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अखिलेश यादव ने दावा किया – आगामी चुनाव में सूखे पत्ते की तरह भाजपा का सफाया हो जाएगा

कन्नौज उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव अभी दो साल दूर है। इस बीच समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने दावा किया है कि आगामी चुनाव में सूखे पत्ते की तरह भाजपा का सफाया हो जाएगा। कन्नौज पहुंचे सपा प्रमुख ने मीडिया से बातचीत करते हुए प्रदेश की योगी सरकार पर जोरदार निशाना साधा। उन्होंने गरीब, किसान, महाकुंभ सहित अन्य मुद्दों पर प्रदेश की सरकार को घेरा। अखिलेश ने महाकुंभ को लेकर कहा कि महाकुंभ की जो व्यवस्था खराब की है। उसके जिम्मेदार प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ हैं। प्रदेश के मुख्यमंत्री महाकुंभ की व्यवस्था की निगरानी खुद कर रहे थे। लेकिन, महाकुंभ में हादसा हुआ, कई लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी। लेकिन, सरकार मौत का सही आंकड़ा नहीं पेश कर रही है। क्योंकि, उन्हें डर है कि अगर कहीं मौत का आंकड़ा जारी कर दिया तो उनकी सच्चाई सबके सामने आए जाएगी। अखिलेश ने आगे कहा कि हमने कभी गंगा के पानी पर सवाल नहीं खड़ा किया। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने गंगा के पानी को खराब बताया। लेकिन, उत्तर प्रदेश का प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड कह रहा है कि गंगा का पानी साफ है। इससे साफ होता है कि लखनऊ वाले दिल्ली वालों को गाली दे रहे हैं अखिलेश ने कहा कि प्रदेश की भाजपा सरकार किसानों-गरीबों की नहीं है। अगर यह सरकार होती तो किसानों-गरीबों की खुशहाली के लिए कार्यक्रम हो रहे होते। सरकार के पिछले 9 बजट पर गौर करे तो साफ हो जाता है कि प्रदेश की सरकार हमारे किसानों के लिए कुछ नहीं कर रही है। अगर सरकार ने काम किया होता तो गांव की तस्वीर कुछ और होती। प्रदेश की सरकार किसानों को समय पर खाद और बीज मुहैया नहीं करा पा रही है। किसानों को कीटनाशक दवाइयां नहीं मिल रही है। फसल नुकसान होने के दौरान नुकसान की भरपाई भी नहीं हो रही है। प्रदेश की सरकार में बीते 9 साल में युवाओं को रोजगार नहीं मिला। युवाओं का भविष्य अंधकार में जा रहा है। गरीबों को महंगी बिजली दी जा रही है। 24 घंटे बिजली देने का इनका दावा खोखला साबित हुआ है।

IPS पर हमले के मामले में कोर्ट ने तीन सिपाहियों को सुनाई 10–10 साल की सजा

बरेली  IPS पर हमले के मामले में तीन सिपाहियों को 10–10 साल की सजा सुनाई गई है. SP ट्रैफिक रहीं कल्पना सक्सेना पर हमले के मामले में कोर्ट ने ये फैसला सुनाया है. अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुरेश कुमार गुप्ता की कोर्ट ने ये सजा दी है. सजा का फैसला आते ही दोषी सिपाही कोर्ट में रोते नजर आए. आईपीएस कल्पना सक्सेना बता दें कि 2010 में एसपी कल्पना सक्सेना ने अवैध वसूली करते हुए पुलिसकर्मियों को रंगेहाथ पकड़ा था. वे 2010 में बरेली में SP यातायात के पद पर तैनात रही थीं. घटना बरेली के थाना कैंट क्षेत्र में 2 सितंबर 2010 को हुई थी. पकड़े जाने पर सिपाहियों ने एसपी पर हमला कर दिया था. मामले में सिपाही रविन्द्र, रावेंद्र और मनोज ने एसपी को कार से कुचलने की कोशिश की थी. सिपाहियों के साथ उनका दोस्त धर्मेंद्र भी घटना में शामिल था. DIG रैंक की अफसर हैं कल्पना इस हमले में एसपी की जान किसी तरह बच गई थी. फिलहाल कल्पना सक्सेना वर्तमान में गाजियाबाद में DIG रैंक की अफसर हैं. वे सहारनपुर में आतंकियों से भी लोहा ले चुकी हैं.

सीएम योगी ने कहा- राज्यपाल के खिलाफ विपक्ष का व्यवहार किसी भी आदर्श लोकतंत्र को स्वीकार नहीं होगा

लखनऊ उत्तर प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र के छठे दिन मंगलवार को विधान परिषद में राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर अपने संबोधन में सीएम योगी आदित्यनाथ ने महाकुंभ के आयोजन पर किए जा रहे दुष्प्रचार और राज्यपाल के अभिभाषण पर किए गए व्यवहार पर विपक्ष को आइना दिखाया। सीएम योगी ने कहा कि राज्यपाल के खिलाफ विपक्ष का व्यवहार किसी भी आदर्श लोकतंत्र को स्वीकार नहीं होगा। सीएम योगी ने सोशल मीडिया पर किए गए पोस्ट को पढ़ते हुए कहा कि महाकुंभ में सभी को अपनी दृष्टि के अनुरूप चीजें देखने को मिली है। महाकुंभ दुनिया में अब तक हुए सभी आयोजनों के रिकॉर्ड को तोड़ रहा है। प्रयागराज महाकुंभ ने प्रदेश में नए पंच तीर्थ को जोड़ा है, जिसके माध्यम से श्रद्धालु अयोध्या, काशी, गोरखपुर, मथुरा दर्शन करने के लिए पहुंच रहे हैं। उन्होंने कहा कि राज्यपाल एक संवैधानिक पद है और अपने संवैधानिक उत्तरदायित्वों का निर्वहन करने के लिए ही वर्ष की शुरुआत में पहले सत्र में उनके द्वारा दोनों सदनों को एक साथ संबोधित किया जाता है। लोकतंत्र संवाद पर आधारित होता है, यह आवश्यक नहीं कि सभी लोग एक-दूसरे से सहमत हों, लेकिन मर्यादा और शालीनता का पालन करना सभी की जिम्मेदारी है। राज्यपाल जैसे संवैधानिक पद के प्रति जिस प्रकार की अशोभनीय भाषा और नारेबाजी का प्रयोग किया गया, वह लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है। संविधान निर्माता बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर ने हमें जो लोकतांत्रिक व्यवस्था दी है, उसका सम्मान करना सभी दलों का कर्तव्य है। समाजवादी पार्टी का यह आचरण लोकतंत्र और संविधान, दोनों के विरुद्ध है। एक आदर्श लोकतांत्रिक व्यवस्था में ऐसे व्यवहार को स्वीकार नहीं किया जा सकता। मुख्यमंत्री योगी ने विधान परिषद में विपक्ष के रवैये पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि जब पूरा विश्व प्रयागराज के महाकुंभ की भव्यता और दिव्यता का साक्षी बन रहा है, तब विपक्ष सिर्फ आलोचना में व्यस्त है। यह कोई साधारण आयोजन नहीं, बल्कि भारत की सनातन परंपरा, आस्था और संस्कृति का वह महोत्सव है, जिसने देश की प्रतिष्ठा को वैश्विक स्तर पर नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया है। उन्होंने आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि अब तक 64 करोड़ श्रद्धालु इस दिव्य आयोजन में शामिल हो चुके हैं, जो विश्व के किसी भी धार्मिक आयोजन में शामिल होने वाले लोगों की संख्या से कहीं अधिक है। उत्तर प्रदेश आज एक नए युग की ओर बढ़ रहा है, जहां अयोध्या, काशी, मथुरा-वृंदावन, गोरखपुर और प्रयागराज तीर्थाटन के नए केंद्र बन चुके हैं। प्रयागराज महाकुंभ ने इन धार्मिक स्थलों को पंच तीर्थ के रूप में जोड़ दिया है। सीएम योगी ने कहा कि महान कार्यों के प्रति समाज का रवैया तीन चरणों से गुजरता है- उपहास, विरोध और अंततः स्वीकृति। यही हाल राम मंदिर निर्माण और महाकुंभ आयोजन के दौरान भी देखने को मिला। पहले विपक्ष ने तंज कसे, फिर विरोध किया, लेकिन अंततः वे भी इसी आस्था में समर्पित हो गए। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष स्वयं संगम में स्नान कर आए और नेता प्रतिपक्ष ने खुद को पहले सनातनी बताया, बाद में समाजवादी। यह उनकी स्वीकृति का प्रमाण है। सीएम योगी ने महाकुंभ की तुलना दुनिया के अन्य धार्मिक आयोजनों से करते हुए कहा कि मक्का में हज के दौरान 1.4 करोड़, वेटिकन सिटी में सालभर में 80 लाख, जबकि अयोध्या धाम में मात्र 52 दिनों में 16 करोड़ श्रद्धालु पहुंचे। इसी तरह, काशी, मथुरा-वृंदावन और अन्य तीर्थों में भी करोड़ों श्रद्धालु पहुंचे, जिससे यह साबित हुआ कि भारत की सनातन परंपरा केवल धार्मिक मान्यताओं तक सीमित नहीं, बल्कि विश्व संस्कृति की आधारशिला है। उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि कुछ लोग हर बार महाकुंभ को बदनाम करने की कोशिश करते हैं, लेकिन इस आयोजन ने हर नकारात्मक प्रचार को ध्वस्त कर दिया। वामपंथी और समाजवादी महाकुंभ को बदनाम करने में जुटे रहे, लेकिन करोड़ों श्रद्धालुओं ने आस्था की डुबकी लगाकर उनकी नकारात्मकता को नकार दिया। सनातन संस्कृति की ताकत दुनिया ने देखी। करोड़ों श्रद्धालुओं ने आस्था की डुबकी लगाकर सनातन विरोधियों को करारा जवाब दिया। यह वही नया उत्तर प्रदेश है, जिसने आध्यात्मिक पर्यटन को एक नई दिशा दी है और अब पूरी दुनिया सनातन संस्कृति की इस अद्भुत शक्ति का लोहा मान रही है। मुख्यमंत्री योगी ने गंगाजल की शुद्धता पर सवाल उठाने वालों को कड़ा जवाब दिया। उन्होंने बताया कि प्रयागराज में वैज्ञानिक डॉ. अजय शुक्ला की लैब और उत्तर प्रदेश व केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की रिपोर्ट के अनुसार, गंगाजल स्नान योग्य ही नहीं, बल्कि अल्कलाइन वाटर जितना शुद्ध भी है। वैज्ञानिक परीक्षणों से यह साबित हुआ है कि गंगाजल में स्वयं को शुद्ध बनाए रखने की प्राकृतिक क्षमता है, जो इसे अन्य नदियों से अलग बनाती है। 17 जनवरी को केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की रिपोर्ट में संगम क्षेत्र में क्लोरोफॉर्म की मात्रा निर्धारित मानकों के भीतर पाई गई। संगम तट पर इसकी मात्रा 780 एमपीएन प्रति 100 मिलीलीटर थी, जबकि वाराणसी की ओर जाने वाले घाटों पर यह 280 तक थी। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अनुसार, जल की शुद्धता के तीन प्रमुख मानक- बीओडी (बायोलॉजिकल ऑक्सीजन डिमांड), सीओडी (केमिकल ऑक्सीजन डिमांड) और फीकल कॉलीफॉर्म-संगम क्षेत्र में पूरी तरह संतुलित पाए गए।  

महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर महाकुंभ अपने चरम पर, अद्भुत संयोग का साक्षी बनने उमड़े करोड़ों लोग

प्रयागराज महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर महाकुंभ अपने चरम पर पहुंच चुका है। 144 साल बाद बने इस अद्भुत संयोग का साक्षी बनने के लिए करोड़ों श्रद्धालु संगम तट पर उमड़ पड़े हैं। मां गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती के पावन संगम में रोज सवा करोड़ से ज्यादा श्रद्धालु डुबकी लगाकर शांति और मोक्ष की कामना कर रहे हैं। यही नहीं, 10 दिनों से लगातार बढ़ रहे आस्था के इस महाज्वार को देखते हुए स्वास्थ्य और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। महाकुंभ में अब तक 64 करोड़ से अधिक श्रद्धालु पवित्र स्नान के सहभागी बन चुके हैं। इसे देखते हुए महाशिवरात्रि पर यह आंकड़ा 66 करोड़ के पार हो जाने की संभावना है। सनातन धर्मावलंबी जितनी बड़ी संख्या में यहां पहुंचे हैं, उतने पूरी दुनिया में आज तक कहीं दूसरी जगह एक साथ एकत्र नहीं देखे गए। गंगा स्नान करने वाले श्रद्धालुओं का आंकड़ा सात बार दो करोड़ के पार जा चुका है। पिछले 10 दिनों से हर दिन सवा करोड़ से ज्यादा श्रद्धालु संगम में पवित्र स्नान कर रहे हैं, जिससे महाकुंभ क्षेत्र के साथ-साथ पूरे देश में भक्तिमय माहौल बना हुआ है। यहां लोगों के उत्साह का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि महाकुंभ में पवित्र स्नान करने वाले श्रद्धालुओं की संख्या सात बार दो करोड़ के पार जा चुकी है। महाकुंभ में पवित्र स्नान करने के लिए बड़ी संख्या में देश के कोने-कोने से लोग पहुंचे। यही नहीं, विभिन्न देशों से प्रयागराज आने वाले विदेशी श्रद्धालुओं की भी इनमें अच्छी खासी तादाद रही है। बात सिर्फ प्रमुख स्नान की हो तो करीब 17 करोड़ से अधिक श्रद्धालु इस दौरान संगम तट पर पहुंचे और आस्था की डुबकी लगाई। हर अमृत स्नान पर महाकुंभ नगर में जनसैलाब उमड़ा। प्रत्येक अमृत स्नान के मौके पर ढाई करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं ने पवित्र त्रिवेणी में डुबकी लगाकर अपने जीवन को धन्य किया। यही नहीं, महाकुंभ में ऐसा 12 बार हो चुका है जब गंगा स्नान करने वाले डेढ़ करोड़ लोगों की यहां संगम की रेत पर सहभागिता रही। महाकुंभ के इस दिव्य और भव्य आयोजन में महाशिवरात्रि के अंतिम महत्वपूर्ण स्नान को लेकर तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। सीएम योगी आदित्यनाथ ने इसे लेकर विशेष निर्देश जारी किए हैं, जिसके तहत स्वास्थ्य और सुरक्षा का जिम्मा संभालने वाले टॉप के अधिकारियों को पूरे मेला क्षेत्र में 24 घंटे मुस्तैद रहने के लिए कहा गया है, जिससे श्रद्धालु निर्बाध रूप से पवित्र स्नान और धार्मिक अनुष्ठान कर सकें।

‘सनातन’ संगम के आखिरी 2 दिन…श्रद्धालु ने पार किया अब 63 करोड़ का आंकड़ा

प्रयागराज महाकुंभ में 63 करोड़ से अधिक लोग स्नान कर चुके हैं। इतनी भीड़ आने के बाद भी शहर की हवा गुणवत्ता के अनुरूप रही। मेला प्रशासन का दावा है कि इस दौरान प्रयागराज की हवा चंडीगढ़ से अच्छी रही। इतनी संख्या में तीर्थयात्रियों की भारी भीड़ और हजारों वाहनों की आवाजाही के बावजूद वायु गुणवत्ता खराब नहीं हुई है। लगातार 42 दिन से शहर वायु की गुणवत्ता को लेकर ग्रीन जोन में बना हुआ है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के पर्यावरण कंसल्टेंट शहीक शिराज के अनुसार महाकुंभ ग्रीन जोन में है। उन्होंने बताया कि 100 के भीतर एयर क्वालिटी इंडेक्स अच्छा माना जाता है। सिर्फ मौनी अमावस्या के दिन एयर क्वालिटी इंडेक्स 106 रहा। अन्य दिनों में यह 100 से काफी नीचे रहा। इस तरह से सिर्फ मौनी अमावस्या के दिन ही वायु की गुणवत्ता कुछ खराब थी। उन्होंने बताया, 13 जनवरी पौष पूर्णिमा को महाकुंभ का एयर क्वालिटी इंडेक्स 67 था। 14 जनवरी मकर संक्रांति को 67, 29 जनवरी मौनी अमावस्या को 106, 03 फरवरी बसंत पंचमी को 65 और 12 फरवरी माघी पूर्णिमा को 52 रहा है। महाकुंभ के आखिरी स्नान पर्व महाशिवरात्रि पर सोमवार को संगम में पुण्य की डुबकी लगाने के लिए भक्ति की लहरें फिर उफनाने लगी हैं। चाहे लाल मार्ग हो या काली मार्ग या फिर त्रिवेणी मार्ग, हर तरफ से आस्था का जन सैलाब संगम में मिलने के लिए उमड़ता रहा। मेला प्रशासन ने रात आठ बजे तक 1.30 करोड़ श्रद्धालुओं के डुबकी लगाने का दावा किया। सोमवार की देर शाम तक रेलवे स्टेशनों, बस अड्डों से संगम जाने वाले रास्तों पर लंबी कतारें लगी रहीं। निजी वाहनों का रेला उमड़ने से आउटर की पार्किंग में वाहनों को खड़ा करने की जगह तक नहीं बची। मेला प्रशासन ने मंगलवार की शाम तक तीन करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं के स्नान करने का अनुमान लगाया है। भीड़ को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। भीड़ के मद्देनजर मेला प्रशासन ने चुस्त-दुरुस्त इंतजाम किए हैं। पार्किंग के अलावा खाली स्थानों और पटरियों पर बडी संख्या में श्रद्धालुओं ने डेरा जमा लिया है। देर शाम तक मेला प्रशासन की ओर से तैयारियां परखी जाती रहीं। करीब 12 किमी क्षेत्रफल में फैले संगम के 42 घाटों पर स्नानार्थी ही नजर आ रहे हैं। कोई दंड-कमंडल लेकर तो कोई सिर पर गठरी और कंधे पर झोला-बोरा लिए संगम की ओर बढ़ता नजर आ रहा है। मेले में वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। मेला क्षेत्र के इंट्री प्वाइंटों, संगम व पांटून पुलों पर अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है। पुलिस, पैरामिलिट्री के अलावा होमगाड्स, एनडीआरएफ, सिविल डिफेंस और यूपी एसटीएफ के जवान तैनात कर दिए गए हैं। शहर में 10वें दिन जाम से राहत पर वाराणसी, मिर्जापुर मार्ग पर वाहनों की कतार महाकुंभ के दौरान लगने वाले रोजाना भीषण जाम से शहरवासियों को सोमवार को थोड़ी राहत मिली। आखरी बार ऐसी स्थिति माघी पूर्णिमा स्नान के अगले दिन थी। यानी 10वें दिन श्रद्धालुओं के साथ-साथ शहरी को जाम से छुटकारा मिला है। जबकि, बाहरी नंबर की गाड़ियों को भी प्रवेश दिया गया। वहीं, वाराणसी, मिर्जापुर मार्ग पर वाहन रुक-रुककर चलते रहे। मेले में भीड़ कम होने पर कई जगह बैरिकेडिंग भी हटा दी गई हैं। इससे सुबह नौ बजे से ही शहर की सड़काें पर रोजाना के मुकाबले गाड़ियों का कम लोड दिखा। बालसन, सिविल लाइंस, सोहबतियाबाग, तेलियरगंज, फाफामऊ, लेप्रोसी, जानसेनगंज, सीएमपी, अलोपी बाग समेत अन्य जगहों पर जाम की स्थिति सामान्य रही। आवश्यक उपयोग के वस्तुओं के वाहनों की खुली नो-इंट्री शहर में आने वाले आवश्यक उपयोग के वस्तुओं के वाहनों के लिए 11 बजे से नो-इंट्री हटाई गई है। यातायात प्रभारी अमित कुमार ने बताया कि सिर्फ उन्हीं वाहनों को छूट दी गई है, जिसमें आवश्यक उपयोग के वस्तुएं उपलब्ध हैं। इसके अलावा श्रद्धालुओं के लिए पहले जैसे ही व्यवस्था बनी रहेगी। वाहनों का लोड कम होने पर शहर में प्रवेश दिया जाएगा।     प्रयागराज-वाराणसी मार्ग पर सुबह-शाम जाम लगा रहा। शाम करीब चार बजे से जैन मंदिर से अंदावा तक वाहनों की कतार लगी रही।     चित्रकूट-प्रयागराज मार्ग पर भी पहले के मुकाबले जाम से राहत मिली है। सिर्फ बसों को शंकरगढ़ पार्किंग में रोका गया।     प्रतापगढ़-प्रयागराज मार्ग पर जाम से श्रद्धालुओं को मलाक हरहर के रास्ते स्टील ब्रिज की ओर से जाने दिया गया।     मिर्जापुर-प्रयागराज मार्ग पर दोपहर दो बजे से गाड़ियों की कतार लग गई। यह कतार भीरपुर से ऊंचडीह बस अड्डे तक था।     प्रयागराज-लखनऊ-रायबरेली मार्ग पर जाम से राहत थी। मलाका स्टील ब्रिज और फाफामऊ की ओर से गाड़ियां गुजरीं     कानुपर मार्ग पर वाहन सुलेमसराय नेहरू पार्क तक आए। यहां कुछ गाड़ियां रोकी गईं।  

सपा के पूर्व विधायक अब्दुल्ला आजम खान को कोर्ट से मिली राहत, आजम खान को बड़ी राहत

हरदोई धोखाधड़ी के केस में हरदोई जेल में बंद आजम खान के बेटे और सपा के पूर्व विधायक अब्दुल्ला आजम खान मंगलवार को करीब 17 महीने बाद रिहा हो गए। कोर्ट से उनकी जमानत मंजूर होने के बाद सोमवार को रिहाई का परवाना जेल प्रशासन के लिए भेज दिया गया था। दो जन्म प्रमाण पत्र के मामले में कोर्ट द्वारा अक्तूबर 2023 में सात साल की सजा सुनाए जाने के बाद से सपा के पूर्व विधायक अब्दुल्ला आजम को न्यायिक अभिरक्षा में लेते हुए रामपुर जिला जेल भेज दिया था। उनके साथ ही उनके पिता आजम खान और मां तजीन फात्मा को भी जेल भेज दिया गया था। सुरक्षा कारणों से आजम खान को सीतापुर, अब्दुल्ला आजम को हरदोई जेल शिफ्ट किया गया था। तब से आजम और अब्दुल्ला जेल में ही हैं। हालांकि, तजीन फात्मा जमानत पर रिहा हैं। अब अब्दुल्ला भी सलाखों से बाहर आ गए हैं। अब्दुल्ला के अधिवक्ता नासिर सुल्तान ने बताया कि अदालत ने चंद रोज पहले जमानत मंजूर कर दी थी लेकिन,जमानतियों का सत्यापन आदि की औपचारिताएं पूरी होने के बाद सोमवार को रिहाई परवाना जारी हो गया। आज उनकी रिहाई हो गई है। उनकी रिहाई की सूचना से समर्थकों में खुशी की लहर है। बिना न्यायालय की अनुमति के अब्दुल्ला आजम देश नहीं छोड़ेंगे हरदोई जेल में बंद सपा के पूर्व विधायक अब्दुल्ला आजम भले ही मंगलवार को सलाखों से बाहर आ जा गए लेकिन, जिन शर्तों पर उनकी जमानत अर्जी अदालत ने मंजूर की है, उनके अनुसार वह जमानत अवधि में देश नहीं छोड़ सकेंगे। मालूम हो कि पूर्व में शत्रु संपत्ति को खुर्द-बुर्द करने के आरोप से घिरे सपा नेता आजम खान व अब्दुल्ला आजम को रामपुर पुलिस ने क्लीन चिट दे दी थी। जिस पर यह मामला शासन तक पहुंचा था। जिसके बाद इस मामले में शासन ने दोबारा विवेचना के आदेश दिए गए थे। एसपी ने इस मामले की विवेचना अपराध शाखा के इंस्पेक्टर नवाब सिंह को सौंपी थी। नवाब सिंह इस वक्त रामपुर में शहर कोतवाल हैं। इस मामले में बीते मंगलवार को एमपी-एमएलए मजिस्ट्रेट कोर्ट ने अब्दुल्ला आजम की जमानत अर्जी मंजूर की थी। लेकिन, कोर्ट ने अपने आदेश में चार शर्तें भी लगाई हैं। कोर्ट ने कहा है कि बिना न्यायालय की अनुमति के अब्दुल्ला आजम देश नहीं छोड़ेंगे, प्रत्येक तिथि पर न्यायालय में हाजिर होंगे और गवाहों से छेड़छाड़ नहीं करेंगे एवं विचारण में पूरा सहयोग करेंगे।

पीलीभीत में जाली नोटों का कारोबार करने वाले चार अपराधी गिरफ्तार, पुलिस ने बरामद की 2.90 लाख की नकली करंसी

पीलीभीत उत्तर प्रदेश के पीलीभीत की बरखेड़ा थाना पुलिस ने नकली नोट का कारोबार करने वाले चार इंटरस्टेट धंधेबाजों को गिरफ्तार किया है. इनके कब्जे से 2.90 लाख रुपये की नकली भारतीय करेंसी और इसे बनाने की मशीन बरामद हुई है. पुलिस द्वारा पकड़े गए चारों आरोपी शाहजहांपुर, बरेली, और बदायूं के रहने वाले हैं. अपर पुलिस अधीक्षक विक्रम दहिया ने जानकारी देते हुए बताया कि मुखबिर की सूचना पर इन्हें पकड़ा गया है पूछताछ में इन्होंने बताया कि यूट्यूब के जरिए इन्होंने नोट बनाना सीखा था. नकली नोट बनाकर यह ग्रामीण क्षेत्रों में भोले भाले लोगों को दे दिया करते थे. पकड़े गए आरोपियों में से 2 लोग शाहजहांपुर जनपद के है जिनके नाम रिजवान व अब्दुल सत्तार है. तो वही खलील अहमद बदायूं का रहने वाला है. चौथा आरोपी फरियाद बरेली का रहने वाला है. पुलिस का कहना है कि रिमांड लेकर इनसे पूछताछ की जाएगी इन्होंने अभी तक एक करोड़ के नकली नोट छापने की बात कबूली है. पीलीभीत  के अपर पुलिस अधीक्षक विक्रम दहिया  ने बताया कि नकली नोट छापने वाले गैंग का आज भंडाफोड़ हुआ है. सभी पकड़े गए आरोपी जेल जा रहे है,ये लोग अब तक 1 करोड़ रुपये के नकली नोट छाप चुके है.    

प्रयागराज संगम में डुबकी लगाने वाले श्रद्धालुओं की संख्या ने तोड़ा रिकॉर्ड, US -रूस की जनसंख्या से ज्यादा लोगों ने लगाई डुबकी!

प्रयागराज प्रयागराज में चल रहे महाकुंभ 2025 ने इतिहास रच दिया है। 13 जनवरी से शुरू हुए इस विराट समागम में अब तक 50 करोड़ से अधिक श्रद्धालु त्रिवेणी संगम में डुबकी लगाकर पुण्य लाभ प्राप्त कर चुके हैं। महाकुंभ के इस आयोजन का महत्व इस बात से भी समझा जा सकता है कि पूरी दुनिया में केवल भारत और चीन की जनसंख्या ही इस संख्या से अधिक है। वहीं, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रयासों से महाकुंभ ने अपनी दिव्यता और भव्यता से दुनिया को आकर्षित किया है। सीएम योगी ने पहले ही अनुमान जताया था कि इस बार महाकुंभ में श्रद्धालुओं की संख्या एक नया रिकॉर्ड स्थापित करेगी, जो अब सच साबित हो चुका है। शुरुआत में 45 करोड़ श्रद्धालुओं के आने का अनुमान था, जो 11 फरवरी को ही पूरा हो गया था। 14 फरवरी तक यह संख्या 50 करोड़ को पार कर गई है, और आगामी स्नान पर्वों के साथ यह संख्या 55 से 60 करोड़ तक जा सकती है। यूएस सेंसस ब्यूरो की एक रिपोर्ट के अनुसार, पूरी दुनिया के 200 से अधिक राष्ट्रों में जनसंख्या के दृष्टिकोण से टॉप 10 देशों में क्रमश: भारत (1,41,93,16,933), चीन (1,40,71,81,209), अमेरिका (34,20,34,432), इंडोनेशिया (28,35,87,097), पाकिस्तान (25,70,47,044), नाइजीरिया (24,27,94,751), ब्राजील (22,13,59,387), बांग्लादेश (17,01,83,916), रूस (14,01,34,279) और मैक्सिको (13,17,41,347) शामिल हैं. वहीं महाकुंभ में आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या अब तक की (50 करोड़) हो चुकी है. अमेरिका, इंडोनेशिया, पाकिस्तान, नाइजीरिया, ब्राजील, बांग्लादेश, रूस और मैक्सिको की जनसंख्या इससे कहीं पीछे है. सीएम योगी ने अनुमान जताया था कि इस बार कुंभ में लोगों की संख्या का नया रिकॉर्ड बनेगा. शुरुआत में ही 45 करोड़ श्रद्धालुओं के आने का अनुमान लगाया गया था. उनका यह आकलन बीते 11 फरवरी को ही सच साबित हो गया था. वहीं शुक्रवार 14 फरवरी को यह संख्या 50 करोड़ के ऊपर पहुंच चुकी है. अभी महाकुंभ में 12 दिन और एक महत्वपूर्ण स्नान पर्व शेष हैं. स्नान करने वालों की यह संख्या 55 से 60 करोड़ के ऊपर जा सकती है. विभिन्न स्नान पर्वों पर उमड़ी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ अब तक के कुल श्रद्धालुओं की संख्या का विश्लेषण करें तो सर्वाधिक 8 करोड़ श्रद्धालुओं ने मौनी अमावस्या पर स्नान किया था, जबकि 3.5 करोड़ श्रद्धालुओं ने मकर संक्रांति पर अमृत स्नान किया था. एक फरवरी और 30 जनवरी को 2-2 करोड़ के पार और पौष पूर्णिमा पर 1.7 करोड़ श्रद्धालुओं ने पुण्य डुबकी लगाई थी. इसके अलावा बसंत पंचमी पर 2.57 करोड़ श्रद्धालुओं ने त्रिवेणी में आस्था की डुबकी लगाई थी. माघी पूर्णिमा के महत्वपूर्ण स्नान पर्व पर भी दो करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं ने संगम में पावन स्नान किया था. दुनिया के प्रमुख देशों की जनसंख्या से अधिक श्रद्धालु ने लगाई डुबकी यूएस सेंसस ब्यूरो की रिपोर्ट के अनुसार, दुनिया के टॉप 10 देशों की जनसंख्या में केवल भारत और चीन की जनसंख्या महाकुंभ में आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या से अधिक है। भारत की जनसंख्या 1.41 अरब और चीन की 1.40 अरब है, जबकि अमेरिका (34.2 करोड़), पाकिस्तान (25.7 करोड़), नाइजीरिया (24.3 करोड़) जैसे देशों की जनसंख्या महाकुंभ में आने वाले श्रद्धालुओं से काफी कम है। पर्वों पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़  महाकुंभ के दौरान विभिन्न स्नान पर्वों पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। सर्वाधिक 8 करोड़ श्रद्धालुओं ने मौनी अमावस्या पर स्नान किया था, जबकि 3.5 करोड़ श्रद्धालुओं ने मकर संक्रांति पर अमृत स्नान किया था। एक फरवरी और 30 जनवरी को 2-2 करोड़ श्रद्धालुओं ने पुण्य डुबकी लगाई थी, वहीं पौष पूर्णिमा पर 1.7 करोड़ श्रद्धालुओं ने त्रिवेणी संगम में स्नान किया था। बसंत पंचमी पर 2.57 करोड़ श्रद्धालुओं ने आस्था की डुबकी लगाई और माघी पूर्णिमा पर भी दो करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं ने संगम में पावन स्नान किया। आने वाले दिनों में और बढ़ सकती है श्रद्धालुओं की संख्या महाकुंभ में अभी 12 दिन और एक महत्वपूर्ण स्नान पर्व शेष है, जिसमें और श्रद्धालु संगम में स्नान करने के लिए पहुंच सकते हैं। इस बार के महाकुंभ में श्रद्धालुओं की संख्या पिछले वर्षों से कहीं अधिक रही है, जो एक अभूतपूर्व रिकॉर्ड है।  

महाकुंभ मेले के सेक्टर 18 और 19 के बीच लगी भीषण आग, कई पंडाल जलकर खाक

प्रयागराज प्रयागराज में चल रहे महाकुंभ मेले के सेक्टर 18 और 19 के बीच शनिवार को कई पंडालों में आग लग गई। जैसे ही इस घटना की जानकारी मिली, फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची और आग बुझाने में जुट गई। राहत की बात यह रही कि इस घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। आग लगने की वजह का फिलहाल पता नहीं चल सका है, लेकिन शुरुआती जानकारी के अनुसार, आग महाराजा भोग नामक खान-पान की दुकान से लगी थी, जिससे कई पंडालों को नुकसान हुआ। इससे पहले 9 फरवरी को भी महाकुंभ मेले में आग लगने की एक घटना सामने आई थी। तब सेक्टर 18 के शंकराचार्य मार्ग पर स्थित एक शिविर में आग लग गई थी। उस घटना में भी कई टेंट जलकर राख हो गए थे, लेकिन गनीमत रही कि कोई जनहानि नहीं हुई। फायर ब्रिगेड ने समय रहते आग पर काबू पा लिया था। महाकुंभ मेले में आग लगने की ये पहली घटना नहीं है। 30 जनवरी को भी सेक्टर-22 में आग लगी थी, जिसमें 15 टेंट जल गए थे। इसके अलावा 19 जनवरी को सेक्टर-19 में एक और आगजनी की घटना हुई थी, जिसमें 18 शिविर जलकर खाक हो गए थे। हालांकि, इन सभी घटनाओं में फायर ब्रिगेड के कर्मचारियों ने तत्काल कार्रवाई की और किसी प्रकार की जनहानि को टाल लिया।  

अखिलेश यादव ने मिल्कीपुर चुनाव से लेकर विभिन्न मुद्दों पर भाजपा को घेरा

लखनऊ राजधानी लखनऊ स्थित सपा कार्यालय में पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने शनिवार को प्रेस वार्ता को संबोधित किया। इस मौके पर उन्होंने मिल्कीपुर चुनाव से लेकर विभिन्न मुद्दों पर भाजपा को घेरा। उन्होंने फिर कहा कि चुनाव आयोग मर गया है। चुनाव आयोग नोटिस भेजेगा तो कोर्ट में बात की जाएगी। वहां हमें अपनी बात और भी तफसील से रखने का मौका मिलेगा। सपा अध्यक्ष ने कहा कि भाजपा सरकार ने महाकुंभ को लेकर 144 साल का भ्रम फैलाया। इससे बड़ा मिस मैनेजमेंट कभी नहीं देखा गया। कहा कि भाजपा की ट्रोलर टीम जिस तरह की भाषा का प्रयोग करेगी, उसे उसकी भाषा में ही जवाब दिया जाएगा। डरी हुई भाजपा, सपा की मीडिया सेल पर हमला कर रही है। भाजपा तोड़ रही भाषा की मर्यादा समाजवादी व्यापार सभा के अध्यक्ष मनीष जगन अग्रवाल की गिरफ्तारी पर कहा कि मनीष अब समाजवादी मीडिया सेल के हिस्सा नहीं हैं। यदि भाजपा गलत भाषा का प्रयोग करेगी तो सपा भी उसका मुहं तोड़ जवाब देगी। हमनें पहले गलत भाषा का प्रयोग नहीं किया। भाजपा लगातार भाषा की मर्यादा तोड़ रही है। जब समझौता हो गया था, तब इसको कौन तोड़ रहा है। हमारी सैकड़ों शिकायतें पड़ी हैं। लेकिन, भाजपा पर कोई कार्यवाही नहीं हो रही है।  

वीआईपी स्नान को लेकर कहासुनी के बाद लेखपाल को दरोगा ने पीटा

प्रयागराज संगम वीआईपी घाट पर शनिवार को लेखपाल को दरोगा ने पीट दिया। लेखपाल को चोटे आई हैं। उसको उपचार के लिए अस्पताल ले जाया जाया गया है। घटना से आक्रोशित लेखपालों ने चेतावनी दी है कि अगर दरोगा के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई तो लेखपाल वीआईपी स्नान बंद करा देंगे। मामला अधिकारियों के संज्ञान में आने के बाद छानबीन शुरू करा दी गई है। लेखपाल सुनील कुमार दुबे को गैर जनपद से आए एक दरोगा ने पीट दिया। लेखपाल उत्तराखंड के एक विधायक के प्रोटोकॉल में लगे हुए थे, जबकि दरोगा अपने साथ आए कुछ लोगों को वीआईपी घाट पर लेकर जाना चाहता था। रोके जाने पर दरोगा अड़ गया कि वह किसी को भी भीतर नहीं जाने देगा। इसी बात पर उसकी लेखपाल से कहासुनी के बाद नोकझोक हुई। आरोप है कि इसके बाद दरोगा ने हाथापाई शुरू कर दी। लेखपाल की ओर से पुलिस को शिकायती पत्र दिया गया है। लेखपालों ने वीआईपी स्नान बंद करने की चेतावनी दी है। वह दरोगा के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

ओम बिरला ने संगम में लगाई डुबकी, यह हमारे आस्था का विषय, इस पर राजनीति नहीं करना चाहिए

प्रयागराज लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने त्रिवेणी संगम में आस्था की डुबकी लगाई। केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल के साथ उन्होंने त्रिवेणी संगम में पूजा अर्चना की। इस दौरान ओम बिरला ने कहा कि यह भारत की आध्यात्मिक, संस्कृति और आस्था का महाकुंभ है। जहां संत ऋषि मुनियों की अद्भुत वाणी हैं, करोड़ो लोगों की श्रद्धा है और मां गंगा का किनारा है। हमारी बरसों से महाकुंभ के प्रति आस्था रही है। आत्मा और मन की शांति के साथ देश में समृद्धि और खुशहाली आए। महाकुंभ पर राजनीति नहीं करना चाहिए लोकसभा स्पीकर ने आगे कहा कि हम महाकुंभ में प्रार्थना करते हैं कि देश में समृद्धि, उन्नति आए और हर व्यक्ति के जीवन में खुशहाली आए। विपक्षियों को लेकर उन्होंने कहा कि महाकुंभ पर राजनीति नहीं करना चाहिए। यह हमारे आस्था का विषय है। सीएम योगी ने बड़ा आयोजन किया है। 144 साल बाद आने वाला महाकुंभ बहुत बड़ा महाकुंभ है। इस महाकुंभ में आकर आनंद प्राप्त हो रहा है। महाकुंभ में अब तक राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, पीएम मोदी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, अखिलेश यादव, रवि किशन, हरियाणा सीएम नायब सिंह सैनी, मणिपुर सीएम एन बीरेन सिंह, सीएम योगी और उनका पूरा मंत्रिमंडल, उप राष्ट्रपति जगदीप धनखड़, केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू, कवि कुमार विश्वास, 73 देशों के प्रतिनिधिमंडल, भूटान नरेश जिग्मे खेसर नामग्याल वांगचुक समेत कई बड़ी हस्तियां संगम में डुबकी लगा चुके है। महाकुंभ की चर्चा पूरी दुनिया में हो रही है। सात समंदर पार के लोग कुंभ की दिव्यता और भव्यता को देखने के लिए आ रहे है। भारत की प्राचीन परंपरा और यहां की सनातन संस्कृति विदेशी लोगों के मन को भा रही है। जिसके परिणामस्वरूप महाकुंभ में अब तक 50 करोड़ से भी ज्यादा श्रद्धालुओं ने आस्था की डुबकी लगा ली है। बसंती पंचमी के मौके पर डेढ़ करोड़ से भी ज्यादा लोगों ने त्रिवेणी संगम में शाही स्नान किया और मां गंगा का आशीर्वाद प्राप्त किया। वहीं 10 लाख से अधिक श्रद्धालु महाकुंभ में कल्पवास कर रहे है।

महाकुंभ क्षेत्र नो व्हीकल जोन घोषित, 15-16 फरवरी का पास रद्द, आने से पहले जरूर पढ़ें ये खबर

प्रयागराज प्रयागराज में इन दिनों दिव्य और भव्य महाकुंभ मेला चल रहा है. इस हफ्ते शनिवार और रविवार को भारी के भीड़ आने का अनुमान जताया जा रहा है, जिसे देखते हुए मेला प्रशासन ने सभी पास को रद्द कर दिया है. पूरे मेला क्षेत्र को नो व्हीकल जोन घोषित कर दिया है. इसी के साथ-साथ प्रशासन ने प्रयागराज संगम रेलवे स्टेशन बंद करने की भी घोषणा की है. मौनी अमावस्या पर हुई भगदड़ से सीख लेते हुए प्रशासन जरूरी सावधानियां बरत रहा हैं. महाकुंभ मेला प्रशासन ने श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए मेला क्षेत्र में जाने के लिए जारी पास को रविवार और शनिवार के लिए रद्द कर दिया है. भारी भीड़ की आशंका के चलते 15 और 16 फरवरी को पूरे महाकुंभ मेला क्षेत्र को नो व्हीकल जोन भी घोषित किया गया है. इस दौरान किसी भी वाहन को प्रवेश की अनुमति नहीं होगी. गाड़ियों को नजदीकी पार्किंग में पार्क करने की अनुमति दी जाएगी, लेकिन मेला क्षेत्र में बनी पार्किंग में गाड़ियां पार्क नहीं होगीं. 16 फरवरी तक संगम स्टेशन बंद इस संदर्भ में मेला प्रशासन ने दिशा निर्देश जारी कर दिया. कुंभ मेले में सुगम व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन ने यह बड़ा फैसला लिया है. वहीं, रेलवे ने भी भारी भीड़ को देखते हुए संगम स्टेशन 16 फरवरी तक बंद करने का ऐलान किया है. भीड़ को देखते हुए प्रयागराज में रेलवे ने जीआरपी और आरपीएफ के जवानों को अलर्ट मोड पर रहने को कहा है. दरअसल, वीकेंड की वजह से महाकुंभ नगर में शुक्रवार की सुबह से काफी संख्या में लोगों की आवाजाही शुरू हो गई है. पुलिस ने कई जगह पार्किंग स्थल बनाए बता दें कि शनिवार और रविवार को छुट्टी के दिन श्रद्धालुओं की भारी भीड़ महाकुंभ में पहुंच रही है, इस वजह से कुंभ में भीड़ और जाम की समस्या उत्पन्न हो जाती है. वहीं दूरदराज़ से आने वाले श्रद्धालु भी अपनी गाड़ियां लेकर महाकुंभ में आना चाहते हैं, जिस वजह से श्रद्धालुओं को परेशानी भी हो रही है, पुलिस ने भीड़ को देखते हुए कई जगह पार्किंग स्थल बनाए हैं. जहां उन गाड़ियों को रोका जाता है और उसके बाद श्रद्धालु पैदल या ई-रिक्शा या शटल बसों से ही महाकुंभ में आकर संगम स्नान कर सकते हैं. भीड़ के चलते संगम के आसपास के इलाके भी जाम हो गए हैं. महाकुंभ के लिए स्पेशल ट्रेन महाकुंभ मेले में आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए उत्तर रेलवे 15, 16 और 17 फरवरी को नई दिल्ली और वाराणसी (प्रयागराज के रास्ते) के बीच वंदे भारत स्पेशल ट्रेन नंबर 02252/02251 चलाएगा. उत्तर रेलवे द्वारा जारी एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है कि वंदे भारत स्पेशल ट्रेन संख्या 02252 सुबह 5.30 बजे नई दिल्ली से रवाना होगी. वह 12.00 बजे प्रयागराज पहुंचेगी. इसके बाद 14.20 बजे वाराणसी पहुंचेगी. उत्तर रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी हिमांशु शेखर उपाध्याय ने कहा कि वापसी के लिए ट्रेन नंबर 02251 वाराणसी से 15:15 बजे चलेगी. ये ट्रेन 17.20 बजे प्रयागराज से रवाना होगी और उसी दिन 23.50 बजे नई दिल्ली पहुंचेगी. वीकेंड पर भारी भीड़ पहुंचने का अनुमान महाकुंभ स्नान के लिए संगम स्टेशन पर पहुंची रही भारी भीड़ को देखते हुए स्टेशन को बंद करने का निर्णय लिया है. यह स्टेशन संगम के सबसे नजदीक है. यहां 16 फरवरी तक सभी तरह की एंट्री और एग्जिट पर रोक लगा दी है. बता दें कि माघ पूर्णिमा से पहले उमड़ी भीड़ के चलते 9 फरवरी को ही प्रयागराज संगम रेलवे स्टेशन 14 फरवरी तक के लिए बंद किया गया था, जिसे बढ़कर अब 16 फरवरी तक कर दिया गया है.  

महाकुंभ में बना एक और रिकॉर्ड, प्रयागराज एयरपोर्ट देश के शीर्ष 20 हवाई अड्डों में शामिल

प्रयागराज: उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में इन दिनों एक ऐतिहासिक बदलाव देखने को मिल रहा है। दरअसल प्रयागराज महाकुंभ मेला 2025 ने इस क्षेत्र की हवाई यात्रा को पूरी तरह से बदल दिया है। 13 जनवरी में शुरू हुआ यह महाकुंभ 26 फरवरी 2024 को शाही स्नान के साथ समाप्त होगा। इसमें श्रद्धालुओं और पर्यटकों की अभूतपूर्व भीड़ उमड़ रही है। इसके चलते प्रयागराज एयरपोर्ट अब भारत के शीर्ष 20 एयरपोर्ट्स में शामिल हो गया है। यह पटना, चंडीगढ़ और गोवा के मोपा जैसे एयरपोर्ट्स से भी आगे निकल गया है। इससे उत्तर प्रदेश के लिए नई संभावनाएं पैदा हुई हैं। मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर और प्रयागराज, अयोध्या और वाराणसी को जोड़ने वाले बढ़ते टूरिस्ट सर्किट के साथ, यह क्षेत्र साल भर पर्यटकों को आकर्षित कर सकता है। यह ओलंपिक जैसे बड़े आयोजनों के प्रबंधन के लिए एक अच्छा उदाहरण पेश कर सकता है। पहले प्रयागराज एयरपोर्ट पर यात्रियों की संख्या सामान्य रहती थी। लेकिन अब यहां रोजाना उतने ही यात्री आ-जा रहे हैं, जितने महाकुंभ शुरू होने से पहले पूरे महीने में आते थे। एयरपोर्ट के टर्मिनल और एप्रन क्षेत्र को बढ़ाया गया है। इसके चलते अब रात में भी विमानों का संचालन हो रहा है। जिससे काफी ज्यादा विमान उड़ान भर पा रहे हैं। महाकुंभ से पहले के मुकाबले अब उड़ानों की संख्या चार गुना से भी ज़्यादा हो गई है। हवाई किराए भी आसमान छूने लगे। जब सोशल मीडिया पर लोगों की शिकायतें बढ़ने लगीं तो सरकार ने इस पर ध्यान दिया। सरकार और एयरलाइंस ने मिलकर काम किया। उन्होंने विमानों की संख्या बढ़ाई। ज़्यादा लोगों को ले जाने वाले बड़े विमान लगाए। इसके बाद धीरे-धीरे किराए भी कम होने लगे। एविएशन एनालिटिक्स फर्म सिरियम के आंकड़ों के मुताबिक, प्रयागराज एयरपोर्ट कुछ दिनों में 42 से ज़्यादा विमानों की उड़ान को संभाल सकता है। यह पहले के मुकाबले चार गुना ज़्यादा है। इस बढ़ोत्तरी में स्पाइसजेट सबसे आगे है। एयरपोर्ट से चलने वाली 283 साप्ताहिक उड़ानों में से 116 स्पाइसजेट की हैं। इंडिगो 82 उड़ानों के साथ दूसरे नंबर पर है। एयर इंडिया की भी 32 साप्ताहिक उड़ानें हैं। सरकारी एयरलाइन एलायंस एयर की 28 और अकासा एयर की 25 साप्ताहिक उड़ानें हैं। स्पाइसजेट इस फायदेमंद रूट पर पूरा ध्यान दे रही है। इसका अंदाज़ा इसी बात से लगाया जा सकता है कि प्रयागराज के लिए स्पाइसजेट की उड़ानें उसकी कुल घरेलू उड़ानों का लगभग 13% हैं। यही नहीं कनेक्टिविटी भी बढ़ी है। प्रयागराज अब 17 अलग-अलग शहरों से जुड़ा है। दिल्ली सबसे आगे है, जहां से 87 साप्ताहिक उड़ानें हैं। मुंबई से 53 और बेंगलुरु से 36 उड़ानें हैं। सिर्फ़ प्रयागराज ही नहीं, बल्कि आस-पास के इलाके भी इस बढ़ी हुई कनेक्टिविटी का फ़ायदा उठा रहे हैं। अयोध्या और वाराणसी की यात्राएं श्रद्धालुओं में लोकप्रिय हो रही हैं। इससे मुख्य सड़कों पर भीड़ बढ़ रही है। उदाहरण के लिए, इस फरवरी में वाराणसी में पिछले साल के मुकाबले 40% ज़्यादा उड़ाने चल रही हैं। भारत के शीर्ष 10 एयरपोर्ट्स एयरपोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (AAI) के अनुसार, दिल्ली का इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट सबसे ऊपर है। मुंबई का छत्रपति शिवाजी महाराज एयरपोर्ट 20.2% की बढ़ोतरी के साथ दूसरे नंबर पर है। बेंगलुरु के केंपेगौड़ा एयरपोर्ट (BLR) ने 17.6% की वृद्धि दर्ज की है। हैदराबाद और चेन्नई में क्रमशः 19.3% और 14.2% की बढ़ोतरी हुई है। कोलकाता का नेताजी सुभाष चंद्र बोस एयरपोर्ट पूर्वी भारत का सबसे व्यस्त एयरपोर्ट बना हुआ है। अहमदाबाद और कोच्चि ने भी अच्छी प्रगति की है। पुणे में 19% की वृद्धि हुई है। गोवा के डाबोलिम एयरपोर्ट में 17.8% की गिरावट आई है क्योंकि मोपा एयरपोर्ट के शुरू होने से वहां के यात्री अब मोपा जाने लगे हैं।

महाकुंभ 2025 : रेलवे ने श्रद्धालुओं को दी वंदे भारत ट्रेन की सौगात, दिल्ली से प्रयागराज होते हुए वाराणसी तक जाएगी ट्रेन

प्रयागराज महाकुंभ में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। जिसे ध्यान में रखते हुए उत्तर रेलवे ने विशेष वंदे भारत एक्सप्रेस चलाने का ऐलान किया है। आज से 17 फरवरी तक विशेष वंदे भारत ट्रेन दिल्ली से प्रयागराज होते हुए वाराणसी तक चलाई जाएगी। महाकुंभ में स्नान करने जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए यह ट्रेन एक सौगात है। वंदे भारत ट्रेन के चलने से श्रद्धालुओं को आने जाने में सुविधा होगी। श्रद्धालुओं को आने जाने में होगी सुविधा उत्तर रेलवे ने एक प्रेस नोट जारी करते हुए बताया कि वंदे भारत स्पेशल ट्रेन नंबर 02252 सुबह 5.30 बजे नई दिल्ली से चलेगी और 2 बजे वाराणसी पहुंचेगी। यह ट्रेन 15, 16 और 17 फरवरी को संचालित होगी। ट्रेन संख्या 02251 वाराणसी से दोपहर 3.15 बजे चलेगी और शाम 5.20 बजे प्रयागराज होते हुए रात को 11.50 बजे नई दिल्ली पहुंचेगी। बताया जा रहा है कि वीकेंड में महाकुंभ में उमड़ने वाली भारी भीड़ को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है। महाकुंभ की चर्चा पूरी दुनिया में हो रही है। हर 12 साल बाद लगने वाले इस कुंभ में 144 साल बाद खास संयोग बन रहा है, क्योंकि अब तक 12 कुंभ पूरे हो चुके हैं। इसी वजह से इसे महाकुंभ कहा जा रहा है और इसमें आने वाला श्रद्धालुओं की संख्या पहले के किसी भी कुंभ से ज्यादा है। ऐसे में कुंभ मेले में आने वाले श्रद्धालुओं की गिनती के लिए यूपी सरकार ने हाईटेक उपकरणों का सहारा लिया है और इस बार AI बेस्ड कैमरे की मदद से लोगों की गिनती की जा रही है। महाकुंभ में आज दोपहर 12 बजे तक 73.75 लाख श्रद्धालुओं ने स्नान कर लिया है। अब तक कुल 50.11 करोड़ श्रद्धालु संगम में स्नान कर चुके हैं।

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