृत्त होने पर एडीजी अभियोजन दीपेश जुनेजा को पदोन्नति करने की मंजूरी प्रदान की गई. इसी के साथ 2000 बैच के 3 IPS अधिकारियों को एडीजी के पद पर प्रमोशन मिला है. 3 IPS अधिकारियों का ADG पद पर हुआ प्रमोशन आईजी रेंज लखनऊ प्रशांत कुमार द्वितीय, आईजी एटीएस नीलाब्जा चौधरी शामिल और नोएडा की पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह का नाम शामिल हैं. इन सभी को एडीजी के पद पर प्रमोशन मिला है. इसी के साथ 2007 बैच के 10 IPS अधिकारियों को DIG से IG के पद पर प्रमोट करने पर बैठक में सहमति बनी हैं, जिसमें गीता सिंह, विपिन कुमार मिश्रा, योगेश, जोगिंदर कुमार, विनोद कुमार सिंह, रवि शंकर छवि, राकेश प्रताप सिंह, अमित पाठक, भारती सिंह और बाबूराम का नाम शामिल हैं. SSP से DIG के पद पर किया प्रमोट कई IPS अधिकारियों को SSP से DIG के पद पर प्रमोट किया गया है, जिसमें 2010 और 11 बैच के शैलेश पांडे, अरुण कुमार श्रीवास्तव, अजय पाल शर्मा, डॉ अरविंद चतुर्वेदी, अरविंद कुमार मौर्य, स्वप्निल ममगैन, डी प्रदीप कुमार, राजेश कुमार सक्सेना, राजेश यश, कमला प्रसाद यादव, आलोक प्रियदर्शी, शालिनी, हेमंत कुटियाल, सुभाष सकेत, अजय कुमार, विकास वैध, अभिषेक सिंह, सुनीता सिंह, सुधा सिंह और दिनेश सिंह समेत कई अन्य अधिकारियों के नाम भी शामिल हैं. इसके अलावा 2012 बैच के 15 आईपीएस अधिकारियों को SP से SSP के पद पर और 20 अफसर को SP से SSP रैंक प्रमोशन पर सहमति बनी हैं. अलग-अलग बैच के अधिकारियों को मिलेंगे अलग-अलग प्रमोशन  इसके साथ ही 2010 और 2011 बैच के आईपीएस अफसर डीआईजी पद पर भी प्रमोट होंगे. डीआईजी बनने वालों में शैलेश पांडे, अजय कुमार, अभिषेक सिंह, अजय पाल शर्मा, राजेश एस, आलोक प्रियदर्शी, सुधा सिंह, हेमंत कुटियाल, शालिनी, स्वप्निल ममगाईं, डॉ. प्रदीप कुमार, अरुण कुमार श्रीवास्तव, विकास कुमार वैद्य, राजेश कुमार सक्सेना, डॉक्टर अरविंद चतुर्वेदी, सुनीता सिंह, दिनेश सिंह, कमला प्रसाद यादव, अरविंद कुमार मौर्य शामिल हैं. इसके अलावा 2012 बैच के 15 आईपीएस अफसर एसपी से एसएसपी बनाए जाएंगे. वहीं 20 आईपीएस अफसर को ASP से SP पद पर भी प्रमोट किया जाएगा.

आतंकियों को मारने पर खालिस्तानी पन्नू और नीटा दे रहा धमकी, उत्तरप्रदेश-पीलीभीत में एनकाउंटर टीम की बढ़ेगी सुरक्षा

पीलीभीत। पीलीभीत एनकाउंटर पर आतंकी पन्नू और नीटा के धमकी भरे वीडियो के बाद शासन स्तर से भी पूरे मामले को लेकर गंभीरता बरती जा रही है। उच्च अधिकारी खुद पूरे मामले पर नजर बनाए हैं। पीलीभीत जिले के अफसरों से पल-पल की अपडेट ली जा रही है। माना जा रहा है कि धमकी भरा वीडियो आने के बाद शासन स्तर से आतंकियों का एनकाउंटर करनी वाली टीम की सुरक्षा बढ़ाई सकती है। पूरनपुर में 23 दिसंबर की सुबह पंजाब और उत्तर प्रदेश पुलिस ने मुठभेड़ में तीन आतंकियों को मार गिराया था। इसके बाद मंगलवार को खालिस्तानी आतंकी गुरपतवंत सिंह पन्नू व केजेडएफ के आतंकी रंजीत सिंह नीटा ने धमकी भरे वीडियो जारी किए। बदला लेने की बात कही गई। इसके बाद से शासन स्तर से गंभीरता बरती जाने लगी। पीलीभीत में घटना से जुड़ी हर अपडेट पर नजर रखी जा रही है। बरेली जोन के अफसर भी पल-पल की जानकारी जुटा रहे हैं। माना जा रहा है आतंकियों के पूरनपुर आने के पीछे मददगारों का हाथ हो सकता है। पुलिस के अलावा कई बड़ी एजेंसियां इस दिशा में लगातार कार्य कर रही हैं। बताया जाता है कि संवेदनशीलता को ध्यान में रखते हुए शासन स्थिति के आधार पर एनकाउंटर करने वाली टीम की सुरक्षा बढ़ाने पर भी विचार कर सकती है। टीम में एसपी अविनाश पांडेय के अलावा 10 पुलिस कर्मी शामिल रहे थे।

महाकुंभ से श्रद्धालुओं की संख्या भी बढ़ेगी, उत्तरप्रदेश-अयोध्या में रामलला के दर्शन की एक जनवरी से बढ़ेगीअवधि

अयोध्या। रामनगरी में श्रद्धालुओं की भीड़ तेजी से बढ़ रही है। बुधवार को शाम सात बजे तक 1.05 लाख भक्तों ने रामलला के दरबार में हाजिरी लगाई है। 25 दिसंबर को क्रिसमस की छुट्टी होने के चलते बड़ी संख्या में श्रद्धालु अयोध्या पहुंचे। आलम यह रहा कि वीआईपी दर्शन के सभी स्लॉट सुबह 11:00 बजे तक ही फुल हो गए थे। नववर्ष यानी एक जनवरी को भी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ने की संभावना है। इसको देखते हुए एक जनवरी को राम मंदिर ट्रस्ट रामलला की दर्शन अवधि में एक घंटे की वृद्धि करने की योजना बना रहा है। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्य डॉ. अनिल मिश्र ने कहा कि प्रयागराज में आने वाले श्रद्धालुओं की सहूलियत को देखते हुए ट्रस्ट ने निर्णय लिया है कि रामलला के दर्शन का समय एक जनवरी से एक घंटे के लिए बढ़ाया जाएगा। उन्होंने बताया कि इस साल 22 जनवरी को प्राण प्रतिष्ठा के बाद देश और दुनिया से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए बहुत व्यवस्थित व्यवस्था की गई है। सात प्रवेश मार्गों का इस्तेमाल किया जाता है। यात्रियों की सुविधा के लिए वस्तुओं को रखने और उनके जूते-चप्पल रखने की व्यवस्था है। तीर्थ यात्री सुविधा केंद्र में 2000 लोगों के बैठने की व्यवस्था है। पेयजल और चिकित्सा की व्यवस्था है। इन सब सुविधाओं का लाभ उठाया जा सकता है। इसके बाद दर्शन के लिए प्रस्थान करते हैं। सुरक्षा के बाद चार पंक्तियों से लोग जाते हैं। वहां पर रामलला के दर्शन बहुत दिव्यता से होते हैं। प्रतिदिन सुगमता पूर्वक तीन लाख लोग दर्शन कर सकते हैं। पंक्ति में रहकर नजदीक से दर्शन की व्यवस्था है। निकास मार्ग पर प्रसाद की व्यवस्था है। प्रत्येक श्रद्धालु जो यहां आता है, उसे प्रसाद मिलता है। प्रत्येक लाइन में बैठने के लिए बेंच भी है। तीन लाख लोग 40 से 45 मिनट में दर्शन कर सकते हैं। अब एक जनवरी से दर्शन की अवधि बढ़ाने का फैसला किया गया है। दर्शन की अवधि करीब एक घंटे और बढ़ाएंगे जिससे एक जनवरी को आने वाले श्रद्धालुओं और महाकुंभ में आने वाले भक्तों को सुविधा होगी।

टूरिज्म एण्ड वोकेशनल एजुकेशन में होगा फायदा, उत्तरप्रदेश-मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ व यामानाशी प्रीफेक्चर कम्पनी जापान में एमओयू

लखनऊ. उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी के समक्ष आज यहां उनकेआवास पर उत्तर प्रदेश सरकार और यामानाशी प्रीफेक्चर (जापान) के मध्यइण्डस्ट्रियल कॉपरेशन, टूरिज्म एण्ड वोकेशनल एजुकेशन के क्षेत्र में एम0ओ0यू0सम्पन्न हुआ। इस अवसर पर मुख्यमंत्री जी ने कहा कि उत्तर प्रदेश व जापान केसाथ हुआ एम0ओ0यू0 साझा लोकतांत्रिक मूल्यों के आधार पर मानवता के लिएमहत्वपूर्ण क्वाड देशों के साथ मिलकर कार्य करने के प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जीकी प्रतिबद्धता का परिणाम है। इससे पूर्व, मुख्यमंत्री जी ने जापान के यामानाशी प्रान्त के मा0 राज्यपाल श्रीकोटारो नागासाकी के नेतृत्व में आए प्रतिनिधिमण्डल का स्वागत जापानी भाषा मेंउद्बोधन के साथ किया। प्रदेश सरकार की ओर से मुख्य सचिव श्री मनोज कुमारसिंह और यामानाशी प्रान्त के गवर्नर्स पॉलिसी प्लानिंग ब्यूरो के महानिदेशक श्रीजुनीची इशिदेरा ने एम0ओ0यू0 का आदान प्रदान किया।2मुख्यमंत्री जी ने कहा कि उत्तर प्रदेश अनलिमिटेड पोटेंशियल का स्टेट है।आज इस एम0ओ0यू0 के बाद से भारत और जापान के सम्बन्धों को एक नई मजबूतीमिलेगी। अनलिमिटेड पोटेंशियल वाले इस राज्य में आपको सुखद अनुभव होगा।जापान से पधारे आप सभी को उत्तर प्रदेश के पोटेंशियल का पूरा लाभ मिलेगा।राज्य सरकार जापानी कम्पनियों के साथ सहयोग करने की इच्छुक है। यू0पी0ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2023 के पार्टनर कन्ट्री के रूप में भी जापान का बड़ासहयोग मिला था।मुख्यमंत्री जी ने कहा कि भारत और जापान के सम्बन्ध सदियों से मैत्रीपूर्ण रहेहैं। दोनों देशों के मध्य एक सहस्त्राब्दी से अधिक समय से रणनीतिक, सांस्कृतिक ववैश्विक सहभागिता की जड़ें जुड़ीं हुई हैं। भारत और जापान बड़ी अर्थव्यवस्था वालेदेश हैं। समान सामाजिक-आर्थिक विकास की प्राथमिकताओं के साथ लोकतांत्रिक,धर्मनिरपेक्ष एवं बहुलवादी प्रणालियों के साथ-साथ विश्व स्तरीय सामरिक दृष्टिकोणभी दोनों देशों के समान हैं। आज जब दुनिया के तमाम देश युद्ध में हैं, तब प्रधानमंत्रीश्री नरेन्द्र मोदी जी, भगवान बुद्ध के संदेश के माध्यम से दुनिया को शांति-सौहार्द वएकता के सूत्र में बांध रहे हैं। प्रधानमंत्री जी और जापान के पूर्व प्रधानमंत्री स्व0 शिंजोआबे के प्रगाढ़ सम्बन्धों ने भी भारत-जापान के राजनीतिक, आर्थिक और व्यावसायिकसम्बन्धों को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया।मुख्यमंत्री जी ने कहा कि भारत एवं जापान के मध्य आर्थिक सहयोग अत्यन्तसमृद्ध हैं। वर्तमान में उत्तर प्रदेश में कार्यरत 07 प्रमुख कम्पनियों (मित्सुईटेक्नोलॉजीज, होंडा मोटर्स, यामाहा मोटर्स, डेंसो, टोयोड्रंक, निसिन ए0बी0सी0लॉजिस्टिक्स, सेकिसुई डी0एल0जे0एम0 मोल्डिंग) सहित 1,400 से अधिक जापानीकम्पनियां भारत में संचालित हैं। दोनों देशों के मध्य वित्तीय वर्ष 2023-24 में 22.854बिलियन अमेरिकी डॉलर का द्विपक्षीय व्यापार हुआ है। इस अवधि में जापान से भारतको 17.69 बिलियन अमेरिकी डॉलर का निर्यात किया गया तथा 5.15 बिलियनअमेरिकी डॉलर का आयात किया गया।देश में सबसे अधिक जनसंख्या वाला राज्य उत्तर प्रदेश, आकार में भारत काचैथा सबसे बड़ा राज्य है। यहां निवासरत 25 करोड़ नागरिक इसे भारत का सबसेबड़ा श्रम एवं उपभोक्ता बाजार बनाते हैं। विगत साढ़े सात वर्षों में राज्य सरकार ने3प्रदेश में निवेश के लिए बेहतरीन माहौल तैयार किया है। रेल, रोड, एयर औरवॉटर-वे की बेहतरीन कनेक्टिविटी है। इससे उद्योगों को वैश्विक एवं घरेलू बाजारतक पहुंच बनाने में लॉजिस्टिक्स की सुलभता में वृद्धि हुई है। प्रदेश में देश का सबसेबड़ा रेलवे नेटवर्क है। यह 16,000 किमी0 से अधिक है।वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर-8.5 प्रतिशत एवं ईस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेटकॉरिडोर 57 प्रतिशत का अधिकांश क्षेत्र उत्तर प्रदेश में आता है। दोनों फ्रेट कॉरिडोरका जंक्शन प्रदेश के दादरी (ग्रेटर नोएडा) में है। देश के सबसे विस्तृत राष्ट्रीयराजमार्ग नेटवर्क में से एक होने के नाते, उत्तर प्रदेश ने स्वयं को 13 वर्तमान एवंआगामी एक्सप्रेस-वे के साथ ‘एक्सप्रेस-वे राज्य’ के रूप में स्थापित किया है। 1,225किलोमीटर के 06 एक्सप्रेस-वे पूर्ण हो चुके हैं, जबकि 07 विकास के विभिन्न चरणोंमें हैं। ये एक्सप्रेस-वे पूरे राज्य में मैन्युफैक्चरिंग केन्द्रों को निर्बाध कनेक्टिविटी प्रदानकर रहे हैं। एक्सप्रेस-वे प्रदेश के रूप में उत्तर प्रदेश को नई पहचान मिल रही है।गंगा एक्सप्रेस-वे बनने के बाद देश के कुल एक्सप्रेस-वे में 55 प्रतिशत भागीदारीउत्तर प्रदेश की होगी। वर्तमान में कुल 1130 किमी0 लम्बाई के 05 एक्सप्रेस-वेसंचालित हैं।मुख्यमंत्री जी ने कहा कि मेरठ से प्रयागराज के मध्य 594 किमी0 के गंगाएक्सप्रेस-वे सहित 720 किमी0 लम्बाई के 03 एक्सप्रेस-वे निर्माणाधीन हैं। अयोध्या,लखनऊ, वाराणसी एवं कुशीनगर में क्रियाशील तथा जेवर में निर्माणाधीन एशिया केसबसे बड़े अन्तरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के विकसित होने से उत्तर प्रदेश 05अन्तरराष्ट्रीय हवाई अड्डों वाला देश का एकमात्र राज्य बनने जा रहा है। वर्तमान में16 घरेलू, जिसमें 04 अन्तरराष्ट्रीय हवाई अड्डे संचालित हैं।मुख्यमंत्री जी ने कहा कि यामानाशी प्रीफेक्चर और उत्तर प्रदेश दोनों में एकबड़ी साम्यता है। दोनों ही लैंडलॉक्ड स्टेट हैं, दोनों की अपनी सीमाएं हैं। उत्तर प्रदेशने अपनी इस समस्या को एक चुनौती के रूप में लिया है और अब हमने ड्राई पोर्ट्सको विकसित किया है। इनलैंड वॉटर-वे को एक्टिव किया है। प्रदेश के वाराणसी सेपश्चिम बंगाल के हल्दिया तक देश का पहला वॉटर-वे प्रारम्भ हो चुका है। वाराणसीमें 100 एकड़ में भारत का पहला ‘फ्रेट विलेज’ विकसित हो रहा है। पूर्वी उत्तर प्रदेश4के निर्यात केंद्रों को पूर्वी भारत के बंदरगाहों से जोड़ने वाला यह गांव इनबाउण्ड औरआउटबाउण्ड कार्गो के लिए ट्रांस-शिपमेंट हब के रूप में कार्य करेगा।भारत की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था में से एक होने के नाते, उत्तर प्रदेश, राष्ट्रीयसकल घरेलू उत्पाद में लगभग 9.2 प्रतिशत का योगदान करता है। उत्तर प्रदेश भारतके फूड-बास्केट के रूप में जाना जाता है। राज्य में कृषि एवं खाद्य-प्रसंस्करण तथाडेयरी सेक्टर में अपार सम्भावनाएं हैं। उत्तर प्रदेश भारत में खाद्यान्न, दूध तथा गन्नेका सबसे बड़ा उत्पादक है। प्रदेश सरकार ने ग्रीन हाइड्रोजन नीति प्रख्यापित की है।ग्रीन हाइड्रोजन के क्षेत्र में 2.73 लाख करोड़ रुपये के 20 एम0ओ0यू0 हस्ताक्षरितकिये गये हैं। अयोध्या एवं अन्य 17 नगर निगमों का सोलर सिटी के रूप में विकासकिया जा रहा है।मुख्यमंत्री जी ने कहा कि जापान और भारत के बीच शताब्दियों से गहरेसांस्कृतिक सम्बन्ध रहे हैं। भगवान गौतम बुद्ध के पिता महराज शुद्धोधन की राजधानीकपिलवस्तु, पहला उपदेश स्थल सारनाथ, सर्वाधिक चातुर्मास प्रवास स्थल श्रावस्ती,महापरिनिर्वाण स्थली कुशीनगर सहित भगवान बुद्ध के अनेक स्मृतियां यहां संजोयीगई हैं। भगवान बुद्ध के इस स्थलों को आपस मे जोड़ते हुए हमने बौद्ध सर्किटडेवलप किया है। हमें प्रसन्नता होगी यदि आप सभी स्वयं एक बार इन स्थलों काविजिट करें।मुख्यमंत्री जी ने कहा कि इलेक्ट्रॉनिक्स एवं आई0टी0/आई0टी0ई0एस0 सेक्टरमें उत्तर प्रदेश को भारत के कुल मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग में लगभग 45 प्रतिशतयोगदान करने का गौरव प्राप्त है। यहां भारत के मोबाइल कम्पोनेण्ट्स के लगभग 55प्रतिशत निर्माता हैं। भारत के लगभग 26 प्रतिशत मोबाइल निर्माता उत्तर प्रदेश मेंक्रियाशील हैं … Read more

जन्म शताब्दी पर सुशासन दिवस आयोजित, उत्तरप्रदेश-मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल जी को किया नमन

लखनऊ. भारत के रक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह जी तथा उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथजी आज यहां लोक भवन मंे पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी की जन्म2शताब्दी के उपलक्ष्य में सुशासन दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में सम्मिलित हुए। इस अवसर परउन्होंने सुशासन विषय पर आयोजित विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेता छात्र-छात्राओं, स्वच्छसचिवालय अभियान के लिए सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग के अनुभाग अधिकारी, उत्तम औरस्वच्छ भवन के लिए व्यवस्था अधिकारी लोक भवन, शिकायत एवं सर्विस डिलीवरी आवेदनों केशत्-प्रतिशत निस्तारण हेतु प्रमुख सचिव कृषि विभाग व विशेष सचिव सूचना प्रौद्योगिकी एवंइलेक्ट्राॅनिक्स विभाग को सम्मानित किया। इसके पूर्व, उन्होंने लोक भवन प्रांगण में स्थापित श्रद्धेयअटल बिहारी वाजपेयी जी की प्रतिमा के सम्मुख स्थित उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलिदी।रक्षा मंत्री ने कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा कि आज सम्पूर्ण देश में पूर्व प्रधानमंत्रीभारत रत्न श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी की जन्मशताब्दी मनाई जा रही है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्रमोदी जी ने वर्ष 2014 में अटल जी के जन्मदिन को प्रतिवर्ष ‘सुशासन दिवस’ के रूप में मनाने कानिर्णय लिया था। तभी से प्रतिवर्ष लगातार उनके जन्मदिन को सुशासन दिवस के रूप में मनाया जारहा है। आज श्रद्धेय पं0 मदन मोहन मालवीय जी की भी जयन्ती है। उनका देश की आजादी तथाबनारस हिंदू विश्वविद्यालय जैसे शिक्षण संस्थानों को स्थापित करने में अहम योगदान रहा है। उनकीविश्वविद्यालय स्थापना की संकल्पना से अनुमान लगाया जा सकता है कि वह किस प्रकार के भारतको देखना चाहते थे।रक्षा मंत्री ने कहा कि सुशासन का तात्पर्य प्रत्येक व्यक्ति में अच्छे शासन के कारण अनुकूलसंवेदना का उत्पन्न होना है। व्यक्ति स्वयं को भय मुक्त महसूस करे। उसके जीवन की न्यूनतमआवश्यकताएं पूरी हो सकें, वह जो कुछ करना चाहता है, उसे करने का अवसर प्राप्त हो। यहीसुशासन होता है। श्रद्धेय अटल जी द्वारा देश को प्रदान की गई गवर्नेंस की सराहना देश केसाथ-साथ दुनिया के अन्य देशों में भी होती है। उस समय पहली बार स्वतंत्र भारत में देश कीविकास दर 8.4 प्रतिशत पर पहुंची थी। सुशासन के लक्ष्य को कैसे प्राप्त किया जा सकता है, यहअटल जी ने करके दिखाया। प्रधानमंत्री जी ने इसीलिए उनके जन्म दिन को सुशासन दिवस के रूपमें मनाने का निर्णय लिया।रक्षा मंत्री ने कहा कि दुनिया के सबसे शक्तिशाली देश अमेरिका के भारत में वर्तमान राजदूतश्री एरिक गारसेट्टी ने अभी हाल ही में एक कार्यक्रम में कहा कि ‘इफ यू वाॅन्ट टू सी द फ्यूचरकम टू इंडिया, इफ यू वाॅन्ट टू फील द फ्यूचर कम टू इंडिया, इफ यू वाॅन्ट टू वर्क आॅन फ्यूचर कमटू इंडिया’। यह सुशासन के कारण सम्भव हुआ है। हर व्यक्ति को सुख और आनन्द की अनुभूतिहो। वह भय मुक्त वातावरण में काम कर सके।रक्षा मंत्री ने कहा कि हम लोग एक दार्शनिक अवधारणा को लेकर चलने वाले व्यक्ति हैं। वहदार्शनिक अवधारणा हमें पं0 दीनदयाल उपाध्याय के माध्यम से प्राप्त हुई। उनका कहना था किप्रत्येक मनुष्य तन, मन, बुद्धि तथा आत्मा से मिलकर बना है। इन चारों आवश्यकताओं की पूर्ति परमनुष्य को सुख, आनन्द तथा परमानन्द की प्राप्ति होती है। तन की आवश्यकताओं को पूर्ण करने केलिए धन की आवश्यकता होती है। सुख की प्राप्ति के लिए मन की आवश्यकताओं को पूर्ण करना3आवश्यक है। बुद्धि के सुख की प्राप्ति के लिए ज्ञान की आवश्यकता होती है। व्यक्ति आत्मिक दृष्टिसे जितना बड़ा होता जाता है, उसके सुख तथा आनन्द की अनुभूति उसी प्रकार बढ़ती जाती है।इसीलिए अटल जी ने कहा था कि ‘छोटे मन से कोई बड़ा नहीं हो सकता, टूटे मन से कोईखड़ा नहीं हो सकता’। तन, मन, बुद्धि तथा आत्मा की आवश्यकताओं की पूर्ति करना ही गुड गवर्नेंसहै। व्यक्ति को अपनी शांति के लिए अपनी धार्मिक विधाओं को करने की स्वतंत्रता होनी चाहिए।उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री जी के नेतृत्व में प्रत्येक व्यक्ति के धार्मिक क्रिया-कलापों को निर्विघ्नसम्पादित करने का वातावरण निर्मित किया गया है।रक्षा मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री जी ने न्यूनतम आवश्यकताओं की पूर्ति हेतु देश के 80 करोड़लोगों को निःशुल्क राशन उपलब्ध कराया है। योग्यता व क्षमता के आधार पर लोगों को रोजगार केअनेक अवसर प्रदान किये जा रहे हैं। विगत 08 वर्षों में देश में 25 करोड़ लोग गरीबी रेखा से उबरेहैं। यदि लोगों की न्यूनतम तथा वित्तीय आवश्यकताएं पूर्ण नहीं हुईं, तो यह सब कैसे सम्भव हुआ।इसे ही गुड गवर्नेंस कहते हैं। हम शत्-प्रतिशत सैचुरेशन की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।रक्षा मंत्री ने कहा कि मन के सुख के लिए मान तथा सम्मान आवश्यक होता है। कोई किसीको अपमानित न करे। कोई दहशत न फैलाए। प्रत्येक व्यक्ति स्वयं को भय मुक्त महसूस करे। यदिसमाज भय मुक्त होगा, तो प्रत्येक व्यक्ति सुख तथा आनन्द की प्राप्ति करेगा। कानून-व्यवस्था राज्यका विषय होता है। मुख्यमंत्री जी इस दायित्व का बखूबी निर्वहन कर रहे हैं। सरकार सभी को शिक्षाप्रदान करने के लिए कृत संकल्पित है। शिक्षा की दिशा में अनेक नवाचार किये जा रहे हैं। वर्ष2014 से पूर्व देश में स्थापित एम्स, विश्वविद्यालय तथा अन्य शिक्षण संस्थानों की संख्या में वर्तमान मेंदो से ढाई गुना वृद्धि हुई है। यह सभी प्रयत्न इसलिए किए गए ताकि लोगों को अच्छी शिक्षा तथाज्ञान प्राप्त हो सके। इसके दृष्टिगत सरकार ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति में अनेक सुधार किए हैं।रक्षा मंत्री ने कहा की आत्मा के सुख के लिए भगवान या परमानन्द की आवश्यकता होती है।यदि थोड़ी देर के लिए मान लिया जाए कि आत्मा एक सर्कल है। जैसे-जैसे आप इस सर्कल कोबड़ा करते जाएंगे, मेग्नीट्यूड आॅफ सुख, मेग्नीट्यूड आॅफ आनन्द उसी अनुपात में बढ़ता जाएगा।एक ऐसा क्षण आएगा, जब परमानन्द की प्राप्त होगी। यदि इसे गणितीय भाषा में कहें, तोसरकमफेरेंस आॅफ मन इज डायरेक्टली प्रोपोर्शनल टू मेग्नीट्यूड आॅफ सुख एण्ड आनन्द। परमानंदका कोई मेग्नीट्यूड नहीं होता, वह अनन्त तथा असीम है। जो सरकार इन चारों आवश्यकताओं कीपूर्ति करे, वही सुशासन के पथ पर चलने वाली सरकार होती है। जब रोते हुए छोटे मासूम बच्चे कोउसकी मां जमीन से उठाकर अपने सीने से लगाती है, तो उस समय मन को जिस सुख कीअनुभूति होती है, वही आत्मा का सुख होता है।रक्षा मंत्री ने कहा कि अटल जी ने सन् 1999 में देश में गोल्डन क्वॉड्रिलैटरल तथा नॉर्थ,साउथ, ईस्ट व वेस्ट कॉरिडोर की योजना प्रारम्भ की थी। अटल जी का रोड कनेक्टिविटी कासंकल्प केवल बड़े शहरों को जोड़ने तक सीमित नहीं था, बल्कि उन्होंने देश के गांवों को भी … Read more

प्रधानमंत्री के ’सुरक्षित महाकुम्भ’ की परिकल्पना के आवश्यक प्रबन्ध करें, उत्तरप्रदेश-मुख्यमंत्री ने प्रयागराज में की महाकुम्भ-2025 की तैयारियों की समीक्षा

लखनऊ. उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज जनपद प्रयागराज मेंजनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के साथ आई0सी0सी0सी0 सभागार में महाकुम्भ-2025की तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि महाकुम्भ से पहले प्रयागराज में चल रहेसभी टैक्सी, ऑटो, ई-रिक्शा चालकों का पुलिस सत्यापन कराया जाए। प्रदेश पुलिस को इण्टेलिजेंस को और बेहतर करने तथा भारत सरकार की सुरक्षा एजेंसियों के साथलगातार संवाद-समन्वय बनाये रखने के निर्देश देते हुए उन्होंने कहा कि हाल के समयमें प्रयागराज के आस-पास माफियाओं पर बड़ी कार्रवाई हुई है। महाकुम्भ से पहलेउनके गुर्गों पर आवश्यकतानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने ’सुरक्षित महाकुम्भ’ कीपरिकल्पना की है। इसके दृष्टिगत सभी आवश्यक प्रबन्ध किए जाएं। सुरक्षा बलों कीतैनाती के बारे में जानकारी लेते हुए उन्होंने कहा कि अब तक जिन 20 हजारपुलिसकर्मियों की तैनाती हुई है, उन सभी का प्रशिक्षण जरूर करा लिया जाए। उन्होंनेमहाकुम्भ में फायर सेफ्टी, घाट सुरक्षा तथा चिकित्सा सहायता आदि के सम्बन्ध में की2जा रही व्यवस्थाओं को पुख्ता बनाने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सुरक्षा केदृष्टिगत एण्टी ड्रोन सिस्टम की उपलब्धता भी की जाए। यह सुनिश्चित किया जाए किमेला क्षेत्र में निराश्रित पशुओं का आवागमन न हो। प्रयागराज नगर में ट्रैफिक जाम केसमाधान के लिए पुख्ता कार्ययोजना तैयार करने पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि फुटपेट्रोलिंग बढ़ाए जाने की आवश्यकता है।मुख्यमंत्री जी ने कहा कि महाकुम्भ में सर्वाधिक श्रद्धालु सड़क मार्ग से आएंगे।अयोध्या, वाराणसी, लखनऊ और मीरजापुर की ओर से बड़ी संख्या में लोगों का आगमनहोगा। इसलिए शीर्ष प्राथमिकता के साथ प्रयागराज आने वाले सभी मार्गों केनवनिर्माण/सुदृढ़ीकरण के कार्यों को पूरा कर लिया जाए। इसमें किसी प्रकार कीकोताही नहीं होनी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए कि इन मार्गों परयदि कहीं भी अतिक्रमण किया गया हो, तो प्रभावी कार्यवाही करते हुए उसे हटायाजाए। ज्ञातव्य है कि मुख्यमंत्री जी ने प्रयागराज महाकुम्भ की ओर आने वाले सभी मार्गोंके नवनिर्माण/सुदृढ़ीकरण के कार्यों के लिए 05 जनवरी, 2025 की अंतिम तारीख तयकी है।मुख्यमंत्री जी ने कहा कि सेतु निगम के 14 में से 12 सेतुओं का कार्य पूर्ण होगया है। यह संतोषजनक है। शेष दो सेतुओं का कार्य 05 जनवरी, 2025 तक पूरा करलिया जाए। संगम नोज पर ड्रेजिंग के कार्य में और तेजी की अपेक्षा है। 30 दिसम्बर,2024 तक यह कार्य पूरा कर लिया जाए। उन्होंने निर्देश देते हुए कहा कि मेला क्षेत्र मेंजल आपूर्ति के लिए पाइपलाइन बिछाने का कार्य प्रत्येक दशा में 30 दिसम्बर, 2024तक पूरा कर लिया जाए। हर सेक्टर में 24×7 शुद्ध जल की आपूर्ति सुनिश्चित कीजाए। सड़कों की मरम्मत एवं डिवाइडर की साज-सज्जा आदि का कार्य इसी माह केअन्त तक पूरा कर लें।मुख्यमंत्री जी ने निर्देशित किया कि जो पाण्टून पुल अभी तक क्रियाशील नहीं हुएहैं, उन्हें प्रत्येक दशा में एक सप्ताह में तैयार करा लिया जाए। ज्ञातव्य है कि मुख्यमंत्रीजी के इस एक दिवसीय दौरे के साथ ही प्रयागराज नगर में सूबेदारगंज सेतु पर एक3तरफ से आवागमन प्रारम्भ हो गया। तय समय-सीमा के अनुसार, पुल की एक लेन को31 दिसम्बर, 2024 और दूसरी लेन को मकर संक्रांति से पहले पूरा किया जाना था।लेकिन, यह काम एक सप्ताह पहले ही पूरा कर दिया गया। सूबेदारगंज पुल के निर्माणमें 350 करोड़ रुपये से अधिक खर्च हुए हैं।मुख्यमंत्री जी ने अखाड़ों, धार्मिक संस्थाओं और साधु-संतों को भूमि आवंटन कीअद्यतन स्थिति के बारे में भी जानकारी ली। मुख्यमंत्री जी ने कहा कि नियमानुसार सभीको आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध करा दी जाएं। उन्होंने निर्देश दिए कि विभिन्न राज्यों कीओर से महाकुम्भ में अपने शिविर स्थापित करने के अनुरोध मिल रहे हैं, इस सम्बन्ध मेंयथोचित निर्णय तत्काल ले लिया जाए। नई संस्थाओं को भूमि आवंटन करने से पूर्वउनका सत्यापन भी कराया जाए।मुख्यमंत्री जी ने कहा कि महाकुम्भ विश्व को भारतीय सनातन संस्कृति सेसाक्षात्कार कराने का सुअवसर है। यह स्वच्छता, सुरक्षा और सुविधा का मानक भीहोगा। ’स्वच्छ महाकुम्भ’ की अवधारणा पर बल देते हुए उन्होंने जनप्रतिनिधियों कोप्रयागराज की स्वच्छता के लिए आगे बढ़कर काम करने के लिए प्रेरित किया। मुख्यमंत्रीजी ने निर्देश दिए कि महाकुम्भ के दृष्टिगत 7,000 से अधिक बसें लगाई जाएंगी। यहांडेढ़ लाख से अधिक शौचालय स्थापित किए जाएंगे। स्वच्छता पर जोर देते हुए उन्होंनेनिर्देश दिए कि 10 हजार कर्मचारियों की तैनाती कर, यहां की सफाई व्यवस्था को सुदृढ़बनाए रखा जाए।

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