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SDO ने बंदूक की नोक पर बहू को बंधक बनाया, समधी को मारी गोली

रीवा. रीवा में सनकी SDO ने बंदूक की नोंक पर अपनी ही बहू को बंधक बना लिया है। बेटी के फोन पर 3 दिन बाद छुड़ाने पहुंचे समधी पर 3 फायर कर दिए। एक गोली उनके पैर में लगी। सूचना मिलने पर आसपास थाने की पुलिस पहुंची। पुलिस जवान जैसे ही घर में घुसने लगे तो SDO ने उन पर भी फायरिंग कर दी। वह रुक-रुककर फायर करता रहा। फिर पुलिस दूर जाकर महिला को छोड़ने अपील करने लगी। किसी तरह से आरोपी को बातों में उलझाया। इसी बीच मौका देखकर कुछ जवान मुख्य गेट का ताला तोड़कर घुसे और SDO को काबू कर लिया। करीब 3 घंटे बाद बहू और आरोपी की पत्नी को मुक्त करा लिया गया। डिंडौरी में तैनात SDO का बेटा भोपाल में रहता है। रीवा स्थित घर में आरोपी, उसकी पत्नी और बहू रहते हैं। शहर के समान थाना स्थित नेहरू नगर के SDO सुरेश मिश्रा ने अपनी बहू को तीन दिन से बंधक बना रखा था। महिला ने किसी तरह से अपने पिता श्रीनिवास तिवारी (68) को फोन करके पूरी घटना बताई। गुरुवार दोपहर 12 बजे वह बेटी के ससुराल पहुंचे और उन्होंने समधी से बेटी को छोड़ने की मिन्नत की, लेकिन एसडीओ ने बात नहीं मानी।कहा, मेरे घर से भाग जाओ नहीं तो गोली मार दूंगा। जब श्रीनिवास नहीं हटे तो उसने बंदूक से 3 फायर कर दिए। एक गोली गोली उनके पैर में लगी और वह गिर गए। काफी देर तक छटपटाते रहे फिर कुछ रिश्तेदारों ने उन्हें संजय गांधी अस्पताल में भर्ती कराया है। अंदर जाने पर कर रहा है फायरिंग एसडीओ अंदर से लगातार फायर कर रहा था। ऐसे में कोई भी पास नहीं जा पा रहा था। पुलिस ने जिला प्रशासन को सूचना दी है। तहसीलदार ने भी मौके पर पहुंचकर अनाउंसमेंट किया, लेकिन वह नहीं माना। 3 घंटे तक पुलिस करती रही मिन्नत पुलिस आरोपी से 3 घंटे तक बहू को छोड़ने की अनाउंसमेंट करती रही। पुलिस ने जब घर में घुसने का प्रयास किया तो एसडीओ ने घर के अंदर फायर किया। पुलिस को लगा कि उसने बहू को गोली मार दी है। इसके बाद बिछिया थाना प्रभारी जगदीश सिंह ठाकुर, आरक्षक आरडी पटेल और आरक्षक बिन्नू ने हिम्मत दिखाते मुख्य गेट का ताला तोड़ दिया। उन्होंने एसडीओ को बातों में उलझा कर पकड़ लिया। घर से बहू और आरोपी की पत्नी को बाहर निकाल लिया। आरोपी एसडीओ को गिरफ्तार कर स्वास्थ्य परीक्षण के लिए संजय गांधी अस्पताल भेजा है।

पत्नी निकली कातिल, अवैध सम्बन्ध किया तो पति बेरहमी से मार डाला

धार. मध्य प्रदेश के धार जिले में दूसरे के प्यार में पड़ कर एक महिला ने अपने पति की हत्या कर दी। हत्या से पहले बैठकर दोनों ने शराब पी। पति पर जब नशा चढ़ा तो पत्नी ने उसका गला दबाया। बाद में पत्थर से चेहरा और सिर कुचल दिया। शव को खुले मैदान में ले जाकर फेंक दिया। वारदात होलिका दहन की रात की है। धार काेतवाली टीआई केएस पवार के बताया कि 28 मार्च की रात अर्जुन कॉलोनी के सामने खुले मैदान में एक अज्ञात व्यक्ति का शव पड़ा हुआ है। उसकी पहचान प्रताप पुत्र सांवरिया (36) निवासी ग्राम मोहनपुर घड़ी थाना तिरला के रूप में की गई थी। पत्नी शारदा बाई और अन्य लोगों से पूछताछ की गई। पहले शारदा बाई पुलिस काे गुमराह करती रही। शुक्रवार को सख्ती से पूछताछ करने पर असल घटना सामने आई। उसने बताया कि वह दूसरे से प्यार करती है। प्रताप उसके और प्रेमी के बीच में आ गया था। इसलिए उसे रास्ते से हटाना जरूरी था। पति ने समझाया था, तो किया झगड़ा पुलिस के अनुसार शारदा बाई के किसी अन्य व्यक्ति से प्रेम संबंध थे। प्रताप ने शारदा बाई को समझाने का प्रयास किया। इस कारण दोनों पति-पत्नी में विवाद हुआ था। फिर उसी दिन शाम को पति-पत्नी ने एक साथ मिलकर शराब पी। उसने पति को ज्यादा शराब पिलाई। रात में मौका पाकर प्रताप का गला दबाया। पत्थर से हमला कर चेहरे और सिर में कई बार वार किए। इससे उसकी मौत हो गई। इसके बाद शव खुले मैदान में फेंक दिया।

अपनी पत्नी-बच्चों पर जानलेवा हमला, खुद ने फांसी लगाई…बचा तो सल्फास खा ली

नागदा/खाचराैद। शहर से आधा किमी दूर चामुंडा माता मंदिर के पास निवासरत परिवार में दिल दहलाने वाली घटना हाे गई। गुरुवार-शुक्रवार की रात 3 बजे पति 35 वर्षीय राधेश्याम पिता नंदराम गुल्या ने पत्नी मंजू, 8 वर्षीय बेटे सुमित और 12 वर्षीय बेटी प्रीति पर दराते से हमला कर दिया। हमले के बाद लहूलुहान हालात में तीनाें काे बाहर फेंक दिया। बाद में पति ने रस्सी बांधकर आत्महत्या की काेशिश की, लेकिन असफल रहा। इसके बाद उसने सल्फास की गाेलियां खा ली, जिससे उसकी माैत हाे गई। वहीं पत्नी, बेटी और बेटे का गंभीर अवस्था में उपचार रतलाम अस्पताल में चल रहा है। पुलिस ने शव का सरकारी अस्पताल में पोस्टमार्टम करवाया पुलिस अब मामले की जांच में जुटी हुई है। जानकारी के अनुसार चामुंडा माता मंदिर के पास राधेश्याम अपने लगभग 7 बीघा खेत पर ही मकान बनाकर परिवार के साथ रहता था। बीते एक वर्ष से उसका मानसिक संतुलन बिगड़ चुका था। इस पर परिजन रतलाम में उसका उपचार करा रहे थे। गुरुवार रात काे सभी ने एक साथ खाना खाया और उसके बाद साे गए। रात 3 बजे राधेश्याम गुल्या अचानक उठा और घर में रखे दराते से पत्नी, बेटे और बेटी पर हमला कर दिया। इससे पत्नी मंजू की ठाेढ़ी कट गई, वहीं बेटी प्रीति के गले पर ताे बेटे सुमित के हाथ पैर पर चोट आई। बाद में तीनों काे उसने घर के बाहर फेंक दिया। जब उनके कराहने और चीख-पुकार की आवाज आई ताे अन्य लाेग पहुंचे और उन्हें खाचराैद अस्पताल लेकर आए। गंभीर अवस्था में तीनों काे रतलाम रैफर किया। अस्पताल से परिजन सुबह 7 बजे घर लाैटे ताे राधेश्याम ने दरवाजा नहीं खाेला। पुलिस काे सूचना दी गई। पुलिस ने दरवाजा ताेड़ा ताे अंदर राधेश्याम मृत पड़ा था। प्रभारी थाना प्रभारी आर.के. सिंगावत ने बताया माैके पर रस्सी बंधी हुई थी और सल्फास व चूहामार बिखरी थी। इससे संभावना है हमले के बाद राधेश्याम ने पहले फांसी लगाने की काेशिश की और बाद में सल्फास की गाेलियां खा ली। 3 महीने से हालात बिगड़ी मृतक के परिचितों का कहना है कि मृतक का विगत 1 वर्ष से मानसिक संतुलन बिगड़ा हुआ था। इसके चलते उसका इलाज करवाया जा रहा था। उसे अचानक दाैरे आते थे, जिसमें वह अपना मानसिक संतुलन खाे देता था। पिछले 3 माह से उसकी तबीयत ज्यादा खराब रहने लगी थी। इसे लेकर परिजन उसका ख्याल भी अधिक रख रहे थे। वहीं खेत का काम भी पत्नी मंजू ही संभालने लगी थी। बयान के बाद कुछ कह सकेंगे खाचरौद थाना प्रभारी आर.के. सिंघावत ने बताया कि प्रथम दृष्टया राधेश्याम के मानसिक संतुलन बिगड़ने की वजह से हमला हाेने की बात सामने आ रही है। हमले के बाद राधेश्याम ने आत्महत्या के लिए पहले रस्सी का फंदा बनाया। बाद में सल्फास की गाेली खा ली। मर्ग कायम कर जांच की जा रही है। पत्नी, बेटे और बेटी के बयानाें के बाद ही आगे कुछ कहा जा सकता है।

एमपी में लव जिहाद : मोहित बनकर फ्रेंडशिप की, दोस्तों से गैंगरेप करवाया

उज्जैन। मध्यप्रदेश के उज्जैन में लव जिहाद का एक मामला सामने आया है। यहां माहिद ने मोहित बनकर एक 15 साल की नाबालिग लड़की को फंसाया। उसके साथ दुष्कर्म किया और अपने दोस्तों से भी उसका रेप करवाया और गर्भवती होने पर उसे उसकी बहन के पास भेज दिया। इस मामले में केस उज्जैन में रजिस्टर हुआ है, लेकिन जांच 3 राज्यों में होनी है। पीड़ित लड़की MP के बड़वानी की रहने वाली है। वह काम करने महाराष्ट्र के मालेगांव गई थी। यहां उसे UP के औरैया में रहने वाला माहिद मिला। माहिद ने पीड़ित को अपना नाम मोहित बताया और धोखा देकर दोस्ती कर ली। माहिद उसे अपने साथ मालेगांव से पुणे, दिल्ली और फिर औरैया ले गया। इस बीच उसके दोस्तों ने भी लड़की से दुष्कर्म करना शुरू कर दिया। नाबालिग ने बच्चे को जन्म दिया, बाद में मौत नाबालिग के गर्भवती होने के बाद माहिद ने उसे बस में बैठाकर उसकी बहन के पास उज्जैन भेज दिया। यहां लड़की ने एक दिव्यांग बच्चे को जन्म दिया, जिसकी बाद में मौत हो गई। ASI रशीद खान ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। मामला कई शहरों से जुड़ा हुआ है, इसलिए शून्य पर केस दर्ज कर इसे बड़वानी ट्रांसफर किया जा रहा है। हिंदू जागरण मंच के कार्यकर्ताओं ने बुलाकर पीटा नाबालिग की बहन ने उसे उज्जैन के जिला अस्पताल में भर्ती कराया। यहां पीड़ित के बगल में एक लड़की एडमिट थी। नाबालिग ने उसे पूरी दास्तान सुनाई। उस लड़की का परिचित हिंदू जागरण मंच में था। लड़की ने उसे घटना के बारे में बताकर मदद मांगी। हिंदू जागरण मंच के लोगों ने पीड़ित को विश्वास में लिया। पीड़ित ने माहिद को फोन कर उज्जैन बुलाया। उसके आते है हिंदू जागरण मंच के कार्यकर्ताओं ने पकड़कर उसकी पिटाई की और देवास गेट पुलिस के हवाले कर दिया। हिंदू जागरण मंच के लोगों को जब पीड़ित के बारे में पता चला तो उन्होंने माहिद को फोन कर उज्जैन बुलाया और पुलिस के हवाले कर दिया। फोटो में देवास गेट थाने पहुंचे हिंदू जागरण मंच के कार्यकर्ता। हिंदू जागरण मंच के लोगों को जब पीड़ित के बारे में पता चला तो उन्होंने माहिद को फोन कर उज्जैन बुलाया और पुलिस के हवाले कर दिया। फोटो में देवास गेट थाने पहुंचे हिंदू जागरण मंच के कार्यकर्ता। नाबालिग की दास्तान, उसी की जुबानी ‘​​​​​माहिद मुझे ​मालेगांव में मिला। उसने मुझे अपना नाम मोहित बताया और दोस्ती की। उनसे मेरे साथ दुष्कर्म किया। इसके बाद वह औरैया और दिल्ली ले गया। यहां उसके दो दोस्त कमाल और खुर्शीद ने भी दुष्कर्म किया। माहिद ने मुझे पुणे, मालेगांव, औरेया और दिल्ली में रखा। तीनों दिल्ली में गैंग चलाते हैं।

लुटेरी दुल्हनें : शादी के दो महीने बाद 8 लाख के गहने और 7 लाख कैश लेकर फरार

ग्वालियर। ग्वालियर में दो लुटेरी दुल्हनों का कारनामा सामने आया है। दोनों उज्जैन की रहने वाली हैं। दोनों ने 3 महीने पहले कपड़ा व्यवसायी के दो भाइयों से शादी की थी। दो महीने बाद ही घर से 8 लाख रुपए के गहने और 7 लाख रुपए लेकर फरार हो गईं। पीड़ित व्यवसायी ने बिलौआ थाना में दोनों बहुओं, उनके भाई संदीप मित्तल, रिश्ता कराने वाले समेत अन्य 6 लोगों पर FIR दर्ज कराई है। शादी के समय बताया गया था, उनके माता-पिता की मौत हो चुकी है। शादी कराने के नाम पर 7 लाख रुपए भी लिए गए थे। जांच में पता चला है, एक दुल्हन का पहले से ही एक बेटा है। उज्जैन में दोनों के खिलाफ धोखाधड़ी की FIR पहले से ही दर्ज है। बिलौआ थाना क्षेत्र निवासी नागेन्द्र जैन कपड़ा कारोबारी हैं। दिसंबर 2020 में उन्होंने छोटे भाइयों दीपक जैन और सुमित जैन की शादी उज्जैन निवासी नंदनी मित्तल व रिंकी मित्तल से की थी। रिश्ता दोनों लड़कियों के भाई संदीप मित्तल के सामने तय हुआ था। रिश्ता समाज के बाबूलाल जैन ने तय करवाया था। दोनों की जाति वैश्य बनिया बताई गई थी। शादी के बाद नंदनी और रिंकी करीब 15 से 20 दिन तक ससुराल रहीं। बाद में मायके चली गईं। सुसर के कमरे में गईं तो उन्हें आया हार्टअटैक इसके बाद वह 9 जनवरी 2021 को अपने भाइयों संदीप मित्तल व आकाश मित्तल के साथ आईं। कुछ देर तक ससुर से कमरे में कुछ बात की। इसके बाद ससुर को हार्टअटैक आ गया। गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां मौत हो गई। सुसर के तेरहवीं के बाद दोनों ने तबीयत खराब होने का बहना बनाकर घर छोड़ कर चली गईं। 8 लाख के गहने, 7 लाख नकद ले गईं घटना का पता उस समय चला, जब कई दिन बाद भी वह वापस नहीं आईं। हर बार आने की बात करती रहीं। घरवालों को शक हुआ तो कमरों की तलाश ली। पता चला कि वह दोनों बहनें घर का पूरा जेवर और 7 लाख नकद समेट ले गईं। जेवर की कीमत करीब 8 लाख रुपए है। फेसबुक से पता लगा कि शादीशुदा थी नंदनी और रिंकी कई बार बुलाने के बाद भी जब दोनों नहीं आईं, तो उनके सोशल मीडिया अकाउंट चेक किए। पता चला कि दोनों पहले से ही शादीशुदा हैं। नंदनी का तो एक बच्चा भी है और उनकी फेसबुक ID नंदनी प्रजापति और टीना यादव के नाम से है, जबकि रिंकी मित्तल की फेसबुक ID रिंकी प्रजापति के नाम से है। संदीप मित्तल की ID संदीप शर्मा व भाभी की रीना मित्तल की ID रीना चंदेल और दूसरे भाई आकाश मित्तल की ID आकाश मराठा के नाम से मिली। साथ ही, पता चला कि उज्जैन में दोनों दुल्हनों के साथ ही उनके साथी पर शादी के नाम पर धोखाधड़ी के मामले दर्ज हैं। खुद को गरीब बताकर ऐंठ चुके थे 7 लाख रुपए पीड़ित व्यवसायी ने बताया कि शादी इंदौर निवासी बाबू लाल जैन ने कराई थी और उन्होंने बताया था कि 2012 में तूफान आने से नंदनी और रिंकी के पिता की मौत हो चुकी है और परिवार गरीब है। इसलिए दोनों तरफ की शादी का खर्चा उठाते हुए हमने उन्हें 7 लाख रुपए नकद दिए थे। पुलिस ने रिंकी, नंदनी, आकाश, संदीप, रीना तथा बाबूलाल जैन के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।

मुरैना में कारोबारी ने पत्नी, बेटे और बेटी की गला काटकर हत्या की, खुद भी फांसी पर लटका

मुरैना। पलिया कॉलोनी में दहला देने वाली घटना सामने आई है। यहां किराना कारोबारी सत्यदेव शर्मा ने पत्नी, बेटे और बेटी की गला काटकर हत्या कर दी। बाद में उसने खुद भी फांसी लगा ली। घटना का पता तब चला, जब सुबह 9 बजे दूध वाला घर पहुंचा और दरवाजा खटखटाया। जवाब न मिलने पर उसने पड़ोसियों को सूचना दी और फिर पूरा मामला सामने आया। एक पड़ोसी नीरज ने छत से सत्यदेव के घर में झांका तो एक लटके हुए आदमी के पैर दिखाई दिए। नीरज ने शोर मचाया तो भीड़ लग गई। मोहल्लेवाले दरवाजा तोड़कर घर में घुसे तो सत्यदेव (45), उनकी पत्नी ऊषा (42), बेटे अश्विनी (12) और बेटी मोहिनी (10) के शव मिले। मुरैना आत्महत्या कांड:पत्नी के मायके से आने से पहले ही सत्यदेव नई रस्सी व चाकू लाया था, गृहक्लेश का कारण आ रहा सामने कुछ दिन पहले 65 लाख का मकान खरीदा सत्यदेव का परिवार समृद्ध है। कुछ दिन पहले ही सत्यदेव ने मुरैना मेें 65 लाख का मकान खरीदा है। एक अन्य मकान और 8 बीघा जमीन भी है। सत्यदेव के 3 भाई हैं, सभी के अपने मकान हैं। माता-पिता एक भाई के साथ गांव में रहते हैं। वे जब घटना स्थल पर पहुंचे तो बेसुध हो गए। रात 11 बजे दिखाई दी थीं कारोबारी की पत्नी कारोबारी की पड़ोसी 82 साल की कलावती ने बताया रात 11 बजे सत्यदेव की पत्नी ऊषा दिखाई दी थीं। घर से किसी तरह की लड़ाई की आवाजें भी नहीं सुनाई दीं। पुलिस और फॉरेंसिक विभाग की टीम मौके पर पहुंची। घटना की वजह अभी पता नहीं चल पाई है। माता-पिता और मोहल्लेवालों से पूछताछ की जाएगी। फॉरेंसिक एक्सपर्ट डॉक्टर अर्पिता सक्सेना ने बताया कि तेज धारवाले हथियार से 3 लोगों का गला काटा गया है। इसके बाद सत्यदेव ने फांसी लगाई है।

MP में बेशर्म सिस्टम : सरकारी अस्पताल के कोविड वार्ड में ऑक्सीजन सप्लाई रुकी, 2 मरीजों की मौत

भोपाल। मध्यप्रदेश में राजधानी भोपाल के जिला अस्पताल में बड़ी लापरवाही सामने आई है। यहां जेपी अस्पताल के कोरोना वार्ड में बुधवार देर रात दो मरीजों की मौत हो गई। मृतकों के परिजनों का आरोप है कि रात में ऑक्सीजन सप्लाई रुक गई थी, जिसके कारण मरीजों की जान चली गई। जान गंवाने वाली 50 साल की रामरती अहिरवार ICU में भर्ती थीं, जबकि सीबी मेश्राम कोरोना संदिग्ध वार्ड में भर्ती थे। आरोपों पर जेपी के सिविल सर्जन डॉ. राजेश श्रीवास्तव का कहना है कि ऑक्सीजन सप्लाई नहीं रुकी थी। दोनों मरीजों की हालत गंभीर थी। अब तक इस मामले में किसी तरह की जांच के आदेश नहीं दिए गए हैं। 11 दिसंबर 2020 को हमीदिया के कोरोना वार्ड की दो घंटे बिजली गुल होने से ऑक्सीजन सप्लाई बंद हो गई थी। तब ऑक्सीजन सपोर्ट पर चल रहे तीन मरीजों की मौत हो गई थी। हालांकि, जांच रिपोर्ट में क्लीनचिट दे दी गई थी। रामरती के बेटे जीवन ने भास्कर को बताया, ‘मां को 28 मार्च को जेपी में भर्ती कराया था, तब उन्हें तेज बुखार था। 29 को उनकी रिपोर्ट पॉजिटिव आई। बुधवार रात को मां की हालत अच्छी थी। उन्होंने मुझसे बात की, दलिया खाया और सो गई थीं। मैं रात में वार्ड के बाहर ही रुका था। रात ढाई बजे वार्ड में कोई मरीज बुरी तरह चिल्ला रहा था। तब मैं वार्ड में जाना चाहता था, लेकिन गार्ड ने अंदर नहीं जाने दिया। सुबह 7 बजे डॉक्टर ने फोन कर बताया कि मां की हालत बहुत खराब है, आकर देख लो। अंदर मां बेसुध पड़ी थीं। हम मां को दूसरे अस्पताल ले जाना चाहते थे, उन्हें बाहर भी ले आए, लेकिन अस्पताल वालों ने पुलिस बुला ली और हमें मां को नहीं ले जाने दिया। अगले दिन दोपहर में शव सौंपा गया। इसके लिए भी मुझे मिन्नतें करनी पड़ीं।’ एंटीजन रिपोर्ट निगेटिव थी, फिर भी जान चली गई दूसरे मृतक सीबी मेश्राम को दो दिन पहले ही परिजनों ने यहां भर्ती किया था। उनको निमोनिया था। अस्पताल प्रबंधन की मानें तो उनकी कोरोना जांच कराई गई, लेकिन एंटीजन टेस्ट निगेटिव था। ऐसे में RTPCR सैंपल लेकर जांच के लिए भेजा गया था। रिपोर्ट नहीं आने की स्थिति में उनको कोरोना सस्पेक्टेड वार्ड में रखकर इलाज किया जा रहा था। जहां गुरुवार तड़के करीब तीन बजे उनकी मौत हो गई।

मध्यप्रदेश में ऐसी है स्वास्थ्य सेवा ….. वाहन नहीं दिया तो पिता ठेले पर ले गया बेटे का शव

गुना। संदेहास्पद स्थिति में मंगलवार को हुई एक युवक की मौत के बाद भी समय पर पीएम न कर शव को घर भेज दिया गया। युवक के पिता ने इस पर आपत्ति ली और वह शव को बाइक से फिर स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचा। इसके बाद बुधवार काे पीएम कराया गया। असली कहानी इसके बाद शुरू होती है…जब शव ले जाने ने अस्पताल प्रबंधन ने कोई वाहन उपलब्ध नहीं कराया तो पिता ने एक हाथ ठेला किराए पर लिया और शव ले जाने लगा। इस शर्मसार घटना को देख नागरिक मंच कुंभराज और लोगों ने आपत्ति लेकर हंगामा किया, तब पुलिस ने एक ऑटो से शव के घर तक भिजवाया। सवाल: समय पर पीएम क्यों नहीं हुआ कुंभराज गीता नगर निवासी नितेश राव की संदेहास्पद स्थिति में मौत हो गई थी। मृतक के पिता हेमराज राव ने बताया कि उनके बेटे की अचानक तबीयत बिगड़ी। मंगलवार दोपहर 3.30 बजे स्वास्थ्य केंद्र कुंभराज पहुंचे तो डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया। इसके बाद कहा कि शव को ले जाएं। पिता को लगा कि पीएम होना चाहिए। पुलिस ने पंचनामा बनाया। पिता का कहना है कि वह शव को फिर से अस्पताल ले गया लेकिन समय रहते पीएम नहीं हो सका। इसलिए शव को पीएम रूम में रखवा दिया। सुबह हुआ हंगामा, तब आई पुलिस बुधवार सुबह 9 बजे युवक का पीएम हुआ, शव को परिजन ले जाने लगे तो कोई गाड़ी तक नहीं मिली। पिता का कहना है कि पैसे नहीं थे, इससे ठेला किराया से लेकर शव ले जा रहे थे। मृतक ढोल बजाकर अपनी जीविका चलता था, लेकिन लॉकडाउन के बाद से ही आर्थिक तंगी से गुजर रहे थे। ठेले से जब शव ले जाने लगे तो नागरिक मंच कुंभराज ने आपत्ति ली, और कहा कि विकास के नाम पर करोड़ों खर्च हो रहे हैं, एक शव वाहन तक नहीं है। इसके बाद हंगामा हुआ तो पुलिस पहुंची और ऑटो से शव को भेजा।  

MP : भाजपा के पूर्व विधायक के बेटे की संदिग्ध हालात में मौत, रेलवे ट्रैक पर मिली लाश

अशोकनगर. भाजपा (bjp) के पूर्व विधायक श्यामलाल पंथी के बेटे की संदिग्ध हालात में मौत (Death) हो गयी. उनकी लाश रेलवे ट्रैक पर पड़ी मिली. पुलिस मामले की जांच कर रही है. पंथी के बेटे की मौत से सनसनी फैल गयी. पंथी के सबसे छोटे बेटे मुकेश पंथी की लाश रेलवे ट्रैक के बीच में पड़ी मिली. पिपरई के आगे रेलवे ट्रैक पर ये लाश मिली. मुकेश के सिर और हाथ पर चोट के निशान हैं. ससुराल के पास मिली लाश श्यामलाल पंथी तीन बार कुरवाई से भाजपा के विधायक रह चुके हैं. मुकेश उनका सबसे छोटा बेटा था. मुकेश की लाश सबसे पिपरई के आगे रेलवे ट्रैक पर पड़ी थी. रविवार को वो आखिरी बार कुरवाई में देखे गए थे. मृतक मुकेश की ससुराल पिपरई के पास मुड़रा कलां गांव में है. पुलिस ने शुरू की जांच मुकेश की मौत हत्या है या आत्महत्या या फिर कोई हादसा पुलिस इसकी जांच कर रही है. इतने सवाल इसलिए खड़े हो रहे हैं क्योंकि मुकेश ने अगर खुदकुशी की होती को शव क्षत-विक्षत हो चुका होता. लेकिन उनका शव सही सलामत है. सिर और हाथ पर चोट के निशान हैं.

MP : तालाब में नहाने गए 11वीं के तीन छात्र पानी में डूबे, दो की मौत

मंदसौर. मध्य प्रदेश के मंदसौर जिले में होली के दिन एक दर्दनाक हादसे में दो छात्रों की मौत हो गई. जिला मुख्यालय से करीब 90 किलोमीटर ग्राम जूनापानी स्थित तालाब (Pond) में नहाने गये 11वीं कक्षा के दो छात्रों की सोमवार को डूबने से मौत हो गई. शामगढ़ थाने के सहायक उपनिरीक्षक फिरोज कुरैशी ने बताया कि 11वीं कक्षा में पढ़ने वाले तीन लड़के गोपाल व्यास, विशाल बैरागी और संस्कार सोमवार की सुबह शामगढ़ से जूनापानी ग्राम स्थित तालाब में नहाने गए थे. उन्होंने कहा कि नहाते समय गहरे पानी में जाने से गोपाल और विशाल की डूबने से मौत हो गई, जबकि संस्कार को वहां मौजूद एक तैराक ने समय रहते बचा लिया. कुरैशी ने बताया कि दोनों शवों को तालाब से बाहर निकाल लिया गया है. मृतक दोनों छात्रों की उम्र सत्रह वर्ष थी. पुलिस फिलहाल मामला दर्ज कर जांच कर रही है.

MP : भाजयुमो नेता ने किया रेप, वीडियो बनाया, 10 लाख रुपए के लिए करता रहा ब्लैकमेल

जबलपुर। भारतीय जनता युवा मोर्चा के मंडल अध्यक्ष के खिलाफ एक महिला से रेप करने और 10 लाख रुपए के लिए ब्लैकमेल करने का मामला सामने आया है। आरोपी का पीड़ित महिला के घर आना जाना था। पति की गैर मौजूदगी में उसने महिला को नशीला शरबत पिलाकर रेप किया और वीडियो बना लिया। महिला थाने में पीड़िता की शिकायत पर रेप व ब्लैकमेलिंग का प्रकरण दर्ज हुआ है। जानकारी के अनुसार भाजयुमो के मंडल अध्यक्ष राजेश उर्फ सोनू का अपने ही वार्ड निवासी एक महिला के घर आना-जाना था। महिला का पति सरकारी नौकरी में बाहर है। वर्ष 2019 में महिला घर में अकेली थी, तभी आरोपी पहुंचा। उसने शरबत पीने बनाने के लिए कहा। महिला शरबत लेकर आई तो उसे फिर पानी लाने भेज दिया। इसके बाद महिला के गिलास में नशीला पदार्थ मिला दिया। अर्द्धबेहोशी हालत में महिला से किया रेप अर्द्धबेहोशी हालत में महिला के साथ रेप किया और उसका आपत्तिजनक वीडियो बना लिया। फिर ब्लैकमेल कर उसका शारीरिक शोषण करता रहा। महिला आरोपी की हरकतों से तंग आ गई। परेशान होकर सितंबर 2020 में वह पति के पास रहने चली गई। आरोपी की हरकत इसके बाद भी नहीं रुकी। वह महिला को सोशल काॅल कर ब्लैकमेल करने लगा। ब्लैकमेल कर मांग रहा था 10 लाख रुपए उसे धमकी देकर 10 लाख रुपए मांगने लगा। वह महिला पर वापस आने का भी दबाव बनाने लगा। महिला द्वारा मना करने पर आरोपी ने उसके पति के पास महिला की आपत्तिजनक फोटो और बातचीत के अंश मैसेज कर दिए। पति ने पीड़िता से सच्चाई पूछी तो उसने सारा हाल कह सुनाया। इसके बाद पीड़िता को लेकर उसका पति जबलपुर आया और महिला थाने में आरोपी राजेश श्रीवास्तव के खिलाफ रेप, ब्लैकमेलिंग व धमकी देने का मामला दर्ज कर लिया है। सीएसपी कोतवाली दीपक मिश्रा के मुताबिक आरोपी फरार चल रहा है। उसकी तलाश की जा रही है।

MP : हम सोते रह गए वो लाखों के गहने, कैश समेटकर प्रेमी के साथ भाग गई

भिंड.  एक धोखेबाज पत्नी  अपने दो मासूम बच्चों, पति, ननद, सास-ससुर सहित 10 लोगों को खाने में नींद की हैवी डोज देने के बाद महिला प्रेमी के साथ भाग गई। रेशमा, घर की अलमारी से करीब 15 तौला सोना, 3 लाख रुपए नकद भी ले गई है। परिवार के 10 सदस्य ग्वालियर के JAH में इलाज करा रहे हैं। घटना से सबसे ज्यादा आहत रेशमा के दो बच्चे और पति है। पति जावेद का कहना है कि उसने इतने प्यार से कभी खाना नहीं खिलाया जितना शनिवार रात को खिला रही थी। पूरी-सब्जी में नींद की हैवी डोज मिलाई थी। खाना खाने के बाद किसी को होश नहीं था। वो हमें मौत की नींद सुलाना चाहती थी। महिला की दो शादी हो चुकी है। जिसके साथ वह भागी है उसका नंबर तीसरा है। रिश्ते में वह उसका ननदोई लगता है। यह है पूरी घटना शनिवार रात 8 बजे भिंड के बरासों निवासी 60 वर्षीय मुंशी खान के घर में बहू रेशमा पत्नी छोटू उर्फ जावेद खान ने पूरी सब्जी बनाई थी। बिना त्योहार के हलवा व पूरी सब्जी पर सभी को हैरत तो हुई थी, लेकिन बहू ने बनाई और प्यार से परोसी तो सभी ने खूब पेट भरकर खाई। रविवार सुबह जब पड़ोसी में रहने वाला चचेरा भाई नूर मोहम्मद खान अपने मुंशी के घर पहुंचा तो अंदर का नजारा दिल दहला देने वाला था। अंदर घर में चाचा मुंशी खान, चाची मेहमूदन बेगम सहित 10 लोग बेहोश पड़े थे। बच्चों के मुंह से झाग निकल रहा था। घर की बहू रेशमा उसका छोटा बेटा जीशान गायब थे। तत्काल नूर मोहम्मद से अन्य रिश्तेदारों को बुलाया और उनको अस्पताल पहुंचाया। वहां जहर खुरानी का पता लगा। हालत गंभीर थी तो तत्काल सभी 10 सदस्यों को ग्वालियर रैफर कर दिया गया। ग्वालियर के JAH में उनका इलाज चल रहा है। कुछ की हालत गंभीर है। घर की छानबीन की तो रेशमा 15 तौला सोना, 3 लाख रुपए नकद भी ले गई है। वह अपने प्रेमी ननदोई लोहकन खान निवासी अहरोली थाना अटेर के साथ भागी है। प्यार में बने रोडा, तो रास्ते से हटाने की रच दी साजिश 35 वर्षीय रेशमा का अपने ननदोई लोहकन खान से काफी मेल जोल था। यह मेल मिलाप उस समय बढ़ा जब रेशमा के पहले पति की 4 साल पहले मौत हुई। उस समय लोहकन का घर आना जाना शुरू हुआ तो दोनों के बीच एक अनजाना रिश्ता पनप गया। रेशमा के मायके और ससुराल पक्ष ने उसकी शादी पति के ही छोटे भाई छोटू उर्फ जावेद खान से कर दी। सोचा रेशमा के दो बच्चों का पालन पोषण चाचा पिता बनकर करेगा। रेशमा ने उस समय तो शादी कर ली, लेकिन उसके मंसूबे कुछ और थे। जब उसके ननदोई से प्रेम का राज खुला तो घर वालों ने उसके बाहर निकलने पर पाबंदी लगा दी। जब पूरा परिवार प्यार में रोड़ा बना तो उसने शनिवार की रात सभी को रास्ते से हटाने की साजिश रच डाली। ज्यादातर समय देखती थी क्राइम इंवेस्टीगेशन सीरियल रेशमा के बारे में पता लगा है कि वह अक्सर TV पर आने वाले क्राइम इंवेस्टीगेशन सीरियल देखती रहती थी। उसकी कहानी भी किसी सीरियल से कम नहीं थी। हो सकता है जिस तरह उसने सबको खाने में नींद की दवा मिलाकर भागने का कारनामा किया है वह किसी सीरियल की कहानी से ही सीखा हो। पूरी सब्जी खाने से इनकी जान पर बन आई रेशमा के हाथ का खाना खाने के बाद उसके ससुर मुंशी खान, सास मेहमूदन बेगम, चचिया सास गुड्‌डी, देवर इलियास, देवरानी निशा, बेटा कामिल, बेटी आफरीन, पति जावेद उर्फ छोटू, देवर रियाजउद्दीन, ननद अहाना की जान पर बन आई थी। यदि कुछ देर और इलाज नहीं मिलता तो इनमें से कुछ की जान जाना पक्का था। छोटे बेटे को साथ ले गई रेशमा घर से नकदी और गहने समेटकर भागने से पहले छोटे बेटे जीशान काे साथ ले गई है। जीशान अभी 3 साल का है। यह उसकी जावेद से दूसरी शादी के बाद हुआ था। जीशान को वह काफी चाहती थी। दो बच्चों कामिल और आफरीन जो मां-मां कहते नहीं थकते थे, उनका ख्याल नहीं किया।

MP : सूदखोरों ने सराफा कारोबारी के बेटे को अगवा किया, पीटकर हत्या, शव सड़क किनारे फेंका

इंदौर। इंदौर में सराफा कारोबारी के बेटे की एक सूदखोर ने जान ले ली। सूदखोर ने कारोबारी के बेटे को दिनदहाड़े अपने चार दोस्तों की मदद से कार में किडनैप कर लिया था। शहर की सड़कों पर घूमाते रहे और पीट-पीट कर हत्या कर दी। हत्या के पीछे लेन-देन की बात सामने आई है। युवक के भाई की माने तो सूदखोर ने किसी तीसरे व्यक्ति को डेढ़ लाख रुपए दिए थे, जिसकी गारंटी उसके भाई ने दी थी। बस उसी रुपए के लिए उसने भाई का किडनैप किया था। ऐसी आशंका जताई जा रही है कि मौत के बाद आरोपी उसे कार में लेकर रात भर घूमते रहे। सुबह सड़क किनारे लाश फेंक कर भाग निकले। व्यंकटेश नगर निवासी अरविंद सोनी पुत्र दिनेश सोनी (39) पहले तेजाजी नगर बायपास पर ढाबा चलाता था। लेकिन लॉकडाउन में आर्थिक स्थिति बिगड़ने पर वह अभी कालानी नगर में औषधि भंडार पर काम करता था। उसके भाई अभिषेक और पिता दिनेश का सराफा में कामकाज हैं। साथ ही पिता प्रॉपर्टी ब्रोकर भी हैं। भाई ने ही एरोड्रम थाने पर शुक्रवार शाम को अरविंद की गुमशुदगी दर्ज करवाई थी। उसने पल्हर नगर में रहने वाले ब्याज का काम करने वाले कृष्णा मालवीय पर आशंका जताई थी। अगले दिन सनावदिया के पास अरविंद का शव मिला है। उसके शरीर पर मारपीट के काफी निशान थे। काफी खून भी निकला था। जेब में सिम मिली तो दूसरे फोन में सिम डाल किया काॅल खुडै़ल पुलिस के एएसआई विक्रम सिंह सोलंकी के अनुसार शनिवार सुबह 9.30 बजे तक को घटनास्थल पर कोई नहीं था। सड़क किनारे तो आवाजाही थी, लेकिन 10 बजे बाद सूचना आई कि कोई शव पड़ा है। देखते ही समझ आ गया कि किसी ने उसकी हत्या की है। उसे बेरहमी से पीटा गया है। ऐसा लग रहा है कि उसे रस्सी से भी बांधकर घसीटा और फिर फेंकने में भी उसे चोट लगी है। उसके प्राइवेट पार्ट पर भी वार किया था, इसलिए कपड़े पर खून भी लगा था। उसकी पहचान नहीं हो पा रही थी, तभी उसकी जेब से एक सिम मिली। उसे एक मोबाइल में लगाया और कुछ नंबर मिले। इसी में से अरविंद के भाई का नंबर मिला। उसे कॉल किया और फिर अरविंद की तस्वीर भेजी। वह पहचान गया। माना जा रहा है कि उसकी रात में ही पीट-पीटकर बेरहमी से हत्या की गई है और उसके बाद रातभर शव को लेकर घूमते रहे। फिर सुबह उसे फेंक दिया है। रिश्तेदारों का कहना है कि अरविंद ने तेजाजी नगर में ढाबा डाला था। वह भी किराए पर था। यदि कृष्णा से पैसे लिए भी होंगे तो 2-3 लाख से ज्यादा तो नहीं लिए होंगे। फिर वह इतना दबाव क्यों डाल रहा था। अऱविंद के परिजन को इसकी जानकारी थी कि कृष्णा को पैसे देना है, लेकिन यह नहीं पता था कि वह हत्या कर देगा। कृष्णा के साथ और भी आरोपी हैं, उन्हें भी कड़ी सजा मिलनी चाहिए। उधर, भाई अभिषेक का कहना है कि कृष्णा से उधार नहीं लिए थे। अरविंद के किसी दोस्त ने पैसे लिए थे, जिसकी गारंटी ली गई थी। वह तो भाग गया और कृष्णा अरविंद के पीछे लग गया। पता चला है कि मृतक का एक 13 साल का बेटा है।

जिससे शादी के लिए युवती ने धर्म तक बदला, उसी पति ने गला घोंटकर मार डाला

छिंदवाड़ा। मध्यप्रदेश के छिंदवाड़ा में हत्या का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। 20 साल के पति ने पत्नी की सिर्फ इसलिए हत्या कर दी, क्योंकि उसने बाहर घुमाने की जिद की थी। हत्या के बाद शातिर पति उसका शव लेकर अस्पताल गया और बीमारी का बहाना बनाकर डॉक्टर को दिखाया। डॉक्टर ने जांच के बाद उसे मृत बता दिया। साथ ही पुलिस को सूचना देकर शव पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। 30 दिन बाद जब युवती की पोस्टमाॅर्टम रिपोर्ट आई , जिसमें पता चला कि महिला की गला घोंट कर हत्या की गई है। पुलिस ने जब कड़ाई से पूछताछ की तो पति ने हत्या की बात स्वीकार की। पुलिस ने बताया कि दमुआ नंबर आठ निवासी सिद्धार्थ उर्फ बिट्टू हलदार (20) ने दूसरे धर्म की रिजवाना (20) से एक साल पहले लव मैरिज की थी। विवाह के बाद रिजवाना का नाम सीमा हलदार रखा गया था। सीमा ने किसी काम के लिए 15 सौ रुपए मांगे थे और बाहर घुमाने की जिद करने लगी थी। इसी बात को लेकर 25 फरवरी को दोनों में विवाद हुआ। इसी दौरान सिद्धार्थ ने उसकी चुनरी से गला घोंटकर हत्या कर दी। परिजनों के साथ मिलकर पुलिस को धोखा देने के लिए अस्पताल पहुंच गया। PM रिपोर्ट से खुलासा पुलिस ने पूछताछ की तो आरोपी और उसके परिजनों ने बीमारी की बात कही। पुलिस भी PM रिपोर्ट का इंतजार करने लगी। आरोपी को लगा कि वे बच गए हैं, लेकिन 25 मार्च को पुलिस के पास पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट पहुंची, तो पूरा मामला सामने आ गया। पुलिस पति सिद्धार्थ को थाने ले आई और पूछताछ शुरू की। वह पुरानी बात ही बताता रहा। पुलिस ने जब सख्ती की और PM रिपोर्ट उसके सामने रखी तो वह टूट गया। उसने हत्या की बात स्वीकार कर ली। पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज करके उसे कोर्ट में पेश करके जेल भेज दिया। बेरोजगार है, एक साल पहले की थी लव मैरिज आरोपी सिद्धार्थ बेरोजगार है। सिद्धार्थ परिवार के साथ ही रहता था। बेरोजगार होने की वजह से सीमा से अकसर उसका विवाद होने लगा था।

भोपाल में कोविड वॉर्ड के बाथरूम में 24 घंटे तक पड़ा रहा होमगार्ड जवान का शव

भोपाल. भोपाल के ज़िला अस्पताल जेपी हॉस्पिटल में घोर लापरवाही का मामला सामने आया है. यहां कोविड वॉर्ड (Covid 19 ) में भर्ती कराए गए एक होमगार्ड जवान का शव (Deadbody) 24 घंटे तक बाथरूम में पड़ा रहा और अस्पताल स्टाफ ने देखा तक नहीं. परिवार के लोग अपने बेटे को तलाशते हुए पुलिस तक पहुंच गए. मामले की जांच के लिए तीन डॉक्टरों की कमेटी बना दी गयी है. साथ ही स्टाफ नर्स सहित तीन लोगों के खिलाफ एक्शन लिया गया है. आबकारी विभाग में पदस्थ होमगार्ड जवान पुष्पराज गौतम को भोपाल के जे पी अस्पताल में भर्ती कराया गया था. कोविड वैक्सीन लगने के दो दिन बाद उनकी तबियत बिगड़ गयी थी. पेट फूलने और दर्द होने पर परिवार ने उन्हें शनिवार को यहां भर्ती कराया था. लेकिन रविवार रात 8 बजे के बाद परिवार से उनका संपर्क नहीं हो पाया. वो अचानक लापता हो गए. दिनभर खोजने के बाद पिता ने सोमवार शाम हबीबगंज थाने में पुष्पराज की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई. और अब 24 घंटे बाद मंगलवार शाम बाथरूम में उनकी लाश मिली. गुमशुदगी की रिपोर्ट के बाद तलाश रिपोर्ट दर्ज होने के बाद पुलिस ने तलाश शुरू की तो मंगलवार शाम पुष्पराज की लाश वार्ड के बाथरूम में पड़ी मिली. इससे पूरे अस्पताल में सनसनी फैल गई. जवान की मौत कैसे हुई, फ‍िलहाल इसका खुलासा नहीं हो सका है. पुष्पराज के परिवार वाले लगातार दावा कर रहे थे कि उनका बेटा अस्पताल से बाहर नहीं गया है. इसके बाद भी अस्पताल प्रशासन ने उन्हें अस्पताल में ढूंढ़ने की कोशिश नहीं की. पुलिस का बयान पुलिस के मुताबिक पुष्पराज सिंह गौतम होमगार्ड में जवान थे. उन्‍हें कुछ दिन पहले ही कोरोना वैक्सीन का दूसरा डोज लगाया गया था. इसके दो दिन बाद उन्‍होंने स्वास्थ्य खराब होने की शिकायत की थी. शनिवार को उन्हें जेपी अस्पताल में भर्ती कराया गया था. भर्ती के दौरान उनकी कोरोना की रैपिड एंटिजन जांच रिपोर्ट निगेटिव आई थी. उसके बाद उन्हें कोरोना संदिग्ध वार्ड में भर्ती कर आरटी-पीसीआर तकनीक से जांच के लिए सैंपल लिए गए थे. लेकिन इसकी रिपोर्ट आने के पहले ही रविवार रात आठ बजे के करीब वह गायब हो गए. परिवार ने खोजबीन करने के बाद सोमवार शाम को हबीबगंज थाने में उनकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी. पुलिस के मुताबिक पुष्पराज कमला नगर में रहते थे. रविवार रात में करीब साढ़े आठ बजे के बाद से वह जेपी अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड से अचानक गायब हो गए थे. उनका मोबाइल भी बिस्तर पर ही था. स्टाफ पर कार्रवाई इस मामले में अस्पताल प्रशासन ने एक्शन लिया है. लापरवाही करने पर सिस्टर इंचार्ज शामली वर्गीस, स्टाफ नर्स शीला श्रीवास्तव और मेट्रन सरोज मीना श्रीवास पर कार्रवाई की गयी है. इस मामले की जांच के लिए तीन डॉक्टरों की कमेटी बना दी गयी है. इसमें डॉक्टर वी के दुबे, एम एस खान और डॉ यूडी सक्सेना को शामिल किया गया है.

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