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शादी के मंडप पर दुल्हन ने मांग का पोंछा सिंदूर, दूल्हे ने लड़की के पिता से की थी बुलेट की मांग

आगरा यूपी के आगरा में आयोजित एक शादी समारोह में वो देखने को मिला जो पहले किसी ने शायद ही देखा हो। यहां दिल्ली से बारात आई थी। बारातियों का लड़की वालों ने जमकर सत्कार किया। शादी की सभी रस्मे शुरू हुईं। सात फेरे भी हो गए। इसके बाद दूल्हे ने कुछ ऐसा कह दिया कि सुनते ही दुल्हन का माथ ठनक गया। दूल्हे ने लड़की के पिता से बुलेट मांगी, लेकिन लड़की वालों ने बुलेट देने में असमर्थता जताई। दूल्हा इसके बाद भी नहीं माना और अपनी जिद पर अड़ा रहा। दुल्हन ने दूल्हे का घमंड मिनटो में चकनाचूर कर दिया। कुछ देर पहले दूल्हे ने जो सिंदूर भरा था, दुल्हन उसे अपने हाथों से पोछ डाला और शादी तोड़ दी। यह देखकर लड़का और लड़के वाले दंग रह गए। पूरा मामला कुबेरपुर क्षेत्र का है। यहां दिल्ली से के करावल नगर से बारात आई थी। बारातियों की लड़की वालों ने खूब खातिरदारी की। शादी की सभी रस्मे शुरू हुईं और फिर सात फेरों का समय आ गया। लड़का और लड़की दोनों शादी के लिए मंडप में पहुंचे, जहां दोनों का विवाह संपन्न हुआ। लड़के ने दुल्हन की मांग में सिंदूर भरा। इसके बाद विदाई की रस्मे शुरू हो गईं। अभी दुल्हन मंडप में ही थी कि दूल्हे ने लड़की के पिता के बुलेट की मांग कर दी। यह सुनते ही लड़की पक्ष को एक जोरदार झटका लगा। लड़की वालों ने बुलेट देने में असमर्थता जताई, लेकिन दूल्हा अपनी जिद पर अड़ा रहा। अपने घमंड के चलते दूल्हे टस से मस नहीं हुआ और बुलेट न मिलने पर दुल्हन को न ले जाने की बात करने लगा। इसके बाद शादी में तनाव का माहौल पैदा हो गया। यह देखकर दुल्हन का माथा ठनक गया। दुल्हन ने खुद ही जाने से मना कर दिया और मंडप की नीचे ही अपनी मांग में भरा सिंदूर पोछ डाला। हालांकि इससे पहले दूल्हे को मनाने की बहुत कोशिश की गई लेकिन वह नहीं माना। मामला पुलिस तक पहुंच गया। पुलिस ने दोनों पक्षों को बुलाकर बातचीत की। पंचायत भी बुलाई गई, लेकिन बात नहीं बन सकी। इसके बाद दोनों पक्षों से एक-दूसरे का सामान वापस करवा दिया गया। दूल्हा बिना दुल्हन के ही दिल्ली लौट गया।

ब्रज की होली में मुसलमानो के प्रवेश पर लगे प्रतिबंध, BJP विधायक ने किया समर्थन, जानें क्या कहा?

मथुरा /पटना मथुरा के संतों ने होली पर ब्रज में मुस्लिमों की एंट्री बैन करने की मांग का बिहार के भाजपा विधायक हरिभूषण ठाकुर ने भी समर्थन किया है। उन्होंने साधु संतों की मांगों का समर्थन करते हुए कहा कि निश्चित रूप से जो हमारी संस्कृति को नहीं मानते हैं, उन्हें ऐसे आयोजनों पर जाने से रोका जाना चाहिए। भाजपा के विधायक हरिभूषण ठाकुर ने कहा कि जिनके मदरसों में पढ़ाया जाता है कि चेहरे पर रंग लग जाने से अल्लाह दंड देगा, उन्हें रंगों के त्योहार में नहीं जाना चाहिए। अल्लाह देता है दंड- बीजेपी विधायक बीजेपी के विधायक हरिभूषण ठाकुर ने कहा कि जिनके मदरसों में पढ़ाया जाता है कि चेहरे पर रंग लग जाने से अल्लाह दंड देगा, उन्हें रंगों के त्योहार में नहीं जाना चाहिए. साधु संतों की मांग का समर्थन करते हुए उन्होंने कहा कि जब वे हमारे देवी-देवता को नहीं मानते हैं, हमसे बैर रखते हैं, तो ऐसे किसी भी आयोजन में जहां सनातन संस्कृति का उत्सव हो, वहां मुस्लिम बंधुओं को नहीं जाना चाहिए. उन्होंने हालांकि यह भी कहा कि उनके भी पूर्वज हिन्दू ही थे. मथुरा में धूमधाम से मनाई जाती है होली गौरतलब है कि मथुरा में होली धूमधाम से मनाई जाती है. इस बीच मथुरा के संतों ने एक सुर में इस समारोह में मुस्लिमों के प्रवेश पर रोक लगाने की मांग की है. मथुरा के संतों का कहना है कि ब्रज की होली देखने देश-दुनिया से लोग मथुरा आते हैं. होली पर ब्रज में मुस्लिमों की एंट्री बैन होनी चाहिए. होली पर मुस्लिमों का क्या काम है? ब्रज में प्रयाग जैसा कानून लागू रहेगा. मुस्लिम होली में नहीं आने चाहिए. बिहार से भी मथुरा के साधु-संतों का समर्थन साधु-संतों की मांग का समर्थन करते हुए भाजपा के विधायक हरिभूषण ठाकुर ने कहा कि जब वे हमारे देवी-देवता को नहीं मानते हैं, हमसे बैर रखते हैं, तो ऐसे किसी भी आयोजन में जहां सनातन संस्कृति का उत्सव हो, वहां मुस्लिम बंधुओं को नहीं जाना चाहिए। उन्होंने हालांकि यह भी कहा कि उनके भी पूर्वज हिन्दू ही थे। ब्रज की होली में मुस्लिमों की एंट्री पर रोक मामला मथुरा में होली धूमधाम से मनाई जाती है। इस बीच मथुरा के संतों ने एक सुर में इस समारोह में मुस्लिमों के प्रवेश पर रोक लगाने की मांग की है। मथुरा के संतों का कहना है कि ब्रज की होली देखने देश-दुनिया से लोग मथुरा आते हैं। होली पर ब्रज में मुस्लिमों की एंट्री बैन होनी चाहिए। होली पर मुस्लिमों का क्या काम है? ब्रज में प्रयाग जैसा कानून लागू रहेगा। मुस्लिम होली में नहीं आने चाहिए। देश-दुनिया से ब्रज की होली में शामिल होते हैं श्रद्धालु ब्रज की होली कई दिन पहले शुरू हो जाती है, उमंग और जोश यहां पर एक अलग ही स्तर पर देखने को मिलता है। यहां पर दूर-दूर से लोग होली खेलने के लिए आते हैं। इसकी शुरुआत राधा की जन्मस्थली बरसाना से होती है। बरसाने की लठमार होली भगवान कृष्ण के काल में उनके द्वारा की जाने वाली लीलाओं का एक हिस्सा माना जाता है। ब्रज में कई दिन पहले से शुरू हो जाती है होली ब्रज की होली कई दिन पहले शुरू हो जाती है, उमंग और जोश यहां पर एक अलग ही स्तर पर देखने को मिलता है. यहां पर दूर-दूर से लोग होली खेलने के लिए आते हैं. इसकी शुरुआत राधा की जन्मस्थली बरसाना से होती है. बरसाने की लठमार होली भगवान कृष्ण के काल में उनके द्वारा की जाने वाली लीलाओं का एक हिस्सा माना जाता है.

तेज रफ्तार पछुआ हवाओं के चलते यूपी में मौसम हुआ सुहावना

लखनऊ राजधानी में रविवार को दिन में धूप खिली रही और तेज रफ्तार पछुआ हवाएं चलीं। रविवार की रात पारे में 3.4 डिग्री की गिरावट भी देखने को मिली। मौसम विभाग के मुताबिक सोमवार को भी रूखी हवाओं संग धूप की तल्खी जारी रहने वाली है। मंगलवार से उत्तरी पछुआ हवाओं की रफ्तार में इजाफा होगा। रविवार को लखनऊ में 30 से 35 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली पछुआ की वजह से हवा की गुणवत्ता में भी सुधार देखने को मिला। आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह कहना है कि मंगलवार को पहाड़ों से आ रही उत्तरी पछुआ हवाओं की रफ्तार 40 से 50 किमी प्रति घंटे पहुंच सकती है। ठंडी पछुआ हवाओं की वजह से धूप की तल्खी से फौरी तौर पर राहत मिलेगी। अधिकतम तापमान में 2 से 3 डिग्री की गिरावट भी देखने को मिल सकती है। हवाओं के मंद पड़ने पर फिर से पारे में बढ़त होगी। रविवार को दिन का पारा 1.7 डिग्री सेल्सियस की बढ़त के साथ 30.8 डिग्री सेल्सियस तो वहीं रात का पारा 3.4 डिग्री की गिरावट के साथ 16 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मार्च से मई के बीच ज्यादा रहेगा तापमान आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र लखनऊ के वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह ने बताया कि इस बार मार्च से मई के बीच न सिर्फ अधिकतम व न्यूनतम तापमान के सामान्य से अधिक रहने के संकेत हैं बल्कि हीट वेव के दिनों की संख्या में भी इजाफा होगा। उन्होंने बताया कि इस बार सर्दियों के दौरान पश्चिमी विक्षोभों की सक्रियता में कमी रही, इसकी वजह से प्रदेश में सामान्य से 88 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई, जबकि लखनऊ में यह कमी 98 प्रतिशत रही। इस वजह से फरवरी का अंत असामान्य रूप से गर्म रहा। इस बार गर्मियों के दौरान भी प्रदेश में पश्चिमी विक्षोभों की सक्रियता में कमी रहने का अनुमान है। प्रशांत महासागर में कमजोर ला-नीना परिस्थितियों के आगामी सीजन के दौरान तटस्थ नीनो परिस्थितियों में संभावित परिवर्तन के आसार हैं। फरवरी की आखिरी रात हमीरपुर में न्यूनतम तापमान 19.2 डिग्री दर्ज किया गया, जो वहां के फरवरी महीने के इतिहास में सबसे गर्म रात थी। इसी तरह, वाराणसी में 19.5 डिग्री और लखनऊ में 19.4 डिग्री सेल्सियस न्यूनतम तापमान दर्ज किया गया, जो इन दोनों शहरों में फरवरी की चौथी सबसे गर्म रात रही। शहर में हवा के झोकों कई बार उड़ी बिजली  शहर के कई क्षेत्रों में रविवार को 35 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से चलने वाली हवाओं से बिजली आपूर्ति प्रभावित हुई। यह संकट उन इलाकों में हुआ, जहां पर अब तक 11 हजार एवं 33 हजार वोल्ट की हाइटेंशन ओवर हेड लाइनों को छूने वाली पेड़ों की शाखाओं को काटा नहीं गया है। जहां पर हाइटेंशन लाइनें लंबी थीं, वहां बिजली आपूर्ति में ज्यादा व्यवधान पड़ा। अहिबरनपुर उपकेंद्र के तहत पक्का पुल, बागशाह जी, गोमती बंधा आदि इलाकों में सुबह से शाम तक पांच बार से ज्यादा उपभोक्ताओं की आपूर्ति बंद हुई। हालांकि, 10 से 20 मिनट में आपूर्ति चालू भी हो गई। हवाओं के चलते बार-बार ट्रिपिंग से बिजली उपकरणों पर असर पड़ा। इसी प्रकार गोमतीनगर के कई खंडों में दोपहर को 11 केवी लाइनों के फ्यूज उड़े तो उपकेंद्रों में धमाका भी हुआ। ऑपरेटर भी फीडर को दोबारा चालू करने में शाम तक मशक्कत करते रहे। गोमतीनगर में पेड़ ज्यादा होने के कारण हवा के तेज चलने पर ये समस्या आती है। डालीबाग कॉलोनी एवं तिलक मार्ग पर भी रविवार दोपहर में दो-तीन बार ट्रिपिंग के कारण आपूर्ति प्रभावित हुई। ग्रामीण अंचल में तो इस हवा के चलते ओवर हेड लाइनों की बिजली को एहतियातन बंद भी करना पड़ा।  

अमरोहा में दो बाइकों में आमने-सामने की भिड़ंत, तेज रफ्तार कैंटर ने कुचला, पति-पत्नी समेत एक युवक की मौत

अमरोहा कांठ रोड पर दो बाइकों की आमने-सामने की भिड़ंत के बाद जमीन पर गिरे चार लोगों को तेज रफ्तार कैंटर ने कुचल दिया। हादसे में सिहाली गांव निवासी जयवीर (40) उनकी पत्नी आदेश (38) और झनकपुरी निवासी जितेंद्र (30) की मौके पर मौत हो गई। जितेंद्र के दोस्त राजू गंभीर रूप से घायल हो गया। मौके पर पहुंची पुलिस ने घायल को अस्पताल में भर्ती कराया। बाद में तीनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। घायल की हालत भी नाजुक बनी हुई है। हादसे की जानकारी मिलते ही मृतकों के परिजनों में कोहराम मच गया। मृतक जयवीर नौगांवा सादात थानाक्षेत्र के सिहाली गांव के रहने वाले दिवंगत समरपाल सिंह के बेटे थे। उनके परिवार में पत्नी आदेश और दो बच्चे हैं। रविवार को जयवीर सिंह की ममेरी साली की शादी थी, जिसमें शामिल होने के लिए जयवीर अपनी पत्नी आदेश के साथ जस्सूनगला गांव गए थे। शाम को शादी निपटने के बाद दोनों बाइक पर सवार होकर घर लौट रहे थे। जैसे ही उनकी बाइक अमरोहा देहात थानाक्षेत्र के कांठ रोड स्थित छावा गांव के नजदीक पहुंची, तभी सामने से आ रही बाइक से टक्कर हो गई। इस बाइक पर अमरोहा देहात थानाक्षेत्र के झनकपुरी गांव के रहने वाले जितेंद्र और चकिया गांव के रहने वाले उनके दोस्त राजू सवार थे। राजू और जितेंद्र गन्ने का बीज खरीदने के इरादे से घर से निकले थे। टक्कर इतनी जबरदस्त हुई कि दोनों बाइकों पर सवार चारों लोग सड़क पर गिर गए। तभी, तभी कांठ की तरफ से आ रही तेज रफ्तार कैंटर ने चारों को कुचल दिया। हादसे में जयवीर, उनकी पत्नी आदेश और जितेंद्र की मौके पर मौत हो गई। जबकि, राजू गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसे के बाद लोगों की भीड़ जमा हो गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने जांच पड़ताल की। पुलिस ने स्थानीय लोगों की मदद से राजू को जिला अस्पताल में भर्ती कराया। जहां से उसे गंभीर हालत में मुरादाबाद के लिए रेफर कर दिया। घायल राजू की हालत नाजुक बनी हुई है। बाद में पुलिस ने जयवीर, आदेश और जितेंद्र के शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। सीओ पंकज त्यागी ने बताया कि क्षतिग्रस्त बाइकों और कैंटर को कब्जे में ले लिया गया है। मुकदमा दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

विधायकों के फोन नहीं उठा रहे अधिकारी, शासन ने दिए सख्त कार्रवाई करने के निर्देश

लखनऊ  मुख्य सचिव के सख्त निर्देश के बावजूद जिलों में अफसर विधायकों के फोन नहीं उठा रहे हैं। उन्हें कॉल बैक भी नहीं करते हैं। शासन द्वारा इसका संज्ञान लेते हुए ऐसा आचरण करने वाले अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनिक कार्यवाही करने का निर्देश दिया गया है। प्रमुख सचिव संसदीय कार्य जेपी सिंह द्वारा सभी अपर मुख्य सचिव, डीजीपी, मंडलायुक्त एवं डीएम को जारी शासनादेश में कहा गया है कि सांसदों एवं विधायकों के प्रति शिष्टाचार, प्रोटोकॉल एवं सौजन्य प्रदर्शन को लेकर विगत वर्षों में कई शासनादेश जारी किए जा चुके हैं। जिनके अनुपालन के लिए मुख्य सचिव द्वारा बीते दिनों वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए निर्देशित भी किया गया था। इसके बावजूद शासन के संज्ञान में आया है कि कुछ जिलों में विभिन्न अधिकारियों द्वारा विधानमंडल के सदस्यों के फोन नहीं उठाए जा रहे हैं और ना ही कॉल बैक की जाती है। सदस्यों द्वारा यह मामला सदन एवं संसदीय अनुश्रवण समिति की बैठकों में उठाए जाने से शासन के सामने असहज स्थिति उत्पन्न होती है, जो खेदजनक है। उन्होंने निर्देश दिया है कि सदस्यों के फोन नंबर को अधिकारी अपने फोन पर सेव कर लें। कॉल आने पर उसे रिसीव करेंगे। बैठक में होने पर वह कॉल आने पर प्राथमिकता के आधार पर अनुपलब्ध होने का मैसेज भेजेंगे और यथाशीघ्र काॅल बैक करेंगे। सदस्यों द्वारा बताए प्रकरणों को प्राथमिकता के आधार पर निस्तारित कर अवगत कराएंगे। इसमें शिथिलता बरतने वाले अधिकारियों एवं कर्मचारियों के खिलाफ अनुशासनिक कार्यवही की जाएगी। उन्होंने इन निर्देशों का कड़ाई से अनुपालन कराने को कहा है।  

बरेली में मौलाना ने की रमजान में लाउडस्पीकर की मांग, तो योगी के मंत्री बोले- ‘घड़ी आ गई है, अलार्म लगाओ’

बरेली ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मैलाना शहाबुद्दीन रिजवी बरेलवी ने योगी सरकार से रमजान के महीने को देखते हुए एक मांग की है. उन्होंने सरकार से गुजारिश की है कि रमजान के महीने में लाउडस्पीकर की अनुमति दी जाए. उनका कहना है कि रमजान में सेहरी और इफ्तार के समय ऐलान की जरुरत होती है. जिसके लिए लाउडस्पीकर की अनुमति दी जाए. मौलाना ने कहा कि रमजान शरीफ की शुरुआत हो चुकी है, तो खासतौर पर इफ्तार और सेहरी के वक्त ऐलान की जरुरत पड़ती है. सेहरी का टाइम सुबह 4.30-5.00 बजे होता है, इस समय लोगों को नींद अच्छी आती है. जब तक लाउडस्पीकर से ऐलान ना हो उस वक्त तक आदमी की आंख नहीं खुलती है और उसको शेड्यूल पता नहीं चल पाता है. इसलिए ये जरुरी है कि हुकूमत इसमें रमजान शरीफ के महीने में रियायत दे. उन्होंने आगे कहा कि जहां तक लाउडस्पीकर उतारने की बात तो उसमें पक्षपात नहीं किया जाना चाहिए. कोई भी हो, मस्जिद हो, मंदिर हो, गुरुद्वारे हों, चर्च हो, अगर परमिशन नहीं है तो सबके साथ एक व्यवहार होना चाहिए. इसी को इंसाफ कहते हैं. वरना फिर ये होगा दोतरफा पैमाने होंगे इंसाफ के जिससे आवाम का हुकूमत पर भरोसा खत्म हो जाता है. घड़ी आ गई है, अलार्म लगाओ- संजय निषाद इस पर कैबिनेट मंत्री संजय निषाद का भी बयान सामने आया है. संजय निषाद ने कहा कि ‘जब ईश्वर-अल्लाह कण-कण में हैं तो इसकी क्या जरूरत है? कण कण में है ईश्वर तो फिर कड़क आवाज क्यों? देश में शांति चले. बच्चों की पढ़ाई में डिस्टर्बन्स होता है. सुप्रीम कोर्ट का भी ऑर्डर है, लाउड स्पीकर नहीं बजना चाहिए. पहले ठीक था, अब घड़ी आ गई है, अलार्म लगाओ.’

अयोध्या में राम मंदिर के प्रवेश मार्ग पर रोजाना बड़ी संख्या में लावारिस जूते-चप्पलें जुट रहे, नगर निगम ने अब तक 20 ट्रॉलियाँ हटवाई

अयोध्या  राम मंदिर के प्रवेश मार्ग के पास करीब एक माह से रोजाना बड़ी संख्या में लावारिस जूते-चप्पलें जमा हो रहे हैं। नगर निगम अब तक 20 ट्रॉली जूते-चप्पलें यहां से हटवा चुका है। ये लावारिस जूते-चप्पलें अयोध्या व अयोध्या कैंट में बने नगर निगम के रिड्यूज, रिसाइकल, रियूज (RRR) सेंटर पर डंप जा रहे हैं। असल में महाकुंभ शुरू होने के बाद से प्रयागराज पहुंचने वाले श्रदालु स्नान के बाद बालकराम के दर्शन करने के लिए अयोध्या का रुख कर रहे हैं। मंदिर ट्रस्ट के ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्र के मुताबिक श्रद्धालुओं की अप्रत्‍याशित भीड़ को सुलभ दर्शन हो सकें व अफरातफरी न हो इसके लिए पिछले 30 दिन से व्यवस्था में यह बदलाव किया गया है। मंदिर परिसर का गेट नंबर-3 खोला गया है। बालकराम के दर्शन के बाद श्रद्धालुओं को इसी गेट से बाहर निकाला जा रहा है। दर्शन के बाद श्रद्धालु श्रीराम हास्पिटल के आगे निकलते हैं। रामपथ पर वन-वे ट्रैक होने के कारण श्रद्धालुओ को पुन: 5-6 किमी पैदल चलने के बाद उतारे गए जूता स्‍थल पर आना पड़ता है। इतनी लंबी दूरी के कारण बाहर से आने वाले ज्यादातर लोग जूते-चप्पलें लेने नहीं लौट रहे हैं। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए व्यवस्था में बदलाव दरअसल, अयोध्या में भक्तों की उमड़ी भीड़ को नियंत्रित करने के लिए व्यवस्थागत बदलाव के चलते राम मंदिर के प्रवेश द्वार के पास करीब एक महीने से रोजाना बड़ी संख्या में लावारिस जूते-चप्पल एकत्र हो रहे हैं। नगर निगम पहले ही वहां से बड़ी संख्या में जूते-चप्पल हटा चुका है। ये जूते-चप्पल तीर्थयात्रियों के हैं, जिन्होंने इन्हें राम पथ पर स्थित मुख्य प्रवेश द्वार गेट संख्या एक पर उतार दिया था। जूते-चप्पल वापस लेने के लिए तय करनी पड़ती है लंबी दूरी शुरुआत में, लगभग आधा किलोमीटर का गोलाकार मार्ग पूरा करने के बाद, तीर्थयात्री उसी द्वार (गेट संख्या एक) से बाहर निकलते थे और अपने जूते-चप्पल लेते थे। हालांकि, बढ़ती भीड़ के कारण, अयोध्या प्रशासन ने गेट संख्या तीन और अतिरिक्त द्वारों के माध्यम से निकास को पुनर्निर्देशित किया। इससे प्रवेश बिंदु से अपने जूते-चप्पल वापस पाने के लिए तीर्थयात्रियों को पांच से छह किलोमीटर की यात्रा करनी पड़ती, जिस कारण वे अपने जूते-चप्पल छोड़ दे रहे हैं और नंगे पैर अपने वाहनों या आवास की ओर जा रहे हैं। महाकुंभ की शुरुआत से ही अयोध्या में श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ी श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्य अनिल मिश्रा ने बताया कि महाकुंभ की शुरुआत से ही बड़ी संख्या में श्रद्धालु अयोध्या पहुंच रहे हैं। मिश्रा ने कहा, “पिछले 30 दिन से व्यवस्थाओं में बदलाव किए गए हैं, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि भक्तों की अप्रत्याशित भीड़ को बिना किसी अव्यवस्था के आसानी से दर्शन मिल सके।” रोजाना लाखों की संख्या में लावारिस जूते-चप्पल हटा रहा नगर निगम उन्होंने कहा, “मंदिर परिसर का गेट संख्या तीन खोल दिया गया है। दर्शन के बाद भक्तों को इस गेट से बाहर निकाला जा रहा है। इसलिए भक्त श्रीराम सरकारी अस्पताल से आगे बढ़ते हैं। रामपथ पर एक-तरफा मार्ग होने के कारण, भक्तों को जूता उतारने वाले क्षेत्र तक पहुंचने के लिए फिर से पांच-छह किलोमीटर चलना पड़ता है।” निगम के अधिकारियों ने बताया कि नगर निगम रोजाना लाखों की संख्या में लावारिस जूते-चप्पल हटा रहा है, उन्हें जेसीबी मशीनों का उपयोग करके इकट्ठा कर रहा है और ट्रॉलियों पर लाद रहा है।  

मुख्यमंत्री योगी ने अफसरों को दिए निर्देश, एक्सप्रेस वे पर नहीं बिक सकेगी शराब

लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश में होने वाले सड़क हादसों को रोकने के लिए हाईवे के किनारे स्थित दुकानों में शराब बिक्री रोकने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि ओवर स्पीडिंग, ड्रंकन ड्राइव, गलत साइड पर गाड़ी चलाना, जंपिंग रेड लाइट एवं मोबाइल फोन का उपयोग सड़क दुर्घटना घटित होने के मुख्य कारक हैं। इसके लिए लोगों में जागरूकता फैलाने की आवश्यकता है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को उत्तर प्रदेश राज्य सड़क सुरक्षा परिषद की बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अक्सर यह देखा गया है कि शराब की दुकानों के साइनेज बहुत बड़े होते हैं, इन्हें छोटा किया जाए। बिना परमिट की बसें सड़कों न चलने पाएं। डग्गामार वाहनों एवं ओवरलेडेड ट्रकों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई करें। दूसरे प्रदेश से आने वाले बिना परमिट के वाहनों को बॉर्डर पर रोकें। सीएम योगी ने कहा कि ट्रासंपोर्ट एसोसिएशन एवं व्हीकल एसोसिएशन से संवाद स्थापित कर यह सुनिश्चित कराएं कि लंबी दूरी के वाहनों पर दो ड्राइवर हों। बैठक में मुख्यमंत्री ने प्रदेश में होने वाली सड़क दुर्घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए आवश्यक दिशा निर्देश दिए। सड़क दुर्घटनाओं के वार्षिक आंकड़ों पर चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2024 में 46052 सड़क दुर्घटनाएं हुई हैं। इसमें 34600 लोग घायल हुए हैं, जबकि 24 हजार से अधिक मौतें हुई हैं, जो कि अत्यंत दुखद है। इसे हर हाल में न्यूनतम करना होगा। उन्होंने कहा कि सड़क सुरक्षा से जुड़े सभी संबंधित विभाग आपसी समन्वय बनाकर सामूहिक प्रयासों के माध्यम से सड़क दुर्घटनाओं को नियंत्रित करें। साथ ही प्रदेश के सभी मार्गों पर ब्लैक स्पॉट को चिन्हित कर उन्हें ठीक कराएं। मुख्यमंत्री ने सड़क दुर्घटना में घायल हुए लोगों के उपचार के विषय में चिंता करते हुए कहा कि सभी एक्सप्रेस-वे के दोनों तरफ फूड प्लाजा की तरह अस्पताल की व्यवस्था करें। साथ ही सभी मंडल मुख्यालयों के अस्पतालों में ट्रामा सेंटर, एंबुलेंस एवं ट्रेंड की स्टाफ को तैनाती भी सुनिश्चित की जाए। सड़क सुरक्षा को लेकर जागरूकता बढ़ाने का दिया निर्देश मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2024 में प्रदेश के 75 जनपदों हुई दुर्घटनाओं में सबसे ज्यादा 20 जनपदों- हरदोई, मथुरा, आगरा, लखनऊ, बुलन्दशहर, कानपुर नगर, प्रयागराज, सीतापुर, उन्नाव, बाराबंकी, लखीमपुर खीरी, बरेली, अलीगढ़, गौतमबुद्धनगर, शाहजहांपुर, गोरखपुर, कुशीनगर, बदायूं, मेरठ और  बिजनौर में जनहानि हुई है। प्रदेश में कुल हुई दुर्घटना मृत्यु में 42 प्रतिशत इन जनपदों से है। उन्होंने इसको नियंत्रित करने के लिए दुर्घटना के  कारकों को खोजने एवं लोगों में सड़क सुरक्षा को लेकर जागरूकता बढ़ाने का निर्देश दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए यह आवश्यक है कि जनपद स्तर पर प्रत्येक माह एवं मंडल स्तर पर त्रैमासिक मंडलीय सड़क सुरक्षा समिति की बैठक अनिवार्य रूप से हो। उन्होंने कहा कि प्रदेश के छह मंडलों अयोध्या, प्रयागराज, वाराणसी, आजमगढ़, सहारनपुर एवं आगरा मंडल में पिछले वर्ष हुई सिर्फ एक ही बैठक हुई है, जिसे बढ़ाने की आवश्यकता है। बस्ती, लखनऊ, गोरखपुर और मिर्जापुर में हुई चार बैठकों पर उन्होंने संतोष व्यक्त किया। फूड प्लाजा की तरह एक्सप्रेस-वे के दोनों तरफ करें अस्पताल की व्यवस्था मुख्यमंत्री ने सड़क दुर्घटना में घायल हुए लोगों के उपचार के विषय में चिंता करते हुए कहा कि सभी एक्सप्रेस-वे के दोनों तरफ फूड प्लाजा की तरह अस्पताल की व्यवस्था करें। साथ ही सभी मंडल मुख्यालयों के अस्पतालों में ट्रामा सेंटर, एंबुलेंस एवं ट्रेंड की स्टाफ को तैनाती भी सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि एक्सप्रेस-वे एवं हाइवे पर क्रेन, पेट्रोलिंग वाहन और एंबुलेंस की संख्या बढ़ाएं। प्रदेश में एनएचआई की 93 सड़कें हैं, इनमें से सिर्फ चार सड़कों पर कैमरे लगें, बाकी सड़कों पर भी कैमरे लगाएं। सीएम योगी ने कहा कि अक्सर यह देखा गया है कि सड़क पर करते समय भी बहुत सी दुर्घटनाएं हो जाती हैं, इसके दृष्टिगत एनएचआई की बहुत सी सड़कों पर फुट ओवर ब्रिज की आवश्यकता है, स्थानों को चिन्हित कर उनका भी निर्माण कराएं। उन्होंने कहा कि प्रदेश के सभी प्रमुख मार्गों पर सड़क सुरक्षा से सम्बन्धित साइनेज अवश्य लगाएं। सीएम योगी ने कहा कि नगरीय क्षेत्रों में यह देखने को मिलता है नाबालिक बच्चे ई रिक्शा चला रहे हैं। इस पर प्रभावी अंकुश लगाएं। साथ ही सभी ई रिक्शा ड्राइवर का वैरिफिकेशन अवश्य कराएं। उन्होंने कहा कि आरटीओ ऑफिस को बिचौलियों से पूर्णतः मुक्त रखें, इसके लिए समय-समय पर रैंडम चेकिंग अभियान चलाएं। सीएम योगी ने कहा कि सड़क जाम एक बड़ी समस्या बनती जा रही है, ट्रैफिक के सुचारू संचालन के लिए प्रदेश में प्रयाप्त मैनपॉवर उपलब्ध है। आवश्यकता पड़ने पर सिविल पुलिस, पीआरडी और होमगार्ड के जवानों को ट्रेनिंग देकर ट्रैफिक प्रबंधन को बेहतर बनाएं। उन्होंने कहा कि अस्पतालों, स्कूलों एवं मुख्य बाजारों के बाहर टेबल टॉप स्पीड ब्रेकर का निर्माण कराए।  

अगर आप विश्व प्रसिद्ध लठमार होली देखने बरसाना आ रहे हैं तो पहले अपने ठहरने का इंतजाम करके आएं

बरसाना अगर आप विश्व प्रसिद्ध लठमार होली देखने बरसाना आ रहे हैं तो पहले अपने ठहरने का इंतजाम करके आएं। बरसाना के ज्यादातर होटल, गेस्ट हाउस, धर्मशाला व आश्रम पहले से ही आनलाइन बुक हो चुके हैं। इस दौरान एक दिन का ठहरने का चार्ज सात से आठ हजार रुपये लिया गया है। कई श्रद्धालु तो छह माह पहले ही होटल या गेस्टहाउस बुक करा चुके हैं। बरसाना में सात मार्च को लड्डू होली व आठ मार्च को लठामार होली का आयोजन होगा। पिछले वर्ष दस लाख श्रद्धालु होली देखने आए थे। इस बार पुलिस प्रशासन को अनुमान है कि 20 लाख श्रद्धालु होली देखने बरसाना आ सकते हैं। बरसाना में सिर्फ दो सौ के करीब होटल, गेस्टहाउस, धर्मशाला व आश्रम हैं। इनमें दो हजार के करीब कमरे हैं। आठ हजार रुपये का एक कमरा अनुमान है कि इन कमरों में पांच से छह हजार श्रद्धालु ही रुक सकते हैं। ऐसे में अन्य श्रद्धालु गेस्ट हाउस व धर्मशाला तथा आश्रमों में बने हाल में रुकते हैं। वहीं कुछ पेट्रोल पंप या स्कूलों में रुक जाते हैं। सूत्रों की मानें तो इस बार सात से आठ हजार रुपये का एक कमरा आनलाइन पहले से ही बुक किया गया है। कस्बे के ज्यादातर होटल, गेस्ट हाउस, धर्मशाला, आश्रम पहले से ही आनलाइन बुक हो चुके हैं। कई तो छह माह पहले से श्रद्धालुओं ने बुक कर दिए हैं। नाम न छापने की शर्त पर एक गेस्टहाउस संचालक ने बताया उन्होंने चार से पांच हजार में एक दिन के लिए कमरे बुक किए हैं। जबकि कई होटल व गेस्टहाउस संचालकों ने तो सात से आठ हजार रुपये एक दिन के लिए हैं। छह माह पहले ही बुक हो गए होटल होटल विंगिस्टन के मैनेजर मृदुल भट्ट ने बताया उनके होटल में 40 कमरे तथा दो हाल है। जो छह माह पहले ही आनलाइन बुक हो चुके हैं। राधाष्टमी व लठामार होली के दौरान एक कमरे का चार्ज पांच से सात हजार के करीब होता है। जबकि रोजाना तीन से पांच हजार के करीब रहता है।

रामलला के मंदिर में श्रद्धालुओं के लिए एंट्री-एग्जिट मार्ग में बड़ा बदलाव

अयोध्या अयोध्या में रामलला के दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में हाल ही में कमी आई है। पहले जब राम मंदिर के निर्माण के बाद लाखों भक्त अयोध्या पहुंचते थे, तब हर दिन 3 से 4 लाख श्रद्धालु मंदिर के दर्शन के लिए आते थे। लेकिन पिछले 1-2 महीनों में यह संख्या घटकर 2 से ढाई लाख के आसपास पहुंच गई है। श्रद्धालुओं के लिए एंट्री-एग्जिट मार्ग में बड़ा बदलाव मिली जानकारी के मुताबिक, इस कमी को देखते हुए अब अयोध्या में दर्शन के लिए जाने और बाहर निकलने के मार्गों में बदलाव किए जा रहे हैं। पहले श्रद्धालु गेट नंबर 3 से मंदिर में प्रवेश करते थे और इसी गेट से बाहर निकलते थे। अब, नया फैसला लिया गया है कि श्रद्धालुओं को राम जन्मभूमि पथ से मंदिर में भेजा जाएगा, और बाहर निकलने के लिए अंगद टीले के पास बने नए गेट का इस्तेमाल किया जाएगा। इसके साथ ही गेट नंबर 3 को बंद कर दिया जाएगा। राम मंदिर में भक्तों की संख्या कम बताया जा रहा है कि पहले, जब भक्तों की संख्या ज्यादा थी, तब गेट नंबर 3 से प्रवेश और निकासी का रास्ता रखा गया था। इस व्यवस्था के तहत श्रद्धालुओं को दर्शन करने में आसानी होती थी और सुरक्षा व्यवस्था भी बेहतर होती थी। लेकिन अब जब भक्तों की संख्या में कमी आई है, तो पुरानी व्यवस्था को फिर से लागू किया जा रहा है, जिसमें श्रद्धालु राम जन्मभूमि पथ से प्रवेश करेंगे और दर्शन करने के बाद अंगद टीले से बाहर निकलेंगे। एंट्री-एग्जिट के पुराने नियम होंगे लागू बता दें कि शनिवार को राम मंदिर में दर्शन करने आए भक्तों की संख्या 2 लाख से ज्यादा रही थी। यदि रविवार को भी यही संख्या रही तो सोमवार से नए निकासी मार्ग का इस्तेमाल शुरू कर दिया जाएगा। पहले भक्तों की बड़ी संख्या के कारण प्रवेश और निकासी में दूरी बनाए रखी जाती थी, जिससे पथ पर दबाव कम रहता था और श्रद्धालु आराम से दर्शन कर पाते थे। अब, महाकुंभ समाप्त हो जाने के बाद भक्तों की संख्या घट गई है, इसलिए नया निकासी मार्ग तैयार किया गया है।

मौत बनकर दौड़े 2 ट्रक, भीषण सड़क हादसे में 3 श्रमिकों की चली गई जान, 7 गंभीर रूप से घायल, स्पताल में कराया भर्ती

मुरादाबाद जिले में रफ्तार का कहर देखने को मिला है. जहां तेज रफ्तार ट्रक ने दूसरे ट्रक को जोरदार टक्कर मारी. हादसे में 3 लोगों की मौत हो गई है. वहींं 7 लोग घायल हुए हैं. घटना के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई. मामले की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची. घायलों को एंबुलेंस से अस्पताल में भर्ती कराया.   बता दें कि मामला कटघर थाना क्षेत्र का है. जहां 2 ट्रक के बीच कल्याणपुर पुलिया के पास भिड़ंत हुई. हादसे के वक्त ट्रक में श्रमिक सवार थे. हादसा इतना भयानक था कि मौके पर ही 3 श्रमिकों की जान चली गई. वहीं 7 लोगों गंभीर रूप से घायल हुए. हादसे के बाद ट्रक सड़क पलट गया. मामले की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया. वहीं मृतकों की लाश का पंचनामा कर पुलिस ने पीएम के लिए भेज दिया. सभी मरने वाले श्रमिक लखीमपुर खीरी के बताए जा रहे हैं.

ई-रिक्शा में घूमकर महिला सवारियों को बनती थी निशाना, पुलिस ने पकड़ा बड़ा गैंग

रायबरेली उत्तर प्रदेश के रायबरेली जिले में पुलिस ने एक बड़ा गैंग पकड़ा है, जो ई-रिक्शा में बैठकर टप्पेबाजी करता था। यह गैंग शहर की सड़कों पर महिला सवारियों के साथ झगड़ा करके उनकी चेन और आभूषण लूटता था। यह महिलाएं रोज सुबह अपनी लग्जरी कार से उतरकर ई-रिक्शा में बैठतीं और दिनभर शहर में घूमा करती थीं। शाम होते ही ये वापस अपनी कार में बैठकर गोरखपुर लौट जाती थीं। इस गैंग की गतिविधियों का खुलासा पुलिस की सूझबूझ से हुआ। पुलिस को कैसे हुआ शक पुलिस को इस गैंग के बारे में तब जानकारी मिली जब 19 फरवरी को एक महिला, बानो ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। बानो ने बताया कि वह गांधी चौराहे से चिकमंडी जाने के लिए ई-रिक्शा में सवार हुई थीं। उसी दौरान उनके साथ कुछ अन्य महिलाएं भी ई-रिक्शा में बैठी थीं। बानो के अनुसार, इन महिलाओं ने बिना कारण के झगड़ा शुरू कर दिया था। इसके बाद जब बानो अपनी चेन की जांच करने लगी, तो पता चला कि उसकी सोने की चेन गले से गायब हो चुकी थी। पुलिस की कार्रवाई और खुलासा इस मामले को एसओ लालगंज संजय सिंह ने गंभीरता से लिया और बानो से पूछताछ की। बानो ने बताया कि झगड़े के बाद वह महिलाएं उतर गईं, लेकिन चेन गुम हो गई थी। इसके बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और एसओ लालगंज और एसओजी प्रभारी विजेंद्र शर्मा की टीम ने इसे गंभीरता से लिया। पुलिस ने पता लगाया कि यह गैंग गोरखपुर का है और महिलाएं इस गैंग की प्रमुख सदस्य थीं। गैंग की गिरफ्तारी पुलिस ने गैंग की 2 महिलाओं सुमन और रेशमा को गिरफ्तार किया, साथ ही 4 पुरुषों को भी पकड़ा। इन सभी के पास से लूटी हुई चेन और नगदी बरामद की गई। पुलिस के अनुसार, इस गैंग के पुरुष सदस्य इन महिलाओं को गोरखपुर से रायबरेली लाते थे। महिलाएं ई-रिक्शा में सवार होकर टप्पेबाजी करतीं, और पुरुष सदस्य स्कार्पियो गाड़ी से दूर से निगरानी रखते थे। काम होने के बाद, ये सभी फिर स्कार्पियो में बैठकर गोरखपुर लौट जाते थे। गैंग के सदस्य इस गैंग के 5 सदस्य गोरखपुर के निवासी हैं, जबकि एक सदस्य आजमगढ़ का है। पुलिस ने इस गैंग के सभी सदस्यों को गिरफ्तार कर उनके पास से लूटी गई संपत्ति बरामद कर ली है। एडिशनल एसपी संजीव कुमार सिन्हा ने बताया कि यह गैंग बड़ी ही चालाकी से काम करता था और महिलाओं द्वारा झगड़ा कराकर सवारियों से उनका कीमती सामान चुराता था। पुलिस ने गैंग के सभी सदस्यों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है।

मायावती ने लखनऊ में पार्टी की अहम बैठक बुलाई, जिसमे कई बड़े फैसले हुए, मायावती के भाई का बढ़ाया कद

लखनऊ उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती के सियासी दल बहुजन समाज पार्टी में बड़ा फेरबदल हुआ है. पार्टी को दो नए नेशनल को-ऑर्डिनेटर मिले हैं. आकाश आनंद की जगह उनके पिता और पार्टी महासचिव आनंद कुमार और राज्यसभा सांसद राम जी गौतम को बीएसपी का नेशनल को-ऑर्डिनेटर बनाया गया है. बीएसपी अध्यक्ष मायावती ने लखनऊ में आज पार्टी की अहम बैठक बुलाई और ये अहम फैसला लिया गया. इस बैठक में कई राज्यों के प्रदेश अध्यक्ष भी शामिल हुए. पार्टी पदाधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की गई. आकाश आनंद को बीएसपी के सभी पदों से हटा दिया गया है. इस बैठक में मायावती, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और मायावती के भाई आनंद, पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव सतीश चंद्र मिश्रा मौजूद रहे. राज्यसभा सांसद रामजी गौतम भी पार्टी की बैठक में मौजूद है लेकिन आकाश आनंद इस बैठक में नहीं आए थे. पिछले साल आकाश को लगा था झटका पिछले साल मई में मायावती ने अपने भतीजे आकाश आनंद को बहुजन समाज पार्टी के नेशनल कोओर्डिनेटर और अपने उत्तराधिकारी पद से हटा दिया था. बसपा सुप्रीमो ने उन्हें दिसंबर 2023 में अपना उत्तराधिकारी घोषित किया था. लोकसभा चुनाव के बीच मंगलवार को मायावती ने अपना फैसला वापस ले लिया. उन्होंने कहा कि पूर्ण परिपक्वता आने तक आकाश आनंद को दोनों अहम जिम्मेदारियों से अलग रखा जाएगा. आकाश आनंद के विवादित बयान आकाश आनंद ने सीतापुर में बीजेपी सरकार को ‘आतंक की सरकार’ करार दिया था, जिसके बाद उन पर एफआईआर भी दर्ज हो गई थी. इसके अलावा दो-तीन जगहों पर बयान देते वक्त वह इतने जोश में आ गए कि उनके मुंह से गाली जैसे शब्द निकल पड़े. आवेश में दिए उनके बयानों की भी काफी आलोचना हो रही थी, जिसमें ‘जूते मारने का मन करता है’ जैसे बयान शामिल हैं.

सीएम योगी बोले – प्रदेश के युवाओं को उद्यमी बनाने के लिए मिलेगा भरपूर लोन

लखनऊ प्रदेश के युवाओं को उद्यमी बनाने के लिए भरपूर लोन मिलेगा। मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान के तहत ज्यादा से ज्यादा युवाओं को लोन देने के लिए हर बैंक शाखा का लक्ष्य तय होगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को ऋण जमानुपात (सीडी रेशियो) और मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान की समीक्षा बैठक में ये निर्देश दिए। सीएम ने नए वित्तीय वर्ष 2025-26 में सीडी रेशियो 67 से 70 प्रतिशत करने का लक्ष्य तय किया। सीडी रेशियो बढ़ने से बैंक अधिक से अधिक लोन देंगे। पूंजी संकट होने से इसका सबसे ज्यादा लाभ छोटी इकाइयों और नए उद्यमियों को मिलेगा। लोन के लिए आवेदन करने वालों की स्क्रीनिंग होगी। जिस व्यावसायिक क्षेत्र में युवा ने प्रशिक्षण लिया होगा, उस क्षेत्र के लिए लोन प्राथमिकता पर दिया जाएगा। इसके साथ ही युवाओं को मार्केटिंग, डिजाइनिंग, पैकेजिंग व तकनीक से भी जोड़ा जाएगा। युवा उद्यमी विकास अभियान से जुड़ेंगी महिलाएं मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं के पास विजन और इनोवेशन के साथ आगे बढ़ने का सामर्थ्य है। बैंकों के सहयोग से राज्य सरकार युवाओं को पूंजी उपलब्ध करा रही है ताकि यूपी के युवा नए भारत के नए उत्तर प्रदेश की विकास यात्रा को और आगे बढ़ा सकें। उन्होंने सीएम युवा उद्यमी विकास अभियान के लाभार्थियों को ऋण देने में तेजी के निर्देश दिए। इसके लिए सभी 18 मंडलों में लोन कैंप लगाए जाएंगे। इस योजना में महिलाओं, एससी-एसटी, दिव्यांगों को भी जोड़ा जाएगा। सीएम युवा उद्यमी विकास अभियान को लिया हाथों हाथ मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान की शुरुआत यूपी दिवस पर 24 जनवरी 2025 को की गई थी। इसके अंतर्गत एक वर्ष में कौशल प्रशिक्षण प्राप्त कम से कम एक लाख युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ना है। पहले चरण में प्रत्येक लाभार्थी युवा को पांच लाख रुपये तक का ब्याज मुक्त ऋण दिया जा रहा है। दूसरे चरण में यह धनराशि 10 लाख रुपये होगी। इस योजना को युवाओं ने हाथोंहाथ लिया है। एक महीने में लगभग ढाई लाख पंजीकरण हो चुके हैं। 93 हजार से अधिक आवेदन बैंकों को भेजे जा चुके हैं। बैंकों ने 9013 युवाओं को 348 करोड़ रुपये का लोन भी दे दिया है। महाकुंभ में बैंकों के योगदान की सराहना मुख्यमंत्री ने कहा कि बैंकिंग सेक्टर ने महाकुम्भ सफल बनाने में सराहनीय योगदान दिया है। विभिन्न बैंकों द्वारा मेला क्षेत्र में शाखाएं खोली गईं। उन्होंने राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति की बैठक मुख्य सचिव की अध्यक्षता में दो से तीन महीने और जनपद स्तर पर प्रतिमाह आयोजित कराने के निर्देश दिए। बैंकों ने सीएम को बताया कि प्रदेश का कुल बैंकिंग व्यवसाय मार्च 2017 में 12.80 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर दिसंबर 2024 में 29.67 लाख करोड़ रुपये हो गया है। प्रदेश में बैंकों द्वारा मार्च 2017 तक 4.05 लाख करोड़ रुपये का ऋण दिया गया जो दिसंबर 2024 में बढ़कर 11.08 लाख करोड़ रुपये हो गया। मार्च 2017 से सीडी रेशियो में 13.43 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।

आगरा-जगनेर रोड पर भीषण सड़क हादसा: बुलेट और बाइक की भिड़ंत, पांच लोगों की माैत

आगरा आगरा-जगनेर मार्ग पर गहर्राकलां रोड पर शनिवार देररात भीषण हादसा हुआ। बुलेट और बाइक की आमने-सामने की जबर्दस्त टक्कर में पांच लोगों की मौत हो गई। सैंया में रेलवे स्टेशन के पास रहने वाले चार लोग गढ़मुक्खा में शादी समारोह से लौट रहे थे। बुलेट सवार दो युवकों में एक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दूसरा गंभीर है। पुलिस ने शव एसएन मेडिकल कॉलेज में भिजवाए। देर रात मृतकों के परिजन एसएन इमरजेंसी पहुंच गए। मृतकों में चार मजदूर थे।   एसएन मेडिकल काॅलेज में चारों मृतकों के परिवारीजनों को विलाप करते देखकर लोगों की आंखें नम हो गईं। भगवान दास की पत्नी ने चूड़ियां तोड़ डालीं। वह रोते हुए कह रही थी कि कल ही चूड़ियां लाकर दी थीं। वकील की पत्नी ललिता का रुदन भी कलेजा चीर रहा था। ग्रामीणों ने बताया कि चारों आपस में चाचा-ताऊ के लड़के हैं। बेहद गरीब परिवार के थे। पुलिस ने बताया कि सैंया के रहने वाले भगवान दास (35), वकील (30), रामस्वरूप (28) और सोनू (25) शनिवार की शाम को अपनी बाइक से रिश्तेदार की साली की शादी में भाग लेने के लिए गढ़मुक्खा गए थे।   वहीं बुलेट पर गहर्राकलां, कागारौल निवासी करन और कन्हैया कागारौल जा रहे थे। जगनेर रोड पर गहर्राकलां प्याऊ के पास रात करीब साढ़े दस बजे दोनों बाइकों की आमने-सामने जबर्दस्त भिड़ंत हुई। राहगीरों ने घायलों को तड़पते देखकर घटना की जानकारी पुलिस को दी।  इस पर सैंया, कागारौल थानों का फोर्स मौके पर पहुंच गया। एसीपी देवेश कुमार ने बताया कि घटनास्थल पर पांच लोगों की मौत हो चुकी थी, जबकि घायल कन्हैया को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। वह इंटर का छात्र है। बाइक सवार मृतक फेरी लगाने का काम करते थे। देर रात उनके परिजन एसएन इमरजेंसी पहुंच गए। इमरजेंसी पर चीख पुकार मच गई। तनाव को देखते हुए पुलिस बल पहुंच गया।  पत्नियां खो बैठी सुधबुध, हंगामा बाइक सवार मृतकों में भगवान दास की पत्नी ललिता और दो बच्चे हैं। रामस्वरूप की पत्नी स्वाती हैं। उनके तीन बच्चे हैं। सोनू की मां और वकील की पत्नी कुसुमा भी एसएन इमरजेंसी पहुंच गईं। परिजन ने बताया कि चारों फेरी लगाकर गुजारा करते थे। शव देखकर पत्नियां होश खो बैठीं। उनके साथ आए ग्रामीणों ने हादसा करने वाले बुलेट को सामने लाया जाए। ग्रामीणों ने बताया कि चारों मृतकों के छोटे बच्चे हैं। किराये के मकानों में रहते हैं। उन्होंने परिवार को 10-10 लाख रुपये का मुआवजे की मांग की। देर रात तक एसएन इमरजेंसी पर हंगामा होता रहा। चीख पुकार मची हुई थी।  

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